RBI Plastic Notes Launch | India Currency Update Sanjay Malhotra Statement

Hindi News Business RBI Plastic Notes Launch | India Currency Update Sanjay Malhotra Statement 57 मिनट पहले कॉपी लिंक RBI अगले वित्तीय वर्ष यानी 2027-28 की शुरुआत से देश में लंबे समय तक चलने वाले पॉलिमर यानी प्लास्टिक के नोट लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी, यानी MPC की तीन दिन चली बैठक के बाद गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आज 5 अगस्त को बताया कि शुरुआत में पॉलिमर नोट छोटे मूल्य यानी कम वैल्यू के करेंसी नोट जारी किए जाएंगे। इनका मार्केट में सर्कुलेशन और इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है। 30 साल तक चलते है पॉलिमर नोट प्रेस ब्रीफिंग के दौरान गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि दुनिया के कई देशों जैसे ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में पॉलिमर करेंसी नोट 30 साल से भी अधिक समय तक सफलतापूर्वक उपयोग में रहे हैं। भारत में कागजी नोट, विशेषकर ₹10, ₹20 और ₹50 के छोटे नोट, बहुत जल्द गंदे हो जाते हैं या फटने लगते हैं। पॉलिमर नोट आने से नोटों की उम्र बढ़ेगी, पानी या नमी से ये खराब नहीं होंगे और बार-बार नए नोट छापने का सरकारी खर्च भी कम होगा। सवाल-जवाब में जानें इस खबर से जुड़ी जरूरी बातें… सवाल 1: पॉलीमर नोट क्या होते हैं और सरकार इन्हें क्यों ला रही? जवाब: पॉलीमर बैंकनोट्स कागज के बजाय एक खास किस्म के प्लास्टिक मटेरियल यानी पॉलीमर सबस्ट्रेट पर छापे जाते हैं। ये छूने में तो सामान्य नोटों जैसे ही हल्के होते हैं, लेकिन पानी में भीगने पर भी नहीं गलते और लंबे समय तक चलते हैं। इन्हें लाने की मुख्य वजहें- लंबी उम्र: ये नोट पानी, धूल और गंदगी से खराब नहीं होते और आसानी से फटते भी नहीं हैं। नकली नोटों पर लगाम: पॉलीमर शीट पर एडवांस सिक्योरिटी फीचर्स आसानी से जोड़े जा सकते हैं, जिससे नकली नोट बनाना लगभग नामुमकिन हो जाएगा। छपाई खर्च में बचत: कागजी नोट जल्दी खराब होते हैं, जिससे छपाई का खर्च बढ़ता है। FY25 में आरबीआई ने कागजी नोटों की छपाई पर ₹6,372.8 करोड़ खर्च किए थे। पॉलीमर नोट लंबे चलेंगे, जिससे बार-बार छापने का खर्च घटेगा। सवाल 2: क्या पुरानेकागजी नोट बंद हो जाएंगे? जवाब: बिल्कुल नहीं। सरकार और आरबीआई ने पूरी तरह साफ किया है कि पॉलीमर नोट आने से पुराने कागजी नोट चलन से बाहर नहीं होंगे। को-एग्जिस्टेंस: बाजार में पॉलीमर और पेपर दोनों ही तरह के नोट एक साथ चलते रहेंगे। फेज में बदलाव: यह बदलाव धीरे-धीरे और फेज मैनर यानी अलग-अलग चरण में किया जाएगा। सर्कुलेशन जारी रहेगा: जब तक नए नोट पूरी तरह स्थापित नहीं होते, तब तक कागजी नोट सर्कुलेशन में बने रहेंगे। सवाल 3: पॉलीमर नोट का प्रस्ताव कब आया था? जवाब: भारत ने 2012 में पहली बार नोटों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए पॉलीमर नोट लाने का प्रयास किया था, लेकिन तकनीकी वजहों से प्रोजेक्ट रुक गया था। मई-जून : मीडिया रिपोर्ट्स और आरबीआई की रिपोर्ट में शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए पॉलीमर नोटों पर विचार की बात आई। जून में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने पुष्टि की कि पॉलीमर नोटों का प्रस्ताव विचाराधीन है और इसके नफा-नुकसान का वैल्यूएशन किया जा रहा है। सवाल 4: दुनिया के किन देशों में प्लास्टिक नोट चलते हैं? दुनिया के 60 से ज्यादा देशों में पॉलीमर बैंकनोट्स चलन में शामिल किए जा चुके हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम (यूके) और न्यूजीलैंड जैसे देश शामिल हैं। सवाल 5: भारत में कब-कब नोट बदले गए? आजादी से लेकर अब तक भारत में बड़े पैमाने पर 3 बार नोटबंदी या बड़े मूल्य के नोटों को बंद करने का फैसला लिया गया है… 1. पहली बार – जनवरी 1946 (ब्रिटिश काल/आजादी से ठीक पहले): क्या हुआ: तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने ₹500, ₹1000 और ₹10,000 के बड़े नोटों को बंद कर दिया था। मकसद: काले धन और युद्ध के दौरान हुई अवैध कमाई को बाहर निकालना। बाद में: 1954 में सरकार ने ₹1,000, ₹5,000 और ₹10,000 के नोट फिर से शुरू किए थे। 2. दूसरी बार – जनवरी 1978 (मोरारजी देसाई सरकार): क्या हुआ: जनता पार्टी की सरकार ने ₹1,000, ₹5,000 और ₹10,000 के बड़े नोटों को बंद कर दिया। मकसद: चुनाव में होने वाले काले धन के इस्तेमाल और भ्रष्टाचार को रोकना। 3. तीसरी बार – 8 नवंबर 2016 (नरेंद्र मोदी सरकार): क्या हुआ: रात 8 बजे प्रधानमंत्री मोदी ने देश में चल रहे ₹500 और ₹1,000 के नोटों को रातों-रात अमान्य घोषित कर दिया। बदलाव: इनकी जगह ₹500 का नया नोट और पहली बार ₹2,000 का नया नोट जारी किया गया। ₹2000 के नोट की वापसी (मई 2023): 19 मई 2023 को RBI ने ‘क्लीन नोट पॉलिसी’ के तहत ₹2,000 के नोट को चलन (सर्कुलेशन) से वापस लेने का ऐलान किया। हालांकि इसे नोटबंदी नहीं कहा गया क्योंकि इसे बैंक में जमा करने या बदलने का समय दिया गया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
शेख हसीना 2 साल बाद आज नजर आएंगी:दिल्ली में भाषण, भारत का रोक लगाने से इनकार, बांग्लादेश बोला- पड़ोसी से रिश्ते बिगाड़ना नहीं चाहते

