Wednesday, 01 Jul 2026 | 04:46 AM

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Rhea Chakraborty Birthday Interesting Facts; Sushant Rajput

Rhea Chakraborty Birthday Interesting Facts; Sushant Rajput

5 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक रिया चक्रवर्ती आज अपना 34वां जन्मदिन मना रही हैं। यह जन्मदिन इसलिए खास है क्योंकि वह 7 साल बाद ऐक्टिंग में वापसी कर रही हैं। एक समय था जब रिया चक्रवर्ती फिल्मों से ज्यादा विवादों की वजह से चर्चा में थीं। उनसे जुड़ी खबरों में एक्टिंग कम और आरोप, बहस, ट्रोलिंग और जांच ज्यादा दिखाई देती थी। लेकिन इस कहानी की शुरुआत वहां से नहीं होती। इसकी शुरुआत एक ऐसी लड़की से होती है जो आर्मी परिवार से मुंबई आई थी और एक्ट्रेस बनना चाहती थी। फिर रास्ते में रिजेक्शन मिला। यशराज की फिल्म हाथ से निकल गई। बॉलीवुड में फ्लॉप का ठप्पा लगा। महेश भट्ट के साथ रिश्तों पर सवाल उठे। फिर 2020 आया और जिंदगी पूरी तरह बदल गई। 27 दिन जेल, काम बंद हुआ, सोशल मीडिया ट्रायल, मानसिक संघर्ष और यह एहसास कि शायद अब कभी कैमरे के सामने लौटना नहीं होगा। लेकिन कहानी यहीं नहीं रुकी। रिया ने नए सिरे से शुरुआत की। बिजनेस शुरू किया, अपना मंच बनाया और अब कई साल बाद फिर एक्टिंग में वापसी की तैयारी कर रही हैं। यह सिर्फ कमबैक नहीं, बल्कि दूसरे अध्याय की कहानी है। रिया चक्रवर्ती के जन्मदिन पर उनके जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें आर्मी परिवार की लड़की जिसने ग्लैमर इंडस्ट्री चुनी 1 जुलाई 1992 को बेंगलुरु में जन्मीं रिया चक्रवर्ती एक आर्मी परिवार से आती हैं। उनके पिता लेफ्टिनेंट कर्नल इंद्रजीत चक्रवर्ती भारतीय सेना में रहे। परिवार का बैकग्राउंड फिल्मी नहीं था। उन्होंने कम उम्र में तय कर लिया था कि उन्हें कैमरे के सामने काम करना है। उन्होंने करियर की शुरुआत टीवी से की। 2009 में MTV Teen Diva में हिस्सा लिया। वह शो नहीं जीत सकीं, लेकिन रनरअप रहीं और यहीं से पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने MTV में VJ के तौर पर काम शुरू किया और युवाओं के बीच पहचान बनाई। यशराज की फिल्म से रिजेक्ट हुईं, फिर साउथ फिल्मों का रास्ता चुना रिया ने इंडस्ट्री में जगह बनाने के लिए ऑडिशन दिए। यशराज की फिल्म ‘बैंड बाजा बारात’ के लिए भी ऑडिशन दिया, लेकिन चयन नहीं हुआ। बाद में फिल्म हिट साबित हुई। यह शुरुआती रिजेक्शन था, लेकिन उन्होंने दूसरा रास्ता चुना। उन्होंने तेलुगु फिल्म ‘तुनीगा तुनीगा’ से शुरुआत की और बाद में हिंदी फिल्मों की तरफ बढ़ीं। बॉलीवुड में एंट्री मिली, लेकिन सफलता नहीं रिया ने 2013 में ‘मेरे डैड की मारुति’ से बॉलीवुड डेब्यू किया। इसके बाद ‘सोनाली केबल’, ‘बैंक चोर’, ‘जलेबी’ और ‘चेहरे’ में काम किया। उनका शुरुआती करियर संघर्षपूर्ण रहा। ज्यादातर फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रहीं। धीरे-धीरे धारणा बनी कि वह स्क्रीन पर अच्छी दिखती हैं लेकिन फिल्में सफल नहीं होतीं। ऐसे टैग लंबे समय तक असर डालते हैं। ‘जलेबी’ के बाद चर्चा बढ़ी, महेश भट्ट के साथ तस्वीरों पर सवाल उठे रिया के करियर में ‘जलेबी’ एक अहम फिल्म मानी गई। यह फिल्म भट्ट कैंप से जुड़ी थी और इसी दौरान