Friday, 17 Jul 2026 | 06:53 AM

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Donald Trump White House Address

Donald Trump White House Address

वॉशिंगटन डीसी7 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आज राष्ट्र के नाम संबोधन करेंगे। ट्रम्प इस दौरान चुनाव सुरक्षा पर अपनी सरकार का पक्ष रखेंगे। व्हाइट हाउस के अनुसार, वे अमेरिकी चुनावों में विदेशी दखल की कोशिशों पर विस्तार से बोलेंगे। साथ ही ईरान और अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र कर सकते हैं। यह संबोधन ऐसे समय हो रहा है, जब ट्रम्प लंबे समय से 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली का दावा करते रहे हैं। हालांकि, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों, राज्यों की ऑडिट रिपोर्ट और अदालतों को अब तक मतदान या वोटों की गिनती में विदेशी छेड़छाड़ का कोई सबूत नहीं मिला है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, रूस, ईरान और चीन ने पिछले कुछ चुनावों के दौरान सोशल मीडिया प्रचार, साइबर गतिविधियों और दुष्प्रचार के जरिए चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की थी। लेकिन इन प्रयासों का असर वोटिंग या मतगणना पर पड़ने के प्रमाण सामने नहीं आए हैं। ट्रम्प के इस संबोधन पर इसलिए भी नजर रहेगी क्योंकि हाल के दिनों में उन्होंने चुनावी सुरक्षा, ईरान और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर लगातार आक्रामक रुख अपनाया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Sohail Khan Reveals Childhood Sexual Assault

Sohail Khan Reveals Childhood Sexual Assault

7 मिनट पहले कॉपी लिंक सोहेल खान सलीम खान के सबसे छोटे बेटे और सलमान खान और अरबाज खान के सगे भाई हैं। सलमान खान के छोटे भाई और एक्टर सोहेल खान ने हाल ही में बताया कि बचपन में उनके साथ यौन उत्पीड़न हुआ था, लेकिन उन्होंने कई सालों तक इस बारे में किसी से बात नहीं की थी। यह बात उन्होंने रियलिटी शो ‘अलायंस’ में कही। शो में सोहेल खान की टीम इस सप्ताह लीडरबोर्ड में टॉप पर रही। जीत के जश्न और हल्के-फुल्के माहौल के बीच उन्होंने दूसरे कंटेस्टेंट अर्सलान गोनी, रुही दोसानी और अली गोनी के साथ बातचीत में अपने बचपन का अनुभव शेयर किया। कई सालों तक किसी को नहीं बताया रैगिंग के खिलाफ बात करते हुए सोहेल ने कहा, ‘जब मैं छोटा था तो किसी ने मेरा यौन उत्पीड़न किया था और मैंने इसे सालों तक अपने अंदर दबाए रखा।’ बड़े होने के बाद उन्होंने अपने पिता को इसके बारे में बताया। सोहेल के मुताबिक, उनके पिता ने कहा था कि उन्होंने इतने साल तक यह बात अपने अंदर क्यों रखी। सोहेल ने कहा कि उस समय उन्हें इस घटना के बारे में बताने में शर्म महसूस होती थी, जबकि उनकी कोई गलती नहीं थी। सोहेल खान शो के दौरान दूसरे कंटेस्टेंट्स से बात करते हुए। परिवार को याद कर भावुक हुए सोहेल खान इसी एपिसोड में सोहेल खान अपने परिवार के बारे में बात करते हुए इमोशनल हो गए। उन्होंने कहा कि वह उन्हें बहुत मिस करते हैं। शो के होस्ट कुणाल खेमू से बात करते हुए सोहेल ने बताया कि उन्होंने पहले भी कई रियलिटी शो होस्ट और जज किए हैं, लेकिन एक कंटेस्टेंट के तौर पर हिस्सा लेने के बाद उन्हें कंटेस्टेंट पर पड़ने वाले मेंटल और इमोशनल प्रेशर का एहसास हुआ। सोहेल ने कहा कि ‘अलायंस’ में हिस्सा लेने के बाद उन्हें ऐसी सीख मिली, जो वह अपने 55 साल के जीवन में पहले नहीं सीख पाए थे। शो में सीमा की वाइल्डकार्ड एंट्री शो में सोहेल खान के साथ उनकी पूर्व पत्नी सीमा सजदेह भी हैं। सीमा ने शो में वाइल्डकार्ड कंटेस्टेंट के तौर पर एंट्री ली है। शो में सीमा की एंट्री के बाद दोनों के बीच अच्छी बॉन्डिंग देखने को मिल रही है। सीमा का स्वागत करते हुए सोहेल ने कहा था कि उन्होंने 25 साल इस खूबसूरत महिला के साथ बिताए हैं और अगर रिश्ते में कोई गलती हुई, तो उसकी जिम्मेदारी वह लेते हैं। सोहेल ने सीमा की तारीफ की थी। यह खबर भी पढ़ें…. सोहेल खान बेटे का नाम ‘राम खान’ रखना चाहते थे:जन्म के बाद फिर क्यों बेटे का नाम ‘निर्वाण’ रखा गया? एक्टर ने सुनाया किस्सा एक्टर सोहेल खान ने हाल ही में बताया कि वह अपने बड़े बेटे का नाम ‘राम खान’ रखना चाहते थे, लेकिन बेटे के जन्म के बाद सीमा सजदेह ने उसका नाम ‘निर्वाण’ रख दिया था। उन्होंने यह बात रियलिटी शो ‘अलायंस’ में बातचीत के दौरान शेयर की। पूरी खबर यहां पढें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

