Tuesday, 06 Oct 2026 | 05:15 PM

Trending :

EXCLUSIVE

अमेरिका में जन्मजात नागरिकता कानून बरकरार:सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प का आदेश रद्द किया, कहा- देश में जन्मा हर बच्चा अमेरिकी नागरिक होगा

अमेरिका में जन्मजात नागरिकता कानून बरकरार:सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प का आदेश रद्द किया, कहा- देश में जन्मा हर बच्चा अमेरिकी नागरिक होगा

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बड़ा संवैधानिक फैसला सुनाते हुए कहा कि अमेरिका में जन्म लेने वाला हर बच्चा जन्म से अमेरिकी नागरिक होगा, चाहे उसके माता-पिता देश में अवैध रूप से रह रहे हों या फिर अस्थायी वीजा पर आए हों। अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस कार्यकारी आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें ऐसे बच्चों को जन्म से नागरिकता देने से इनकार किया गया था। यह फैसला 5-4 के बहुमत से आया। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने बहुमत का फैसला लिखा। अमेरिका में पिछले 158 साल से यह व्यवस्था लागू है कि वहां जन्म लेने वाला हर बच्चा अपने जन्म के साथ ही अमेरिकी नागरिक बन जाता है। यह अधिकार अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन में दिया गया है। राष्ट्रपति पद की शपथ लेते ही ट्रम्प ने आदेश जारी किया था ट्रम्प ने अपने शपथ ग्रहण वाले दिन यानी 20 जनवरी 2025 को एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन कर बर्थ राइट सिटीजनशिप पर रोक लगा दी थी। इसके कुछ ही दिन बाद कई संघीय (फेडरल) जिला अदालतों ने इस आदेश पर अस्थायी रोक लगा दी। यानी ट्रम्प का आदेश लागू ही नहीं हो सका। हालांकि उस समय बर्थराइट सिटिजनशिप पर रोक नहीं लगी थी, बल्कि ट्रम्प के आदेश पर रोक लगी थी। इसके बाद फिर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने अब अंतिम फैसला देते हुए कहा कि 14वां संशोधन जन्मजात नागरिकता की गारंटी देता है। इसलिए ट्रम्प का आदेश असंवैधानिक है और उसे रद्द कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि अमेरिकी संसद (कांग्रेस) सामान्य कानून बनाकर जन्म से नागरिकता के अधिकार का दायरा नहीं बदल सकती। अगर इस व्यवस्था में बदलाव करना है, तो इसके लिए संविधान में संशोधन करना होगा। यह फैसला ट्रम्प के लिए इसलिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने अपने चुनाव प्रचार के दौरान इसे खत्म करने का वादा किया था। अमेरिका में 157 साल पहले मिला था जन्मजात नागरिकता का अधिकार 1865 में अमेरिकी गृहयुद्ध खत्म होने के बाद, जुलाई 1868 में अमेरिकी संसद में 14वें संशोधन को मंजूरी दी गई थी। इसमें कहा गया था कि देश में पैदा हुए सभी अमेरिकी नागरिक हैं। इस संशोधन का मकसद गुलामी के शिकार अश्वेत लोगों को अमेरिकी नागरिकता देना था। हालांकि, इस संशोधन की व्याख्या इस प्रकार की गई है कि इसमें अमेरिका में जन्में सभी बच्चों को शामिल किया जाएगा, चाहे उनके माता-पिता का इमिग्रेशन स्टेट्स कुछ भी हो। ट्रम्प और उनके समर्थकों का दावा है कि इस कानून का फायदा उठाकर गरीब और युद्धग्रस्त देशों से आए लोग अमेरिका आकर बच्चों को जन्म देते हैं। ये लोग पढ़ाई, रिसर्च, नौकरी के आधार पर अमेरिका में रुकते हैं। बच्चे का जन्म होते ही उन्हें अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है। नागरिकता के बहाने माता-पिता को अमेरिका में रहने की कानूनी वजह भी मिल जाती है। अमेरिका में यह ट्रेंड काफी लंबे समय से जोरों पर है। आलोचक इसे बर्थ टूरिज्म कहते हैं। प्यू रिसर्च सेंटर की 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक 16 लाख भारतीय बच्चों को अमेरिका में जन्म लेने की वजह से नागरिकता मिली है। कोर्ट के इस फैसले से भारतीयों को राहत क्यों मिली? H-1B वीजा धारकों के लिए गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के नियम नहीं बदलेंगे अमेरिका के इमिग्रेशन कानून या वीजा नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो H-1B वीजा या किसी अन्य वैध अस्थायी वीजा पर रह रहे लोगों को अमेरिका में गर्भधारण करने या बच्चे को जन्म देने से रोकता हो। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी ऐसे परिवारों के अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को संविधान के 14वें संशोधन के तहत जन्म के साथ ही अमेरिकी नागरिक माना जाएगा। क्या बच्चे की नागरिकता मिलने से माता-पिता को भी नागरिकता मिल जाएगी? जवाब है- नहीं। अगर किसी बच्चे का जन्म अमेरिका में होता है तो उसे जन्म से अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है, लेकिन इसका फायदा उसके माता-पिता को नहीं मिलता। H-1B या किसी अन्य अस्थायी वीजा पर रह रहे लोगों को अपने इमिग्रेशन स्टेटस को पहले की तरह अलग से बनाए रखना होगा। मौजूदा अमेरिकी कानून के मुताबिक, अमेरिकी नागरिक बच्चा अपने माता-पिता के लिए स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) की सिफारिश तभी कर सकता है, जब उसकी उम्र 21 वर्ष हो जाए। भारतीय मूल के बच्चों के लिए दोहरी नागरिकता का क्या नियम है? भारत पूरी तरह दोहरी नागरिकता (ड्यूल सिटिजनशिप) की अनुमति नहीं देता। अगर भारतीय माता-पिता के यहां अमेरिका में बच्चा पैदा होता है, तो उसे जन्म के साथ अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है। हालांकि, वह एक साथ पूरी भारतीय नागरिकता नहीं रख सकता। ऐसे बच्चों के लिए माता-पिता ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड बनवा सकते हैं। ओसीआई कार्ड मिलने पर उन्हें भारत आने के लिए आजीवन वीजा की जरूरत नहीं होती। साथ ही भारत में रहने से जुड़े कई अधिकार भी मिलते हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
खतरों के खिलाड़ी में नजर आएंगे गौरव खन्ना:बोले- फेल होने का डर नहीं, बिना गॉडफादर के कॉर्पोरेट जॉब छोड़ एक्टर बना

