Andhra Pradesh Paramedical Interns Protest

Hindi News Career Andhra Pradesh Paramedical Interns Protest | Stipend Demand Strike 13 मिनट पहले कॉपी लिंक देशभर में मेडिकल इंटर्न्स के प्रदर्शन के बाद अब आंध्र प्रदेश के तिरुपति में पैरामेडिकल इंटर्न्स भी स्टाइपेंड की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। साथ ही आंध्र प्रदेश के कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों जैसे आंध्र मेडिकल कॉलेज, विशाखापत्तनम और एसवी मेडिकल कॉलेज, तिरुपति भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं। बिना सैलरी के 12 घंटे काम करते हैं बता दें कि आंध्र प्रदेश में वर्तमान में सरकारी मेडिकल कॉलेजों के पैरामेडिकल इन्टर्न यानी एमएलटी, हेल्थ साइंस के स्टूडेंट्स को कोई आधिकारिक या नियमित स्टाइपेंड नहीं दिया जाता है। पैरामेडिकल स्टूडेंट्स बिना सैलरी के 12 घंटे की शिफ्ट का विरोध कर रहे हैं। स्टूडेंट्स की मांग है कि ₹15,000 का मासिक स्टाइपेंड दिया जाए। वे इन्हीं मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। बालों से खींचकर ले जाती पुलिस इसी विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें महिला पुलिस प्रोटेस्ट में शामिल एक स्टूडेंट के बालों से उसे खींच रही है। इसी विरोध-प्रदर्शन के दौरान अफरातफरी मच गई। एमपी में मेडिकल इंटर्न्स पर वॉटर कैनन से हमला किया गया हाल ही में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी प्रदर्शन कर रहे MBBS इन्टर्न डॉक्टर्स पर वॉटर कैनन से हमला किया गया था। प्रदर्शन के बाद उनकी मांगे मान ली गई थी और उनका स्टाइपेंड 14,337 रुपए से बढ़ाकर 21,500 रुपए किया गया था। वाटर कैनन मामले में जांच के निर्देश इंटर्न ने वाटर कैनन चलाने का विरोध किया। उनका कहना है कि हम डॉक्टर हैं, क्रिमिनल नहीं, जो हम पर वाटर कैनन चलाई गई। इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वाटर कैनन मामले में जांच के निर्देश दिए थे। इंदौर में डॉक्टरों के समर्थन में रैली का आयोजन इंदौर के एमवाय अस्पताल परिसर में इंटर्न डॉक्टरों ने विरोध जताने के लिए रैली निकाली। भोपाल में प्रदर्शन के दौरान इंटर्न डॉक्टरों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में डॉक्टरों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। रैली में इंटर्न और रेजिडेंट डॉक्टर शामिल हुए। जम्मू कश्मीर में 48 घंटे की भूख हड़ताल पर इंटर्न जम्मू-कश्मीर में MBBS और BDS इंटर्न 31 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। जम्मू-कश्मीर के 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों और दो डेंटल कॉलेजों के मेडिकल इंटर्न ने बढ़े हुए स्टाइपेंड की मांग को लेकर 7 सितंबर से 48 घंटे की भूख हड़ताल शुरू की है। प्रदर्शनकारी इंटर्न का कहना है कि उनका आंदोलन तब तक खत्म नहीं होगा, जब तक स्टाइपेंड को लेकर सरकार की ओर से आदेश जारी नहीं किया जाता। उनका कहना है कि इस मुद्दे पर वे सरकार को काफी समय दे चुके हैं। इस संबंध में छात्रों द्वारा 2023 में भी सिफारिश की गई थी। फिलहाल मेडिकल इंटर्न की नजर सरकार की ओर से आधिकारिक आदेश जारी होने पर है। इंटर्न का कहना है कि केवल बातचीत अब पर्याप्त नहीं हैं। उत्तराखंड में करीब 600 इंटर्न भूख हड़ताल पर उत्तराखंड में मेडिकल इंटर्न अपना स्टाइपेंड 17,000 से बढ़ाकर 30,000 किए जाने की मांग कर रहे हैं। इस आंदोलन में करीब 600 MBBS इंटर्न आंदोलन में शामिल हैं। इंटर्न ने OPD और वार्ड ड्यूटी का बहिष्कार किया है। हालांकि इमरजेंसी ड्यूटी वाले इंटर्न मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इस आंदोलन का नेतृत्व वॉइस ऑफ इंटर्नस – उत्तराखंड के बैनर तले हो रहा है। पीजी रेजिडेंट डॉक्टर काली पट्टी बांधकर कर रहे विरोध इंटर्न डॉक्टरों का दावा है कि कई दूसरे राज्यों में MBBS इंटर्न को उत्तराखंड से अधिक स्टाइपेंड मिलता है। चिकित्सा शिक्षा निदेशालय ने कहा है कि स्टाइपेंड संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इस संबंध में मेडिकल कॉलेजों से रिपोर्ट भी मांगी गई है। इस हड़ताल में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी, वीसीएसजी मेडिकल कॉलेज/इंस्टीट्यूट, श्रीनगर, गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून और सोबन सिंह जीना मेडिकल साइंसेज संस्थान, अल्मोड़ा के स्टूडेंट्स शामिल हैं। इसके अलावा उत्तराखंड के करीब 600 पीजी रेजिडेंट डॉक्टर भी स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर काली पट्टी बांधकर विरोध कर रहे हैं। मेडिकल इंटर्न के स्टाइपेंड को लेकर भारत का कानून भारत में MBBS मेडिकल इंटर्न को स्टाइपेंड देना सिर्फ कॉलेज की मर्जी पर डिपेंड नहीं करता है। NMC के कंप्लसरी रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप रेग्यूलेशन्स 2021 में स्टाइपेंड का प्रावधान है। इसके अलावा सभी मेडिकल इंटर्न को स्टाइपेंड देने का नियम भी तय है। इसके तहत CRMI रेग्यूलेशन्स 2021 के शेड्यूल-IV, क्लॉज 3(a) के अनुसार सभी इंटर्न को संबंधित संस्थान, यूनिवर्सिटी या राज्य की सक्षम प्राधिकरण द्वारा तय स्टाइपेंड दिया जाना जरूरी है। ———————————————————————— ये खबर भी पढ़ें मिड डे मील में कहीं कीड़े, कहीं सड़े आलू:आरोप छात्रों से प्रिंसिपल कहते हैं- शिकायत की तो केस कर देंगे, देशभर के कई राज्यों के मामले एमपी के छिंदवाड़ा के मानेगांव में स्कूली बच्चों के मध्यान भोजन यानी मिड डे मील में खाने की गुणवत्ता, सामग्री और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
