PhonePe Wallet Dormant Fee: ₹100 Quarterly Charges Apply

नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म फोनपे अपने यूजर्स से इनएक्टिव वॉलेट के लिए मेंटेनेंस फीस वसूलने की तैयारी कर रहा है। कंपनी के नए नियमों के मुताबिक, अगर किसी यूजर का PhonePe वॉलेट लगातार 365 दिनों (1 साल) तक इस्तेमाल नहीं किया जाता है, तो उसे ‘डॉर्मेंट’ या इनएक्टिव मान लिया जाएगा। ऐसे वॉलेट्स से हर तिमाही ₹100 का चार्ज काटा जाएगा। कंपनी के इस फैसले का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) और Reddit पर कड़ा विरोध हो रहा है। कई यूजर्स ने स्क्रीनशॉट शेयर कर बताया है कि उन्हें वॉलेट रिचार्ज करने या ट्रांजैक्शन करने के SMS मिलने शुरू हो गए हैं, ताकि वे इस पेनाल्टी से बच सकें। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यूजर्स जता रहे नाराजगी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) और रेडिट पर इस फैसले को लेकर यूजर्स ने स्क्रीनशॉट शेयर कर बताया कि उन्हें फोनपे की तरफ से SMS मिल रहे हैं, जिसमें वॉलेट रिचार्ज करने या मेंटेनेंस फीस देने की बात कही जा रही है। यूजर्स इस बात से ज्यादा परेशान हैं कि यह चार्ज सालाना न होकर तिमाही (हर 3 महीने में) के आधार पर लागू हो रहा है, जो उन्हें एक पेनल्टी की तरह लग रहा है। बैलेंस ₹100 से कम होने पर पूरा वॉलेट खाली हो जाएगा कंपनी की नियम और शर्तों के अनुसार, 15 दिन के नोटिस पीरियड के दौरान यूजर्स को कई बार अलर्ट भेजा जाएगा। इसके बाद भी अगर वॉलेट एक्टिव नहीं होता है, तो वॉलेट बैलेंस से फीस काट ली जाएगी। यदि आपके वॉलेट में 100 रुपए से कम का बैलेंस है, तो कंपनी पूरी रकम काट लेगी और वॉलेट बैलेंस को माइनस में ले जाने के बजाय जीरो (0) कर देगी। इसके साथ ही फोनपे के पास अपनी फीस पॉलिसी में बदलाव करने और मौजूदा सर्विसेज पर नए चार्ज लगाने का अधिकार सुरक्षित है। मोबिक्विक और एयरटेल पेमेंट्स बैंक भी लेते हैं चार्ज डिजिटल वॉलेट इंडस्ट्री में इनएक्टिविटी चार्ज लगाने वाली फोनपे पहली कंपनी नहीं है। इससे पहले साल 2021 में मोबिक्विक ने अपने इनएक्टिव यूजर्स पर 100 से 140 रुपए सालाना “वॉलेट मेंटेनेंस चार्ज” लगाने का ऐलान किया था। इसके अलावा एयरटेल पेमेंट्स बैंक भी अपने चार्ज शेड्यूल में इनएक्टिव वॉलेट के लिए मेंटेनेंस फीस की लिस्ट रखता है। इससे साफ है कि डिजिटल वॉलेट बिजनेस मॉडल में अब इनएक्टिविटी पेनल्टी एक सामान्य बात बनती जा रही है। UPI के आने से घटा वॉलेट का इस्तेमाल बाजार में UPI के तेजी से बढ़ने के कारण लोग रोजाना के पेमेंट के लिए वॉलेट का इस्तेमाल बहुत कम करते हैं। इस वजह से कई यूजर्स के वॉलेट में छोटी-मोटी रकम पड़ी रह जाती हैं। टेक कंपनियों का तर्क है कि इन वॉलेट्स को चालू रखने के लिए उन्हें इंफ्रास्ट्रक्चर, कंप्लायंस (नियमों का पालन) और सिक्योरिटी पर लगातार पैसा खर्च करना पड़ता है। इस खर्च को निकालने के लिए ही कंपनियां इनएक्टिविटी फीस वसूलती हैं। हालांकि, फोनपे के बड़े यूजर बेस और तिमाही के आधार पर ₹100 वसूलने के तरीके को यूजर्स काफी आक्रामक मान रहे हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
उद्धव ठाकरे ने यूबीटी सेना प्रमुख पद से इस्तीफे की पेशकश की, बागी सांसदों को ‘देशद्रोही’ बताया | ब्रेकिंग | न्यूज18

