Wednesday, 24 Jun 2026 | 09:08 AM

Trending :

EXCLUSIVE

लखनऊ अग्निकांड को लेकर अखिलेश यादव ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर साधा निशाना | यूपी की राजनीति | न्यूज18

लखनऊ अग्निकांड को लेकर अखिलेश यादव ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर साधा निशाना | यूपी की राजनीति | न्यूज18

सीएनएन नाम, लोगो और सभी संबंधित तत्व ® और © 2026 केबल न्यूज नेटवर्क एलपी, एलएलएलपी। एक टाइम वार्नर कंपनी। सर्वाधिकार सुरक्षित। सीएनएन और सीएनएन लोगो केबल न्यूज नेटवर्क, एलपी एलएलएलपी के पंजीकृत चिह्न हैं, जिन्हें अनुमति के साथ प्रदर्शित किया गया है। NEWS18.com पर या उसके हिस्से के रूप में CNN नाम और/या लोगो का उपयोग उनके संबंध में केबल न्यूज नेटवर्क के बौद्धिक संपदा अधिकारों का हनन नहीं करता है। © कॉपीराइट नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड 2026। सर्वाधिकार सुरक्षित। (टैग्सटूट्रांसलेट)अखिलेश ने योगी पर हमला किया(टी)अखिलेश ने योगी(टी)अखिलेश यादव(टी)अखिलेश यादव पर लखनऊ आग(टी)बिल्डिंग सुरक्षा मानदंड(टी)सीएम योगी(टी)कोचिंग सेंटर में आग(टी)अग्नि सुरक्षा चूक(टी)अग्नि सुरक्षा उल्लंघन(टी)अवैध व्यावसायिक उपयोग(टी)लखनऊ कोचिंग सेंटर आग(टी)लखनऊ आग(टी)लखनऊ आग त्रासदी(टी)आवासीय पर हमला किया भवन का व्यावसायिक उपयोग(टी)समाजवादी पार्टी(टी)सपा प्रमुख अखिलेश यादव(टी)यूपी अग्नि त्रासदी(टी)यूपी राजनीति(टी)उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री(टी)उत्तर प्रदेश की राजनीति(टी)योगी आदित्यनाथ

Rajasthan RPSC Website Hack | AI Tools Used for Govt Job Forms

Rajasthan RPSC Website Hack | AI Tools Used for Govt Job Forms

Hindi News Career Rajasthan RPSC Website Hack | AI Tools Used For Govt Job Forms | Rahul Kumar Arrested 14 मिनट पहले कॉपी लिंक सरकारी नौकरी पाने के लिए राजस्थान में 27 साल के एक लड़के राहुल ने लोक सेवा आयोग (RPSC) की वेबसाइट ही हैक कर ली। साइबर थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में खुलासा हुआ है कि राहुल कुमार ने अपने राज्य में सरकारी नौकरी पाने के लिए AI टूल्स की मदद से RPSC वेबसाइट को हैक किया था और उसमें छेड़छाड़ की थी। ओटीआर को बायपास करने की कोडिंग तैयार की दरअसल आरोपी राहुल का नाम प्रोविजनल वेटिंग लिस्ट में था। उसने फर्जी एसएसओ आईडी (SSO ID) और जीमेल आईडी बनाकर AI टूल्स की मदद से वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) प्रोसेस को बायपास करने की कोडिंग तैयार की। इसके बाद उसने पोर्टल पर अपने से आगे चल रहे उम्मीदवारों के फॉर्म विड्रॉ (वापस) कर दिए, ताकि वेटिंग लिस्ट में उसका नंबर ऊपर आ सके और उसका सिलेक्शन हो जाए। आरोपी वर्तमान में झारखंड में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) में कार्यरत है। दौसा का रहने वाला है आरोपी आरोपी की पहचान 27 वर्षीय राहुल कुमार के रूप में हुई है। राहुल कुमार मीणा दौसा का रहने वाला है। राहुल ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से माइनिंग इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। उसके बाद SAIL में माइनिंग इंजीनियर पद पर चयन हुआ और वर्तमान में झारखंड में नौकरी कर रहा है। वह वापस अपने राज्य में नौकरी पाना चाहता था। इसलिए RPSC की असिस्टेंट माइनिंग इंजीनियर भर्ती 2024 में अपने सिलेक्शन के लिए आयोग की वेबसाइट से छेड़छाड़ की। कैसे हुआ RPSC वेबसाइट हैकिंग का खुलासा आरोपी वेटिंग लिस्ट में दूसरे नंबर पर था। अगर वह सिर्फ पहले नंबर के उम्मीदवार का आवेदन निरस्त करता, तो सीधे उसी पर शक हो सकता था। इसलिए उसने संदेह से बचने के लिए वेटिंग लिस्ट में 1, 4 और 6 पर चल रहे तीन उम्मीदवारों के आवेदन फर्जी लिंक जनरेट कर खुद ही विड्रॉ (वापस) कर दिए। संबंधित उम्मीदवारों के मोबाइल पर जब आवेदन विड्रॉ के मैसेज पहुंचे, तो मामला सामने आया। AI की मदद से कोडिंग तैयार की उम्मीदवार ने आयोग को ईमेल के जरिए बताया कि उनका एप्लीकेशन फॉर्म वापस हो गया है, जबकि उसने ऐसी कोई रिक्वेस्ट नहीं की थी। इस आधार पर शक हुआ तो इसकी जानकारी जयपुर स्थित सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग को भेजी गई। तब पूरा मामला सामने आया। जांच में पता चला कि आरोपी ने भर्ती प्रक्रिया से जुड़े SSO ID और ईमेल अकाउंट बनाकर AI टूल्स की मदद से वन टाइम पासवर्ड प्रोसेस को बायपास करने की कोडिंग तैयार की थी। Wi‑Fi से पोर्टल पर लॉगिन किया राहुल ने AI की मदद से आरपीएससी पोटर्ल हैक किया और अपनी पहचान छिपाने के लिए कई बार VPN का इस्तेमाल किया। वह दूसरे लोगों के Wi‑Fi नेटवर्क का इस्तेमाल करके पोर्टल पर लॉगिन कर रहा था। साइबर एक्सपर्ट्स और अजमेर पुलिस की टीम ने उसके डिवाइस और आईपी एड्रेस को ट्रैक करके गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को 25 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस साजिश में वह अकेला था या उसके और भी साथी इसमें शामिल थे। RPSC प्रोग्रामर की शिकायत से खुला मामला मामले का खुलासा तब हुआ, जब RPSC के एनालिस्ट-कम-प्रोग्रामर (Analyst-cum-Programmer) रघुवीर गुर्जर ने अजमेर साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने रिक्रूटमेंट पोर्टल में प्रवेश कर रिकॉर्ड में हेराफेरी की है। उम्मीदवारों के व्यक्तिगत डेटा से छेड़छाड़ कर भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 25 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस हाईटेक साजिश में आरोपी अकेला था या उसके साथ कोई और भी शामिल था। BHU से बीटेक, SAIL में माइनिंग इंजीनियर पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से माइनिंग इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। इसके बाद उसका चयन SAIL में माइनिंग इंजीनियर के पद पर हुआ और फिलहाल वह झारखंड में पदस्थापित है। आरोपी हाल ही में छुट्टी पर दौसा आया हुआ था। ये खबर भी पढ़ें हफ्ते की टॉप जॉब्स:SBI PO की 1500 वैकेंसी, UPSC ने निकालीं ग्रेजुएट्स की 400 भर्तियां; इस हफ्ते 6 हजार से ज्यादा नौकरियां इस हफ्ते निकली हैं DSSSB और एम्स सहित कई विभागों में 6312 पदों पर नौकरियां। अगर आप भी इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो इन 5 नौकरियों की डिटेल्ड जानकारी 5 ग्राफिक्स के जरिए जानिए। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