बांग्लादेश बोला- भारत से रिश्ते रीसेट करना चाहते हैं:हसीना के दौर के संबंधों को असहज बताया, विदेश राज्य मंत्री ने कहा- सीधी बातचीत जरूरी

बांग्लादेश ने रविवार को कहा कि वह भारत के साथ अपने रिश्ते को रीसेट करना चाहता है। यानी दोनों देशों के बीच संबंधों को नए सिरे से शुरू करना चाहता है। बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा कि दोनों देशों के बीच नया रिश्ता आपसी हितों के आधार पर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने शेख हसीना के प्रधानमंत्री रहने के दौरान भारत-बांग्लादेश संबंधों को असहज बताया। कबीर ने कहा कि ढाका नई दिल्ली के साथ नए रिश्ते की ओर बढ़ना चाहता है और इसके लिए दोनों देशों के बीच सीधे बातचीत होनी चाहिए। यह बातचीत किसी बहुपक्षीय मंच के जरिए नहीं, बल्कि द्विपक्षीय स्तर पर होनी चाहिए। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
ओमान के पास जहाज पर हमला, 14 भारतीय सवार थे:13 का रेस्क्यू हुआ, एक लापता; भारत ने हमले की निंदा की

ओमान के तट के पास रविवार को कमर्शियल जहाज एमटी एल गाइया पर हमला हुआ। जहाज पर 14 भारतीय सवार थे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि 13 भारतीय क्रू सदस्यों को बचा लिया गया है। एक भारतीय अब भी लापता है और उसकी तलाश जारी है। विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि लापता भारतीय की तलाश के लिए बचाव अभियान चल रहा है। मंत्रालय के मुताबिक, ओमान में भारतीय दूतावास स्थिति पर नजर रख रहा है। दूतावास ओमानी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी जहाज भी हमले की चपेट में भारत का यह बयान ऐसे समय आया है, जब रविवार सुबह ईरान के केश्म द्वीप के पास एक ईरानी कार्गो जहाज पर भी हमला होने की खबर सामने आई। यह इलाका होर्मुज स्ट्रेट में आता है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, इस हमले में एक शख्स की मौत हुई और चार लोग घायल हुए। हमले के बाद जहाज में आग लग गई थी और लोगों को बाहर निकालने का ऑपरेशन शुरू किया गया था। इस हमले से कुछ घंटे पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सोशल मीडिया पर कहा था कि ईरान के लोगों को दबाव डालकर झुकाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, ‘ईरान सरेंडर नहीं करेगा।’ खबर लगातार अपडेट हो रही है…
ब्रिटेन के बंटवारे पर साथ आएंगे स्कॉटलैंड, वेल्स-नॉर्दर्न आयरलैंड:तीनों जगहों के नेताओं की कल मीटिंग, अलग होने के पक्ष में

UK के एकजुट रहने पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर सोमवार को वेल्स की राजधानी कार्डिफ में मिलेंगे। स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड की सरकार के प्रमुख को फर्स्ट मिनिस्टर कहा जाता है। इनके साथ अलग देश आयरलैंड की पार्टी सिन फेन की अध्यक्ष मैरी लू मैकडोनाल्ड भी रहेंगी। बैठक में नेता हर क्षेत्र को अपना भविष्य खुद तय करने का अधिकार देने की बात पर साझा बयान जारी कर सकते हैं। इसमें जरूरत पड़ने पर आजादी या दूसरे बड़े बदलावों पर जनमत संग्रह कराने की बात भी शामिल है। इस बैठक से UK पर दबाव बढ़ सकता है। UK से अलग होने के पक्ष में तीनों जगहों की पार्टियां ब्रिटेन की केंद्र सरकार देश को एकजुट रखने के पक्ष में है। लेकिन स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड में ज्यादा अधिकार और बड़े बदलाव की मांग बढ़ रही है। इन तीनों जगहों पर ऐसी पार्टियां प्रभावशाली हैं जो ब्रिटेन की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव चाहती हैं। स्कॉटलैंड में SNP आजादी का समर्थन करती है। वेल्स में प्लाइड कम्री भी आजादी की मांग करती है। वहीं नॉर्दर्न आयरलैंड में सिन फेन आयरलैंड के साथ जुड़ने का समर्थन करती है। द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर जॉन स्विनी और वेल्स के फर्स्ट मिनिस्टर रुन एपी इओर्थवर्ट के साथ नॉर्दर्न आयरलैंड का नेतृत्व भी साझा घोषणा का समर्थन कर सकता है। बैठक में आजादी और संवैधानिक बदलाव के अलावा अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, यूरोप और दूसरे देशों से रिश्ते मजबूत करने पर भी चर्चा