California Indian Woman Murder | Sacramento Shooting Suicide Case

कैलिफोर्निया48 मिनट पहले कॉपी लिंक शालिनी सैक्रामेंटो के आर्डन आर्केड इलाके में एक शॉपिंग प्लाजा में काम करती थी। अमेरिका के कैलिफोर्निया में भारतीय मूल की महिला शालिनी ठाकुर की हत्या कर दी गई। आरोपी ने कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में मंगलवार को 38 साल की शालिनी का पीछा कर रेस्टोरेंट के बाहर गोली मार दी। आरोपी की पहचान 22 साल रोहित नाम के शख्स के तौर पर हुई। रोहित को जब पुलिस की टीम ने घेरा तो उसने अपने सिर में गोली मारकर सुसाइड कर लिया। शालिनी की मां सुदेश कुमारी ने बताया कि रोहित एक साल से 38 वर्षीय शालिनी का पीछा कर रहा था और उसे परेशान कर रहा था। उन्होंने बताया कि रोहित उनकी बेटी से शादी करना चाहता था लेकिन उम्र के अंतर की वजह से उसने मना कर दिया। इससे रोहित भड़का हुआ था। शालिनी की हत्या का आरोपी रोहित। भागकर जान बचाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रही सैक्रामेंटो काउंटी शेरिफ ऑफिस के अनुसार, शालिनी सैक्रामेंटो के आर्डन आर्केड इलाके में एक शॉपिंग प्लाजा में काम करती थी। काम पर जाने के दौरान ही रोहित ने उसका पीछा किया। उसने शालिनी को एक रेस्टोरेंट के बाहर रोक लिया। शालिनी जान बचाने भागी, लेकिन रोहित ने पीछा किया और कई गोलियां मार दी। लोगों ने पुलिस को संदिग्ध की गाड़ी का हुलिया बताया। गाड़ी की आखिरी लोकेशन जल्द ही पता चल गई। कुछ ही मिनटों बाद गाड़ी ईस्टबाउंड हाईवे 50 पर मिली। जब अधिकारियों ने गाड़ी को रोकने की कोशिश की तो रोहित ने अचानक गाड़ी रोक दी। पुलिस कार तक पहुंची तो देखा कि रोहित ड्राइवर सीट पर खून से लथपथ हालत में पड़ा हुआ थी। उसने खुद को गोली मार ली थी। शालिनी ने मई में रोहित के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। जनवरी से कर रहा था पीछा स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, रोहित जनवरी 2026 से शालिनी का पीछा कर रहा था। कई बार वह मदद करने के बहाने शालिनी की कार के टायरों की हवा निकाल देता था। वह काम पर जाते समय उसका पीछा करता था। एक बार उसने शालिनी के अपार्टमेंट की चाबी की कॉपी हासिल कर ली थी। इसके बाद वह हर कभी उसके घर में घुस जाता था। शालिनी ने मई में रोहित के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। कोर्ट ने रोहित को चेतावानी भी दी थी। इसके बावजूद, उसने शालिनी का पीछा नहीं छोड़ा था। 2023 में एरिजोना के रास्ते अमेरिका अवैध तरीके से दाखिल हुआ था रोहित अवैध तरीके से अमेरिका में रह रहा था अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग के प्रवक्ता के अनुसार, रोहित बिना वैध दस्तावेजों के अमेरिका में रह रहा था। प्रवक्ता ने बताया कि 2023 में एरिजोना के रास्ते अमेरिका में दाखिल होने के बाद उसे अमेरिकी सीमा गश्ती दल ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद बाइडन प्रशासन के दौरान उसे रिहा कर दिया गया था। हालांकि, उसके इमिग्रेशन से जुड़ी सटीक जानकारी साफ नहीं हो पाई है। —————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में भारतीय मूल के कारोबारी की हत्या:19 साल की बेटी के सामने लुटेरे ने पिता को गोली मारी अमेरिका में भारतीय मूल के कारोबारी सुरेश पटेल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना 20 अगस्त को टेनेसी राज्य के जैक्सनविले शहर में हुई। फायरिंग के समय सुरेश पटेल की 19 साल की बेटी भी दुकान में मौजूद थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
अमेरिका के कैलिफोर्निया में भारतीय महिला की हत्या:शादी से इनकार करने पर 16 साल छोटे लड़के ने गोली मारी, सुसाइड किया

