Sunday, 30 Aug 2026 | 12:33 PM

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NEET UG Result Declared | Over 80,000 Students Selected, Counseling to Start

NEET UG Result Declared | Over 80,000 Students Selected, Counseling to Start

Hindi News Career NEET UG Result Declared | Over 80,000 Students Selected, Counseling To Start 2 मिनट पहले कॉपी लिंक NTA ने Re NEEt यूजी 2026 रिजल्ट जारी कर दिया है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट Re-NEET UG 2026 Result” या “NEET UG 2026 Score Card” पर जाकर रिजल्ट चेक कर सकते हैं। 11.21 लाख कैंडिडेट्स क्‍वालिफाई कुल 11.21 लाख कैंडिडेट्स रीएग्‍जाम में क्‍वालिफाई हुए हैं। छात्राओं का पास पर्सेंट छात्रों से बेहतर रहा है। इस बार 138 उम्‍मीदवारों ने 720 में से 690 से ज्‍यादा स्‍कोर किया है। पंजाब के आर्यन गुप्‍ता आर हरियाणा के पांशुल बंसल 715 नंबर के साथ कंबाइंड टॉपर बने हैं। 2 भागों में होगी काउंसलिंग : MCC (AIQ) काउंसलिंग – 15% ऑल इंडिया कोटा सीटें, AIIMS, JIPMER, केंद्रीय विश्वविद्यालय, ESIC और Deemed Universities की सीटें। राज्य कोटा काउंसलिंग – प्रत्येक राज्य की 85% सरकारी मेडिकल सीटें और अधिकांश निजी मेडिकल कॉलेजों की सीटें। स्टूडेंट्स सोशल मीडिया पर चल रही रिजल्ट की फर्जी खबरों पर भरोसा न करें और सिर्फ ऑफिशियल अपडेट ही देखें। 21 जून को हुई थी एग्जाम री-NEET UG 2026 परीक्षा 21 जून 2026 (रविवार) को आयोजित की गई थी। यह परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से 5:15 बजे तक ऑफलाइन (OMR आधारित) मोड में हुई। इस एग्जाम के लिए 22 लाख स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इससे पहले NEET UG 2026 परीक्षा 3 मई को हुई थी, लेकिन पेपर लीक विवाद के बाद उसे रद्द कर दिया गया और री-एग्जाम कराया गया। भारत के 551 शहरों में आयोजन Re Neet यूजी 2026 भारत के 551 शहरों में 5,440 एग्जाम सेंटर पर और विदेशों में 14 केंद्रों पर आयोजित की गई। प्रश्न पत्रों की सुरक्षा के लिए पहली बार भारतीय वायुसेना की मदद ली गई। इसके तहत C – 17 परिवहन विमान और Mi – 17 हेलिकॉप्टर के जरिये नीट पेपर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए गए। ये खबर भी पढ़ें अंडरगारमेंट्स में मोबाइल लेकर NEET एग्जाम देने पहुंची छात्रा:MBBS स्टूडेंट्स एग्जाम देते अरेस्ट; 9 पसलियां टूटने के बाद भी सृष्टि ने दी परीक्षा रविवार 21 जून यानी को NEET का दोबारा एग्जाम हुआ। इस दौरान जहां बिहार में एक बड़े सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश हुआ। वहीं एक छात्रा अंडरगारमेंट्स में मोबाइल के साथ एग्जाम हॉल में पकड़ी गई। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

विश्व कप मैच के बाद फॉकलैंड पर फिर भिड़े अर्जेंटीना-ब्रिटेन:ब्रिटिश वॉरशिप के समुद्री इलाके में घुसने का आरोप; खिलाड़ियों के बैनर से बढ़ा विवाद

विश्व कप मैच के बाद फॉकलैंड पर फिर भिड़े अर्जेंटीना-ब्रिटेन:ब्रिटिश वॉरशिप के समुद्री इलाके में घुसने का आरोप; खिलाड़ियों के बैनर से बढ़ा विवाद

फीफा विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराने के कुछ घंटों बाद अर्जेंटीना और ब्रिटेन के बीच फॉकलैंड द्वीप को लेकर नया विवाद शुरू हो गया। अर्जेंटीना ने आरोप लगाया कि ब्रिटेन की रॉयल नेवी का वॉरशिप HMS मेडवे बिना अनुमति उसके समुद्री क्षेत्र में घुस आया। अर्जेंटीना ने इसे सैन्य घुसपैठ करार दिया। विदेश मंत्री पाब्लो क्विर्नो ने कहा कि इस मामले में ब्रिटिश दूतावास के सामने औपचारिक विरोध दर्ज कराया गया है। वहीं ब्रिटेन ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि यात्रा की जानकारी पहले ही अर्जेंटीना सरकार को दे दी गई थी और यह अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप थी। यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब इंग्लैंड को हराकर फाइनल में पहुंचने के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने मैदान पर ‘लास माल्विनास सन अर्जेंटीना’ (माल्विनास अर्जेंटीना का है) लिखा बैनर लहराया। अर्जेंटीना में फॉकलैंड को माल्विनास कहा जाता है। इस घटना के बाद दोनों देशों का पुराना विवाद फिर चर्चा में आ गया।

