जून में ₹1.94 लाख करोड़ GST कलेक्शन:पिछले साल से 14% ज्यादा, अप्रैल में रिकॉर्ड ₹2.42 लाख करोड़ का कलेक्शन रहा था

जून 2026 में 1.94 लाख करोड़ रुपए का GST कलेक्शन हुआ है। यह अप्रैल के रिकॉर्ड 2.42 लाख करोड़ रुपए के मुकाबले 20% कम है। हालांकि पिछले साल की समान अवधि यानी जून 2025 से 14% ज्यादा है। जून 2025 में ₹1.71 लाख करोड़ का जीएसटी कलेक्शन हुआ था। सरकार ने आज यानी 1 जुलाई को GST कलेक्शन के आंकड़े जारी किए। इंपोर्ट से होने वाली कमाई बढ़ी जून महीने में GST कलेक्शन की ग्रोथ मुख्य रूप से इंपोर्ट पर निर्भर रही। इंपोर्टेड गुड्स से होने वाला ग्रॉस GST रेवेन्यू सालाना आधार पर 35% बढ़कर 60,038 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वहीं, दूसरी तरफ घरेलू ट्रांजैक्शन से होने वाली ग्रॉस घरेलू कमाई में 6.5% की तेजी आई और यह 1.34 लाख करोड़ रुपए रही। इकोनॉमी की सेहत दिखाता है GST कलेक्शन जीएसटी कलेक्शन यह बताता है कि देश की अर्थव्यवस्था कितनी तंदुरुस्त है। अगर कलेक्शन ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं, फैक्ट्रियों में उत्पादन बढ़ रहा है और लोग ईमानदारी से टैक्स भर रहे हैं। GST रिफंड क्या है: जब कोई कंपनी अपनी देनदारी से ज्यादा टैक्स चुका देती है या एक्सपोर्ट करती है, तो सरकार उसे टैक्स वापस करती है, जिसे रिफंड कहते हैं। नेट vs ग्रॉस GST: ग्रॉस कुल इकट्ठा किया गया पैसा होता है, जबकि रिफंड घटाने के बाद बची राशि नेट रेवेन्यू कहलाती है। 2017 में लागू हुआ था GST सरकार ने 1 जुलाई 2017 को देशभर में GST लागू किया था। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकारों के 17 करों और 13 उपकरों को हटा दिया गया था। GST को चार हिस्सों में डिवाइड किया गया है:
मॉनसून स्पेशल: बारिश में भूलकर भी न खाएं ये विकल्प, तुरंत हो सकते हैं फूड पॉइजनिंग के शिकार

वर्षा ऋतु का मौसम सहज राहत देता है, विषम ही बीमारियाँ भी अपने साथ लाती है। आयुर्वेद और मेडिकल मेडिकल साइंसेज, दोनों ही बहस में खान-पान को लेकर विशेष सावधानी की सलाह देते हैं। इस सीज़न में हवा में जड़ी बूटी बढ़ती है, जो स्कूटर, फंगस और कीडों के पठने के लिए सबसे उपयुक्त राक्षस है। ऐसे में कुछ ऐसी बातें हैं, जिनमें बारिश के दिनों में अपनी थाली से पूरी तरह दूर रहना चाहिए, क्योंकि खाने से आप तुरंत फूड पॉइजनिंग, डायरिया या पेट के गंभीर संक्रमण का शिकार हो सकते हैं। आइए जानते हैं। आम तौर पर स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़े दुश्मन बन सकते हैं। पत्तेगोभी, पालक और ब्रोकली जैसे पत्तों के बीच छोटे-छोटे कीड़े और उनके अंडे के कीटाणु होते हैं, जो सामान्य रूप से धोने पर भी नहीं निकलते। इसके अलावा, बारिश के पानी और मिट्टी के संपर्क में रहने के कारण इन किताबों का दबाव बहुत अधिक होता है। फूलगोभी की मजबूती ऐसी होती है कि इसमें आसानी से रुका जा सकता है। यह जापानी कीड़ों और फंगस को आकर्षित करता है। बारिश के दिनों में गोभी के अंदर छोटे-छोटे कीड़े (जिन्हें देखना भी मुश्किल होता है) घर बना लेते हैं, जो पेट में गंभीर संक्रमण पैदा कर सकते हैं। मशरुम सीधे तौर पर मिट्टी और पियानो वाले वातावरण में उगते हैं। डिफॉल्ट के दौरान इनसाइक्लोपीडिया और फंगस के पत्थरों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अगर मूड ठीक से साफ न हो या थोड़ा भी बासी हो, तो यह सीधे आपके लिए अस्पताल पहुंच सकता है। इसलिए इसे बारिश में खाने से बचाया जाए। सबसे पहले बनाएं ये काम अगर कोई सब्जी बनाना भी है, तो उसे पकाने से पहले गुनगुने नमक वाले पानी या सिरके के पानी से अच्छी तरह से खरीदें।रेन केक्स या कोयले की मशीन से पूरी तरह से संरक्षित। हमेशा अच्छा तरह पका हुआ भोजन ही करें।
Students are becoming weak in basic mathematics and intensive reading