रिया और फिल्ममेकर महेश भट्ट की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। इसके बाद दोनों के रिश्ते को लेकर कई तरह की चर्चाएं और दावे होने लगे। हालांकि रिया ने सार्वजनिक रूप से इन बातों को खारिज किया और कहा कि महेश भट्ट उनके लिए पिता समान हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर चल रही चर्चा लंबे समय तक उनका पीछा करती रही। फिर आया 2020… और जिंदगी दो हिस्सों में बंट गई 2020 में उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ आया। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद उनका नाम चर्चाओं में आ गया। उनके निजी रिश्ते बहस का हिस्सा बने। उन पर आरोप लगे, आर्थिक मामलों पर सवाल उठे और ड्रग्स एंगल की जांच हुई। रिया ने आरोपों से इनकार किया। लेकिन टीवी और सोशल मीडिया पर उनका नाम लगातार बना रहा। जब खबरें करियर से बड़ी हो गईं 2020 में रिया सिर्फ अभिनेत्री नहीं रहीं। उनका नाम टीवी डिबेट और सोशल मीडिया बहस का हिस्सा बन गया। हर दिन नए दावे सामने आते रहे। उनके रिश्ते, बातचीत और फैसले चर्चा में थे। यह वह दौर था जब राय तेजी से बन रही थी। रिया ने कहा कि लोग उनकी बात सुनने से ज्यादा अपनी राय सही साबित करना चाहते थे। क्या-क्या आरोप लगे और उस समय क्या हुआ सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद जांच कई स्तरों पर हुई। सार्वजनिक बहस में रिया पर कई तरह के आरोप लगाए गए। उन पर आर्थिक मामलों को लेकर सवाल उठे, ड्रग्स एंगल की जांच हुई और उनके रिश्ते को लेकर भी लगातार दावे किए गए। इन आरोपों और जांच के बीच रिया ने सार्वजनिक रूप से अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया। मामले की जांच एजेंसियों और अदालतों की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में चलती रही। उस समय सार्वजनिक माहौल इतना तीखा था कि जांच और सार्वजनिक राय अक्सर एक-दूसरे में मिलती हुई दिखाई दे रही थी। सोशल मीडिया पर उन्हें किन नामों से बुलाया गया उस दौर का असर सिर्फ कानूनी नहीं था। सोशल मीडिया पर रिया को लेकर बेहद कठोर टिप्पणियां की गईं। उन्हें ‘गोल्ड डिगर’ कहा गया। उन्हें ‘डायन’ कहा गया। कुछ लोगों ने उनके बारे में ‘काला जादू’ जैसी बातें भी फैलानी शुरू कर दीं। रिया ने आजतक से बातचीत में कहा था कि शुरुआत में इन बातों का असर होता था, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने महसूस किया कि अगर हर आवाज को जवाब देने की कोशिश की जाए तो इंसान खुद को खो सकता है। उन्होंने कहा था कि एक समय के बाद उन्होंने तय किया कि वह हर आरोप के साथ अपनी जिंदगी नहीं जोड़ेंगी। रिया चक्रवर्ती मुंबई की भायखला जेल में बंद थीं। गिरफ्तारी और 27 दिन जेल… जिंदगी का सबसे कठिन दौर ड्रग्स से जुड़े मामले में जांच एजेंसी की कार्रवाई के दौरान रिया को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने लगभग 27 दिन जेल में बिताए। बाद में उन्हें अदालत से जमानत मिली और वह बाहर आईं। कानूनी रूप से जमानत किसी मामले के अंतिम निष्कर्ष के बराबर नहीं होती, लेकिन उस समय यह उनके लिए निजी तौर पर बड़ा मोड़ था। जेल का अनुभव उनकी जिंदगी का सबसे कठिन अनुभव था। जेल में कैसा था अनुभव रिया ने बताया था कि जेल में रहना आसान

