विजय की नई फिल्म चर्चा में:‘स्त्री’ के मेकर्स के साथ हाथ मिला सकते हैं विजय देवरकोंडा, पैन-इंडिया फिल्म की तैयारी

तेलुगु सिनेमा के बड़े स्टार और लगातार अपने करियर की दिशा बदलते नजर आ रहे विजय देवरकोंडा एक और बड़े प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा में हैं। इंडस्ट्री के गलियारों में तेज सुगबुगाहट है कि विजय अब निर्देशक विक्रम कुमार के साथ हाथ मिला सकते हैं। विक्रम वही फिल्ममेकर हैं जिन्होंने अपनी अलग किस्म की कहानी कहने की शैली से ‘24’ जैसी हाई-कॉन्सेप्ट फिल्म बनाई और हाल के वर्षों में ओटीटी स्पेस में भी मजबूत पहचान बनाई। यह एक बड़े पैमाने की पैन इंडिया फिल्म होगी, जिसे हिंदी मार्केट में मजबूत मौजूदगी रखने वाला प्रोडक्शन हाउस मैडॉक फिल्म्स सपोर्ट कर सकता है। हालांकि अभी तक किसी पक्ष की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रयोग और स्केल के बीच बन रही फिल्म को लेकर नई रणनीति इस संभावित कोलैबोरेशन को दिलचस्प इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि दोनों कलाकार अपने-अपने करियर के ऐसे दौर में हैं जहां प्रयोग और स्केल दोनों साथ-साथ चल रहे हैं। विजय लंबे समय से एक ऐसी फिल्म की तलाश में दिख रहे हैं जो उन्हें सिर्फ दक्षिण भारत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर नए सिरे से स्थापित करे। दूसरी तरफ विक्रम कुमार अपने साइकोलॉजिकल, टाइम-लेयर्ड और भावनात्मक कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। फिलहाल वेब शो ‘धूथा’ के दूसरे सीजन में बिजी हैं निर्देशक विक्रम कुमार फिलहाल विक्रम कुमार अपने चर्चित वेब शो ‘धूथा’ के दूसरे सीजन में व्यस्त हैं। पहले सीजन में पत्रकारिता, रहस्य और अलौकिक घटनाओं के मेल को दर्शकों ने पसंद किया था। अब दूसरे सीजन में कहानी को और ज्यादा इंटेंस और लेयर्ड बनाए जाने की चर्चा है। इसी वजह से फिल्म इंडस्ट्री के भीतर माना जा रहा है कि विजय वाला संभावित प्रोजेक्ट तुरंत फ्लोर पर नहीं जाएगा, बल्कि स्क्रिप्ट और शेड्यूल के हिसाब से आगे बढ़ेगा। विक्रम कुमार की कार्यशैली भी आमतौर पर लंबी तैयारी और मजबूत राइटिंग पर बेस्ड रही है। पत्नी रश्मिका के साथ भी आने वाली है एक पीरियड ड्रामा फिल्म वहीं विजय का कैलेंडर पहले से ही काफी व्यस्त है। उनकी अगली बड़ी रिलीज पीरियड फिल्म ‘रणबाली’ है, जिसमें उनके साथ रश्मिका मंदाना नजर आने वाली हैं। इसके अलावा उनके पास रवि किरण कोला निर्देशित एक्शन ड्रामा ‘राउडी जनार्धना’ भी है। विजय का पिछले 5-6 साल का बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट कार्ड साल – फिल्म – भूमिका – वर्ल्डवाइड – कलेक्शन 2020 – वर्ल्ड फेमस – लवर लीड – 20-25 करोड़ रुपए 2021 – जथि रत्नालु – प्रोड्यूसर – 65-70 करोड़+ रुपए 2022 – लाइगर लीड – 55-65 – करोड़ रुपए 2023 – खुशी लीड – 70-80 करोड़ रुपए 2024 – द फैमिली स्टार – लीड – 20-25 करोड़ रुपए 2024 – कल्कि 2898 AD – (कैमियो) – 1,000-1,180 करोड़ रुपए 2025 – किंगडम – लीड – 85-100 करोड़ रुपए
विजय की नई फिल्म चर्चा में:‘स्त्री’ के मेकर्स के साथ हाथ मिला सकते हैं विजय देवरकोंडा, पैन-इंडिया फिल्म की तैयारी

तेलुगु सिनेमा के बड़े स्टार और लगातार अपने करियर की दिशा बदलते नजर आ रहे विजय देवरकोंडा एक और बड़े प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा में हैं। इंडस्ट्री के गलियारों में तेज सुगबुगाहट है कि विजय अब निर्देशक विक्रम कुमार के साथ हाथ मिला सकते हैं। विक्रम वही फिल्ममेकर हैं जिन्होंने अपनी अलग किस्म की कहानी कहने की शैली से ‘24’ जैसी हाई-कॉन्सेप्ट फिल्म बनाई और हाल के वर्षों में ओटीटी स्पेस में भी मजबूत पहचान बनाई। यह एक बड़े पैमाने की पैन इंडिया फिल्म होगी, जिसे हिंदी मार्केट में मजबूत मौजूदगी रखने वाला प्रोडक्शन हाउस मैडॉक फिल्म्स सपोर्ट कर सकता है। हालांकि अभी