Hindi News Career Students Are Becoming Weak In Basic Mathematics And Intensive Reading न्यूयॉर्क14 मिनट पहले कॉपी लिंक स्टडी के मुताबिक, हाई-स्कूल स्तर से भी कम गणितीय समझ वाले छात्रों की संख्या पांच साल में तीस गुना बढ़ गई है।- प्रतीकात्मक फोटो दुनिया की शीर्ष यूनिवर्सिटी के छात्र बुनियादी गणित और रीडिंग में भी पिछड़ रहे हैं, कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के 1800 प्रोफेसर्स ने खुली चिट्ठी लिखकर चेतावनी दी है कि नए अंडरग्रेजुएट छात्र मिडिल-स्कूल स्तर (कक्षा 6-8) का गणित भी नहीं जानते। उन्हें ये गणित दोबारा पढ़ाना पड़ रहा है। वहीं, सैन डिएगो की स्टडी के मुताबिक, हाई-स्कूल स्तर से भी कम गणितीय समझ वाले छात्रों की संख्या पांच साल में तीस गुना बढ़ गई है। हार्वर्ड जैसे संस्थान को पाठ्यक्रम छोटा करना पड़ रहा है, क्योंकि छात्र जटिल वाक्यों पर फोकस नहीं कर पा रहे हैं। इस गिरावट की प्रमुख वजहें क्या हैं, जानिए… सोशल मीडिया से घटा अटेंशन स्पैन स्मार्टफोन व सोशल मीडिया ने अटेंशन स्पैन घटा दिया है। ओईसीडी के अनुसार, छात्र लंबे व जटिल टेक्स्ट नहीं पढ़ रहे। अमेरिका में 1990 के दशक में 60% बच्चे शौक से किताबें पढ़ते थे, अब 37% रह गए। छात्र सतही तौर पर स्कैन करते हैं, जिससे भाषा को गहराई से समझने की क्षमता कमजोर हुई। अनिवार्य असेसमेंट– कोल्ड कॉलिंग से नियंत्रण संभव: बर्कले की प्रो. मीना अगानागिक कहती हैं,‘अनिवार्य असेसमेंट व क्लासरूम में अचानक छात्रों से सवाल पूछना, सरप्राइज पेन-पेपर टेस्ट लागू करके समस्या दूर कर सकते हैं। ग्रेड इन्फ्लेशन व एआई से नकल रोकने के लिए एडमिशन में योग्यता जांचना व क्लासरूम में गैजेट्स पर पाबंदी जरूरी है। कड़े मापदंड व सख्त ग्रेडिंग से ही बिना तैयारी के आने वाले छात्रों को रोक सकेंगे। नींव कमजोर – कॉलेजों को यह समस्या स्कूलों से विरासत में मिली है। विशेषज्ञ जेसिका हूटन विल्सन के अनुसार, कोरोना में स्कूल बंद होने से छात्रों का नुकसान हुआ। कई छात्र कॉलेज तक पहुंच गए, पर उनकी बुनियादी समझ इतनी कमजोर है कि मानो वे कभी हाई स्कूल गए ही नहीं। PISA व NAEP के आंकड़े बताते हैं कि शिक्षा का स्तर महामारी से पहले ही गिरना शुरू हो गया था। शिक्षा सुधारों में ठोस तथ्य व बुनियादी सिलेबस हटाकर सॉफ्ट स्किल्स पर जोर देने से नींव कमजोर हो गई। परखना चुनौतीपूर्ण – महामारी के बाद अमेरिका के 90% से अधिक कॉलेजों ने एसएटी जैसे मानक टेस्ट को वैकल्पिक या बंद कर दिया। स्कूलों में बच्चों को खुश करने के लिए आसानी से नंबर दिए जाते हैं। नतीजतन, हाई स्कूल में ‘परफेक्ट स्कोर’ पाने वाले भी कॉलेज पहुंचकर बुनियादी गणित और भाषा में विफल हो जाते हैं। यूनिवर्सिटी के पास यह परखने का तरीका नहीं बचा कि आने वाला छात्र योग्य है या नहीं। शॉर्टकट कल्चर – ब्रिटेन के थिंक-टैंक एचईपीआई और बर्कले की स्टडी के अनुसार 94% छात्र एआई की मदद ले रहे हैं और पढ़े बिना पास हो रहे हैं। प्रोफेसर्स पर भी अच्छे नंबर देने का दबाव रहता है ताकि खराब फीडबैक से बच सकें। जब बिना मेहनत ही एआई से ‘ए’ ग्रेड मिल रहा है, तो छात्रों में सीखने की प्रेरणा लगभग खत्म हो चुकी है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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Hindi News Career Students Are Becoming Weak In Basic Mathematics And Intensive Reading न्यूयॉर्क30 मिनट पहले कॉपी लिंक स्टडी के मुताबिक, हाई-स्कूल स्तर से भी कम गणितीय समझ वाले छात्रों की संख्या पांच साल में तीस गुना बढ़ गई है।- प्रतीकात्मक फोटो दुनिया की शीर्ष यूनिवर्सिटी के छात्र बुनियादी गणित और रीडिंग में भी पिछड़ रहे हैं, कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के 1800 प्रोफेसर्स ने खुली चिट्ठी लिखकर चेतावनी दी है कि नए अंडरग्रेजुएट छात्र मिडिल-स्कूल स्तर (कक्षा 6-8) का गणित भी नहीं जानते। उन्हें ये गणित दोबारा पढ़ाना पड़ रहा है। वहीं, सैन डिएगो की स्टडी के मुताबिक, हाई-स्कूल स्तर से भी कम गणितीय समझ वाले छात्रों की संख्या पांच साल में तीस गुना बढ़ गई है। हार्वर्ड जैसे संस्थान को पाठ्यक्रम छोटा करना पड़ रहा है, क्योंकि छात्र जटिल वाक्यों पर फोकस नहीं कर पा रहे हैं। इस गिरावट की प्रमुख वजहें क्या हैं, जानिए… सोशल मीडिया से घटा