Friday, 16 Oct 2026 | 10:47 AM

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Shabana Azmi Statement | Javed Akhtar Facing Hate From Extremists

Shabana Azmi Statement | Javed Akhtar Facing Hate From Extremists

22 मिनट पहले कॉपी लिंक शबाना आजमी ने हालिया इंटरव्यू में कहा है कि उन्हें और जावेद अख्तर को हिंदू और मुस्लिम हर वर्ग से नफरत मिलती है। उन्होंने कहा कि कई बार उन पर फतवे लगाए गए और कई बार उन्हें आतंकवादी तक कहा जाता है। शबाना आजमी ने जूम को दिए इंटरव्यू में कहा है, ‘जावेद और मेरे हम दोनों के सिर पर ये श्रेय है कि हमें दोनों इनटोलरेंट कम्युनिटी के जो हिस्से हैं, वो बर्दाश्त नहीं कर पाते। हिंदू कट्टरपंथी और मुस्लिम कट्टरपंथी दोनों। तो फिर हमें लगता है कि हमारी धर्मनिर्पेक्ष सोच तो साबित होती है।’ आगे शबाना आजमी ने कहा, ‘कभी मौलवी हमें फतवा दे रहा है, कभी कोई हमें आतंकवादी कह रहा है। मुझे ये लगता है कि हमें हिंदू-मुस्लिम नेरेटिव से ऊपर उठना होगा। और मुझे लगता है कि सिर्फ एक ही तरीका है, जिससे ये हो सकता है, वो ये कि जब हमें हिंदू- मुस्लिम के झगड़े में धकेला जाए, तो हम इसमें फंसे न। ये लड़ाई हिंदू मुस्लिम की नहीं बल्कि उदार और कट्टर रसोच रखने वाले लोगों की होनी चाहिए। लिब्रल हिंदू और लिब्रल मुस्लिम को एक साथ होना चाहिए और इनटोलरेंट हिंदू-मुस्लिम को एक साथ होना चाहिए। ऐसे ही हमारे अंदर से धर्म का जहर का निकलेगा।’ शबाना ने कहा- सनी मुस्लिम बने, इसलिए फ्लॉप हुई बंटवारा 1947, डायरेक्टर का विरोध शबाना आजमी ने हाल ही में बयान दिया है कि सनी देओल स्टारर उनकी फिल्म बंटवारा 1947, इसलिए फ्लॉप हुई, क्योंकि लोग सनी देओल को एक मुस्लिम शख्स के किरदार में नहीं देख पाए। फिल्म के डायरेक्टर राजकुमार संतोषी ने इसका विरोध किया। उन्होंने वैराइटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में कहा,“मुझे इसका कोई मतलब समझ नहीं आता। अमिताभ बच्चन ने ‘कुली’ (1983) में मुस्लिम हीरो का किरदार निभाया था। मनमोहन देसाई की कई फिल्मों में मुस्लिम हीरो थे।” आगे उन्होंने कहा, “क्या हम ऐसे दौर में पहुंच गए हैं, जहां दूसरे समुदाय के हीरो को स्वीकार नहीं कर सकते? हम समझदार, अच्छे और पढ़े-लिखे लोग हैं। वे कैसे कह रहे हैं कि फिल्म में बड़ी गलती है?” बोले- हर धर्म की अच्छी बातें अपनाना चाहता हूं राजकुमार संतोषी ने कहा, “मैं हिंदू हूं। मंदिर जाता हूं। मेरे बेटे का नाम राम है। मैं किसी धर्म के खिलाफ नहीं हूं। लेकिन मैं हर धर्म की अच्छी बातें अपनाना चाहता हूं।” क्या था शबाना आजमी का पूरा बयान? ‘बटवारा 1947’ के बॉक्स ऑफिस पर कमजोर प्रदर्शन को लेकर शबाना आजमी ने जूम से कहा, “सबसे पहले तो मैं फिल्म की कुल बॉक्स ऑफिस कमाई देखकर बहुत हैरान हूं, क्योंकि मेरे आसपास ऐसे लोग हैं, जो आकर कहते हैं कि उन्हें फिल्म बहुत पसंद आई।” उन्होंने कहा, “वे बताते हैं कि उन्हें फिल्म का संदेश पसंद आया। उनमें से बहुत से लोग मानते हैं कि आज के माहौल में इंसानियत की बात करना बहुत जरूरी है। दूसरी ओर, लोग थिएटर नहीं गए और जो लोग फिल्म देखने गए, वे उलझन भरी प्रतिक्रिया के साथ बाहर आए। समस्या यह है कि लोग सनी देओल को मुस्लिम के रूप में स्वीकार नहीं कर सकते।” शबाना का सवाल- क्या सनी ने पाकिस्तानी का किरदार निभाया है? शबाना आजमी ने कहा कि ‘बटवारा 1947’ देखने वाले लोगों ने भी शायद फिल्म को पूरी तरह नहीं समझा। उन्होंने कहा, “लोग जिस तरह प्रतिक्रिया दे रहे हैं, उससे मैं हैरान हूं। फिल्म देखने वाले लोग भी सोचते हैं कि सनी देओल ने पाकिस्तानी का किरदार निभाया है। ऐसा नहीं है। यह बात उनके दिमाग में ठीक से बैठ ही नहीं रही।” शबाना ने आगे कहा, “अगर दोनों धर्मों के लोग फिल्म से खुश नहीं हैं, तो इसका मतलब है कि यह ऐसी चीज है, जो शुद्ध और सुंदर है।” एक साथ रिलीज हुईं शबाना आजमी की दो फिल्में शबाना आजमी की एक साथ दो फिल्में बंटवारा 1947 और आवारापन 2, 14 अगस्त को साथ रिलीज हुई हैं। फिल्म बंटवारा 1947 फ्लॉप रही, जबकि आवारापन 2 ने 200 से ज्यादा का कलेक्शन कर लिया है। आवारापन 2 में शबाना आजमी ने नेगेटिव रोल निभाया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Shabana Azmi Statement | Javed Akhtar Facing Hate From Extremists

