6 TTK Prestige Innovative Products for 2026

1 मिनट पहले कॉपी लिंक मॉडर्न किचन की नई पहचान-किचनवेयर और अप्लायंसेज जो कुकिंग को बनाते हैं ज्यादा इनोवेटिव और हर तरह की कुकिंग के लिए हैं बेहतरीन अच्छा खाना पकाने की आर्ट सिर्फ टेस्ट तक लिमिटेड नहीं होती, बल्कि यह उन टूल्स और बर्तनों पर भी डिपेंड करती है, जो हम किचन में यूज करते हैं। पिछले कुछ सालों में इंडियन किचन में बड़ा बदलाव आया है। लोग अब ऐसे किचन सॉल्यूशंस ढूंढ रहे हैं, जो टाइम बचाएं, कम मेहनत में बेटर रिजल्ट्स दें और हेल्दी कुकिंग में हेल्प करें। इसी वजह से कुकवेयर और किचन अप्लायंसेज के डिजाइन और टेक्नोलॉजी में भी काफी इवोल्यूशन देखा गया है। हर कुक का कुकिंग स्टाइल भी अलग होता है। कोई जल्दी और कन्वीनियंस को प्राथमिकता देता है, कोई हेल्दी कुकिंग पसंद करता है, कोई ट्रेडिशनल फ्लेवर्स को बरकरार रखना चाहता है, तो कोई नई रेसिपीज के साथ एक्सपेरिमेंट करना पसंद करता है। ऐसे में हर तरह के कुक को ऐसे प्रोडक्ट्स की जरूरत होती है, जो उनकी अलग-अलग जरूरतों और कुकिंग पर्सनैलिटी के मुताबिक उनका साथ दें। आज की फास्ट-पेस्ड लाइफ में लोग ऐसे अप्लायंसेज और कुकवेयर चाहते हैं, जो टाइम बचाने के साथ बेटर परफॉर्मेंस भी दें। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए TTK Prestige ने कई मॉडर्न प्रोडक्ट्स लॉन्च किए हैं, जो कन्वीनियंस, ड्यूरेबिलिटी और हेल्दी कुकिंग का परफेक्ट कॉम्बो हैं। ये सिर्फ किचन टूल्स नहीं हैं, बल्कि हर तरह के कुक के लिए क्यूरेट किए गए ऐसे भरोसेमंद सपोर्ट सिस्टम हैं, जो उनकी कुकिंग स्टाइल के मुताबिक काम करते हुए कुकिंग को कम झंझट वाला, ज़्यादा आसान और आनंददायक अनुभव बनाते हैं। तो आइए जानते हैं इन 6 खास प्रोडक्ट्स के बारे में, जो आपके किचन को और स्मार्ट बना सकते हैं। 1. जब इक्वली पकाना हो खाना: ट्राई-प्लाई कुकवेयर किसी भी एक्सपीरियंस्ड शेफ से पूछो, वह आपको बताएगा कि खाना पकाने में ईवन हीट डिस्ट्रीब्यूशन कितना इंपॉर्टेंट होता है। ट्राई-प्लाई टेक्नोलॉजी वाले कुकवेयर बिल्कुल इसी जरूरत को फुलफिल करते हैं। इनमें स्टेनलेस स्टील लेयर्स के बीच एक एल्यूमिनियम कोर होता है, जिससे हीट पूरे बर्तन में ईवनली डिस्ट्रीब्यूट होती है। हैमरड फिनिश वाले मॉडर्न ट्राई-प्लाई कुकवेयर न सिर्फ देखने में अट्रैक्टिव होते हैं, बल्कि स्ट्रक्चरली भी ज़्यादा स्ट्रॉन्ग होते हैं। कम तेल में कुकिंग और इंडक्शन व गैस दोनों पर यूज़ की फ्लेक्सिबिलिटी इन्हें मॉडर्न किचन के लिए परफेक्ट बनाती है। Prestige Tri-Ply Hammered Cookware: एलिगेंट डिजाइन और रिफाइन्ड लुक्स के साथ तेज कुकिंग के लिए बेहतरीन विकल्प। प्रमुख फीचर्स: ट्राई-प्लाई बॉडी कंस्ट्रक्शन — एल्यूमिनियम कोर के दोनों तरफ हाई-क्वालिटी स्टेनलेस स्टील लेयर्स। फास्टर कुकिंग के लिए ईवन हीट डिस्ट्रीब्यूशन। रिफाइंड लुक्स के लिए एलिगेंट स्टेनलेस स्टील हैंडल्स। कम तेल में हेल्दी कुकिंग। बेटर हीट रिटेंशन से खाना ज़्यादा इफेक्टिवली पकता है। अट्रैक्टिव हैमरड फिनिश — ड्यूरेबिलिटी और प्रीमियम लुक दोनों। गैस और इंडक्शन दोनों के साथ कम्पैटिबल। 10 साल की वारंटी। 2. इंडियन किचन की रियल जरूरत, एक पावरफुल मिक्सर ग्राइंडर इंडियन खाने में मसाले, चटनियां, बैटर और पेस्ट का बहुत बड़ा रोल होता है। ऐसे में मिक्सर ग्राइंडर सिर्फ एक अप्लायंस नहीं, बल्कि किचन का सेंट्रल पीस बन जाता है। 1000 वॉट की हाई-पावर मोटर और अलग-अलग साइज के जार्स आज की जरूरत हैं। ड्राई मसालों की फाइन ग्राइंडिंग के लिए यूनिक कोर्स ग्राइंडिंग मोड इसे खास बनाता है। 4-स्पीड एक्सेलरेशन कंट्रोल टेक्नोलॉजी की मदद से अलग-अलग तरह की ग्राइंडिंग और ब्लेंडिंग की जरूरत के अनुसार स्पीड को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। डोसा बैटर और स्मूदीज से लेकर रोजमर्रा की ग्राइंडिंग तक—यह मिक्सर हर काम को आसानी से संभाल लेता है। स्टर्डी स्टेनलेस स्टील जार्स लॉन्ग-लास्टिंग और रिलायबल परफॉर्मेंस सुनिश्चित करते हैं। Prestige Prism Plus Mixer Grinder: रोजाना की ग्राइंडिंग और ब्लेंडिंग नीड्स के साथ पारंपरिक स्वाद और खुशबू को बनाए रखने के लिए यह मिक्सर ग्राइंडर देता है धमाकेदार परफॉर्मेंस। प्रमुख फीचर्स: यूनिक कोर्स ग्राइंडिंग मोड। 1000W पावरफुल कॉपर मोटर। 4-स्पीड कंट्रोल सिस्टम। 3 स्टेनलेस स्टील जार्स — 1.5L वेट जार, 1L ड्राई जार और 450ml चटनी जार। मसाले, बैटर, चटनी और स्मूदीज़ के लिए सूटेबल। ड्यूरेबल और हाइजीनिक स्टेनलेस स्टील जार्स। स्टाइलिश डिज़ाइन, जो मॉडर्न किचन में फिट हो। 3. छोटी जगह के लिए बड़ा सॉल्यूशन: Prestige OmniPot अर्बन लाइफ में स्मॉल अपार्टमेंट्स, हॉस्टल्स और फ्रीक्वेंटली ट्रैवलिंग प्रोफेशनल्स की गिनती बढ़ रही है। ऐसे में ऐसे अप्लायंसेज़ की डिमांड बढ़ी है, जो एक ही यूनिट में मल्टिपल काम कर सकें। मल्टी-पर्पज इलेक्ट्रिक पॉट बॉयलिंग, स्टीमिंग, लाइट फ्राइंग और वन-पॉट मील्स-सब हैंडल कर सकता है। कॉम्पैक्ट साइज और पोर्टेबिलिटी इसे उन लोगों के लिए आइडियल बनाती है, जो लिमिटेड स्पेस में भी फुल किचन जैसी कन्वीनियंस चाहते हैं। Prestige OmniPot: एक मल्टी-पर्पज़ इलेक्ट्रिक कुकिंग सॉल्यूशन, जो छोटे घर और ट्रैवल के लिए एक्सट्रीमली यूजफुल है। प्रमुख फीचर्स: ट्रैवल के लिए कॉम्पैक्ट डिजाइन। एफिशिएंट और कन्वीनियंट कुकिंग के लिए 1000W डिटैचेबल पावर बेस। बॉयलिंग, स्टीमिंग, सॉतेइंग और वन-पॉट कुकिंग-सब पॉसिबल। कुकिंग पॉट और फ्राइ पैन शामिल-वर्सेटिलिटी के लिए डिजाइन किए गए। मल्टिपल टेम्परेचर सेटिंग्स। स्टीम वेंट वाला लिड। लाइटवेट, कॉम्पैक्ट और ट्रैवल-फ्रेंडली डिज़ाइन। कूल-टच फोल्डेबल हैंडल्स। हॉस्टल, स्टूडियो अपार्टमेंट, हॉलीडेज़ और छोटे घर के लिए आइडियल। 