NEET UG 2026 Re-Exam Advisory: Dress Code & Entry Rules

5 मिनट पहले कॉपी लिंक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से 21 जून 2026 को होने जा रही NEET UG री-एग्जाम के लिए एडवाइजरी जारी हो चुकी है। परीक्षा केंद्रों पर किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने और सुरक्षा के लिए NTA ने 20 जून को सभी सेंटर्स पर मॉक ड्रिल के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा छात्रों के लिए ड्रेस कोड और जरूरी नियमों की लिस्ट जारी की है जो इस तरह है : एग्जाम से संबंधित किसी भी तरह के डाउट या जानकारी के लिए छात्र एनटीए के हेल्पलाइन नंबर 011-40759000 या ईमेल neetug2026@nta.ac.in पर संपर्क कर सकते हैं। पहली बार दिए जाएंगे अतिरिक्त 15 मिनट Re-NEET 2026 परीक्षा की अवधि 15 मिनट बढ़ा दी गई है। इस बदलाव का उद्देश्य उम्मीदवारों को अतिरिक्त समय उपलब्ध कराना है। NTA ने निर्देश पढ़ने, फोटो लगाने या सिग्नेचर करने की वजह से होने वाली देर को को कम करने के लिए 15 मिनट टाइम बढ़ाया है। एग्जाम सेंटर पर ले जाने वाले जरूरी डॉक्यूमेंट्स : री-नीट एडमिट कार्ड पासपोर्ट आकार फोटो वैलिड फोटो पहचान पत्र PwD/PwBD प्रमाणपत्र (यदि लागू हो) एग्जाम सेंटर पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन होगा परीक्षा के दिन सुरक्षा जांच (फ्रिस्किंग) पूरी होने के बाद सभी उम्मीदवारों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराना होगा। इसमें फिंगरप्रिंट और चेहरे की पहचान (Face Recognition) शामिल होगी। यह प्रक्रिया परीक्षा शुरू होने से पहले पूरी की जाएगी। यदि किसी उम्मीदवार का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन तकनीकी या अन्य कारणों से पूरा नहीं हो पाता है, तब भी उसे परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र पर एक लिखित अंडरटेकिंग (घोषणा-पत्र) भरना होगा। पेपर लीक के चलते 12 मई को रद्द हुई थी एग्जाम NEET-UG परीक्षा 3 मई 2026 को हुई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को NTA ने इसे रद्द कर दिया। मामले की जांच CBI कर रही है और अब 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा होगी। NEET UG 2026 परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम को 5:15 बजे तक होगी। लेकिन एग्जाम सेंटर पर चेकिंग सुबह 11 बजे से शुरू हो जाएगी और 1:30 बजे के बाद एंट्री नहीं दी जाएगी। ऐसे में उम्मीदवारों को समय से पहले एग्जाम सेंटर पर पहुंचने की सलाह दी जाती है। एग्जाम प्रोसेस पर 5 लाख से ज्यादा सुरक्षाकर्मी, 6 हजार से ज्यादा सुपरवाइजर और 674 सिटी कोऑर्डिनेटर नजर रखेंगे। लोक परीक्षा अधिनियम 2024 के तहत पेपर लीक और नकल के मामलों में 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपए के जुर्माने का भी प्रावधान है। NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में एडमिशन के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी। इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में एडमिशन मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। ————— ये खबर भी पढ़ें… NEET के बाद, UPSC सिविल सर्विस भर्ती पर भी विवाद: प्रीलिम्स का पैटर्न बदलने का आरोप, पिछले साल से कम कैंडिडेट्स ने क्वालिफाई किया एग्जाम एजेंसी NTA के बाद अब UPSC को भी छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। 24 मई 2026 को UPSC सिविल सर्विस प्रीलिम्स का एग्जाम हुआ। उम्मीदवारों ने इस साल के पेपर को यूपीएससी का अब तक का सबसे टफ पेपर बताया है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
अमेरिका 32 साल बाद फुटबॉल वर्ल्डकप के नॉकआउट में पहुंचा:ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराया; साइबारी का सबसे तेज गोल, मोरक्को ग्रुप-सी के टॉप पर

मेजबान अमेरिका ने फुटबॉल वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 32 में प्रवेश कर लिया है। उसने शनिवार के पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराया। अमेरिकी टीम ने 32 साल बाद नॉकआउट राउंड में जगह बनाई है। सिएटल स्टेडियम में ग्रुप-डी के मैच में स्टार फॉरवर्ड क्रिश्चियन पुलिसिक की गैरमौजूदगी में उतरी अमेरिकी टीम ने इस एडिशन में लगातार दूसरी जीत दर्ज की है। पुलिसिक पिंडली की चोट के कारण इस मुकाबले में नहीं खेल सके। लेकिन, टीम को उनकी कमी नहीं खली। अमेरिका ने इससे पहले अपने पहले मुकाबले में पराग्वे को 4-1 से हराया था। टीम ग्रुप-डी में 6 अंक के साथ पहले स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया दूसरे नंबर पर है। तुर्किए और पराग्वे एक-एक अंक के साथ तीसरे और चौके नंबर पर हैं। बर्गेस का आत्मघाती गोल, अमेरिका को बढ़त