Huma Qureshi Struggle Success Story; Body-Shaming Rejection

6 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक हुमा कुरैशी मुंबई में सिर्फ एक फिल्म में काम करने आई थीं। दिल्ली की हुमा कुरैशी ने एक्टिंग को करियर बनाने के लिए परिवार को मनाने में महीनों लगाए। मुंबई पहुंचीं तो न गॉडफादर था, न फिल्मी लॉन्च। छोटे से पीजी में चार लड़कियों के साथ रहकर ऑडिशन देने वाली हुमा ने विज्ञापनों से शुरुआत की। शाहरुख खान और आमिर खान जैसे सितारों के साथ विज्ञापन किए। फिर एक मोबाइल ऐड के सेट पर हुई मुलाकात ने उनकी जिंदगी बदल दी। अनुराग कश्यप ने उन्हें गैंग्स ऑफ वासेपुर में मौका दिया। फिल्म हिट हुई, लेकिन हुमा का संघर्ष खत्म नहीं हुआ। बॉडी शेमिंग, रिजेक्शन, ट्रोलिंग और लिंकअप की अफवाहों के बीच उन्होंने अलग-अलग किरदारों से पहचान बनाई। आज की सक्सेस स्टोरी में हुमा कुरैशी के जीवन और करियर से जुड़ी खास बातें पढ़ाई में तेज थीं, एक्टिंग का शौक बाद में करियर बना हुमा कुरैशी का जन्म 28 जुलाई 1986 को दिल्ली में हुआ। उनके पिता सलीम कुरैशी रेस्टोरेंट बिजनेस से जुड़े हैं। हुमा ने दिल्ली के गार्गी कॉलेज से हिस्ट्री ऑनर्स किया। कॉलेज के दिनों में वह पढ़ाई के साथ ड्रामा, डिबेट और थिएटर में सक्रिय रहीं। वह ड्रामा सोसायटी की प्रेसिडेंट भी बनीं। थिएटर के दौरान एनके शर्मा उनके मेंटर बने। द इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में हुमा ने बताया था कि एनके शर्मा ने ही उनमें एक्टर बनने की क्षमता सबसे पहले पहचानी। उन्होंने ‘द अमेरिकन पायलट’ जैसे नाटकों में काम किया। हुमा के मुताबिक, एक्टिंग का असली जुनून उन्हें थिएटर के दौरान ही महसूस हुआ। डॉक्टर बनने की पढ़ाई से मुंबई तक का सफर हुमा के परिवार को लगता था कि वह पढ़ाई में अच्छी हैं और आगे अकादमिक करियर बनाएंगी। हुमा ने बताया था कि उनके पिता एक्टिंग के फैसले को लेकर शुरुआत में आश्वस्त नहीं थे। उन्हें अपने माता-पिता को मनाने में करीब छह से आठ महीने लगे। मुंबई आने से पहले उन्हें एक फिल्म का ऑडिशन मिला था। फिल्म में उनका चयन हुआ, लेकिन प्रोजेक्ट कभी बन नहीं सका। इस अनुभव से हुमा को समझ आया कि उन्हें फिल्मों में काम करना है। इसके बाद उन्होंने मुंबई जाने का फैसला किया। मुंबई में चार लड़कियों के साथ छोटे से पीजी में रहती थीं मुंबई पहुंचने के बाद हुमा ने कोई आलीशान जिंदगी नहीं जी। वह जुहू में चार दूसरी लड़कियों के साथ छोटे से पीजी में रहती थीं। हर लड़की के पास अपना बेड और एक कैबिनेट था। बाथरूम इस्तेमाल करने को लेकर भी रोजाना झगड़े होते थे। फिल्मफेयर को दिए इंटरव्यू में हुमा ने बताया था कि ऑडिशन के लिए वह एक बैग लेकर निकलती थीं। उसमें एक सलवार-कमीज, सफेद शर्ट, काली ड्रेस और टिफिन रहता था। कई बार उन्हें बिना ठीक से बातचीत किए ही रिजेक्ट कर दिया जाता था। शुरुआती दौर में वह दादर-जुहू के बीच टैक्सी और ऑटो रिक्शे से सफर करती थीं। पैसे बचाने के लिए कई बार पैदल भी चलती थीं। पहला विज्ञापन मिला तो सिर्फ 5 हजार रुपए फिल्म का सपना पूरा होने में वक्त लग रहा था, इसलिए हुमा ने विज्ञापनों से शुरुआत की। उनका पहला विज्ञापन एक मोबाइल कंपनी के लिए था। इसमें वह अबिषेक बच्चन का इंटरव्यू करती पत्रकार बनी थीं। इसके लिए उन्हें सिर्फ 5 हजार रुपए मिले थे। इसके बाद हुमा ने आमिर खान, शाहरुख खान समेत कई बड़े सितारों के साथ विज्ञापन किए। यही विज्ञापन आगे उनके फिल्मी करियर का रास्ता खोलने वाला था। आमिर खान के ऐड में अनुराग कश्यप से मुलाकात हुमा ने एक मोबाइल विज्ञापन में आमिर खान के साथ काम किया था। इसकी शूटिंग पंचगनी में चार दिन चली। उस विज्ञापन के डायरेक्टर अनुराग कश्यप थे। हुमा ने इस मुलाकात का मजेदार किस्सा सुनाया था। उन्होंने बताया कि तब वह करीब दस विज्ञापन कर चुकी थीं और खुद को इस मामले में ‘वेटरन’ समझने लगी थीं। सेट पर उन्होंने काफी मेकअप किया हुआ था। अनुराग ने पूछा, ‘ये क्या है?’ तो हुमा ने बेझिझक कहा कि यह उनका पहला ऐड है, जबकि वह दस ऐड कर चुकी हैं। अगले ही दिन अनुराग ने उनसे कहा कि वह अपनी फिल्म में उन्हें कास्ट करेंगे। हुमा को भरोसा नहीं हुआ, लेकिन अनुराग ने अपना वादा निभाया। गैंग्स ऑफ वासेपुर मिली, लेकिन सिर्फ 65 हजार रुपए मिले थे 2012 में हुमा ने गैंग्स ऑफ वासेपुर से बॉलीवुड डेब्यू किया। फिल्म में उन्होंने नवाजुद्दीन सिद्दीकी के किरदार की पत्नी मोहसिना का रोल निभाया। शूटिंग के वक्त उन्हें अंदाजा नहीं था कि उनकी भूमिका इतनी अहम होने वाली है। एक इंटरव्यू में हुमा ने बताया था कि फिल्म के लिए उन्हें सिर्फ 65 हजार रुपए मिले थे। उन्होंने कहा कि शूटिंग किसी बड़े स्टार वाली फिल्म जैसी नहीं थी-न फाइव स्टार होटल, न वैनिटी वैन का तामझाम। टीम वाराणसी गई, महीनों शूटिंग की और वापस आ गई। फिल्म रिलीज हुई तो हुमा ने देखा कि उनका चेहरा होर्डिंग पर था। फिल्म हिट हुई, लेकिन इसके बाद आया असली स्ट्रगल गैंग्स ऑफ वासेपुर ने हुमा को पहचान दिला दी। लेकिन सफलता के बाद वह लगातार बड़े स्टार्स वाली फिल्मों की हीरोइन नहीं बन गईं। बर्खा दत्त के इंटरव्यू में हुमा ने कहा था कि पहली कुछ फिल्मों के बाद वह खुद को लेकर असुरक्षित महसूस करने लगी थीं। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि किस दिशा में आगे बढ़ना है। ‘बिल्ला 2’ पहले मिली थी, लेकिन फिल्मी सफर अटक गया गैंग्स ऑफ वासेपुर से पहले हुमा को तमिल फिल्म बिल्ला 2 में अजित कुमार के साथ काम करने का मौका मिला था। उन्होंने करीब 700 उम्मीदवारों के ऑडिशन के बाद यह रोल हासिल किया था। लेकिन फिल्म में देरी हुई और दूसरे कमिटमेंट्स की वजह से हुमा ने यह प्रोजेक्ट छोड़ दिया। ‘बॉडी शेमिंग’ ने आत्मविश्वास तक हिला दिया हुमा के करियर की सबसे मुश्किल लड़ाइयों में से एक वजन और लुक्स को लेकर होने वाली आलोचना रही। हुमा ने बताया कि एक रिव्यू में लिखा गया था कि वह अच्छी एक्ट्रेस हैं, लेकिन मेनस्ट्रीम एक्ट्रेस बनने के लिए पांच किलो ज्यादा वजन है। बाद में फिल्म ‘डबल एक्सएल’ के लिए उन्होंने करीब 20 किलो वजन बढ़ाया। हुमा ने कहा कि यह
