Air India Appoints Tevolde Gebremariam As New CEO

Hindi News Business Air India Appoints Tevolde Gebremariam As New CEO | Campbell Wilson Exit 6 मिनट पहले कॉपी लिंक एयर इंडिया ने टेवोल्डे गेब्रेमैरियम को अपना नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर यानी CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर यानी MD यानी नियुक्त किया है। यह फैसला पूर्व सीईओ कैंपबेल विल्सन के इस्तीफे और एयरलाइन के घाटे से उबरने की धीमी रफ्तार के बीच लिया गया है। कैंपबेल विल्सन ने जुलाई 2022 में एयर इंडिया की कमान संभाली थी। घाटे और कंपनी के सुधार में हो रही देरी के बीच उन्होंने अपने पद से 2024 में इस्तीफा दे दिया था, जिसे बोर्ड ने स्वीकार कर लिया था। विल्सन नए उत्तराधिकारी की नियुक्ति तक नोटिस पीरियड के दौरान अपने पद पर बने रहे। अफ्रीकी एविएशन इंडस्ट्री के बड़े चेहरों में गिने जाते हैं टेवोल्डे टेवोल्डे गेब्रेमैरियम एक इथियोपियन बिजनेस एग्जीक्यूटिव हैं और उन्हें अफ्रीका के सबसे सफल एविएशन लीडर्स में से एक माना जाता है। उन्होंने 2011 से 2022 तक इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप के ग्रुप चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के रूप में काम किया। टेवोल्डे गेब्रेमैरियम ने 2011 से 2022 तक इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप के ग्रुप चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के रूप में काम किया। 11 साल के कार्यकाल में 4 गुना किया एयरक्रॉफ्ट फ्लीट टेवोल्डे के 11 साल के कार्यकाल के दौरान इथियोपियन एयरलाइंस ने तेजी से विस्तार किया और अफ्रीका की सबसे बड़ी एयरलाइन बन गई: विमानों की संख्या बढ़ाना: एयरलाइन का बेड़ा 33 एयरक्राफ्ट से बढ़कर 130 एयरक्राफ्ट हो गया। यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी: कोविड-19 महामारी से पहले सालाना यात्रियों की संख्या 30 लाख से बढ़कर 1.2 करोड़ तक पहुंच गई। रेवेन्यू में बंपर उछाल: उनके नेतृत्व में एयरलाइन का सालाना रेवेन्यू लगभग 1 अरब डॉलर से बढ़कर 4.5 अरब डॉलर यानी लगभग ₹37,500 करोड़ हो गया। महामारी में बिना सरकारी मदद के एयरलाइन को फायदे में रखा कोविड-19 महामारी के दौरान जब दुनिया भर की विमानन कंपनियां दिवालिया होने की कगार पर थीं और सरकारी वित्तीय पैकेज पर निर्भर थीं, तब टेवोल्डे ने कार्गो यानी माल ढुलाई ऑपरेशन्स का तेजी से विस्तार किया। इसके दम पर उन्होंने इथियोपियन एयरलाइंस को बिना किसी सरकारी बेलआउट पैकेज के मुनाफे में बनाए रखा। मार्च 2022 में, लगभग एक साल से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझने के कारण उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अब वह एयर इंडिया की कमान संभालकर टाटा ग्रुप के एविएशन बिजनेस को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास करेंगे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Air India Appoints Tevolde Gebremariam As New CEO

Hindi News Business Air India Appoints Tevolde Gebremariam As New CEO | Campbell Wilson Exit 38 मिनट पहले कॉपी लिंक एयर इंडिया ने टेवोल्डे गेब्रेमैरियम को अपना नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर यानी CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर यानी MD यानी नियुक्त किया है। यह फैसला पूर्व सीईओ कैंपबेल विल्सन के इस्तीफे और एयरलाइन के घाटे से उबरने की धीमी रफ्तार के बीच लिया गया है। कैंपबेल विल्सन ने जुलाई 2022 में एयर इंडिया की कमान संभाली थी। घाटे और कंपनी के सुधार में हो रही देरी के बीच उन्होंने अपने पद से 2024 में इस्तीफा दे दिया था, जिसे बोर्ड ने स्वीकार कर लिया था। विल्सन नए उत्तराधिकारी की नियुक्ति तक नोटिस पीरियड के दौरान अपने पद पर बने रहे। विल्सन नए उत्तराधिकारी की नियुक्ति तक नोटिस पीरियड के दौरान अपने पद पर बने रहे। अफ्रीकी एविएशन इंडस्ट्री के बड़े चेहरों में गिने जाते हैं टेवोल्डे टेवोल्डे गेब्रेमैरियम एक इथियोपियन बिजनेस एग्जीक्यूटिव हैं और उन्हें अफ्रीका के सबसे सफल एविएशन लीडर्स में से एक माना जाता है। उन्होंने 2011 से 2022 तक इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप के ग्रुप चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के रूप में काम किया। टेवोल्डे गेब्रेमैरियम ने 2011 से 2022 तक इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप के ग्रुप चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के रूप में काम किया। 