Friday, 21 Aug 2026 | 11:03 PM

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ट्रम्प बोले- जल्द होर्मुज को कंट्रोल में लेंगे:ईरान की नेवी-एयरफोर्स खत्म, कुछ मिसाइल और ड्रोन बचे; परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे

ट्रम्प बोले- जल्द होर्मुज को कंट्रोल में लेंगे:ईरान की नेवी-एयरफोर्स खत्म, कुछ मिसाइल और ड्रोन बचे; परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका जल्द होर्मुज को कंट्रोल में लेगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान की नेवी और एयरफोर्स खत्म हो चुकी है। अब उसके पास कुछ मिसाइल और ड्रोन ही बचे हैं। ट्रम्प ने 77 WABC को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन बनाने की क्षमता भी पहले के मुकाबले काफी कम हो गई है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की लीडरशिप को भी भारी नुकसान हुआ है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई का मुख्य मकसद उसे परमाणु हथियार बनाने से रोकना है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें दोबारा फैसला लेना पड़े तो वह फिर यही कार्रवाई करेंगे। ट्रम्प ने कहा, “ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा और न ही वह इसे हासिल करेगा।” खबर अपडेट हो रही है…

Trump Claims Iran Navy Airforce Destroyed

Trump Claims Iran Navy Airforce Destroyed

49 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट को अपने कंट्रोल में ले लेगा। ट्रम्प ने अमेरिकी रेडियो नेटवर्क 77 WABC को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान की सेवी, एयर फोर्स और सैन्य नेतृत्व को बड़ा नुकसान पहुंचा है। ट्रम्प ने दोहराया कि अमेरिका किसी भी हाल में ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा। ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई जरूरी थी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आगे भी ऐसा खतरा हुआ तो अमेरिका फिर से कड़ा कदम उठा सकता है। ट्रम्प बोले- ईरान से बातचीत मुश्किल ट्रम्प ने कहा कि ईरान के कई बड़े नेता अब नहीं रहे हैं। इसके चलते नए समझौते पर बातचीत मुश्किल हो गई है। उन्होंने कहा, फिलहाल यह भी साफ नहीं है कि ईरान में फैसले कौन ले रहा है। ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान आर्थिक संकट से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि देश में महंगाई बहुत ज्यादा है। सेना को वेतन देने में भी दिक्कतें आ रही हैं। ईरान की मदद करने वालों को भी चेतावनी ट्रम्प का बयान ऐसे समय पर आया है जब अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए नए आर्थिक प्रतिबंध का ऐलान किया है। ट्रम्प प्रशासन ने कहा है कि ईरान को आर्थिक मदद देने वाले देशों और संस्थाओं के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि अब दुनिया के देशों को तय करना होगा कि वे अमेरिका के साथ खड़े हैं या ईरान के साथ। ईरान का जवाब- अमेरिकी प्रतिबंधों से नहीं झुकेंगे ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका की नई रणनीति को बेअसर बताया है। उन्होंने कहा कि ईरान दशकों से प्रतिबंधों का सामना करता आया है। केवल आर्थिक दबाव के जरिए उसे झुकाया नहीं जा सकता। उनके मुताबिक, अमेरिका की यह नीति अब तक सफल नहीं हुई है और आगे भी संभावना कम है। ——————————– यह भी पढ़ें… होर्मुज में अमेरिका पर ईरान भारी पड़ रहा: ट्रम्प की धमकी के बावजूद जहाज ईरानी रूट से जा रहे होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले ज्यादातर जहाज अपनी पहचान या रास्ता छिपा रहे हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, 1 से 19 अगस्त के बीच 236 जहाज यहां से गुजरे, लेकिन 148 जहाजों की राह साफ तौर पर पता नहीं चल सकी। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

IRGC Boat Attack Hormuz Strait

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1 मिनट पहले कॉपी लिंक होर्मुज स्ट्रेट में 21 भारतीय नाविकों वाले एक कंटेनर जहाज पर ईरानी नौकाओं ने फायरिंग की थी। यह घटना 22 अप्रैल को हुई थी। भारतीय नाविकों के संगठन ने अब इस घटना का वीडियो जारी किया है। वीडियो में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) से जुड़ी नौकाओं को जहाज के आसपास देखा जा सकता है। जहाज पर फायरिंग के बाद शीशे टूटे और सामान बिखरा दिखाई देता है। एक जगह रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड दागे जाने का सीन भी दिखता है। हमले के दौरान जहाज का क्रू अपनी जान बचाने के लिए अंदर छिप गया। जहाज पर 21 भारतीय नाविक सवार थे और सभी सुरक्षित रहे। भारत ने होर्मुज में नाविकों की तैनाती पर लगाई रोक हमलों के बाद भारत ने ईरान के सामने विरोध दर्ज कराया। भारतीय शिपिंग महानिदेशालय ने भी होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती नहीं करने का निर्देश दिया। जहाजों के कप्तानों को खाड़ी और होर्मुज की सुरक्षा स्थिति पर लगातार नजर रखने और नेविगेशन से जुड़ी चेतावनियों की निगरानी करने को भी कहा गया है। खबर अपडेट हो रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