होगी। स्कॉटलैंड में फिर जनमत संग्रह की चर्चा स्कॉटलैंड की आजादी इस पूरी बहस का सबसे बड़ा मुद्दा है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने हाल ही में कहा था कि अगर स्कॉटलैंड और नॉर्दर्न आयरलैंड में आजादी के पक्ष में लोगों के बीच सहमति बनती है, तो एक और जनमत संग्रह पर विचार किया जा सकता है। SNP ने बर्नहम के इस बयान को तुरंत मुद्दा बना लिया। इसके बाद में बर्नहम को सफाई देनी पड़ी। उन्होंने स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर स्विनी को चिट्ठी लिखकर कहा कि अगले आम चुनाव से पहले आजादी पर जनमत संग्रह नहीं कराया जाएगा। नॉर्दर्न आयरलैंड को लेकर भी उन्होंने कहा कि अभी ब्रिटेन से अलग होने को लेकर ऐसा माहौल नहीं है। बर्नहम ने 2024 के चुनावी घोषणापत्र का हवाला देते हुए कहा कि लेबर पार्टी स्कॉटलैंड की आजादी या एक और जनमत संग्रह का समर्थन नहीं करती। स्विनी – UK पर एकजुट रहने का दबाव बढ़ा स्विनी ने बर्नहम के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहली बार स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड में ऐसे फर्स्ट मिनिस्टर हैं जो आजादी के पक्ष में हैं। उनके मुताबिक, इससे साफ है कि ब्रिटेन को एकजुट रखने वाली मौजूदा व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। वहीं, वेल्स में भी ज्यादा अधिकार की मांग तेज हो गई है। मई में हुए चुनाव में वहां ब्रिटेन की मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली पार्टियों को मजबूती मिली है। 96 सीट पर हुए चुनाव में अलग देश की समर्थक प्लाइड कम्री को 43 जबकि लेबर पार्टी को सिर्फ 9 सीटें मिलीं। इस चुनाव के बाद प्लाइड कम्री के रुन एपी इओर्थवर्ट वेल्स के फर्स्ट मिनिस्टर बने। नॉर्दर्न आयरलैंड के पास आयरलैंड से जुड़ने का रास्ता नॉर्दर्न आयरलैंड का मामला स्कॉटलैंड और वेल्स से अलग है। 1998 के गुड फ्राइडे समझौते के तहत अगर यह संभावना दिखे कि नॉर्दर्न आयरलैंड के ज्यादातर लोग ब्रिटेन से अलग होकर आयरलैंड के साथ जुड़ना चाहते हैं, तो वहां जनमत संग्रह कराया जा सकता है। यहां की नेता सिन फेन का कहना है कि कार्डिफ की बैठक में भी इसी अधिकार की बात उठाई जाएगी कि हर देश और क्षेत्र को लोकतांत्रिक तरीके से अपना भविष्य तय करने का मौका मिलना चाहिए। ट्रम्प के बयान से आयरलैंड के एकीकरण की चर्चा बढ़ी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी हाल में आयरलैंड के एकीकरण पर बयान दिया है। शनिवार को डबलिन दौरे के दौरान ट्रम्प ने कहा कि वह आयरलैंड को एक देश के रूप में देखना पसंद करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपतियों का इस मुद्दे पर आमतौर पर सावधानी भरा रुख रहा है। ऐसे में ट्रम्प का बयान इस बहस को और चर्चा में ले आया है। मामला सिर्फ आजादी का नहीं, पैसा और यूरोप भी अहम कार्डिफ की बैठक सिर्फ ब्रिटेन से अलग होने की मांग तक सीमित नहीं है। तीनों जगहों की कई प्रमुख पार्टियां यूरोपीय यूनियन के साथ करीबी रिश्तों की समर्थक हैं। UK 2020 में आधिकारिक तौर पर यूरोपीय यूनियन से आजाद हो गया था। इसके लिए 2016 में वोटिंग हुई थी। अगर स्कॉटलैंड या वेल्स भविष्य में आजाद होते हैं, तो वे EU की सदस्यता के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं अगर नॉर्दर्न आयरलैंड आयरलैंड में शामिल होता है, तो वह EU का हिस्सा बन जाएगा, क्योंकि आयरलैंड पहले से EU का सदस्य है। अब जानिए कि ये तीनों इलाके ब्रिटेन से कैसे जुड़े और अब अलग होने की मांग क्यों हो रही है… स्कॉटलैंड करीब 300 साल पहले स्कॉटलैंड और इंग्लैंड दो अलग-अलग देश थे। दोनों के अपने राजा, संसद और कानून थे। साल 1603 में इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ प्रथम की मौत हो गई। उनका कोई वारिस नहीं था। तब स्कॉटलैंड के राजा जेम्स VI इंग्लैंड के भी राजा बन गए। यानी अब एक ही व्यक्ति दो देशों का राजा था, लेकिन दोनों देश फिर भी अलग-अलग थे। इसके करीब 100 साल बाद बड़ा फैसला हुआ। 1707 में स्कॉटलैंड और इंग्लैंड की संसद ने समझौता किया। दोनों देश मिलकर ग्रेट ब्रिटेन बन गए। इसके बाद दोनों की अलग-अलग संसद नहीं रही और एक साझा संसद बनी। अलग देश बनने की मांग कब तेज हुई 20वीं सदी में स्कॉटलैंड की आजादी की मांग को राजनीतिक ताकत मिलने लगी। 1934 में स्कॉटिश नेशनल पार्टी (NSP) बनी, जिसका मकसद स्कॉटलैंड को अलग देश बनाना था। इसके बाद यह मुद्दा धीरे-धीरे मजबूत होता गया। 1999 में स्कॉटलैंड को अपनी संसद और सरकार वापस मिली। इससे स्कॉटलैंड को शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे कई मामलों में खुद फैसले लेने का अधिकार मिला, लेकिन रक्षा और विदेश नीति जैसे बड़े मुद्दे अब भी ब्रिटेन की केंद्र सरकार के पास रहे।
Shilpa Shetty Ganpati Bappa Arrival

