Friday, 21 Aug 2026 | 11:30 PM

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Wimbledon 2026, Fritz, Shelton, Vijay Amritraj, US Tennis, Tennis News, Grass Court, Wimbledon Challenge

Wimbledon 2026, Fritz, Shelton, Vijay Amritraj, US Tennis, Tennis News, Grass Court, Wimbledon Challenge

Hindi News Sports Wimbledon 2026, Fritz, Shelton, Vijay Amritraj, US Tennis, Tennis News, Grass Court, Wimbledon Challenge स्पोर्ट्स डेस्क2 मिनट पहले कॉपी लिंक विंबलडन में अमेरिका के लंबे इंतजार को खत्म करने के लिए टेलर फ्रिट्ज और बेन शेल्टन मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं। पूर्व भारतीय टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज का मानना है कि अगर दोनों खिलाड़ी पूरी तरह फिट रहते हैं, तो ग्रास कोर्ट पर किसी भी खिलाड़ी को चुनौती दे सकते हैं। हालांकि, उनके अनुसार टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबले ही उनके आगे के सफर की दिशा तय करेंगे। विंबलडन की शुरुआत आज से हो चुकी है। फ्रिट्ज व शेल्टन से काफी उम्मीदें जियोस्टार मीडिया डे पर विंबलडन 2026 से पहले बातचीत के दौरान जियोस्टार एक्सपर्ट विजय अमृतराज ने कहा, अमेरिका को लंबे समय से विंबलडन मेंस सिंगल्स में चैंपियन का इंतजार है और इस बार फ्रिट्ज व शेल्टन से काफी उम्मीदें हैं। दोनों का खेल ग्रास कोर्ट के लिए शानदार है और वे बड़े खिलाड़ियों को हराने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि टेलर फ्रिट्ज की फिटनेस सबसे अहम होगी। अगर वह पूरी तरह फिट रहे, तो टूर्नामेंट में लंबा सफर तय कर सकते हैं। साथ ही शुरुआती राउंड के मुकाबले दोनों खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि शुरुआती जीत से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है। टेलर फ्रिट्ज का पहले राउंड में सामना जैक ड्रेपर से होना था। दोनों खिलाड़ी को खिताबी दावेदारों में शामिल विजय अमृतराज के मुताबिक, मौजूदा फॉर्म और क्षमता को देखते हुए टेलर फ्रिट्ज और बेन शेल्टन को विंबलडन के ‘सेकेंड टियर’ खिताबी दावेदारों में रखा जा सकता है। अगर दोनों शुरुआती चुनौतियां पार कर लेते हैं, तो खिताब की दौड़ में मजबूत दावेदारी पेश कर सकते हैं। ड्रेपर विंबलडन से बाहर, पहले दौर में फ्रिट्ज से सामना होना था ब्रिटेन के जैक ड्रेपर ने विंबलडन 2026 से नाम वापस ले लिया है। उनका पहले दौर में अमेरिका के टेलर फ्रिट्ज से मुकाबला होना था, लेकिन अब वह टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेंगे। ड्रेपर ने कहा, पिछले 12 महीनों में कई मुश्किल पल आए, लेकिन यह सबसे दर्दनाक है। किसी ब्रिटिश खिलाड़ी के लिए विंबलडन में खेलना सबसे बड़ा सम्मान होता है। विंबलडन 2026 29 जून से 12 जुलाई तक खेला जाएगा। टूर्नामेंट के सभी मुकाबलों का सीधा प्रसारण और लाइव स्ट्रीमिंग भारत में जियोहॉटस्टार और स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Fuel Purchase Limit Lifted for Commercial Buyers from July 1