Shabana Azmi Statement | Javed Akhtar Facing Hate From Extremists

2 मिनट पहले कॉपी लिंक शबाना आजमी ने हालिया इंटरव्यू में कहा है कि उन्हें और जावेद अख्तर को हिंदू और मुस्लिम हर वर्ग से नफरत मिलती है। उन्होंने कहा कि कई बार उन पर फतवे लगाए गए और कई बार उन्हें आतंकवादी तक कहा जाता है। शबाना आजमी ने जूम को दिए इंटरव्यू में कहा है, ‘जावेद और मेरे हम दोनों के सिर पर ये श्रेय है कि हमें दोनों इनटोलरेंट कम्युनिटी के जो हिस्से हैं, वो बर्दाश्त नहीं कर पाते। हिंदू कट्टरपंथी और मुस्लिम कट्टरपंथी दोनों। तो फिर हमें लगता है कि हमारी धर्मनिर्पेक्ष सोच तो साबित होती है।’ आगे शबाना आजमी ने कहा, ‘कभी मौलवी हमें फतवा दे रहा है, कभी कोई हमें आतंकवादी कह रहा है। मुझे ये लगता है कि हमें हिंदू-मुस्लिम नेरेटिव से ऊपर उठना होगा। और मुझे लगता है कि सिर्फ एक ही तरीका है, जिससे ये हो सकता है, वो ये कि जब हमें हिंदू- मुस्लिम के झगड़े में धकेला जाए, तो हम इसमें फंसे न। ये लड़ाई हिंदू मुस्लिम की नहीं बल्कि उदार और कट्टर रसोच रखने वाले लोगों की होनी चाहिए। लिब्रल हिंदू और लिब्रल मुस्लिम को एक साथ होना चाहिए और इनटोलरेंट हिंदू-मुस्लिम को एक साथ होना चाहिए। ऐसे ही हमारे अंदर से धर्म का जहर का निकलेगा।’ शबाना ने कहा- सनी मुस्लिम बने, इसलिए फ्लॉप हुई बंटवारा 1947, डायरेक्टर का विरोध शबाना आजमी ने हाल ही में बयान दिया है कि सनी देओल स्टारर उनकी फिल्म बंटवारा 1947, इसलिए फ्लॉप हुई, क्योंकि लोग सनी देओल को एक मुस्लिम शख्स के किरदार में नहीं देख पाए। फिल्म के डायरेक्टर राजकुमार संतोषी ने इसका विरोध किया। उन्होंने वैराइटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में कहा,“मुझे इसका कोई मतलब समझ नहीं आता। अमिताभ बच्चन ने ‘कुली’ (1983) में मुस्लिम हीरो का किरदार निभाया था। मनमोहन देसाई की कई फिल्मों में मुस्लिम हीरो थे।” आगे उन्होंने कहा, “क्या हम ऐसे दौर में पहुंच गए हैं, जहां दूसरे समुदाय के हीरो को स्वीकार नहीं कर सकते? हम समझदार, अच्छे और पढ़े-लिखे लोग हैं। वे कैसे कह रहे हैं कि फिल्म में बड़ी गलती है?” बोले- हर धर्म की अच्छी बातें अपनाना चाहता हूं राजकुमार संतोषी ने कहा, “मैं हिंदू हूं। मंदिर जाता हूं। मेरे बेटे का नाम राम है। मैं किसी धर्म के खिलाफ नहीं हूं। लेकिन मैं हर धर्म की अच्छी बातें अपनाना चाहता हूं।” क्या था शबाना आजमी का पूरा बयान? ‘बटवारा 1947’ के बॉक्स ऑफिस पर कमजोर प्रदर्शन को लेकर शबाना आजमी ने जूम से कहा, “सबसे पहले तो मैं फिल्म की कुल बॉक्स ऑफिस कमाई देखकर बहुत हैरान हूं, क्योंकि मेरे आसपास ऐसे लोग हैं, जो आकर कहते हैं कि उन्हें फिल्म बहुत पसंद आई।” उन्होंने कहा, “वे बताते हैं कि उन्हें फिल्म का संदेश पसंद आया। उनमें से बहुत से लोग मानते हैं कि आज के माहौल में इंसानियत की बात करना बहुत जरूरी है। दूसरी ओर, लोग थिएटर नहीं गए और जो लोग फिल्म देखने गए, वे उलझन भरी प्रतिक्रिया के साथ बाहर आए। समस्या यह है कि लोग सनी देओल को मुस्लिम के रूप में स्वीकार नहीं कर सकते।” शबाना का सवाल- क्या सनी ने पाकिस्तानी का किरदार निभाया है? शबाना आजमी ने कहा कि ‘बटवारा 1947’ देखने वाले लोगों ने भी शायद फिल्म को पूरी तरह नहीं समझा। उन्होंने कहा, “लोग जिस तरह प्रतिक्रिया दे रहे हैं, उससे मैं हैरान हूं। फिल्म देखने वाले लोग भी सोचते हैं कि सनी देओल ने पाकिस्तानी का किरदार निभाया है। ऐसा नहीं है। यह बात उनके दिमाग में ठीक से बैठ ही नहीं रही।” शबाना ने आगे कहा, “अगर दोनों धर्मों के लोग फिल्म से खुश नहीं हैं, तो इसका मतलब है कि यह ऐसी चीज है, जो शुद्ध और सुंदर है।” एक साथ रिलीज हुईं शबाना आजमी की दो फिल्में शबाना आजमी की एक साथ दो फिल्में बंटवारा 1947 और आवारापन 2, 14 अगस्त को साथ रिलीज हुई हैं। फिल्म बंटवारा 1947 फ्लॉप रही, जबकि आवारापन 2 ने 200 से ज्यादा का कलेक्शन कर लिया है। आवारापन 2 में शबाना आजमी ने नेगेटिव रोल निभाया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