सीएनएन नाम, लोगो और सभी संबंधित तत्व ® और © 2026 केबल न्यूज नेटवर्क एलपी, एलएलएलपी। एक टाइम वार्नर कंपनी। सर्वाधिकार सुरक्षित। सीएनएन और सीएनएन लोगो केबल न्यूज नेटवर्क, एलपी एलएलएलपी के पंजीकृत चिह्न हैं, जिन्हें अनुमति के साथ प्रदर्शित किया गया है। NEWS18.com पर या उसके हिस्से के रूप में CNN नाम और/या लोगो का उपयोग उनके संबंध में केबल न्यूज नेटवर्क के बौद्धिक संपदा अधिकारों का हनन नहीं करता है। © कॉपीराइट नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड 2026। सर्वाधिकार सुरक्षित। (टैग्सटूट्रांसलेट)अनिल देसाई(टी)अरविंद सावंत(टी)बीजेपी बनाम शिव सेना(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एकनाथ शिंदे(टी)भारतीय राजनीति(टी)लोक सभा सांसद(टी)महा विकास अघाड़ी(टी)महाराष्ट्र समाचार(टी)महाराष्ट्र राजनीति(टी)महायुति(टी)मुंबई राजनीति(टी)एमवीए(टी)विपक्षी राजनीति(टी)पार्टी दलबदल(टी)राजनीतिक संकट(टी)राजनीतिक समाचार भारत(टी)राजाभाऊ वाजे(टी)शिव सैनिक(टी)शिवसेना(टी)शिवसेना सांसद(टी)शिवसेना विद्रोह(टी)शिवसेना विभाजन(टी)शिवसेना यूबीटी(टी)यूबीटी संकट(टी)उद्धव इस्तीफे की पेशकश(टी)उद्धव ठाकरे(टी)उद्धव ठाकरे नवीनतम
Mithali Raj, T20 World Cup, Womens Cricket, India, Australia, England, West Indies, South Africa, Laura Wolvaardt

Hindi News Sports Cricket Mithali Raj, T20 World Cup, Womens Cricket, India, Australia, England, West Indies, South Africa, Laura Wolvaardt स्पोर्ट्स डेस्क8 मिनट पहले कॉपी लिंक विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में 21 जून को साउथ अफ्रीका के खिलाफ होने वाले मैच में कप्तान लौरा वोल्वार्ट का विकेट भारत के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। शुक्रवार को जियोस्टार मीडिया डे के दौरान ICC टी-20 वर्ल्ड कप की एक्सपर्ट मिताली राज ने कहा, लौरा का विकेट जल्दी मिलने से साउथ अफ्रीकी टीम पर दबाव बनाया जा सकता है। पूर्व भारतीय कप्तान मिताली ने दोनों टीमों के बल्लेबाजी पैटर्न की तुलना करते हुए कहा, लौरा साउथ अफ्रीका के लिए वही रोल निभाती हैं, जो स्मृति मंधाना भारत के लिए करती हैं। लौरा हर मैच में एक छोर संभालकर खेलती हैं और बाकी के बल्लेबाज उनके इर्द-गिर्द बल्लेबाजी करते हैं। उन्होंने आगे कहा, अफ्रीका के लिए पहले 6 ओवरों के पावरप्ले में दिशा तय करने की पूरी जिम्मेदारी लौरा की ओपनिंग पार्टनरशिप और उनके स्टैंड पर टिकी होती है। ऐसे में उनका विकेट भारत के लिए महत्वपूर्ण होगा। फॉर्म में चल रहे बल्लेबाज को आउट करना हर टीम का मुख्य प्लान मिताली ने आगे कहा, किसी भी फॉर्मेट में फॉर्म में चल रहे या सेट बल्लेबाज को जल्दी आउट करना विपक्षी टीम की पहली रणनीति होती है। जैसे हर टीम भारत के खिलाफ स्मृति मंधाना को जल्दी आउट करने का प्लान बनाती है, वैसे ही भारत को लौरा के लिए योजना बनानी होगी। अगर आप इन-फॉर्म बल्लेबाज को पावरप्ले में ही पवेलियन भेज देते हैं, तो आने वाले नए बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ जाता है। टीम इंडिया ग्रुप-1 में 2 मैचौं में 4 पॉइंट्स के साथ टॉप पर है। टीम का अगला मैच 21 जून को साउथ अफ्रीका के खिलाफ होगा। ऑस्ट्रेलिया, भारत, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज हो सकते हैं सेमीफाइनलिस्ट टूर्नामेंट के सेमीफाइनल को लेकर मिताली ने कहा, भारत के ग्रुप से ऑस्ट्रेलिया और भारत नॉकआउट में जगह बनाएंगे, क्योंकि दोनों टीमों ने अपने शुरुआती 2 मैच जीते हैं। वहीं दूसरे ग्रुप से इंग्लैंड की टीम मजबूत स्थिति में है। दूसरे स्थान के लिए न्यूजीलैंड की संभावनाएं कम होने के बाद वेस्टइंडीज और श्रीलंका के बीच कड़ा मुकाबला है, जिसमें वेस्टइंडीज मजबूत दिख रही है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी मिताली के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया को हराने के लिए उसकी ओपनर जॉर्जिया वॉल और एंकर रोल निभाने वाली बेथ मूनी के साथ-साथ फीबी लिचफील्ड का विकेट जल्दी लेना होगा, जो हाई स्ट्राइक रेट से खेलती हैं। ऑस्ट्रेलियाई टीम के पास सीमर्स और स्पिनर्स का बेहतरीन ऑलराउंड अटैक है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुकाबला केवल स्किल का नहीं बल्कि मानसिक मजबूती का होगा। जो टीम दबाव को बेहतर तरीके से झेलेगी और परिस्थितियों के अनुसार तुरंत प्लान बदलेगी, वही जीत दर्ज करेगी। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच ICC महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 का मुकाबला 21 जून को खेला जाएगा। इस मैच का लाइव ब्रॉडकास्ट और स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार और स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर उपलब्ध होगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
‘ये तो सिर्फ ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है’: एकनाथ शिंदे ने और अधिक सेना यूबीटी के दल-बदल के संकेत दिए | भारत समाचार

आखरी अपडेट:19 जून, 2026, 20:48 IST एकनाथ शिंदे ने मराठी अस्मिता पर शिवसेना के फोकस की पुष्टि की, सांसदों और विधायकों की प्रशंसा की, कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की, और महाराष्ट्र में प्रमुख आगामी राजनीतिक कदमों का संकेत दिया। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (पीटीआई) महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने एक सार्वजनिक संबोधन के दौरान मराठी पहचान और इसकी छह दशक की विरासत के प्रति अपनी पार्टी की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए आगे के राजनीतिक घटनाक्रम का संकेत दिया। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए, शिंदे ने घोषणा की, “ये तो सिर्फ ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है” (यह सिर्फ ट्रेलर है, पूरी फिल्म अभी बाकी है), इस टिप्पणी को आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक कदमों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। शिव सेना की उत्पत्ति का जिक्र करते हुए शिंदे ने कहा कि पार्टी की स्थापना 60 साल पहले “मराठी अस्मिता” (मराठी गौरव) के लिए की गई थी और यह मराठी भाषी लोगों के हितों को कायम रखती है। ‘बाघ अकेले शिकार करता है’ तीखी राजनीतिक टिप्पणियों की एक श्रृंखला में, शिवसेना प्रमुख ने अपनी पार्टी के दृष्टिकोण की तुलना अपने प्रतिद्वंद्वियों से की। शिंदे ने कहा, ”कुत्ते समूह में भौंकते हैं, बाघ अकेले शिकार करता है।” उन्होंने कहा कि विरोधियों की आलोचना के बावजूद, शिवसेना आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ती रहेगी। राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने टिप्पणी की कि “कुछ कुत्ते भौंक रहे हैं”, जबकि उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी अपने लक्ष्यों पर केंद्रित है। सांसद, विधायक पार्टी का ‘बहुमूल्य कब्ज़ा’ हैं महाराष्ट्र में राजनीतिक पुनर्गठन की अटकलों के बीच, शिंदे ने अपनी पार्टी की एकता पर जोर दिया और इसके निर्वाचित प्रतिनिधियों की प्रशंसा की। उन्होंने पार्टी विधायकों और सांसदों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “मेरे सभी सांसद और विधायक बहुमूल्य संपत्ति हैं।” यह बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में गठबंधन और नेतृत्व समीकरणों में संभावित बदलाव पर गहन चर्चा देखी गई है। कल्याणकारी योजनाओं पर ध्यान दें शिंदे ने राज्य की कल्याणकारी पहलों, लड़की बहिन कार्यक्रम जैसी योजनाओं के लाभार्थियों को संबोधित करने और “लड़का भाऊ” के संदर्भ के माध्यम से युवाओं तक पहुंचने का भी उल्लेख किया। शिवसेना नेता ने कहा कि उनकी सरकार आम नागरिकों के जीवन में सुधार लाने के उद्देश्य से कल्याण और विकास पहल के लिए प्रतिबद्ध है। भविष्य के राजनीतिक कदमों के संकेत भाषण के दौरान एक बिंदु पर, शिंदे ने कहा कि “हर कोई हमें देख रहा है” और जोर से सोचा कि वह क्या कहेंगे और मंच पर उनके साथ कौन शामिल होगा, जिससे