होर्मुज में टैंकर पर हमले में एक भारतीय की मौत:अमेरिका ने लगातार तीसरा रात ईरान पर हमले किए; ईरानी बंदरगाहों की फिर नाकाबंदी करेगा US

होर्मुज स्ट्रेट में हालिय हमलों में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई है। UAE के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, होर्मुज में ओमान के समुद्री क्षेत्र के पास उसके दो तेल टैंकरों पर ईरान की दो क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया है। मोंबासा और अल बहिया नाम के टैंकरों पर हुए इस हमले में 8 लोग भी घायल हुए हैं। वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि सोमवार को ईरान पर लगातार तीसरी रात हवाई हमले शुरू किए गए हैं। CENTCOM के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य ईरानी सैन्य क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाना और होर्मुज स्ट्रेट में आम नागरिकों और कमर्शियल जहाजों पर हमले करने की उसकी क्षमता को कमजोर करना है। साथ ही, CENTCOM ने कहा है कि मंगलवार से अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले समुद्री यातायात की नाकाबंदी फिर शुरू करेगा। हालांकि, जो जहाज इस नाकाबंदी का उल्लंघन नहीं करेंगे, उनके लिए क्षेत्रीय समुद्री मार्गों पर आवाजाही जारी रहेगी। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स: ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
रैपिड फायर राउंड में शिल्पा शेट्टी बोलीं:रेड कार्पेट लुक नहीं, घर का पजामा पसंद है, शाहरुख को सुपरस्टार और सलमान को अच्छा दोस्त बताया

रैपिड फायर राउंड में शिल्पा शेट्टी ने कई दिलचस्प सवालों के जवाब दिए। उन्होंने शाहरुख खान को सुपरस्टार, सलमान खान को अच्छा दोस्त और गोविंदा को मल्टी-टैलेंटेड बताया। फेम और सुकून में उन्होंने सुकून को चुना। चीट मील और एक्स्ट्रा वर्कआउट के सवाल पर उन्होंने चीट मील को प्राथमिकता दी। बॉलीवुड और बिजनेस को उन्होंने अपनी सफलता का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि असली सफलता सिर्फ नाम और पैसा नहीं, बल्कि ईमानदारी से जीना, लोगों का प्यार पाना और दूसरों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाना है। सवाल: एक शब्द में शाहरुख खान के बारे में क्या कहना चाहेंगी? जवाब: सुपरस्टार। सवाल: सलमान खान आपके लिए क्या हैं? जवाब: बहुत अच्छे दोस्त। सवाल: गोविंदा को एक शब्द में कैसे बताएंगी? जवाब: मल्टी-टैलेंटेड। सवाल: योगा या शॉपिंग, किसे चुनेंगी? जवाब: दोनों। लेकिन योगा मेरी पहली प्राथमिकता रहेगी। सवाल: रेड कार्पेट लुक या घर का पजामा? जवाब: पजामा। सवाल: बॉलीवुड या बिजनेस? जवाब: दोनों। मैंने दोनों किए हैं और दोनों में मुझे सफलता मिली है। सवाल: चीट मील या एक्स्ट्रा वर्कआउट? जवाब: चीट मील। एक्स्ट्रा वर्कआउट क्यों करूंगी? सवाल: फेम या सुकून, किसे चुनेंगी? जवाब: सुकून। अगर मन शांत नहीं है, तो किसी भी सफलता का आनंद अधूरा रह जाता है। सवाल: मॉर्निंग पर्सन हैं या नाइट आउल? जवाब: मैं मॉर्निंग पर्सन नहीं हूं। अभी बच्चों की छुट्टियां चल रही हैं, इसलिए सुबह 8:30 बजे उठना भी मेरे लिए लग्जरी है। सवाल: आपके लिए सफलता का असली मतलब क्या है? जवाब: मेरे लिए सफलता सिर्फ नाम और पैसा नहीं है। असली सफलता तब है, जब आप ईमानदारी से अपनी जिंदगी जिएं, लोगों का प्यार पाएं और किसी की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव ला सकें।
रैपिड फायर राउंड में शिल्पा शेट्टी बोलीं:रेड कार्पेट लुक नहीं, घर का पजामा पसंद है, शाहरुख को सुपरस्टार और सलमान को अच्छा दोस्त बताया