IRGC Boat Attack Hormuz Strait

IRGC Boat Attack Hormuz Strait

1 मिनट पहले कॉपी लिंक वीडियो में जहाज के कंट्रोल रूम के शीशों पर फायरिंग के निशान नजर आ रहे हैं। होर्मुज स्ट्रेट में 21 भारतीय नाविकों वाले एक कंटेनर जहाज पर ईरानी नौकाओं ने फायरिंग की थी। यह घटना 22 अप्रैल को हुई थी। भारतीय नाविकों के संगठन ने अब इस घटना का वीडियो जारी किया है। वीडियो में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) से जुड़ी नौकाओं को जहाज के आसपास देखा जा सकता है। जहाज पर फायरिंग के बाद शीशे टूटे और सामान बिखरा दिखाई देता है। एक जगह रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड दागे जाने का सीन भी दिखता है। हमले के दौरान जहाज का क्रू अपनी जान बचाने के लिए अंदर छिप गया। जहाज पर 21 भारतीय नाविक सवार थे और सभी सुरक्षित रहे। हमले के बाद जहाज के कंट्रोल में फ्लोर पर सामान बिखरा हुआ दिखाई दे रहा है। फुटेज में जहाज के सामने से IRGC की स्पीड बोट्स गुजरते हुए नजर आ रही हैं। तस्वीर में जहाज के नाविक हमले से बचने के लिए छिपे हुए दिखाई दे रहे हैं। होर्मुज में भारतीय नाविकों की तैनाती पर रोक लगा चुकी सरकार खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा खतरे के बीच भारत ने 16 जुलाई को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की नई तैनाती पर रोक लगा दी थी। यह रोक अगले आदेश तक लागू है। यह फैसला ऐसे समय लिया गया था, जब होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के इलाकों में हुए हमलों में भारतीय नाविकों की मौत हुई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 28 फरवरी से अब तक इस क्षेत्र में हुए हमलों में कम से कम 14 भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है। भारत ने जहाज मालिकों, जहाज मैनेजमेंट कंपनियों और नाविकों की भर्ती करने वाली RPSL कंपनियों को अरब की खाड़ी, होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के समुद्री इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए थे। यह रोक भारतीय नाविकों की नई तैनाती पर है। भारत के बाहर से विदेशी शिपिंग कंपनियों द्वारा भर्ती किए गए नाविकों पर यह आदेश सीधे लागू नहीं होगा। खबर अपडेट हो रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Sunita Withdraws Divorce Case Against Govinda

Sunita Withdraws Divorce Case Against Govinda

7 मिनट पहले कॉपी लिंक गोविंदा से अनबन के बीच पत्नी सुनीता ने 19 अगस्त को बांद्रा फैमिली कोर्ट पहुंचकर तलाक का केस वापस ले लिया है। अब सुनीता की मानें तो गोविंदा, गर्लफ्रेंड कोमल से दूसरी शादी का प्लान बना रहे थे, यही वजह है कि सुनीता ने विरोध करते हुए तलाक का केस वापस ले लिया है। दरअसल, हाल ही में राखी सावंत को मुंबई में स्पॉट किया गया। फोटोग्राफर्स से बातचीत के दौरान राखी ने गोविंदा की पत्नी को कॉल मिलाकर स्पीकर ऑन कर बात की। इस दौरान सुनीता को यह कहते सुना गया, “गोविंदा और कोमल शादी करने वाले थे।” राखी ने कॉल पर कहा- ‘आपने जो भी किया अच्छा किया।’ जवाब में सुनीता बोलीं- ‘मेरे सपोर्ट में तुम लोगों को बोलना चाहिए। तुम लोगों को सारी कहानी मालूम है। राखी ने कहा- ‘सुनीता जी, मैंने हमेशा बोला है कि घर का दाल-चावल घर का होता है। बाहर का चिकन टिक्का खाने से कोई फायदा नहीं है।’ इस पर सुनीता ने कहा- ‘वो (गोविंदा) उसे एयरपोर्ट ले गया है। उसे मेरी जगह दे रहा है। लोगों के मुझे कॉल आ रहे हैं। बताओ बीवी होकर मुझे कैसा लगेगा।’ ये सुनकर राखी ने कहा- ‘आप ये सब छोड़ो, 200 करोड़ पर ध्यान दो। दूसरी, तीसरी कोई आ जाएगी, तो ये 200 करोड़ ले जाएगी। पहले अपने नाम पर कर लो सब, फिर ये सब करना।’ आगे सुनीता ने कहा- ‘मैंने कल ये केस वापस ले लिया, क्योंकि ये दोनों शादी करने के प्लान में थे।’ 