Wednesday, 28 Oct 2026 | 02:19 PM

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आतंकी लादेन की हिट लिस्ट में भारत भी था:CIA के खुफिया दस्तावेज में खुलासा; 9/11 से पहले कई देशों पर हमले की तैयारी थी

आतंकी लादेन की हिट लिस्ट में भारत भी था:CIA के खुफिया दस्तावेज में खुलासा; 9/11 से पहले कई देशों पर हमले की तैयारी थी

आतंकी संगठन अल-कायदा का सरगना ओसामा बिन लादेन 9/11 हमले से पहले भारत में भी आतंकी हमला करना चाहता था। अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA की ओर से जारी एक दस्तावेज में इसका खुलासा हुआ है। 28 अगस्त 1998 की इस रिपोर्ट में भारत समेत कई देशों को संभावित हमलों के लिए निशाना बनाए जाने की बात कही गई थी। CIA ने 9/11 हमले की 25वीं बरसी के मौके पर शुक्रवार को बिन लादेन से जुड़े 70 से ज्यादा खुफिया दस्तावेज सार्वजनिक किए। इनमें 100 से ज्यादा पन्नों की सामग्री शामिल है। भारत समेत 8 देशों पर हमले करना चाहता था लादेन CIA की रिपोर्ट में कहा गया था कि बिन लादेन कई देशों में हमले करना चाहता था। इनमें भारत, पाकिस्तान, मिस्र, कुवैत, सऊदी अरब, यमन और युगांडा शामिल थे। नाइजीरिया का भी संभावित देश के तौर पर जिक्र किया गया था। हालांकि CIA के दस्तावेजों में इसकी जानकारी नहीं है कि लादेन भारत के किस शहर, इमारत या संस्थान को निशाना बनाना था, इसका कोई जिक्र नहीं है। हमले की तारीख या किसी खास ऑपरेशन की योजना भी दस्तावेज में नहीं बताई गई है। रिपोर्ट का टाइटल ‘बिन लादेन का आतंकी नेटवर्क अब भी खतरा’ था। दस्तावेज के कुछ हिस्से काले कर दिए गए हैं और इसमें खुफिया जानकारी के स्रोत का खुलासा नहीं किया गया है। 60 देशों में नेटवर्क का इस्तेमाल करने की तैयारी रिपोर्ट में कहा गया था कि बिन लादेन कम से कम 60 देशों में मौजूद लोगों और सहयोगी आतंकी संगठनों के नेटवर्क का इस्तेमाल हमले कराने के लिए कर सकता था। CIA ने आकलन किया था कि अफगानिस्तान में अमेरिकी हमलों के बावजूद बिन लादेन और दूसरे आतंकी नेताओं का संचार नेटवर्क काम कर रहा था। अल-कायदा ने कुछ प्रशिक्षण शिविरों में गतिविधियां दोबारा शुरू कर दी थीं, जबकि कुछ शिविरों को दूसरी जगह ले जाया जा रहा था। अमेरिका और ब्रिटेन पर भी हमले की तैयारी दस्तावेज में कहा गया था कि बिन लादेन अमेरिका और ब्रिटेन के खिलाफ भी नए हमलों की तैयारी कर रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान में अल-कायदा के ठिकानों पर अमेरिकी मिसाइल हमलों से कुछ घंटे पहले बिन लादेन की ओर से आगे के हमलों की योजना बनाए जाने की जानकारी थी। 1998 से 2001 तक अमेरिका को मिलती रहीं चेतावनियां CIA की ओर से जारी दस्तावेजों का यह पूरा संग्रह 1998 से 2001 के बीच अमेरिकी राष्ट्रपतियों को दी गई खुफिया जानकारियों से जुड़ा है। इसमें बिल क्लिंटन के कार्यकाल से लेकर जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के राष्ट्रपति बनने के शुरुआती दौर तक की रिपोर्ट शामिल हैं। इन दस्तावेजों से पता चलता है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी 9/11 से पहले कई बार बिन लादेन और अल-कायदा से जुड़े संभावित आतंकी हमलों को लेकर चेतावनी दे चुकी थी। 11 सितंबर 2001 को हुआ था 9/11 हमला 11 सितंबर 2001 को अल-कायदा के 19 आतंकियों ने चार यात्री विमानों का अपहरण किया था। दो विमान न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की ट्विन टावर्स से टकराए। दोनों इमारतें पूरी तरह ढह गईं। तीसरा विमान अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन से टकराया। चौथा विमान पेंसिल्वेनिया के एक खेत में गिर गया। माना जाता है कि इसे व्हाइट हाउस या अमेरिकी संसद की ओर ले जाया जा रहा था, लेकिन यात्रियों ने अपहरणकर्ताओं का विरोध किया था। 9/11 हमले में करीब 3 हजार लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक अभियान शुरू किया और अफगानिस्तान में अल-कायदा के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की।