रैपिड फायर राउंड में शिल्पा शेट्टी ने कई दिलचस्प सवालों के जवाब दिए। उन्होंने शाहरुख खान को सुपरस्टार, सलमान खान को अच्छा दोस्त और गोविंदा को मल्टी-टैलेंटेड बताया। फेम और सुकून में उन्होंने सुकून को चुना। चीट मील और एक्स्ट्रा वर्कआउट के सवाल पर उन्होंने चीट मील को प्राथमिकता दी। बॉलीवुड और बिजनेस को उन्होंने अपनी सफलता का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि असली सफलता सिर्फ नाम और पैसा नहीं, बल्कि ईमानदारी से जीना, लोगों का प्यार पाना और दूसरों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाना है। सवाल: एक शब्द में शाहरुख खान के बारे में क्या कहना चाहेंगी? जवाब: सुपरस्टार। सवाल: सलमान खान आपके लिए क्या हैं? जवाब: बहुत अच्छे दोस्त। सवाल: गोविंदा को एक शब्द में कैसे बताएंगी? जवाब: मल्टी-टैलेंटेड। सवाल: योगा या शॉपिंग, किसे चुनेंगी? जवाब: दोनों। लेकिन योगा मेरी पहली प्राथमिकता रहेगी। सवाल: रेड कार्पेट लुक या घर का पजामा? जवाब: पजामा। सवाल: बॉलीवुड या बिजनेस? जवाब: दोनों। मैंने दोनों किए हैं और दोनों में मुझे सफलता मिली है। सवाल: चीट मील या एक्स्ट्रा वर्कआउट? जवाब: चीट मील। एक्स्ट्रा वर्कआउट क्यों करूंगी? सवाल: फेम या सुकून, किसे चुनेंगी? जवाब: सुकून। अगर मन शांत नहीं है, तो किसी भी सफलता का आनंद अधूरा रह जाता है। सवाल: मॉर्निंग पर्सन हैं या नाइट आउल? जवाब: मैं मॉर्निंग पर्सन नहीं हूं। अभी बच्चों की छुट्टियां चल रही हैं, इसलिए सुबह 8:30 बजे उठना भी मेरे लिए लग्जरी है। सवाल: आपके लिए सफलता का असली मतलब क्या है? जवाब: मेरे लिए सफलता सिर्फ नाम और पैसा नहीं है। असली सफलता तब है, जब आप ईमानदारी से अपनी जिंदगी जिएं, लोगों का प्यार पाएं और किसी की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव ला सकें।
धुरंधर जैसी फिल्मों पर राजनीतिक दबाव दिखता है:नफीसा बोलीं- युवा बदलते सिनेमा की राजनीति समझें, नासर बोले- ब्रेकअप जिंदगी का अंत नहीं

क्या ब्रेकअप के बाद जिंदगी खत्म हो जाती है? क्या हिंसक रिश्ते को सिर्फ इसलिए निभाते रहना चाहिए क्योंकि वह रिश्ता है? ऐसे सवालों पर अभिनेता नासर और अभिनेत्री व सामाजिक कार्यकर्ता नफीसा अली ने फिल्म ‘मैक्स, मिन और म्याउजाकी’ के प्रमोशन के दौरान दैनिक भास्कर से बात की। नासर ने कहा कि रिश्ता टूटने का मतलब जिंदगी खत्म होना नहीं है। कमिटमेंट की अहमियत समझनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर थेरेपी लेने में झिझक नहीं करनी चाहिए। नफीसा अली ने युवाओं को खुद से प्यार करना सीखने, हिंसक रिश्तों से बाहर निकलने और हर परिवार के लिए हेल्थ व लाइफ इंश्योरेंस की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज फिल्मों में रोमांस और संगीत की जगह एक्शन और हिंसा हावी है, जबकि ‘धुरंधर’ जैसी फिल्मों पर राजनीतिक दबाव का असर भी साफ दिखाई देता है, जिसे युवाओं को समझना चाहिए। सवाल: नासर सर, जब आपने फिल्म ‘मैक्स, मिन और म्याउजाकी’ की कहानी सुनी तो ऐसी कौन-सी बात थी जिसने आपको तुरंत हां कहने पर मजबूर कर दिया? जवाब/नासर: कहानी सुनकर लगा कि यह किसी फिल्म की नहीं, बल्कि उन लोगों की कहानी है जिन्हें मैं अपनी जिंदगी में जानता हूं। हर किरदार असली लगा। कहीं भी बनावटीपन या ड्रामा नहीं था। सब कुछ जिंदगी की तरह स्वाभाविक था। मुझे लगा कि मैं खुद को और अपने बेटे की झलक भी इस कहानी में देख सकता हूं। इसलिए मैंने तुरंत फिल्म के लिए हां कह दी। सवाल: नफीसा जी, आपने यह फिल्म क्यों चुनी? जवाब/नफीसा अली: मेरी पहली प्रतिक्रिया थी कि मैं फिल्म नहीं कर पाऊंगी, क्योंकि उस समय मैं कैंसर से लड़ रही थी। लेकिन पद्मकुमार ने मुझ पर भरोसा जताया और पूरी कहानी सुनाई। कहानी सुनने के बाद लगा कि यह आज की सच्चाई है। भारत की ज्यादातर आबादी 28 साल से कम उम्र की है। युवाओं को यह समझना जरूरी है कि उनके ऊपर माता-पिता और बुजुर्गों के प्रति भी जिम्मेदारी है। माता-पिता पूरी जिंदगी बच्चों के लिए सब कुछ करते हैं, लेकिन आज कई बच्चे पढ़ाई, नौकरी और दूसरे कारणों से दूर चले जाते हैं। कई बार उनके पास माता-पिता के लिए समय भी नहीं होता। यह फिल्म दिल, आत्मा और एक-दूसरे की परवाह करने की कहानी है। मुझे लगा कि यह मेरे जीवन की भी कहानी हो सकती है। इसलिए मैंने