Fuel Purchase Limit Lifted for Commercial Buyers from July 1

नई दिल्ली11 मिनट पहले कॉपी लिंक सरकार ने पेट्रोल-डीजल की खरीद पर लगाई गईं सभी इमरजेंसी पाबंदियों को 1 जुलाई से हटाने का फैसला किया है। नए आदेश के बाद अब पेट्रोल पंपों पर एक गाड़ी में एक दिन में सिर्फ 200 लीटर डीजल भरने की सीमा खत्म हो जाएगी, यानी अब आप अपनी गाड़ी में जितना चाहें उतना डीजल भरवा सकेंगे। इसके साथ ही फैक्ट्रियों और कमर्शियल खरीदारों पर लगी रोक भी हटा दी गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने 11 जून को पेट्रोल-डीजल की किल्लत की वजह से ये पाबंदियां लगाई थीं, जिन्हें सप्लाई सुधरने के बाद 29 जून के नए आदेश के जरिए वापस ले लिया गया है। पिछले 18 दिन से बड़े उपभोक्ता सिर्फ बल्क सेल पॉइंट्स से ही ईंधन खरीद रहे थे। इस पूरे फैसले को आसान सवाल-जवाब में समझिए… सवाल 1: पेट्रोल-डीजल को लेकर नया फैसला क्या है? जवाब: सरकार ने 1 जुलाई से कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल (औद्योगिक) ग्राहकों पर पेट्रोल-डीजल खरीदने के लिए लगी पाबंदियां पूरी तरह से हटा ली हैं। अब ये ग्राहक रीटेल पेट्रोल पंपों से सामान्य रूप से फ्यूल खरीद सकेंगे। इसके अलावा आम गाड़ियों या ट्रकों के लिए एक दिन में अधिकतम 200 लीटर डीजल खरीदने की लिमिट को भी खत्म कर दिया गया है। सवाल 2: पाबंदियां हटाने का फैसला क्यों लिया गया? जवाब: मंत्रालय ने देश में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की मौजूदा सप्लाई स्थिति की समीक्षा की है। सरकार का कहना है कि अब देश में ईंधन की सप्लाई व्यवस्था में सुधार हो गया है। ऐसे में जनहित को ध्यान में रखते हुए इन पाबंदियों की जरूरत नहीं है। सवाल 3: ये प्रतिबंध क्यों लगाए गए थे? जवाब: अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण ग्लोबल लेवल पर एनर्जी मार्केट्स और कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई थी। इस वजह से देश के कुछ हिस्सों में ईंधन की भारी किल्लत का खतरा पैदा हो गया था। ब्लैक मार्केटिंग, जमाखोरी और डीजल के गलत डायवर्जन को रोकने के लिए सरकार ने 11 जून को यह आपातकालीन कदम उठाया था, जिसे 90 दिन तक लागू रहना था। सवाल 4: पिछले आदेश में कॉमर्शियल बायर्स के लिए क्या नियम थे? जवाब: 11 जून के जारी आदेश के मुताबिक, फैक्ट्रियों, इंडस्ट्रियल यूनिट्स और टेलीकॉम टावरों जैसे बड़े (कॉमर्शियल) खरीदारों के रीटेल पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदने पर रोक लगा दी गई थी। उन्हें अपने खुद के कंज्यूमर पंपों से बाजार भाव पर तेल मंगाना अनिवार्य था। इसके साथ ही रिटेल पेट्रोल पंपों पर किसी भी एक ग्राहक या गाड़ी के लिए एक दिन में अधिकतम 200 लीटर डीजल की सीमा तय कर दी गई थी। सवाल 5: पेट्रोल पंपों पर कॉमर्शियल खरीदारों की भीड़ क्यों बढ़ने लगी थी? जवाब: दरअसल, रीटेल पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले तेल और थोक में मिलने वाले तेल की कीमतों में बड़ा अंतर आ गया था। उदाहरण के लिए, दिल्ली में पेट्रोल पंप पर डीजल ₹95.20 प्रति लीटर था, जबकि थोक खरीदारों के लिए यह ₹134.50 प्रति लीटर पड़ रहा था। लगभग ₹39 प्रति लीटर के इस बड़े अंतर के कारण टेलीकॉम टावर कंपनियां, फैक्ट्रियां और बस-ट्रक ऑपरेटर थोक के बजाय सीधे पेट्रोल पंपों से तेल खरीदने लगे, जिससे पेट्रोल पंपों पर मांग अचानक असामान्य रूप से बढ़ गई थी। सवाल 6: कीमतों में इतना बड़ा अंतर क्यों आया था? जवाब: फरवरी के आखिर में शुरू हुए पश्चिम एशिया संकट के बाद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम काफी बढ़ गए थे। सरकारी तेल कंपनियों ने आम जनता को महंगाई से बचाने के लिए रीटेल कीमतों को नहीं बढ़ाया और उन्हें स्थिर रखा। हालांकि, नियमों के मुताबिक टेलीकॉम और भारी उद्योगों जैसे थोक खरीदारों के लिए मार्केट रेट लागू रहे, जो लागत के हिसाब से बहुत ज्यादा थे। इसी वजह से दोनों रेट्स में अंतर आ गया। सवाल 7: खाड़ी देशों से तेल की सप्लाई में अब क्या सुधार हुआ है? जवाब: सरकार के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के बाद खाड़ी देशों के उत्पादकों से कच्चे तेल और ईंधन की सप्लाई बेहतर हुई है। इस क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग, ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ से जहाजों की आवाजाही और ऑयल शिपमेंट्स अब फिर से सामान्य हो गए हैं, जिससे घरेलू स्तर पर स्टॉक मजबूत हुआ है। सवाल 8: सरकार ने आदेश वापस लेने के लिए किस नियम का इस्तेमाल किया है? जवाब: पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि सरकार ने अपने विशेष नियमों और अधिकारों (ऑर्डर 2026) का इस्तेमाल करते हुए 12 जून वाले पुराने आदेश को रद्द कर दिया है। सरकार का यह नया फैसला 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएगा। सवाल 9: इस फैसले से किस तरह के बिजनेस को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी? जवाब: इस फैसले का सबसे सकारात्मक असर ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर पड़ेगा। ट्रकिंग कंपनियों और राज्य परिवहन की बसों को अब डीजल के लिए लंबी लाइनों या 200 लीटर की डेली लिमिट से जूझना नहीं पड़ेगा। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के लिए भी ईंधन की उपलब्धता आसान हो जाएगी। ———— ये खबर भी पढ़ें… कॉमर्शियल LPG से लिमिट हटी, अब 100% सप्लाई होगी: केंद्र सरकार का फैसला, इंडस्ट्रीज के लिए बल्क सप्लाई पर लगी रोक भी हटी केंद्र सरकार ने राज्यों को एक बार फिर LPG सप्लाई बढ़ाने का निर्देश दिया है। सरकार ने आज यानी 25 जून को कॉमर्शियल LPG सिलेंडर सप्लाई पर लगी सभी सेक्टर-वाइज पाबंदियां हटा दी हैं। गैस संकट को देखते हुए सरकार ने कॉमर्शियल LPG सिलेंडर सप्लाई में कटौती की थी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि इसके अलावा, गैस संकट की शुरुआत में इंडस्ट्रीज को रोकी गई बल्क LPG की सप्लाई में भी ढील दी गई है। इसे संकट से पहले की खपत के स्तर का 50% कर दिया गया है। यह बहाली LPG सप्लाई की स्थिति में हाल ही में हुए सुधार के बाद की गई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

न्यूजीलैंड ने 27 साल बाद इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती:160 रन से हराया; स्टोक्स के आखिरी मैच में इंग्लैंड 212 रन पर सिमटा

न्यूजीलैंड ने 27 साल बाद इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती:160 रन से हराया; स्टोक्स के आखिरी मैच में इंग्लैंड 212 रन पर सिमटा