7 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड में गणेश उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के घर आज गणपति बप्पा का आगमन हुआ। एक्ट्रेस ने पति राज कुंद्रा के साथ बप्पा की आरती की। शिल्पा शेट्टी हर साल गणपति उत्सव धूमधाम से मनाती हैं। इस बार भी उन्होंने इको-फ्रेंडली गणपति की मूर्ति घर लाई। अंकिता लोखंडे भारी बारिश के बीच गणपति की मूर्ति लेने पहुंचीं। इस दौरान वह पारंपरिक लुक में नजर आईं। देखें तस्वीरें- शिल्पा शेट्टी गणपति बप्पा की आरती करती हुईं। अंकिता लोखंडे भारी बारिश के बीच छाते के नीचे कार से बाहर निकलती नजर आईं। अंकिता लोखंडे गणपति की मूर्ति को चुनरी पहनाती हुईं। सलमान के परिवार में हर साल गणपति उत्सव मनता है गौरतलब है कि सलमान खान समेत कई सेलेब्स के यहां गणपति बप्पा की स्थापना हर साल की जाती है। सलमान खान और उनका पूरा परिवार हर साल उनकी बहन अर्पिता खान शर्मा और आयुष शर्मा के मुंबई स्थित घर पर बप्पा का स्वागत करता है। गणेश चतुर्थी पर उनका पूरा परिवार बहन अर्पिता खान शर्मा और आयुष शर्मा के मुंबई स्थित घर पहुंचता है। पिछले साल भी सलमान खान ने अपने माता-पिता सलीम और सलमा खान के साथ आरती की थी। इस मौके पर खान परिवार के कई सदस्य पूजा में शामिल होते हैं। भाई अरबाज और सोहेल खान, बहन अलवीरा और बच्चे भी उत्सव का हिस्सा बनते हैं। इसके अलावा सलमान के करीबी दोस्त रितेश देशमुख और जेनेलिया डिसूजा भी पिछले साल गणपति उत्सव में शामिल हुए थे। सलीम खान ने पत्नी सलमा संग की बप्पा की आरती। अरबाज खान ने श्रद्धा भाव से की बप्पा की आरती। अर्पिता ने पति आयुष शर्मा और बच्चों के साथ की आरती। रितेश देशमुख पत्नी जेनेलिया और दोनों बच्चों के साथ आरती करते दिखे थे। सोनू सूद के घर हर साल गणपति बप्पा आते हैं बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद के घर में गणपति बप्पा की स्थापना होती है। पिछले साल गणेशोत्सव के मौके पर बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की थी। उन्होंने पहली बार मुंबई के घर में गणेश जी को लाने का अनुभव शेयर करते हुए बताया था कि मैं अंधेरी स्टेशन से बाइक पर बप्पा को लेने गया था। उस समय बस यही प्रार्थना की थी कि जिस सफर में निकले, उसमें बप्पा का साथ कभी न छूटे। आज जब मैं आप लोगों के साथ खड़ा हूं, तो लगता है बप्पा से मांगी दुआ कबूल हुई। सोनू ने कहा था कि बप्पा विघ्नहर्ता हैं, जो हमेशा रास्ता दिखाते हैं और परेशानियां दूर कर देते हैं। जब उनसे पूछा गया कि अगर उन्हें बप्पा से कोई सुपरपावर चाहिए तो वह क्या होगी, तो सोनू ने कहा, “मैं चाहता हूं बप्पा हर किसी को शक्ति दें जिससे देश-दुनिया की मुश्किलें खत्म हो सकें। पूरी खबर यहां पढ़ें… पलक मुछाल के घर बप्पा विराजे थे 2025 में मशहूर सिंगर पलक मुछाल के घर भी गणपति बप्पा विराजे थे। हर साल की तरह उन्होंने पूरे उत्साह के साथ बप्पा का स्वागत किया था। इस मौके पर उन्होंने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की थी। पलक ने बताया था कि उनके लिए गणपति उत्सव सिर्फ एक त्योहार नहीं है। यह उनके लिए आस्था और भावनाओं से जुड़ा खास समय है। उन्होंने कहा था कि उनके जीवन की खुशियां, सफलता और उपलब्धियां बप्पा की कृपा से मिली हैं। इसलिए गणेशोत्सव उनके लिए साल का सबसे पसंदीदा समय है। पलक ने कहा था कि बप्पा के आने से माहौल में उमंग और सकारात्मकता भर जाती है। उन्होंने बताया था कि इन दिनों वह काफी भावुक हो जाती हैं। हर साल बप्पा को धन्यवाद देने की उनकी वजहें और बढ़ जाती हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
अमीषा पटेल के माता-पिता के घर चोरी:डायमंड-सोने की जूलरी चुराने वाली नौकरानी गिरफ्तार, एक्ट्रेस बोलीं- शुक्र है किसी को चोट नहीं पहुंचाई, सब सुरक्षित हैं

अमीषा पटेल के माता-पिता के घर से करीब 5 लाख रुपए की सोने और हीरे की ज्वेलरी चोरी हुई है। वह चर्चगेट में रहते हैं। मरीन ड्राइव पुलिस ने चोरी के आरोप में घर में काम करने वाली 40 साल की नौकरानी को गिरफ्तार किया है। आरोपी 15 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में है। चोरी की घटना पर अमीषा पटेल ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, मैंने कल अपने पेरेंट्स से कॉल पर एक घंटे बात की है। पुलिस ने चोरी करने वाली नौकरानी को गिरफ्तार कर लिया है। वो अब जेल में है। उसने चोरी का जुर्म कबूल कर लिया है। सबसे ज्यादा खुशी मुझे इस बात की है कि मेरा परिवार सुरक्षित है और किसी को भी चोट नहीं पहुंचाई गई है। अश्मित बोले- जनवरी में हुई थी चोरी, पेरेंट्स ने नौकरानी से खुद पूछताछ की थी अश्मित अपने माता-पिता के साथ उसी घर में रहते हैं। उन्होंने कहा, “हमारे यहां करीब एक साल से काम कर रही हाउस हेल्प ने जनवरी में चोरी की थी, लेकिन हमने शिकायत हाल ही में दर्ज करवाई है। मेरे पेरेंट्स ने उससे चोरी के बारे में पूछा और उसे सोचने, जूलरी लौटाने का समय भी दिया था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। आगे अश्मित ने कहा, जूलरी की कीमत करीब 5 लाख रुपए है। वो एक साल से हमारे घर में काम कर रही थी, लेकिन जून के आखिर में उसने नौकरी छोड़ दी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है, फिलहाल जांच जारी है। कैसे हुई नौकरानी की गिरफ्तारी? 