May 6, 2026/
4:30 am

अभिनेता गौरव खन्ना इन दिनों स्टंट बेस्ड रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ को लेकर सुर्खियों में हैं। दैनिक भास्कर से...

बालाजी टेलीफिल्म्स विवाद पर राज शांडिल्य का बयान:कॉन्ट्रैक्ट कॉन्ट्रोवर्सी के बीच आरोपों को निराधार बताया, कहा- 'भागम भाग 2' तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ेगी

March 5, 2026/
6:54 pm

फिल्ममेकर राज शांडिल्य और बालाजी टेलीफिल्म्स के बीच इन दिनों कॉन्ट्रैक्ट को लेकर विवाद चर्चा में है। इस बीच राज...

पश्चिम बंगाल के 15 बूथों पर दोबारा वोटिंग शुरू:सेकेंड फेज में मगरहाट-डायमंड हार्बर सीट पर हिंसा और EVM से छेड़छाड़ हुई थी

May 2, 2026/
5:05 am

पश्चिम बंगाल में डायमंड हार्बर के 4 और मगरहाट पश्चिम के 11 बूथों पर दोबारा मतदान शुरू हो गया है।...

पत्नी से विवाद के बीच थाईलैंड डांस करने पहुंचे गोविंदा:सुनीता का आरोप- बेटी की उम्र की लड़की घुमा रहे; गोविंदा बोले- हद में रहो,

August 17, 2026/
5:35 pm

एक्टर गोविंदा इन दिनों अपनी निजी जिंदगी और पत्नी सुनीता आहूजा के साथ चल रहे विवाद को लेकर चर्चा में...

US President Donald Trump shakes hands with China's President Xi Jinping at the Great Hall of the People in Beijing. (Source: AFP)

May 14, 2026/
10:35 pm

आखरी अपडेट:14 मई, 2026, 22:35 IST तथ्य यह है कि राहुल गांधी को ‘अपनी इच्छाएं पूरी करनी पड़ीं’ और संभावित...

Bangladesh Vs Pakistan 1st Test Day 3 Live Updates (AFP)

May 10, 2026/
12:37 pm

आखरी अपडेट:10 मई, 2026, 12:37 IST शपथ ग्रहण समारोह के दौरान विजय को कलावा पहने हुए भी देखा गया –...

ask search icon

April 7, 2026/
4:01 pm

Last Updated:April 07, 2026, 16:01 IST अगर आप कभी पहाड़ों की यात्रा पर जाएं, तो आपको वहां एक खास पौधा...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

अमेरिका में जन्मजात नागरिकता कानून बरकरार:सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प का आदेश रद्द किया, कहा- देश में जन्मा हर बच्चा अमेरिकी नागरिक होगा

अमेरिका में जन्मजात नागरिकता कानून बरकरार:सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प का आदेश रद्द किया, कहा- देश में जन्मा हर बच्चा अमेरिकी नागरिक होगा