बेन स्टोक्स अपने आखिरी इंटरनेशनल मैच को जीत के साथ यादगार बनाना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे टेस्ट में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 160 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीत ली। 373 रन का पीछा कर रही इंग्लैंड की दूसरी पारी 212 रन पर सिमट गई। इसी के साथ कीवी टीम ने 27 साल बाद इंग्लैंड में कोई सीरीज जीती। टीम ने इससे पहले 1999 यह कारनामा किया था। यह न्यूजीलैंड की इंग्लैंड में 20 टेस्ट सीरीज में सिर्फ चौथी जीत है। खास बात यह रही कि टीम ने पहला टेस्ट हारने के बाद लगातार दो मुकाबले जीतकर सीरीज अपने नाम की। ऐसा उसने इंग्लैंड में दूसरी बार किया है। दूसरी ओर इंग्लैंड को 2012 के बाद पहली बार घर में तीन या उससे ज्यादा टेस्ट की सीरीज गंवानी पड़ी। स्टोक्स की विदाई जीत के साथ नहीं हुई मैच का सबसे बड़ा पल बेन स्टोक्स का संन्यास था। 35 साल के ऑलराउंडर ने चौथे दिन संन्यास की घोषणा की थी। टारगेट का पीछा करते हुए स्टोक्स ने पनिंग की और सिर्फ 20 गेंदों में 30 रन बनाकर तेज शुरुआत दी, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सके। पांचवें दिन दो रनआउट ने बदला मुकाबला इंग्लैंड ने अंतिम दिन 103/4 से खेलना शुरू किया, लेकिन सुबह के पहले घंटे में ही मैच हाथ से निकल गया। पहले नाथन स्मिथ ने एमिलियो गे (10) को आउट किया। इसके बाद हेनरी निकोल्स के शानदार डायरेक्ट हिट पर जो रूट (18) रन आउट हो गए। इसके बाद न्यूजीलैंड ने लगातार दबाव बनाए रखा। मिचेल सैंटनर ने गस एटकिंसन को LBW किया, जबकि दूसरे डयरेक्ट हिट पर जोश टंग रन आउट हुए। आखिर में सैंटनर ने जेमी स्मिथ (60) को आउट कर इंग्लैंड की पारी 212 रन पर समेट दी। जेमी स्मिथ ने 60 रन बनाए टॉप ऑर्डर के फ्लॉप होने के बाद विकेटकीपर जेमी स्मिथ ने 60 रन की पारी खेली। उन्होंने गस एटकिंसन के साथ 75 रन जोड़कर कुछ देर मुकाबला रोके रखा, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे। जेमी के आउट होते ही इंग्लैंड की उम्मीदें भी खत्म हो गईं। पहली पारी में न्यूजीलैंड ने 438 रन बनाए मैच का आधार न्यूजीलैंड की पहली पारी रही। कप्तान टॉम लैथम (151) और डेवोन कॉनवे (157) ने पहले विकेट के लिए 317 रन जोड़कर इंग्लैंड के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। न्यूजीलैंड ने पहली पारी में 438 रन बनाए। इंग्लैंड ने जवाब में 354 रन बनाए, जिससे न्यूजीलैंड को 84 रन की बढ़त मिली। दूसरी पारी में डेरिल मिचेल (100)* और रचिन रवींद्र (94) की बदौलत टीम ने 288/9 पर पारी घोषित कर इंग्लैंड के सामने 373 रन का लक्ष्य रखा। चोटों के बावजूद न्यूजीलैंड ने जीत हासिल की पूरे मैच के दौरान न्यूजीलैंड चोटों से जूझता रहा। मैट हेनरी पहले ही बाहर थे। ब्लेयर टिकनर चोटिल हुए तो उनकी जगह कन्कशन सब्स्टीट्यूट जैक फाउल्क्स मैदान पर उतरे। अंतिम दिन विल ओ’रूर्के भी हैमस्ट्रिंग की वजह से मैदान छोड़ गए। इंग्लैंड का 14 साल बाद घर में सीरीज हारना इंग्लैंड को 2012 के बाद पहली बार अपने घर में तीन या उससे ज्यादा टेस्ट मैचों की सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड ने पिछले 9 टेस्ट में से 7 गंवा दिए हैं। बेन स्टोक्स और ब्रेंडन मैकुलम के ‘बैजबॉल’ में यह टीम का सबसे खराब दौर माना जा रहा है। स्टोक्स का सपना अधूरा रह गया बेन स्टोक्स ने चौथे दिन अचानक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर सभी को चौंका दिया था। उन्होंने कहा कि चार साल कप्तानी करने के बाद अब वह मानसिक और शारीरिक रूप से थक चुके हैं। स्टोक्स ने कहा, सीरीज जीतकर विदाई लेना शानदार होता, लेकिन मुझे अपने करियर और कप्तानी पर गर्व है। अब कई भावनाएं हैं, क्योंकि दोबारा इंग्लैंड के लिए नहीं खेलूंगा। डेरिल मिचेल की पारी बनी जीत की नींव दूसरी पारी में डेरिल मिचेल ने नाबाद 100 रन बनाए। इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की कई गेंदें उनके शरीर पर लगीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। मैच के बाद मिचेल ने कहा, हम इंग्लैंड जीतने के इरादे से आए थे। सीरीज जीतना हमारे लिए बेहद खास है।

न्यूजीलैंड ने 27 साल बाद इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती:160 रन से हराया; स्टोक्स के आखिरी मैच में इंग्लैंड 212 रन पर सिमटा

न्यूजीलैंड ने 27 साल बाद इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती:160 रन से हराया; स्टोक्स के आखिरी मैच में इंग्लैंड 212 रन पर सिमटा

बेन स्टोक्स अपने आखिरी इंटरनेशनल मैच को जीत के साथ यादगार बनाना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे टेस्ट में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 160 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीत ली। 373 रन का पीछा कर रही इंग्लैंड की दूसरी पारी 212 रन पर सिमट गई। इसी के साथ कीवी टीम ने 27 साल बाद इंग्लैंड में कोई सीरीज जीती। टीम ने इससे पहले 1999 यह कारनामा किया था। यह न्यूजीलैंड की इंग्लैंड में 20 टेस्ट सीरीज में सिर्फ चौथी जीत है। खास बात यह रही कि टीम ने पहला टेस्ट हारने के बाद लगातार दो मुकाबले जीतकर सीरीज अपने नाम की। ऐसा उसने इंग्लैंड में दूसरी बार किया है। दूसरी ओर इंग्लैंड को 2012 के बाद पहली बार घर में तीन या उससे ज्यादा टेस्ट की सीरीज गंवानी पड़ी। स्टोक्स की विदाई जीत के साथ नहीं हुई मैच का सबसे बड़ा पल बेन स्टोक्स का संन्यास था। 35 साल के ऑलराउंडर ने चौथे दिन संन्यास की घोषणा की थी। टारगेट का पीछा करते हुए स्टोक्स ने पनिंग की और सिर्फ 20 गेंदों में 30 रन बनाकर तेज शुरुआत दी, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सके। पांचवें दिन दो रनआउट ने बदला मुकाबला इंग्लैंड ने अंतिम दिन 103/4 से खेलना शुरू किया, लेकिन सुबह के पहले घंटे में ही मैच हाथ से निकल गया। पहले नाथन स्मिथ ने एमिलियो गे (10) को आउट किया। इसके बाद हेनरी निकोल्स के शानदार डायरेक्ट हिट पर जो रूट (18) रन आउट हो गए। इसके बाद न्यूजीलैंड ने लगातार दबाव बनाए रखा। मिचेल सैंटनर ने गस एटकिंसन को LBW किया, जबकि दूसरे डयरेक्ट हिट पर जोश टंग रन आउट हुए। आखिर में सैंटनर ने जेमी स्मिथ (60) को आउट कर इंग्लैंड की पारी 212 रन पर समेट दी। जेमी स्मिथ ने 60 रन बनाए टॉप ऑर्डर के फ्लॉप होने के बाद विकेटकीपर जेमी स्मिथ ने 60 रन की पारी खेली। उन्होंने गस एटकिंसन के साथ 75 रन जोड़कर कुछ देर मुकाबला रोके रखा, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे। जेमी के आउट होते ही इंग्लैंड की उम्मीदें भी खत्म हो गईं। पहली पारी में न्यूजीलैंड ने 438 रन बनाए मैच का आधार न्यूजीलैंड की पहली पारी रही। कप्तान टॉम लैथम (151) और डेवोन कॉनवे (157) ने पहले विकेट के लिए 317 रन जोड़कर इंग्लैंड के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। न्यूजीलैंड ने पहली पारी में 438 रन बनाए। इंग्लैंड ने जवाब में 354 रन बनाए, जिससे न्यूजीलैंड को 84 रन की बढ़त मिली। दूसरी पारी में डेरिल मिचेल (100)* और रचिन रवींद्र (94) की बदौलत टीम ने 288/9 पर पारी घोषित कर इंग्लैंड के सामने 373 रन का लक्ष्य रखा। चोटों के बावजूद न्यूजीलैंड ने जीत हासिल की पूरे मैच के दौरान न्यूजीलैंड चोटों से जूझता रहा। मैट हेनरी पहले ही बाहर थे। ब्लेयर टिकनर चोटिल हुए तो उनकी जगह कन्कशन सब्स्टीट्यूट जैक फाउल्क्स मैदान पर उतरे। अंतिम दिन विल ओ’रूर्के भी हैमस्ट्रिंग की वजह से मैदान छोड़ गए। इंग्लैंड का 14 साल बाद घर में सीरीज हारना इंग्लैंड को 2012 के बाद पहली बार अपने घर में तीन या उससे ज्यादा टेस्ट मैचों की सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड ने पिछले 9 टेस्ट में से 7 गंवा दिए हैं। बेन स्टोक्स और ब्रेंडन मैकुलम के ‘बैजबॉल’ में यह टीम का सबसे खराब दौर माना जा रहा है। स्टोक्स का सपना अधूरा रह गया बेन स्टोक्स ने चौथे दिन अचानक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर सभी को चौंका दिया था। उन्होंने कहा कि चार साल कप्तानी करने के बाद अब वह मानसिक और शारीरिक रूप से थक चुके हैं। स्टोक्स ने कहा, सीरीज जीतकर विदाई लेना शानदार होता, लेकिन मुझे अपने करियर और कप्तानी पर गर्व है। अब कई भावनाएं हैं, क्योंकि दोबारा इंग्लैंड के लिए नहीं खेलूंगा। डेरिल मिचेल की पारी बनी जीत की नींव दूसरी पारी में डेरिल मिचेल ने नाबाद 100 रन बनाए। इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की कई गेंदें उनके शरीर पर लगीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। मैच के बाद मिचेल ने कहा, हम इंग्लैंड जीतने के इरादे से आए थे। सीरीज जीतना हमारे लिए बेहद खास है।

