Wednesday, 26 Aug 2026 | 04:10 PM

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सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा आज से,12 लाख कैंडिडेट शामिल होंगे:एक घंटे पहले तक मिलेगी एंट्री, 27 जिलों में बनाए 1221 सेंटर

सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा आज से,12 लाख कैंडिडेट शामिल होंगे:एक घंटे पहले तक मिलेगी एंट्री, 27 जिलों में बनाए 1221 सेंटर

राजस्थान में रविवार (12 जुलाई) से सीनियर टीचर भर्ती एग्जाम शुरू हो रहा है। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने 27 जिलों में 1221 सेंटर हैं। पहले दिन (आज) 2 पारियों में पेपर होगा। पहली पारी में सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक सामान्य ज्ञान (GK) और दूसरी पारी में दोपहर 3 से शाम 5:30 बजे तक सोशल साइंस की परीक्षा होगी। अभ्यर्थियों को एग्जाम शुरू होने के एक घंटे पहले तक ही एंट्री दी जाएगी। परीक्षा के लिए 12 लाख 30 हजार से ज्यादा कैंडिडेट्स रजिस्टर्ड हैं। यह भर्ती कुल 9,651 पदों पर की जाएगी। यह इस साल होने वाली बड़ी परीक्षाओं में से एक है। सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा में सबसे कम पोस्ट गुजराती में और मैथ्स में सबसे ज्यादा पद हैं। एग्जाम को चार वर्गों (ग्रुप्स) में बांटा गया है, जो 12 से 18 जुलाई 2026 तक होंगे। पहले 6,500, फिर 10,537 और अब 9,651 पदों पर भर्ती भर्ती का विज्ञापन (संख्या 07/2025-26) 17 जुलाई 2025 को 10 विषयों के कुल 6,500 पदों के लिए जारी किया गया था। बाद में माध्यमिक शिक्षा विभाग से मिले प्रस्ताव के अनुसार पदों की संख्या को बढ़ाकर पहले 10,537 किया गया था। बाद में नियमों के अनुसार इसे दोबारा संशोधित करते हुए कुल 9,651 पद कर दिया गया, जिन पर अब यह परीक्षा ली जा रही है। ओरिजिनल आधार कार्ड लेकर आना होगा कैंडिडेट्स को एग्जाम सेंटर पर ओरिजिनल आधार कार्ड लेकर आना होगा। यदि मूल आधार कार्ड पर फोटो पुरानी अथवा अस्पष्ट है, तो अन्य फोटो युक्त पहचान-पत्र (जैसे वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस) जिसमें नई और स्पष्ट कलर फोटो हो, उसे लेकर एग्जाम सेंटर पर जा सकेंगे। इसके साथ ही कैंडिडेट्स को प्रवेश-पत्र पर भी अपना नया रंगीन फोटो लगाना होगा। दलालों और ठगों से रहें सावधान: RPSC की अपील 1. किसी के बहकावे में न आएं RPSC ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा पास कराने का दावा करने वाले किसी भी दलाल, बिचौलिए (मीडिएटर) या ठग के झांसे में न आएं। 2. पैसे मांगने पर तुरंत यहां शिकायत करें अगर कोई भी व्यक्ति आपसे परीक्षा पास कराने के नाम पर पैसे (रिश्वत) मांगता है या कोई लालच देता है, तो सबूत के साथ तुरंत पुलिस, जांच एजेंसी या आयोग के कंट्रोल रूम नंबरों पर शिकायत करें, कंट्रोल रूम नंबर: 0145-2635200, 2635212 और 2635255 3. नकल या गड़बड़ी की तो भुगतनी होगी कड़ी सजा अगर कोई भी अभ्यर्थी परीक्षा में नकल करते हुए या किसी भी तरह की गड़बड़ी में शामिल पाया गया, तो नए कानून (राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2022) के तहत बहुत सख्त कार्रवाई होगी। आरोपी को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा हो सकती है। 10 करोड़ रुपए तक का जुर्माना लग सकता है। आरोपी की घर-जमीन (चल-अचल संपत्ति) जब्त की जा सकती है।

'चौधरी साहब,आ गया स्टेज पे'….जैस्मिन सैंडलास ने मंगेतर इंट्रोड्यूस कराया:गुरुग्राम में कॉन्सर्ट में दौड़कर गले लगाया; बिजनेसमैन संग सगाई का ऐलान

'चौधरी साहब,आ गया स्टेज पे'....जैस्मिन सैंडलास ने मंगेतर इंट्रोड्यूस कराया:गुरुग्राम में कॉन्सर्ट में दौड़कर गले लगाया; बिजनेसमैन संग सगाई का ऐलान