बांग्लादेश ने कहा है कि वह भारत के साथ अपने रिश्ते खराब नहीं करना चाहता और दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध बनाए रखना चाहता है। दरअअसल, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने ऐलान किया है कि वे 5 अगस्त को एक कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित करेंगी। हसीना के देश छोड़ने के बाद 2 साल में यह पहली बार शेख हसीना किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में वर्चुअल भाषण देतीं नजर आएंगी। बांग्लादेश ने इस पर रोक लगाने की मांग की थी लेकिन भारत ने मंगलवार को इससे इनकार कर दिया था। भारत ने कहा- इसके बाद बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद ने को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम भारत के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं। हम नहीं चाहते कि हमारे रिश्ते खराब हों या उन पर कोई असर पड़े। उम्मीद है कि भारत भी इसे समझेगा।” बांग्लादेश लौटने का ऐलान कर चुकी हैं शेख हसीना शेख हसीना का कार्यक्रम में दिल्ली में सर मार्क टली ऑडिटोरियम में होगा। इसका आयोजन फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब कर रहा है। फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया (FCCSA) नई दिल्ली स्थित पत्रकारों का संगठन है। इसकी स्थापना 1958 में हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह कार्यक्रम शाम 6 बजे से 7:30 बजे तक चलेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हसीना इस कार्यक्रम में बांग्लादेश लौटने की तारीख का ऐलान कर सकती हैं। उन्होंने पिछले महीने कहा था कि वे दिसंबर में अपने देश लौटेंगी। इस दौरान उनकी हत्या भी हो जाए तो उन्हें मंजूर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हसीना अपने भाषण में देश के लिए अपना विजन भी पेश कर सकती हैं। उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय भी कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इसके अलावा अवामी लीग के कई सीनियर नेता भी इसमें हिस्सा लेंगे। शेख हसीना ने 5 अगस्त का दिन ही क्यों चुना 5 अगस्त 2024 को ही छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना को बांग्लादेश छोड़ना पड़ा था। प्रदर्शनकारी उनके सरकारी आवास तक पहुंच गए थे। इसके बाद वह इस्तीफा देकर सेना के विमान से भारत आ गई थीं। यानी जिस दिन उन्हें सत्ता छोड़नी पड़ी थी, उसी दिन वह दो साल बाद फिर लोगों के सामने आ रही हैं। माना जा रहा है कि वह इसी दिन अपनी राजनीतिक वापसी का मैसेज देना चाहती हैं। हसीना के भाषण को लेकर बांग्लादेश में क्या चर्चा है? बांग्लादेश सरकार ने इस भाषण के प्रसारित होने पर हर तरह से पाबंदी लगा दी है। प्रिंट, टीवी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को चेतावनी दी गई कि शेख हसीना का भारत से होने वाला भाषण प्रसारित या प्रकाशित नहीं किया जाए क्योंकि अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) के आदेश के तहत इस बयान के प्रसारण पर रोक है। इस पाबंदी के बाद से ही सबसे ज्यादा चर्चा में ये है कि क्या हसीना वापस या सकती हैं या नहीं? हालांकि, बांग्लादेशी मीडिया में इस बात पर चर्चा चल रही है कि हसीना की वापसी से भारत और बांग्लादेश के रिश्तों पर क्या असर होने वाला है। बांग्लादेश के बड़े अखबार प्रोथोम आलो लिखता है, ‘भारत को बांग्लादेश से अपने द्विपक्षीय रिश्तों को लेकर गंभीर नजर आना चाहिए। इस तरह की राजनीतिक गतिविधि से रिश्तों पर खराब असर हो सकता है।’ द डेली स्टार का संपादकीय भी इसी लाइन पर है कि भारत की धरती से इस तरह की राजनीतिक गतिविधियां हाल ही में सुधरते रिश्तों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इस अखबार ने बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के विरोध को भी जायज ठहराया है। उधर, बंगाली अखबार जुगांतर ने हसीना के वापस आने को लेकर विपक्षी पार्टियों के रुख को ज्यादा प्रमुखता से छापा है। सोशल मीडिया पर क्या चल रहा: बांग्लादेशी फेसबुक, यूट्यूब और एक्स (X) पर इन हैश टैग के जरिए चर्चा हो रही है- #SheikhHasina #AwamiLeague #August5 #JulyUprising #IndiaBangladesh न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश की मीडिया और सोशल मीडिया में हसीना के भाषण को लेकर तीन तरह के नैरेटिव बने हुए हैं: 1. सरकार: हसीना ‘फरार अपराधी’ हैं, उन्हें कोई राजनीतिक मंच नहीं मिलना चाहिए। 2. छात्र आंदोलन से जुड़ी पार्टियां: हसीना की वापसी नहीं होनी चाहिए। हसीना लौट कर अदालत का सामना करें। 3. अवामी लीग समर्थक: हसीना ही राजनीतिक स्थिरता का विकल्प हैं और उनके बिना चुनाव निष्पक्ष नहीं होंगे।
Sheikh Hasina Delhi Speech | Bangladesh India Relations Statement