IPL क्रिकेटर शशांक, उनके IPS पिता पर भोपाल में FIR:अच्छा खाना नहीं बनाने पर कुक को पीटा-गालियां दीं, रोते हुए VIDEO किया जारी

IPL क्रिकेटर शशांक, उनके IPS पिता पर भोपाल में FIR:अच्छा खाना नहीं बनाने पर कुक को पीटा-गालियां दीं, रोते हुए VIDEO किया जारी

मध्यप्रदेश के भोपाल में IPL टीम पंजाब किंग्स के बल्लेबाज शशांक सिंह और उनके पिता रिटायर्ड स्पेशल डीजी शैलेष सिंह IPS पर कुक से मारपीट और गाली-गलौज की FIR दर्ज हुई है। पीड़ित विपेंद्र सिंह तोमर का आरोप है कि खाना पसंद नहीं आने पर उसके साथ गाली-गलौज की गई। जब उसने काम छोड़ने की बात कही तो मोबाइल छीन लिया गया, जबरन काम कराया गया और बाद में शैलेष सिंह, शशांक और उनके ड्राइवर ने मिलकर मारपीट की। घटना के बाद युवक ने रोते हुए अपना VIDEO भी जारी किया है। इसके बाद भोपाल के रातीबड़ थाना पुलिस ने सोमवार को FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 2 तस्वीरों में देखिए पीड़ित की चोट के निशान… सरकारी नौकरी का झांसा देकर भोपाल बुलाया रीवा निवासी विपेंद्र सिंह तोमर (31) ने बताया कि परिचित मोहित सिंह सेंगर के जरिए उसे भोपाल बुलाया गया था। उससे कहा गया कि शैलेष सिंह के यहां खाना बनाने का काम करना है और बाद में सरकारी नौकरी लगवाने में मदद की जाएगी। नीलबड़ स्थित घर पर 15 हजार रुपए मासिक वेतन, रहने और खाने की व्यवस्था तय हुई थी। कहा- ‘काम नहीं करेगा तो आया क्यों’ पीड़ित के मुताबिक, काम शुरू करने के कुछ घंटे बाद लगातार काम कराया जाने लगा। पुराने कुक को भी गालियां दी जा रही थीं। यह देखकर उसने काम छोड़ने की बात कही। आरोप है कि इस पर उससे कहा गया, “काम नहीं करेगा तो यहां आया क्यों? क्या मेरा मर्डर करने आया है?” इसके बाद उसका मोबाइल छीन लिया गया और जबरन काम कराया। कमरे में बंद हुआ तो मारपीट का आरोप युवक का कहना है कि वह डरकर कमरे में बंद हो गया था। आरोप है कि इसके बाद शैलेष सिंह, उनके बेटे शशांक सिंह और ड्राइवर ने उसके साथ मारपीट की। पीड़ित के शरीर और चेहरे पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। उसका कहना है कि मारपीट के बाद भी उसका मोबाइल वापस नहीं किया गया। बयान और जांच के बाद FIR रातीबड़ थाना पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद फरियादी और गवाह के बयान लिए गए। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर शैलेष सिंह, शशांक सिंह और एक कर्मचारी के खिलाफ BNS की धारा 296(बी), 115(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। विदिशा के युवक ने भी की थी शिकायत इससे पहले 5 मई 2026 को विदिशा के गंजबासौदा निवासी राजीव विश्वकर्मा ने भी पूर्व स्पेशल डीजी शैलेष सिंह के खिलाफ डीजीपी कैलाश मकवाना से शिकायत की थी। युवक ने आरोप लगाया था कि नौकरी के दौरान उसे घर में बंधक बनाकर रखा गया, उसके साथ मारपीट की गई और मोबाइल व बैग छीन लिया गया। शिकायत में यह भी कहा गया था कि जब उसने नौकरी छोड़ने की बात कही तो उसे चोरी, छेड़छाड़ और लूट जैसे मामलों में झूठा फंसाने की धमकी दी गई। युवक का आरोप था कि उसका मोबाइल और बैग भी वापस नहीं किया गया तथा पुलिस सेवा में रहे होने का भय दिखाकर उसे लगातार धमकाया जाता रहा। शशांक इस IPL सीजन 132 रन बना सके शशांक शुरुआती IPL करियर में दिल्ली कैपिटल्स, राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद का हिस्सा रहे, लेकिन उन्हें मौके नहीं मिले। असली पहचान 2024 में पंजाब किंग्स के लिए खेलते हुए मिली। इसके बाद 2025 और 2026 में उन्हें 5.5 करोड़ में रिटेन किया था। शशांक ने अब तक 53 IPL मैचों में 905 रन बनाए हैं। 2026 सीजन शशांक के लिए फ्लॉप रहा। उन्होंने 12 मैचों में 132 रन बनाए। उनका बेस्ट स्कोर 56 रन रहा। शशांक जरूरत पड़ने पर ऑफ गेंदबाजी भी करते हैं। IPL करियर में उन्होंने 53 मैचों में 5 विकेट लिए हैं। इस सीजन में उन्होंने 12 मैचों में 4 विकेट लिए। ——————- ये खबर भी पढ़ें… सिया के सामने केतन मर्डर का सीन रीक्रिएट किया गया: पुलिस लोहगढ़ किला ले गई, दीवार से डमी गिराकर देखा पुणे मर्डर केस में पुलिस ने रविवार को केतन को लोहगढ़ किले से गिराने का सीन रीक्रिएट किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके लिए पुलिस सुबह 6.30 बजे आरोपी सिया गोयल को लोहगढ़ किले लेकर पहुंची। टीम करीब 2.30 घंटे किले पर रही। पूरी खबर पढ़ें…