40 साल की सीमा घाटे नाम की महिला पिछले एक साल से अमीषा पटेल के घर में काम कर रही थी। वह पालघर की रहने वाली है। पुलिस के मुताबिक, जनवरी 2026 में उनके घर से एक कंगन चोरी हुआ था। चोरी के बाद अमीषा की मां आशा को सीमा पर शक था। उन्होंने अगले पांच से छह महीनों तक सीमा से चोरी कबूल करने और ज्वेलरी लौटाने को कहा।वो लगातार चोरी से इनकार करती रही और फिर नौकरी छोड़ दी। कुछ समय पहले ही अमीषा की मां ने मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में अज्ञात महिला के नाम से शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के बाद वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के निर्देश पर क्राइम डिटेक्शन टीम ने जांच शुरू की। टीम ने संदिग्ध महिला को विरार से ट्रेस किया। इसके बाद सीमा घाटे को हिरासत में लिया गया। उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 15 सितंबर तक पुलिस कस्टडी मिली। पुलिस गायब ज्वेलरी बरामद करने की कोशिश कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड है या नहीं। अमीषा पटेल का बॉलीवुड करियर बॉलीवुड एक्ट्रेस अमीषा पटेल ने साल 2000 में ऋतिक रोशन के साथ फिल्म ‘कहो ना… प्यार है’ से एक्टिंग की शुरुआत की थी। यह रोमांटिक थ्रिलर फिल्म बड़ी हिट रही और अमीषा रातों-रात स्टार बन गईं। इसके बाद उन्होंने कई हिट और सुपरहिट फिल्मों में काम किया। इनमें ‘गदर: एक प्रेम कथा’, ‘हमराज’, ‘हनीमून ट्रैवल्स प्राइवेट लिमिटेड’, ‘भूल भुलैया’ और ‘रेस 2’ जैसी फिल्में शामिल हैं। अमीषा पटेल ने साल 2023 में फिल्म ‘गदर 2’ से बड़े पर्दे पर वापसी की।
अमीषा पटेल के माता-पिता के घर चोरी:डायमंड-सोने की जूलरी चुराने वाली नौकरानी गिरफ्तार, एक्ट्रेस बोलीं- शुक्र है किसी को चोट नहीं पहुंचाई, सब सुरक्षित हैं

अमीषा पटेल के माता-पिता के घर से करीब 5 लाख रुपए की सोने और हीरे की ज्वेलरी चोरी हुई है। वह चर्चगेट में रहते हैं। मरीन ड्राइव पुलिस ने चोरी के आरोप में घर में काम करने वाली 40 साल की नौकरानी को गिरफ्तार किया है। आरोपी 15 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में है। चोरी की घटना पर अमीषा पटेल ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, मैंने कल अपने पेरेंट्स से कॉल पर एक घंटे बात की है। पुलिस ने चोरी करने वाली नौकरानी को गिरफ्तार कर लिया है। वो अब जेल में है। उसने चोरी का जुर्म कबूल कर लिया है। सबसे ज्यादा खुशी मुझे इस बात की है कि मेरा परिवार सुरक्षित है और किसी को भी चोट नहीं पहुंचाई गई है। अश्मित बोले- जनवरी में हुई थी चोरी, पेरेंट्स ने नौकरानी से खुद पूछताछ की थी अश्मित अपने माता-पिता के साथ उसी घर में रहते हैं। उन्होंने कहा, “हमारे यहां करीब एक साल से काम कर रही हाउस हेल्प ने जनवरी में चोरी की थी, लेकिन हमने शिकायत हाल ही में दर्ज करवाई है। मेरे पेरेंट्स ने उससे चोरी के बारे में पूछा और उसे सोचने, जूलरी लौटाने का समय भी दिया था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। आगे अश्मित ने कहा, जूलरी की कीमत करीब 5 लाख रुपए है। वो एक साल से हमारे घर में काम कर रही थी, लेकिन जून के आखिर में उसने नौकरी छोड़ दी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है, फिलहाल जांच जारी है। कैसे हुई नौकरानी की गिरफ्तारी? 40 साल की सीमा घाटे नाम की महिला पिछले एक साल से अमीषा पटेल के घर में काम कर रही थी। वह पालघर की रहने वाली है। पुलिस के मुताबिक, जनवरी 2026 में उनके घर से एक कंगन चोरी हुआ था। चोरी के बाद अमीषा की मां आशा को सीमा पर शक था। उन्होंने अगले पांच से छह महीनों तक सीमा से चोरी कबूल करने और ज्वेलरी लौटाने को कहा।वो लगातार चोरी से इनकार करती रही और फिर नौकरी छोड़ दी। कुछ समय पहले ही अमीषा की मां ने मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में अज्ञात महिला के नाम से शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के बाद वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के निर्देश पर क्राइम डिटेक्शन टीम ने जांच शुरू की। टीम ने संदिग्ध महिला को विरार से ट्रेस किया। इसके बाद सीमा घाटे को हिरासत में लिया गया। उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 15 सितंबर तक पुलिस कस्टडी मिली। पुलिस गायब ज्वेलरी बरामद करने की कोशिश कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड है या नहीं। अमीषा पटेल का बॉलीवुड करियर बॉलीवुड एक्ट्रेस अमीषा पटेल ने साल 2000 में ऋतिक रोशन के साथ फिल्म ‘कहो ना… प्यार है’ से एक्टिंग की शुरुआत की थी। यह रोमांटिक थ्रिलर फिल्म बड़ी हिट रही और अमीषा रातों-रात स्टार बन गईं। इसके बाद उन्होंने कई हिट और सुपरहिट फिल्मों में काम किया। इनमें ‘गदर: एक प्रेम कथा’, ‘हमराज’, ‘हनीमून ट्रैवल्स प्राइवेट लिमिटेड’, ‘भूल भुलैया’ और ‘रेस 2’ जैसी फिल्में शामिल हैं। अमीषा पटेल ने साल 2023 में फिल्म ‘गदर 2’ से बड़े पर्दे पर वापसी की।
