ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर्स ने पहली बार टी-20 में 9 विकेट झटके:कंगारुओं ने बांग्लादेश को 4 विकेट से हराया; कॉनोली ने 47 रन बनाए

ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर्स ने टी-20 क्रिकेट पहली बार 9 विकेट झटके हैं। इससे मिचेल मार्श की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलिया ने पहले टी-20 मुकाबले में बांग्लादेश को 4 विकेट से हराया। लेग स्पिनर एडम जम्पा और डेब्यू मैच खेल रहे जोएल डेविस ने 3-3 विकेट झटके। चटगांव में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश की टीम ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर्स के सामने टिक नहीं सकी और 132 रन पर सिमट गई। ऑस्ट्रेलिया ने कूपर कॉनोली की 47 रन की पारी और टिम डेविड की तेज बल्लेबाजी की बदौलत 17.2 ओवर में 6 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। जम्पा के 150 टी-20I विकेट पूरे एडम जम्पा टी-20 इंटरनेशनल में 150 विकेट लेने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज बन गए। उन्हें उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। वे दुनिया के केवल 5वें लेग स्पिनर हैं, जिसने टी-20I में 150 या उससे अधिक विकेट हासिल किए हैं। उनसे पहले राशिद खान, ईश सोढ़ी, आदिल राशिद और वानिंदु हसरंगा यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। पावरप्ले में बांग्लादेश की दमदार शुरुआत बांग्लादेश के ओपनर्स सैफ हसन और तंजीद हसन ने शुरुआत में आक्रामक बल्लेबाजी की। दोनों ने स्पेंसर जॉनसन और जेवियर बार्टलेट के खिलाफ कुछ आकर्षक शॉट लगाए। हालांकि, जॉनसन ने तंजीद को बार्टलेट के हाथों कैच कराकर पहला झटका दिया। इसके बाद सैफ हसन भी मैट रेनशॉ की गेंद पर मिचेल मार्श को कैच दे बैठे। कार्यवाहक कप्तान तौहीद हृदॉय और 18 महीने बाद टीम में लौटे सौम्य सरकार ने पारी को संभाला। बांग्लादेश ने पावरप्ले के 6 ओवर में 2 विकेट पर 52 रन बनाए, जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसका सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर है। जोएल डेविस और निखिल चौधरी ने मिडिल ऑर्डर में विकेट लिए 7वें ओवर में एडम जाम्पा ने तौहीद हृदॉय को अपनी गुगली पर बोल्ड कर बांग्लादेश की रन गति पर लगाम लगा दी। अगले ओवर में सौम्य सरकार भी डेब्यू कर रहे निखिल चौधरी को कैच थमा बैठे। इसके बाद जोएल डेविस ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की दूसरी ही गेंद पर परवेज हुसैन इमोन को कूपर कॉनोली के हाथों कैच कराकर पहला विकेट हासिल किया। मैट रेनशॉ ने शमीम हुसैन को विकेटकीपर के हाथों कैच कराया, जबकि डेविस ने डेब्यू कर रहे अब्दुल गफ्फार सकलैन को भी पवेलियन भेजा। निखिल चौधरी ने भी गेंदबाजी में योगदान देते हुए रिशाद हुसैन को 3 रन पर आउट किया। निचले क्रम में महेदी हसन ने नाबाद 29 रन बनाए, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरने के कारण बांग्लादेश की पूरी टीम 132 रन पर सिमट गई। कॉनोली ने संभाली पारी, शरीफुल के ओवर में लगाए लगातार तीन चौके 133 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पिछले वनडे मैच में 6 विकेट लेने वाले शरीफुल इस्लाम ने जोश इंग्लिस को 5 रन पर बोल्ड कर दिया। इसके बाद क्रीज पर आए कूपर कॉनोली ने उसी ओवर में शरीफुल की लगातार तीन गेंदों पर चौके जड़कर दबाव कम किया। कप्तान मिचेल मार्श 13 गेंदों में 14 रन बनाकर मुस्तफिजुर रहमान की गेंद पर आउट हो गए और ऑस्ट्रेलिया ने शुरुआती झटके झेले। टिम डेविड का 98 मीटर लंबा छक्का, ऑस्ट्रेलिया ने आसानी से हासिल किया लक्ष्य मार्श के आउट होने के बाद टिम डेविड ने महेदी हसन की गेंद पर 98 मीटर लंबा छक्का लगाकर अपने इरादे जाहिर कर दिए। दूसरी ओर कॉनोली ने शानदार बल्लेबाजी जारी रखी और सकलैन व रिशाद हुसैन के खिलाफ कई आकर्षक शॉट खेले। कॉनोली ने 27 गेंदों में 47 रन बनाए, जो उनके टी-20i करियर का बेस्ट स्कोर है। उनकी पारी में 7 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। टिम डेविड ने 16 गेंदों में 20 रन बनाए। अंत में डेब्यू कर रहे निखिल चौधरी ने 18 रन और मैट रेनशॉ ने भी 18 रन का योगदान दिया। जेवियर बार्टलेट ने अगली ही गेंद पर चौका लगाकर ऑस्ट्रेलिया को 10 गेंद शेष रहते जीत दिला दी।
33 अपराह्न – तो Z+ कवर क्या है और इसे कौन नियंत्रित करता है?