गुरुग्राम से सटे कन्वेंशन सेंटर ‘यशोभूमि’ में शनिवार रात पंजाबी सिंगर जैस्मिन सैंडलास ने मंगेतर शेखर चौधरी को फैंस से इंट्रोड्यूस कराया। जैस्मिन शेखर का हाथ पकड़कर उन्हें स्टेज पर लेकर आई। इसके बाद फैंस को सगाई की अंगूठी दिखाकर कहा- तू आई गया स्टेज तै, चौधरी साहब। दिस इज माई मैन एवरीबडी…। लाइव कॉन्सर्ट में जैस्मिन ने शेखर को दौड़कर गले लगाया। दोनों ने उनके फेमस सॉन्ग ‘सोनिये तू लेंदा मेरा नाम’ पर कपल डांस किया। इसके बाद शेखर ने हाथ जोड़कर फैंस का अभिवादन किया। इस लाइव कॉन्सर्ट में जैस्मिन ने ‘इल्लीगल वेपन’, ‘सिप सिप’ और फिल्म मुंज्या का हालिया सुपरहिट ट्रैक ‘तरस’ गाया। जैस्मिन के हर एक लिरिक्स पर फैंस ने भी जमकर डांस किया। शेखर के सामने आते ही मोबाइल टॉर्च जलाकर उनका स्वागत किया। शेखर पेशे से एक बिजनेसमैन हैं। वहीं, जैस्मिन सैंडलास अभी ‘द ड्रीम गर्ल इंडिया टूर 2026’ कर रही है। इस टूर में जैस्मिन दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु और चंडीगढ़ जैसे शहरों में कॉन्सर्ट आयोजित कर रही हैं। कॉन्सर्ट में पहले जैस्मिन की परफॉर्मेंस, फिर शेखर को इंट्रोट्यूस कराया ‘यार ना मिले’ से परफॉर्मेंस की शुरुआत द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर (यशोभूमि) में शनिवार रात पंजाबी सिंगर जैस्मिन सैंडलास का कॉन्सर्ट हुआ। कॉन्सर्ट की शुरुआत जैस्मिन ने अपने सिग्नेचर स्वैग (हाथ उठाकर) पर एंट्री की, पूरा कंवेंशन सेंटर तालियों और हूटिंग से गूंज उठा। उन्होंने अपने ब्लॉकबस्टर गाने ‘यार ना मिले’ से परफॉर्मेंस की। ‘इल्लीगल वेपन’ पर झूमी भीड़ इसके बाद उन्होंने ‘इल्लीगल वेपन’, ‘सिप सिप’ और फिल्म मुंज्या का हालिया सुपरहिट ट्रैक ‘तरस’ पर परफॉर्म किया। इल्लीगल वेपन सॉन्ग पर फैंस ने भी जमकर डांस किया। जैस्मिन भी सिंगिंग के साथ अन्य स्टेज परफॉर्मर्स के साथ डांस करने लगी। बीच कॉन्सर्ट में मंगेतर शेखर चौधरी की एंट्री कॉन्सर्ट के बीच जैस्मिन ने अचानक गाना रोक दिया। इस बीच ही उनके मंगेतर शेखर की स्टेज पर एंट्री हुई। उन्होंने कहा- उनके जीवन का यह नया अध्याय फैंस के बिना अधूरा है। इसके तुरंत बाद, उन्होंने मंच पर शेखर चौधरी का स्वागत किया। जैसे ही शेखर स्टेज पर आए, जैस्मिन ने दौड़कर उन्हें गले लगाया। अंगूठी दिखाकर सगाई की घोषणा की। जैस्मिन बोलीं- ये मेरा ड्रीम टूर जैस्मिन ने कहा, “यह मेरा ड्रीम टूर है, इस सफर को अपने जीवनसाथी और आप सभी (फैंस) के साथ साझा करने से बेहतर अहसास कुछ नहीं हो सकता।” मंच पर दोनों की केमिस्ट्री नजर आई। फैंस ने स्वागत में खड़े होकर और मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर इनका अभिवादन किया। अब पढ़िए जैस्मिन का सिंगर बनने का पूरा सफर… —————- यह खबर भी पढ़ें… विराट कोहली ने औजला के सॉन्ग पर डांस किया,VIDEO:गुरुग्राम में स्टेज पर बैठकर गाने भी सुने; क्रिकेटर ने अपना ब्रांड लॉन्च किया गुरुग्राम में क्रिकेटर विराट कोहली ने अपना ब्रांड ‘One8’ लॉन्च किया। इसके लिए रविवार रात द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर (यशोभूमि) में इवेंट रखा गया। इसमें मशहूर पंजाबी सिंगर करन औजला भी पहुंचे। (पूरी खबर पढ़ें)

अमेरिका ने ईरान पर एयरस्ट्राइक की:न्यूक्लियर सिटी बुशहर को निशाना बनाया; ईरान की जवाबी कार्रवाई की धमकी, होर्मुज बंद का ऐलान

अमेरिका ने ईरान पर एयरस्ट्राइक की:न्यूक्लियर सिटी बुशहर को निशाना बनाया; ईरान की जवाबी कार्रवाई की धमकी, होर्मुज बंद का ऐलान

अमेरिका ने शनिवार देर रात ईरान पर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, न्यूक्लियर सिटी बुशहर समेत असालुयेह, बंदर-ए-देयर, जास्क और चाबहार के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरानी मीडिया ने इन इलाकों में धमाकों की पुष्टि की है। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट में साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज पर हमले के जवाब में की गई। CENTCOM के मुताबिक, हमले में जहाज में आग लग गई, इंजन क्षतिग्रस्त हुआ और चालक दल का एक सदस्य लापता है। वहीं, ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। विदेश मंत्रालय के सलाहकार अली सफारी ने कहा कि अमेरिकी हमलों का जवाब दिया जाएगा। साथ ही ईरान ने ऐलान किया कि अमेरिकी दखल खत्म होने तक होर्मुज स्ट्रेट बंद रहेगा। मिडिल ईस्ट के हालात से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लाग से गुजर जाइए…

