सामंथा की प्रेग्नेंसी की चर्चा के बीच चिरंजीवी पहुंचे मिलने:पत्नी सुरेखा संग दिए उपहार; फैंस बोले- क्या आने वाली है गुड न्यूज?

साउथ फिल्म इंडस्ट्री में इन दिनों सामंथा रुथ प्रभु चर्चा में हैं। उनकी हालिया रिलीज फिल्म ‘मा इंटी बंगारम’ को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। वहीं निजी जिंदगी को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच अभिनेता चिरंजीवी पत्नी सुरेखा के साथ सामंथा और उनके पति राज निदिमोरु से मिलने पहुंचे। मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रेग्नेंसी को लेकर चर्चाएं और तेज हो गईं। तस्वीरों में चिरंजीवी सामंथा को साड़ी और अन्य उपहार देते नजर आए। उन्होंने सामंथा और राज को गुलदस्ता भी भेंट किया। तस्वीरों के साथ उन्होंने कपल को शुभकामनाएं दीं और खुशी जताई। तस्वीरों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स कयास लगाने लगे। कई लोगों ने इसे सामंथा की निजी जिंदगी और प्रेग्नेंसी की अटकलों से जोड़कर देखा। हालांकि, सामंथा या राज निदिमोरु की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बीते कुछ समय से सामंथा की निजी जिंदगी चर्चा में बनी हुई है। अपने रिश्तों और निजी फैसलों को लेकर वह पहले भी सुर्खियों में रह चुकी हैं। चिरंजीवी का परिवार के साथ उनसे मिलना और शुभकामनाएं देना फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गया। प्रोफेशनल फ्रंट पर सामंथा अपनी फिल्म ‘मा इंटी बंगारम’ को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म को दर्शकों का सकारात्मक रिस्पॉन्स मिल रहा है और सोशल मीडिया पर उनकी परफॉर्मेंस की तारीफ हो रही है। करियर और निजी जिंदगी, दोनों वजहों से सामंथा लाइमलाइट में हैं। फिलहाल प्रेग्नेंसी से जुड़ी चर्चाओं पर कपल की ओर से कोई बयान नहीं आया है। सोशल मीडिया पर चल रही बातें सिर्फ अटकलें हैं। आधिकारिक जानकारी आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
Europe Heatwave 2026 Crisis Alert; France Alcohol Ban

Hindi News International Europe Heatwave 2026 Crisis Alert; France Alcohol Ban | Italy Spain UK Portugal Heat Situation पेरिस, लंदन, मैड्रिड11 मिनट पहले कॉपी लिंक यूरोप के 26 देश हीटवेव की चपेट में हैं। फ्रांस, स्पेन, ब्रिटेन समेत 15 देशों में गर्मी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इनमें से ज्यादातर देशों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर पहुंचने के करीब है। फ्रांस के आधा से ज्यादा हिस्से में गर्मी को लेकर रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर पाबंदी लगा दी है। फ्रांस की मौसम एजेंसी ने बताया कि सोमवार रात देश ने 1947 में रिकॉर्ड शुरू होने के बाद की सबसे गर्म रात दर्ज की। फ्रांस के कई हिस्सों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। फ्रांस में गोलफेश परमाणु ऊर्जा संयंत्र को सोमवार रात बंद करना पड़ा। इसकी वजह यह है कि संयंत्र को ठंडा करने के लिए इस्तेमाल होने वाली गारोन नदी का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है। फ्रांस में गर्मी की 5 तस्वीरें देखें पेरिस में लगातार दूसरी हीटवेव (लू) के दौरान एफिल टॉवर के पास ट्रोकाडेरो स्क्वायर पर एक महिला धूप से बचने की कोशिश करती हुई। पेरिस में हीटवेव के साए में मनाए जा रहे नेशनल म्यूजिक फेस्टिवल के दौरान एक महिला पानी की बौछार के नीचे से गुजरती हुई। फ्रांस के बोर्डो शहर में सालाना ‘फेट डी ला म्यूजिक’ (स्ट्रीट म्यूजिक फेस्टिवल) के दौरान भीषण गर्मी से बचने के लिए एक महिला ‘मिस्ट स्प्रेयर’ (पानी की बौछार) से खुद को राहत देती हुई। पेरिस की सेंट-मार्टिन नहर के किनारे बैठे लोग। गर्मी बढ़ने के कारण नहर के एक हिस्से में पहले सार्वजनिक तैराकी की अनुमति दी गई थी। फ्रांस में 40 से ज्यादा लोग डूबे फ्रांस के प्रधानमंत्री ने मंगलवार को बताया कि गर्मी से राहत पाने के लिए नदियों, झीलों और नहरों में उतरने के दौरान पिछले कुछ दिनों में 40 लोगों की डूबकर मौत हो गई है। इनमें ज्यादातर युवा शामिल हैं। भीषण गर्मी के कारण 1,350 से ज्यादा स्कूल बंद कर दिए गए हैं। गर्मी के कारण सरकार ने ‘फेत द ला म्यूजिक’ नामक वार्षिक म्यूजिक फैसटीवल के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर प्रतिबंध लगा दिया। यह म्यूजिक फैसटीवल हर साल पूरे फ्रांस में आयोजित होता है। इसमें लाखों लोग सड़कों पर उतरकर हिस्सा लेते हैं। सरकार को आशंका थी कि अत्यधिक गर्मी में शराब का सेवन लोगों के लिए स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए रेड अलर्ट वाले क्षेत्रों में यह प्रतिबंध लागू किया गया। फ्रांस की मौसम एजेंसी मेटियो-फ्रांस ने सोमवार को कहा कि मौजूदा हीटवेव की गंभीरता अगस्त 2003 की गर्मी से काफी मिलती-जुलती है। 