Tuesday, 20 Oct 2026 | 03:07 PM

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Dhanda Nyoliwala Mirzapur Movie Debut

Dhanda Nyoliwala Mirzapur Movie Debut

ढांडा न्यौलीवाली के साथ उसके गाने पर थिरकते हुए कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी), गुड्डू भैया (अली फजल), मुन्ना भैया (दिव्येंदु) और जीतू भैया (जितेंद्र कुमार)। हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री के मशहूर रैपर ढांडा न्योलीवाला ने बॉलीवुड में कदम रख दिया है। एक्सेल एंटरटेनमेंट की फिल्म ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के पहले ऑफिशियल ट्रैक “दो नंबरी” से ढांडा ने अपना बी-टाउन डेब्यू किया है। रिलीज होते ही यह गाना यूट्यूब और इंस्टा . ‘दो नंबरी’ गाना मिर्जापुर की क्राइम और पॉवर वाली थीम में पूरी तरह फिट बैठता है। इस गाने को ढांडा ने अपने पारंपरिक हरियाणवी फ्लो और रफ-एंड-टफ अंदाज में गाया है। गाने के बोल “बंदे एक नंबर के, धंधे दो नंबरी” युवाओं के जुबान में चढ़े हुए हैं। शुक्रवार को ही यह फिल्म थियेटर्स में रिलीज हुई है। इससे पहले मुंबई और दिल्ली में आयोजित हुए म्यूजिक एल्बम लॉन्च में ढांडा का जलवा देखने को मिला। इवेंट के दौरान कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी), गुड्डू भैया (अली फजल), मुन्ना भैया (दिव्येंदु) और जीतू भैया (जितेंद्र कुमार) जैसे दिग्गज कलाकार उनके साथ मंच पर थिरकते नजर आए। ढांडा न्यौलीवाला को लेकर अपनी बात बताते हुए मुन्ना भैया (दिव्येंदु)। ढांडा बोले- ‘मिर्जापुर के लिए तैयार किए थे 4 गाने’ म्यूजिक एल्बम लॉन्च में ढांडा न्योलीवाला ने एक दिलचस्प राज खोला। उन्होंने बताया कि जब मुझे मिर्जापुर फिल्म के लिए अप्रोच किया गया, तो मैं बेहद एक्साइटेड था। मैंने इस फिल्म के वाइब को ध्यान में रखकर कुल 4 गाने तैयार किए थे। मेकर्स को ‘दो नंबरी’ पहली बार में ही इतना पसंद आया कि उन्होंने इसे फिल्म का लीड ट्रैक बना दिया। ढांडा ने आगे बताया कि बाकी बचे 3 गानों को वे बेकार नहीं जाने देंगे, बल्कि आने वाले समय में अपने सोलो प्रोजेक्ट्स के जरिए फैंस के बीच रिलीज करेंगे। फिल्म को लेकर अपनी बात रखते हुए ढांडा न्यौलीवाला। मिर्जापुर मूवी में ढांडा की एंट्री से जुड़ी 4 बड़ी बातें… म्यूजिक कंपोजिशन भी खुद ही तैयार किया: ढांडा न्यौलीवाला ने ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के पहले ऑफिशियल ट्रैक ‘दो नंबरी से फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू किया है। खास बात यह है कि इस गाने को न सिर्फ उन्होंने गाया है, बल्कि इसके बोल (Lyrics) और म्यूजिक कंपोजिशन भी खुद ढांडा न्यौलीवाला ने ही तैयार किए हैं। एक्सेल म्यूजिक का पहला फ्लैगशिप रिलीज: फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी के प्रोडक्शन हाउस ‘एक्सेल एंटरटेनमेंट’ ने हाल ही में अपने नए म्यूजिक वर्टिकल ‘एक्सेल म्यूजिक’ की शुरुआत की है। इस म्यूजिक लेबल के तहत रिलीज होने वाला पहला ही आधिकारिक गाना ढांडा न्यौलीवाला का ‘दो नंबरी’ बना है। गुड्डू भैया संग वायरल बीटीएस और केमिस्ट्री: गाने के प्रमोशन और रिलीज के दौरान ढांडा न्यौलीवाला ने ‘मिर्जापुर’ के मुख्य किरदार ‘गुड्डू भैया’ यानी अली फज़ल के साथ बिहाइंड द सीन्स (BTS) और प्रमोशनल वीडियो शेयर किए। गुड्डू भैया के भौकाल और ढांडा के हरियाणवी एटीट्यूड की इस जुगलबंदी को सोशल मीडिया पर लाखों व्यूज और लाइक्स मिले हैं। पूर्वांचल के क्राइम थ्रिलर में हरियाणवी हिप-हॉप का तड़का: ‘मिर्जापुर’ अपनी डार्क, एग्रेसिव और देसी टोन के लिए जानी जाती है। ढांडा न्यौलीवाला का सिग्नेचर एग्रेसिव रैप स्टाइल और भारी-भरकम बीट्स फिल्म के इस मिजाज में पूरी तरह फिट बैठते हैं। ढंडा की पत्नी आशा डिस्कस थ्रो में नेशनल लेवल पर मेडल जीत चुकी हैं। जमीन से उठकर बॉलीवुड तक का सफर हरियाणा के एक छोटे से गांव न्योली कलां (हिसार) से निकलकर बॉलीवुड के सबसे बड़े सिनेमाई यूनिवर्स ‘मिर्जापुर’ तक पहुंचना ढांडा के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। ‘रशिया’, ‘चोरी चोरी’, और ‘खतरनाक’ जैसे ब्लॉकबस्टर अंडरग्राउंड और कमर्शियल हिट्स देने के बाद, इस बॉलीवुड डेब्यू ने उन्हें नेशनल लेवल पर पहचान दिला दी है। पत्नी डिस्कस थ्रो में नेशनल चैंपियन रहीं ढांडा की पत्नी आशा सहारण ढांडा डिस्कस थ्रो में नेशनल चैंपियन रह चुकी हैं। वो पति के साथ ऑस्ट्रेलिया में ही रहती हैं। सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहती हैं। उनकी भी काफी फैन फॉलोइंग है। वह अकसर अपने सोशल मीडिया अकाउंट से सिंगर के साथ तस्वीरें शेयर करती हैं। ———————– ये खबर भी पढ़ें… लाइव कॉन्सर्ट में ढांडा न्योलीवाला-रैपर भिड़े:हूटिंग पर ‘चारदीवारी’ ने फैंस को गालियां दी, हरियाणवी सिंगर बोले-चाहने वाले हैं तो हम हैं, ज्यादा न बोलना गुरुग्राम से सटे द्वारका एक्सप्रेसवे के पास स्थित यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में आयोजित लाइव कॉन्सर्ट में हंगामा हो गया। मंच पर परफॉर्म करने आए हरियाणवी सिंगर ढांडा न्योलीवाला और एक रैपर गैली-गलौज करते नजर आए। (पूरी खबर पढ़ें)