संभावित राजनीतिक विकास के बारे में अटकलें और तेज हो गईं। उन्होंने अपने नेतृत्व और पार्टी के भविष्य पर विश्वास जताते हुए समर्थकों से कहा, “आज, यह बाघ आपके सामने खड़ा है।” इस टिप्पणी से महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल बढ़ने की संभावना है, जहां शिवसेना के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन के घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखी जा रही है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में न्यूज़ डेस्क न्यूज़ डेस्क उत्साही संपादकों और लेखकों की एक टीम है जो भारत और विदेशों में होने वाली सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं का विवरण और विश्लेषण करती है। लाइव अपडेट से लेकर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से लेकर गहन व्याख्याताओं तक…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया ‘ये तो सिर्फ ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है’: एकनाथ शिंदे ने और अधिक सेना यूबीटी के दलबदल के संकेत दिए अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
सरकार अपना काम कर रही है, विपक्ष को मंदिर विवाद का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए: आनंद रंगनाथन | न्यूज18

सीएनएन नाम, लोगो और सभी संबंधित तत्व ® और © 2026 केबल न्यूज नेटवर्क एलपी, एलएलएलपी। एक टाइम वार्नर कंपनी। सर्वाधिकार सुरक्षित। सीएनएन और सीएनएन लोगो केबल न्यूज नेटवर्क, एलपी एलएलएलपी के पंजीकृत चिह्न हैं, जिन्हें अनुमति के साथ प्रदर्शित किया गया है। NEWS18.com पर या उसके हिस्से के रूप में CNN नाम और/या लोगो का उपयोग उनके संबंध में केबल न्यूज नेटवर्क के बौद्धिक संपदा अधिकारों का हनन नहीं करता है। © कॉपीराइट नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड 2026। सर्वाधिकार सुरक्षित। (टैग्सटूट्रांसलेट)आनंद रंगनाथन(टी)जवाबदेही(टी)आनंद रंगनाथन(टी)आनंद रंगनाथन मंदिर विवाद(टी)ब्रेकिंग न्यूज इंडिया(टी)सीएनएन-न्यूज18(टी)सरकारी कार्रवाई(टी)सरकार अपना काम कर रही है(टी)भारतीय राजनीति(टी)जांच(टी)ताजा समाचार(टी)न्यूज18(टी)विपक्ष की राजनीति(टी)विपक्ष को राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए(टी)राजनीतिक बहस(टी)बैठो का गठन(टी)जांच बैठाओ(टी)मंदिर विवाद(टी)मंदिर सरकार द्वारा नियंत्रित नहीं(टी)मंदिर विवाद
ट्रम्प बोले-मेलानी मेरे साथ फोटो खिंचाने के लिए बेताब थीं:इटली PM का जवाब- उनकी कहानी झूठी, विदेश मंत्री ने US दौरा रद्द किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच तनातनी खुलकर सामने आ गई है। ट्रम्प ने दावा किया कि G7 समिट के दौरान मेलोनी उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए बेताब थीं। इस पर मेलोनी ने पलटवार करते हुए कहा कि ट्रम्प की यह कहानी पूरी तरह झूठी और मनगढ़ंत है। ट्रम्प ने इतालवी टीवी चैनल La7 से बातचीत में कहा, “वह मेरे साथ फोटो चाहती थीं। मैं ऐसा नहीं करना चाहता था, लेकिन मुझे उन पर तरस आ गया।” इस पर मेलोनी ने कहा, विवाद बढ़ने के बाद इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तायानी ने अगले हफ्ते का अपना अमेरिकी दौरा रद्द कर दिया। उन्होंने कहा कि ट्रम्प के गंभीर और अपमानजनक शब्द सिर्फ प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि पूरे इटली का अपमान हैं। G7 में साथ दिखे थे ट्रम्प और मेलोनी फ्रांस में हुए G7 शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रम्प और मेलोनी को एक सोफे पर बैठकर लंबी बातचीत करते देखा गया था। हाल के दिनों में दोनों नेताओं के बीच रिश्ते सुधरने के संकेत भी मिले थे, लेकिन ट्रम्प के ताजा बयान के बाद दोनों देशों के बीच फिर तनाव बढ़ गया है। मेलोनी