यह फिल्म की। सवाल: आज की युवा पीढ़ी में रिश्ते जल्दी बनते हैं और जल्दी टूट भी जाते हैं। कम्युनिकेशन गैप, धैर्य की कमी और बदलती सोच को आप किस तरह देखते हैं? युवाओं को क्या सलाह देना चाहेंगे? जवाब/नफीसा अली: मुझे अपना बचपन याद आता है। मैंने भी बहुत प्यार किया है और कई बार दिल टूटा है। लेकिन युवाओं से कहना चाहूंगी कि अगर दिल टूट जाए तो यह मत सोचिए कि जिंदगी खत्म हो गई है या दोबारा प्यार नहीं मिलेगा। ब्रेकअप की वजह से खुद को खत्म मत कीजिए। नशे की तरफ मत जाइए, अपनी सेहत खराब मत कीजिए और परिवार से दूर मत होइए। जिंदगी बहुत खूबसूरत है और हर इंसान के लिए सही साथी जरूर होता है। सबसे पहले खुद से प्यार करना सीखिए। अगर आप खुद से प्यार करेंगे तो किसी के जाने से जिंदगी नहीं रुकेगी। जो लोग आपका दिल तोड़कर चले जाते हैं, उन्हें जाने दीजिए। आप खुद अपने लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। सवाल: नासर सर, आज के रिश्तों और पहले के रिश्तों में आपको क्या सबसे बड़ा फर्क दिखाई देता है? जवाब/नासर: मैं नफीसा जी की बात से सहमत हूं। हर दौर में रिश्तों का स्वरूप बदलता रहा है। 1960 के दशक की प्रेम कहानियों और आज की फिल्मों में बड़ा अंतर है। पहले महिलाओं को जिस तरह दिखाया जाता था, अब उनकी भूमिका ज्यादा मजबूत और स्वतंत्र है। यह अच्छा बदलाव है। आज की युवा पीढ़ी के पास पहले से ज्यादा आजादी है। लेकिन अब ब्रेकअप को बहुत हल्के में लिया जाने लगा है। पहले उसका दर्द लंबे समय तक महसूस होता था, लेकिन अब कई लोग जल्दी आगे बढ़ जाते हैं। आगे बढ़ना गलत नहीं है, लेकिन बार-बार रिश्ते बनाना और तोड़ना आदत बन जाए तो यह चिंता की बात है। रिश्ता खत्म हो जाए तो भी जिंदगी नहीं रुकती। अपने सपनों और करियर पर ध्यान दीजिए, लेकिन कमिटमेंट की अहमियत कभी मत भूलिए। सवाल: आज फिल्मों में रोमांस और संगीत की जगह एक्शन और हिंसा ज्यादा देखने को मिल रही है। आपको क्या लगता है, इसकी वजह क्या है? जवाब/नफीसा अली: हमारी फिल्मों की पहचान कभी प्यार, रिश्ते और संगीत थी। लेकिन अब एक्शन और हिंसा का असर ज्यादा दिखाई देता है। लोग बार-बार ऐसी फिल्में देख रहे हैं, लेकिन सवाल है कि हिंसा को आखिर कितनी बार देखा जा सकता है? मैं फिल्म बनाने वालों को पूरी तरह दोष नहीं देती, लेकिन समाज के प्रति उनका भी दायित्व है। उन्हें सोचना चाहिए कि वे दर्शकों तक कैसा संदेश पहुंचा रहे हैं। सवाल: क्या आपको लगता है कि फिल्मों और समाज के माहौल का एक-दूसरे पर असर पड़ता है? जवाब/नफीसा अली: बिल्कुल पड़ता है। आज देश में कई तरह की राजनीतिक सोच और प्रभाव फिल्मों तक पहुंच रहे हैं। ऐसे माहौल में युवाओं के लिए यह समझना जरूरी है कि उनके दिमाग पर किस तरह का असर डाला जा रहा है। हर इंसान को अपने विवेक से सोचना चाहिए। किसी भी मानसिक प्रभाव या भटकाव से बचना जरूरी है। यह भी समझना चाहिए कि हमारी सोच किस दिशा में जा रही है और वह सही है या नहीं। सवाल: रिश्ते टूटने के बाद बढ़ती घरेलू हिंसा और आक्रामक व्यवहार पर आप क्या कहना चाहेंगी? जवाब/नफीसा अली: वरिष्ठ होने के नाते मैं यह जरूर कहना चाहूंगी कि हमारे देश में शादी और रिश्तों के नाम पर बंद दरवाजों के पीछे बहुत हिंसा हो रही है। सरकार ने कई हेल्पलाइन और सहायता व्यवस्थाएं शुरू की हैं। अगर कोई व्यक्ति रिश्ते में हिंसा झेल रहा है, तो उसे चुप नहीं रहना चाहिए। उसे अपनी आवाज उठानी चाहिए। जो इंसान आपके साथ हिंसक व्यवहार करता है, वह आपके साथ रहने के लायक नहीं है। ऐसे रिश्ते से बाहर निकलना ही बेहतर है। किसी को भी हिंसा सहने के लिए मजबूर नहीं होना
Zareen Khan Controversy | Actress Slams Paparazzi at Mumbai Event Video