Jasmine Sandlas Stage Confession for Chaudhary Sahib latest update

Jasmine Sandlas Stage Confession for Chaudhary Sahib latest update

स्टेज दौड़कर गले लगीं जैस्मीन सैंडलस, फिर मंगेतर ने बाहों में उठाया। पंजाबी सिंगर जैस्मीन सैंडलस के ‘द ड्रीम गर्ल इंडिया टूर’ के पहले कॉन्सर्ट के दौरान एक ऐसा पल सामने आया, जिसने हजारों फैंस को हैरान कर दिया। लाइव परफॉर्मेंस के बीच जैस्मिन ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक करते हुए स्टेज पर एक शख्स को बुलाया और बताया कि वही . कॉन्सर्ट अपने पूरे रंग में था और फैंस जैस्मिन के गानों पर झूम रहे थे। इसी दौरान अचानक म्यूजिक धीमा हो गया। जैस्मिन ने एक शख्स का हाथ पकड़कर उन्हें स्टेज पर बुलाया और कहा- आई हैव अ लिटिल सीक्रेट… आई हैव अ लिटिल, मैसिव सीक्रेट। यानी मेरे पास एक छोटा सा राज है… मेरे पास एक बहुत बड़ा राज है। इसके बाद उन्होंने फैंस से उत्साह के साथ कहा- कैन यू से शेखर? कैन यू से शेखर? कैन यू से चौधरी साहब?” इस दौरान पूरा स्टेडियम तालियों और हूटिंग से गूंज उठा। इसके बाद जैस्मिन ने अपने रिश्ते का खुलासा करते हुए कहा- मैं बुला लिया स्टेज पे… दिस इज अ मैन हू पुट अ रिंग ऑन इट। दिस इज माय मैन, एवरीबडी। यानी ये वही शख्स हैं जिन्होंने मुझे अंगूठी पहनाई है। आप सभी जान लीजिए, यही मेरे जीवनसाथी हैं। जैस्मिन की यह घोषणा सुनते ही स्टेडियम में मौजूद हजारों फैंस खुशी से झूम उठे। इसके बाद जैस्मिन दौड़कर शेखर के गले लग गईं। शेखर ने उन्हें प्यार से अपनी बाहों में उठाया। दोनों ने बैकग्राउंड में बज रहे रोमांटिक पंजाबी गाने पर साथ में डांस भी किया। स्टेज पर चल रही स्पार्कलर्स की आतिशबाजी ने इस खास पल को और भी यादगार बना दिया। दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में शनिवार रात आयोजित कॉन्सर्ट का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फैंस जैस्मिन सैंडलस को नई शुरुआत के लिए बधाई दे रहे हैं, जबकि वीडियो पर लाखों व्यूज और हजारों प्रतिक्रियाएं आ चुकी हैं। जैस्मीन के कॉन्सर्ट के PHOTOS देखिए…. अपने मंगेतर को जैस्मिन स्टेज पर लेकर आते हुए। स्टेज पर फैंस को इंगेजमेंट की रिंग दिखाते हुए। अपने साथी की उंगली पड़कर घूमते हुए जैस्मिन! अब पढ़िए जैस्मिन का सिंगर बनने का पूरा सफर… 1985 में पंजाब के जालंधर में जन्म: जालंधर में 1985 में जन्मी जैस्मिन को स्कूल की पढ़ाई से ज्यादा संगीत की क्लास पसंद थी। आज ग्लोबल पंजाबी पॉप स्टार बन चुकीं जैस्मिन को फैंस ने गुलाबी क्वीन का टैग दिया है। उनके जीवन की कहानी सिर्फ हिट गानों की नहीं है, बल्कि यह कहानी दूसरे देश में किए संघर्ष की है। फिल्म धुरंधर की हालिया ब्लॉकबस्टर सफलता और जैस्मिन के गीत ने फिर साबित कर दिया है कि उनका जादू बरकरार है। 6 साल की उम्र में शुरू कर दिया था गाना: जैस्मिन सैंडलस बताती हैं कि स्कूल में उन्हें मैथ या साइंस की क्लास बोरिंग लगती थी। उनका मन हमेशा म्यूजिक क्लास में रमता था। 6 साल की उम्र में उन्होंने गाना शुरू कर दिया था। उनकी मां ने हमेशा उनके इस जुनून को समझा और उन्हें प्रोत्साहित किया। 13 साल की उम्र में परिवार जालंधर से कैलिफोर्निया गया: जब जैस्मिन 13 साल की थी तब उनके जीवन में एक बड़ा मोड़ आया। उनका परिवार स्टॉकटन, कैलिफोर्निया (अमेरिका) शिफ्ट हो गया। एक नए देश में बिना किसी दोस्त और बिना किसी जान-पहचान के जैस्मिन ने अपनी पहचान बनाई। इस मुश्किल दौर में संगीत ही उनका एकमात्र सहारा बना। उन्होंने कविताएं लिखने शुरू कीं और धीरे-धीरे उन्हें धुनों में ढालने लगीं। यहीं पर उन्होंने अपनी पंजाबी जड़ों के संगीत को वेस्ट कोस्ट हिप-हॉप के साथ मिलाकर अलग स्टाइल बनाया। 20 रुपए की सीडी बेचने के लिए क्लबों के बाहर खड़ी रहीं: एक इंटरव्यू में जैस्मिन ने बताया कि सक्सेस रातों-रात नहीं मिली। इसके लिए अपने गीतों की सीडी बनाकर और उसे 20 रुपए में बेचने के लिए घर से निकलती थीं। वह अमेरिका के क्लबों के बाहर घंटों खड़ी रहती थीं। आने-जाने वाले लोगों को अपनी सीडी थमाती थीं। इस उम्मीद में कि कोई एक बार उनका संगीत सुन ले। उनके पास कोई गॉडफादर नहीं था। जैस्मिन ने हाथ ऊपर करके दिल बनाकर फ्रेंड्स को दिखाया। गुलाबी एल्बम से मिली पहचान, बॉलीवुड तक पहुंचीं जैस्मिन का 2008 में पहला गाना मुस्कान हिट हुआ। लेकिन असली पहचान उन्हें 2012 में एल्बम गुलाबी से मिली, जिसमें उन्होंने रैपर बोहेमिया के साथ काम किया। 2014 में बॉलीवुड ने उनकी आवाज को पहचाना। सलमान खान की फिल्म किक के लिए यो यो हनी सिंह के साथ गाए गाने यार ना मिले को लोगों ने खूब पसंद किया। इस एक गाने ने जैस्मिन को रातों-रात स्टार बना दिया। इसके बाद गैरी संधू के साथ इलीगल वेपन जैसे गानों ने उन्हें घर-घर में फेमस कर दिया। सबसे मोटी फीस और करोड़ों की नेटवर्थ संघर्ष के दिनों से लेकर आज तक जैस्मिन की फीस में जमीन-आसमान का अंतर आया है। अब जैस्मिन बॉलीवुड या फिल्म के गानों के लिए 30 लाख से 35 लाख प्रति गाना चार्ज करती हैं। उनके एक लाइव कॉन्सर्ट की फीस भी लगभग 10 लाख से 25 लाख के बीच बताई जाती है। उनकी अनुमानित नेटवर्थ लगभग 60 करोड़ रुपए है। इंडिया टूर का शानदार आगाज आपको बता दें कि ‘द ड्रीम गर्ल इंडिया टूर’ 11 जुलाई को दिल्ली से शुरू हुआ है। इसके बाद यह कारवां 18 जुलाई को मुंबई, 25 जुलाई को बेंगलुरु और 29 अगस्त को चंडीगढ़ पहुंचेगा। दिल्ली में हुए इस शानदार वाकये के बाद,अब फैंस को उनके अगले शोज का बेसब्री से इंतजार है। ************* ये खबर भी पढ़ें: सिंगर जैस्मिन सैंडलस को फैंस ने रियल लाइफ धुरंधर बताया: लड़कियां छेड़ने पर परफॉर्मेंस रोकी; बोलीं- पहले इन लड़कों को बाहर निकालो पंजाबी सिंगर जैस्मिन सैंडलस ने दिल्ली में चल रहे लाइव शो में लड़कियों से की गई छेड़छ़ाड़ का मंच से विरोध किया और उन लड़कों को शो से बाहर करवा दिया। जैस्मिन सैंडलस का वीडियो वायरल हुआ तो उनके फेंस ने उन्हें रियल लाइफ धुरंधर बोलना शुरू कर दिया। (पढ़ें पूरी खबर)