19 अगस्त को तलाक का केस वापस लिया सुनीता आहूजा 19 अगस्त को मुंबई के बांद्रा फैमिली कोर्ट पहुंचीं। बेटे यशवर्धन भी उनके साथ थे। कोर्ट पहुंचने पर तलाक की अटकलें तेज हो गईं, हालांकि बाद में गोविंदा के मैनेजर शशि रंजन ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कन्फर्म किया कि सुनीता ने तलाक का केस वापस ले लिया है, जो उन्होंने दिसंबर 2024 में दायर किया था। बांद्रा फैमिली कोर्ट से निकलती हुईं सुनीता। गोविंदा के मैनेजर बोले- तमाशा बनाने की क्या जरुरत थी वहीं दूसरी तरफ मैनेजर ने सुनीता के इस रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वो परिवार का तमाशा बना रही हैं। एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में मैनेजर शशि सिन्हा ने कहा, “अदालत जाने की कोई जरूरत नहीं थी। घर की बातें घर में रहकर, बैठकर बात करके सुलझ सकती हैं। जब आज याचिका वापस ही लेनी थी, तो फिर केस किया ही क्यों था? मुझे इस बात का बहुत दुख है कि बिना वजह हम सब तमाशा बन गए।” ‘दो साल से मीडिया में छवि खराब हुई’- मैनेजर मैनेजर ने बताया कि दोनों के बीच का विवाद पिछले लगभग डेढ़ से दो साल से मीडिया में चल रहा था। इससे गोविंदा और उनके परिवार की साख को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि हर शादीशुदा जिंदगी में पति-पत्नी के बीच मतभेद होते हैं, यह आम बात है। लेकिन जब मामला कोर्ट और मीडिया तक पहुंच जाता है, तो बात सार्वजनिक हो जाती है। इस पूरे मामले में तमाशा बनने से आसानी से बचा जा सकता था। दिसंबर 2024 में किया था तलाक का केस गौरतलब है कि सुनीता आहूजा ने दिसंबर 2024 में गोविंदा के खिलाफ बांद्रा फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की थी। वहीं, यह खबर पिछले साल अगस्त के महीने में सामने आई थी, जब हॉटरफ्लाई ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सुनीता ने हिंदू मैरिज एक्ट 1955 की धारा 13 (1) (i), (ia), (ib) के तहत तलाक के लिए अर्जी दी थी। याचिका में उन्होंने गोविंदा पर क्रूरता, बेवफाई और परित्याग जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। रूमर्ड गर्लफ्रेंड के साथ पब्लिकली स्पॉट हुए गोविंदा हाल ही में गोविंदा को उनकी अपकमिंग कमबैक फिल्म रूपा की को-एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ स्पॉट किया गया। गोविंदा को एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ एयरपोर्ट पर एक साथ स्पॉट किया गया था इस पर सुनीता ने कहा था, “गोविंदा अपनी बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहे हैं और उन्हें इस बात पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए।” सुनीता आहूजा ने गोविंदा साथ दिखीं एक्ट्रेस कोमल के ड्रेसिंग सेंस पर भी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि अगर सामने वाले का शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कम से कम कपड़े तो ढंग के पहनने चाहिए। पत्नी के बयानों पर गोविंदा भड़क गए थे वहीं, पत्नी सुनीता के आपत्तिजनक बयानों पर गोविंदा भड़क गए थे। गोविंदा ने चेतावनी देकर कहा था कि उन्हें हद में रहना चाहिए। साथ ही एक्टर ने को-स्टार का बचाव भी किया और कहा कि सुनीता उन्हें बदनाम करने की कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। गोविंदा ने कहा था, जो काम बाहर मिलता है, वो मैं करता नहीं हूं और जो मैं कर रहा हूं, उसमें आप हस्तक्षेप कर रही हैं। और जब अपना काम आप कर रही थीं, फिर चाहे वो कुकिंग शो (लाफ्टर शेफ) हो या लॉकअप हो, टीना (बेटी) से कहकर मुझे उसमें बुलवाया, मेरी सेवाएं लीं। खैर वो तो आपका हक है, लेकिन जिस वक्त मैंने फिल्म शुरू की है, आप एक भी कसर नहीं छोड़ रही हैं कि मैं लोगों के दिल से उतर जाऊं बदनाम हो जाऊं, या कुछ ऐसा हो जाए कि मेरा बिजनेस न हो। वहीं, गोविंदा ने को-एक्ट्रेस रानी स्वर्णकर का बचाव करते हुए कहा था, कोई गरीब परिवार के लोग अगर फिल्म में आए हैं, तो उन्हें इस तरह बदनाम या लज्जित न कीजिए कि वो भाग जाएं। आप में क्षमता है, ताकत है, इज्जत, दौलत, शोहरत, सब दिया है ऊपर वाले ने। इसका मतलब ये नहीं कि जिसके पास ये नहीं है आप उसे जलील करें। ये आप पर शोभा नहीं देता। बहुत ज्यादा मां-बहन की गालियां देने लगी हैं- गोविंदा गोविंदा ने अपने वीडियो में यह भी कहा था कि मैं ये भी कहना चाहूंगा कि सुनीता जी आप बहुत मां-बहन की गालियां देने लगी हैं। ईश्वर को मनाइए कि अगर लोग आपसे प्रेरित हो गए तो आप कहां आइना देखेंगी। कहीं आपके साथ ही लोग मां-बहन की गालियां देना शुरू कर देंगे, तो हम सब बहुत लज्जित हो जाएंगे। ये ठीक नहीं है। बहुत सस्ता कर दिया है मां-बहन का