अमेरिका के कैलिफोर्निया में भारतीय मूल की महिला शालिनी ठाकुर की हत्या कर दी गई। आरोपी ने कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में मंगलवार को 38 साल की शालिनी का पीछा कर रेस्टोरेंट के बाहर गोली मार दी। आरोपी की पहचान 22 साल रोहित नाम के शख्स के तौर पर हुई। रोहित को जब पुलिस की टीम ने घेरा तो उसने अपने सिर में गोली मारकर सुसाइड कर लिया। शादी करने की जिद पर अड़ा था शालिनी की मां सुदेश कुमारी ने बताया कि रोहित एक साल से 38 वर्षीय शालिनी का पीछा कर रहा था और उसे परेशान कर रहा था। उन्होंने बताया कि रोहित उनकी बेटी से शादी करना चाहता था लेकिन उम्र के अंतर की वजह से उसने मना कर दिया। इससे रोहित भड़का हुआ था। सैक्रामेंटो काउंटी शेरिफ ऑफिस के अनुसार, शालिनी सैक्रामेंटो के आर्डन आर्केड इलाके में एक शॉपिंग प्लाजा में काम करती थी। काम पर जाने के दौरान ही रोहित ने उसका पीछा किया। उसने शालिनी को एक रेस्टोरेंट के बाहर रोक लिया। शालिनी जान बचाने भागी, लेकिन रोहित ने पीछा किया और कई गोलियां मार दी। लोगों ने पुलिस को संदिग्ध की गाड़ी का हुलिया बताया। गाड़ी की आखिरी लोकेशन जल्द ही पता चल गई। कुछ ही मिनटों बाद गाड़ी ईस्टबाउंड हाईवे 50 पर मिली। जब अधिकारियों ने गाड़ी को रोकने की कोशिश की तो रोहित ने अचानक ब्रेक लगाए और हाईवे पर गाड़ी रोक दी। पुलिस कार तक पहुंची तो देखा कि रोहित ड्राइवर सीट पर खून से लथपथ हालत में पड़ा हुआ थी। उसने खुद को गोली मार ली थी।
BRICS Summit Finale | PM Modi To Meet 4 Global Leaders In India

नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक ब्रिक्स समिट के दौरान शनिवार को PM मोदी, पुतिन और जिनपिंग का हाथ थामे नजर आए। BRICS समिट का आज आखिरी दिन है। आज ओपन मीटिंग होगी, जिसमें सदस्य देशों के नेता और दूसरे आमंत्रित देशों के प्रमुख शामिल होंगे। बैठक में BRICS से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके बाद PM मोदी 4 देशों के नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। समिट के पहले दिन भारत ने साफ कर दिया कि फिलहाल BRICS देशों की अपनी कोई साझा करेंसी बनाने का प्रस्ताव नहीं है। हालांकि, विदेश मंत्रालय ने कहा कि BRICS में स्थानीय करेंसी में आपसी व्यापार और भुगतान को बढ़ावा देने पर चर्चा जरूर चल रही है। इसका मकसद देशों के बीच व्यापार को आसान बनाना और लेन-देन की लागत कम करना है। BRICS देशों ने नई दिल्ली डेक्लरेशन को मंजूरी दी BRICS देशों ने शनिवार को समिट के दौरान नई दिल्ली डेक्लरेशन को मंजूरी दी। इसमें कई मुद्दों पर साझा बयान जारी किया गया। डेक्लरेशन में रूस और चीन समेत BRICS देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की। देशों ने कहा कि आतंकियों को पनाह देने वालों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, आतंकियों तक पहुंचने वाली फंडिंग रोकने और उन्हें सुरक्षित ठिकाने देने वालों पर कार्रवाई करने पर भी सहमति बनी। BRICS देशों के बीच संयुक्त बयान जारी करने पर सहमति ऐसे समय में बनी है, जब पश्चिम एशिया में तनाव है और ईरान, सऊदी अरब और UAE के कई मुद्दों पर अलग-अलग रुख हैं। ब्रिक्स समिट में PM मोदी के बयान की 5 अहम बातें अगले 20 साल का नया एजेंडा बनाएं: BRICS के अगले 20 साल के लिए नया एजेंडा और फैसलों पर अमल की स्थायी व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव। ग्लोबल साउथ नियम बनाने में हिस्सा ले: AI, साइबरस्पेस, अंतरिक्ष और बायोटेक्नोलॉजी के नियम तय करने में विकासशील देशों की बराबर भागीदारी पर जोर। युवाओं को तैयार करें: युवा राजनयिकों