बिहार डूबेगा या बचेगा?:नेपाल में दूसरा ग्लेशियर फटने वाला है; 8 दिनों में ऐसा क्या हुआ कि सरकार बोली- हालात गंभीर हैं

बिहार डूबेगा कि बचेगा…नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के 8 दिन बाद अब हर कोई जानना चाहता है। राज्य की 8 नदियां- गंगा, सोन, पुनपुन, कोसी, गंडक, बुढ़ी गंडक, बागमती और घाघरा खतरे के निशान से ऊपर हैं। दूसरी तरफ नेपाल में दूसरे ग्लेशियर के फटने का अलर्ट जारी कर दिया गया है। ऐसा क्यों कहा जा रहा कि अबकी ग्लेशियर फटा तो पटना सहित 10 शहर डूब जाएंगे, हिमालय की चोटी पर क्या चल रहा है, समझेंगे; बूझे की नाही में…। बिहार की चिंता बढ़ाने वाले 3 बड़े फैक्टर 1. नेपाल में फटने वाला है दूसरा ग्लेशियर चीन के जल संसाधन मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल में एक नया ग्लेशियल लेक फटने वाला है। कब फटेगा, इसका सटीक अंदाजा लगाना कठिन है। नया ग्लेशियल लेक लांगटांग लिरुंग हिमालय के पश्चिमी ढलान पर, रसुवा में तेनजिंग के ठीक सामने है। दरअसल… नेपाल से निकलने वाली 7 से 9 बड़ी नदियां बहकर बिहार-UP के मैदानी इलाकों में आती हैं। जब नेपाल के पहाड़ों में भारी बारिश होती है, तो इन्हीं नदियों के जरिए बिहार में बाढ़ का पानी आता है। इसे ऐसे समझिए… केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, कोसी, गंडक, बागमती और घाघरा ही वे नदियां हैं, जो बिहार में बाढ़ लाती हैं। इसलिए अगर अबकी बार ग्लेशियर फटा तो फिर भारी मात्रा में पानी बिहार पहुंचेगा। 2. 8 नदियां उफान पर, दबाव बढ़ा तो टूट जाएंगे बाढ़ ताजा हालात है कि बिहार की आठ नदियां गंगा, सोन, पुनपुन, कोसी, गंडक, बुढ़ी गंडक, बागमती और घघरा खतरे के निशान से ऊपर हैं। 3 सितंबर तक बिहार जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक… वहीं, नेपाल में आई तबाही के दिन 26 अगस्त से 3 सितंबर की सुबह 8 बजे तक बिहार में 3 बैराज से 1.98 करोड़ क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। एक क्यूसेक पानी यानी 28.3 लीटर/प्रति सेकंड। मतलब 56,119.4 करोड़ लीटर/प्रति सेकंड पानी बिहार में 9 दिन के अंदर आ चुका है। मतलब अगर नेपाल में दूसरा ग्लेशियर टूटा तो बिहार में हालात खराब हो जाएंगे। क्योंकि अभी ही नदियों में पानी काफी बढ़ गया है। आगे पानी आने पर तबाही ही मचेगी। 3. नेपाल में बारिश का अलर्ट, नदियों में बढ़ेगा पानी बिहार की सबसे बड़ी चिंता नेपाल में भारी बारिश का अलर्ट है। नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान विभाग के मुताबिक, भोटेकोशी और त्रिशूली नदी फिलहाल चेतावनी स्तर से नीचे बह रही हैं, फिर भी रसुवा और नुवाकोट में अचानक बाढ़ आने की ज्यादा संभावना है। दोनों जिलों में भोटेकोशी, त्रिशूली और छोटी नदियों का जलस्तर काफी बढ़ सकता है, जिससे अचानक बाढ़ आने का भारी खतरा है। वहीं, नेपाल के मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों यानी 6 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। नेपाल के जल संसाधन विभाग ने कहा कि कोशी बेसिन की सप्तकोशी, तमोर, अरुण, दूधकोशी, तामाकोशी और सुनकोशी तथा नारायणी बेसिन की नारायणी, त्रिशूली, बूढ़ी गंडकी, मर्स्यांगदी, सेती और काली गंडकी जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। विभाग ने नेपाल की छोटी नदियों में पानी बढ़ने की भी बातें कही है। इधर… पटना मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 5 सितंबर तक पूरे बिहार में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज और सीवान जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। जबकि, पटना, नालंदा, जहानाबाद, नवादा, गया, लखीसराय, शेखपुरा और बेगूसराय में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। …तो क्या बड़े शहर भी डूब सकते हैं? बिल्कुल। राज्य की नदियों में बढ़ते पानी से 13 जिले दरभंगा, मधुबनी, पश्चिम चंपारण, कटिहार, मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा, खगड़िया, वैशाली, बेगूसराय, भागलपुर, समस्तीपुर, मुंगेर प्रभावित हैं। बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग ने 3 सितंबर की शाम अलर्ट जारी करते हुए कहा कि पटना में गंगा नदी हाई फ्लड लेबल को क्रास करने वाली है। इसलिए सभी पदाधिकारी और लोग अलर्ट रहें। निचले इलाकों को बचाने के लिए तुरंत तैयारी में जुट जाएं। विभाग ने कहा है कि दक्षिण बिहार की सोन, पुनपुन, दरधा में बढ़ते पानी को देखते हुए नालंदा, भोजपुर, वैशाली, सारण, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद में लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। मतलब साफ है कि अगर नेपाल से और पानी आया तो बिहार के कम से कम 10 से ज्यादा शहर डूब सकते हैं। जिसमें राजधानी पटना भी शामिल हो सकता है। ऐसा पहले भी हो चुका है…
अमिताभ बच्चन ने परीक्षा में की थी चीटिंग:अक्षय कुमार के सवाल पर बोले- थोड़ी चीटिंग की थी, एक्टर ने जोड़ लिए हाथ

टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) के अपकमिंग एपिसोड में अक्षय कुमार और सैफ अली खान हॉटसीट पर नजर आएंगे। एपिसोड में अक्षय ने होस्ट अमिताभ बच्चन से पूछा कि क्या उन्होंने कभी परीक्षा में चीटिंग की है। जिसके बाद अमिताभ ने जवाब दिया कि उन्होंने भी थोड़ी-बहुत चीटिंग की है। दरअसल, शो के सामने आए प्रोमो में अक्षय कुमार अमिताभ बच्चन से मजेदार सवाल करते दिखाई दे रहे हैं। बातचीत के दौरान परीक्षा में पास होने की बात छिड़ती है। अमिताभ ने अक्षय से पूछा कि इतनी बदमाशी करने के बावजूद वह इम्तिहान कैसे पास करते थे। इस पर अक्षय ने स्वीकार किया कि वह चीटिंग करके पास होते थे। इसके बाद अक्षय ने अमिताभ से भी पूछ लिया कि क्या उन्होंने कभी चीटिंग की है। अमिताभ ने जवाब दिया, “सच बात तो यह है कि मैंने भी थोड़ी-बहुत चीटिंग की है।” बिग बी का यह जवाब सुनकर अक्षय ने हाथ जोड़ लिए और दर्शकों से कहा कि यह गलत बात है, इसलिए ऐसे जवाब पर ताली न बजाएं। B.Sc के पेपर में अमिताभ बच्चन फेल हो गए थे इससे पहले साल 2023 में KBC पर ही अमिताभ बच्चन ने बताया था कि B.Sc के पेपर में वो फेल हो गए थे। बिग बी ने कहा था कि ग्रेजुएशन में उन्होंने गलत सब्जेक्ट का चुनाव कर लिया था, जिस कारण उन्हें ये दिक्कत हुई। अमिताभ बच्चन ने कहा था कि उन्होंने B.Sc में एडमिशन लिया था। बाद में ये सब्जेक्ट लेने पर उन्हें बहुत पछतावा हुआ। ये उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं था। 3 साल तक इस सब्जेक्ट को उन्होंने एक बोझ की तरह झेला। खासतौर पर फिजिक्स उन्हें बिल्कुल भी समझ नहीं आती थी। जिस कारण उनके मन में डर सा बैठ गया था। जब पेपर होने को 2 महीने बचे थे, तब उन्होंने किसी तरह सब कुछ बस रट लिया था। हालांकि, उनका ये रटा काम नहीं आया और फिजिक्स में फेल हो गए। इस कारण उन्हें दोबारा से एग्जाम देना पड़ा, पर इस बार वो सारे सब्जेक्ट में पास हो गए थे। अमिताभ ने पूछा, करीना उन्हें रिश्ते में क्या कहेंगी? इस एपिसोड में अमिताभ बच्चन ने सैफ अली खान से उनके पारिवारिक रिश्ते को लेकर बात की। अमिताभ ने सैफ से कहा, “बहुत से लोगों को नहीं पता कि ये हमारे रिश्ते में हैं।” यह सुनकर सैफ हैरान हुए और उन्होंने पूछा, “मैं?” अमिताभ ने इसके बाद कपूर और नंदा परिवार के जरिए दोनों परिवारों के जुड़ाव की जानकारी दी। शो पर अमिताभ ने यह कनेक्शन समझाते हुए कहा, “राज कपूर की बेटी रितु का बेटा निखिल मेरी बेटी श्वेता से शादीशुदा है।” इसके बाद अमिताभ ने मजाकिया अंदाज में सैफ से पूछा कि करीना उन्हें क्या कहेंगी? इस पर सैफ ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि यह सवाल शो में नहीं है। कपूर-नंदा परिवार से जुड़ा रिश्ता अमिताभ बच्चन की बेटी श्वेता बच्चन की शादी निखिल नंदा से हुई है। निखिल की मां रितु नंदा, फिल्ममेकर राज कपूर की बेटी हैं। राज कपूर, करीना कपूर के दादा थे। करीना राज कपूर के बड़े बेटे रणधीर कपूर की बेटी हैं। इस वजह से निखिल नंदा और करीना कपूर कजिन हैं। सैफ अली खान की शादी करीना से हुई है, इसलिए बच्चन परिवार से उनका सीधा रिश्ता (जैसे चाचा-भतीजी, मामा-भांजी आदि) नहीं है, बल्कि शादी के जरिए जुड़ा है। सैफ अली खान और अक्षय कुमार की अपकमिंग फिल्म ‘हैवान’ की बात करें तो यह फिल्म प्रियदर्शन की 2016 में रिलीज हुई मलयालम फिल्म ‘ओप्पम’ का रीमेक है, जिसमें मोहनलाल मुख्य भूमिका में थे। फिल्म में बोमन ईरानी, श्रिया पिलगांवकर, सैयामी खेर, राजपाल यादव, शारिब हाशमी, राजेश शर्मा और मनोज जोशी भी अहम भूमिकाओं में हैं। …………….. यह खबर भी पढ़ें… दाऊद इब्राहिम ने ऋषि कपूर को चाय पर बुलाया था: रोल्स रॉयस भेजी थी, फिल्म ‘तवायफ’ में दाऊद नाम रखने की भी तारीफ की थी दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर की आज 74वीं बर्थ एनिवर्सरी है। ऋषि कपूर ने अपनी किताब ‘खुल्लम खुल्ला’ में जिंदगी से जुड़े कई किस्से साझा किए थे। किताब में उन्होंने दाऊद इब्राहिम से दुबई में 2 बार हुई मुलाकात का जिक्र भी किया था। इंडिया टुडे टीवी को दिए इंटरव्यू में भी ऋषि कपूर ने दाऊद से हुई पहली मुलाकात को लेकर कई बातें शेयर की थीं। उन्होंने बताया था कि 1988 में वह आर.डी. बर्मन, आशा भोसले और बिट्टू आनंद के साथ शो के लिए दुबई पहुंचे थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
अमिताभ बच्चन ने परीक्षा में की थी चीटिंग:अक्षय कुमार के सवाल पर बोले- थोड़ी चीटिंग की थी, एक्टर ने जोड़ लिए हाथ

टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) के अपकमिंग एपिसोड में अक्षय कुमार और सैफ अली खान हॉटसीट पर नजर आएंगे। एपिसोड में अक्षय ने होस्ट अमिताभ बच्चन से पूछा कि क्या उन्होंने कभी परीक्षा में चीटिंग की है। जिसके बाद अमिताभ ने जवाब दिया कि उन्होंने भी थोड़ी-बहुत चीटिंग की है। दरअसल, शो के सामने आए प्रोमो में अक्षय कुमार अमिताभ बच्चन से मजेदार सवाल करते दिखाई दे रहे हैं। बातचीत के दौरान परीक्षा में पास होने की बात छिड़ती है। अमिताभ ने अक्षय से पूछा कि इतनी बदमाशी करने के बावजूद वह इम्तिहान कैसे पास करते थे। इस पर अक्षय ने स्वीकार किया कि वह चीटिंग करके पास होते थे। इसके बाद अक्षय ने अमिताभ से भी पूछ लिया कि क्या उन्होंने कभी चीटिंग की है। अमिताभ ने जवाब दिया, “सच बात तो यह है कि मैंने भी थोड़ी-बहुत चीटिंग की है।” बिग बी का यह जवाब सुनकर अक्षय ने हाथ जोड़ लिए और दर्शकों से कहा कि यह गलत बात है, इसलिए ऐसे जवाब पर ताली न बजाएं। B.Sc के पेपर में अमिताभ बच्चन फेल हो गए थे इससे पहले साल 2023 में KBC पर ही अमिताभ बच्चन ने बताया था कि B.Sc के पेपर में वो फेल हो गए थे। बिग बी ने कहा था कि ग्रेजुएशन में उन्होंने गलत सब्जेक्ट का चुनाव कर लिया था, जिस कारण उन्हें ये दिक्कत हुई। अमिताभ बच्चन ने कहा था कि उन्होंने B.Sc में एडमिशन लिया था। बाद में ये सब्जेक्ट लेने पर उन्हें बहुत पछतावा हुआ। ये उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं था। 