हिंदू-मुस्लिम की सोच से बाहर आइए:कंगना रनोट ने शर्मिता टैगोर पर साधा निशाना, वंदे मातरम् पर सीनियर एक्ट्रेस के बयान पर भड़कीं

हिंदू-मुस्लिम की सोच से बाहर आइए:कंगना रनोट ने शर्मिता टैगोर पर साधा निशाना, वंदे मातरम् पर सीनियर एक्ट्रेस के बयान पर भड़कीं

दिग्गज एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर की वंदे मातरम् पर टिप्पणी के बाद कंगना रनौत ने प्रतिक्रिया दी है। शर्मिला टैगोर ने कहा था कि वंदे मातरम् के कुछ हिस्से एक ईश्वर को मानने वाले लोगों की आस्था से मेल नहीं खा सकते। उन्होंने कहा कि गीत में कई देवताओं का जिक्र है। कंगना बोलीं- हैरान हूं कि आपकी सोच इतनी छोटी है कंगना ने शर्मिला टैगोर के इंटरव्यू का वीडियो अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर शेयर किया। उन्होंने लिखा, “मैं खुश हूं कि शर्मिला जी ने वंदे मातरम् को लेकर अपनी आपत्ति के बारे में बात की। लेकिन एक कलाकार के तौर पर मैं हैरान हूं कि कला और कविता को लेकर उनकी सोच इतनी छोटी और बनावटी कैसे हो सकती है।” कंगना ने आगे लिखा, “किसी भी कविता या गीत में शब्द रूपक होते हैं। कवि या कलाकार मनचाहा असर पैदा करने के लिए हर तरह की कल्पना करता है और असंभव लगने वाली समानताएं खींचता है। विवेकानंद ने मशहूर तौर पर कहा था कि मुझे ऐसे युवा चाहिए, जो लोहे जैसे बने हों, जिनकी हड्डियां फौलाद की हों और जिनकी नसों में बिजली दौड़ती हो।” उन्होंने कहा, “विवेकानंद मौसम का अनुमान नहीं बता रहे थे। वह केवल शक्ति को जगाने की मांग कर रहे थे। कृपया हिंदू-मुस्लिम सोच से बाहर आइए।” आखिर में कंगना ने लिखा, “भले ही हम एक ईश्वर में विश्वास करते हों, डॉक्टर भी ताकत को शक्ति कहते हैं। आइए, एक-दूसरे को अपनों की तरह अपनाएं। मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं और उस जोरदार गले मिलने से भी मुझे परेशानी नहीं है, जैसा आप हमेशा देती हैं।” शर्मिला बोलीं- एक ईश्वर को मानने वालों के लिए कहना मुश्किल शर्मिला टैगोर ने आईएएनएस से अपनी बात समझाते हुए कहा, “मेरी राय यह है कि बहुत से धार्मिक लोग एक ही ईश्वर में विश्वास करते हैं, कई ईश्वरों में नहीं। वंदे मातरम् में एक अंतरा है, जिसमें कई देवताओं का जिक्र किया गया है।” उन्होंने आगे कहा, “जो लोग एक धर्म में विश्वास करते हैं, उनके लिए ‘वंदे काली, वंदे दुर्गा’ कहना मुश्किल है। इसलिए, अगर हम भारत के सभी धार्मिक लोगों को साथ लेकर चलें, तो इसके पहले दो अंतरे बहुत अच्छे हैं।” शर्मिला टैगोर ने अब तक कंगना रनौत की टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। बयानों से चर्चा में हैं कंगना रनोट GenZ को कहा गटरछाप- जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में पहुंचे स्टूडेंट पर कंगना ने कहा था, ‘मैंने अपनी जिंदगी में कभी एक जगह पर इतनी बदसूरती नहीं देखी। Gen Z के विरोध प्रदर्शनों की ये रील्स उल्टी लाने वाली हैं। जिस तरह से वे बात करते हैं और जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं। मैंने अपनी जिंदगी में कभी भी हर एक फ्रेम में सब कुछ इतना खटकने वाला और इतना भद्दा एक साथ नहीं देखा। मैं उन्हें जेनरेशन गटर कहती हूं। उनमें से कुछ के पास सिस्टम को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई-लिखाई में अच्छे नहीं हैं।’ बयान पर विवाद बढ़ने के बाद कंगना ने कहा कि पूरे देश के युवाओं को ‘गटरछाप’ नहीं कहा था। उनका बयान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में मौजूद एक खास नस्ल को लेकर था। बाबा रामदेव से कहा- मेरी जवानी के सपने न देखें- योग गुरू बाबा रामदेव ने कंगना की आलोचना की है। टीवी 9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने जेन Z को लेकर कंगना की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के जवान को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए।” कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बाबा रामदेव पर पलटवार करते हुए लिखा, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए। कोई सिर्फ अफवाहों और गॉसिप के आधार पर ही ऐसा सोच सकता है। कम से कम मुझे कभी सुप्रीम कोर्ट से झूठे या फर्जी मेडिकल दावों को लेकर फटकार नहीं लगी। इसलिए मुझे चरित्र का पाठ मत पढ़ाइए। आपका चरित्र जैसा भी है, मेरा उससे कहीं बेहतर है। यहां कोई फ्रॉड नहीं मिला है।” महिलाओं को लिखा- यौन संबंधों को अपनी आजादी बताती हैं कंगना ने पोस्ट में लिखा कि पश्चिमी सोच से प्रभावित भारतीय महिलाओं की एक नई पीढ़ी सामने आई है, जिसे वह ‘गटर जेनरेशन’ कहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ नहीं है। साथ ही, उन्होंने उनकी सोच और मानसिकता पर भी सवाल उठाए और कहा कि वे अच्छी गृहिणी बनने के लिए भी सक्षम नहीं हैं। इसके बावजूद वे अपनी आजादी का दिखावा करती हैं। नशा, शराब और अनगिनत यौन संबंधों को अपनी आजादी बताती हैं। बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर पलती हैं बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर पलती हैं। लगातार स्वतंत्र जीवन जीने की बातें करती हैं, जबकि वास्तव में वे आत्मनिर्भर होती ही नहीं। एक छोटी-सी बात याद दिला दूं, आजाद जीवन में कमाना पड़ता है। अगर बिना जिम्मेदारी उठाए स्वतंत्र बनने की कोशिश करोगे, तो तुम सिर्फ एक विकृत मानसिकता वाले इंसान हो, ‘गटर छाप’।’ बता दें कि कंगना भाजपा सांसद हैं। वह अक्सर अपने बयानों से चर्चा में रहती हैं। राजनैतिक करियर के साथ-साथ कंगना फिल्मों में भी काम कर रही हैं। जल्द ही वो तनु वेड्स मनु 3 और सीता द इन्कार्नेशन में नजर आएंगी।

हिंदू-मुस्लिम की सोच से बाहर आइए:कंगना रनोट ने शर्मिता टैगोर पर साधा निशाना, वंदे मातरम् पर सीनियर एक्ट्रेस के बयान पर भड़कीं

हिंदू-मुस्लिम की सोच से बाहर आइए:कंगना रनोट ने शर्मिता टैगोर पर साधा निशाना, वंदे मातरम् पर सीनियर एक्ट्रेस के बयान पर भड़कीं