Salman Khan Cameo in Arhaan Khan Bollywood Debut

Salman Khan Cameo in Arhaan Khan Bollywood Debut

6 घंटे पहले कॉपी लिंक अरबाज खान और मलाइका अरोड़ा के बेटे अरहान खान जल्द ही बतौर हीरो बॉलीवुड में डेब्यू करने वाले हैं। सलमान खान अपने भतीजे की इस फिल्म में कैमियो करते नजर आएंगे। जाहिर है, फिल्म में सलमान की मौजूदगी से अरहान के डेब्यू को बड़ा सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब सलमान खान ने अपने परिवार के किसी सदस्य के करियर को सपोर्ट करने के लिए फिल्मों में काम किया हो। सोहेल खान की डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म हो या उनका डायरेक्शन में कमबैक, सलमान ने दोनों मौकों पर भाई का साथ दिया और उनकी फिल्मों में लीड रोल कर कमान संभाली। वहीं, जब अरबाज खान की बतौर लीड एक्टर फिल्में लगातार फ्लॉप हो रही थीं, तब सलमान ने उन्हें अपनी फिल्मों में काम दिया और बाद में प्रोडक्शन और डायरेक्शन की दूसरी पारी में भी उनका साथ दिया। इतना ही नहीं, सलमान ने अपनी बहन अर्पिता खान शर्मा के पति आयुष शर्मा और बहन अलविरा अग्निहोत्री की बेटी अलिजेह अग्निहोत्री को भी अपने प्रोडक्शन हाउस के जरिए लॉन्च किया। अरहान खान के बॉलीवुड डेब्यू से पहले जानते हैं कि सलमान खान ने कब-कब अपने परिवार के सदस्यों के करियर को सपोर्ट किया- सोहेल खान के डायरेक्टोरियल डेब्यू का हिस्सा बने सलमान सोहेल खान ने साल 1997 में फिल्म ‘औजार’ से बतौर डायरेक्टर करियर की शुरुआत की थी। फिल्म में सलमान खान ने लीड रोल निभाया था। करीब 5 करोड़ रुपए के बजट में बनी इस फिल्म ने लगभग 10 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया था। हालांकि, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल नहीं कर सकी। इसके बाद सोहेल खान ने साल 1998 में ‘प्यार किया तो डरना क्या’ डायरेक्ट की। इस फिल्म में भी सलमान खान लीड रोल में नजर आए। सोहेल ने फिल्म की कहानी लिखने के साथ-साथ इसे प्रोड्यूस भी किया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त हिट रही। प्यार किया तो डरना क्या के सेट पर सोहेल के साथ सलमान और धर्मेंद्र। सोहेल की अगली डायरेक्टोरियल फिल्म ‘हैलो ब्रदर’ में भी सलमान लीड रोल में थे। इस फिल्म में अरबाज खान भी अहम भूमिका में नजर आए। सोहेल के डायरेक्टोरियल कमबैक को भी किया सपोर्ट साल 2002 में रिलीज हुई सोहेल खान की फिल्म ‘मैंने दिल तुझको दिया’ में उन्होंने डायरेक्शन, प्रोडक्शन और एक्टिंग की जिम्मेदारी संभाली थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही। इसके बाद सोहेल ने डायरेक्शन से दूरी बना ली। करीब 12 साल बाद सोहेल खान ने साल 2014 में फिल्म ‘जय हो’ से बतौर डायरेक्टर कमबैक किया। इस फिल्म में भी सलमान खान ने लीड रोल निभाकर अपने भाई के डायरेक्टोरियल कमबैक को सपोर्ट किया। सलमान की फिल्मों में सोहेल बने प्रोड्यूसर सोहेल खान ने डायरेक्शन से ब्रेक के दौरान बतौर प्रोड्यूसर भी काम किया। वह सलमान खान की कई फिल्मों से प्रोड्यूसर के तौर पर जुड़े रहे। इनमें ‘लकी: नो टाइम फॉर लव’, ‘मैंने प्यार क्यों किया?’, ‘पार्टनर’, ‘गॉड तुस्सी ग्रेट हो’, ‘मैं और मिसेज खन्ना’ और ‘रेडी’ जैसी फिल्में शामिल हैं। इस तरह सलमान की फिल्मों के जरिए सोहेल का प्रोडक्शन करियर भी लगातार चलता रहा। रियलिटी शो में भी सोहेल को मिला सलमान का सपोर्ट सलमान खान लंबे समय से बानीजे प्रोडक्शन हाउस के पॉपुलर रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ से जुड़े हुए हैं। इसी प्रोडक्शन हाउस ने जब ओटीटी गेम रियलिटी शो ‘द अलायंस’ शुरू किया, तो सलमान की बदौलत, सोहेल शो से जुड़े। शो के दौरान सोहेल की जर्नी भले ही खास नहीं रही, लेकिन फैमिली वीक में सलमान खान उनके सपोर्ट में शो पर पहुंचे। सलमान ने आम कंटेस्टेंट की तरह सोहेल का हौसला बढ़ाया। उनकी मौजूदगी से सोहेल की जर्नी को भी चर्चा मिली और शो सुर्खियों में रहा। अरबाज खान के एक्टिंग करियर के बाद प्रोडक्शन और डायरेक्शन में भी साथ दिया अरबाज खान ने साल 1996 में फिल्म ‘दरार’ से एक्टिंग डेब्यू किया था। फिल्म सफल रही, लेकिन अरबाज को बतौर हीरो वह पहचान नहीं मिल सकी, जिसकी उम्मीद थी। इसके बाद अरबाज ने सलमान खान की फिल्मों ‘प्यार किया तो डरना क्या’ और ‘हैलो ब्रदर’ में काम किया। दोनों ही फिल्में सलमान के करियर की चर्चित फिल्मों में शामिल रहीं। अरबाज ने सलमान की फिल्म ‘तुमको भुला न पाएंगे’ में भी कैमियो किया था। इसके अलावा वह ‘गर्व’ और ‘मैंने प्यार क्यों किया?’ जैसी सलमान की फिल्मों में भी नजर आए। जब अरबाज की बतौर लीड एक्टर फिल्में लगातार फ्लॉप होने लगीं, तो उन्होंने एक्टिंग से आगे बढ़कर प्रोडक्शन में कदम रखा। साल 2010 में उन्होंने सलमान खान की फिल्म ‘दबंग’ से बतौर प्रोड्यूसर अपनी दूसरी पारी शुरू की और अरबाज खान प्रोडक्शंस की शुरुआत की। ‘दबंग’ में अरबाज ने मक्खी का किरदार भी निभाया। फिल्म ब्लॉकबस्टर रही। इसके बाद ‘दबंग 2’ में भी अरबाज ने एक्टिंग के साथ-साथ बतौर प्रोड्यूसर काम किया। ‘दबंग’ के डायरेक्टर की जगह अरबाज को मिला मौका ‘दबंग’ की शूटिंग के दौरान डायरेक्टर अभिनव कश्यप के फिल्म से अलग होने के बाद अरबाज खान ने फिल्म की डायरेक्शन की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद उन्होंने ‘दबंग 2’ डायरेक्ट की, जो बॉक्स ऑफिस पर सफल रही। दबंग 2 के सेट से सलमान और अरबाज की तस्वीर। इस तरह अरबाज ने सलमान के सपोर्ट से एक्टिंग के बाद प्रोडक्शन और डायरेक्शन में भी अपनी पहचान बनाई। सिर्फ अरबाज ही नहीं, बल्कि उनकी पूर्व पत्नी मलाइका अरोड़ा भी ‘दबंग’ और ‘दबंग 2’ के गानों के जरिए चर्चा में रहीं। ‘दबंग’ का ‘मुन्नी बदनाम हुई’ और ‘दबंग 2’ का ‘पांडे जी सीटी’ काफी लोकप्रिय हुआ। राखी बहन श्वेता रोहिरा के पति पुलकित सम्राट को भी किया सपोर्ट सलमान खान की राखी बहन श्वेता रोहिरा ने साल 2014 में अभिनेता पुलकित सम्राट से शादी की थी। पुलकित ने साल 2012 में फिल्म ‘बिट्टू बॉस’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था। सलमान ने श्वेता के साथ अपने रिश्ते के चलते पुलकित के करियर को भी सपोर्ट किया। उन्होंने पुलकित की फिल्म बिट्टू बॉस के प्रमोशन में हिस्सा लिया। इसके अलावा साल 2014 में रिलीज हुई ‘जय हो’ में पुलकित को अहम भूमिका भी मिली। हालांकि, बाद में पुलकित और श्वेता का रिश्ता ज्यादा लंबा नहीं चला और 2015 में दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद

Pankaj Tripathi Struggle | Manoj Bajpayee Slippers & Jail Story

Pankaj Tripathi Struggle | Manoj Bajpayee Slippers & Jail Story

6 घंटे पहले कॉपी लिंक पंकज त्रिपाठी का जन्म बिहार के गोपालगंज जिले के बेलसंड गांव में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। दिग्गज अभिनेता पंकज त्रिपाठी का आज 50वां जन्मदिन है। पंकज त्रिपाठी उन कलाकारों में गिने जाते हैं जिन्होंने बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के अपनी अलग पहचान बनाई। बिहार के गोपालगंज जिले के बेलसंड गांव से निकलकर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा तक पहुंचे पंकज ने फिल्मों में छोटे-छोटे किरदारों से शुरुआत की और वर्तमान समय के हिंदी सिनेमा के सबसे चर्चित अभिनेताओं में से एक हैं। पंकज की जिंदगी से जुड़ा एक इमोशनल किस्सा अभिनेता मनोज बाजपेयी से भी जुड़ा है। जब पंकज ने मनोज की चप्पल अपने पास रख ली थी। दरअसल, फिल्मों में पहचान बनाने से पहले पंकज त्रिपाठी पटना के होटल मौर्य की किचन में सुपरवाइजर के तौर पर काम करते थे। वह होटल में काम करने के साथ-साथ थिएटर भी किया करते थे। पंकज ने कपिल शर्मा के शो में बताया था कि वो मनोज बाजपेयी के बहुत बड़े फैन थे। उन्हें जब पता चला कि मनोज बाजपेयी होटल में रुके हुए हैं, तो उन्होंने होटल के स्टाफ से कहा था कि मनोज बाजपेयी के रूम से कोई भी ऑर्डर आए तो सीधे उनको बताना। जब मनोज के कमरे से ऑर्डर आया तब पंकज ने होटल में मौजूद ढेर सारे सेबों में से सबसे अच्छे सेब चुनवाए और उन्हें अच्छी तरह पैक करवाकर एक्टर के कमरे में भेजा था। पंकज त्रिपाठी और मनोज बाजपेयी ने एक साथ मुख्य रूप से फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर (2012) में काम किया है। इसके साथ ही उन्होंने वेटर से कह दिया था कि मनोज जी से कहना कि एक लड़का उनसे मिलना चाहता है और वह थिएटर करता है। इसके बाद पंकज खुद मनोज के कमरे में पहुंचे। उन्होंने मनोज को प्रणाम किया, पैर छुए और बताया कि वह भी थिएटर करते हैं। कुछ देर उनसे मिलने के बाद पंकज वहां से वापस आ गए। मनोज की चप्पल होटल में छूट गई थी पंकज ने बताया था कि अगले दिन सुबह मनोज बाजपेयी होटल से चेकआउट करके एयरपोर्ट के लिए निकल गए। हालांकि, मनोज की एक हवाई चप्पल होटल के कमरे में छूट गई। जिसके बाद हाउसकीपिंग के कर्मचारी ने पंकज से कहा, “तुम्हारे मनोज बाजपेयी चप्पल छोड़ गए हैं।” यह सुनते ही पंकज ने कहा कि चप्पल हाउसकीपिंग में जमा मत करो, उन्हें दे दो। इसके पीछे की वजह बताते हुए पंकज ने कहा था, “एकलव्य की तरह अगर मैं इनके खड़ाऊं में अपना पैर डाल लूंगा…” यह कहते-कहते पंकज शो में भावुक हो गए थे। उनकी आंखों से आंसू निकल आए थे। पंकज की जिंदगी में एक नहीं, दो जन्मतिथियां पंकज त्रिपाठी की जन्मतिथि को लेकर भी एक दिलचस्प किस्सा है। दस्तावेजों और कई आधिकारिक प्रोफाइल में उनकी जन्मतिथि 5 सितंबर 1976 दर्ज है। हालांकि, पंकज ने खुद बताया था कि उनका जन्म वास्तव में 28 सितंबर 1976 को हुआ था। उन्होंने बताया था कि बचपन में स्कूल में नामांकन के दौरान उनके भाई से जन्मतिथि पूछी गई थी। भाई को सही तारीख याद नहीं थी, इसलिए 5 सितंबर दर्ज हो गया। जिसके चलते यही तारीख उनकी जन्मतिथि बन गई। पंकज त्रिपाठी ने 7 दिन जेल में बिताए थे कॉलेज के दिनों में पंकज त्रिपाठी का सामना जेल से भी हुआ था। साल 1993 में वह छात्र राजनीति से जुड़े थे और एक आंदोलन के दौरान उन्हें पटना की बेऊर जेल में करीब सात दिन बिताने पड़े। दरअसल, मधुबनी में छात्रों पर हुई गोलीबारी के विरोध में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के खिलाफ प्रदर्शन किया था। जिसके चलते उन्हें राजनीतिक कैदी के रूप में जेल में रहना पड़ा था। पटना में कॉलेज के दिनों में पंकज त्रिपाठी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े हुए थे। जेल में बिताए इन सात दिनों ने पंकज की सोच पर गहरा असर डाला। इसी दौरान उन्हें किताबें पढ़ने का शौक लगा। जेल में बंद अलग-अलग लोगों और उनके स्वभाव को करीब से देखने का मौका मिला, जिसे बाद में उन्होंने अपने अभिनय और किरदारों को समझने में भी इस्तेमाल किया। एक नजर पंकज त्रिपाठी के करियर पर पंकज त्रिपाठी को फिल्मों में शुरुआती दौर में छोटे किरदार मिले। ‘रन’ और ‘ओमकारा’ जैसी कई फिल्मों में नजर आने के बाद उन्हें 2012 में आई अनुराग कश्यप की ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से पहचान मिली। फिल्म में उनका सुल्तान कुरैशी का किरदार दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। पंकज त्रिपाठी ने साल 2004 में आई फिल्म ‘रन’ से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी, जिसमें उनका बहुत छोटा सा रोल था। इसके बाद पंकज ने फुकरे, मसान, निल बट्टे सन्नाटा, बरेली की बर्फी, न्यूटन और स्त्री जैसी फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए। OTT पर सेक्रेड गेम्स, मिर्जापुर और क्रिमिनल जस्टिस जैसी सीरीज ने उनकी लोकप्रियता को और बढ़ाया। मिमी में उनके अभिनय के लिए पंकज त्रिपाठी को 69वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का पुरस्कार मिला था। यह खबर भी पढ़ें… शक्ति कपूर ने भागकर की थी शादी: लता मंगेशकर के परिवार से थीं पत्नी, शादी के बाद अखबार में छपा- 3 महीने में तलाक हो जाएगा तकरीबन 700 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके शक्ति कपूर का एक्टिंग करियर बेहद सफल रहा। उनकी पर्सनल लाइफ की लव स्टोरी भी काफी दिलचस्प है। शक्ति ने शिवांगी कोल्हापुरे से शादी की थी। दोनों की मुलाकात फिल्म ‘किस्मत’ के दौरान हुई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Pankaj Tripathi Struggle | Manoj Bajpayee Slippers & Jail Story