रात के 9:33 बजे थे जब टीएमसी नेता डेरेक ओ’ब्रायन पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के मुख्य द्वार पर अपनी कार से बाहर निकले और एक चौंकाने वाला दावा किया: वहां एक भी पुलिस अधिकारी नजर नहीं आया। ओ’ब्रायन ने किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को प्रवेश करने से रोकने के लिए मुख्य प्रवेश द्वार पर जानबूझकर अपना वाहन पार्क करने का वीडियो बनाया और वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। यह अधिनियम उतना ही एक राजनीतिक बयान था जितना कि यह एक सुरक्षा उपाय था – टीएमसी ने पूर्व सीएम की सुरक्षा को जानबूझकर वापस लेने का आरोप लगाया था। पीएसओ विवाद: पंक्ति के केंद्र में दो नाम हैं: स्वरूप गोस्वामी और कुसुम कुमार द्विवेदी – पिछले 20 वर्षों से ममता बनर्जी के निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ)। पीएसओ एक वीआईपी को सौंपा गया करीबी सुरक्षा वाला पुलिस अधिकारी होता है, जो अकेले या सशस्त्र और निहत्थे दोनों भूमिकाओं में एक टीम के हिस्से के रूप में काम करते हुए, संभावित खतरों के खिलाफ प्रिंसिपल की रक्षा करने के लिए जिम्मेदार होता है। ओ’ब्रायन ने आरोप लगाया कि दोनों को हटा दिया गया है और उनकी जगह उन अधिकारियों को नियुक्त किया गया है जिन्हें ममता नहीं जानतीं। (प्रतीकात्मक छवि) सुरक्षा कैसे सौंपी जाती है: भारत का वीआईपी सुरक्षा ढांचा एक्स श्रेणी (एक पीएसओ) से लेकर जेड+ तक चलता है, जो सीआरपीएफ कमांडो या अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों द्वारा प्रदान किया जाता है, जिसमें मार्शल आर्ट, निहत्थे युद्ध में प्रशिक्षित और आधुनिक संचार उपकरणों से लैस कर्मी होते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री जैसे राज्य-स्तरीय सुरक्षा प्राप्त लोगों के लिए, राज्य सरकार – अपने पुलिस विभाग के माध्यम से – एक आधिकारिक ड्यूटी रोस्टर के माध्यम से पीएसओ को नियुक्त और बदलती रहती है। टीएमसी का राजनीतिक आरोप: टीएमसी ने दावा किया कि कॉम्बैट फोर्स के जिन जवानों को आवास पर होना चाहिए था, वे ठीक उसी समय कालीघाट पुलिस स्टेशन चले गए – जिससे पूर्व सीएम का गेट बंद हो गया। पार्टी ने आरोप लगाया कि समय संयोग नहीं था: ममता ने उसी दिन एक रैली का नेतृत्व किया था और भवानीपुर विधानसभा चुनाव परिणाम पर कानूनी चुनौती दायर की थी। पार्टी ने कहा, “यह राजनीतिक प्रतिशोध है।” नबन्ना ने जवाब दिया: 2026 के पश्चिम बंगाल चुनावों में भाजपा की निर्णायक जीत के बाद के दिनों में – जिसने टीएमसी के 15 साल के शासन को समाप्त कर दिया – ममता बनर्जी के कालीघाट आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था पहले ही कम कर दी गई थी। अब, नबन्ना (नई भाजपा सरकार के तहत राज्य सचिवालय) ने स्पष्ट किया: ममता को Z+ श्रेणी की सुरक्षा मिलती रहेगी – वह सुरक्षा का पूरा पूरक जो प्रोटोकॉल एक पूर्व मुख्यमंत्री को देता है। सरकार ने कहा, कुछ भी वापस नहीं लिया गया है। सुवेंदु का स्थायी आदेश: सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने नबन्ना में अपने पहले ही दिन व्यक्तिगत रूप से राज्य के डीजीपी और कोलकाता पुलिस आयुक्त को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि पूर्व सीएम की सुरक्षा में कोई चूक न हो। उन्होंने कथित तौर पर उनसे कहा था, “वह बुजुर्ग हैं। सुनिश्चित करें कि उन्हें कोई कठिनाई न हो और उनकी सुरक्षा में कोई कमी न हो।” नबन्ना ने कहा कि निर्देश लागू रहेगा। विवाद आख़िरकार इस तक पहुंचता है: ममता दो दशक पहले के अपने भरोसेमंद पीएसओ चाहती हैं। नबन्ना का कहना है कि सिस्टम इस तरह काम नहीं करता है – अधिकारियों को ड्यूटी रोस्टर के अनुसार घुमाया जाता है, और व्यक्तिगत प्राथमिकताओं का प्रशासनिक प्रोटोकॉल में कोई स्थान नहीं है। टीएमसी के लिए यह जवाब पर्याप्त नहीं है. भाजपा सरकार के लिए यह महज एक प्रक्रिया है। उन दो पदों के बीच एक महिला बैठी है, जो कभी राज्य के संपूर्ण सुरक्षा तंत्र की कमान संभालती थी – और अब उसे दूसरी तरफ से उस पर निर्भर रहना होगा। (टैग्सटूट्रांसलेट)डेरेक ओ’ब्रायन(टी)कोलकाता(टी)ममता बनर्जी(टी)सुवेंदु अधिकारी
India-UK Free Trade Agreement to Come Into Force on July 15, 2026

9 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत और ब्रिटेन का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई 2026 से लागू होगा। पीएम नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने बुधवार को इसकी घोषणा की। इस समझौते पर 24 जुलाई 2025 को हस्ताक्षर हुए थे। दोनों नेताओं की फ्रांस के एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन में मुलाकात हुई थी। यानी कारोबारियों को नई व्यवस्था की तैयारी के लिए 28 दिन मिलेंगे। पीएम मोदी ने इसे भारत-ब्रिटेन संबंधों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। भारतीय कपड़े, फुटवियर और कुछ खाद्य उत्पादों पर टैरिफ घटाएगा। भारतीय कुशल प्रोफेशनल्स को ब्रिटेन में काम के दौरान दोहरे सोशल सिक्योरिटी योगदान से राहत मिलेगी। यह राहत 36 महीने से बढ़ाकर 60 महीने तक होगी। भारत में ब्रिटिश व्हिस्की पर शुल्क 150% से घटकर 40% होगा। ऑटोमोबाइल पर शुल्क कोटा के तहत 100% से घटकर 10% होगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
India-UK Free Trade Agreement to Come Into Force on July 15, 2026

25 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत और ब्रिटेन का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई 2026 से लागू होगा। पीएम नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने बुधवार को इसकी घोषणा की। इस समझौते पर 24 जुलाई 2025 को हस्ताक्षर हुए थे। दोनों नेताओं की फ्रांस के एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन में मुलाकात हुई थी। यानी कारोबारियों को नई व्यवस्था की तैयारी के लिए 28 दिन मिलेंगे। पीएम मोदी ने इसे भारत-ब्रिटेन संबंधों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। भारतीय कपड़े, फुटवियर और कुछ खाद्य उत्पादों पर टैरिफ घटाएगा। भारतीय कुशल प्रोफेशनल्स को ब्रिटेन में काम के दौरान दोहरे सोशल सिक्योरिटी योगदान से राहत मिलेगी। यह राहत 36 महीने से बढ़ाकर 60 महीने तक होगी। भारत में ब्रिटिश व्हिस्की पर शुल्क 150% से घटकर 40% होगा। ऑटोमोबाइल पर शुल्क कोटा के तहत 100% से घटकर 10% होगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Pakistan Sikh Couple Murder | SGPC Condemns Minority Safety

गुरुद्वारे में घुसकर दंपती पर अंधाधुंथ फायरिंग की गई, जिससे उनकी मौत हो गई। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बुधवार को एक गुरुद्वारे के अंदर फायरिंग में सिख केयरटेकर दंपती की हत्या कर दिया। पुलिस के मुताबिक, घटना पेशावर से करीब 60 किमी दूर मरदान के बाबू मोहल्ला इलाके में हुई। . मरदान के जिला पुलिस अधिकारी मसूद अहमद ने बताया कि अज्ञात हमलावरों ने गुरुद्वारे के भीतर फायरिंग की। इसमें जगन्नाथ और उनकी पत्नी आसमा वंती की मौत हो गई। पुलिस हमले की वजह और आरोपियों का पता लगाने में जुटी है। हमले के बाद से गुरुद्वारे के CCTV फुटेज भी गायब हैं। इसे लेकर स्थानीय सिख नेताओं सवाल उठाए हैं। पुलिस भी इसे टारगेट किलिंग मानकर जांच कर रही है। वारदात के बाद जांच के लिए मौके पर पहुंचे अधिकारी। गुरुद्वारे में घुसकर हमलावरों ने बरसाईं गोलियां पुलिस के अनुसार, यह वारदात बुधवार को उस समय हुई जब दंपती गुरुद्वारे में सेवा कर रहा था। अज्ञात हमलावर गुरुद्वारा परिसर में दाखिल हुए और उन्होंने दंपती पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी गई। मरदान के जिला पुलिस अधिकारी मसूद अहमद ने बताया कि हत्या के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने विशेष जांच टीमें बनाई हैं और फॉरेंसिक व तकनीकी मदद से जांच कर रही है। असेंबली के सदस्य ने उठाए सवाल खैबर पख्तूनख्वा असेंबली के सदस्य सुरेश कुमार ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की और पुलिस को जांच में प्रगति दिखाने के लिए 24 घंटे का समय दिया। उन्होंने कहा कि इलाके में सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी के बावजूद ऐसी घटना बेहद चिंताजनक है। सुरेश कुमार ने सीसीटीवी सबूतों के रखरखाव पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि घटनास्थल से डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर लापरवाही से हटाया गया, जिससे जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि 24 घंटे में गिरफ्तारी या ठोस प्रगति नहीं हुई तो मरदान, पेशावर और इस्लामाबाद में शांतिपूर्ण प्रदर्शन होंगे। हत्या के पीछे ये 2 वजहें मानी जा रहीं… लक्षित हत्या की आशंका: सिख केयरटेकर दंपती की हत्या के सटीक कारणों का अभी तक आधिकारिक तौर पर पूरी तरह खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन पुलिस और स्थानीय नेताओं के अनुसार इसके पीछे टारगेट किलिंग हो सकती है। पुलिस शुरुआती जांच में इसे एक टारगेटेड अटैक मानकर चल रही है। हमलावर किसी चोरी या लूटपाट के इरादे से नहीं आए थे, बल्कि वे सीधे गुरुद्वारे के भीतर दाखिल हुए और केवल इस बुजुर्ग दंपती को निशाना बनाकर अंधाधुंध फायरिंग की। अल्पसंख्यक समुदाय को डराने की साजिश: खैबर पख्तूनख्वा प्रांत (विशेषकर पेशावर और आस-पास के इलाकों) में पिछले कुछ सालों में सिख समुदाय के लोगों, व्यापारियों और गुरुद्वारों के सेवादारों को लगातार निशाना बनाया गया है। सिख नेताओं और श्री अकाल तख्त साहिब के अनुसार, यह हमला पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यक सिखों में डर का माहौल पैदा करने और वहां की कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की एक गहरी साजिश का हिस्सा हो सकता है। सुराग मिटाने और साजिश का संदेह घटना के बाद स्थानीय असेंबली सदस्य सुरेश कुमार ने आरोप लगाया है कि घटनास्थल से सीसीटीवी के डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) को बेहद लापरवाही से हटाया गया। इस वजह से स्थानीय नेताओं और सिख संगठनों को संदेह है कि सबूतों को मिटाने या हत्या के पीछे के असली मकसद को छुपाने की कोशिश की जा रही है। घटना पर क्या बोले अकाल तख्त के जत्थेदार घटना की निंदा की: श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने पाकिस्तान की इस घटना की निंदा की है। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री मुहम्मद सोहेल खान अफरीदी से इस मामले का सख्त संज्ञान लेने, दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। अल्पसंख्यक समुदाय पर अत्याचार: उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में सिख पहले से ही बहुत कम संख्या में हैं। अगर उन्हें इस तरह निशाना बनाकर मारा जाएगा, तो यह अल्पसंख्यक समुदायों पर घोर अत्याचार है। अल्पसंख्यक समुदायों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना पाकिस्तान सरकार की जिम्मेदारी है। साजिश का पूरा खुलासा हो: उन्होंने कहा कि इस घटना ने एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पाकिस्तान में अल्पसंख्यक वास्तव में सुरक्षित हैं या नहीं। उन्होंने मांग की कि पाकिस्तान सरकार गुरुद्वारा साहिब में हुए इस दोहरे हत्याकांड के पीछे की असली साजिश और मकसद को पूरी पारदर्शिता के साथ सामने लाए। मानवता के खिलाफ कृत्य: उन्होंने आगे कहा कि गुरुद्वारा साहिब जैसी पवित्र जगह पर निर्दोष सिखों की हत्या करना एक जघन्य अपराध और मानवता के खिलाफ कृत्य है, जहां रोजाना ‘सरबत दा भला’ (पूरी मानवता के कल्याण) के लिए प्रार्थना की जाती है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान में सिख व्यक्ति की पगड़ी उतार नंगा कर पीटा, वीडियो वायरल किया पाकिस्तान में बैसाखी का त्योहार मनाते हुए सिख व्यक्ति को नंगा कर जमकर पीटा गया। यही नहीं, पाकिस्तान के कट्टरपंथी संगठन तहरीक ए लब्बैक पाकिस्तान (TLP) ने इस घटना का वीडियो भी बनाया। जिसे अब सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। पढ़ें पूरी खबर…
नवीनतम आरएसएस-बीजेपी हलचल के अंदर: तावड़े, शिवराज, बंसल और चुघ प्रमुख संगठनात्मक भूमिकाओं के लिए फोकस में | भारत समाचार

आखरी अपडेट:18 जून, 2026, 07:00 IST हालांकि संगठनात्मक कार्यभार चर्चा का हिस्सा बने, लेकिन समझा जाता है कि बड़ी बातचीत भाजपा के राजनीतिक संदेश और लामबंदी की रणनीति पर केंद्रित रही। हालाँकि, नवीनतम विचार-विमर्श से संकेत मिलता है कि संघ पुनर्गणना की वकालत कर सकता है, जो चुनावी रणनीति को मजबूत वैचारिक संदेश के साथ जोड़ना चाहता है। फ़ाइल चित्र/पीटीआई पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और आरएसएस के वरिष्ठतम पदाधिकारियों के बीच सोमवार को दिल्ली में हुई हालिया समन्वय बैठक के बाद भाजपा के भीतर एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक कवायद चल रही है। हालांकि कोई औपचारिक निर्णय की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन समझा जाता है कि चर्चा में कई प्रमुख नेताओं के लिए संभावित नई जिम्मेदारियों के साथ-साथ पांच राज्यों में आगामी चुनावों से पहले पार्टी की व्यापक राजनीतिक दिशा भी शामिल है। विचार-विमर्श से परिचित सूत्रों के अनुसार, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को पंजाब और उत्तराखंड से संबंधित जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी उत्तर प्रदेश में एक बड़ी भूमिका के लिए माना जा रहा है, एक ऐसा राज्य जो 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा की राजनीतिक गणना का केंद्र बना हुआ है। सूत्र आगे संकेत देते हैं कि सुनील बंसल, जिन्हें व्यापक रूप से भाजपा के सबसे प्रभावी संगठनात्मक रणनीतिकारों में से एक माना जाता है, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों की देखरेख जारी रख सकते हैं और साथ ही मणिपुर में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पुनर्गठन प्रक्रिया के गति पकड़ने पर राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ के संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच एक महत्वपूर्ण समन्वय कड़ी के रूप में उभरने की उम्मीद है। नियुक्तियों से परे एक रणनीतिक बातचीत बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष, राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान समेत अन्य लोग शामिल हुए। आरएसएस का प्रतिनिधित्व करते हुए संगठन के महासचिव दत्तात्रेय होसबले और संयुक्त महासचिव अरुण कुमार सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। जबकि संगठनात्मक कार्य चर्चा का हिस्सा बने, समझा जाता है कि बड़ी बातचीत भाजपा की राजनीतिक संदेश और लामबंदी रणनीति पर केंद्रित रही। सूत्रों का कहना है कि आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने वैचारिक पहुंच को तेज करने और पार्टी के मूल समर्थन आधार के साथ फिर से जुड़ने की जरूरत पर जोर दिया। विशेष रूप से, समझा जाता है कि दत्तात्रेय होसबले ने जाति-आधारित राजनीतिक गणनाओं पर अत्यधिक निर्भरता के प्रति आगाह करते हुए हिंदुत्व-केंद्रित लामबंदी और सामाजिक जुड़ाव पर अधिक ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया है। यह चर्चा महत्वपूर्ण है क्योंकि, 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद, भाजपा के भीतर कुछ वर्गों ने कई राज्यों में बदलती राजनीतिक वास्तविकताओं को नेविगेट करने के लिए जाति समीकरणों और सामाजिक इंजीनियरिंग पर ध्यान केंद्रित किया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में मधुपर्णा दास सीएनएन न्यूज 18 में एसोसिएट एडिटर (पॉलिसी) मधुपर्णा दास लगभग 14 वर्षों से पत्रकारिता में हैं। वह बड़े पैमाने पर राजनीति, नीति, अपराध और आंतरिक सुरक्षा मुद्दों को कवर करती रही हैं। उसके पास सह…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया नवीनतम आरएसएस-बीजेपी हलचल के अंदर: तावड़े, शिवराज, बंसल और चुघ प्रमुख संगठनात्मक भूमिकाओं के लिए फोकस में अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)आरएसएस(टी)बीजेपी(टी)चुनाव
Congo Holds Portugal, Cristiano Ronaldo Scoreless

Hindi News Sports Cristiano Ronaldo Scoreless| World Cup: Congo Holds Portugal, Cristiano Ronaldo Scoreless ह्यूस्टन8 मिनट पहले कॉपी लिंक फुटबॉल वर्ल्ड कप में छोटी टीमों का कमाल जारी है। बुधवार को 43वीं रैंकिंग वाली कांगो ने स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल को 1-1 के ड्रॉ पर रोक लिया। 52 साल बाद वर्ल्ड कप में वापसी कर रही कांगो गणराज्य ने टूर्नामेंट में अपना पहला गोल भी दागा। हालांकि, रोनाल्डो एक भी गोल नहीं कर सके। ह्यूस्टन के एनआरजी स्टेडियम में ग्रुप-K के मैच में पुर्तगाल ने छठे मिनट में जोआओ नेवेस के गोल से शानदार शुरुआत की। लेकिन यही उसका आखिरी गोल रहा। हाफ टाइम से ठीक पहले 45+5वें मिनट में योआन वीसा ने कांगो को बराबरी दिलाई। इस ड्रॉ के बाद पुर्तगाल को ग्रुप स्टेज से अगले मैच जीतने होंगे। उसे 23 जून को उज्बेकिस्तान और 28 जून को कोलंबिया से मैच खेलने हैं। फिलहाल, टीम ग्रुप-के की पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर है। मैच के गोल छठे मिनट में पुर्तगाल के मिडफील्डर जोआओ नेवेस ने पेड्रो नेटो के क्रॉस पर हेडर लगाकर टीम को 1-0 से आगे कर दिया। पहले हाफ के अतिरिक्त समय में कांगो के आर्थर मासुआकु के क्रॉस पर योआने विसा ने हेडर लगाकर गोल किया। स्कोर 1-1 कर दिया। मैच में खास 41 साल और 132 दिन की उम्र में क्रिस्टियानो रोनाल्डो वर्ल्ड कप मैच की शुरुआत करने वाले सबसे उम्रदराज आउटफील्ड खिलाड़ी बने। रोनाल्डो टूर्नामेंट में खेलने वाले दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बने हैं। उनसे आगे कैमरून के रोजर मिल्ला हैं, जो 1994 में 42 साल और 39 दिन की उम्र में रूस के खिलाफ उतरे थे। कांगो ने दागा पहला वर्ल्ड कप गोल यह कांगो के इतिहास का पहला वर्ल्ड कप गोल था। इससे पहले टीम ने 1974 में जायर नाम से वर्ल्ड कप खेला था, लेकिन तब कोई गोल नहीं कर सकी थी। गोल के बाद विसा ने कहा, ’52 साल बाद हम फिर वर्ल्ड कप में लौटे हैं। यह गोल मेरे, मेरे परिवार और पूरे कांगो के लिए बेहद खास है।’ गोल सेलिब्रेट करते हुए कांगो के योआने विसा। रोनाल्डो ने गोल के मौके गंवाए पुर्तगाल के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो पूरे मैच में गोल की तलाश में रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। उन्होंने 68वें और 73वें मिनट में दो अच्छे मौके गंवा दिए। दोनों बार उनका शॉट गोलपोस्ट के दाईं ओर निकल गया। 90वें मिनट में ब्रूनो फर्नांडिस के पास भी विजयी गोल करने का मौका था, लेकिन उनका प्रयास भी लक्ष्य से चूक गया। शॉट मिस होने पर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का रिएक्शन। ऑफसाइड से अमान्य हुआ पुर्तगाल का गोल पुर्तगाल ने दूसरे हाफ में एक बार और गेंद जाल में पहुंचाई थी। 55वें मिनट में जोआओ कैंसेलो ने शानदार बाइसिकल किक से गोल किया, लेकिन VAR जांच में उन्हें ऑफसाइड करार दिया गया। दूसरी ओर कांगो भी जीत के करीब पहुंचा था, लेकिन सेड्रिक बाकाम्बू का शॉट पोस्ट से टकराकर बाहर चला गया। —————————– फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… मैक्सिको से कभी नहीं जीती साउथ कोरिया, टूर्नामेंट में तीसरी बार भिंड़ंत होगी FIFA वर्ल्ड कप 2026 में आज रात चेकिया और साउथ अफ्रीका के बीच मैच खेला जाएगा। यह मुकाबला अटलांटा स्टेडियम में रात 9:30 बजे से शुरु होगा। सबसे बड़ा मुकाबला मैक्सिको और साउथ कोरिया के बीच होगा। साउथ कोरिया वर्ल्ड कप में कभी भी मैक्सिको को नहीं हरा पाई है। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार 19 जून को सुबह 6:30 बजे से ग्वाडलाहारा स्टेडियम में खेला जाएगा। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Congo Holds Portugal, Cristiano Ronaldo Scoreless

Hindi News Sports Cristiano Ronaldo Scoreless| World Cup: Congo Holds Portugal, Cristiano Ronaldo Scoreless ह्यूस्टन29 मिनट पहले कॉपी लिंक फुटबॉल वर्ल्ड कप में छोटी टीमों का कमाल जारी है। बुधवार को 43वीं रैंकिंग वाली कांगो ने स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल को 1-1 के ड्रॉ पर रोक लिया। 