NEET UG 2026 Result Declared

NEET UG 2026 Result Declared

नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस साल करीब 20 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 11.21 लाख उम्मीदवार मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं। उम्मीदवार अपना स्कोरकार्ड neet.nta.nic.in पर देख सकते हैं। पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक हासिल कर ऑल इंडिया टॉप किया। परीक्षा में 19 उम्मीदवारों ने 700 से ज्यादा, जबकि 138 उम्मीदवारों ने 690 से अधिक अंक हासिल किए। इन टॉप स्कोरर्स में 93% से ज्यादा छात्र पहली बार NEET परीक्षा देने वाले थे और 99% टॉप रैंकर्स की उम्र 17 से 19 साल के बीच रही। इस साल छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों से बेहतर रहा। क्वालिफाई करने वाले कुल उम्मीदवारों में 58% से ज्यादा छात्राएं और 55.1% छात्र हैं। NEET-UG 2026 की परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में आयोजित की गई थी। यह परीक्षा 13 भाषाओं में हुई, जिसमें देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ विदेशों के स्टूडेंट्स ने भी हिस्सा लिया। इस साल परीक्षा देश और विदेश के 551 शहरों में बने 5,440 परीक्षा केंद्रों पर कराई गई। 2027 से कंप्यूटर आधारित होगी NEET परीक्षा पेपर लीक के बाद सरकार ने NEET परीक्षा में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। 2027 से NEET-UG कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। फिलहाल परीक्षा ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में होती है। नई व्यवस्था में स्टूडेंट्स कंप्यूटर पर सवाल हल करेंगे। हालांकि, सिलेबस, प्रश्नों की संख्या, विषय और मार्किंग स्कीम में कोई बदलाव नहीं होगा। उम्मीदवारों को ऑनलाइन परीक्षा के लिए पहले से मॉक टेस्ट और डेमो की सुविधा भी दी जाएगी, ताकि वे नए सिस्टम के अनुसार तैयारी कर सकें। सुधारों के लिए बनी थी समिति जून 2024 में शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा सुधारों के लिए पूर्व ISRO अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई थी। समिति को परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सुझाव देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

सावन मेहंदी डिजाइन: सावन में 7 मेहंदी डिजाइनों से सजाएं अपने हाथों से, हर कोई सजाएगा महफिल, लूट लेगी महफिल

सावन मेहंदी डिजाइन

16 जुलाई 2026 को 22:11 IST पर अपडेट किया गया सावन मेहंदी डिजाइन: सावन की फुहारों और हरियाली के बीच हाथों पर रची मेहंदी की खूबसूरती और खूबसूरती का अपना ही मजा होता है। अगर आप भी इस सावन के अपने हाथों को सुंदर और आकर्षक बनाना चाहते हैं, तो यहां दिए गए 7 टैग डिजाइन आपके लिए एकदम सही लगेंगे। अनुसरण करना : अरेबिक बिल्डिंग डिजाइन: ये डिजाइन अपनी सादगी और सुंदरता के लिए जाना जाता है। इसमें बेल वाली डिजाइन होती है जो हाथों पर बहुत जंचती है। छवि: एआई पुष्प लेआउट डिजाइन: सावन का मतलब ही हरियाली और फूल-पत्ती है। इस मौसम के लिए सबसे बेहतरीन पद के लिए इसलिए फूलों वाली डिजाइन डिजाइन है। छवि: एआई मंडला आर्ट प्लानिंग: अगर आप कम समय में कुछ ट्रेंडी लाॅन्च करते हैं, तो पत्थरों के बीच में बना ये चक्र वाला डिजाइन बहुत ही प्यारा लगता है। छवि: एआई ट्रेडिशनल बेल डिज़ाइन: यह सदाबहार डिज़ाइन है। पथरी से लेकर साबिम तक ने इस लंबे बेल हाथों को भरा-भरा और सुंदर लुक दिया है। छवि: एआई मिनिमल वैज्ञानिक डिजाइन: अगर आपको बहुत ज्यादा भारी हुआ पौधा पसंद नहीं है, तो आप सिर्फ जाल या छोटे फूलों का काम करवा सकते हैं। छवि: एआई मोर डिजाइन: सावन और मोर का गहरा नाता है। इंग्लिश में मोर का डिज़ाइन काफी फेमस है और यह हाथों को बहुत ही ट्रेडिशनल लुक देता है। छवि: एआई चेकर्ड बिल्डिंग डिज़ाइन: यह डिज़ाइन थोड़ा अलग और स्कॉलर लुक देता है। थियोलिथिक के कुछ सिद्धांतों को चेक करने के लिए यानी चौकोर खानों के बाजारों में फूलों का काम किया जाता है। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 16 जुलाई 2026 22:11 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)सावन मेहंदी डिजाइन(टी)नवीनतम मेहंदी डिजाइन 2026(टी)सुंदर हाथ मेहंदी(टी)आसान मेहंदी डिजाइन(टी)सावन विशेष मेहंदी(टी)पारंपरिक मेहंदी पैटर्न(टी)ट्रेंडी पुष्प मेहंदी