Hera Pheri 3 | Priyadarshan Quits; Film Release Doubt Due To Legal Disputes

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6 मिनट पहले कॉपी लिंक फिल्म डायरेक्टर प्रियदर्शन अब कॉमेडी फिल्म ‘हेरा फेरी 3’ का हिस्सा नहीं हैं। फिल्म के प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला के बाद खुद प्रियदर्शन ने भी इस बात की पुष्टि की है। हिंदुस्तान टाइम्स को प्रियदर्शन ने बताया कि वे इस प्रोजेक्ट से अलग हो चुके हैं। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि कई कानूनी विवादों और आपसी मतभेदों के चलते यह फिल्म शायद कभी सिनेमाघरों में रिलीज ही नहीं हो पाएगी। फिल्म के राइट्स और कास्ट को लेकर पिछले काफी समय से विवाद चल रहा है। फिल्म डायरेक्टर प्रियदर्शन ने हेरा फेरी का डायरेक्शन किया था। प्रियदर्शन बोले- फिल्म का बनना ही तय नहीं प्रियदर्शन ने बताया कि प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला ने जो कहा है, वह सच है। मैं इस समय ‘हेरा फेरी 3’ से नहीं जुड़ा हूं। उन्होंने आगे कहा कि जहां तक मेरी जानकारी है, कई कानूनी उलझनों और आपसी विवादों के कारण यह फिल्म कभी पर्दे पर नहीं आ पाएगी। इसमें मेरा शामिल होना या न होना अब कोई मायने नहीं रखता। क्या है फिल्म के राइट्स का कानूनी विवाद ‘हेरा फेरी 3’ पिछले काफी समय से कानूनी मामलों में फंसी हुई है। साउथ के एक प्रोडक्शन हाउस ‘सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल’ ने दावा किया है कि इस फ्रेंचाइजी और इसके किरदारों के अधिकार उनके पास हैं, न कि फिरोज नाडियाडवाला के पास। उनका आरोप है कि फिरोज के पास सिर्फ मलयालम फिल्म ‘रामजी राव स्पीकिंग’ का हिंदी रीमेक (हेरा फेरी, 2000) बनाने के सीमित अधिकार थे। उन्होंने ‘फिर हेरा फेरी’ बनाकर और इसके अधिकार अक्षय कुमार की कंपनी ‘केप ऑफ गुड फिल्म्स’ को ट्रांसफर करके कॉन्ट्रैक्ट तोड़ा है। अक्षय कुमार, परेश रावल और सुनील शेट्टी हेरा फेरी फ्रेंचाइज की दोनों फिल्मों का हिस्सा रह चुके हैं। म्यूजिक राइट्स को लेकर भी फंसा पेंच फिल्म के सिर्फ रीमेक राइट्स ही नहीं, बल्कि इसके म्यूजिक राइट्स को लेकर भी विवाद चल रहा है। प्रियदर्शन ने पहले बताया था कि कुछ लोग फिल्म के अधिकार का दावा कर रहे हैं, तो कुछ म्यूजिक राइट्स पर अपना हक जता रहे हैं। टी-सीरीज के भूषण कुमार ने भी सार्वजनिक रूप से ‘हेरा फेरी 3’ के म्यूजिक राइट्स पर अपना मालिकाना हक बताया है। हेरा फेरी 3 की शूटिंग की तस्वीर। परेश रावल के अलग होने पर हुआ था विवाद फिल्म की स्टारकास्ट को लेकर भी काफी उथल-पुथल रही है। साल 2025 के मई महीने में अभिनेता परेश रावल अचानक इस फिल्म से अलग हो गए थे। इसके बाद अक्षय कुमार ने उन पर 25 करोड़ रुपए के हर्जाने का केस दर्ज करा दिया था। हालांकि, बाद में बातचीत से इस आपसी विवाद को सुलझा लिया गया। अक्षय कुमार ने अपना केस वापस ले लिया और परेश रावल एक बार फिर इस फिल्म का हिस्सा बनने के लिए तैयार हो गए। बता दें कि इस फ्रेंचाइजी की पहली फिल्म ‘हेरा फेरी’ साल 2000 में आई थी जिसका डायरेक्शन प्रियदर्शन ने किया था। इसके बाद साल 2006 में इसका सीक्वल ‘फिर हेरा फेरी’ आया, जिसे नीरज वोरा ने डायरेक्ट किया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Petrol Bikes Banned 2028, Electric Cars Tax-Free Up To ₹30 Lakh