RPSC SI Re-Exam 2021 Update

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से उपनिरीक्षक/प्लाटून कमांडर (री-एग्जाम)-2021 परीक्षा में 20 सितंबर को होगी। वहीं इस परीक्षा से RPSC पहली बार भर्ती एग्जाम में फेस रिकग्निशन-थंब इम्प्रेशन लागू करेगा। साथ ही पहले लागू किए गए ओएमआर शीट में पांचवें व . यह भर्ती एग्जाम 859 पदों के लिए होगी। वहीं परीक्षा के लिए आवंटित सेंटर के जिले की जानकारी वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। इसकी जानकारी SSO पोर्टल पर लॉगिन कर प्राप्त कर सकेंगे। एडमिट कार्ड 17 सितंबर को अपलोड किए जाएंगे। इसे RPSC की वेबसाइट और SSO पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। एग्जाम में करीब दो लाख 35 हजार कैंडिडेट्स शामिल होंगे। पिछली भर्ती में 7 लाख 97 हजार कैंडिडेट ने किया था आवेदन उपनिरीक्षक/प्लाटून कमांडर परीक्षा-2021 का विज्ञापन 3 फरवरी 2021 को जारी किया गया था। इस भर्ती के लिए पहले हुई परीक्षा में 7 लाख 97 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इनमें से 3 लाख 83 हजार 97 अभ्यर्थी पिछली परीक्षा (13 से 15 सितंबर 2021) में शामिल हुए थे। पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई। जब री-एग्जाम कराने का निर्णय लिया गया, तब 8 मई 2025 को पहले केवल परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को ही मौका दिया गया था। बाद में सभी अभ्यर्थियों को इस परीक्षा में शामिल होने की छूट दे दी गई। हालांकि इसमें केवल 2 लाख 35 हजार ने सहमति दी। एक घंटे पहले तक ही मिलेगी एंट्री परीक्षा केंद्र पर किसी भी परीक्षार्थी को एग्जाम शुरू होने के 60 मिनट पहले तक ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को एग्जाम सेंटर पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अभ्यर्थी परीक्षा शुरू होने के लगभग 2 घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के लिए उपस्थित हों, ताकि सुरक्षा जांच, फेस रिकग्निशन-थंब इम्प्रेशन आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन, पहचान का काम समय पर पूरा हो सके। फोटो युक्त पहचान जरूरी अभ्यर्थियों को पहचान के लिए परीक्षा सेंटर पर नया कलर आधार कार्ड लेकर आना होगा। यदि मूल आधार कार्ड पर फोटो पुरानी या अस्पष्ट है तो अन्य मूल फोटो युक्त पहचान-पत्र जैसे मतदाता पहचान-पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, जिसमें कलर और नई स्पष्ट फोटो हो, लेकर परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होंगे। साथ ही अभ्यर्थी प्रवेश-पत्र पर भी नई कलर फोटो ही चिपकाएं। स्पष्ट मूल फोटो युक्त पहचान-पत्र के अभाव में परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अपील- बहकावे में नहीं आएं अभ्यथी आयोग की ओर से अपील की गई है कि आयोजित परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थी किसी दलाल, मीडिएटर, समाजकंटक या अपराधी के बहकावे में न आएं। यदि कोई परीक्षा में पास कराने के नाम पर रिश्वत की मांग या अन्य कोई प्रलोभन व झांसा देता है तो प्रमाण सहित इस संबंध में जांच एजेंसी और आयोग के कंट्रोल रूम नंबर 0145-2635200, 2635212 एवं 2635255 पर सूचना दें। परीक्षा में अनुचित साधन अपनाए जाने और अनुचित कृत्यों में शामिल होने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम-2022 के तहत आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने से दंडित और चल-अचल संपत्ति कुर्क कर जब्त की जा सकती है। ………. ये खबर भी पढ़ें… SI भर्ती-2021: 2.30 लाख कैंडिडेट ही देंगे री-एग्जाम:7 लाख 97 हजार ने भरा था फॉर्म; RPSC अध्यक्ष ने चुनाव आयोग को लिखा लेटर सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती-2021 का री-एग्जाम केवल 2 लाख 30 हजार अभ्यर्थी ही देंगे। इसका कारण यह है कि री-एग्जाम के लिए पहले भरे गए आवेदन पत्रों में सुधार और अपडेट करने का अवसर दिया गया था। ज्यादातर अभ्यर्थियों ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। पहले यह परीक्षा 3 दिन में आयोजित की गई थी। अब परीक्षा एक ही दिन (20 सितंबर 2026) को होगी। ऐसे में नॉर्मलाइजेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी। रिजल्ट भी जल्दी घोषित हो सकेगा। (पूरी खबर पढें)
Tigmanshu Dhulia Slams KGF Star Yash Look