उज्बेकिस्तान में पीएम मोदी ने छात्रों से बात की:स्टूडेंट्स ने हिंदी में सुनाया कविताएं; मोदी बोले- ये मेरे दिल की भावनाएं जैसी

उज्बेकिस्तान में पीएम मोदी ने छात्रों से बात की:स्टूडेंट्स ने हिंदी में सुनाया कविताएं; मोदी बोले- ये मेरे दिल की भावनाएं जैसी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान के दो दिवसीय दौरे के दौरान ताशकंद स्थित महात्मा गांधी सेंटर का दौरा किया। यहां उज्बेक छात्रों ने हिंदी में उनकी लिखी कविताओं की कुछ पंक्तियां सुनाईं। अपनी कविताएं छात्रों की आवाज में सुनकर मोदी भावुक हो गए और कहा कि हिंदी उनकी मातृभाषा नहीं होने के बावजूद छात्रों ने कविताओं की भावनाओं को बिल्कुल उसी तरह व्यक्त किया, जैसी भावनाएं उनके दिल में थीं। इस दौरान मोदी ने उज्बेकिस्तान में भारत, महात्मा गांधी और तमिल संस्कृति को लेकर बढ़ती रुचि का जिक्र किया और तिरुक्कुरल का उज्बेक भाषा में अनुवाद करने का सुझाव दिया। वहीं, उनकी यात्रा के दौरान दोनों देशों के रिश्ते कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप तक पहुंचे और 11 समझौतों का आदान-प्रदान हुआ। उज्बेकिस्तान में भारतीय संस्कृति का बढ़ा प्रभाव कार्यक्रम में एक उज्बेक इंडोलॉजिस्ट ने कहा कि शायद दुनिया में बहुत कम ऐसे देश होंगे जहां लोगों में भारत को लेकर इतना प्यार है। उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान में लगभग हर नागरिक ‘नमस्ते’ शब्द से परिचित है। यह भी बताया कि उज्बेकिस्तान में भारतीय कला, नृत्य, संगीत, दर्शन और योग को लेकर भी लोगों की रुचि बढ़ रही है। तिरुक्कुरल का उज्बेक भाषा में हो अनुवाद PM मोदी ने तमिल साहित्य और ‘तिरुक्कुरल’ का भी जिक्र किया। उन्होंने संस्थान की 80वीं वर्षगांठ का उल्लेख करते हुए पूछा कि क्या तिरुक्कुरल का उज्बेक भाषा में अनुवाद करने की दिशा में काम किया जा सकता है। कार्यक्रम में मौजूद वक्ता ने जवाब दिया कि इसके लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। मोदी ने कहा कि तिरुक्कुरल का उज्बेक भाषा में अनुवाद होने से भारतीय दर्शन और विचारों को समझने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि दुनिया की प्राचीन भाषाओं में मौजूद दार्शनिक विचार यह बताते हैं कि सभ्यता की शुरुआत से ही मानव सोच कितनी गहरी रही है। खबर अपडे़ट हो रही है…