आतंकी लादेन की हिट लिस्ट में भारत भी था:CIA के खुफिया दस्तावेज में खुलासा; 9/11 से पहले कई देशों पर हमले की तैयारी थी

आतंकी लादेन की हिट लिस्ट में भारत भी था:CIA के खुफिया दस्तावेज में खुलासा; 9/11 से पहले कई देशों पर हमले की तैयारी थी

आतंकी संगठन अल-कायदा का सरगना ओसामा बिन लादेन 9/11 हमले से पहले भारत में भी आतंकी हमला करना चाहता था। अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA की ओर से जारी एक दस्तावेज में इसका खुलासा हुआ है। 28 अगस्त 1998 की इस रिपोर्ट में भारत समेत कई देशों को संभावित हमलों के लिए निशाना बनाए जाने की बात कही गई थी। CIA ने 9/11 हमले की 25वीं बरसी के मौके पर शुक्रवार को बिन लादेन से जुड़े 70 से ज्यादा राष्ट्रपति स्तरीय खुफिया दस्तावेज सार्वजनिक किए। इनमें 100 से ज्यादा पन्नों की सामग्री शामिल है। भारत समेत 8 देशों पर हमले करना चाहता था लादेन CIA की रिपोर्ट में कहा गया था कि बिन लादेन कई देशों में हमले करना चाहता था। इनमें भारत, पाकिस्तान, मिस्र, कुवैत, सऊदी अरब, यमन और युगांडा शामिल थे। नाइजीरिया का भी संभावित देश के तौर पर जिक्र किया गया था। हालांकि CIA के दस्तावेजों में इसकी जानकारी नहीं है कि लादेन भारत के किस शहर, इमारत या संस्थान को निशाना बनाना था, इसका कोई जिक्र नहीं है। हमले की तारीख या किसी खास ऑपरेशन की योजना भी दस्तावेज में नहीं बताई गई है। रिपोर्ट का टाइटल ‘बिन लादेन का आतंकी नेटवर्क अब भी खतरा’ था। दस्तावेज के कुछ हिस्से काले कर दिए गए हैं और इसमें खुफिया जानकारी के स्रोत का खुलासा नहीं किया गया है। 60 देशों में नेटवर्क का इस्तेमाल करने की तैयारी रिपोर्ट में कहा गया था कि बिन लादेन कम से कम 60 देशों में मौजूद लोगों और सहयोगी आतंकी संगठनों के नेटवर्क का इस्तेमाल हमले कराने के लिए कर सकता था। CIA ने आकलन किया था कि अफगानिस्तान में अमेरिकी हमलों के बावजूद बिन लादेन और दूसरे आतंकी नेताओं का संचार नेटवर्क काम कर रहा था। अल-कायदा ने कुछ प्रशिक्षण शिविरों में गतिविधियां दोबारा शुरू कर दी थीं, जबकि कुछ शिविरों को दूसरी जगह ले जाया जा रहा था। अमेरिका और ब्रिटेन पर भी हमले की तैयारी दस्तावेज में कहा गया था कि बिन लादेन अमेरिका और ब्रिटेन के खिलाफ भी नए हमलों की तैयारी कर रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान में अल-कायदा के ठिकानों पर अमेरिकी मिसाइल हमलों से कुछ घंटे पहले बिन लादेन की ओर से आगे के हमलों की योजना बनाए जाने की जानकारी थी। 1998 से 2001 तक अमेरिका को मिलती रहीं चेतावनियां CIA की ओर से जारी दस्तावेजों का यह पूरा संग्रह 1998 से 2001 के बीच अमेरिकी राष्ट्रपतियों को दी गई खुफिया जानकारियों से जुड़ा है। इसमें बिल क्लिंटन के कार्यकाल से लेकर जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के राष्ट्रपति बनने के शुरुआती दौर तक की रिपोर्ट शामिल हैं। इन दस्तावेजों से पता चलता है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी 9/11 से पहले कई बार बिन लादेन और अल-कायदा से जुड़े संभावित आतंकी हमलों को लेकर चेतावनी दे चुकी थी। 11 सितंबर 2001 को हुआ था 9/11 हमला 11 सितंबर 2001 को अल-कायदा के 19 आतंकियों ने चार यात्री विमानों का अपहरण किया था। दो विमान न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की ट्विन टावर्स से टकराए। दोनों इमारतें पूरी तरह ढह गईं। तीसरा विमान अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन से टकराया। चौथा विमान पेंसिल्वेनिया के एक खेत में गिर गया। माना जाता है कि इसे व्हाइट हाउस या अमेरिकी संसद की ओर ले जाया जा रहा था, लेकिन यात्रियों ने अपहरणकर्ताओं का विरोध किया था। 9/11 हमले में करीब 3 हजार लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक अभियान शुरू किया और अफगानिस्तान में अल-कायदा के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की।

