Wednesday, 24 Jun 2026 | 07:56 AM

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Bengaluru Court Issues Non-Bailable Warrant Against Prakash Raj

Bengaluru Court Issues Non-Bailable Warrant Against Prakash Raj

10 मिनट पहले कॉपी लिंक वोटर आईडी विवाद में घिरे प्रकाश राज, कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट। दक्षिण भारतीय फिल्मों के चर्चित अभिनेता प्रकाश राज कानूनी विवाद में घिर गए हैं। बेंगलुरु की अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। मामला कथित तौर पर अलग-अलग राज्यों में एक से ज्यादा वोटर आईडी रखने से जुड़ा है। कोर्ट का यह कदम उनके अदालत में पेश नहीं होने के बाद आया। जानकारी के मुताबिक यह मामला कई साल पुरानी शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता अधिवक्ता दिलीप कुमार ने आरोप लगाया था कि प्रकाश राज के नाम पर अलग-अलग राज्यों में वोटर पहचान पत्र दर्ज हैं। शिकायत में कहा गया कि अभिनेता के पास कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में वोटर आईडी होने की आशंका जताई गई थी। प्रकाश राज की बढ़ीं मुश्किलें, अदालत के आदेश के बाद मामला चर्चा में। शिकायत के बाद मामला पुलिस और चुनाव आयोग तक पहुंचा। शिकायतकर्ता का दावा था कि अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया गया। इसके बाद कोर्ट की निगरानी में सुनवाई आगे बढ़ी। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक बेंगलुरु की 48वीं अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी (ACMM/ACJM) अदालत ने प्रकाश राज को पेश होने के लिए पहले समन जारी किए थे। हालांकि वे निर्धारित तारीखों पर अदालत में उपस्थित नहीं हुए। अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया। क्या है नियम? भारत में चुनावी नियमों के अनुसार कोई भी नागरिक केवल एक स्थान पर मतदाता के रूप में पंजीकृत हो सकता है। एक व्यक्ति के नाम पर कई जगह वोटर पंजीकरण या एक से ज्यादा सक्रिय वोटर पहचान पत्र होना नियमों के खिलाफ माना जा सकता है। हालांकि अंतिम स्थिति जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही तय होती है। कई वोटर आईडी के आरोपों के बीच प्रकाश राज पर कोर्ट का बड़ा कदम। फिलहाल अदालत ने इस मामले में केवल वारंट जारी किया है। आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के तहत हैं और अदालत में साबित होना बाकी है। आगे की सुनवाई में प्रकाश राज की पेशी और उनके पक्ष के बाद अगला कानूनी कदम तय होगा। प्रकाश राज भारतीय सिनेमा के चर्चित कलाकारों में गिने जाते हैं। उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और हिंदी फिल्मों में लंबे समय से काम किया है। फिलहाल चर्चा उनकी फिल्मों की नहीं, बल्कि अदालत के आदेश की हो रही है। ____________________ यह खबर भी पढ़ें.. प्रकाश राज के खिलाफ केस दर्ज कराया गया:एक्टर पर भगवान राम और रामायण का मजाक उड़ाने का आरोप लगा एक्टर प्रकाश राज के खिलाफ दिल्ली में केस दर्ज कराया है। उन पर भगवान राम और रामायण का मजाक उड़ाने का आरोप लगा है।पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Bengaluru Court Issues Non-Bailable Warrant Against Prakash Raj