Pankaj Tripathi Struggle | Manoj Bajpayee Slippers & Jail Story

27 मिनट पहले कॉपी लिंक पंकज त्रिपाठी का जन्म बिहार के गोपालगंज जिले के बेलसंड गांव में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। दिग्गज अभिनेता पंकज त्रिपाठी का आज 50वां जन्मदिन है। पंकज त्रिपाठी उन कलाकारों में गिने जाते हैं जिन्होंने बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के अपनी अलग पहचान बनाई। बिहार के गोपालगंज जिले के बेलसंड गांव से निकलकर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा तक पहुंचे पंकज ने फिल्मों में छोटे-छोटे किरदारों से शुरुआत की और वर्तमान समय के हिंदी सिनेमा के सबसे चर्चित अभिनेताओं में से एक हैं। पंकज की जिंदगी से जुड़ा एक इमोशनल किस्सा अभिनेता मनोज बाजपेयी से भी जुड़ा है। जब पंकज ने मनोज की चप्पल अपने पास रख ली थी। दरअसल, फिल्मों में पहचान बनाने से पहले पंकज त्रिपाठी पटना के होटल मौर्य की किचन में सुपरवाइजर के तौर पर काम करते थे। वह होटल में काम करने के साथ-साथ थिएटर भी किया करते थे। पंकज ने कपिल शर्मा के शो में बताया था कि वो मनोज बाजपेयी के बहुत बड़े फैन थे। उन्हें जब पता चला कि मनोज बाजपेयी होटल में रुके हुए हैं, तो उन्होंने होटल के स्टाफ से कहा था कि मनोज बाजपेयी के रूम से कोई भी ऑर्डर आए तो सीधे उनको बताना। जब मनोज के कमरे से ऑर्डर आया तब पंकज ने होटल में मौजूद ढेर सारे सेबों में से सबसे अच्छे सेब चुनवाए और उन्हें अच्छी तरह पैक करवाकर एक्टर के कमरे में भेजा था। पंकज त्रिपाठी और मनोज बाजपेयी ने एक साथ मुख्य रूप से फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर (2012) में काम किया है। इसके साथ ही उन्होंने वेटर से कह दिया था कि मनोज जी से कहना कि एक लड़का उनसे मिलना चाहता है और वह थिएटर करता है। इसके बाद पंकज खुद मनोज के कमरे में पहुंचे। उन्होंने मनोज को प्रणाम किया, पैर छुए और बताया कि वह भी थिएटर करते हैं। कुछ देर उनसे मिलने के बाद पंकज वहां से वापस आ गए। मनोज की चप्पल होटल में छूट गई थी पंकज ने बताया था कि अगले दिन सुबह मनोज बाजपेयी होटल से चेकआउट करके एयरपोर्ट के लिए निकल गए। हालांकि, मनोज की एक हवाई चप्पल होटल के कमरे में छूट गई। जिसके बाद हाउसकीपिंग के कर्मचारी ने पंकज से कहा, “तुम्हारे मनोज बाजपेयी चप्पल छोड़ गए हैं।” यह सुनते ही पंकज ने कहा कि चप्पल हाउसकीपिंग में जमा मत करो, उन्हें दे दो। इसके पीछे की वजह बताते हुए पंकज ने कहा था, “एकलव्य की तरह अगर मैं इनके खड़ाऊं में अपना पैर डाल लूंगा…” यह कहते-कहते पंकज शो में भावुक हो गए थे। उनकी आंखों से आंसू निकल आए थे। पंकज की जिंदगी में एक नहीं, दो जन्मतिथियां पंकज त्रिपाठी की जन्मतिथि को लेकर भी एक दिलचस्प किस्सा है। दस्तावेजों और कई आधिकारिक प्रोफाइल में उनकी जन्मतिथि 5 सितंबर 1976 दर्ज है। हालांकि, पंकज ने खुद बताया था कि उनका जन्म वास्तव में 28 सितंबर 1976 को हुआ था। उन्होंने बताया था कि बचपन में स्कूल में नामांकन के दौरान उनके भाई से जन्मतिथि पूछी गई थी। भाई को सही तारीख याद नहीं थी, इसलिए 5 सितंबर दर्ज हो गया। जिसके चलते यही तारीख उनकी जन्मतिथि बन गई। पंकज त्रिपाठी ने 7 दिन जेल में बिताए थे कॉलेज के दिनों में पंकज त्रिपाठी का सामना जेल से भी हुआ था। साल 1993 में वह छात्र राजनीति से जुड़े थे और एक आंदोलन के दौरान उन्हें पटना की बेऊर जेल में करीब सात दिन बिताने पड़े। दरअसल, मधुबनी में छात्रों पर हुई गोलीबारी के विरोध में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के खिलाफ प्रदर्शन किया था। जिसके चलते उन्हें राजनीतिक कैदी के रूप में जेल में रहना पड़ा था। पटना में कॉलेज के दिनों में पंकज त्रिपाठी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े हुए थे। जेल में बिताए इन सात दिनों ने पंकज की सोच पर गहरा असर डाला। इसी दौरान उन्हें किताबें पढ़ने का शौक लगा। जेल में बंद अलग-अलग लोगों और उनके स्वभाव को करीब से देखने का मौका मिला, जिसे बाद में उन्होंने अपने अभिनय और किरदारों को समझने में भी इस्तेमाल किया। एक नजर पंकज त्रिपाठी के करियर पर पंकज त्रिपाठी को फिल्मों में शुरुआती दौर में छोटे किरदार मिले। ‘रन’ और ‘ओमकारा’ जैसी कई फिल्मों में नजर आने के बाद उन्हें 2012 में आई अनुराग कश्यप की ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से पहचान मिली। फिल्म में उनका सुल्तान कुरैशी का किरदार दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। पंकज त्रिपाठी ने साल 2004 में आई फिल्म ‘रन’ से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी, जिसमें उनका बहुत छोटा सा रोल था। इसके बाद पंकज ने फुकरे, मसान, निल बट्टे सन्नाटा, बरेली की बर्फी, न्यूटन और स्त्री जैसी फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए। OTT पर सेक्रेड गेम्स, मिर्जापुर और क्रिमिनल जस्टिस जैसी सीरीज ने उनकी लोकप्रियता को और बढ़ाया। मिमी में उनके अभिनय के लिए पंकज त्रिपाठी को 69वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का पुरस्कार मिला था। यह खबर भी पढ़ें… शक्ति कपूर ने भागकर की थी शादी: लता मंगेशकर के परिवार से थीं पत्नी, शादी के बाद अखबार में छपा- 3 महीने में तलाक हो जाएगा तकरीबन 700 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके शक्ति कपूर का एक्टिंग करियर बेहद सफल रहा। उनकी पर्सनल लाइफ की लव स्टोरी भी काफी दिलचस्प है। शक्ति ने शिवांगी कोल्हापुरे से शादी की थी। दोनों की मुलाकात फिल्म ‘किस्मत’ के दौरान हुई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Salman Khan Cameo in Arhaan Khan Bollywood Debut