छिपकली हटाने के टिप्स: छिपकली के मौसम में आपके भी घर में छिपकली का बच्चा लगे? इन 5 घरेलू नुस्खों से तुरंत शुरुआत

छिपकली हटाने के उपाय

16 जुलाई 2026 को 21:34 IST पर अपडेट किया गया छिपकली हटाने के टिप्स: इस मौसम में आपके भी घर में छिपकली के छोटे-छोटे बच्चे दिखाई देने लगते हैं। इसे बिल्कुल भी लाइसेंस प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं है। इस बात का संकेत है कि आपके घर का सम्राट उनके लिए एकदम उपयुक्त बन गया है। वहाँ अक्सर अपनी-अपनी शब्दावली रचनाएँ होती हैं जहाँ उन्हें भोजन, छिपकली और छिपकली के लिए सेफ जगह मिल जाती है। इसके अलावा खुले में खाना बनाकर रखा जाता है और घर में मौजूद कीड़े मकोड़े उन्हें तेजी से आकर्षित करते हैं। अनुसरण करना : चिपचिप झीलों के तट पर आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण: दीवारों के अभिलेख, ज्योतिष और डेस्टिनेशन के माध्यम से घर में घुसेड़ते हैं। इन पुराने को बंद कर दें और घर की साफ-सफाई को बरकरार रखें ताकि उन्हें छिपने का कोई कोना न मिले। छवि: एआई काली मिर्च का झटका: एक बोतल में पानी और काली मिर्च या लाल मिर्च का पाउडर मिलाया जाता है। इस डायनासोर को उन जगहों पर छिड़कें जहां छिपकली के बच्चे अक्सर दिखते हैं। इसकी अपवित्र गंध से वे दूर भागती हैं। छवि: एआई लहसुन और प्याज: लहसुन की कलियाँ या कटा हुआ प्याज़ कलाकारों और विद्वानों के नाख़ून में। चमकदार गंध वाले छिपकली को पसंद नहीं किया जाता है और वे ऐसे स्थान से दूर रहते हैं। छवि: एआई अंडे के छिलके: अंडे के छिलकों को साफ करके खिड़की या दुकान के पास रखें। यह एक पुरानी और प्रभावशाली कंपनी है। चिपलकियाँ इन छिलकों की गंध या सम्मिलित से दूर भागती हैं। उदाहरणार्थ समय-समय पर अस्थिर रहना। छवि: एआई एनीमेशन को कम करें: आइसलैंड वाली जगहें छिपकलीपियों को बहुत पसंद हैं। रसीले और साकीत की साज़िश को खुला रखा गया ताकि हवा बनी रहे। पानी का सामान हो तो उसे तुरंत ठीक करें ताकि घर सूखा बन जाए। छवि: एआई उपचार और नेफ़थलीन: घर में पेपरमिंट या नीलगिरी के प्लांट्स या इनके तेल का छिड़काव करें। नेफथलीन की गोलियों की अलमारी और सिंक के नीचे। व्युत्पत्ति हमेशा भोजन-पीने की नीवे से दूर रहती है। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 16 जुलाई 2026 21:34 IST पर