नई दिल्ली/ढाका4 मिनट पहले कॉपी लिंक शेख हसीना ने देश छोड़ने से एक दिन पहले 25 जुलाई 2024 को ढाका में प्रदर्शन के दौरान क्षतिग्रस्त हुए मेट्रो स्टेशन का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने मीडिया से आखिरी बार बातचीत की थी। बांग्लादेश ने कहा है कि वह भारत के साथ अपने रिश्ते खराब नहीं करना चाहता और दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध बनाए रखना चाहता है। दरअअसल, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने ऐलान किया है कि वे 5 अगस्त को एक कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित करेंगी। हसीना के देश छोड़ने के बाद 2 साल में यह पहली बार शेख हसीना किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में वर्चुअल भाषण देतीं नजर आएंगी। बांग्लादेश ने इस पर रोक लगाने की मांग की थी लेकिन भारत ने मंगलवार को इससे इनकार कर दिया था। भारत ने कहा- इसके बाद बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद ने को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम भारत के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं। हम नहीं चाहते कि हमारे रिश्ते खराब हों या उन पर कोई असर पड़े। उम्मीद है कि भारत भी इसे समझेगा।” बांग्लादेश लौटने का ऐलान कर चुकी हैं शेख हसीना शेख हसीना का कार्यक्रम में दिल्ली में सर मार्क टली ऑडिटोरियम में होगा। इसका आयोजन फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब कर रहा है। फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया (FCCSA) नई दिल्ली स्थित पत्रकारों का संगठन है। इसकी स्थापना 1958 में हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह कार्यक्रम शाम 6 बजे से 7:30 बजे तक चलेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हसीना इस कार्यक्रम में बांग्लादेश लौटने की तारीख का ऐलान कर सकती हैं। उन्होंने पिछले महीने कहा था कि वे दिसंबर में अपने देश लौटेंगी। इस दौरान उनकी हत्या भी हो जाए तो उन्हें मंजूर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हसीना अपने भाषण में देश के लिए अपना विजन भी पेश कर सकती हैं। उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय भी कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इसके अलावा अवामी लीग के कई सीनियर नेता भी इसमें हिस्सा लेंगे। शेख हसीना की यह फुटेज हेलिकॉप्टर में बैठने से पहले की है। उन्होंने 5 अगस्त 2024 को देश छोड़ा था। शेख हसीना ने 5 अगस्त का दिन ही क्यों चुना 5 अगस्त 2024 को ही छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना को बांग्लादेश छोड़ना पड़ा था। प्रदर्शनकारी उनके सरकारी आवास तक पहुंच गए थे। इसके बाद वह इस्तीफा देकर सेना के विमान से भारत आ गई थीं। यानी जिस दिन उन्हें सत्ता छोड़नी पड़ी थी, उसी दिन वह दो साल बाद फिर लोगों के सामने आ रही हैं। माना जा रहा है कि वह इसी दिन अपनी राजनीतिक वापसी का मैसेज देना चाहती हैं। हसीना के भाषण को लेकर बांग्लादेश में क्या चर्चा है? बांग्लादेश सरकार ने इस भाषण के प्रसारित होने पर हर तरह से पाबंदी लगा दी है। प्रिंट, टीवी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को चेतावनी दी गई कि शेख हसीना का भारत से होने वाला भाषण प्रसारित या प्रकाशित नहीं किया जाए क्योंकि अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) के आदेश के तहत इस बयान के प्रसारण पर रोक है। इस पाबंदी के बाद से ही सबसे ज्यादा चर्चा में ये है कि क्या हसीना वापस या सकती हैं या नहीं? हालांकि, बांग्लादेशी मीडिया में इस बात पर चर्चा चल रही है कि हसीना की वापसी से भारत और बांग्लादेश के रिश्तों पर क्या असर होने वाला है। बांग्लादेश के बड़े अखबार प्रोथोम आलो लिखता है, ‘भारत को बांग्लादेश से अपने द्विपक्षीय रिश्तों को लेकर गंभीर नजर आना चाहिए। इस तरह की राजनीतिक गतिविधि से रिश्तों पर खराब असर हो सकता है।’ द डेली स्टार का संपादकीय भी इसी लाइन पर है कि भारत की धरती से इस तरह की राजनीतिक गतिविधियां हाल ही में सुधरते रिश्तों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इस अखबार ने बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के विरोध को भी जायज ठहराया है। उधर, बंगाली अखबार जुगांतर ने हसीना के वापस आने को लेकर विपक्षी पार्टियों के रुख को ज्यादा प्रमुखता से छापा है। सोशल मीडिया पर क्या चल रहा: बांग्लादेशी फेसबुक, यूट्यूब और एक्स (X) पर इन हैश टैग के जरिए चर्चा हो रही है- #SheikhHasina #AwamiLeague #August5 #JulyUprising #IndiaBangladesh न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश की मीडिया और सोशल मीडिया में हसीना के भाषण को लेकर तीन तरह के नैरेटिव बने हुए हैं: 1. सरकार: हसीना ‘फरार अपराधी’ हैं, उन्हें कोई राजनीतिक मंच नहीं मिलना चाहिए। 2. छात्र आंदोलन से जुड़ी पार्टियां: हसीना की वापसी नहीं होनी चाहिए। हसीना लौट कर अदालत का सामना करें। 3. अवामी लीग समर्थक: हसीना ही राजनीतिक स्थिरता का विकल्प हैं और उनके बिना चुनाव निष्पक्ष नहीं होंगे। ——————————- बांग्लादेश से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें.. बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने इस्तीफा दिया:कहा- बीमार हूं, कई बार बेहोश हो जाता हूं; दावा- शेख हसीना से बातचीत की जानकारी लीक हुई बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा संसद (जातीय संसद) के स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद को सौंपा। राष्ट्रपति ने इस्तीफे की वजह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को बताया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