4. कास्ट आयरन के फायदे, बिना ज्यादा झंझट के कास्ट आयरन को हमेशा से बेस्ट कुकवेयर माना जाता रहा है क्योंकि यह हीट को लंबे समय तक रिटेन करता है। लेकिन ट्रेडिशनल कास्ट आयरन का वजन और मेंटेनेंस कई लोगों के लिए चैलेंजिंग होता है। नई जेनरेशन के लाइटवेट कास्ट आयरन कुकवेयर इस प्रॉब्लम का सॉल्यूशन दे रहे हैं। बेटर हीट रिटेंशन के साथ रिलेटिवली ईज़ी हैंडलिंग, रस्ट-रेजिस्टेंट सरफेस और डिफरेंट कुकटॉप्स के साथ कम्पैटिबिलिटी-यह सब एक पैकेज में मिलता है। ट्रेडिशनल कुकिंग के लिए तैयार किया गया यह कुकवेयर ईवन हीट डिस्ट्रीब्यूशन सुनिश्चित करता है, जिससे धीमी आंच पर स्वाद से भरपूर व्यंजन आसानी से तैयार किए जा सकते हैं। Prestige Castline Cookware: कास्ट आयरन के बेनिफिट्स और मॉडर्न कन्वीनियंस का परफेक्ट कॉम्बिनेशन। प्रमुख फीचर्स: लाइटवेट कास्ट आयरन कंस्ट्रक्शन। लॉन्ग-लास्टिंग हीट रिटेंशन। कम तेल में कुकिंग में हेल्पफुल। रस्ट-प्रूफ डिजाइन। ईजी-टू-क्लीन सरफेस। स्टे-कूल हैंडल्स। गैस, इंडक्शन, रेडिएंट रिंग, सॉलिड प्लेट और सिरेमिक कुकटॉप्स के साथ कम्पैटिबल। पैटर्न्ड इनैमल कोटेड, इनैमल कोटेड और नाइट्राइड फिनिश ऑप्शंस में उपलब्ध। 15 साल की वारंटी। 5. एयर
6 TTK Prestige Innovative Products for 2026

20 मिनट पहले कॉपी लिंक मॉडर्न किचन की नई पहचान-किचनवेयर और अप्लायंसेज जो कुकिंग को बनाते हैं ज्यादा इनोवेटिव और हर तरह की कुकिंग के लिए हैं बेहतरीन अच्छा खाना पकाने की आर्ट सिर्फ टेस्ट तक लिमिटेड नहीं होती, बल्कि यह उन टूल्स और बर्तनों पर भी डिपेंड करती है, जो हम किचन में यूज करते हैं। पिछले कुछ सालों में इंडियन किचन में बड़ा बदलाव आया है। लोग अब ऐसे किचन सॉल्यूशंस ढूंढ रहे हैं, जो टाइम बचाएं, कम मेहनत में बेटर रिजल्ट्स दें और हेल्दी कुकिंग में हेल्प करें। इसी वजह से कुकवेयर और किचन अप्लायंसेज के डिजाइन और टेक्नोलॉजी में भी काफी इवोल्यूशन देखा गया है। हर कुक का कुकिंग स्टाइल भी अलग होता है। कोई जल्दी और कन्वीनियंस को प्राथमिकता देता है, कोई हेल्दी कुकिंग पसंद करता है, कोई ट्रेडिशनल फ्लेवर्स को बरकरार रखना चाहता है, तो कोई नई रेसिपीज के साथ एक्सपेरिमेंट करना पसंद करता है। ऐसे में हर तरह के कुक को ऐसे प्रोडक्ट्स की जरूरत होती है, जो उनकी अलग-अलग जरूरतों और कुकिंग पर्सनैलिटी के मुताबिक उनका साथ दें। आज की फास्ट-पेस्ड लाइफ में लोग ऐसे अप्लायंसेज और कुकवेयर चाहते हैं, जो टाइम बचाने के साथ बेटर परफॉर्मेंस भी दें। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए TTK Prestige ने कई मॉडर्न प्रोडक्ट्स लॉन्च किए हैं, जो कन्वीनियंस, ड्यूरेबिलिटी और हेल्दी कुकिंग का परफेक्ट कॉम्बो हैं। ये सिर्फ किचन टूल्स नहीं हैं, बल्कि हर तरह के कुक के लिए क्यूरेट किए गए ऐसे भरोसेमंद सपोर्ट सिस्टम हैं, जो उनकी कुकिंग स्टाइल के मुताबिक काम करते हुए कुकिंग को कम झंझट वाला, ज़्यादा आसान और आनंददायक अनुभव बनाते हैं। तो आइए जानते हैं इन 6 खास प्रोडक्ट्स के बारे में, जो आपके किचन को और स्मार्ट बना सकते हैं। 1. जब इक्वली पकाना हो खाना: ट्राई-प्लाई कुकवेयर किसी भी एक्सपीरियंस्ड शेफ से पूछो, वह आपको बताएगा कि खाना पकाने में ईवन हीट डिस्ट्रीब्यूशन कितना इंपॉर्टेंट होता है। ट्राई-प्लाई टेक्नोलॉजी वाले कुकवेयर बिल्कुल इसी जरूरत को फुलफिल करते हैं। इनमें स्टेनलेस स्टील लेयर्स के बीच एक एल्यूमिनियम कोर होता है, जिससे हीट पूरे बर्तन में ईवनली डिस्ट्रीब्यूट होती है। हैमरड फिनिश वाले मॉडर्न ट्राई-प्लाई कुकवेयर न सिर्फ देखने में अट्रैक्टिव होते हैं, बल्कि स्ट्रक्चरली भी ज़्यादा स्ट्रॉन्ग होते हैं। कम तेल में कुकिंग और इंडक्शन व गैस दोनों पर यूज़ की फ्लेक्सिबिलिटी इन्हें मॉडर्न किचन के लिए परफेक्ट बनाती है। Prestige Tri-Ply Hammered Cookware: एलिगेंट डिजाइन और रिफाइन्ड लुक्स के साथ तेज कुकिंग के लिए बेहतरीन विकल्प। प्रमुख फीचर्स: ट्राई-प्लाई बॉडी कंस्ट्रक्शन — एल्यूमिनियम कोर के दोनों तरफ हाई-क्वालिटी स्टेनलेस स्टील लेयर्स। फास्टर कुकिंग के लिए ईवन हीट डिस्ट्रीब्यूशन। रिफाइंड लुक्स के लिए एलिगेंट स्टेनलेस स्टील हैंडल्स। कम तेल में हेल्दी कुकिंग। बेटर हीट रिटेंशन से खाना ज़्यादा इफेक्टिवली पकता है। अट्रैक्टिव हैमरड फिनिश — ड्यूरेबिलिटी और प्रीमियम लुक दोनों। गैस और इंडक्शन दोनों के साथ कम्पैटिबल। 10 साल की वारंटी। 2. इंडियन किचन की रियल जरूरत, एक पावरफुल मिक्सर ग्राइंडर इंडियन खाने में मसाले, चटनियां, बैटर और पेस्ट का बहुत बड़ा रोल होता है। ऐसे में मिक्सर ग्राइंडर सिर्फ एक अप्लायंस नहीं, बल्कि किचन का सेंट्रल पीस बन जाता है। 1000 वॉट की हाई-पावर मोटर और अलग-अलग साइज के जार्स आज की जरूरत हैं। ड्राई मसालों की फाइन ग्राइंडिंग के लिए यूनिक कोर्स ग्राइंडिंग मोड इसे खास बनाता है। 4-स्पीड एक्सेलरेशन कंट्रोल टेक्नोलॉजी की मदद से अलग-अलग तरह की ग्राइंडिंग और ब्लेंडिंग की जरूरत के अनुसार स्पीड को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। डोसा बैटर और स्मूदीज से लेकर रोजमर्रा की ग्राइंडिंग तक—यह मिक्सर हर काम को आसानी से संभाल लेता है। स्टर्डी स्टेनलेस स्टील जार्स लॉन्ग-लास्टिंग और रिलायबल परफॉर्मेंस सुनिश्चित करते हैं। Prestige Prism Plus Mixer Grinder: रोजाना की ग्राइंडिंग और ब्लेंडिंग नीड्स के साथ पारंपरिक स्वाद और खुशबू को बनाए रखने के लिए यह मिक्सर ग्राइंडर देता है धमाकेदार परफॉर्मेंस। प्रमुख फीचर्स: यूनिक कोर्स ग्राइंडिंग मोड। 1000W पावरफुल कॉपर मोटर। 4-स्पीड कंट्रोल सिस्टम। 3 स्टेनलेस स्टील जार्स — 1.5L वेट जार, 1L ड्राई जार और 450ml चटनी जार। मसाले, बैटर, चटनी और स्मूदीज़ के लिए सूटेबल। ड्यूरेबल और हाइजीनिक स्टेनलेस स्टील जार्स। स्टाइलिश डिज़ाइन, जो मॉडर्न किचन में फिट हो। 