2 मिनट पहले कॉपी लिंक निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने हाल ही में साउथ फिल्मों में दिखाए जा रहे हीरोज के लुक और हिंसा पर अपनी राय रखी। उन्होंने फिल्म ‘KGF’ के हीरो यश के लुक पर तंज कसा। तिग्मांशु ने कहा कि आजकल फिल्मों में हीरो लंबे बाल और बड़ी दाढ़ी में नजर आते हैं, जो उन्हें राक्षस जैसे लगते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस तरह के किरदार पहले रामायण और महाभारत में राक्षसों के होते थे, वे आज फिल्मों में हीरो बनकर युवाओं को पसंद आ रहे हैं। तिग्मांशु धूलिया ने यह बात कोशाला साहित्य महोत्सव में बातचीत के दौरान कही। उन्होंने कहा कि आजकल फिल्मों में बहुत ज्यादा गुस्से वाले और हिंसक किरदार दिखाए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, ‘बाहुबली’ के बाद ‘KGF’ और ‘कांतारा’ जैसी फिल्मों में मार-काट और खून-खराबा काफी बढ़ गया है। तिग्मांशु ने कहा कि उन्हें इस तरह का सिनेमा बिल्कुल पसंद नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि दर्शक ऐसी फिल्मों को पसंद कर रहे हैं। उनके मुताबिक, इसकी एक वजह समाज में लोगों के अंदर मौजूद गुस्सा हो सकता है। उन्होंने कहा कि शायद लोगों को अपना गुस्सा निकालने का कोई जरिया नहीं मिल रहा, इसलिए वे फिल्मों के इन किरदारों में खुद को देखते हैं और उन्हें देखकर मजा लेते हैं। यश ने KGF फिल्म फ्रेंचाइजी में रॉकी का किरदार निभाया था। उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि इन फिल्मों का लोगों पर इतना असर क्यों है। तिग्मांशु ने यह भी कहा कि लगातार ऐसी फिल्में बन रही हैं और दर्शक उन्हें पसंद कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि यह उनकी निजी पसंद का सिनेमा नहीं है। तिग्मांशु धूलिया ने ‘धुरंधर’ की कहानी पर सवाल उठाए हाल ही में तिग्मांशु धूलिया ने मौजूदा हिंदी सिनेमा में कहानी कहने के तरीके पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि कॉरपोरेट कल्चर और एक जैसे फिल्मी टेम्पलेट के कारण फिल्मों में मौलिक कहानियां कम होती जा रही हैं। धूलिया ने यह टिप्पणी हाल ही में एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (EGI) की ओर से आयोजित राजेंद्र माथुर मेमोरियल लेक्चर के दौरान की थी। धूलिया ने कमर्शियल मेनस्ट्रीम सिनेमा का उदाहरण देते हुए ‘पुष्पा’, ‘KGF’ और ‘धुरंधर’ का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “हर फिल्म एक फिक्शनल बायोपिक है।” ‘धुरंधर’ का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अगर किसी से फिल्म की कहानी पूछी जाए तो शायद वह उसे ठीक से बता नहीं पाएगा। निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने ‘पान सिंह तोमर’, ‘हासिल’ और ‘साहेब बीवी और गैंगस्टर’ जैसी फिल्में डायरेक्ट की हैं। उन्होंने कहा, “मैंने वह फिल्म देखी है। मुझे फिल्म का पहला पार्ट काफी पसंद आया। बहुत अच्छी तरह प्रेजेंट किया गया है, काफी एंगेजिंग है और म्यूजिक भी अच्छा है, लेकिन आप उसकी कहानी पूछिएगा तो आप कहानी बता नहीं पाएंगे।” धूलिया ने फिल्म की कहानी को अपने अंदाज में समझाते हुए कहा, “एक आदमी है, अंडरकवर स्पाई है, पाकिस्तान जाता है और वहां तबाही मचा देता है। ये कोई कहानी हुई?” उन्होंने आगे कहा कि फिल्मों में कहानी कहने वाले लोग कम हो गए हैं और जो लोग अलग तरह की कहानी कहना चाहते हैं, उन्हें बनाने का मौका नहीं मिलता। उनके मुताबिक मेकर्स को डर रहता है कि ऐसी फिल्में चलेंगी नहीं। धूलिया बोले- फिल्मों में एक जैसा टेंपलेट दिखाई दे रहा है धूलिया ने कहा कि एक ही जैसा टेंपलेट हर जगह दिखाई दे रहा है। उन्होंने इसे एक्सट्रीम कैपिटलिज्म से जोड़ते हुए कहा कि जिस तरह शहरों, फैशन, गाड़ियों और दुकानों में एकरूपता बढ़ रही है, उसी तरह फिल्मों में भी इंडिविजुअलिटी कम होती जा रही है। उन्होंने पुराने हिंदी सिनेमा का जिक्र करते हुए कहा कि बिमल रॉय, शक्ति सामंत, मनमोहन देसाई, प्रकाश मेहरा और सुभाष घई जैसे फिल्मकारों से लेकर 2017 तक हिंदी सिनेमा में स्थिति ठीक थी। इसके बाद अचानक बदलाव आया और हम कहानी कहना ही भूल चुके हैं। खबर यहां पढ़ें… तिग्मांशु धूलिया के वर्कफ्रंट की बात करें तो उनकी फिल्म ‘घमासान’ 11 सितंबर 2026 को ZEE5 पर रिलीज हुई है। फिल्म में प्रतीक गांधी और अरशद वारसी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म बुंदेलखंड के डकैत संसार से प्रेरित कहानी पर आधारित है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Delhi Declaration | BRICS Summit India China Global Influence Analysis

