Thursday, 24 Sep 2026 | 12:45 PM

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चीन बोला- भारत का अरुणाचल का मैप जारी करना गलत:कहा- इससे चीन का दावा नहीं बदलेगा; भारत ने 3 दिन पहले नक्शा जारी किया था

चीन बोला- भारत का अरुणाचल का मैप जारी करना गलत:कहा- इससे चीन का दावा नहीं बदलेगा; भारत ने 3 दिन पहले नक्शा जारी किया था

चीन ने सोमवार को अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं के भारतीय मानचित्र पर मानक नाम दर्ज करने के कदम को अवैध बताया। चीन ने इसे ‘शून्य और अमान्य’ करार दिया। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने भारत की हाल की घोषणा पर सवाल के जवाब में यह बात कही। उन्होंने कहा कि चीन भारत की ओर से बनाए गए तथाकथित अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं देता। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों और उनकी भौगोलिक विशेषताओं को आधिकारिक नक्शे पर दर्ज किया था। यह कदम चीन की ओर से राज्य की जगहों के नाम बदलने की कोशिशों के बीच उठाया गया है। गृह मंत्रालय के मुताबिक, यह काम अरुणाचल प्रदेश सरकार से सलाह लेकर किया गया है। इसका मकसद इन जगहों की सही पहचान बताना और आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। म सरकार ने ऐसा क्यों किया इन नामों को आधिकारिक मानचित्रों में शामिल करने का मकसद प्रशासन को बेहतर बनाना है। इससे सरकारी रिकॉर्ड में एकरूपता आएगी, अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल होगा और आपदा के समय मदद पहुंचाने में आसानी होगी। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि इन नामों के आधार पर लोगों के पासपोर्ट या दूसरे निजी दस्तावेजों में कोई बदलाव किया जाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों की आधिकारिक पहचान तय करना और भारत के प्रशासनिक रिकॉर्ड में उन्हें शामिल करना है। चीन अरुणाचल की जगहों के नाम जारी करता रहा है चीन ने कई बार अरुणाचल प्रदेश की जगहों के चीनी नामों की सूची जारी करता रहा है। वह अरुणाचल प्रदेश को जांगनान कहता है। भारत ने चीन की इन कोशिशों को लगातार खारिज किया है। भारत का कहना है कि इनका भारत की राज्य पर संप्रभुता पर कोई असर नहीं पड़ता।

चीन बोला- भारत का अरुणाचल का मैप जारी करना गलत:कहा- इससे चीन का दावा नहीं बदलेगा; भारत ने 3 दिन पहले नक्शा जारी किया था

चीन बोला- भारत का अरुणाचल का मैप जारी करना गलत:कहा- इससे चीन का दावा नहीं बदलेगा; भारत ने 3 दिन पहले नक्शा जारी किया था

चीन ने सोमवार को अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं के भारतीय मानचित्र पर मानक नाम दर्ज करने के कदम को अवैध बताया। चीन ने इसे ‘शून्य और अमान्य’ करार दिया। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने भारत की हाल की घोषणा पर सवाल के जवाब में यह बात कही। उन्होंने कहा कि चीन भारत की ओर से बनाए गए तथाकथित अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं देता। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों और उनकी भौगोलिक विशेषताओं को आधिकारिक नक्शे पर दर्ज किया था। यह कदम चीन की ओर से राज्य की जगहों के नाम बदलने की कोशिशों के बीच उठाया गया है। गृह मंत्रालय के मुताबिक, यह काम अरुणाचल प्रदेश सरकार से सलाह लेकर किया गया है। इसका मकसद इन जगहों की सही पहचान बताना और आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। म सरकार ने ऐसा क्यों किया इन नामों को आधिकारिक मानचित्रों में शामिल करने का मकसद प्रशासन को बेहतर बनाना है। इससे सरकारी रिकॉर्ड में एकरूपता आएगी, अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल होगा और आपदा के समय मदद पहुंचाने में आसानी होगी। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि इन नामों के आधार पर लोगों के पासपोर्ट या दूसरे निजी दस्तावेजों में कोई बदलाव किया जाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों की आधिकारिक पहचान तय करना और भारत के प्रशासनिक रिकॉर्ड में उन्हें शामिल करना है। चीन अरुणाचल की जगहों के नाम जारी करता रहा है चीन ने कई बार अरुणाचल प्रदेश की जगहों के चीनी नामों की सूची जारी करता रहा है। वह अरुणाचल प्रदेश को जांगनान कहता है। भारत ने चीन की इन कोशिशों को लगातार खारिज किया है। भारत का कहना है कि इनका भारत की राज्य पर संप्रभुता पर कोई असर नहीं पड़ता।