3. छोटी जगह के लिए बड़ा सॉल्यूशन: Prestige OmniPot अर्बन लाइफ में स्मॉल अपार्टमेंट्स, हॉस्टल्स और फ्रीक्वेंटली ट्रैवलिंग प्रोफेशनल्स की गिनती बढ़ रही है। ऐसे में ऐसे अप्लायंसेज़ की डिमांड बढ़ी है, जो एक ही यूनिट में मल्टिपल काम कर सकें। मल्टी-पर्पज इलेक्ट्रिक पॉट बॉयलिंग, स्टीमिंग, लाइट फ्राइंग और वन-पॉट मील्स-सब हैंडल कर सकता है। कॉम्पैक्ट साइज और पोर्टेबिलिटी इसे उन लोगों के लिए आइडियल बनाती है, जो लिमिटेड स्पेस में भी फुल किचन जैसी कन्वीनियंस चाहते हैं। Prestige OmniPot: एक मल्टी-पर्पज़ इलेक्ट्रिक कुकिंग सॉल्यूशन, जो छोटे घर और ट्रैवल के लिए एक्सट्रीमली यूजफुल है। प्रमुख फीचर्स: ट्रैवल के लिए कॉम्पैक्ट डिजाइन। एफिशिएंट और कन्वीनियंट कुकिंग के लिए 1000W डिटैचेबल पावर बेस। बॉयलिंग, स्टीमिंग, सॉतेइंग और वन-पॉट कुकिंग-सब पॉसिबल। कुकिंग पॉट और फ्राइ पैन शामिल-वर्सेटिलिटी के लिए डिजाइन किए गए। मल्टिपल टेम्परेचर सेटिंग्स। स्टीम वेंट वाला लिड। लाइटवेट, कॉम्पैक्ट और ट्रैवल-फ्रेंडली डिज़ाइन। कूल-टच फोल्डेबल हैंडल्स। हॉस्टल, स्टूडियो अपार्टमेंट, हॉलीडेज़ और छोटे घर के लिए आइडियल। 4. कास्ट आयरन के फायदे, बिना ज्यादा झंझट के कास्ट आयरन को हमेशा से बेस्ट कुकवेयर माना जाता रहा है क्योंकि यह हीट को लंबे समय तक रिटेन करता है। लेकिन ट्रेडिशनल कास्ट आयरन का वजन और मेंटेनेंस कई लोगों के लिए चैलेंजिंग होता है। नई जेनरेशन के लाइटवेट कास्ट आयरन कुकवेयर इस प्रॉब्लम का सॉल्यूशन दे रहे हैं। बेटर हीट रिटेंशन के साथ रिलेटिवली ईज़ी हैंडलिंग, रस्ट-रेजिस्टेंट सरफेस और डिफरेंट कुकटॉप्स के साथ कम्पैटिबिलिटी-यह सब एक पैकेज में मिलता है। ट्रेडिशनल कुकिंग के लिए तैयार किया गया यह कुकवेयर ईवन हीट डिस्ट्रीब्यूशन सुनिश्चित करता है, जिससे धीमी आंच पर स्वाद से भरपूर व्यंजन आसानी से तैयार किए जा सकते हैं। Prestige Castline Cookware: कास्ट आयरन के बेनिफिट्स और मॉडर्न कन्वीनियंस का परफेक्ट कॉम्बिनेशन। प्रमुख फीचर्स: लाइटवेट कास्ट आयरन कंस्ट्रक्शन। लॉन्ग-लास्टिंग हीट रिटेंशन। कम तेल में कुकिंग में हेल्पफुल। रस्ट-प्रूफ डिजाइन। ईजी-टू-क्लीन सरफेस। स्टे-कूल हैंडल्स। गैस, इंडक्शन, रेडिएंट रिंग, सॉलिड प्लेट और सिरेमिक कुकटॉप्स के साथ कम्पैटिबल। पैटर्न्ड इनैमल कोटेड, इनैमल कोटेड और नाइट्राइड फिनिश ऑप्शंस में उपलब्ध। 15 साल की वारंटी। 5. एयर
CJP Leaders Akshay Shinde & Mukesh Visit Ranchi to Support Students

Hindi News Career CJP Leaders Akshay Shinde & Mukesh Visit Ranchi To Support Students 2 मिनट पहले कॉपी लिंक कॉकरोच जनता पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल 8 अगस्त 2026 को झारखंड छात्र आंदोलन के समर्थन में रांची पहुंचा। वे प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों से मिले। रांची में छात्र झारखंड PSC-SSC की परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर 17 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। 6 छात्र भूख हड़ताल पर हैं। यह आंदोलन रांची के कचहरी स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हो रहा है रांची पहुंचे अक्षय शिंदे और मुकेश सीजेपी कोर कमेटी के सदस्य के तौर पर नेशनल कोऑर्डिनेटर अक्षय शिंदे ओर मुकेश रांची गए। वहां जाने से पहले उन्होंने पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके से झारखंड छात्र आंदोलन के बारे में चर्चा की। छात्रों को हर तरह का समर्थन देने की बात कही सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने ट्विटर पर लिखा – सीजेपी झारखंड के छात्रों के साथ पूरी एकजुटता के साथ खड़ा है। मुकेश और अक्षय शिंदे के नेतृत्व में यह प्रतिनिधिमंडल विरोध कर रहे छात्रों को हर तरह का समर्थन देगा। शिंदे ने कहा – सीजेपी के हमारे ऐसे साथी जिन्होंने जंतर – मंजर पर हुए छात्र आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी, वे यहां भी हैं। वे इस प्रोटेस्ट में छात्रों का समर्थन कर रहे हैं। वे तब तक यह जगह नहीं छोड़ेंगे, जब तक कि उनकी सभी मांगों को मान नहीं लिया जाता। दीपके ने वर्चुअल बातचीत में आंदोलन का किया समर्थन दीपके ने झारखंड छात्र आंदोलन में की गई वर्चुअल बातचीत में बताया कि सीजेपी छात्र आंदोलन का राजनीतिक नेतृत्व करने के बजाय एक बाहरी पब्लिक प्रेशर ग्रुप के तौर पर काम करेगा। वे प्रदर्शनकारियों को लॉजिस्टिकल और नैतिक समर्थन देंगे। स्थानीय छात्रों ने की थी आंदोलन की शुरुआत झारखंड आंदोलन की शुरुआत स्थानीय छात्रों ने की थी। सीजेपी बाद में समर्थन देने वाले बाहरी समूह के रूप में इस आंदोलन से जुड़ा। हालांकि सीजेपी खुद पहले से राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा/शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर सक्रिय था। इसके संस्थापक अभिजीत दीपके ने जून-जुलाई में दिल्ली के जंतर-मंतर आंदोलन का नेतृत्व किया था जिसके चलते 25 जुलाई को 36 दिन चले आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था। ये खबर भी पढ़ें SBI में 1538 पदों पर निकली भर्ती:जूनियर क्लर्क की वैकेंसी, 64 हजार से ज्यादा सैलरी, अभी करें अप्लाई स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने क्लर्क (जूनियर एसोसिएट) पदों पर विशेष भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
चीन में 150 kmph की रफ्तार से टकराया डॉल्फिन तूफान:शंघाई में 150 साल में सबसे ज्यादा बारिश, 10 लाख लोग सुरक्षित जगह पहुंचाए गए