Bengaluru Court Issues Non-Bailable Warrant Against Prakash Raj

27 मिनट पहले कॉपी लिंक वोटर आईडी विवाद में घिरे प्रकाश राज, कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट। दक्षिण भारतीय फिल्मों के चर्चित अभिनेता प्रकाश राज कानूनी विवाद में घिर गए हैं। बेंगलुरु की अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। मामला कथित तौर पर अलग-अलग राज्यों में एक से ज्यादा वोटर आईडी रखने से जुड़ा है। कोर्ट का यह कदम उनके अदालत में पेश नहीं होने के बाद आया। जानकारी के मुताबिक यह मामला कई साल पुरानी शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता अधिवक्ता दिलीप कुमार ने आरोप लगाया था कि प्रकाश राज के नाम पर अलग-अलग राज्यों में वोटर पहचान पत्र दर्ज हैं। शिकायत में कहा गया कि अभिनेता के पास कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में वोटर आईडी होने की आशंका जताई गई थी। प्रकाश राज की बढ़ीं मुश्किलें, अदालत के आदेश के बाद मामला चर्चा में। शिकायत के बाद मामला पुलिस और चुनाव आयोग तक पहुंचा। शिकायतकर्ता का दावा था कि अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया गया। इसके बाद कोर्ट की निगरानी में सुनवाई आगे बढ़ी। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक बेंगलुरु की 48वीं अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी (ACMM/ACJM) अदालत ने प्रकाश राज को पेश होने के लिए पहले समन जारी किए थे। हालांकि वे निर्धारित तारीखों पर अदालत में उपस्थित नहीं हुए। अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया। क्या है नियम? भारत में चुनावी नियमों के अनुसार कोई भी नागरिक केवल एक स्थान पर मतदाता के रूप में पंजीकृत हो सकता है। एक व्यक्ति के नाम पर कई जगह वोटर पंजीकरण या एक से ज्यादा सक्रिय वोटर पहचान पत्र होना नियमों के खिलाफ माना जा सकता है। हालांकि अंतिम स्थिति जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही तय होती है। कई वोटर आईडी के आरोपों के बीच प्रकाश राज पर कोर्ट का बड़ा कदम। फिलहाल अदालत ने इस मामले में केवल वारंट जारी किया है। आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के तहत हैं और अदालत में साबित होना बाकी है। आगे की सुनवाई में प्रकाश राज की पेशी और उनके पक्ष के बाद अगला कानूनी कदम तय होगा। प्रकाश राज भारतीय सिनेमा के चर्चित कलाकारों में गिने जाते हैं। उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और हिंदी फिल्मों में लंबे समय से काम किया है। फिलहाल चर्चा उनकी फिल्मों की नहीं, बल्कि अदालत के आदेश की हो रही है। ____________________ यह खबर भी पढ़ें.. प्रकाश राज के खिलाफ केस दर्ज कराया गया:एक्टर पर भगवान राम और रामायण का मजाक उड़ाने का आरोप लगा एक्टर प्रकाश राज के खिलाफ दिल्ली में केस दर्ज कराया है। उन पर भगवान राम और रामायण का मजाक उड़ाने का आरोप लगा है।पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

NITI Aayog: India Diversify Oil-Gas Sources | China Pharma Dependence

NITI Aayog: India Diversify Oil-Gas Sources | China Pharma Dependence

Hindi News Business NITI Aayog: India Diversify Oil Gas Sources | China Pharma Dependence | US Trade नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक नीति आयोग ने मंगलवार को दवा उद्योग और वैश्विक व्यापार पर अपनी ट्रेड वॉच क्वार्टरली रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत दवाओं के कच्चे माल के लिए 65% तक चीन पर निर्भर है। वहीं, नीति आयोग के वाइस चेयरमैन अशोक कुमार लाहिड़ी ने कहा कि मिडिल ईस्ट संकट से यह सीख मिली है कि किसी एक देश या क्षेत्र पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को तेल और गैस समेत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अलग-अलग स्रोत विकसित करने चाहिए। नीति आयोग के सुझाव: पेटेंट और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की जरूरत नीति आयोग ने इस निर्भरता को कम करने और भारतीय फार्मा सेक्टर को