अटेंशन स्पैन स्मार्टफोन व सोशल मीडिया ने अटेंशन स्पैन घटा दिया है। ओईसीडी के अनुसार, छात्र लंबे व जटिल टेक्स्ट नहीं पढ़ रहे। अमेरिका में 1990 के दशक में 60% बच्चे शौक से किताबें पढ़ते थे, अब 37% रह गए। छात्र सतही तौर पर स्कैन करते हैं, जिससे भाषा को गहराई से समझने की क्षमता कमजोर हुई। अनिवार्य असेसमेंट– कोल्ड कॉलिंग से नियंत्रण संभव: बर्कले की प्रो. मीना अगानागिक कहती हैं,‘अनिवार्य असेसमेंट व क्लासरूम में अचानक छात्रों से सवाल पूछना, सरप्राइज पेन-पेपर टेस्ट लागू करके समस्या दूर कर सकते हैं। ग्रेड इन्फ्लेशन व एआई से नकल रोकने के लिए एडमिशन में योग्यता जांचना व क्लासरूम में गैजेट्स पर पाबंदी जरूरी है। कड़े मापदंड व सख्त ग्रेडिंग से ही बिना तैयारी के आने वाले छात्रों को रोक सकेंगे। नींव कमजोर – कॉलेजों को यह समस्या स्कूलों से विरासत में मिली है। विशेषज्ञ जेसिका हूटन विल्सन के अनुसार, कोरोना में स्कूल बंद होने से छात्रों का नुकसान हुआ। कई छात्र कॉलेज तक पहुंच गए, पर उनकी बुनियादी समझ इतनी कमजोर है कि मानो वे कभी हाई स्कूल गए ही नहीं। PISA व NAEP के आंकड़े बताते हैं कि शिक्षा का स्तर महामारी से पहले ही गिरना शुरू हो गया था। शिक्षा सुधारों में ठोस तथ्य व बुनियादी सिलेबस हटाकर सॉफ्ट स्किल्स पर जोर देने से नींव कमजोर हो गई। परखना चुनौतीपूर्ण – महामारी के बाद अमेरिका के 90% से अधिक कॉलेजों ने एसएटी जैसे मानक टेस्ट को वैकल्पिक या बंद कर दिया। स्कूलों में बच्चों को खुश करने के लिए आसानी से नंबर दिए जाते हैं। नतीजतन, हाई स्कूल में ‘परफेक्ट स्कोर’ पाने वाले भी कॉलेज पहुंचकर बुनियादी गणित और भाषा में विफल हो जाते हैं। यूनिवर्सिटी के पास यह परखने का तरीका नहीं बचा कि आने वाला छात्र योग्य है या नहीं। शॉर्टकट कल्चर – ब्रिटेन के थिंक-टैंक एचईपीआई और बर्कले की स्टडी के अनुसार 94% छात्र एआई की मदद ले रहे हैं और पढ़े बिना पास हो रहे हैं। प्रोफेसर्स पर भी अच्छे नंबर देने का दबाव रहता है ताकि खराब फीडबैक से बच सकें। जब बिना मेहनत ही एआई से ‘ए’ ग्रेड मिल रहा है, तो छात्रों में सीखने की प्रेरणा लगभग खत्म हो चुकी है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
विवाद खड़े करना नेटफ्लिक्स की नई स्ट्रेटजी!:लॉक-अप में बैक-टु-बैक जारी विवाद, राम कपूर ने पार्टनर को धोखा देने की पैरवी की, सुनीता-आकांक्षा भी विवादित बयानों पर टिकीं

Hindi News Entertainment Bollywood Netflix Show Lock Up Making Headlines Due To Controversy Not Concept, Ram Kapoor Now Justify Cheating Partner After Akanksha Chamola And Sunita Ahuja Controversy 5 मिनट पहले कॉपी लिंक नेटफ्लिक्स का शो लॉक-अप लगातार सुर्खियों में है। शो में लगातार कंटेस्टेंट्स से जुड़ी कंट्रोवर्सी को हाईलाइट किया जा रहा है। कभी शो में गौरव खन्ना की पत्नी आकांक्षा ने अचानक तलाक की अनाउंसमेंट की, तो कभी गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा घरेलू विवाद पर बात करती दिखीं। अब शो में राम कपूर के पार्टनर को चीट करने के बयान पर विवाद हो गया है, जिस पर को-कंटेस्टेंट्स भी भड़क गए हैं। इन विवादों से नेटफ्लिक्स पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या नेटफ्लिक्स ऑडियंस बटोरने के लिए इन विवादों का सहारा ले रहा है। क्या है राम कपूर का विवादित बयान? राम कपूर ने हाल ही में शो में कहा है कि अगर पति-पत्नी के बीच सच्चा प्यार हो तो धोखा देने के बाद भी रिश्ता खत्म नहीं होता। ये बयान उन्होंने को-कंटेस्टेंट श्रेया कालरा के उस सवाल पर दिया, जिसमें उन्होंने पूछा कि ‘अगर आपका पार्टनर चीट करे, तो क्या आप रिश्ता खत्म करेंगे’? इस पर राम ने कहा- आप कनेक्शन फिर ढूंढिए। अगर आप प्यार करते हैं तो रिश्ता खत्म नहीं होता। शादी मुश्किल सफर है। हमें शादी पर रोज काम करना होता है। 