थलापति विजय सिल्वरस्टोन में अजीत कुमार की रेस देखी:तृषा कृष्णन सबके सामने आईं तो पीछे हटते दिखे; पत्नी ने वापस लिया है तलाक का केस

थलापति विजय सिल्वरस्टोन में अजीत कुमार की रेस देखी:तृषा कृष्णन सबके सामने आईं तो पीछे हटते दिखे; पत्नी ने वापस लिया है तलाक का केस

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और एक्टर थलापति विजय ने शनिवार को सिल्वरस्टोन में मिशेलिन ले मैन्स कप रेस की हरी झंडी दिखाकर ओपनिंग की। साउथ स्टार अजीत कुमार इस रेस में शामिल थे, जिन्होंने 38वां स्थान हासिल किया है। हालांकि इस रेस के दौरान थलापति विजय के साथ रूमर्ड गर्लफ्रेंड तृषा कृष्णन की मौजूदगी ने ध्यान खींच लिया है। सोशल मीडिया पर रेस से जुड़े कई वीडियो सामने आ रहे हैं। कुछ में विजय, तृषा के साथ रेस एंजॉय करते दिखे, कुछ में एक्टर अजीत से रेस से पहले मुलाकात करते तो कभी रेस को हरी झंडी दिखाते। देखिए रेसिंग से विजय की तस्वीरें- विजय-तृषा के अफेयर की चर्चा के बीच पत्नी संगीता ने तलाक की अर्जी वापस ली थलापति विजय और तृषा कृष्णन लंबे समय से अफेयर रूमर्स के बीच चर्चा में हैं। इसी बीच विजय की पत्नी ने फरवरी 2023 में विजय से तलाक की मांग करते हुए केस दर्ज करवाया था। PTI के मुताबिक, संगीता ने याचिका में कहा था कि उनके पति का एक एक्ट्रेस के साथ एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर हैं। उन्हें इस बारे में अप्रैल 2021 में पता चला। हालांकि, उन्होंने एक्ट्रेस का नाम नहीं लिया। उन्होंने यह भी बताया था कि विजय ने उन्हें लगातार मानसिक प्रताड़ना दी। उपेक्षित किया और छोड़ दिया। जरूरत पड़ने पर वह उस अभिनेत्री को भी मामले में दूसरा पक्षकार बनाएंगी। संगीता का कहना था कि उनका रिश्ता पूरी तरह टूट चुका है। विजय भावनात्मक रूप से उनसे दूर हो गए हैं। उनके साथ अपमानजनक व्यवहार करते थे। ऐसी परिस्थितियां पैदा कर दी थीं कि उन्हें एक ही घर में अलग रहना पड़ रहा था। इसलिए स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत तलाक दिया जाए। तमिलनाडू चुनाव के समय चुनाव लड़ रहे विजय के निजी मामले को जमकर उछाला गया था। इसी समय उनकी और तृषा की मौजूदगी ने भी जमकर सुर्खियां बटोरीं। विजय ने तृषा के जन्मदिन के दिन तमिलनाडू चुनाव जीता, जिसके ठीक बाद तृषा उनके नीलांकरई स्थित घर पहुंचीं। इसी दिन तृषा ने विजय के साथ देर रात बर्थडे सेलिब्रेट करते हुए तस्वीर भी पोस्ट की। आगे 10 मई को तृषा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुईं। तृषा 15 अगस्त को भी विजय के परिवार के साथ उनके कार्यक्रम में शामिल हुई थीं। दोनों कई मौकों पर साथ नजर आए, जिससे उनका रिश्ता ऑफिशियल माना जा रहा था, हालांकि तभी विजय की पत्नी ने तलाक की अर्जी वापस ले ली है। तलाक की अर्जी वापस लेने के बाद ये पहली बार है जब विजय-तृषा फिर साथ नजर आए हैं। अजीत कुमार की रेसिंग के बारे में- सिल्वरस्टोन की इस रेस में अभिनेता अजित कुमार की टीम अजित रेडऐंट बाय विराज 38वें स्थान पर रही। टीम ने दो घंटे की रेस पूरी की, लेकिन कोई अंक नहीं जुटा सकी। अजित कुमार और फ्रांसीसी रेसर रोमेन वोज्नियाक की जोड़ी की कार कुल विजेता से तीन लैप पीछे रही।