11 साल के कार्यकाल में 4 गुना किया एयरक्रॉफ्ट फ्लीट टेवोल्डे के 11 साल के कार्यकाल के दौरान इथियोपियन एयरलाइंस ने तेजी से विस्तार किया और अफ्रीका की सबसे बड़ी एयरलाइन बन गई: विमानों की संख्या बढ़ाना: एयरलाइन का बेड़ा 33 एयरक्राफ्ट से बढ़कर 130 एयरक्राफ्ट हो गया। यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी: कोविड-19 महामारी से पहले सालाना यात्रियों की संख्या 30 लाख से बढ़कर 1.2 करोड़ तक पहुंच गई। रेवेन्यू में बंपर उछाल: उनके नेतृत्व में एयरलाइन का सालाना रेवेन्यू लगभग 1 अरब डॉलर से बढ़कर 4.5 अरब डॉलर यानी लगभग ₹37,500 करोड़ हो गया। महामारी में बिना सरकारी मदद के एयरलाइन को फायदे में रखा कोविड-19 महामारी के दौरान जब दुनिया भर की विमानन कंपनियां दिवालिया होने की कगार पर थीं और सरकारी वित्तीय पैकेज पर निर्भर थीं, तब टेवोल्डे ने कार्गो यानी माल ढुलाई ऑपरेशन्स का तेजी से विस्तार किया। इसके दम पर उन्होंने इथियोपियन एयरलाइंस को बिना किसी सरकारी बेलआउट पैकेज के मुनाफे में बनाए रखा। मार्च 2022 में, लगभग एक साल से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझने के कारण उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अब वह एयर इंडिया की कमान संभालकर टाटा ग्रुप के एविएशन बिजनेस को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास करेंगे। चेयरमैन एन चंद्रशेखरन बोले- एयरलाइन अहम दौर में प्रवेश कर रही टाटा संस और एयर इंडिया के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि कैंपबेल के मार्गदर्शन में एयरलाइन ने शुरुआती दौर की स्थिरता, एकीकरण और नए विमानों फ्लीट के सौदों को पूरा करने का काम संभाल लिया है। अब एयरलाइन एक बेहद अहम दौर में प्रवेश कर रही है, जहां योजनाओं को जमीन पर उतारने और विस्तार करने पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा आगे कहा कि बोर्ड की तरफ से, मुझे एयर इंडिया में टेवोल्डे का स्वागत करते हुए बेहद खुशी हो रही है। कैंपबेल के मार्गदर्शन में स्थिरता, एकीकरण और नए विमानों की प्रतिबद्धताओं का पहला चरण पूरा करने के बाद, एयर इंडिया अब काम को तेजी से लागू करने और विस्तार के एक बेहद महत्वपूर्ण दौर में कदम रख रही है। टाटा संस और एयर इंडिया के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि एयर इंडिया अब काम को तेजी से लागू करने और विस्तार के एक बेहद महत्वपूर्ण दौर में कदम रख रही है। एअर इंडिया के लिए आगे क्या चुनौतियां हैं? नए CEO के सामने सबसे बड़ी चुनौती पुरानी पड़ चुकी फ्लीट यानी पुराने विमानों को सुधारना और एयरलाइन के वर्क कल्चर को टाटा के मानकों के अनुरूप ढालना होगा। एअर इंडिया फिलहाल इंडिगो के साथ मार्केट शेयर की जंग लड़ रही है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय रूट पर एमिरेट्स और कतर एयरवेज जैसे बड़े खिलाड़ियों से मुकाबला करने के लिए सर्विस क्वालिटी में सुधार की जरूरत है। 2026 में एअर इंडिया को करीब 20,000 करोड़ नुकसान की आशंका भारत की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी एअर इंडिया इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में एयरलाइन को लगभग ₹20,000 करोड़ तक का नुकसान हो सकता है। नुकसान का सबसे बड़ा कारण वेस्ट में जारी तनाव है। वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के कारण एयरस्पेस प्रतिबंध लगे हैं, जिससे एयरलाइन को फ्लाइट्स के रूट बदलने और अतिरिक्त फ्यूल स्टॉप लेने पड़ रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा असर लॉन्ग-हॉल इंटरनेशनल रूट्स पर पड़ा है और ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ गई है। इसके साथ ही, नए विमानों की डिलीवरी में देरी से एयरलाइन की क्षमता बढ़ाने की योजना प्रभावित हो रही है, जिससे ऑपरेशंस पर दबाव बढ़ा है। इसके अलावा एअर इंडिया अभी भी पिछले साल हुए प्लेन क्रैश के असर से जूझ रही है। अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI 171 टेक-ऑफ के तुरंत बाद क्रैश हो गई थी, जिसमें 260 लोगों की मौत हुई थी। इस घटना का असर अब भी एयरलाइन की पब्लिक इमेज और ऑपरेशनल माहौल पर दिख रहा है। इन चुनौतियों के बीच कंपनी रीस्ट्रक्चरिंग और विस्तार योजनाओं पर काम जारी रखे हुए है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Vidisha School Children Video Viral