3 साल तक इस सब्जेक्ट को उन्होंने एक बोझ की तरह झेला। खासतौर पर फिजिक्स उन्हें बिल्कुल भी समझ नहीं आती थी। जिस कारण उनके मन में डर सा बैठ गया था। जब पेपर होने को 2 महीने बचे थे, तब उन्होंने किसी तरह सब कुछ बस रट लिया था। हालांकि, उनका ये रटा काम नहीं आया और फिजिक्स में फेल हो गए। इस कारण उन्हें दोबारा से एग्जाम देना पड़ा, पर इस बार वो सारे सब्जेक्ट में पास हो गए थे। अमिताभ ने पूछा, करीना उन्हें रिश्ते में क्या कहेंगी? इस एपिसोड में अमिताभ बच्चन ने सैफ अली खान से उनके पारिवारिक रिश्ते को लेकर बात की। अमिताभ ने सैफ से कहा, “बहुत से लोगों को नहीं पता कि ये हमारे रिश्ते में हैं।” यह सुनकर सैफ हैरान हुए और उन्होंने पूछा, “मैं?” अमिताभ ने इसके बाद कपूर और नंदा परिवार के जरिए दोनों परिवारों के जुड़ाव की जानकारी दी। शो पर अमिताभ ने यह कनेक्शन समझाते हुए कहा, “राज कपूर की बेटी रितु का बेटा निखिल मेरी बेटी श्वेता से शादीशुदा है।” इसके बाद अमिताभ ने मजाकिया अंदाज में सैफ से पूछा कि करीना उन्हें क्या कहेंगी? इस पर सैफ ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि यह सवाल शो में नहीं है। कपूर-नंदा परिवार से जुड़ा रिश्ता अमिताभ बच्चन की बेटी श्वेता बच्चन की शादी निखिल नंदा से हुई है। निखिल की मां रितु नंदा, फिल्ममेकर राज कपूर की बेटी हैं। राज कपूर, करीना कपूर के दादा थे। करीना राज कपूर के बड़े बेटे रणधीर कपूर की बेटी हैं। इस वजह से निखिल नंदा और करीना कपूर कजिन हैं। सैफ अली खान की शादी करीना से हुई है, इसलिए बच्चन परिवार से उनका सीधा रिश्ता (जैसे चाचा-भतीजी, मामा-भांजी आदि) नहीं है, बल्कि शादी के जरिए जुड़ा है। सैफ अली खान और अक्षय कुमार की अपकमिंग फिल्म ‘हैवान’ की बात करें तो यह फिल्म प्रियदर्शन की 2016 में रिलीज हुई मलयालम फिल्म ‘ओप्पम’ का रीमेक है, जिसमें मोहनलाल मुख्य भूमिका में थे। फिल्म में बोमन ईरानी, श्रिया पिलगांवकर, सैयामी खेर, राजपाल यादव, शारिब हाशमी, राजेश शर्मा और मनोज जोशी भी अहम भूमिकाओं में हैं। …………….. यह खबर भी पढ़ें… दाऊद इब्राहिम ने ऋषि कपूर को चाय पर बुलाया था: रोल्स रॉयस भेजी थी, फिल्म ‘तवायफ’ में दाऊद नाम रखने की भी तारीफ की थी दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर की आज 74वीं बर्थ एनिवर्सरी है। ऋषि कपूर ने अपनी किताब ‘खुल्लम खुल्ला’ में जिंदगी से जुड़े कई किस्से साझा किए थे। किताब में उन्होंने दाऊद इब्राहिम से दुबई में 2 बार हुई मुलाकात का जिक्र भी किया था। इंडिया टुडे टीवी को दिए इंटरव्यू में भी ऋषि कपूर ने दाऊद से हुई पहली मुलाकात को लेकर कई बातें शेयर की थीं। उन्होंने बताया था कि 1988 में वह आर.डी. बर्मन, आशा भोसले और बिट्टू आनंद के साथ शो के लिए दुबई पहुंचे थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
Rishi Kapoor & Dawood Ibrahim Dubai Meeting

49 मिनट पहले कॉपी लिंक ऋषि कपूर का जन्म 4 सितंबर 1952 को मुंबई में हुआ था और उनका निधन 30 अप्रैल 2020 को हुआ था। दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर की आज 74वीं बर्थ एनिवर्सरी है। ऋषि कपूर ने अपनी किताब ‘खुल्लम खुल्ला’ में जिंदगी से जुड़े कई किस्से साझा किए थे। किताब में उन्होंने दाऊद इब्राहिम से दुबई में हुई 2 बार मुलाकात का जिक्र भी किया था। इंडिया टीवी को दिए इंटरव्यू में भी ऋषि कपूर ने दाऊद से हुई पहली मुलाकात को लेकर कई बातें शेयर की थीं। उन्होंने बताया था कि 1988 में वह आर.डी. बर्मन, आशा भोसले और बिट्टू आनंद के साथ शो के लिए दुबई पहुंचे थे। ऋषि के मुताबिक, वहां एक व्यक्ति उनके पास फोन लेकर आया और कहा, “भाई बात करेंगे।” इसके बाद दाऊद ने उन्हें चाय पर घर बुलाया। ऋषि ने कहा था कि उन्हें लगा कि इसमें कुछ गलत नहीं है, क्योंकि उस समय दाऊद सिर्फ एक भगोड़ा था और उस समय उस पर बाद में होने वाले गंभीर अपराधों के आरोप नहीं थे। यह मुलाकात 1993 के मुंबई धमाकों से पहले हुई थी। ऋषि ने बताया था कि दाऊद के साथ उनकी करीब चार घंटे की मुलाकात हुई, जिसमें उन्होंने दो कप चाय पी। ऋषि के मुताबिक, दाऊद ने उन्हें अपने घर बुलाने के लिए रोल्स रॉयस गाड़ी भेजी थी। ‘तवायफ’ फिल्म में ऋषि का नाम था दाऊद ऋषि कपूर ने बताया था कि फिल्म ‘तवायफ’ में उनके किरदार का नाम दाऊद था। यह बात दाऊद इब्राहिम को काफी पसंद आई थी। ऋषि के मुताबिक, दाऊद ने कहा था कि उन्होंने उसका नाम अच्छे तरीके से दिखाया है। ऋषि ने यह भी कहा था कि दाऊद ने उनसे कभी कोई तोहफा नहीं लिया। हालांकि, उसने पूछा था, “क्या मैं आपको कुछ दिला सकता हूं?” इस पर ऋषि ने जवाब दिया था, “नहीं, आप मुझे कुछ क्यों दिलाएंगे? मैं अपनी जरूरत की चीजें खरीद सकता हूं।” 1985 की फिल्म तवायफ में ऋषि कपूर ने दाऊद मोहम्मद अली खान यूसुफजई नाम का रोल किया था। राज कपूर के निधन के एक दिन बाद जून 1988 में दाऊद ने मुंबई स्थित ऋषि के घर पर शोक जताने के लिए अपना एक आदमी भी भेजा था। ऋषि के मुताबिक, दाऊद उनके पिता राज कपूर का बड़ा फैन था। दूसरी मुलाकात साल 1989 में हुई थी वहीं, ऋषि कपूर की दाऊद से दूसरी मुलाकात साल 1989 में हुई थी। यह एक अचानक हुई मुलाकात थी। ऋषि पत्नी नीतू के साथ दुबई के एक जूते के स्टोर में खरीदारी कर रहे थे, जहां दाऊद अपने कुछ बॉडीगार्ड्स के साथ आया और उसने ऋषि को पहचानकर उनसे बातचीत की। दाऊद ने कुछ खरीदकर देने का ऑफर दिया, लेकिन ऋषि ने मना कर दिया था। ऋषि कपूर और नीतू सिंह की शादी 22 जनवरी 1980 को हुई थी। ऋषि ने कहा था कि उन्हें दाऊद से मिलने में बिल्कुल कुछ गलत नहीं लगा और कभी-कभी फिल्मों के लिए ऐसे लोगों से भी प्रेरणा ली जा सकती है। उन्होंने बताया था कि फिल्म ‘डी-डे’ में दाऊद से प्रेरित किरदार निभाने के लिए उन्होंने उससे जुड़ी चीजों को समझने की कोशिश की थी। 