'टाइम100' फेम एरियाना ने हफिंगटन पोस्ट को ग्लोबल ब्रांड बनाया:आइडेंटिटी ट्रैप पर कहा- कई सीईओ जॉब से नाखुश, फिर भी नहीं छोड़ पाते पद

करोड़ों की सैलरी, सीईओ जैसा पद और दुनिया भर में रुतबा हासिल करने के बाद भी कई दिग्गज खुश नहीं हैं। ये कहना है ग्लोबल मीडिया ब्रांड हफिंगटन पोस्ट की संस्थापक एरियाना हफिंगटन (76) का। वो कहती हैं कि उनके कई सीईओ दोस्त अपनी नौकरी से लगाव खत्म होने के बावजूद छोड़ने से घबराते हैं। इसकी वजह ‘आइडेंटिटी ट्रैप’ यानी पहचान का जाल है। जब कोई बड़ा पद किसी व्यक्ति की पूरी पहचान बन जाता है, तो उसे छोड़ना सिर्फ सैलरी नहीं, बल्कि अपने अस्तित्व को खोने जैसा लगने लगता है। 11 वर्ष में कंपनी शिखर पर पहुंचाई, फिर खुद ही छोड़ा पद एरियाना निजी अनुभवों से बताती हैं कि 11 वर्षों की कड़ी मेहनत से उन्होंने अपनी कंपनी को शीर्ष पर पहुंचाया। दो बार ‘टाइम 100’ सूची में आईं। हजार करोड़ नेटवर्थ वाली एरियाना ने 2016 में शीर्ष पर पहुंचकर पद छोड़ा और नई हेल्थ-वेलनेस कंपनी शुरू की। वे कहती हैं कि अगर पुरानी सफलता, पद और सुरक्षा को बचाए रखने के लिए वहां टिकी रहतीं, तो यह खुद के साथ धोखा होता। एरियाना का मानना है कि किसी नौकरी या सफलता को अपनी पूरी पहचान नहीं बनने देना चाहिए। पद कितना प्रतिष्ठित दिखता है, उससे ज्यादा अहम यह है कि वह काम व्यक्ति को भीतर से कैसा महसूस करा रहा है। 4 सीईओ बता रहे कामयाबी के बाद भी क्यों लगा अधूरापन शीर्ष पर पहुंचकर 4300 करोड़ कमाने के बावजूद भी खालीपन अमेरिकी फूड चेन कंपनी ‘विंगस्टॉप यूके’ के सह-संस्थापक टॉम ग्रोगन ने कंपनी को सफल बनाया। इस बीच शेयर्स बेचकर 4300 करोड़ रुपए कमाए। लक्ष्य तो हासिल हो गया, लेकिन खुशी के बजाय उन्हें सिर्फ खालीपन महसूस हुआ। उनका कहना था कि सफलता ही उनकी पहचान बन गई थी, लक्ष्य पूरा होते ही आगे बढ़ने की वजह और मकसद धुंधला पड़ गया। शोहरत और पैसा मिला, लेकिन जिंदगी का मकसद खो गया ट्रैवल कंपनी ‘एयरबीएनबी’ के सह-संस्थापक ब्रायन मानते थे कि सफलता सारी समस्याएं हल कर देगी। 2020 में वे अरबपति बनें, लेकिन बाद का समय उदासी भरा था। – टेक कंपनी लूम के को-फाउंडर विनय हायरमैथ ने कंपनी बेचने के बाद खुद को दिशाहीन पाया। कंपनी से जुड़ी पहचान हटते ही लगा कि खुद को खो चुके हैं। पद ही पहचान ‘बड़ा संकट’ अमेरिकी कंपनी (टीआईएए) की सीईओ थसुंडा कहती हैं कि नौकरी के बिना उनकी पहचान कुछ नहीं है। हालांकि, पद अस्थायी होते हैं लेकिन मौजूदा दिनों में इसके उलट भावना देखने को मिल रही है। लोग इन दिनों पद को ही पहचान मानने लगे हैं।
Sushant Singh Rajput Sister Shweta Singh Kirti Statement

19 मिनट पहले कॉपी लिंक श्वेता आज भी अपने भाई सुशांत को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करती रहती हैं। बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने हाल ही में बताया कि सुशांत की मौत के बाद उन्होंने अपने भाई की उपस्थिति, उनकी सांस और खुशबू को महसूस किया था। यूट्यूब चैनल ‘सुपरटॉक्स बाय द मूविंगशिप’ के साथ बातचीत में श्वेता ने कहा कि सुशांत के जाने के बाद उन्होंने उन्हें ड्रीम स्टेट और मेडिटेशन में महसूस किया है। उनके मुताबिक, पटना में जब सुशांत की अस्थियां विसर्जन के लिए रखी गई थीं, तब जिस कमरे में वह लेटी थीं, वहां उन्हें भाई के आने का अनुभव हुआ। श्वेता ने बताया, ‘उस दिन वह रात में मेरे से बात करने के लिए आया। उसने जूट का कुछ पहना हुआ था। कुर्ता टाइप की ड्रेस में आकर मुझे गले लगा लिया, मेरे से घंटों बात की। मेरे उससे बहुत सारे सवाल थे- भाई, ऐसा क्यों, बहुत कुछ पूछा। उसने मुझे सब कुछ समझा दिया और मुझे वो अंदर से वो जो खुलना होता है, नॉट्स, ग्रंथि, वो सब खुले और अंत में मुझे उसने गले लगाया, किस किया, तो उसकी जो स्मेल थी, उसकी जो सांस थी, सब कुछ मैंने फील किया।’ श्वेता सिंह कीर्ति, सुशांत की बड़ी बहन हैं। श्वेता ने बताया कि सुशांत की मौत की खबर मिलने के समय वह कैलिफोर्निया में थीं। उन्होंने कहा कि खबर सुनते ही उनका शरीर सुन्न हो गया था और बाद में वह जोर-जोर से रोने लगी थीं। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के कारण वह भारत नहीं आ सकीं और भाई को आखिरी गुडबाय भी नहीं कह पाईं। धोनी ने परिवार से संपर्क नहीं किया सुशांत सिंह राजपूत ने महेंद्र सिंह धोनी की बायोपिक फिल्म ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ में धोनी का किरदार निभाया था। फिल्म ने सुशांत के करियर में अहम भूमिका निभाई थी। वहीं, श्वेता ने पॉडकास्ट में कहा कि सुशांत की मौत के बाद धोनी ने परिवार से संपर्क नहीं किया। उन्होंने बताया कि कंगना रनोट और कुछ अन्य सेलेब्स ने परिवार से संपर्क किया था। फिल्म ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ ₹100 करोड़ से अधिक की कमाई करने वाली सुशांत के करियर की पहली फिल्म बनी थी। सुशांत की मौत 14 जून 2020 को हुई थी सुशांत सिंह राजपूत 14 जून 2020 को बांद्रा स्थित अपने फ्लैट में मृत पाए गए थे। शुरुआत में मुंबई पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया था। हालांकि, सोशल मीडिया पर उठते सवालों और सुशांत के परिवार द्वारा पटना में दर्ज कराई गई FIR के बाद हत्या और आत्महत्या के लिए उकसाने, दोनों तरह के दावे और आरोप सामने आए थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और बिहार सरकार की सिफारिश के बाद अगस्त 2020 में इस मामले की आधिकारिक जांच CBI को सौंप दी गई थी। CBI ने अदालत में अपनी क्लोजर रिपोर्ट में कहा था कि सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाने या उनकी मौत में किसी भी प्रकार की आपराधिक साजिश या हत्या का कोई सबूत नहीं मिला। …………. सुशांत सिंह राजपूत से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… ‘मुझे नहीं लगता कि वो सुसाइड था’:एक्टर शिशिर शर्मा बोले- सुशांत सिंह राजपूत ऐसे इंसान नहीं थे जो आत्महत्या जैसा कदम उठाएं फिल्म ‘छिछोरे’ में सुशांत सिंह राजपूत के साथ काम कर चुके एक्टर शिशिर शर्मा ने उनकी मौत को लेकर कहा कि उन्हें लगता है कि सुशांत ने सुसाइड किया है। सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में शिशिर शर्मा ने बताया कि उनकी और सुशांत की पहचान टीवी के दिनों से थी। जब वह ‘यहां मैं घर घर खेली’ में काम कर रहे थे और सुशांत ‘पवित्र रिश्ता’ में थे, तब दोनों पास में शूटिंग करते थे और लंच ब्रेक में साथ खाना खाते थे। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Sushant Singh Rajput Sister Shweta Singh Kirti Statement

5 मिनट पहले कॉपी लिंक श्वेता आज भी अपने भाई सुशांत को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करती रहती हैं। बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने हाल ही में बताया कि सुशांत की मौत के बाद उन्होंने अपने भाई की उपस्थिति, उनकी सांस और खुशबू को महसूस किया था। यूट्यूब चैनल ‘सुपरटॉक्स बाय द मूविंगशिप’ के साथ बातचीत में श्वेता ने कहा कि सुशांत के जाने के बाद उन्होंने उन्हें ड्रीम स्टेट और मेडिटेशन में महसूस किया है। उनके मुताबिक, पटना में जब सुशांत की अस्थियां विसर्जन के लिए रखी गई थीं, तब जिस कमरे में वह लेटी थीं, वहां उन्हें भाई के आने का अनुभव हुआ। श्वेता ने बताया, ‘उस दिन वह रात में मेरे से बात करने के लिए आया। उसने जूट का कुछ पहना हुआ था। कुर्ता टाइप की ड्रेस में आकर मुझे गले लगा लिया, मेरे से घंटों बात की। मेरे उससे बहुत सारे सवाल थे- भाई, ऐसा क्यों, बहुत कुछ पूछा। उसने मुझे सब कुछ समझा दिया और मुझे वो अंदर से वो जो खुलना होता है, नॉट्स, ग्रंथि, वो सब खुले और अंत में मुझे उसने गले लगाया, किस किया, तो उसकी जो स्मेल थी, उसकी जो सांस थी, सब कुछ मैंने फील किया।’ श्वेता सिंह कीर्ति, सुशांत की बड़ी बहन हैं। श्वेता ने बताया कि सुशांत की मौत की खबर मिलने के समय वह कैलिफोर्निया में थीं। उन्होंने कहा कि खबर सुनते ही उनका शरीर सुन्न हो गया था और बाद में वह जोर-जोर से रोने लगी थीं। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के कारण वह भारत नहीं आ सकीं और भाई को आखिरी गुडबाय भी नहीं कह पाईं। धोनी ने परिवार से संपर्क नहीं किया सुशांत सिंह राजपूत ने महेंद्र सिंह धोनी की बायोपिक फिल्म ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ में धोनी का किरदार निभाया था। फिल्म ने सुशांत के करियर में अहम भूमिका निभाई थी। वहीं, श्वेता ने पॉडकास्ट में कहा कि सुशांत की मौत के बाद धोनी ने परिवार से संपर्क नहीं किया। उन्होंने बताया कि कंगना रनोट और कुछ अन्य सेलेब्स ने परिवार से संपर्क किया था। फिल्म ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ ₹100 करोड़ से अधिक की कमाई करने वाली सुशांत के करियर की पहली फिल्म बनी थी। सुशांत की मौत 14 जून 2020 को हुई थी सुशांत सिंह राजपूत 14 जून 2020 को बांद्रा स्थित अपने फ्लैट में मृत पाए गए थे। शुरुआत में मुंबई पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया था। हालांकि, सोशल मीडिया पर उठते सवालों और सुशांत के परिवार द्वारा पटना में दर्ज कराई गई FIR के बाद हत्या और आत्महत्या के लिए उकसाने, दोनों तरह के दावे और आरोप सामने