Hindi News Career Vidisha School Children Video Viral | SDM Announces Bridge & Cycles 2 मिनट पहले कॉपी लिंक मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के पलोह गांव में स्कूल जाना किसी चुनौती से कम नहीं है। तेज बहाव वाली नदी पर बने स्टॉप डैम को पार करते हुए इन बच्चों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें दिखाई दे रहा है कि बच्चे किस परेशानी के साथ स्कूल बैग हाथ में लिए स्टॉप डेम पार कर रहे हैं। वीडियो में स्कूली बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर बेतवा नदी पर बने स्टॉप डैम के संकरे पिलरों पर चलते और बीच के गैप को छलांग लगाकर पार करते दिखाई दे रहे हैं। पिछले 5 साल से इसी रास्ते से जा रहे हैं स्कूल यह वीडियो विदिशा जिले के पालोह गांव का है। वीडियो में दिख रहे बच्चे करुआ गांव के रहने वाले हैं और पालोह के हाई स्कूल में पढ़ते हैं। अगर ये बच्चे सड़क वाले रास्ते से स्कूल जाएं, तो उन्हें रोज करीब 8 से 10 किलोमीटर का सफर तय करना होगा। इसी वजह से वे रोज स्टॉप डैम पार कर स्कूल पहुंचते हैं। वे पिछले 5 साल से इसी रास्ते से स्कूल जा रहे हैं। VIDEO वायरल होने के बाद जागा प्रशासन वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने मामले की जानकारी ली। विदिशा के एसडीएम क्षितिज शर्मा ने बताया कि बच्चों को सुरक्षित रास्ते से स्कूल आने-जाने के लिए साइकिल उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि नदी पर अस्थायी पुल बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। साथ ही प्रभावित गांवों के पास नया स्कूल खोलने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि बच्चों को जान जोखिम में डालकर नदी पार न करना पड़े। देश भर के लोगों ने जताई चिंता वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग से सवाल पूछने शुरू कर दिए हैं। देशभर के लोगों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। कई यूजर्स ने कहा कि अगर बच्चे इतने सालों से इसी तरह स्कूल जा रहे थे, तो कार्रवाई पहले क्यों नहीं हुई? बेरखेड़ी कलां के बच्चे उफनती नदी पार करने को मजबूर मध्य प्रदेश के सागर जिले के रहली जनपद के अंतर्गत ग्राम पंचायत बेरखेड़ी कलां (बरखेड़ा कला) से वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यहां स्कूली छात्र-छात्राएं उफनती हुई कोपरा नदी को पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं। कोपरा नदी पर बनी पुलिया पूरी तरह टूट चुकी है। बच्चे बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के एक-दूसरे का हाथ पकड़कर और ग्रामीणों के सहारे इस खतरनाक उफनती नदी को पार कर रहे हैं। कई बार भीगने की वजह से बीमार हो जाते हैं बच्चे मरम्मत नहीं होने से अब थोड़ी बारिश में ही नदी उफान पर आ जाती है। सुबह स्कूल जाने के समय छात्राओं को यूनिफॉर्म संभालते हुए घुटनो तक पानी में उतरना पड़ता है। जहां मिट्टी, कीचड़ और फिसलन मे स्कूली ड्रेस खराब हो जाती है। यहां फिसलन और तेज बहाव के कारण हादसे का डर बना रहता है। कई बार बच्चे देर से स्कूल पहुंचते हैं और भीगने की वजह से बीमार हो जाते हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, हर साल मानसून के मौसम में बच्चों को इसी तरह जान दांव पर लगाकर पढ़ाई करने जाना पड़ता है। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार से लंबे समय से पुल या सुरक्षित मार्ग की मांग की है। यहां बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ-साथ दुर्घटना का भी जोखिम बना रहता है। ———————————————————— ये खबर भी पढ़ें IBPS क्लर्क के 11,403 पदों पर भर्ती निकली:किसी भी स्ट्रीम के ग्रेजुएट्स करें अप्लाई, 10-11 अक्टूबर को होगा प्रीलिम्स इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन (IBPS) राष्ट्रीय बैंकों में 11,403 पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट ibpsonline.ibps.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। इस भर्ती के लिए फीस जमा करने की आखिरी तारीख भी 21 अगस्त 2026 तय की गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
चांदी ₹5,927 बढ़कर ₹2.25 लाख किलो पर पहुंची:10 ग्राम सोने का दाम ₹2,760 बढ़कर ₹1.46 लाख हुआ, इस साल 13 हजार महंगा हो चुका