ट्रम्प की पुरानी समर्थक रही हैं और 2025 में उनके शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वाली इकलौती यूरोपीय नेता थीं। हालांकि, इस साल ईरान युद्ध और पोप लियो को लेकर ट्रम्प की टिप्पणियों के बाद दोनों नेताओं के बीच मतभेद सामने आने लगे थे। ट्रम्प पर यूरोप-अमेरिका रिश्ते बिगाड़ने का आरोप मेलोनी के करीबी सहयोगी और प्रधानमंत्री कार्यालय के अंडरसेक्रेटरी जियोवानबातिस्ता फज्जोलारी ने कहा कि ट्रम्प जानबूझकर या अनजाने में अमेरिका और यूरोप के ऐतिहासिक रिश्तों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रम्प के ऐसे बयानों ने पूरे यूरोप में अमेरिका की छवि को नुकसान पहुंचाया है और इसका सबसे ज्यादा नुकसान खुद अमेरिका को होगा। मोदी और मेलोनी की दोस्ती भी चर्चा में इस विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जॉर्जिया मेलोनी के करीबी संबंध भी चर्चा में हैं। दोनों नेता हाल के G7 सम्मेलन समेत कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साथ नजर आए हैं। सोशल मीडिया पर उनकी दोस्ती को #Melodi नाम से भी लोकप्रियता मिली है। फ्रांस के एवियां में आयोजित 2026 G7 सम्मेलन के दौरान मेलोनी ने मजाक में नरेंद्र मोदी से कहा था कि दोनों इंस्टाग्राम के सबसे चर्चित जोड़े हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी की रोम यात्रा के दौरान उन्होंने मेलोनी को भारत की मशहूर मेलोडी टॉफियां भी गिफ्ट की थीं। इस बातचीत से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था और इसे 10 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया। मेलोनी ने सार्वजनिक तौर पर नरेंद्र मोदी को दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेता बताया है। दोनों नेताओं की अनौपचारिक तस्वीरें और सेल्फी सोशल मीडिया पर अक्सर चर्चा में रहती हैं।
कर्नाटक-आंध्र स्टार्टअप विवाद: भूमि विवाद के बीच नारा लोकेश ने सैटेलाइट संस्थापक को आमंत्रित किया | #ब्रासस्टैक्स

आंध्र प्रदेश के आईटी मंत्री नारा लोकेश द्वारा उपग्रह उत्पादन के लिए आंध्र में स्थानांतरित होने के लिए निराश स्टार्टअप संस्थापक को आमंत्रित करने के बाद भूमि विवाद ने कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के बीच एक छोटे अंतरराज्यीय टकराव को जन्म दिया। कर्नाटक के मंत्री ने राज्य की निवेश अपील का बचाव करते हुए कहा कि कर्नाटक स्टार्टअप, नवाचार और उन्नत विनिर्माण के लिए एक मजबूत गंतव्य बना हुआ है। एक्सचेंज स्थानीय भूमि विवाद को व्यापार करने में आसानी, राज्य-स्तरीय प्रतिस्पर्धा, स्टार्टअप नीति और निवेश माहौल पर एक बड़ी बहस में बदल रहा है। -tacksNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 19 जून, 2026, 19:54 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)आंध्र ने स्टार्टअप को आमंत्रित किया है(टी)आंध्र की राजनीति(टी)आंध्र प्रदेश(टी)ब्रेकिंग न्यूज भारत(टी)व्यापार करने में आसानी(टी)उच्च तकनीक विनिर्माण(टी)भारत व्यापार समाचार(टी)भारतीय स्टार्टअप(टी)अंतरराज्यीय तसलीम(टी)निवेश लड़ाई(टी)कर्नाटक(टी)कर्नाटक आंध्र पंक्ति(टी)कर्नाटक निवेश अपील(टी)कर्नाटक राजनीति(टी)भूमि विवाद(टी)नारा लोकेश(टी)नारा लोकेश आईटी मंत्री(टी)सैटेलाइट विनिर्माण(टी)सैटेलाइट उत्पादन(टी)सैटेलाइट स्टार्टअप(टी)स्पेस टेक इंडिया(टी)स्टार्टअप संस्थापक(टी)स्टार्टअप नीति(टी)स्टार्टअप स्थानांतरण
नेटफ्लिक्स पर आएगा समय रैना का विवादित शो:फ्लॉप शोज के बीच क्या अस्तित्व बचाने के लिए विवादित शोज का सहारा; लॉकअप-2 जैसे शो ला चुका

ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स अपने कंटेंट को लेकर एक बार फिर विवादों में घिर सकता है। नेटफ्लिक्स ने स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना के साथ एक नए कोलैबरेशन की घोषणा की है, जिसके तहत उनके बेहद विवादित माने जाने वाले शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के दूसरे सीजन को प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है। अनफिल्टर्ड और कई बार संवेदनशील मुद्दों का मजाक उड़ाने के लिए आलोचना झेलने वाले समय रैना का यह शो 20 जून से स्ट्रीम होगा। नेटफ्लिक्स द्वारा इस तरह के विवादित शो को प्रमोट करने के फैसले पर आने वाले दिनों में सवाल उठ सकते हैं। इससे पहले इस प्लेटफॉर्म पर ‘लॉकअप 2’ जैसे विवादित शो प्रीमियर हो चुके हैं विवादों में रह चुका है शो का कंटेंट स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना का विवादित शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ का सीजन-1 विवादों के चलते बंद किया गया था। तब इस शो में पेरेंट्स पर की गई टिप्पणी कि देशभर में आलोचना हुई थी। अब नेटफ्लिक्स जैसे प्लेटफॉर्म द्वारा इसे प्रमोट करने से इस तरह के अनफिल्टर्ड कंटेंट को और बढ़ावा मिलने की आशंका जताई जा रही है। बाजार में बने रहने के लिए विवादित कंटेंट का सहारा भारतीय ओटीटी बाजार में लगातार फ्लॉप शो देने के बाद नेटफ्लिक्स अब अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए विवादित कंटेंट का सहारा ले रहा है। अमेजन प्राइम और जियोहॉटस्टार जैसे प्लेटफॉर्म्स से मिल रही कड़ी टक्कर के बीच इस तरह के वलगर कंटेंट पर दाव लगाया जा रहा है। बड़े बजट और बड़े सितारों के बावजूद भारतीय दर्शकों से सांस्कृतिक जुड़ाव बनाने में नाकाम रहा यह ग्लोबल प्लेटफॉर्म अब मास ऑडियंस को खींचने के लिए अनफिल्टर्ड और विवादित शोज पर दांव लगा रहा है। बड़े सितारों पर दांव फेल, नहीं बना पाए दर्शकों से कनेक्शन नेटफ्लिक्स ने पिछले कुछ समय में सैफ अली खान, माधुरी दीक्षित, करीना कपूर और बॉबी देओल जैसे बड़े स्टार्स के साथ कई प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए। हाल ही में आए सैफ अली खान के ‘कर्तव्य’ और ‘ज्वेल थीफ’ जैसे शोज की काफी चर्चा हुई, लेकिन रिलीज के बाद ये दर्शकों पर कोई गहरा प्रभाव नहीं छोड़ सके। इसी तरह माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी की ‘मां-बहन’ को लेकर भी सोशल मीडिया पर कुछ दिन बातें हुईं और फिर लोग इसे भूल गए। फिल्म निर्देशक विवेक शर्मा का मानना है कि नेटफ्लिक्स ने सिर्फ बड़े प्रोजेक्ट्स बनाने पर ध्यान दिया, जबकि दूसरे प्लेटफॉर्म्स ने ऐसे किरदार बनाए जो आम लोगों की बातचीत का हिस्सा बन गए। अमेजन और जियोहॉटस्टार से पिछड़ने के बाद बदली रणनीति भारत के ओटीटी बाजार में अमेजन प्राइम वीडियो अपनी मजबूत फ्रेंचाइजी के कारण काफी आगे निकल चुका है। ओरमैक्स मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, शाहिद कपूर की ‘फर्जी’ 3.71 करोड़ दर्शकों के साथ भारत की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली सीरीज बनी थी। इसके अलावा ‘मिर्जापुर’ और ‘पंचायत’ के किरदार भारतीय पॉप कल्चर का हिस्सा बन चुके हैं। ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन के अनुसार, नेटफ्लिक्स ने शुरुआत से खुद को एक प्रीमियम और महंगे प्लेटफॉर्म के रूप में पेश किया, जबकि भारत एक प्राइस-सेंसिटिव मार्केट है। अमेजन प्राइम और दूसरे प्लेटफॉर्म्स ने कम कीमत में जमीनी कहानियां दीं, जिससे नेटफ्लिक्स का दायरा सिर्फ महानगरों के अंग्रेजी भाषी दर्शकों तक सीमित रह गया। रचनात्मकता की जगह लॉबी और बड़े बैनरों पर भरोसा डायरेक्टर विवेक शर्मा का कहना है कि नेटफ्लिक्स की सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ फ्लॉप शो नहीं, बल्कि उसका कंटेंट विजन है। प्लेटफॉर्म पर रचनात्मकता के बजाय रिश्तों, लॉबी और स्थापित प्रोडक्शन हाउस के प्रभाव में फैसले लिए जाते