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ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में खराबी:करीब 300 फ्लाइट्स रद्द, ब्रिटिश एयरवेज और ईजीजेट समेत कई एयरलाइंस प्रभावित

ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में खराबी:करीब 300 फ्लाइट्स रद्द, ब्रिटिश एयरवेज और ईजीजेट समेत कई एयरलाइंस प्रभावित

ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में तकनीकी खराबी के चलते मंगलवार को करीब 300 फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं। फ्लाइट मॉनिटरिंग वेबसाइट फ्लाइटरडार24 ने इसकी जानकारी दी। ब्रिटेन की नेशनल एयर ट्रैफिक सर्विसेज ने बताया कि यह समस्या उड़ानों के टेकऑफ पर असर डाल रही थी। फ्लाइट सिस्टम धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। फ्लाइटरडार24 ने X पर बताया कि ब्रिटिश एयरवेज, ईजीजेट, KLM और लुफ्थांसा समेत कई एयरलाइंस की फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं। लंदन के हीथ्रो, स्टैनस्टेड और सिटी एयरपोर्ट के साथ ही मैनचेस्टर, बर्मिंघम, स्कॉटलैंड और ब्रिटेन के अन्य एयरपोर्ट्स की भी कुछ उड़ाने प्रभावित हुई हैं। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

Rajpal Supreme Court Cheque Bounce Case

Rajpal Supreme Court Cheque Bounce Case

7 मिनट पहले कॉपी लिंक राजपाल यादव का चेक बाउंस मामला साल 2010 में उनकी बतौर डायरेक्टर डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए लिए गए एक कर्ज से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक्टर राजपाल यादव को निर्देश दिया कि चेक बाउंस मामले में सरेंडर से छूट पाने की शर्त के तौर पर वे बुधवार तक कोर्ट की रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपए जमा करें। यह मामला फिल्म प्रोड्यूसर-फाइनेंसर मुर्ली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है। कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के 10 जुलाई के फैसले को चुनौती देने वाली यादव की याचिका पर सशर्त नोटिस जारी किया। हाईकोर्ट ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत सात मामलों में उनकी दोषसिद्धि और तीन महीने की सजा बरकरार रखी थी। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी। 12 दिनों तक तिहाड़ जेल में रहने के बाद 17 फरवरी को रिहा हुए राजपाल। चीफ जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने यादव की याचिका पर मौखिक रूप से सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें सजा काटने के लिए सरेंडर करने का निर्देश दिया था, जिसकी अंतिम तारीख 10 सितंबर थी। यह मामला मुर्ली प्रोजेक्ट्स की ओर से यादव, उनकी पत्नी राधा राजपाल यादव और उनकी फिल्म प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ दायर सात शिकायतों से जुड़ा है। ये शिकायतें फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए जारी सात चेक बाउंस होने के बाद दर्ज की गई थीं। मामले के रिकॉर्ड के मुताबिक, मुर्ली प्रोजेक्ट्स ने 2010 में फिल्म पूरी करने के लिए 5 करोड़ रुपए दिए थे। फिल्म की रिलीज में देरी के बाद पक्षों के बीच कई समझौते हुए और अलग-अलग चरणों में रकम की वापसी की राशि में बदलाव किया गया। यादव की याचिका में कहा गया है कि मूल लेन-देन फिल्म में निवेश था, कर्ज नहीं, और चेक सिक्योरिटी के तौर पर दिए गए थे। अगस्त 2012 के तीसरे सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट के तहत आठ पोस्ट-डेटेड चेक जारी किए गए थे और भुगतान की जिम्मेदारी फिल्म की रिलीज से जोड़ी गई थी। 2012 में मुर्ली प्रोजेक्ट्स ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था विवाद बढ़ने के बाद मुर्ली प्रोजेक्ट्स ने 2012 में फिल्म को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को फिल्म के अधिकारों में तीसरे पक्ष का हित बनाने से रोक दिया। इसके बाद सात चेक बाउंस होने पर एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत सात शिकायतें दर्ज की गईं। यादव की ओर से बाद में हुए 21 अप्रैल 2013 के सहमति समझौते पर भी जोर दिया गया है। इसके तहत दोनों पक्षों ने 10.40 करोड़ रुपए के पूर्ण और अंतिम समझौते पर सहमति जताई थी, जिसमें 40 लाख रुपए आरटीजीएस के जरिए पहले ही दिए जा चुके थे। समझौते की सुरक्षा के लिए चार नए पोस्ट-डेटेड चेक जारी किए गए थे। यादव की याचिका के मुताबिक, इस समझौते के तहत पहले जारी किए गए आठ सिक्योरिटी चेक वापस किए जाने थे, लेकिन मुर्ली प्रोजेक्ट्स ने बाउंस हुए चेक के मामलों को आगे बढ़ाया। सुप्रीम कोर्ट में यादव ने कहा कि बाद के समझौते के बाद मूल शिकायतें जारी नहीं रह सकतीं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के ‘जिम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड बनाम मनोज गोयल’ फैसले का हवाला देते हुए कहा कि समझौता होने के बाद पुराने चेक के बाउंस से जुड़ी शिकायत खत्म हो जाती है और नए समझौते के तहत जारी चेक बाउंस होने पर ही नया मामला बन सकता है। 2018 में ट्रायल कोर्ट ने राजपाल को दोषी ठहराया था ट्रायल कोर्ट ने अप्रैल 2018 में सातों मामलों में यादव और अन्य आरोपियों को दोषी ठहराया था। शुरुआत में यादव को हर मामले में छह महीने की जेल और 1.60 करोड़ रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। बाद में सजा कम की गई। 22 मई 2019 को उन्हें सातों मामलों में तीन महीने की साधारण कैद और प्रत्येक मामले में 1.35 करोड़ रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। सभी सजाएं साथ-साथ चलने का आदेश दिया गया। सेशंस कोर्ट ने 2024 में दोषसिद्धि बरकरार रखते हुए तीन महीने की सजा और प्रत्येक मामले में 1.35 करोड़ रुपए का जुर्माना कायम रखा। इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 जुलाई 2026 के फैसले में सजा में दखल देने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने प्रोबेशन की मांग खारिज की थी हाईकोर्ट ने यादव की प्रोबेशन की मांग भी खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा कि लंबे समय तक चली कार्यवाही के दौरान उनके आचरण और विवाद सुलझाने के लिए दिए गए कई मौकों को देखते हुए उन्हें प्रोबेशन का लाभ नहीं दिया जा सकता। हाईकोर्ट ने कहा था कि यादव ने शिकायतकर्ता को भुगतान करने के लिए कई बार आश्वासन दिए, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया। कार्यवाही के दौरान करीब 2.25 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया था, लेकिन बाद में यादव ने और भुगतान करने से इनकार कर दिया। हालांकि, हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि पहले जमा कर मुर्ली प्रोजेक्ट्स को दी गई 2.25 करोड़ रुपए की राशि को जुर्माने के तौर पर देय रकम में समायोजित किया जाए। सुप्रीम कोर्ट के मंगलवार के आदेश से राजपाल यादव को फिलहाल सरेंडर से अंतरिम राहत मिली है। यह राहत 9 सितंबर तक रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपए जमा करने की शर्त पर है। …………… यह खबर भी पढ़ें… राजपाल यादव बोले- जिनका पैसा बकाया है, घर पहुंचा दूंगा:कहा- 13 साल में 250 करोड़ का नुकसान हुआ; घर नीलाम कर रहा बैंक बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव ने चेक बाउंस और कर्ज विवाद के बीच दावा किया था कि पिछले 13 साल में उन्हें 200 से 250 करोड़ रुपए का निजी नुकसान हुआ है। न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में 55 साल के एक्टर ने कहा था कि वे एक जिम्मेदार इंसान हैं और जिन लोगों का पैसा बकाया है, वे उसे चुका देंगे या उनके घर तक पहुंचा देंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Rajpal Yadav Supreme Court Relief