Petrol Bikes Banned 2028, Electric Cars Tax-Free Up To ₹30 Lakh

Hindi News Business Delhi EV Policy: Petrol Bikes Banned 2028, Electric Cars Tax Free Up To ₹30 Lakh नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक दिल्ली कैबिनेट ने सोमवार, 29 जून को नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अब दिल्ली में ₹30 लाख तक की कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से पूरी तरह छूट मिलेगी। यह फैसला राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण, खासकर सर्दियों के दौरान होने वाली गंभीर समस्या से निपटने और क्लीनर ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब इस पॉलिसी को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इस नई पॉलिसी को 1 जुलाई से लागू करने की योजना है और यह 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी। किस गाड़ी पर कितनी सब्सिडी मिलेगी पॉलिसी में इलेक्ट्रिक कारों के लिए टैक्स छूट के अलावा अलग-अलग कैटेगरी के वाहनों के लिए खरीद इंसेंटिव यानी सब्सिडी की भी घोषणा की गई है… इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर: खरीदारों को पहले साल ₹30,000, दूसरे साल ₹20,000 और तीसरे साल ₹10,000 की सब्सिडी मिलेगी। इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर: खरीदारों को पहले साल ₹50,000, दूसरे साल ₹40,000 और तीसरे साल ₹30,000 की सब्सिडी दी जाएगी। इलेक्ट्रिक ट्रक्स (N1 कैटेगरी): लाइट कॉमर्शियल मालवाहक वाहनों (अधिकतम वजन 3,500Kg तक) के खरीदारों को ₹1 लाख तक का खरीद इंसेंटिव मिलेगा। स्क्रैपिंग इंसेंटिव: BS-IV या उससे पुराने फोर-व्हीलर मालिकों को अपने पुराने वाहन को स्क्रैप करके इलेक्ट्रिक वाहन चुनने पर ₹1 लाख का स्क्रैपिंग इंसेंटिव मिलेगा। अधिकारियों ने साफ किया है कि हाइब्रिड वाहनों के लिए कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी। यह पॉलिसी पूरी तरह से जीरो-इमिशन (शून्य-उत्सर्जन) वाहनों पर फोकस है। पेट्रोल-CNG वाहनों पर कब से रोक लगेगी पॉलिसी के तहत दिल्ली सरकार ने फेज्ड ट्रांजिशन यानी चरणबद्ध बदलाव का प्लान तैयार किया है… 1 जनवरी 2027 से: दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा का ही रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। 1 अप्रैल 2028 से: नए पेट्रोल और CNG से चलने वाले टू-व्हीलर्स का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और उनकी जगह सिर्फ इलेक्ट्रिक मॉडल्स का ही रजिस्ट्रेशन होगा। पॉलिसी से ₹15,000 करोड़ के निवेश की उम्मीद कैबिनेट के फैसले की घोषणा करते हुए CM रेखा गुप्ता ने कहा कि यह वास्तव में एक ऐतिहासिक दिन है। हमारा लक्ष्य दिल्ली ईवी पॉलिसी को 1 जुलाई से लागू करना है। उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद यह 31 मार्च 2030 तक लागू रहेगी। सरकार को अगले चार सालों में इस पॉलिसी के तहत करीब ₹15,000 करोड़ के लाभ और निवेश की उम्मीद है। इसमें से करीब ₹7,000 करोड़ इंसेंटिव पर खर्च किए जाएंगे, जबकि ₹8,000 करोड़ ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और टैक्स रियायतों के लिए रखे गए हैं। इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य ईवी को अपनाना, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाना, व्हीकल स्क्रैपिंग को बढ़ावा देना और व्हीकल पॉल्यूशन को कम करना है। 32,000 चार्जिंग पॉइंट्स बनेंगे, इंसेंटिव के लिए अलग पोर्टल ईवी ट्रांजिशन को सपोर्ट करने के लिए दिल्ली सरकार ने पूरी राजधानी में 32,000 चार्जिंग पॉइंट्स बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए जमीन की पहचान भी कर ली गई है। इसके साथ ही ईवी इंसेंटिव से जुड़े आवेदनों के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी डेवलप किया जाएगा। मुख्यमंत्री गुप्ता ने बताया कि इस पॉलिसी के दायरे में टू-व्हीलर्स, थ्री-व्हीलर्स, फोर-व्हीलर्स, N1 ट्रक्स और ग्रामीण सेवा वाहन शामिल हैं। खास बात यह है कि इस पॉलिसी को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इंसेंटिव के लिए पात्र वाहनों की संख्या पर कोई कैप यानी सीमा नहीं लगाई गई है। क्या होते हैं N1 कैटेगरी के ट्रक्स? पॉलिसी में N1 कैटेगरी के इलेक्ट्रिक ट्रक्स के लिए ₹1 लाख की सब्सिडी तय की गई है। N1 कैटेगरी के अंतर्गत वे लाइट कॉमर्शियल व्हीकल्स (हल्के व्यावसायिक वाहन) आते हैं, जिन्हें सामान की ढुलाई या ट्रांसपोर्टेशन के लिए डिजाइन किया जाता है। इन वाहनों का अधिकतम ग्रॉस व्हीकल वेट यानी कुल वजन 3,500 किलोग्राम से ज्यादा नहीं होना चाहिए। आमतौर पर छोटे हाथी या इसी तरह के छोटे लोडिंग टेंपो इस कैटेगरी में आते हैं। ये खबर भी पढ़ें… बजाज पल्सर N125 भारत में बंद हुई: लॉन्च के 2 साल के भीतर कंपनी ने फैसला लिया; वजह- कम बिक्री और फीचर्स की कमी बजाज ऑटो ने भारत में अपनी पल्सर N125 बाइक को बंद कर दिया है। अक्टूबर 2024 में लॉन्च हुई यह बाइक भारतीय बाजार में दो साल भी पूरे नहीं कर पाई। कंपनी ने देश के डीलर्स को इसकी सप्लाई बंद कर दी है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Hera Pheri 3 | Priyadarshan Quits; Film Release Doubt Due To Legal Disputes