Sonam Wangchuk Statement on Aamir Khan

Sonam Wangchuk Statement on Aamir Khan

42 मिनट पहले कॉपी लिंक सोनम वांगचुक ने आमिर खान के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि 3 इडियट्स बनाने से पहले वे वांगचुक से कभी नहीं मिले थे। आमिर ने यह भी कहा था कि फिल्म का फुंसुक वांगडू किरदार सोनम वांगचुक से प्रेरित नहीं था। प्रखर गुप्ता के साथ पॉडकास्ट में सोनम वांगचुक ने आमिर के दावे पर बात की। उन्होंने अपनी मुलाकात पर भी बात की है। वांगचुक ने कहा, “उन्होंने (आमिर ने) कहा कि हम कभी नहीं मिले। इसके बाद कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें वे अपनी गजनी वाली वेशभूषा में मेरा भाषण देख रहे थे।” उन्होंने आगे कहा, “चूंकि वे गजनी के रूप में थे, शायद उनकी कुछ समय के लिए याददाश्त चली गई होगी। उन्हें वो 15 मिनट बाद सब भूल गए होंगे। मुझे इस पर हैरानी नहीं है। हमारी विस्तार से मुलाकात हुई थी।” आखिर में सोनम वांगचुक ने आमिर पर तंज कसते हुए कहा, “हमने सुना है कि वे अपने किरदारों में बहुत गहराई से उतर जाते हैं। शायद वे गजनी की भूमिका में इतने डूबे थे कि भूल गए कि वे उस पुरस्कार समारोह में आए थे, जहां मुझे सम्मान दिया गया था। हमारी विस्तार से मुलाकात हुई थी और हमने कई विचारों पर चर्चा की थी।” सोनम वांगचुक, कॉकरोच जनता पार्टी के अनशन में बैठकर चर्चा में थे। 3 इडियट्स के किरदार पर कही यह बात सोनम वांगचुक ने बताया है कि उन्हें क्यों लगता है कि उनकी बातचीत से 3 इडियट्स में आमिर के किरदार के कुछ हिस्से प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह जरूरी नहीं है कि किरदार उनकी पूरी जीवनी पर आधारित था। शायद उन्होंने अपनी टीम को नहीं बताया कि उन्होंने यह सब देखा और मुझसे बातचीत की।” उन्होंने आगे कहा, “वे कह सकते थे कि उन्होंने ये बातें ऐसे ही पटकथा में जोड़ दीं। इसलिए लेखकों और निर्देशक को पता नहीं चला होगा कि आमिर ने किसी से मिलने और बातचीत करने के बाद ये बातें जोड़ी थीं।” वांगचुक ने कहा, “इसी वजह से वे इसे भूल गए होंगे। इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।” क्या था सोनम वांगचुक पर आमिर का बयान दरअसल जून से जुलाई तक सोमन वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में शामिल होकर अनशन पर थे। इस प्रोटेस्ट के शुरुआती दौर में लगभग सभी बॉलीवुड सेलेब्स चुप थे। इसी बीच आमिर खान लंदन फिल्म फेस्टिवल में आमिर खान की फिल्म लगान का प्रीमियर हुआ। स्क्रीनिंग के दौरान आमिर खान से सोनम वांगचुक पर एक महिला ने पूछा, ‘हम जब बड़े हो रहे थे, तब हम पर आपका गहरा असर रहा। आप भी सोनम वांगचुक से इंस्पायर हुए हैं।’ आमिर ने टोकते हुए कहा, ‘नहीं, ये एक गलत धारणा है। जब फिल्म बन रही थी, मैं सोनम को जानता भी नहीं था। मैंने अभी चतुर (3 इडियट्स एक्टर ओमी वैद) का वीडियो देखा, लेकिन वो गलत हैं। न ही राजकुमार हिरानी, न हमारे राइटर और न मैं सोनम के बारे में जानते थे। हालांकि सोनम हर तरह से सही काम कर रहे हैं। हमें उनकी और उनके काम की इज्जत करनी चाहिए। सोनम खुद भी कह चुके हैं कि 3 इडियट्स का किरदार उन पर नहीं बना है।’ आगे आमिर ने सोनम वांगचुक के अनशन पर कहा, ‘हर कोई उनकी हेल्थ और जिंदगी के लिए चिंतित है। हमें उम्मीद है कि सब कुछ अच्छे से खत्म होगा। हम सबको यही उम्मीद है कि वो अनशन खत्म करें और अपनी सेहत का ध्यान रखें।’ आमिर के बयान के बाद पुराने अवॉर्ड के वीडियो हुए वायरल आमिर का बयान सामने आने के बाद सोनम वांगचुक के जोश टॉक्स का एक पुराना वीडियो वायरल हो गया, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि वो 2008 में आमिर से मिले थे। इसके अलावा एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें सोनम वांगचुक मंच पर अवॉर्ड ले रहे हैं और आमिर खान दर्शकों में बैठे हुए उनकी स्पीच सुन रहे हैं। ये वीडियो 3 इडियट्स रिलीज होने से पहले की है, जब आमिर खान गजनी के लुक में हैं। देखिए 2008 के वो वीडियो, जिसमें सोनम-आमिर साथ दिखे दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Sonam Wangchuk Statement on Aamir Khan

Sonam Wangchuk Statement on Aamir Khan

3 मिनट पहले कॉपी लिंक सोनम वांगचुक ने आमिर खान के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि 3 इडियट्स बनाने से पहले वे वांगचुक से कभी नहीं मिले थे। आमिर ने यह भी कहा था कि फिल्म का फुंसुक वांगडू किरदार सोनम वांगचुक से प्रेरित नहीं था। प्रखर गुप्ता के साथ पॉडकास्ट में सोनम वांगचुक ने आमिर के दावे पर बात की। उन्होंने अपनी मुलाकात पर भी बात की है। वांगचुक ने कहा, “उन्होंने (आमिर ने) कहा कि हम कभी नहीं मिले। इसके बाद कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें वे अपनी गजनी वाली वेशभूषा में मेरा भाषण देख रहे थे।” उन्होंने आगे कहा, “चूंकि वे गजनी के रूप में थे, शायद उनकी कुछ समय के लिए याददाश्त चली गई होगी। उन्हें वो 15 मिनट बाद सब भूल गए होंगे। मुझे इस पर हैरानी नहीं है। हमारी विस्तार से मुलाकात हुई थी।” आखिर में सोनम वांगचुक ने आमिर पर तंज कसते हुए कहा, “हमने सुना है कि वे अपने किरदारों में बहुत गहराई से उतर जाते हैं। शायद वे गजनी की भूमिका में इतने डूबे थे कि भूल गए कि वे उस पुरस्कार समारोह में आए थे, जहां मुझे सम्मान दिया गया था। हमारी विस्तार से मुलाकात हुई थी और हमने कई विचारों पर चर्चा की थी।” सोनम वांगचुक, कॉकरोच जनता पार्टी के अनशन में बैठकर चर्चा में थे। 3 इडियट्स के किरदार पर कही यह बात सोनम वांगचुक ने बताया है कि उन्हें क्यों लगता है कि उनकी बातचीत से 3 इडियट्स में आमिर के किरदार के कुछ हिस्से प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह जरूरी नहीं है कि किरदार उनकी पूरी जीवनी पर आधारित था। शायद उन्होंने अपनी टीम को नहीं बताया कि उन्होंने यह सब देखा और मुझसे बातचीत की।” उन्होंने आगे कहा, “वे कह सकते थे कि उन्होंने ये बातें ऐसे ही पटकथा में जोड़ दीं। इसलिए लेखकों और निर्देशक को पता नहीं चला होगा कि आमिर ने किसी से मिलने और बातचीत करने के बाद ये बातें जोड़ी थीं।” वांगचुक ने कहा, “इसी वजह से वे इसे भूल गए होंगे। इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।” क्या था सोनम वांगचुक पर आमिर का बयान दरअसल जून से जुलाई तक सोमन वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में शामिल होकर अनशन पर थे। इस प्रोटेस्ट के शुरुआती दौर में लगभग सभी बॉलीवुड सेलेब्स चुप थे। इसी बीच आमिर खान लंदन फिल्म फेस्टिवल में आमिर खान की फिल्म लगान का प्रीमियर हुआ। स्क्रीनिंग के दौरान आमिर खान से सोनम वांगचुक पर एक महिला ने पूछा, ‘हम जब बड़े हो रहे थे, तब हम पर आपका गहरा असर रहा। आप भी सोनम वांगचुक से इंस्पायर हुए हैं।’ आमिर ने टोकते हुए कहा, ‘नहीं, ये एक गलत धारणा है। जब फिल्म बन रही थी, मैं सोनम को जानता भी नहीं था। मैंने अभी चतुर (3 इडियट्स एक्टर ओमी वैद) का वीडियो देखा, लेकिन वो गलत हैं। न ही राजकुमार हिरानी, न हमारे राइटर और न मैं सोनम के बारे में जानते थे। हालांकि सोनम हर तरह से सही काम कर रहे हैं। हमें उनकी और उनके काम की इज्जत करनी चाहिए। सोनम खुद भी कह चुके हैं कि 3 इडियट्स का किरदार उन पर नहीं बना है।’ आगे आमिर ने सोनम वांगचुक के अनशन पर कहा, ‘हर कोई उनकी हेल्थ और जिंदगी के लिए चिंतित है। हमें उम्मीद है कि सब कुछ अच्छे से खत्म होगा। हम सबको यही उम्मीद है कि वो अनशन खत्म करें और अपनी सेहत का ध्यान रखें।’ आमिर के बयान के बाद पुराने अवॉर्ड के वीडियो हुए वायरल आमिर का बयान सामने आने के बाद सोनम वांगचुक के जोश टॉक्स का एक पुराना वीडियो वायरल हो गया, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि वो 2008 में आमिर से मिले थे। इसके अलावा एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें सोनम वांगचुक मंच पर अवॉर्ड ले रहे हैं और आमिर खान दर्शकों में बैठे हुए उनकी स्पीच सुन रहे हैं। ये वीडियो 3 इडियट्स रिलीज होने से पहले की है, जब आमिर खान गजनी के लुक में हैं। देखिए 2008 के वो वीडियो, जिसमें सोनम-आमिर साथ दिखे दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब की पहली रक्षा बैठक आज:इस्तांबुल में तीनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्री मिलेंगे; सैन्य प्रमुख भी शामिल होंगे

पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब की पहली रक्षा बैठक आज:इस्तांबुल में तीनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्री मिलेंगे; सैन्य प्रमुख भी शामिल होंगे

पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब के बीच मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के तहत पहली बैठक सोमवार को इस्तांबुल में होगी। बैठक में तीनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्री के साथ सैन्य प्रमुख भी शामिल होंगे। पाकिस्तान की ओर से उपप्रधानमंत्री मोहम्मद इशाक डार, रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ और सेना प्रमुख एवं चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर हिस्सा लेंगे। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने 7 अगस्त को मक्का में संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। समझौते के तहत किसी एक देश पर हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इस समझौते को तीनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। बैठक का एजेंडा फिलहाल साफ नहीं मक्का रक्षा समझौते के तहत बनी रणनीतिक राजनीतिक और रक्षा समिति की पहली बैठक का एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन क्षेत्रीय सुरक्षा, ईरान से जुड़े हालात, रक्षा सहयोग और आपसी सुरक्षा रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा क्षेत्र में बढ़ते तनाव और संभावित सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए आपसी तालमेल मजबूत करने पर भी विचार किया जा सकता है। बांग्लादेश ने भी दिखाई रुचि मक्का समझौते के तहत भविष्य में अन्य देशों के जुड़ने की संभावना है। बांग्लादेश पहले ही इस समझौते में रुचि दिखा चुका है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के मुताबिक, इस्तांबुल बैठक में उसकी भागीदारी तुर्किये और सऊदी अरब के साथ मजबूत संबंधों के साथ क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता के लिए उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पाकिस्तान-सऊदी-तुर्किये की सैन्य ताकत एक साथ इस समझौते के तहत तीनों देशों की अलग-अलग ताकत एक साथ आएगी। चार देशों की अलग बैठक भी होगी मक्का रक्षा समझौते की बैठक के अलावा तुर्किये, पाकिस्तान, सऊदी अरब और मिस्र के विदेश मंत्रियों की एक अलग बैठक भी प्रस्तावित है। यह चार देशों का समूह क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर समन्वय बढ़ाने के उद्देश्य से मार्च में बनाया गया था। इस समूह की पिछली बैठक 5 अगस्त को जॉर्डन की राजधानी अम्मान में हुई थी। उस दौरान नेताओं ने क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए संवाद और आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया था। चुनौतियों का सामना कर रहे हैं तीनों देश मक्का रक्षा समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब तीनों देश अपनी-अपनी सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहे हैं। इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर पूरे पश्चिम एशिया पर पड़ रहा है। पाकिस्तान का अफगानिस्तान के साथ सीमा विवाद चल रहा है, जबकि सऊदी अरब को हूती विद्रोहियों के हमलों का खतरा बना रहता है। वहीं, तुर्किये लंबे समय से कुर्द उग्रवादी समूहों के खिलाफ अभियान चला रहा है और इजराइल के साथ उसके संबंध भी तनावपूर्ण हैं। ऐसे हालात में तीनों देशों ने सुरक्षा और रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए यह समझौता किया है। ये खबर भी पढ़ें… तुर्किये जा रही फेरी बोट समुद्र में पलटी:7 की मौत, 24 लापता; 270 यात्री सवार थे, बोट के ऊपर चढ़कर जान बचाई मेडिटेरियन सी में तुर्किये जा रही फेरी बोट रविवार को समुद्र में पलट गई। यह फेरी यूरोपीय देश साइप्रस के उत्तरी तट से 270 से ज्यादा यात्रियों के साथ रवाना हुई थी। पूरी खबर पढ़ें

पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब की पहली रक्षा बैठक आज:इस्तांबुल में तीनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्री मिलेंगे; सैन्य प्रमुख भी शामिल होंगे

पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब की पहली रक्षा बैठक आज:इस्तांबुल में तीनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्री मिलेंगे; सैन्य प्रमुख भी शामिल होंगे

पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब के बीच मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के तहत पहली बैठक सोमवार को इस्तांबुल में होगी। बैठक में तीनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्री के साथ सैन्य प्रमुख भी शामिल होंगे। पाकिस्तान की ओर से उपप्रधानमंत्री मोहम्मद इशाक डार, रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ और सेना प्रमुख एवं चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर हिस्सा लेंगे। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने 7 अगस्त को मक्का में संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। समझौते के तहत किसी एक देश पर हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इस समझौते को तीनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। बांग्लादेश ने भी दिखाई रुचि मक्का समझौते के तहत भविष्य में अन्य देशों के जुड़ने की संभावना है। बांग्लादेश पहले ही इस समझौते में रुचि दिखा चुका है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के मुताबिक, इस्तांबुल बैठक में उसकी भागीदारी तुर्किये और सऊदी अरब के साथ मजबूत संबंधों के साथ क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता के लिए उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। खबर अपडेट हो रही है…