आए थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और बिहार सरकार की सिफारिश के बाद अगस्त 2020 में इस मामले की आधिकारिक जांच CBI को सौंप दी गई थी। CBI ने अदालत में अपनी क्लोजर रिपोर्ट में कहा था कि सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाने या उनकी मौत में किसी भी प्रकार की आपराधिक साजिश या हत्या का कोई सबूत नहीं मिला। …………. सुशांत सिंह राजपूत से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… ‘मुझे नहीं लगता कि वो सुसाइड था’:एक्टर शिशिर शर्मा बोले- सुशांत सिंह राजपूत ऐसे इंसान नहीं थे जो आत्महत्या जैसा कदम उठाएं फिल्म ‘छिछोरे’ में सुशांत सिंह राजपूत के साथ काम कर चुके एक्टर शिशिर शर्मा ने उनकी मौत को लेकर कहा कि उन्हें लगता है कि सुशांत ने सुसाइड किया है। सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में शिशिर शर्मा ने बताया कि उनकी और सुशांत की पहचान टीवी के दिनों से थी। जब वह ‘यहां मैं घर घर खेली’ में काम कर रहे थे और सुशांत ‘पवित्र रिश्ता’ में थे, तब दोनों पास में शूटिंग करते थे और लंच ब्रेक में साथ खाना खाते थे। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Guru Randhawa Fine Shyt Song Controversy

पॉपुलर सिंगर गुरु रंधावा। फाइल फोटो पॉपुलर सिंगर गुरु रंधावा इन दिनों अपने नए गाने फाइन शिट (Fine Shyt) को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। गाने में कॉर्पोरेट ऑफिस के अंदर महिलाओं के चित्रण और लिरिक्स को लेकर उन्हें ट्रोल किया जा रहा है। हालांकि, गुरु रंधावा ने आलोचना . गुरु रंधावा ने ट्रोलिंग और विवाद के बीच आलोचकों को सख्त अंदाज में जवाब दिया है। उन्होंने अपनी तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा, “SISU माइंडसेट और मूव्स… और उन सभी से कहो कि मेरे खिलाफ कोई नई स्ट्रेटेजी बनाएं, यह वाली काम नहीं आई। अपने रास्ते पर अकेला बनाम सब। PAGANI जैसा रेयर। 2025 मेरा था, 2026 मेरा है और बाकी के साल भी मेरे ही होंगे।” उनकी इस पोस्ट से साफ है कि सोशल मीडिया पर हो रही आलोचनाओं का उन पर कोई खास असर नहीं दिख रहा है। गुरु रंधावा अपने काम और आने वाले प्रोजेक्ट्स को लेकर पूरी तरह कॉन्फिडेंट नजर आ रहे हैं। गुरु रंधावा की तरफ से की गई पोस्ट। YouTube Music के ट्रेंडिंग चार्ट में दूसरे नंबर पर गाना 6 अगस्त 2026 को गुरु रंधावा का नया गाना फाइन शिट रिलीज हुआ। 2 मिनट 21 सेकंड का यह गाना YouTube Music के ट्रेंडिंग चार्ट में दूसरे नंबर तक पहुंचा, लेकिन अपनी धुन से ज्यादा कंटेंट को लेकर चर्चा में आ गया। फाइन शिट इंटरनेट पर इस्तेमाल होने वाला Gen Z स्लैंग है, जिसका इस्तेमाल किसी बेहद खूबसूरत या आकर्षक व्यक्ति के लिए किया जाता है। वीडियो को कॉर्पोरेट ऑफिस के सेटअप में फिल्माया गया गाने के वीडियो में गुरु रंधावा के साथ यशवी देसाई और कंटेंट क्रिएटर रूही दोसानी नजर आ रही हैं। वीडियो को कॉर्पोरेट ऑफिस के सेटअप में फिल्माया गया है, जहां रंधावा एक सीनियर कर्मचारी की भूमिका में हैं। उनके आसपास युवा महिला सहकर्मी डांस करती दिखाई देती हैं। बचाव में दिया गया था मजेदार डिस्क्लेमर विवाद से बचने के लिए वीडियो की शुरुआत में डिस्क्लेमर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि वीडियो में नजर आने वाले कलाकार, जिसमें गुरु रंधावा भी शामिल हैं 18 साल से अधिक उम्र के हैं। वीडियो को पूरी तरह काल्पनिक और व्यंग्यात्मक बताया गया है। दर्शकों से इसे अपने असली ‘9 to 5’ ऑफिस में आजमाने से बचने की चेतावनी दी गई है। मजाकिया अंदाज में कहा गया है कि ऐसा करने पर HR कार्रवाई कर सकता है। अंत में लिखा है, “No corporate policies were harmed” यानी किसी कॉरपोरेट नियम को नुकसान नहीं पहुंचाया गया। हालांकि, यह डिस्क्लेमर भी सोशल मीडिया यूजर्स की नाराजगी कम नहीं कर सका। विवादों से पुराना नाता, Azul पर भी मचा था बवाल यह पहली बार नहीं है जब गुरु रंधावा का कोई गाना विवादों में आया हो। अगस्त 2025 में उनके गाने Azul के म्यूजिक वीडियो पर भी सवाल उठे थे। वीडियो में गुरु रंधावा को फोटोग्राफी टीचर और एक एक्ट्रेस को स्कूल यूनिफॉर्म में छात्रा के रूप में दिखाया गया था। दर्शकों ने टीचर-स्टूडेंट के बीच फिल्माए गए कुछ दृश्यों को अनुचित बताया था। विवाद बढ़ने पर गुरु रंधावा पर पेडोफिलिया को बढ़ावा देने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए थे। उस समय विवाद बढ़ने के बाद गुरु रंधावा ने अपने इंस्टाग्राम कमेंट्स सीमित कर दिए थे और लोगों से सकारात्मक रहने की अपील की थी। अब Fine Shyt को लेकर जारी विवाद के बीच उनके ‘SISU माइंडसेट’ वाले पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स और आलोचकों की आगे क्या प्रतिक्रिया रहती है, यह देखने वाली बात होगी।
