तन्मय वेकारिया के पिता का निधन:अरविंद वेकारिया गुजराती एक्टर थे, 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में भी आ चुके थे नजर

‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में बाघा का किरदार निभाने वाले एक्टर तन्मय वेकारिया के पिता अरविंद वेकारिया का निधन हो गया है। इस बारे में जानकारी CINTAA ने दी है। हालांकि, उनके निधन की वजह सामने नहीं आई है। अरविंद वेकारिया गुजराती थिएटर और फिल्मों के एक्टर थे। वह ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में भी गेस्ट अपीयरेंस दे चुके थे। बता दें कि अक्टूबर 2025 में तन्मय वेकारिया की मां का निधन हुआ था। कुछ दिन पहले तन्मय वेकारिया का शो के सेट से एक वीडियो सामने आया था। वीडियो में वह अपनी मां को याद करते इमोशनल नजर आए थे। इस दौरान शो के मेकर असित कुमार मोदी उन्हें संभालते दिखे थे। कौन थे अरविंद वेकारिया? अरविंद वेकारिया गुजराती थिएटर और फिल्मों में एक्टिव थे। उन्हें गुजराती फिल्मों “यशोदा”, “छानू चमकलो” और “रुपियो नाच नचावे” में उनके रोल के लिए सबसे ज्यादा जाना जाता है। वह टीवी शो “शक्तिमान” में भी नजर आए थे। ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में अरविंद वेकारिया ने एक ज्वैलर का गेस्ट रोल निभाया था। शो में आत्माराम भिड़े अपनी पत्नी माधवी के गहने गिरवी रखने के लिए जिस ज्वैलर के पास जाते हैं, वह किरदार अरविंद वेकारिया ने निभाया था। तन्मय वेकारिया फिलहाल ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में बाघा का किरदार निभा रहे हैं। इन दिनों शो में उनके किरदार की कहानी दिखाई जा रही है, जिसमें बाघा की लव लाइफ में परेशानियां दिखाई गई हैं।
तन्मय वेकारिया के पिता का निधन:अरविंद वेकारिया गुजराती एक्टर थे, 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में भी नजर आ चुके थे

‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में बाघा का किरदार निभाने वाले एक्टर तन्मय वेकारिया के पिता अरविंद वेकारिया का निधन हो गया है। इस बारे में जानकारी CINTAA ने दी है। हालांकि, उनके निधन की वजह सामने नहीं आई है। अरविंद वेकारिया गुजराती थिएटर और फिल्मों के एक्टर थे। वह ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में भी गेस्ट अपीयरेंस दे चुके थे। बता दें कि अक्टूबर 2025 में तन्मय की मां का निधन हुआ था। कौन थे अरविंद वेकारिया? अरविंद वेकारिया गुजराती थिएटर और फिल्मों में एक्टिव थे। उन्हें गुजराती फिल्मों “यशोदा”, “छानू चमकलो” और “रुपियो नाच नचावे” में उनके रोल के लिए सबसे ज्यादा जाना जाता है। वह टीवी शो “शक्तिमान” में भी नजर आए थे। ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में अरविंद वेकारिया ने एक ज्वैलर का गेस्ट रोल निभाया था। शो में आत्माराम भिड़े अपनी पत्नी माधवी के गहने गिरवी रखने के लिए जिस ज्वैलर के पास जाते हैं, वह किरदार अरविंद वेकारिया ने निभाया था। तन्मय वेकारिया फिलहाल ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में बाघा का किरदार निभा रहे हैं। इन दिनों शो में उनके किरदार की कहानी दिखाई जा रही है, जिसमें बाघा की लव लाइफ में परेशानियां दिखाई गई हैं। हाल ही में तन्मय वेकारिया का शो के सेट से एक वीडियो सामने आया था। वीडियो में वह अपनी मां को याद करते इमोशनल नजर आए थे। इस दौरान शो के मेकर असित कुमार मोदी उन्हें संभालते दिखे थे।
लखनऊ कोचिंग अग्निकांड पर भड़के सेलेब्स:विवेक अग्निहोत्री बोले- मौत का खेल है, अगला नंबर किसका; देवोलीना बोलीं- लंबे हाईवे नहीं परिवार की सुरक्षा चाहिए

लखनऊ की 2 मंजिला इमारत में लगी आग में 15 लोगों की मौत हो चुकी है। घटना के बाद से ही सुरक्षा व्यवस्थाओं पर कई बड़े सवाल खडे़ किए जा रहे हैं। इसी बीच बॉलीवुड सेलेब्स भी घटना की निंदा करते हुए सरकार पर भड़क गए हैं। एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्या ने अग्निकांड पर गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा, ‘सत्ता एक खतरनाक नशा है। यह अच्छे इरादों वाले नेताओं को भी उन लोगों के प्रति उदासीन बना सकती है, जिनकी सेवा करने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है। बेशक, सरकारें हाईवे, फ्लाईओवर और बड़े-बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट बनाती हैं। लेकिन किसी देश की असली प्रगति सड़कों की लंबाई से नहीं मापी जाती, बल्कि इस बात से मापी जाती है कि उसके नागरिक कितने सुरक्षित हैं।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘हर दिन हम आग लगने की घटनाओं, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों, परीक्षा पेपर लीक, बदहाल सरकारी अस्पतालों और स्कूलों, पानी की कमी तथा बढ़ती जन असंतुष्टि की खबरें सुनते हैं। वहीं दूसरी ओर जवाबदेही अक्सर चुनिंदा लोगों तक ही सीमित दिखाई देती है। प्रभावशाली लोगों को राहत मिल जाती है, जबकि आम नागरिक न्याय के लिए संघर्ष करता रहता है।’ ‘एक आम नागरिक सुबह उठकर यह नहीं सोचता कि कितने किलोमीटर हाईवे बने। वह यह जानना चाहता है कि उसका परिवार सुरक्षित है या नहीं, उसके बच्चों को निष्पक्ष शिक्षा मिलेगी या नहीं, कानून उसकी रक्षा समान रूप से करेगा या नहीं, और उसके टैक्स का पैसा वास्तव में उसके जीवन को बेहतर बनाने में खर्च हो रहा है या नहीं।’ ‘अपने आसपास हो रही घटनाओं को देखकर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या हम वास्तव में आगे बढ़ रहे हैं, या फिर धीरे-धीरे उन्हीं समस्याओं की ओर लौट रहे हैं जिन्हें पीछे छोड़ने का हमने कभी वादा किया था? लोकतंत्र वादों पर नहीं, बल्कि जवाबदेही पर फलता-फूलता है।’ विवेक रंजन बोले- अगला नंबर किसका होगा देवोलीना के अलावा डायरेक्टर विवेक रंजन अग्निहोत्री ने भावुक अंदाज में लिखा है, ‘भारत में मुझे सबसे ज्यादा डर सड़क दुर्घटनाओं से नहीं लगता। मुझे डर इस बात का लगता है कि अगर मैं ग्राउंड फ्लोर से ऊपर किसी मंजिल पर रह रहा हूं और अचानक आग लग जाए, तो मैं वहां से बाहर कैसे निकलूंगा? कुछ दिन पहले जुहू में मेरे एक दोस्त की बिल्डिंग में आग लग गई। देखते ही देखते सब कुछ जलकर खाक हो गया।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘भारत में फायर सेफ्टी इंस्पेक्शन अब मानो लोगों की जान लेने का लाइसेंस बन चुके हैं। किसी को नहीं पता कि इन मौत के जाल जैसी इमारतों की जिम्मेदारी किसकी है। ऐसी इमारतों को मंजूरी कौन देता है? इस तरह की घोर लापरवाही पर हस्ताक्षर कौन करता है? इन्हें डिजाइन कौन करता है? और जब कोई हादसा होता है, तो आखिर सजा किसे मिलती है?’ आखिर में उन्होंने लिखा, ‘शहरी भारत में हम सभी ऐसी इमारतों में रह रहे हैं जो संभावित आग का खतरा बनी हुई हैं। हम अपने परिवारों के साथ मानो हर दिन किस्मत का खेल खेल रहे हैं। किसी को नहीं पता कि अगला नंबर किसका होगा।’ सोनू सूद बोले- क्लासरूम सपनों की दुनिया होनी चाहिए, अंतिम पड़ाव की नहीं एक्टर सोनू सूद ने घटना के बाद भावुक होकर लिखा है, ‘क्लासरूप बच्चों के सपनों की दुनिया होनी चाहिए उनका अंतिम पड़ाव नहीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, एक क्लासरूम बच्चों के सपनों को उड़ान देने की जगह होनी चाहिए, उनका अंतिम पड़ाव नहीं। लखनऊ में हुई आग की इस दुखद घटना ने दिल तोड़ दिया है।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘कितनी मासूम जिंदगियां, कितने सपने एक पल में खत्म हो गए। वे बच्चे, जो आगे चलकर अधिकारी, कलाकार, नेता और समाज में बदलाव लाने वाले लोग बन सकते थे, उनका सफर शुरू होने से पहले ही थम गया। जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खो दिया है, उनके दर्द को कम करने के लिए शब्द भी छोटे पड़ जाते हैं। मेरी संवेदनाएं उन सभी परिवारों के साथ हैं और उन लोगों के लिए भी प्रार्थना है जो अभी जिंदगी की लड़ाई लड़ रहे हैं।’ ‘हम इन बच्चों के सिर्फ आंसुओं के नहीं, बल्कि एक सुरक्षित भविष्य के भी कर्जदार हैं। हमें ऐसे सुरक्षित स्कूल, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और सख्त नियम सुनिश्चित करने होंगे, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों।’ अग्निकांड में हुई 15 लोगों की मौत, इनमें ज्यादातर कोचिंग के स्टूडेंट यूपी की राजधानी लखनऊ में सोमवार दोपहर 2:15 बजे बड़ा हादसा हो गया। अलीगंज इलाके में हुए अग्निकांड में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें ज्यादातर कोचिंग के स्टूडेंट हैं। आग से बचने के लिए कुछ छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया तो कोई पहले फ्लोर से कूद गया। कई छात्र तार से लटककर नीचे उतरे। इंसानों के साथ जानवर भी इस भीषण आग फंस गए। देखिए लखनऊ अग्निकांड की तस्वीरें-
Anil Kumar Rastogi Clarifies PM Modi Ignore Row

16 मिनट पहले कॉपी लिंक वायरल वीडियो में पीएम मोदी एक्टर की ओर हाथ बढ़ाते हैं, लेकिन रस्तोगी हाथ मिलाए बिना आगे बढ़ जाते हैं। पद्मश्री सम्मान से सम्मानित सीनियर एक्टर अनिल कुमार रस्तोगी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो को लेकर दावा किया गया कि मंगलवार को पद्म पुरस्कार समारोह के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नजरअंदाज कर दिया। हालांकि, इस वीडियो को लेकर अनिल कुमार रस्तोगी ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी उम्र की वजह से यह चूक हो गई। दरअसल, वीडियो में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अनिल रस्तोगी सम्मान लेने के लिए मंच की ओर जाते दिखाई देते हैं। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी ओर हाथ बढ़ाते हैं, लेकिन रस्तोगी हैंडशेक किए बिना आगे बढ़ जाते हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ यूजर्स ने इसे पीएम मोदी को इग्नोर करना बताया। एक यूजर की पोस्ट। वीडियो वायरल होने पर सफाई दी वीडियो वायरल होने के बाद अनिल रस्तोगी ने खुद सोशल मीडिया पर सफाई दी। एक पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए उन्होंने लिखा, “जो लोग मजाक बना रहे हैं, उनसे कहना चाहता हूं कि मेरी उम्र 80 साल से ज्यादा है। यह मेरी उम्र की वजह से हुई एक चूक थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए मेरे मन में बहुत सम्मान है और मेरा मानना है कि देश का नेतृत्व करने के लिए वह सबसे बेहतर विकल्प हैं।” अनिल रस्तोगी की पोस्ट। कला और विज्ञान के क्षेत्र में अनिल रस्तोगी के योगदान के लिए उन्हें इस साल पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया है। कौन हैं अनिल रस्तोगी बता दें कि डॉ. अनिल कुमार रस्तोगी थिएटर और फिल्मों की दुनिया का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने कई फिल्मों में अभिनय किया है और वैज्ञानिक के रूप में भी काम किया है। वे सीएसआईआर के प्रतिष्ठित संस्थान सीडीआरआई, लखनऊ में बायोकेमेस्ट्री विभाग के प्रमुख (हेड) रह चुके हैं और एक वैज्ञानिक के रूप में भी लंबी सेवा दे चुके हैं। अनिल रस्तोगी ने फिल्म ‘इश्कजादे’ में अर्जुन कपूर के दादा का किरदार निभाया था। 75 से ज्यादा फिल्मों में दिखे फिल्मी करियर की बात करें तो अनिल कुमार रस्तोगी ‘इश्कजादे’, ‘मुल्क’, ‘रेड’ और ‘थप्पड़’ जैसी 75 से अधिक फिल्मों में एक्टिंग कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने 14 वेब सीरीज और विभिन्न टीवी धारावाहिकों के करीब 500 एपिसोड में काम किया है। वे 99 नाटकों के लगभग एक हजार मंचन कर चुके हैं। अनिल रस्तोगी ने वेब सीरीज ‘आश्रम’ में मुख्यमंत्री (सुंदर लाल) की भूमिका निभाई थी। कला और संस्कृति के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें पहले भी कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है। डॉ. अनिल रस्तोगी को यश भारती-2017, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार-2023, पाटलिपुत्र लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड-2024, अभ्युदय अंतरराष्ट्रीय शलाका सम्मान-2026 और कालिदास सम्मान मिल चुका है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Anil Kumar Rastogi Clarifies PM Modi Ignore Row

5 मिनट पहले कॉपी लिंक वायरल वीडियो में पीएम मोदी एक्टर की ओर हाथ बढ़ाते हैं, लेकिन रस्तोगी हाथ मिलाए बिना आगे बढ़ जाते हैं। मंगलवार को पद्मश्री सम्मान से सम्मानित सीनियर एक्टर और वैज्ञानिक अनिल कुमार रस्तोगी का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल क्लिप को लेकर दावा किया जा रहा है कि पद्म पुरस्कार समारोह के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नजरअंदाज कर दिया। हालांकि, इस वीडियो को लेकर अनिल कुमार रस्तोगी ने सफाई दी। दरअसल, वीडियो में राष्ट्रपति से अनिल रस्तोगी सम्मान लेने के बाद मंच की ओर जाते दिखाई देते हैं। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी ओर हाथ बढ़ाते हैं, लेकिन रस्तोगी हैंडशेक किए बिना आगे बढ़ जाते हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ यूजर्स ने इसे पीएम मोदी को “इग्नोर” करना बताया। हालांकि, मामला बढ़ने के बाद अनिल रस्तोगी ने खुद सोशल मीडिया पर सफाई दी। उन्होंने लिखा, “जो लोग मजाक बना रहे हैं, उनसे कहना चाहता हूं कि मेरी उम्र 80 साल से ज्यादा है। यह मेरी उम्र की वजह से हुई एक चूक थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए मेरे मन में बहुत सम्मान है और मेरा मानना है कि देश का नेतृत्व करने के लिए वह सबसे बेहतर विकल्प हैं।” अनिल रस्तोगी की पोस्ट। कला और विज्ञान के क्षेत्र में अनिल रस्तोगी के योगदान के लिए उन्हें इस साल पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया है। कौन हैं अनिल रस्तोगी बता दें कि डॉ. अनिल कुमार रस्तोगी थिएटर और फिल्मों की दुनिया का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने कई फिल्मों में अभिनय किया है और वैज्ञानिक के रूप में भी काम किया है। वे सीएसआईआर के प्रतिष्ठित संस्थान सीडीआरआई, लखनऊ में बायोकेमेस्ट्री विभाग के प्रमुख (हेड) रह चुके हैं और एक वैज्ञानिक के रूप में भी लंबी सेवा दे चुके हैं। अनिल रस्तोगी ने फिल्म ‘इश्कजादे’ में अर्जुन कपूर के दादा का किरदार निभाया था। 75 से ज्यादा फिल्मों में दिखे फिल्मी करियर की बात करें तो अनिल कुमार रस्तोगी ‘इश्कजादे’, ‘मुल्क’, ‘रेड’ और ‘थप्पड़’ जैसी 75 से अधिक फिल्मों में एक्टिंग कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने 14 वेब सीरीज और विभिन्न टीवी धारावाहिकों के करीब 500 एपिसोड में काम किया है। वे 99 नाटकों के लगभग एक हजार मंचन कर चुके हैं। अनिल रस्तोगी ने वेब सीरीज ‘आश्रम’ में मुख्यमंत्री (सुंदर लाल) की भूमिका निभाई थी। कला और संस्कृति के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें पहले भी कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है। डॉ. अनिल रस्तोगी को यश भारती-2017, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार-2023, पाटलिपुत्र लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड-2024, अभ्युदय अंतरराष्ट्रीय शलाका सम्मान-2026 और कालिदास सम्मान मिल चुका है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Donald Trump Tariffs Vs India China; US White House Internal Tension

वॉशिंगटन डीसी7 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत और चीन पर लगने वाले टैरिफ को लेकर एक मीटिंग में अपने ही अधिकारियों पर भड़क गए थे। एक नई किताब के मुताबिक, ट्रम्प को लगता था कि भारत अमेरिकी सामानों पर सरकारी आंकड़ों से कहीं ज्यादा टैक्स (टैरिफ) लगाता है। न्यूयॉर्क टाइम्स के पत्रकार मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान की किताब ‘रिजीम चेंज: इनसाइड द इम्पीरियल प्रेसिडेंसी ऑफ डोनाल्ड ट्रम्प’ में दावा किया गया है कि ट्रम्प ने वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक से कहा था कि उन्हें भारत और चीन के टैरिफ को लेकर सही जानकारी नहीं दी जा रही। किताब के अनुसार, जब लुटनिक ने आधिकारिक आंकड़े दिखाए, तो ट्रम्प ने उन्हें भी खारिज कर दिया। उनका कहना था कि यह आंकड़े बकवास हैं। भारत अमेरिकी सामानों पर कम से कम 175% टैरिफ लगाता है। रिजीम चेंज किताब के लेखक मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान है। भारत का औसत टैरिफ 16% विश्व व्यापार संगठन (WTO) के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में भारत का औसत ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ टैरिफ 15.8% था। यानी कि अगर भारत 100 तरह के सामान आयात करता है, तो उन सभी पर लगने वाले टैरिफ का औसत लगभग 16% बैठता है। वहीं 2023 में व्यापार-भारित औसत टैरिफ करीब 12% रहा। इसमें उन सामानों को ज्यादा महत्व दिया जाता है जिनका व्यापार अधिक होता है। यानी वास्तविक व्यापार में भारत पर आने वाला औसत टैरिफ लगभग 12% के आसपास पड़ता है। यही वजह है कि WTO और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) की रिपोर्टों में भारत को उच्च टैरिफ वाला देश तो कहा जाता है, लेकिन कभी पूरे भारतीय टैरिफ इन्फ्रा के लिए 175% का आंकड़ा नहीं दिया गया है। हावर्ड लुटनिक, जो ट्रम्प की टैरिफ नीति के प्रमुख समर्थकों में रहे हैं, उन्होंने जनवरी 2025 में सीनेट में अपनी पुष्टि सुनवाई के दौरान भी भारत और चीन का उदाहरण दिया था। उनका तर्क था कि ऊंचे टैरिफ का मतलब हमेशा महंगाई नहीं होता, क्योंकि भारत और चीन में टैरिफ ज्यादा होने के बावजूद महंगाई नियंत्रित रही है। किताब के मुताबिक, बाद में लुटनिक ऐसी स्थिति में फंस गए जहां एक तरफ ट्रम्प राजनीतिक रूप से टैरिफ के बड़े दावे कर रहे थे और दूसरी तरफ सरकारी आंकड़े उन दावों से मेल नहीं खा रहे थे। ट्रम्प ने यूक्रेन जंग को लेकर कहा था- भारत नहीं मानेगा किताब में भारत का जिक्र केवल व्यापार विवाद तक सीमित नहीं है। इसमें एक और दिलचस्प दावा किया गया है कि ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के कुछ दिनों बाद यूक्रेन युद्ध को लेकर हुई एक बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भारत का नाम संभावित शांति सेना भेजने वाले देशों में शामिल किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, 30 जनवरी 2025 को ओवल ऑफिस में हुई बैठक में ट्रम्प के रूस-यूक्रेन दूत कीथ केलॉग ने यूक्रेन युद्ध खत्म करने का एक प्रस्ताव पेश किया था। इस दौरान अमेरिका में यूक्रेन में शांति सैनिक भेजने को लेकर एक बैठक चल रही थी। बैठक में जब फ्रांस, ब्रिटेन और नीदरलैंड जैसे नाटो (NATO) देशों के सैनिक भेजने का प्रस्ताव आया, तो जेडी वेंस ने इस पर चिंता जताई। वेंस का मानना था कि नाटो सैनिकों को यूक्रेन भेजने से रूस नाराज हो सकता है और अमेरिका भी सीधे युद्ध में फंस सकता है। इसके बाद जेडी वेंस ने सुझाव दिया कि क्यों न गैर-यूरोपीय देशों से मदद ली जाए। वेंस ने इस काम के लिए सऊदी अरब और भारत का नाम आगे बढ़ाया। किताब में दावा किया गया है कि वेंस का सुझाव सुनते ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प हंस पड़े थे। उन्होंने कहा, ‘भारतीय ऐसा कभी नहीं करेंगे। वो इस तरह की किसी चीज के लिए अपनी जेब से पैसा खर्च नहीं करेंगे।’ मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान की किताब रिजीम चेंज। ट्रम्प ने कहा था- मोदी मुझे बहुत पसंद करते हैं किताब में यह भी दावा किया गया कि ट्रम्प ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कहा था कि वे उन्हें बहुत पसंद करते हैं। और उनसे मिलने अमेरिका आना चाहते हैं। ट्रम्प ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर भी निशाना साधा। उन्होंने जेलेंस्की को एक ‘खराब वार्ताकार’ बताया। उन्होंने कहा कि जेलेंस्की ने सही ढंग से बातचीत न करके अपने पूरे देश को बर्बाद कर दिया, लेकिन वो बाइडन सरकार से चीजें हासिल करने में बहुत अच्छे थे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
हेल्थ टिप्स: आटा गूंथते समय मिलाए ये 5 चीजें, रोटी बनेगी दवा, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल सहित इन हालात में होगी छुट्टी

स्वास्थ्य युक्तियाँ: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और शानदार लाइफ स्टाइल के कारण लोग कम उम्र में ही कई चुनौतियों का शिकार हो रहे हैं। कभी कामचोरी, कभी हाई ब्लड सप्लाई, तो कभी पेट से जुड़ी दिक्कतें हमारे यहां बनी रहती हैं। बार-बार हम मजबूरी से भागने के लिए किराने की दुकानों या औषधियों का सहारा लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी सेहत का सबसे बड़ा राज आपकी रसोई में है, खासकर आपकी रोज़ की रोटी में छिपा हुआ है? हम रोज़ के दस्तावेज़ों के आटे की रोटी खाते हैं। अवशेष स्वस्थ्य हैं, लेकिन केवल सभी आवश्यक तीर्थयात्रियों को हमारे शरीर का डेटा नहीं मिलता। यदि आप अपने रोजमर्रा के साधारण रेस्तरां में कुछ खास और प्लास्टिक उत्पाद बनाना शुरू करते हैं, तो यह एक ‘सुपरफूड’ बन जाएगा। आइए जानते हैं ऐसी ही 5 सावधानियों के बारे में, जिन्हें मिलाकर आप डॉक्टर के खर्चों से हमेशा बच सकते हैं। चने का आटा आटे के आटे में चने का आटा मिलाना सबसे पुरानी और प्रभावशाली दुकान है। चने का आटा प्रोटीन, चारे और आयरन से भरपूर होता है। यह ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे यह रक्तचाप के स्तर को अमृत के समान कर देता है। साथ ही, यह लंबे समय तक चला है, जिससे वजन नियंत्रित करने में आपको मदद मिलती है। आप 4 किलो चने का आटा में 1 किलो चने का आटा। रागी का आटा रागी को कैल्शियम का पावर हाउस कहा जाता है। वयस्क आयु के बच्चों और महिलाओं के लिए रागी अत्यंत आवश्यक है। रागी में प्रचुर मात्रा में कैल्शियम और थायमिन पाया जाता है, जो लोहे को मजबूत बनाता है। अगर आपको बार-बार जोड़ों या मांसपेशियों में दर्द रहता है, तो रागी वाला आटा आपकी इस समस्या को जड़ से खत्म कर सकता है। यह खून की कमी को भी दूर करता है। ओट्स का पाउडर हार्ट को टिकट की दुकान और ख़राब रेलवे को कम करने के लिए ओट्स का कोई मुकाबला नहीं है। ओट्स में ‘बीटा-ग्लूकन’ नाम का सॉल्यूबल अवशेष होता है, जो नेटवर्क में फ्रोजन कोल को बाहर निकालता है। इसके नियमित सेवन से दिल की दवा का खतरा काफी कम हो जाता है और डीज़ल भी कायम रहता है। सोयाबीन का आटा अगर आप थकान और कमजोरी महसूस करते हैं, तो आपके शरीर को प्रोटीन की जरूरत है। इसके लिए एसोसिएट में सोयाबीन मिक्स सबसे अच्छा पदस्थापित करना है। सोयाबीन में हाई-क्वालिटी प्रोटीन, ओमेगा-3 केटेमिन एसिड और वैलेन्ट्स होते हैं। यह मसल्स को मजबूत बनाता है और शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाता है, जिससे आपके आस-पास भी फैट नहीं बढ़ता है। अलसी के बीज का पाउडर अलसी के छोटे-छोटे बीज दर्शन का खजाना हैं। उदाहरण के लिए, पिंजरा टुकड़े लें और आटे में मिलाएँ। अलसी में ओमेगा-3 बैक्टीरिया एसिड और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह त्वचा में चमक पैदा करता है, बालों का चमकता सितारा है और शरीर में होने वाली बुरी सूजन को कम करता है। ये भी पढ़ें – निर्जला एकादशी 2026: निर्जला एकादशी के दिन नहीं रख पा रहे हैं व्रत तो बस इन दिनों का कर लें पालन, मिलेगा पूर्ण फल
हेल्थ टिप्स: रोज के दांतों में मिलाएं ये 5 चीजें, डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं

स्वास्थ्य युक्तियाँ: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और शानदार लाइफ स्टाइल के कारण लोग कम उम्र में ही कई चुनौतियों का शिकार हो रहे हैं। कभी कामचोरी, कभी हाई ब्लड सप्लाई, तो कभी पेट से जुड़ी दिक्कतें हमारे यहां बनी रहती हैं। बार-बार हम मजबूरी से भागने के लिए किराने की दुकानों या औषधियों का सहारा लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी सेहत का सबसे बड़ा राज आपकी रसोई में है, खासकर आपकी रोज़ की रोटी में छिपा हुआ है? हम रोज़ के दस्तावेज़ों के आटे की रोटी खाते हैं। अवशेष स्वस्थ्य हैं, लेकिन केवल सभी आवश्यक तीर्थयात्रियों को हमारे शरीर का डेटा नहीं मिलता। यदि आप अपने रोजमर्रा के साधारण रेस्तरां में कुछ खास और प्लास्टिक उत्पाद बनाना शुरू करते हैं, तो यह एक ‘सुपरफूड’ बन जाएगा। आइए जानते हैं ऐसी ही 5 सावधानियों के बारे में, जिन्हें मिलाकर आप डॉक्टर के खर्चों से हमेशा बच सकते हैं। चने का आटा आटे के आटे में चने