सोने-चांदी की कीमत में आज यानी 5 अगस्त को बढ़त रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी की कीमत 5,927 रुपए बढ़कर 2.25 लाख रुपए पर पहुंच गई है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 2,760 रुपए बढ़कर 1.46 लाख रुपए पर पहुंच गया है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 5 अगस्त 2026 इस साल सोने में अब तक तेजी रही इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 13 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.46 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 5 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.25 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA सोना इस साल 1.60 लाख तक जा सकता है कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। सोने-चांदी में ETF के जरिए कर सकते हैं निवेश एक्सचेंज ट्रेडेड फंड सोने और चांदी के गिरते-चढ़ते भावों पर बेस्ड होते हैं। गोल्ड ETF या सिल्वर ETF की खरीद-बिक्री शेयर की ही तरह BSE और NSE पर की जा सकती है। हालांकि, इसमें आपको सोना या चांदी नहीं मिलता। आप जब इससे निकलना चाहें तब आपको उस समय के सोने-चांदी के भाव के बराबर पैसा मिल जाएगा। इसमें 500 रुपए से भी कम में निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। इसमें कैसे कर सकते हैं निवेश? ETF खरीदने के लिए आपको अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है। इसमें NSE पर उपलब्ध ETF के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी। आपके डीमैट अकाउंट में ऑर्डर लगाने के दो दिन बाद ETF आपके अकाउंट में डिपॉजिट हो जाते हैं। ट्रेडिंग खाते के जरिए ही ETF को बेचा जाता है।
Bankers Books Evidence Bill 2026 Passed

33 मिनट पहले कॉपी लिंक लोकसभा ने आज यानी 5 अगस्त को ‘बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026’ को मंजूरी दे दी। इस नए कानून के लागू होने के बाद अब बैंकिंग के डिजिटल और वर्चुअल रिकॉर्ड्स को अदालत में ठोस सबूत माना जाएगा। यह बिल अंग्रेजों के जमाने के पुराने कानून की जगह लेगा। इसका मुख्य मकसद देश के तेजी से बदलते डिजिटल बैंकिंग सिस्टम को कानूनी सुरक्षा और मान्यता देना है। हंगामे के बीच पास हुआ बिल दोपहर 2 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने अलग-अलग मुद्दों पर नारेबाजी जारी रखी। भारी हंगामे और शोर-शराबे के बीच ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बिल को विचार और पास कराने के लिए सदन के सामने रखा, जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। अंग्रेजों का 135 साल पुराना कानून बदलेगा यह नया बिल बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट, 1891 को रिप्लेस करेगा। पुराना कानून उस दौर का था जब सारा बैंकिंग काम कागजों और बही-खातों में होता था। समय के साथ बैंकिंग सिस्टम पूरी तरह बदल चुका है और अब कोर बैंकिंग, मोबाइल ऐप, यूपीआई और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का जमाना है। ऐसे में पुराने कानून में डिजिटल डेटा को सबूत के तौर पर पेश करने में कानूनी अड़चनें आती थीं। आम लोगों और बैंकों को क्या फायदा होगा? कोर्ट में सुनवाई होगी आसान: डिजिटल ट्रांजैक्शन, ऑनलाइन एंट्रीज, ई-स्टेटमेंट और वर्चुअल रिकॉर्ड्स को अब अदालत में सीधे एविडेंस (सबूत) के रूप में स्वीकार किया जाएगा। धोखाधड़ी पर कसेगी नकैल: साइबर क्राइम, ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड और वित्तीय घोटालों के मामलों में डिजिटल सबूतों की मदद से जांच एजेंसियों को आरोपियों के खिलाफ केस मजबूत करने में मदद मिलेगी। समय की बचत होगी: बैंकों को अब अदालती मामलों के लिए भारी-भरकम फिजिकल दस्तावेज या ओरिजिनल रजिस्टर पेश करने की जरूरत नहीं होगी, जिससे अदालती कार्यवाही की रफ्तार तेज होगी। नॉलेज बॉक्स: क्या था 1891 का कानून और क्यों पड़ी बदलने की जरूरत? 1891 का कानून: जब भारत में बैंक सिर्फ कागजी रजिस्टरों पर काम करते थे, तब यह तय करने के लिए कानून बनाया गया था कि बैंक के बहियों की कॉपी को कोर्ट में कैसे पेश किया जाए। बदलाव की वजह: आज 90% से ज्यादा बैंकिंग लेनदेन डिजिटल जैसे UPI, IMPS, ई-बैंकिंग हो चुके हैं। नए बिल से लीगल फ्रेमवर्क को आधुनिक टेक्नोलॉजी के हिसाब से बनाया गया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Allahabad High Court Over UP TGT Exam Controversy

Hindi News Career Allahabad High Court Over UP TGT Exam Controversy | Paper Leak Update 5 मिनट पहले कॉपी लिंक इलाहाबाद हाईकोर्ट ने परीक्षा में बड़ी संख्या में गलत प्रश्न पाए जाने पर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) के सचिव और परीक्षा नियंत्रक को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि आयोग यह बताए कि प्रश्नपत्र कैसे तैयार किया जाता है और परीक्षा कराने की पूरी प्रक्रिया क्या है। पेपर का एक चौथाई हिस्सा गलत टीजीटी इंग्लिश के पेपर में कुल 125 प्रश्नों में से 33 प्रश्न गलत पाए गए हैं। शुरुआत में 29 प्रश्न सिलेबस से बाहर बताए गए थे। वहीं, कुछ उम्मीदवारों ने 4 और प्रश्नों पर ऑब्जेक्शन दर्ज किए थे। कोर्ट के निर्देश पर एक्सपर्ट्स ने इसकी जांच की, जिसमें वे 4 प्रश्न भी गलत पाए गए। इस तरह कुल 33 प्रश्न गलत निकले, जो पूरे पेपर का लगभग एक चौथाई हिस्सा हैं। आयोग ने अदालत को बताया कि गलत प्रश्नों के मार्क्स बाकी सही प्रश्नों में बांट दिए गए हैं और नई संशोधित चयन लिस्ट जारी की गई है। कोर्ट ने बताई परीक्षा प्रक्रिया की जांच की जरूरत हाईकोर्ट ने इस व्यवस्था पर असंतोष जताया। कोर्ट ने कहा कि जब 25% से अधिक प्रश्न गलत हैं तो केवल मार्क्स बांटना इसका समाधान नहीं माना जा सकता। अदालत ने प्रश्नपत्र तैयार करने की पूरी प्रक्रिया की जांच की जरूरत बताई है। —————————————————————————– ये खबर भी पढ़ें IBPS क्लर्क के 11,403 पदों पर भर्ती निकली:किसी भी स्ट्रीम के ग्रेजुएट्स करें अप्लाई, 10-11 अक्टूबर को होगा प्रीलिम्स इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन (IBPS) राष्ट्रीय बैंकों में 11,403 पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट ibpsonline.ibps.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। इस भर्ती के लिए फीस जमा करने की आखिरी तारीख भी 21 अगस्त 2026 तय की गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
स्पेसएक्स का 4000 किलो वजनी रॉकेट चांद से टकराया:8,690 kmph की रफ्तार से अंतरिक्ष में घूम रहा था; NASA ने कहा- धरती को खतरा नहीं

इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का एक बेकाबू रॉकेट चांद की सतह से टकरा गया है। 4 हजार किलो वजनी और करीब 5 मंजिला इमारत जितना बड़ा यह रॉकेट करीब 8,690 किमी/घंटा की रफ्तार से टकराया। नासा ने कहा कि इस टक्कर से पृथ्वी को कोई खतरा नहीं है। हालांकि इस टक्कर की पुष्टि तस्वीरों के आने के बाद होगी। यह बेकाबू टुकड़ा स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट का ऊपरी हिस्सा है। इसे जनवरी 2025 में फ्लोरिडा से अमेरिका और जापान के दो लूनर लैंडर को अंतरिक्ष में भेजने के लिए लॉन्च किया गया था। मिशन पूरा होने के बाद रॉकेट का यह हिस्सा अंतरिक्ष में तैरता रह गया। पिछले 18 महीनों के दौरान पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण की वजह से इसका रास्ता धीरे-धीरे बदल गया। खगोलविदों ने डेटा का अध्ययन करके पहले ही अनुमान लगा लिया था कि यह रॉकेट भटककर सीधे चांद की ओर जा रहा है और उससे टकराएगा। आइंस्टीन क्रेटर के पास टक्कर हुई, दूरबीन से भी देखना मुश्किल यह टक्कर चांद के ‘आइंस्टीन क्रेटर’ के पास हुई। यह क्षेत्र चांद के उस हिस्से में है जहां दिन का उजाला रहता है और जो पृथ्वी से दिखाई देता है। हालांकि, वैज्ञानिकों के मुताबिक इसे आम टेलिस्कोप से देखना नामुमकिन था, क्योंकि टक्कर के वक्त बनी रोशनी बेहद हल्की थी। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के खगोलविद डॉ. मैट बोथवेल का कहना है कि टक्कर के कारण चांद की धूल का एक बड़ा गुबार उठा होगा, जो 100 किलोमीटर तक ऊपर गया होगा और कई मिनटों तक रहा होगा। तस्वीरों के लिए इंतजार करना होगा, ऑर्बिटर जारी करेंगे डेटा फिलहाल जब यह हादसा हुआ, तब चांद का चक्कर लगा रहा कोई भी स्पेसक्राफ्ट सही पोजिशन में नहीं था, इसलिए लाइव तस्वीरें नहीं मिल पाई हैं। दक्षिण कोरिया का ‘दानुरी’ ऑर्बिटर और नासा का ‘लूनर रिकोनिसेंस ऑर्बिटर’ (LRO) आने वाले दिनों में टक्कर वाली जगह के ऊपर से गुजरेंगे और तस्वीरें लेंगे। वैज्ञानिक पुरानी और नई तस्वीरों की तुलना करके चांद की सतह पर बने नए निशान की पहचान करेंगे। चांद पर पहले से मौजूद है 190 टन कचरा इस टक्कर के बाद चांद पर इंसानों की छोड़ी गई या दुर्घटनाग्रस्त हुई चीजों की संख्या बढ़कर लगभग 3,000 हो गई है। इनका कुल वजन करीब 190 टन हो चुका है। सितंबर 1959 में सोवियत संघ का ‘लूना 2’ चांद की सतह पर पहुंचने वाला पहला मानव निर्मित ऑब्जेक्ट था। इसके अलावा नासा के अकेले अपोलो प्रोग्राम से जुड़ी 796 चीजें चांद पर मौजूद हैं। चांद पर कोई वायुमंडल या पर्यावरण नहीं है, इसलिए इस कचरे से वहां किसी ईकोसिस्टम को नुकसान नहीं पहुंचता। हालांकि, वैज्ञानिक चिंतित हैं कि भविष्य