चीन के पूर्वी हिस्से में करीब 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से डॉल्फिन तूफान टकराया है। इसके असर से पूर्वी और मध्य चीन में तेज बारिश हो रही है। शंघाई में 150 साल में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। चीन के अधिकारियों के मुताबिक, तूफान के कारण पिछले कुछ दिनों में 10 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया। 1,500 से ज्यादा इमरजेंसी शेल्टर बनाए गए। कई जगह लैंडफॉल की भी खबरें सामने आई हैं। चीन के नेशनल मेटियोरोलॉजिकल सेंटर (NMC) ने सोमवार सुबह टाइफून अलर्ट को घटाकर सबसे निचले स्तर के ब्लू अलर्ट पर कर दिया। हालांकि, झेजियांग के कुछ हिस्सों में फ्लैश फ्लड का सबसे गंभीर अलर्ट अभी भी जारी है। 943 उड़ाने रद्द की गई, लोकल ट्रेन भी बंद शंघाई में भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। शहर के दो प्रमुख एयरपोर्ट पर सोमवार को 943 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। दक्षिण-पश्चिम चीन के चेंगदू से रविवार को शंघाई जा रही एक फ्लाइट बारिश के कारण शंघाई में लैंड नहीं कर सकी। विमान को कुछ देर शंघाई के ऊपर चक्कर लगाने के बाद बीजिंग डायवर्ट कर दिया गया। वहां उतरने के बाद विमान रात में चेंगदू लौट गया। इसके अलावा लोकल ट्रेन समेत कई आम लोगों के लिए परिवहन सेवाएं भी बंद रहीं। झेजियांग के निंगबो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार दोपहर से उड़ानें फिर शुरू कर दी गईं। हालांकि, एयरपोर्ट ने कहा कि तूफान का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में कुछ उड़ानों में देरी हो सकती है या उन्हें रद्द करना पड़ सकता है। बीजिंग में बारिश का रेड अलर्ट जारी चीन की राजधानी बीजिंग भी अलर्ट पर है। शहर के पांच जिलों में सोमवार को भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया। कुछ इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बताया गया। बीजिंग के मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है। लोगों को जरूरी काम के अलावा बाहर न निकलने और आउटडोर गतिविधियां रोकने की सलाह दी गई है। चीन के मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान अब उत्तर-पश्चिम दिशा में 15 से 20 kmph की रफ्तार से बढ़ रहा है। राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, डॉल्फिन का क्लाउड सिस्टम करीब 1,300 km तक फैला है। चीन में बार-बार टाइफून क्यों आते हैं? 1. भूमध्य रेखा के पास और उत्तर में स्थित होना पश्चिमी प्रशांत महासागर में हर साल सबसे ज्यादा 25 से 30 तूफान आते हैं। यह दुनिया भर में आने वाले कुल तूफानों का लगभग 30% है। इसकी वजह इस इलाके का भूमध्य रेखा के पास (उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में) स्थित होना है। पृथ्वी के घूमने के कारण यहां हवाओं को गोल घुमाने वाला बल (कोरियोलिस इफेक्ट) बहुत मजबूत होता है। तूफान बनने के बाद ये हवाओं के बहाव के साथ जापान, ताइवान, चीन, कोरिया और फिलीपींस की तरफ बढ़ते हैं। यही वजह है कि इन देशों में सबसे ज्यादा तूफान आते हैं। 2. समुद्र का तेजी से गर्म होना टाइफून बनने और मजबूत होने की सबसे बड़ी वजह गर्म समुद्र है। जब समुद्र की सतह का तापमान बढ़ता है, तो पानी तेजी से भाप बनकर ऊपर उठता है। यह भाप तूफान के लिए ईंधन का काम करती है, जिससे हवाएं और बारिश दोनों बेहद तेज हो जाती हैं। 1901 में दुनिया भर के महासागरों की सतह का औसत तापमान लगभग 15.2°C से 15.3°C था। बीते कुछ साल में यह औसतन वैश्विक समुद्र सतह तापमान 21.1°C को पार कर गया है, जो इतिहास में सबसे ज्यादा है।
चीन में 150 kmph की रफ्तार से टकराया डॉल्फिन तूफान:शंघाई में 150 साल में सबसे ज्यादा बारिश, 10 लाख लोग सुरक्षित जगह पहुंचाए गए

जापान में तबाही मचाने के बाद डॉल्फिन तूफान अब चीन पहुंच गया है। रविवार देर रात इसने पूर्वी चीन के तटीय इलाकों में दस्तक दी। उस समय इसकी रफ्तार करीब 150 किमी प्रति घंटे थी। इसके बाद कई शहरों में तेज बारिश शुरू हो गई। सबसे ज्यादा असर शंघाई में दिखा, जहां पिछले 150 साल में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। चीनी अधिकारियों के मुताबिक, खतरे को देखते हुए 10 लाख से ज्यादा लोगों को पहले ही सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया था। चीनी मीडिया SCMP के मुताबिक अब तूफान कमजोर पड़ रहा है। इसलिए चीन की मौसम एजेंसी ने चेतावनी का स्तर घटा दिया है। हालांकि, लगातार बारिश की वजह से बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है। कुछ जगहों पर पहाड़ों से मिट्टी और चट्टानें खिसकने की घटनाएं भी हुई हैं। 943 उड़ाने रद्द की गई, लोकल ट्रेन भी बंद शंघाई में भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। शहर के दो प्रमुख एयरपोर्ट पर सोमवार को 943 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। दक्षिण-पश्चिम चीन के चेंगदू से रविवार को शंघाई जा रही एक फ्लाइट बारिश के कारण शंघाई में लैंड नहीं कर सकी। विमान को कुछ देर शंघाई के ऊपर चक्कर लगाने के बाद बीजिंग डायवर्ट कर दिया गया। वहां उतरने के बाद विमान रात में चेंगदू लौट गया। इसके अलावा लोकल ट्रेन समेत कई आम लोगों के लिए परिवहन सेवाएं भी बंद रहीं। झेजियांग के निंगबो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार दोपहर से उड़ानें फिर शुरू कर दी गईं। हालांकि, एयरपोर्ट ने कहा कि तूफान का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में कुछ उड़ानों में देरी हो सकती है या उन्हें रद्द करना पड़ सकता है। बीजिंग में बारिश का रेड अलर्ट जारी चीन की राजधानी बीजिंग भी अलर्ट पर है। शहर के पांच जिलों में सोमवार को भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया। कुछ इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बताया गया। बीजिंग के मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है। लोगों को जरूरी काम के अलावा बाहर न निकलने और आउटडोर गतिविधियां रोकने की सलाह दी गई है। चीन के मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान अब उत्तर-पश्चिम दिशा में 15 से 20 kmph की रफ्तार से बढ़ रहा है। राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, डॉल्फिन का क्लाउड सिस्टम करीब 1,300 km तक फैला है। चीन में बार-बार टाइफून क्यों आते हैं? 