Shekhawati Group of Institutions Sikar

Shekhawati Group of Institutions Sikar

Hindi News Business Shekhawati Group Of Institutions Sikar | Leading Technical Medical Education 14 मिनट पहले कॉपी लिंक राजस्थान की धरती से शुरू हुई एक शैक्षणिक क्रांति, जो आज तकनीकी, मेडिकल और रोजगारोन्मुख शिक्षा का राष्ट्रीय मॉडल बनती जा रही है। भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था तेजी से बदल रही है। आज केवल डिग्री ही सफलता का पैमाना नहीं रही, बल्कि रोजगार, कौशल, नवाचार, अनुसंधान, उद्यमिता और वैश्विक अवसरों के लिए तैयार होना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। ऐसे दौर में कुछ संस्थान केवल शिक्षा नहीं देते, बल्कि भविष्य का निर्माण करते हैं। राजस्थान के सीकर जिले में स्थित शेखावटी ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन्स इसी परिवर्तन का सशक्त उदाहरण है। आज SGI केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि एक बहु-विषयक शैक्षणिक इकोसिस्टम बन चुका है, जहां आधुनिक तकनीक, उद्योगोन्मुख शिक्षा, अनुसंधान, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, प्लेसमेंट और व्यक्तित्व विकास को एक ही परिसर में समाहित किया गया है। संस्थान के अनुसार, पिछले 26 वर्षों में इसने हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, सरकारी सेवाओं और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एक सपना जिसने बदल दी हजारों युवाओं की दिशा हर बड़ी संस्था की शुरुआत एक विचार से होती है। SGI की कहानी भी एक ऐसे ही संकल्प से शुरू हुई। संस्थान की स्थापना इंजीनियर रणजीत सिंह ने उस समय की, जब अधिकांश युवा इंजीनियरिंग के बाद बहुराष्ट्रीय कंपनियों या विदेशों की ओर बढ़ना चाहते थे। कम्प्यूटर साइंस इंजीनियर होने के बावजूद उन्होंने अलग राह चुनी। उनका विश्वास था कि यदि गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो, तो प्रतिभाशाली युवाओं को अपने सपनों के लिए महानगरों या विदेशों की ओर पलायन नहीं करना पड़े। इसी सोच के साथ 6 मई 2001 को कम्प्यूटर एवं प्रोफेशनल एजुकेशन से शुरुआत हुई। प्रारंभ में BBA, BCA, MBA और MCA जैसे रोजगारोन्मुख कार्यक्रम संचालित किए गए। समय के साथ यह प्रयास राजस्थान के अग्रणी तकनीकी एवं मेडिकल शिक्षण समूहों में विकसित हो गया। लगभग 90 एकड़ में फैला हरित एवं आवासीय परिसर विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए तैयार किया गया है। एक ही परिसर में 50 से अधिक रोजगारोन्मुख कार्यक्रम बहु-विषयक शिक्षा की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए SGI एक ही परिसर में 50+ Professional एवं Career-Oriented Programmes संचालित करता है। इनमें— Engineering, Artificial Intelligence & Machine Learning, Data Science, Agriculture, BCA, MCA, BBA, MBA, Commerce, Science, Arts, Pharmacy, Nursing,Paramedical,Veterinary Science, Ayurveda, BNYS, Homeopathy, Clinical Psychology, Hotel Management, Teacher Education, Law, Polytechnic, ITI सहित अनेक Degree एवं Diploma Programmes शामिल हैं। Degree भी… Government Job की तैयारी भी आज लाखों युवाओं का सपना IAS, RAS, SSC, Banking, Railway, Defence, Police, Patwari, REET, RPSC, CET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करना है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए SGI ने ऐसा शैक्षणिक मॉडल विकसित किया है, जिसमें विद्यार्थी नियमित Graduation के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्थित तैयारी भी कर सकते हैं। संस्थान के विद्यार्थियों ने REET, RPSC, RAS, SSC, CET, Police, Patwari तथा Teacher Recruitment सहित अनेक सरकारी सेवाओं में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। विशेष रूप से CET में लगभग 60% चयन तथा अनेक बैचों के विद्यार्थियों का विभिन्न सरकारी विभागों में चयन संस्थान की उपलब्धियों को दर्शाता है। यहां डिग्री के साथ Placements की जिम्मेदारी भी निभाई जाती है। इसी विज़न के साथ SGI ने शिक्षा, कौशल विकास और Industry Connect का ऐसा सशक्त मॉडल विकसित किया है, जिसने इसे Academic Excellence के साथ-साथ Placement Excellence की भी पहचान दिलाई है। उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, आधुनिक प्रयोगशालाएँ, उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण, व्यक्तित्व विकास, Communication Skills, Resume Building, Mock Interviews, Corporate Grooming, Internships और Career Development Programmes के माध्यम से विद्यार्थियों को पहले दिन से ही Industry Ready बनाया जाता है। इसी सुदृढ़ तैयारी का परिणाम है कि प्रत्येक वर्ष SGI परिसर में विभिन्न विभागों के लिए दो भव्य Mega Placement Drives आयोजित किए जाते हैं। देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ SGI पहुँचती हैं और Engineering, Information Technology, Agriculture, Management, Pharmacy, Healthcare, Education तथा अन्य Professional Domains के विद्यार्थियों को उत्कृष्ट करियर अवसर प्रदान करती हैं। यह केवल Placement Drive नहीं… यह वर्षों की Academic Excellence पर उद्योग जगत के विश्वास का प्रमाण है। पिछले 25 वर्षों में SGI का 40,000 से अधिक Alumni Network देश और विदेश के विभिन्न उद्योगों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों, कॉर्पोरेट संगठनों, स्टार्टअप्स तथा सरकारी सेवाओं में अपनी सफलता की नई पहचान बना चुका है। आज SGI का कोई न कोई विद्यार्थी भारत के लगभग हर प्रमुख सेक्टर में अपनी प्रतिभा का योगदान दे रहा है। इस गौरवशाली यात्रा के पीछे है संस्थान के Chairman रणजीत सिंह की दूरदर्शी सोच—एक ऐसा विज़न जिसने शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि उसे रोजगार, कौशल, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण से जोड़ा। यही कारण है कि आज Shekhawati Group of Institutions, Sikar केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं… बल्कि हजारों परिवारों के विश्वास, लाखों सपनों और सफल करियर की पहचान बन चुका है। SGI Sikar… जहाँ Academic Excellence से शुरू होती है यात्रा, और Placement Excellence पर बनती है सफलता की नई कहानी। Key Highlights 9000+ Running Students 500+ Experienced Faculty 50+ Professional Programmes 40,000+ Successful Alumni 600+ Hostel Capacity 90+ Acre Modern Campus 286+ Placement Companies 150+ Industry Collaborations 6000+ Successful Placements 60+ University Toppers 43+ Gold Medalists ₹44 Lakh Highest Package देश-विदेश की प्रतिष्ठित Multinational Companies, Hospitals, Research Organisations, Educational Institutions तथा Government Departments में कार्यरत हजारों Alumni संस्थान की गुणवत्ता के सशक्त प्रमाण हैं। सम्मान जो गुणवत्ता की गवाही देते हैं SGI की शैक्षणिक उत्कृष्टता को समय-समय पर राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया है। संस्थान के संस्थापक एवं अध्यक्ष इंजीनियर रणजीत सिंह को उत्कृष्ट तकनीकी शिक्षा के लिए भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा सम्मानित किया गया। संस्थान को Hindustan Times, Bikaner Technical University, Rajasthan University of Veterinary and Animal Sciences, राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र तथा भारत सरकार के केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया द्वारा भी विभिन्न अवसरों पर सम्मान प्राप्त हुए हैं। ये सम्मान संस्थान की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और उत्कृष्ट शिक्षा के प्रमाण हैं। Learn Today. Lead Tomorrow. Admissions Open | Session 2026–27 दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें

Shekhawati Group of Institutions Sikar

Shekhawati Group of Institutions Sikar

Hindi News Business Shekhawati Group Of Institutions Sikar | Leading Technical Medical Education 30 मिनट पहले कॉपी लिंक राजस्थान की धरती से शुरू हुई एक शैक्षणिक क्रांति, जो आज तकनीकी, मेडिकल और रोजगारोन्मुख शिक्षा का राष्ट्रीय मॉडल बनती जा रही है। भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था तेजी से बदल रही है। आज केवल डिग्री ही सफलता का पैमाना नहीं रही, बल्कि रोजगार, कौशल, नवाचार, अनुसंधान, उद्यमिता और वैश्विक अवसरों के लिए तैयार होना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। ऐसे दौर में कुछ संस्थान केवल शिक्षा नहीं देते, बल्कि भविष्य का निर्माण करते हैं। राजस्थान के सीकर जिले में स्थित शेखावटी ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन्स इसी परिवर्तन का सशक्त उदाहरण है। आज SGI केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि एक बहु-विषयक शैक्षणिक इकोसिस्टम बन चुका है, जहां आधुनिक तकनीक, उद्योगोन्मुख शिक्षा, अनुसंधान, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, प्लेसमेंट और व्यक्तित्व विकास को एक ही परिसर में समाहित किया गया है। संस्थान के अनुसार, पिछले 26 वर्षों में इसने हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, सरकारी सेवाओं और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एक सपना जिसने बदल दी हजारों युवाओं की दिशा हर बड़ी संस्था की शुरुआत एक विचार से होती है। SGI की कहानी भी एक ऐसे ही संकल्प से शुरू हुई। संस्थान की स्थापना इंजीनियर रणजीत सिंह ने उस समय की, जब अधिकांश युवा इंजीनियरिंग के बाद बहुराष्ट्रीय कंपनियों या विदेशों की ओर बढ़ना चाहते थे। कम्प्यूटर साइंस इंजीनियर होने के बावजूद उन्होंने अलग राह चुनी। उनका विश्वास था कि यदि गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो, तो प्रतिभाशाली युवाओं को अपने सपनों के लिए महानगरों या विदेशों की ओर पलायन नहीं करना पड़े। इसी सोच के साथ 6 मई 2001 को कम्प्यूटर एवं प्रोफेशनल एजुकेशन से शुरुआत हुई। प्रारंभ में BBA, BCA, MBA और MCA जैसे रोजगारोन्मुख कार्यक्रम संचालित किए गए। समय के साथ यह प्रयास राजस्थान के अग्रणी तकनीकी एवं मेडिकल शिक्षण समूहों में विकसित हो गया। लगभग 90 एकड़ में फैला हरित एवं आवासीय परिसर विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए तैयार किया गया है। एक ही परिसर में 50 से अधिक रोजगारोन्मुख कार्यक्रम बहु-विषयक शिक्षा की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए SGI एक ही परिसर में 50+ Professional एवं Career-Oriented Programmes संचालित करता है। इनमें— Engineering, Artificial Intelligence & Machine Learning, Data Science, Agriculture, BCA, MCA, BBA, MBA, Commerce, Science, Arts, Pharmacy, Nursing,Paramedical,Veterinary Science, Ayurveda, BNYS, Homeopathy, Clinical Psychology, Hotel Management, Teacher Education, Law, Polytechnic, ITI सहित अनेक Degree एवं Diploma Programmes शामिल हैं। Degree भी… Government Job की तैयारी भी आज लाखों युवाओं का सपना IAS, RAS, SSC, Banking, Railway, Defence, Police, Patwari, REET, RPSC, CET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करना है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए SGI ने ऐसा शैक्षणिक मॉडल विकसित किया है, जिसमें विद्यार्थी नियमित Graduation के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्थित तैयारी भी कर सकते हैं। संस्थान के विद्यार्थियों ने REET, RPSC, RAS, SSC, CET, Police, Patwari तथा Teacher Recruitment सहित अनेक सरकारी सेवाओं में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। विशेष रूप से CET में लगभग 60% चयन तथा अनेक बैचों के विद्यार्थियों का विभिन्न सरकारी विभागों