बांग्लादेश ने भारत की जगह चीन को सौंपा तीस्ता प्रोजेक्ट:बदले में ₹7 हजार करोड़ का सॉफ्ट लोन; भारत ने ₹9 हजार करोड़ का ऑफर दिया था

बांग्लादेश ने भारत की जगह चीन को सौंपा तीस्ता प्रोजेक्ट:बदले में ₹7 हजार करोड़ का सॉफ्ट लोन; भारत ने ₹9 हजार करोड़ का ऑफर दिया था

बांग्लादेश और चीन के संबंधों में ‘चीनी’ कुछ ज्यादा ही घुलने लगी है। बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने तीस्ता नदी प्रोजेक्ट में भारत के इन्वेस्टमेंट ऑफर को ना कर इसे चीन को सौंप दिया है। चीन लगभग 9 हजार करोड़ रुपए के तीस्ता रिवर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट (TRMP) में ₹7 हजार करोड़ सॉफ्ट लोन के रूप में देगा। बांग्लादेश को इसे 50 साल में चुकाना होगा। जबकि भारत ने चीन को बाहर रखने के लिए 2024 में तत्कालीन शेख हसीना सरकार को 9 हजार करोड़ का प्रस्ताव भेजा था। हालांकि हसीना सरकार के पतन के बाद मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने इस पर कोई फैसला नहीं किया। अब रहमान सरकार ने चीन की सरकारी कंपनी पावर चाइना से समझौता किया है। इस जीटूजी एग्रीमेंट के तहत चीन के इंजीनियरों का दल पिछले हफ्ते ही बांग्लादेश आया था। लगभग 50 इंजीनियरों और टेक्नीकल स्टाफ ने तीस्ता कैचमेंट एरिया का सर्वे किया। इस मानसून में तीस्ता नदी का सर्वे करेगा चीन सूत्रों के अनुसार इस मानसून के दौरान चीन का दल तीस्ता नदी के फ्लो का आकलन कर बांध, जेट्‌टी और अन्य निर्माण कार्यों का प्लान तैयार करेगा। साथ ही इस सीजन में तीस्ता कैचमेंट एरिया में सिल्ट (तलछट) की सफाई में भी चीन ने सहयोग का वादा किया है। बांग्लादेश की मांग थी कि तीस्ता के रन ऑफ (अतिरिक्त बहाव) को चीन इसी मानसून में रोके। जिससे कि अगले साल से प्रस्तावित प्रोजेक्ट के निर्माण से पहले ही बांग्लादेश तीस्ता नदी के पानी का खरीफ ​की बुआई के लिए ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर सके। चीन सेना के इंजीनियर भी प्रोजेक्ट कंपनी में 1. पूर्वोत्तर का एंट्री पॉइंट: परियोजना क्षेत्र (नीलफामारी और रंगपुर) भारतीय सीमा से 10-12 किमी जबकि सिलीगुड़ी कॉरिडोर से 22 किमी दूर है। सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत की मुख्य भूमि को पूर्वोत्तर के 7 राज्यों को जोड़ता है। पूर्वोत्तर के एंट्री पॉइंट के लिए खतरा हो सकता है। 2. पावर चाइना कंपनी सेना से जुड़ी: पावर चाइना स्वतंत्र व्यावसायिक कंपनी नहीं, बल्कि चीन की सैन्य-नागरिक फ्यूजन नीति से गहराई से जुड़ी सरकारी कंपनी है। ये कंपनी एशिया और अफ्रीका में कई मल्टी पर्पज प्रोजेक्ट्स काे चला रही है। कंपनी में चीन सेना की इंजीनियरिंग काेर के भी लाेग होते हैं। 3. दो-मोर्चों पर चुनौती: सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता है कि सैकड़ों चीनी इंजीनियरों और तकनीशियनों की भारत की पूर्वोत्तर की संवेदनशील सीमा पर लंबे समय तक मौजूदगी भारत के लिए बड़ी चुनौती होगी। भारत के पूर्वी मोर्चे पर चीन अपनी पैठ को और बढ़ाने में जुट सकता है। बड़ी डिफेंस डील की तैयारी, चीन फाइटर जेट देगा सूत्रों के अनुसार पीएम तारिक रहमान के रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल शमशुल इस्लाम ने हाल में चीन के राजदूत के साथ मुलाकात की थी। इसमें बांग्लादेश को चीन के साथ जे सीरीज फाइटर जेट्स देने पर चर्चा हुई। बताया जाता है कि चीन अक्टूबर में 12 जेट्स की पहली खेप देने वाला है।

