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हिंदू-मुस्लिम की सोच से बाहर आइए:कंगना रनोट ने शर्मिता टैगोर पर साधा निशाना, वंदे मातरम् पर सीनियर एक्ट्रेस के बयान पर भड़कीं

हिंदू-मुस्लिम की सोच से बाहर आइए:कंगना रनोट ने शर्मिता टैगोर पर साधा निशाना, वंदे मातरम् पर सीनियर एक्ट्रेस के बयान पर भड़कीं

दिग्गज एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर की वंदे मातरम् पर टिप्पणी के बाद कंगना रनौत ने प्रतिक्रिया दी है। शर्मिला टैगोर ने कहा था कि वंदे मातरम् के कुछ हिस्से एक ईश्वर को मानने वाले लोगों की आस्था से मेल नहीं खा सकते। उन्होंने कहा कि गीत में कई देवताओं का जिक्र है। कंगना बोलीं- हैरान हूं कि आपकी सोच इतनी छोटी है कंगना ने शर्मिला टैगोर के इंटरव्यू का वीडियो अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर शेयर किया। उन्होंने लिखा, “मैं खुश हूं कि शर्मिला जी ने वंदे मातरम् को लेकर अपनी आपत्ति के बारे में बात की। लेकिन एक कलाकार के तौर पर मैं हैरान हूं कि कला और कविता को लेकर उनकी सोच इतनी छोटी और बनावटी कैसे हो सकती है।” कंगना ने आगे लिखा, “किसी भी कविता या गीत में शब्द रूपक होते हैं। कवि या कलाकार मनचाहा असर पैदा करने के लिए हर तरह की कल्पना करता है और असंभव लगने वाली समानताएं खींचता है। विवेकानंद ने मशहूर तौर पर कहा था कि मुझे ऐसे युवा चाहिए, जो लोहे जैसे बने हों, जिनकी हड्डियां फौलाद की हों और जिनकी नसों में बिजली दौड़ती हो।” उन्होंने कहा, “विवेकानंद मौसम का अनुमान नहीं बता रहे थे। वह केवल शक्ति को जगाने की मांग कर रहे थे। कृपया हिंदू-मुस्लिम सोच से बाहर आइए।” आखिर में कंगना ने लिखा, “भले ही हम एक ईश्वर में विश्वास करते हों, डॉक्टर भी ताकत को शक्ति कहते हैं। आइए, एक-दूसरे को अपनों की तरह अपनाएं। मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं और उस जोरदार गले मिलने से भी मुझे परेशानी नहीं है, जैसा आप हमेशा देती हैं।” शर्मिला बोलीं- एक ईश्वर को मानने वालों के लिए कहना मुश्किल शर्मिला टैगोर ने आईएएनएस से अपनी बात समझाते हुए कहा, “मेरी राय यह है कि बहुत से धार्मिक लोग एक ही ईश्वर में विश्वास करते हैं, कई ईश्वरों में नहीं। वंदे मातरम् में एक अंतरा है, जिसमें कई देवताओं का जिक्र किया गया है।” उन्होंने आगे कहा, “जो लोग एक धर्म में विश्वास करते हैं, उनके लिए ‘वंदे काली, वंदे दुर्गा’ कहना मुश्किल है। इसलिए, अगर हम भारत के सभी धार्मिक लोगों को साथ लेकर चलें, तो इसके पहले दो अंतरे बहुत अच्छे हैं।” शर्मिला टैगोर ने अब तक कंगना रनौत की टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। बयानों से चर्चा में हैं कंगना रनोट GenZ को कहा गटरछाप- जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में पहुंचे स्टूडेंट पर कंगना ने कहा था, ‘मैंने अपनी जिंदगी में कभी एक जगह पर इतनी बदसूरती नहीं देखी। Gen Z के विरोध प्रदर्शनों की ये रील्स उल्टी लाने वाली हैं। जिस तरह से वे बात करते हैं और जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं। मैंने अपनी जिंदगी में कभी भी हर एक फ्रेम में सब कुछ इतना खटकने वाला और इतना भद्दा एक साथ नहीं देखा। मैं उन्हें जेनरेशन गटर कहती हूं। उनमें से कुछ के पास सिस्टम को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई-लिखाई में अच्छे नहीं हैं।’ बयान पर विवाद बढ़ने के बाद कंगना ने कहा कि पूरे देश के युवाओं को ‘गटरछाप’ नहीं कहा था। उनका बयान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में मौजूद एक खास नस्ल को लेकर था। बाबा रामदेव से कहा- मेरी जवानी के सपने न देखें- योग गुरू बाबा रामदेव ने कंगना की आलोचना की है। टीवी 9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने जेन Z को लेकर कंगना की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के जवान को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए।” कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बाबा रामदेव पर पलटवार करते हुए लिखा, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए। कोई सिर्फ अफवाहों और गॉसिप के आधार पर ही ऐसा सोच सकता है। कम से कम मुझे कभी सुप्रीम कोर्ट से झूठे या फर्जी मेडिकल दावों को लेकर फटकार नहीं लगी। इसलिए मुझे चरित्र का पाठ मत पढ़ाइए। आपका चरित्र जैसा भी है, मेरा उससे कहीं बेहतर है। यहां कोई फ्रॉड नहीं मिला है।” महिलाओं को लिखा- यौन संबंधों को अपनी आजादी बताती हैं कंगना ने पोस्ट में लिखा कि पश्चिमी सोच से प्रभावित भारतीय महिलाओं की एक नई पीढ़ी सामने आई है, जिसे वह ‘गटर जेनरेशन’ कहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ नहीं है। साथ ही, उन्होंने उनकी सोच और मानसिकता पर भी सवाल उठाए और कहा कि वे अच्छी गृहिणी बनने के लिए भी सक्षम नहीं हैं। इसके बावजूद वे अपनी आजादी का दिखावा करती हैं। नशा, शराब और अनगिनत यौन संबंधों को अपनी आजादी बताती हैं। बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर पलती हैं बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर पलती हैं। लगातार स्वतंत्र जीवन जीने की बातें करती हैं, जबकि वास्तव में वे आत्मनिर्भर होती ही नहीं। एक छोटी-सी बात याद दिला दूं, आजाद जीवन में कमाना पड़ता है। अगर बिना जिम्मेदारी उठाए स्वतंत्र बनने की कोशिश करोगे, तो तुम सिर्फ एक विकृत मानसिकता वाले इंसान हो, ‘गटर छाप’।’ बता दें कि कंगना भाजपा सांसद हैं। वह अक्सर अपने बयानों से चर्चा में रहती हैं। राजनैतिक करियर के साथ-साथ कंगना फिल्मों में भी काम कर रही हैं। जल्द ही वो तनु वेड्स मनु 3 और सीता द इन्कार्नेशन में नजर आएंगी।

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