Chiranjeevi Meets Poti Mama | Actor Gets Emotional at Event

कुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक फिल्म कोरियन कनकराजू के एक इवेंट में फिल्म के एक्टर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पोटी मामा स्टेज पर भावुक होकर रो पड़े। उन्होंने बताया कि वह कई सालों से अपने आइडल चिरंजीवी से मिलने का सपना देख रहे थे। भावुक होकर वह ऑडियंस में बैठे चिरंजीवी के पास पहुंचे और उनके पैर छूकर गिर पड़े। चिरंजीवी ने उन्हें तुरंत उठाया और गले लगा लिया। इसके बाद उन्होंने पोटी मामा को अपने पास फ्रंट रो में बैठाया और उनके साथ समय बिताया। चिरंजीवी ने उन्हें एक तस्वीर भी गिफ्ट की। पोटी मामा का असली नाम भीमवरम रविंद्र है। वह मुख्य रूप से पुरानी फिल्मों के गानों पर अपने डांस वीडियो के लिए जाने जाते हैं। बता दें कि 11 अगस्त को हैदराबाद में फिल्म की ग्रैंड ‘मेगा ब्लॉकबस्टर सक्सेस सेलिब्रेशंस’ आयोजित हुई थी। इसमें मेगास्टार चिरंजीवी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे। वरुण तेज ने भी चिरंजीवी के पैर छुए इसी इवेंट से फिल्म के लीड एक्टर और चिरंजीवी के भतीजे वरुण तेज का वीडियो भी सामने आया। इसमें वरुण स्टेज पर अपने चाचा के पैर छूते नजर आए। खास बात यह है कि पैर में चोट के बावजूद वह झुककर चिरंजीवी का आशीर्वाद लेने पहुंचे। वीडियो में चिरंजीवी उन्हें संभालते हुए भी नजर आ रहे हैं। वरुण तेज की यह सादगी और परिवार के प्रति सम्मान सोशल मीडिया पर चर्चा में है। बता दें कि वरुण तेज को हाल ही में उनकी अपकमिंग फिल्म ‘भारी’ के लिए वॉलीबॉल की प्रैक्टिस करते समय घुटने में चोट लग गई थी। वरुण तेज, चिरंजीवी के छोटे भाई और अभिनेता-निर्माता नागेंद्र बाबू (नागा बाबू) के बेटे हैं। जानिए कैसी है फिल्म की कहानी वरुण तेज मुख्य भूमिका वाली फिल्म ‘कोरियन कनकराजू’ एक तेलुगु हॉरर-कॉमेडी है। फिल्म का निर्देशन मेरलपाका गांधी ने किया है। इसमें रितिका नायक और सत्या भी अहम किरदारों में हैं। फिल्म 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। 38 करोड़ के बजट वाली फिल्म ‘कोरियन कनकराजू’ ने 6 दिन में दुनिया भर में 25.54 करोड़ रुपए की कमाई कर ली है। कहानी पेनुकोंडा के रहने वाले कनकराजू की है। वह गुस्सैल और सीधा-सादा युवक है। उसकी जिंदगी तब बदल जाती है, जब एक रहस्यमयी चीज के जरिए उसके शरीर में एक कोरियाई गैंगस्टर की आत्मा आ जाती है। इसके बाद कनकराजू का व्यवहार पूरी तरह बदल जाता है। वह कोरियाई भाषा बोलने लगता है और उसके अंदर कुछ अजीब शक्तियां भी आ जाती हैं। …………. यह खबर भी पढ़ें… साउथ एक्टर वरुण तेज बने पिता:पत्नी लावण्या ने बेटे को जन्म दिया, अल्लू अर्जुन-राम चरण ने दी शुभकामनाएं तेलुगु एक्टर वरुण तेज और उनकी पत्नी और एक्ट्रेस लावण्या त्रिपाठी के पहले बच्चे का जन्म पिछले साल 10 सितंबर को हुआ था। कपल ने बच्चे के जन्म की जानकारी इंस्टाग्राम पर दी थी। वरुण तेज ने ब्लैक एंड व्हाइट फोटो पोस्ट की थी, जिसमें वे, लावण्या और उनका नवजात बच्चा नजर आ रहे हैं। फोटो के कैप्शन में लिखा था, “हमारा नन्हा राजकुमार। 10.09.2025।” पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
UN रिपोर्ट-2025 लाल किला धमाके में अल-कायदा का हाथ था:इसी ने लॉजिस्टिक्स, फाइनेंशियल नेटवर्क बनाया; 10 नवंबर को हुए ब्लास्ट में 11 मौतें हुई थीं

लाल किले के पास हुए धमाके के पीछे अल-कायदा से जुड़े संगठन का हाथ था। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 38वीं रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। 10 नवंबर 2025 की शाम लाल किले के पास हुए इस धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) ने इस धमाके को अंजाम दिया। इसमें कहा गया है कि AQIS अब छोटे-छोटे सेल के जरिए काम कर रहा है और उसने अपना लॉजिस्टिक्स व फाइनेंशियल नेटवर्क भी तैयार कर लिया है। हालांकि, इससे पहले आई UNSC की 37वीं रिपोर्ट में एक सदस्य देश ने इस हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का हाथ बताया था। यानी, इस हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की लगातार दो रिपोर्टों में दो अलग-अलग आतंकी संगठनों के नाम सामने आए हैं। 