इंपैक्ट फीचर:करियर में AI की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए डब्लूपीयू गोवा ने उच्च शिक्षा में कई विषयों की जानकारी होने की वकालत की

इंपैक्ट फीचर:करियर में AI की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए डब्लूपीयू गोवा ने उच्च शिक्षा में कई विषयों की जानकारी होने की वकालत की

यूनिवर्सिटी नेतृत्व का कहना है कि तकनीक में तेजी से होती उथल-पुथल के इस दौर में, छात्रों के लिए परिस्थितियों के अनुकूल ढलना, जीवन भर सीखते रहना और ट्रांसडिसिप्लिनरी शिक्षा ग्रहण करना बेहद ज़रूरी हो गया है। जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य दुनियाभर के उद्योगों को नया आकार दे रहे हैं, विश्वविद्यालयों को छात्रों को सिर्फ उनकी पहली नौकरी के लिए तैयार करने से आगे सोचना होगा। इसके बजाय संस्थानों को छात्रों को इस तरह सक्षम बनाना चाहिए ताकि वे अपने जीवन में करियर के विभिन्न बदलावों और पड़ावों को सफलतापूर्वक संभाल सकें, ऐसा वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी (डब्लूपीयू) गोवा में आयोजित ‘ओपन हाउस’ में वक्ताओं ने कहा। इस ओपन हाउस का आयोजन 20 जून को हुआ था। इस कार्यक्रम में भविष्य की उच्च शिक्षा और एक बेहद अप्रत्याशित होती दुनिया में विश्वविद्यालयों से बदलती अपेक्षाओं पर चर्चा के लिए भावी छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को एक साथ लाया गया। इस बातचीत के केंद्र में डब्लूपीयू गोवा का ‘ट्रांसडिसिप्लिनरी’ शिक्षा मॉडल था। यह मॉडल किसी एक विषय की गहराई को विभिन्‍न क्षेत्रों में सोचने, बदलाव के अनुकूल ढलने और वास्तविक दुनिया की जटिल चुनौतियों का समाधान करने की क्षमता के साथ जोड़ने का प्रयास करता है। पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव वाइस चांसलर प्रोफेसर वाल्टर लील ने कहा, “डब्ल्यूपीयू गोवा की स्थापना एक ट्रांसडिसिप्लिनरी दृष्टिकोण के साथ की जा रही है, जो फैकल्टी और छात्रों को किसी एक विषय की सीमाओं से परे सोचने और जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करता है। यहां पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव, उद्योग से जुड़ाव, वैश्विक दृष्टि और खुद से सीखने पर पर जोर दिया जाता है। इसका मकसद छात्रों को इस तरह तैयार करना है कि वे जीवनभर सीखते रहें, हर परिस्थिति में ढल सकें और नेतृत्व कर सकें। इसके अलावा, यह शिक्षा छात्रों के लिए निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों में अच्छे करियर के रास्ते भी खोलती है, ताकि वे अपनी सीख का सही उपयोग कर सकें।” डब्लूपीयू गोवा के प्रो-वाइस चांसलर डॉ. आशीष भारद्वाज ने कहा, “विश्वविद्यालय अब यह मानकर नहीं चल सकते कि छात्रों को उनकी पहली नौकरी के लिए तैयार कर देना ही काफी है। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या हम छात्रों को उन कई बदलावों, संक्रमणों और अवसरों के लिए तैयार कर रहे हैं जिनका सामना वे अपने पूरे जीवन में करेंगे। भविष्य केवल विशेषज्ञों का नहीं है, बल्कि उन लोगों का है जो निरंतर सीख सकते हैं, विभिन्न क्षेत्रों के विचारों को आपस में जोड़ सकते हैं और ऐसी चुनौतियों का सामना कर सकते हैं जो पारंपरिक श्रेणियों में फिट नहीं बैठतीं।” नए पेशे उभर रहे हैं इस चर्चा में इस बात पर विचार किया गया कि जैसे-जैसे उद्योग पारंपरिक शैक्षणिक चक्रों की तुलना में अधिक तेजी से विकसित हो रहे हैं, उच्च शिक्षा के बारे में लंबे समय से चली आ रही मान्यताओं को कैसे चुनौती मिल रही है। नए पेशे उभर रहे हैं, स्थापित भूमिकाएं बदल रही हैं, और अब प्रतिस्पर्धा उन व्यक्तियों से बढ़ रही है जो किसी एक विषय के दायरे में काम करने के बजाय कई क्षेत्रों की विशेषज्ञता को जोड़ सकते हैं। चर्चा में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि कैसे सीखने, नई परिस्थितियों में ढलने और विभिन्न विषयों के बीच मिलकर काम करने की क्षमता, तकनीकी विशेषज्ञता जितनी ही महत्वपूर्ण हो सकती है। इस बातचीत में भविष्य के करियर के लिए आवश्यक क्षमताओं के रूप में जिज्ञासा, लचीलेपन और जीवन भर सीखते रहने की प्रवृत्ति के बढ़ते महत्व पर भी विचार किया गया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि उच्च शिक्षा संस्थानों को छात्रों को केवल मौजूदा व्यवसायों के लिए प्रशिक्षित करने के बजाय, निरंतर उन अवसरों के लिए तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जिनकी भविष्यवाणी अभी नहीं की जा सकती है। डब्लूपीयू गोवा वर्तमान में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसई) में बी.टेक., बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (ऑनर्स), इंटीग्रेटेड प्रोडक्ट डिजाइन में बी.डेस., कम्युनिकेशन डिजाइन में बी.डेस., और साइकोलॉजी (मनोविज्ञान) में बी.एससी. (ऑनर्स) की डिग्री प्रदान करता है। ऐसे समय में जब छात्र और अभिभावक कार्यक्षेत्र के भविष्य को लेकर स्पष्टता की तलाश कर रहे हैं, इस चर्चा ने उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए न केवल रोजगार क्षमता पर ध्यान केंद्रित करने, बल्कि शिक्षार्थियों को उनके पूरे व्यावसायिक जीवन में निरंतर होने वाले बदलावों को सफलतापूर्वक संभालने के लिए तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया।

Rohit Sharma; Padma Awards 2026 Winners List Update

Rohit Sharma; Padma Awards 2026 Winners List Update

Hindi News National Rohit Sharma; Padma Awards 2026 Winners List Update | Alka Yagnik Droupadi Murmu नई दिल्ली2 मिनट पहले कॉपी लिंक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में पद्म अवॉर्ड के दूसरे फेज में 65 हस्तियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में 2 पद्म विभूषण, 7 पद्म भूषण और 56 पद्मश्री दिए गए। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस केटी थॉमस को जनसेवा, सीनियर मलयालम जर्नलिस्ट पी नारायणन को साहित्य के लिए पद्म विभूषण दिया गया। झारखंड के पहले मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण दिया गया। अवॉर्ड लेने उनकी पत्नी रूपी सोरेन पहुंची। सिंगर अलका याग्निक ने अवॉर्ड लेने से पहले पीएम नरेंद्र मोदी के पैर छुए। क्रिकेटर रोहित शर्मा, एक्टर आर माधवन को पद्मश्री से नवाजा गया। पुरस्कार पाने वालों में एक्टर ममूटी और पूर्व टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज भी शामिल रहे। 2026 के पद्म पुस्कारों के लिए कुल 131 लोगों को चुना गया था। इससे पहले 25 मई को पहले चरण में भारतीय वुमन क्रिकेट टीम कैप्टन हरमनप्रीत कौर, एक्टर धर्मेंद्र समेत 66 हस्तियों पद्म अवॉर्ड दिए गए थे। पद्म अवॉर्ड्स सेरेमनी की तस्वीरें… कला के क्षेत्र में सम्मानित कलाकार… बॉलीवुड सिंगर अलका याग्निक को पद्म भूषण से नवाजा गया। वे 60 साल की हैं और 4 दशक तक सिंगिंग में एक्टिव रहीं हैं। अवॉर्ड लेने से पहले वे पीएम मोदी के पास गईं और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। नगालैंड के गुरु संग्युसंग पोंगनेर को पद्मश्री से सम्मानित किया गया। वे छह दशकों से ‘आओ नागा’ लोक कला को बचाने के लिए काम कर रहे हैं। पोंगनेर पारंपरिक पोशाक पहनकर पुरस्कार लेने पहुंचे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रह्लाद नाटक की परंपरा को संरक्षित और प्रोत्साहित करने वाले सीमांचल पात्र को उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया। उन्होंने मोदी, शाह और ओम बिरला के पैर छुए। भारतीय शास्त्रीय गायक मंगला कपूर को पद्मश्री से सम्मानित किया। ग्वालियर घराने से ट्रेनिंग लेने वालीं मंगला ने प्रदर्शन, शिक्षण और शोध से भारतीय शास्त्रीय संगीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मैडी के नाम से मशहूर एक्टर आर माधवन को पद्मश्री से सम्मानित कियाा गया। माधवन ने 1200 से ज्यादा टीवी शो, 75 फिल्में की हैं। वे फार्मिंग में भी एक्टिवली काम कर रहे हैं। मलयाली फिल्मों के एक्टर ममूटी को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। ममूटी 50 साल से फिल्मों में एक्टिव हैं। कई भाषाओं में 400 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं। वे चैरिटी का काम भी करते हैं। समाज सेवा के क्षेत्र में सम्मानित लोग… झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को मरणोपरांत सार्वजनिक मामलों के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उनकी पत्नी रूपी सोरेन को अवॉर्ड देने राष्ट्रपति डाइस से उतरकर खुद उनके पास गईं। छत्तीासगढ़ की समाज सुधारक बुधरी ताती को पद्मश्री से सम्मानित किया गया। 4 दशक से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की आदिवासी महिलाओं के लिए शिक्षा, आत्मनिर्भरता और उन्हें सशक्त बनाने के काम कर रही हैं। खेल के क्षेत्र में सम्मानित हुए खिलाड़ी… टेनिस प्लेयर और कोच डॉ. विजय अमृतराज को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। विजय ने 16 ATP खिताब (एशियाई रिकॉर्ड) जीते हैं। विजय 14 साल तक एशियन रैंकिंग में नंबर 1 रहे और बाद में ब्रॉडकास्टर बने। भारतीय मेंस क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को पद्मश्री से नवाजा गया। रोहित के नाम वनडे में तीन दोहरे शतक बनाने का रिकॉर्ड है। 2024 का टी-20 वर्ल्डकप भी भारतीय टीम ने रोहित की कप्तानी में जीता। महिला राष्ट्रीय हॉकी टीम की पूर्व कप्तान और मौजूदा गोलकीपर सविता पूनिया को पद्मश्री दिया गया। इन्हें ‘द ग्रेट वॉल’ कहते हैं। लगातार तीन बार FIH गोलकीपर ऑफ द ईयर का अवॉर्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं। पद्म अवॉर्ड्स से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए… अपडेट्स 01:01 PM23 जून 2026 कॉपी लिंक कुश्ती के लिए रूस के कोच व्लादिमीर को मरणोपरांत पद्मश्री राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने खेल के क्षेत्र में व्लादिमीर मेस्तविरीश्विली (मरणोपरांत) को पद्मश्री से सम्मानित किया। वे फ्रीस्टाइल रेसलिंग के दिग्गज कोच थे और उन्होंने ग्लोबल रेसलिंग कम्युनिटी पर अपनी गहरी छाप छोड़ी। उन्होंने भारतीय रेसलिंग टीम के कोच के तौर पर काम किया। उन्होंने सुशील कुमार, योगेश्वर दत्त और बजरंग पुनिया जैसे ओलंपिक मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को गाइड किया और भारत को रेसलिंग में ग्लोबल पावरहाउस बनाने में मदद की। 12:49 PM23 जून 2026 कॉपी लिंक हॉकी प्लेयर सविता पूनिया को पद्मश्री अवॉर्ड मिला पद्मश्री प्राप्त करने वाली हॉकी खिलाड़ी सविता पूनिया भारतीय महिला राष्ट्रीय हॉकी टीम की पूर्व कप्तान, मौजूदा गोलकीपर हैं। इन्हें भारतीय महिला हॉकी की ‘द ग्रेट वॉल’ के नाम से जाना जाता है। लगातार तीन बार FIH गोलकीपर ऑफ द ईयर का पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं। वे कई पीढ़ियों की महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा हैं। 12:44 PM23 जून 2026 कॉपी लिंक एक्टर आर माधवन को कला के क्षेत्र में पद्मश्री सम्मान जाने-माने एक्टर, फ़िल्ममेकर और स्क्रीनराइटर माधवन रंगनाथन को भारतीय सिनेमा और कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया है। 12:41 PM23 जून 2026 कॉपी लिंक एक्टर सतीश शाह को मरणोपरांत पद्मश्री अवॉर्ड, भाई ने लिया अभिनेता सतीश शाह को मरणोपरांत को कला के क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। अवॉर्ड उनके भाई अरविंद ने लिया। चार दशकों के करियर में अपनी बहुमुखी प्रतिभा और कॉमिक टाइमिंग के लिए मशहूर सतीश शाह ने कई फिल्मों और यादगार टीवी शो में काम किया। 12:29 PM23 जून 2026 कॉपी लिंक रूस की प्रोफेसर डॉ. ल्यूडमिला खोखलोवा को पद्मश्री इंडोलॉजी की मशहूर प्रोफेसर और भाषाविद् डॉ. ल्यूडमिला खोखलोवा को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्मश्री से सम्मानित किया। उन्होंने रूसी, अंग्रेजी और हिंदी में 6 किताबें और 92 रिसर्च पेपर लिखे हैं। उन्होंने ऐतिहासिक भाषा-विज्ञान पर अहम रिसर्च की है, जिसमें सिख धर्म की उत्पत्ति और विकास पर किया गया अध्ययन भी शामिल है। 12:24 PM23 जून 2026 कॉपी लिंक क्रिकेटर रोहित शर्मा को पद्मश्री से सम्मानित किया गया क्रिकेट में विशेष योगदान के लिए रोहित शर्मा को पद्मश्री से सम्मानित किया गया। 12:18 PM23 जून 2026 कॉपी लिंक सीमांचल मिश्रा को पद्मश्री, कांपते हाथों से मोदी-शाह और बिरला के पैर छुए सीमांचल पात्रा को कला के क्षेत्र में पद्मश्री से

Trisha & Vijay Unban Speculation Grows After No Birthday Wish

Trisha & Vijay Unban Speculation Grows After No Birthday Wish

14 मिनट पहले कॉपी लिंक अफेयर की खबरों के बीच एक्ट्रेस तृषा ने सीएम विजय के 52वें जन्मदिन पर सोशल मीडिया पर कोई विश पोस्ट नहीं की। पिछले साल तृषा ने विजय के जन्मदिन पर उनके साथ की तस्वीर शेयर की थी। साथ ही यह बात भी नोटिस में आई है कि तृषा इंस्टाग्राम पर विजय को फॉलो नहीं कर रही हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों के बीच कथित अनबन की अटकलें तेज हो गई हैं। तृषा की पिछले साल की पोस्ट। गौरतलब है कि विजय के तलाक की खबर सामने आने के बाद एक्ट्रेस तृषा का नाम विजय के साथ जुड़ा। हालांकि, विजय और तृषा ने अब तक रिश्ते को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया। 10 मई को तृषा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुई थीं। वहीं, 4 मई को तमिलनाडु चुनाव रिजल्ट के दिन तृषा विजय के घर भी पहुंची थीं। विजय और तृषा एक्टर अजीत कुमार की मां के निधन पर साथ पहुंचे थे। पिछले कुछ महीनों में तृषा और विजय को कई मौकों पर साथ देखा गया है। तृषा, विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुईं थीं। विजय और तृषा ने ‘गिल्ली’, ‘तिरुपाची’, ‘आथी’ और ‘कुरुवी’ जैसी फिल्मों में साथ काम किया। ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री के कारण पहली बार उनके अफेयर की अफवाहें उड़ीं। हालांकि, 2008 में रिलीज हुई ‘कुरुवी’ के बाद दोनों 15 साल तक किसी फिल्म में साथ दिखाई नहीं दिए। 2023 में दोनों 15 साल बाद फिल्म ‘लियो’ में साथ नजर आए थे। तृषा की फिल्म ‘करुप्पु’ बॉक्स ऑफिस पर हिट रही तृषा हाल ही में आरजे बालाजी निर्देशित फिल्म ‘करुप्पु’ में सूर्या के साथ नजर आई थीं। फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अच्छी सफलता मिली। फिल्म ने दुनिया भर में करीब 309 करोड़ रुपए की कमाई की। फिल्म में आरजे बालाजी ने विलेन की भूमिका निभाई, जबकि इंद्रंस, अनाघा माया रवि, नैट्टी सुब्रमण्यम, शिवादा, स्वासिका और सुप्रीत रेड्डी भी अहम भूमिकाओं में नजर आए। वहीं, विजय राजनीति में पूरी तरह सक्रिय हो चुके हैं। उनकी आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज डेट अभी तक तय नहीं है। फिल्म पहले 9 जनवरी 2026 को रिलीज होने वाली थी, लेकिन CBFC सर्टिफिकेशन और कानूनी विवाद के चलते इसे टाल दिया गया। ……………… ये खबर भी पढ़ें… विजय का नाम सुन शरमाईं तृषा कृष्णन:फैन ने कहा- थलापति से कहना कि मैंने उनका हालचाल पूछा है; एक्ट्रेस ने किया रिएक्ट चेन्नई में शुक्रवार को थिएटर से बाहर निकलते समय एक फैन ने तृषा कृष्णन से विजय का जिक्र किया तो एक्ट्रेस ब्लश कर गईं। शुक्रवार को तृषा चेन्नई में अपनी नई रिलीज फिल्म ‘करुप्पु’ की स्क्रीनिंग में पहुंचीं। इस दौरान डायरेक्टर आरजे बालाजी और एक्टर कार्थी भी मौजूद थे। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Adidas’ ‘Trionda’ ball charges for two and a half hours before a match; collects data 500 times per second

Adidas' 'Trionda' ball charges for two and a half hours before a match; collects data 500 times per second

Hindi News Sports Adidas’ ‘Trionda’ Ball Charges For Two And A Half Hours Before A Match; Collects Data 500 Times Per Second न्यूयॉर्क11 मिनट पहले कॉपी लिंक इस गेंद के अंदर एक हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक चिप लगी है, इसलिए इसे पावर की जरूरत होती है। मैच के बीच में बैटरी खत्म न हो, इसके लिए एक कर्मचारी लगातार सभी गेंदों की बैटरी पर नजर रखता है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इस बार मैदान पर खिलाड़ियों के साथ-साथ एक खास ‘स्मार्ट’ बॉल का भी जलवा है। फीफा और एडिडास ने मिलकर इस टूर्नामेंट के लिए ‘ट्रायोंडा’ नाम की ‘कनेक्टेड बॉल’ पेश की है। यह कोई साधारण फुटबॉल नहीं है, बल्कि तकनीक का एक ऐसा शानदार नमूना है जो वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) को पलक झपकते ही एकदम सटीक डेटा देती है। हालांकि, इसकी सबसे दिलचस्प बात यह है कि आपको अपने मोबाइल फोन की तरह इस बॉल को भी बकायदा चार्ज करना पड़ता है! इस स्मार्ट गेंद का सबसे बड़ा फायदा ऑफसाइड के फैसलों में हो रहा है। अक्सर ऑफसाइड के फैसलों में सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि खिलाड़ी का पैर गेंद से ठीक किस मिलीसेकंड में टकराया (किक पॉइंट), यह पता लगाना मुश्किल होता है। दरअसल, मैदान पर लगे कैमरे वीडियो को एक सेकंड में 50 फ्रेम (50 fps) की स्पीड से रिकॉर्ड करते हैं। इतने कम फ्रेम में सटीक किक पॉइंट खोजना वीडियो रेफरी के लिए काफी समय लेने वाला काम था। इस समस्या को दूर करने के लिए ट्रायोंडा बॉल के अंदर एक छोटा सा इनर्शियल मेजरमेंट यूनिट सेंसर लगाया गया है। यह एडवांस सेंसर एक सेकंड में 500 बार (500Hz) गेंद की स्पीड, दिशा और 3D मूवमेंट का बारीक डेटा कैप्चर करता है। यह डेटा सीधे वीडियो ऑपरेशन रूम में जाता है। इससे रेफरी को तुरंत पता चल जाता है कि गेंद को कब और किसने छुआ। यह तकनीक ऑफसाइड के अलावा विवादित ‘हैंडबॉल’ के मुश्किल फैसलों में भी बेहद मददगार साबित हो रही है। उदाहरण के लिए, स्वीडन और ट्यूनीशिया के मैच में एक गोल को शुरुआत में ऑफसाइड मानकर खारिज कर दिया गया था। लेकिन गेंद से मिले तुरंत डेटा से पता चला कि स्वीडन के एक और खिलाड़ी का गेंद पर बहुत हल्का सा टच लगा था, जिसने स्कोरर को ऑनसाइड कर दिया। नतीजतन, रेफरी ने गोल को सही करार दे दिया। कतर वर्ल्ड कप 2022 की गेंद भी कोई ऐसा सटीक डेटा नहीं दे सकती थी। इस कनेक्टेड बॉल तकनीक को मैदान पर उतारने से पहले 2020 से 2022 के बीच कई कड़े टेस्ट किए गए। फीफा की इनोवेशन टीम हर टूर्नामेंट से पहले इसकी बारीकी से जांच करती है। कतर वर्ल्ड कप 2022 की तुलना में इस बार की तकनीक और भी उन्नत है। पिछली बार चिप गेंद के बिल्कुल बीच में थी, लेकिन नई ट्रायोंडा बॉल में इसे साइड पैनल में फिट किया गया है। एडिडास ने लैब में 300 से ज्यादा टेस्ट किए ताकि चिप के साइड में होने के बावजूद गेंद का वजन, बैलेंस, रोटेशन और हवा में तैरने की क्षमता (एयरोडायनामिक्स) बिल्कुल सटीक रहे। खिलाड़ियों को प्रैक्टिस और मैच की गेंदों में कन्फ्यूजन न हो, इसलिए ट्रेनिंग वाली गेंदों (बिना चिप वाली) और मैच वाली गेंदों (चिप वाली) में हवा भरने वाले वाल्व का रंग अलग-अलग रखा गया है। कुल मिलाकर, तकनीक से लैस यह स्मार्ट बॉल खेल को और भी निष्पक्ष और पारदर्शी बना रही है। एक चार्ज में छह घंटे चलती है यह फुटबॉल, मैदान से बाहर स्लीप मोड पर इस गेंद के अंदर एक हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक चिप लगी है, इसलिए इसे पावर की जरूरत होती है। मैच के बीच में बैटरी खत्म न हो, इसके लिए एक कर्मचारी लगातार सभी गेंदों की बैटरी पर नजर रखता है। हर मैच के लिए करीब एक दर्जन गेंदों को वायरलेस डॉकिंग स्टेशन में पहले से चार्ज करके रखा जाता है। बिल्कुल खाली बैटरी वाली गेंद को फुल चार्ज होने में करीब ढाई घंटे लगते हैं। एक बार चार्ज होने पर गेंद 6 घंटे तक चलती है। पावर बचाने के लिए जब गेंद मैदान से बाहर साइडलाइन पर होती है, तो यह अपने आप ‘हाइबरनेशन’ (स्लीप) मोड में चली जाती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

#ब्रेकिंग: टीएन इवेंट में विजय के इशारे से डीएमके की तीखी प्रतिक्रिया, कथित स्टालिन की नकल पर बहस

#ब्रेकिंग: टीएन इवेंट में विजय के इशारे से डीएमके की तीखी प्रतिक्रिया, कथित स्टालिन की नकल पर बहस

तमिलनाडु के एक कार्यक्रम में अभिनेता विजय द्वारा किए गए एक इशारे ने राजनीतिक विवाद पैदा कर दिया है, डीएमके नेताओं ने उन पर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की नकल करने का आरोप लगाया है, जिससे तीखी बहस और सोशल मीडिया प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं। n18oc_politics

30K Qualify, 15.6L Students Appeared

30K Qualify, 15.6L Students Appeared

Hindi News Career CUET UG 2026 Result Declared: 30K Qualify, 15.6L Students Appeared 12 मिनट पहले कॉपी लिंक CUET UG 2026 रिजल्ट आज 23 जून को जारी हो गया है। इस साल तकरीबन 15.6 लाख छात्रों ने परीक्षा में भाग लिया था। इस बार सिर्फ एक स्टूडेंट ने अपने चुने गए पांच में से चार विषयों में 100 परसेंटाइल स्कोर किया है। वहीं 22 स्टूडेंट ने तीन सब्जेक्ट में और 180 स्टूडेंट्स ने दो सब्जेक्ट में और कुल 3,214 छात्रों ने एक-एक विषय में 100 परसेंटाइल स्कोर प्राप्त किया है। स्कोर से स्टूडेंट्स 300 से ज्यादा यूनिवर्सिटी में ले सकेंगे एडमिशन यह एग्जाम 7 जून को खत्म हुई थी। सीयूईटी रिजल्ट के बाद ही दिल्ली यूनिवर्सिटी समेत देश के बड़े संस्थानों में ग्रेजुएशन कोर्सेज में एडमिशन प्रोसेस शुरू होती है। CUET UG प्रवेश परीक्षा से डीयू, जेएनयू, बीएचयू, जामिया, एएमयू, इलाहबाद यूनिवर्सिटी जैसे तमाम केंद्रीय विश्वविद्यालयों सहित देश की 300 से ज्यादा यूनिवर्सिटीज के यूजी कोर्सेस में एडमिशन मिलेगा। CUET UG की एग्जाम 11 से 31 मई 2026 के बीच आयोजित की गई थी। कुछ तकनीकी और प्रशासनिक कारणों के चलते 31 मई, 6 जून और 7 जून को अतिरिक्त परीक्षाएं भी हुई। परीक्षा खत्म होने के बाद एनटीए ने 9 जून को प्रोविजनल आंसर की जारी की थी। 11 जून तक ऑब्जेक्शन दर्ज करने का मौका दिया गया था। सीयूईटी की परीक्षा इस बार 37 विषयों के लिए हुई। इसमें 13 लैंग्वेज, एक जनरल ऐप्टीट्यूट टेस्ट और 23 डोमेन सब्जेक्ट शामिल हैं। स्कोर कार्ड में क्या-क्या लिखा होगा : आपका नाम एप्लिकेशन नंबर सब्जेक्ट के मार्क्स पर्सेंटाइल स्कोर नॉर्मलाइज्ड मार्क्स क्वालिफिकेशन स्टेटस रिजल्ट के बाद काउंसिलिंग का दौर रिजल्ट के बाद काउंसलिंग के जरिए स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी में अपनी पसंद के कोर्स और कॉलेज में एंट्री के लिए अप्लाई करते हैं। यह प्रोसेस हर यूनिवर्सिटी अपने स्तर पर संचालित करती है। काउंसलिंग का उद्देश्य यह तय करना है कि योग्य स्टूडेंट्स को उनकी योग्यता, स्कोर और पसंद के आधार पर सीटें अलॉट की जाएं। CUET स्कोर और अन्य योग्यता की शर्तों जैसे कैटेगरी, रिजर्वेशन पॉलिसी आदि के आधार पर हर यूनिवर्सिटी अपना काउंसलिंग और एडमिशन शेड्यूल जारी करती है। स्टूडेंटस को हमेशा संबंधित यूनिवर्सिटी की वेबसाइट और काउंसलिंग पोर्टल पर अपडेट देखते रहना चाहिए। काउंसलिंग के लिए आवेदन की प्रोसेस : काउंसलिंग प्रोसेस के तहत स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी के काउंसलिंग पोर्टल पर आवेदन करते हैं। ध्यान दें कि कई यूनिवर्सिटीज का काउंसलिंग पोर्टल उनकी रेगुलर वेबसाइट से अलग होता है। उदाहरण के लिये दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) की नियमित वेबसाइट www.du.ac.in है लेकिन काउंसलिंग प्रोसेस के लिए अलग पोर्टल ugadmission.uod.ac.in है। स्टूडेंट्स इस काउंसलिंग पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करते हैं, CUET स्कोर कार्ड और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करते हैं। इसके बाद स्टूडेंट अपनी पसंद के कॉलेज/संस्थान और कोर्स का प्रेफरेंस भरते हैं। ये कॉलेज यूनिवर्सिटी से संबंधित हो सकते हैं या खुद यूनिवर्सिटी के अधीन हो सकते हैं। ये खबर भी पढ़ें NEET के बाद, UPSC सिविल सर्विस भर्ती पर भी विवाद:प्रीलिम्‍स का पैटर्न बदलने का आरोप, पिछले साल से कम कैंडिडेट्स ने क्‍वालिफाई किया एग्‍जाम एजेंसी NTA के बाद अब UPSC को भी छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। 24 मई 2026 को UPSC सिविल सर्विस प्रीलिम्स का एग्जाम हुआ। उम्मीदवारों ने इस साल के पेपर को यूपीएससी का अब तक का सबसे टफ पेपर बताया है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

तमिलनाडु विधानसभा में विधायक की पानी की बोतल की मांग पर क्यों हंसते दिखे सीएम विजय? | वीडियो | चेन्नई-समाचार समाचार

Brooke Halliday in action against Ireland (Picture credit: ICC)

आखरी अपडेट:23 जून, 2026, 15:34 IST तमिलनाडु विधानसभा में एक नियमित चर्चा अप्रत्याशित रूप से हास्यप्रद हो गई जब पानी की बोतलों पर एक प्रस्ताव पर सभी पार्टियों के बीच मजाकिया बातचीत, हंसी और तालियां बजने लगीं। तमिलनाडु विधानसभा में पानी की बोतलों के लिए एक साधारण अनुरोध सबसे मजेदार क्षणों में से एक में बदल गया, जिसमें सीएम विजय भी हंसी में शामिल हो गए। चेन्नई समाचार: पानी की बोतलों को लेकर हल्के-फुल्के आदान-प्रदान ने तमिलनाडु विधानसभा में दुर्लभ हंसी ला दी, मुख्यमंत्री एस. जोसेफ विजय, मंत्री, विपक्षी सदस्य और अध्यक्ष सभी एक साधारण सुझाव के रूप में इसमें शामिल हो गए, जिससे चुटकुलों की एक श्रृंखला शुरू हो गई। वह क्षण सामने आया जब डीएमडीके नेता और वृद्धाचलम विधायक प्रेमलता विजयकांत ने विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विधायकों को पीने का पानी कैसे दिया जाता है, इसका मुद्दा उठाया। विधायक ने जल सेवा व्यवस्था में बदलाव का सुझाव दिया प्रेमलता ने प्रस्ताव दिया कि विधानसभा कर्मचारियों द्वारा स्टील के गिलास में पानी परोसने की लंबे समय से चली आ रही प्रथा पर पुनर्विचार किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक विधायक की मेज पर पुन: प्रयोज्य कांच की बोतलें या उच्च गुणवत्ता वाली पीईटी बोतलें रखी जाएं ताकि सदस्यों को पानी की आवश्यकता होने पर बार-बार कर्मचारियों को बुलाना न पड़े। मुख्यमंत्री विजय के जन्मदिन पर अनुरोध करते हुए उन्होंने तर्क दिया कि इस कदम से समय की बचत होगी और विधानसभा कर्मचारियों को लगातार झुककर विधायकों को पानी पिलाने की जरूरत कम होगी। प्रेमलता के अनुसार, सदस्यों के डेस्क पर बोतलें आसानी से उपलब्ध रखना विधायकों और विधानसभा कर्मचारियों दोनों के लिए अधिक सुविधाजनक होगा। ओपीएस की विनोदी टिप्पणी से घर में हंसी गूंज उठी चर्चा में उस समय मनोरंजक मोड़ आ गया जब पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने मजाकिया अंदाज में प्रस्ताव पर आपत्ति जताई. उन्होंने टिप्पणी की कि डेस्क पर कांच की बोतलें रखना एक अच्छा विचार नहीं हो सकता है क्योंकि नाराज विधायक तीखी नोकझोंक के दौरान उन्हें एक-दूसरे पर फेंक सकते हैं। इस टिप्पणी पर तुरंत पूरे सदन में हंसी गूंज उठी। विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर को हंसते हुए देखा गया, जबकि मुख्यमंत्री एस जोसेफ विजय, विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन और कई मंत्री भी मनोरंजन में शामिल हुए। वीडियो | चेन्नई: डीएमडीके नेता प्रेमलता विजयकांत की मांग है कि सदस्यों को कांच की बोतलों में पानी परोसा जाए। तमिलनाडु के तीन बार के पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने हस्तक्षेप करते हुए कहा, “जब लोग गुस्सा होंगे तो उन्हें एक-दूसरे पर फेंक देंगे,” सदन को गरजते हुए छोड़ दिया… pic.twitter.com/30Nqx8oLHi – प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 22 जून, 2026 प्रेमलता ने जवाब दिया, थेन्नारासु ने एक और चुटकुला जोड़ा प्रेमलता ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि उस तर्क को लागू किया जाए, तो संभावित रूप से स्टील का गिलास भी फेंका जा सकता है। इससे पहले कि बातचीत आगे बढ़ती, अध्यक्ष ने कार्यवाही आगे बढ़ा दी और पूर्व वित्त मंत्री थंगम थेनारासु को बोलने के लिए आमंत्रित किया। अपनी बुद्धि के लिए जाने जाने वाले, थेनारासु ने एक और हास्यप्रद टिप्पणी करते हुए मजाक किया कि शायद पन्नीरसेल्वम की चिंता उनके अपने पिछले अनुभवों से उपजी है। उनकी टिप्पणी ने सदस्यों की हंसी और तालियों का एक और दौर शुरू कर दिया। विधायक ने डिस्पोज़ेबल प्लास्टिक बोतलों का विरोध किया अपना प्रस्ताव रखते हुए प्रेमलता ने स्पष्ट किया कि वह डिस्पोजेबल प्लास्टिक बोतलों के इस्तेमाल की वकालत नहीं कर रही हैं। इसके बजाय, उन्होंने सदस्यों के डेस्क पर टिकाऊ और पुन: प्रयोज्य पीईटी बोतलें रखने का सुझाव दिया। चर्चा के बावजूद, न तो अध्यक्ष और न ही मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया दी। परिणामस्वरूप, विधानसभा कर्मचारियों द्वारा स्टील के गिलास में पानी परोसने की मौजूदा व्यवस्था अपरिवर्तित बनी हुई है। प्रेमलता ने राज्यपाल के उच्चारण पर भी चिंता जताई पानी की बोतल मुद्दे के अलावा, प्रेमलता ने अपने विधानसभा संबोधन के दौरान तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर द्वारा तमिल शब्दों के उच्चारण और तमिल नेताओं के नामों पर भी आपत्ति जताई। उनकी आलोचना का जवाब देते हुए अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने राज्यपाल का बचाव किया और सदस्यों से उनके प्रयासों की सराहना करने का आग्रह किया। अध्यक्ष ने कहा, ”हमें उनके प्रयास की सराहना करनी चाहिए।” हालाँकि किसी भी चर्चा से कोई निर्णय नहीं निकला, पानी की बोतल की बहस विधानसभा के दिन के सबसे यादगार क्षणों में से एक के रूप में सामने आई, जिसने संक्षेप में राजनीतिक झगड़ों को पार्टी लाइनों से परे हँसी के साथ बदल दिया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना समाचार शहर चेन्नई-समाचार तमिलनाडु विधानसभा में विधायक की पानी की बोतल की मांग पर क्यों हंसते दिखे सीएम विजय? | वीडियो अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु विधानसभा में पानी की बोतल पर बहस(टी)चेन्नई विधानसभा समाचार(टी)प्रेमलता विजयकांत प्रस्ताव(टी)एस। जोसेफ विजय मुख्यमंत्री(टी)ओ. पन्नीरसेल्वम का मजाक (टी) थंगम थेन्नारसु बुद्धि (टी) पुन: प्रयोज्य पीईटी बोतलें (टी) स्टील ग्लास पानी सेवा

ग्लोबल पॉप की पहचान बना ‘एक्सजी’ बैंड:12 की उम्र में घर छोड़ा; भूखे पेट आधी रात तक रियाज कर 7 लड़कियों ने रचा इतिहास

ग्लोबल पॉप की पहचान बना ‘एक्सजी’ बैंड:12 की उम्र में घर छोड़ा; भूखे पेट आधी रात तक रियाज कर 7 लड़कियों ने रचा इतिहास

संगीत-नृत्य की दुनिया में दक्षिण कोरियाई बैंड बीटीएस, ब्लैकपिंक के दबदबे और स्ट्रे किड्स, सेवनटीन जैसे ग्रुप की वैश्विक लोकप्रियता के बीच जापान की 7 लड़कियों का बैंड एक्सजी (एक्स्ट्राऑर्डिनरी जीनस) का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। अमेरिका के कोचेला म्यूजिक फेस्टिवल में अपने संगीत-नृत्य का लोहा मनवा चुकी एक्सजी का अगला प्रदर्शन लंदन के वेम्बली स्टेडियम में सितंबर में होगा, जिसकी चर्चा अभी से है। पॉप म्यूजिक की दुनिया में स्टार बनने की एक्सजी का यह सफर धैर्य, बेजोड़ अनुशासन और अदम्य मानसिक मजबूती की अनूठी मिसाल है। 2016 में हजारों लड़कियों के ऑडिशन में 21 का चयन एक्सजी के लिए 2016 में जापान भर के हजारों लड़कियों का ऑडिशन हुआ। इसमें से 21 को ट्रेनिंग के लिए चुना गया। सभी को एक डॉर्मिटरी में साथ रहती थी। सुबह से रात तक संगीत-नृत्य का अभ्यास कराया जाता। कई भाषाओं में बोलने की ट्रेनिंग भी दी जाती। यहां अनुशासन काफी सख्त था। यहां तक कि वे सोशल मीडिया पर फोटो तक साझा नहीं कर सकती थीं। एक बार एक लड़की ने सोशल मीडिया पर तस्वीर अपलोड कर दी, तो उसे कड़ी फटकार लगाई गई। अंत में 7 बैंड के लिए चुनी गईं। अस्तित्व की लड़ाई ग्रुप की सदस्य माया ट्रेनिंग को शारीरिक और मानसिक रूप से ‘खुद के खिलाफ एक लड़ाई’ बताती हैं। जबकि चिसा ने इस ट्रेनिंग को शुद्ध रूप से जीवित बचे रहने का संघर्ष कहा। छह साल की ट्रेनिंग के बीच ही एक्सजी की लड़कियों के बीच आपसी समझ बेहतर हुई। चिसा कहती हैं, अच्छे तरीके से हम एक-दूसरे को बेहतर बनने के लिए पुश करते थे। इससे टीम ज्यादा संगठित होती गईं। हिनाता बताती हैं कि हर सदस्य का अपना स्टाइल है। फिर भी वे एक साथ मूव करती हैं। यादें – खून से सने जूते और लीडर जुरीन का पैनिक अटैक ग्रुप की मुख्य रैपर कोकोना जब 12 साल की थी, तब एक ही स्टेप को दिन में 500 बार करने से उनके पैरों के नाखून टूट गए थे। कई बार तलवों से खून बहने लगता था। जब वे दर्द से चीखती थीं, तो ट्रेनर्स तरस खाने के बजाय कहते थे, ‘दर्द से हार मान रही हो, तो स्टेज का सपना भूल जाओ।’ कोकोना पैरों पर टेप लपेटकर दोबारा नाचने लगती थीं। ग्रुप की जिम्मेदारी संभाल रहीं लीडर जुरीन को एक बार लगातार 18 घंटे की प्रैक्टिस के बाद फ्लोर पर ही गंभीर पैनिक अटैक आया और वे सांस के लिए तड़पने लगी थीं। इसी कठोर श्रम से बीटीएस और ब्लैकपिंक के बीच एक्सजी ने नया इतिहास रचा है।