1. भूमध्य रेखा के पास और उत्तर में स्थित होना पश्चिमी प्रशांत महासागर में हर साल सबसे ज्यादा 25 से 30 तूफान आते हैं। यह दुनिया भर में आने वाले कुल तूफानों का लगभग 30% है। इसकी वजह इस इलाके का भूमध्य रेखा के पास (उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में) स्थित होना है। पृथ्वी के घूमने के कारण यहां हवाओं को गोल घुमाने वाला बल (कोरियोलिस इफेक्ट) बहुत मजबूत होता है। तूफान बनने के बाद ये हवाओं के बहाव के साथ जापान, ताइवान, चीन, कोरिया और फिलीपींस की तरफ बढ़ते हैं। यही वजह है कि इन देशों में सबसे ज्यादा तूफान आते हैं। 2. समुद्र का तेजी से गर्म होना टाइफून बनने और मजबूत होने की सबसे बड़ी वजह गर्म समुद्र है। जब समुद्र की सतह का तापमान बढ़ता है, तो पानी तेजी से भाप बनकर ऊपर उठता है। यह भाप तूफान के लिए ईंधन का काम करती है, जिससे हवाएं और बारिश दोनों बेहद तेज हो जाती हैं। 1901 में दुनिया भर के महासागरों की सतह का औसत तापमान लगभग 15.2°C से 15.3°C था। बीते कुछ साल में यह औसतन वैश्विक समुद्र सतह तापमान 21.1°C को पार कर गया है, जो इतिहास में सबसे ज्यादा है।
Salman Khan & Sanjay Dutt Starrer 7 Dogs India Release

15 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड स्टार सलमान खान और संजय दत्त की इंटरनेशनल एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘7 डॉग्स’ भारत के सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। सलमान खान ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि यह फिल्म 21 अगस्त को भारतीय थिएटर्स में लगेगी। फिल्म का निर्देशन बिलाल फल्लाह और आदिल एल अरबी ने किया है। इस फिल्म में मिस्र के स्टार्स करीम अब्दुल-अजीज और अहमद एज मुख्य भूमिकाओं में हैं, जबकि सलमान खान और संजय दत्त कैमियो रोल में नजर आएंगे। यह फिल्म इस साल की शुरुआत में मिडिल ईस्ट के देशों में रिलीज हो चुकी है। टीजर में दिखा था दोनों अभिनेताओं का अंदाज फिल्म ‘7 डॉग्स’ का टीजर पिछले साल जारी किया गया था। टीजर की शुरुआत में संजय दत्त हाथ में बंदूक लिए नजर आए थे। वहीं टीजर के आखिरी हिस्से में सलमान खान सूट-बूट में दिखे थे। दोनों अभिनेताओं के टीजर में आने के बाद से ही भारतीय दर्शकों के बीच इस फिल्म को लेकर चर्चा थी। रियाद में हुई थी तीन दिन की शूटिंग इस फिल्म को सऊदी अरब की जनरल एंटरटेनमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन तुर्की अल-शेख ने प्रोड्यूस किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सलमान खान और संजय दत्त के तुर्की अल-शेख के साथ अच्छे संबंध हैं। इसी वजह से दोनों इस फिल्म में कैमियो करने के लिए तैयार हुए थे। इस रोल की शूटिंग के लिए सलमान और संजय पिछले साल फरवरी में सऊदी अरब की राजधानी रियाद गए थे। वहां दोनों ने तीन दिनों के शेड्यूल में अपने सीन शूट किए थे। ड्रग सिंडिकेट और इंटरपोल अफसर की है कहानी वैराइटी की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म की कहानी ‘7 डॉग्स’ नाम के एक ग्लोबल क्राइम सिंडिकेट के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें इंटरपोल अफसर खालिद अल-अज्जाजी इस सिंडिकेट के बड़े लीडर घाली अबू दाऊद को गिरफ्तार कर लेता है। एक साल बाद जब यह सिंडिकेट मिडिल ईस्ट में ‘पिंक लेडी’ नाम की नई ड्रग्स की तस्करी शुरू करता है, तो खालिद को मजबूरी में घाली की मदद लेनी पड़ती है। घाली ही अकेला ऐसा शख्स है जो इस सिंडिकेट के काम करने के तरीके को अच्छी तरह जानता है। ‘साजन’ से लेकर ‘ओल्ड मनी’ तक साथ काम किया सलमान खान और संजय दत्त की ऑनस्क्रीन जोड़ी को दर्शक लंबे समय से पसंद करते रहे हैं। दोनों ने 1991 में आई फिल्म ‘साजन’ में पहली बार साथ काम किया था। इसके बाद 2000 में आई फिल्म ‘चल मेरे भाई’ और 2002 की फिल्म ‘ये है जलवा’ में भी दोनों साथ नजर आए। पिछले साल दोनों इंडो-कनाडियन रैपर एपी ढिल्लों के म्यूजिक वीडियो ‘ओल्ड मनी’ में भी एक साथ दिखे थे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
कफन साथ लेकर चलते हैं सिंगर अली अली:लाइव कॉन्सर्ट में भावुक होकर कहा- जहां मरूं, वहीं जाने देना, मैंने मौत को स्वीकार कर लिया है

सिंगर लकी अली हाल ही में लाइव परफॉर्मेंस के दौरान मौत पर बात करते हुए भावुक हो गए। 67 साल के लकी अली ने बताया कि वह मौत के लिए तैयार रहते हैं और सफर के दौरान अपना कफन का कपड़ा साथ रखते हैं। ऑडियंस से बातचीत के दौरान लकी अली ने भावुक होकर कहा, “मुझे पता है, मैं भी आप सभी से प्यार करता हूं। एक दिन हम सभी को जाना है। मैं आपको इसके लिए तैयार नहीं कर रहा, लेकिन मैं खुद तैयार हूं। जब भी मैं सफर करता हूं, अपना इहराम साथ लेकर चलता हूं, जो मेरा कफन है। मैं जहां भी मरूं, मुझे वहीं से जाने देना।” वीडियो देख भावुक हुए फैंस लकी अली ने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से कॉन्सर्ट का ये वीडियो शेयर किया। इसके बाद फैंस ने कमेंट सेक्शन में उनके लिए प्यार और चिंता जाहिर की। लकी अली अपनी अलग आवाज और मशहूर गानों के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने कई बॉलीवुड फिल्मों के लिए अपनी आवाज दी। इनमें ‘कहो ना… प्यार है’, ‘युवा’, ‘बचना ऐ हसीनो’, ‘अंजाना अंजानी’ और ‘तमाशा’ शामिल हैं। 2015 में बॉलीवुड से लिया संन्यास, कहा- मेरे साथ गलत व्यवहार हुआ पिछले साल नवभारत टाइम्स को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “एक समय था, जब मैं फिल्मों में अभिनय करता था और गाने गाता था, लेकिन बाद में मुझे समझ नहीं आया कि आगे क्या करना है। मैं अपने अंदाज में गाना चाहता था। आजादी की इसी तलाश से ‘ओ सनम’ बना।” उन्होंने आगे कहा, “2015 में मैंने इंडस्ट्री से दूरी बना ली। लोगों ने मेरे साथ गलत व्यवहार किया था, लेकिन मैं उनकी नकारात्मकता की वजह से दूर नहीं हुआ। मुझे एक जैसी चीजों से ऊब हो गई थी। पिता की मौत के बाद मुझे लगा कि वहां मेरे लिए कुछ नहीं बचा है। मेरे दोस्त भी नहीं थे।” तीन शादियां कर चुके हैं लकी अली लकी अली की तीन शादियां हुई हैं। उनकी पहली शादी मेगन जेन मैक्लियरी से हुई थी। दोनों के दो बच्चे हैं। इसके बाद उन्होंने ईरान की रहने वाली इनाया से शादी की। दोनों के भी दो बच्चे हैं। 