20-25 साल की शादी में आपको उतार-चढ़ाव देखने पड़ते हैं। बुरे समय में अगर गलती से किसी एक से कुछ हो जाए, अगर आप उनके बगैर नहीं जी सकते और अपने बच्चों के बगैर नहीं जी सकते, तो समय के साथ चीजें सुधर जाती हैं। कभी-कभी ये गलती से हो जाता है। राम कपूर के बयान से को-कंटेस्टेंट आकांक्षा चमोला भड़क गईं। उन्होंने पलटवार कर कहा, ‘नहीं, ये चीजें गलती से नहीं होतीं। आप फिजिकली इंटिमेट हो रहे हो किसी से तो ये एक प्रोसेस है। आप अपने कपड़े उतारते हैं, दूसरे के कपड़े उतारते हैं और फिर वो करते हैं। आप इसे गलती नहीं कह सकते।’ आकांक्षा के विरोध के बावजूद राम कपूर धोखा देने की बात को जस्टिफाई करते रहे। विवादों पर टिका है नेटफ्लिक्स का शो लॉक अप ये शो 27 जून से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम किया जा रहा है। शो शुरुआत से ही कॉन्सेप्ट कम और विवादों से सुर्खियों में है। शो के प्रीमियर में ही आकांक्षा चमोला ने गौरव खन्ना से तलाक अनाउंस कर दिया, जिसे कई यूजर्स ने फेक कहा। वहीं शो में स्प्लिट्सविला के विवादित कंटेस्टेंट्स आकांक्षा रावत और योगेश रावत को लाया गया है, जिन पर कंटेस्टेंट श्रेया कालरा आपत्तिजनक कमेंट कर चुकी हैं। दोनों का इससे पहले एक पॉडकास्ट के चलते भी झगड़ा हो चुका है। तलाक की सुर्खियों और गोविंदा के एक्स्ट्रा मैरिटल का दावा कर चुकीं सुनीता भी शो का हिस्सा हैं, जिन्होंने हाल ही में भांजे कृष्णा अभिषेक और कश्मीरा से हुए विवाद पर बात की है। कंटेस्टेंटस की सेक्शुएलिटी पर उठाए जा रहे हैं सवाल शो से जुड़े क्लिप लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें कंटेस्टेंट्स एक-दूसरे की सेक्शुएलिटी पर सवाल उठाते दिखे हैं। इन्फ्लूएंसर श्रेया कालरा ने हाल ही में सूफी मोतीवाला के सामने दावा किया है कि आकांक्षा चमोला बायसेक्शुअल हैं। वहीं सूफी ने भी कहा है कि को-कंटेस्टेंट वरुण (लैला) उनसे बड़े गे हैं। इस क्लिप में राम कपूर, वरुण को किस करते भी दिखे। सवालों में नेटफ्लिक्स की स्ट्रेटजी आमतौर पर ऐसे रियलिटी शोज में खाने और टास्क पर झगड़े होते हैं, लेकिन इससे इतर नेटफ्लिक्स के नए रियलिटी शो में लगातार विवादों और झगड़ों को ही हाईलाइट किया जा रहा है। शो में भाषा, गाली-गलौज और आपत्तिजनक शब्दों पर भी कोई सेंसर नहीं है। ऐसे में सवाल ये उठ रहा है कि दुनिया भर की बड़ी फिल्में और सीरीज स्ट्रीम करने वाले नेटफ्लिक्स को भारत में सर्वाइव करने और व्यूज बटोरने के लिए विवादों की जरुरत क्यों पड़ रही है। इंडियाज गॉट लेटेंट 2 लाने पर भी नेटफ्लिक्स पर सवाल उठे सिर्फ लॉक अप ही नहीं बल्कि नेटफ्लिक्स पर समय रैना का शो इंडियाज गॉट लेटेंट 2 भी स्ट्रीम किया जा रहा है, जिसका पिछला सीजन काफी विवादों में था। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने नेटफ्लिक्स जैसे बड़े OTT प्लेटफॉर्म में ऐसा कंटेंट आने पर आपत्ति भी जताई है। इनमें शिव सेना नेता प्रियंका चुतर्वेदी भी शामिल हैं। उन्होंने हाल ही में एक पोस्ट शेयर कर कहा कि समय रैना जैसे विवादित शख्स के आपत्तिजनक जोक्स को अब नेटफ्लिक्स जैसे प्लेटफॉर्म का सहारा मिल रहा है। नेटफ्लिक्स ने भारतीयों की नब्ज पकड़ने में देर की- धीरज मिश्रा, राइटर लेखक धीरज मिश्रा का मानना है कि नेटफ्लिक्स आम भारतीय दर्शकों की नब्ज पकड़ने में देर कर गया। दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, शुरुआती दौर में प्लेटफॉर्म के शो तकनीकी रूप से मजबूत थे और महानगरों के दर्शकों को पसंद आए, लेकिन बड़े दर्शक वर्ग से उनका जुड़ाव सीमित रहा। धीरज मिश्रा कहते हैं कि इसी दौरान दूसरे ओटीटी प्लेटफॉर्म ऐसे शो और फिल्में लेकर आए जिनकी कहानियां और किरदार आम भारतीय दर्शकों के ज्यादा करीब थे। इसी वजह से उन्होंने तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर ली। नेटफ्लिक्स का कंटेंट विजन साफ नहीं- विवेक शर्मा, डायरेक्टर नेटफ्लिक्स की चुनौतियों को सिर्फ कमजोर प्रोजेक्ट्स तक सीमित नहीं देखा जा सकता। सवाल यह भी है कि क्या प्लेटफॉर्म के पास भारतीय बाजार के लिए स्पष्ट कंटेंट विजन है। दैनिक भास्कर से बातचीत में डायरेक्टर विवेक शर्मा ने कहा है कि सबसे बड़ी समस्या यही है। कई बार फैसले रचनात्मकता के बजाय रिश्तों, लॉबी और स्थापित समूहों के प्रभाव में लिए जाते हैं। एक ही बैनर या प्रोडक्शन हाउस को बार-बार बड़े प्रोजेक्ट मिलते हैं, जबकि नए लोगों और नए विचारों को पर्याप्त अवसर नहीं मिलते। उनके मुताबिक नेटफ्लिक्स को गंभीर आत्ममंथन की जरूरत है। उसे तय करना होगा कि वह सिर्फ बड़े नामों का प्लेटफॉर्म बनना चाहता है या नई प्रतिभाओं और नई कहानियों का मंच भी। ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन मानते हैं कि नेटफ्लिक्स की शुरुआती पोजिशनिंग भी उसकी सीमाओं का कारण बनी। शुरुआत से उसने खुद को प्रीमियम प्लेटफॉर्म के रूप में पेश किया। उसकी कीमत दूसरे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स से ज्यादा रही, जबकि भारत प्राइस-सेंसिटिव मार्केट
24K Gold Falls ₹1852 to ₹1.40 Lakh, Silver Down ₹4070

Hindi News Business Gold Price Drop: 24K Gold Falls ₹1852 To ₹1.40 Lakh, Silver Down ₹4070 नई दिल्ली17 मिनट पहले कॉपी लिंक सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 1 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 1 किलो चांदी आज चांदी 4,070 रुपए घटकर 2.21 लाख रुपए पर आ गई है। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोना आज 1,852 रुपए गिरकर 1.40 लाख रुपए आ गया है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत कैरेट भाव (रुपए/10 ग्राम) 24 ₹13,94,34 22 ₹1,27,722 18 ₹1,04,576 14 ₹81,569 देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत शहर 10 ग्राम 24 कैरेट दिल्ली ₹1,40,930 मुंबई ₹1,40,780 कोलकाता ₹1,40,780 जयपुर ₹1,40,930 भोपाल ₹1,40,830 पटना ₹1,40,830 लखनऊ ₹1,40,930 रायपुर ₹1,40,780 अहमदाबाद ₹1,40,830 सोर्स: goodreturns 1 जुलाई 2026 चांदी इस साल 1.65 लाख रुपए गिरी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 36 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए तक पहुंच गई थी। यह चांदी के अब तक की सबसे ज्यादा दाम थे। तब से अब तक 153 दिन में चांदी 1.65 लाख रुपए सस्ती हो गई है। सोना 153 दिन में ₹36 हजार और चांदी ₹1.65 लाख सस्ती तारीख सोने की कीमत चांदी की कीमत 29 जनवरी ₹1,76,121 ₹3,85,933 31 जनवरी ₹1,65,795 ₹3,39,350 28 फरवरी ₹1,50,997 ₹2,66,700 31 मार्च ₹1,46,733 ₹2,30,135 30 अप्रैल ₹1,50,263 ₹2,40,331 31 मई ₹1,56,463 ₹2,63,350 30 जून ₹1,41,286 ₹2,25,425 1 जुलाई ₹13,94,34 ₹2,21,355 नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA सोने-चांदी के दाम में गिरावट की वजह मजबूत अमेरिकी डॉलर: फेडरल रिजर्व के संकेतों के बाद वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतें गिरती हैं। मुनाफावसूली: पिछले कुछ समय पहले सोने और चांदी की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी थीं। दामों में इतनी बड़ी तेजी आने के बाद बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली की, जिससे कीमतों में अचानक तेज गिरावट आई। ईटीएफ में बिकवाली: सुरक्षित निवेश का आकर्षण कम होने से गोल्ड-सिल्वर ETFs में भारी बिकवाली देखी गई। आज सिल्वर ईटीएफ में 6% और गोल्ड ईटीएफ में 3% की गिरावट है, जिसने घरेलू बाजार के भाव को नीचे खींचा है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
विवाद खड़े करना नेटफ्लिक्स की नई स्ट्रेटजी!:लॉक-अप में बैक-टु-बैक जारी विवाद, राम कपूर ने पार्टनर को धोखा देने की पैरवी की, सुनीता-आकांक्षा भी विवादित बयानों पर टिकीं

Hindi News Entertainment Bollywood Netflix Show Lock Up Making Headlines Due To Controversy Not Concept, Ram Kapoor Now Justify Cheating Partner After Akanksha Chamola And Sunita Ahuja Controversy 21 मिनट पहले कॉपी लिंक नेटफ्लिक्स का शो लॉक-अप लगातार सुर्खियों में है। शो में लगातार कंटेस्टेंट्स से जुड़ी कंट्रोवर्सी को हाईलाइट किया जा रहा है। कभी शो में गौरव खन्ना की पत्नी आकांक्षा ने अचानक तलाक की अनाउंसमेंट की, तो कभी गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा घरेलू विवाद पर बात करती दिखीं। अब शो में राम कपूर के पार्टनर को चीट