2003 में फ्रांस में 16 दिनों तक चली भीषण हीटवेव के कारण करीब 15 हजार लोगों की मौत हो गई थी। इसे यूरोप के इतिहास की सबसे घातक गर्मी की घटनाओं में गिना जाता है। ब्रिटेन में टूट सकता है 50 साल पुराना रिकॉर्ड ब्रिटेन के मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को तापमान 39°C से अधिक पहुंच सकता है। अगर ऐसा हुआ तो जून का 35.6°C का राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूट जाएगा, जो 1976 में दर्ज किया गया था। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अधिक नमी के कारण गर्मी का असर ज्यादा महसूस होगा। मौसम विभाग ने बुधवार और गुरुवार के लिए रेड एक्सट्रीम हीट वॉर्निंग जारी की है। यह चेतावनी तब जारी की जाती है जब गर्मी लोगों के स्वास्थ्य, परिवहन और जरूरी सेवाओं पर गंभीर असर डाल सकती है। ब्रिटेन में ट्रॉपिकल नाइट्स की स्थिति बनने की आशंका है। यानी रात में भी तापमान 20°C से नीचे नहीं जाएगा। लंदन में भीषण गर्मी के बीच हाउस ऑफ पार्लियामेंट (संसद भवन) के पास हाथ का पंखा इस्तेमाल करती एक महिला। इटली के मिलान में मेंस फैशन वीक के दौरान एक व्यक्ति गर्मी से राहत पाने के लिए पंखे के सामने खड़ा है। स्पेन, जर्मनी, बेल्जियम और इटली भी बेहाल स्पेन के कई हिस्सों में तापमान 38-40°C से ऊपर बना हुआ है। कुछ हिस्से में रविवार रात से सोमवार सुबह तक तापमान 30°C से नीचे नहीं गया। मौसम विभाग के मुताबिक यह ट्रॉपिकल नाइट की स्थिति है, जब रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलती। जर्मनी में भी गर्मी का असर दिखाई दे रहा है। एक हफ्ते में नदी में नहाने से 5 लोगों की मौत हो गई। बवेरिया की झीलों में 2 युवकों की डूबने से मौत हुई, जबकि बाल्टिक सागर में एक महिला की जान चली गई। बेल्जियम के मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मौजूदा गर्मी देश के इतिहास की सबसे भीषण हीटवेव बन सकती है। तापमान बढ़ने के कारण कई स्कूलों ने आधे दिन की क्लास शुरू कर दी हैं। इटली के स्वास्थ्य मंत्रालय ने रोम और मिलान समेत 15 शहरों में रेड अलर्ट जारी किया है। बुधवार को यह संख्या बढ़कर 16 हो सकती है। रोम में नई इलेक्ट्रिक बसों की बैटरियां तेजी से खत्म हो रही हैं, क्योंकि एयर कंडीशनर लगातार चलाने पड़ रहे हैं। क्यों पड़ रही है इतनी भीषण गर्मी? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यूरोप में पड़ रही भीषण गर्मी की बड़ी वजह हीट डोम और ओमेगा ब्लॉक का एक साथ बनना है। ओमेगा ब्लॉक ऐसी मौसमीय स्थिति है, जिसमें हवा का बहाव सामान्य तरीके से आगे नहीं बढ़ पाता। इसके कारण हीट डोम बनता है, जो ढक्कन की तरह गर्म हवा को जमीन के ऊपर फंसा देता है। गर्म हवा बाहर नहीं निकल पाती और कई दिनों तक तापमान लगातार बढ़ता रहता है। यही वजह है कि यूरोप के कई देशों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है। मौजूदा हालात की तुलना अगस्त 2003 की ऐतिहासिक यूरोपीय हीटवेव से की जा रही है। उस दौरान 16 दिनों तक चली गर्मी के कारण पूरे यूरोप में लगभग 80 हजार मौतें हुई थीं। यूरोप में केवल 20% घरों में AC वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रशांत महासागर में बन रही एल नीनो स्थिति भी इस गर्मी को बढ़ा रही है। जलवायु वैज्ञानिकों का मानना है कि कोयला, तेल और गैस के लगातार उपयोग से पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है। इसके कारण हीटवेव जैसी घटनाएं पहले के मुकाबले अधिक
Europe Heatwave 2026 Crisis Alert; France Alcohol Ban

Hindi News International Europe Heatwave 2026 Crisis Alert; France Alcohol Ban | Italy Spain UK Portugal Heat Situation पेरिस, लंदन, मैड्रिड31 मिनट पहले कॉपी लिंक यूरोप के 26 देश हीटवेव की चपेट में हैं। फ्रांस, स्पेन, ब्रिटेन समेत 15 देशों में गर्मी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इनमें से ज्यादातर देशों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर पहुंचने के करीब है। फ्रांस के आधा से ज्यादा हिस्से में गर्मी को लेकर रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर पाबंदी लगा दी है। फ्रांस की मौसम एजेंसी ने बताया कि सोमवार रात देश ने 1947 में रिकॉर्ड शुरू होने के बाद की सबसे गर्म रात दर्ज की। फ्रांस के कई हिस्सों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। फ्रांस में गोलफेश न्यूक्लियर पावर प्लांट को सोमवार रात बंद करना पड़ा। इसकी वजह यह है कि प्लांट को ठंडा करने के लिए इस्तेमाल होने वाली गारोन नदी का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है। फ्रांस में गर्मी की 5 तस्वीरें देखें पेरिस में लगातार दूसरी हीटवेव (लू) के दौरान एफिल टॉवर के पास ट्रोकाडेरो स्क्वायर पर एक महिला धूप से बचने की कोशिश करती हुई। पेरिस में हीटवेव के साए में मनाए जा रहे नेशनल म्यूजिक फेस्टिवल के दौरान एक महिला पानी की बौछार के नीचे से गुजरती हुई। फ्रांस के बोर्डो शहर में सालाना ‘फेट डी ला म्यूजिक’ (स्ट्रीट म्यूजिक फेस्टिवल) के दौरान भीषण गर्मी से बचने के लिए एक महिला ‘मिस्ट स्प्रेयर’ (पानी की बौछार) से खुद को राहत देती हुई। पेरिस की सेंट-मार्टिन नहर के किनारे बैठे लोग। गर्मी बढ़ने के कारण नहर के एक हिस्से में पहले सार्वजनिक तैराकी की अनुमति दी गई थी। फ्रांस में 40 से ज्यादा लोग डूबे फ्रांस के प्रधानमंत्री ने मंगलवार को बताया कि गर्मी से राहत पाने के लिए नदियों, झीलों और नहरों में उतरने के दौरान पिछले कुछ दिनों में 40 लोगों की डूबकर मौत हो गई है। इनमें ज्यादातर युवा शामिल हैं। भीषण गर्मी के कारण 1,350 से ज्यादा स्कूल बंद कर दिए गए हैं। गर्मी के कारण सरकार ने ‘फेत द ला म्यूजिक’ नामक वार्षिक म्यूजिक फैसटीवल के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर प्रतिबंध लगा दिया। यह म्यूजिक फैसटीवल हर साल पूरे फ्रांस में आयोजित होता है। इसमें लाखों लोग सड़कों पर उतरकर हिस्सा लेते हैं। सरकार को आशंका थी कि अत्यधिक गर्मी में शराब का सेवन लोगों के लिए स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए रेड अलर्ट वाले क्षेत्रों में यह प्रतिबंध लागू किया गया। फ्रांस की मौसम एजेंसी मेटियो-फ्रांस ने सोमवार को कहा कि मौजूदा हीटवेव की गंभीरता अगस्त 2003 की गर्मी से काफी मिलती-जुलती है। 2003 में फ्रांस में 16 दिनों तक चली भीषण हीटवेव के कारण करीब 15 हजार लोगों की मौत हो गई थी। इसे यूरोप के इतिहास की सबसे घातक गर्मी की घटनाओं में गिना जाता है। ब्रिटेन में टूट सकता है 50 साल पुराना रिकॉर्ड ब्रिटेन के मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को तापमान 39°C से अधिक पहुंच सकता है। अगर ऐसा हुआ तो जून का 35.6°C का राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूट जाएगा, जो 1976 में दर्ज किया गया था। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अधिक नमी के कारण गर्मी का असर ज्यादा महसूस होगा। मौसम विभाग ने बुधवार और गुरुवार के लिए रेड एक्सट्रीम हीट वॉर्निंग जारी की है। यह चेतावनी तब जारी की जाती है जब गर्मी लोगों के स्वास्थ्य, परिवहन और जरूरी सेवाओं पर गंभीर असर डाल सकती है। ब्रिटेन में ट्रॉपिकल नाइट्स की स्थिति बनने की आशंका है। यानी रात में भी तापमान 20°C से नीचे नहीं जाएगा। लंदन में भीषण गर्मी के बीच हाउस ऑफ पार्लियामेंट (संसद भवन) के पास हाथ का पंखा इस्तेमाल करती एक महिला। इटली के मिलान में मेंस फैशन वीक के दौरान एक व्यक्ति गर्मी से राहत पाने के लिए पंखे के सामने खड़ा है। स्पेन, जर्मनी, बेल्जियम और इटली भी बेहाल स्पेन के कई हिस्सों में तापमान 38-40°C से ऊपर बना हुआ है। कुछ हिस्से में रविवार रात से सोमवार सुबह तक तापमान 30°C से नीचे नहीं गया। मौसम विभाग के मुताबिक यह ट्रॉपिकल नाइट की स्थिति है, जब रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलती। जर्मनी में भी गर्मी का असर दिखाई दे रहा है। एक हफ्ते में नदी में नहाने से 5 लोगों की मौत हो गई। बवेरिया की झीलों में 2 युवकों की डूबने से मौत हुई, जबकि बाल्टिक सागर में एक महिला की जान चली गई। बेल्जियम के मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मौजूदा गर्मी देश के इतिहास की सबसे भीषण हीटवेव बन सकती है। तापमान बढ़ने के कारण कई स्कूलों ने आधे दिन की क्लास शुरू कर दी हैं। इटली के स्वास्थ्य मंत्रालय ने रोम और मिलान समेत 15 शहरों में रेड अलर्ट जारी किया है। बुधवार को यह संख्या बढ़कर 16 हो सकती है। रोम में नई इलेक्ट्रिक बसों की बैटरियां तेजी से खत्म हो रही हैं, क्योंकि एयर कंडीशनर लगातार चलाने पड़ रहे हैं। क्यों पड़ रही है इतनी भीषण गर्मी? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यूरोप में पड़ रही भीषण गर्मी की बड़ी वजह हीट डोम और ओमेगा ब्लॉक का एक साथ बनना है। ओमेगा ब्लॉक ऐसी मौसमीय स्थिति है, जिसमें हवा का बहाव सामान्य तरीके से आगे नहीं बढ़ पाता। इसके कारण हीट डोम बनता है, जो ढक्कन की तरह गर्म हवा को जमीन के ऊपर फंसा देता है। गर्म हवा बाहर नहीं निकल पाती और कई दिनों तक तापमान लगातार बढ़ता रहता है। यही वजह है कि यूरोप के कई देशों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है। मौजूदा हालात की तुलना अगस्त 2003 की ऐतिहासिक यूरोपीय हीटवेव से की जा रही है। उस दौरान 16 दिनों तक चली गर्मी के कारण पूरे यूरोप में लगभग 80 हजार मौतें हुई थीं। यूरोप में केवल 20% घरों में AC वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रशांत महासागर में बन रही एल नीनो स्थिति भी इस गर्मी को बढ़ा रही है। जलवायु वैज्ञानिकों का मानना है कि कोयला, तेल और गैस के लगातार उपयोग से पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है। इसके कारण हीटवेव जैसी घटनाएं पहले के मुकाबले अधिक