बंगाल में 20 साल बाद टाटा की वापसी संभव:सीएम सुवेंदु खुद मामले को देख रहे; ममता के आंदोलन से बंद हुआ था प्लांट

बंगाल में 20 साल बाद टाटा की वापसी संभव:सीएम सुवेंदु खुद मामले को देख रहे; ममता के आंदोलन से बंद हुआ था प्लांट

पश्चिम बंगाल के सिंगूर में करीब दो दशक पहले टाटा की नैनो परियोजना को लेकर शुरू हुआ विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद टाटा समूह की सिंगूर में वापसी को लेकर चर्चा तेज हो रही है। राज्य के उद्योग मंत्री तापस रॉय ने कहा कि टाटा के साथ शुरुआती स्तर पर बातचीत चल रही है। अगर टाटा ग्रुप लौटने को तैयार होता है तो सरकार वहां किसी दूसरी कंपनी को नहीं लाएगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी खुद मामले की निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, जिन किसानों ने 2006 में नैनो के लिए अपनी जमीन दी थी, उनके लिए यह अधूरा सपना है। टाटा के सिंगूर छोड़ने के बाद हजारों परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजरते रहे। करीब 3,600 ऐसे परिवारों को आज भी सरकार हर महीने दो हजार रुपये और 16 किलो चावल देती है, लेकिन कई परिवार अब भी उस सदमे से उबर नहीं पाए हैं। टाटा को जमीन देने के लिए तैयार हैं लोग 75 साल की अंगूर दास बताती हैं कि उनके पति ने छह बीघा जमीन परियोजना के लिए दी थी। टाटा के जाने के बाद वे गहरे सदमे में चले गए और वर्ष 2019 में उनका निधन हो गया। अंगूर दास कहती हैं कि यदि टाटा दोबारा लौटती है तो वे अपनी बची हुई जमीन भी देने को तैयार हैं। जब सिंगूर आंदोलन चल रहा था तब अनिद्य दास महज 12 साल के थे। आज 32 साल के अनिद्य को रोजगार के लिए कोलकाता जाना पड़ता है। उनका कहना है कि यदि फैक्ट्री लग गई होती तो उन्हें रोज शहर जाकर नौकरी नहीं करनी पड़ती। उनके पिता ने भी जमीन दी थी, लेकिन आज वह जमीन भी खेती के योग्य नहीं बची है। खासेरभेड़ी गांव के स्वरूप दास ने भी दो बीघा जमीन परियोजना के लिए दी थी। वे बताते हैं कि मुआवजा मिलने के बाद वे दुबई चले गए थे, जबकि उनके दोनों भाइयों का चयन टाटा ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग प्रशिक्षण के लिए किया था। उत्तराखंड में ट्रेनिंग शुरू हो चुकी थी और नौकरी की उम्मीद भी थी, लेकिन परियोजना बंद होने के साथ सारे सपने टूट गए। उनका कहना है कि यदि आज टाटा या कोई दूसरी बड़ी कंपनी आती है तो वे फिर जमीन देने के लिए तैयार हैं। 20 साल में 15 गुना बढ़ी जमीन की कीमत भूमि अधिग्रहण के समर्थन में बनी सिंगूर शिल्प विकास समिति के अध्यक्ष डॉ. उदयन दास का कहना है कि वर्ष 2006 के बाद से जमीन की कीमतों में लगभग 15 गुना वृद्धि हो चुकी है। उनके मुताबिक सड़क किनारे की जमीन, जिसकी कीमत उस समय करीब तीन लाख रुपये प्रति बीघा थी, अब एक करोड़ रुपये प्रति बीघा तक पहुंच गई है। ऐसे में यदि टाटा दोबारा लौटती है तो केवल मुआवजे पर ही 1,300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करना पड़ सकता है। यही वजह है कि उनकी नजर में टाटा की वापसी आसान नहीं होगी। 997 एकड़ जमीन बेकार हो रही वर्तमान में सिंगूर की वह 997 एकड़ जमीन, जहां कभी नैनो परियोजना शुरू हुई थी, बड़े हिस्से में झाड़ियों से ढकी पड़ी है। कभी यह इलाका पश्चिम बंगाल की सबसे उपजाऊ कृषि भूमि माना जाता था, जहां धान, आलू और अन्य फसलें होती थीं। लेकिन परियोजना रुकने के बाद खेती भी प्रभावित हुई और बड़ी संख्या में किसान रोजगार की तलाश में दूसरे क्षेत्रों में चले गए। हालांकि, सिंगूर में सभी लोग टाटा की वापसी के पक्ष में नहीं हैं। सिंगूर कृषि रक्षा समिति के प्रमुख सदस्य प्रबीर पात्रा का कहना है कि उनका विरोध उद्योगों से नहीं था और न ही आज है। उनका कहना है कि उनका संघर्ष केवल तीन फसली उपजाऊ जमीन को बचाने के लिए था और यदि फिर से ऐसी स्थिति बनती है तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… ममता TMC के बैंक खातों से सीमित लेनदेन कर सकेंगी:हाईकोर्ट ने निगरानी के लिए विशेष अधिकारी तैनात किया, बड़े खर्च पर रोक कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ममता बनर्जी गुट को पार्टी के फ्रीज किए गए तीन बैंक खातों से सीमित लेनदेन की इजाजत दे दी। हालांकि खातों से सिर्फ रोजमर्रा और कानूनी मामलों से जुड़े खर्च ही किए जा सकेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