2013 की फिल्म डी डे में ऋषि कपूर ने इकबाल सेठ उर्फ गोल्डमैन (दाऊद इब्राहिम पर आधारित) का रोल किया था। एक नजर ऋषि कपूर के करियर पर ऋषि कपूर ने 1970 में फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट बॉलीवुड में कदम रखा था। इस फिल्म में उन्होंने अपने पिता राज कपूर के बचपन का किरदार निभाया था। 1973 में फिल्म ‘बॉबी’ से ऋषि कपूर ने बतौर लीड एक्टर डेब्यू किया। फिल्म में उनके साथ डिंपल कपाड़िया नजर आई थीं। यह फिल्म बड़ी हिट रही और ऋषि रातोंरात स्टार बन गए। ऋषि कपूर ने अपने करियर में 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था। ऋषि कपूर ने अपने करियर में कई रोमांटिक फिल्मों में काम किया। ‘कर्ज’, ‘चांदनी’, ‘नगीना’, ‘प्रेम रोग’ और ‘सागर’ उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं। उन्होंने सिर्फ हीरो ही नहीं, बल्कि अलग-अलग तरह के किरदार भी निभाए। ‘अग्निपथ’, ‘दो दूनी चार’, ‘मुल्क’ और ‘102 नॉट आउट’ में उनके अभिनय को खूब पसंद किया गया। उनकी आखिरी फिल्म ‘शर्माजी नमकीन’ थी। यह फिल्म उनके निधन के बाद 2022 में रिलीज हुई थी। ……………. यह खबर भी पढ़ें… शक्ति कपूर ने भागकर की थी शादी: लता मंगेशकर के परिवार से थीं पत्नी, शादी के बाद अखबार में छपा- 3 महीने में तलाक हो जाएगा तकरीबन 700 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके शक्ति कपूर का एक्टिंग करियर बेहद सफल रहा। उनकी पर्सनल लाइफ की लव स्टोरी भी काफी दिलचस्प है। शक्ति ने शिवांगी कोल्हापुरे से शादी की थी। दोनों की मुलाकात फिल्म ‘किस्मत’ के दौरान हुई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Rishi Kapoor & Dawood Ibrahim Dubai Meeting

11 मिनट पहले कॉपी लिंक ऋषि कपूर का जन्म 4 सितंबर 1952 को मुंबई में हुआ था और उनका निधन 30 अप्रैल 2020 को हुआ था। दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर की आज 74वीं बर्थ एनिवर्सरी है। ऋषि कपूर ने अपनी किताब ‘खुल्लम खुल्ला’ में जिंदगी से जुड़े कई किस्से साझा किए थे। किताब में उन्होंने दाऊद इब्राहिम से दुबई में हुई 2 बार मुलाकात का जिक्र भी किया था। इंडिया टीवी को दिए इंटरव्यू में भी ऋषि कपूर ने दाऊद से हुई पहली मुलाकात को लेकर कई बातें शेयर की थीं। उन्होंने बताया था कि 1988 में वह आर.डी. बर्मन, आशा भोसले और बिट्टू आनंद के साथ शो के लिए दुबई पहुंचे थे। ऋषि के मुताबिक, वहां एक व्यक्ति उनके पास फोन लेकर आया और कहा, “भाई बात करेंगे।” इसके बाद दाऊद ने उन्हें चाय पर घर बुलाया। ऋषि ने कहा था कि उन्हें लगा कि इसमें कुछ गलत नहीं है, क्योंकि उस समय दाऊद सिर्फ एक भगोड़ा था और उस समय उस पर बाद में होने वाले गंभीर अपराधों के आरोप नहीं थे। यह मुलाकात 1993 के मुंबई धमाकों से पहले हुई थी। ऋषि ने बताया था कि दाऊद के साथ उनकी करीब चार घंटे की मुलाकात हुई, जिसमें उन्होंने दो कप चाय पी। ऋषि के मुताबिक, दाऊद ने उन्हें अपने घर बुलाने के लिए रोल्स रॉयस गाड़ी भेजी थी। ‘तवायफ’ फिल्म में ऋषि का नाम था दाऊद ऋषि कपूर ने बताया था कि फिल्म ‘तवायफ’ में उनके किरदार का नाम दाऊद था। यह बात दाऊद इब्राहिम को काफी पसंद आई थी। ऋषि के मुताबिक, दाऊद ने कहा था कि उन्होंने उसका नाम अच्छे तरीके से दिखाया है। ऋषि ने यह भी कहा था कि दाऊद ने उनसे कभी कोई तोहफा नहीं लिया। हालांकि, उसने पूछा था, “क्या मैं आपको कुछ दिला सकता हूं?” इस पर ऋषि ने जवाब दिया था, “नहीं, आप मुझे कुछ क्यों दिलाएंगे? मैं अपनी जरूरत की चीजें खरीद सकता हूं।” 1985 की फिल्म तवायफ में ऋषि कपूर ने दाऊद मोहम्मद अली खान यूसुफजई नाम का रोल किया था। राज कपूर के निधन के एक दिन बाद जून 1988 में दाऊद ने मुंबई स्थित ऋषि के घर पर शोक जताने के लिए अपना एक आदमी भी भेजा था। ऋषि के मुताबिक, दाऊद उनके पिता राज कपूर का बड़ा फैन था। दूसरी मुलाकात साल 1989 में हुई थी वहीं, ऋषि कपूर की दाऊद से दूसरी मुलाकात साल 1989 में हुई थी। यह एक अचानक हुई मुलाकात थी। ऋषि पत्नी नीतू के साथ दुबई के एक जूते के स्टोर में खरीदारी कर रहे थे, जहां दाऊद अपने कुछ बॉडीगार्ड्स के साथ आया और उसने ऋषि को पहचानकर उनसे बातचीत की। दाऊद ने कुछ खरीदकर देने का ऑफर दिया, लेकिन ऋषि ने मना कर दिया था। ऋषि कपूर और नीतू सिंह की शादी 22 जनवरी 1980 को हुई थी। ऋषि ने कहा था कि उन्हें दाऊद से मिलने में बिल्कुल कुछ गलत नहीं लगा और कभी-कभी फिल्मों के लिए ऐसे लोगों से भी प्रेरणा ली जा सकती है। उन्होंने बताया था कि फिल्म ‘डी-डे’ में दाऊद से प्रेरित किरदार निभाने के लिए उन्होंने उससे जुड़ी चीजों को समझने की कोशिश की थी। 2013 की फिल्म डी डे में ऋषि कपूर ने इकबाल सेठ उर्फ गोल्डमैन (दाऊद इब्राहिम पर आधारित) का रोल किया था। एक नजर ऋषि कपूर के करियर पर ऋषि कपूर ने 1970 में फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट बॉलीवुड में कदम रखा था। इस फिल्म में उन्होंने अपने पिता राज कपूर के बचपन का किरदार निभाया था। 1973 में फिल्म ‘बॉबी’ से ऋषि कपूर ने बतौर लीड एक्टर डेब्यू किया। फिल्म में उनके साथ डिंपल कपाड़िया नजर आई थीं। यह फिल्म बड़ी हिट रही और ऋषि रातोंरात स्टार बन गए। ऋषि कपूर ने अपने करियर में 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था। ऋषि कपूर ने अपने करियर में कई रोमांटिक फिल्मों में काम किया। ‘कर्ज’, ‘चांदनी’, ‘नगीना’, ‘प्रेम रोग’ और ‘सागर’ उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं। उन्होंने सिर्फ हीरो ही नहीं, बल्कि अलग-अलग तरह के किरदार भी निभाए। ‘अग्निपथ’, ‘दो दूनी चार’, ‘मुल्क’ और ‘102 नॉट आउट’ में उनके अभिनय को खूब पसंद किया गया। उनकी आखिरी फिल्म ‘शर्माजी नमकीन’ थी। यह फिल्म उनके निधन के बाद 2022 में रिलीज हुई थी। ……………. यह खबर भी पढ़ें… शक्ति कपूर ने भागकर की थी शादी: लता मंगेशकर के परिवार से थीं पत्नी, शादी के बाद अखबार में छपा- 3 महीने में तलाक हो जाएगा तकरीबन 700 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके शक्ति कपूर का एक्टिंग करियर बेहद सफल रहा। उनकी पर्सनल लाइफ की लव स्टोरी भी काफी दिलचस्प है। शक्ति ने शिवांगी कोल्हापुरे से शादी की थी। दोनों की मुलाकात फिल्म ‘किस्मत’ के दौरान हुई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