तांबे की बोतल की विषाक्तता: तांबे की बोतल में पानी पीने के हैं बहुत फायदे, लेकिन इन 3 चीजों को भूलकर भी ना खाएं सेहत को नुकसान

तांबे की बोतल विषाक्तता: इनवेस्टमेंट के लिए बोतल की बोतल में पानी पीने का चलन काफी बढ़ गया है। आयुर्वेद में प्लास्टिक की बोतलों में पानी की बोतलों का इस्तेमाल माना जाता है, लेकिन जानकारी की कमी के कारण लोग गलत कर रहे हैं। कई लोग टेम्पलेट में का पानी, जीरा पानी या फिर गर्म पानी के नारे रखते हैं। ऐसा करना स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है। अगर आप भी कॉपर की बोतल का हमेशा इस्तेमाल करते हैं तो ये बातें आपके लिए जानना बेहद जरूरी है। नींबू और जीरे में एसिडिटी होती है। जब भी रसायन की बोतल में डाला जाता है, तो ये कॉपर के साथ प्रतिक्रिया करके विषैले कॉपर साल्ट्स टूट जाते हैं। ये साल्ट्स पानी में घुस जाते हैं और शरीर में नुकसान पहुंचाते हैं। बोतल की बोतल में केवल न्यूनतम तापमान का पानी ही रखना चाहिए। इसमें कोई भी खट्टी या अम्लीय सामग्री नहीं डालनी चाहिए, क्योंकि इसके पानी में घुलनशील कॉपर लीचिंग काफी बढ़ जाती है। बोतल की बोतल में कभी भी गर्म या खाली पानी नहीं होना चाहिए। गर्म पानी में तांबे की मात्रा बहुत तेजी से बढ़ने लगती है, जिससे पानी में तांबे की मात्रा आरक्षित स्तर तक बढ़ सकती है। इसे कॉपर टॉक्सिसिटी कहा जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है। बोतल पर हरे निशान का क्या मतलब होता है यदि आपकी बोतल की बोतल के अंदर हरे रंग का निशान दिखाई दे रहा है, तो यह आयोडीनेशन का संकेत है। ये कॉपरेटिव सोलोमन्स होते हैं। बोतल के अंदर ऐसी परत जमने पर उसे अच्छी तरह से साफ करना बहुत जरूरी है, अन्यथा यह स्वास्थ्य संबंधी समस्या खड़ी हो सकती है।जी मिचलाना, उल्टी आना, पेट में मरोड़ और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों में यह ख़तरा और भी अधिक होता है क्योंकि उनके शरीर की तुलना में बच्चों में अधिक संवेदनशीलता होती है। बोतल की बोतल को सुरक्षित रखने का तरीका (टैग्सटूट्रांसलेट)तांबे की बोतल के साइड इफेक्ट्स(टी)तांबे के बर्तन से पानी पीना(टी)तांबा विषाक्तता के लक्षण(टी)स्वस्थ जीवन शैली युक्तियाँ(टी)आयुर्वेद जल युक्तियाँ(टी)तांबे की बोतल की सफाई(टी)क्या तांबे की बोतल में नींबू पानी सुरक्षित है(टी)तांबे के पानी के लाभ और जोखिम
तांबे की बोतल की विषाक्तता: तांबे की बोतल में पानी पीने के हैं बहुत फायदे, लेकिन इन 3 चीजों को भूलकर भी ना खाएं सेहत को नुकसान

तांबे की बोतल विषाक्तता: इनवेस्टमेंट के लिए बोतल की बोतल में पानी पीने का चलन काफी बढ़ गया है। आयुर्वेद में प्लास्टिक की बोतलों में पानी की बोतलों का इस्तेमाल माना जाता है, लेकिन जानकारी की कमी के कारण लोग गलत कर रहे हैं। कई लोग टेम्पलेट में का पानी, जीरा पानी या फिर गर्म पानी के नारे रखते हैं। ऐसा करना स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है। अगर आप भी कॉपर की बोतल का हमेशा इस्तेमाल करते हैं तो ये बातें आपके लिए जानना बेहद जरूरी है। नींबू और जीरे में एसिडिटी होती है। जब भी रसायन की बोतल में डाला जाता है, तो ये कॉपर के साथ प्रतिक्रिया करके विषैले कॉपर साल्ट्स टूट जाते हैं। ये साल्ट्स पानी में घुस जाते हैं और शरीर में नुकसान पहुंचाते हैं। बोतल की बोतल में केवल न्यूनतम तापमान का पानी ही रखना चाहिए। इसमें कोई भी खट्टी या अम्लीय सामग्री नहीं डालनी चाहिए, क्योंकि इसके पानी में घुलनशील कॉपर लीचिंग काफी बढ़ जाती है। बोतल की बोतल में कभी भी गर्म या खाली पानी नहीं होना चाहिए। गर्म पानी में तांबे की मात्रा बहुत तेजी से बढ़ने लगती है, जिससे पानी में तांबे की मात्रा आरक्षित स्तर तक बढ़ सकती है। इसे कॉपर टॉक्सिसिटी कहा जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है। बोतल पर हरे निशान का क्या मतलब होता है यदि आपकी बोतल की बोतल के अंदर हरे रंग का निशान दिखाई दे रहा है, तो यह आयोडीनेशन का संकेत है। ये कॉपरेटिव सोलोमन्स होते हैं। बोतल के अंदर ऐसी परत जमने पर उसे अच्छी तरह से साफ करना बहुत जरूरी है, अन्यथा यह स्वास्थ्य संबंधी समस्या खड़ी हो सकती है।जी मिचलाना, उल्टी आना, पेट में मरोड़ और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों में यह ख़तरा और भी अधिक होता है क्योंकि उनके शरीर की तुलना में बच्चों में अधिक संवेदनशीलता होती है। बोतल की बोतल को सुरक्षित रखने का तरीका (टैग्सटूट्रांसलेट)तांबे की बोतल के साइड इफेक्ट्स(टी)तांबे के बर्तन से पानी पीना(टी)तांबा विषाक्तता के लक्षण(टी)स्वस्थ जीवन शैली युक्तियाँ(टी)आयुर्वेद जल युक्तियाँ(टी)तांबे की बोतल की सफाई(टी)क्या तांबे की बोतल में नींबू पानी सुरक्षित है(टी)तांबे के पानी के लाभ और जोखिम
Bengaluru Court Issues Non-Bailable Warrant Against Prakash Raj

10 मिनट पहले कॉपी लिंक वोटर आईडी विवाद में घिरे प्रकाश राज, कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट। दक्षिण भारतीय फिल्मों के चर्चित अभिनेता प्रकाश राज कानूनी विवाद में घिर गए हैं। बेंगलुरु की अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। मामला कथित तौर पर अलग-अलग राज्यों में एक से ज्यादा वोटर आईडी रखने से जुड़ा है। कोर्ट का यह कदम उनके अदालत में पेश नहीं होने के बाद आया। जानकारी के मुताबिक यह मामला कई साल पुरानी शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता अधिवक्ता दिलीप कुमार ने आरोप लगाया था कि प्रकाश राज के नाम पर अलग-अलग राज्यों में वोटर पहचान पत्र दर्ज हैं। शिकायत में कहा गया कि अभिनेता के पास कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में वोटर आईडी होने की आशंका जताई गई थी। प्रकाश राज की बढ़ीं मुश्किलें, अदालत के आदेश के बाद मामला चर्चा में। शिकायत के बाद मामला पुलिस और चुनाव आयोग तक पहुंचा। शिकायतकर्ता का दावा था कि अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया गया। इसके बाद कोर्ट की निगरानी में सुनवाई आगे बढ़ी। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक बेंगलुरु की 48वीं अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी (ACMM/ACJM) अदालत ने प्रकाश राज को पेश होने के लिए पहले समन जारी किए थे। हालांकि वे निर्धारित तारीखों पर अदालत में उपस्थित नहीं हुए। अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया। क्या है नियम? भारत में चुनावी नियमों के अनुसार कोई भी नागरिक केवल एक स्थान पर मतदाता के रूप में पंजीकृत हो सकता है। एक व्यक्ति के नाम पर कई जगह वोटर पंजीकरण या एक से ज्यादा सक्रिय वोटर पहचान पत्र होना नियमों के खिलाफ माना जा सकता है। हालांकि अंतिम स्थिति जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही तय होती है। कई वोटर आईडी के आरोपों के बीच प्रकाश राज पर कोर्ट का बड़ा कदम। फिलहाल अदालत ने इस मामले में केवल वारंट जारी किया है। आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के तहत हैं और अदालत में साबित होना बाकी है। आगे की सुनवाई में प्रकाश राज की पेशी और उनके पक्ष के बाद अगला कानूनी कदम तय होगा। प्रकाश राज भारतीय सिनेमा के चर्चित कलाकारों में गिने जाते हैं। उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और हिंदी फिल्मों में लंबे समय से काम किया है। फिलहाल चर्चा उनकी फिल्मों की नहीं, बल्कि अदालत के आदेश की हो रही है। ____________________ यह खबर भी पढ़ें.. प्रकाश राज के खिलाफ केस दर्ज कराया गया:एक्टर पर भगवान राम और रामायण का मजाक उड़ाने का आरोप लगा एक्टर प्रकाश राज के खिलाफ दिल्ली में केस दर्ज कराया है। उन पर भगवान राम और रामायण का मजाक उड़ाने का आरोप लगा है।पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Bengaluru Court Issues Non-Bailable Warrant Against Prakash Raj

27 मिनट पहले कॉपी लिंक वोटर आईडी विवाद में घिरे प्रकाश राज, कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट। दक्षिण भारतीय फिल्मों के चर्चित अभिनेता प्रकाश राज कानूनी विवाद में घिर गए हैं। बेंगलुरु की अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। मामला कथित तौर पर अलग-अलग राज्यों में एक से ज्यादा वोटर आईडी रखने से जुड़ा है। कोर्ट का यह कदम उनके अदालत में पेश नहीं होने के बाद आया। जानकारी के मुताबिक यह मामला कई साल पुरानी शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता अधिवक्ता दिलीप कुमार ने आरोप लगाया था कि प्रकाश राज के नाम पर अलग-अलग राज्यों में वोटर पहचान पत्र दर्ज हैं। शिकायत में कहा गया कि अभिनेता के पास कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में वोटर आईडी होने की आशंका जताई गई थी। प्रकाश राज की बढ़ीं मुश्किलें, अदालत के आदेश के बाद मामला चर्चा में। शिकायत के बाद मामला पुलिस और चुनाव आयोग तक पहुंचा। शिकायतकर्ता का दावा था कि अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया गया। इसके बाद कोर्ट की निगरानी में सुनवाई आगे बढ़ी। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक बेंगलुरु की 48वीं अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी (ACMM/ACJM) अदालत ने प्रकाश राज को पेश होने के लिए पहले समन जारी किए थे। हालांकि वे निर्धारित तारीखों पर अदालत में उपस्थित नहीं हुए। अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया। क्या है नियम? भारत में चुनावी नियमों के अनुसार कोई भी नागरिक केवल एक स्थान पर मतदाता के रूप में पंजीकृत हो सकता है। एक व्यक्ति के नाम पर कई जगह वोटर पंजीकरण या एक से ज्यादा सक्रिय वोटर पहचान पत्र होना नियमों के खिलाफ माना जा सकता है। हालांकि अंतिम स्थिति जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही तय होती है। कई वोटर आईडी के आरोपों के बीच प्रकाश राज पर कोर्ट का बड़ा कदम। फिलहाल अदालत ने इस मामले में केवल वारंट जारी किया है। आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के तहत हैं और अदालत में साबित होना बाकी है। आगे की सुनवाई में प्रकाश राज की पेशी और उनके पक्ष के बाद अगला कानूनी कदम तय होगा। प्रकाश राज भारतीय सिनेमा के चर्चित कलाकारों में गिने जाते हैं। उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और हिंदी फिल्मों में लंबे समय से काम किया है। फिलहाल चर्चा उनकी फिल्मों की नहीं, बल्कि अदालत के आदेश की हो रही है। ____________________ यह खबर भी पढ़ें.. प्रकाश राज के खिलाफ केस दर्ज कराया गया:एक्टर पर भगवान राम और रामायण का मजाक उड़ाने का आरोप लगा एक्टर प्रकाश राज के खिलाफ दिल्ली में केस दर्ज कराया है। उन पर भगवान राम और रामायण का मजाक उड़ाने का आरोप लगा है।पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
NITI Aayog: India Diversify Oil-Gas Sources | China Pharma Dependence

Hindi News Business NITI Aayog: India Diversify Oil Gas Sources | China Pharma Dependence | US Trade नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक नीति आयोग ने मंगलवार को दवा उद्योग और वैश्विक व्यापार पर अपनी ट्रेड वॉच क्वार्टरली रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत दवाओं के कच्चे माल के लिए 65% तक चीन पर निर्भर है। वहीं, नीति आयोग के वाइस चेयरमैन अशोक कुमार लाहिड़ी ने कहा कि मिडिल ईस्ट संकट से यह सीख मिली है कि किसी एक देश या क्षेत्र पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को तेल और गैस समेत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अलग-अलग स्रोत विकसित करने चाहिए। नीति आयोग के सुझाव: पेटेंट और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की जरूरत नीति आयोग ने इस निर्भरता को कम करने और भारतीय फार्मा सेक्टर को मजबूत करने के लिए कई अहम सुझाव दिए हैं। भारतीय कंपनियों को अब सिर्फ सस्ती जेनेरिक दवाओं तक सीमित न रहकर ज्यादा कीमत और ऊंचे मार्जिन वाले हाई-वैल्यू फार्मास्युटिकल सेगमेंट में उतरना चाहिए। कॉलेजों/यूनिवर्सिटीज में होने वाली रिसर्च को सीधे फैक्ट्रियों तक पहुंचाने का सिस्टम मजबूत करना होगा, ताकि नए रिसर्च से दवाएं और प्रॉडक्ट्स तेजी से बाजार में आ सकें। दवा और मेडिकल क्षेत्र (लाइफ-साइंसेज) में नई खोजों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी नियमों और मंजूरियों की प्रक्रिया को एकदम साफ, आसान और पारदर्शी बनाना होगा। अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौता जल्द होने की उम्मीद लाहिड़ी ने कहा कि भारत और अमेरिका जल्द ही एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देंगे और इस पर हस्ताक्षर करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नीति आयोग ने रिपोर्ट में सुझाव भी दिया है कि जब भी भारत किसी देश या ब्लॉक के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के लिए बातचीत करे, तो उसमें फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स पर एक अलग चैप्टर जरूर शामिल किया जाना चाहिए। भारत में नई दवाओं पर रिसर्च का खर्च महंगा लाहिड़ी ने कहा कि भारत में पर्यावरण से जुड़े नियम अब काफी कड़े हो गए हैं। इस वजह से कंपनियों के लिए फैक्ट्रियों में दवाएं बनाने और नई दवाओं पर रिसर्च (R&D) करने का खर्च बहुत बढ़ गया है। हमारे देश में नई खोजों को बढ़ावा देने और उन्हें बिजनेस में बदलने का सिस्टम अभी कमजोर है। इसी कमी के कारण नए और लंबे समय के लिए पैसा लगाने वाले निवेशक यहां निवेश करने से घबरा रहे हैं। दवा के प्रोडक्शन में हम अच्छे, लेकिन वैल्यू चेन में आगे बढ़ना जरूरी लाहिड़ी ने कहा कि भारत को आज पूरी दुनिया में ‘फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड’ माना जाता है। नीति आयोग ने अपनी स्टडी में पाया है कि दवाओं के प्रोडक्शन के मामले में हम बहुत अच्छा कर रहे हैं, लेकिन अब हमें वैल्यू चेन में ऊपर बढ़ने की जरूरत है। इंटरनेशनल मार्केट में भारतीय कंपनियों की अच्छी साख है। अगर भारतीय फार्मा कंपनियां अच्छी क्वालिटी और सही कीमत वाले ब्रांडेड प्रोडक्ट्स बाजार में लाती हैं, तो वैश्विक बाजार पर हमारी मजबूत पकड़ बन सकती है। दुनिया को सस्ती दवाएं देने में भारत नंबर-1 भारत दुनियाभर में सस्ती जेनेरिक दवाएं सप्लाई करने वाला एक प्रमुख देश है। अफ्रीका की कुल जेनेरिक दवाओं की जरूरत का करीब 50% हिस्सा भारत पूरा करता है। अमेरिका की 40% जेनेरिक दवाओं की सप्लाई भारत से होती है। UK की 25% जेनेरिक दवाओं की मांग भारतीय कंपनियां पूरी करती हैं। 2025 में ₹123.13 लाख करोड़ की दवाओं की डिमांड रही अगर पूरी दुनिया में दवाओं के कुल कारोबार की बात करें, तो साल 2025 में दुनियाभर में करीब ₹123.13 लाख करोड़ ($1.3 ट्रिलियन) की दवाओं और उनके कच्चे माल की मांग (डिमांड) थी। इसमें से करीब ₹96.61 लाख करोड़ ($1.02 ट्रिलियन) सिर्फ तैयार दवाओं (जैसे टैबलेट, सिरप और कैप्सूल) को खरीदने में खर्च हुए। बाकी के करीब ₹24.72 लाख करोड़ ($261 बिलियन) उन रसायनों और कच्चे माल को खरीदने में खर्च हुए, जिनका इस्तेमाल फैक्ट्रियों में दवाएं बनाने के लिए किया जाता है। ————— यह खबर भी पढ़ें… चांदी आज ₹10,566 सस्ती हुई, इस महीने ₹36,015 गिरी: सोना ₹2,522 गिरा, जून में ₹10,748 की गिरावट; जानें अपने शहर के दाम सोने-चांदी की कीमतों में आज 23 जून को गिरावट आई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 10,566 रुपए घटकर 2.27 लाख रुपए पर आ गई है, जो सोमवार को 2.37 लाख रुपए पर थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,522 रुपए गिरकर 1.45 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले 22 जून को यह 1.47 लाख पर था। सोना के दाम इस महीने 10,748 रुपए और चांदी के 36,015 रुपए गिरे हैं। 1 जून को सोना ₹1.56 लाख/10 ग्राम और चांदी ₹2.63 लाख/किलो थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
NITI Aayog: India Diversify Oil-Gas Sources | China Pharma Dependence

Hindi News Business NITI Aayog: India Diversify Oil Gas Sources | China Pharma Dependence | US Trade नई दिल्ली20 मिनट पहले कॉपी लिंक नीति आयोग ने मंगलवार को दवा उद्योग और वैश्विक व्यापार पर अपनी ट्रेड वॉच क्वार्टरली रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत दवाओं के कच्चे माल के लिए 65% तक चीन पर निर्भर है। वहीं, नीति आयोग के वाइस चेयरमैन अशोक कुमार लाहिड़ी ने कहा कि मिडिल ईस्ट संकट से यह सीख मिली है कि किसी एक देश या क्षेत्र पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को तेल और गैस समेत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अलग-अलग स्रोत विकसित करने चाहिए। नीति आयोग के सुझाव: पेटेंट और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की जरूरत नीति आयोग ने इस निर्भरता को कम करने और भारतीय फार्मा सेक्टर को मजबूत करने के लिए कई अहम सुझाव दिए हैं। भारतीय कंपनियों को अब सिर्फ सस्ती जेनेरिक दवाओं तक सीमित न रहकर ज्यादा कीमत और ऊंचे मार्जिन वाले हाई-वैल्यू फार्मास्युटिकल सेगमेंट में उतरना चाहिए। कॉलेजों/यूनिवर्सिटीज में होने वाली रिसर्च को सीधे फैक्ट्रियों तक पहुंचाने का सिस्टम मजबूत करना होगा, ताकि नए रिसर्च से दवाएं और प्रॉडक्ट्स तेजी से बाजार में आ सकें। दवा और मेडिकल क्षेत्र (लाइफ-साइंसेज) में नई खोजों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी नियमों और मंजूरियों की प्रक्रिया को एकदम साफ, आसान और पारदर्शी बनाना होगा। अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौता जल्द होने की उम्मीद लाहिड़ी ने कहा कि भारत और अमेरिका जल्द ही एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देंगे और इस पर हस्ताक्षर करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नीति आयोग ने रिपोर्ट में सुझाव भी दिया है कि जब भी भारत किसी देश या ब्लॉक के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के लिए बातचीत करे, तो उसमें फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स पर एक अलग चैप्टर जरूर शामिल किया जाना चाहिए। भारत में नई दवाओं पर रिसर्च का खर्च महंगा लाहिड़ी ने कहा कि भारत में पर्यावरण से जुड़े नियम अब काफी कड़े हो गए हैं। इस वजह से कंपनियों के लिए फैक्ट्रियों में दवाएं बनाने और नई दवाओं पर रिसर्च (R&D) करने का खर्च बहुत बढ़ गया है। हमारे देश में नई खोजों को बढ़ावा देने और उन्हें बिजनेस में बदलने का सिस्टम अभी कमजोर है। इसी कमी के कारण नए और लंबे समय के लिए पैसा लगाने वाले निवेशक यहां निवेश करने से घबरा रहे हैं। दवा के प्रोडक्शन में हम अच्छे, लेकिन वैल्यू चेन में आगे बढ़ना जरूरी लाहिड़ी ने कहा कि भारत को आज पूरी दुनिया में ‘फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड’ माना जाता है। नीति आयोग ने अपनी स्टडी में पाया है कि दवाओं के प्रोडक्शन के मामले में हम बहुत अच्छा कर रहे हैं, लेकिन अब हमें वैल्यू चेन में ऊपर बढ़ने की जरूरत है। इंटरनेशनल मार्केट में भारतीय कंपनियों की अच्छी साख है। अगर भारतीय फार्मा कंपनियां अच्छी क्वालिटी और सही कीमत वाले ब्रांडेड प्रोडक्ट्स बाजार में लाती हैं, तो वैश्विक बाजार पर हमारी मजबूत पकड़ बन सकती है। दुनिया को सस्ती दवाएं देने में भारत नंबर-1 भारत दुनियाभर में सस्ती जेनेरिक दवाएं सप्लाई करने वाला एक प्रमुख देश है। अफ्रीका की कुल जेनेरिक दवाओं की जरूरत का करीब 50% हिस्सा भारत पूरा करता है। अमेरिका की 40% जेनेरिक दवाओं की सप्लाई भारत से होती है। UK की 25% जेनेरिक दवाओं की मांग भारतीय कंपनियां पूरी करती हैं। 2025 में ₹123.13 लाख करोड़ की दवाओं की डिमांड रही अगर पूरी दुनिया में दवाओं के कुल कारोबार की बात करें, तो साल 2025 में दुनियाभर में करीब ₹123.13 लाख करोड़ ($1.3 ट्रिलियन) की दवाओं और उनके कच्चे माल की मांग (डिमांड) थी। इसमें से करीब ₹96.61 लाख करोड़ ($1.02 ट्रिलियन) सिर्फ तैयार दवाओं (जैसे टैबलेट, सिरप और कैप्सूल) को खरीदने में खर्च हुए। बाकी के करीब ₹24.72 लाख करोड़ ($261 बिलियन) उन रसायनों और कच्चे माल को खरीदने में खर्च हुए, जिनका इस्तेमाल फैक्ट्रियों में दवाएं बनाने के लिए किया जाता है। ————— यह खबर भी पढ़ें… चांदी आज ₹10,566 सस्ती हुई, इस महीने ₹36,015 गिरी: सोना ₹2,522 गिरा, जून में ₹10,748 की गिरावट; जानें अपने शहर के दाम सोने-चांदी की कीमतों में आज 23 जून को गिरावट आई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 10,566 रुपए घटकर 2.27 लाख रुपए पर आ गई है, जो सोमवार को 2.37 लाख रुपए पर थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,522 रुपए गिरकर 1.45 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले 22 जून को यह 1.47 लाख पर था। सोना के दाम इस महीने 10,748 रुपए और चांदी के 36,015 रुपए गिरे हैं। 1 जून को सोना ₹1.56 लाख/10 ग्राम और चांदी ₹2.63 लाख/किलो थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
लखनऊ अग्निकांड: यूपी सरकार ने भीषण अग्निकांड के बाद 4 अधिकारियों को निलंबित किया | न्यूज18

लखनऊ अग्निकांड मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, उत्तर प्रदेश सरकार ने घटना के संबंध में चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई तब हुई है जब अधिकारी आग लगने के आसपास की परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं और सुरक्षा उपायों, प्रशासन और निगरानी में संभावित खामियों का आकलन कर रहे हैं। अधिकारियों का निलंबन त्रासदी के प्रति सरकार की प्रतिक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि जवाबदेही और अग्नि सुरक्षा नियमों के अनुपालन के बारे में सवाल उठाए जा रहे हैं। जांचकर्ता घटना के पीछे की घटनाओं की जांच कर रहे हैं और क्या लापरवाही या प्रक्रियात्मक विफलताओं ने स्थिति में योगदान दिया है। -newsn18oc_indiaNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 23 जून, 2026, 17:54 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)प्रशासनिक कार्रवाई(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)करंट अफेयर्स(टी)आपदा प्रबंधन(टी)आपातकालीन(टी)आग लगने की घटना(टी)अग्नि जांच(टी)अग्नि सुरक्षा(टी)सरकारी जवाबदेही(टी)सरकारी कार्रवाई(टी)भारत समाचार(टी)ताजा समाचार(टी)लखनऊ आग(टी)लखनऊ आग मामला(टी)लखनऊ समाचार(टी)लखनऊ अपडेट(टी)लापरवाही जांच(टी)आधिकारिक निलंबन(टी)सार्वजनिक सुरक्षा(टी)निलंबित अधिकारी(टी)यूपी सरकार(टी)यूपी समाचार आज(टी)उत्तर प्रदेश सरकार(टी)उत्तर प्रदेश समाचार