Jharkhand Prisoner Work Policy & HDFC CEO Shashidhar Jagdishan Step Down

Jharkhand Prisoner Work Policy & HDFC CEO Shashidhar Jagdishan Step Down

Hindi News Career Jharkhand Prisoner Work Policy & HDFC CEO Shashidhar Jagdishan Step Down 10 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. पीएम मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च 30 अगस्त को उज्बेकिस्तान ने पीएम मोदी को देश के सर्वोच्च राज्य सम्मान ‘ओली दाराजली दोस्लिक’ सम्मानित किया। उज्बेक भाषा के इस शब्द का मतलब है- उच्च स्तरीय मित्रता है। पीएम मोदी को ये सम्मान उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने दिया है। पीएम मोदी दो दिन के दौरे पर उज्बेकिस्तान पहुंचे हैं। दोनों देशों के नेताओं के बीच ताशकंद में द्विपक्षीय बैठक भी हुई थी और यूरेनियम सप्लाई पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ताशकंद में एक योग सेशन में शामिल हुए और शास्त्री मेमोरियल और महात्मा गांधी सेंटर भी गए। पीएम मोदी की ये चौथी उज्बेकिस्तान यात्रा है और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत 2018 और 2019 में भारत आए थे। पीएम 31 अगस्त से 1 सितंबर तक किर्गिज गणराज्य जाएंगे और बिश्केक में 26वें SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। भारत 2017 से SCO का पूर्ण सदस्य है। समिट में सुरक्षा, आतंकवाद, व्यापार, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। समिट के दौरान मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य देशों के नेताओं से मुलाकात हो सकती है। पीएम मोदी दो दिन के दौरे पर उज्बेकिस्तान पहुंचे हैं। 2. शशिधर जगदीशन HDFC MD और CEO पद छोड़ेंगे 30 अगस्त को HDFC बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और CEO शशिधर जगदीशन ने अपना पद छोड़ने का फैसला लिया है। जगदीशन का वर्तमान कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है, वे उसी उसी दिन इस पद से रिटायर हो जाएंगे। अब जगदीशन तीसरे कार्यकाल के लिए आवेदन नहीं करेंगे। HDFC देश का सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक है। अक्टूबर 2020 में जगदीशन ने HDFC में CEO का पद संभाला था और आदित्य पुरी की जगह ली थी। 2023 में HDFC लिमिटेड और HDFC बैंक का मर्ज जगदीशन की लीडरशिप में ही हुआ था। जगदीशन पहली बार 1996 में HDFC बैंक के फाइनेंस डिपार्टमेंट में मैनेजर के तौर पर शामिल हुए। HDFC बैंक में CEO अपॉइंट होने से पहले लगभग 3 सालों तक तक जर्मनी के ड्यूश बैंक की मुंबई शाखा में कंट्री फाइनेंशियल कंट्रोल डिवीजन में काम किया। HDFC बैंक भारत का एक प्रमुख निजी क्षेत्र का बैंक है। यह बैंकिंग, लोन, क्रेडिट कार्ड, डिजिटल बैंकिंग और निवेश से जुड़ी कई सेवाएं देता है। HDFC बैंक की स्थापना अगस्त 1994 में हुई थी। स्पोर्ट्स (SPORTS) 3. रोजर फेडरर हॉल ऑफ फेम में शामिल हुए 30 अगस्त को पूर्व टेनिस प्लेयर रोजर फेडरर इंटरनेशनल ‘टेनिस हॉल ऑफ फेम’ में शामिल हुए। फेडरर ने अपने करियर में 20 ग्रैंड स्लैम और 103 एटीपी चैंपियनशिप जीती हैं। फेडरर ने ‘हॉल ऑफ फेम’ में शामिल होने के बाद स्पीच दी और इस दौरान वो भावुक भी हुए। फेडरर ने 1998 में एटीपी टूर की शुरुआत की थी। वे शुरुआत में एटीपी टूर्नामेंट में बॉल बॉय थे। अपने करियर में फेडरर ने 5,000 से ज्यादा हेडबैंड पहने हैं और फेडरर ने 7 बार स्विस स्पोर्ट्समेन ऑफ द ईयर अवार्ड जीता। 2017 में फेडरर ने ATP कमबैक प्लेयर ऑफ द ईयर जीता। फेडरर ने 2020 US ओपन खेला था और 2021 में विंबलडन उनका आखिरी ग्रैंड स्लैम रहा। 2022 में उन्होंने प्रोफेशनल टेनिस से संन्यास ले लिया था। भारतीय टेनिस प्लेयर लिएंडर पेस को 2024 में ‘हॉल ऑफ फेम’ में शामिल किया गया था। वे यह सम्मान पाने वाले पहले भारतीय टेनिस खिलाड़ी हैं। टेनिस हॉल ऑफ फेम टेनिस हॉल ऑफ फेम, टेनिस जगत के महान खिलाड़ियों, कोचों और खेल में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करने वाली एक अमेरिकी संस्था है। इसकी स्थापना 1954 में की गई थी। 4. ICC ने श्रीलंका की मेजबानी वापस ली 30 अगस्त को इंडियन क्रिकेट काउंसिल यानी ICC ने श्रीलंका से 2027 ICC वुमेंस चैंपियनशिप ट्रॉफी मेजबानी वापस लेने का फैसला किया है। ICC ने श्रीलंका क्रिकेट में सरकारी दखल को लेकर आपत्ति जताई और मेजबानी वापस ले ली है। श्रीलंका अब 2027 में होने वाली पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी नहीं करेगा अब 14 से 28 फरवरी 2027 तक होने वाला छह टीमों का टूर्नामेंट किसी दूसरे देश में खेला जाएगा। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) का कामकाज फिलहाल सरकार की बनाई ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी देख रही है। ICC के नियमों के मुताबिक सदस्य बोर्ड को सरकार के हस्तक्षेप के बिना स्वतंत्र रूप से काम करना होता है। SLC ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी के सचिव प्रकाश शाफ्टर ने मेजबानी हटाए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट श्रीलंका से बाहर होगा, लेकिन नए मेजबान का फैसला अभी नहीं हुआ है। ICC श्रीलंका में जल्द चुनाव कराने और निर्वाचित क्रिकेट बोर्ड बहाल करने की मांग कर रहा है। श्रीलंका की मेजबानी में 6 टीमें हिस्सा लेंगी। श्रीलंका फिलहाल महिला वनडे रैंकिंग में छठे स्थान पर है। ICC ने अभी नई क्वालिफिकेशन व्यवस्था स्पष्ट नहीं की है। ये पहली बार नहीं है जब सरकारी हस्तक्षेप के मुद्दे पर श्रीलंका से ICC आयोजन छीना गया है। 2023 में ICC ने SLC को निलंबित किया था और 2024 Men’s U-19 World Cup की मेजबानी भी श्रीलंका से लेकर दक्षिण अफ्रीका को दी गई थी। मिसलीनियस झारखंड में ओपन और सेमी-ओपन बैरक शुरू होंगे 30 अगस्त को झारखंड सरकार ने राज्य के चार सेंट्रल जेलों में ओपन और सेमी-ओपन बैरक शुरू करने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य कैदियों को ज्यादा खुला वातावरण देकर उनके सुधार, पुनर्वास और समाज में दोबारा शामिल होने में मदद करना है। ओपन बैरक में कैदियों को सामान्य जेल की तुलना में ज्यादा स्वतंत्रता मिलती है। इसमें कैदियों को काम करने, कौशल सीखने और जिम्मेदारीपूर्ण जीवन जीने के अवसर दिए जा सकते हैं। ओपन और सेमी-ओपन बैरक का मुख्य उद्देश्य सजा के साथ सुधार और पुनर्वास है। सेमी-ओपन बैरक में सुरक्षा और निगरानी सामान्य बैरक से कम होती है, लेकिन ओपन जेल की तुलना में इसमें प्रतिबंध होते हैं। अच्छे आचरण वाले और पात्र कैदियों को चरणबद्ध तरीके से अधिक स्वतंत्र वातावरण दिया जाता है। आज का इतिहास 1881 में अमेरिका में

फरीदाबाद के कॉलेज में सिंगर सुनंदा शर्मा ने मचाया धमाल:झूम उठे स्टूडेंट्स, तालियों-सीटियों से गूंजा परिसर; पंजाबी सुरों से सजी शाम

फरीदाबाद के कॉलेज में सिंगर सुनंदा शर्मा ने मचाया धमाल:झूम उठे स्टूडेंट्स, तालियों-सीटियों से गूंजा परिसर; पंजाबी सुरों से सजी शाम