हैं। एक ही ग्रुप को बार-बार बड़े प्रोजेक्ट मिलने से नए विचारों और ताजा कहानियों को जगह नहीं मिल पा रही है। विवेक शर्मा के मुताबिक, कई ऐसे लोग कंटेंट से जुड़े फैसले ले रहे हैं जिन्होंने खुद कोई बड़ी रचनात्मक सफलता हासिल नहीं की है। यही कारण है कि स्टार्स होने के बावजूद नेटफ्लिक्स के शो लगातार फ्लॉप हो रहे हैं और वह दर्शकों से दूर होता जा रहा है। लेखक धीरज मिश्रा का मानना है कि ‘लॉकअप’ का पहला सीजन एमएक्स प्लेयर पर इसलिए सफल हुआ था क्योंकि वह आम दर्शकों का प्लेटफॉर्म था। अब नेटफ्लिक्स का इस तरफ बढ़ना दिखाता है कि वह अपनी प्रीमियम इमेज छोड़कर हर हाल में व्यूअरशिप हासिल करना चाहता है। अगर यह प्रयोग भी फेल हुआ, तो प्लेटफॉर्म के लिए भारत में टिकना मुश्किल हो जाएगा।
नेटफ्लिक्स पर आएगा समय रैना का विवादित शो:फ्लॉप शोज के बीच क्या अस्तित्व बचाने के लिए विवादित शोज का सहारा; लॉकअप-2 जैसे शो ला चुका

ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स अपने कंटेंट को लेकर एक बार फिर विवादों में घिर सकता है। नेटफ्लिक्स ने स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना के साथ एक नए कोलैबरेशन की घोषणा की है, जिसके तहत उनके बेहद विवादित माने जाने वाले शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के दूसरे सीजन को प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है। अनफिल्टर्ड और कई बार संवेदनशील मुद्दों का मजाक उड़ाने के लिए आलोचना झेलने वाले समय रैना का यह शो 20 जून से स्ट्रीम होगा। नेटफ्लिक्स द्वारा इस तरह के विवादित शो को प्रमोट करने के फैसले पर आने वाले दिनों में सवाल उठ सकते हैं। इससे पहले इस प्लेटफॉर्म पर ‘लॉकअप 2’ जैसे विवादित शो प्रीमियर हो चुके हैं विवादों में रह चुका है शो का कंटेंट स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना का विवादित शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ का सीजन-1 विवादों के चलते बंद किया गया था। तब इस शो में पेरेंट्स पर की गई टिप्पणी कि देशभर में आलोचना हुई थी। अब नेटफ्लिक्स जैसे प्लेटफॉर्म द्वारा इसे प्रमोट करने से इस तरह के अनफिल्टर्ड कंटेंट को और बढ़ावा मिलने की आशंका जताई जा रही है। बाजार में बने रहने के लिए विवादित कंटेंट का सहारा भारतीय ओटीटी बाजार में लगातार फ्लॉप शो देने के बाद नेटफ्लिक्स अब अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए विवादित कंटेंट का सहारा ले रहा है। अमेजन प्राइम और जियोहॉटस्टार जैसे प्लेटफॉर्म्स से मिल रही कड़ी टक्कर के बीच इस तरह के वलगर कंटेंट पर दाव लगाया जा रहा है। बड़े बजट और बड़े सितारों के बावजूद भारतीय दर्शकों से सांस्कृतिक जुड़ाव बनाने में नाकाम रहा यह ग्लोबल प्लेटफॉर्म अब मास ऑडियंस को खींचने के लिए अनफिल्टर्ड और विवादित शोज पर दांव लगा रहा है। बड़े सितारों पर दांव फेल, नहीं बना पाए दर्शकों से कनेक्शन नेटफ्लिक्स ने पिछले कुछ समय में सैफ अली खान, माधुरी दीक्षित, करीना कपूर और बॉबी देओल जैसे बड़े स्टार्स के साथ कई प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए। हाल ही में आए सैफ अली खान के ‘कर्तव्य’ और ‘ज्वेल थीफ’ जैसे शोज की काफी चर्चा हुई, लेकिन रिलीज के बाद ये दर्शकों पर कोई गहरा प्रभाव नहीं छोड़ सके। इसी तरह माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी की ‘मां-बहन’ को लेकर भी सोशल मीडिया पर कुछ दिन बातें हुईं और फिर लोग इसे भूल गए। फिल्म निर्देशक विवेक शर्मा का मानना है कि नेटफ्लिक्स ने सिर्फ बड़े प्रोजेक्ट्स बनाने पर ध्यान दिया, जबकि दूसरे प्लेटफॉर्म्स ने ऐसे किरदार बनाए जो आम लोगों की बातचीत का हिस्सा बन गए। अमेजन और जियोहॉटस्टार से पिछड़ने के बाद बदली रणनीति भारत के ओटीटी बाजार में अमेजन प्राइम वीडियो अपनी मजबूत फ्रेंचाइजी के कारण काफी आगे निकल चुका है। ओरमैक्स मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, शाहिद कपूर की ‘फर्जी’ 3.71 करोड़ दर्शकों के साथ भारत की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली सीरीज बनी थी। इसके अलावा ‘मिर्जापुर’ और ‘पंचायत’ के किरदार भारतीय पॉप कल्चर का हिस्सा बन चुके हैं। ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन के अनुसार, नेटफ्लिक्स ने शुरुआत से खुद को एक प्रीमियम और महंगे प्लेटफॉर्म के रूप में पेश किया, जबकि भारत एक प्राइस-सेंसिटिव मार्केट है। अमेजन प्राइम और दूसरे प्लेटफॉर्म्स ने कम कीमत में जमीनी कहानियां दीं, जिससे नेटफ्लिक्स का दायरा सिर्फ महानगरों के अंग्रेजी भाषी दर्शकों तक सीमित रह गया। रचनात्मकता की जगह लॉबी और बड़े बैनरों पर भरोसा डायरेक्टर विवेक शर्मा का कहना है कि नेटफ्लिक्स की सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ फ्लॉप शो नहीं, बल्कि उसका कंटेंट विजन है। प्लेटफॉर्म पर रचनात्मकता के बजाय रिश्तों, लॉबी और स्थापित प्रोडक्शन हाउस के प्रभाव में फैसले लिए जाते हैं। एक ही ग्रुप को बार-बार बड़े प्रोजेक्ट मिलने से नए विचारों और ताजा कहानियों को जगह नहीं मिल पा रही है। विवेक शर्मा के मुताबिक, कई ऐसे लोग कंटेंट से जुड़े फैसले ले रहे हैं जिन्होंने खुद कोई बड़ी रचनात्मक सफलता हासिल नहीं की है। यही कारण है कि स्टार्स होने के बावजूद नेटफ्लिक्स के शो लगातार फ्लॉप हो रहे हैं और वह दर्शकों से दूर होता जा रहा है। लेखक धीरज मिश्रा का मानना है कि ‘लॉकअप’ का पहला सीजन एमएक्स प्लेयर पर इसलिए सफल हुआ था क्योंकि वह आम दर्शकों का प्लेटफॉर्म था। अब नेटफ्लिक्स का इस तरफ बढ़ना दिखाता है कि वह अपनी प्रीमियम इमेज छोड़कर हर हाल में व्यूअरशिप हासिल करना चाहता है। अगर यह प्रयोग भी फेल हुआ, तो प्लेटफॉर्म के लिए भारत में टिकना मुश्किल हो जाएगा।
तमिलनाडु के सीएम विजय द्वारा कर्नाटक के मेकेदातु बांध परियोजना का विरोध करने से कावेरी विवाद गहरा गया है

कावेरी नदी विवाद और गहरा गया है क्योंकि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने कर्नाटक की मेकेदातु बांध परियोजना का विरोध किया है, जिससे पानी के अधिकार, पीने के पानी की जरूरतों और पर्यावरणीय प्रभाव पर नई चिंताएं पैदा हो रही हैं। यह मुद्दा कांग्रेस-टीवीके गठबंधन के भीतर भी दरार पैदा कर रहा है, तमिलनाडु ने परियोजना के लिए कर्नाटक के दबाव पर कड़ी आपत्ति जताई है। कर्नाटक का तर्क है कि मेकेदातु परियोजना का उद्देश्य पीने के पानी और बिजली की जरूरतों को पूरा करना है, जबकि तमिलनाडु को डर है कि इससे कावेरी जल का उसका उचित हिस्सा प्रभावित हो सकता है। चूंकि दोनों राज्य नदी अधिकारों पर टकराव कर रहे हैं, इसलिए यह विवाद संघीय संबंधों, गठबंधन राजनीति, किसानों, शहरी पेयजल आपूर्ति और पर्यावरण शासन पर प्रभाव के साथ एक प्रमुख राजनीतिक टकराव में बदल रहा है। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_brass-tacksNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 19 जून, 2026, 19:40 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज इंडिया(टी)कावेरी विवाद(टी)कावेरी जल बंटवारा(टी)सीएम विजय(टी)कांग्रेस टीवीके गठबंधन(टी)कांग्रेस टीवीके दरार(टी)पेयजल की जरूरतें(टी)पर्यावरण संबंधी चिंताएं(टी)किसान जल मुद्दा(टी)भारतीय राजनीति(टी)अंतर राज्य जल विवाद(टी)कर्नाटक(टी)कर्नाटक मेकेदातु(टी)कर्नाटक तमिलनाडु पानी विवाद(टी)कावेरी नदी विवाद(टी)कावेरी जल अधिकार(टी)मेकेदातु बांध(टी)मेकेदातु परियोजना(टी)नदी जल विवाद(टी)दक्षिण भारत की राजनीति(टी)तमिलनाडु(टी)तमिलनाडु सीएम विजय(टी)तमिलनाडु ने मेकेदातु(टी)टीवीके का विरोध किया