संसदीय समिति बोली- जुकरबर्ग 3 दिन में माफी मांगे:मेटा ने पीएम मोदी का पोस्ट ब्लॉक किया था; IT मंत्रालय के साथ मेटा की मीटिंग भी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पोस्ट को ब्लॉक करने के मामले में संसदीय समिति ने मेटा प्रमुख मार्क जुकरबर्ग से 3 दिन के भीतर बिना शर्त माफी मांगने को कहा है। यदि वे तय समय सीमा में माफी नहीं मांगते हैं, तो मेटा को मिलने वाली सुरक्षा और कानूनी छूट वापस ली जा सकती है। इसी मामले में आईटी मंत्रालय और मेटा के अधिकारियों के बीच दो दिन की बैठक भी हो रही है। सरकार ने मेटा की ग्लोबल टीम को दिल्ली समन किया था। आज 5 अगस्त को इस मीटिंग का पहला दिन था। इस पूरे विवाद को सरल भाषा में समझने के लिए पढ़ें यह QA रिपोर्ट सवाल 1. संसदीय समिति ने मार्क जुकरबर्ग और मेटा को लेकर क्या निर्देश दिया है? जवाब: मेटा के प्रतिनिधि आईटी मामलों की संसदीय स्थायी समिति के सामने पेश हुए थे। समिति के सदस्यों ने मेटा से प्लेटफॉर्म में मौजूद एल्गोरिद्म के पक्षपात और कंटेंट मॉडरेशन की प्रक्रिया पर सवाल किए। सांसदों का आरोप था कि प्लेटफॉर्म पर अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री आसानी से उपलब्ध रहती है, जबकि सही कंटेंट हटा दिया जाता है। समिति ने मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग से इस पूरे घटनाक्रम पर 3 दिनों के भीतर बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि वे तय समय सीमा में माफी नहीं मांगते हैं, तो आईटी अधिनियम (IT Act) की धारा 79(3) के तहत मेटा को मिलने वाली सुरक्षा और कानूनी छूट वापस ली जा सकती है। इसके बाद कंपनी पर कार्रवाई की जाएगी। सवाल 2. IT मंत्रालय ने मेटा के अधिकारियों को क्यों तलब किया है? जवाब: IT मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने बताया कि बैठक में मंत्रालय यह जांचेगा कि मेटा भारतीय कानूनों का कितना पालन कर रही हैे। वीआईपी अकाउंट की सुरक्षा के लिए बनाए गए उसके ‘सेफगार्ड्स’ क्यों फेल हुए। इसके अलावा वॉट्सऐप की यूजरनेम पॉलिसी और इंस्टाग्राम पर चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटीरियल (CSAM) की मौजूदगी को लेकर भी सवाल पूछे जाएंगे। सवाल 3. इस विवाद की मुख्य वजह क्या है? पीएम मोदी की पोस्ट के साथ क्या हुआ था? जवाब: पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम और फेसबुक पर देश के युवाओं के नाम एक वीडियो पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने पेपर लीक के मामलों में कड़े एक्शन का वादा किया था। मेटा के सिस्टम ने इस पोस्ट को अचानक हटा दिया। कुछ समय बाद पोस्ट को बहाल कर दिया गया। मेटा ने इसे एक “तकनीकी खराबी” बताते हुए गलती से पोस्ट हटने का दावा किया और माफी मांगी। हालांकि, IT मंत्रालय ने मेटा की इस सफाई को पूरी तरह “अपर्याप्त और असंतोषजनक” करार दिया। सवाल 4 आईटी सचिव एस कृष्णन ने इस मामले पर क्या कहा? जवाब: आईटी सचिव एस कृष्णन ने 4 अगस्त को कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक होने के नाते मेटा के पास ऐसी तकनीकी क्षमताएं होनी चाहिए कि उसके सुरक्षा मानक ठीक से काम करें। सरकार यह स्पष्टता चाहती है कि मेटा भारतीय कानूनों को किस हद तक समझती है और उनका पालन सुनिश्चित करने के लिए उसके पास क्या ठोस सिस्टम है। सवाल 5. क्या मेटा के अधिकारियों पर कोई आपराधिक केस भी दर्ज हुआ है? जवाब: हां, इस मामले में कानूनी शिकंजा भी कस गया है। हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने प्रधानमंत्री मोदी को निशाना बनाकर बनाए गए मॉर्फ्ड और AI-जनरेटेड पोस्ट के मामले में मेटा इंडिया के हेड अरुण श्रीनिवास और कुछ फेसबुक व इंस्टाग्राम अकाउंट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सवाल 6. क्या इस मीटिंग में केवल पीएम मोदी के पोस्ट का ही मुद्दा होगा? जवाब: 5 और 6 अगस्त की मीटिंग में केवल पीएम मोदी की पोस्ट का मुद्दा ही नहीं उठाय जा रहा है। मंत्रालय मेटा से वॉट्सऐप की नई यूजरनेम पॉलिसी और इंस्टाग्राम पर बच्चों से जुड़े यौन शोषण (CSAM) वाले कंटेंट की मौजूदगी पर जारी किए गए पुराने नोटिसों का भी ब्योरा और जवाब मांगेगा। सवाल 7. इस कार्रवाई का मेटा और भारतीय यूजर्स पर आगे क्या असर पड़ सकता है? जवाब: यदि मेटा आईटी मंत्रालय और संसदीय समिति को संतुष्ट करने में विफल रहती है, तो भारत सरकार सोशल मीडिया कंपनियों के लिए कंटेंट मॉडरेशन और एआई मॉर्फिंग से जुड़े नियमों को और सख्त कर सकती है। इससे बड़ी टेक कंपनियों की जवाबदेही तय होगी और वीआईपी खातों के साथ-साथ आम यूजर्स के डेटा व कंटेंट सेफ्टी को मजबूत किया जाएगा।
Meta IT Ministry Meeting | PM Modi Post Block Controversy & Zuckerberg