करने के बयान पर विवाद हो गया है, जिस पर को-कंटेस्टेंट्स भी भड़क गए हैं। इन विवादों से नेटफ्लिक्स पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या नेटफ्लिक्स ऑडियंस बटोरने के लिए इन विवादों का सहारा ले रहा है। क्या है राम कपूर का विवादित बयान? राम कपूर ने हाल ही में शो में कहा है कि अगर पति-पत्नी के बीच सच्चा प्यार हो तो धोखा देने के बाद भी रिश्ता खत्म नहीं होता। ये बयान उन्होंने को-कंटेस्टेंट श्रेया कालरा के उस सवाल पर दिया, जिसमें उन्होंने पूछा कि ‘अगर आपका पार्टनर चीट करे, तो क्या आप रिश्ता खत्म करेंगे’? इस पर राम ने कहा- आप कनेक्शन फिर ढूंढिए। अगर आप प्यार करते हैं तो रिश्ता खत्म नहीं होता। शादी मुश्किल सफर है। हमें शादी पर रोज काम करना होता है। 20-25 साल की शादी में आपको उतार-चढ़ाव देखने पड़ते हैं। बुरे समय में अगर गलती से किसी एक से कुछ हो जाए, अगर आप उनके बगैर नहीं जी सकते और अपने बच्चों के बगैर नहीं जी सकते, तो समय के साथ चीजें सुधर जाती हैं। कभी-कभी ये गलती से हो जाता है। राम कपूर के बयान से को-कंटेस्टेंट आकांक्षा चमोला भड़क गईं। उन्होंने पलटवार कर कहा, ‘नहीं, ये चीजें गलती से नहीं होतीं। आप फिजिकली इंटिमेट हो रहे हो किसी से तो ये एक प्रोसेस है। आप अपने कपड़े उतारते हैं, दूसरे के कपड़े उतारते हैं और फिर वो करते हैं। आप इसे गलती नहीं कह सकते।’ आकांक्षा के विरोध के बावजूद राम कपूर धोखा देने की बात को जस्टिफाई करते रहे। विवादों पर टिका है नेटफ्लिक्स का शो लॉक अप ये शो 27 जून से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम किया जा रहा है। शो शुरुआत से ही कॉन्सेप्ट कम और विवादों से सुर्खियों में है। शो के प्रीमियर में ही आकांक्षा चमोला ने गौरव खन्ना से तलाक अनाउंस कर दिया, जिसे कई यूजर्स ने फेक कहा। वहीं शो में स्प्लिट्सविला के विवादित कंटेस्टेंट्स आकांक्षा रावत और योगेश रावत को लाया गया है, जिन पर कंटेस्टेंट श्रेया कालरा आपत्तिजनक कमेंट कर चुकी हैं। दोनों का इससे पहले एक पॉडकास्ट के चलते भी झगड़ा हो चुका है। तलाक की सुर्खियों और गोविंदा के एक्स्ट्रा मैरिटल का दावा कर चुकीं सुनीता भी शो का हिस्सा हैं, जिन्होंने हाल ही में भांजे कृष्णा अभिषेक और कश्मीरा से हुए विवाद पर बात की है। कंटेस्टेंटस की सेक्शुएलिटी पर उठाए जा रहे हैं सवाल शो से जुड़े क्लिप लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें कंटेस्टेंट्स एक-दूसरे की सेक्शुएलिटी पर सवाल उठाते दिखे हैं। इन्फ्लूएंसर श्रेया कालरा ने हाल ही में सूफी मोतीवाला के सामने दावा किया है कि आकांक्षा चमोला बायसेक्शुअल हैं। वहीं सूफी ने भी कहा है कि को-कंटेस्टेंट वरुण (लैला) उनसे बड़े गे हैं। इस क्लिप में राम कपूर, वरुण को किस करते भी दिखे। सवालों में नेटफ्लिक्स की स्ट्रेटजी आमतौर पर ऐसे रियलिटी शोज में खाने और टास्क पर झगड़े होते हैं, लेकिन इससे इतर नेटफ्लिक्स के नए रियलिटी शो में लगातार विवादों और झगड़ों को ही हाईलाइट किया जा रहा है। शो में भाषा, गाली-गलौज और आपत्तिजनक शब्दों पर भी कोई सेंसर नहीं है। ऐसे में सवाल ये उठ रहा है कि दुनिया भर की बड़ी फिल्में और सीरीज स्ट्रीम करने वाले नेटफ्लिक्स को भारत में सर्वाइव करने और व्यूज बटोरने के लिए विवादों की जरुरत क्यों पड़ रही है। इंडियाज गॉट लेटेंट 2 लाने पर भी नेटफ्लिक्स पर सवाल उठे सिर्फ लॉक अप ही नहीं बल्कि नेटफ्लिक्स पर समय रैना का शो इंडियाज गॉट लेटेंट 2 भी स्ट्रीम किया जा रहा है, जिसका पिछला सीजन काफी विवादों में था। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने नेटफ्लिक्स जैसे बड़े OTT प्लेटफॉर्म में ऐसा कंटेंट आने पर आपत्ति भी जताई है। इनमें शिव सेना नेता प्रियंका चुतर्वेदी भी शामिल हैं। उन्होंने हाल ही में एक पोस्ट शेयर कर कहा कि समय रैना जैसे विवादित शख्स के आपत्तिजनक जोक्स को अब नेटफ्लिक्स जैसे प्लेटफॉर्म का सहारा मिल रहा है। नेटफ्लिक्स ने भारतीयों की नब्ज पकड़ने में देर की- धीरज मिश्रा, राइटर लेखक धीरज मिश्रा का मानना है कि नेटफ्लिक्स आम भारतीय दर्शकों की नब्ज पकड़ने में देर कर गया। दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, शुरुआती दौर में प्लेटफॉर्म के शो तकनीकी रूप से मजबूत थे और महानगरों के दर्शकों को पसंद आए, लेकिन बड़े दर्शक वर्ग से उनका जुड़ाव सीमित रहा। धीरज मिश्रा कहते हैं कि इसी दौरान दूसरे ओटीटी प्लेटफॉर्म ऐसे शो और फिल्में लेकर आए जिनकी कहानियां और किरदार आम भारतीय दर्शकों के ज्यादा करीब थे। इसी वजह से उन्होंने तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर ली। नेटफ्लिक्स का कंटेंट विजन साफ नहीं- विवेक शर्मा, डायरेक्टर नेटफ्लिक्स की चुनौतियों को सिर्फ कमजोर प्रोजेक्ट्स तक सीमित नहीं देखा जा सकता। सवाल यह भी है कि क्या प्लेटफॉर्म के पास भारतीय बाजार के लिए स्पष्ट कंटेंट विजन है। दैनिक भास्कर से बातचीत में डायरेक्टर विवेक शर्मा ने कहा है कि सबसे बड़ी समस्या यही है। कई बार फैसले रचनात्मकता के बजाय रिश्तों, लॉबी और स्थापित समूहों के प्रभाव में लिए जाते हैं। एक ही बैनर या प्रोडक्शन हाउस को बार-बार बड़े प्रोजेक्ट मिलते हैं, जबकि नए लोगों और नए विचारों को पर्याप्त अवसर नहीं मिलते। उनके मुताबिक नेटफ्लिक्स को गंभीर आत्ममंथन की जरूरत है। उसे तय करना होगा कि वह सिर्फ बड़े नामों का प्लेटफॉर्म बनना चाहता है या नई प्रतिभाओं और नई कहानियों का मंच भी। ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन मानते हैं कि नेटफ्लिक्स की शुरुआती पोजिशनिंग भी उसकी सीमाओं का कारण बनी। शुरुआत से उसने खुद को प्रीमियम प्लेटफॉर्म के रूप में पेश किया। उसकी कीमत दूसरे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स से ज्यादा रही, जबकि भारत प्राइस-सेंसिटिव मार्केट
24K Gold Falls ₹1852 to ₹1.40 Lakh, Silver Down ₹4070

Hindi News Business Gold Price Drop: 24K Gold Falls ₹1852 To ₹1.40 Lakh, Silver Down ₹4070 नई दिल्ली34 मिनट पहले कॉपी लिंक सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 1 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 1 किलो चांदी आज चांदी 4,070 रुपए घटकर 2.21 लाख रुपए पर आ गई है। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोना आज 1,852 रुपए गिरकर 1.40 लाख रुपए आ गया है। चांदी इस साल 1.65 लाख रुपए गिरी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 36 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए तक पहुंच गई थी। यह चांदी के अब तक की सबसे ज्यादा दाम थे। तब से अब तक 153 दिन में चांदी 1.65 लाख रुपए सस्ती हो गई है। सोने-चांदी के दाम में गिरावट की वजह मजबूत अमेरिकी डॉलर: फेडरल रिजर्व के संकेतों के बाद वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतें गिरती हैं। मुनाफावसूली: पिछले कुछ समय पहले सोने और चांदी की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी थीं। दामों में इतनी बड़ी तेजी आने के बाद बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली की, जिससे कीमतों में अचानक तेज गिरावट आई। ईटीएफ में बिकवाली: सुरक्षित निवेश का आकर्षण कम होने से गोल्ड-सिल्वर ETFs में भारी बिकवाली देखी गई। आज सिल्वर ईटीएफ में 6% और गोल्ड ईटीएफ में 3% की गिरावट है, जिसने घरेलू बाजार के भाव को नीचे खींचा है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
India Pakistan Friendship Relation; Narendra Modi Shehbaz Sharif

Hindi News National India Pakistan Friendship Relation; Narendra Modi Shehbaz Sharif | CPP Peace Appeal नई दिल्ली/इस्लामाबाद7 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत और पाकिस्तान के 117 नेताओं, पूर्व अधिकारियों और सामाजिक हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को खुली चिट्ठी लिखी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चिट्ठी में दोनों देशों के रिश्ते सुधारने की अपील की गई है। भारत की ओर से फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, मिर्वाइज उमर फारूक और आरजेडी सांसद मनोज झा समेत 61 लोगों ने इस चिट्ठी पर हस्ताक्षर किए हैं। पाकिस्तान की ओर से पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी समेत 56 लोगों ने इसका समर्थन किया है। चिट्ठी में दोनों प्रधानमंत्रियों से कहा गया है कि टकराव नहीं, बातचीत का रास्ता चुनिए, ताकि दक्षिण एशिया में शांति और विकास का माहौल बन सके। लगातार तनाव से दोनों देशों के आम लोगों और खासकर युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। खबर लगातार अपडेट की जा रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