Haryana to Share 580 MCM Water with Rajasthan | July Current Affairs

Haryana to Share 580 MCM Water with Rajasthan | July Current Affairs

Hindi News Career Haryana To Share 580 MCM Water With Rajasthan | July Current Affairs | HDFC Chairman 6 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. जनरल उपेंद्र द्विवेदी पद से रिटायर हुए 30 जून को जनरल उपेंद्र द्विवेदी आर्मी चीफ के पद से रिटायर हुए। रिटायरमेंट से पहले उन्होंने नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। जनरल उपेंद्र द्विवेदी की जगह धीरज सेठ भारत के 31वें आर्मी चीफ बनाए गए हैं और उन्होंने कल ही अपना पदभार संभाला है। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने दिसंबर 1986 सेना ज्वॉइन की थी। जनरल द्विवेदी ने 15 दिसंबर 1984 को भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड में शामिल हुए हैं। इसेक बाद बाद जनरल द्विवेदी ने 18 राइफल्स में कमीशन जॉइन किया। 1990 के दशक में जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन रक्षक के दौरान बटालियन की कमान संभाली। मणिपुर में ऑपरेशन राइनो के दौरान असम राइफल्स सेक्टर का नेतृत्व किया था। जनरल द्विवेदी फरवरी 2024 में भारतीय सेना के 46वें वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बने। जून 2024 भारत के 30वें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ का पदभार ग्रहण किया। जनरल द्विवेदी की जगह अब जनरल धीरज सेठ लेंगे और उन्होंने मंगलवार को ही कार्यभार संभाला। सेठ भारत के 31वें आर्मी चीफ होंगे और उन्होंने दिसंबर 1986 सेना ज्वॉइन की थी। इनका कार्यकाल 3 साल या रिटायरमेंट की उम्र 62 साल जो भी पहले हो तब तक होता है आर्मी में जनरल आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल रैंक का पद होता है आर्मी चीफ को 4 स्टार जनरल रैंक मिलती है। भारतीय संविधान के अनुसार केंद्र सरकार की अपॉइंटमेंट कमेटी ऑफ कैबिनेट यानी, ACC जनरल की नियुक्ति की सिफारिश करती है। ये नियुक्ति आर्मी एक्ट 1950, आर्मी रूल 1954 के तहत की जाती है। नेशनल वॉर मेमोरियल पर जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। 2. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सशस्त्र बल अधिकारियों को विशिष्ट सैन्य सम्मान दिए 29 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में डिफेंस इन्वेस्टिचर सेरेमनी 2026 (फेज-2) में सशस्त्र बलों को विशिष्ट सैन्य सम्मान प्रदान किए। एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM) से सम्मानित किया गया। सेना प्रमुख-नामित लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को उत्तम युद्ध सेवा मेडल (UYSM) मिला। मेजर जनरल मनदीप सिंह को सेना मेडल से सम्मानित किया गया। व्हाइट टाइगर आर्मर्ड डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल मनदीप सिंह को सेना मेडल से सम्मानित किया गया। इससे पहले 8 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डिफेंस इन्वेस्टिचर सेरेमनी 2026 के पहले चरण में सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस के जवानों और अधिकारियों को कुल 51 वीरता पुरस्कार दिए थे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रेजिमेंट ऑफ़ आर्टिलरी के लेफ्टिनेंट जनरल रंजीत सिंह को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए ‘अति विशिष्ट सेवा मेडल’ से सम्मानित किया। अपॉइंट (Appointment) 3. राजीव कुमार HDFC बैंक के नए चेयरमैन अपॉइंट हुए 30 जून को