10 नवंबर 2025 की शाम दहल उठी थी दिल्ली दिल्ली के ऐतिहासिक रेड फोर्ट इलाके में 10 नवंबर 2025 की शाम अचानक एक जोरदार धमाका हुआ था। धमाका इतना भीषण था कि आसपास खड़ी गाड़ियों के शीशे टूट गए थे। कई दुकानों और इमारतों को भी नुकसान पहुंचाथा। इस धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। शुरुआती जांच में ही जांच एजेंसियों को शक हो गया था कि यह कोई साधारण ब्लास्ट नहीं, बल्कि हाई-इंटेंसिटी VBIED हमला था। घटना के बाद पूरे दिल्ली-NCR में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया था। देश की कई सुरक्षा एजेंसियों और फॉरेंसिक टीमें मौके पर पहुंची थी।बाद में इस केस की गंभीरता को देखते हुए जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई थी। NIA की रिपोर्ट में नवंबर 2025 के लाल किला कार ब्लास्ट केस में NIA ने 11 आरोपियों के खिलाफ करीब 7,500 पेज की चार्जशीट दाखिल की है। राउज एवेन्यू कोर्ट इस पर 27 अगस्त को सुनवाई करेगा। चार्जशीट में 580 से ज्यादा गवाहों के बयान भी शामिल हैं। खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
UN रिपोर्ट-2025 लाल किला धमाके में अल-कायदा का हाथ था:इसी ने लॉजिस्टिक्स, फाइनेंशियल नेटवर्क बनाया; नवंबर में हुए ब्लास्ट में 11 मौतें हुई थीं

लाल किले के पास हुए धमाके के पीछे अल-कायदा से जुड़े संगठन का हाथ था। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 38वीं रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। 10 नवंबर 2025 की शाम लाल किले के पास हुए इस धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) ने इस धमाके को अंजाम दिया। इसमें कहा गया है कि AQIS अब छोटे-छोटे सेल के जरिए काम कर रहा है और उसने अपना लॉजिस्टिक्स व फाइनेंशियल नेटवर्क भी तैयार कर लिया है। इससे पहले आई UNSC की 37वीं रिपोर्ट में एक सदस्य देश ने इस हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का हाथ बताया था। यानी, इस हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की लगातार दो रिपोर्टों में दो अलग-अलग आतंकी संगठनों के नाम सामने आए हैं। हालांकि,NIA की चार्जशीट में दावा किया गया था कि आरोपी AQIS से जुड़े थे। AQIS बांग्लादेश में भी अपने आतंकी सेल बनाने की कोशिश कर रहा UNSC की एनालिटिकल सपोर्ट एंड सैंक्शंस मॉनिटरिंग टीम की यह रिपोर्ट सोमवार को जारी की गई। इसमें कहा गया है कि AQIS अब बिखरे हुए छोटे आतंकी संगठन की बजाय एक क्षेत्रीय आतंकी नेटवर्क के रूप में विकसित हो चुका है। संगठन ने अपना लॉजिस्टिक्स और फाइनेंशियल नेटवर्क तैयार कर लिया है और अब बड़े समूहों के बजाय छोटे-छोटे, अलग-अलग सेल के जरिए काम कर रहा है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि AQIS बांग्लादेश में भी अपने आतंकी सेल बनाने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्ट में इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया गया है। रासायनिक और जैविक हथियार बनाने की कोशिश में जुटा अलकायदा रिपोर्ट में कहा गया है कि अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट (ISIL/दाएश) लंबे समय से ऐसे जहरीले रासायनिक और जैविक हथियार बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिनसे बड़ी संख्या में लोगों को नुकसान पहुंचाया जा सके। हालांकि, अब तक वे इसमें पूरी तरह सफल नहीं हो पाए हैं, क्योंकि ऐसे हथियार बनाना बेहद मुश्किल काम है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन आतंकी संगठनों से जुड़े ऑनलाइन नेटवर्क पर अब भी ऐसे जहरीले पदार्थ बनाने के तरीके और जानकारी साझा की जा रही है। फरवरी में ISIL की अंग्रेजी पत्रिका ‘इनवेड’ में बोटुलिनम टॉक्सिन और साइनाइड जैसे जहरीले पदार्थ तैयार करने से जुड़े निर्देश प्रकाशित किए गए थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ISIL-K ने पिछले 12 महीनों के दौरान अपने नेटवर्क में ‘राइसिन’ नाम के एक बेहद जहरीले विष को तैयार करने से जुड़ी जानकारी भी साझा की है। 2014 में बना था AQIS AQIS अल-कायदा का दक्षिण एशिया में सक्रिय संगठन है। इसको सितंबर 2014 में अल-कायदा प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी ने बनाया था। इसका मकसद भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों में अल-कायदा का नेटवर्क बढ़ाना था। अमेरिकी नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के मुताबिक, AQIS फिलहाल मुख्य रूप से अफगानिस्तान में सक्रिय है, जबकि इसके नेटवर्क की गतिविधियां पाकिस्तान, भारत और बांग्लादेश में भी बताई गई हैं। यह संगठन बड़े हमलों के बजाय छोटे-छोटे सेल के जरिए काम करता है और हत्या, हथियारबंद हमले, घात लगाकर हमला और आत्मघाती हमले जैसी गतिविधियों में शामिल रहा है। अमेरिका ने 