इनड्राइव का लाइसेंस छह महीने के लिए सस्पेंड:चंडीगढ़ एसडीए की बड़ी कार्रवाई, आज से आर्डर लागू, पहले ओला पर हुआ एक्शन

इनड्राइव का लाइसेंस छह महीने के लिए सस्पेंड:चंडीगढ़ एसडीए की बड़ी कार्रवाई, आज से आर्डर लागू, पहले ओला पर हुआ एक्शन

चंडीगढ़ में राइड-शेयरिंग ऐप इनड्राइव का इस्तेमाल करने वाले लोग अलर्ट हो जाए। राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) ने एम/एस इंडसिस्टम्स आईटी प्राइवेट लिमिटेड (इनड्राइव) पर बड़ा एक्शन किया है। कंपनी का एग्रीगेटर लाइसेंस 6 महीने के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अब 4 प्वाइंट में जानिए क्या कहां आदेश में सेवाओं पर पूरी तरह रोक – राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) ने इनड्राइव कंपनी को चंडीगढ़ की सीमा में कैब और बाइक टैक्सी सेवाएं तुरंत बंद करने के निर्देश दिए हैं। ड्राइवरों और वाहन मालिकों के लिए चेतावनी – इनड्राइव से जुड़े सभी कैब और बाइक टैक्सी चालकों को ऐप के जरिए राइड बुकिंग स्वीकार न करने और सेवाएं तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई – यदि कोई ड्राइवर नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो वाहन का चालान किया जाएगा और उसे जब्त कर लिया जाएगा। यात्रियों के लिए सलाह – राज्य परिवहन प्राधिकरण ने आम लोगों को असुविधा से बचने के लिए इनड्राइव ऐप से राइड बुक न करने की सलाह दी है। यात्रियों से एसटीए में पंजीकृत अन्य वैकल्पिक ऐप आधारित कैब सेवाओं का इस्तेमाल करने की अपील की गई है।

वोडाफोन आईडिया का लॉस घटकर ₹3,754 करोड़ हुआ:पहली तिमाही में रेवेन्यू 6% बढ़ा; 200 से ज्यादा शहरों में 5G लाइव

वोडाफोन आईडिया का लॉस घटकर ₹3,754 करोड़ हुआ:पहली तिमाही में रेवेन्यू 6% बढ़ा; 200 से ज्यादा शहरों में 5G लाइव

देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आईडिया ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी कर दिए हैं। 30 जून को खत्म हुई इस तिमाही में कंपनी का घाटा घटकर ₹3,754 करोड़ रह गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को ₹6,608 करोड़ का घाटा हुआ था। हायर एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) और 4G-5G सेवाओं से जुड़ने वाले यूजर्स की वजह से कंपनी के घाटे में यह कमी दर्ज की गई है। रेवेन्यू ₹11,660 करोड़ और EBITDA 9.1% बढ़ा कंपनी की वित्तीय स्थिति में सुधार के साथ-साथ कमाई में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है… CEO बोले- विलय के बाद पहली बार ग्राहक बढ़े वोडाफोन आईडिया लिमिटेड के CEO अभिजीत किशोर ने वित्तीय नतीजों पर खुशी जताते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2027 हमारे लिए एग्जीक्यूशन का साल है। पहली तिमाही का यह मजबूत प्रदर्शन हमारी रणनीति और अनुशासन का सबूत है। अभिजीत किशोर ने आगे कहा कि विलय के बाद यह पहला मौका है जब हमने ग्राहक जोड़े हैं, जो कि हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हम इस बढ़त को आगे भी बनाए रखेंगे। हमारा 5G नेटवर्क अब देश के 200 से अधिक शहरों में लाइव हो चुका है। ₹9,000 करोड़ के कैपेक्स ऑर्डर जारी कंपनी अपने नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए भारी निवेश कर रही है… कॉन्सोलिडेटेड ​​​​​​मुनाफा मतलब पूरे ग्रुप का प्रदर्शन कंपनियों के रिजल्ट दो भाग में आते हैं- स्टैंडअलोन और कॉन्सोलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है, जबकि कॉन्सोलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। क्या होता है EBITDA और ARPU?

वोडाफोन आईडिया का लॉस घटकर ₹3,754 करोड़ हुआ:पहली तिमाही में रेवेन्यू 6% बढ़ा; 200 से ज्यादा शहरों में 5G लाइव

वोडाफोन आईडिया का लॉस घटकर ₹3,754 करोड़ हुआ:पहली तिमाही में रेवेन्यू 6% बढ़ा; 200 से ज्यादा शहरों में 5G लाइव

देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आईडिया ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी कर दिए हैं। 30 जून को खत्म हुई इस तिमाही में कंपनी का घाटा घटकर ₹3,754 करोड़ रह गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को ₹6,608 करोड़ का घाटा हुआ था। हायर एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) और 4G-5G सेवाओं से जुड़ने वाले यूजर्स की वजह से कंपनी के घाटे में यह कमी दर्ज की गई है। रेवेन्यू ₹11,660 करोड़ और EBITDA 9.1% बढ़ा कंपनी की वित्तीय स्थिति में सुधार के साथ-साथ कमाई में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है… CEO बोले- विलय के बाद पहली बार ग्राहक बढ़े वोडाफोन आईडिया लिमिटेड के CEO अभिजीत किशोर ने वित्तीय नतीजों पर खुशी जताते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2027 हमारे लिए एग्जीक्यूशन का साल है। पहली तिमाही का यह मजबूत प्रदर्शन हमारी रणनीति और अनुशासन का सबूत है। अभिजीत किशोर ने आगे कहा कि विलय के बाद यह पहला मौका है जब हमने ग्राहक जोड़े हैं, जो कि हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हम इस बढ़त को आगे भी बनाए रखेंगे। हमारा 5G नेटवर्क अब देश के 200 से अधिक शहरों में लाइव हो चुका है। ₹9,000 करोड़ के कैपेक्स ऑर्डर जारी कंपनी अपने नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए भारी निवेश कर रही है… कॉन्सोलिडेटेड ​​​​​​मुनाफा मतलब पूरे ग्रुप का प्रदर्शन कंपनियों के रिजल्ट दो भाग में आते हैं- स्टैंडअलोन और कॉन्सोलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है, जबकि कॉन्सोलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। क्या होता है EBITDA और ARPU?

कोलंबिया में 6.8 तीव्रता का भूकंप:केंद्र 94 किमी नीचे था, जान-माल के नुकसान की खबर नहीं

कोलंबिया में 6.8 तीव्रता का भूकंप:केंद्र 94 किमी नीचे था, जान-माल के नुकसान की खबर नहीं

दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में भूकंप आया है। जर्मनी के जीएफजेड सेंटर फॉर जियोसाइंसेज के मुताबिक, भूकंप भारतीय समयानुसार सोमवार शाम करीब 6:04 बजे आया। भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 93.7 किमी नीचे था। फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान या सुनामी की कोई सूचना नहीं है। हम इसे लगातार अपडेट कर रहे हैं…