मैच के 11वें मिनट में अमेरिका को बढ़त मिली, जब फोलारिन बालोगुन के क्रॉस को रोकने की कोशिश में ऑस्ट्रेलियाई डिफेंडर कैमरून बर्गेस ने आत्मघाती गोल कर दिया। फ्रीमैन ने हेडर से गोल दागा पहले हाफ के 43वें मिनट में अमेरिका ने अपनी बढ़त दोगुनी कर दी। सिर्जिनो डेस्ट के डिफ्लेक्टेड प्रयास को एलेक्स फ्रीमैन ने हेडर से गोल में बदल दिया। वीडियो रिव्यू के बाद गोल को मंजूरी मिली। यह 21 साल फ्रीमैन का विश्व कप में पहला गोल था। मैच 30: स्कॉटलैंड Vs मोरक्को; 0-1 साइबारी का लगातार दूसरे मैच में गोल, मोरक्को जीता मोरक्को ने फुटबॉल वर्ल्ड कप के ग्रुप-सी मैच में स्कॉटलैंड को 1-0 से हराया। टीम 4 अंक के साथ ग्रुप सी के टॉप पर है। उसने पहले मैच में ब्राजील को ड्रॉ पर रोका था। बूस्टन स्टेडियम में खेले गए इस मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल स्ट्राइकर इस्माइल साइबारी ने किया, जो विश्व कप 2026 का अब तक का सबसे तेज गोल और विश्व कप इतिहास में मोरक्को का सबसे तेज गोल भी बन गया। ब्राहिम डियाज के सटीक पास पर साइबारी स्कॉटलैंड के डिफेंस को भेदते हुए आगे बढ़े और गोलकीपर एंगस गन को छकाकर गेंद को गोल पोस्ट में डाल दिया। वे वर्ल्ड कप में अपने शुरुआती दो मुकाबलों में गोल करने वाले केवल दूसरे अफ्रीकी खिलाड़ी बने हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि मिस्र के मोहम्मद सलाह ने 2018 विश्व कप में हासिल की थी।
अमेरिका 32 साल बाद फुटबॉल वर्ल्डकप के नॉकआउट में पहुंचा:ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराया; साइबारी का सबसे तेज गोल, मोरक्को ग्रुप-सी के टॉप पर

मेजबान अमेरिका ने फुटबॉल वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 32 में प्रवेश कर लिया है। उसने शनिवार के पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराया। अमेरिकी टीम ने 32 साल बाद नॉकआउट राउंड में जगह बनाई है। सिएटल स्टेडियम में ग्रुप-डी के मैच में स्टार फॉरवर्ड क्रिश्चियन पुलिसिक की गैरमौजूदगी में उतरी अमेरिकी टीम ने इस एडिशन में लगातार दूसरी जीत दर्ज की है। पुलिसिक पिंडली की चोट के कारण इस मुकाबले में नहीं खेल सके। लेकिन, टीम को उनकी कमी नहीं खली। अमेरिका ने इससे पहले अपने पहले मुकाबले में पराग्वे को 4-1 से हराया था। टीम ग्रुप-डी में 6 अंक के साथ पहले स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया दूसरे नंबर पर है। तुर्किए और पराग्वे एक-एक अंक के साथ तीसरे और चौके नंबर पर हैं। बर्गेस का आत्मघाती गोल, अमेरिका को बढ़त मैच के 11वें मिनट में अमेरिका को बढ़त मिली, जब फोलारिन बालोगुन के क्रॉस को रोकने की कोशिश में ऑस्ट्रेलियाई डिफेंडर कैमरून बर्गेस ने आत्मघाती गोल कर दिया। फ्रीमैन ने हेडर से गोल दागा पहले हाफ के 43वें मिनट में अमेरिका ने अपनी बढ़त दोगुनी कर दी। सिर्जिनो डेस्ट के डिफ्लेक्टेड प्रयास को एलेक्स फ्रीमैन ने हेडर से गोल में बदल दिया। वीडियो रिव्यू के बाद गोल को मंजूरी मिली। यह 21 साल फ्रीमैन का विश्व कप में पहला गोल था। मैच 30: स्कॉटलैंड Vs मोरक्को; 0-1 साइबारी का लगातार दूसरे मैच में गोल, मोरक्को जीता मोरक्को ने फुटबॉल वर्ल्ड कप के ग्रुप-सी मैच में स्कॉटलैंड को 1-0 से हराया। टीम 4 अंक के साथ ग्रुप सी के टॉप पर है। उसने पहले मैच में ब्राजील को ड्रॉ पर रोका था। बूस्टन स्टेडियम में खेले गए इस मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल स्ट्राइकर इस्माइल साइबारी ने किया, जो विश्व कप 2026 का अब तक का सबसे तेज गोल और विश्व कप इतिहास में मोरक्को का सबसे तेज गोल भी बन गया। ब्राहिम डियाज के सटीक पास पर साइबारी स्कॉटलैंड के डिफेंस को भेदते हुए आगे बढ़े और गोलकीपर एंगस गन को छकाकर गेंद को गोल पोस्ट में डाल दिया। वे वर्ल्ड कप में अपने शुरुआती दो मुकाबलों में गोल करने वाले केवल दूसरे अफ्रीकी खिलाड़ी बने हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि मिस्र के मोहम्मद सलाह ने 2018 विश्व कप में हासिल की थी।
ईरान बोला- समझौता टूटा तो अमेरिका जिम्मेदार होगा:लेबनान समेत सभी मोर्चों पर जंग खत्म कराए वॉशिंगटन; हिजबुल्लाह बोला- इजराइल का कब्जा मंजूर नहीं