तक किसी पक्ष की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रयोग और स्केल के बीच बन रही फिल्म को लेकर नई रणनीति इस संभावित कोलैबोरेशन को दिलचस्प इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि दोनों कलाकार अपने-अपने करियर के ऐसे दौर में हैं जहां प्रयोग और स्केल दोनों साथ-साथ चल रहे हैं। विजय लंबे समय से एक ऐसी फिल्म की तलाश में दिख रहे हैं जो उन्हें सिर्फ दक्षिण भारत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर नए सिरे से स्थापित करे। दूसरी तरफ विक्रम कुमार अपने साइकोलॉजिकल, टाइम-लेयर्ड और भावनात्मक कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। फिलहाल वेब शो ‘धूथा’ के दूसरे सीजन में बिजी हैं निर्देशक विक्रम कुमार फिलहाल विक्रम कुमार अपने चर्चित वेब शो ‘धूथा’ के दूसरे सीजन में व्यस्त हैं। पहले सीजन में पत्रकारिता, रहस्य और अलौकिक घटनाओं के मेल को दर्शकों ने पसंद किया था। अब दूसरे सीजन में कहानी को और ज्यादा इंटेंस और लेयर्ड बनाए जाने की चर्चा है। इसी वजह से फिल्म इंडस्ट्री के भीतर माना जा रहा है कि विजय वाला संभावित प्रोजेक्ट तुरंत फ्लोर पर नहीं जाएगा, बल्कि स्क्रिप्ट और शेड्यूल के हिसाब से आगे बढ़ेगा। विक्रम कुमार की कार्यशैली भी आमतौर पर लंबी तैयारी और मजबूत राइटिंग पर बेस्ड रही है। पत्नी रश्मिका के साथ भी आने वाली है एक पीरियड ड्रामा फिल्म वहीं विजय का कैलेंडर पहले से ही काफी व्यस्त है। उनकी अगली बड़ी रिलीज पीरियड फिल्म ‘रणबाली’ है, जिसमें उनके साथ रश्मिका मंदाना नजर आने वाली हैं। इसके अलावा उनके पास रवि किरण कोला निर्देशित एक्शन ड्रामा ‘राउडी जनार्धना’ भी है। विजय का पिछले 5-6 साल का बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट कार्ड साल – फिल्म – भूमिका – वर्ल्डवाइड – कलेक्शन 2020 – वर्ल्ड फेमस – लवर लीड – 20-25 करोड़ रुपए 2021 – जथि रत्नालु – प्रोड्यूसर – 65-70 करोड़+ रुपए 2022 – लाइगर लीड – 55-65 – करोड़ रुपए 2023 – खुशी लीड – 70-80 करोड़ रुपए 2024 – द फैमिली स्टार – लीड – 20-25 करोड़ रुपए 2024 – कल्कि 2898 AD – (कैमियो) – 1,000-1,180 करोड़ रुपए 2025 – किंगडम – लीड – 85-100 करोड़ रुपए
दिव्य भास्कर गुजराती फिल्म अवार्ड्स 2026:अरविंद वैद्य को लाइफ टाइम अचीवमेंट, शर्मन जोशी को मिला प्राइड ऑफ सिनेमा अवॉर्ड

गुजराती सिनेमा, थिएटर और ओटीटी (OTT) की बेहतरीन प्रतिभाओं को सम्मानित करने के लिए 14 जून को ‘दिव्य भास्कर गुजराती फिल्म अवार्ड्स 2026’ का आयोजन किया गया। गुजरात टूरिज्म की प्रस्तुति और तनिष्क पावर्ड इस समारोह में टीवी सीरियल ‘अनुपमा’ फेम अरविंद वैद्य को लाइफ टाइम अचीवमेंट और बॉलीवुड एक्टर शर्मन जोशी को ‘प्राइड ऑफ सिनेमा’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने विजेताओं को ये अवॉर्ड्स सौंपे। इस दौरान बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ की कमाई करने वाली फिल्म ‘लालो’ ने सबसे ज्यादा 8 अवॉर्ड्स अपने नाम किए। शर्मन जोशी और दीपक तिजोरी भी हुए सम्मानित बॉलीवुड और गुजराती फिल्मों के जाने-माने एक्टर शर्मन जोशी को सिनेमा में उनके बहुमूल्य योगदान के लिए ‘प्राइड ऑफ सिनेमा अवार्ड’ से नवाजा गया। इसके साथ ही फिल्म की जूरी के सदस्य रहे बॉलीवुड एक्टर और डायरेक्टर दीपक तिजोरी को भी गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने मंच पर सम्मानित किया। इस ग्रैंड इवेंट में दर्शन जरीवाला, टीकू तलसानिया और सामाजिक कार्यकर्ता अनार पटेल भी विशेष रूप से शामिल हुईं। अरविंद वैद्य को मिला लाइफ टाइम अचीवमेंट समारोह में टीवी और रंगमंच के सीनियर एक्टर अरविंद वैद्य को गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया। इस दौरान हॉल में मौजूद सभी कलाकारों और दर्शकों ने खड़े होकर लगातार तालियां बजाकर उनका सम्मान किया। अवॉर्ड लेने के बाद अरविंद