India Nepal Flood Relief | Rescue Expert Forensic Team Support

नई दिल्ली/काठमांडू6 मिनट पहले कॉपी लिंक नेपाल में ग्लेशियर टूटने के बाद आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। नेपाल और चीन के तिब्बत क्षेत्र में इस आपदा से 1200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। शहरों, सड़कों, पुलों और कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भारी नुकसान पहुंचा है। बाढ़ के कुछ घंटों के भीतर ही भारत ने राहत सामग्री भेजनी शुरू कर दी थी। 3 सितंबर तक भारत पांच खेप में कुल 74 टन राहत सामग्री भेज चुका है, जिसमें करीब 5 टन जरूरी दवाइयां शामिल हैं। भारत की मदद सिर्फ राहत सामग्री तक सीमित नहीं रही। डॉक्टर, पैरामेडिक्स, बचाव दल, सुरंग विशेषज्ञ, बेली ब्रिज और फोरेंसिक एक्सपर्ट भी नेपाल भेजे गए हैं। यानी सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश से लेकर शवों की DNA जांच और पुनर्निर्माण तक भारत कई मोर्चों पर नेपाल की मदद कर रहा है। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने भी संसद में भारत की सहायता के लिए धन्यवाद दिया है। भारत की मदद से बना अस्पताल बाढ़ पीड़ितों के लिए बना सहारा नेपाल के नुवाकोट में नेपाल-भारत मैत्री भवन बाढ़ के बाद लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आया है। इस इमारत में आयुर्वेद और वैकल्पिक अस्पताल भी है। भारत सरकार ने 2015 के भूकंप के बाद इस अस्पताल का पुनर्निर्माण कराया था। ऊंचाई पर स्थित होने की वजह से भोटेकोशी बाढ़ में घर छोड़ने को मजबूर सैकड़ों लोगों ने यहां शरण ली है। अस्पताल में 11 डॉक्टर बाढ़ प्रभावित लोगों का इलाज कर रहे हैं। यहां से जिले के अलग-अलग राहत केंद्रों में पहुंचाए गए लोगों को भी मेडिकल मदद दी जा रही है। भारत की मदद से चल रहा अस्पताल लोगों को रहने की जगह, इलाज और दूसरी जरूरी सुविधाएं दे रहा है। जहां पुल बह गए, वहां बेली ब्रिज से फिर जुड़ेंगे रास्ते बाढ़ में कई सड़कें और पुल बहने से दूरदराज के इलाकों का संपर्क टूट गया है। इसे बहाल करने के लिए भारत नेपाल को बेली ब्रिज भेज रहा है। बेली ब्रिज लोहे के हिस्सों से तैयार होने वाला अस्थायी पुल होता है। इसके हिस्सों को प्रभावित इलाके तक ले जाकर मौके पर जोड़ा जा सकता है। इससे स्थायी पुल बनने का इंतजार किए बिना सड़क संपर्क जल्दी बहाल किया जा सकता है। भारतीय दूतावास के मुताबिक, 230 फीट लंबे सिंगल-लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं। सात और बेली ब्रिज लगाने के लिए उपकरण भी जल्द भेजे जाएंगे। इन्हें लगाने के लिए तकनीकी टीमें भी नेपाल पहुंचेंगी। नेपाल में 26 अगस्त को त्रिशूली नदी के ऊपर रसुवा जिले में एक पुल बाढ़ के साथ ही बह गया था। हाइड्रोपावर सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश में भारतीय एक्सपर्ट बाढ़ के बाद नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक हाइड्रोपावर सुरंगों में फंसे मजदूरों को ढूंढना है। नेपाल सरकार के मुताबिक कई सुरंगों में करीब 900 से ज्यादा कर्मचारियों के फंसे होने की आशंका है। 30 अगस्त को भारतीय सुरंग बचाव विशेषज्ञों की टीम नेपाल पहुंची। टीम नेपाली सेना के साथ मिलकर चिलिमे और लांगटांग के बाढ़ प्रभावित इलाकों में हाइड्रोपावर सुरंगों में कर्मचारियों की तलाश कर रही है। दिल्ली-एनसीआर के ‘रैट माइनर्स’ की टीम ने भी नेपाल के बचाव अभियान में शामिल होने की पेशकश की है। इसी टीम ने 2023 में उत्तराखंड की सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई थी। भारतीय टनल रेस्क्यू टीम नेपाल में लगातार काम कर रही है। शवों के पहचान के लिए DNA जांच में भारत की मदद बाढ़ का पानी घटने के बाद अब नेपाल के सामने एक और बड़ी चुनौती बरामद शवों और लापता लोगों की पहचान करना है। इसके लिए भारत ने 19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम नेपाल भेजी है। भारतीय विशेषज्ञ नेपाली टीम के साथ मिलकर DNA सैंपल की जांच कर रहे हैं। काठमांडू घाटी की दो लैब में यह काम किया जा रहा है। इनमें नेपाल पुलिस सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी और खुमलटार की नेशनल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी शामिल हैं। नेपाल पुलिस के मुताबिक मंगलवार शाम तक 1,068 शव बरामद किए जा चुके थे। इनमें करीब 400 मामलों में सिर्फ शरीर के कुछ हिस्से मिले हैं। ऐसे मामलों में DNA जांच के जरिए मृतकों की पहचान करना बेहद जरूरी हो गया है। भारतीय टीम शवों के अवशेषों की DNA जांच कर रही है। ताकि शव परिजनों को सौंपे जा सकें। बाढ़ में तबाह स्कूल को भी दोबारा बनाएगा भारत भारत की मदद राहत और बचाव अभियान तक सीमित नहीं है। भारत ने नुवाकोट के बिदुर में बाढ़ से क्षतिग्रस्त त्रिभुवन त्रिशूली सेकेंडरी स्कूल को दोबारा बनाने का फैसला भी किया है। यह स्कूल भारत-नेपाल सहयोग के लिहाज से भी अहम है। इसके पुराने भवन का संबंध भारत की विकास सहायता से रहा है। अब नई इमारत भी भारत के हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत बनाई जाएगी। आपदा के समय पड़ोसी देशों के साथ खड़ा रहा है भारत नेपाल में मौजूदा राहत अभियान आपदा के समय दूसरे देशों की मदद करने की भारत की नीति की एक और मिसाल है। 