ईरान ने कहा है कि लेबनान समेत सभी मोर्चों पर जंग खत्म कराने की जिम्मेदारी अमेरिका की है। अगर समझौते का उल्लंघन होता है, तो इसके लिए वॉशिंगटन को जिम्मेदार माना जाएगा। यह बयान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार से फोन पर बातचीत में दिया। इधर, इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम लागू होने की खबरों के कुछ घंटे बाद हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने कहा कि संगठन इजराइली कब्जे को कभी स्वीकार नहीं करेगा। बेरूत में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह कब्जे वाली जमीन को मुक्त कराने के अपने लक्ष्य पर कायम है। संगठन लेबनान के संविधान के दायरे में काम करता है और विदेशी दबदबे को खारिज करता है। कासिम ने कहा, अगर दुश्मन हमारे खिलाफ हथियारों का इस्तेमाल करता है, तो हम भी हथियारों से जवाब देंगे। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान-अमेरिका वार्ता टली: अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने वाली पहली औपचारिक वार्ता टाल दी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लेबनान में लगातार इजराइली हमलों को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद बने हुए हैं। 2. लेबनान में इजराइली हमलों में 47 लोगों की मौत: लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान और बेका घाटी में शुक्रवार देर रात से हुए इजराइली हवाई हमलों में 47 लोग मारे गए और 97 घायल हुए। 2 मार्च से अब तक मरने वालों की संख्या 3,980 पहुंच गई है। 3. होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बढ़ी: अमेरिका-ईरान समझौते के बाद 18 जून को 25 कारोबारी जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे। यह अप्रैल के बाद एक दिन में सबसे ज्यादा संख्या है। हालांकि, 500 से ज्यादा जहाज और 11 हजार नाविक अब भी खाड़ी में फंसे हुए हैं। 4. ट्रम्प बोले- ईरान को एक पैसा भी नहीं मिलेगा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका मजबूरी में बातचीत की मेज पर नहीं आया, बल्कि ईरान खुद आया है। उन्होंने कहा कि अगले 60 दिनों तक ईरान को अमेरिका से एक पैसा भी नहीं मिलेगा। 5. पाकिस्तानी PM ने सऊदी क्राउन प्रिंस से की बात: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने साऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय शांति और अगले दौर की बातचीत को कूटनीति और संवाद के जरिए आगे बढ़ाने पर जोर दिया। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
Vivek Agrawal FATF VP | Global Money Laundering & Terror Funding Watchdog

Hindi News National Vivek Agrawal FATF VP | Global Money Laundering & Terror Funding Watchdog नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक विवेक अग्रवाल 1994 बैच के IAS हैं। File भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता मिली है। भारत सरकार के सचिव विवेक अग्रवाल को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) का उपाध्यक्ष चुना गया है। FATF दुनिया भर में मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद की फंडिंग पर नजर रखने वाली सबसे अहम संस्थाओं में से एक है। विदेश मंत्रालय ने इसे भारत के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। मंत्रालय का कहना है कि यह नियुक्ति आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति और वैश्विक स्तर पर आतंकियों की फंडिंग रोकने के प्रयासों को और मजबूती देगी। 1994 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी विवेक अग्रवाल फिलहाल संस्कृति मंत्रालय में सचिव हैं। उन्हें प्रशासनिक सेवा में तीन दशक से अधिक का अनुभव है। इससे पहले वह वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग में अतिरिक्त सचिव की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वैश्विक वित्तीय सुरक्षा में बढ़ेगी भारत की भूमिका विदेश मंत्रालय के अनुसार, विवेक अग्रवाल का चुनाव इस बात का संकेत है कि वैश्विक वित्तीय सुरक्षा और अवैध धन के खिलाफ कार्रवाई में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। FATF दुनिया के देशों के लिए ऐसे नियम और मानक तय करती है, जिनका उद्देश्य मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद की फंडिंग पर रोक लगाना है। FATF में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं अग्रवाल विवेक अग्रवाल पहले FATF में भारत के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर चुके हैं। वह फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट-इंडिया (FIU-IND) के निदेशक भी रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने आर्थिक अपराध, मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय खुफिया से जुड़े मामलों पर काम किया। भारत की बढ़ती विश्वसनीयता का संकेत संस्कृति मंत्रालय ने कहा कि FATF में यह जिम्मेदारी मिलना दुनिया के 200 से अधिक देशों और क्षेत्रों के बीच भारत की बढ़ती विश्वसनीयता का प्रमाण है। मंत्रालय के अनुसार, डिजिटल पेमेंट, वर्चुअल एसेट्स और नए वित्तीय जोखिमों से जुड़े वैश्विक नियम बनाने में भी भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है। FATF ने पहलगाम हमले की निंदा की