वैद्य ने मंच से कहा कि वे अभी रिटायर नहीं होने वाले हैं। दो महीने बाद उनका एक नया नाटक आ रहा है, जिसमें वे खुद एक्टिंग और डायरेक्शन दोनों करेंगे। फिल्म ‘लालो’ ने जीते सबसे ज्यादा 8 अवॉर्ड्स गुजराती सिनेमा के इतिहास में पहली बार 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई करने वाली ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘लालो’ का इस अवॉर्ड समारोह में भी पूरा असर दिखा। इस फिल्म को अलग-अलग कैटेगरीज में सबसे ज्यादा 19 नॉमिनेशंस मिले थे, जिनमें से फिल्म ने 8 अवॉर्ड्स अपने नाम किए। इस सफलता का जश्न मनाने के लिए फिल्म के डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और पूरी स्टार कास्ट समारोह में मौजूद रही। रेड कारपेट पर पहुंचे कई बड़े स्टार्स अवॉर्ड शो के रेड कारपेट पर बॉलीवुड और गुजराती सिनेमा के कई जाने-माने चेहरे नजर आए। इनमें एक्ट्रेस डेजी शाह, ईशा कंसारा और सिंगर अरविंद वेगड़ा शामिल रहे। समारोह के दौरान गुजराती सिंगर ईशानी दवे और पॉप स्टार स्वरा ओझा ने अपनी आवाज से समां बांधा, वहीं एक्ट्रेस पूजा जोशी ने डांस परफॉर्मेंस दी। इसके अलावा मनन देसाई, चिरायु और ओम की तिगड़ी ने अपने कॉमेडी एक्ट से दर्शकों को खूब हंसाया।
Son Forced to Quit Private Job; Govt Job Deemed Best

10 मिनट पहले कॉपी लिंक एक पिता अपने IIM ग्रेजुएट बेटे की 15 लाख सालाना सैलरी वाली जॉब से खुश नहीं है, क्योंकि वो एक प्राइवेट जॉब है। पिता चाहते हैं कि बेटा सरकारी नौकरी करे। सोशल मीडिया पर ये खबर सामने आते ही सरकारी और प्राइवेट नौकरी में से क्या बेहतर को लेकर एक बहस शुरू हो गई है। कई यूजर्स पिता के पक्ष में अपनी राय दे रहे हैं तो कई बेटे के फेवर में हैं। पिता चाहते हैं बेटा 15 लाख का पैकेज छोड़ दे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) ग्रेजुएट और निवेशक अंकित केडिया ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर किया है। अंकित ने बताया कि वे हाल ही में अपने एक रिश्तेदार के घर गए थे, जहां उनके बेटे को मल्टीनेशनल कंपनी (MNC) में 15 लाख रुपये सालाना पैकेज वाली जॉब मिली है। Went to visit a relative whose son just got placed at an MNC with a ₹15 LPA package. Instead of celebrating, his father is forcing him to prepare for government jobs because, according to him, that’s the only “real” job.Apparently, he saw news about layoffs at companies like…— Ankit Kedia (@Ank ittskedia) June 11, 2026 अंकित ने पिता की चिंता के बारे में आगे बताया, ‘जाहिर है, उन्होंने Adobe और Microsoft जैसी कंपनियों में छंटनी की खबरें देखीं और यह नतीजा निकाला कि प्राइवेट सेक्टर में कोई भविष्य नहीं है। उनके लिए, सरकारी नौकरी के अलावा बाकी सब कुछ अस्थिर है, चाहे उसमें कितनी भी अच्छी सैलरी या ग्रोथ क्यों न हो।’ पिता के पक्ष में आए कई यूजर्स The father is right. He would earn 10x times + job security.— SecretSamaritan (@NoStringsOnMee) June 12, 2026 एक यूजर ने लिखा कि पिता सही कह रहे हैं। वह इससे 10 गुना ज्यादा कमा सकता है। साथ ही जॉब सिक्योरिटी भी मिलती है। He is not wrong. Join IAS – security for life— apolitical (@apolitical45322) June 12, 2026 एक यूजर का कहना है कि पिता गलत नहीं है। आईएएस जॉइन करे, जिंदगी भर सिक्योरिटी रहेगी। he’s not wrong in the sense govt job offers stability that no pvt job does and these days layoffs can happen anytime at any organisation !! the way he is forcing his kid is wrong but the core idea isnt— Alan Shore (@alan_shore12) June 11, 2026 एक एक्स यूजर का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटलिजेंस (AI) के आने के बाद प्राइवेट सेक्टर में आए दिन छंटनी होती रही हैं। कंपनियां बड़े पैमाने पर एआई और ऑटोमेशन पर इन्वेस्ट कर रही हैं, जिससे जॉब सिक्योरिटी न के बराबर रह गई है। सरकारी नौकरी जैसी स्थिरता कोई प्राइवेट कंपनी नहीं दे सकती। एक यूजर ने लिखा, ‘भले ही पिता का तरीका थोड़ा सख्त हो, लेकिन उनकी सोच गलत नहीं है।’ Forget stability pvt jobs, most of the salary is looted by the govt leaving with no meaningful savings & no safety net. I agree govt jobs are the only real jobs in India.— Gunasekhar T 🇮🇳 (@ReallyGuna) June 12, 2026 प्राइवेट नौकरियों में स्थिरता की बात भूल जाइए; सैलरी का ज़्यादातर हिस्सा सरकार ले जाती है, जिससे न तो कोई खास बचत हो पाती है और न ही कोई सुरक्षा मिलती है। मैं मानता हूं कि भारत में सरकारी नौकरियां ही असल नौकरियां हैं। प्राइवेट नौकरी के फेवर में भी हैं यूजर Government jobs can get u posted anywhere in India including rural areas. It is not easy to adjust especially once u get married and keep on changing locations. Stability and pension is a bonus but if u are not on EMIs, own a house, private is a good deal as well.— Kira (@Kira36922974544) June 12, 2026 एक यूजर ने लिखा सरकारी नौकरी होने पर आपकी पोस्टिंग ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ भारत में कहीं भी हो सकती है। सरकारी नौकरी करना खासतौर से तब मुश्किल हो जाता है जब आपकी शादी हो जाती है और आपको लोकेशन बदलना पड़ती है। सरकारी नौकरी में स्टेबिलिटी और पेंशन तो बोनस है ही लेकिन अगर आपका खुद का घर है और आपको ईएमआई नहीं चुकाना है तो प्राइवेट नौकरी अच्छी डील है। —————– ये खबर भी पढ़ें.. NEET रीएग्जाम तक लॉकडाउन में रहेंगे क्वेश्चन पेपर सेटर्स:अनजान लोकेशन पर बिना मोबाइल के रहेंगे, किसी से मिलने भी नहीं दिया जाएगा नीट एग्जाम का आयोजन 21 जून को दोबारा किया जा रहा है। एग्जाम 2 से 5:15 बजे तक पेन और पेपर मोड में होगा। पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Bangladesh PM’s Special Assistant Stopped at Delhi Airport, Returns Without Attending IORA Meeting

Hindi News International Bangladesh PM’s Special Assistant Stopped At Delhi Airport, Returns Without Attending IORA Meeting ढाका14 मिनट पहले कॉपी लिंक बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के सलाहकार डॉ. जाहेद उर रहमान को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रोक लिया गया। सूत्रों के मुताबिक, इमिग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें करीब दो घंटे तक वेटिंग रूम में बैठाए रखा और कई मुद्दों पर पूछताछ की। इसके बाद उन्होंने अपना पासपोर्ट वापस मांगा और भारत में आने से इनकार कर दिया। बाद में वह कोलंबो के रास्ते सोमवार सुबह ढाका पहुंचे। वह इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन (IORA) की वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली आए थे। उच्चायुक्त ने यात्रा की जानकारी पहले ही दी थी बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को ही नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग ने भारत के विदेश मंत्रालय को आधिकारिक रूप से सूचित कर दिया था कि डॉ. जाहेद IORA बैठक में बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। बांग्लादेश के उच्चायुक्त एम. रियाज हमीदुल्लाह ने भी भारतीय अधिकारियों से इस यात्रा को लेकर बात की थी। इसी वजह से ढाका में कई वरिष्ठ अधिकारी इस पूरे घटनाक्रम को रहस्यमय बता रहे हैं। उनका कहना है कि पहले से आधिकारिक जानकारी देने के बावजूद एयरपोर्ट पर ऐसी स्थिति कैसे बनी, यह समझ से बाहर है। दावा- जाहेद का नाम सुरक्षा एजेंसियों की वॉचलिस्ट में था डॉ. जाहेद के करीबी लोगों का दावा है कि उनका नाम भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की एक