2016 में इसे विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया था। NIA ने भी AQIS का हाथ बताया था NIA ने मई में 11 आरोपियों के खिलाफ करीब 7,500 पेज की चार्जशीट दाखिल की है। राउज एवेन्यू कोर्ट इस पर 27 अगस्त को सुनवाई करेगा। चार्जशीट में 580 से ज्यादा गवाहों के बयान भी शामिल हैं। इसमें दावा किया गया था कि सभी आरोपी आतंकी संगठन सार गजवत-उल-हिंद और अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े थे। धमाके में इस्तेमाल TATP विस्फोटक आरोपियों ने खुद तैयार किया था NIA की जांच में सामने आया था कि कुछ आरोपी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित मेडिकल प्रोफेशनल थे। 2022 में श्रीनगर में हुई एक गुप्त बैठक में उन्होंने “AGuH Interim” नाम से संगठन को फिर सक्रिय किया और “Operation Heavenly Hind” शुरू किया था। आरोपियों ने नए सदस्यों की भर्ती और बड़े पैमाने पर विस्फोटक तैयार किया था। एजेंसी ने बताया कि धमाके में इस्तेमाल TATP विस्फोटक आरोपियों ने खुद तैयार किया था। इसके लिए केमिकल और उपकरण ऑनलाइन व ऑफलाइन जुटाए गए थे। जांच में यह भी सामने आया था कि आरोपी AK-47, Krinkov राइफल और अन्य हथियार जुटाने के साथ-साथ ड्रोन और रॉकेट ऑपरेटेड IED पर भी प्रयोग कर रहे थे। IA ने अब तक इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। 10 नवंबर 2025 की शाम दहल उठी थी दिल्ली दिल्ली के ऐतिहासिक रेड फोर्ट इलाके में 10 नवंबर 2025 की शाम अचानक एक जोरदार धमाका हुआ था। धमाका इतना भीषण था कि आसपास खड़ी गाड़ियों के शीशे टूट गए थे। कई दुकानों और इमारतों को भी नुकसान पहुंचाथा। इस धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। शुरुआती जांच में ही जांच एजेंसियों को शक हो गया था कि यह कोई साधारण ब्लास्ट नहीं, बल्कि हाई-इंटेंसिटी VBIED हमला था। घटना के बाद पूरे दिल्ली-NCR में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया था। देश की कई सुरक्षा एजेंसियों और फॉरेंसिक टीमें मौके पर पहुंची थी।बाद में इस केस की गंभीरता को देखते हुए जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई थी। खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
White House Press Secretary Karoline Leavitt Resigns

वॉशिंगटन डीसी5 मिनट पहले कॉपी लिंक व्हाइट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट। (फाइल फोटो) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिनी जाने वाली व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 28 साल की लेविट इस महीने के आखिर में व्हाइट हाउस छोड़ देंगी। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि लेविट अब अपने परिवार और दो छोटे बच्चों को ज्यादा समय देना चाहती हैं। हालांकि, वह ट्रम्प की बाहरी सलाहकार बनी रहेंगी और रिपब्लिकन पार्टी के लिए काम करती रहेंगी। लेविट 27 साल की उम्र में अमेरिका के इतिहास की सबसे कम उम्र की व्हाइट हाउस प्रेस सचिव बनी थीं। मई में बेटी के जन्म के बाद वह कुछ समय के मातृत्व अवकाश पर गई थीं और कुछ दिन पहले काम पर लौटी थीं। उनका एक दो साल का बेटा भी है। प्रेस सचिव रहते हुए कई बार विवादों में रहीं लेविट करीब 20 महीने तक कैरोलिन लेविट व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सबसे भरोसेमंद प्रवक्ता रहीं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब भी ट्रम्प की नीतियों, फैसलों या विवादों पर मुश्किल सवाल पूछे जाते, तो उनका जवाब देने की जिम्मेदारी अक्सर लेविट ही संभालती थीं। उन्होंने कई बार ट्रम्प का आक्रामक तरीके से बचाव किया और मीडिया के सवालों का तीखे अंदाज में जवाब दिया। प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पत्रकारों के साथ उनकी कई बार तीखी नोकझोंक हुई, जो सुर्खियों में रही। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सवाल पूछने वाले एक रिपोर्टर को ‘वामपंथी सोच वाला’ और ‘पत्रकार के नाम पर कलंक’ तक कह दिया था। इस बयान के बाद काफी विवाद हुआ। लेविट कई बार मेनस्ट्रीम मीडिया पर पक्षपात का आरोप भी लगाती थीं। उनका कहना था कि कुछ मीडिया संस्थान ट्रम्प सरकार के खिलाफ एजेंडा चलाते हैं। वहीं, उन पर आरोप लगता था कि वे पत्रकारों के सवालों से बचने के लिए उन पर व्यक्तिगत हमले करती हैं। खबर अपडेट हो रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Kangana Ranaut Statement on Naseeruddin Shah Controversy