7 मिनट पहले कॉपी लिंक पीएम मोदी ने 23 जुलाई को छात्रों को संबोधित करते हुए वीडियो पोस्ट किया था। फेसबुक ने इसे हटा दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो फेसबुक से हटाने के मामले में संसदीय समिति ने मेटा प्रमुख मार्क जुकरबर्ग से 3 दिन के भीतर बिना शर्त माफी मांगने को कहा है। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो मेटा को भारत में मिलने वाली कानूनी सुरक्षा और कुछ छूट वापस लेने पर विचार किया जा सकता है। इसी मामले में आईटी मंत्रालय और मेटा के अधिकारियों के बीच दो दिन की बैठक चल रही है। सरकार ने मेटा की ग्लोबल टीम को दिल्ली बुलाया है। 5 अगस्त को बैठक का पहला दिन था। पीएम मोदी ने 23 जुलाई को यह वीडियो पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने पेपर लीक को बड़ी समस्या बताया था। उन्होंने ऐसे मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की भी बात कही थी। यह वीडियो कुछ समय के लिए फेसबुक से हटा दिया गया था। बाद में मेटा ने इसे फिर से फेसबुक पर डाल दिया। मेटा के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कापलान की अगुआई में एक हाई लेवल कमेटी ने आईटी मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन से मुलाकात की। 7 सवालों के जवाब से जानिए विवाद से जुड़ी जरूरी बातें सवाल 1. संसदीय समिति ने मार्क जुकरबर्ग और मेटा को लेकर क्या निर्देश दिया है? जवाब: समिति ने मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग से तीन दिन के भीतर बिना शर्त माफी मांगने को कहा है। समिति ने कहा है कि अगर तय समय में माफी नहीं मांगी गई, तो मेटा को आईटी कानून के तहत मिलने वाली कानूनी सुरक्षा और छूट वापस ली जा सकती है। इसके बाद कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। सवाल 2. IT मंत्रालय ने मेटा के अधिकारियों को क्यों तलब किया है? जवाब: IT मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने बताया कि बैठक में मंत्रालय यह जांचेगा कि मेटा भारतीय कानूनों का कितना पालन कर रही हैे। वीआईपी अकाउंट की सुरक्षा के लिए बनाए गए उसके ‘सेफगार्ड्स’ क्यों फेल हुए। इसके अलावा वॉट्सऐप की यूजरनेम पॉलिसी और इंस्टाग्राम पर चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल (CSAM) की मौजूदगी को लेकर भी सवाल पूछे जाएंगे। सवाल 3. इस विवाद की मुख्य वजह क्या है? जवाब: 23 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम और फेसबुक पर युवाओं के नाम एक वीडियो पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने पेपर लीक के मामलों में सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था। कुछ समय बाद मेटा ने यह पोस्ट हटा दी। बाद में कंपनी ने पोस्ट फिर से बहाल कर दी और कहा कि यह तकनीकी गड़बड़ी की वजह से हुआ था। मेटा ने इस पर माफी भी मांगी, लेकिन आईटी मंत्रालय ने कंपनी की सफाई को संतोषजनक नहीं माना। वीडियो में लिखा आ रहा था कि ये वीडियो भारत में उपलब्ध नहीं है। सवाल 4. सरकार इस मामले में क्या कह रही है? जवाब: आईटी सचिव एस. कृष्णन ने 4 अगस्त को कहा कि मेटा दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक है, इसलिए उसके सिस्टम इतने मजबूत होने चाहिए कि ऐसी गलती दोबारा न हो। उन्होंने कहा कि सरकार यह जानना चाहती है कि मेटा भारतीय कानूनों को कितना समझती है और उनका पालन कराने के लिए उसके पास क्या व्यवस्था है। सवाल 5. पीएम मोदी के पोस्ट हटाने के मामले पर मेटा का पक्ष क्या है? जवाब: मेटा ने कहा कि पोस्ट गलती से हट गई थी। यह तकनीकी समस्या थी, किसी नीति या जानबूझकर की गई कार्रवाई का हिस्सा नहीं था। पोस्ट बाद में बहाल कर दी गई। सवाल 6. इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है? जवाब: हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने प्रधानमंत्री मोदी को निशाना बनाकर बनाए गए मॉर्फ्ड और AI-जनरेटेड पोस्ट के मामले में मेटा इंडिया के हेड अरुण श्रीनिवास और कुछ फेसबुक व इंस्टाग्राम अकाउंट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सवाल 7. इस मीटिंग में और क्या मुद्दे हैं? जवाब: 5 और 6 अगस्त की मीटिंग में केवल पीएम मोदी की पोस्ट का मुद्दा ही नहीं है। मंत्रालय मेटा से वॉट्सऐप की नई यूजरनेम पॉलिसी और इंस्टाग्राम पर बच्चों से जुड़े यौन शोषण वाले कंटेंट की मौजूदगी पर जारी किए गए पुराने नोटिसों का भी ब्योरा और जवाब मांगेगा। सवाल 8. इसका आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा? जवाब: भारत मेटा का सबसे बड़ा बाजार है। देश में वाट्सएप के 60 करोड़ से ज्यादा, इंस्टाग्राम के करीब 48 करोड़ और फेसबुक के करीब 40 करोड़ यूजर हैं। इसलिए मेटा के किसी भी फैसले का असर सीधे करोड़ों भारतीयों पर पड़ता है। सोशल मीडिया कंपनियों के कंटेंट हटाने के नियमों पर ज्यादा निगरानी हो सकती है। गलत तरीके से हटाई गई पोस्ट या अकाउंट के मामलों में कंपनियों पर जवाबदेही बढ़ सकती है। भारत में काम कर रही बड़ी टेक कंपनियों को कंटेंट मॉडरेशन के नियम और सख्ती से लागू करने पड़ सकते हैं। 23 जुलाई को पीएम ने वीडियो मैसेज पोस्ट किया था 23 जुलाई की रात 12 बजे X हैंडल पर पोस्ट किए गए 2.56 मिनट के वीडियो मैसेज में मोदी ने कहा- पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। लाखों छात्रों, उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है। इसलिए पेपर लीक से अब तक, पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं। गुनहगारों को पकड़ा है, वे जेल में हैं। हमारी जिम्मेदारी थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो, इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों का एग्जाम कराया। 19 जुलाई को रिजल्ट भी आ गया। फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया… उन्होंने यह भी कहा- हम इतने से संतोष करने वाले नहीं हैं। इसलिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया है।दरअसल, यह पूरा मामला 3 मई को हुए NEET UG पेपर लीक से जुड़ा है। ———————– ये खबर भी पढ़ें… अगले 2 महीने सस्ता लोन नहीं, EMI भी नहीं घटेगी: RBI गवर्नर बोले- दुनिया में उथल-पुथल से महंगाई बढ़ी; ब्याज दर 5.25% पर बरकरार अगर आप घर, गाड़ी या पर्सनल जरूरत के लिए सस्ते लोन का इंतजार कर रहे हैं, तो फिलहाल ये उम्मीद पूरी नहीं हो सकेगी। ऐसा इसलिए, क्योंकि RBI ने ब्याज दर को 5.25% पर
पैपराजी को देख आराध्या ने हाथ जोड़कर किया नमस्ते:बेटी के साथ एयरपोर्ट पर स्पॉट हुए अभिषेक-ऐश्वर्या; सनी देओल और प्रीति जिंटा भी नजर आए

हाल ही में छुट्टियां बिताकर लौटे अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन और उनकी बेटी आराध्या बच्चन मंगलवार को एयरपोर्ट पर स्पॉट हुए। इस दौरान ऐश्वर्या और आराध्या ब्लैक आउटफिट में ट्विनिंग करती नजर आईं। आराध्या ने लेदर जैकेट पहनी थी, जबकि ऐश्वर्या ब्लैक वेलवेट ओवरकोट और जींस में दिखीं। अभिषेक बैगी डेनिम और जैकेट में नजर आए। एयरपोर्ट पर परिवार के बर्ताव ने भी लोगों का ध्यान खींचा। अभिषेक ने उन्हें लेने आए सिक्योरिटी कर्मियों का अभिवादन किया, जबकि आराध्या ने फोटोग्राफरों को नमस्ते कहा। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उनके इस व्यवहार की तारीफ की। इससे पहले अभिषेक और ऐश्वर्या न्यूयॉर्क में भी साथ नजर आए थे। दोनों ने सड़क पर फैंस के साथ सेल्फी खिंचवाई थी, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। उस समय अभिषेक कैजुअल टी-शर्ट और कैप में दिखे, जबकि ऐश्वर्या ऑल-ब्लैक लुक में नजर आई थीं। वर्क फ्रंट की बात करें तो अभिषेक बच्चन फिल्म ‘किंग’ में शाहरुख खान के साथ नजर आने वाले थे। फिल्म में दीपिका पादुकोण, अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ, रानी मुखर्जी, जयदीप अहलावत, अरशद वारसी और राघव जुयाल भी शामिल थे। फिल्म की सिनेमाघरों में रिलीज 24 दिसंबर को निर्धारित थी। वहीं, मंगलवार देर शाम एक्टर सनी देओल अपने बेटे करण देओल के साथ मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट हुए। दोनों सिंपल और कैजुअल लुक में नजर आए। वहीं, एक्ट्रेस प्रीति जिंटा भी मुंबई एयरपोर्ट पर दिखाई दीं। प्रीति ब्लैक और व्हाइट कैजुअल आउटफिट में नजर आईं। बता दें कि सनी देओल, करण देओल और प्रीति जिंटा जल्द अपकमिंग फिल्म ‘बंटवारा 1947’ में नजर आएंगे। फिल्म में शबाना आजमी, अली फजल और अभिमन्यु सिंह भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म की कहानी हिंसा, विस्थापन और पारिवारिक संघर्ष से जूझ रहे एक परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। ‘बंटवारा 1947’ 14 अगस्त 2026 को रिलीज होगी।
प्रदीप रावत का अंतिम संस्कार आज दोपहर 2 बजे होगा:कल कैंसर से निधन हुआ; लगान, गजनी जैसी कई फिल्मों में दिखे थे

एक्टर प्रदीप रावत का अंतिम संस्कार आज यानी बुधवार दोपहर 2 बजे मुंबई की बेस्ट कॉलोनी के पास गोरेगांव (पश्चिम) में होगा। यह जानकारी प्रदीप रावत के करीबी दोस्त और अभिनेता यशपाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर दी। बता दें कि लगान और गजनी समेत कई फिल्मों में नजर आने वाले प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में मंगलवार शाम को निधन हो गया। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदीप रावत के मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी ने बताया था कि एक्टर कैंसर से पीड़ित थे और बीमारी दोबारा लौट आई थी। पिछले एक महीने से उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। महाभारत में अश्वत्थामा का रोल निभाया था प्रदीप रावत ने एक्टिंग करियर की शुरुआत बी.आर. चोपड़ा के टीवी शो महाभारत में अश्वत्थामा की भूमिका से की थी। इसके बाद उन्होंने हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और भोजपुरी फिल्मों में काम किया। हिंदी सिनेमा में उन्होंने लगान, सरफरोश, गजनी और ग्रैंड मस्ती जैसी फिल्मों में दिखाई दिए। वहीं, तेलुगु फिल्म सई (Sye) से उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में कदम रखा और कई यादगार विलेन के किरदार निभाए। तमिल फिल्म गजनी (2005) में उनके डबल रोल को काफी पसंद किया गया। बाद में उन्होंने इसी भूमिका को हिंदी रीमेक गजनी में भी निभाया। इसके अलावा उन्होंने कन्नड़ फिल्म पैरोडी, मलयालम फिल्म चाइना टाउन, बंगाली फिल्म हीरो 420 और भोजपुरी फिल्म क्रैक फाइटर में भी एक्टिंग की थी। सलमान को प्रदीप रावत के कारण गजनी नहीं मिली थी 27 मार्च 2025 को मुंबई में फिल्म सिकंदर की प्रेस मीट के दौरान सलमान से पूछा गया था कि क्या वाकई आमिर से पहले आपको गजनी मिली थी। इस पर एक्टर ने कहा था, ‘मैंने भी सुना है। मैंने ये प्रदीप से सुना है, हम उसे गजनी बुलाते हैं। वो मेरे दोस्त हैं, हमने 4-5 फिल्में साथ की हैं। उसने एक बार कहा था, मुरुगदास (गजनी के डायरेक्टर) बहुत अनुशासित हैं, इतने सिंसियर हैं, सलमान कैसे काम कर लेगा उनके साथ, सलमान को गुस्सा बहुत आता है।’ आगे सलमान ने कहा था, ‘मतलब वो मेरे साथ 5 पिक्चरें कर चुका है, उसके बाद वो ये बोलता है। उसके बाद मैं बेचारे से मिला ही नहीं। मिलेगा तो मैं उससे पूछूंगा कि मैं कब गुस्सा हुआ तेरे से।’ सोनू सूद ने प्रदीप रावत को दी श्रद्धांजलि एक्टर सोनू सूद ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर प्रदीप रावत की ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर शेयर कर लिखा, ‘प्रदीप रावत भाई, आपकी कमी हमेशा महसूस होगी। आप हमेशा याद आएंगे।’ यह खबर भी पढ़ें… फिल्ममेकर भारतीराजा का 84 साल की उम्र में निधन: राजेश खन्ना की फिल्म समेत 40 से ज्यादा फिल्में बनाई थीं; 6 नेशनल अवार्ड मिले फिल्ममेकर भारतीराजा का लंबी बीमारी और उम्र संबंधी दिक्कतों के कारण 10 जून, 2026 को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। भारतीराजा को छह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, चार साउथ फिल्मफेयर पुरस्कार, छह तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार और एक नंदी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
प्रदीप रावत का अंतिम संस्कार आज दोपहर 2 बजे होगा:कल कैंसर से निधन हुआ; लगान, गजनी जैसी कई फिल्मों में दिखे थे

एक्टर प्रदीप रावत का अंतिम संस्कार आज यानी बुधवार दोपहर 2 बजे मुंबई की बेस्ट कॉलोनी के पास गोरेगांव (पश्चिम) में होगा। यह जानकारी प्रदीप रावत के करीबी दोस्त और अभिनेता यशपाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर दी। बता दें कि लगान और गजनी समेत कई फिल्मों में नजर आने वाले प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में मंगलवार शाम को निधन हो गया। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदीप रावत के मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी ने बताया था कि एक्टर कैंसर से पीड़ित थे और बीमारी दोबारा लौट आई थी। पिछले एक महीने से उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। महाभारत में अश्वत्थामा का रोल निभाया था प्रदीप रावत ने एक्टिंग करियर की शुरुआत बी.आर. चोपड़ा के टीवी शो महाभारत में अश्वत्थामा की भूमिका से की थी। इसके बाद उन्होंने हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और भोजपुरी फिल्मों में काम किया। हिंदी सिनेमा में उन्होंने लगान, सरफरोश, गजनी और ग्रैंड मस्ती जैसी फिल्मों में दिखाई दिए। वहीं, तेलुगु फिल्म सई (Sye) से उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में कदम रखा और कई यादगार विलेन के किरदार निभाए। तमिल फिल्म गजनी (2005) में उनके डबल रोल को काफी पसंद किया गया। बाद में उन्होंने इसी भूमिका को हिंदी रीमेक गजनी में भी निभाया। इसके अलावा उन्होंने कन्नड़ फिल्म पैरोडी, मलयालम फिल्म चाइना टाउन, बंगाली फिल्म हीरो 420 और भोजपुरी फिल्म क्रैक फाइटर में भी एक्टिंग की थी। सलमान को प्रदीप रावत के कारण गजनी नहीं मिली थी 27 मार्च 2025 को मुंबई में फिल्म सिकंदर की प्रेस मीट के दौरान सलमान से पूछा गया था कि क्या वाकई आमिर से पहले आपको गजनी मिली थी। इस पर एक्टर ने कहा था, ‘मैंने भी सुना है। मैंने ये प्रदीप से सुना है, हम उसे गजनी बुलाते हैं। वो मेरे दोस्त हैं, हमने 4-5 फिल्में साथ की हैं। उसने एक बार कहा था, मुरुगदास (गजनी के डायरेक्टर) बहुत अनुशासित हैं, इतने सिंसियर हैं, सलमान कैसे काम कर लेगा उनके साथ, सलमान को गुस्सा बहुत आता है।’ आगे सलमान ने कहा था, ‘मतलब वो मेरे साथ 5 पिक्चरें कर चुका है, उसके बाद वो ये बोलता है। उसके बाद मैं बेचारे से मिला ही नहीं। मिलेगा तो मैं उससे पूछूंगा कि मैं कब गुस्सा हुआ तेरे से।’ सोनू सूद ने प्रदीप रावत को दी श्रद्धांजलि एक्टर सोनू सूद ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर प्रदीप रावत की ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर शेयर कर लिखा, ‘प्रदीप रावत भाई, आपकी कमी हमेशा महसूस होगी। आप हमेशा याद आएंगे।’ यह खबर भी पढ़ें… फिल्ममेकर भारतीराजा का 84 साल की उम्र में निधन: राजेश खन्ना की फिल्म समेत 40 से ज्यादा फिल्में बनाई थीं; 6 नेशनल अवार्ड मिले फिल्ममेकर भारतीराजा का लंबी बीमारी और उम्र संबंधी दिक्कतों के कारण 10 जून, 2026 को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। भारतीराजा को छह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, चार साउथ फिल्मफेयर पुरस्कार, छह तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार और एक नंदी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
सलमान खान ने सोहेल को दी आगे बढ़ने की सलाह:बोले- किसी को डेट करना शुरू करो; बेटे से कराई वीडियो कॉल में बात