थी जून 2025 में FATF ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की थी और सभी देशों से आतंक की फंडिंग रोकने की अपील की थी। इसके बाद, भारत ने FATF को पाकिस्तान को दोबारा ‘ग्रे लिस्ट’ में डालने का औपचारिक अनुरोध दिया था। भारत का आरोप है कि पाकिस्तान से हो रही फंडिंग के कारण ही सीमा पार से आतंकी गतिविधियां चल रही हैं। …………… यह खबर भी पढ़ें… ISI से जुड़े आतंकी मॉड्यूल के पांच और आरोपी अरेस्ट: पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने का टार्गेट दिया गया था, दो दिन में अब तक 12 गिरफ्तार दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 17 जून को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े आतंकी मॉड्यूल के पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले मंगलवार को इस मॉड्यूल के 7 अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस तरह दो दिनो में मॉड्यूल के 12 सदस्य गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि एक फरार है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
दावा- शीर्ष अमेरिकी वैज्ञानिक ने वुहान लैब को फंडिंग दी:अमेरिका की पूर्व खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड ने कहा- डॉ. फॉसी ने कसम खाकर झूठ बोला

अमेरिका की पूर्व खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड ने कार्यालय में अपने अंतिम दिन बड़े वैज्ञानिक डॉ. एंथनी फॉसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कुछ गोपनीय दस्तावेज जारी कर दावा किया है कि डॉ. फॉसी ने चीन की वुहान लैब को लाखों डॉलर की सरकारी फंडिंग दी थी। इस पैसे का इस्तेमाल चमगादड़ के कोरोना वायरस को और खतरनाक बनाने वाली रिसर्च के लिए हुआ। आरोप है कि जब महामारी फैली, तो डॉ. फॉसी ने ये बात दबाई कि वायरस लैब से लीक हुआ था। गबार्ड के मुताबिक, डॉ. फॉसी ने 2024 में अमेरिकी संसद के सामने कसम खाने के बाद भी झूठ बोला था। आरोप- डॉ. फॉसी ने लैब से कोरोना फैलने की बात दबाई 2020 में जब अमेरिका में कोरोना फैला, तो ट्रम्प सरकार ने इससे निपटने की जिम्मेदारी डॉ. फॉसी को सौंपी थी। ट्रम्प सरकार की डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस की हेड थीं तुलसी ट्रम्प की सरकार की टॉप हिंदू अधिकारी तुलसी गबार्ड ने 22 मई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। तुलसी अमेरिका की ‘डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस’ हेड हैं, उनके अंडर 18 सीक्रेट एजेंसियां काम करती हैं। फॉक्स न्यूज के मुताबिक, उनके पति एक बेहद दुर्लभ हड्डी के कैंसर से जूझ रहे हैं और गबार्ड इस मुश्किल समय में उनके साथ रहना चाहती हैं।रिपोर्ट के अनुसार, गबार्ड ने शुक्रवार को ओवल ऑफिस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात के दौरान उन्हें अपने इस्तीफे की जानकारी दी थी। गबार्ड ने अपने चिट्ठी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का धन्यवाद भी किया और कहा था कि नेशनल इंटेलिजेंस ऑफिस का नेतृत्व करना उनके लिए सम्मान की बात रही। पूरी खबर पढ़ें… भारतवंशी नहीं हैं तुलसी गबार्ड तुलसी को उनके नाम की वजह से कई बार भारतवंशी कहा जाता है। हालांकि वे भारतवंशी नहीं हैं। वे खुद कई बार ऐसा कह चुकी हैं। तुलसी का जन्म एक समोअन अमेरिकी परिवार में हुआ था। उनके पिता कैथोलिक थे। मां भी ईसाई थी जिन्होंने बाद में हिन्दू धर्म अपना लिया। तुलसी भी पहले ईसाई थीं लेकिन बाद में उन्होंने हिन्दू धर्म अपना लिया। ——————- यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले-मेलोनी मेरे साथ फोटो खिंचाने के लिए बेताब थीं: इटली PM का जवाब- उनकी कहानी झूठी, विदेश मंत्री ने US दौरा रद्द किया इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक बयान पर नाराजगी जाहिर की है। ट्रम्प ने दावा किया था कि G7 शिखर सम्मेलन के दौरान मेलोनी उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए बेताब थीं। इस पर मेलोनी ने कहा कि ट्रम्प की यह कहानी पूरी तरह झूठी और मनगढ़ंत है। पूरी खबर पढ़ें…
दावा- शीर्ष अमेरिकी वैज्ञानिक ने वुहान लैब को फंडिंग दी:अमेरिका की पूर्व खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड ने कहा- डॉ. फॉसी ने कसम खाकर झूठ बोला