HDFC बैंक ने राजीव कुमार को अपना पार्ट टाइम (अंशकालिक) चेयरमैन अपॉइंट किया। राजीव कुमार पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती की जगह लेंगे। राजीव देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) रह चुके हैं। राजीव सितंबर 2020 में भारत सरकार के फाइनेंस सेक्रेटरी रहे। राजीव को बैंकिंग, बीमा, पेंशन और फाइनेंशियल सेक्टर से जुड़े कई सारे महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। राजीव RBI, SBI, NABARD सहित विभिन्न संस्थानों के बोर्ड एवं समितियों के सदस्य भी रह चुके हैं। राजीव भारत के 25वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनावों के सफल संचालन के लिए जाने जाते हैं। HDFC बैंक HDFC बैंक भारत का सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर बैंक है। अगस्त 1994 में HDFC Bank Limited के रूप में स्थापित किया गया था। बैंक ने जनवरी 1995 से शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक के तौर पर काम शुरू किया। HDFC बैंक का हेडक्वार्टर मुंबई, महाराष्ट्र में है राजीव 1984 में IAS झारखंड/ बिहार कैडर में चयन हुआ था। 5. राजस्थान और हरियाणा सरकार ने यमुना जल समझौते पर साइन किया 29 जून को राजस्थान के सीएम ने हरियाणा के साथ यमुना जल समझौते पर साइन किया। इस मौके पर गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। ये समझौता 1994 के अपर यमुना नदी बोर्ड जल-बंटवारा समझौते को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस समझौते के बाद हरियाणा हर साल राजस्थान को 580 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी की आपूर्ति करेगा। समझौते के तहत यमुना का पानी राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र और अन्य जिलों को मिलेगा। इस MoU के बाद राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में सिंचाई और पीने के पानी की समस्या दूर होगी। इससे राजस्थान के सीकर, झुंझुनू और चूरू जैसे शेखावाटी क्षेत्र के जल-संकटग्रस्त जिलों को पीने का पानी मिल सकेगा। पानी की आपूर्ति जुलाई से अक्टूबर के बीच तीन भूमिगत पाइपलाइनों के जरिए से की जाएगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹34,102 करोड़ रुपए है। ये समझौता लगभग 32 सालों से लंबित 1994 के जल-बंटवारा समझौते को लागू करने की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। इस MoU के बाद हरियाणा के भिवानी और फतेहाबाद जिलों को भी फायदा मिलेगा। 6. बीमा सुगम पोर्टल सितंबर 2026 में लॉन्च होगा 30 जून को IRDAI यानी, इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन ने ‘बीमा सुगम’ पोर्टल सितंबर 2026 में लॉन्च करने का ऐलान किया। ये पोर्टल बीमा पॉलिसी खरीदने, सर्विसिंग और क्लेम सेटलमेंट के लिए एक ‘वन-स्टॉप शॉप’ होगा। इसे इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने, पॉलिसीज की तुलना करने, मैनेज करने, रिन्यू करने और क्लेम करने के लिए एक ही प्लेटफॉर्म के मकसद से बनाया गया है। इसे इंश्योरेंस सेक्टर का UPI भी कहा जाता है। इसके जरिए बीमा क्षेत्र में पारदर्शिता और पहुंच बढ़ेगी। इसके लॉन्च से पहले ही जुलाई में बीमा वितरण सुधारों पर एक परामर्श पत्र जारी किया जाएगा। ये डिजिटल प्लेटफॉर्म ग्राहकों को विभिन्न कंपनियों की पॉलिसियों की तुलना करने की सुविधा देगा। इस पोर्टल का उद्देश्य भारत में बीमा की पहुंच को बढ़ाना और धोखाधड़ी को कम करना है। भारत ने 2047 तक ‘सभी के लिए बीमा’ का लक्ष्य रखा है, जिसमें यह पोर्टल मददगार साबित