Rajpal Yadav Supreme Court Relief

चेक बाउंस मामले में बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट ने सरेंडर कर जेल जाने से अंतरिम छूट दी है। हालांकि उन्हें यह राहत एक शर्त के साथ मिली। . मंगलवार को चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने साफ कहा है कि अगर राजपाल यादव कल तक कोर्ट की रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपए जमा करा देते हैं, तो उन्हें फिलहाल जेल नहीं जाना पड़ेगा। राजपाल यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट के 10 जुलाई, 2026 के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उन्हें तीन महीने की सजा और साढे़ सात करोड़ रुपए लौटाने का आदेश हुआ था। सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव की याचिका पर दूसरे पक्ष को नोटिस जारी कर उनका रुख मांगा है। अब इस पूरे मामले पर अगली सुनवाई 15 सितंबर को तय की गई है। यह पूरा मामला साल 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी एक फिल्म के लिए 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। बकाया रकम वापस न करने और चेक बाउंस होने के बाद यह विवाद लंबे समय से अदालत में चल रहा था। ANI से बातचीत में राजपाल ने कहा था कि वे सबका कर्ज लौटाएंगे। हाईकोर्ट ने कहा था- एक्टर का रवैया संदिग्ध, दोबारा जेल भेजें दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 जुलाई को चेक बाउंस केस में राजपाल यादव को करीब 7.5 करोड़ रुपए शिकायतकर्ता को लौटाने का फरमान सुनाया था। भुगतान न करने की स्थिति में अदालत ने एक्टर को तीन महीने की जेल की सजा भी सुनाई थी। हालांकि, फैसले के तुरंत बाद हाईकोर्ट ने उन्हें ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाने के लिए दो महीने की मोहलत दे दी थी। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए राजपाल यादव के आचरण पर गंभीर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने कहा था कि बार-बार आश्वासन देने के बाद भी अभिनेता ने बकाया रकम नहीं चुकाई। 13 दिन पहले राजपाल यादव ने कहा था- जिनका पैसा बकाया है, घर पहुंचा दूंगा एक्टर राजपाल यादव ने चेक बाउंस और कर्ज विवाद के बीच दावा किया था कि पिछले 13 साल में उन्हें 200 से 250 करोड़ रुपए का निजी नुकसान हुआ है। न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में 55 साल के एक्टर ने कहा कि वे एक जिम्मेदार इंसान हैं और जिन लोगों का पैसा बकाया है, वे उसे चुका देंगे या उनके घर तक पहुंचा देंगे। फीस कम मिली, 50 से ज्यादा विदेशी टूर छूटे राजपाल यादव ने बताया कि 2013 से 2016 के बीच उनका सबसे ज्यादा आर्थिक नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि इस दौरान विदेश में उनके कम से कम 50 टूर छूट गए और मिलने वाली फीस भी काफी कम हो गई। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि जहां उन्हें 100 रुपए मिलने चाहिए थे, वहां सिर्फ 10 रुपए मिले। हालांकि, राजपाल ने कहा कि वे आर्ट के स्टूडेंट हैं और वे पैसों से ज्यादा अपनी कला में परफेक्शन को अहमियत देते हैं। ये तस्वीर फरवरी की है। चेक बाउंस मामले में कोर्ट के बाहर मीडिया से बात करते राजपाल। अपनी आर्थिक स्थिति और कर्ज पर बात करते हुए राजपाल यादव ने कहा कि उन्होंने जिनसे भी पैसा उधार लिया था, उसे चुका दिया है या जल्द चुका देंगे। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने 200 लोगों से भी उधार लिया है, तो वे पैसा वापस करेंगे। राजपाल ने कहा कि कोई उन्हें 5 करोड़ या 250 करोड़ रुपए में खरीद नहीं सकता। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी आर्थिक मुश्किलें उनके पूरे करियर को तय नहीं करतीं और आज भी एयरपोर्ट पर 500 लोग उनके साथ सेल्फी लेते हैं। बैंक नीलाम कर रहा 3.10 करोड़ की प्रॉपर्टी राजपाल यादव पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का कर्ज न चुकाने के कारण कार्रवाई चल रही है। राजपाल यादव ने सेंट्रल बैंक की मुंबई ब्रांच से पत्नी राधा यादव और मां गोदावरी के नाम पर 16.61 करोड़ रुपए का लोन लिया था। शाहजहांपुर में राजपाल यादव के इसी मकान में नोटिस चस्पा किया गया है। शाहजहांपुर में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने उनके पैतृक घर पर 16.61 करोड़ रुपए के बकाया लोन को लेकर कुर्की का नोटिस चस्पा किया है। चेक बाउंस केस में जेल जा चुके राजपाल राजपाल यादव का चेक बाउंस केस साल 2010 में शुरू हुआ था, जब उन्होंने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ का कर्ज लिया था। 2012 में रिलीज हुई यह फिल्म फ्लॉप हो गई। इसके बाद 2013 से चेक बाउंस का मामला अदालत में चल रहा है। 12 दिनों तक तिहाड़ जेल में रहने के बाद 17 फरवरी को रिहा हुए राजपाल। फरवरी 2026 में भी उन्होंने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था, जिसके बाद वे 12 दिन तक जेल में रहे थे। फिलहाल वे अक्षय कुमार के साथ फिल्म ‘हैवान’ और सलमान खान के साथ ‘SVC 63’ की तैयारी कर रहे हैं। राजपाल यादव का करियर… हंगामा, हलचल जैसी फिल्‍मों से कॉमेडी किंग बने 2003 में फिल्म हंगामा, 2005 में गरम मसाला, 2006 में चुप चुप के और फिर हेरा फेरी और 2007 में भूल भुलैया जैसी फिल्मों से उन्हें कॉमेडी मे पहचान मिली। कॉमिक डायरेक्टर प्रियदर्शन के साथ उन्होंने लगभग 8 से 10 फिल्मों मे काम किया है। बेस्ट वर्सटाइल एक्टर अवॉर्ड जीत चुके हैं राजपाल राजपाल यादव को यश भारती अवॉर्ड मिला, जो उत्तर प्रदेश का सर्वोच्च सम्मान है। उन्हें यह अवॉर्ड 2003 की फिल्म ‘मैं माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं’ के लिए मिला। यह सम्मान उनके कॉमेडी और गंभीर अभिनय के रोल के लिए दिया गया था। इससे पहले यह अवॉर्ड अमिताभ बच्चन और जया बच्चन जैसे बड़े नामों को मिल चुका है। उन्हें फिल्मफेयर और आईफा जैसे प्लेटफॉर्म पर बेस्ट कॉमिक एक्टर के लिए नॉमिनेट किया गया, लेकिन वे यह अवॉर्ड नहीं जीत पाए। मुंबई मे पहला सपना सिर्फ जिंदा रहना था’ एनएसडी से पढ़ाई पूरी होने के बाद राजपाल मुंबई आए। शुरुआत में उन्हें कोई सपोर्ट नहीं मिला। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उनका पहला सपना मुंबई में जिंदा रहना था। कुछ समय के संघर्ष के बाद उन्हें काम मिलना शुरू हो गया। स्ट्रगल के दिनों में राजपाल ने 20-22 स्ट्रगलिंग एक्टर्स