में बढ़ते लूनर ट्रैफिक के कारण ऐतिहासिक अपोलो लैंडिंग साइट्स को नुकसान न पहुंचे और नए स्पेसक्राफ्ट्स के टकराने का जोखिम न बढ़े। NASA और वैज्ञानिकों को इस टक्कर से क्या फायदा होगा? साइंस म्यूजियम की स्पेस हेड लिब्बी जैक्सन के अनुसार, यह वैज्ञानिकों के लिए काफी रोमांचक प्रयोग है क्योंकि रॉकेट की स्पीड, वजन और आकार का डेटा पहले से मौजूद था। आमतौर पर जब कोई प्राकृतिक उल्कापिंड चांद से टकराता है, तो वैज्ञानिकों के पास उसका शुरुआती डेटा नहीं होता। इस टक्कर से बने नए गड्ढे और उड़ी हुई धूल की परत का अध्ययन करके वैज्ञानिक यह समझ सकेंगे कि अरबों साल पहले चांद और हमारे सौर मंडल का निर्माण कैसे हुआ था। इधर ऊपरी हिस्सा टकराया, उधर 18वीं बार उड़ने को तैयार बूस्टर स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट का निचला हिस्सा रीयूजेबल होता है। इसे बूस्टर कहते हैं और लैंडिंग करके धरती पर वापस आ जाता है। जिस जनवरी 2025 वाले मिशन का ऊपरी हिस्सा भटककर चांद से टकराया, उसी रॉकेट के निचले बूस्टर को 10 अगस्त को 18वीं बार लॉन्च किया जाएगा। नॉलेज पार्ट: जानें क्या है स्पेस डैब्रिस और आइंस्टीन क्रेटर… इंसान द्वारा अंतरिक्ष में भेजे गए रॉकेट्स के छूटे हुए टुकड़े, निष्क्रिय सैटेलाइट्स और मलबे को स्पेस डैब्रिस कहा जाता है। वहीं चंद्रमा के पश्चिमी किनारे पर स्थित एक बड़ा गड्ढा है, जिसका व्यास करीब 170 किलोमीटर है। इसे आइंस्टीन क्रेटर नाम दिया गया है। —————————————- ये खबर भी पढ़े… हजारों वॉट्सएप अकाउंट अचानक बंद, मैसेज आया- अंडर रीव्यू:बिना वार्निंग सभी फीचर्स ब्लॉक, कंपनी बोली- कभी-कभी गलती हो जाती है मैसेजिंग एप वॉट्सएप ने भारत समेत कुछ अन्य देशों में हजारों यूजर्स के अकाउंट 24 घंटे के लिए रीव्यू में डाल दिए हैं। इस दौरान एप के सभी मैसेजिंग और कॉलिंग फीचर्स को ब्लॉक कर दिया गया। पूरी खबर पढ़े…
ब्रेट ली ने प्रीति संग अफेयर की अफवाहें खारिज कीं:बोले- हम अच्छे दोस्त थे और हैं, कभी किसी बॉलीवुड एक्ट्रेस को डेट नहीं किया

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने हाल ही में मुंबई दौरे के दौरान एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस प्रीति जिंटा के साथ अपने अफेयर की अफवाहों को पूरी तरह खारिज कर दिया। अपने खेल के दिनों में ब्रेट ली का नाम कई बॉलीवुड अभिनेत्रियों के साथ जोड़ा गया था। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में जब इस बारे में उनसे पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “ये रही आपकी खबर… मैंने कभी किसी बॉलीवुड एक्ट्रेस को डेट नहीं किया।” उन्होंने आगे कहा, “प्रीति जिंटा और मैं पहले भी बहुत अच्छे दोस्त थे और आज भी हैं। उस समय वह पंजाब टीम की मालिक थीं। वह बेहद समझदार महिला हैं और मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं। ऐसी खबरों ने मुझे कभी परेशान नहीं किया, क्योंकि मुझे हमेशा सच पता था। लोग जितनी चाहें अटकलें लगा सकते हैं, लेकिन मैंने कभी उन्हें अपने ऊपर असर नहीं करने दिया।” मुंबई से पुराना नाता ब्रेट ली ने इंटरव्यू में बताया कि उनका भारत से कनेक्शन 1994 में शुरू हुआ था, जब वे पहली बार ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीम के साथ मुंबई आए थे। ली ने कहा कि मुंबई उनके दिल के बहुत करीब है और यह शहर उन्हें अपने दूसरे घर जैसा लगता है। उन्होंने मुंबई की बारिश और यहां की एनर्जी की तारीफ की। ली के अनुसार, मुंबई की बारिश शहर के मिजाज का एक अहम हिस्सा है, जो इसे और खास बनाती है। ऑटो रिक्शा और ‘मुकाबला’ गाना मुंबई में शूटिंग के दौरान ऑटो रिक्शा में बैठकर ली को अपने शुरुआती ट्रेनिंग के दिन याद आ गए। उन्होंने बताया कि 1994 में वे अपनी क्रिकेट किट लेकर ऑटो में ही ट्रेनिंग के लिए जाते थे। ली ने खुलासा किया कि भारत में सुना गया उनका पहला गाना ‘मुकाबला’ था, जो उन्होंने ऑटो रिक्शा में सुना था। तब उन्हें हिंदी समझ नहीं आती थी, लेकिन संगीत पसंद आया था। बाद में उन्होंने इस गाने का मतलब समझा और अब जब भी भारत आते हैं, तो यह गाना जरूर सुनते हैं। एआर रहमान का इंटरव्यू लेना उनके लिए एक शानदार अनुभव था। भारतीय फैंस का प्यार आज भी मिलता है अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिए एक दशक से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन ली आज भी भारतीय फैंस से मिलने वाले प्यार से अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि जब वे ऑस्ट्रेलिया या दुबई में होते हैं, तो अक्सर भूल जाते हैं कि उन्होंने क्रिकेट खेला है। लेकिन मुंबई आते ही लोग उन्हें अपने प्यार और गर्मजोशी से याद दिलाते हैं। ली ने कहा कि भारत में उन्हें एक राजा की तरह सम्मान मिलता है और यहां के लोगों की दयालुता और ऊर्जा उन्हें बहुत पसंद है।