दिग्गज एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर की वंदे मातरम् पर टिप्पणी के बाद कंगना रनौत ने प्रतिक्रिया दी है। शर्मिला टैगोर ने कहा था कि वंदे मातरम् के कुछ हिस्से एक ईश्वर को मानने वाले लोगों की आस्था से मेल नहीं खा सकते। उन्होंने कहा कि गीत में कई देवताओं का जिक्र है। कंगना बोलीं- हैरान हूं कि आपकी सोच इतनी छोटी है कंगना ने शर्मिला टैगोर के इंटरव्यू का वीडियो अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर शेयर किया। उन्होंने लिखा, “मैं खुश हूं कि शर्मिला जी ने वंदे मातरम् को लेकर अपनी आपत्ति के बारे में बात की। लेकिन एक कलाकार के तौर पर मैं हैरान हूं कि कला और कविता को लेकर उनकी सोच इतनी छोटी और बनावटी कैसे हो सकती है।” कंगना ने आगे लिखा, “किसी भी कविता या गीत में शब्द रूपक होते हैं। कवि या कलाकार मनचाहा असर पैदा करने के लिए हर तरह की कल्पना करता है और असंभव लगने वाली समानताएं खींचता है। विवेकानंद ने मशहूर तौर पर कहा था कि मुझे ऐसे युवा चाहिए, जो लोहे जैसे बने हों, जिनकी हड्डियां फौलाद की हों और जिनकी नसों में बिजली दौड़ती हो।” उन्होंने कहा, “विवेकानंद मौसम का अनुमान नहीं बता रहे थे। वह केवल शक्ति को जगाने की मांग कर रहे थे। कृपया हिंदू-मुस्लिम सोच से बाहर आइए।” आखिर में कंगना ने लिखा, “भले ही हम एक ईश्वर में विश्वास करते हों, डॉक्टर भी ताकत को शक्ति कहते हैं। आइए, एक-दूसरे को अपनों की तरह अपनाएं। मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं और उस जोरदार गले मिलने से भी मुझे परेशानी नहीं है, जैसा आप हमेशा देती हैं।” शर्मिला बोलीं- एक ईश्वर को मानने वालों के लिए कहना मुश्किल शर्मिला टैगोर ने आईएएनएस से अपनी बात समझाते हुए कहा, “मेरी राय यह है कि बहुत से धार्मिक लोग एक ही ईश्वर में विश्वास करते हैं, कई ईश्वरों में नहीं। वंदे मातरम् में एक अंतरा है, जिसमें कई देवताओं का जिक्र किया गया है।” उन्होंने आगे कहा, “जो लोग एक धर्म में विश्वास करते हैं, उनके लिए ‘वंदे काली, वंदे दुर्गा’ कहना मुश्किल है। इसलिए, अगर हम भारत के सभी धार्मिक लोगों को साथ लेकर चलें, तो इसके पहले दो अंतरे बहुत अच्छे हैं।” शर्मिला टैगोर ने अब तक कंगना रनौत की टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। बयानों से चर्चा में हैं कंगना रनोट GenZ को कहा गटरछाप- जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में पहुंचे स्टूडेंट पर कंगना ने कहा था, ‘मैंने अपनी जिंदगी में कभी एक जगह पर इतनी बदसूरती नहीं देखी। Gen Z के विरोध प्रदर्शनों की ये रील्स उल्टी लाने वाली हैं। जिस तरह से वे बात करते हैं और जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं। मैंने अपनी जिंदगी में कभी भी हर एक फ्रेम में सब कुछ इतना खटकने वाला और इतना भद्दा एक साथ नहीं देखा। मैं उन्हें जेनरेशन गटर कहती हूं। उनमें से कुछ के पास सिस्टम को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई-लिखाई में अच्छे नहीं हैं।’ बयान पर विवाद बढ़ने के बाद कंगना ने कहा कि पूरे देश के युवाओं को ‘गटरछाप’ नहीं कहा था। उनका बयान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में मौजूद एक खास नस्ल को लेकर था। बाबा रामदेव से कहा- मेरी जवानी के सपने न देखें- योग गुरू बाबा रामदेव ने कंगना की आलोचना की है। टीवी 9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने जेन Z को लेकर कंगना की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के जवान को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए।” कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बाबा रामदेव पर पलटवार करते हुए लिखा, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए। कोई सिर्फ अफवाहों और गॉसिप के आधार पर ही ऐसा सोच सकता है। कम से कम मुझे कभी सुप्रीम कोर्ट से झूठे या फर्जी मेडिकल दावों को लेकर फटकार नहीं लगी। इसलिए मुझे चरित्र का पाठ मत पढ़ाइए। आपका चरित्र जैसा भी है, मेरा उससे कहीं बेहतर है। यहां कोई फ्रॉड नहीं मिला है।” महिलाओं को लिखा- यौन संबंधों को अपनी आजादी बताती हैं कंगना ने पोस्ट में लिखा कि पश्चिमी सोच से प्रभावित भारतीय महिलाओं की एक नई पीढ़ी सामने आई है, जिसे वह ‘गटर जेनरेशन’ कहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ नहीं है। साथ ही, उन्होंने उनकी सोच और मानसिकता पर भी सवाल उठाए और कहा कि वे अच्छी गृहिणी बनने के लिए भी सक्षम नहीं हैं। इसके बावजूद वे अपनी आजादी का दिखावा करती हैं। नशा, शराब और अनगिनत यौन संबंधों को अपनी आजादी बताती हैं। बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर पलती हैं बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर पलती हैं। लगातार स्वतंत्र जीवन जीने की बातें करती हैं, जबकि वास्तव में वे आत्मनिर्भर होती ही नहीं। एक छोटी-सी बात याद दिला दूं, आजाद जीवन में कमाना पड़ता है। अगर बिना जिम्मेदारी उठाए स्वतंत्र बनने की कोशिश करोगे, तो तुम सिर्फ एक विकृत मानसिकता वाले इंसान हो, ‘गटर छाप’।’ बता दें कि कंगना भाजपा सांसद हैं। वह अक्सर अपने बयानों से चर्चा में रहती हैं। राजनैतिक करियर के साथ-साथ कंगना फिल्मों में भी काम कर रही हैं। जल्द ही वो तनु वेड्स मनु 3 और सीता द इन्कार्नेशन में नजर आएंगी।