रिपोर्ट-UAE ने नेतन्याहू को हमास हमले की चेतावनी दी थी:10 दिन पहले ही जानकारी शेयर की; इजराइल PM ऑफिस ने इसे झूठ बताया

रिपोर्ट-UAE ने नेतन्याहू को हमास हमले की चेतावनी दी थी:10 दिन पहले ही जानकारी शेयर की; इजराइल PM ऑफिस ने इसे झूठ बताया

UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद ने 7 अक्टूबर 2023 के हमले से 10 दिन पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को हमास के बड़े हमले की योजना के बारे में चेतावनी दी थी। नेतन्याहू के कार्यालय ने इस दावे को पूरी तरह झूठ बताया है। इजराइली अखबार हारेत्ज की रिपोर्ट के मुताबिक, बिन जायद ने कहा था कि हमले से बड़ी संख्या में लोगों की जान जा सकती है, क्षेत्र अस्थिर हो सकता है। नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उस वक्त बिन जायद से बात नहीं की थी और UAE राष्ट्रपति से उन्हें कोई चेतावनी नहीं मिली थी। इस दावे पर UAE के विदेश मंत्रालय ने कोई टिप्पणी नहीं की है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

IIT Mandi Bhagavad Gita Poster; Shudra Remark Controversy

IIT Mandi Bhagavad Gita Poster; Shudra Remark Controversy

Hindi News Career IIT Mandi Bhagavad Gita Poster; Shudra Remark Controversy | Laxmidhar Behera 18 मिनट पहले कॉपी लिंक IIT मंडी के कैंपस में लगे एक भगवद्गीता-थीम वाले पोस्टर ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। पोस्टर में शूद्रों का काम ‘ऊंची जातियों की सेवा करना’ बताया गया था। मामला तूल पकड़ता देख संस्थान के निदेशक लक्ष्मीधर बेहरा ने जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह छात्रों की अपनी व्याख्या थी, संस्थान का इससे कोई लेना-देना नहीं। दिलचस्प बात यह है कि बेहरा खुद लंबे समय से भगवद्गीता पढ़ाते आए हैं और इस्कॉन (ISKCON) से भी उनका पुराना नाता है। वे IIT मंडी में गीता पर एक पूरा कोर्स पढ़ाते हैं और प्रस्तावित भक्तिवेदांत यूनिवर्सिटी के संस्थापक भी हैं, जिसे इस्कॉन की ही एक पहल बताया जाता है। निदेशक ने बताया छात्रों की गलती रविवार को पीटीआई से बात करते हुए बेहरा ने कहा- ‘कुछ छात्रों ने गीता की अपने तरीके से व्याख्या कर दी। मैंने जांच समिति बना दी है। यह एक स्टूडेंट इवेंट था।’ साथ ही उन्होंने साफ किया कि वे और उनका संस्थान, दोनों जातिगत भेदभाव के सख्त खिलाफ हैं। वायरल पोस्टर, जिसमें शूद्रों को अगड़ी जातियों का सेवक बताया गया है। कैंपस को भेजा माफीनामा जैसा ईमेल रविवार को ही बेहरा ने पूरे कैंपस को एक ईमेल भेजा, जिसका टाइटल है- कैंपस में हाल ही में लगाए गए पोस्टर की खुली निंदा।’ इसमें उन्होंने लिखा कि 4 सितंबर को जन्माष्टमी के दौरान यह पोस्टर लगा, और इसकी जानकारी मिलते ही उन्हें ‘झटका’ लगा। उन्होंने साफ किया कि संस्थान ने इसे किसी भी तरह से समर्थन नहीं दिया। ईमेल में बेहरा ने लिखा- ‘मैंने हर मंच पर निजी तौर पर जातिगत भेदभाव के हर रूप के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। मैंने जांच समिति बना दी है, ताकि कैंपस का इस्तेमाल आगे कभी ऐसी किसी हरकत के लिए न हो। जो लोग इससे आहत हुए हैं, मैं उनकी भावनाएं समझता हूं।’ बेहरा- मैंने पोस्टर नहीं देखा उन्होंने आगे लिखा कि संस्थान संविधान में दर्ज समानता, सामाजिक न्याय और वैज्ञानिक सोच जैसे मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, और कैंपस से हर तरह के भेदभाव के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होने की अपील की। बेहरा के मुताबिक, यह पोस्टर एक छात्र के नेतृत्व में तैयार हुआ था। मामले की जांच के लिए अब फैकल्टी सदस्यों के साथ-साथ SC और OBC समेत अलग-अलग सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधियों वाली एक समिति बना दी गई है। बेहरा ने बताया कि इस दौरान वे कैंपस से बाहर थे और शनिवार को ही लौटे। विवाद की जानकारी उन्हें रविवार सुबह मिली। उन्होंने कहा- ‘मैंने पोस्टर देखा तक नहीं है। मैं किसी का पक्ष नहीं लेना चाहता, फैसला समिति पर छोड़ता हूं।’ निदेशक कई बार विवादों में आ चुके हैं बेहरा की IIT मंडी प्रोफाइल के मुताबिक, वे पिछले 27 सालों से युवाओं को ‘गीता के जरिए शांति के सार्वभौमिक सिद्धांत’ सिखा रहे हैं। ‘एचजी लीला पुरुषोत्तम दास’ नाम से भी जाने जाने वाले बेहरा, प्रस्तावित भक्तिवेदांत यूनिवर्सिटी के संस्थापक हैं। उन्होंने दावा किया- ‘इस्कॉन ही अकेला संगठन है जो जाति-आधारित भेदभाव के खिलाफ सबसे सख्ती से बोलता है। वहां शूद्र समुदाय के लोग भी पुजारी हैं, मुस्लिम भी पुजारी हैं। हम हर तरह के जातिवाद के खिलाफ हैं- सारे काम गुण और कर्म से तय होते हैं, जाति से नहीं।’ उन्होंने यह भी बताया कि जब वे संस्थान में आए थे, तब OBC, SC और ST वर्गों से कोई फैकल्टी सदस्य नहीं था, अब यह संख्या काफी बढ़ चुकी है। मांस न खाने की कसम दिलवा चुके हैं बेहरा रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पढ़ाने वाले इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग प्रोफेसर बेहरा पहले भी विवादों में रह चुके हैं। 2023 में उन्होंने छात्रों से मांस न खाने की कसम दिलवाई थी, यह कहते हुए कि हिमाचल में हो रहे भूस्खलन और बादल फटने की घटनाएं जानवरों पर हो रही क्रूरता की वजह से हैं। इससे एक साल पहले, निदेशक बनने के तुरंत बाद, एक वीडियो सामने आया था जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने मंत्र जपकर एक दोस्त के परिवार को ‘बुरी आत्माओं’ से छुटकारा दिलाया। जून में भी IIT मंडी के इंडियन नॉलेज सिस्टम एंड मेंटल हेल्थ सेंटर ने गीता, आयुर्वेद और पुनर्जन्म पर एक सम्मेलन कराया था, जिसमें बेहरा जनरल चेयर की भूमिका में थे और ‘पुनर्जन्म व मृत्यु के बाद संवाद’ नाम के एक सेशन के सह-आयोजक भी रहे। ————————- ये खबर भी पढ़ें… हॉस्टल में खराब खाने, बदहाली के खिलाफ छात्राओं का प्रदर्शन:छात्राओं ने रामधुन गाकर किया विरोध, खाने में प्लास्टिक, सिगरेट के टुकड़े मिले सूरत के सरकारी समरस गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने 1 सितंबर की रात को विरोध प्रदर्शन किया। उनका ये प्रदर्शन खाने की खराब क्वालिटी, पानी की सप्लाई और रहने की खराब व्यवस्थाओं को लेकर था। छात्राओं ने “रामधुन” गाया और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक विरोध जारी रहेगा। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

तृषा के सपोर्ट में आईं कंगना रनोट:बोलीं- रिश्ते दोनों पक्षों के होते हैं, फिर भी चरित्र हनन के लिए महिला को निशाना बनाया जाता है