13 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्ट्रेस जरीन खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें वे पैपराजी पर बुरी तरह गुस्सा करती नजर आ रही हैं। एक ब्रांड इवेंट के दौरान जरीन ने पैपराजी को फटकार लगाते हुए कहा की मेरे साथ फालतूगिरी की बातें नहीं करना। उन्होंने सख्त लहजे में सामने वाले को अपनी हद में रहने की हिदायत दी। दरअसल जरीन खान मुंबई में एक क्लोदिंग ब्रांड के प्रमोशन इवेंट में पहुंची थीं। वे हरे रंग की ड्रेस पहने हुए मीडिया के कैमरों के सामने डेनिम जैकेट और जींस को डिस्प्ले कर रही थीं। इसी दौरान वहां मौजूद पैपराजी ने उनसे कहा की ड्रेस ट्राई करके दिखाओ। एक्ट्रेस को ये बात बिल्कुल पसंद नहीं आई। जरीन खान ने कहा, “फालतूगिरी की बातें नहीं करना मेरे साथ, क्योंकि मैं ऐसी चीजें बर्दाश्त करने वालों में से नहीं हूं। अपनी हद में रहकर बात करना।” यह बात कहते हुए जरीन के चेहरे पर साफ तौर पर गुस्सा देखा जा सकता है। जरीन खान कैमरों के सामने डेनिम जैकेट और जींस को डिस्प्ले कर रही थीं। बदतमीजी करने पर वे बुरी तरह भड़क गईं। हाल ही में नेहा धूपिया भी दे चुकीं हिदायत इससे पहले गोल्ड स्ट्रीमिंग अवॉर्ड सेरेमनी में नेहा धूपिया पैपराजी पर भड़क गई थीं। एक्ट्रेस ने बैक शॉट लेने और उन्हें पोस्ट करने पर नाराजगी जाहिर की और पैपराजी को कड़े शब्दों में वॉर्निंग भी दी। सेरेमनी से नेहा धूपिया अवॉर्ड लेकर निकल रही थीं। तभी पैपराजी ने उनके ग्रे हेयर पर कमेंट किया, जिसके जवाब में भड़कते हुए उन्होंने कहा है, ‘बोल लिया? कर लिया? ये बदतमीजी से बैक शॉट कौन लेता है तुम लोगों में से? कौन लेता है? छापता कौन है? मत करो। मेरा नहीं करना है, किसी का नहीं करना है। बोल-बोलकर थक गए हैं।’ आगे एक्ट्रेस ने कहा, ‘हम लोगों का काम नहीं है ये। हम बाहर आते हैं, तो आप लोग वहां ये सब करते हैं, बैग उठाकर, बुक उठाकर, पीछे से चलते हुए, ये सब नहीं चलेगा अभी। बंद करो ये सब। बहुत इज्जत से आप लोगों से बात करते हैं, ये सब मत करो। मत करो, बिल्कुल ये सब मत करो।’ ये एक्टर्स भी पैपराजी पर हाल ही में भड़के मलाइका अरोड़ा ने लगाई थी पैपराजी की क्लास कुछ समय पहले ही मलाइका अरोड़ा का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो पैपराजी पर गुस्सा करती दिखी थीं। दरअसल, एक इवेंट के बाद मलाइका एक शख्स से बात कर रही थीं, लेकिन पैपराजी प्राइवेसी देने के बजाए लगातार उनका वीडियो ले रहे थे। ये देख एक्ट्रेस भड़क गईं और कहा- इधर ही आ जाओ। सलमान भी पैपराजी पर भड़के थे वहीं, पिछले महीने सलमान खान भी पैपराजी पर भड़क गए थे। दरअसल, वे हिंदुजा अस्पताल पहुंचे थे, जहां से निकलते समय पैपराजी के शोर से एक्टर भड़क गए थे। हालांकि, बाद में जब सलमान फिल्म राजा शिवाजी की सक्सेस पार्टी में पहुंचे, तब सभी पैपराजी ने उनसे माफी मांगी थी। सलमान जैसे ही पार्टी में पहुंचे, वैसे ही सभी पैपराजी ने उन्हें घेर लिया और माफी मांगने लगे। सभी एक साथ, “सॉरी भाईजान, जोर से बोलो सॉरी”, कहते दिखे। इसके बाद सलमान ने भी उनकी माफी कबूल कर ली थी। गोविंदा के बॉडीगार्ड्स की हुई बहस बता दें कि इस पहले गोविंदा के बॉडीगार्ड्स की भी पैपराजी से बहस हो चुकी है। दरअसल, गोविंदा पिछले एक इवेंट में पहुंचे थे। वहां से निकलते हुए उन्हें पैपराजी ने घेर लिया था। जब उनके गार्ड्स ने निकलने की जगह बनाने के लिए लोगों को पीछे किया, तो पैपराजी ने आरोप लगाया कि उन्हें धक्का दिया गया। विवाद बढ़ने पर गोविंदा को खुद बीच-बचाव करना पड़ा था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Qatar Former Emir Death National Mourning India