Belgium vs Senegal, USA vs Bosnia, England vs Congo DR

Belgium vs Senegal, USA vs Bosnia, England vs Congo DR

Hindi News Sports FIFA World Cup 2026: Belgium Vs Senegal, USA Vs Bosnia, England Vs Congo DR स्पोर्ट्स डेस्क9 मिनट पहले कॉपी लिंक FIFA वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड और कांगो डीआर का मुकाबला होगा। दोनों टीमें पहली बार एक-दूसरे के खिलाफ खेलेंगी। यह मुकाबला अटलांटा स्टेडियम में आज रात 9:30 बजे से खेला जाएगा। इसके बाद के 2 मुकाबले भारतीय समयानुसार अगले दिन यानी 2 जुलाई को खेले जाएंगे। बेल्जियम और सेनेगल की भिड़ंत रात 01:30 बजे से सिएटल स्टेडियम में होगी। इसके बाद अमेरिका और बोस्निया एंड हर्जेगोविना का मुकाबला होगा। यह मैच सुबह 5:30 बजे से सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में शुरू होगा। मैच 80: इंग्लैंड और कांगो डीआर की पहली भिड़ंत इंग्लैंड और कांगो डीआर के बीच अब तक कोई मुकाबला नहीं खेला गया। फुटबॉल में दोनों की सीनियर टीमें पहली बार आमने सामने होंगी। इस मैच में इंग्लैंड फेवरेट के तौर पर मैदान में उतरेगी। ग्रुप स्टेज में दोनों टीमों का परफॉर्मेंस इंग्लैंड की टीम ग्रुप स्टेज में बिना मैच हारे नॉकआउट में पहुंची है। टीम 3 मैचों में 2 जीत और 1 ड्रॉ के साथ ग्रुप-L में पहले स्थान पर रही। दूसरी ओर, कांगो डीआर का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा। ग्रुप-K में टीम ने 3 मैचों में 1 जीत, 1 हार और 1 ड्रॉ खेलकर राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह पक्की की है। इंग्लैंड को अपने कप्तान और अनुभवी स्ट्राइकर हैरी केन से गोल करने की उम्मीद होगी। वहीं कांगो डीआर से इन-फॉर्म फॉरवर्ड योआन विसा पर निगाहें होंगी। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11: इंग्लैंड: पिकफोर्ड, वाकर, स्टोंस, गुएही, ट्रिपियर, राइस, मेनू, साका, बेलिंगहैम, फोडेन, केन। कांगो डीआर: म्पासी, वान-बिसका, म्बेम्बा, टुआनजेबे, मासुआकु, सिपेन्गा, मुतुसामी, सादिकी, म्बुकु, बकाम्बु, विसा। मैच 81: बेल्जियम के सामने सेनेगल की कड़ी चुनौती बेल्जियम और सेनेगल पहली बार एक-दूसरे के आमने-सामने होंगे। दोनों टीमें शानदार फॉर्म में हैं। हालांकि ग्रुप स्टेज की परफॉर्मेंस को देखते हुए बेल्जियम फेवरेट के तौर पर उतरेगी। ग्रुप स्टेज में दोनों टीमों का परफॉर्मेंस बेल्जियम ग्रुप स्टेज में बिना मैच हारे नॉकआउट में पहुंचा है। उसने ग्रुप-G के 3 मैचों में 1 जीत दर्ज की और 2 मैच ड्रॉ खेले। टीम ग्रुप में टॉपर थी। सेनेगल ग्रुप-I में 3 मैचों में 1 जीत और 2 हार के बाद राउंड-32 में पहुंचा है। बेहतर गोल डिफरेंस के आधार पर उसे नॉकआउट में जगह मिली। बेल्जियम के स्टार मिडफील्डर केविन डी ब्रुइन पासेज और बेहतरीन गेम कंट्रोल के लिए जाने जाते हैं। उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। वहीं सेनेगल दिग्गज फॉरवर्ड सादियो माने के खेल की बदौलत उलटफेर की कोशिश करेगी। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11: बेल्जियम: कास्टील्स, फाएश, वर्तोंघेन, थीएट, कास्टाग्ने, ओनाना, मोंगाला, डोकू, डी ब्रुइन, ट्रोसार्ड, लुकाकू। सेनेगल: एडुआर्ड मेंडी, जैकब, कौलीबाली, निआखाते, गासामा, पापे गुएये, लैमिन कमारा, सिस, इसमाइला सार, जाक्सन, सादियो माने। मैच 82: बोस्निया के खिलाफ अमेरिका का पलड़ा भारी अमेरिका और बोस्निया एंड हर्जेगोविना के बीच अब तक 3 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें अमेरिका का पलड़ा भारी रहा है। अमेरिका ने 2 मैच जीते हैं, जबकि 1 मुकाबला ड्रॉ रहा है। बोस्निया को पहली जीत का इंतजार है। FIFA वर्ल्ड कप में दोनों की यह पहली भिड़ंत होगी। ग्रुप स्टेज में दोनों टीमों का परफॉर्मेंस अमेरिका ग्रुप-D में 2 जीत और 1 हार के साथ नॉकआउट में पहुंची है। वहीं बोस्निया एंड हर्जेगोविना ग्रुप-B में 1 जीत, 1 हार और 1 ड्रॉ के साथ पहुंची है। अमेरिकी टीम को स्टार विंगर क्रिश्चियन पुलिसिक से गोल की उम्मीद होगी। वहीं बोस्निया कप्तान और स्ट्राइकर एडिन जेको पर निर्भर होगी। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11: अमेरिका: टर्नर, स्काली, रिचर्ड्स, रीम, रॉबिन्सन, मैकेनी, एडम्स, मूसाह, वेआ, राइट, पोलिस। बोस्निया एंड हर्जेगोविना: वासिलिज, मालिच, कतिच, रादेलिच, कोलासिनाक, बाजराक्तारेविच, सुन्जिच, बासिच, अलाजबेगोविच, डेमिरोविच, जेको। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