तृषा के सपोर्ट में आईं कंगना रनोट:बोलीं- रिश्ते दोनों पक्षों के होते हैं, फिर भी चरित्र हनन के लिए महिला को निशाना बनाया जाता है

एक्टर और BJP सांसद कंगना रनोट ने तमिल एक्ट्रेस तृषा कृष्णन का समर्थन करते हुए कहा कि रिश्ते दोनों पक्षों के बीच हों, फिर भी गाली और चरित्र पर सवाल हमेशा महिला पर उठाए जाते हैं। हालांकि, कंगना ने तृषा का नाम नहीं लिया। कंगना ने यह बात तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से जुड़ी लिंक-अप अफवाहों और तृषा पर की गई टिप्पणियों के विवाद के बीच कही। कुछ दिन पहले विजय ने महिलाओं पर डबल मीनिंग वाले कमेंट्स करने वालों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। कंगना ने कुल्लू में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “आपने तमिलनाडु में जो हुआ, वह देखा है। वहां एक बहुत सम्मानित कलाकार और एक्ट्रेस और जो भी उनके संबंध हैं, जिस तरह भी वो दोनों ही पक्ष के होते हैं। लेकिन गाली-गलौज के लिए और चरित्र हनन के लिए हमेशा महिला को ही टारगेट किया जाता है। निशाना बनाया जाता है।” महिलाओं की कैरेक्टर लिंचिंग कब रुकेगी? उन्होंने आगे कहा कि कामकाजी और सफल महिलाओं को बदनाम करने का यह तरीका सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। कंगना के मुताबिक, दुनियाभर में कामकाजी महिलाओं, सफल महिलाओं, एक्ट्रेस, राजनेताओं और सत्ता व अधिकार वाले पदों पर बैठी महिलाओं के चरित्र को निशाना बनाकर उन्हें नीचे गिराने की कोशिश की जाती है। उदयनिधि स्टालिन के बयान से भी जुड़ा विवाद कंगना का यह बयान उस विवाद के कुछ हफ्ते बाद आया है, जिसमें उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणियों को लेकर मामला गरमाया था। उन्होंने तंजावुर में एक राजनीतिक सभा के दौरान यह टिप्पणी की थी। दरअसल, उदयनिधि स्टालिन ने यह कथित डबल-मीनिंग टिप्पणी 3 अगस्त को तंजावुर में कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान की थी। इसी दौरान भीड़ में “तृषा, तृषा” के नारे लगे। आरोप है कि इस पर उदयनिधि ने कहा था, “पानी कहीं और पहुंचे या न पहुंचे, वहां जरूर पहुंचना चाहिए।” बाद में सफाई दी कि उनका इशारा कावेरी के पानी की ओर था। इसके बाद 4 अगस्त को उदयनिधि से पुलिस ने 8 घंटे तक पूछताछ की, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। बाहर आकर उन्होंने कहा कि विजय की पुलिस ने मेरे साथ आतंकवादी जैसा सुलूक किया। मैंने किसी महिला का अपमान करने की कोशिश नहीं की। वहीं, तमिलनाडु के सीएम विजय ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा उनकी सरकार की प्राथमिकता है। महिलाओं के खिलाफ किसी भी तरह की अभद्र भाषा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विजय का यह बयान नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन की एक्ट्रेस तृषा को लेकर की गई डबल मीनिंग टिप्पणी के विवाद के बीच आया है। पुलिस ने 4 अगस्त को उदयनिधि स्टालिन को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन्हें उसी दिन रिहा कर दिया गया था। विजय ने कहा- कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी विजय ने कहा कि विकास के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है। पुलिस का काम सिर्फ आरोपियों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि राज्य के विकास की नींव मजबूत करना भी है। उन्होंने आगे कहा कि जो लोग कानून का पालन करते हैं, उनके लिए पुलिस दोस्त है और जो कानून नहीं मानते, उनके लिए पुलिस दुश्मन है। राजनीतिक नेताओं और अधिकारियों को पुलिस के काम में दखल नहीं देना चाहिए। विजय और तृषा ने साथ-साथ 5 फिल्में कीं 4 मई को तमिलनाडु विधानसभा के रिजल्ट आए थे। TVK ने 234 में से 108 सीटें जीती थीं। उस दिन तृषा का बर्थडे था। रिजल्ट आने से पहले वो तिरुमाला मंदिर पहुंचीं, दर्शन किए और फिर विजय के घर पहुंचीं। विजय और तृषा की केमिस्ट्री काफी चर्चा में रही है। दोनों करीब 5 फिल्मों में साथ नजर आए हैं, जिनमें से 2023 में रिलीज सुपरहिट फिल्म लियो भी शामिल है। यह वही वक्त था जब विजय की पत्नी संगीता सोर्नालिंगम तलाक के लिए कोर्ट में लड़ाई लड़ रही थीं। हालांकि, उन्होंने केस वापस ले लिया है।