फरीदाबाद शहर के एक निजी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में पंजाबी और बॉलीवुड की मशहूर गायिका सुनंदा शर्मा ने अपनी प्रस्तुति से छात्र-छात्राओं में जोश भर दिया। सुनंदा शर्मा के मंच पर पहुंचते ही कॉलेज परिसर तालियों और सीटियों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में विद्यार्थी और अन्य लोग उन्हें देखने और सुनने के लिए कार्यक्रम में पहुंचे। गायिका ने अपने लोकप्रिय पंजाबी गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। कई गीतों पर विद्यार्थी उनके साथ गाते और झूमते नजर आए। कार्यक्रम के दौरान सुनंदा शर्मा ने एक के बाद एक अपने लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए। उनकी प्रस्तुति पर युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद विद्यार्थियों ने मोबाइल फोन से उनके वीडियो बनाए और प्रस्तुति के यादगार पलों को कैमरे में कैद किया। सुनंदा शर्मा ने भी मंच से विद्यार्थियों के उत्साह का जवाब देते हुए उनसे बातचीत की और संगीत के साथ कार्यक्रम का माहौल खुशनुमा बना दिया। सोशल मीडिया से शुरू हुआ संगीत का सफर सुनंदा शर्मा का संगीत सफर सोशल मीडिया से शुरू हुआ। उन्होंने पंजाबी गीत ‘सुच्चा सूरमा’ गाकर सोशल मीडिया पर साझा किया था। यह गीत लोगों को काफी पसंद आया और इसके बाद उन्हें पंजाबी संगीत इंडस्ट्री में काम करने के मौके मिलने लगे। इसके बाद ‘बिल्ली अख’ और ‘पटाके’ जैसे गीतों ने उन्हें खास पहचान दिलाई। पंजाबी संगीत से बॉलीवुड तक बनाई पहचान सुनंदा शर्मा ने पंजाबी संगीत के साथ बॉलीवुड में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने बादशाह के साथ फिल्म ‘नवाबजादे’ के लिए ‘तेरे नाल नचना’ गीत गाया। इसके बाद ‘लुका छुपी’ फिल्म का ‘पोस्टर लगवा दो’ और ‘जय मम्मी दी’ का ‘मम्मी नू पसंद’ जैसे गीत भी उनके खाते में आए। ‘बारिश की जाए’ गीत में भी उनकी आवाज सुनने को मिली। अभिनय में भी आजमाया हाथ सुनंदा शर्मा ने गायकी के साथ अभिनय में भी कदम रखा। उन्होंने दिलजीत दोसांझ के साथ पंजाबी फिल्म ‘सज्जन सिंह रंगरूट’ से अभिनय की शुरुआत की। वर्ष 2024 में उन्होंने कान फिल्म महोत्सव में भी भारत और पंजाबी संस्कृति का प्रतिनिधित्व किया।

PM Modi, Putin & Jinping Meeting Updates

PM Modi, Putin & Jinping Meeting Updates

बिश्केक44 मिनट पहले कॉपी लिंक पीएम मोदी रविवार रात किर्गिस्तान पहुंचे। 26वां SCO समिट 31 अगस्त से 1 सितंबर को बिशकेक में होगा। इस समिट की मेजबानी किर्गिस्तान करेगा और अध्यक्षता सादिर जापारोव करेंगे। यह SCO के 25 साल पूरे होने पर आयोजित सम्मेलन है। इस बार की थीम है- सतत शांति, विकास और समृद्धि के लिए साथ मिलकर आगे बढ़ना। इस समिट में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान समेत 10 सदस्य देशों के नेता शामिल होंगे। PM मोदी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। मोदी रविवार शाम को ही उज्बेकिस्तान की 2 दिन की यात्रा पूरी करने के बाद शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) समिट में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान रवाना हो गए थे। 2017 में भारत और पाकिस्तान पूर्ण सदस्य बने। फिर 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस इसमें शामिल हुए। समिट के दौरान मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात करेंगे। मोदी बिश्केक में होने वाले 6वें वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे। 4 पॉइंट में जानें भारत के लिए SCO समिट अहम क्यों… खनिजों का भंडार: भारत लंबे समय से मध्य एशिया के देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। मध्य एशिया तेल, गैस, यूरेनियम और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों का बड़ा भंडार है। ऊर्जा जरूरत: भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए इस क्षेत्र के देशों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है। नए बिजनेस रूट: भारत मध्य एशिया के देशों के साथ व्यापार भी बढ़ाना चाहता है। इसके लिए वह नए व्यापार और परिवहन मार्ग विकसित करने पर काम कर रहा है। आतंकवाद के खिलाफ मुहिम: अफगानिस्तान की स्थिति और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भी भारत इन देशों के साथ सहयोग बढ़ा रहा है। शंघाई को-ऑपरेशन समिट (SCO) क्या है… शंघाई को-ऑपरेशन समिट की स्थापना 15 जून 2001 को चीन के शंघाई शहर में हुई थी।शुरुआत में इसके 6 सदस्य देश थे- चीन, रूस, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान। आज SCO दुनिया के सबसे बड़े क्षेत्रीय संगठनों में शामिल है, जिसमें 10 पूर्ण सदस्य देश हैं।इसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षा, आतंकवाद का विरोध, आर्थिक सहयोग, संपर्क और सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाना है। अगले साल पाकिस्तान को मिल सकती है मेजबानी यह SCO के 25 साल पूरे होने पर आयोजित ऐतिहासिक सम्मेलन है। यूरेशिया की सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक संतुलन के लिहाज से यह साल का सबसे महत्वपूर्ण बहुपक्षीय सम्मेलन माना जा रहा है। समिट के बाद किर्गिस्तान की अध्यक्षता समाप्त होगी और 2026–27 की अध्यक्षता पाकिस्तान को सौंपे जाने की उम्मीद है। 2027 का SCO शिखर सम्मेलन पाकिस्तान में प्रस्तावित है। 2025 तियानजिन डिक्लरेशन में पहलगाम हमले की निंदा हुई थी तस्वीर 1 सितंबर 2025 की है, जब पुतिन, मोदी और जिनपिंग किसी मुद्दे पर चर्चा करते दिख रहे थे। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद का तियानजिन घोषणा-पत्र में कहा गया था- “सदस्य देशों ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने मृतकों और घायलों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे हमलों के दोषियों, आयोजकों और प्रायोजकों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।” ——————————— पीएम मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… PM मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान: यह उन्हें मिला 36वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान उज्बेकिस्तान के दौरे पर गए पीएम मोदी को रविवार को राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने अपने देश के सर्वोच्च राज्य सम्मान ‘ओली दाराजली दोस्लिक’ से सम्मानित किया। उज्बेक भाषा के इस शब्द का मतलब है- उच्च स्तरीय मित्रता। यह पीएम मोदी को मिला 36वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। रविवार रात पीएम उज्बेकिस्तान से रवाना हो किर्गिस्तान पहुंच चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