Hindi News Career Qatar Former Emir Death National Mourning India | July 14 Current Affairs 15 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. भारत ने कतर के पूर्व ‘अमीर’ के निधन पर राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया 13 जुलाई को भारतीय विदेश मंत्रालय ने कतर के पूर्व अमीर यानी सर्वोच्च राष्ट्राध्यक्ष के निधन पर एक दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया। कतर में ‘अमीर’ देश के सर्वोच्च राष्ट्राध्यक्ष और सम्राट का पद होता है। ये पद कतर में सबसे शक्तिशाली है। 12 जुलाई को कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का 74 साल की उम्र में निधन हो गया। शेख हमद 1995 से 2013 तक कतर के अमीर रहे हैं। शेख हमद के कार्यकाल में कतर ने आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर तेजी से विकास किया। शेख हमद ने 2013 में सत्ता अपने बेटे शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सौंप दी थी, जो वर्तमान में कतर के अमीर हैं। हमद ने कतर इंवेस्टमेंट अथॉरिटी (QIA) की स्थापना की, जो राष्ट्रीय निवेश कोष है और अब 500 अरब डॉलर से ज्यादा की संपत्ति का मैनेजमेंट करता है। हमद के कार्यकाल में कतर के विशाल प्राकृतिक गैस और तेल भंडारों का इस्तेमाल करते हुए देश में भारी निवेश हुआ। शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने 1971 में कतर आर्म्ड फोर्सेज जॉइन की थी। स्पोर्ट्स (SPORTS) 2. जैनिक सिनर ने विंबलडन 2026 सिंगल्स खिताब जीता 12 जुलाई को वर्ल्ड नंबर-1 टेनिस प्लेयर जैनिक सिनर ने विंबलडन 2026 का मेंस सिंगल्स का खिताब जीता। फाइनल मुकाबले में इटालियन प्लेयर सिनर ने जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव को हराया। सिनर लगातार दूसरी बार विंबलडन चैंपियन बने हैं। उन्होंने 2025 में भी ये खिताब जीता था। सिनर ने विंबलडन की इस जीत के साथ अपने करियर की 100वीं ग्रैंड स्लैम जीत पूरी की है। सिनर ओपन एरा में विंबलडन मेंस सिंगल्स खिताब जीतने वाले 10वें खिलाड़ी हैं। सिनर ने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत 2018 में की थी। विंबलडन 2026 विंबलडन टेनिस का सबसे बड़ा टूर्नामेंट है और ये विंबलडन का 139वां एडिशन था। लंदन के ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस एंड क्रोकेट क्लब में विंबलडन 2026 12 जुलाई 2026 तक चला। मई 2026 में सिनर ने इटली ओपन 2026 भी जीता था। 3. इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड में भारत ने 5 गोल्ड जीते 12 जुलाई कोलंबिया में आयोजित 56वें इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड (IPhO) 2026 में 5 भारतीय स्टूडेंट्स ने गोल्ड मेडल जीते हैं। इस ओलंपियाड में 87 देशों के 381 स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया था। भारत ने रूस, चीन, कजाकिस्तान, दक्षिण कोरिया और ताइवान के साथ संयुक्त रूप से पहली रैंकिंग हासिल की है। गोल्ड मेडल जीतने वालों में पुणे के कनिष्क, इंदौर के रिद्धेश अनंत, नई दिल्ली के ऋषित, मुंबई के श्रेष्ठ सुरैया और अहमदाबाद के स्वरित जोशी शामिल हैं। इस ओलंपियाड प्रोग्राम की तैयारी टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च के नेशनल सेंटर, ‘होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन’ करवाता है। निधन (DEATH) 4. हॉलीवुड एक्टर सैम नील का निधन 13 जुलाई को हॉलीवुड की मशहूर फिल्म ‘जुरासिक पार्क’ एक्टर सैम नील का निधन हो गया। वे 78 साल के थे। सैम नील को उनकी दमदार और एक्टिंग के लिए जाना जाता था, उन्हें सबसे ज्यादा लोकप्रियता ‘जुरासिक पार्क’ में डॉ. एलन ग्रांट के किरदार से मिली। सैम नील न्यूजीलैंड के सबसे मशहूर अभिनेताओं में से एक थे। उन्होंने 1970 के दशक में अभिनय की शुरुआत की थी। नील को 1970 के दशक के आखिर में ऑस्ट्रेलियाई सिनेमा को दुनिया भर में नई पहचान दिलाई। नील ने जुरासिक पार्क 3 (2001) और जुरासिक वर्ल्ड डोमिनियन (2022) में भी इसी किरदार को निभाया। मिसलीनियस (Miscellaneous) 5. पश्चिम बंगाल ने दो नए कानून लागू किया 13 जुलाई को पश्चिम बंगाल सरकार ने संगठित अपराध, दंगों और असामाजिक गतिविधियों पर सख्ती के लिए दो नए कानून लागू किए हैं। वेस्ट बंगाल के गवर्नर आरएन रवि ने 29 जून को इस कानून को मंजूरी दी थी। इनका उद्देश्य कानून-व्यवस्था को मजबूत करना तथा सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करना है। इसमें 2 नए कानून शामिल किए गए हैं। 1. वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी सोशल एक्टिविटीज एक्ट 2026 ये कानून संगठित अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए बनाया गया है। इस कानून के तहत संदिग्ध व्यक्तियों को अधिकतम 12 महीने तक प्रेवेंटिव डेटेन्शन में रखने का प्रावधान है। इस कानून के तहत संगठित अपराध से जुड़ी संपत्तियों को सीज और कुर्क करने का अधिकार होगा। कई अपराधों को संज्ञेय (Cognizable) यानी उस श्रेणी में रखा गया है, जिसमें बगैर किसी वारंट के अपराधी को अरेस्ट किया जा सकता है। 2. वेस्ट बंगाल मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर (अमेंडमेंट) एक्ट 2026 इस कानून के तहत दंगे, आगजनी, हिंसा या तोड़फोड़ के दौरान सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई सुनिश्चित की जाएगी। दोषी व्यक्तियों से नुकसान की राशि वसूलने हेतु उनकी संपत्ति की नीलामी का प्रावधान होगा। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर आर्थिक जवाबदेही तय की जाएगी। 6. लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हुआ 13 जुलाई को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हुआ ये 63 किमी लंबा है। इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इसके साथ ही लखनऊ में लगभग 4,850 करोड़ रुपए की लागत वाली अन्य राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का भी लोकार्पण किया गया। ये एक्सप्रेसवे लखनऊ के शहीद पथ से शुरू होकर उन्नाव होते हुए कानपुर तक जाता है। ये एक्सप्रेसवे मौजूदा NH-27 के समानांतर विकसित किया गया है, जिससे पुराने रास्ते पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। इस एक्सप्रेसवे की कुल निर्माण लागत 4,700 करोड़ रुपए है। ये एक्सप्रेसवे यूपी का पहला बैरियर फ्री टोलिंग एक्सप्रेसवे है। इस एक्सप्रेसवे से लखनऊ और कानपुर के बीच की यात्रा महज 30 से 35 मिनट में पूरी हो सकेगी। आज का इतिहास 1636 में मुगल बादशाह शाहजहां ने औरंगजेब को दक्कन का वायसराय नियुक्त किया। 1789 में फ्रांसीसी क्रांति की शुरुआत हुई थी। 2015 में नासा का न्यू होराइजन प्लूटो के सबसे नजदीक से गुजरने वाला पहला अंतरिक्ष यान बना। ————– ये खबर
Zareen Khan Controversy | Actress Slams Paparazzi at Mumbai Event Video

2 घंटे पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्ट्रेस जरीन खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें वे पैपराजी पर बुरी तरह गुस्सा करती नजर आ रही हैं। एक ब्रांड इवेंट के दौरान जरीन ने पैपराजी को फटकार लगाते हुए कहा की मेरे साथ फालतूगिरी की बातें नहीं करना। उन्होंने सख्त लहजे में सामने वाले को अपनी हद में रहने की हिदायत दी। दरअसल जरीन खान मुंबई में एक क्लोदिंग ब्रांड के प्रमोशन इवेंट में पहुंची थीं। वे हरे रंग की ड्रेस पहने हुए मीडिया के कैमरों के सामने डेनिम जैकेट और जींस को डिस्प्ले कर रही थीं। इसी दौरान वहां मौजूद पैपराजी ने उनसे कहा की ड्रेस ट्राई करके दिखाओ। एक्ट्रेस को ये बात बिल्कुल पसंद नहीं आई। जरीन खान ने कहा, “फालतूगिरी की बातें नहीं करना मेरे साथ, क्योंकि मैं ऐसी चीजें बर्दाश्त करने वालों में से नहीं हूं। अपनी हद में रहकर बात करना।” यह बात कहते हुए जरीन के चेहरे पर साफ तौर पर गुस्सा देखा जा सकता है। जरीन खान कैमरों के सामने डेनिम जैकेट और जींस को डिस्प्ले कर रही थीं। बदतमीजी करने पर वे बुरी तरह भड़क गईं। हाल ही में नेहा धूपिया भी दे चुकीं हिदायत इससे पहले गोल्ड स्ट्रीमिंग अवॉर्ड सेरेमनी में नेहा धूपिया पैपराजी पर भड़क गई थीं। एक्ट्रेस ने बैक शॉट लेने और उन्हें पोस्ट करने पर नाराजगी जाहिर की और पैपराजी को कड़े शब्दों में वॉर्निंग भी दी। सेरेमनी से नेहा धूपिया अवॉर्ड लेकर निकल रही थीं। तभी पैपराजी ने उनके ग्रे हेयर पर कमेंट किया, जिसके जवाब में भड़कते हुए उन्होंने कहा है, ‘बोल लिया? कर लिया? ये बदतमीजी से बैक शॉट कौन लेता है तुम लोगों में से? कौन लेता है? छापता कौन है? मत करो। मेरा नहीं करना है, किसी का नहीं करना है। बोल-बोलकर थक गए हैं।’ आगे एक्ट्रेस ने कहा, ‘हम लोगों का काम नहीं है ये। हम बाहर आते हैं, तो आप लोग वहां ये सब करते हैं, बैग उठाकर, बुक उठाकर, पीछे से चलते हुए, ये सब नहीं चलेगा अभी। बंद करो ये सब। बहुत इज्जत से आप लोगों से बात करते हैं, ये सब मत करो। मत करो, बिल्कुल ये सब मत करो।’ ये एक्टर्स भी पैपराजी पर हाल ही में भड़के मलाइका अरोड़ा ने लगाई थी पैपराजी की क्लास कुछ समय पहले ही मलाइका अरोड़ा का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो पैपराजी पर गुस्सा करती दिखी थीं। दरअसल, एक इवेंट के बाद मलाइका एक शख्स से बात कर रही थीं, लेकिन पैपराजी प्राइवेसी देने के बजाए लगातार उनका वीडियो ले रहे थे। ये देख एक्ट्रेस भड़क गईं और कहा- इधर ही आ जाओ। सलमान भी पैपराजी पर भड़के थे वहीं, पिछले महीने सलमान खान भी पैपराजी पर भड़क गए थे। दरअसल, वे हिंदुजा अस्पताल पहुंचे थे, जहां से निकलते समय पैपराजी के शोर से एक्टर भड़क गए थे। हालांकि, बाद में जब सलमान फिल्म राजा शिवाजी की सक्सेस पार्टी में पहुंचे, तब सभी पैपराजी ने उनसे माफी मांगी थी। सलमान जैसे ही पार्टी में पहुंचे, वैसे ही सभी पैपराजी ने उन्हें घेर लिया और माफी मांगने लगे। सभी एक साथ, “सॉरी भाईजान, जोर से बोलो सॉरी”, कहते दिखे। इसके बाद सलमान ने भी उनकी माफी कबूल कर ली थी। गोविंदा के बॉडीगार्ड्स की हुई बहस बता दें कि इस पहले गोविंदा के बॉडीगार्ड्स की भी पैपराजी से बहस हो चुकी है। दरअसल, गोविंदा पिछले एक इवेंट में पहुंचे थे। वहां से निकलते हुए उन्हें पैपराजी ने घेर लिया था। जब उनके गार्ड्स ने निकलने की जगह बनाने के लिए लोगों को पीछे किया, तो पैपराजी ने आरोप लगाया कि उन्हें धक्का दिया गया। विवाद बढ़ने पर गोविंदा को खुद बीच-बचाव करना पड़ा था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
ब्रिटेन में मंदिर की जगह मुस्लिमों को बेचने पर विवाद:हिंदू समाज ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई; नीलामी की प्रक्रिया गलत होने का आरोप

लंदन से 120 किमी दूर पीटरबरो में 40 साल पुराने मंदिर और कम्युनिटी सेंटर की बिक्री को पर विवाद हो गया है। पीटरबरो सिटी काउंसिल ने न्यू इंग्लैंड कॉम्प्लेक्स को नीलामी के बाद एक मुस्लिम संस्था, यूनाइटेड किंगडम इस्लामिक मिशन, को बेचने का फैसला किया है। इसी परिसर में भारत हिंदू समाज का मंदिर चलता है, जो शहर और आसपास रहने वाले हजारों हिंदुओं का प्रमुख पूजा और सांस्कृतिक केंद्र है। फैसले से नाराज भारत हिंदू समाज ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर बिक्री प्रक्रिया को चुनौती दी है। भारत हिंदू समाज संगठन का आरोप है कि काउंसिल ने मंदिर की करीब 40 साल पुरानी धार्मिक और सामुदायिक भूमिका को नजरअंदाज किया। नीलामी के मूल्यांकन में भी गंभीर खामियां रहीं। बता दें कि फरवरी 2026 में हाई कोर्ट ने अंतरिम रोक लगाते हुए काउंसिल को बिक्री पूरी करने जैसे किसी भी कदम से रोक दिया था। अब न्यायिक समीक्षा में यह जांच हो रही है कि फैसला लेने की प्रक्रिया कानून के मुताबिक थी या नहीं। मंदिर प्रबंधन ने साफ किया है कि उसका विरोध मुस्लिम संस्था से नहीं, बल्कि काउंसिल के फैसले और प्रक्रिया से है। अब कोर्ट जांच करेगा कि संपत्ति बेचने का फैसला कानून और समानता के नियमों के मुताबिक लिया गया था या नहीं। मंदिर बंद होने से 56 किमी दूर जाने को मजबूर होंगे हिंदू भारत हिंदू समाज का कहना है कि पीटरबरो का यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि इलाके के 4,000 हिंदुओं का एकमात्र सामाजिक-सांस्कृतिक केंद्र भी है। यदि यह परिसर बंद होता है, तो हिंदुओं को पूजा-अर्चना व त्योहारों के लिए निकटतम मंदिर (कैंब्रिज-56 किमी) या (लेस्टर-64 किमी) का रुख करना पड़ेगा। घाटे के चलते बेचने पड़ रहे हैं परिसर, स्पोर्ट्स सेंटर व क्लब पीटरबरो का विवाद ब्रिटेन में अकेला नहीं है। यहां की काउंसिलें बढ़ते खर्च व कम सरकारी मदद के कारण सामाजिक परिसर, स्पोर्ट्स सेंटर व कम्युनिटी भवन बेचकर बजट संभाल रही हैं। 