Maharashtra Drug Inspector Exam Paper Leak Case

Maharashtra Drug Inspector Exam Paper Leak Case

Hindi News Career Maharashtra Drug Inspector Exam Paper Leak Case | MPSC Exam Scam 13 मिनट पहले कॉपी लिंक महाराष्ट्र ड्रग इंस्पेक्टर, ग्रुप-B परीक्षा की टॉप-10 रैंकर ऋतुजा पाटिल की चैट सामने आई है। बता दें कि ऋतुजा की ड्रग इंस्पेक्टर में 7वीं रैंक आई थी। CBI ने ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक केस से जुड़े डिजिटल सबूत ढूंढे हैं। ये वही परीक्षा थी जिसे MPSC यानी, महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन ने 25 अगस्त को पेपर लीक के चलते रद्द कर दिया था। 270 पेज की व्हाट्सअप चैट से खुला राज CBI के मुताबिक, ऋतुजा पाटिल की 270 पेज की चेट सामने आई है, जिसमें उसने आरोपी गौरव पाटिल से पेपर खरीदने की बात कही है। साथ ही इस चैट में ये भी सामने आया है कि ऋतुजा ने 90 सवाल मिले थे, जिसमें से उसने सिर्फ 78 सवालों के जवाब दिए ताकि शक न हो। चैट में मोबाइल पानी में फेंकने की बात भी सामने आई CBI के मुताबिक आरोपी ऋतुजा ने पुलिस से बचने के लिए अपना मोबाइल एग्जाम के बाद ही उल्हास नदी में बहा दिया था। ये बात भी चैट में सामने आई है। ये पूरा मामला आरोपी गौरव के फोन का बैकअप और चैट हिस्ट्री रिकवर होने के बाद सामने आई है। ऋतुजा के बॉयफ्रेंड ने आयोग को पेपर लीक की जानकारी दी पेपर रद्द होने के बाद CBI ने खुलासा किया था कि गिरफ्तार किये गए आरोपियों में गौरव पाटिल भी शामिल है। ऋतुजा पाटिल का गौरव के साथ अफेयर्स था और ब्रेकअप के बाद गुस्से में उसने आयोग को पेपर लीक की जानकारी दे दी। आयोग ने गौरव की दी हुई जानकारी के आधार पर हि मुंबई पुलिस से संपर्क किया था और मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी थी। 22 मार्च को हुई थी परीक्षा बता दें कि ये परीक्षा 22 मार्च 2026 को हुई थी और जुलाई में इसका रिजल्ट जारी होने के बाद इंटरव्यू हुए थे। पेपर लीक होने की जानकारी सामने आने के बाद ये परीक्षा रद्द कर दी गई थी। MPSC की धांधलियों को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) में धांधलियों को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। उम्मीदवारों महाराष्ट्र की सरकारी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं, परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी और पारदर्शिता की कमी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। 5 सितंबर से उग्र हुए आंदोलन जांच में कथित पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद परीक्षा रद्द किए जाने की खबरों ने उम्मीदवारों में नाराजगी बढ़ा दी। छात्रों का कहना था कि मामला सिर्फ एक परीक्षा का नहीं, बल्कि पूरी भर्ती और परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता का है। 5 सितंबर 2026 को आंदोलन ने जोर पकड़ना शुरू किया। अमरावती में MPSC उम्मीदवार सड़कों पर उतरे। हजारों छात्रों ने जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस आंदोलन के तहत छात्रों ने MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन बड़े पैमाने पर किया जाएगा। MPSC परीक्षा की कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र और प्रतियोगी परीक्षा से जुड़े टीचर सक्रिय हुए। NCP(SP) विधायक रोहित पवार के पास शिक्षकों ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं की शिकायतें रखीं। ———————– ये खबर भी पढ़ें.. यूनिफॉर्म में स्कूल का छज्जा साफ कर रहे बच्चे:कहीं रेत उठाते, तो कहीं टॉयलेट साफ करते दिखे छात्र; क्या कहता है राइट टू एजुकेशन मप्र के शहडोल जिले के गोरतरा गांव का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में स्कूल के बच्चे छत और छज्जे की सफाई करते दिख रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

दुनिया के सबसे ज्यादा कमाने वाले नेता की सैलरी बढ़ी:सिंगापुर के प्रधानमंत्री को हर साल ₹27 करोड़ मिलेंगे; यह PM मोदी से 135 गुना ज्यादा

दुनिया के सबसे ज्यादा कमाने वाले नेता की सैलरी बढ़ी:सिंगापुर के प्रधानमंत्री को हर साल ₹27 करोड़ मिलेंगे; यह PM मोदी से 135 गुना ज्यादा