Renuka Shahane Success Story; Casting Couch

Renuka Shahane Success Story; Casting Couch

3 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक अपनी शर्तों पर फैसले लेकर रेणुका शहाणे ने थिएटर से फिल्मों, टीवी और निर्देशन तक अलग पहचान बनाई। रेणुका शहाणे का नाम आते ही लोगों के जेहन में ‘हम आपके हैं कौन’ की संस्कारी भाभी पूजा और ‘सुरभि’ का सहज चेहरा उभरता है। लेकिन उनकी कहानी सिर्फ एक सुपरहिट फिल्म और लोकप्रिय टीवी शो तक सीमित नहीं है। मनोविज्ञान की पढ़ाई से लेकर थिएटर, टीवी, फिल्मों और निर्देशन तक रेणुका ने हर पड़ाव पर अपनी शर्तों पर काम किया। सफलता के बाद भी उन्होंने लोकप्रियता के बजाय ऐसे किरदार चुने, जिनसे उन्हें कुछ नया सीखने को मिले। इसी सोच के कारण उन्होंने कई फिल्मी ऑफर्स ठुकराए और टीवी को प्राथमिकता दी। लेकिन टीवी पर उन्होंने एक ऐसा किरदार निभाया, जो दर्शकों के लिए चौंकाने वाला था। रेणुका ने साबित किया कि लोकप्रिय छवि के पीछे एक बहुआयामी अभिनेत्री भी मौजूद है। उनके लिए स्टारडम से ज्यादा जरूरी हमेशा अच्छा काम रहा। आज की सक्सेस स्टोरी में रेणुका शहाणे के करियर और निजी जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें मनोविज्ञान पढ़ रही थीं, लेकिन एक नाटक ने जिंदगी की दिशा बदल दी 7 अक्टूबर 1966 को मुंबई में जन्मीं रेणुका शहाणे ऐसे परिवार में पली-बढ़ीं, जहां कला और साहित्य का माहौल था। उनके पिता विजय कुमार शहाणे भारतीय नौसेना में अधिकारी थे, जबकि मां शांता गोखले जानी-मानी लेखिका, थिएटर से जुड़ी शख्सियत और फिल्म समीक्षक हैं। रेणुका के भाई गिरिश शहाणे भी लेखक और कला समीक्षक हैं। रेणुका शहाणे ने सेंट जेवियर्स कॉलेज से मनोविज्ञान की पढ़ाई की। कॉलेज के सेकंड ईयर में ‘अंधेर नगरी’ नाटक का मंचन होना था। नाटक में करीब 14 गाने थे और रेणुका संगीत मंडल का हिस्सा थीं। बैकग्राउंड वोकल्स के सिलसिले में वह नाटक की पूरी प्रक्रिया से जुड़ गईं। स्क्रिप्ट से स्टेज तक का सफर देखकर उन्हें थिएटर की ताकत महसूस हुई। वह कहती हैं, “उस समय मैंने यह नहीं सोचा था कि मुझे अभिनेत्री बनना है, लेकिन यह जरूर तय किया कि मुझे थिएटर का हिस्सा बनना है।” यहीं से उनके भीतर अभिनय के प्रति नया जुनून पैदा हुआ। मां के दोस्त सत्यदेव दुबे ने पूछा- अभिनय करोगी? इस बार जवाब ‘हां’ था रेणुका की मां शांता गोखले के करीबी दोस्त और दिग्गज थिएटर निर्देशक सत्यदेव दुबे अक्सर उनके घर आते थे। वह रेणुका से बार-बार पूछते थे कि क्या वह अभिनय करेंगी। शुरुआत में वह पढ़ाई को प्राथमिकता देते हुए मना कर देती थीं। लेकिन ‘अंधेर नगरी’ के अनुभव के बाद उनका नजरिया बदल चुका था। अगली बार सत्यदेव दुबे ने वही सवाल पूछा तो रेणुका ने हामी भर दी। इसके बाद उन्होंने उनके साथ वर्कशॉप्स कीं और मराठी थिएटर की संस्था ‘अंतरनाट्य’ के साथ एक्सपेरिमेंटल थिएटर किया। उन्होंने अभिनय के साथ सेट, मेकअप, कॉस्ट्यूम और लाइटिंग जैसे काम भी सीखे। यही उनकी असली ट्रेनिंग बनी। एक्टिंग करियर नहीं, शौक था; फिर ‘सर्कस’ ने बदल दी सोच थिएटर करते-करते रेणुका की मुलाकात उस दुनिया से हुई, जिसे वह शुरू में करियर नहीं मानती थीं। उन्होंने टीवी शो ‘पीसी और मौसी’ से स्क्रीन पर शुरुआत की और इसके बाद ‘सर्कस’ में काम किया। शाहरुख खान स्टारर ‘सर्कस’ उनके लिए निर्णायक मोड़ साबित हुआ। निर्देशक अजीज मिर्जा ने उन्हें अभिनय को गंभीरता से लेने की सलाह दी। उस समय रेणुका क्लिनिकल साइकोलॉजी में एमए कर चुकी थीं और पीएचडी करने के बारे में सोच रही थीं। लेकिन अजीज मिर्जा ने उन्हें समझाया कि अभिनय में हुनर है तो इसे पेशे के रूप में आजमाना चाहिए। रेणुका ने पहली बार महसूस किया कि थिएटर का शौक अब उनका प्रोफेशन बन सकता है। पीएचडी का सपना छोड़कर चुना अभिनय, फिर ‘सुरभि’ ने घर-घर पहुंचाया ‘सर्कस’ के बाद रेणुका की जिंदगी में ‘सुरभि’ आई। सिद्धार्थ काक के साथ इस कार्यक्रम ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई। छोटे बाल, साड़ी और सहज अंदाज में नजर आने वाली रेणुका का व्यक्तित्व दर्शकों को पसंद आया। लेकिन इस मुकाम से पहले उन्होंने करियर की दिशा बदलने का बड़ा फैसला लिया था। रेणुका कहती हैं, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे अभिनेत्री बनना है। शुरुआत में तो सिर्फ थिएटर का हिस्सा बनना चाहती थी। लेकिन धीरे-धीरे एक्टिंग मेरा पैशन बन गया और फिर यही मेरा प्रोफेशन बन गया।” ‘सुरभि’ की सफलता ने उन्हें सिर्फ अभिनेत्री नहीं, बल्कि दर्शकों से सीधे जुड़ने वाला चेहरा बना दिया। ‘हम आपके हैं कौन’ की पूजा बनने से पहले ही मिल गई थी चेतावनी 1994 में सूरज बड़जात्या की फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ रिलीज हुई और रेणुका शहाणे का किरदार पूजा घर-घर में पहचान बन गया। वह माधुरी दीक्षित की बड़ी बहन और सलमान खान की भाभी बनी थीं। लेकिन रोल स्वीकार करने से पहले उन्हें एक अहम चेतावनी दी गई थी। राजकुमार बड़जात्या ने उन्हें बताया था कि भाभी का किरदार करने के बाद इंडस्ट्री उन्हें इसी तरह के रोल में देखने लग सकती है। फिर भी रेणुका ने फिल्म की। उनकी प्राथमिकता हीरोइन बनना नहीं, बल्कि अच्छा किरदार निभाना था। फिल्म की जबरदस्त सफलता के बाद यही चेतावनी सच साबित हुई और उनके सामने नई चुनौती खड़ी हो गई। फिल्म हिट हुई तो ऑफर्स बढ़े, लेकिन किरदार वही रहे ‘हम आपके हैं कौन’ के बाद रेणुका के पास फिल्मों के ऑफर्स की कमी नहीं थी। परेशानी यह थी कि ज्यादातर ऑफर्स में किरदार नहीं बदल रहे थे। उन्हें बार-बार हीरो की बहन, भाभी या ‘अच्छी भारतीय लड़की’ के रोल दिए जा रहे थे। रेणुका ने महसूस किया कि फिल्मों में उनकी पहचान एक ही तरह के किरदार में सीमित की जा रही है। दूसरी तरफ टेलीविजन पर उन्हें ज्यादा मजबूत और चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं मिल रही थीं। इसलिए उन्होंने फिल्मों से दूरी बनाकर टीवी को प्राथमिकता दी। उनके लिए सिर्फ फिल्म में काम करना उपलब्धि नहीं था। वह ऐसा काम करना चाहती थीं, जिसमें अभिनेत्री के तौर पर खुद को साबित करने की गुंजाइश हो। ‘फिल्म नहीं, अच्छा किरदार चाहिए’- यही सोच उन्हें बाकी कलाकारों से अलग करती रही फिल्मों को मना करने के फैसले के पीछे रेणुका की महत्वाकांक्षा का अलग नजरिया था। वह किसी खास मुकाम तक पहुंचने की दौड़ में शामिल नहीं थीं। उन्होंने कहा, “मेरी महत्वाकांक्षा यह नहीं थी कि मुझे

RBI Approves LIC Stake in HDFC Bank

RBI Approves LIC Stake in HDFC Bank

Hindi News Career RBI Approves LIC Stake In HDFC Bank | Bihar Govt Media Creator Fund 19 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹13,041 करोड़ की नई परियोजनाओं को मंजूरी दी 19 अगस्त को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹13,041 करोड़ की 5 बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी। इसमें चार रेलवे प्रोजेक्ट और एक हाईवे प्रोजेक्ट शामिल हैं, जिनकी कुल लागत लगभग ₹9,450 करोड़ है। इनका मुख्य उद्देश्य रेलवे की क्षमता बढ़ाना, यात्री एवं माल परिवहन को तेज करना और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना है। इन परियोजनाओं के तहत हावड़ा-चेन्नई मुख्य रेल कॉरिडोर के महत्वपूर्ण हिस्सों में अतिरिक्त लाइनें विकसित की जाएंगी। रेलवे परियोजनाओं से लगभग 1.3 करोड़ टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता जुड़ने की उम्मीद है। इसके साथ ही बिहार में NH-22 के 82.6 किमी हिस्से को 4-लेन बनाने की परियोजना को मंजूरी मिली है। कैबिनेट ने बिहार के मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा (नेपाल सीमा) तक 83 किमी लंबे 4-लेन हाईवे के निर्माण को मंजूरी दी है। बिहार की इस सड़क परियोजना की लागत लगभग ₹3,590.73 करोड़ है। ये सड़क बिहार को नेपाल सीमा से बेहतर कनेक्टिविटी देगी। इसकी लागत 3,591 करोड़ रुपये है। इसे हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत विकसित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को 30 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। इसमें सात बड़े पुल, तीन रोड ओवर ब्रिज, छह व्हीकुलर अंडरपास और बागमती नदी पर 340 मीटर लंबा बड़ा पुल शामिल होगा। इस प्रोजेक्ट से मुजफ्फरपुर से नेपाल सीमा तक का सफर 2 घंटे से घटकर सिर्फ 1 घंटा रह जाएगा। 2. RBI ने HDFC बैंक में LIC की हिस्सेदारी को मंजूरी दी 20 अगस्त को RBI ने भारतीय जीवन बीमा निगम को HDFC Bank में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की मंजूरी दी है। LIC अब HDFC Bank में अपनी कुल हिस्सेदारी 9.99% तक बढ़ा सकता है। ये मंजूरी RBI के बैंकिंग नियमन, बैंक में बड़े शेयरहोल्डिंग से जुड़े नियमों के तहत दी गई है। मंजूरी के बाद LIC को HDFC Bank में लगभग 10% तक हिस्सेदारी रखने की अनुमति होगी। 14 अगस्त तक LIC के पास HDFC Bank की कुल पेडअप शेयर कैपिटल में 4.11% हिस्सेदारी थी। LIC को बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949, RBI के कमर्शियल बैंक-एक्विजिशन एंड होल्डिंग ऑफ शेयरर्स, वोटिंग राइट डायरेक्शन, 2025, FEMA, 1999, SEBI रेगुलेशन और सभी लागू गाइडलाइन को मानना होगा। RBI की मंजूरी का मतलब ये नहीं है कि LIC तुरंत अपनी हिस्सेदारी 9.99% कर सकेगी, बल्कि LIC भविष्य में इस तय सीमा तक हिस्सेदारी बढ़ा सकेगी। HDFC Bank HDFC Bank भारत का प्रमुख निजी क्षेत्र का बैंक है। इसकी स्थापना अगस्त 1994 में हुई और जनवरी 1995 में इसे बैंकिंग लाइसेंस मिला। HDFC का हेडक्वाटर्र मुंबई महाराष्ट्र है। इसके CEO और MD शशीधर जगदीशन हैं LIC भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी है। ये एक वैधानिक निगम है, जिसकी स्थापना LIC एक्ट 1956 के तहत हुई थी। LIC ने 1 सितंबर 1956 से काम शुरू किया था और वर्तमान CEO & MD आर. दोराईस्वामी हैं। 