मजबूत करने के लिए कई अहम सुझाव दिए हैं। भारतीय कंपनियों को अब सिर्फ सस्ती जेनेरिक दवाओं तक सीमित न रहकर ज्यादा कीमत और ऊंचे मार्जिन वाले हाई-वैल्यू फार्मास्युटिकल सेगमेंट में उतरना चाहिए। कॉलेजों/यूनिवर्सिटीज में होने वाली रिसर्च को सीधे फैक्ट्रियों तक पहुंचाने का सिस्टम मजबूत करना होगा, ताकि नए रिसर्च से दवाएं और प्रॉडक्ट्स तेजी से बाजार में आ सकें। दवा और मेडिकल क्षेत्र (लाइफ-साइंसेज) में नई खोजों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी नियमों और मंजूरियों की प्रक्रिया को एकदम साफ, आसान और पारदर्शी बनाना होगा। अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौता जल्द होने की उम्मीद लाहिड़ी ने कहा कि भारत और अमेरिका जल्द ही एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देंगे और इस पर हस्ताक्षर करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नीति आयोग ने रिपोर्ट में सुझाव भी दिया है कि जब भी भारत किसी देश या ब्लॉक के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के लिए बातचीत करे, तो उसमें फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स पर एक अलग चैप्टर जरूर शामिल किया जाना चाहिए। भारत में नई दवाओं पर रिसर्च का खर्च महंगा लाहिड़ी ने कहा कि भारत में पर्यावरण से जुड़े नियम अब काफी कड़े हो गए हैं। इस वजह से कंपनियों के लिए फैक्ट्रियों में दवाएं बनाने और नई दवाओं पर रिसर्च (R&D) करने का खर्च बहुत बढ़ गया है। हमारे देश में नई खोजों को बढ़ावा देने और उन्हें बिजनेस में बदलने का सिस्टम अभी कमजोर है। इसी कमी के कारण नए और लंबे समय के लिए पैसा लगाने वाले निवेशक यहां निवेश करने से घबरा रहे हैं। दवा के प्रोडक्शन में हम अच्छे, लेकिन वैल्यू चेन में आगे बढ़ना जरूरी लाहिड़ी ने कहा कि भारत को आज पूरी दुनिया में ‘फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड’ माना जाता है। नीति आयोग ने अपनी स्टडी में पाया है कि दवाओं के प्रोडक्शन के मामले में हम बहुत अच्छा कर रहे हैं, लेकिन अब हमें वैल्यू चेन में ऊपर बढ़ने की जरूरत है। इंटरनेशनल मार्केट में भारतीय कंपनियों की अच्छी साख है। अगर भारतीय फार्मा कंपनियां अच्छी क्वालिटी और सही कीमत वाले ब्रांडेड प्रोडक्ट्स बाजार में लाती हैं, तो वैश्विक बाजार पर हमारी मजबूत पकड़ बन सकती है। दुनिया को सस्ती दवाएं देने में भारत नंबर-1 भारत दुनियाभर में सस्ती जेनेरिक दवाएं सप्लाई करने वाला एक प्रमुख देश है। अफ्रीका की कुल जेनेरिक दवाओं की जरूरत का करीब 50% हिस्सा भारत पूरा करता है। अमेरिका की 40% जेनेरिक दवाओं की सप्लाई भारत से होती है। UK की 25% जेनेरिक दवाओं की मांग भारतीय कंपनियां पूरी करती हैं। 2025 में ₹123.13 लाख करोड़ की दवाओं की डिमांड रही अगर पूरी दुनिया में दवाओं के कुल कारोबार की बात करें, तो साल 2025 में दुनियाभर में करीब ₹123.13 लाख करोड़ ($1.3 ट्रिलियन) की दवाओं और उनके कच्चे माल की मांग (डिमांड) थी। इसमें से करीब ₹96.61 लाख करोड़ ($1.02 ट्रिलियन) सिर्फ तैयार दवाओं (जैसे टैबलेट, सिरप और कैप्सूल) को खरीदने में खर्च हुए। बाकी के करीब ₹24.72 लाख करोड़ ($261 बिलियन) उन रसायनों और कच्चे माल को खरीदने में खर्च हुए, जिनका इस्तेमाल फैक्ट्रियों में दवाएं बनाने के लिए किया जाता है। ————— यह खबर भी पढ़ें… चांदी आज ₹10,566 सस्ती हुई, इस महीने ₹36,015 गिरी: सोना ₹2,522 गिरा, जून में ₹10,748 की गिरावट; जानें अपने शहर के दाम सोने-चांदी की कीमतों में आज 23 जून को गिरावट आई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 10,566 रुपए घटकर 2.27 लाख रुपए पर आ गई है, जो सोमवार को 2.37 लाख रुपए पर थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,522 रुपए गिरकर 1.45 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले 22 जून को यह 1.47 लाख पर था। सोना के दाम इस महीने 10,748 रुपए और चांदी के 36,015 रुपए गिरे हैं। 1 जून को सोना ₹1.56 लाख/10 ग्राम और चांदी ₹2.63 लाख/किलो थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