में चयन संस्थान की उपलब्धियों को दर्शाता है। यहां डिग्री के साथ Placements की जिम्मेदारी भी निभाई जाती है। इसी विज़न के साथ SGI ने शिक्षा, कौशल विकास और Industry Connect का ऐसा सशक्त मॉडल विकसित किया है, जिसने इसे Academic Excellence के साथ-साथ Placement Excellence की भी पहचान दिलाई है। उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, आधुनिक प्रयोगशालाएँ, उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण, व्यक्तित्व विकास, Communication Skills, Resume Building, Mock Interviews, Corporate Grooming, Internships और Career Development Programmes के माध्यम से विद्यार्थियों को पहले दिन से ही Industry Ready बनाया जाता है। इसी सुदृढ़ तैयारी का परिणाम है कि प्रत्येक वर्ष SGI परिसर में विभिन्न विभागों के लिए दो भव्य Mega Placement Drives आयोजित किए जाते हैं। देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ SGI पहुँचती हैं और Engineering, Information Technology, Agriculture, Management, Pharmacy, Healthcare, Education तथा अन्य Professional Domains के विद्यार्थियों को उत्कृष्ट करियर अवसर प्रदान करती हैं। यह केवल Placement Drive नहीं… यह वर्षों की Academic Excellence पर उद्योग जगत के विश्वास का प्रमाण है। पिछले 25 वर्षों में SGI का 40,000 से अधिक Alumni Network देश और विदेश के विभिन्न उद्योगों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों, कॉर्पोरेट संगठनों, स्टार्टअप्स तथा सरकारी सेवाओं में अपनी सफलता की नई पहचान बना चुका है। आज SGI का कोई न कोई विद्यार्थी भारत के लगभग हर प्रमुख सेक्टर में अपनी प्रतिभा का योगदान दे रहा है। इस गौरवशाली यात्रा के पीछे है संस्थान के Chairman रणजीत सिंह की दूरदर्शी सोच—एक ऐसा विज़न जिसने शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि उसे रोजगार, कौशल, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण से जोड़ा। यही कारण है कि आज Shekhawati Group of Institutions, Sikar केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं… बल्कि हजारों परिवारों के विश्वास, लाखों सपनों और सफल करियर की पहचान बन चुका है। SGI Sikar… जहाँ Academic Excellence से शुरू होती है यात्रा, और Placement Excellence पर बनती है सफलता की नई कहानी। Key Highlights 9000+ Running Students 500+ Experienced Faculty 50+ Professional Programmes 40,000+ Successful Alumni 600+ Hostel Capacity 90+ Acre Modern Campus 286+ Placement Companies 150+ Industry Collaborations 6000+ Successful Placements 60+ University Toppers 43+ Gold Medalists ₹44 Lakh Highest Package देश-विदेश की प्रतिष्ठित Multinational Companies, Hospitals, Research Organisations, Educational Institutions तथा Government Departments में कार्यरत हजारों Alumni संस्थान की गुणवत्ता के सशक्त प्रमाण हैं। सम्मान जो गुणवत्ता की गवाही देते हैं SGI की शैक्षणिक उत्कृष्टता को समय-समय पर राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया है। संस्थान के संस्थापक एवं अध्यक्ष इंजीनियर रणजीत सिंह को उत्कृष्ट तकनीकी शिक्षा के लिए भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा सम्मानित किया गया। संस्थान को Hindustan Times, Bikaner Technical University, Rajasthan University of Veterinary and Animal Sciences, राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र तथा भारत सरकार के केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया द्वारा भी विभिन्न अवसरों पर सम्मान प्राप्त हुए हैं। ये सम्मान संस्थान की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और उत्कृष्ट शिक्षा के प्रमाण हैं। Learn Today. 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Tech Mahindra Q1 Results | Profit Surges 28 Percent Revenue Growth

Tech Mahindra Q1 Results | Profit Surges 28 Percent Revenue Growth

मुंबई15 मिनट पहले कॉपी लिंक टेक महिंद्रा का वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कॉन्सोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार (YoY) 28% बढ़कर ₹1,465 करोड़ हो गया। एक साल पहले की समान तिमाही (Q1FY26) में कंपनी को ₹1,140 करोड़ का मुनाफा हुआ था। आज (16 जुलाई) को कंपनी ने पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी किए हैं। नतीजों के पहले टेक महिंद्रा का शेयर 1.13% बढ़कर 1,515 रुपए पर बंद हुआ। बीते एक साल में शेयर 6% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 1.48 लाख करोड़ रुपए है। रेवेन्यू 17.67% बढ़कर ₹15,711 करोड़ रहा टेक महिंद्रा के ऑपरेशन से रेवेन्यू में सालाना आधार पर 17.67% की बढ़ोतरी हुई है। FY27 की पहली तिमाही में ऑपरेशन से रेवेन्यू ₹15,711 करोड़ रहा। एक साल पहले की समान तिमाही यानी FY26 की पहली तिमाही में रेवेन्यू ₹13,351 करोड़ रहा था। पहली तिमाही में कंपनी की टोटल इनकम सालाना आधार (YoY) पर 15% बढ़कर 15,605 करोड़ रुपए रही, जो पिछले साल की समान तिमाही में 13,569 करोड़ रुपए थी। कॉन्सोलिडेटेड यानी पूरी कंपनी की रिपोर्ट कंपनियों के रिजल्ट दो भागों में आते हैं- स्टैंडअलोन और कॉन्सोलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है। जबकि, कॉन्सोलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। ये खबर भी पढ़ें… विप्रो को पहली तिमाही में ₹3,352 करोड़ का मुनाफा: रेवेन्यू 10% बढ़ा, कंपनी ने ₹2 डिविडेंड का ऐलान किया; एट्रिशन रेट 13.9% रहा आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी विप्रो लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का पहली तिमाही में कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 0.6% बढ़कर 3,352 करोड़ रुपए रहा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Tech Mahindra Q1 Results | Profit Surges 28 Percent Revenue Growth

Tech Mahindra Q1 Results | Profit Surges 28 Percent Revenue Growth

मुंबई50 मिनट पहले कॉपी लिंक टेक महिंद्रा का वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कॉन्सोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार (YoY) 28% बढ़कर ₹1,465 करोड़ हो गया। एक साल पहले की समान तिमाही (Q1FY26) में कंपनी को ₹1,140 करोड़ का मुनाफा हुआ था। आज (16 जुलाई) को कंपनी ने पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी किए हैं। नतीजों के पहले टेक महिंद्रा का शेयर 1.13% बढ़कर 1,515 रुपए पर बंद हुआ। बीते एक साल में शेयर 6% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 1.48 लाख करोड़ रुपए है। रेवेन्यू 17.67% बढ़कर ₹15,711 करोड़ रहा टेक महिंद्रा के ऑपरेशन से रेवेन्यू में सालाना आधार पर 17.67% की बढ़ोतरी हुई है। FY27 की पहली तिमाही में ऑपरेशन से रेवेन्यू ₹15,711 करोड़ रहा। एक साल पहले की समान तिमाही यानी FY26 की पहली तिमाही में रेवेन्यू ₹13,351 करोड़ रहा था। पहली तिमाही में कंपनी की टोटल इनकम सालाना आधार (YoY) पर 15% बढ़कर 15,605 करोड़ रुपए रही, जो पिछले साल की समान तिमाही में 13,569 करोड़ रुपए थी। कॉन्सोलिडेटेड यानी पूरी कंपनी की रिपोर्ट कंपनियों के रिजल्ट दो भागों में आते हैं- स्टैंडअलोन और कॉन्सोलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है। जबकि, कॉन्सोलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। ये खबर भी पढ़ें… विप्रो को पहली तिमाही में ₹3,352 करोड़ का मुनाफा: रेवेन्यू 10% बढ़ा, कंपनी ने ₹2 डिविडेंड का ऐलान किया; एट्रिशन रेट 13.9% रहा आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी विप्रो लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का पहली तिमाही में कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 0.6% बढ़कर 3,352 करोड़ रुपए रहा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

बंगाल की खाड़ी में दो नावें डूबीं,500 मौतों की आशंका:ज्यादातर रोहिंग्या सवार थे, खराब मौसम की वजह से हादसा

बंगाल की खाड़ी में दो नावें डूबीं,500 मौतों की आशंका:ज्यादातर रोहिंग्या सवार थे, खराब मौसम की वजह से हादसा