नई दिल्ली27 मिनट पहले कॉपी लिंक नई दिल्ली में BRICS समिट के दौरान सदस्य देशों के नेताओं ने ग्रुप फोटो खिंचवाई। BRICS समिट के बाद जारी नई दिल्ली डिक्लेरेशन में अलग-अलग हितों वाले देशों के बीच सहमति बनी। वर्ल्ड मीडिया ने इसे भारत की बड़ी कामयाबी माना। खास बात यह रही कि BRICS अमेरिका-विरोधी गुट बनने के बजाय साझा मुद्दों पर साथ आया। समिट की रिपोर्टिंग में भारत की कूटनीति के साथ BRICS में भारत-चीन के बढ़ते प्रभाव की होड़ भी चर्चा में रही। पढ़िए, दुनिया के बड़े मीडिया ने BRICS समिट और नई दिल्ली डिक्लेरेशन को कैसे देखा… रॉयटर्स- भारत अलग-अलग हितों वाले देशों को एक मंच पर लाया रॉयटर्स ने BRICS के नई दिल्ली घोषणापत्र को लेकर लिखा कि भारत ने ईरान, सऊदी अरब, UAE, चीन और रूस जैसे अलग-अलग हितों वाले देशों के बीच सहमति बनाने में अहम भूमिका निभाई। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और इन देशों के अलग-अलग रुख के बीच सभी को एक साझा बयान पर सहमत कराना भारत के लिए बड़ी चुनौती थी। NYT- चीन और भारत में प्रभाव बढ़ाने की होड़ द न्यूयॉर्क टाइम्स ने BRICS समिट को भारत और चीन के बीच बढ़ते प्रभाव की होड़ के नजरिए से देखा। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन BRICS को अमेरिकी दबदबे को चुनौती देने वाले मंच के तौर पर मजबूत करना चाहता है। वहीं, भारत की कोशिश है कि BRICS किसी एक देश या शक्ति के प्रभाव में न आए। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत चाहता है कि BRICS में अलग-अलग सोच और हित रखने वाले देश भी साथ मिलकर काम करें। यानी संगठन का फोकस किसी एक खेमे के साथ खड़े होने के बजाय आपसी सहयोग और विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने पर रहे। चाइना डेली: BRICS बदल सकता है दुनिया में ताकत का संतुलन चीन के अखबार चाइना डेली ने BRICS को ऐसे मंच के तौर पर पेश किया, जो दुनिया में ताकत का संतुलन बदलने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, विकासशील देश अब दुनिया के बड़े मुद्दों और फैसलों में अपनी आवाज ज्यादा मजबूती से रखना चाहते हैं। BRICS उन्हें इसके लिए एक ऐसा मंच दे रहा है, जहां वे मिलकर अपनी बात उठा सकते हैं। रिपोर्ट में चीन के इस रुख को भी प्रमुखता दी गई कि दुनिया की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव होना चाहिए और वैश्विक फैसलों पर कुछ गिने-चुने ताकतवर देशों का दबदबा नहीं रहना चाहिए। GT: BRICS में भारत-चीन साथ आए तो ग्लोबल साउथ को फायदा चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने BRICS को सिर्फ चीन या भारत के हितों का मंच नहीं, बल्कि ग्लोबल साउथ के लिए बड़े सहयोग के मौके के तौर पर पेश किया। रिपोर्ट में विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया कि BRICS में भारत और चीन का सहयोग सिर्फ दोनों देशों के आपसी रिश्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरे ग्लोबल साउथ को फायदा हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विस सेक्ट में मजबूत है, जबकि चीन मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और सप्लाई चेन के मामले में आगे है। दोनों देशों की ये अलग-अलग ताकतें BRICS के भीतर सहयोग को और मजबूत कर सकती हैं। द गार्जियन: भारत-चीन रिश्तों में सुधार, लेकिन BRICS में सबकुछ ठीक नहीं ब्रिटिश मीडिया द गार्जियन ने BRICS समिट में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी को भारत-चीन रिश्तों में सुधार की शुरुआत के तौर पर देखा। 2020 के सीमा विवाद के बाद यह शी की पहली भारत यात्रा थी। दिल्ली में उनका जोरदार स्वागत हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच बातचीत और आने-जाने में भी सुधार हुआ है। हालांकि, BRICS के अंदर सब कुछ ठीक नहीं है। सदस्य देशों के अपने-अपने हित हैं और ईरान-सऊदी अरब जैसे देशों के बीच तनाव भी संगठन के लिए चुनौती है। इसके बावजूद BRICS देश एक साझा घोषणापत्र पर सहमत हुए। इसमें आपसी विवादों को बातचीत और शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की बात कही गई। FT: चीन BRICS को ताकतवर बनाना चाहता है, भारत की राह अलग ब्रिटिश मीडिया फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक, चीन BRICS को ऐसी वैश्विक ताकत के रूप में देखता है, जो अमेरिकी लीडरशिप वाली मौजूदा सिस्टम का विकल्प बन सके। शी जिनपिंग की मौजूदगी और उनकी अपील को भी इसी नजरिए से देखा गया। लेकिन भारत का रुख इससे अलग है। भारत BRICS को सीधे अमेरिका-विरोधी समूह के तौर पर आगे बढ़ाने के बजाय ऐसा मंच बनाए रखना चाहता है, जहां अलग-अलग देशों के हित और विचार होने के बावजूद साझा मुद्दों पर साथ काम किया जा सके। —————————– ये खबरें भी पढ़ें… BRICS समिट- दिल्ली में मोदी की डिनर पार्टी:पनीर के साथ सूखी सब्जी, चुकंदर का रायता; मिठाई में फ्रूट क्रीम विद जलेबी पीएम मोदी ने शनिवार को भारत मंडपम में BRICS सदस्य देशों के नेताओं के लिए डिनर पार्टी को होस्ट किया। मेन्यू में पनीर के साथ सूखी सब्जी, चुकंदर का रायता और मिलेट्स का पुलाव रखा गया है। मिठाई में फ्रूट क्रीम विद जलेबी मिलेगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…