और नीति-निर्माताओं को बातचीत और कानून की ट्रेनिंग देने का सुझाव। नाविकों के लिए इमरजेंसी नेटवर्क बने: मुसीबत में फंसे नाविकों को इलाज, परिवार से संपर्क और सुरक्षित निकालने के लिए देशों के बीच नेटवर्क बनाने की बात। भविष्य सबका, फैसला भी सबका: मोदी ने कहा- दुनिया का भविष्य साझा है तो उसे तय करने का अधिकार भी सभी देशों के पास होना चाहिए। PM मोदी ने शनिवार को BRICS समिट 2026 के औपचारिक शुरुआत की घोषणा की। तनाव के बीच ईरान-UAE राष्ट्रपतियों ने बातचीत की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने BRICS समिट से इतर UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात की। दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है और कई क्षेत्रीय मुद्दों पर दोनों देशों के रुख अलग हैं। हालांकि, ईरान और UAE पिछले कुछ सालों से रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में यह मुलाकात तनाव के बीच दोनों देशों के बातचीत का रास्ता खुला रखने का संकेत है। पश्चिमी देशों के लिए BRICS की बढ़ती चुनौती BRICS देश अब आपस में कारोबार करते समय डॉलर का इस्तेमाल कम करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए वे एक-दूसरे की अपनी-अपनी करेंसी में लेन-देन बढ़ाना चाहते हैं। साथ ही, अलग-अलग देशों के ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम को आपस में जोड़ने पर भी काम हो रहा है। हालांकि, अभी BRICS का अपना कोई एक पेमेंट सिस्टम या एक साझा करेंसी नहीं है। इस साल भारत की अध्यक्षता में होने वाले BRICS समिट में भी अपनी करेंसी में कारोबार और आसान ऑनलाइन पेमेंट पर जोर दिया जाएगा। भारत चाहता है कि BRICS देशों के डिजिटल पेमेंट सिस्टम और उनकी डिजिटल करेंसी को आपस में जोड़ा जाए। इससे एक देश से दूसरे देश में पैसे भेजना आसान हो सकता है और हर बार डॉलर की जरूरत कम हो सकती है। एक बैंक की रिपोर्ट से निकला BRICS का नाम BRICS की शुरुआत किसी सरकार ने नहीं, बल्कि एक बैंक की रिपोर्ट से हुई थी। 2001 में अमेरिकी निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्री जिम ओ’नील ने अपनी रिपोर्ट में BRIC शब्द इस्तेमाल किया। उन्होंने ब्राजील, रूस, भारत और चीन को तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाएं बताया। तब BRIC कोई संगठन नहीं था। 2006 में चारों देश साथ आए और BRIC समूह बना। 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में इसकी पहली आधिकारिक बैठक हुई। 2010 में दक्षिण अफ्रीका के जुड़ने के बाद इसका नाम BRICS हो गया। पिछले साल ईरान, मिस्र और इथियोपिया भी पूर्ण सदस्य बने। आज BRICS दुनिया के बड़े आर्थिक मंचों में शामिल है। इसके सदस्य देशों की ग्लोबल GDP में हिस्सेदारी 27% से ज्यादा है, जबकि यूरोपियन यूनियन की करीब 14% है। ———————- BRICS से जुड़ी यह खबरें भी पढ़ें… 1. BRICS के साझा बयान में पहलगाम हमले की निंदा: टेरर फंडिंग रोकने पर जोर; कहा- आतंकियों को पनाह देने वालों पर मिलकर एक्शन लेंगे रूस और चीन समेत BRICS देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की है। देशों ने कहा कि आतंकियों को पनाह देने वालों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई की जाएगी। पूरी खबर पढ़ें… 2. पुतिन का अमेरिका-यूरोप पर तंज:कमजोर देश खुद को G7 क्यों कहते हैं; मोदी बोले- ब्रिक्स देशों में दुनिया की 40% GDP प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत ब्रिक्स लीडर्स ने शुक्रवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम में ग्लोबल ट्रेड पर बात की। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…