अमेरिका की पूर्व खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड ने कार्यालय में अपने अंतिम दिन बड़े वैज्ञानिक डॉ. एंथनी फॉसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कुछ गोपनीय दस्तावेज जारी कर दावा किया है कि डॉ. फॉसी ने चीन की वुहान लैब को लाखों डॉलर की सरकारी फंडिंग दी थी। इस पैसे का इस्तेमाल चमगादड़ के कोरोना वायरस को और खतरनाक बनाने वाली रिसर्च के लिए हुआ। आरोप है कि जब महामारी फैली, तो डॉ. फॉसी ने ये बात दबाई कि वायरस लैब से लीक हुआ था। गबार्ड के मुताबिक, डॉ. फॉसी ने 2024 में अमेरिकी संसद के सामने कसम खाने के बाद भी झूठ बोला था। आरोप- डॉ. फॉसी ने लैब से कोरोना फैलने की बात दबाई 2020 में जब अमेरिका में कोरोना फैला, तो ट्रम्प सरकार ने इससे निपटने की जिम्मेदारी डॉ. फॉसी को सौंपी थी। ट्रम्प सरकार की डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस की हेड थीं तुलसी ट्रम्प की सरकार की टॉप हिंदू अधिकारी तुलसी गबार्ड ने 22 मई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। तुलसी अमेरिका की ‘डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस’ हेड हैं, उनके अंडर 18 सीक्रेट एजेंसियां काम करती हैं। फॉक्स न्यूज के मुताबिक, उनके पति एक बेहद दुर्लभ हड्डी के कैंसर से जूझ रहे हैं और गबार्ड इस मुश्किल समय में उनके साथ रहना चाहती हैं।रिपोर्ट के अनुसार, गबार्ड ने शुक्रवार को ओवल ऑफिस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात के दौरान उन्हें अपने इस्तीफे की जानकारी दी थी। गबार्ड ने अपने चिट्ठी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का धन्यवाद भी किया और कहा था कि नेशनल इंटेलिजेंस ऑफिस का नेतृत्व करना उनके लिए सम्मान की बात रही। पूरी खबर पढ़ें… भारतवंशी नहीं हैं तुलसी गबार्ड तुलसी को उनके नाम की वजह से कई बार भारतवंशी कहा जाता है। हालांकि वे भारतवंशी नहीं हैं। वे खुद कई बार ऐसा कह चुकी हैं। तुलसी का जन्म एक समोअन अमेरिकी परिवार में हुआ था। उनके पिता कैथोलिक थे। मां भी ईसाई थी जिन्होंने बाद में हिन्दू धर्म अपना लिया। तुलसी भी पहले ईसाई थीं लेकिन बाद में उन्होंने हिन्दू धर्म अपना लिया। ——————- यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले-मेलोनी मेरे साथ फोटो खिंचाने के लिए बेताब थीं: इटली PM का जवाब- उनकी कहानी झूठी, विदेश मंत्री ने US दौरा रद्द किया इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक बयान पर नाराजगी जाहिर की है। ट्रम्प ने दावा किया था कि G7 शिखर सम्मेलन के दौरान मेलोनी उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए बेताब थीं। इस पर मेलोनी ने कहा कि ट्रम्प की यह कहानी पूरी तरह झूठी और मनगढ़ंत है। पूरी खबर पढ़ें…
फिल्म से जुड़ीं तो लौटीं बंटवारे की यादें:अंजना सुखानी बोलीं- धूप में खड़ी थी, अमिताभ बच्चन ने कुर्सी और छाता भिजवाया

इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में मेहर का किरदार निभा रहीं अंजना सुखानी ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में फिल्म, करियर और जिंदगी से जुड़े किस्से साझा किए। उन्होंने बताया कि उनके परिवार का पार्टीशन से गहरा जुड़ाव रहा और इस दौर की कहानियों ने फिल्म को उनके लिए निजी बना दिया। बातचीत में उन्होंने अमिताभ बच्चन की विनम्रता और शाहरुख खान की इंसानियत से जुड़े अनुभव भी साझा किए। सवाल: आपकी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ रिलीज हो चुकी है। आपके किरदार और फिल्म को कैसा रिस्पॉन्स मिल रहा है? जवाब: बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों से फिल्म को प्यार मिल रहा है। आखिर यह इम्तियाज अली की फिल्म है, तो उम्मीद भी यही थी। मेरे किरदार ‘मेहर’ को भी लोग पसंद कर रहे हैं। फिल्म की कहानी काफी इंटेंस है। उसमें प्यार, बंटवारे का दर्द और ट्रॉमा है। ऐसे माहौल में मेरा किरदार हल्कापन और ह्यूमर लेकर आता है। मेहर बहुत मुंहफट है और मन में आता है, वह बोल देती है। लोग कह रहे हैं कि उसका किरदार फिल्म में ताजगी जैसा महसूस होता है। यह सुनकर खुशी होती है। सवाल: आपके किरदार को लेकर सबसे खूबसूरत कॉम्प्लिमेंट क्या मिला? जवाब: काफी अच्छे कॉम्प्लिमेंट मिले, लेकिन बार-बार सुनने को मिला कि मेहर का किरदार कहीं न कहीं ‘जब वी मेट’ की गीत जैसा लगता है। गीत भी बेफिक्र थी और बिना सोचे अपनी बात कह देती थी। यह तुलना मेरे लिए बहुत बड़ा कॉम्प्लिमेंट है। सवाल: इम्तियाज अली अपने किरदारों पर बहुत काम करते हैं। आपने मेहर के किरदार के लिए अलग से क्या तैयारी की? जवाब: इम्तियाज खुद इतनी तैयारी करके आते हैं कि कलाकारों को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। मेरा किरदार भी सॉफ्ट और हल्का था, इसलिए तैयारी ज्यादा नहीं करनी पड़ी। मैंने सिर्फ समझने की कोशिश की कि इस किरदार का बैकग्राउंड क्या है और उसकी सोच कैसी है। मैं नहीं चाहती थी कि यह किरदार नकारात्मक लगे। मेहर जो भी बोलती है, वह मासूमियत में बोलती है, किसी को चोट पहुंचाने के इरादे से नहीं। मैं हमेशा स्क्रिप्ट मिलने के बाद अपने हिसाब से कैरेक्टर स्केच लिखती हूं और फिर डायरेक्टर से उस पर चर्चा करती हूं। उसके बाद चीजें आसान हो जाती हैं। सवाल: फिल्म पार्टीशन के दौर की कहानी है। उस समय को समझने के लिए आपने क्या किया? जवाब: मेरे नाना-नानी और दादा-दादी दोनों ही बंटवारे के समय भारत आए थे। मेरी नानी कराची से थीं। मैंने उनसे उस दौर की कई कहानियां सुनी हैं। कुछ साल पहले मैंने गूगल मैप पर उन्हें उनका पुराना इलाका दिखाया था। वह भावुक हो गई थीं। उन्होंने सोचा भी नहीं था कि जिस जगह को छोड़कर आई थीं, उसे कभी फिर देख पाएंगी। मेरे लिए वह खास पल था। सवाल: आपकी नानी उस दौर के बारे में और क्या बताती थीं? जवाब: वह बताती थीं कि उनका परिवार काफी संपन्न था। वहां उनके बड़े घर थे, लेकिन यहां आना पड़ा तो सब कुछ पीछे छोड़ना पड़ा। उन्होंने बताया था कि वे सिर्फ कुछ निजी चीजें ही बचाकर ला पाईं। सोचिए, एक दिन अचानक कोई कह दे कि यह शहर अब आपका नहीं है और आपको सब छोड़कर जाना होगा। यह बहुत दर्दनाक होता होगा। जब मैंने फिल्म देखी तो मुझे बार-बार उनकी बातें याद आईं और महसूस हुआ कि उस दौर से गुजरने वाले लोगों ने कितना कुछ सहा होगा। सवाल: शूटिंग के दौरान सबसे यादगार अनुभव क्या रहा? पंजाब में शूटिंग का माहौल कैसा था? जवाब: हमारे ज्यादातर हिस्से मुंबई के सेट पर शूट हुए और कुछ शूटिंग चंडीगढ़ में हुई। माहौल बहुत अच्छा था। सबसे पहले पंजाब का खाना, सुबह गरमागरम कुलचे और छोले मिलते थे। नवंबर का मौसम था, हल्की ठंड थी, इसलिए शूटिंग और मजेदार रही। मेरे ज्यादातर सीन नसीर साहब, दिलजीत और रजत सर के साथ थे, इसलिए सेट पर परिवार जैसा माहौल महसूस होता था। सवाल: नसीरुद्दीन शाह के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: मैंने उनसे ज्यादा बातें नहीं कीं क्योंकि उनका किरदार इंटेंस था। जब कोई कलाकार इतने गहरे किरदार में होता है, तो उसे स्पेस देना जरूरी होता है। वह सेट पर अपने में रहते थे, लेकिन उन्हें काम करते देखना सीखने जैसा था। किसी भी कलाकार के लिए उनके साथ स्क्रीन शेयर करना बड़ी बात है। सवाल: दिलजीत दोसांझ आज ग्लोबल स्टार बन चुके हैं। उनके साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: मुझे लगता है कि दिलजीत ग्लोबल स्टार बनने के लिए ही बने हैं। उनका म्यूजिक हर पीढ़ी पसंद करती है। एक कलाकार के तौर पर मुझे उनकी सबसे खास बात उनकी आंखों की सच्चाई लगती है। जब वो परफॉर्म करते हैं तो लगता है कि पूरी ईमानदारी से किरदार निभा रहे हैं। फिल्म में भी उन्होंने ठहराव और सादगी के साथ काम किया है। सवाल: आपकी जर्नी काफी खूबसूरत रही है। सबसे बड़ी सफलता आप किसे मानती हैं? जवाब: मेरे लिए सबसे बड़ी सफलता यही है कि मुझे इतने बड़े और बेहतरीन लोगों के साथ काम करने का मौका मिला। आज कितने लोग कह सकते हैं कि उनकी फिल्म थिएटर में रिलीज हुई, वो भी ऐसे फिल्ममेकर्स और कलाकारों के साथ। मेरे लिए यही सफलता है। बॉक्स ऑफिस कोई तय नहीं कर सकता। हम सिर्फ अपना काम और मेहनत कंट्रोल कर सकते हैं। सवाल: आपने कई बड़े डायरेक्टर्स और दिग्गज कलाकारों के साथ काम किया है। अब तक की जर्नी में सबसे खूबसूरत बात क्या रही है? जवाब: मेरे लिए सबसे खूबसूरत बात यही है कि मुझे देश के बेहतरीन फिल्ममेकर्स के साथ काम करने का मौका मिला। जब मैं पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि निखिल आडवाणी, रोहित शेट्टी, राम गोपाल वर्मा, राज मेहता और इम्तियाज अली जैसे निर्देशकों के साथ काम करना बड़ी बात है। मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूं। सवाल: इतने बड़े नामों के साथ काम करने की बात आई, तो अमिताभ बच्चन के साथ आपका अनुभव कैसा रहा? उनसे क्या सीखने को मिला? जवाब: मैंने उनके साथ एक कैडबरी विज्ञापन और बाद में फिल्म डिपार्टमेंट में काम किया। उनसे मैंने सबसे बड़ी चीज विनम्रता सीखी। मेरी नानी कहा करती थीं कि
फिल्म से जुड़ीं तो लौटीं बंटवारे की यादें:अंजना सुखानी बोलीं- धूप में खड़ी थी, अमिताभ बच्चन ने कुर्सी और छाता भिजवाया

इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में मेहर का किरदार निभा रहीं अंजना सुखानी ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में फिल्म, करियर और जिंदगी से जुड़े किस्से साझा किए। उन्होंने बताया कि उनके परिवार का पार्टीशन से गहरा जुड़ाव रहा और इस दौर की कहानियों ने फिल्म को उनके लिए निजी बना दिया। बातचीत में उन्होंने अमिताभ बच्चन की विनम्रता और शाहरुख खान की इंसानियत से जुड़े अनुभव भी साझा किए। सवाल: आपकी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ रिलीज हो चुकी है। आपके किरदार और फिल्म को कैसा रिस्पॉन्स मिल रहा है? जवाब: बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों से फिल्म को प्यार मिल रहा है। आखिर यह इम्तियाज अली की फिल्म है, तो उम्मीद भी यही थी। मेरे किरदार ‘मेहर’ को भी लोग पसंद कर रहे हैं। फिल्म की कहानी काफी इंटेंस है। उसमें प्यार, बंटवारे का दर्द और ट्रॉमा है। ऐसे माहौल में मेरा किरदार हल्कापन और ह्यूमर लेकर आता है। मेहर बहुत मुंहफट है और मन में आता है, वह बोल देती है। लोग कह रहे हैं कि उसका किरदार फिल्म में ताजगी जैसा महसूस होता है। यह सुनकर खुशी होती है। सवाल: आपके किरदार को लेकर सबसे खूबसूरत कॉम्प्लिमेंट क्या मिला? जवाब: काफी अच्छे कॉम्प्लिमेंट मिले, लेकिन बार-बार सुनने को मिला कि मेहर का किरदार कहीं न कहीं ‘जब वी मेट’ की गीत जैसा लगता है। गीत भी बेफिक्र थी और बिना सोचे अपनी बात कह देती थी। यह तुलना मेरे लिए बहुत बड़ा कॉम्प्लिमेंट है। सवाल: इम्तियाज अली अपने किरदारों पर बहुत काम करते हैं। आपने मेहर के किरदार के लिए अलग से क्या तैयारी की? जवाब: इम्तियाज खुद इतनी तैयारी करके आते हैं कि कलाकारों को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। मेरा किरदार भी सॉफ्ट और हल्का था, इसलिए तैयारी ज्यादा नहीं करनी पड़ी। मैंने सिर्फ समझने की कोशिश की कि इस किरदार का बैकग्राउंड क्या है और उसकी सोच कैसी है। मैं नहीं चाहती थी कि यह किरदार नकारात्मक लगे। मेहर जो भी बोलती है, वह मासूमियत में बोलती है, किसी को चोट पहुंचाने के इरादे से नहीं। मैं हमेशा स्क्रिप्ट मिलने के बाद अपने हिसाब से कैरेक्टर स्केच लिखती हूं और फिर डायरेक्टर से उस पर चर्चा करती हूं। उसके बाद चीजें आसान हो जाती हैं। सवाल: फिल्म पार्टीशन के दौर की कहानी है। उस समय को समझने के लिए आपने क्या किया? जवाब: मेरे नाना-नानी और दादा-दादी दोनों ही बंटवारे के समय भारत आए थे। मेरी नानी कराची से थीं। मैंने उनसे उस दौर की कई कहानियां सुनी हैं। कुछ साल पहले मैंने गूगल मैप पर उन्हें उनका पुराना इलाका दिखाया था। वह भावुक हो गई थीं। उन्होंने सोचा भी नहीं था कि जिस जगह को छोड़कर आई थीं, उसे कभी फिर देख पाएंगी। मेरे लिए वह खास पल था। सवाल: आपकी नानी उस दौर के बारे में और क्या बताती थीं? जवाब: वह बताती थीं कि उनका परिवार काफी संपन्न था। वहां उनके बड़े घर थे, लेकिन यहां आना पड़ा तो सब कुछ पीछे छोड़ना पड़ा। उन्होंने बताया था कि वे सिर्फ कुछ निजी चीजें ही बचाकर ला पाईं। सोचिए, एक दिन अचानक कोई कह दे कि यह शहर अब आपका नहीं है और आपको सब छोड़कर जाना होगा। यह बहुत दर्दनाक होता होगा। जब मैंने फिल्म देखी तो मुझे बार-बार उनकी बातें याद आईं और महसूस हुआ कि उस दौर से गुजरने वाले लोगों ने कितना कुछ सहा होगा। सवाल: शूटिंग के दौरान सबसे यादगार अनुभव क्या रहा? पंजाब में शूटिंग का माहौल कैसा था? जवाब: हमारे ज्यादातर हिस्से मुंबई के सेट पर शूट हुए और कुछ शूटिंग चंडीगढ़ में हुई। माहौल बहुत अच्छा था। सबसे पहले पंजाब का खाना, सुबह गरमागरम कुलचे और छोले मिलते थे। नवंबर का मौसम था, हल्की ठंड थी, इसलिए शूटिंग और मजेदार रही। मेरे ज्यादातर सीन नसीर साहब, दिलजीत और रजत सर के साथ थे, इसलिए सेट पर परिवार जैसा माहौल महसूस होता था। सवाल: नसीरुद्दीन शाह के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: मैंने उनसे ज्यादा बातें नहीं कीं क्योंकि उनका किरदार इंटेंस था। जब कोई कलाकार इतने गहरे किरदार में होता है, तो उसे स्पेस देना जरूरी होता है। वह सेट पर अपने में रहते थे, लेकिन उन्हें काम करते देखना सीखने जैसा था। किसी भी कलाकार के लिए उनके साथ स्क्रीन शेयर करना बड़ी बात है। सवाल: दिलजीत दोसांझ आज ग्लोबल स्टार बन चुके हैं। उनके साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: मुझे लगता है कि दिलजीत ग्लोबल स्टार बनने के लिए ही बने हैं। उनका म्यूजिक हर पीढ़ी पसंद करती है। एक कलाकार के तौर पर मुझे उनकी सबसे खास बात उनकी आंखों की सच्चाई लगती है। जब वो परफॉर्म करते हैं तो लगता है कि पूरी ईमानदारी से किरदार निभा रहे हैं। फिल्म में भी उन्होंने ठहराव और सादगी के साथ काम किया है। सवाल: आपकी जर्नी काफी खूबसूरत रही है। सबसे बड़ी सफलता आप किसे मानती हैं? जवाब: मेरे लिए सबसे बड़ी सफलता यही है कि मुझे इतने बड़े और बेहतरीन लोगों के साथ काम करने का मौका मिला। आज कितने लोग कह सकते हैं कि उनकी फिल्म थिएटर में रिलीज हुई, वो भी ऐसे फिल्ममेकर्स और कलाकारों के साथ। मेरे लिए यही सफलता है। बॉक्स ऑफिस कोई तय नहीं कर सकता। हम सिर्फ अपना काम और मेहनत कंट्रोल कर सकते हैं। सवाल: आपने कई बड़े डायरेक्टर्स और दिग्गज कलाकारों के साथ काम किया है। अब तक की जर्नी में सबसे खूबसूरत बात क्या रही है? जवाब: मेरे लिए सबसे खूबसूरत बात यही है कि मुझे देश के बेहतरीन फिल्ममेकर्स के साथ काम करने का मौका मिला। जब मैं पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि निखिल आडवाणी, रोहित शेट्टी, राम गोपाल वर्मा, राज मेहता और इम्तियाज अली जैसे निर्देशकों के साथ काम करना बड़ी बात है। मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूं। सवाल: इतने बड़े नामों के साथ काम करने की बात आई, तो अमिताभ बच्चन के साथ आपका अनुभव कैसा रहा? उनसे क्या सीखने को मिला? जवाब: मैंने उनके साथ एक कैडबरी विज्ञापन और बाद में फिल्म डिपार्टमेंट में काम किया। उनसे मैंने सबसे बड़ी चीज विनम्रता सीखी। मेरी नानी कहा करती थीं कि
Rohit Sharma; India Vs Afghanistan 3rd ODI LIVE Score Update

Hindi News Sports Cricket Rohit Sharma; India Vs Afghanistan 3rd ODI LIVE Score Update | Shubman Gill KL Rahul Prince Yadav स्पोर्ट्स डेस्क3 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की सीरीज का तीसरा वनडे आज चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेला जाएगा। मुकाबला दोपहर 1:30 बजे शुरू होगा। भारत पहले ही सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना चुका है और अब उसकी नजर क्लीन स्वीप पर होगी। हालांकि, मौसम मैच में बाधा डाल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार चेन्नई में शनिवार को बारिश की 55% संभावना है। अफगानिस्तान को पहली जीत का इंतजार भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक 6 वनडे मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारत ने 5 मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला टाई रहा है। अफगानिस्तान आज तक भारत के खिलाफ कोई वनडे मैच नहीं जीत सका है। दोनों टीमों के बीच एकमात्र टाई मैच 2018 में खेला गया था। मौजूदा सीरीज दोनों देशों के बीच पहली बाइलेटरल वनडे सीरीज है। बरार सीरीज के टॉप विकेट टेकर वापसी कर रहे ईशान किशन ने दूसरे वनडे में 79 गेंदों पर 125 रन की शानदार पारी खेली। कप्तान शुभमन गिल भी बेहतरीन फॉर्म में हैं। उन्होंने पहले मैच में नाबाद 84 रन बनाए, जबकि दूसरे वनडे में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए 110 गेंदों में 154 रन जड़े। पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने दूसरे मैच में 48 रन की तेज पारी खेली। गेंदबाजी में इस सीरीज से इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले गुरनूर बरार सबसे सफल रहे हैं और अब तक सबसे ज्यादा विकेट ले चुके हैं। गुरबाज अफगानिस्तान के टॉप स्कोरर अफगानिस्तान के लिए इस सीरीज में सबसे ज्यादा रन रहमानुल्लाह गुरबाज ने बनाए हैं। उन्होंने दो मैचों में 143 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 170.23 का रहा है। गुरबाज ने सीरीज में एक शतक भी लगाया है। गेंदबाजी में नांगेलिया खरोटे ने शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने अपने एकमात्र मैच में 4 विकेट लिए है। हर्षित राणा स्क्वॉड में शामिल जांघ की चोट के कारण लखनऊ वनडे से बाहर रहने वाले सीम बॉलिंग ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी ने शुक्रवार को चेपॉक के नेट्स में बिना किसी परेशानी के गेंदबाजी की और वे आज को वापसी कर सकते हैं। घुटने की सर्जरी से रिकवर होने के बाद हर्षित राणा को तीसरे वनडे के लिए टीम में शामिल किया गया है, लेकिन उन्हें जल्दबाजी में मैदान पर उतारने की संभावना कम है, उन्होंने अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच इस साल फरवरी में खेला था। चेन्नई में 29वां वनडे खेला जाएगा चेन्नई की पिच आमतौर पर स्पिनरों के लिए मददगार मानी जाती है, हालांकि शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को भी कुछ मदद मिल सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, मुकाबला चेपॉक की पिच नंबर 4 पर खेला जाएगा, जो कि लाल मिट्टी की है और यहां अच्छा बाउंस (उछाल) मिलने की उम्मीद है। मैच से दो दिन पहले चेन्नई में कुछ बारिश हुई थी, लेकिन मैच से एक दिन पहले मौसम साफ रहा। इस मैदान पर अब तक 28 वनडे खेले गए हैं, जिनमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 15 और चेज करने वाली टीम ने 12 मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला बेनतीजा रहा। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल (कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर/केएल राहुल, वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश रेड्डी, कुलदीप यादव/हर्ष दुबे, गुरनूर बरार, प्रिंस यादव, प्रसिद्ध कृष्णा/अर्शदीप सिंह। अफगानिस्तान: रहमानुल्लाह गुरबाज, इब्राहिम जादरान, सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हश्मतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), दरविश रसूली, राशिद खान, नांगेलिया खरोटे, मोहम्मद सलीम, अल्लाह गजनफर, बिलाल सामी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