2025 के ‘की सिटीज’ सर्वे में 60% काउंसिलों ने संपत्ति बिक्री को घाटा भरने का रास्ता बताया। बर्मिंघम को 24-25 का बजट संतुलित करने के लिए 2,883 करोड़ रु. की संपत्तियां बेचने का लक्ष्य रखना पड़ा। नॉटिंघम का 2025-26 घाटा 267 करोड़ और चार वर्षों का कुल अनुमानित अंतर 689 करोड़ रु. था। नीलामी में खामियां, समीक्षा बिना मंजूरी दी गई भारत हिंदू समाज का आरोप है कि बिक्री के दौरान दोनों पक्षों की बोलियों का ठीक मूल्यांकन नहीं हुआ। अदालत में संगठन ने कहा कि काउंसिल ने जांच और स्कोरिंग में गलतियां कीं। इसके बाद काउंसिल सदस्यों ने उन्हीं सिफारिशों को पड़ताल के बिना स्वीकार कर लिया। संगठन का कहना है कि मामला केवल ऊंची बोली का नहीं, बल्कि धार्मिक स्थल का भी है। ——————————————— ये खबर भी पढ़ें…
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लंदन से 120 किमी दूर पीटरबरो में 40 साल पुराने मंदिर और कम्युनिटी सेंटर की बिक्री को पर विवाद हो गया है। पीटरबरो सिटी काउंसिल ने न्यू इंग्लैंड कॉम्प्लेक्स को नीलामी के बाद एक मुस्लिम संस्था, यूनाइटेड किंगडम इस्लामिक मिशन, को बेचने का फैसला किया है। इसी परिसर में भारत हिंदू समाज का मंदिर चलता है, जो शहर और आसपास रहने वाले हजारों हिंदुओं का प्रमुख पूजा और सांस्कृतिक केंद्र है। फैसले से नाराज भारत हिंदू समाज ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर बिक्री प्रक्रिया को चुनौती दी है। भारत हिंदू समाज संगठन का आरोप है कि काउंसिल ने मंदिर की करीब 40 साल पुरानी धार्मिक और सामुदायिक भूमिका को नजरअंदाज किया। नीलामी के मूल्यांकन में भी गंभीर खामियां रहीं। बता दें कि फरवरी 2026 में हाई कोर्ट ने अंतरिम रोक लगाते हुए काउंसिल को बिक्री पूरी करने जैसे किसी भी कदम से रोक दिया था। अब न्यायिक समीक्षा में यह जांच हो रही है कि फैसला लेने की प्रक्रिया कानून के मुताबिक थी या नहीं। मंदिर प्रबंधन ने साफ किया है कि उसका विरोध मुस्लिम संस्था से नहीं, बल्कि काउंसिल के फैसले और प्रक्रिया से है। अब कोर्ट जांच करेगा कि संपत्ति बेचने का फैसला कानून और समानता के नियमों के मुताबिक लिया गया था या नहीं। मंदिर बंद होने से 56 किमी दूर जाने को मजबूर होंगे हिंदू भारत हिंदू समाज का कहना है कि पीटरबरो का यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि इलाके के 4,000 हिंदुओं का एकमात्र सामाजिक-सांस्कृतिक केंद्र भी है। यदि यह परिसर बंद होता है, तो हिंदुओं को पूजा-अर्चना व त्योहारों के लिए निकटतम मंदिर (कैंब्रिज-56 किमी) या (लेस्टर-64 किमी) का रुख करना पड़ेगा। घाटे के चलते बेचने पड़ रहे हैं परिसर, स्पोर्ट्स सेंटर व क्लब पीटरबरो का विवाद ब्रिटेन में अकेला नहीं है। यहां की काउंसिलें बढ़ते खर्च व कम सरकारी मदद के कारण सामाजिक परिसर, स्पोर्ट्स सेंटर व कम्युनिटी भवन बेचकर बजट संभाल रही हैं। 2025 के ‘की सिटीज’ सर्वे में 60% काउंसिलों ने संपत्ति बिक्री को घाटा भरने का रास्ता बताया। बर्मिंघम को 24-25 का बजट संतुलित करने के लिए 2,883 करोड़ रु. की संपत्तियां बेचने का लक्ष्य रखना पड़ा। नॉटिंघम का 2025-26 घाटा 267 करोड़ और चार वर्षों का कुल अनुमानित अंतर 689 करोड़ रु. था। नीलामी में खामियां, समीक्षा बिना मंजूरी दी गई भारत हिंदू समाज का आरोप है कि बिक्री के दौरान दोनों पक्षों की बोलियों का ठीक मूल्यांकन नहीं हुआ। अदालत में संगठन ने कहा कि काउंसिल ने जांच और स्कोरिंग में गलतियां कीं। इसके बाद काउंसिल सदस्यों ने उन्हीं सिफारिशों को पड़ताल के बिना स्वीकार कर लिया। संगठन का कहना है कि मामला केवल ऊंची बोली का नहीं, बल्कि धार्मिक स्थल का भी है। ——————————————— ये खबर भी पढ़ें…