Nepal Youth Protest | PM Balen Shah Resignation Demand; 3 Suicides in 3 Days

Nepal Youth Protest | PM Balen Shah Resignation Demand; 3 Suicides in 3 Days

काठमांडू9 मिनट पहले कॉपी लिंक नेपाल में युवाओं की बढ़ती नाराजगी फिर से सड़कों पर दिखाई देने लगी है। पिछले तीन दिनों में तीन युवाओं ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। इनमें से दो की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से झुलसा हुआ अस्पताल में भर्ती है। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ‘बालेन’ के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है। राजधानी काठमांडू में युवा प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस ने सरकार पर युवाओं में उम्मीद और भरोसा जगाने में विफल रहने का आरोप लगाया है। जेन-जी नेपाल संगठन ने प्रधानमंत्री बालेन शाह पर जनविरोधी और निरंकुश तरीके से शासन चलाने का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि बजट व नीतियों में युवाओं के रोजगार और आय बढ़ाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। 2023 में बालेन शाह ने आत्मदाह को सरकार की विफलता कहा था प्रदर्शनकारियों ने 9 सितंबर को संसद भवन पर कब्जे के बाद उत्पात मचाया था। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों के हथियार भी लूट लिए थे। 2023 की वह घटना भी चर्चा में है, जब प्रेम आचार्य ने आत्मदाह किया था। उस समय काठमांडू के मेयर रहे बालेन शाह ने इसे राज्य की चरम विफलता बताया था। अब मौजूदा घटनाओं पर उनकी चुप्पी विपक्ष और प्रदर्शनकारियों के निशाने पर है। नेपाल में लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने युवाओं की मानसिक स्थिति, बेरोजगारी और सरकारी नीतियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि यदि सरकार ने जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए तो विरोध और तेज हो सकता है। GenZ प्रोटेस्ट में विरोध का चेहरा बने बालेन 2022 में मेयर बनने के बाद बालेन ने शहर की सफाई, विरासत संरक्षण और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती के कदम उठाए। अवैध निर्माण पर कार्रवाई से ट्रैफिक सुधरा, हालांकि इसका विरोध भी हुआ, खासकर सड़क किनारे दुकानदारों और झुग्गी बस्तियों के लोगों से। बालेन शाह का प्रभाव केवल प्रशासन तक सीमित नहीं रहा। पिछले साल सितंबर में हुए प्रदर्शनों के दौरान उनके गाने युवाओं के बीच गूंजते रहे। इन प्रदर्शनों में 77 लोगों की मौत हुई थी और इसके पीछे सोशल मीडिया पर प्रतिबंध, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और धीमी अर्थव्यवस्था को लेकर लोगों का गुस्सा था। प्रदर्शनकारियों ने उनके गाने ‘नेपाल हंसेको’ को एक तरह का प्रतीक बना लिया। 5 मार्च को हुए आम चुनाव में उनकी पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की, जिससे नेपाल की पारंपरिक राजनीति को बड़ा झटका लगा। बालेन शाह ने झापा-5 सीट से पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को हराकर अपनी राजनीतिक ताकत साबित की। 35 साल की उम्र में प्रधानमंत्री पद संभालते ही वह नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बन गए हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