4 मिनट पहले कॉपी लिंक नसीरुद्दीन शाह और कंगना ने किसी फिल्म में स्क्रीन शेयर नहीं की है। हालांकि, साल 2018 में दोनों ने ‘फिल्म कम्पैनियन’ के एक टॉक शो में एक-दूसरे के साथ बातचीत की थी। कंगना रनोट ने सीनियर एक्टर नसीरुद्दीन शाह को ‘लोमड़ी’ कहने को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री का यह रवैया नया नहीं है। कंगना के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पर कई लोगों ने ‘घड़ियाली आंसू’ बहाए थे, लेकिन अब झारखंड में बच्चों के साथ कथित ज्यादती पर वही लोग चुप हैं। कंगना ने कहा, ‘जब संसद पर अटैक हो रहा था, मेरे कई सांसद दोस्तों की गाड़ियों पर लोग चढ़ गए थे और उनके शीशे तोड़ दिए गए थे। मेरे घर के बाहर भी करीब 2,500 लोग जमा थे। इतनी पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी कि रात को हम सो नहीं पाए। उस समय ये लोग घड़ियाली आंसू रो रहे थे, लेकिन अब जब झारखंड में बच्चों पर जुल्म हो रहे हैं, तो क्या वो Gen Z नहीं हैं?’ उन्होंने आगे कहा कि देश और प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने वालों को ही Gen Z मानना गलत है। कंगना बोलीं कि वह खुद युवा हैं, कामकाजी महिला हैं और करियर बनाने वाली महिला हैं। इसलिए उन्हें युवा-विरोधी बताना सही नहीं है। कंगना मंडी लोकसभा सीट से बीजेपी की सांसद हैं। कंगना ने फिल्म इंडस्ट्री पर निशाना साधते हुए कहा कि जंतर-मंतर के मुद्दे पर आंसू बहाने वालों को झारखंड में बच्चों के लिए भी आवाज उठानी चाहिए। नसीरुद्दीन शाह के वीडियो का जिक्र करते हुए कंगना ने कहा कि उन्होंने वीडियो में ऐसी बातें और धमकियां दी थीं, जिन्हें वह बेहद आपत्तिजनक मानती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के निर्वाचित नेता हैं और लोकतंत्र की गरिमा के तहत उनके पद का सम्मान किया जाना चाहिए। कंगना ने कहा, इतनी गंदी-गंदी, इतनी भद्दी-भद्दी बातें और धमकाना, ‘देश से निकल जाओ’, ‘तुम्हें जला देंगे’, ‘तुम्हें मार देंगे’, यह क्या, कोई आपको लगता है, क्या यह सभ्य बातें हैं? पाकिस्तान प्रेम पर कंगना ने सवाल उठाया कंगना ने कहा, ‘और जब देखो, जो चाहे उनकी फिल्में हों, चाहे उनकी बातें हों, चाहे उनके इंटरव्यूज हों, यह पाकिस्तान की प्रेम कथा कब खत्म होगी? जब देखो पाकिस्तान के प्रेम में यह मरे रहते हैं। मैं जानना चाहती हूं कि अब बंटवारे को इतने साल बीत चुके हैं, फिर यह प्रेम कहानी खत्म क्यों नहीं हो रही है?’ उन्होंंने आगे कहा, ;जब इतने ज्यादा, चाहे वो पहलगाम अटैक हो, चाहे वो हमने ऑपरेशन सिंदूर किया हो, देश कहीं और जा रहा है, सेनाएं कहीं और जा रही हैं, नागरिकों का कहीं कुछ और संघर्ष हैं पड़ोसी देशों को लेकर, यह बॉलीवुड की लव स्टोरी पाकिस्तान के साथ खत्म कब होगी?’ नसीरुद्दीन शाह को लेकर कंगना ने क्या कहा था? दरअसल, नसीरुद्दीन शाह पर पीयूष मिश्रा के बयान पर रिएक्शन देते हुए कंगना रनोट ने मंगलवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा था, सच तो यह है कि हर कोई किसी न किसी का कुत्ता है, लेकिन मुझे इस बात का गर्व है कि मैं जिस घर (देश) की रोटी खाती हूं, उसकी रखवाली करती हूं और उसके लिए लड़ती हूं। नसीर साहब खाते तो इस देश का हैं, लेकिन लड़ते पड़ोसी देश के लिए हैं। आज के समय में इंसानों के लिए कुत्ता कहलाना भी एक तारीफ है, क्योंकि वफादारी और क्यूटनेस अब बहुत दुर्लभ हो गई है। नसीरुद्दीन जैसे लोमड़ी बनने से तो कुत्ता बनना ही बेहतर है। कंगना की स्टोरी। क्या था नसीरुद्दीन शाह का बयान? दरअसल, दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट पर शुरुआत में सेलेब्स की चुप्पी पर बात करते हुए नसीरुद्दीन शाह ने द वायर से बात करते हुए कहा था, ‘सेलेब्स तब बोलेंगे, जब उनका जमीर उनसे ऐसा करने को बोलेगा। एक कहावत है कि जिस कुत्ते के मुंह में हड्डी होती है, वो भौंक नहीं सकता। जैसे ही हड्डी उसके मुंह से गिरेगी या दांत टूटेंगे, तब वो भौंकेगा।’ …………. कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… ‘गटर जेनरेशन’ टिप्पणी मामले में अभिनेत्री कंगना की बढ़ी मुश्किल:आगरा कार्ट में परिवाद दर्ज, 21 अगस्त को होगी अगली सुनवाई जंतर-मंतर पर पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं को लेकर कंगना रनोट की टिप्पणी अब आगरा कोर्ट पहुंच गई है। प्रदर्शनकारियों को ‘गटर जेनरेशन’ बताने और उनकी परवरिश पर सवाल उठाने वाली सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में आगरा की स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए में परिवाद दाखिल किया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Kangana Ranaut Statement on Naseeruddin Shah Controversy