सिंगापुर सरकार ने प्रधानमंत्री, मंत्रियों और दूसरे बड़े पदों पर बैठे अधिकारियों की सैलरी बढ़ाने का फैसला किया है। दुनिया के सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले राजनीतिक नेता और सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की सालाना कमाई में करीब ₹11 करोड़ का इजाफा होगा। वोंग की मौजूदा सालाना सैलरी करीब 22 लाख सिंगापुर डॉलर (लगभग ₹16 करोड़) है। बढ़ोतरी के बाद उनका सालाना पे पैकेज करीब 36 लाख सिंगापुर डॉलर (लगभग ₹27 करोड़) हो जाएगा। यानी उनकी कमाई में 60% से ज्यादा की बढ़ोतरी होगी। यह भारत के प्रधानमंत्री मोदी की सालाना सैलरी से 135 गुना ज्यादा है। अमेरिकी राष्ट्रपति 3 करोड़ और ब्रिटेन के PM 2 करोड़ कमाते हैं प्रधानमंत्री वोंग ने कहा है कि वह सैलरी में हुई इस बढ़ोतरी की रकम अगले 5 साल तक चैरिटी में दान करेंगे। सबसे ज्यादा कमाने वाले दुनिया के नेताओं में उनके बाद हांगकांग के चीफ एग्जीक्यूटिव जॉन ली हैं, जिन्हें सालाना करीब 7.19 लाख डॉलर (₹6.79 करोड़) मिलते हैं। स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन की सालाना कमाई करीब 6.06 लाख डॉलर (₹5.72 करोड़) है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को सालाना 4 लाख डॉलर (₹3.77 करोड़), जबकि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम को करीब 2.30 लाख डॉलर (₹2.17 करोड़) मिलते हैं। मंत्रियों की सैलरी भी बढ़ेगी फिलहाल सिंगापुर के मंत्रियों का बेस पे पैकेज करीब 11 लाख सिंगापुर डॉलर (₹8.20 करोड़) है। नए वेतन सिस्टम के तहत यह बढ़कर करीब 12 लाख (₹8.95 करोड़) सिंगापुर डॉलर हो जाएगा। वोंग के मुताबिक, मौजूदा सरकार का कार्यकाल खत्म होने तक ज्यादातर मंत्रियों की कमाई करीब 13.5 लाख सिंगापुर डॉलर (₹10 करोड़) तक पहुंच सकती है। उनकी सैलरी का कुछ हिस्सा उनके प्रदर्शन के आधार पर बढ़ेगा। मंत्रियों की कमाई का एक हिस्सा देश के बेरोजगारी, लोगों की आय और GDP ग्रोथ जैसे लक्ष्यों को हासिल करने से जुड़ा है। सरकार का तर्क- ज्यादा सैलरी से भ्रष्टाचार कम होगा सिंगापुर सरकार लंबे समय से मंत्रियों को ज्यादा सैलरी देने का बचाव करती रही है। सरकार का कहना है कि ऊंची सैलरी से मंत्रियों के रिश्वत लेने या भ्रष्टाचार करने का लालच कम होता है। सिंगापुर दुनिया के कम भ्रष्ट देशों में शामिल है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के करप्शन परसेप्शन इंडेक्स में भी वह लगातार ऊंची रैंकिंग पर रहता है। सरकार इसे अपनी वेतन व्यवस्था के सही होने के सबूत के तौर पर पेश करती है। आम लोगों में नाराजगी, नौकरी और महंगाई को लेकर चिंता सिंगापुर में मंत्रियों की इतनी ज्यादा सैलरी लंबे समय से विवाद का मुद्दा रही है। आम लोगों की कमाई इसके मुकाबले काफी कम है। देश में अवरेज सालाना इनकम 5775 सिंगापुर डॉलर यानी करीब 4 लाख 30 हजार रुपए है। इस बार भी सैलरी बढ़ाने के फैसले की आलोचना हुई। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर इसे लोगों की मौजूदा परेशानियों को नजरअंदाज करने वाला फैसला बताया। लोगों की चिंता नौकरी जाने, नए ग्रेजुएट्स को नौकरी मिलने और बढ़ती महंगाई को लेकर है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सिंगापुर में पिछली तिमाही में नौकरी जाने यानी रिट्रेंचमेंट का आंकड़ा 5 साल से ज्यादा समय में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, कुछ लोगों ने सरकार के फैसले का समर्थन भी किया। उनका कहना था कि देश चलाने के लिए ‘सबसे अच्छे लोगों’ को जिम्मेदारी देना जरूरी है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

दुनिया के सबसे ज्यादा कमाने वाले नेता की सैलरी बढ़ी:सिंगापुर के प्रधानमंत्री को हर साल ₹27 करोड़ मिलेंगे; यह PM मोदी से 135 गुना ज्यादा

दुनिया के सबसे ज्यादा कमाने वाले नेता की सैलरी बढ़ी:सिंगापुर के प्रधानमंत्री को हर साल ₹27 करोड़ मिलेंगे; यह PM मोदी से 135 गुना ज्यादा

सिंगापुर सरकार ने प्रधानमंत्री, मंत्रियों और दूसरे बड़े पदों पर बैठे अधिकारियों की सैलरी बढ़ाने का फैसला किया है। दुनिया के सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले राजनीतिक नेता और सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की सालाना कमाई में करीब 1 ₹10 करोड़) का इजाफा होगा। वोंग की मौजूदा सालाना सैलरी करीब 22 लाख सिंगापुर डॉलर (लगभग ₹16 करोड़) है। बढ़ोतरी के बाद उनका सालाना पे पैकेज करीब 36 लाख सिंगापुर डॉलर (लगभग ₹27 करोड़) हो जाएगा। यानी उनकी कमाई में 60% से ज्यादा की बढ़ोतरी होगी। यह भारत के प्रधानमंत्री मोदी की सालाना सैलरी से 135 गुना ज्यादा है। बढ़ी रकम 5 साल तक चैरिटी में दान करेंगे PM वोंग प्रधानमंत्री वोंग ने कहा है कि वह सैलरी में हुई इस बढ़ोतरी की रकम अगले 5 साल तक चैरिटी में दान करेंगे। सबसे ज्यादा कमाने वाले दुनिया के नेताओं में उनके बाद हांगकांग के चीफ एग्जीक्यूटिव जॉन ली हैं, जिन्हें सालाना करीब 7.19 लाख डॉलर मिलते हैं। स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन की सालाना कमाई करीब 6.06 लाख डॉलर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को सालाना 4 लाख डॉलर, जबकि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम को करीब 2.30 लाख डॉलर मिलते हैं। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

एक्टर राजेश शर्मा ने बताई तबीयत बिगड़ने की वजह:फिल्म के सेट पर कीड़े ने नहीं काटा था, इंफेक्शन-हाई ब्लड शुगर से सीरियस हुए थे

एक्टर राजेश शर्मा ने बताई तबीयत बिगड़ने की वजह:फिल्म के सेट पर कीड़े ने नहीं काटा था, इंफेक्शन-हाई ब्लड शुगर से सीरियस हुए थे