बंगाल में 20 साल बाद टाटा की वापसी संभव:सीएम सुवेंदु खुद मामले को देख रहे; ममता के आंदोलन से बंद हुआ था प्लांट

बंगाल में 20 साल बाद टाटा की वापसी संभव:सीएम सुवेंदु खुद मामले को देख रहे; ममता के आंदोलन से बंद हुआ था प्लांट

पश्चिम बंगाल के सिंगूर में करीब दो दशक पहले टाटा की नैनो परियोजना को लेकर शुरू हुआ विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद टाटा समूह की सिंगूर में वापसी को लेकर चर्चा तेज हो रही है। राज्य के उद्योग मंत्री तापस रॉय ने कहा कि टाटा के साथ शुरुआती स्तर पर बातचीत चल रही है। अगर टाटा ग्रुप लौटने को तैयार होता है तो सरकार वहां किसी दूसरी कंपनी को नहीं लाएगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी खुद मामले की निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, जिन किसानों ने 2006 में नैनो के लिए अपनी जमीन दी थी, उनके लिए यह अधूरा सपना है। टाटा के सिंगूर छोड़ने के बाद हजारों परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजरते रहे। करीब 3,600 ऐसे परिवारों को आज भी सरकार हर महीने दो हजार रुपये और 16 किलो चावल देती है, लेकिन कई परिवार अब भी उस सदमे से उबर नहीं पाए हैं। टाटा को जमीन देने के लिए तैयार हैं लोग 75 साल की अंगूर दास बताती हैं कि उनके पति ने छह बीघा जमीन परियोजना के लिए दी थी। टाटा के जाने के बाद वे गहरे सदमे में चले गए और वर्ष 2019 में उनका निधन हो गया। अंगूर दास कहती हैं कि यदि टाटा दोबारा लौटती है तो वे अपनी बची हुई जमीन भी देने को तैयार हैं। जब सिंगूर आंदोलन चल रहा था तब अनिद्य दास महज 12 साल के थे। आज 32 साल के अनिद्य को रोजगार के लिए कोलकाता जाना पड़ता है। उनका कहना है कि यदि फैक्ट्री लग गई होती तो उन्हें रोज शहर जाकर नौकरी नहीं करनी पड़ती। उनके पिता ने भी जमीन दी थी, लेकिन आज वह जमीन भी खेती के योग्य नहीं बची है। खासेरभेड़ी गांव के स्वरूप दास ने भी दो बीघा जमीन परियोजना के लिए दी थी। वे बताते हैं कि मुआवजा मिलने के बाद वे दुबई चले गए थे, जबकि उनके दोनों भाइयों का चयन टाटा ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग प्रशिक्षण के लिए किया था। उत्तराखंड में ट्रेनिंग शुरू हो चुकी थी और नौकरी की उम्मीद भी थी, लेकिन परियोजना बंद होने के साथ सारे सपने टूट गए। उनका कहना है कि यदि आज टाटा या कोई दूसरी बड़ी कंपनी आती है तो वे फिर जमीन देने के लिए तैयार हैं। 20 साल में 15 गुना बढ़ी जमीन की कीमत भूमि अधिग्रहण के समर्थन में बनी सिंगूर शिल्प विकास समिति के अध्यक्ष डॉ. उदयन दास का कहना है कि वर्ष 2006 के बाद से जमीन की कीमतों में लगभग 15 गुना वृद्धि हो चुकी है। उनके मुताबिक सड़क किनारे की जमीन, जिसकी कीमत उस समय करीब तीन लाख रुपये प्रति बीघा थी, अब एक करोड़ रुपये प्रति बीघा तक पहुंच गई है। ऐसे में यदि टाटा दोबारा लौटती है तो केवल मुआवजे पर ही 1,300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करना पड़ सकता है। यही वजह है कि उनकी नजर में टाटा की वापसी आसान नहीं होगी। 997 एकड़ जमीन बेकार हो रही वर्तमान में सिंगूर की वह 997 एकड़ जमीन, जहां कभी नैनो परियोजना शुरू हुई थी, बड़े हिस्से में झाड़ियों से ढकी पड़ी है। कभी यह इलाका पश्चिम बंगाल की सबसे उपजाऊ कृषि भूमि माना जाता था, जहां धान, आलू और अन्य फसलें होती थीं। लेकिन परियोजना रुकने के बाद खेती भी प्रभावित हुई और बड़ी संख्या में किसान रोजगार की तलाश में दूसरे क्षेत्रों में चले गए। हालांकि, सिंगूर में सभी लोग टाटा की वापसी के पक्ष में नहीं हैं। सिंगूर कृषि रक्षा समिति के प्रमुख सदस्य प्रबीर पात्रा का कहना है कि उनका विरोध उद्योगों से नहीं था और न ही आज है। उनका कहना है कि उनका संघर्ष केवल तीन फसली उपजाऊ जमीन को बचाने के लिए था और यदि फिर से ऐसी स्थिति बनती है तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… ममता TMC के बैंक खातों से सीमित लेनदेन कर सकेंगी:हाईकोर्ट ने निगरानी के लिए विशेष अधिकारी तैनात किया, बड़े खर्च पर रोक कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ममता बनर्जी गुट को पार्टी के फ्रीज किए गए तीन बैंक खातों से सीमित लेनदेन की इजाजत दे दी। हालांकि खातों से सिर्फ रोजमर्रा और कानूनी मामलों से जुड़े खर्च ही किए जा सकेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