निगरानी सूची (वॉचलिस्ट) में था, जिसके कारण उनकी अतिरिक्त जांच की गई। उनका आरोप है कि भारत विरोधी सामग्री बनाने या प्रसारित करने के आरोपों की वजह से उनका नाम इस सूची में डाला गया था। हालांकि भारतीय अधिकारियों ने इन दावों की न पुष्टि की है और न ही खंडन किया है। जानकारी के मुताबिक डॉ. जाहेद राजनयिक पासपोर्ट पर नहीं बल्कि सामान्य बांग्लादेशी पासपोर्ट और सार्क वीजा पर यात्रा कर रहे थे। उनके पास इस यात्रा के लिए कोई सरकारी अनुरोध पत्र भी नहीं था। दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग के अधिकारियों ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। हालांकि एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि मिशन के सभी विभागों को इस घटना की जानकारी नहीं थी। अधिकारी बोले- जाहेद के साथ कोई अभद्र व्यवहार नहीं किया वहीं कई सूत्रों ने यह भी कहा कि भारतीय अधिकारियों ने डॉ. जाहेद के साथ कोई अभद्र व्यवहार नहीं किया। उनका मानना है कि यात्रा से जुड़ी समन्वय और संचार की कमी इस स्थिति की एक वजह हो सकती है। हालांकि अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। ढाका में सरकारी सूत्रों का कहना है कि पूरे मामले की समीक्षा की जा रही है और तथ्य सामने आने के बाद आगे का फैसला किया जाएगा। फिलहाल नई दिल्ली की ओर से आधिकारिक सफाई का इंतजार है। ————————————— बांग्लादेश से जुड़ी ये खबर भी पढ़े बांग्लादेश में कट्टरपंथियों के दबाव में राम-प्रतिमा का प्रोजेक्ट रुका:फंडिंग की जांच व अधूरा निर्माण गिराने की मांग, 2025 में शुरू हुआ था प्रोजेक्ट बांग्लादेश के गैबांधा जिले में 82 फीट ऊंची राम प्रतिमा का प्रोजेक्ट कट्टरपंथी दबाव के बाद रोक दिया गया है। यह प्रतिमा श्री श्री राधा गोबिंद और काली मंदिर परिसर में बन रही थी। मंदिर समिति ने इसे सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए अस्थायी रोक बताया है, लेकिन इसकी असली वजह कट्टरपंथी संगठनों का दबाव बताया जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
बॉलीवुड अभिनेता चंकी पांडे कॉर्बेट टाइगर रिजर्व पहुंचे:जंगल सफारी का उठाया लुत्फ, हाथी के साथ खिंचवाई तस्वीर

बॉलीवुड अभिनेता चंकी पांडे विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व पहुंचे। उनके आगमन से पर्यटकों और स्थानीय लोगों में उत्साह देखा गया। अभिनेता ने कॉर्बेट के प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीवों का करीब से अनुभव लेने के लिए जंगल सफारी का आनंद लिया। सफारी के दौरान चंकी पांडे ने कॉर्बेट के समृद्ध जैव विविधता वाले क्षेत्रों का भ्रमण किया। उन्होंने यहां के प्राकृतिक वातावरण, घनी हरियाली, वन्यजीवों की उपस्थिति और शांत माहौल की सराहना की। अभिनेता ने कहा कि कॉर्बेट का प्राकृतिक सौंदर्य और वन संपदा देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करती है। हाथी के साथ खिंचवाई तस्वीर अभिनेता ढिकुली क्षेत्र भी पहुंचे, जहां उन्होंने हाथी सफारी से जुड़े एक महावत से मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच आत्मीय बातचीत हुई और चंकी पांडे ने महावत और उसके हाथी के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। उनका सहज और मिलनसार व्यवहार वहां मौजूद लोगों को काफी पसंद आया। पर्यटकों में दिखा उत्साह जैसे ही लोगों को चंकी पांडे के क्षेत्र में मौजूद होने की जानकारी मिली, उन्हें देखने और उनके साथ तस्वीरें लेने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। अभिनेता ने भी अपने प्रशंसकों का अभिवादन किया और कई लोगों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। इस दौरान पर्यटकों में खासा उत्साह देखा गया। ढिकुली क्षेत्र में पर्यटकों के साथ ली सेल्फी ढिकुली क्षेत्र में मौजूद पर्यटकों ने कहा कि बॉलीवुड अभिनेता को अपने बीच देखकर उनकी यात्रा और भी यादगार बन गई। वहीं, स्थानीय लोगों ने भी अभिनेता के आगमन को क्षेत्र के पर्यटन के लिए सकारात्मक बताया। बॉलीवुड अभिनेता चंकी पांडे का यह दौरा एक बार फिर दर्शाता है कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व केवल वन्यजीव प्रेमियों के लिए ही नहीं, बल्कि फिल्मी हस्तियों के लिए भी एक पसंदीदा पर्यटन स्थल है। प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जैव विविधता और रोमांचक सफारी अनुभव के कारण कॉर्बेट देश-विदेश के पर्यटकों को लगातार आकर्षित कर रहा है।