सरकार का ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने का विचार नहीं:संसद में मंत्रालय ने कहा- खजाने पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा; 5 राज्यों की OPS फंड वापसी की मांग खारिज

सरकार का ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने का विचार नहीं:संसद में मंत्रालय ने कहा- खजाने पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा; 5 राज्यों की OPS फंड वापसी की मांग खारिज

ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को बहाल करने को लेकर सरकार का रुख पूरी तरह साफ हो गया है। केंद्र सरकार ने लोकसभा में स्पष्ट किया है कि OPS को वापस लागू करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। सरकार ने इसके पीछे सरकारी खजाने पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को मुख्य वजह बताया है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश की राज्य सरकारों ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से पुरानी पेंशन योजना में वापस जाने के बारे में केंद्र सरकार और पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण को सूचित किया था।

UP School Students Career Guidance

UP School Students Career Guidance

Hindi News Career UP School Students Career Guidance | Yogi Government IAS IPS Initiative 3 मिनट पहले कॉपी लिंक उत्तर प्रदेश के इंटरमीडिएट छात्रों को अब पढ़ाई के साथ-साथ अफसरों के अनुभवों का भी फायदा मिलेगा। योगी सरकार एक नई पहल करने जा रही है। इसके तहत हर महीने IAS, IPS और IFS अधिकारी स्कूलों में पहुंचकर बच्चों से सीधे बात करेंगे। वे प्रतियोगी परीक्षाओं से लेकर आगे की पढ़ाई और करियर का सही रास्ता समझाएंगे। सरकार की इस खास कोशिश का मकसद Gen-Z यानी आज की युवा पीढ़ी को सही दिशा दिखाना है। छात्र दूर कर सकेंगे मन की उलझन सरकार की कोशिश है कि छात्रों को सही उम्र में सही गाइडेंस मिल सके। अक्सर सही जानकारी न होने से बच्चे बड़े मौकों का फायदा उठाने से चूक जाते हैं। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि अफसरों से बातचीत करके वे अपने सारे सवाल पूछ सकें और मन की उलझन दूर कर पाएं। ऑफिसर्स से होगा प्रश्न – उत्तर सेशन शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अधिकारियों के ये दौरे किसी लंबे भाषण के बजाय इंटरैक्टिव और प्रश्न-उत्तर सेशन के जरिये किए जाएंगे। इस तरह छात्रों को सिविल ऑफिसर्स से अपने मन की बात कहने और पूछने की पूरी छूट मिलेगी। छात्र अधिकारियों से पूछ सकेंगे कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी कैसे ही, फेल होने के डर को कैसे दूर किया, असफलताओं का सामना कैसे किया और टाइम मैनजमेंट के लिए क्या नियम फॉलो करें। ये खबर भी पढ़ें SBI में 1538 पदों पर निकली भर्ती:जूनियर क्‍लर्क की वैकेंसी, 64 हजार से ज्‍यादा सैलरी, अभी करें अप्‍लाई स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने क्लर्क (जूनियर एसोसिएट) पदों पर विशेष भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

एथेनॉल में गन्ने के इस्तेमाल को रोक सकती है सरकार:चीनी की कीमतें काबू करने की तैयारी; अभी 10% महंगी मिल रही

एथेनॉल में गन्ने के इस्तेमाल को रोक सकती है सरकार:चीनी की कीमतें काबू करने की तैयारी; अभी 10% महंगी मिल रही