NITI Aayog: India Diversify Oil-Gas Sources | China Pharma Dependence

NITI Aayog: India Diversify Oil-Gas Sources | China Pharma Dependence

Hindi News Business NITI Aayog: India Diversify Oil Gas Sources | China Pharma Dependence | US Trade नई दिल्ली20 मिनट पहले कॉपी लिंक नीति आयोग ने मंगलवार को दवा उद्योग और वैश्विक व्यापार पर अपनी ट्रेड वॉच क्वार्टरली रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत दवाओं के कच्चे माल के लिए 65% तक चीन पर निर्भर है। वहीं, नीति आयोग के वाइस चेयरमैन अशोक कुमार लाहिड़ी ने कहा कि मिडिल ईस्ट संकट से यह सीख मिली है कि किसी एक देश या क्षेत्र पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को तेल और गैस समेत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अलग-अलग स्रोत विकसित करने चाहिए। नीति आयोग के सुझाव: पेटेंट और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की जरूरत नीति आयोग ने इस निर्भरता को कम करने और भारतीय फार्मा सेक्टर को मजबूत करने के लिए कई अहम सुझाव दिए हैं। भारतीय कंपनियों को अब सिर्फ सस्ती जेनेरिक दवाओं तक सीमित न रहकर ज्यादा कीमत और ऊंचे मार्जिन वाले हाई-वैल्यू फार्मास्युटिकल सेगमेंट में उतरना चाहिए। कॉलेजों/यूनिवर्सिटीज में होने वाली रिसर्च को सीधे फैक्ट्रियों तक पहुंचाने का सिस्टम मजबूत करना होगा, ताकि नए रिसर्च से दवाएं और प्रॉडक्ट्स तेजी से बाजार में आ सकें। दवा और मेडिकल क्षेत्र (लाइफ-साइंसेज) में नई खोजों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी नियमों और मंजूरियों की प्रक्रिया को एकदम साफ, आसान और पारदर्शी बनाना होगा। अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौता जल्द होने की उम्मीद लाहिड़ी ने कहा कि भारत और अमेरिका जल्द ही एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देंगे और इस पर हस्ताक्षर करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नीति आयोग ने रिपोर्ट में सुझाव भी दिया है कि जब भी भारत किसी देश या ब्लॉक के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के लिए बातचीत करे, तो उसमें फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स पर एक अलग चैप्टर जरूर शामिल किया जाना चाहिए। भारत में नई दवाओं पर रिसर्च का खर्च महंगा लाहिड़ी ने कहा कि भारत में पर्यावरण से जुड़े नियम अब काफी कड़े हो गए हैं। इस वजह से कंपनियों के लिए फैक्ट्रियों में दवाएं बनाने और नई दवाओं पर रिसर्च (R&D) करने का खर्च बहुत बढ़ गया है। हमारे देश में नई खोजों को बढ़ावा देने और उन्हें बिजनेस में बदलने का सिस्टम अभी कमजोर है। इसी कमी के कारण नए और लंबे समय के लिए पैसा लगाने वाले निवेशक यहां निवेश करने से घबरा रहे हैं। दवा के प्रोडक्शन में हम अच्छे, लेकिन वैल्यू चेन में आगे बढ़ना जरूरी लाहिड़ी ने कहा कि भारत को आज पूरी दुनिया में ‘फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड’ माना जाता है। नीति आयोग ने अपनी स्टडी में पाया है कि दवाओं के प्रोडक्शन के मामले में हम बहुत अच्छा कर रहे हैं, लेकिन अब हमें वैल्यू चेन में ऊपर बढ़ने की जरूरत है। इंटरनेशनल मार्केट में भारतीय कंपनियों की अच्छी साख है। अगर भारतीय फार्मा कंपनियां अच्छी क्वालिटी और सही कीमत वाले ब्रांडेड प्रोडक्ट्स बाजार में लाती हैं, तो वैश्विक बाजार पर हमारी मजबूत पकड़ बन सकती है। दुनिया को सस्ती दवाएं देने में भारत नंबर-1 भारत दुनियाभर में सस्ती जेनेरिक दवाएं सप्लाई करने वाला एक प्रमुख देश है। अफ्रीका की कुल जेनेरिक दवाओं की जरूरत का करीब 50% हिस्सा भारत पूरा करता है। अमेरिका की 40% जेनेरिक दवाओं की सप्लाई भारत से होती है। UK की 25% जेनेरिक दवाओं की मांग भारतीय कंपनियां पूरी करती हैं। 2025 में ₹123.13 लाख करोड़ की दवाओं की डिमांड रही अगर पूरी दुनिया में दवाओं के कुल कारोबार की बात करें, तो साल 2025 में दुनियाभर में करीब ₹123.13 लाख करोड़ ($1.3 ट्रिलियन) की दवाओं और उनके कच्चे माल की मांग (डिमांड) थी। इसमें से करीब ₹96.61 लाख करोड़ ($1.02 ट्रिलियन) सिर्फ तैयार दवाओं (जैसे टैबलेट, सिरप और कैप्सूल) को खरीदने में खर्च हुए। बाकी के करीब ₹24.72 लाख करोड़ ($261 बिलियन) उन रसायनों और कच्चे माल को खरीदने में खर्च हुए, जिनका इस्तेमाल फैक्ट्रियों में दवाएं बनाने के लिए किया जाता है। ————— यह खबर भी पढ़ें… चांदी आज ₹10,566 सस्ती हुई, इस महीने ₹36,015 गिरी: सोना ₹2,522 गिरा, जून में ₹10,748 की गिरावट; जानें अपने शहर के दाम सोने-चांदी की कीमतों में आज 23 जून को गिरावट आई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 10,566 रुपए घटकर 2.27 लाख रुपए पर आ गई है, जो सोमवार को 2.37 लाख रुपए पर थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,522 रुपए गिरकर 1.45 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले 22 जून को यह 1.47 लाख पर था। सोना के दाम इस महीने 10,748 रुपए और चांदी के 36,015 रुपए गिरे हैं। 1 जून को सोना ₹1.56 लाख/10 ग्राम और चांदी ₹2.63 लाख/किलो थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

लखनऊ अग्निकांड: यूपी सरकार ने भीषण अग्निकांड के बाद 4 अधिकारियों को निलंबित किया | न्यूज18

लखनऊ अग्निकांड: यूपी सरकार ने भीषण अग्निकांड के बाद 4 अधिकारियों को निलंबित किया | न्यूज18