बागी टीएमसी सांसदों के एनसीपीआई में जाने से पार्टी चिंतित: ‘हमें कोई जानकारी नहीं थी’ | भारत समाचार

आखरी अपडेट:15 जून, 2026, 13:58 IST एनसीपीआई के राज्य युवा महासचिव तितास भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी नेता इस घोषणा से आश्चर्यचकित हैं और अभी भी स्थिति को समझने की कोशिश कर रहे हैं। बागी टीएमसी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके आवास पर मुलाकात की। (एएनआई) टीएमसी विद्रोह: नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई), एक अल्पज्ञात क्षेत्रीय राजनीतिक संगठन, जिसने तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों के उसके साथ विलय की घोषणा के बाद अचानक खुद को एक प्रमुख राजनीतिक विकास के केंद्र में पाया, ने कहा है कि उसे इस कदम के बारे में कोई पूर्व जानकारी नहीं थी और विवरण के बारे में अस्पष्ट है। सीएनएन-न्यूज18 से एक्सक्लूसिव बात करते हुए एनसीपीआई के राज्य युवा महासचिव तितास भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी नेता इस घोषणा से आश्चर्यचकित हैं और अभी भी स्थिति को समझने की कोशिश कर रहे हैं। भट्टाचार्य ने कहा, “हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। हम भ्रमित हैं और अभी हमारे पास कोई स्पष्टता नहीं है।” उन्होंने कहा कि पार्टी अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर सकती है। भट्टाचार्य के अनुसार, संगठन का गठन 2023 में हुआ था और उसने त्रिपुरा के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में स्थानीय निकाय चुनाव भी लड़ा था। उन्होंने उन सुझावों को भी खारिज कर दिया कि पार्टी की स्थापना किसी एक व्यक्ति द्वारा की गई थी। उन्होंने कहा, “यह हमारी पार्टी है। इसका कोई संस्थापक नहीं है, कई संस्थापक सदस्य हैं। मैं राज्य का युवा महासचिव हूं।” अनिश्चितता के बावजूद पार्टी ने बागी सांसदों के प्रवेश का स्वागत किया. उन्होंने कहा, “हमें खुशी है कि वरिष्ठ राजनेता हमारे साथ जुड़ गए हैं। हमारे पास एक छोटा मंच था और यह बड़ा हो गया है।” उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर चर्चा अभी भी चल रही है। इसी तरह की टिप्पणी एनसीपीआई के संस्थापक सदस्य शांतनु डे ने भी की, जिन्होंने कहा कि उन्हें हाल ही में विकास के बारे में पता चला है। डे ने कहा, “हमने यह पार्टी बनाई है। कल मैंने सुना कि बड़े लोग इसमें शामिल हुए हैं। हम उनका हर तरह से स्वागत करते हैं।” एनसीपीआई, एक पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल, त्रिपुरा विधानसभा चुनाव से पहले जनवरी 2023 में चुनाव आयोग के साथ पंजीकृत किया गया था। पश्चिम बंगाल में मुख्यालय होने के बावजूद, पार्टी ने त्रिपुरा में चुनावी शुरुआत की और मुख्य धारा के राजनीतिक विमर्श से काफी हद तक बाहर रही। पार्टी दस्तावेज़ों में शेवली कुंडू को कोषाध्यक्ष के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। वह राजनीतिक दल के समान पते पर पंजीकृत दो संगठनों में निदेशक भी हैं: बिस्वाबाजार प्राइवेट लिमिटेड (नवंबर 2021 से निदेशक) और पश्चिम बंग असंगथिता महिला कर्मी एसोसिएशन (अक्टूबर 2020 से निदेशक), जो सामाजिक कार्य गतिविधियों में शामिल संगठन है। पार्टी तब सुर्खियों में आई जब तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने एनसीपीआई में विलय की घोषणा की, एक ऐसा कदम जो संसद में राजनीतिक परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से बदल सकता है। हालाँकि, इस घटनाक्रम ने विलय की प्रकृति पर भी सवाल उठाए हैं, एनसीपीआई नेताओं ने खुद कहा है कि वे पार्टी के भविष्य के पाठ्यक्रम पर और स्पष्टता प्रदान करने से पहले आंतरिक चर्चा का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच, टीएमसी नेताओं ने इस कदम की तीखी आलोचना की है, पार्टी के दिग्गज नेता सौगत रॉय ने विलय को “हास्यास्पद” बताते हुए खारिज कर दिया और सवाल उठाया कि तृणमूल के प्रतीक पर चुने गए सांसद एक अस्पष्ट क्षेत्रीय संगठन में शामिल होने को कैसे उचित ठहरा सकते हैं। उन्होंने कहा, “इसे अफसोस की नजर से देखा जाएगा। उन्हें बागी कहें या गद्दार कहें, वे अपमानित होकर जाएंगे। उन्होंने एक-दो महीने पहले ही पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव जीता था और अब वे पार्टी छोड़ रहे हैं। कौन क्या शामिल हो रहा है और इसका सबूत कहां है? विश्वास मत से बड़ा मौका कभी नहीं मिलेगा।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शोभित गुप्ता शोभित गुप्ता News18.com में उप-संपादक हैं और भारत और अंतर्राष्ट्रीय समाचारों को कवर करते हैं। वह भारत के रोजमर्रा के राजनीतिक मामलों और भू-राजनीति में रुचि रखते हैं। उन्होंने बीए पत्रकारिता (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया बागी टीएमसी सांसदों के एनसीपीआई में जाने से पार्टी अचंभित: ‘हमें कोई जानकारी नहीं थी’ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)टीएमसी विद्रोह(टी)तृणमूल कांग्रेस सांसद(टी)एनसीपीआई विलय(टी)नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया(टी)बागी सांसद एनसीपीआई में शामिल हुए(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति(टी)त्रिपुरा चुनाव 2023(टी)भारतीय संसदीय राजनीति
6.5 फीट के गुरनूर बराड़ भारत के तीसरे लंबे खिलाड़ी:डेब्यू वनडे में 27 रन देकर 3 विकेट हासिल किए; पिता चाहते थे बास्केटबॉल खेलें

अफगानिस्तान के खिलाफ पहले वनडे में शनिवार को 6 फुट 5 इंच लंबे तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ ने भारत के लिए इंटरनेशनल डेब्यू किया। वह भारतीय टीम के लिए खेलने वाले तीसरे सबसे लंबे खिलाड़ी बन गए। इससे पहले अबय कुरुविला और पंकज सिंह (6 फुट 6 इंच) टीम इंडिया में खेल चुके हैं। अपने पहले ही मैच में गुरनूर ने 145+ किमी/घंटे की रफ्तार, तेज उछाल और सटीक लाइन-लेंथ से प्रभावित किया। उन्होंने 4.5 ओवर में महज 27 रन देकर 3 विकेट झटके गुरनूर के टीम इंडिया तक पहुंचने का सफर किसी फिल्मी कहानी जैसा है। उनके पिता सुखवीर सिंह बराड़ पंजाब पुलिस में एएसआई हैं और खुद राष्ट्रीय स्तर के बास्केटबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं। पिता चाहते थे कि उनका बेटा भी बास्केटबॉल कोर्ट में अपना जलवा बिखेरे। लेकिन गुरनूर ने साउथ अफ्रीकी दिग्गज डेल स्टेन के वीडियो देखकर तेज गेंदबाजी करने की ठान ली। हालांकि, 15 साल की उम्र तक गुरनूर ने कोई प्रोफेशनल ट्रेनिंग नहीं ली थी। वह सिर्फ गली-मोहल्लों में टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलते थे। तब उनका सीधा सा फंडा था- ‘तेज डालूंगा, तो ही बचूंगा’, ताकि कोई भी बल्लेबाज उन्हें आसानी से छक्का न मार सके। बाद में उन्होंने ‘चैम्पियंस क्रिकेट एकेडमी’ में कोच रवि वर्मा और वरिंदर सिंह की देखरेख में अपनी रफ्तार व स्विंग को निखारा। 2023 में पंजाब किंग्स के लिए आईपीएल डेब्यू करने के बाद गुरनूर को स्लिप डिस्क (पीठ की चोट) का सामना करना पड़ा। एक तेज गेंदबाज के लिए यह करियर खत्म करने वाली चोट हो सकती थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने बॉलिंग एक्शन और रन-अप में जरूरी बदलाव किए। इसी का नतीजा था कि 2025 की आईपीएल नीलामी में गुजरात टाइटंस ने उन्हें 1.3 करोड़ रुपये में खरीदा। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ‘ए’ के खिलाफ शानदार प्रदर्शन से उन्होंने सीधे भारतीय टीम का दरवाजा खटखटाया। जब अफगानिस्तान सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान हुआ, तब गुरनूर दोपहर की गहरी नींद ले रहे थे। आंख खुली, तो परिवार और साथियों की बधाइयों ने उनकी दुनिया ही बदल दी। पंजाब के गिल ने ही सौंपी कैप, पहला कैच भी पकड़ा भारतीय कप्तान शुभमन गिल और गुरनूर दोनों पंजाब से ही आते हैं। 2024 की आईपीएल नीलामी में अनसोल्ड रहने के बाद गिल ने उन्हें गुजरात टाइटंस का नेट बॉलर बनने की सलाह दी और कहा- ‘तू आ जा, यहां काफी कुछ सीखेगा।’ इसके बाद इंटरनेशनल में गिल ने ही गुरनूर को डेब्यू कैप सौंपी और उनके पहले इंटरनेशनल विकेट (इब्राहिम जादरान) का कैच भी लपका। गिल ने कहा, ‘गुरनूर की शानदार रफ्तार, उनका स्विंग और जिस सटीक लेंथ पर वह लगातार गेंदबाजी कर रहे थे, वह वाकई कमाल था।’
Bharatanatyam performance by 5000 dancers sets Guinness World Record, aims to strengthen India-Sri Lanka relations

Hindi News International Bharatanatyam Performance By 5000 Dancers Sets Guinness World Record, Aims To Strengthen India Sri Lanka Relations कोलंबो9 मिनट पहले कॉपी लिंक इन 5,000 से ज्यादा नर्तकों ने अपने थिरकते कदमों से पुराने रिकॉर्ड को एक विशाल अंतर से तोड़ दिया है। श्रीलंका के कोलंबो स्थित गॉल फेस प्रोमेनेड में अद्भुत सांस्कृतिक नजारा देखने को मिला। यहां 5,000 से अधिक नर्तकों ने एक साथ नृत्य कर ‘दुनिया के सबसे बड़े भरतनाट्यम डांस लेसन’ का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया। यह आयोजन भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा को जीवंत रखने और भारत-श्रीलंका के सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया था। इस भव्य कार्यक्रम में भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा ने आधिकारिक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का सर्टिफिकेट प्राप्त किया। इन 5,000 से ज्यादा नर्तकों ने अपने थिरकते कदमों से पुराने रिकॉर्ड को एक विशाल अंतर से तोड़ दिया है। इससे पहले यह विश्व रिकॉर्ड भारत के ही नाम था, जिसे 2 फरवरी 2020 को चेन्नई में ‘त्यागय्या चैरिटेबल ट्रस्ट’ ने 416 प्रतिभागियों के साथ स्थापित किया था। इस शानदार प्रस्तुति ने प्रतिष्ठित समुद्र तटीय स्थल को परंपरा, अनुशासन और सांस्कृतिक उत्कृष्टता के जीवंत प्रदर्शन में बदल दिया। यह आयोजन शास्त्रीय नृत्य के लिए एक ऐतिहासिक क्षण साबित हुआ और भारत और श्रीलंका के बीच अटूट सांस्कृतिक संबंधों को गौरवपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
'कुमकुम भाग्य' एक्ट्रेस संचिता उगले का निधन:फंदे से लटकी मिली बॉडी, दावा- सुसाइड किया, मौत से कुछ घंटों पहले रील पोस्ट की

टीवी एक्ट्रेस संचिता उगले का निधन हो गया है। एबीपी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, 30 साल की एक्ट्रेस ने आत्महत्या की है। हालांकि, मामले को लेकर आधिकारिक रूप से अधिक जानकारी सामने नहीं आई है। संचिता उगले ने कई टीवी शो और फिल्मों में काम किया है। वह लोकप्रिय टीवी शो ‘कुमकुम भाग्य’, ‘वागले की दुनिया’ जैसे कई शो का हिस्सा रह चुकी थीं। उन्होंने फिल्म ‘छावा’ में भी काम किया था, जिसमें विक्की कौशल मुख्य भूमिका में नजर आए थे। रिपोर्ट में पुलिस ने बताया कि संचिता अपने माता-पिता और बहन के साथ रहती थीं। घटना के समय वह घर पर अकेली थीं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि उन्होंने साड़ी के सहारे फांसी लगाई। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मामले की जांच जारी है। (खबर अपडेट की जा रही है)