22 मिनट पहले कॉपी लिंक नसीरुद्दीन शाह और कंगना ने किसी फिल्म में स्क्रीन शेयर नहीं की है। हालांकि, साल 2018 में दोनों ने ‘फिल्म कम्पैनियन’ के एक टॉक शो में एक-दूसरे के साथ बातचीत की थी। कंगना रनोट ने सीनियर एक्टर नसीरुद्दीन शाह को ‘लोमड़ी’ कहने को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री का यह रवैया नया नहीं है। कंगना के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पर कई लोगों ने ‘घड़ियाली आंसू’ बहाए थे, लेकिन अब झारखंड में बच्चों के साथ कथित ज्यादती पर वही लोग चुप हैं। कंगना ने कहा, ‘जब संसद पर अटैक हो रहा था, मेरे कई सांसद दोस्तों की गाड़ियों पर लोग चढ़ गए थे और उनके शीशे तोड़ दिए गए थे। मेरे घर के बाहर भी करीब 2,500 लोग जमा थे। इतनी पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी कि रात को हम सो नहीं पाए। उस समय ये लोग घड़ियाली आंसू रो रहे थे, लेकिन अब जब झारखंड में बच्चों पर जुल्म हो रहे हैं, तो क्या वो Gen Z नहीं हैं?’ उन्होंने आगे कहा कि देश और प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने वालों को ही Gen Z मानना गलत है। कंगना बोलीं कि वह खुद युवा हैं, कामकाजी महिला हैं और करियर बनाने वाली महिला हैं। इसलिए उन्हें युवा-विरोधी बताना सही नहीं है। कंगना मंडी लोकसभा सीट से बीजेपी की सांसद हैं। कंगना ने फिल्म इंडस्ट्री पर निशाना साधते हुए कहा कि जंतर-मंतर के मुद्दे पर आंसू बहाने वालों को झारखंड में बच्चों के लिए भी आवाज उठानी चाहिए। नसीरुद्दीन शाह के वीडियो का जिक्र करते हुए कंगना ने कहा कि उन्होंने वीडियो में ऐसी बातें और धमकियां दी थीं, जिन्हें वह बेहद आपत्तिजनक मानती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के निर्वाचित नेता हैं और लोकतंत्र की गरिमा के तहत उनके पद का सम्मान किया जाना चाहिए। कंगना ने कहा, इतनी गंदी-गंदी, इतनी भद्दी-भद्दी बातें और धमकाना, ‘देश से निकल जाओ’, ‘तुम्हें जला देंगे’, ‘तुम्हें मार देंगे’, यह क्या, कोई आपको लगता है, क्या यह सभ्य बातें हैं? पाकिस्तान प्रेम पर कंगना ने सवाल उठाया कंगना ने कहा, ‘और जब देखो, जो चाहे उनकी फिल्में हों, चाहे उनकी बातें हों, चाहे उनके इंटरव्यूज हों, यह पाकिस्तान की प्रेम कथा कब खत्म होगी? जब देखो पाकिस्तान के प्रेम में यह मरे रहते हैं। मैं जानना चाहती हूं कि अब बंटवारे को इतने साल बीत चुके हैं, फिर यह प्रेम कहानी खत्म क्यों नहीं हो रही है?’ उन्होंंने आगे कहा, ;जब इतने ज्यादा, चाहे वो पहलगाम अटैक हो, चाहे वो हमने ऑपरेशन सिंदूर किया हो, देश कहीं और जा रहा है, सेनाएं कहीं और जा रही हैं, नागरिकों का कहीं कुछ और संघर्ष हैं पड़ोसी देशों को लेकर, यह बॉलीवुड की लव स्टोरी पाकिस्तान के साथ खत्म कब होगी?’ नसीरुद्दीन शाह को लेकर कंगना ने क्या कहा था? दरअसल, नसीरुद्दीन शाह पर पीयूष मिश्रा के बयान पर रिएक्शन देते हुए कंगना रनोट ने मंगलवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा था, सच तो यह है कि हर कोई किसी न किसी का कुत्ता है, लेकिन मुझे इस बात का गर्व है कि मैं जिस घर (देश) की रोटी खाती हूं, उसकी रखवाली करती हूं और उसके लिए लड़ती हूं। नसीर साहब खाते तो इस देश का हैं, लेकिन लड़ते पड़ोसी देश के लिए हैं। आज के समय में इंसानों के लिए कुत्ता कहलाना भी एक तारीफ है, क्योंकि वफादारी और क्यूटनेस अब बहुत दुर्लभ हो गई है। नसीरुद्दीन जैसे लोमड़ी बनने से तो कुत्ता बनना ही बेहतर है। कंगना की स्टोरी। क्या था नसीरुद्दीन शाह का बयान? दरअसल, दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट पर शुरुआत में सेलेब्स की चुप्पी पर बात करते हुए नसीरुद्दीन शाह ने द वायर से बात करते हुए कहा था, ‘सेलेब्स तब बोलेंगे, जब उनका जमीर उनसे ऐसा करने को बोलेगा। एक कहावत है कि जिस कुत्ते के मुंह में हड्डी होती है, वो भौंक नहीं सकता। जैसे ही हड्डी उसके मुंह से गिरेगी या दांत टूटेंगे, तब वो भौंकेगा।’ …………. कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… ‘गटर जेनरेशन’ टिप्पणी मामले में अभिनेत्री कंगना की बढ़ी मुश्किल:आगरा कार्ट में परिवाद दर्ज, 21 अगस्त को होगी अगली सुनवाई जंतर-मंतर पर पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं को लेकर कंगना रनोट की टिप्पणी अब आगरा कोर्ट पहुंच गई है। प्रदर्शनकारियों को ‘गटर जेनरेशन’ बताने और उनकी परवरिश पर सवाल उठाने वाली सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में आगरा की स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए में परिवाद दाखिल किया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔








