Wednesday, 28 Oct 2026 | 01:19 PM

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Delhi Declaration | BRICS Summit India China Global Influence Analysis

Delhi Declaration | BRICS Summit India China Global Influence Analysis

नई दिल्ली11 मिनट पहले कॉपी लिंक नई दिल्ली में BRICS समिट के दौरान सदस्य देशों के नेताओं ने फैमिली फोटो खिंचवाई। BRICS समिट के बाद जारी नई दिल्ली डिक्लेरेशन ने दुनिया का ध्यान खींचा। घोषणापत्र में BRICS देशों ने एकतरफा प्रतिबंधों का विरोध किया, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को कम करने की अपील की और विकासशील देशों को वैश्विक फैसलों में ज्यादा भागीदारी देने की बात कही। समिट को लेकर दुनिया के अलग-अलग मीडिया संस्थानों ने अपने-अपने नजरिए से रिपोर्टिंग की। कहीं भारत की कूटनीति चर्चा में रही, तो कहीं BRICS के भीतर भारत और चीन के बढ़ते प्रभाव की होड़ पर फोकस रहा। पढ़िए, दुनिया के बड़े मीडिया संस्थानों ने BRICS समिट और नई दिल्ली डिक्लेरेशन को किस नजरिए से देखा… रॉयटर्स- भारत अलग-अलग हितों वाले देशों को एक मंच पर लाया रॉयटर्स ने BRICS के नई दिल्ली घोषणापत्र को लेकर लिखा कि भारत ने ईरान, सऊदी अरब, UAE, चीन और रूस जैसे अलग-अलग हितों वाले देशों के बीच सहमति बनाने में अहम भूमिका निभाई। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और इन देशों के अलग-अलग रुख के बीच सभी को एक साझा बयान पर सहमत कराना भारत के लिए बड़ी चुनौती थी। NYT- चीन और भारत में प्रभाव बढ़ाने की होड़ द न्यूयॉर्क टाइम्स ने BRICS समिट को भारत और चीन के बीच बढ़ते प्रभाव की होड़ के नजरिए से देखा। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन BRICS को अमेरिकी दबदबे को चुनौती देने वाले मंच के तौर पर मजबूत करना चाहता है। वहीं, भारत की कोशिश है कि BRICS किसी एक देश या शक्ति के प्रभाव में न आए। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत चाहता है कि BRICS में अलग-अलग सोच और हित रखने वाले देश भी साथ मिलकर काम करें। यानी संगठन का फोकस किसी एक खेमे के साथ खड़े होने के बजाय आपसी सहयोग और विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने पर रहे। चाइना डेली: BRICS बदल सकता है दुनिया में ताकत का संतुलन चीन के अखबार चाइना डेली ने BRICS को ऐसे मंच के तौर पर पेश किया, जो दुनिया में ताकत का संतुलन बदलने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, विकासशील देश अब दुनिया के बड़े मुद्दों और फैसलों में अपनी आवाज ज्यादा मजबूती से रखना चाहते हैं। BRICS उन्हें इसके लिए एक ऐसा मंच दे रहा है, जहां वे मिलकर अपनी बात उठा सकते हैं। रिपोर्ट में चीन के इस रुख को भी प्रमुखता दी गई कि दुनिया की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव होना चाहिए और वैश्विक फैसलों पर कुछ गिने-चुने ताकतवर देशों का दबदबा नहीं रहना चाहिए। GT: BRICS में भारत-चीन साथ आए तो ग्लोबल साउथ को फायदा चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने BRICS को सिर्फ चीन या भारत के हितों का मंच नहीं, बल्कि ग्लोबल साउथ के लिए बड़े सहयोग के मौके के तौर पर पेश किया। रिपोर्ट में विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया कि BRICS में भारत और चीन का सहयोग सिर्फ दोनों देशों के आपसी रिश्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरे ग्लोबल साउथ को फायदा हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विस सेक्ट में मजबूत है, जबकि चीन मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और सप्लाई चेन के मामले में आगे है। दोनों देशों की ये अलग-अलग ताकतें BRICS के भीतर सहयोग को और मजबूत कर सकती हैं। द गार्जियन: भारत-चीन रिश्तों में सुधार, लेकिन BRICS में सबकुछ ठीक नहीं ब्रिटिश मीडिया द गार्जियन ने BRICS समिट में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी को भारत-चीन रिश्तों में सुधार की शुरुआत के तौर पर देखा। 2020 के सीमा विवाद के बाद यह शी की पहली भारत यात्रा थी। दिल्ली में उनका जोरदार स्वागत हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच बातचीत और आने-जाने में भी सुधार हुआ है। हालांकि, BRICS के अंदर सब कुछ ठीक नहीं है। सदस्य देशों के अपने-अपने हित हैं और ईरान-सऊदी अरब जैसे देशों के बीच तनाव भी संगठन के लिए चुनौती है। इसके बावजूद BRICS देश एक साझा घोषणापत्र पर सहमत हुए। इसमें आपसी विवादों को बातचीत और शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की बात कही गई। FT: चीन BRICS को ताकतवर बनाना चाहता है, भारत की राह अलग ब्रिटिश मीडिया फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक, चीन BRICS को ऐसी वैश्विक ताकत के रूप में देखता है, जो अमेरिकी लीडरशिप वाली मौजूदा सिस्टम का विकल्प बन सके। शी जिनपिंग की मौजूदगी और उनकी अपील को भी इसी नजरिए से देखा गया। लेकिन भारत का रुख इससे अलग है। भारत BRICS को सीधे अमेरिका-विरोधी समूह के तौर पर आगे बढ़ाने के बजाय ऐसा मंच बनाए रखना चाहता है, जहां अलग-अलग देशों के हित और विचार होने के बावजूद साझा मुद्दों पर साथ काम किया जा सके। —————————– ये खबरें भी पढ़ें… BRICS समिट- दिल्ली में मोदी की डिनर पार्टी:पनीर के साथ सूखी सब्जी, चुकंदर का रायता; मिठाई में फ्रूट क्रीम विद जलेबी पीएम मोदी ने शनिवार को भारत मंडपम में BRICS सदस्य देशों के नेताओं के लिए डिनर पार्टी को होस्ट किया। मेन्यू में पनीर के साथ सूखी सब्जी, चुकंदर का रायता और मिलेट्स का पुलाव रखा गया है। मिठाई में फ्रूट क्रीम विद जलेबी मिलेगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

संडे प्रोफाइल : विनोद खोसला:टेक में जोखिम भरे निवेश के लिए जाने जाते हैं खोसला

संडे प्रोफाइल : विनोद खोसला:टेक में जोखिम भरे निवेश के लिए जाने जाते हैं खोसला

भारतीय मूल के अमेरिकी इन्वेस्टर विनोद खोसला फोर्ब्स की 2026 अमीर इमिग्रेंट्स सूची में सबसे अमीर भारतीय आप्रवासी के रूप में नामित हुए हैं। वे जोखिम भरी टेक्नोलॉजी कंपनियों में निवेश के लिए जाने जाते हैं। विनोद खोसला मानते हैं कि हर बड़ी समस्या में एक बड़ा अवसर छिपा होता है। उनकी यह सोच निवेश के फैसलों में भी दिखती है। 2011 में स्केटिंग के दौरान घुटने में चोट लगने पर डॉक्टरों ने इलाज को लेकर अलग-अलग राय दी। हेल्थ केयर सिस्टम से निराश खोसला ने एक लेख में लिखा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अल्गोरिदम डॉक्टरों से बेहतर काम कर सकते हैं। इस पर लंबे समय तक बहस हुई। इसके बाद उनकी फर्म ने रोबोटिक्स और मेडिकल टेक्नोलॉजी कंपनियों में कई निवेश किए। खोसला आज भी अपनी बात पर कायम हैं। सिलिकॉन वैली की प्रमुख हस्तियों में शामिल 71 वर्षीय खोसला ने तीन अन्य लोगों के साथ 1982 में कंप्यूटिंग कंपनी सन माइक्रोसिस्टम्स की स्थापना की थी। 2010 में उन्होंने इसे ओरेकल को बेच दिया। इसके बाद उनकी वेंचर कैपिटल कंपनी खोसला वेंचर्स ने ग्रीन टेक, हेल्थ केयर और एआई स्टार्टअप्स में बड़े दांव लगाए। 2019 में खोसला वेंचर्स ने ओपनएआई में 50 मिलियन डॉलर यानी करीब 477 करोड़ रुपए का निवेश किया था। उस समय कंपनी आज जैसी बड़ी नहीं थी। खोसला ने बाद में कहा कि ओपनएआई के असफल होने की 90% संभावना भी होती तो दुनिया बदलने की 10% संभावना के लिए यह दांव लगाने लायक था। आज ओपनएआई दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल है। 2023 में जब सीईओ सैम आल्टमैन को कंपनी से बाहर किया गया तो खोसला उनके समर्थन में खड़े हुए थे। नई दिल्ली में जन्मे खोसला के पिता सेना में थे। वे चाहते थे कि बेटा भी सेना में जाए। लेकिन विनोद की दिलचस्पी तकनीक में थी। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग की और इसके बाद स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए तथा कार्नेगी मेलोन यूनिवर्सिटी से साइंस में मास्टर्स किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद वे अमेरिका में बस गए। खोसला का भरोसा शुरू से एआई में रहा है। वे बताते हैं कि 2014 में एआई रेडियोलॉजी से उनका पहला एआई निवेश शुरू हुआ। उनके मुताबिक ओपनएआई में निवेश बहुत बड़ा दांव था, जबकि वे आमतौर पर बड़े दांव नहीं लगाते। उनका मानना है कि ऊंचे जोखिम वाली नई टेक्नोलॉजी में निवेश जरूरी है। वे कहते हैं कि एआई से खतरे हो सकते हैं, लेकिन इसके फायदों को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। खोसला के मुताबिक अभी अमेरिकी एआई मॉडल्स का दबदबा है, लेकिन देश राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अपने मॉडल विकसित कर सकते हैं। चीन अपना मॉडल बनाएगा तो भारत भी अपना मॉडल बना सकता है। उन्हें भरोसा है कि एआई के फायदे धीरे-धीरे बढ़ेंगे। वे भारत के पेमेंट सिस्टम का उदाहरण देते हैं। उनके अनुसार तकनीक की मदद से डॉक्टर और एआई ट्यूटर जैसी सेवाएं कम लागत में अधिक लोगों तक पहुंचाई जा सकती हैं।

अमेरिका में अच्छी कमाई के लिए नामचीन डिग्री जरूरी नहीं:पिछड़े कॉलेजों के ग्रेजुएट भी हार्वर्ड जैसा कमा रहे, सैलरी औसतन 95 लाख सालाना

अमेरिका में अच्छी कमाई के लिए नामचीन डिग्री जरूरी नहीं:पिछड़े कॉलेजों के ग्रेजुएट भी हार्वर्ड जैसा कमा रहे, सैलरी औसतन 95 लाख सालाना

अमेरिका की फोर्ब्स टॉप-500 कॉलेज रैंकिंग के मुताबिक सालाना 95 लाख रुपए से ज्यादा कमाई के लिए किसी ‘बड़े’ या ‘नामचीन’ कॉलेज की डिग्री जरूरी नहीं है। रैंकिंग में सबसे नीचे वाले कॉलेजों के ग्रेजुएट्स भी डिग्री लेने के 10 साल बाद औसतन 95 लाख रुपए से ज्यादा कमा रहे हैं। फोर्ब्स की लिस्ट में एमआईटी, प्रिंसटन और हार्वर्ड सबसे ऊपर हैं। इन कॉलेजों से पढ़ने वालों की 10 साल बाद कमाई 1.15 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई गई है। वहीं, लिस्ट में 500वें नंबर पर ओहायो के ग्रामीण इलाके का निजी मेरिएटा कॉलेज है। यहां से पढ़ने वालों की 10 साल बाद औसत कमाई करीब 1 करोड़ रुपए है। रिपोर्ट के मुताबिक लिस्ट में लगभग हर कॉलेज के ग्रेजुएट्स की औसत कमाई 86 लाख रुपए से ज्यादा है। यानी कम मशहूर कॉलेजों से पढ़ने वालों की कमाई भी काफी अच्छी हो सकती है। कॉलेज चुनने में कमाई को आधार न बनाएं रिपोर्ट में कहा गया है कि कॉलेज चुनते समय सिर्फ कमाई को आधार नहीं बनाना चाहिए। ऊंची रैंक वाले कॉलेजों में पुराने छात्रों का मजबूत नेटवर्क और कॉलेज के नाम की पहचान जैसे फायदे मिलते हैं। पर ये फायदे 10 साल बाद की कमाई के आंकड़ों में सीधे नहीं दिखते। अमेरिका में बैचलर डिग्री पर औसतन 33 लाख कर्ज एजुकेशन डेटा इनिशिएटिव के मुताबिक पिछले 20 साल में कॉलेज की औसत लागत दोगुने से ज्यादा हो गई है। इसी वजह से अब एक बैचलर डिग्री के लिए औसतन 33 लाख रुपए से ज्यादा का कर्ज लेना पड़ रहा है। डिग्री सफलता की गारंटी नहीं: सीईओ कई बड़े कारोबारी भी मानते हैं कि डिग्री सफलता की पक्की गारंटी नहीं है। मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने कहा कि कॉलेज लोगों से जुड़ने और रिश्ते बनाने में मदद करता है, लेकिन सवाल यह है कि क्या कॉलेज आज की नौकरियों के लिए युवाओं को तैयार कर रहा है?

Arman Malik vs Salman Khan Controversy

Arman Malik vs Salman Khan Controversy

31 मिनट पहले कॉपी लिंक कुछ दिनों पहले सिंगिंग से ब्रेक लेने वाले अरमान मलिक ने हाल ही में सलमान खान और उनके प्रोडक्शन के खिलाफ कई पोस्ट किए। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें प्रोडक्शन की हालिया पोस्ट में फिल्म हीरो के गाने में क्रेडिट नहीं दिया गया। इसके बाद से ही उन्हें सोशल मीडिया पर ये कहते हुए ट्रोल किया जाने लगा कि जिन सलमान ने उन्हें करियर में सपोर्ट किया, वह उन्हीं सलमान की आलोचना कर रहे हैं। अब इस विवाद पर सिंगर अमाल मलिक भी भाई के सपोर्ट में उतरे हैं। भाई अमाल के सपोर्ट में उतरे अरमान मलिक ऐसी ही एक पोस्ट के जवाब में अरमान ने लिखा, “कृपया पहले कोई ओरिजिनल गाना बनाइए, उसे लिखिए या गाइए। फिर देखिए कि जहां आपका नाम होना चाहिए, वहां उसे आसानी से छोड़ दिया जाए।” उन्होंने कहा, “मैं जानना चाहूंगा कि तब आपको कैसा लगेगा। कृतज्ञता की बात मत कीजिए। मैं अपनी शुरुआत के लिए हमेशा आभारी रहा हूं। लेकिन मैं यह भी जानता हूं कि जहां पहुंचा हूं, वहां तक पहुंचना कितना मुश्किल रहा है। अगर हम अपने हक के लिए नहीं लड़ेंगे, तो कोई और नहीं लड़ेगा।” भाई और गीतकार के क्रेडिट के लिए बोले अरमान एक फैन ने अरमान से ट्रोल्स पर ध्यान नहीं देने को कहा। इस पर उन्होंने साफ किया कि उनका जवाब भाई और गीतकार को सही क्रेडिट दिलाने के लिए था। अरमान ने कहा, “मैं सच में सिर्फ अपने भाई और गीतकार के क्रेडिट को लेकर चिंतित था। उनके बिना यह गाना कुछ भी नहीं है। मेरा क्रेडिट तो छोड़ ही दीजिए। मैंने उम्मीद करना बंद कर दिया है। मेरे लिए आप लोग ही काफी हैं।” जानिए क्या है पूरा विवाद? 11 सितंबर को साल 2015 में रिलीज हुई फिल्म हीरो की रिलीज के 11 साल पूरे हुए। इस मौके पर सलमान खान फिल्म्स प्रोडक्शन हाउस की तरफ से इंस्टाग्राम और X अकाउंट पर फिल्म से जुड़ी एक पोस्ट शेयर की गई। इस फिल्म के गानों का कंपोजिशन अमाल मलिक ने किया था, लेकिन पोस्ट में उन्हें क्रेडिट नहीं दिया गया था। क्रेडिट ने मिलने पर अमाल मलिक ने नाराजगी जताई और लिखा, “सलमान खान फिल्म्स का पेज संभालने वाले व्यक्ति में संगीतकार और गीतकार को छोड़ने की इतनी हिम्मत कैसे हुई? यह अच्छा नहीं लगता।” उन्होंने कहा कि गाना संगीतकार और गीतकार की मेहनत, खून-पसीने और दर्द से बनता है। ऐसे गाने का जश्न मनाते समय उसके क्रिएटर्स का सम्मान और जिक्र होना चाहिए। अमाल ने आगे लिखा, “बुनियादी बातें सीखिए, वरना यह पेज डिलीट कर दीजिए। मेरा कमेंट डिलीट मत करना। सलमान सर को भी इसे देखने दीजिए, ताकि उन्हें पता चले कि आप लोगों ने गलती की है।” प्रोडक्शन ने पोस्ट एडिट कर जोड़ा अमाल का नाम अमाल की पोस्ट सामने आने के बाद सलमान खान के प्रोडक्शन हाउस ने पोस्ट एडिट की और इसमें अमाल मलिक का नाम जोड़ा। इंस्टाग्राम पोस्ट एडिट कर क्रेडिट जोड़ा गया है, हालांकि X पर अब भी क्रेडिट नहीं दिया गया है। सलमान खान ने दिया था अमाल को ब्रेक अमाल मलिक के करियर में सलमान खान का योगदान रहा है। सलमान ने साल 2014 में अपनी फिल्म ‘जय हो’ से अमाल को बॉलीवुड में बतौर म्यूजिक कंपोजर ब्रेक दिया था। साथ ही सलमान ने अरमान मलिक के म्यूजिक एल्बम लॉन्च में पहुंचकर उनका सपोर्ट किया था। बुक लॉन्च में मलिक परिवार के साथ सलमान। बाएं से दाहिने अमाल मलिक, सलमान खान, डब्बू मलिक, अरमान मलिक। इसके बाद साल 2015 में सलमान खान के प्रोडक्शन हाउस की फिल्म ‘हीरो’ के लिए अमाल मलिक ने ही संगीत तैयार किया था। इस फिल्म का गाना “मैं हूं हीरो तेरा” ब्लॉकबस्टर रहा, जिसे ओरिजिनली अमाल के भाई अरमान मलिक ने गाया था और बाद में खुद सलमान खान ने भी अपनी आवाज में इसका एक स्पेशल वर्जन रिकॉर्ड किया था। बयानों से चर्चा में हैं अमाल मलिक, इंडस्ट्री पर लगाए आरोप ब्रेक का फैसला अमाल के पिछले कुछ महीनों में किए गए कई भावनात्मक पोस्ट के बाद आया है। इन पोस्ट में उन्होंने इंडस्ट्री में अपने संघर्ष के बारे में बात की थी। मई में उन्होंने फिल्म और म्यूजिक बिजनेस के कुछ प्रभावशाली लोगों पर उन्हें किनारे करने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि पिछले कई सालों में उन्हें करीब पांच दर्जन प्रोजेक्ट्स से हटा दिया गया। बॉलीवुड में काम जारी रखने की अपनी कोशिशों के बारे में अमाल ने कहा था, “मैं पिछले 8 साल से पूरी ईमानदारी और काम की कुछ सम्मानजनक शर्तों के साथ अपनी पूरी कोशिश कर रहा हूं, लेकिन दुख की बात है कि इस जगह पर यह काम नहीं करता।” उन्होंने आगे कहा, “इस जगह और इसके काम करने के तरीके के बारे में सच छिपाने में मेरी असमर्थता उन्हें और परेशान करती है। इसकी वजह से मुझे और मेरे परिवार को बेकार की धमकियां मिलती हैं। कुछ बहुत ताकतवर लोगों का समूह है, जो नहीं चाहता कि मैं उनकी फिल्मों या किसी भी फिल्म का हिस्सा बनूं। यह सिर्फ लेबल्स की बात नहीं है, अब मामला इससे आगे बढ़ चुका है। यह अहंकारी लोगों का मिला-जुला सिंडिकेट है।” ग्रुपिज्म और इंडस्ट्री पॉलिटिक्स पर भी बोले अमाल ने दावा किया था कि इंडस्ट्री की पॉलिटिक्स और ग्रुपिज्म की वजह से फिल्मों में उनका संगीत कम सुनाई देता है। ब्रेक का ऐलान करने से सिर्फ दो दिन पहले अमाल ने फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री के कुछ लोगों पर उनके और उनके काम के खिलाफ सोशल मीडिया पर नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश का आरोप लगाया था। कुछ समय पहले ही अमाल मलिक कंपोजर तनिष्क बागची से विवाद होने से भी चर्चा में रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘करीब 10 साल तक मैंने अपने गुस्से को दबाकर रखा, लेकिन आज एक दशक बाद मुझे खुलकर सामने आना पड़ा, क्योंकि यहां कोई भी सही बात के लिए खड़ा नहीं होता और न ही इंडस्ट्री के गलत लोगों को बेनकाब करता है। यहां किसी में सच को सच कहने की हिम्मत नहीं है, लेकिन किसी न किसी को यह करना ही था। मैं उसके गलत कामों और अनैतिक हरकतों पर बहुत समय से चुप था।’

Arman Malik vs Salman Khan Controversy

Arman Malik vs Salman Khan Controversy

15 मिनट पहले कॉपी लिंक कुछ दिनों पहले सिंगिंग से ब्रेक लेने वाले अरमान मलिक ने हाल ही में सलमान खान और उनके प्रोडक्शन के खिलाफ कई पोस्ट किए। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें प्रोडक्शन की हालिया पोस्ट में फिल्म हीरो के गाने में क्रेडिट नहीं दिया गया। इसके बाद से ही उन्हें सोशल मीडिया पर ये कहते हुए ट्रोल किया जाने लगा कि जिन सलमान ने उन्हें करियर में सपोर्ट किया, वह उन्हीं सलमान की आलोचना कर रहे हैं। अब इस विवाद पर सिंगर अमाल मलिक भी भाई के सपोर्ट में उतरे हैं। भाई अमाल के सपोर्ट में उतरे अरमान मलिक ऐसी ही एक पोस्ट के जवाब में अरमान ने लिखा, “कृपया पहले कोई ओरिजिनल गाना बनाइए, उसे लिखिए या गाइए। फिर देखिए कि जहां आपका नाम होना चाहिए, वहां उसे आसानी से छोड़ दिया जाए।” उन्होंने कहा, “मैं जानना चाहूंगा कि तब आपको कैसा लगेगा। कृतज्ञता की बात मत कीजिए। मैं अपनी शुरुआत के लिए हमेशा आभारी रहा हूं। लेकिन मैं यह भी जानता हूं कि जहां पहुंचा हूं, वहां तक पहुंचना कितना मुश्किल रहा है। अगर हम अपने हक के लिए नहीं लड़ेंगे, तो कोई और नहीं लड़ेगा।” भाई और गीतकार के क्रेडिट के लिए बोले अरमान एक फैन ने अरमान से ट्रोल्स पर ध्यान नहीं देने को कहा। इस पर उन्होंने साफ किया कि उनका जवाब भाई और गीतकार को सही क्रेडिट दिलाने के लिए था। अरमान ने कहा, “मैं सच में सिर्फ अपने भाई और गीतकार के क्रेडिट को लेकर चिंतित था। उनके बिना यह गाना कुछ भी नहीं है। मेरा क्रेडिट तो छोड़ ही दीजिए। मैंने उम्मीद करना बंद कर दिया है। मेरे लिए आप लोग ही काफी हैं।” जानिए क्या है पूरा विवाद? 11 सितंबर को साल 2015 में रिलीज हुई फिल्म हीरो की रिलीज के 11 साल पूरे हुए। इस मौके पर सलमान खान फिल्म्स प्रोडक्शन हाउस की तरफ से इंस्टाग्राम और X अकाउंट पर फिल्म से जुड़ी एक पोस्ट शेयर की गई। इस फिल्म के गानों का कंपोजिशन अमाल मलिक ने किया था, लेकिन पोस्ट में उन्हें क्रेडिट नहीं दिया गया था। क्रेडिट ने मिलने पर अमाल मलिक ने नाराजगी जताई और लिखा, “सलमान खान फिल्म्स का पेज संभालने वाले व्यक्ति में संगीतकार और गीतकार को छोड़ने की इतनी हिम्मत कैसे हुई? यह अच्छा नहीं लगता।” उन्होंने कहा कि गाना संगीतकार और गीतकार की मेहनत, खून-पसीने और दर्द से बनता है। ऐसे गाने का जश्न मनाते समय उसके क्रिएटर्स का सम्मान और जिक्र होना चाहिए। अमाल ने आगे लिखा, “बुनियादी बातें सीखिए, वरना यह पेज डिलीट कर दीजिए। मेरा कमेंट डिलीट मत करना। सलमान सर को भी इसे देखने दीजिए, ताकि उन्हें पता चले कि आप लोगों ने गलती की है।” प्रोडक्शन ने पोस्ट एडिट कर जोड़ा अमाल का नाम अमाल की पोस्ट सामने आने के बाद सलमान खान के प्रोडक्शन हाउस ने पोस्ट एडिट की और इसमें अमाल मलिक का नाम जोड़ा। इंस्टाग्राम पोस्ट एडिट कर क्रेडिट जोड़ा गया है, हालांकि X पर अब भी क्रेडिट नहीं दिया गया है। सलमान खान ने दिया था अमाल को ब्रेक अमाल मलिक के करियर में सलमान खान का योगदान रहा है। सलमान ने साल 2014 में अपनी फिल्म ‘जय हो’ से अमाल को बॉलीवुड में बतौर म्यूजिक कंपोजर ब्रेक दिया था। साथ ही सलमान ने अरमान मलिक के म्यूजिक एल्बम लॉन्च में पहुंचकर उनका सपोर्ट किया था। बुक लॉन्च में मलिक परिवार के साथ सलमान। बाएं से दाहिने अमाल मलिक, सलमान खान, डब्बू मलिक, अरमान मलिक। इसके बाद साल 2015 में सलमान खान के प्रोडक्शन हाउस की फिल्म ‘हीरो’ के लिए अमाल मलिक ने ही संगीत तैयार किया था। इस फिल्म का गाना “मैं हूं हीरो तेरा” ब्लॉकबस्टर रहा, जिसे ओरिजिनली अमाल के भाई अरमान मलिक ने गाया था और बाद में खुद सलमान खान ने भी अपनी आवाज में इसका एक स्पेशल वर्जन रिकॉर्ड किया था। बयानों से चर्चा में हैं अमाल मलिक, इंडस्ट्री पर लगाए आरोप ब्रेक का फैसला अमाल के पिछले कुछ महीनों में किए गए कई भावनात्मक पोस्ट के बाद आया है। इन पोस्ट में उन्होंने इंडस्ट्री में अपने संघर्ष के बारे में बात की थी। मई में उन्होंने फिल्म और म्यूजिक बिजनेस के कुछ प्रभावशाली लोगों पर उन्हें किनारे करने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि पिछले कई सालों में उन्हें करीब पांच दर्जन प्रोजेक्ट्स से हटा दिया गया। बॉलीवुड में काम जारी रखने की अपनी कोशिशों के बारे में अमाल ने कहा था, “मैं पिछले 8 साल से पूरी ईमानदारी और काम की कुछ सम्मानजनक शर्तों के साथ अपनी पूरी कोशिश कर रहा हूं, लेकिन दुख की बात है कि इस जगह पर यह काम नहीं करता।” उन्होंने आगे कहा, “इस जगह और इसके काम करने के तरीके के बारे में सच छिपाने में मेरी असमर्थता उन्हें और परेशान करती है। इसकी वजह से मुझे और मेरे परिवार को बेकार की धमकियां मिलती हैं। कुछ बहुत ताकतवर लोगों का समूह है, जो नहीं चाहता कि मैं उनकी फिल्मों या किसी भी फिल्म का हिस्सा बनूं। यह सिर्फ लेबल्स की बात नहीं है, अब मामला इससे आगे बढ़ चुका है। यह अहंकारी लोगों का मिला-जुला सिंडिकेट है।” ग्रुपिज्म और इंडस्ट्री पॉलिटिक्स पर भी बोले अमाल ने दावा किया था कि इंडस्ट्री की पॉलिटिक्स और ग्रुपिज्म की वजह से फिल्मों में उनका संगीत कम सुनाई देता है। ब्रेक का ऐलान करने से सिर्फ दो दिन पहले अमाल ने फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री के कुछ लोगों पर उनके और उनके काम के खिलाफ सोशल मीडिया पर नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश का आरोप लगाया था। कुछ समय पहले ही अमाल मलिक कंपोजर तनिष्क बागची से विवाद होने से भी चर्चा में रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘करीब 10 साल तक मैंने अपने गुस्से को दबाकर रखा, लेकिन आज एक दशक बाद मुझे खुलकर सामने आना पड़ा, क्योंकि यहां कोई भी सही बात के लिए खड़ा नहीं होता और न ही इंडस्ट्री के गलत लोगों को बेनकाब करता है। यहां किसी में सच को सच कहने की हिम्मत नहीं है, लेकिन किसी न किसी को यह करना ही था। मैं उसके गलत कामों और अनैतिक हरकतों पर बहुत समय से चुप था।’

अमेरिकी AI स्कूलों के लर्निंग मॉडल की हो रही आलोचना:स्कूल बने टॉर्चर चैम्बर, पेरेंट्स के कड़वे बोल तय कर रहे भविष्य

अमेरिकी AI स्कूलों के लर्निंग मॉडल की हो रही आलोचना:स्कूल बने टॉर्चर चैम्बर, पेरेंट्स के कड़वे बोल तय कर रहे भविष्य

भविष्य की शिक्षा के नाम पर अमेरिकी स्कूलों का चौंकाने वाला सच सामने आया है। यहां एडमिशन के लिए बच्चों को हार्ट मॉनिटर से जोड़कर पूरी क्लास के सामने उनके पेरेंट्स के आलोचनात्मक वीडियो दिखाई जाते हैं, जहां दिल की धड़कन बढ़ने पर वे फेल हो जाते हैं। ‘सहनशीलता’ सिखाने का यह अमानवीय एआई मॉडल बच्चों की मानसिक सेहत को कैसे प्रभावित कर रहा है, जानिए… सिलिकॉन वैली का अल्फा स्कूल… कमरे में ऐसा सन्नाटा था कि सिर्फ दीवार पर लगे विशाल मॉनिटर की ‘बीप-बीप’ सुनाई दे रही थी। यह अस्पताल का आईसीयू नहीं, बल्कि भविष्य की शिक्षा का दावा करने वाला अत्याधुनिक एआई स्कूल है। चौदह साल का रेयान मंच पर रखी एक कुर्सी पर अकेला बैठा था। उसकी उंगलियों और सीने से सेंसर जुड़े थे, जबकि सामने बैठे छात्र बड़ी स्क्रीन पर उसकी धड़कनों का ग्राफ देख रहे थे। रेयान का सामान्य हार्ट रेट 80 बीपीएम था। नियमों के मुताबिक अपनी जगह बनाए रखने के लिए रेयान को दिल की धड़कन 10% से अधिक नहीं बढ़ने देनी थी। 88 बीपीएम पार होते ही वह तुरंत अयोग्य घोषित कर दिया जाता। तभी प्रोजेक्टर की स्क्रीन जगमगाई। सामने रेयान के पेरेंट्स का पहले से रिकॉर्ड किया गया वीडियो चलने लगा। वे उसके काम, उसकी कमियों और उसकी हर नाकामी की तीखी आलोचना कर रहे थे। एक-एक शब्द रेयान के आत्मसम्मान पर हथौड़े की तरह चोट कर रहा था। पूरी क्लास की नजरें कभी उस वीडियो पर जातीं, तो कभी स्क्रीन पर दौड़ती लाल लकीर पर। ‘82… 85… 87…’ रेयान की मुट्ठियां भींच गईं। उसने अपनी आंखें बंद कीं, सांसों को जबरदस्ती धीमा करने लगा। दिल सीने से बाहर आने को बेताब था, पर बाहर दिखने वाली हर कमजोरी का मतलब था विफलता। जब वीडियो थमा, स्क्रीन पर औसत दर्ज था- 87 बीपीएम। वह सिर्फ एक धड़कन के फासले से बच गया था। पूरा हफ्ता उसके हाथ कांपते रहे। सिलिकॉन वैली के चर्चित एआई स्कूल में परीक्षा सिर्फ दिल की धड़कन नियंत्रित करने तक सीमित नहीं थी। छात्रों पर बॉट्स की मदद से कुछ ही दिनों में कठिन कोर्स पूरा करने का दबाव था। उन्हें बिना शिकायत गंदे शौचालय साफ कराए जाते और सोशल मीडिया पर खुद को ‘बेचने’ की ट्रेनिंग दी जाती। अल्फा स्कूल के अलावा जाने-माने स्कूल सिंथेसिस, अल्फा एनीवेयर और क्वेस्ट् टू लर्न यही तरीका अपना रहे हैं…सहनशीलता और ‘अदम्य साहस’ के नाम पर चल रहा यह प्रयोग शिक्षा से ज्यादा तकनीकी सैन्य प्रशिक्षण जैसा लगता था, जहां संवेदनाओं को दबाना ही सफलता की कसौटी माना जाता है। सेंसर हटाते ही रेयान ने राहत की सांस तो ली, पर उसकी आंखें शून्य में ताक रही थीं। मशीन ने उसके दिल की रफ्तार तो नाप ली थी, लेकिन उस डर और घुटन का कोई डेटा स्क्रीन पर नहीं आया, जो उसके भीतर हमेशा के लिए दर्ज हो चुका था।

सलमान के बॉडीगार्ड शेरा के बेटे अबीर करेंगे बॉलीवुड डेब्यू!:फिल्म ‘टार्जन’ में आएंगे नजर, सूरज पंचोली भी होंगे मूवी का हिस्सा

सलमान के बॉडीगार्ड शेरा के बेटे अबीर करेंगे बॉलीवुड डेब्यू!:फिल्म ‘टार्जन’ में आएंगे नजर, सूरज पंचोली भी होंगे मूवी का हिस्सा

सलमान खान के लंबे समय से बॉडीगार्ड रहे गुरमीत सिंह जॉली उर्फ शेरा के बेटे अबीर सिंह जल्द बॉलीवुड में डेब्यू कर सकते हैं। फिल्मफेयर की रिपोर्ट के मुताबिक, अबीर फिल्म ‘टार्जन’ से एक्टिंग डेब्यू करेंगे। फिल्म में सूरज पंचोली भी नजर आएंगे। अबीर के डेब्यू को लेकर 2022 से रिपोर्ट्स सामने आती रही हैं। उस समय दावा किया गया था कि सलमान खान उनके डेब्यू प्रोजेक्ट की तैयारी में व्यक्तिगत रूप से शामिल हैं। यह फिल्म अभिनेता-फिल्ममेकर सतीश कौशिक के निर्देशन में बनने की बात कही गई थी और जनवरी 2023 में शूटिंग शुरू होने की रिपोर्ट थी। हालांकि, इस प्रोजेक्ट की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई। मार्च 2023 में सतीश कौशिक के निधन के बाद अबीर के डेब्यू को लेकर आगे कोई जानकारी सामने नहीं आई। अब नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अबीर को ‘टार्जन’ मिल गई है। फिल्म के डायरेक्टर, प्रोडक्शन बैनर और बाकी कास्ट की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। जिससे अभी यह नहीं पता चल रहा है कि अबीर सिंह को सलमान खान लॉन्च करेंगे या नहीं। ‘टार्जन’ में सूरज पंचोली भी रिपोर्ट के मुताबिक, ‘टार्जन’ में अबीर के साथ सूरज पंचोली भी होंगे। सूरज ने 2015 में रिलीज हुई रोमांटिक एक्शन फिल्म ‘हीरो’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था। इस फिल्म को सलमान खान ने प्रोड्यूस किया था। फिल्म में सुनील शेट्टी की बेटी अथिया शेट्टी ने भी बतौर लीड एक्ट्रेस डेब्यू किया था। ‘हीरो’ के बाद सूरज और अथिया को इंडस्ट्री में पहचान मिली, हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास प्रदर्शन नहीं कर सकी। अगर ‘टार्जन’ को लेकर सामने आई रिपोर्ट सही है, तो सूरज अब एक और ऐसे नए कलाकार के साथ स्क्रीन शेयर करेंगे, जिसको सलमान खान ने लॉन्च किया था। कई कलाकारों को लॉन्च कर चुके हैं सलमान सलमान खान ने अपनी फिल्मों और प्रोडक्शन हाउस के जरिए कई नए चेहरों को बॉलीवुड में मौका दिया है। सोनाक्षी सिन्हा ने उनके साथ ‘दबंग’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था, जबकि जरीन खान को ‘वीर’ में प्रेजेंट किया गया था। डेजी शाह ने ‘जय हो’ से बतौर लीड एक्ट्रेस डेब्यू किया और सई मांजरेकर ने ‘दबंग 3’ से हिंदी फिल्मों में कदम रखा। वहीं, उनके प्रोडक्शन बैनर सलमान खान फिल्म्स (SKF) से सूरज पंचोली और अथिया शेट्टी ने 2015 की फिल्म ‘हीरो’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था। इसके बाद 2018 में ‘लवयात्री’ से वारिना हुसैन ने बतौर लीड एक्ट्रेस डेब्यू किया। फिल्म में सलमान के जीजा आयुष शर्मा भी लॉन्च हुए थे। 2019 में सलमान खान प्रोड्यूस्ड ‘नोटबुक’ से जहीर इकबाल और प्रनूतन बहल ने बतौर लीड एक्टर्स डेब्यू किया। 2023 में ‘फर्रे’ से सलमान खान फिल्म्स ने अलीजे अग्निहोत्री को लॉन्च किया। भतीजे की डेब्यू फिल्म में सलमान कैमियो करेंगे अरबाज खान और मलाइका अरोड़ा के बेटे अरहान खान जल्द बॉलीवुड में बतौर लीड हीरो डेब्यू करने वाले हैं। खास बात यह है कि उनके डेब्यू को खास बनाने के लिए सलमान खान फिल्म में कैमियो रोल करते नजर आ सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फिल्म एक एक्शन लव स्टोरी होगी। इसका टाइटल अभी तय नहीं हुआ है। फिल्म का निर्देशन अनिरुद्ध अय्यर करेंगे। उन्होंने इससे पहले आयुष्मान खुराना की फिल्म ‘एन एक्शन हीरो’ डायरेक्ट की थी। फिल्म को अश्विन वर्दे प्रोड्यूस कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, सलमान अपने कैमियो के लिए करीब 10 दिन शूटिंग कर सकते हैं। फिल्म की शूटिंग 2027 की शुरुआत में शुरू होने की उम्मीद है।

India AI Kid Raul John Aju

India AI Kid Raul John Aju

Hindi News Career India AI Kid Raul John Aju | Kerala Teen Entrepreneur Success Story 5 मिनट पहले कॉपी लिंक राउल जॉन अजू महज 16 साल की उम्र में एआई कंपनी की शुरुआत को लेकर चर्चा में हैं। राउल को भारत के AI किड के नाम से जाना जाता है। वे केरल के कोच्चि जिले के कुन्नुमपुरम स्थित नॉर्थ एडप्पल्ली जीएचएस में कॉमर्स के साथ 12वीं कक्षा की पढ़ाई कर रहा है। महज 9 साल की उम्र से की AI सीखने की शुरुआत राउल की कंपनी में करीब 15 लोग काम करते हैं। AI के क्षेत्र में उनका सफर किसी पारंपरिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई से शुरू नहीं हुआ। उन्होंने सिर्फ 9 साल की उम्र में खुद से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सीखना शुरू कर दिया था। शुरुआत में वीडियो एडिटिंग के जरिए उनकी तकनीक में रुचि बढ़ी। जब उनके पिता को Adobe में नौकरी मिली, तो राउल को कुछ प्रीमियम टेक्नोलॉजी टूल्स इस्तेमाल करने का मौका मिला। इससे AI को लेकर उनका नॉलेज बढ़ा। करीब 12 साल की उम्र में उन्होंने MeBot नाम का रोबोट बनाया। इसके बाद AI और रोबोटिक्स के क्षेत्र में उनकी पहचान बढ़ने लगी। 15 कर्मचारियों की टीम और 5 लाख छात्रों को ट्रेनिंग 12वीं की पढ़ाई और बोर्ड एग्जाम की तैयारियों के बीच राउल अपने स्टार्टअप की पूरी जिम्मेदारियां बखूबी संभालता है। राउल के स्टार्टअप ने अब तक दुनिया भर में 5 लाख से अधिक छात्रों को AI और नई तकनीकों की ट्रेनिंग देने का दावा किया है। राउल इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर भी AI और टेक्नोलॉजी के भविष्य पर अपने विचारों के बारे में बात कर चुके हैं। प्रोफेशनल्स को देते हैं AI टूल्स की ट्रेनिंग राउल के प्लेटफॉर्म का नाम ThinkCraft है। इसके जरिये वे छात्रों को AI सिखाते हैं, प्रोफेशनल्स को AI टूल्स की ट्रेनिंग देते है। छोटे-छोटे प्रैक्टिकल उपलब्ध कराते हैं। इसके साथ ही गेम जैसी सीखने की प्रोसेस को आम लोगों तक पहुंचाते भी हैं। राउल India AI Impact Summit 2026 के दौरान भी चर्चा में आए। उन्होंने AI, शिक्षा और जिम्मेदार तकनीकी इस्तेमाल पर बात की और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सहित प्रमुख लोगों से मुलाकात की। ————————————————————————— ये खबर भी पढ़ें इंडियन आर्मी में अग्निवीर रैली के लिए टैटू पॉलिसी जारी:ट्राइबल कम्युनिटी और धार्मिक टैटू बनवा सकते हैं, ये 6 तरह के टैटू प्रतिबंधित इंडियन आर्मी ने अग्निवीर रैली के लिए टैटू पॉलिसी जारी की है। इसमें बताया गया है कि शरीर पर कहां टैटू बनवाया जा सकता है और कहां नहीं। अग्निवीर भर्ती में शारीरिक गतिविधियों के साथ उम्मीदवारों के पूरे शरीर की जांच की जाती है। साथ में शरीर पर टैटू भी देखा जाता है क्योंकि सेना में टैटू को लेकर कड़े नियम तय किए गए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

हनुमान अंश ने 37वें दिन कमाए 18.50 करोड़:इसके आगे हैवान को फ्लॉप का खतरा, दूसरे दिन महज 2.50 करोड़ कमाए, जानिए कैसा है कलेक्शन

हनुमान अंश ने 37वें दिन कमाए 18.50 करोड़:इसके आगे हैवान को फ्लॉप का खतरा, दूसरे दिन महज 2.50 करोड़ कमाए, जानिए कैसा है कलेक्शन

रिलीज के पहले दिन महज 10 लाख कमाने वाली फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने रिलीज के 37वें दिन शनिवार को देश में ₹18.50 करोड़ की नेट कमाई की। शुक्रवार के मुकाबले इसकी कमाई 76.19% बढ़ी। फिल्म ने दो दिन पहले 11 सितंबर को रिलीज हुई ‘हैवान’ से शनिवार को 640% ज्यादा कमाई की। अक्षय कुमार और सैफ अली खान की ‘हैवान’ ने दूसरे दिन यानी शनिवार को महज ₹2.50 करोड़ की नेट कमाई की। ‘हनुमान अंश’ ने वर्ल्डवाइड कमाए 227 करोड़ डॉ. विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी यह फिल्म नीम करोली बाबा पर आधारित है। शनिवार को देशभर में फिल्म के 7,449 शोज हुए। इनमें औसतन 52% सीटों पर दर्शक मौजूद रहे। फिल्म ने शुक्रवार को ₹10.50 करोड़ की नेट कमाई की थी। शनिवार की कमाई के बाद भारत में इसका कुल ग्रॉस कलेक्शन ₹227.00 करोड़ हो गया। भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन ₹192.13 करोड़ हो चुका है। 9 दिन पहले आई मिर्जापुर भी 37 दिन पहले आई हनुमान अंश से पीछे शोभिनव सत्या स्टारर इस फिल्म ने शनिवार को भी ‘मिर्जापुर द मूवी’ को पीछे छोड़ दिया। ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने रिलीज के 9वें दिन ₹12.50 करोड़ की कमाई की थी। इसके मुकाबले ‘हनुमान अंश’ ने 37वें दिन ₹18.50 करोड़ कमाए। महज ₹2 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म को सिनेमाघरों में अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। रिलीज के पहले दिन फिल्म ने ₹10 लाख कमाए थे। अब 37 दिन बाद फिल्म ने 9506.5% का मुनाफा कमा लिया है। हनुमान अंश को ओवरसीज मार्केट में मिला अच्छा रिस्पॉन्स ‘हनुमान अंश’ के मेकर्स ने फिल्म को 11 सितंबर को विदेशों में रिलीज किया। विदेशी बाजार में भी फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। फिल्म ने शनिवार को अकेले ओवरसीज मार्केट में ₹5.00 करोड़ की ग्रॉस कमाई की। दो दिनों में इसकी कुल ओवरसीज ग्रॉस कमाई ₹9.50 करोड़ हो गई। ‘हैवान’ के लिए बजट निकाल पाना भी मुश्किल दूसरी ओर, अक्षय कुमार और सैफ अली खान की फिल्म ‘हैवान’ का कलेक्शन लगातार गिर रहा है। प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने दूसरे दिन 5,759 शोज से ₹2.50 करोड़ की नेट कमाई की। फिल्म ने शुक्रवार को ओपनिंग डे पर ₹3.00 करोड़ का कारोबार किया था। दूसरे दिन इसकी कमाई बढ़ने के बजाय 16.66% गिर गई। ‘हैवान’ ने दो दिनों में भारत में कुल ₹6.60 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन किया है। इसका कुल नेट कलेक्शन ₹5.50 करोड़ है। ‘हैवान’ दस साल पुरानी मलयालम फिल्म ‘ओप्पम’ की रीमेक है। इसका बजट ₹100 करोड़ से ज्यादा बताया गया है।

पंजाबी सिंगर के घर ताबड़तोड़ फायरिंग:7-8 राउंड फायर किए, गेट पर लगीं गोलियां; सिद्धू को जान से मारने की मिली थी धमकी

पंजाबी सिंगर के घर ताबड़तोड़ फायरिंग:7-8 राउंड फायर किए, गेट पर लगीं गोलियां; सिद्धू को जान से मारने की मिली थी धमकी

बरनाला के गांव फरवाही में पंजाबी सिंगर गुलाब सिद्धू के पैतृक घर पर शनिवार-रविवार की दरमियानी रात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। घटना रात करीब 1:30 से 2 बजे के बीच हुई। हमलावरों ने घर पर करीब 7 से 8 राउंड फायर किए और मौके से फरार हो गए। गोलीबारी में किसी को चोट नहीं आई। हालांकि, गोलियां घर के गेट पर लगी हैं। वारदात के समय सिंगर गुलाब सिद्धू घर पर मौजूद नहीं थे। परिवार के मुताबिक, वह इन दिनों म्यूजिकल शो और प्रोग्राम के सिलसिले में विदेश गए हुए हैं। गौरतलब है कि कुछ समय पहले गुलाब सिद्धू को कुछ लोगों ने फिरौती और जान से मारने की धमकियां भी दी थीं। ऐसे में पुलिस इस फायरिंग को पुरानी धमकियों और गैंगस्टर्स से जोड़कर भी देख रही है।। मामले की जांच कर रही पुलिस घटना की सूचना मिलते ही थाना सदर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों ने फायरिंग की पुष्टि की और बताया कि फिलहाल मौके से कोई साफ सीसीटीवी फुटेज नहीं मिली है। हालांकि, आसपास के रास्तों और गांव के मुख्य मार्गों पर लगे कैमरों की बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि मामले की हर पहलू से गहराई से जांच की जा रही है और फॉरेंसिक सबूत जुटाकर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खबर को हम अपडेट कर रहे हैं…