माफी मांगने के लिए पैरों पर गिर गई थीं कश्मीरा:सुनीता आहूजा सुलह पर बोलीं- रो-रोकर माफी मांगी, कृष्णा बोले- हमारे बारे में बातें हो रही हैं

इन दिनों रियलिटी शो लॉक अप में नजर आ रहीं गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने कृष्णा अभिषेक और कश्मीरा शाह से हुई सुलह पर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि कश्मीर शाह ने उनके पैरों पर गिरकर माफी माफी मांगी थी, जिसके बाद उनका 15 साल पुराना झगड़ा खत्म हुआ है। इस पर कृष्णा अभिषेक और कश्मीरा का रिएक्शन भी सामने आया है। लॉक अप शो में सुनीता आहूजा ने भांजे कृष्णा से पैच-अप होने पर को-कंटेस्टेंट माधुरी से कहा, ‘लाफ्टर शो में उनके राइटर ने जो लिखकर दिया, मैंने वही कहा। शो में मेरा और कृष्णा का 15 साल बाद पैच-अप हुआ। उसके बच्चे 9 साल के हो गए, मैंने देखे नहीं थे, जबकि मैंने उसको (कृष्णा) पाल-पोसकर बड़ा किया है।’ आगे सुनीता ने कहा, ‘कश्मीरा एक अच्छी लड़की है। पैर पर गिरकर रो-रोकर माफी मांगी है। मैं भी रोने लगी। 14 साल बाद मैं उन्हें देख रही थी। कश्मीरा मेरे पैरों पर थी और बोल रही थी मुझे माफ कर दीजिए, मुझसे गलती हो गई।’ सुनीता का बयान आने के बाद लाफ्टर शो के सेट पर कृष्णा अभिषेक और कश्मीरा से पूछा गया था कि क्या वो लॉक-अप शो देख रहे हैं। इस पर उन्होंने कहा, ‘लॉक-अप देखा, बहुत अच्छा शो है, मामी बहुत बढ़िया कर रही हैं। हमारे बारे में भी बात की। होता ही है, अभी देखो न, मैं शो में मामा-मामी (गोविंदा- सुनीता) के बारे में बात करता ही हूं। वो वहां हमारे बारे में बात कर रही हैं।’ लाफ्टर शो में हुई सुलह, पैरों पर गिरे थे कृष्णा अभिषेक अप्रैल में सुनीता आहूजा, सेलिब्रिटी कुकिंग शो लाफ्टर शेफ के सेट पर पहुंचीं, जहां उन्होंने कृष्णा अभिषेक-कश्मीरा शाह से चल रहे सालों पुराने झगड़े पर विराम लगा दिया। इस दौरान कृष्णा अभिषेक उन्हें दंडवत प्रणाम करते दिखे। कश्मीर के बयान के शुरू हुआ था विवाद, जानिए क्या था पूरा मामला? बीते कई सालों से गोविंदा-सुनीता और कृष्णा-कश्मीरा के बीच मनमुटाव था। हालांकि 2018 में कश्मीरा के एक बयान से ये विवाद सार्वजनिक हो गया। 2018 में गोविंदा का एक शादी में डांस करते हुए वीडियो वायरल हुआ था। इस पर बिना नाम लिए कश्मीरा शाह ने लिखा था, कुछ एक्टर्स चंद रुपए के लिए शादियों में नाचते हैं। सुनीता ने कश्मीरा को कहा था ‘खराब बहू’ कश्मीरा का बयान सामने आने के बाद सुनीता ने एक इंटरव्यू में कहा, मैं बुरी चीजों पर रिप्लाई नहीं करना चाहती लेकिन मां की तरह देखभाल करने के बावजूद ये लोग इतना खराब बिहेव कर रहे हैं। घर में परेशानियां तब शुरू हुईं जब हम खराब बहू लेकर आए। मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहती। मेरे पास लाइफ में करने के लिए बहुत काम हैं। मैं अपने पति गोविंदा का काम संभालती हूं। मुझे ऐसी वाहियात चीजों में नहीं पड़ना। कुछ समय बाद कश्मीरा ने गोविंदा और सुनीता को लेकर कहा था कि वो दोनों उनकी लाइफ में पिछले पांच साल से एग्जिस्ट ही नहीं करते। कश्मीरा ने ये भी कहा कि वो एक्टर की पत्नी के तौर पर नहीं पहचानी जाती हैं बल्कि उन्होंने अपने दम पर अपना मुकाम हासिल किया है। ये सुनीता कौन है? इसी बीच जब गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता ‘द कपिल शर्मा शो’ में मेहमान बने तो कृष्णा उस एपिसोड की शूटिंग में नहीं पहुंचे। इसके बाद बात इतनी बढ़ गई कि सुनीता ने कह दिया कि वो दोबारा कृष्णा की कभी शक्ल नहीं देखना चाहती हैं।