Bangladesh Teesta Project Controversy | India China Loan Deal Update

बांग्लादेश ने भारत की जगह चीन को सौंपा तीस्ता प्रोजेक्ट:बदले में ₹7 हजार करोड़ का सॉफ्ट लोन; भारत ने ₹9 हजार करोड़ का ऑफर दिया था

ढाका40 मिनट पहलेलेखक: एसएम अमानुर रहमान कॉपी लिंक बांग्लादेश की रहमान सरकार ने चीन की सरकारी कंपनी पावर चाइना से समझौता किया है। बांग्लादेश और चीन के संबंधों में ‘चीनी’ कुछ ज्यादा ही घुलने लगी है। बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने तीस्ता नदी प्रोजेक्ट में भारत के इन्वेस्टमेंट ऑफर को ना कर इसे चीन को सौंप दिया है। चीन लगभग 9 हजार करोड़ रुपए के तीस्ता रिवर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट (TRMP) में ₹7 हजार करोड़ सॉफ्ट लोन के रूप में देगा। बांग्लादेश को इसे 50 साल में चुकाना होगा। जबकि भारत ने चीन को बाहर रखने के लिए 2024 में तत्कालीन शेख हसीना सरकार को 9 हजार करोड़ का प्रस्ताव भेजा था। हालांकि हसीना सरकार के पतन के बाद मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने इस पर कोई फैसला नहीं किया। अब रहमान सरकार ने चीन की सरकारी कंपनी पावर चाइना से समझौता किया है। इस जीटूजी एग्रीमेंट के तहत चीन के इंजीनियरों का दल पिछले हफ्ते ही बांग्लादेश आया था। लगभग 50 इंजीनियरों और टेक्नीकल स्टाफ ने तीस्ता कैचमेंट एरिया का सर्वे किया। इस मानसून में तीस्ता नदी का सर्वे करेगा चीन सूत्रों के अनुसार इस मानसून के दौरान चीन का दल तीस्ता नदी के फ्लो का आकलन कर बांध, जेट्‌टी और अन्य निर्माण कार्यों का प्लान तैयार करेगा। साथ ही इस सीजन में तीस्ता कैचमेंट एरिया में सिल्ट (तलछट) की सफाई में भी चीन ने सहयोग का वादा किया है। बांग्लादेश की मांग थी कि तीस्ता के रन ऑफ (अतिरिक्त बहाव) को चीन इसी मानसून में रोके। जिससे कि अगले साल से प्रस्तावित प्रोजेक्ट के निर्माण से पहले ही बांग्लादेश तीस्ता नदी के पानी का खरीफ ​की बुआई के लिए ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर सके। चीन सेना के इंजीनियर भी प्रोजेक्ट कंपनी में 1. पूर्वोत्तर का एंट्री पॉइंट: परियोजना क्षेत्र (नीलफामारी और रंगपुर) भारतीय सीमा से 10-12 किमी जबकि सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) से 22 किमी दूर है। सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत की मुख्य भूमि को पूर्वोत्तर के 7 राज्यों को जोड़ता है। पूर्वोत्तर के एंट्री पॉइंट के लिए खतरा हो सकता है। 2. पावर चाइना कंपनी सेना से जुड़ी: पावर चाइना स्वतंत्र व्यावसायिक कंपनी नहीं, बल्कि चीन की सैन्य-नागरिक फ्यूजन नीति से गहराई से जुड़ी सरकारी कंपनी है। ये कंपनी एशिया और अफ्रीका में कई मल्टी पर्पज प्रोजेक्ट्स काे चला रही है। कंपनी में चीन सेना की इंजीनियरिंग काेर के भी लाेग होते हैं। 3. दो-मोर्चों पर चुनौती: सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता है कि सैकड़ों चीनी इंजीनियरों और तकनीशियनों की भारत की पूर्वोत्तर की संवेदनशील सीमा पर लंबे समय तक मौजूदगी भारत के लिए बड़ी चुनौती होगी। भारत के पूर्वी मोर्चे पर चीन अपनी पैठ को और बढ़ाने में जुट सकता है। बड़ी डिफेंस डील की तैयारी, चीन फाइटर जेट देगा सूत्रों के अनुसार पीएम तारिक रहमान के रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल शमशुल इस्लाम ने हाल में चीन के राजदूत के साथ मुलाकात की थी। इसमें बांग्लादेश को चीन के साथ जे सीरीज फाइटर जेट्स देने पर चर्चा हुई। बताया जाता है कि चीन अक्टूबर में 12 जेट्स की पहली खेप देने वाला है। कॉक्स बाजार के पेकुआ में चीन ने 1.2 अरब डॉलर की लागत से छह स्लॉट वाले पनडुब्बी बेस को तैयार कर लिया है। यहां मेंटेनेंस भी होगा। बांग्लादेश के लालमोनिरहाट में चीन के सहयोग से एयरबेस को भी तैयार किया जा रहा है। सिलीगुड़ी के समीप ये बेस भारत को खतरा हो सकता है। ————————- भारत-बांग्लादेश से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… बांग्लादेश ने भारत से छीनकर चीन को दिया मोंगला पोर्ट; सिर्फ 80 किमी दूर बैठेगा चीन, ये कितनी बड़ी चिंता 22 से 26 जून 2026 तक बांग्लादेशी पीएम तारिक रहमान चीन में थे। इसी दौरान बांग्लादेश ने अपने मोंगला पोर्ट का प्रोजेक्ट भारत से छीनकर चीन को दे दिया। यानी हमारे तट से महज 80 किमी दूर मोंगला पोर्ट पर चीन बैठेगा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Rashmika Mandanna Struggle Success Story; Kirik Party Pushpa Animal

Rashmika Mandanna Struggle Success Story; Kirik Party Pushpa Animal

3 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक रिजेक्शन, ट्रोलिंग और संघर्ष के बाद रश्मिका बनीं पैन इंडिया स्टार। आज रश्मिका मंदाना देश की बड़ी अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। ‘पुष्पा’, ‘एनिमल’ और ‘छावा’ जैसी फिल्मों से उन्होंने पैन इंडिया स्टार का दर्जा हासिल किया। लेकिन करियर की शुरुआत में उन्हें लगातार रिजेक्शन झेलने पड़े। उन्होंने करीब 20-25 ऑडिशन दिए, जिनमें ज्यादातर में यह कहकर रिजेक्ट कर दिया गया कि उनका चेहरा एक्ट्रेस जैसा नहीं है। वह घर लौटकर रोती थीं। एक फिल्म के लिए 2-3 महीने ट्रेनिंग लेने के बाद वह फिल्म भी बंद हो गई। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और पहली ही कन्नड फिल्म ‘किरिक पार्टी’ से स्टार बन गईं। आज की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं रश्मिका मंदाना के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें। रश्मिका मंदाना कोडवा समुदाय से जुड़ी, फिल्मों में काम करने वाली पहली अभिनेत्री थीं। इसी वजह से उन्हें विवादों और लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ा था। कर्नाटक के वीराजपेट में हुआ जन्म रश्मिका मंदाना का जन्म 5 अप्रैल 1996 को कर्नाटक के कोडागु (कूर्ग) जिले के वीराजपेट में हुआ। वह कोडवा परिवार से ताल्लुक रखती हैं। खूबसूरत पहाड़ियों और कॉफी बागानों के लिए मशहूर कूर्ग में उनका बचपन बीता। उनके पिता मदन मंदाना स्थानीय कारोबारी हैं, जिनका कॉफी एस्टेट और एक फंक्शन हॉल है। उनकी मां सुमन मंदाना गृहिणी हैं और रश्मिका के करियर में हमेशा उनका सहारा रही हैं। उनकी छोटी बहन शिमन मंदाना भी हैं, जिनसे उनका गहरा लगाव है। बचपन में देखा आर्थिक संघर्ष रश्मिका के पेरेंट्स के पास कभी उनके लिए खिलौने खरीदने तक के पैसे नहीं थे। उन्होंने हिंदुस्टान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में इसका जिक्र किया था। उनके अनुसार, एक वक्त ऐसा था जब उनके पेरेंट्स को घर ढूंढ़ने और किराया देने के लिए भी संघर्ष करना पड़ा था। हालात इतने खराब थे कि वे अपनी बेटी को खिलौना तक नहीं खरीदकर दे पा रहे थे। इसी गरीबी को देखकर रश्मिका आज मेहनत से कमाए गए रुपयों की वैल्यू करती हैं। जिंदगी का बड़ा हिस्सा हॉस्टल में बीता रश्मिका ने शुरुआती पढ़ाई कूर्ग पब्लिक स्कूल, गोनिकोप्पल से की। यह बोर्डिंग स्कूल था, इसलिए उनका बचपन काफी हद तक हॉस्टल में बीता। रश्मिका ने कहा, “मेरी जिंदगी का ज्यादातर हिस्सा हॉस्टल में बीता। उस वक्त मेरे माता-पिता अपनी जिंदगी और आर्थिक स्थिति को संभालने में जुटे हुए थे। इसलिए बचपन से ही मैं हॉस्टल में रही। उस समय मुझे फिल्में देखने का भी मौका नहीं मिलता था। हॉस्टल में रात 9:30 से 10 बजे तक ही टीवी देखने की अनुमति थी और उस दौरान भी न्यूज, स्पोर्ट्स या म्यूजिक ही देखा जा सकता था।” रश्मिका मंदाना एक्ट्रेस नहीं बनाना चाह रही थीं। पढ़ाई नहीं, डांस में मन लगता था उन्होंने कहा, “स्कूल में टीचर्स डे, एनुअल डे या किसी भी सांस्कृतिक कार्यक्रम में मैं हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थी। खास तौर पर भरतनाट्यम सीखती थी और डांस करना मुझे बहुत पसंद था। पढ़ाई में मेरा बिल्कुल मन नहीं लगता था। मैं क्लास की बैकबेंचर थी। मुझे लगता था कि पढ़ाई से मैं कुछ खास नहीं कर पाऊंगी। ज्यादा से ज्यादा यही होगा कि घर लौटकर पापा के बिजनेस में उनकी मदद करूंगी।” तीन विषयों में बैचलर डिग्री रश्मिका मंदाना सिर्फ सफल अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि अच्छी पढ़ाई भी कर चुकी हैं। उन्होंने अंग्रेजी साहित्य (English Literature), मनोविज्ञान (Psychology) और पत्रकारिता (Journalism) में बैचलर डिग्री हासिल की है। स्कूल की पढ़ाई के बाद रश्मिका ने मैसूर इंस्टीट्यूट ऑफ कॉमर्स एंड आर्ट्स से प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स किया। इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु के एम.एस. रामैया कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स में दाखिला लिया और यहीं से इन तीनों विषयों में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। एक्ट्रेस बनने का सपना कभी नहीं देखा था साल 2014 में कॉलेज में पढ़ाई के दौरान रश्मिका ने ‘क्लीन एंड क्लियर टाइम्स फ्रेश फेस’ प्रतियोगिता जीती। इसके बाद उन्हें मॉडलिंग के कई ऑफर मिलने लगे। शुरुआत में उन्होंने एक्टिंग के प्रस्ताव ठुकरा दिए थे, क्योंकि उन्होंने कभी अभिनेत्री बनने के बारे में नहीं सोचा था। रश्मिका कहती हैं, “जब भी फिल्मों के गाने देखती थी या एक्टर्स के बारे में सुनती थी, तो उनकी जिंदगी मुझे बहुत आकर्षित करती थी। मैं सोचती थी कि कितनी शानदार जिंदगी होगी उनकी। लेकिन मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन मैं खुद अभिनेत्री बन जाऊंगी।” बाद में कॉलेज के एक प्रोफेसर ने उन्हें ऑडिशन देने के लिए प्रेरित किया। तुम्हारा चेहरा एक्ट्रेस जैसा नहीं रश्मिका ने करियर के शुरुआती दिनों में करीब 20 से 25 ऑडिशन दिए। ज्यादातर जगहों पर उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया। कई कास्टिंग टीमों ने उनसे कहा कि उनका चेहरा एक्ट्रेस जैसा नहीं दिखता। यह बात उन्हें अंदर तक तोड़ देती थी। घर लौटकर खूब रोती थीं Galatta Plus को दिए इंटरव्यू में रश्मिका ने बताया था कि लगातार रिजेक्शन के बाद वह अक्सर घर लौटकर रोती थीं। उन्होंने कहा कि उस समय वह असफलता स्वीकार नहीं कर पाती थीं। हर रिजेक्शन उन्हें लगता था कि शायद वह इस इंडस्ट्री के लिए बनी ही नहीं हैं। पहली फिल्म मिली, लेकिन कभी बन नहीं पाई रश्मिका ने बताया, “इसके बाद मैंने आखिरी बार एक फिल्म के लिए ऑडिशन दिया और मेरा सिलेक्शन भी हो गया। फिल्म का नाम ‘गालारे गेलातीरे’ था। हमने दो-तीन महीने तक उसकी ट्रेनिंग भी की, लेकिन दुर्भाग्य से वह फिल्म कभी शुरू ही नहीं हो पाई। मैं वापस घर आ गई और अपनी पढ़ाई में लग गई। उस वक्त मेरे माता-पिता ने भी कहा कि अब दो साल हो गए हैं, घर वापस आ जाओ। मैंने भी सोचा कि शायद मेरी जिंदगी का रास्ता यही है।” हालांकि उन्होंने खुद को संभाला और नए मौके तलाशना जारी रखा। रिजेक्शन ने सिखाया आगे बढ़ना रश्मिका मंदाना अक्सर कहती हैं कि करियर में मिले रिजेक्शन और असफलताएं ही उनकी सबसे बड़ी शिक्षक साबित हुईं। शुरुआती दिनों में कई ऑडिशन में उन्हें बिना स्पष्ट वजह के रिजेक्ट कर दिया गया। कई बार उन्हें चयन न होने की वजह भी नहीं बताई गई। शुरुआत में यह निराश करने वाला था, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने समझ लिया कि मनोरंजन इंडस्ट्री में रिजेक्शन हर कलाकार की यात्रा का हिस्सा है और