2015 में नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत ने ऑपरेशन मैत्री के तहत बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया था। मार्च में म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भी भारत ने ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत राहत और बचाव कार्यों में मदद की थी। नेपाल में इस बार भी भारत की भूमिका सिर्फ शुरुआती राहत तक सीमित नहीं है। इलाज से लेकर बचाव, सुरंगों में तलाश, टूटे रास्तों को जोड़ने, शवों की पहचान और पुनर्निर्माण तक भारत नेपाल की मदद में हर स्तर पर जुटा है। —————— नेपाल बाढ़ से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… नेपाल बाढ़ में कैसे बचा 40 साल पुराना ‘हरा घर’: मालिक बोला- नींव मजबूत बनाई, नदी किनारे घर था इसलिए ज्यादा ध्यान दिया था नेपाल में 26 अगस्त को त्रिशूली नदी की बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। तेज बहाव में गाड़ियां, इमारतें और लोगों के सामान बह गए, लेकिन नुवाकोट जिले में नदी किनारे बना 40 साल पुराना हरा घर लगभग सुरक्षित बच गया। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर 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Himalaya Glacier Melting Crisis | Black Carbon Pollution Risk

बीजिंग/काठमांडू33 मिनट पहले कॉपी लिंक हिमालय के ग्लेशियरों पर अब सिर्फ बढ़ते तापमान का खतरा नहीं है। हवा में मौजूद कालिख और धूल भी बर्फ के पिघलने की रफ्तार बढ़ा रही है। गाड़ियों, कोयला बिजलीघरों, फैक्ट्रियों, ईंट भट्ठों, घरों के चूल्हों और जंगलों व खेतों में लगने वाली आग से निकलने वाले कण हवा के साथ ऊंचे पहाड़ों तक पहुंचते हैं और ग्लेशियरों की सफेद सतह पर जम जाते हैं। बर्फ पर जमी कालिख सूरज की गर्मी ज्यादा सोखती है। इससे बर्फ जल्दी पिघलने लगती है। इससे ग्लेशियरों के पिघलने की रफ्तार बढ़ सकती है। वैज्ञानिकों की चिंता इसलिए बढ़ रही है क्योंकि ग्लोबल वार्मिंग के साथ प्रदूषण का यह असर ग्लेशियरों को कमजोर और अस्थिर कर सकता है। नेपाल इसका चिंताजनक उदाहरण है। यहां हाल में ग्लेशियर टूटने के बाद अचानक बाढ़ आई और भारी नुकसान हुआ। इस घटना की सटीक वजह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि बढ़ता तापमान और ग्लेशियरों पर जमा प्रदूषण ऐसे हादसों का जोखिम बढ़ा सकते हैं। नेपाल के नोगजुम्पा ग्लेशियर पर 2025 में बनी पिघले पानी की झील। सफेद बर्फ पर कालिख पड़ते ही पिघलना क्यों बढ़ जाता है? साफ बर्फ सूरज की करीब 90% रोशनी वापस अंतरिक्ष में भेज देती है। इसलिए वह सूरज की गर्मी का बड़ा हिस्सा सोखने से बच जाती है। जब बर्फ पर कालिख यानी ब्लैक कार्बन जमती है तो उसकी सफेदी कम हो जाती है। सतह सूरज की ज्यादा ऊर्जा सोखने लगती है और तेजी से गर्म होती है। इससे बर्फ के पिघलने की रफ्तार भी बढ़ जाती है। एक मॉडलिंग स्टडी के मुताबिक, 2007 से 2016 के बीच हिमालय में ग्लेशियरों के कुल बर्फ नुकसान में दक्षिण एशिया से आया ब्लैक कार्बन एक-तिहाई तक जिम्मेदार हो सकता है। यानी ग्लेशियरों पर असर सिर्फ बढ़ते तापमान का नहीं है। बर्फ पर जम रही कालिख भी उसके गर्म होने और पिघलने में भूमिका निभा रही है। नेपाल के खुम्बू इलाके में तेजी से पिघल रहे ग्लेशियर के बचे हुए हिस्से से पोर्टर सामान लेकर गुजर रहा है। पाकिस्तान से उठी कालिख भी हिमालय तक पहुंच रही सैटेलाइट डेटा के अध्ययन से पता चला है कि पाकिस्तान के औद्योगिक मैदानी इलाकों से निकलने वाला ब्लैक कार्बन और खनिज धूल हवा के साथ ऊंचे हिमालयी ग्लेशियरों तक पहुंच सकता है। ये महीन कण ग्लेशियर की सतह पर जमते हैं और बर्फ को गहरा कर देते हैं। इससे सूरज की ज्यादा ऊर्जा सोखी जाती है और पिघलने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। तेजी से पिघलने वाला पानी ग्लेशियर की दरारों के रास्ते अंदर भी जा सकता है। इससे बर्फ के भीतर पानी के रास्ते बन सकते हैं और ग्लेशियर की स्थिरता प्रभावित हो सकती है। अगर कमजोर ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा अचानक टूटकर नीचे आता है तो फ्लैश फ्लड यानी अचानक तेज बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। प्रदूषण सिर्फ बर्फ को काला नहीं करता ब्लैक कार्बन का असर ग्लेशियर की सतह तक सीमित नहीं है। हवा में मौजूद कालिख सूरज की गर्मी सोखकर पहाड़ों के ऊपर के वातावरण को गर्म कर सकती है और बादलों के बनने के तरीके को भी प्रभावित कर सकती है। इससे कुछ इलाकों में बर्फबारी कम होने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में ग्लेशियर पर दोहरा दबाव पड़ता है। एक तरफ पुरानी बर्फ तेजी से पिघलती है और दूसरी तरफ उसकी भरपाई के लिए नई बर्फ कम मिल सकती है। कालिख के बड़े स्रोत कौन से हैं? दक्षिण एशिया में ब्लैक कार्बन के प्रमुख स्रोतों में पेट्रोल-डीजल वाहन, कोयला आधारित बिजलीघर और उद्योग, ईंट भट्ठे, लकड़ी और ठोस ईंधन से चलने वाले पारंपरिक चूल्हे, जंगलों की आग और फसल जलाना शामिल हैं। इनसे निकले महीन कण हवाओं के साथ लंबी दूरी तय कर सकते हैं। यानी ग्लेशियर से हजारों किलोमीटर दूर पैदा हुआ प्रदूषण भी हिमालय की बर्फ तक पहुंच सकता है। अच्छी खबर: कालिख कम करने का असर जल्दी दिखता है ब्लैक कार्बन के मामले में राहत की एक वजह भी है। कार्बन डाइऑक्साइड के मुकाबले यह वातावरण में बहुत कम समय तक रहता है। आमतौर पर कुछ दिनों से कुछ हफ्तों तक। इसलिए इसके उत्सर्जन में कमी लाने पर असर जल्दी दिखाई दे सकता है। इसका एक उदाहरण 2020 का कोविड लॉकडाउन है। 2023 में प्रकाशित एक स्टडी में वैज्ञानिकों ने उस दौरान हुए प्रदूषण में कमी का अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि प्रदूषण घटने से हिमालय की बर्फ ज्यादा चमकीली हुई और उसके पिघलने की दर 40% तक कम हो गई। इससे पता चलता है कि वाहनों, उद्योगों और दूसरे स्रोतों से निकलने वाली कालिख को कम करके ग्लेशियरों पर पड़ने वाला दबाव कुछ हद तक जल्दी घटाया जा सकता है। हिमालय का संकट सिर्फ पहाड़ों तक सीमित नहीं हिमालय के ग्लेशियर भारत समेत पूरे दक्षिण एशिया के लिए बेहद अहम हैं। इनसे निकलने वाला पानी कई बड़ी नदियों के प्रवाह में योगदान देता है। ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने से कुछ समय के लिए नदियों में पानी बढ़ सकता है, लेकिन लंबे समय तक यही रफ्तार बनी रही तो ग्लेशियरों में जमा बर्फ घटती जाएगी। इससे भविष्य में पानी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा ग्लेशियरों के पास बनी झीलों के फटने से ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी GLOF का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसी बाढ़ कुछ ही समय में निचले इलाकों में भारी तबाही ला सकती है। —————— यह खबर भी पढ़ें… हिमालय में 7 मिनट में तबाही, चीन की तैयारी नाकाम:पिछली बार झील फटी थी, इस बार ग्लेशियर ही टूट गया 26 अगस्त को चीन-नेपाल सीमा पर हिमालय की एक घाटी में ऐसी तबाही आई, जिसमें 1200 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। हैरानी की बात ये थी कि चीन इस इलाके में ऐसी आपदा से निपटने की तैयारी पहले ही कर चुका था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
US ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीय को राहत:फैमिली कैटेगरी की तारीखें बढ़ीं; 1 अक्टूबर से नए वीजा नंबर मिलेंगे

अमेरिका में स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीय परिवारों के लिए सितंबर का वीजा बुलेटिन राहत लेकर आया है। परिवार-आधारित कई श्रेणियों में ग्रीन कार्ड मिलने की तारीखें काफी आगे बढ़ी हैं। हालांकि, EB-1 श्रेणी में खास बदलाव नहीं हुआ है। EB-1 श्रेणी में असाधारण प्रतिभा वाले लोग, बेहतरीन प्रोफेसर-रिसर्चर और एमएनसी के कुछ वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं। भारत के लिए सितंबर में इसकी फाइनल एक्शन डेट 15 अक्टूबर 2022 है। सितंबर का वीजा बुलेटिन मौजूदा वित्त वर्ष का आखिरी बुलेटिन है। अमेरिका का वित्त वर्ष 1 अक्टूबर से 30 सितंबर तक चलता है। नए वार्षिक वीजा नंबर 1 अक्टूबर से उपलब्ध होंगे। F-1 में 13 महीने की बढ़त सितंबर वीजा बुलेटिन में भारत और चीन के लिए F-1 श्रेणी की फाइनल एक्शन डेट 15 दिसंबर 2018 से बढ़कर 22 जनवरी 2020 हो गई है। यह श्रेणी अमेरिकी नागरिकों के अविवाहित वयस्क बेटे-बेटियों के लिए है। F-2B में करीब 20 महीने की राहत ग्रीन कार्ड धारकों के अविवाहित वयस्क बेटे-बेटियों के लिए F-2B की तारीख 1 जनवरी 2018 से बढ़कर 22 अगस्त 2019 हो गई है। यानी एक महीने में करीब 20 महीने की बढ़त मिली है। F-3 में करीब 29 महीने की बढ़त अमेरिकी नागरिकों के विवाहित बेटे-बेटियों के लिए F-3 की फाइनल एक्शन डेट 15 मई 2012 से बढ़कर 22 अक्टूबर 2014 हो गई है। इसमें करीब 29 महीने की बढ़त हुई है। F-2A में एक महीने की बढ़त ग्रीन कार्ड धारकों के पति-पत्नी और नाबालिग बच्चों के लिए F-2A की तारीख 22 जुलाई 2026 से बढ़कर 22 अगस्त 2026 हो गई है। वित्त वर्ष 2026 में परिवार आधारित इमिग्रेशन की कुल सीमा 2.26 लाख और रोजगार आधारित इमिग्रेशन की सीमा 1,86,317 है। प्रति देश 7% यानी 28,862 वीजा की सीमा है। कुल मिलाकर इस महीने परिवार आधारित ग्रीन कार्ड की कई श्रेणियों में अच्छी प्रगति हुई है, जबकि EB-1 में कोई बदलाव नहीं हुआ। अमेरिका में इमिग्रेशन को लेकर नया बिल पेश इससे पहले अमेरिकी सीनेट में एक ऐसा विधेयक पेश किया गया थआ, जिसमें पिछले 7 साल से लगातार अमेरिका में रह रहे लोगों को ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने की अनुमति देने का प्रस्ताव है। ग्रीन कार्ड अमेरिका में स्थायी रूप से रहने और काम करने की अनुमति देने वाला आधिकारिक दस्तावेज है। इसे आधिकारिक तौर पर परमानेंट रेजिडेंट कार्ड कहा जाता है। भारतीय H-1B वीजाधारकों के लिए यह प्रस्ताव क्यों अहम है? यह प्रस्ताव भारतीयों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अमेरिका में H-1B वीजा पर काम करने वाले लोगों में सबसे बड़ी संख्या भारतीयों की है। फिलहाल रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड पर हर देश के लिए एक तय सीमा (पर-कंट्री कैप) लागू है। इसी वजह से हजारों भारतीयों को ग्रीन कार्ड मिलने में कई-कई साल लग जाते हैं। अगर यह विधेयक कानून बन जाता है, तो पिछले 7 साल से लगातार अमेरिका में रह रहे पात्र H-1B वीजाधारकों को ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने का एक नया विकल्प मिल जाएगा।
US ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीय को राहत:फैमिली कैटेगरी की तारीखें बढ़ीं; 1 अक्टूबर से नए वीजा नंबर मिलेंगे

अमेरिका में स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीय परिवारों के लिए सितंबर का वीजा बुलेटिन राहत लेकर आया है। परिवार-आधारित कई श्रेणियों में ग्रीन कार्ड मिलने की तारीखें काफी आगे बढ़ी हैं। हालांकि, EB-1 श्रेणी में खास बदलाव नहीं हुआ है। EB-1 श्रेणी में असाधारण प्रतिभा वाले लोग, बेहतरीन प्रोफेसर-रिसर्चर और एमएनसी के कुछ वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं। भारत के लिए सितंबर में इसकी फाइनल एक्शन डेट 15 अक्टूबर 2022 है। सितंबर का वीजा बुलेटिन मौजूदा वित्त वर्ष का आखिरी बुलेटिन है। अमेरिका का वित्त वर्ष 1 अक्टूबर से 30 सितंबर तक चलता है। नए वार्षिक वीजा नंबर 1 अक्टूबर से उपलब्ध होंगे। खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है।