लखनऊ अग्निकांड मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, उत्तर प्रदेश सरकार ने घटना के संबंध में चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई तब हुई है जब अधिकारी आग लगने के आसपास की परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं और सुरक्षा उपायों, प्रशासन और निगरानी में संभावित खामियों का आकलन कर रहे हैं। अधिकारियों का निलंबन त्रासदी के प्रति सरकार की प्रतिक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि जवाबदेही और अग्नि सुरक्षा नियमों के अनुपालन के बारे में सवाल उठाए जा रहे हैं। जांचकर्ता घटना के पीछे की घटनाओं की जांच कर रहे हैं और क्या लापरवाही या प्रक्रियात्मक विफलताओं ने स्थिति में योगदान दिया है। -newsn18oc_indiaNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 23 जून, 2026, 17:54 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)प्रशासनिक कार्रवाई(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)करंट अफेयर्स(टी)आपदा प्रबंधन(टी)आपातकालीन(टी)आग लगने की घटना(टी)अग्नि जांच(टी)अग्नि सुरक्षा(टी)सरकारी जवाबदेही(टी)सरकारी कार्रवाई(टी)भारत समाचार(टी)ताजा समाचार(टी)लखनऊ आग(टी)लखनऊ आग मामला(टी)लखनऊ समाचार(टी)लखनऊ अपडेट(टी)लापरवाही जांच(टी)आधिकारिक निलंबन(टी)सार्वजनिक सुरक्षा(टी)निलंबित अधिकारी(टी)यूपी सरकार(टी)यूपी समाचार आज(टी)उत्तर प्रदेश सरकार(टी)उत्तर प्रदेश समाचार

अयोध्या राम मंदिर विवाद को लेकर अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधा, कहा- सीसीटीवी सच उजागर करेगा | न्यूज18

अयोध्या राम मंदिर विवाद को लेकर अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधा, कहा- सीसीटीवी सच उजागर करेगा | न्यूज18

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने अयोध्या राम मंदिर विवाद को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “सीसीटीवी फुटेज उजागर कर देगा कि वास्तव में क्या हुआ था।” उनकी टिप्पणी ने उत्तर प्रदेश में राजनीतिक वाकयुद्ध तेज कर दिया है क्योंकि विवाद, जवाबदेही, पारदर्शिता और चल रही जांच पर सवाल बढ़ रहे हैं। यह मुद्दा अब विपक्ष और राज्य सरकार के बीच एक बड़ा विवाद बन गया है। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_breaking-newsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 23 जून, 2026, 17:42 IST

‘अदालत में अपने पति की तलाश कर रही पत्नी की कहानी…’: उदयनिधि स्टालिन का सीएम विजय पर व्यक्तिगत कटाक्ष | भारत समाचार

Amelia Kerr picked up three wickets against Scotland (Picture credit: ICC)

आखरी अपडेट:23 जून, 2026, 17:34 IST विजय के “शैतानों को बुराइयों के बारे में बात नहीं करनी चाहिए” टिप्पणी पर उदयनिधि स्टालिन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिन्होंने उन पर मुख्यमंत्री नहीं बल्कि एक अभिनेता की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया। विजय ने DMK को “शैतान” कहा; उदयनिधि ने राजनीतिक झगड़े को व्यक्तिगत क्षेत्र में ले जाते हुए “एक पत्नी अपने पति की तलाश कर रही है” के बारे में एक रहस्यमय चुटकी के साथ जवाब दिया। (छवि: एक्स/@उदयस्टालिन) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और द्रमुक नेता उदयनिधि स्टालिन के बीच जुबानी जंग ने मंगलवार को व्यक्तिगत मोड़ ले लिया, जब स्टालिन ने “चेंगलपट्टू अदालत में एक पत्नी अपने पति की तलाश कर रही थी” का गूढ़ संदर्भ दिया – इस टिप्पणी को व्यापक रूप से दिसंबर 2025 में चेंगलपट्टू परिवार न्यायालय के समक्ष विजय की पत्नी संगकीथा सोर्नलिंगम द्वारा दायर तलाक याचिका की ओर इशारा करते हुए देखा जा रहा है। उदयनिधि ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर विजय के जवाब को “अभिनय प्रदर्शन” के रूप में वर्णित करते हुए एक्स पर लिखा, “चेंगलपट्टू अदालत में अपने पति को खोजने वाली एक पत्नी की कहानी पहले से ही पूरे तमिलनाडु को पता है। इसलिए, उसे भूल जाना चाहिए कि वह @actorvijay है और इसके बाद @CMOTamilnadu (तमिलनाडु के मुख्यमंत्री) के रूप में व्यवहार करेगा।” उदयनिधि की यह टिप्पणी विपक्ष के नेता की आलोचना के जवाब में विजय द्वारा द्रमुक पर पलटवार करने के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था, “बुराइयां, बुराइयां-नु शैतान पेसा कुदाथु” (शैतानों को बुराइयों के बारे में बात नहीं करनी चाहिए)। यह बातचीत तब शुरू हुई जब उदयनिधि ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सत्तारूढ़ टीवीके सरकार पर निशाना साधते हुए टिप्पणी की कि “बुराई के सामने चुप रहना अपने आप में बुराई का एक रूप है”। अपना हमला जारी रखते हुए, उदयनिधि ने विजय पर किसानों को यह कहकर अपमानित करने का आरोप लगाया कि उनके विरोध को विपक्षी दलों द्वारा भड़काया जा रहा है। उन्होंने कहा, “यह निंदनीय है कि उन्होंने यह कहकर किसानों को अपमानित किया कि उनके विरोध को विपक्षी दलों द्वारा भड़काया जा रहा है। उनकी टिप्पणी कि वह एक ‘लघु कहानी’ (कुट्टिक्कथाई) सुनाएंगे, पूरी तरह से सदन की गरिमा के खिलाफ थी।” डीएमके नेता अपने विधानसभा भाषण के दौरान विजय द्वारा सुनाए गए एक व्यंग्यपूर्ण किस्से का जिक्र कर रहे थे, जिसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति एक बच्चे के पिता की तलाश में जाता है। जब एक युवा लड़का उससे पूछता है कि वह क्या ढूंढ रहा है, तो वह आदमी जवाब देता है: “उन्होंने मुझे बताया कि तुम्हारे पिता यहीं होंगे। इसलिए मैं खोज रहा हूं। तुम्हारे पिता कहां हैं? मुझे वह नहीं मिल रहे हैं।” उदयनिधि ने विजय की प्रस्तुति की शैली का भी मजाक उड़ाया, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने ऐसे बात की जैसे कि “विधानसभा का लाइव कैमरा एक सिनेमा कैमरा था” और आरोप लगाया कि अध्यक्ष ने प्रभावी ढंग से विपक्ष के व्यवधान के बिना “सिंगल टेक” में भाषण देने की अनुमति दी थी। आलोचना में विजय द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन द्वारा लोकप्रिय किए गए वायरल हाथ काटने के इशारे के मनोरंजन का भी संदर्भ दिया गया। विधानसभा में अपना लगभग 45 मिनट का भाषण समाप्त करने से पहले, विजय ने खाली विपक्षी बेंचों की ओर इशारा किया और अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर से पूछा कि क्या वह सदन में हाथ का इशारा कर सकते हैं। “मैं द्रमुक सदस्यों की मौजूदगी में यह नाटक करना चाहता था। लेकिन वे सभी बाहर चले गए। क्या मैं आपकी अनुमति से ऐसा कर सकता हूं?” विजय ने पूछा. अध्यक्ष ने जवाब दिया, “क्यों नहीं, कुछ भी गलत नहीं है।” इसके बाद मुस्कुराते हुए विजय ने हाथ नीचे की ओर काटने का इशारा किया, जिससे ट्रेजरी बेंचों ने जोर-जोर से मेजें थपथपाईं और अध्यक्ष ने मनोरंजन किया। यह इशारा पहली बार मार्च में वायरल हुआ था जब तत्कालीन मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कांग्रेस के साथ द्रमुक की सीट-बंटवारे की व्यवस्था को अंतिम रूप देने के बाद इसका इस्तेमाल किया था। स्टालिन ने बाद में स्पष्ट किया कि यह गठबंधन वार्ता के सफल समापन का प्रतीक है और बाद में इसे सार्वजनिक उपस्थिति में फिर से बनाया गया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शंख्यानील सरकार शंख्यानील सरकार News18 में वरिष्ठ उपसंपादक हैं। वह अंतरराष्ट्रीय मामलों को कवर करते हैं, जहां वह ब्रेकिंग न्यूज से लेकर गहन विश्लेषण तक पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उनके पास पाँच वर्षों से अधिक का अनुभव है जिसके दौरान उन्होंने …और पढ़ें न्यूज़ इंडिया ‘अदालत में अपने पति की तलाश कर रही पत्नी की कहानी…’: उदयनिधि स्टालिन का सीएम विजय पर व्यक्तिगत कटाक्ष अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)विजय उदयनिधि वाकयुद्ध(टी)तमिलनाडु की राजनीति(टी)सी जोसेफ विजय(टी)उदयनिधि स्टालिन टिप्पणी(टी)चेंगलपट्टू अदालत मामला(टी)संगकीथा सोरनालिंगम तलाक(टी)टीवीके सरकार की आलोचना(टी)डीएमके बनाम टीवीके

“मतदाताओं के हित में किया बदलाव”: शिंदे सेना में शामिल होने के बाद नागेश अष्टिकर का पहला साक्षात्कार

"मतदाताओं के हित में किया बदलाव": शिंदे सेना में शामिल होने के बाद नागेश अष्टिकर का पहला साक्षात्कार

| “मतदाताओं के हित में बदलाव किया गया है, ताकि सार्वजनिक कार्यों में तेजी लाई जा सके जो विपक्ष में रहते हुए संभव नहीं था”: नागेश बापुराव पाटिल आष्टीकर ने शिंदे सेना में शामिल होने के बाद News18 से बात की n18oc_politicsn18oc_breaking-newsn18oc_indiaNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube

क्विक कॉमर्स का बदलता ट्रेंड:दूध-सब्जी छोड़ अब फैशन-ब्यूटी पर बड़ा दांव; हाई-मार्जिन लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स का नया ठिकाना बने क्विक डिलीवरी ऐप्स

क्विक कॉमर्स का बदलता ट्रेंड:दूध-सब्जी छोड़ अब फैशन-ब्यूटी पर बड़ा दांव; हाई-मार्जिन लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स का नया ठिकाना बने क्विक डिलीवरी ऐप्स

देश में ऑनलाइन शॉपिंग का एक नया चैनल ‘रैपिड कॉमर्स’ तेजी से अपनी जगह बना रहा है। यह मॉडल क्विक कॉमर्स की तेज रफ्तार और पारंपरिक ई-कॉमर्स की वैरायटी को एक साथ लेकर आया है। अब उपभोक्ता उन उत्पादों के लिए भी दो से चार घंटे का इंतजार करने को तैयार हैं, जिनकी उन्हें तुरंत जरूरत नहीं है, लेकिन वे दिनों तक प्रतीक्षा भी नहीं करना चाहते। डीटीडीसी एक्सप्रेस के सीईओ अभिषेक चक्रवर्ती के मुताबिक, यह मॉडल एक ‘स्वीट स्पॉट’ पर काम करता है। यहां उपभोक्ता थोड़ा इंतजार करने को राजी होते हैं, जिससे कंपनियां लॉजिस्टिक्स को बेहतर बना पाती हैं। इससे ब्रांड्स कई ऑर्डर्स को एक ही ट्रिप में भेजकर खर्च घटा रहे हैं और डिलीवरी में भी तेजी बनाए रख पा रहे हैं। यह बदलाव केवल मांग को शिफ्ट नहीं कर रहा, बल्कि कुल ई-कॉमर्स बाजार का विस्तार कर रहा है। उपभोक्ता अब उन श्रेणियों में भी खरीदारी कर रहे हैं, जो पहले उनके लिए ऑनलाइन उपलब्ध नहीं थीं। क्विक कॉमर्स की सीमा यह है कि वहां केवल 80 से 200 उत्पाद ही होते हैं, जो फैशन और ज्वेलरी के हजारों विकल्पों की मांग पूरी करने के लिए नाकाफी हैं। ज्वेलरी ब्रांड गिवा के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर अनिरुद्ध कुडवा बताते हैं कि उनकी कंपनी ने बेंगलुरु स्थित अपने मुख्यालय से संचालित नेटवर्क में 360 से अधिक रिटेल स्टोर्स को हाइपरलोकल सेंटर में बदल दिया है। इसका फायदा यह है कि ग्राहक दो से चार घंटे के भीतर 1,500 से 2,000 डिजाइनों में से चयन कर सकते हैं। यह मॉडल गति के साथ-साथ व्यापक विकल्प देता है, जो उन श्रेणियों के लिए जरूरी है जहां उपभोक्ता खरीदने से पहले ब्राउजिंग पसंद करते हैं। ज्वेलरी ब्रांड पल्मोनस की सीईओ पल्लवी मोहाडीकर के अनुसार, रैपिड कॉमर्स अब उनकी ऑनलाइन बिक्री का 25-30% योगदान दे रहा है। यह तेजी त्योहारों, गिफ्टिंग और आखिरी समय की खरीदारी से प्रेरित है। ब्रांड्स ने इसके लिए अपनी इन्वेंट्री प्लानिंग और डिमांड फोरकास्टिंग रणनीति को पूरी तरह बदल दिया है। बेस्टसेलिंग उत्पादों को उपभोक्ताओं के नजदीक वेयरहाउस में रखने के लिए टेक्नोलॉजी और थर्ड-पार्टी पार्टनरशिप का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे चंद घंटों में डिलीवरी संभव हो रही है।’ ऐसे रिहायशी इलाकों के पास छोटे-छोटे डार्क स्टोर बनाए जा रहे हैं, जहां मांग ज्यादा लॉजिस्टिक्स के नजरिए से देखें तो शैडोफैक्स के को-फाउंडर और चीफ बिजनेस ऑफिसर प्रहर्ष चंद्र का मानना है कि रैपिड कॉमर्स नए खपत के मौके खोल रहा है। कंपनी ने सात किमी के दायरे में 30-45 मिनट में डिलीवरी के लिए डार्क स्टोर्स का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। तेज फुलफिलमेंट से न केवल ग्राहक का भरोसा बढ़ रहा है, बल्कि रिटर्न और ऑर्डर कैंसिलेशन की दर में भी 5-9% की गिरावट आई है। इससे ब्रांड्स की बिक्री बढ़ रही है और मुनाफा भी।

श्री चरणी पहली बार नंबर-1 विमेंस टी-20 बॉलर:विमेंस वर्ल्डकप में सबसे ज्यादा 10 विकेट लिए; बैटिंग में स्मृति मंधाना टॉप-5 में

श्री चरणी पहली बार नंबर-1 विमेंस टी-20 बॉलर:विमेंस वर्ल्डकप में सबसे ज्यादा 10 विकेट लिए; बैटिंग में स्मृति मंधाना टॉप-5 में

21 साल की भारतीय स्पिनर श्री चरणी विमेंस टी-20 इंटरनेशनल बॉलिंग रैंकिंग में नंबर-1 पर पहुंच गई हैं। 21 साल की चरणी ने इंग्लैंड की स्पिनर लिंसी स्मिथ को पीछे छोड़कर पहली बार यह कारनामा किया। चरणी को विमेंस टी-20 वर्ल्डकप में शानदार प्रदर्शन का फायदा मिला। वे फिलहाल टूर्नामेंट की सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली बॉलर हैं। उन्होंने 3 मैचों में 10 विकेट लिए हैं। उन्होंने लीड्स में नीदरलैंड्स के खिलाफ करियर का दूसरा 4 विकेट लेने के बाद मैनचेस्टर में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 3 विकेट भी झटके। बैटिंग में स्मृति मंधाना टॉप-5 में बनीं हुईं हैं। उन्होंने इस वर्ल्डकप में पाकिस्तान और नीदरलैंड के खिलाफ अर्धशतक लगाया था। एक साल पहले किया था डेब्यू बाएं हाथ की स्पिनर चरणी ने पिछले साल 28 जून को इंग्लैंड के खिलाफ पहला टी-20 मैच खेला था। उन्होंने अब तक 23 मैचों में 38 विकेट लिए हैं। बेस्ट 12 रन देकर 4 विकेट हैं। इंग्लैंड की ऑफ स्पिनर चार्ली डीन 3 मैचों में 5 विकेट लेकर दूसरे स्थान पर पहुंच गई हैं। वहीं पूर्व नंबर-1 गेंदबाज लिंसी स्मिथ तीसरे स्थान पर खिसक गईं। इंग्लैंड की ही स्टार स्पिनर सोफी एकलस्टन चार स्थान की छलांग लगाकर चौथे नंबर पर पहुंच गई हैं। वेस्टइंडीज की कप्तान हैली मैथ्यूज 9 स्थान ऊपर चढ़कर 11वें, ऑस्ट्रेलिया की तेज गेंदबाज किम गार्थ 25 स्थान की छलांग लगाकर 20वें और पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना10 स्थान ऊपर चढ़कर 25वें नंबर पर पहुंच गई हैं। बैटर्स रैंकिंग में 3 भारतीय भारत की तीन बल्लेबाज टॉप-10 में शामिल हैं। उपकप्तान स्मृति मंधाना 749 रेटिंग के साथ पांचवें स्थान पर बरकरार हैं। ओपनर शेफाली वर्मा एक स्थान ऊपर चढ़कर छठे और कप्तान हरमनप्रीत कौर एक स्थान के फायदे के साथ 10वें नंबर पर पहुंच गई हैं। ऑस्ट्रेलिया की ओपनर जॉर्जिया वॉल 829 रेटिंग के साथ नंबर-1 पर बनी हुई हैं। उन्होंने मौजूदा वर्ल्ड कप के 3 मैचों में 62 रन बनाए हैं। उनकी हमवतन बेथ मूनी एक स्थान के फायदे के साथ दूसरे नंबर पर पहुंच गई हैं, जबकि साउथ अफ्रीका की कप्तान लौरा वोल्वार्ट तीसरे स्थान पर हैं। दीप्ति चौथे नंबर पर बरकरार भारत की ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा 364 रेटिंग अंकों के साथ चौथे स्थान पर बनी हुई हैं। वह ऑलराउंडर रैंकिंग के टॉप-10 में शामिल एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हैं। वेस्टइंडीज की कप्तान हेली मैथ्यूज टॉप पर कायम हैं। न्यूजीलैंड की अमिलिया कर दूसरे नंबर पर हैं। श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू तीसरे, आयरलैंड की ऑर्ला प्रेंडरगास्ट पांचवें और पाकिस्तान की फातिमा सना छठे स्थान पर पहुंच गई हैं। साउथ अफ्रीका की ऑलराउंडर मारीजान कैप भारत के खिलाफ प्लेयर ऑफ द मैच प्रदर्शन के बाद पांच स्थान की छलांग लगाकर नौवें नंबर पर पहुंच गई हैं। उन्होंने 81 रन बनाने के साथ 2 विकेट लिए थे। ——————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत के खिलाफ सीरीज में ब्रूक होंगे इंग्लैंड के कप्तान भारत के खिलाफ टी-20 सीरीज से पहले आयरलैंड और इंग्लैंड ने अपनी-अपनी टीमों का ऐलान कर दिया है। इंग्लैंड की कप्तानी हैरी ब्रूक करेंगे। टीम में 22 साल के ऑलराउंडर जेम्स कोल्स को भी पहली बार शामिल किया गया है। पूरी खबर…