ब्रेट ली ने प्रीति संग अफेयर की अफवाहें खारिज कीं:बोले- हम अच्छे दोस्त थे और हैं, कभी किसी बॉलीवुड एक्ट्रेस को डेट नहीं किया

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने हाल ही में मुंबई दौरे के दौरान एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस प्रीति जिंटा के साथ अपने अफेयर की अफवाहों को पूरी तरह खारिज किया। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में जब ब्रेट ली से उनका नाम बॉलीवुड अभिनेत्रियों के साथ जुड़ने की अफवाहों पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘ये रही आपकी खबर… मैंने कभी किसी बॉलीवुड एक्ट्रेस को डेट नहीं किया।’ उन्होंने आगे कहा, ‘प्रीति जिंटा और मैं पहले भी बहुत अच्छे दोस्त थे और आज भी हैं। उस समय वह पंजाब टीम की मालकिन थीं। वह बेहद समझदार महिला हैं और मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं। ऐसी खबरों ने मुझे कभी परेशान नहीं किया, क्योंकि मुझे हमेशा सच पता था। लोग जितनी चाहें अटकलें लगा सकते हैं, लेकिन मैंने कभी उन्हें अपने ऊपर असर नहीं करने दिया।’ मुंबई से पुराना नाता ब्रेट ली ने इंटरव्यू में बताया कि उनका भारत से कनेक्शन 1994 में शुरू हुआ था, जब वे पहली बार ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीम के साथ मुंबई आए थे। ली ने कहा कि मुंबई उनके दिल के बहुत करीब है और यह शहर उन्हें अपने दूसरे घर जैसा लगता है। उन्होंने मुंबई की बारिश और यहां की एनर्जी की तारीफ की। ली के अनुसार, मुंबई की बारिश शहर के मिजाज का एक अहम हिस्सा है, जो इसे और खास बनाती है। ऑटो रिक्शा और ‘मुकाबला’ गाना मुंबई में शूटिंग के दौरान ऑटो रिक्शा में बैठकर ली को अपने शुरुआती ट्रेनिंग के दिन याद आ गए। उन्होंने बताया कि 1994 में वे अपनी क्रिकेट किट लेकर ऑटो में ही ट्रेनिंग के लिए जाते थे। ली ने बताया कि भारत में सुना गया उनका पहला गाना ‘मुकाबला’ था, जो उन्होंने ऑटो रिक्शा में सुना था। तब उन्हें हिंदी समझ नहीं आती थी, लेकिन संगीत पसंद आया था। बाद में उन्होंने इस गाने का मतलब समझा और अब जब भी भारत आते हैं, तो यह गाना जरूर सुनते हैं। एआर रहमान का इंटरव्यू लेना उनके लिए एक शानदार अनुभव था। भारतीय फैंस का प्यार आज भी मिलता है अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिए एक दशक से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन ली आज भी भारतीय फैंस से मिलने वाले प्यार से अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि जब वे ऑस्ट्रेलिया या दुबई में होते हैं, तो अक्सर भूल जाते हैं कि उन्होंने क्रिकेट खेला है, लेकिन मुंबई आते ही लोग उन्हें अपने प्यार से याद दिलाते हैं। ली ने कहा कि भारत में उन्हें एक राजा की तरह सम्मान मिलता है।
गाड़ी का बीमा नहीं तो पेट्रोल-डीजल न मिले:सुप्रीम कोर्ट का निर्देश- नई कारों का बीमा 4 और बाइक के लिए 6 साल का हो

जिस गाड़ी का थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस नहीं है, तो उसे पेट्रोल-डीजल ना दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को यह पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। इसके तहत बीमा न होने पर पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों को फ्यूल देने से मना कर दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ ही नई गाड़ियों के लिए अनिवार्य थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की समय सीमा भी बढ़ा दी है। आइए सवाल-जवाब में समझते हैं कि कोर्ट का निर्देश क्या है, यह कैसे लागू होगा और इसका आम जनता पर क्या असर पड़ेगा । Q1. सुप्रीम कोर्ट ने पेट्रोल-डीजल और गाड़ियों के इंश्योरेंस को लेकर क्या निर्देश दिया? उत्तर: जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने केंद्र सरकार को एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का निर्देश दिया है। इसके तहत पेट्रोल पंपों को गाड़ियों के वैलिड थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस से जोड़ा जाएगा। अगर किसी गाड़ी का बीमा वैलिड नहीं पाया जाता है, तो पेट्रोल पंप पर उसे पेट्रोल या डीजल देने से मना कर दिया जाएगा। जब तक गाड़ी मालिक बीमा नहीं