3. बिहार सरकार मीडिया क्रिएटर्स को ₹10,000 देगी 20 अगस्त को बिहार सरकार ने सरकारी योजनाओं पर वीडियो बनाने वाले सोशल मीडिया क्रिएटर्स को ₹10,000 रुपए देगी। हर 1 लाख व्यूज पर अधिकतम ₹10,000 का भुगतान किया जा सकता है। इसके तहत सरकारी योजनाओं, कार्यक्रमों और उपलब्धियों पर वीडियो बनाने वाले पात्र/एम्पैनल्ड सोशल मीडिया क्रिएटर्स को वीडियो के परफॉर्मेंस के आधार पर एडिशनल पे भी किया जाएगा। ये पैसा वीडियो के 30 दिनों के परफॉर्मेंस के बाद व्यूज के आधार पर दिया जाएगा। एक वीडियो पर अधिकतम ₹1 लाख रूपए टतकदियए जाएंगे। इसका मतलब है कि10 लाख व्यूज तक पहुंचने वाले पात्र वीडियो पर अधिकतम ₹1 लाख मिल सकते हैं। ये पैसा हर वायरल वीडियो को ऑटोमैटिक मिलने वाला पेमेंट नहीं है। इसमें पात्रता, कंटेंट, प्लेटफॉर्म और व्यूज का वैरिफिकेशन जैसी शर्तें लागू होंगी। इन नियमों में रजिस्टर्ड सोशल मीडिया हैंडल, पेज और चैनलों के फॉलोअर्स की समय-समय पर जांच का भी प्रावधान होगा। इस पहल का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी को डिजिटल माध्यम से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है। इसकी पात्रता और भुगतान नियमों का नोटिफिकेशन बिहार सूचना एवं जनसंपर्क विभाग जल्द ही जारी करेगा। निधन (DEATH) 4. कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का निधन 20 अगस्त को कांग्रेस के पूर्व सांसद और नेता सज्जन कुमार का 80 साल की उम्र में निधन हो गया। सज्जन कुमार 1984 के सिख विरोधी दंगों के तीन मामलों में दोषी थे और तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। सज्जन मैट्रिक तक पढ़े थे और उन्होंने 1977 में दिल्ली नगर निगम पार्षद के तौर पर राजनीति शुरू की। सज्जन इसके बाद दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के महासचिव बने और 1980 में पहली बार बाहरी दिल्ली से सांसद चुने गए। 1991 और 2004 में भी इसी सीट से सांसद रहे। संसद में उन्होंने शहरी विकास और सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना से जुड़ी समितियों में काम किया। सज्जन कुमार को दिसंबर 2018 में दिल्ली हाईकोर्ट से उम्रकैद मिलने के बाद उन्होंने फरवरी 2025 में एक अन्य 1984 दंगा हत्या मामले में भी उन्हें उम्रकैद हुई। दिल्ली कैंट की पालम कॉलोनी में 5 सिखों की हत्या के बाद गुरुद्वारा जला दिया गया था। इस केस में सज्जन कुमार को दोषी पाया गया था। सितंबर, 2023 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली के सुल्तानपुरी में 3 सिखों की हत्या मामले में बरी कर दिया। दंगे में CBI की एक अहम गवाह चाम कौर ने आरोप लगाया था कि सज्जन भीड़ को भड़का रहे थे। 31 अक्टूबर 1984 को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1 नवंबर से दिल्ली समेत कई हिस्सों में सिख विरोधी दंगे भड़के थे। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में करीब 2700 और देशभर में लगभग 3500 लोगों की मौत हुई। 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामलों में शामिल होने के बाद कांग्रेस छोड़ दी थी। स्पोर्ट्स (SPORTS) 5. वेस्ली सो का तीसरा सिंकफील्ड कप खिताब जीता 20 अगस्त को फिलिपिनो-अमेरिकी चेस प्लेयर वेस्ली सो ने चेस का तीसरा सिंकफील्ड कप खिताब जीता। इससे पहले वेस्ली ने 2016

पेरू में 6.7 तीव्रता का भूकंप आया:झटके कई इलाकों में महसूस हुए, नुकसान की खबर नहीं

पेरू में 6.7 तीव्रता का भूकंप आया:झटके कई इलाकों में महसूस हुए, नुकसान की खबर नहीं

पेरू के दक्षिणी हिस्से में गुरुवार को 6.7 तीव्रता का भूकंप आया। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के मुताबिक, भूकंप से नुकसान की तुरंत कोई खबर नहीं मिली। यूएसजीएस ने बताया कि भूकंप स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 1 बजे (भारतीय समयानुसार रात 11:30 बजे) आया। इसका केंद्र आयाकूचो क्षेत्र के पैरिनाकोचास प्रांत में उपाहुआचो शहर से 38 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था। भूकंप का केंद्र 66 किमी अंदर था, कई इलाकों में झटके भूकंप की गहराई 66.7 किलोमीटर थी। दक्षिणी पेरू के कई इलाकों में इसके झटके महसूस किए गए, जिनमें इका और अरेकिपा भी शामिल हैं। पेरू में अक्सर आते हैं भूकंप पेरू प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर का हिस्सा है। यह इलाका भूकंपीय गतिविधियों के लिए जाना जाता है, इसलिए यहां अक्सर भूकंप आते हैं। साल 2007 में इका क्षेत्र के एक प्रांत में 7.9 तीव्रता का भूकंप आया था। इसमें करीब 600 लोगों की मौत हुई थी।