का आटा मिलाना सबसे पुरानी और प्रभावशाली दुकान है। चने का आटा प्रोटीन, चारे और आयरन से भरपूर होता है। यह ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे यह रक्तचाप के स्तर को अमृत के समान कर देता है। साथ ही, यह लंबे समय तक चला है, जिससे वजन नियंत्रित करने में आपको मदद मिलती है। आप 4 किलो चने का आटा में 1 किलो चने का आटा। रागी का आटा रागी को कैल्शियम का पावर हाउस कहा जाता है। वयस्क आयु के बच्चों और महिलाओं के लिए रागी अत्यंत आवश्यक है। रागी में प्रचुर मात्रा में कैल्शियम और थायमिन पाया जाता है, जो लोहे को मजबूत बनाता है। अगर आपको बार-बार जोड़ों या मांसपेशियों में दर्द रहता है, तो रागी वाला आटा आपकी इस समस्या को जड़ से खत्म कर सकता है। यह खून की कमी को भी दूर करता है। ओट्स का पाउडर हार्ट को टिकट की दुकान और ख़राब रेलवे को कम करने के लिए ओट्स का कोई मुकाबला नहीं है। ओट्स में ‘बीटा-ग्लूकन’ नाम का सॉल्यूबल अवशेष होता है, जो नेटवर्क में फ्रोजन कोल को बाहर निकालता है। इसके नियमित सेवन से दिल की दवा का खतरा काफी कम हो जाता है और डीज़ल भी कायम रहता है। सोयाबीन का आटा अगर आप थकान और कमजोरी महसूस करते हैं, तो आपके शरीर को प्रोटीन की जरूरत है। इसके लिए एसोसिएट में सोयाबीन मिक्स सबसे अच्छा पदस्थापित करना है। सोयाबीन में हाई-क्वालिटी प्रोटीन, ओमेगा-3 केटेमिन एसिड और वैलेन्ट्स होते हैं। यह मसल्स को मजबूत बनाता है और शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाता है, जिससे आपके आस-पास भी फैट नहीं बढ़ता है। अलसी के बीज का पाउडर अलसी के छोटे-छोटे बीज दर्शन का खजाना हैं। उदाहरण के लिए, पिंजरा टुकड़े लें और आटे में मिलाएँ। अलसी में ओमेगा-3 बैक्टीरिया एसिड और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह त्वचा में चमक पैदा करता है, बालों का चमकता सितारा है और शरीर में होने वाली बुरी सूजन को कम करता है। ये भी पढ़ें – निर्जला एकादशी 2026: निर्जला एकादशी के दिन नहीं रख पा रहे हैं व्रत तो बस इन दिनों का कर लें पालन, मिलेगा पूर्ण फल
Aanchal Khurana Statement on Ketan Agrawal Murder Case

10 मिनट पहले कॉपी लिंक पुणे के लोहगढ़ किले में कारोबारी परिवार से जुड़े केतन अग्रवाल की कथित हत्या के मामले पर टीवी एक्ट्रेस आंचल खुराना ने रिएक्ट किया है। मामले को लेकर आंचल खुराना ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर कहा, “एक करोड़पति बाप के बेटे का एक करोड़पति बाप की बेटी से अरेंज मैरिज फिक्स होती है। दोनों फैमिलीज बहुत ही क्लोज थीं, तो उन्होंने बच्चों की शादी फिक्स कर दी, लेकिन बेटी का चेतन से अफेयर था। आप यह बात अपने पैरेंट्स को बोल सकते थे, अपने मंगेतर से बोल सकते थे, लेकिन उसने उसे खाई से धक्का मार देना पसंद किया…” महिला-पुरुष का नहीं, इंसानियत का मामला एक्ट्रेस ने कहा कि यह मामला महिला या पुरुष का नहीं, बल्कि इंसानियत और नैतिकता का है। उन्होंने सवाल उठाया कि रिश्तों में मतभेद होने पर लोग बातचीत के बजाय हिंसा का रास्ता क्यों चुन रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी के खिलाफ अत्याचार न पुरुषों पर होना चाहिए और न ही महिलाओं पर। उन्होंने आगे कहा, “सिया ने उसका मर्डर करना फेवर किया, लेकिन उसमें इतना दम नहीं था कि वो अपने मां-बाप को बोल दे।” आंचल ने अंत में कहा कि इसको भी यही सजा मिलनी चाहिए कि उसी खाई से धक्का देकर वहीं खत्म कर देना चाहिए। कोई कोर्ट केस नहीं होना चाहिए। क्या है पूरा मामला? पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार, 18 जून को लोहगढ़ किले पर घूमने के दौरान केतन अग्रवाल करीब 400 फीट गहरी खाई में गिर गए थे। शुरुआती जांच में इसे हादसा माना गया था, लेकिन बाद में तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर जांच की दिशा बदली। पुलिस का दावा है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी के बीच पिछले करीब एक साल से संबंध थे और दोनों ने कथित तौर पर इस वारदात की साजिश रची। जांच के दौरान पुलिस ने यह भी दावा किया है कि इससे पहले भी केतन को नुकसान पहुंचाने की कथित कोशिश की गई थी। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने मामले में कई गंभीर आरोप लगाए हैं और इसकी सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित साजिश में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं। मामले की जांच जारी है। पुणे मर्डर केस से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… पुणे मर्डर- मंगेतर के साथ सिया की रोमांटिक पोस्ट:दोनों लोहगढ़ गए तो प्रेमी भी पहुंचा; गर्मी में हुडी पहना था, इसी से सुराग मिला पुणे में मंगेतर की हत्या करने वाली 20 साल की सिया गोयल ने सोशल मीडिया अकाउंट पर केतन अग्रवाल (26) के साथ कई रोमांटिक पोस्ट किए थे। कभी प्रपोजल की तस्वीरें, कभी फूल देकर प्यार जताने वाले पल, तो कभी डांस और गले मिलने के वीडियो। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
द कोरिया के टूरिज्म का ग्लोबल इंजन बने ‘बर्थडे कैफे’:जीरो निवेश और मुनाफे के इस फॉर्मूले से उमड़ रहे हैं विदेशी पर्यटक

दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल का होंगडे इलाका कैफे के घने जंगलों के लिए मशहूर है। लेकिन इन दिनों यहां की हवाओं में सिर्फ कॉफी की महक नहीं, बल्कि अरबों डॉलर की के-पॉप इंडस्ट्री की आर्थिक ताकत भी तैर रही है। यहां हर कुछ कदमों पर कैफे के बाहर किसी न किसी खूबसूरत स्टार के बड़े-बड़े बैनर और पोस्टर्स दिख जाएंगे। मोबाइल थामे युवाओं की भारी भीड़ इन दुकानों के चक्कर काट रही है। यह दक्षिण कोरिया का तेजी से बढ़ता ‘बर्थडे कैफे’ कल्चर है, जो अब एक बेहद सफल और संगठित बिजनेस मॉडल का रूप ले चुका है। बर्थडे कैफे का पूरा ढांचा ‘फैन-क्रिएटेड और फैन-फंडेड’ इकोनॉमी पर टिका है। स्टार्स के जन्मदिन से महीनों पहले, फैन क्लब खुद आपस में पैसे जुटाते हैं और इवेंट प्लानर की भूमिका में आ जाते हैं। वे कैफे मालिकों से संपर्क कर कुछ दिनों के लिए पूरा कैफे किराए पर लेते हैं या उनके साथ पार्टनरशिप करते हैं। इसके बाद कैफे को पूरी तरह उस स्टार की तस्वीरों, गुब्बारों और थीम आधारित मर्चेंडाइज से सजा दिया जाता है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक कैफे मालिकों के लिए यह ‘जीरो-इन्वेस्टमेंट और हाई-प्रॉफिट’ यानी शून्य निवेश और तगड़े मुनाफे का सौदा है। सजावट और मर्चेंडाइज का पूरा खर्च फैंस उठाते हैं, जबकि कैफे मालिक सिर्फ कॉफी और डेजर्ट बेचते हैं। सामान्य दिनों की तुलना में इन इवेंट्स के दौरान कैफे की बिक्री कई गुना बढ़ जाती है। ‘कैफे ईयू’की मालकिन यू जी-ह्ये बताती हैं कि पीक सीजन में यहां पैर रखने की जगह नहीं होती। ग्राहक आकर्षित करने के लिए एक अनोखा मार्केटिंग टूल ‘कप स्लीव्स’ और “फोटो कार्ड्स’ अपनाया जाता है। जब कोई फैन ड्रिंक खरीदता है, तो उसे स्टार की तस्वीर वाला कस्टमाइज्ड कप होल्डर और स्टिकर्स मुफ्त मिलते हैं। इस बिजनेस मॉडल की सफलता को देखते हुए अब इसका दायरा के-पॉप से बाहर निकलकर कोरियन एक्टर्स, फुटबॉल-बेसबॉल खिलाड़ियों तक फैल चुका है। यहां तक कि धार्मिक संस्थाएं भी इसे अपना रही हैं। सोल के योनह्वासा मंदिर के पास बुद्ध पूर्णिमा पर ‘हैप्पी बुद्धा डे’ थीम वाला बर्थडे कैफे खोला गया, जहां युवाओं को ‘लोटस लाते’ के साथ बुद्ध के फोटो कार्ड दिए गए। ग्लोबल फैंस आकर 8 से 10 अलग-अलग कैफे जा रहे, होटल, परिवहन को भी बूस्ट यह ट्रेंड दक्षिण कोरिया के टूरिज्म का ग्रोथ इंजन बन गया है। अमेरिका, यूरोप और एशिया के देशों से लाखों के-पॉप प्रशंसक पसंदीदा आइडल का ‘बर्थडे वाइब’ महसूस करने सोल आते हैं। ये विदेशी पर्यटक सोल आकर बकायदा कैफे टूर प्लान करते हैं, जिसमें वे एक दिन में 8 से 10 अलग-अलग कैफे की यात्रा करते हैं। इससे कैफे इंडस्ट्री, स्थानीय होटलों, परिवहन और रिटेल मार्केट को भी बूस्ट मिल रहा है। इस नेटवर्क को संभालने के लिए अब बकायदा डिजिटल प्लेटफॉर्म और एप्स बन चुके हैं, जहां फैंस इवेंट की लिस्टिंग, मर्चेंडाइज की डिटेल और मैप देख सकते हैं।