एक्टर राजेश शर्मा ने अस्पताल में भर्ती होने की वजह को लेकर चल रही अफवाहों पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रभास की फिल्म ‘फौजी’ के सेट पर उन्हें किसी कीड़े ने नहीं काटा था। उनकी तबीयत दाएं पैर के इंफेक्शन और हाई ब्लड शुगर की वजह से बिगड़ी। राजेश शर्मा ने NDTV के साथ बातचीत में कहा कि उनकी मेडिकल इमरजेंसी के लिए न तो प्रभास जिम्मेदार हैं और न ही फिल्म की टीम। उन्होंने बताया कि हैदराबाद में शूटिंग के दौरान कुछ नहीं हुआ था। तबीयत कोलकाता लौटने के एक-दो दिन बाद ज्यादा बिगड़ी। उन्होंने कहा कि इलाज पूरा हो चुका है और अब रिकवरी चल रही है। राजेश के मुताबिक, वह एक हफ्ते में फिर से काम शुरू कर सकते हैं। एक्टर ने बताया कि उनके दाएं पैर की स्किन पर काफी समय से परेशानी थी। इसी वजह से पैर में इंफेक्शन हो गया। इस दौरान उनका डायबिटीज लेवल भी बहुत बढ़ गया, जिससे हालत सीरियस हो गई थी। पैर की स्किन पर लंबे समय से परेशानी थी राजेश शर्मा ने कहा, “यह झूठी खबर है। प्रभास की फिल्म के सेट पर कुछ नहीं हुआ। प्रभास और यूनिट किसी भी तरह जिम्मेदार नहीं हैं। वे अच्छे लोग हैं। हैदराबाद में शूटिंग के दौरान कुछ नहीं हुआ।” उन्होंने कहा, “हैदराबाद से कोलकाता लौटने के एक-दो दिन बाद हालत गंभीर हो गई। मेरी डायबिटीज बहुत बढ़ गई थी और शुरुआत में मैंने इसे गंभीरता से नहीं लिया।” इंफेक्शन की वजह बताते हुए उन्होंने कहा, “मेरे दाएं पैर की त्वचा पर लंबे समय से परेशानी थी। वहीं से इंफेक्शन हो गया।” राजेश शर्मा ने कहा, “मेरा इलाज पूरा हो गया है। रिकवरी चल रही है। उम्मीद है कि मैं एक हफ्ते में काम शुरू कर दूंगा।” कीड़े के काटने की खबर कैसे फैली राजेश शर्मा की तबीयत को लेकर अटकलें तब शुरू हुईं, जब उनकी दोस्त सुदीपा चटर्जी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की थी। इसमें दावा किया गया था कि प्रभास की फिल्म की शूटिंग के दौरान रामोजी फिल्म सिटी में राजेश को किसी कीड़े ने काट लिया था। बाद में यह पोस्ट डिलीट कर दी गई। राजेश शर्मा ने कहा कि सुदीपा ने चिंता की वजह से पोस्ट की थी, लेकिन उन्हें गलत जानकारी दी गई थी। उन्होंने कहा, “वह अच्छी दोस्त हैं। चिंता की वजह से उन्होंने पोस्ट की। लेकिन उन्हें गलत जानकारी दी गई थी।” सुदीपा के अब डिलीट हो चुके इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा था, “एक्टर राजेश शर्मा को कथित तौर पर रामोजी फिल्म सिटी में मशहूर एक्टर प्रभास के साथ फिल्म की शूटिंग के दौरान किसी कीड़े ने काट लिया। यह कीड़ा कोई बग या जहरीली मकड़ी हो सकती है। पैक-अप के बाद राजेश घने पेड़-पौधों वाले इलाके में स्थानीय तकनीशियनों से बात कर रहे थे, तभी उन्हें कीड़े के काटने का अहसास हुआ। उस समय यह गंभीर नहीं लगा, इसलिए उन्होंने तुरंत इलाज नहीं कराया।” पोस्ट में आगे दावा किया गया था, “हालत बिगड़ने के बावजूद उन्होंने कोलकाता की फ्लाइट ली। सफर के दौरान उन्हें तेज बुखार आया, बेचैनी बढ़ती गई और तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। अगले दिन उन्हें पश्चिम बंगाल के धाकुरिया स्थित मणिपाल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में भर्ती हुए एक दिन से ज्यादा समय बीत चुका था, लेकिन उन्हें तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी और दाएं पैर में बढ़ता हुआ इंफेक्शन था।” राजेश शर्मा को पश्चिम बंगाल के धाकुरिया स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय उनकी हालत गंभीर बताई गई थी और उन्हें निगरानी में रखा गया था। उनके परिवार ने भी तबीयत को लेकर अपडेट जारी किया था। परिवार के मुताबिक, राजेश को तेज बुखार और सांस लेने में परेशानी के साथ दाएं पैर में तेजी से फैलता इंफेक्शन था। कहा गया था कि इंफेक्शन पैर की उंगलियों से घुटने की ओर बढ़ गया था और प्रभावित हिस्से पर बड़े छाले हो गए थे। फिल्म ‘फौजी’ की टीम ने खबरों पर दी सफाई थी साउथ फिल्मों से जुड़े पोर्टल गुलटी के अनुसार, राजेश शर्मा की हेल्थ को लेकर ‘फौजी’ की टीम ने कहा था कि उन्हें सेट पर ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। टीम ने कहा था कि राजेश शर्मा इन खबरों के सामने आने से करीब एक सप्ताह पहले अपना शूट पूरा कर घर लौट चुके थे। उस दौरान प्रोडक्शन टीम को किसी मेडिकल इमरजेंसी की औपचारिक जानकारी नहीं मिली थी। अक्षय ने की जल्द ठीक होने की दुआ की थी वहीं, राजेश शर्मा की सेहत को लेकर यह खबर सामने आई कि उन्हें कीड़े ने काट लिया है। तब इस पर एक्टर अक्षय कुमार ने चिंता जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मेरे प्रिय दोस्त राजेश की तबीयत के बारे में सुनकर बहुत चिंता हुई। शूटिंग के दौरान उन्हें किसी कीड़े ने काट लिया था। भगवान महादेव उन्हें जल्द और पूरी तरह स्वस्थ करें। यार, जल्दी ठीक हो जाओ। अभी साथ बैठकर बहुत हंसना-बोलना बाकी है।’ बता दें कि राजेश शर्मा ने करियर की शुरुआत थिएटर से की और 1996 में फिल्म ‘माचिस’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने ‘परिणीता’, ‘खोसला का घोसला’, ‘इश्किया’, ‘स्पेशल 26’, ‘बजरंगी भाईजान’, ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ और ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ जैसी कई चर्चित फिल्मों में दमदार अभिनय किया।