2010 में लकी अली ने ब्रिटिश मॉडल और पूर्व ब्यूटी क्वीन केट एलिजाबेथ हॉलम से शादी की। दोनों का एक बेटा है। 2017 में उनका तलाक हो गया। अपनी शादियों और रिश्तों के बारे में लकी अली ने पहले कहा था, “आपको एक ही साथी के साथ जिंदगी शुरू और खत्म करने की जरूरत नहीं है। मैंने तीन शादियां कीं और हर बार अलग देश में कीं। हर स्थिति अलग थी।” उन्होंने कहा, “मेरे पिता (महमूद) ने भी भारत से बाहर शादी की थी, इसलिए हमारे घर का माहौल काफी ग्लोबल था। मेरी कोई भी शादी नहीं चली, लेकिन मेरे सभी रिश्ते आज भी कायम हैं।” लकी अली ने आगे कहा, “हम साथ नहीं रहते, लेकिन हमेशा एक-दूसरे के लिए मौजूद रहते हैं। मैं हमेशा अपने बच्चों के प्रति जिम्मेदार रहा हूं। मेरा मानना है कि बच्चों की परवरिश का सही तरीका सिर्फ प्यार है। बच्चे वही सीखते हैं, जो वे अपने माता-पिता को करते हुए देखते हैं।”
Dabur Moves Delhi High Court Against FSSAI Over 100% Claim Ban Controversy

Hindi News Business Dabur Moves Delhi High Court Against FSSAI Over 100% Claim Ban Controversy नई दिल्ली11 मिनट पहले कॉपी लिंक एफएमसीजी कंपनी डाबर ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कंपनी ने FSSAI पर भेदभाव करने का आरोप लगाया है। इसके अलावा कंपनी ने FSSAI पर कॉम्पिटिटर्स में शामिल अन्य मैन्युफैक्चरर्स के कॉमर्शियल हितों को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया। डाबर का दावा है कि प्रॉडक्ट्स पर 100% दावे के इस्तेमाल को तुरंत बैन करने के आदेश से उसकी 150 करोड़ रुपए की वैल्यू की इन्वेंट्री यानी माल नष्ट होने के जोखिम में आ गया था। 6 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में डाबर ने FSSAI के इस आदेश को बिना सोच-समझकर जारी किया गया और एकतरफा बताया है। याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कंपनी को राहत देते हुए FSSAI के आदेश पर 24 अगस्त तक स्टे लगा दिया। कोर्ट ने माना कि ऐसा कोई भी निर्देश जारी करने से पहले कंपनी को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाना चाहिए था। क्या है पूरा विवाद: 100% क्लेम पर बैन और FSSAI की कार्रवाई फूड रेगुलेटर FSSAI ने प्रोसेस्ड फूड प्रॉडक्ट्स के विज्ञापनों और लेबल्स पर 100% प्योर, 100% नेचुरल या 100% ऑर्गेनिक जैसे दावों को भ्रामक माना है। FSSAI के अनुसार, इस तरह के दावे फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (एडवर्टाइजिंग एंड क्लेम्स) रेगुलेशन, 2018 का उल्लंघन करते हैं। FSSAI ने तुरंत प्रभाव से 100% क्लेम वाले प्रॉडक्ट्स की बिक्री पर रोक लगा दी थी और डाबर से 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) मांगी थी। FSSAI का तर्क है कि ऐसे शब्दों के इस्तेमाल से अन्य कंपनियों के प्रोडक्ट्स की छवि प्रभावित होती है। डाबर का तर्क: अन्य मैन्युफैक्चरर्स के बिजनेस इंटरेस्ट को बढ़ावा दे रहा FSSAI डाबर ने अपनी रिट याचिका में FSSAI के आरोपों को खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि 100% क्लेम बिना किसी दूसरे मैन्युफैक्चरर का रेफरेंस दिए स्वतंत्र रूप से इस्तेमाल किया जाता है। यह पूरी इंडस्ट्री में सामान्य रूप से इस्तेमाल होने वाला शब्द है। कंपनी के अनुसार, यह स्पष्ट है कि यह बैन जनहित में जारी नहीं किया गया है, बल्कि अन्य मैन्युफैक्चरर के कॉमर्शियल हितों को साधने के लिए जारी किया गया। डाबर ने दावा किया कि FSSAI ने बिना किसी कारण बताओ नोटिस या सुधार का अवसर दिए ही सीधे बैन लगा दिया। ₹150 करोड़ का स्टॉक दांव पर, 11 फ्लैगशिप प्रोडक्ट्स प्रभावित FSSAI की इस कार्रवाई से डाबर के 11 प्रमुख फ्लैगशिप प्रोडक्ट्स सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। इनमें डाबर हनी, डाबर वर्जिन कोकोनट ऑयल और रियल एक्टिव कोकोनट वॉटर जैसे बड़े ब्रांड्स शामिल हैं। डाबर का आरोप है कि FSSAI ने लेबल्स की जांच किए बिना आदेश जारी किया है। कंपनी के अनुसार, डाबर होममेड कोकोनट मिल्क और डाबर कोल्ड प्रेस्ड सेसम ऑयल के लेबल पर कभी 100% का दावा लिखा ही नहीं गया था, फिर भी उन्हें बैन की लिस्ट में शामिल किया। इससे कंपनी की ₹150 करोड़ की इन्वेंट्री बर्बाद होने की कगार पर है। क्विक-कॉमर्स और होटलों से सप्लाई चेन पर असर FSSAI के इस आदेश को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किए जाने के बाद डाबर की रिटेल सप्लाई चेन अचानक प्रभावित हो गई। कई रिटेल और ऑनलाइन चैनल्स को कंपनी के 100% क्लेम वाले प्रॉडक्ट्स न बेचने की सलाह दी गई। 4 अगस्त को जोमैटो के क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट ने डाबर को अल्टीमेटम जारी करते हुए उसके प्रोडक्ट्स की लिस्टिंग को तुरंत डिसेबल कर दिया। ब्लिंकिट ने ईमेल में स्पष्ट किया कि इस मामले से पैदा होने वाली किसी भी कानूनी या वित्तीय देनदारी के लिए वह जिम्मेदार नहीं होगा। वहीं हॉस्पिटैलिटी ब्रांड हिल्टन होटल्स ने भी विवाद सुलझने तक प्रभावित प्रोडक्ट्स को अपनी सप्लाई से बाहर करने का प्रस्ताव रखा। कंपनी पहले ही कर रही थी लेबल्स में बदलाव डाबर ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वह FSSAI के लेटर में बताए गए प्रोडक्ट्स के लेबल्स से 100% क्लेम हटाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर चुकी थी। कंपनी के पिछले हफ्ते जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, आदेश में मेंशन ज्यादातर प्रोडक्ट्स के लेबल्स, विज्ञापनों और वेबसाइट रेफरेंस को बिना 100% क्लेम वाले नए लेबल्स में बदल दिया गया है या बदलने की फाइनल प्रोसेस में हैं। FSSAI का बड़ा क्रैकडाउन और आगे का रास्ता FSSAI हाल के दिनों में एफएमसीजी कंपनियों के भ्रामक विज्ञापनों, आर्टिफिशियल इंग्रीडिएंट्स के इस्तेमाल और हाइजीन से जुड़े मामलों पर सख्त कार्रवाई कर रहा है। रेगुलेटर ने प्रोसेस्ड फूड्स पर बिना किसी सॉलिड वेरिफिकेशन के इस्तेमाल किए जाने वाले मार्केटिंग शब्दों पर रोक लगाई है। फिलहाल FSSAI ने इस कानूनी मामले और डाबर के आरोपों पर तुरंत कोई आधिकारिक जवाब या प्रतिक्रिया जारी नहीं की है। दिल्ली हाईकोर्ट की दी गई 24 अगस्त तक की राहत के बाद अब सभी की निगाहें अगली अदालती सुनवाई पर टिकी हैं। नॉलेज पार्ट: जानें क्या कहता है FSSAI का ‘क्लेम्स रेगुलेशन’? शो-कॉज नोटिस अनिवार्य: खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुसार, अगर FSSAI को किसी प्रोडक्ट के विज्ञापन या क्लेम पर आपत्ति होती है, तो पहले फूड बिजनेस ऑपरेटर (FBO) को स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस देना होता है। सिंगल बनाम मल्टी-इन्ग्रीडिएंट: FSSAI का मानना है कि प्रोसेस्ड या मल्टी-इन्ग्रीडिएंट फूड में ‘100% Pure’ लिखना गलत है, जबकि कंपनियां तर्क देती हैं कि शहद या शुद्ध नारियल पानी जैसे प्राकृतिक प्रोडक्ट्स में यह दावा जायज है। ये खबर भी पढ़ें… डाबर के ‘100% प्योर’ दावे वाले प्रोडक्ट्स पर बैन टला: FSSAI के बिक्री रोकने वाले आदेश पर हाईकोर्ट का स्टे; डाबर हनी-घी बिकते रहेंगे दिल्ली हाईकोर्ट ने डाबर को अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने FSSAI के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें ‘100% प्योर’, ‘100% नेचुरल’ और ‘100% ऑर्गेनिक’ जैसे दावों वाले उत्पादों की बिक्री तुरंत रोकने को कहा था। जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने केंद्र और FSSAI को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जब तक मामले में अगली सुनवाई नहीं होती, तब तक FSSAI का बैन ऑर्डर सस्पेंड रहेगा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Dabur Moves Delhi High Court Against FSSAI Over 100% Claim Ban Controversy

Hindi News Business Dabur Moves Delhi High Court Against FSSAI Over 100% Claim Ban Controversy नई दिल्ली50 मिनट पहले कॉपी लिंक दिल्ली हाईकोर्ट ने डाबर को राहत देते हुए FSSAI के बैन के आदेश पर 24 अगस्त तक स्टे लगा दिया। एफएमसीजी कंपनी डाबर ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कंपनी ने FSSAI पर भेदभाव करने का आरोप लगाया है। इसके अलावा कंपनी ने FSSAI पर कॉम्पिटिटर्स में शामिल अन्य मैन्युफैक्चरर्स के कॉमर्शियल हितों को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया। डाबर का दावा है कि प्रोडक्ट्स पर 100% दावे के इस्तेमाल को तुरंत बैन करने के आदेश से उसकी 150 करोड़ रुपए की वैल्यू की इन्वेंट्री यानी माल नष्ट होने के जोखिम में आ गया था। 6 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में डाबर ने FSSAI के इस आदेश को बिना सोच-समझकर जारी किया गया और एकतरफा बताया है। हाईकोर्ट ने FSSAI के आदेश पर 24 अगस्त तक स्टे लगाया याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कंपनी को राहत देते हुए FSSAI के आदेश पर 24 अगस्त तक स्टे लगा दिया। कोर्ट ने माना कि ऐसा कोई भी निर्देश जारी करने से पहले कंपनी को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाना चाहिए था। क्या है पूरा विवाद: 100% क्लेम पर बैन और FSSAI की कार्रवाई फूड रेगुलेटर FSSAI ने प्रोसेस्ड फूड प्रॉडक्ट्स के विज्ञापनों और लेबल्स पर 100% प्योर, 100% नेचुरल या 100% ऑर्गेनिक जैसे दावों को भ्रामक माना है। FSSAI के अनुसार, इस तरह के दावे फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (एडवर्टाइजिंग एंड क्लेम्स) रेगुलेशन, 2018 का उल्लंघन करते हैं। FSSAI ने तुरंत प्रभाव से 100% क्लेम वाले प्रॉडक्ट्स की बिक्री पर रोक लगा दी थी और डाबर से 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) मांगी थी। FSSAI का तर्क है कि ऐसे शब्दों के इस्तेमाल से अन्य कंपनियों के प्रोडक्ट्स की छवि प्रभावित होती है। डाबर का तर्क: अन्य मैन्युफैक्चरर्स के बिजनेस इंटरेस्ट को बढ़ावा दे रहा FSSAI डाबर ने अपनी रिट याचिका में FSSAI के आरोपों को खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि 100% क्लेम बिना किसी दूसरे मैन्युफैक्चरर का रेफरेंस दिए स्वतंत्र रूप से इस्तेमाल किया जाता है। यह पूरी इंडस्ट्री में सामान्य रूप से इस्तेमाल होने वाला शब्द है। कंपनी के अनुसार, यह स्पष्ट है कि यह बैन जनहित में जारी नहीं किया गया है, बल्कि अन्य मैन्युफैक्चरर के कॉमर्शियल हितों को साधने के लिए जारी किया गया। डाबर ने दावा किया कि FSSAI ने बिना किसी कारण बताओ नोटिस या सुधार का अवसर दिए ही सीधे बैन लगा दिया। ₹150 करोड़ का स्टॉक दांव पर, 11 फ्लैगशिप प्रोडक्ट्स प्रभावित FSSAI की इस कार्रवाई से डाबर के 11 प्रमुख फ्लैगशिप प्रोडक्ट्स सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। इनमें डाबर हनी, डाबर वर्जिन कोकोनट ऑयल और रियल एक्टिव कोकोनट वॉटर जैसे बड़े ब्रांड्स शामिल हैं। डाबर का आरोप है कि FSSAI ने लेबल्स की जांच किए बिना आदेश जारी किया है। कंपनी के अनुसार, डाबर होममेड कोकोनट मिल्क और डाबर कोल्ड प्रेस्ड सेसम ऑयल के लेबल पर कभी 100% का दावा लिखा ही नहीं गया था, फिर भी उन्हें बैन की लिस्ट में शामिल किया। इससे कंपनी की ₹150 करोड़ की इन्वेंट्री बर्बाद होने की कगार पर है। क्विक-कॉमर्स और होटलों से सप्लाई चेन पर असर FSSAI के इस आदेश को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किए जाने के बाद डाबर की रिटेल सप्लाई चेन अचानक प्रभावित हो गई। कई रिटेल और ऑनलाइन चैनल्स को कंपनी के 100% क्लेम वाले प्रॉडक्ट्स न बेचने की सलाह दी गई। 