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23 मिनट पहले कॉपी लिंक फिल्म डायरेक्टर प्रियदर्शन अब कॉमेडी फिल्म ‘हेरा फेरी 3’ का हिस्सा नहीं हैं। फिल्म के प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला के बाद खुद प्रियदर्शन ने भी इस बात की पुष्टि की है। हिंदुस्तान टाइम्स को प्रियदर्शन ने बताया कि वे इस प्रोजेक्ट से अलग हो चुके हैं। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि कई कानूनी विवादों और आपसी मतभेदों के चलते यह फिल्म शायद कभी सिनेमाघरों में रिलीज ही नहीं हो पाएगी। फिल्म के राइट्स और कास्ट को लेकर पिछले काफी समय से विवाद चल रहा है। फिल्म डायरेक्टर प्रियदर्शन ने हेरा फेरी का डायरेक्शन किया था। प्रियदर्शन बोले- फिल्म का बनना ही तय नहीं प्रियदर्शन ने बताया कि प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला ने जो कहा है, वह सच है। मैं इस समय ‘हेरा फेरी 3’ से नहीं जुड़ा हूं। उन्होंने आगे कहा कि जहां तक मेरी जानकारी है, कई कानूनी उलझनों और आपसी विवादों के कारण यह फिल्म कभी पर्दे पर नहीं आ पाएगी। इसमें मेरा शामिल होना या न होना अब कोई मायने नहीं रखता। क्या है फिल्म के राइट्स का कानूनी विवाद ‘हेरा फेरी 3’ पिछले काफी समय से कानूनी मामलों में फंसी हुई है। साउथ के एक प्रोडक्शन हाउस ‘सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल’ ने दावा किया है कि इस फ्रेंचाइजी और इसके किरदारों के अधिकार उनके पास हैं, न कि फिरोज नाडियाडवाला के पास। उनका आरोप है कि फिरोज के पास सिर्फ मलयालम फिल्म ‘रामजी राव स्पीकिंग’ का हिंदी रीमेक (हेरा फेरी, 2000) बनाने के सीमित अधिकार थे। उन्होंने ‘फिर हेरा फेरी’ बनाकर और इसके अधिकार अक्षय कुमार की कंपनी ‘केप ऑफ गुड फिल्म्स’ को ट्रांसफर करके कॉन्ट्रैक्ट तोड़ा है। अक्षय कुमार, परेश रावल और सुनील शेट्टी हेरा फेरी फ्रेंचाइज की दोनों फिल्मों का हिस्सा रह चुके हैं। म्यूजिक राइट्स को लेकर भी फंसा पेंच फिल्म के सिर्फ रीमेक राइट्स ही नहीं, बल्कि इसके म्यूजिक राइट्स को लेकर भी विवाद चल रहा है। प्रियदर्शन ने पहले बताया था कि कुछ लोग फिल्म के अधिकार का दावा कर रहे हैं, तो कुछ म्यूजिक राइट्स पर अपना हक जता रहे हैं। टी-सीरीज के भूषण कुमार ने भी सार्वजनिक रूप से ‘हेरा फेरी 3’ के म्यूजिक राइट्स पर अपना मालिकाना हक बताया है। हेरा फेरी 3 की शूटिंग की तस्वीर। परेश रावल के अलग होने पर हुआ था विवाद फिल्म की स्टारकास्ट को लेकर भी काफी उथल-पुथल रही है। साल 2025 के मई महीने में अभिनेता परेश रावल अचानक इस फिल्म से अलग हो गए थे। इसके बाद अक्षय कुमार ने उन पर 25 करोड़ रुपए के हर्जाने का केस दर्ज करा दिया था। हालांकि, बाद में बातचीत से इस आपसी विवाद को सुलझा लिया गया। अक्षय कुमार ने अपना केस वापस ले लिया और परेश रावल एक बार फिर इस फिल्म का हिस्सा बनने के लिए तैयार हो गए। बता दें कि इस फ्रेंचाइजी की पहली फिल्म ‘हेरा फेरी’ साल 2000 में आई थी जिसका डायरेक्शन प्रियदर्शन ने किया था। इसके बाद साल 2006 में इसका सीक्वल ‘फिर हेरा फेरी’ आया, जिसे नीरज वोरा ने डायरेक्ट किया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Petrol Bikes Banned 2028, Electric Cars Tax-Free Up To ₹30 Lakh

Petrol Bikes Banned 2028, Electric Cars Tax-Free Up To ₹30 Lakh

Hindi News Business Delhi EV Policy: Petrol Bikes Banned 2028, Electric Cars Tax Free Up To ₹30 Lakh नई दिल्ली16 मिनट पहले कॉपी लिंक दिल्ली कैबिनेट ने सोमवार, 29 जून को नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अब दिल्ली में ₹30 लाख तक की कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से पूरी तरह छूट मिलेगी। यह फैसला राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण, खासकर सर्दियों के दौरान होने वाली गंभीर समस्या से निपटने और क्लीनर ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब इस पॉलिसी को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इस नई पॉलिसी को 1 जुलाई से लागू करने की योजना है और यह 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी। किस गाड़ी पर कितनी सब्सिडी मिलेगी पॉलिसी में इलेक्ट्रिक कारों के लिए टैक्स छूट के अलावा अलग-अलग कैटेगरी के वाहनों के लिए खरीद इंसेंटिव यानी सब्सिडी की भी घोषणा की गई है… इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर: खरीदारों को पहले साल ₹30,000, दूसरे साल ₹20,000 और तीसरे साल ₹10,000 की सब्सिडी मिलेगी। इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर: खरीदारों को पहले साल ₹50,000, दूसरे साल ₹40,000 और तीसरे साल ₹30,000 की सब्सिडी दी जाएगी। इलेक्ट्रिक ट्रक्स (N1 कैटेगरी): लाइट कॉमर्शियल मालवाहक वाहनों (अधिकतम वजन 3,500Kg तक) के खरीदारों को ₹1 लाख तक का खरीद इंसेंटिव मिलेगा। स्क्रैपिंग इंसेंटिव: BS-IV या उससे पुराने फोर-व्हीलर मालिकों को अपने पुराने वाहन को स्क्रैप करके इलेक्ट्रिक वाहन चुनने पर ₹1 लाख का स्क्रैपिंग इंसेंटिव मिलेगा। अधिकारियों ने साफ किया है कि हाइब्रिड वाहनों के लिए कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी। यह पॉलिसी पूरी तरह से जीरो-इमिशन (शून्य-उत्सर्जन) वाहनों पर फोकस है। पेट्रोल-CNG वाहनों पर कब से रोक लगेगी पॉलिसी के तहत दिल्ली सरकार ने फेज्ड ट्रांजिशन यानी चरणबद्ध बदलाव का प्लान तैयार किया है… 1 जनवरी 2027 से: दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा का ही रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। 1 अप्रैल 2028 से: नए पेट्रोल और CNG से चलने वाले टू-व्हीलर्स का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और उनकी जगह सिर्फ इलेक्ट्रिक मॉडल्स का ही रजिस्ट्रेशन होगा। पॉलिसी से ₹15,000 करोड़ के निवेश की उम्मीद कैबिनेट के फैसले की घोषणा करते हुए CM रेखा गुप्ता ने कहा कि यह वास्तव में एक ऐतिहासिक दिन है। हमारा लक्ष्य दिल्ली ईवी पॉलिसी को 1 जुलाई से लागू करना है। उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद यह 31 मार्च 2030 तक लागू रहेगी। सरकार को अगले चार सालों में इस पॉलिसी के तहत करीब ₹15,000 करोड़ के लाभ और निवेश की उम्मीद है। इसमें से करीब ₹7,000 करोड़ इंसेंटिव पर खर्च किए जाएंगे, जबकि ₹8,000 करोड़ ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और टैक्स रियायतों के लिए रखे गए हैं। इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य ईवी को अपनाना, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाना, व्हीकल स्क्रैपिंग को बढ़ावा देना और व्हीकल पॉल्यूशन को कम करना है। 32,000 चार्जिंग पॉइंट्स बनेंगे, इंसेंटिव के लिए अलग पोर्टल ईवी ट्रांजिशन को सपोर्ट करने के लिए दिल्ली सरकार ने पूरी राजधानी में 32,000 चार्जिंग पॉइंट्स बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए जमीन की पहचान भी कर ली गई है। इसके साथ ही ईवी इंसेंटिव से जुड़े आवेदनों के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी डेवलप किया जाएगा। मुख्यमंत्री गुप्ता ने बताया कि इस पॉलिसी के दायरे में टू-व्हीलर्स, थ्री-व्हीलर्स, फोर-व्हीलर्स, N1 ट्रक्स और ग्रामीण सेवा वाहन शामिल हैं। खास बात यह है कि इस पॉलिसी को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इंसेंटिव के लिए पात्र वाहनों की संख्या पर कोई कैप यानी सीमा नहीं लगाई गई है। क्या होते हैं N1 कैटेगरी के ट्रक्स? पॉलिसी में N1 कैटेगरी के इलेक्ट्रिक ट्रक्स के लिए ₹1 लाख की सब्सिडी तय की गई है। N1 कैटेगरी के अंतर्गत वे लाइट कॉमर्शियल व्हीकल्स (हल्के व्यावसायिक वाहन) आते हैं, जिन्हें सामान की ढुलाई या ट्रांसपोर्टेशन के लिए डिजाइन किया जाता है। इन वाहनों का अधिकतम ग्रॉस व्हीकल वेट यानी कुल वजन 3,500 किलोग्राम से ज्यादा नहीं होना चाहिए। आमतौर पर छोटे हाथी या इसी तरह के छोटे लोडिंग टेंपो इस कैटेगरी में आते हैं। ये खबर भी पढ़ें… बजाज पल्सर N125 भारत में बंद हुई: लॉन्च के 2 साल के भीतर कंपनी ने फैसला लिया; वजह- कम बिक्री और फीचर्स की कमी बजाज ऑटो ने भारत में अपनी पल्सर N125 बाइक को बंद कर दिया है। अक्टूबर 2024 में लॉन्च हुई यह बाइक भारतीय बाजार में दो साल भी पूरे नहीं कर पाई। कंपनी ने देश के डीलर्स को इसकी सप्लाई बंद कर दी है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