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बड़ा संवैधानिक फैसला सुनाते हुए कहा कि अमेरिका में जन्म लेने वाला हर बच्चा जन्म से अमेरिकी नागरिक होगा, चाहे उसके माता-पिता देश में अवैध रूप से रह रहे हों या फिर अस्थायी वीजा पर आए हों। अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस कार्यकारी आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें ऐसे बच्चों को जन्म से नागरिकता देने से इनकार किया गया था। यह फैसला 5-4 के बहुमत से आया। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने बहुमत का फैसला लिखा। अमेरिका में पिछले 158 साल से यह व्यवस्था लागू है कि वहां जन्म लेने वाला हर बच्चा अपने जन्म के साथ ही अमेरिकी नागरिक बन जाता है। यह अधिकार अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन में दिया गया है। राष्ट्रपति पद की शपथ लेते ही ट्रम्प ने आदेश जारी किया था ट्रम्प ने अपने शपथ ग्रहण वाले दिन यानी 20 जनवरी 2025 को एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन कर बर्थ राइट सिटीजनशिप पर रोक लगा दी थी। इसके कुछ ही दिन बाद कई संघीय (फेडरल) जिला अदालतों ने इस आदेश पर अस्थायी रोक लगा दी। यानी ट्रम्प का आदेश लागू ही नहीं हो सका। हालांकि उस समय बर्थराइट सिटिजनशिप पर रोक नहीं लगी थी, बल्कि ट्रम्प के आदेश पर रोक लगी थी। इसके बाद फिर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने अब अंतिम फैसला देते हुए कहा कि 14वां संशोधन जन्मजात नागरिकता की गारंटी देता है। इसलिए ट्रम्प का आदेश असंवैधानिक है और उसे रद्द कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि अमेरिकी संसद (कांग्रेस) सामान्य कानून बनाकर जन्म से नागरिकता के अधिकार का दायरा नहीं बदल सकती। अगर इस व्यवस्था में बदलाव करना है, तो इसके लिए संविधान में संशोधन करना होगा। यह फैसला ट्रम्प के लिए इसलिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने अपने चुनाव प्रचार के दौरान इसे खत्म करने का वादा किया था। अमेरिका में 157 साल पहले मिला था जन्मजात नागरिकता का अधिकार 1865 में अमेरिकी गृहयुद्ध खत्म होने के बाद, जुलाई 1868 में अमेरिकी संसद में 14वें संशोधन को मंजूरी दी गई थी। इसमें कहा गया था कि देश में पैदा हुए सभी अमेरिकी नागरिक हैं। इस संशोधन का मकसद गुलामी के शिकार अश्वेत लोगों को अमेरिकी नागरिकता देना था। हालांकि, इस संशोधन की व्याख्या इस प्रकार की गई है कि इसमें अमेरिका में जन्में सभी बच्चों को शामिल किया जाएगा, चाहे उनके माता-पिता का इमिग्रेशन स्टेट्स कुछ भी हो। ट्रम्प और उनके समर्थकों का दावा है कि इस कानून का फायदा उठाकर गरीब और युद्धग्रस्त देशों से आए लोग अमेरिका आकर बच्चों को जन्म देते हैं। ये लोग पढ़ाई, रिसर्च, नौकरी के आधार पर अमेरिका में रुकते हैं। बच्चे का जन्म होते ही उन्हें अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है। नागरिकता के बहाने माता-पिता को अमेरिका में रहने की कानूनी वजह भी मिल जाती है। अमेरिका में यह ट्रेंड काफी लंबे समय से जोरों पर है। आलोचक इसे बर्थ टूरिज्म कहते हैं। प्यू रिसर्च सेंटर की 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक 16 लाख भारतीय बच्चों को अमेरिका में जन्म लेने की वजह से नागरिकता मिली है। कोर्ट के इस फैसले से भारतीयों को राहत क्यों मिली? H-1B वीजा धारकों के लिए गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के नियम नहीं बदलेंगे अमेरिका के इमिग्रेशन कानून या वीजा नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो H-1B वीजा या किसी अन्य वैध अस्थायी वीजा पर रह रहे लोगों को अमेरिका में गर्भधारण करने या बच्चे को जन्म देने से रोकता हो। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी ऐसे परिवारों के अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को संविधान के 14वें संशोधन के तहत जन्म के साथ ही अमेरिकी नागरिक माना जाएगा। क्या बच्चे की नागरिकता मिलने से माता-पिता को भी नागरिकता मिल जाएगी? जवाब है- नहीं। अगर किसी बच्चे का जन्म अमेरिका में होता है तो उसे जन्म से अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है, लेकिन इसका फायदा उसके माता-पिता को नहीं मिलता। H-1B या किसी अन्य अस्थायी वीजा पर रह रहे लोगों को अपने इमिग्रेशन स्टेटस को पहले की तरह अलग से बनाए रखना होगा। मौजूदा अमेरिकी कानून के मुताबिक, अमेरिकी नागरिक बच्चा अपने माता-पिता के लिए स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) की सिफारिश तभी कर सकता है, जब उसकी उम्र 21 वर्ष हो जाए। भारतीय मूल के बच्चों के लिए दोहरी नागरिकता का क्या नियम है? भारत पूरी तरह दोहरी नागरिकता (ड्यूल सिटिजनशिप) की अनुमति नहीं देता। अगर भारतीय माता-पिता के यहां अमेरिका में बच्चा पैदा होता है, तो उसे जन्म के साथ अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है। हालांकि, वह एक साथ पूरी भारतीय नागरिकता नहीं रख सकता। ऐसे बच्चों के लिए माता-पिता ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड बनवा सकते हैं। ओसीआई कार्ड मिलने पर उन्हें भारत आने के लिए आजीवन वीजा की जरूरत नहीं होती। साथ ही भारत में रहने से जुड़े कई अधिकार भी मिलते हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.