Nepal Youth Protest | PM Balen Shah Resignation Demand; 3 Suicides in 3 Days

Nepal Youth Protest | PM Balen Shah Resignation Demand; 3 Suicides in 3 Days

काठमांडू49 मिनट पहले कॉपी लिंक नेपाल में युवाओं की बढ़ती नाराजगी फिर से सड़कों पर दिखाई देने लगी है। पिछले तीन दिनों में तीन युवाओं ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। इनमें से दो की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से झुलसा हुआ अस्पताल में भर्ती है। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ‘बालेन’ के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है। राजधानी काठमांडू में युवा प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस ने सरकार पर युवाओं में उम्मीद और भरोसा जगाने में विफल रहने का आरोप लगाया है। जेन-जी नेपाल संगठन ने प्रधानमंत्री बालेन शाह पर जनविरोधी और निरंकुश तरीके से शासन चलाने का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि बजट व नीतियों में युवाओं के रोजगार और आय बढ़ाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। 2023 में बालेन शाह ने आत्मदाह को सरकार की विफलता कहा था प्रदर्शनकारियों ने 9 सितंबर को संसद भवन पर कब्जे के बाद उत्पात मचाया था। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों के हथियार भी लूट लिए थे। 2023 की वह घटना भी चर्चा में है, जब प्रेम आचार्य ने आत्मदाह किया था। उस समय काठमांडू के मेयर रहे बालेन शाह ने इसे राज्य की चरम विफलता बताया था। अब मौजूदा घटनाओं पर उनकी चुप्पी विपक्ष और प्रदर्शनकारियों के निशाने पर है। नेपाल में लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने युवाओं की मानसिक स्थिति, बेरोजगारी और सरकारी नीतियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि यदि सरकार ने जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए तो विरोध और तेज हो सकता है। GenZ प्रोटेस्ट में विरोध का चेहरा बने बालेन 2022 में मेयर बनने के बाद बालेन ने शहर की सफाई, विरासत संरक्षण और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती के कदम उठाए। अवैध निर्माण पर कार्रवाई से ट्रैफिक सुधरा, हालांकि इसका विरोध भी हुआ, खासकर सड़क किनारे दुकानदारों और झुग्गी बस्तियों के लोगों से। बालेन शाह का प्रभाव केवल प्रशासन तक सीमित नहीं रहा। पिछले साल सितंबर में हुए प्रदर्शनों के दौरान उनके गाने युवाओं के बीच गूंजते रहे। इन प्रदर्शनों में 77 लोगों की मौत हुई थी और इसके पीछे सोशल मीडिया पर प्रतिबंध, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और धीमी अर्थव्यवस्था को लेकर लोगों का गुस्सा था। प्रदर्शनकारियों ने उनके गाने ‘नेपाल हंसेको’ को एक तरह का प्रतीक बना लिया। 5 मार्च को हुए आम चुनाव में उनकी पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की, जिससे नेपाल की पारंपरिक राजनीति को बड़ा झटका लगा। बालेन शाह ने झापा-5 सीट से पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को हराकर अपनी राजनीतिक ताकत साबित की। 35 साल की उम्र में प्रधानमंत्री पद संभालते ही वह नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बन गए हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

One Room Home & 1984 Riots Factory Loss

One Room Home & 1984 Riots Factory Loss

35 मिनट पहले कॉपी लिंक कॉमेडियन राजीव ठाकुर ने हाल ही में बताया कि उनका परिवार एक कमरे के घर में रहता था, जहां बेडरूम, किचन और बाथरूम, सब कुछ उसी कमरे में था। 1984 के दंगों में उनके पिता की फैक्ट्री बर्बाद हो गई थी, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। वैभव मुंजाल के पॉडकास्ट में राजीव अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए इमोशनल हो गए। उन्होंने कहा कि वह अपनी जिंदगी के उस दौर के बारे में ज्यादा बात करना पसंद नहीं करते क्योंकि उन दिनों की यादें आज भी उन्हें दर्द देती हैं। उन्होंने कहा, ‘मेरा सफर ऐसे हालात में शुरू हुआ, जिन्हें मैं याद भी नहीं करना चाहता। अगर आज मैं लोगों को इसके बारे में बताऊं तो उन्हें यह मनगढ़ंत लग सकता है। कई लोग कहते हैं कि अपने दर्द को स्टैंड-अप कॉमेडी में बदल दो। मैं कभी-कभी ऐसा करता हूं, लेकिन उन जोक्स को सुनाते समय भी दर्द इतना असली होता है कि मैं बैकस्टेज जाकर रो पड़ता हूं।’ राजीव ठाकुर ‘द कपिल शर्मा शो’ और ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ में नजर आए हैं। पूरा परिवार एक कमरे में रहता था राजीव ने बताया कि उनके माता-पिता की शादी के बाद परिवार की परिस्थितियां पूरी तरह बदल गई थीं। उनके मुताबिक, पिता को पुश्तैनी घर छोड़ना पड़ा और पूरा परिवार एक कमरे के मकान में रहने लगा। उन्होंने आगे कहा, ‘वही एक कमरा आपका बाथरूम है। वही कमरा किचन है। वही ड्राइंग रूम है। वही बेडरूम है। उस घर में तीन भाई-बहन हुए हैं। आप सोचो कि बाथरूम भी वही है, बेडरूम भी वही है, किचन भी वही है, तो जब कोई अंदर नहा रहा होता था या कुछ भी कर रहा होता था, तब बाकी चार लोग घर के बाहर बैठे होते थे। मुझे अपना घर पब्लिक टॉयलेट लगता था। सिर्फ 2 रुपए नहीं मिल रहे थे बाहर बैठने के।’ दंगों में पिता की फैक्ट्री बर्बाद हुई थी राजीव ने यह भी बताया कि अमृतसर में उनके पिता की धागे की फैक्ट्री थी, जो 1984 के दंगों के दौरान बर्बाद हो गई। इसके बाद पिता बेरोजगार हो गए और परिवार के सामने आर्थिक स्थिति खराब हो गई। उन्होंने कहा कि कई बार किराया देना भी मुश्किल हो जाता था। राजीव ने अपने बचपन की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए बताया कि घर में केवल 40 वॉट का एक बल्ब था। उन्होंने कहा कि उन्हें सफेद रोशनी देखने की इच्छा होती थी क्योंकि उनके घर में ट्यूबलाइट नहीं थी। उन्होंने यह भी बताया कि मकान मालिक रात 9 बजे बिजली बंद कर देता था, जिसके बाद परिवार या तो सो जाता था या मिट्टी के तेल के दीये की रोशनी में समय बिताता था। राजीव ठाकुर ने चर्चित वेब सीरीज आईसी 814: द कंधार हाईजैक में भी काम किया था। राजीव ठाकुर ने मुंबई आने से पहले अमृतसर में कपिल शर्मा और चंदन प्रभाकर के साथ अपने कॉमेडी सफर की शुरुआत की थी। उन्होंने साल 2007 में ‘द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज’ (सीजन 3) में भाग लिया था। इस सीजन के विनर कपिल शर्मा बने थे। राजीव ठाकुर ने ‘कॉमेडी सर्कस’ और ‘सजन रे झूठ मत बोलो’ जैसे कई अन्य टेलीविजन शोज में काम किया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