देश में चीनी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। इसको कंट्रोल करने और घरेलू सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार अक्टूबर सीजन से एथेनॉल प्रोडक्शन में गन्ने के इस्तेमाल को सीमित करने पर विचार कर रही है। इस कदम से देश में चीनी का प्रोडक्शन बढ़ेगा, जिससे भारत को चीनी आयात करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस मामले पर अंतिम फैसला अगले महीने के आखिरी तक लिया जा सकता है। महाराष्ट्र-कर्नाटक में कम बारिश से चिंता बढ़ी मामले से जुड़े दो सरकारी और दो उद्योग सूत्रों के अनुसार, देश के सबसे बड़े गन्ना उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र और कर्नाटक में कम बारिश हुई है। इस वजह से अगले साल चीनी उत्पादन में गिरावट आने की आशंका जताई जा रही है। उत्पादन घटने की स्थिति में एथेनॉल के बजाय चीनी सप्लाई को प्राथमिकता देने से घरेलू बाजार को राहत मिलेगी। इस संबंध में सरकार की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। 30 लाख मीट्रिक टन चीनी की सप्लाई बढ़ेगी इस साल चीनी मिलों ने कुल उत्पादन का लगभग 10% यानी करीब 30 लाख मीट्रिक टन चीनी एथेनॉल उत्पादन के लिए डायवर्ट की थी। यदि अगले सीजन में गन्ने के इस डायवर्जन पर रोक लगाई जाती है, तो घरेलू बाजार में उतनी ही मात्रा में अतिरिक्त चीनी उपलब्ध हो सकेगी। इससे कम बारिश के कारण उत्पादन में होने वाले संभावित घाटे की भरपाई हो जाएगी। मांग बढ़ने से 10% बढ़े चीनी के दाम गन्ने की जगह मक्का और चावल से एथेनॉल बनेगा सरकार 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग के अपने लक्ष्य को जारी रखना चाहती है। गन्ने से बनने वाले एथेनॉल की मात्रा में कटौती की भरपाई करने के लिए सरकार एथेनॉल उत्पादन में मक्का और चावल के उपयोग को बढ़ावा देगी। देश में फिलहाल मक्का-चावल का पर्याप्त स्टॉक है। सी-हेवी मोलासेस के इस्तेमाल की ही मिलेगी इजाजत मामले की सीधी जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि चीनी मिलों को गन्ने के जूस और बी-हेवी मोलासेस (ज्यादा चीनी वाला बाय-प्रोडक्ट) से एथेनॉल बनाने से मना किया जाएगा। मिलों को मुख्य रूप से सी-हेवी मोलासेस से ही एथेनॉल बनाने की अनुमति दी जाएगी। यह ऐसा बाय-प्रोडक्ट होता है जिसमें से अधिकांश चीनी पहले ही निकाली जा चुकी होती है। अगले सीजन की शुरुआत से पहले तय होगा एलोकेशन नवंबर से शुरू होने वाले मार्केटिंग वर्ष के लिए चीनी उद्योग के लिए एथेनॉल के एलोकेशन को नया सीजन शुरू होने से पहले अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद सरकारी तेल कंपनियां एथेनॉल खरीद के लिए टेंडर जारी करेंगी। केंद्र सरकार ने पहले ही चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध लगा रखा है और पिछले महीने व्यापारियों के लिए स्टॉक रखने की सीमा भी लागू कर दी थी। चीनी मिलों की कमाई पर नहीं पड़ेगा बड़ा असर उद्योग अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तावित नए प्रतिबंधों से चीनी उद्योग को कोई बड़ा आर्थिक नुकसान होने की संभावना नहीं है। एथेनॉल बनाने की तुलना में गन्ने से चीनी बनाकर बेचने पर मिलों को ज्यादा कमाई होने की उम्मीद है। क्या होता है बी-हेवी और सी-हेवी मोलासेस? ये खबर भी पढ़ें… डाबर ने FSSAI पर भेदभाव का आरोप लगाया: कहा- कॉम्पिटिटर्स को फायदा पहुंचा रही; बैन से ₹150 करोड़ के माल पर संकट था एफएमसीजी कंपनी डाबर ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कंपनी ने FSSAI पर भेदभाव करने का आरोप लगाया है। इसके अलावा कंपनी ने FSSAI पर कॉम्पिटिटर्स में शामिल अन्य मैन्युफैक्चरर्स के कॉमर्शियल हितों को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया। पूरी खबर पढ़ें…