एक्टर सलमान खान ने हाल ही में अपने छोटे भाई सोहेल खान को उनके तलाक के बाद आगे बढ़ने और किसी को डेट करने की सलाह दी। हाल ही में सलमान खान शो अलायंस के नए एपिसोड में पहुंचे थे, जिसमें सोहेल बतौर कंटेस्टेंट भाग ले रहे हैं। बातचीत के दौरान सलमान ने सोहेल और सीमा सजदेह की शादी का जिक्र करते हुए कहा कि हर रिश्ते में मुश्किल दौर और झगड़े आते हैं। उन्होंने कहा, ‘तुम खुद पर कुछ दोष ले रहे हो। मैं समझता हूं कि तुम यह नहीं कहोगे कि यह आपसी फैसला था। मैंने सीमा के कुछ इंटरव्यू देखे, जिनमें उन्होंने कहा कि रिश्ता टॉक्सिक था और झगड़े होते थे।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हर कपल के बीच झगड़े होते हैं। यह आपके ऊपर है कि रिश्ते में बने रहना है या अलग होना है। एक भाई होने के नाते मैं जानता हूं कि तुमने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की और उसने भी की, लेकिन उस समय हालात तुम्हारे पक्ष में नहीं थे।’ सलमान बोले- अब किसी को डेट करो और आगे बढ़ो सलमान ने सोहेल को नई शुरुआत करने की सलाह देते हुए कहा, ‘किसी को डेट करना शुरू करो। आगे बढ़ो। तुम जानते हो न कि हमारा दिमाग हमारे साथ कैसे खेल खेलता है? दिमाग की यही आदत है। चाहे जिंदगी की बाकी सारी चीजें कितनी भी अच्छी चल रही हों, लेकिन अगर एक भी ऐसी बात हो जो तुम्हें परेशान कर रही हो, तो तुम बाकी की 99.9% अच्छी चीजों को भूल जाते हो।’ उन्होंने आगे कहा कि फिर पूरा ध्यान उसी एक नेगेटिव बात पर टिक जाता है। तुम सोचते रहते हो, ‘यार, ये चीज मेरे हित में नहीं है… ये नेगेटिव है… ये मुझे परेशान कर रही है और फिर तुम्हारा दिमाग बार-बार उसी एक बात पर जाता है, उसी के बारे में सोचता रहता है। पिछले कुछ हफ्तों से परिवार को मिस कर रहे सोहेल की सलमान ने अपने फोन से बेटे निर्वाण से वीडियो कॉल पर बात कराई। बेटे से बात कर सोहेल इमोशनल और खुश हो गए। सोहेल और सीमा ने भागकर शादी की थी सोहेल और सीमा की पहली मुलाकात चंकी पांडे की सगाई की पार्टी में हुई थी। सोहेल पहली नजर में ही सीमा को दिल दे बैठे। जल्द ही दोनों ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू कर दिया। लेकिन अलग-अलग धर्म होने की वजह से सीमा का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। परिवार के विरोध के बावजूद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया। 15 मार्च 1998 को, जिस दिन सोहेल की पहली डायरेक्टेड फिल्म ‘प्यार किया तो डरना क्या’ रिलीज हुई, उसी दिन दोनों ने घर से भागकर शादी कर ली। पहले आर्य समाज मंदिर में फेरे लिए और फिर निकाह किया। उनका पहला बेटा निर्वाण 2000 में और दूसरा बेटा योहान 2011 में हुआ। दोनों 2022 में अलग हो गए।
सलमान खान ने सोहेल को दी आगे बढ़ने की सलाह:बोले- किसी को डेट करना शुरू करो; बेटे से कराई वीडियो कॉल में बात

एक्टर सलमान खान ने हाल ही में अपने छोटे भाई सोहेल खान को उनके तलाक के बाद आगे बढ़ने और किसी को डेट करने की सलाह दी। हाल ही में सलमान खान शो अलायंस के नए एपिसोड में पहुंचे थे, जिसमें सोहेल बतौर कंटेस्टेंट भाग ले रहे हैं। बातचीत के दौरान सलमान ने सोहेल और सीमा सजदेह की शादी का जिक्र करते हुए कहा कि हर रिश्ते में मुश्किल दौर और झगड़े आते हैं। उन्होंने कहा, ‘तुम खुद पर कुछ दोष ले रहे हो। मैं समझता हूं कि तुम यह नहीं कहोगे कि यह आपसी फैसला था। मैंने सीमा के कुछ इंटरव्यू देखे, जिनमें उन्होंने कहा कि रिश्ता टॉक्सिक था और झगड़े होते थे।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हर कपल के बीच झगड़े होते हैं। यह आपके ऊपर है कि रिश्ते में बने रहना है या अलग होना है। एक भाई होने के नाते मैं जानता हूं कि तुमने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की और उसने भी की, लेकिन उस समय हालात तुम्हारे पक्ष में नहीं थे।’ सलमान बोले- अब किसी को डेट करो और आगे बढ़ो सलमान ने सोहेल को नई शुरुआत करने की सलाह देते हुए कहा, ‘किसी को डेट करना शुरू करो। आगे बढ़ो। तुम जानते हो न कि हमारा दिमाग हमारे साथ कैसे खेल खेलता है? दिमाग की यही आदत है। चाहे जिंदगी की बाकी सारी चीजें कितनी भी अच्छी चल रही हों, लेकिन अगर एक भी ऐसी बात हो जो तुम्हें परेशान कर रही हो, तो तुम बाकी की 99.9% अच्छी चीजों को भूल जाते हो।’ उन्होंने आगे कहा कि फिर पूरा ध्यान उसी एक नेगेटिव बात पर टिक जाता है। तुम सोचते रहते हो, ‘यार, ये चीज मेरे हित में नहीं है… ये नेगेटिव है… ये मुझे परेशान कर रही है और फिर तुम्हारा दिमाग बार-बार उसी एक बात पर जाता है, उसी के बारे में सोचता रहता है। पिछले कुछ हफ्तों से परिवार को मिस कर रहे सोहेल की सलमान ने अपने फोन से बेटे निर्वाण से वीडियो कॉल पर बात कराई। बेटे से बात कर सोहेल इमोशनल और खुश हो गए। सोहेल और सीमा ने भागकर शादी की थी सोहेल और सीमा की पहली मुलाकात चंकी पांडे की सगाई की पार्टी में हुई थी। सोहेल पहली नजर में ही सीमा को दिल दे बैठे। जल्द ही दोनों ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू कर दिया। लेकिन अलग-अलग धर्म होने की वजह से सीमा का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। परिवार के विरोध के बावजूद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया। 15 मार्च 1998 को, जिस दिन सोहेल की पहली डायरेक्टेड फिल्म ‘प्यार किया तो डरना क्या’ रिलीज हुई, उसी दिन दोनों ने घर से भागकर शादी कर ली। पहले आर्य समाज मंदिर में फेरे लिए और फिर निकाह किया। उनका पहला बेटा निर्वाण 2000 में और दूसरा बेटा योहान 2011 में हुआ। दोनों 2022 में अलग हो गए।