करा लेता, तब तक गाड़ी को ईंधन नहीं मिलेगा। Q2. सुप्रीम कोर्ट ने इतना सख्त कदम उठाने का फैसला क्यों किया? उत्तर: कोर्ट के सामने पेश आंकड़ों के मुताबिक, देश की सड़कों पर चलने वाली गाड़ियों में से लगभग 56% गाड़ियों का कोई बीमा ही नहीं है। स्टैंडिंग कमेटी ऑन फाइनेंस (2024-25) की रिपोर्ट के अनुसार, जब इन वाहनों से सड़क हादसे होते हैं, तो पीड़ितों या उनके परिवारों को उचित और समय पर मुआवजा नहीं मिल पाता। Q3. पेट्रोल पंपों पर बीमा की जांच कैसे की जाएगी? उत्तर: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, पायलट प्रोजेक्ट पर इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय मिलकर काम करेंगे। पेट्रोल पंपों और मुख्य सड़कों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे गाड़ी के नंबर प्लेट को इंश्योरेंस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (IIB) और केंद्र सरकार के वाहन (VAHAN) पोर्टल के डेटा से ऑटोमैटिक कनेक्ट करके बीमा स्टेटस चेक करेंगे। पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने इस व्यवस्था पर सहमति दी है। Q4. नई गाड़ी खरीदने वालों के लिए थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस के नियमों में क्या बदलाव होगा? उत्तर: कोर्ट ने नई गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन के समय खरीदे जाने वाले अनिवार्य थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की जरूरी समयसीमा को 1 साल के लिए बढ़ा दिया है… 2018 में कारों के लिए 3 साल और बाइक्स के लिए 5 साल का नियम लागू किया गया था, लेकिन 8 साल बीतने के बाद भी करोड़ों गाड़ियां बिना बीमा के चल रही हैं। इसीलिए यह समयसीमा बढ़ाई गई है। Q5. सड़क पर चेकिंग के दौरान पुलिस कैसे पता लगाएगी कि इंश्योरेंस है या नहीं? उत्तर: वर्तमान में राज्यों की पुलिस के पास मौके पर तुरंत इंश्योरेंस चेक करने का कोई एक समान सिस्टम नहीं है। इसलिए कोर्ट ने निर्देश दिया है कि राज्य पुलिस को हैंडहेल्ड डिवाइसेज या मोबाइल एप्स दिए जाएं। ये डिवाइसेज VAHAN पोर्टल और इंश्योरेंस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (IIB) के डेटाबेस से सीधे जुड़े होंगे। इससे पुलिस तुरंत गाड़ियों का रियल-टाइम बीमा स्टेटस चेक कर सकेगी और चालान (E-challan) काट सकेगी। Q6. टोल प्लाजा पर लंबी लाइनों और रुकने की समस्या से निपटने के लिए क्या निर्देश हैं? उत्तर: नेशनल हाईवे पर हादसों और टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया है कि चुनिंदा कॉरिडोर पर एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाए। इसके तहत टोल प्लाजा पर वाहनों को रोकने की प्रक्रिया को खत्म कर ऑटोमैटिक डिटैक्शन सिस्टम (ANPR सिस्टम) से बदला जाएगा, ताकि गाड़ियां बिना रुके गुजर सकें। Q7. बिना बीमा वाली गाड़ियों से आम लोगों और सड़क दुर्घटना पीड़ितों को क्या नुकसान होता था? उत्तर: मोटर व्हीकल एक्ट (MVA) की धारा 146 के तहत थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस जरूरी है। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क हादसे के शिकार लोगों को तुरंत आर्थिक मुआवजा दिलाना है। जब गाड़ी का बीमा नहीं होता, तो पीड़ितों या उनके परिजनों को मुआवजे और जिम्मेदारी तय कराने के लिए सालों तक अदालतों के चक्कर काटने पड़ते हैं। खासकर उन परिवारों के लिए स्थिति भयावह हो जाती है, जहां हादसे में कमाने वाले व्यक्ति की मौत हो जाती है या वह स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाता है। Q8. क्या वाहन मालिकों को बीमा के लिए अतिरिक्त विकल्प या कस्टमाइजेशन की सुविधा मिलेगी? उत्तर: हां, सुप्रीम कोर्ट ने IRDA को निर्देश दिया है कि वह प्राइवेट वाहन मालिकों को अलग-अलग पॉलिसी ऑप्शन उपलब्ध कराए। इसमें बेस थर्ड-पार्टी कवर के साथ-साथ पर्सनल एक्सीडेंट कवर, एड-ऑन और ओन-डैमेज कवर चुनने के कई विकल्प मिलने चाहिए, ताकि लोग अपनी जरूरत के हिसाब से बीमा चुन सकें। Q9. थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस होता क्या है? जब आपकी गाड़ी से किसी दूसरे व्यक्ति (तीसरे पक्ष), उसकी गाड़ी या उसकी संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो बीमा कंपनी उस नुकसान की भरपाई करती है। मोटर व्हीकल्स एक्ट की धारा 146 के तहत भारत में हर वाहन का थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस होना कानूनी रूप से अनिवार्य है। इसमें आपकी अपनी गाड़ी के नुकसान का कवर शामिल नहीं होता।