One Room Home & 1984 Riots Factory Loss

One Room Home & 1984 Riots Factory Loss

37 मिनट पहले कॉपी लिंक कॉमेडियन राजीव ठाकुर ने हाल ही में बताया कि उनका परिवार एक कमरे के घर में रहता था, जहां बेडरूम, किचन और बाथरूम, सब कुछ उसी कमरे में था। 1984 के दंगों में उनके पिता की फैक्ट्री बर्बाद हो गई थी, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। वैभव मुंजाल के पॉडकास्ट में राजीव अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए इमोशनल हो गए। उन्होंने कहा कि वह अपनी जिंदगी के उस दौर के बारे में ज्यादा बात करना पसंद नहीं करते क्योंकि उन दिनों की यादें आज भी उन्हें दर्द देती हैं। उन्होंने कहा, ‘मेरा सफर ऐसे हालात में शुरू हुआ, जिन्हें मैं याद भी नहीं करना चाहता। अगर आज मैं लोगों को इसके बारे में बताऊं तो उन्हें यह मनगढ़ंत लग सकता है। कई लोग कहते हैं कि अपने दर्द को स्टैंड-अप कॉमेडी में बदल दो। मैं कभी-कभी ऐसा करता हूं, लेकिन उन जोक्स को सुनाते समय भी दर्द इतना असली होता है कि मैं बैकस्टेज जाकर रो पड़ता हूं।’ राजीव ठाकुर ‘द कपिल शर्मा शो’ और ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ में नजर आए हैं। पूरा परिवार एक कमरे में रहता था राजीव ने बताया कि उनके माता-पिता की शादी के बाद परिवार की परिस्थितियां पूरी तरह बदल गई थीं। उनके मुताबिक, पिता को पुश्तैनी घर छोड़ना पड़ा और पूरा परिवार एक कमरे के मकान में रहने लगा। उन्होंने आगे कहा, ‘वही एक कमरा आपका बाथरूम है। वही कमरा किचन है। वही ड्राइंग रूम है। वही बेडरूम है। उस घर में तीन भाई-बहन हुए हैं। आप सोचो कि बाथरूम भी वही है, बेडरूम भी वही है, किचन भी वही है, तो जब कोई अंदर नहा रहा होता था या कुछ भी कर रहा होता था, तब बाकी चार लोग घर के बाहर बैठे होते थे। मुझे अपना घर पब्लिक टॉयलेट लगता था। सिर्फ 2 रुपए नहीं मिल रहे थे बाहर बैठने के।’ दंगों में पिता की फैक्ट्री बर्बाद हुई थी राजीव ने यह भी बताया कि अमृतसर में उनके पिता की धागे की फैक्ट्री थी, जो 1984 के दंगों के दौरान बर्बाद हो गई। इसके बाद पिता बेरोजगार हो गए और परिवार के सामने आर्थिक स्थिति खराब हो गई। उन्होंने कहा कि कई बार किराया देना भी मुश्किल हो जाता था। राजीव ने अपने बचपन की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए बताया कि घर में केवल 40 वॉट का एक बल्ब था। उन्होंने कहा कि उन्हें सफेद रोशनी देखने की इच्छा होती थी क्योंकि उनके घर में ट्यूबलाइट नहीं थी। उन्होंने यह भी बताया कि मकान मालिक रात 9 बजे बिजली बंद कर देता था, जिसके बाद परिवार या तो सो जाता था या मिट्टी के तेल के दीये की रोशनी में समय बिताता था। राजीव ठाकुर ने चर्चित वेब सीरीज आईसी 814: द कंधार हाईजैक में भी काम किया था। राजीव ठाकुर ने मुंबई आने से पहले अमृतसर में कपिल शर्मा और चंदन प्रभाकर के साथ अपने कॉमेडी सफर की शुरुआत की थी। उन्होंने साल 2007 में ‘द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज’ (सीजन 3) में भाग लिया था। इस सीजन के विनर कपिल शर्मा बने थे। राजीव ठाकुर ने ‘कॉमेडी सर्कस’ और ‘सजन रे झूठ मत बोलो’ जैसे कई अन्य टेलीविजन शोज में काम किया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…