भारत समेत 4 विमेंस टीमें ओलिंपिक के लिए सीधे क्वालिफाई:क्रिकेट के क्वालिफिकेशन नियमों को मंजूरी, मेंस का कटऑफ 2026 रैंकिंग से

भारत समेत 4 विमेंस टीमें ओलिंपिक के लिए सीधे क्वालिफाई:क्रिकेट के क्वालिफिकेशन नियमों को मंजूरी, मेंस का कटऑफ 2026 रैंकिंग से

Hindi News Sports Cricket Olympics Cricket Qualification, Los Angeles 2028, Cricket 2026 Ranking, Women Cricket Olympics, Men Cricket Olympics, ICC IOC Approval, Pomona Cricket Matches, India Cricket स्पोर्ट्स डेस्क12 मिनट पहले कॉपी लिंक 1900 में पेरिस ओलिंपिक में क्रिकेट का एक ही मैच खेला गया था। भारत, ऑस्ट्रेलिया, ग्रेट ब्रिटेन और साउथ अफ्रीका की विमेंस टीमों ने लॉस एंजिल्स ओलिंपिक 2028 के क्रिकेट इवेंट के लिए सीधे क्वालिफाई कर लिया है। ICC और IOC ने क्वालिफिकेशन नियमों को मंजूरी दे दी है। मेंस और विमेंस दोनों कैटेगरी में 6-6 टीमें हिस्सा लेंगी। पोमोना में खेले जाएंगे मैच सभी मुकाबले लॉस एंजिल्स से लगभग 50 किलोमीटर दूर पोमोना के फेयरग्राउंड्स मैदान पर खेले जाएंगे। ओलिंपिक में क्रिकेट मैच 12 से 29 जुलाई 2028 तक होंगे। विमेंस कैटेगरी की बाकी दो टीमों का फैसला 2027 में होने वाले ओलिंपिक क्वालिफायर टूर्नामेंट से होगा। ओलिंपिक 2028 में क्रिकेट मुकाबले पोमोना स्थित फेयरग्राउंड्स मैदान पर खेले जाएंगे। मेंस टीमें रैंकिंग के आधार पर मेंस में 31 दिसंबर 2026 तक की ICC टी-20 इंटरनेशनल रैंकिंग के आधार पर अफ्रीका, एशिया, यूरोप, अमेरिका और ओशिनिया की टॉप रैंकिंग टीमों को सीधे ओलिंपिक का टिकट मिलेगा। यानी पांच महाद्वीपों से एक-एक टीम सीधे क्वालिफाई करेगी। छठी और अंतिम टीम का फैसला 2027 के ओलिंपिक क्वालिफायर टूर्नामेंट से होगा, जिसमें सभी महाद्वीपों की टीमें हिस्सा लेंगी। 2027 में होगा ICC ओलिंपिक क्वालिफायर मेंस और विमेंस दोनों कैटेगरी में छठी और अंतिम टीम का फैसला 2027 में ICC ओलिंपिक क्वालिफायर से होगा। इसमें दोनों कैटेगरी की 8-8 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें 31 दिसंबर 2026 तक सीधे क्वालिफाई नहीं कर पाने वाली ICC रैंकिंग की शीर्ष टीमें शामिल होंगी। टूर्नामेंट की तारीख और मेजबान देश का ऐलान ICC बाद में करेगी। 15 खिलाड़ियों का स्क्वॉड, 3-3 टीमों के दो ग्रुप हर टीम अपने स्क्वॉड में अधिकतम 15 खिलाड़ी रख सकेगी। मेंस और विमेंस कैटेगरी में 6-6 टीमों को 3-3 टीमों के दो ग्रुप में बांटा जाएगा। ग्रुप स्टेज में हर टीम अपने ग्रुप की बाकी दोनों टीमों और दूसरे ग्रुप की दो टीमों से मुकाबला करेगी। इस तरह हर टीम कुल चार लीग मैच खेलेगी। दोनों कैटेगरी को मिलाकर 28 मैच होंगे। सभी मुकाबले पोमोना में बन रहे क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे। एक बार हुआ है ओलिंपिक में क्रिकेट साल 1900 के पेरिस ओलिंपिक में क्रिकेट को शामिल किया गया था। इसके बाद क्रिकेट ओलिंपिक्स में नहीं खेला गया। पेरिस ओलिंपिक के क्रिकेट इवेंट में सिर्फ इंग्लैंड और फ्रांस ने हिस्सा लिया था। इसमें इंग्लैंड ने गोल्ड और फ्रांस ने सिल्वर जीता था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…