Raghuram Rajan Joins US Fed Task Force & Aman Seharawat Wins Budapest Gold

Raghuram Rajan Joins US Fed Task Force & Aman Seharawat Wins Budapest Gold

Hindi News Career Raghuram Rajan Joins US Fed Task Force & Aman Seharawat Wins Budapest Gold 4 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. RBI पूर्व गवर्नर रघुराम राजन US फेडरल रिजर्व टास्क फोर्स में नियुक्त हुए 16 जुलाई को RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन US फेडरल रिजर्व की टास्क फोर्स में अपॉइंट हुए। ये 5 सदस्यों की एक हाईलेवल रिव्यू टास्क फोर्स है। ये टास्क फोर्स अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी के स्ट्रक्चर को एनालायज करेगी। इस टास्क फोर्स का काम फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी, डेटा एनालेसिस, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI), और बैलेंस शीट से जुड़े स्ट्रक्चर को रिव्यू करना होगा। इस टास्क फोर्स में रघुराम राजन बैलेंस शीट पॉलिसी की समीक्षा करने वाले पैनल का हिस्सा होंगे। साथ ही भारतीय मूल के विशेषज्ञ डेटा, प्रोडक्टिविटी और इंफलेशन के स्ट्रक्चर को रिव्यू करेंगे। इस टास्क फोर्स का उद्देश्य भविष्य की आर्थिक चुनौतियों के लिए फेडरल रिजर्व की नीति को बेहतर बनाना है। रघुराम राजन भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रह चुके हैं। साथ ही वे यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में प्रोफेसर भी रह चुके हैं। भारतीय मूल के राज चेट्टी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में इकोनॉमिस्ट हैं और वे डेटा टास्क फोर्स के डेटा टास्क को लीड करेंगे। भारतीय मूल की आशा शर्मा माइक्रोसॉफ्ट में एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट हैं और वे इस टास्क फोर्स में प्रोडक्टिविटी पर काम करेंगी। इसके साथ ही इस टास्क फोर्स में बैंक ऑफ इंग्लैंड के पूर्व गवर्नर मर्विन किंग, वॉलमार्ट के पूर्व CEO डग मैकमिलन, नोबेल पुरस्कार विजेता थॉमस सार्जेंट शामिल हैं। केविन वॉर्श हाल ही में US Fed के चेयरमैन बने हैं । US फेडरल बैंक US फेडरल USA का केंद्रीय बैंक है। इसे आम बोलचाल में ‘फेड’ कहा जाता है। US फेडरल का मुख्य काम अमेरिकी अर्थव्यवस्था में स्थिरता लाना, मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना और मौद्रिक नीति को ऑपरेट करना होता है। US फेडरल 1913 में स्थापित किया गया था, इसका हेडक्वार्टर वाशिंगटन, डीसी में है। 2003 से 2006 तक रघुराम राजन IMF में मुख्य अर्थशास्त्रीऔर रिसर्च डिपार्टमेंट के डायरेक्टर भी रहे। नेशनल (INTERNATIONAL) 2. वाराणसी में 2 एलीवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी 15 जुलाई को केंद्र सरकार ने ₹25,445.96 करोड़ की लागत वाली दो सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी। इन परियोजनाओं के तहत वाराणसीशहर में कुल 89.26 किलोमीटर लंबे दो एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जाएंगे। एक कॉरिडोर वरुण नदी किनारे बनेगा, जिसकी लंबाई 43.21 किमी होगी। ये परियोजना हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) पर विकसित की जाएगी और इसकी अनुमानित लागत 10,998.32 करोड़ रुपए होगी। नए कॉरिडोर से NH-31 और काशी रेलवे स्टेशन के बीच सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। NH-19 से रिंग रोड तक बनेगा 46 किमी का ग्रीनफील्ड कॉरिडोर कैबिनेट बनेगा। गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर गंगा नदी के समानांतर बनने वाली छह लेन की एलिवेटेड रोड होगी। ये नेशनल हाईवे-19 (NH-19) को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा। इस कॉरिडोर के जरिए अस्सी घाट, मणिकर्णिका घाट, नमो घाट और काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंच आसान हो जाएगी। यह परियोजना हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) पर विकसित की जाएगी। स्पोर्ट्स (SPORTS) 3. अमन सहरावत ने बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज 2026 जीती 16 जुलाई को भारतीय रेसलर अमन सहरावत ने बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज 2026 में गोल्ड मेडल जीता। अमन ने ये मेडल 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कैटेगरी में जीता है। अमन ने फाइनल में जॉर्जिया के रॉबर्टी डिंगाशविली को 13-3 से टेक्निकल सुपीरियरिटी के आधार पर हराकर खिताब अपने नाम किया। इसके साथ ही दीपक ने भी 61 किग्रा फ्रीस्टाइल में कड़े मुकाबले के बाद कांस्य पदक जीता। दीपक ने प्लेऑफ में अजरबैजान के नुरद्दीन नोवरुजोव को 9-8 से हराया। अमन ने 2013–14 में दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में फाइटिंग ट्रेनिंग शुरू की थी। 2022 में UWW अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता। 2023 में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में 57 किग्रा कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता। 2023 में पेरिस ओलिंपिक गेम्स में 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कैटेगरी में सबसे कम उम्र में ब्रॉन्ज जीतने वाले रेसलर बने। अमन ने अप्रैल 2026 में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप’ में सिल्वर मेडल जीता था। बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज 2026 बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज 2026 को पोल्याक इमरे, वर्गा जानोस और कोजमा इस्तवान मेमोरियल भी कहा जाता है। ये सीरीज 15 से 19 जुलाई तक हंगरी में आयोजित की जा रही है। अमन ने ये मेडल 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कैटेगरी में जीता है। 4. ICC ने वनडे वर्ल्ड कप, टी-20 का फॉर्मेट बदला 15 जुलाई को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने क्रिकेट के फॉर्मेट में बदलावों को मंजूरी दी। अब 2027 का वनडे वर्ल्ड कप और 2028 का टी-20 वर्ल्डकप नए फॉर्मेट में होगा। अब वनडे वर्ल्ड कप में 14 टीमों के साथ नया थ्री-स्टेज फॉर्मेट लागू होगा, जिसमें सेमीफाइनलिस्ट सुपर-7 राउंड से चुने जाएंगे। सब तक सुपर-6 से चुने जाते थे। वहीं, टी-20 वर्ल्ड कप में सुपर-8 की जगह सुपर-10 स्टेज खेला जाएगा। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए दो नए एलिमिनेटर मुकाबले भी जोड़े गए हैं। दोनों ग्रुप की टॉप-3 टीमें सुपर सिक्स में पहुंचती थीं। सुपर सिक्स में 3-3 टीमों के दो ग्रुप बनते थे, जहां कुल 9 मैच खेले जाते थे। इसके बाद दोनों ग्रुप की टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल और फिर फाइनल में पहुंचती थीं। इसके अलावा 2028 टी-20 वर्ल्ड कप के लिए नया क्वालिफिकेशन स्ट्रक्चर बनाया गया है। इनका ऐलान एडिनबर्ग में हुआ। मिसलीनियस (Miscellaneous) 5. नेशनल इंवेस्टमेंट पॉलिसी फॉर यूरिया-2026 को मंजूरी 15 जुलाई को केंद्र सरकार ने नेशनल इंवेस्टमेंट पॉलिसी फॉर यूरिया-2026 (NIPU-2026) को मंजूरी दी। ये मंजूरी पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने दी। इसका उद्देश्य देश में गैस-आधारित नए यूरिया संयंत्रों में निवेश को बढ़ावा देना, घरेलू उत्पादन बढ़ाना और आयात पर निर्भरता कम करना है। फिलहाल देश में 33 यूरिया प्रोडक्शन यूनिट हैं। जिनकी कुल क्षमता लगभग 269.42 लाख मीट्रिक टन (LMT) है। नई इंवेस्टमेंट पॉलिसी के तहत देश में लगने वाली सभी नई गैस आधारित यूरिया निर्माण इकाइयों को शामिल किया जाएगा। सरकार ने निवेशकों के लिए 12 से 16 फीसदी के बीच रिटर्न ऑन इक्विटी (आरओई) का प्रावधान किया है। इसके अलावा फिक्स्ड और वेरिएबल लागत को अलग-अलग रखी जाएगी, जिससे लागत निर्धारण