52 साल बाद वर्ल्ड कप में वापसी कर रही कांगो गणराज्य ने टूर्नामेंट में अपना पहला गोल भी दागा। हालांकि, रोनाल्डो एक भी गोल नहीं कर सके। ह्यूस्टन के एनआरजी स्टेडियम में ग्रुप-K के मैच में पुर्तगाल ने छठे मिनट में जोआओ नेवेस के गोल से शानदार शुरुआत की। लेकिन यही उसका आखिरी गोल रहा। हाफ टाइम से ठीक पहले 45+5वें मिनट में योआन वीसा ने कांगो को बराबरी दिलाई। इस ड्रॉ के बाद पुर्तगाल को ग्रुप स्टेज से अगले मैच जीतने होंगे। उसे 23 जून को उज्बेकिस्तान और 28 जून को कोलंबिया से मैच खेलने हैं। फिलहाल, टीम ग्रुप-के की पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर है। मैच के गोल छठे मिनट में पुर्तगाल के मिडफील्डर जोआओ नेवेस ने पेड्रो नेटो के क्रॉस पर हेडर लगाकर टीम को 1-0 से आगे कर दिया। पहले हाफ के अतिरिक्त समय में कांगो के आर्थर मासुआकु के क्रॉस पर योआने विसा ने हेडर लगाकर गोल किया। स्कोर 1-1 कर दिया। मैच में खास 41 साल और 132 दिन की उम्र में क्रिस्टियानो रोनाल्डो वर्ल्ड कप मैच की शुरुआत करने वाले सबसे उम्रदराज आउटफील्ड खिलाड़ी बने। रोनाल्डो टूर्नामेंट में खेलने वाले दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बने हैं। उनसे आगे कैमरून के रोजर मिल्ला हैं, जो 1994 में 42 साल और 39 दिन की उम्र में रूस के खिलाफ उतरे थे। कांगो ने दागा पहला वर्ल्ड कप गोल यह कांगो के इतिहास का पहला वर्ल्ड कप गोल था। इससे पहले टीम ने 1974 में जायर नाम से वर्ल्ड कप खेला था, लेकिन तब कोई गोल नहीं कर सकी थी। गोल के बाद विसा ने कहा, ’52 साल बाद हम फिर वर्ल्ड कप में लौटे हैं। यह गोल मेरे, मेरे परिवार और पूरे कांगो के लिए बेहद खास है।’ गोल सेलिब्रेट करते हुए कांगो के योआने विसा। रोनाल्डो ने गोल के मौके गंवाए पुर्तगाल के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो पूरे मैच में गोल की तलाश में रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। उन्होंने 68वें और 73वें मिनट में दो अच्छे मौके गंवा दिए। दोनों बार उनका शॉट गोलपोस्ट के दाईं ओर निकल गया। 90वें मिनट में ब्रूनो फर्नांडिस के पास भी विजयी गोल करने का मौका था, लेकिन उनका प्रयास भी लक्ष्य से चूक गया। शॉट मिस होने पर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का रिएक्शन। ऑफसाइड से अमान्य हुआ पुर्तगाल का गोल पुर्तगाल ने दूसरे हाफ में एक बार और गेंद जाल में पहुंचाई थी। 55वें मिनट में जोआओ कैंसेलो ने शानदार बाइसिकल किक से गोल किया, लेकिन VAR जांच में उन्हें ऑफसाइड करार दिया गया। दूसरी ओर कांगो भी जीत के करीब पहुंचा था, लेकिन सेड्रिक बाकाम्बू का शॉट पोस्ट से टकराकर बाहर चला गया। —————————– फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… मैक्सिको से कभी नहीं जीती साउथ कोरिया, टूर्नामेंट में तीसरी बार भिंड़ंत होगी FIFA वर्ल्ड कप 2026 में आज रात चेकिया और साउथ अफ्रीका के बीच मैच खेला जाएगा। यह मुकाबला अटलांटा स्टेडियम में रात 9:30 बजे से शुरु होगा। सबसे बड़ा मुकाबला मैक्सिको और साउथ कोरिया के बीच होगा। साउथ कोरिया वर्ल्ड कप में कभी भी मैक्सिको को नहीं हरा पाई है। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार 19 जून को सुबह 6:30 बजे से ग्वाडलाहारा स्टेडियम में खेला जाएगा। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म:ट्रम्प और पजशकियान ने MoU पर साइन किए, जेनेवा नहीं पेरिस के महल में हुई संधि

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए अंतरिम समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर हो गए हैं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार सुबह 6 बजे (भारतीय समय के मुताबिक) इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। IRNA ने समझौते पर हस्ताक्षर की तस्वीरें जारी की हैं, जिनमें पजशकियान दस्तावेज पर हस्ताक्षर करते और ट्रम्प तथा अपने हस्ताक्षर वाले पन्ने दिखाते नजर आ रहे हैं। वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें ट्रम्प को पेरिस के वर्सेल्स पैलेस में समझौते पर हस्ताक्षर करते दिखाया गया है। समझौते के तहत ईरान में युद्ध समाप्त होगा और लेबनान में भी संघर्ष खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही होर्मुज को दोबारा खोलने और अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करने की बात कही गई है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ट्रम्प बोले- अमेरिका के टारगेट पूरे, उम्मीद से ज्यादा हासिल किया ट्रम्प के मुताबिक, युद्ध खत्म करना, होर्मुज को खोलना और ईरान को परमाणु हथियार से रोकना उनका लक्ष्य था, जो पूरा हो गया है। 2. G7 देशों ने अमेरिका-ईरान डील का समर्थन किया G7 नेताओं ने समझौते को पश्चिम एशिया में स्थिरता के लिए अहम बताया। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि यह क्षेत्र और दुनिया के लिए बड़ा बदलाव ला सकता है। 3. चीन बोला- दोनों पक्ष समझौते का पूरी तरह पालन करें चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि सभी पक्षों को युद्धविराम का सम्मान करना चाहिए। चीन ने ईरान और लेबनान को मानवीय सहायता देने का भी ऐलान किया। 4. लीक ड्राफ्ट में 14 पॉइंट्स पर सहमति का दावा CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका-ईरान समझौते के मसौदे में युद्ध खत्म करने, होर्मुज खोलने, तेल निर्यात, प्रतिबंधों में राहत और जमे हुए फंड जारी करने समेत 14 बिंदुओं पर सहमति बनी है। 5. जेडी वेंस बोले- ईरान को अमेरिका का एक डॉलर भी नहीं मिलेगा अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि 300 अरब डॉलर के पैकेज की खबरें भ्रामक हैं। अगर ईरान शर्तें मानता है तो दूसरे देश निवेश कर सकते हैं, लेकिन अमेरिका पैसा नहीं देगा। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
अमेरिकी हमले में जान गंवाने वाले आदित्य पंचतत्व में विलीन:मां शव से लिपटी, बार-बार बेसुध हो रही, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

अमेरिकी हमले में होर्मुज में जान गंवाने वाले हिमाचल प्रदेश के आदित्य शर्मा (23) पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। आदित्य का आज (गुरुवार को) उनके पैतृक गांव भालू में अंतिम संस्कार किया गया। आदित्य को चचेरे भाई पार्थ ने उन्हें मुखाग्नि दी। इससे पहले आदित्य की पार्थिव देह को घर पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। जैसे ही बेटे आदित्य शर्मा की पार्थिव देह घर पहुंची तो मां सुषमा लखनपाल बेटे के शव से लिपट गईं। वह, बार-बार बेसुध हो रही हैं। पिता राजेश शर्मा समेत दूसरे परिजनों का भी रो-रो कर बुरा हाल है। क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने आदित्य शर्मा को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। इस दौरान आदित्य शर्मा अमर रहे के नारे गूंजे। आदित्य की अंतिम शव यात्रा में डीसी हमीरपुर और एसडीएम नादौन भी पहुंचे। दोनों ने परिजनों को इस मुश्किल घड़ी में ढांढस बंधाया। हमीरपुर अस्पताल में कराया पोस्टमार्टम आदित्य के शव का आज सुबह के वक्त हमीरपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया, क्योंकि परिजनों ने ओमान में पोस्टमार्टम को इंकार कर दिया था। आदित्य की पार्थिव देह औपचारिकताएं पूरी करने में देरी की वजह से आठ दिन बाद बुधवार रात को हमीरपुर लाई गई। हमले में जान गंवाने के लिए नौवें दिन अंतिम संस्कार हो पाएगा। आदित्य के घर पर सुबह से ही लोग जुटने शुरू हो गए थे। घर पर माता-पिता और दादी का रो-रोकर बुरा हाल है। 9 जून को अमेरिकी हमले में गई थी जान आदित्य की बीते 9 जून को अमेरिकी हमले में जान चली गई थी। आदित्य शर्मा अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। बीते कल मुंबई से हवाई मार्ग से डेडबॉडी चंडीगढ़ लाई गई। चंडीगढ़ से सड़क मार्ग से शव को हमीरपुर पहुंचाया गया। आदित्य के चाचा संजीव लखनपाल डेडबॉडी लेने चंडीगढ़ गए थे। डेक कैडेट थे आदित्य शर्मा वर्ल्ड मैरिटाइम एनर्जी लिमिटेड कंपनी के तेल टैंकर ‘MT सेत्तेबेल्लो’ पर आदित्य शर्मा बतौर डेक कैडेट तैनात थे। यह उनकी पहली नौकरी थी। घर पर उनके छुट्टी पर आने की खुशी थी। मगर इससे पहले ही आदित्य शर्मा अमेरिकी हमले का शिकार बन गए। इससे खुशिया मातम में तब्दील हो गई। 21 भारतीय क्रू मेंबर को सुरक्षित बचाया गया अमेरिकी हमले में आदित्य समेत तीन भारतीयों की मौत हो गई थी, जबकि जहाज पर सवार 21 भारतीय क्रू मेंबरों को सुरक्षित बचा लिया गया है। स्कॉटलैंड से की थी नॉटिकल इंजीनियरिंग आदित्य शर्मा हमीरपुर जिले की पंचायत हड़ेटा के गांव भालू के रहने वाले थे। उनके पिता पंजाब के जालंधर में व्यवसाय करते हैं। आदित्य ने जालंधर से 12वीं तक की पढ़ाई की। इसके बाद चैन्नई से मर्चेंट नेवी का कोर्स और स्कॉटलैंड से नॉटिकल इंजीनियरिंग की। फिर 24 नवंबर 2025 को मर्चेंट नेवी में उन्हें नौकरी मिली। आदित्य शर्मा की अंतिम शव यात्रा के PHOTOS..