PoK Protests Intensify; Shaukat Nawaz Arrested, 600+ JAAC Leaders Detained

PoK Protests Intensify; Shaukat Nawaz Arrested, 600+ JAAC Leaders Detained

मुजफ्फराबाद9 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। मंगलवार को रावलकोट के ईदगाह ग्राउंड में हजारों लोग जुटे। उन्हेंने ऐलान किया कि PoK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। यह आंदोलन जम्मू-कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की अगुआई में चल रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, JAAC के प्रमुख नेता शौकत नवाज मीर को दो साथियों के साथ धीरकोट के सांगर फत्तारे इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। PoK में JAAC के 600 से ज्यादा नेता और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया है। शौकत नवाज मीर समेत JAAC के नेताओं की गिरफ्तारी की सूचना देने वालों के लिए पाकिस्तान सरकार ने ₹1 करोड़ के इनाम की घोषणा की थी। प्रदर्शनकारी बोले- हमें नहीं, पाकिस्तान को हमारी जरूरत प्रदर्शन के दौरान JAAC नेता सरदार अमन खान ने कहा, ‘हमें आपके राशन की जरूरत नहीं, आपको हमारी जरूरत है। अगर जरूरी सामान की सप्लाई बंद रही तो लोग जिंदा रहने के लिए दूसरा रास्ता चुनने को मजबूर होंगे।’ उनका आरोप है कि पाकिस्तान सरकार आंदोलन को दबाने के लिए जानबूझकर जरूरी सामान की सप्लाई रोक रही है। महंगाई से शुरू हुआ आंदोलन, अब राजनीतिक मुद्दा बना रिपोर्ट के मुताबिक, आंदोलन महंगाई, खाद्य संकट, बढ़ती कीमतों और स्थानीय प्रशासन के मुद्दों को लेकर शुरू हुआ था। अब यह पाकिस्तान सरकार के खिलाफ राजनीतिक विरोध का रूप ले चुका है। हाल ही में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने रावलाकोट और मीरपुर के लोगों को ‘असल कश्मीरी नहीं’ बताया था। इसके बाद विरोध और बढ़ गया। रिपोर्ट के मुताबिक, JAAC के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत केस भी दर्ज किए गए हैं। सरकार ने 5 जून को JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है। इंटरनेट बंद, 22 मौतों का दावा रिपोर्ट के मुताबिक, जून की शुरुआत से PoK के कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं सीमित हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ऐसा आंदोलन की तस्वीरें और वीडियो बाहर जाने से रोकने के लिए किया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले दो हफ्तों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पों में कम से कम 22 लोगों की मौत हुई है। PoK में 27 जुलाई को चुनाव होंगे गिलगित-बाल्टिस्तान के बाद 27 जुलाई को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK ) में विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे। PoK की विधानसभा में कुल 53 सीटें हैं। इनमें से 45 सीटों पर सीधे चुनाव होता है, जबकि 8 सीटें महिलाओं, तकनीकी विशेषज्ञों और धार्मिक विद्वानों के लिए आरक्षित हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…