शहनाज गिल के साथ शूटिंग के दौरान हादसा:गलती से निगल गईं नाक की नथनी; सह-कलाकार सौरभ सचदेवा ने आकर संभाला

शहनाज गिल के साथ शूटिंग के दौरान हादसा:गलती से निगल गईं नाक की नथनी; सह-कलाकार सौरभ सचदेवा ने आकर संभाला

एक्ट्रेस शहनाज गिल एक प्रोजेक्ट की शूटिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गईं। सेट पर दौड़ते समय उनकी नाक की नथ अचानक मुंह में चली गई, जिसे वे गलती से निगल गईं। शहनाज ने इस पूरी घटना का एक बिहाइंड द सीन्स वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है। हालांकि इस घटना के बाद भी शहनाज ने अपनी शूटिंग रोकी नहीं और काम पूरा किया। सीन के दौरान दौड़ रही थीं शहनाज शहनाज गिल की ओर से शेयर किए गए वीडियो में वे सेट पर एक सीन के लिए दौड़ती नजर आ रही हैं। दौड़ते समय अचानक उनकी नाक की नथ निकलकर मुंह के अंदर चली जाती है। इसके बाद शहनाज खुद को संभालने की कोशिश करती हैं और उल्टी करने का प्रयास करती हैं। स्थिति बिगड़ते देख सेट पर मौजूद एक्टर सौरभ सचदेवा तुरंत दौड़कर उनके पास आते हैं और उनकी पीठ थपथपाकर उनकी मदद करते हैं। हादसा होने के बाद भी पूरी की शूटिंग नाक की नथ निगलने की घटना के बाद भी शहनाज ने सेट पर पैनिक नहीं किया। उन्होंने स्थिति को संभाला और कुछ देर बाद ही दोबारा शूटिंग शुरू कर दी। शहनाज का काम के प्रति यह समर्पण देखकर उनके सह-कलाकारों और क्रू मेंबर्स ने भी उनकी हिम्मत की तारीफ की। आंचल खुराना लगा चुकीं दिखावा करने का आरोप हाल ही में टीवी एक्ट्रेस और ‘रोडीज 8’ की विनर आंचल खुराना ने पंजाब की मशहूर एक्ट्रेस शहनाज गिल पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। टेली मसाला को दिए इंटरव्यू में आंचल ने दावा किया है कि शहनाज असल में वैसी नहीं हैं जैसी सोशल मीडिया पर दिखाई देती हैं। वे केवल ‘क्यूट’ और भोली-भाली बनने का दिखावा करती हैं, जबकि असल में वे काफी चालाक और बदतमीज हैं। आंचल के मुताबिक, शहनाज और उनके भाई की अच्छी पब्लिक इमेज सिर्फ वीडियोज की चालाकी से की गई एडिटिंग की वजह से बनी हुई है। वीडियो एडिट करके बनाई गई अच्छी इमेज इंटरव्यू में 35 साल की आंचल खुराना ने कहा कि शहनाज खुद में ही खोई रहने वाली और कम IQ वाली इंसान हैं। उनके वीडियोज को इस तरह से एडिट किया जाता है कि वे बेहद प्यारी और मजाकिया लगें। शहनाज गिल को ‘बिग बॉस 13’ से मिली पहचान पंजाब की रहने वाली शहनाज गिल ने अपने करियर की शुरुआत बतौर मॉडल और सिंगर की थी। उन्हें पहचान साल 2019 में रियलिटी शो ‘बिग बॉस 13’ से मिली थी। इसके बाद उन्होंने साल 2021 में दिलजीत दोसांझ के साथ पंजाबी फिल्म ‘हौसला रख’ में काम किया। शहनाज ने साल 2023 में सलमान खान की फिल्म ‘किसी का भाई किसी की जान’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके अलावा वे फिल्म ‘थैंक यू फॉर कमिंग’ में भी नजर आ चुकी हैं।