Salman Khan Cameo in Arhaan Khan Bollywood Debut

10 मिनट पहले कॉपी लिंक अरबाज खान और मलाइका अरोड़ा के बेटे अरहान खान जल्द ही बतौर हीरो बॉलीवुड में डेब्यू करने वाले हैं। सलमान खान अपने भतीजे की इस फिल्म में कैमियो करते नजर आएंगे। जाहिर है, फिल्म में सलमान की मौजूदगी से अरहान के डेब्यू को बड़ा सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब सलमान खान ने अपने परिवार के किसी सदस्य के करियर को सपोर्ट करने के लिए फिल्मों में काम किया हो। सोहेल खान की डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म हो या उनका डायरेक्शन में कमबैक, सलमान ने दोनों मौकों पर भाई का साथ दिया और उनकी फिल्मों में लीड रोल कर कमान संभाली। वहीं, जब अरबाज खान की बतौर लीड एक्टर फिल्में लगातार फ्लॉप हो रही थीं, तब सलमान ने उन्हें अपनी फिल्मों में काम दिया और बाद में प्रोडक्शन और डायरेक्शन की दूसरी पारी में भी उनका साथ दिया। इतना ही नहीं, सलमान ने अपनी बहन अर्पिता खान शर्मा के पति आयुष शर्मा और बहन अलविरा अग्निहोत्री की बेटी अलिजेह अग्निहोत्री को भी अपने प्रोडक्शन हाउस के जरिए लॉन्च किया। अरहान खान के बॉलीवुड डेब्यू से पहले जानते हैं कि सलमान खान ने कब-कब अपने परिवार के सदस्यों के करियर को सपोर्ट किया- सोहेल खान के डायरेक्टोरियल डेब्यू का हिस्सा बने सलमान सोहेल खान ने साल 1997 में फिल्म ‘औजार’ से बतौर डायरेक्टर करियर की शुरुआत की थी। फिल्म में सलमान खान ने लीड रोल निभाया था। करीब 5 करोड़ रुपए के बजट में बनी इस फिल्म ने लगभग 10 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया था। हालांकि, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल नहीं कर सकी। इसके बाद सोहेल खान ने साल 1998 में ‘प्यार किया तो डरना क्या’ डायरेक्ट की। इस फिल्म में भी सलमान खान लीड रोल में नजर आए। सोहेल ने फिल्म की कहानी लिखने के साथ-साथ इसे प्रोड्यूस भी किया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त हिट रही। प्यार किया तो डरना क्या के सेट पर सोहेल के साथ सलमान और धर्मेंद्र। सोहेल की अगली डायरेक्टोरियल फिल्म ‘हैलो ब्रदर’ में भी सलमान लीड रोल में थे। इस फिल्म में अरबाज खान भी अहम भूमिका में नजर आए। सोहेल के डायरेक्टोरियल कमबैक को भी किया सपोर्ट साल 2002 में रिलीज हुई सोहेल खान की फिल्म ‘मैंने दिल तुझको दिया’ में उन्होंने डायरेक्शन, प्रोडक्शन और एक्टिंग की जिम्मेदारी संभाली थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही। इसके बाद सोहेल ने डायरेक्शन से दूरी बना ली। करीब 12 साल बाद सोहेल खान ने साल 2014 में फिल्म ‘जय हो’ से बतौर डायरेक्टर कमबैक किया। इस फिल्म में भी सलमान खान ने लीड रोल निभाकर अपने भाई के डायरेक्टोरियल कमबैक को सपोर्ट किया। सलमान की फिल्मों में सोहेल बने प्रोड्यूसर सोहेल खान ने डायरेक्शन से ब्रेक के दौरान बतौर प्रोड्यूसर भी काम किया। वह सलमान खान की कई फिल्मों से प्रोड्यूसर के तौर पर जुड़े रहे। इनमें ‘लकी: नो टाइम फॉर लव’, ‘मैंने प्यार क्यों किया?’, ‘पार्टनर’, ‘गॉड तुस्सी ग्रेट हो’, ‘मैं और मिसेज खन्ना’ और ‘रेडी’ जैसी फिल्में शामिल हैं। इस तरह सलमान की फिल्मों के जरिए सोहेल का प्रोडक्शन करियर भी लगातार चलता रहा। रियलिटी शो में भी सोहेल को मिला सलमान का सपोर्ट सलमान खान लंबे समय से बानीजे प्रोडक्शन हाउस के पॉपुलर रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ से जुड़े हुए हैं। इसी प्रोडक्शन हाउस ने जब ओटीटी गेम रियलिटी शो ‘द अलायंस’ शुरू किया, तो सलमान की बदौलत, सोहेल शो से जुड़े। शो के दौरान सोहेल की जर्नी भले ही खास नहीं रही, लेकिन फैमिली वीक में सलमान खान उनके सपोर्ट में शो पर पहुंचे। सलमान ने आम कंटेस्टेंट की तरह सोहेल का हौसला बढ़ाया। उनकी मौजूदगी से सोहेल की जर्नी को भी चर्चा मिली और शो सुर्खियों में रहा। अरबाज खान के एक्टिंग करियर के बाद प्रोडक्शन और डायरेक्शन में भी साथ दिया अरबाज खान ने साल 1996 में फिल्म ‘दरार’ से एक्टिंग डेब्यू किया था। फिल्म सफल रही, लेकिन अरबाज को बतौर हीरो वह पहचान नहीं मिल सकी, जिसकी उम्मीद थी। इसके बाद अरबाज ने सलमान खान की फिल्मों ‘प्यार किया तो डरना क्या’ और ‘हैलो ब्रदर’ में काम किया। दोनों ही फिल्में सलमान के करियर की चर्चित फिल्मों में शामिल रहीं। अरबाज ने सलमान की फिल्म ‘तुमको भुला न पाएंगे’ में भी कैमियो किया था। इसके अलावा वह ‘गर्व’ और ‘मैंने प्यार क्यों किया?’ जैसी सलमान की फिल्मों में भी नजर आए। जब अरबाज की बतौर लीड एक्टर फिल्में लगातार फ्लॉप होने लगीं, तो उन्होंने एक्टिंग से आगे बढ़कर प्रोडक्शन में कदम रखा। साल 2010 में उन्होंने सलमान खान की फिल्म ‘दबंग’ से बतौर प्रोड्यूसर अपनी दूसरी पारी शुरू की और अरबाज खान प्रोडक्शंस की शुरुआत की। ‘दबंग’ में अरबाज ने मक्खी का किरदार भी निभाया। फिल्म ब्लॉकबस्टर रही। इसके बाद ‘दबंग 2’ में भी अरबाज ने एक्टिंग के साथ-साथ बतौर प्रोड्यूसर काम किया। ‘दबंग’ के डायरेक्टर की जगह अरबाज को मिला मौका ‘दबंग’ की शूटिंग के दौरान डायरेक्टर अभिनव कश्यप के फिल्म से अलग होने के बाद अरबाज खान ने फिल्म की डायरेक्शन की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद उन्होंने ‘दबंग 2’ डायरेक्ट की, जो बॉक्स ऑफिस पर सफल रही। दबंग 2 के सेट से सलमान और अरबाज की तस्वीर। इस तरह अरबाज ने सलमान के सपोर्ट से एक्टिंग के बाद प्रोडक्शन और डायरेक्शन में भी अपनी पहचान बनाई। सिर्फ अरबाज ही नहीं, बल्कि उनकी पूर्व पत्नी मलाइका अरोड़ा भी ‘दबंग’ और ‘दबंग 2’ के गानों के जरिए चर्चा में रहीं। ‘दबंग’ का ‘मुन्नी बदनाम हुई’ और ‘दबंग 2’ का ‘पांडे जी सीटी’ काफी लोकप्रिय हुआ। राखी बहन श्वेता रोहिरा के पति पुलकित सम्राट को भी किया सपोर्ट सलमान खान की राखी बहन श्वेता रोहिरा ने साल 2014 में अभिनेता पुलकित सम्राट से शादी की थी। पुलकित ने साल 2012 में फिल्म ‘बिट्टू बॉस’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था। सलमान ने श्वेता के साथ अपने रिश्ते के चलते पुलकित के करियर को भी सपोर्ट किया। उन्होंने पुलकित की फिल्म बिट्टू बॉस के प्रमोशन में हिस्सा लिया। इसके अलावा साल 2014 में रिलीज हुई ‘जय हो’ में पुलकित को अहम भूमिका भी मिली। हालांकि, बाद में पुलकित और श्वेता का रिश्ता ज्यादा लंबा नहीं चला और 2015 में दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद

Miss World 2026 Finale LIVE

Miss World 2026 Finale LIVE

2 घंटे पहले कॉपी लिंक मिस वर्ल्ड 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2024 निकिता पोरवाल कर रही हैं। मिस वर्ल्ड 2026 का ग्रैंड फिनाले आज वियतनाम में होगा। इस प्रतियोगिता में निकिता पोरवाल भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। भारत में इस पेजेंट का प्रसारण जियाहॉटस्टारt पर होगा। लाइवस्ट्रीम शाम 5:30 बजे से शुरू होगा। फिनाले वियतनाम के न्हा ट्रांग में होगा। ब्यूटी पेजेंट का यह 73वां संस्करण है और यह इस संस्था की 75वीं वर्षगांठ का जश्न है। पिछले साल ओपल सुचाता ने खिताब जीता था मिस वर्ल्ड 2025 का फिनाले पिछले साल 31 मई 2025 को हैदराबाद के हाइटेक्स एग्जीबिशन सेंटर में हुआ था। इस मुकाबले में 108 देशों की कंटेस्टेंट्स ने हिस्सा लिया था। थाइलैंड की ओपल सुचाता चुआंगश्री ने मिस वर्ल्ड 2025 का खिताब अपने नाम किया था। इथियोपिया की हासेट डेरेज फर्स्ट रनर-अप रही थीं। पोलैंड की माजा क्लाज्दा सेकेंड रनर-अप और मार्टिनिक की ओरेली जोआचिम थर्ड रनर-अप रही थीं। मिस वर्ल्ड 2024 रहीं क्रिस्टीना पिस्जकोवा ने ओपल सुचाता को ताज पहनाया था। मिस वर्ल्ड खिताब हासिल करने के बाद ओपल सुचाता ने भावुक होकर कहा था- ये मेरी निजी जीत नहीं बल्कि उन युवा लड़कियों की भी जीत है, जो दिखना, सुनना और बदलाव करना चाहती हैं। इस लीगेसी को रिप्रजेंट करने और मिस वर्ल्ड के इस समय में असल बदलाव लाने के लिए गर्व महसूस कर रही हूं। पिछले साल भारत की नंदिनी गुप्ता प्रतियोगिता में टॉप-20 तक पहुंची थीं। हालांकि, वह टॉप-8 में जगह नहीं बना सकी थीं। नंदिनी ने टॉप मॉडल का टाइटल जीता था। फिनाले में बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद को उनके सामाजिक काम के लिए मिस वर्ल्ड ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड दिया गया था। वह जूरी का हिस्सा भी थे और उन्होंने ओपल से फाइनल सवाल पूछा था। जैकलीन फर्नांडिस और ईशान खट्टर ने फिनाले में परफॉर्म किया था। एक नजर मिस वर्ल्ड के इतिहास पर- ब्यूटी नहीं बिकिनी कॉन्टेस्ट था पहला मिस वर्ल्ड 1951 में इंग्लैंड के टीवी होस्ट एरिक मोर्ले ने फेस्टिवल ऑफ ब्रिटेन सेलिब्रेशन में बिकिनी को बढ़ावा देने के लिए बिकिनी कॉन्टेस्ट आयोजित किया था। इसका उद्देश्य भीड़ बढ़ाना था। ये अपनी तरह का इकलौता कॉन्टेस्ट था, जिसमें कई देशों की 27 मॉडल बिकिनी में रैंप वॉक करने वाली थीं। विदेशी मीडिया ने इसे मिस वर्ल्ड नाम दिया था। इसकी पहली विजेता स्वीडन की कर्स्टीन मार्गरेटा उर्फ कीकी हकानसन रहीं। उन्होंने क्राउनिंग के दौरान बिकिनी पहनी थी। पहली मिस वर्ल्ड सेरेमनी (बिकिनी कॉन्टेस्ट) लंदन में हुई थी। इसके बाद 38 सालों तक ये सेरेमनी लंदन में ही होती रही। जैसे ही ये कॉन्टेस्ट टेलीविजन पर प्रसारित हुआ तो उस समय के पोप ने इसकी जमकर आलोचना की। उन्होंने इसे धर्म और समाज के विरुद्ध माना। कई देशों ने भी अपनी कंटेस्टेंट्स भेजने से इनकार कर दिया। विवादों से ये बिकिनी कॉन्टेस्ट सुर्खियों में आ गया। पॉपुलैरिटी के चलते एरिक मोर्ले ने इस कॉन्टेस्ट को मिस वर्ल्ड नाम के साथ रजिस्टर करवाया और इसे सालाना प्रतियोगिता बना दिया। विवादों से बचने के लिए मिस वर्ल्ड 1952 में बिकिनी की जगह कंटेस्टेंट्स को स्विमसूट पहनाया जाने लगा। मिस वर्ल्ड से जुड़े ये विवाद भी पढ़िए- 1970- फिनाले के दौरान मंच पर फेंका गया बम 20 नवंबर 1970 को लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में मिस वर्ल्ड का फिनाले हो रहा था, तभी अचानक 60 फेमिनिस्ट प्रोटेस्टर्स वहां पहुंचकर मंच पर आटा बम फेंकने लगीं। शो के होस्ट इससे घबरा गए और सेरेमनी रोक दी गई। वे कॉन्टेस्ट में महिलाओं की प्रदर्शनी से नाराज थीं। इससे पहले भी सेरेमनी शुरू होने से पहले हॉल के बाहर खड़ी BBC की ब्रॉडकास्ट वैन पर ब्रिटिश टेररिस्ट ग्रुप ने बम से हमला किया था। खुशकिस्मती से दोनों धमाकों में कोई नुकसान नहीं हुआ था। बम धमाकों से कुछ देर के लिए सेरेमनी रोक दी गई थी, हालांकि स्थिति पर काबू पाए जाने के बाद सेरेमनी दोबारा शुरू कर दी गई थी। 1970- ब्लैक वुमन मिस वर्ल्ड बनीं तो हुआ विरोध प्रदर्शन 1970 में ही कैरेबियन देश ग्रेनाडा की मिस ग्रेनाडा जेनिफर होस्टन मिस वर्ल्ड जीतने वाली पहली ब्लैक वुमन बनी थीं। विनर अनाउंस होने के बाद लोगों ने मिस वर्ल्ड का विरोध शुरू कर दिया। ब्रॉडकास्ट पार्टनर BBC को भी कई खत मिले, जिसमें रिजल्ट का विरोध हुआ। बाद में ये भी सामने आया कि ग्रेनाडा के प्राइम मिनिस्टर सर एरिक गैरी ज्यूरी में शामिल थे। सबसे ज्यादा वोट मिस स्वीडन को मिले थे, हालांकि ग्रेनाडा के प्राइम मिनिस्टर के दबाव में जेनिफर होस्टन को जिताया गया। जेनिफर होस्टन के अलावा अब तक 4 ब्लैक वुमन मिस वर्ल्ड का खिताब जीत चुकी हैं। 1973- अफेयर सामने आया तो छीन लिया गया मिस वर्ल्ड का खिताब 1973 में मार्जोरी वैलेस मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने वाली पहली US कंटेस्टेंट रहीं। हालांकि, उनके कई अफेयर और किसिंग फोटो सामने आने के बाद क्राउनिंग के 104 दिन बाद उनसे मिस वर्ल्ड का खिताब छीन लिया गया था। मिस वर्ल्ड जीतने के ठीक बाद मार्जोरी का सिंगर टॉम जोनस और फुटबॉल स्टार जोर्ज बेस्ट से नाम जुड़ा था। 1980- न्यूड फोटोशूट करवाया तो जर्मनी की मिस वर्ल्ड को क्राउन लौटाना पड़ा 1980 की मिस वर्ल्ड विजेता रहीं जर्मनी की गैब्रिएला ब्रूम ने ये कहते हुए क्राउन लौटा दिया था कि उनके बॉयफ्रेंड को इससे आपत्ति है। हालांकि, बाद में सामने आया कि मैगजीन में न्यूड तस्वीरें छपने के बाद उनसे ये खिताब छीन लिया गया था। 2000- नाइजीरिया में फिनाले रखा गया तो कई देशों ने छोड़ा कॉन्टेस्ट मिस वर्ल्ड 2000 नाइजीरिया में होने वाला था, लेकिन कई यूरोपियन देशों की कंटेस्टेंट्स ने पेजेंट का बॉयकॉट कर दिया। सेरेमनी शुरू होने से पहले नाइजीरिया के कदुना शहर में धार्मिक दंगे शुरू हो गए, जिसमें 200 लोग मारे गए। आखिरकार सेरेमनी लंदन में हुई। देश बदलने से वो कंटेस्टेंट्स भी इसमें शामिल हुईं, जिन्होंने पेजेंट छोड़ दिया था। 2020- कोरोना के चलते मिस वर्ल्ड 2020 रद्द कर दिया गया था। 2021- फिनाले के दिन 23 कंटेस्टेंट्स हो गई थीं कोविड पॉजिटिव मिस वर्ल्ड 2021 प्यूर्टो रिको में 16 दिसंबर 2021 को होने वाला था। सेरेमनी से ठीक एक दिन पहले 17 कंटेस्टेंट्स और टेक्नीशियन कोविड पॉजिटिव हो गए। उन्हें क्वारैंटाइन कर दिया गया