म्यांमार में हिंसा से बचकर भाग रहे 500 से ज्यादा लोगों के समुद्र में लापता होने की आशंका है। संयुक्त राष्ट्र की दो एजेंसियों के मुताबिक, म्यांमार के तट के पास खराब मौसम में दो नावें गायब हो गईं। इनमें सवार ज्यादातर लोग रोहिंग्या समुदाय के थे। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) और संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने संयुक्त बयान में बताया कि दोनों नावें जून के आखिर में म्यांमार के पश्चिमी रखाइन राज्य से रवाना हुई थीं। पहली नाव में करीब 250 लोग सवार थे। रवाना होने के कुछ ही समय बाद उससे संपर्क टूट गया। दूसरी नाव में करीब 280 यात्री सवार थे और माना जा रहा है कि वह 8 जुलाई को म्यांमार के अयेयारवाडी तट के पास डूब गई। रोहिंग्या लोगों के पास किसी देश की नागरिकता नहीं रोहिंग्या म्यांमार के रखाइन राज्य का एक मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय है। दशकों से यह समुदाय सरकारी उत्पीड़न, हिंसा और भेदभाव का सामना कर रहा है। म्यांमार की बौद्ध बहुसंख्यक सरकार और वहां के स्थानीय लोग रोहिंग्याओं को म्यांमार का मूल निवासी नहीं मानते। उनका दावा है कि ये लोग ब्रिटिश शासनकाल के दौरान बांग्लादेश (तत्कालीन बंगाल) से आए अवैध अप्रवासी हैं। उन्हें आधिकारिक तौर पर ‘बंगाली’ कहकर पुकारा जाता है। रोहिंग्या समुदाय का कहना है कि वे रखाइन क्षेत्र में आठवीं सदी या उससे भी पहले से रह रहे हैं और वे वहीं के मूल निवासी हैं। साल 1982 में रोहिंग्याओं को नागरिकता देने से इनकार कर दिया गया। इसके कारण वे बिना किसी देश के नागरिक बन गए। उन्हें बुनियादी अधिकार जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, यात्रा और शादी करने तक की आजादी नहीं है। करीब 12 लाख रोहिंग्या फिलहाल बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं। ये लोग म्यांमार की सेना की हिंसा से बचकर वहां पहुंचे थे। हाल के वर्षों में अमेरिका और अन्य देशों की विदेशी सहायता में कटौती के कारण इन शिविरों में खाद्य राशन भी कम कर दिया गया है। रोहिंग्या शरणार्थियों के पास सुरक्षित तरीके से म्यांमार लौटने का कोई रास्ता नहीं है। 2017 में म्यांमार की सेना पर रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसा करने के आरोप लगे थे, जिसे कई देशों ने नरसंहार (जेनोसाइड) माना है। जो रोहिंग्या अब भी म्यांमार में रह रहे हैं, उन्हें कड़ी पाबंदियों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें से कई लोग नजरबंदी शिविरों में रहने को मजबूर हैं। मलेशिया पहुंचने के लिए उठा रहे जानलेवा जोखिम आमतौर पर रोहिंग्या इस मौसम में समुद्र के रास्ते यात्रा करने से बचते हैं, क्योंकि मानसून के दौरान समुद्र बेहद खतरनाक हो जाता है। हालांकि म्यांमार में हिंसा और बांग्लादेश के भीड़भाड़ वाले शरणार्थी शिविरों में खराब हालात के कारण रोहिंग्या समुदाय के लोग वर्षों से जर्जर लकड़ी की नावों में बैठकर मलेशिया, इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे देशों तक पहुंचने की कोशिश करते रहे हैं। खराब परिस्थितियों के कारण बड़ी संख्या में रोहिंग्या लोग जर्जर नावों के जरिए मलेशिया पहुंचने की कोशिश करते हैं। इस दौरान हजारों लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें नवजात बच्चे, बच्चे और गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि कई बार स्थानीय समुद्री एजेंसियां संकट में फंसी नावों की मदद भी नहीं करतीं। दुनिया के सबसे खतरनाक समुद्री रास्तों में एक संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 2025 में अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी में करीब 900 रोहिंग्या शरणार्थी मारे गए या लापता हो गए थे। यह दुनिया में शरणार्थियों और प्रवासियों के लिए सबसे खतरनाक समुद्री मार्ग माना जाता है। IOM और UNHCR ने कहा कि यह संभावित हादसा दिखाता है कि रोहिंग्या संकट का अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में रह रहे लोगों की मदद बढ़ाने की अपील की। एजेंसियों ने कहा कि दुनिया के सबसे खतरनाक समुद्री मार्गों में से एक पर और लोगों की जान जाने से रोकने के लिए खोज एवं बचाव अभियान मजबूत करना, शरण देने की व्यवस्था बेहतर करना और मानव तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। UNHCR के अनुसार, 2025 में 6,500 से ज्यादा रोहिंग्या समुद्र के रास्ते भागने की कोशिश कर रहे थे। इनमें से करीब 900 लोग मारे गए या लापता हो गए। यह रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए अब तक का सबसे घातक साल था और दुनिया के किसी भी प्रमुख शरणार्थी समुद्री मार्ग पर सबसे अधिक मृत्यु दर दर्ज की गई। भारत में कितने रोहिंग्या हैं? नोट: रोहिंग्याओं की संख्या को लेकर भारत सरकार और UNHCR के आंकड़े अलग-अलग हैं। UNHCR केवल अपने यहां पंजीकृत शरणार्थियों और शरण मांगने वालों की संख्या बताता है, जबकि भारत सरकार का अनुमान देश में मौजूद कुल रोहिंग्या आबादी पर आधारित है।