4 अगस्त को जोमैटो के क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट ने डाबर को अल्टीमेटम जारी करते हुए उसके प्रोडक्ट्स की लिस्टिंग को तुरंत डिसेबल कर दिया। ब्लिंकिट ने ईमेल में स्पष्ट किया कि इस मामले से पैदा होने वाली किसी भी कानूनी या वित्तीय देनदारी के लिए वह जिम्मेदार नहीं होगा। वहीं हॉस्पिटैलिटी ब्रांड हिल्टन होटल्स ने भी विवाद सुलझने तक प्रभावित प्रोडक्ट्स को अपनी सप्लाई से बाहर करने का प्रस्ताव रखा। कंपनी पहले ही कर रही थी लेबल्स में बदलाव डाबर ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वह FSSAI के लेटर में बताए गए प्रोडक्ट्स के लेबल्स से 100% क्लेम हटाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर चुकी थी। कंपनी के पिछले हफ्ते जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, आदेश में मेंशन ज्यादातर प्रोडक्ट्स के लेबल्स, विज्ञापनों और वेबसाइट रेफरेंस को बिना 100% क्लेम वाले नए लेबल्स में बदल दिया गया है या बदलने की फाइनल प्रोसेस में हैं। FSSAI का बड़ा क्रैकडाउन और आगे का रास्ता FSSAI कुछ दिनों से एफएमसीजी कंपनियों के भ्रामक विज्ञापनों, आर्टिफिशियल इंग्रीडिएंट्स के इस्तेमाल और हाइजीन से जुड़े मामलों पर सख्त कार्रवाई कर रहा है। रेगुलेटर ने प्रोसेस्ड फूड्स पर बिना किसी सॉलिड वेरिफिकेशन के इस्तेमाल किए जाने वाले मार्केटिंग शब्दों पर रोक लगाई है। फिलहाल FSSAI ने इस कानूनी मामले और डाबर के आरोपों पर तुरंत कोई आधिकारिक जवाब या प्रतिक्रिया जारी नहीं की है। दिल्ली हाईकोर्ट की दी गई 24 अगस्त तक की राहत के बाद अब सभी की निगाहें अगली अदालती सुनवाई पर टिकी हैं। नॉलेज पार्ट: जानें क्या कहता है FSSAI का ‘क्लेम्स रेगुलेशन’? शो-कॉज नोटिस अनिवार्य: खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुसार, अगर FSSAI को किसी प्रोडक्ट के विज्ञापन या क्लेम पर आपत्ति होती है, तो पहले फूड बिजनेस ऑपरेटर (FBO) को स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस देना होता है। सिंगल बनाम मल्टी-इन्ग्रीडिएंट: FSSAI का मानना है कि प्रोसेस्ड या मल्टी-इन्ग्रीडिएंट फूड में ‘100% Pure’ लिखना गलत है, जबकि कंपनियां तर्क देती हैं कि शहद या शुद्ध नारियल पानी जैसे प्राकृतिक प्रोडक्ट्स में यह दावा जायज है। ये खबर भी पढ़ें… डाबर के ‘100% प्योर’ दावे वाले प्रोडक्ट्स पर बैन टला: FSSAI के बिक्री रोकने वाले आदेश पर हाईकोर्ट का स्टे; डाबर हनी-घी बिकते रहेंगे दिल्ली हाईकोर्ट ने डाबर को अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने FSSAI के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें ‘100% प्योर’, ‘100% नेचुरल’ और ‘100% ऑर्गेनिक’ जैसे दावों वाले उत्पादों की बिक्री तुरंत रोकने को कहा था। जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने केंद्र और FSSAI को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जब तक मामले में अगली सुनवाई नहीं होती, तब तक FSSAI
AR Rahman Son AR Amin Car Accident in Chennai

5 मिनट पहले कॉपी लिंक संगीतकार एआर रहमान के बेटे और सिंगर एआर अमीन सोमवार सुबह चेन्नई में एक सड़क हादसे का शिकार हो गए। गिंडी इलाके में ओलंपिया टेक पार्क सिग्नल के पास उनकी लग्जरी पोर्श कार एक वैगन-आर से टकरा गई। इस हादसे में 23 साल के अमीन और उनके दोस्त को मामूली चोटें आईं। पुलिस के मुताबिक, दोनों को तुरंत पास के कावेरी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। दूसरी कार के घायल सवारी को भी प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। संगीतकार एआर रहमान के बेटे और सिंगर एआर अमीन। सुबह 3:30 बजे हुआ हादसा, पुलिस ने गाड़ियां जब्त कीं न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार यह घटना सोमवार तड़के करीब 3:30 बजे हुई। हादसे के समय अमीन की पोर्श कार में उनका दोस्त भी मौजूद था। एक सिंगल साइड रोड से मुख्य सड़क पर आई रैपिडो वैगन-आर अचानक पोर्श से टकरा गई। टक्कर के बाद वैगन-आर में सवार यात्री भी घायल हो गया था, जिसे कलाईगनार सेंटेनरी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों गाड़ियों को जब्त कर लिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है। हादसे में शामिल पोर्श मॉडल की कार। पोर्श कार से हुआ हादसा हादसे में शामिल पोर्श मॉडल की आधिकारिक पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। हालांकि, रहमान परिवार के पास पहले से एक इलेक्ट्रिक पोर्श टायकन मौजूद है। साल 2022 में एआर रहमान ने अपनी बेटियों खतीजा रहमान और रहीमा रहमान के साथ ‘ARR Studios’ नंबर प्लेट वाली इस कार की तस्वीर शेयर की थी। इस लग्जरी कार की कीमत लगभग 1.53 करोड़ रुपए बताई गई थी। एआर रहमान के कार कलेक्शन में 3 करोड़ रुपए की वोल्वो एसयूवी, मर्सिडीज-बेंज और 1 करोड़ रुपए से अधिक कीमत की जगुआर भी शामिल हैं। एआर रहमान ने अपनी बेटियों खतीजा रहमान और रहीमा रहमान के साथ ‘ARR Studios’ नंबर प्लेट वाली इस कार की तस्वीर शेयर की थी। पिता की संगीत विरासत आगे बढ़ा रहे हैं अमीन 23 साल के एआर अमीन अपने पिता की तरह म्यूजिक इंडस्ट्री में पहचान बना रहे हैं। वे एक प्लेबैक सिंगर हैं। अमीन ने हाल ही में राम चरण की फिल्म ‘पेद्दी’ के गाने ‘चिकिरी चिकिरी’ के तमिल वर्जन में अपनी आवाज दी है। इसके अलावा वे जसलीन रॉयल, दुलकर सलमान और मृणाल ठाकुर के साथ इंडिपेंडेंट सॉन्ग ‘भीगी भीगी’ में भी नजर आ चुके हैं। ‘रामायणम्’ में व्यस्त हैं एआर रहमान दूसरी ओर, ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान इन दिनों कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। वे ‘गांधी टॉक्स’, ‘पेद्दी’ और ‘मैं वापस आऊंगा’ के बाद अब ‘रामायणम्’ के संगीत में व्यस्त हैं। इसके साथ ही 14 अगस्त को रिलीज हो रही फिल्म ‘बंटवारा 1947’ का म्यूजिक भी उन्होंने ही कंपोज किया है। रहमान ने 1992 में फिल्म ‘रोजा’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। वे 2 ऑस्कर, 2 ग्रैमी, 1 बाफ्टा और 1 गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड जीत चुके हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔