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8 मिनट पहले कॉपी लिंक मिस वर्ल्ड 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2024 निकिता पोरवाल कर रही हैं। मिस वर्ल्ड 2026 का ग्रैंड फिनाले आज वियतनाम में होगा। इस प्रतियोगिता में निकिता पोरवाल भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। भारत में इस पेजेंट का प्रसारण जियाहॉटस्टारt पर होगा। लाइवस्ट्रीम शाम 5:30 बजे से शुरू होगा। फिनाले वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी में होगा। ब्यूटी पेजेंट का यह 73वां संस्करण है और यह इस संस्था की 75वीं वर्षगांठ का जश्न है। पिछले साल ओपल सुचाता ने खिताब जीता था। मिस वर्ल्ड 2025 का फिनाले पिछले साल 31 मई 2025 को हैदराबाद के हाइटेक्स एग्जीबिशन सेंटर में हुआ था। इस मुकाबले में 108 देशों की कंटेस्टेंट्स ने हिस्सा लिया था। थाइलैंड की ओपल सुचाता चुआंगश्री ने मिस वर्ल्ड 2025 का खिताब अपने नाम किया था। इथियोपिया की हासेट डेरेज फर्स्ट रनर-अप रही थीं। वहीं, पोलैंड की माजा क्लाज्दा सेकेंड रनर-अप और मार्टिनिक की ओरेली जोआचिम थर्ड रनर-अप रही थीं। मिस वर्ल्ड 2024 रहीं क्रिस्टीना पिस्जकोवा ने ओपल सुचाता को ताज पहनाया था। मिस वर्ल्ड खिताब हासिल करने के बाद ओपल सुचाता ने भावुक होकर कहा था- ये मेरी निजी जीत नहीं बल्कि उन युवा लड़कियों की भी जीत है, जो दिखना, सुनना और बदलाव करना चाहती हैं। इस लीगेसी को रिप्रजेंट करने और मिस वर्ल्ड के इस समय में असल बदलाव लाने के लिए गर्व महसूस कर रही हूं। पिछले साल भारत की नंदिनी गुप्ता प्रतियोगिता में टॉप-20 तक पहुंची थीं। हालांकि, वह टॉप-8 में जगह नहीं बना सकी थीं। नंदिनी ने टॉप मॉडल का टाइटल जीता था। फिनाले में बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद को उनके सामाजिक काम के लिए मिस वर्ल्ड ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड दिया गया था। वह जूरी का हिस्सा भी थे और उन्होंने ओपल से फाइनल सवाल पूछा था। जैकलीन फर्नांडिस और ईशान खट्टर ने फिनाले में परफॉर्म किया था। एक नजर मिस वर्ल्ड के इतिहास पर- ब्यूटी नहीं बिकिनी कॉन्टेस्ट था पहला मिस वर्ल्ड 1951 में इंग्लैंड के टीवी होस्ट एरिक मोर्ले ने फेस्टिवल ऑफ ब्रिटेन सेलिब्रेशन में बिकिनी को बढ़ावा देने के लिए बिकिनी कॉन्टेस्ट आयोजित किया था। इसका उद्देश्य भीड़ बढ़ाना था। ये अपनी तरह का इकलौता कॉन्टेस्ट था, जिसमें कई देशों की 27 मॉडल बिकिनी में रैंप वॉक करने वाली थीं। विदेशी मीडिया ने इसे मिस वर्ल्ड नाम दिया था। इसकी पहली विजेता स्वीडन की कर्स्टीन मार्गरेटा उर्फ कीकी हकानसन रहीं। उन्होंने क्राउनिंग के दौरान बिकिनी पहनी थी। पहली मिस वर्ल्ड सेरेमनी (बिकिनी कॉन्टेस्ट) लंदन में हुई थी। इसके बाद 38 सालों तक ये सेरेमनी लंदन में ही होती रही। जैसे ही ये कॉन्टेस्ट टेलीविजन पर प्रसारित हुआ तो उस समय के पोप ने इसकी जमकर आलोचना की। उन्होंने इसे धर्म और समाज के विरुद्ध माना। कई देशों ने भी अपनी कंटेस्टेंट्स भेजने से इनकार कर दिया। विवादों से ये बिकिनी कॉन्टेस्ट सुर्खियों में आ गया। पॉपुलैरिटी के चलते एरिक मोर्ले ने इस कॉन्टेस्ट को मिस वर्ल्ड नाम के साथ रजिस्टर करवाया और इसे सालाना प्रतियोगिता बना दिया। विवादों से बचने के लिए मिस वर्ल्ड 1952 में बिकिनी की जगह कंटेस्टेंट्स को स्विमसूट पहनाया जाने लगा। मिस वर्ल्ड से जुड़े ये विवाद भी पढ़िए- 1970- फिनाले के दौरान मंच पर फेंका गया बम 20 नवंबर 1970 को लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में मिस वर्ल्ड का फिनाले हो रहा था, तभी अचानक 60 फेमिनिस्ट प्रोटेस्टर्स वहां पहुंचकर मंच पर आटा बम फेंकने लगीं। शो के होस्ट इससे घबरा गए और सेरेमनी रोक दी गई। वे कॉन्टेस्ट में महिलाओं की प्रदर्शनी से नाराज थीं। इससे पहले भी सेरेमनी शुरू होने से पहले हॉल के बाहर खड़ी BBC की ब्रॉडकास्ट वैन पर ब्रिटिश टेररिस्ट ग्रुप ने बम से हमला किया था। खुशकिस्मती से दोनों धमाकों में कोई नुकसान नहीं हुआ था। बम धमाकों से कुछ देर के लिए सेरेमनी रोक दी गई थी, हालांकि स्थिति पर काबू पाए जाने के बाद सेरेमनी दोबारा शुरू कर दी गई थी। 1970- ब्लैक वुमन मिस वर्ल्ड बनीं तो हुआ विरोध प्रदर्शन 1970 में ही कैरेबियन देश ग्रेनाडा की मिस ग्रेनाडा जेनिफर होस्टन मिस वर्ल्ड जीतने वाली पहली ब्लैक वुमन बनी थीं। विनर अनाउंस होने के बाद लोगों ने मिस वर्ल्ड का विरोध शुरू कर दिया। ब्रॉडकास्ट पार्टनर BBC को भी कई खत मिले, जिसमें रिजल्ट का विरोध हुआ। बाद में ये भी सामने आया कि ग्रेनाडा के प्राइम मिनिस्टर सर एरिक गैरी ज्यूरी में शामिल थे। सबसे ज्यादा वोट मिस स्वीडन को मिले थे, हालांकि ग्रेनाडा के प्राइम मिनिस्टर के दबाव में जेनिफर होस्टन को जिताया गया। जेनिफर होस्टन के अलावा अब तक 4 ब्लैक वुमन मिस वर्ल्ड का खिताब जीत चुकी हैं। 1973- अफेयर सामने आया तो छीन लिया गया मिस वर्ल्ड का खिताब 1973 में मार्जोरी वैलेस मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने वाली पहली US कंटेस्टेंट रहीं। हालांकि, उनके कई अफेयर और किसिंग फोटो सामने आने के बाद क्राउनिंग के 104 दिन बाद उनसे मिस वर्ल्ड का खिताब छीन लिया गया था। मिस वर्ल्ड जीतने के ठीक बाद मार्जोरी का सिंगर टॉम जोनस और फुटबॉल स्टार जोर्ज बेस्ट से नाम जुड़ा था। 1980- न्यूड फोटोशूट करवाया तो जर्मनी की मिस वर्ल्ड को क्राउन लौटाना पड़ा 1980 की मिस वर्ल्ड विजेता रहीं जर्मनी की गैब्रिएला ब्रूम ने ये कहते हुए क्राउन लौटा दिया था कि उनके बॉयफ्रेंड को इससे आपत्ति है। हालांकि, बाद में सामने आया कि मैगजीन में न्यूड तस्वीरें छपने के बाद उनसे ये खिताब छीन लिया गया था। 2000- नाइजीरिया में फिनाले रखा गया तो कई देशों ने छोड़ा कॉन्टेस्ट मिस वर्ल्ड 2000 नाइजीरिया में होने वाला था, लेकिन कई यूरोपियन देशों की कंटेस्टेंट्स ने पेजेंट का बॉयकॉट कर दिया। सेरेमनी शुरू होने से पहले नाइजीरिया के कदुना शहर में धार्मिक दंगे शुरू हो गए, जिसमें 200 लोग मारे गए। आखिरकार सेरेमनी लंदन में हुई। देश बदलने से वो कंटेस्टेंट्स भी इसमें शामिल हुईं, जिन्होंने पेजेंट छोड़ दिया था। 2020- कोरोना के चलते मिस वर्ल्ड 2020 रद्द कर दिया गया था। 2021- फिनाले के दिन 23 कंटेस्टेंट्स हो गई थीं कोविड पॉजिटिव मिस वर्ल्ड 2021 प्यूर्टो रिको में 16 दिसंबर 2021 को होने वाला था। सेरेमनी से ठीक एक दिन पहले 17 कंटेस्टेंट्स और टेक्नीशियन कोविड पॉजिटिव हो गए। उन्हें क्वारैंटाइन

नेपाल के दार्चुला में लैंडस्लाइड, निचले इलाकों में अलर्ट:त्रिशूली से 3 और भारतीयों का रेस्क्यू; बाढ़ में अबतक 1300 की मौत, 5 हजार लापता

नेपाल के दार्चुला में भारी लैंडस्लाइड, निचले इलाकों में अलर्ट:त्रिशूली से 3 और भारतीयों का रेस्क्यू; बाढ़ में अबतक 1300 की मौत, 5 हजार लापता

नेपाल के दार्चुला जिले में शुक्रवार को भारी भूस्खलन के बाद चौलानी नदी का रास्ता बंद हो गया। निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। नदी का प्रवाह प्रभावित होने से आसपास के इलाकों में खतरा बढ़ गया है। वहीं, 26 अगस्त की बाढ़-लैंडस्लाइड के बाद से राहत-बचाव कार्य जारी है। त्रिशूली बाजार इलाके से 5 साल का बच्चे समेत तीन भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को बताया कि अब तक 169 भारतीयों को सुरक्षित निकाला है, जबकि 275 अब भी लापता हैं। इससे पहले शुक्रवार को बाढ़ के 9 दिन बाद त्रिशूली-3 ‘A’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से 2 मजदूर जिंदा निकाले गए हैं। 40 लोग अब भी फंसे हैं। बाढ़ से प्रभावित जलविद्युत परियोजनाओं में करीब 900 मजदूर लापता हैं। इनमें लगभग 500 के सुरंगों में फंसे होने की आशंका है। नेपाल में अब तक करीब 1300 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि राहत और बचाव दलों ने 12 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला है। फिलहाल 5300 से ज्यादा लोग लापता हैं। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ से 32,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। नेपाल आपदा से जुड़ी 3 तस्वीरें… चीन से 1,907 भारतीय सुरक्षित नेपाल पहुंचे विदेश मंत्रालय ने बताया कि चीन से 1,907 भारतीय नागरिक सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। चीन के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में अब कोई भारतीय यात्री फंसा नहीं है। भारत ने 7 विमानों से भेजी 95 टन राहत सामग्री विदेश मंत्रालय के अनुसार, 26 अगस्त को बाढ़ आने के बाद से भारत ने नेपाल को करीब 95 टन राहत सामग्री भेजी है। यह सामग्री 7 विमानों के जरिए पहुंचाई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 अगस्त को नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से बात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया था। इसके कुछ घंटे बाद भारत ने राहत सामग्री की पहली खेप भेज दी थी। भारत ने राहत-बचाव के लिए 54 विशेषज्ञों को भी नेपाल भेजा है। इनमें 30 सुरंग बचाव विशेषज्ञ, 19 फोरेंसिक विशेषज्ञ और 5 सदस्यीय मेडिकल टीम शामिल है। भारतीय टीमें नेपाल के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। नेपाल में 35 मोटरेबल और 45 सस्पेंशन ब्रिज क्षतिग्रस्त स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ से मुख्य रूप से मध्य नेपाल में 35 मोटरेबल ब्रिज, 45 सस्पेंशन ब्रिज और करीब 40 किलोमीटर पक्की सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इससे कई इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है। भारत ने कहा है कि वह नेपाल सरकार की जरूरत के अनुसार आगे भी मदद जारी रखेगा। इसके तहत फोरेंसिक किट, बेली ब्रिज और अन्य जरूरी सामग्री भेजने की योजना है।

नेपाल के दार्चुला में भारी लैंडस्लाइड, निचले इलाकों में अलर्ट:त्रिशूली से 3 और भारतीयों का रेस्क्यू; बाढ़ में अबतक 1300 की मौत, 5 हजार लापता

नेपाल के दार्चुला में भारी लैंडस्लाइड, निचले इलाकों में अलर्ट:त्रिशूली से 3 और भारतीयों का रेस्क्यू; बाढ़ में अबतक 1300 की मौत, 5 हजार लापता

नेपाल के दार्चुला जिले में शुक्रवार को भारी भूस्खलन के बाद चौलानी नदी का रास्ता बंद हो गया। निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 26 अगस्त की बाढ़-लैंडस्लाइड के बाद से राहत-बचाव कार्य जारी है। त्रिशूली बाजार इलाके से 5 साल का बच्चे समेत तीन भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को बताया कि अब तक 169 भारतीयों को सुरक्षित निकाला है, जबकि 275 अब भी लापता हैं। वहीं, शुक्रवार को बाढ़ के 9 दिन बाद त्रिशूली-3 ‘A’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से 2 मजदूर जिंदा निकाले गए हैं। 40 लोग अब भी फंसे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ से प्रभावित जलविद्युत परियोजनाओं में करीब 900 मजदूर लापता हैं। इनमें लगभग 500 के सुरंगों में फंसे होने की आशंका है। नेपाल में अब तक करीब 1300 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि राहत और बचाव दलों ने 12 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला है। फिलहाल 5300 से ज्यादा लोग लापता हैं। खबर को अपडेट किया जा रहा है।