थलापति विजय सिल्वरस्टोन में अजीत कुमार की रेस देखी:तृषा कृष्णन सबके सामने आईं तो पीछे हटते दिखे; पत्नी ने वापस लिया है तलाक का केस

थलापति विजय सिल्वरस्टोन में अजीत कुमार की रेस देखी:तृषा कृष्णन सबके सामने आईं तो पीछे हटते दिखे; पत्नी ने वापस लिया है तलाक का केस

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और एक्टर थलापति विजय ने शनिवार को सिल्वरस्टोन में मिशेलिन ले मैन्स कप रेस की हरी झंडी दिखाकर ओपनिंग की। साउथ स्टार अजीत कुमार इस रेस में शामिल थे, जिन्होंने 38वां स्थान हासिल किया है। हालांकि इस रेस के दौरान थलापति विजय के साथ रूमर्ड गर्लफ्रेंड तृषा कृष्णन की मौजूदगी ने ध्यान खींच लिया है। सोशल मीडिया पर रेस से जुड़े कई वीडियो सामने आ रहे हैं। कुछ में विजय, तृषा के साथ रेस एंजॉय करते दिखे, कुछ में एक्टर अजीत से रेस से पहले मुलाकात करते तो कभी रेस को हरी झंडी दिखाते। देखिए रेसिंग से विजय की तस्वीरें- विजय-तृषा के अफेयर की चर्चा के बीच पत्नी संगीता ने तलाक की अर्जी वापस ली थलापति विजय और तृषा कृष्णन लंबे समय से अफेयर रूमर्स के बीच चर्चा में हैं। इसी बीच विजय की पत्नी ने फरवरी 2023 में विजय से तलाक की मांग करते हुए केस दर्ज करवाया था। PTI के मुताबिक, संगीता ने याचिका में कहा था कि उनके पति का एक एक्ट्रेस के साथ एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर हैं। उन्हें इस बारे में अप्रैल 2021 में पता चला। हालांकि, उन्होंने एक्ट्रेस का नाम नहीं लिया। उन्होंने यह भी बताया था कि विजय ने उन्हें लगातार मानसिक प्रताड़ना दी। उपेक्षित किया और छोड़ दिया। जरूरत पड़ने पर वह उस अभिनेत्री को भी मामले में दूसरा पक्षकार बनाएंगी। संगीता का कहना था कि उनका रिश्ता पूरी तरह टूट चुका है। विजय भावनात्मक रूप से उनसे दूर हो गए हैं। उनके साथ अपमानजनक व्यवहार करते थे। ऐसी परिस्थितियां पैदा कर दी थीं कि उन्हें एक ही घर में अलग रहना पड़ रहा था। इसलिए स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत तलाक दिया जाए। तमिलनाडू चुनाव के समय चुनाव लड़ रहे विजय के निजी मामले को जमकर उछाला गया था। इसी समय उनकी और तृषा की मौजूदगी ने भी जमकर सुर्खियां बटोरीं। विजय ने तृषा के जन्मदिन के दिन तमिलनाडू चुनाव जीता, जिसके ठीक बाद तृषा उनके नीलांकरई स्थित घर पहुंचीं। इसी दिन तृषा ने विजय के साथ देर रात बर्थडे सेलिब्रेट करते हुए तस्वीर भी पोस्ट की। आगे 10 मई को तृषा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुईं। तृषा 15 अगस्त को भी विजय के परिवार के साथ उनके कार्यक्रम में शामिल हुई थीं। दोनों कई मौकों पर साथ नजर आए, जिससे उनका रिश्ता ऑफिशियल माना जा रहा था, हालांकि तभी विजय की पत्नी ने तलाक की अर्जी वापस ले ली है। तलाक की अर्जी वापस लेने के बाद ये पहली बार है जब विजय-तृषा फिर साथ नजर आए हैं। अजीत कुमार की रेसिंग के बारे में- सिल्वरस्टोन की इस रेस में अभिनेता अजित कुमार की टीम अजित रेडऐंट बाय विराज 38वें स्थान पर रही। टीम ने दो घंटे की रेस पूरी की, लेकिन कोई अंक नहीं जुटा सकी। अजित कुमार और फ्रांसीसी रेसर रोमेन वोज्नियाक की जोड़ी की कार कुल विजेता से तीन लैप पीछे रही।

इंडोनेशिया का 240 यात्रियों वाला जहाज लापता:जावा सागर में संपर्क टूटा, पूर्वी जावा से बोर्नियो जा रहा था

इंडोनेशिया का 240 यात्रियों वाला जहाज लापता:जावा सागर में संपर्क टूटा, पूर्वी जावा से बोर्नियो जा रहा था

इंडोनेशिया में 240 लोगों को लेकर जा रहे यात्री जहाज विर्गो ट्रांसपोर्ट 8 से जावा सागर में संपर्क टूट गया। जहाज पूर्वी जावा के सुराबाया से बोर्नियो द्वीप के दक्षिण कालीमंतन प्रांत की राजधानी बंजर्मासिन जा रहा था। संपर्क टूटने के बाद रविवार को इंडोनेशियाई रेस्क्यू टीम ने जहाज की तलाश शुरू कर दी। बंजर्मासिन सर्च एंड रेस्क्यू ऑफिस के मुताबिक, जहाज के रास्ते में कम्युनिकेशन फेलियर की जानकारी मिली थी। शुरुआती जानकारी में जहाज की आखिरी लोकेशन जावा सागर में बंजर्मासिन के एक पियर से करीब 148 किमी दूर बताई गई है। अधिकारियों के मुताबिक, जहाज से संपर्क टूटने के बाद सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। अभी तक किसी यात्री के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है। रेस्क्यू टीम जहाज की लोकेशन का पता लगाने में जुटी है। खबर अपडेट हो रही है…

MP Constable & RRB NTPC Recruitment 2026

MP Constable & RRB NTPC Recruitment 2026

Hindi News Career MP Constable & RRB NTPC Recruitment 2026 | Latest Job Vacancy List 14 मिनट पहले कॉपी लिंक इस हफ्ते मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल और RRB NTPC सहित कई विभागों में 17,697 पदों पर नौकरियां। अगर आप भी इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो इन 5 नौकरियों की डिटेल्ड जानकारी 5 ग्राफिक्स के जरिए जानिए : ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक . दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… SSC ने 1871 पदों पर निकाली भर्ती: ग्रेजुएट्स को मौका, 1 लाख 12 हजार तक मिलेगी सैलरी 0:36Play video Play video जॉब – एजुकेशन कॉपी लिंक शेयर इंडियन आर्मी में अग्निवीर रैली के लिए टैटू पॉलिसी जारी: ट्राइबल कम्युनिटी और धार्मिक टैटू बनवा सकते हैं, ये 6 तरह के टैटू प्रतिबंधित 0:41Play video Play video जॉब – एजुकेशन कॉपी लिंक शेयर यूपी में ऑफिसर के 1251 पदों पर निकली भर्ती: फीस 25 रुपए, सैलरी 90 हजार से ज्यादा 0:41Play video Play video जॉब – एजुकेशन कॉपी लिंक शेयर

‘बिरजू को क्यों मारा?’ पर बोले रसिका-मोहित:‘कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा’ जैसी ‘मिर्जापुर मूवी की बड़ी मिस्ट्री

‘बिरजू को क्यों मारा?’ पर बोले रसिका-मोहित:‘कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा’ जैसी ‘मिर्जापुर मूवी की बड़ी मिस्ट्री

मिर्जापुर’ की दुनिया किरदारों, हिंसा और दमदार डायलॉग्स के साथ मीम्स के लिए भी मशहूर है। वेब सीरीज के पुराने मीम्स हों या फिल्म के नए किरदार बिरजू लोहार और उनके दर्दभरे सीन, सोशल मीडिया पर ‘मिर्जापुर’ का जलवा है। फिल्म में बीना त्रिपाठी का किरदार निभाने वाली रसिका दुग्गल और बिरजू लोहार बने मोहित मलिक ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में वायरल मीम्स, अपने किरदारों पर बने मजेदार मीम्स और सोशल मीडिया के रिएक्शन पर बात की। रसिका ने अपने सबसे पुराने और पसंदीदा ‘मिर्जापुर’ मीम का किस्सा सुनाया, वहीं मोहित ने बिरजू के दर्द पर बने मीम्स को ‘रिलेटेबल’ बताया। सवाल: ‘मिर्जापुर’ और मीम्स का रिश्ता पुराना है। पहली बार अपने किरदारों पर मीम्स बनते देखे तो कैसा लगा? जवाब/रसिका दुग्गल: मेरे लिए यह बहुत खास अनुभव रहा है। जो मीम सबसे ज्यादा पॉपुलर हुआ, वह 2018 का है और ‘मिर्जापुर’ में मेरा पहला शॉट था। उस दिन हम वह सीन शूट कर रहे थे। मैं बिस्तर से उठती हूं और लाइन बोलती हूं- ‘हर बार गर्म करके छोड़ देते हैं ठंडा।’ जब मैंने वह शॉट मॉनिटर पर देखा तो मेरे एक तरफ के बाल सचमुच खड़े हो गए थे। मैंने गुरु से कहा कि मुझे पता है कि सीन थोड़ा अस्त-व्यस्त दिखना चाहिए, लेकिन यह ज्यादा अजीब लग रहा है। ऐसा लग रहा है जैसे सिर पर कुछ उग आया हो। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ दो-तीन सेकेंड का शॉट है, ज्यादा देर नहीं रहेगा। मैंने कहा ठीक है। बाद में वही शॉट मीम बन गया। उस समय मैंने बिल्कुल नहीं सोचा था कि ऐसा होगा। उस दौर में ‘मिर्जापुर’ के साथ मीम कल्चर भी तेजी से बढ़ रहा था। मुझे लगता है कि किसी अभिनेता का काम पॉपुलर कल्चर का हिस्सा बन जाए तो यह बहुत अच्छी बात है। सवाल: अगर बीना, बिरजू से वही लाइन कहतीं- ‘हर बार गर्म करके छोड़ देते हैं ठंडा’, तो बिरजू का रिएक्शन क्या होता? जवाब/मोहित मलिक: ऐसा हो ही नहीं सकता। रसिका दुग्गल: क्योंकि यह हमारा रिश्ता नहीं है। वह लाइन अखंडा और बीना के रिश्ते की है। बिरजू और बीना के रिश्ते में ऐसा बिल्कुल नहीं हो सकता। मोहित मलिक: यहां प्यार अलग तरह का है। यह भक्ति जैसा प्यार है। बिरजू और बिना के बीच जो रिश्ता है, उसमें वह लाइन फिट ही नहीं होती। सवाल: ‘हमने मजबूरी में किया था, अब मजा आने लगा है’ मीम भी वायरल हुआ। इसके बारे में क्या कहना चाहेंगी? जवाब/रसिका दुग्गल: यह मेरा फेवरेट है। मुझे यह मीम बहुत पसंद है। सवाल: अगर इसी लाइन को बिना त्रिपाठी के अंदाज में बोलना हो तो कैसे बोलेंगी? जवाब/रसिका दुग्गल: बीना के अंदाज में मैं कहूंगी- ‘हमने मजबूरी में किया था, अब मजा आने लगा है।’ सवाल: कालीन भैया पूरी जिंदगी ‘कंट्रोल’ की बात करते हैं। क्या बीना ने कभी कालीन भैया को कंट्रोल किया है? जवाब/ रसिका दुग्गल: बहुत ज्यादा। कालीन भैया पूरी तरह बिना के कंट्रोल में हैं। कौन नहीं है? अगर आज की Gen-Z भाषा में कहें तो बिना के सामने कालीन भैया ‘पुकी’ बन जाते हैं। ‘पुकी’ का मतलब है कि जो व्यक्ति बाहर से बहुत पावरफुल और दबंग है, लेकिन किसी खास इंसान के सामने बिल्कुल नरम और थोड़ा सहमा हुआ हो जाए। पूरी दुनिया कालीन भैया से डरती है, लेकिन कालीन भैया बिना से डरते हैं। मोहित मलिक: यही कालीन भैया के किरदार की खूबसूरती है। जिस तरह से उन्होंने इस किरदार को निभाया है, उसमें यह चीज अच्छी तरह दिखाई देती है। रसिका दुग्गल: बाहर वह कालीन भैया हैं, लेकिन घर के अंदर बीना के पति हैं। वहां पूरा समीकरण बदल जाता है। सवाल: ‘मिर्जापुर’ में सबसे ज्यादा ‘जलवा’ किसका है? जवाब/ मोहित मलिक: मुन्ना का। यह उसी की लाइन है और मुझे लगता है कि ‘जलवा’ अब उसका ट्रेडमार्क बनना चाहिए। रसिका दुग्गल: लेकिन मैं कहूंगी कि त्रिपाठियों का है। बीना का भी है और अखंडा का भी। सवाल: बिरजू लोहार के किरदार पर सोशल मीडिया पर खूब मीम्स बन रहे हैं। क्या आपको अंदाजा था कि यह किरदार इस तरह वायरल होगा? जवाब/ मोहित मलिक: नहीं, बिल्कुल नहीं। कोशिश पूरी की थी। मुझे पता था कि इतने बड़े किरदारों और एक्टर्स के बीच मेरा स्क्रीन टाइम काफी कम है। इसलिए जरूरी था कि जब भी मैं स्क्रीन पर आऊं, तो बिरजू की पांच साल की जर्नी दिखाई दे। मुझे लगता है कि दर्शक भावनाओं से जल्दी जुड़ते हैं। मैंने पूरी मेहनत की, अपनी जान लगा दी। लेकिन आखिर में यह उस मोमेंट का खेल होता है कि उस समय जो चीजें सही बैठती हैं, वह मोमेंट बन जाता है। फिल्म में भी ऐसा ही हुआ। जैसे कोई माला पिरोता है, वैसे सारे मोमेंट्स एक-दूसरे से जुड़ते गए और खूबसूरत माला बन गई। शायद इसलिए लोगों को बिरजू का किरदार इतना पसंद आया। सवाल: बिरजू के दर्द और आखिरी सीन पर बने मीम्स देखकर कैसा लगा? जवाब/ मोहित मलिक: मुझे लगता है कि ये मीम्स लोगों को इसलिए इतने रिलेटेबल लगे क्योंकि हर किसी का दिल कभी न कभी टूटा है। हर कोई किसी न किसी तरह का दिलजला है। मैंने एक मीम देखा था, जिसमें बिरजू के साथ जो हुआ, उसे मजेदार तरीके से दिखाया गया था। वह काफी वायरल हुआ। मुझे लगा कि लोगों ने उस दर्द को अपने तरीके से पकड़ लिया है। क्योंकि यह सिर्फ बिरजू की कहानी नहीं रह गई थी। लोगों ने उसमें अपना दर्द देख लिया। सवाल: बीना और बिरजू के सीन की लाइन ‘लव ही तो है, लाइफटाइम थोड़ी रहता है’ मीम और पोएट्री का हिस्सा बन गई। क्या सेट पर आपको अंदाजा था कि यह लाइन इतनी बड़ी हो जाएगी? जवाब/ रसिका दुग्गल: नहीं, बिल्कुल नहीं। उस समय हम सिर्फ यही सोच रहे थे कि हमारी परफॉर्मेंस अच्छी हो जाए और सीन ठीक से शूट हो जाए। शूटिंग के दौरान ही सेट पर लोग इस लाइन को अलग-अलग तरीके से इस्तेमाल करके मजाक करने लगे थे। कोई कहता था- ‘लव ही तो है, लाइफटाइम थोड़ी रहता है।’ फिर लोग छोटी-छोटी चीजों पर भी कहते थे कि सीन खराब हो गया तो सीन ही तो है, लाइफटाइम थोड़ी रहता है। उस वक्त वह सेट

‘बिरजू को क्यों मारा?’ पर बोले रसिका-मोहित:‘कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा’ जैसी ‘मिर्जापुर मूवी की बड़ी मिस्ट्री

‘बिरजू को क्यों मारा?’ पर बोले रसिका-मोहित:‘कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा’ जैसी ‘मिर्जापुर मूवी की बड़ी मिस्ट्री

मिर्जापुर’ की दुनिया किरदारों, हिंसा और दमदार डायलॉग्स के साथ मीम्स के लिए भी मशहूर है। वेब सीरीज के पुराने मीम्स हों या फिल्म के नए किरदार बिरजू लोहार और उनके दर्दभरे सीन, सोशल मीडिया पर ‘मिर्जापुर’ का जलवा है। फिल्म में बीना त्रिपाठी का किरदार निभाने वाली रसिका दुग्गल और बिरजू लोहार बने मोहित मलिक ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में वायरल मीम्स, अपने किरदारों पर बने मजेदार मीम्स और सोशल मीडिया के रिएक्शन पर बात की। रसिका ने अपने सबसे पुराने और पसंदीदा ‘मिर्जापुर’ मीम का किस्सा सुनाया, वहीं मोहित ने बिरजू के दर्द पर बने मीम्स को ‘रिलेटेबल’ बताया। सवाल: ‘मिर्जापुर’ और मीम्स का रिश्ता पुराना है। पहली बार अपने किरदारों पर मीम्स बनते देखे तो कैसा लगा? जवाब/रसिका दुग्गल: मेरे लिए यह बहुत खास अनुभव रहा है। जो मीम सबसे ज्यादा पॉपुलर हुआ, वह 2018 का है और ‘मिर्जापुर’ में मेरा पहला शॉट था। उस दिन हम वह सीन शूट कर रहे थे। मैं बिस्तर से उठती हूं और लाइन बोलती हूं- ‘हर बार गर्म करके छोड़ देते हैं ठंडा।’ जब मैंने वह शॉट मॉनिटर पर देखा तो मेरे एक तरफ के बाल सचमुच खड़े हो गए थे। मैंने गुरु से कहा कि मुझे पता है कि सीन थोड़ा अस्त-व्यस्त दिखना चाहिए, लेकिन यह ज्यादा अजीब लग रहा है। ऐसा लग रहा है जैसे सिर पर कुछ उग आया हो। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ दो-तीन सेकेंड का शॉट है, ज्यादा देर नहीं रहेगा। मैंने कहा ठीक है। बाद में वही शॉट मीम बन गया। उस समय मैंने बिल्कुल नहीं सोचा था कि ऐसा होगा। उस दौर में ‘मिर्जापुर’ के साथ मीम कल्चर भी तेजी से बढ़ रहा था। मुझे लगता है कि किसी अभिनेता का काम पॉपुलर कल्चर का हिस्सा बन जाए तो यह बहुत अच्छी बात है। सवाल: अगर बीना, बिरजू से वही लाइन कहतीं- ‘हर बार गर्म करके छोड़ देते हैं ठंडा’, तो बिरजू का रिएक्शन क्या होता? जवाब/मोहित मलिक: ऐसा हो ही नहीं सकता। रसिका दुग्गल: क्योंकि यह हमारा रिश्ता नहीं है। वह लाइन अखंडा और बीना के रिश्ते की है। बिरजू और बीना के रिश्ते में ऐसा बिल्कुल नहीं हो सकता। मोहित मलिक: यहां प्यार अलग तरह का है। यह भक्ति जैसा प्यार है। बिरजू और बिना के बीच जो रिश्ता है, उसमें वह लाइन फिट ही नहीं होती। सवाल: ‘हमने मजबूरी में किया था, अब मजा आने लगा है’ मीम भी वायरल हुआ। इसके बारे में क्या कहना चाहेंगी? जवाब/रसिका दुग्गल: यह मेरा फेवरेट है। मुझे यह मीम बहुत पसंद है। सवाल: अगर इसी लाइन को बिना त्रिपाठी के अंदाज में बोलना हो तो कैसे बोलेंगी? जवाब/रसिका दुग्गल: बीना के अंदाज में मैं कहूंगी- ‘हमने मजबूरी में किया था, अब मजा आने लगा है।’ सवाल: कालीन भैया पूरी जिंदगी ‘कंट्रोल’ की बात करते हैं। क्या बीना ने कभी कालीन भैया को कंट्रोल किया है? जवाब/ रसिका दुग्गल: बहुत ज्यादा। कालीन भैया पूरी तरह बिना के कंट्रोल में हैं। कौन नहीं है? अगर आज की Gen-Z भाषा में कहें तो बिना के सामने कालीन भैया ‘पुकी’ बन जाते हैं। ‘पुकी’ का मतलब है कि जो व्यक्ति बाहर से बहुत पावरफुल और दबंग है, लेकिन किसी खास इंसान के सामने बिल्कुल नरम और थोड़ा सहमा हुआ हो जाए। पूरी दुनिया कालीन भैया से डरती है, लेकिन कालीन भैया बिना से डरते हैं। मोहित मलिक: यही कालीन भैया के किरदार की खूबसूरती है। जिस तरह से उन्होंने इस किरदार को निभाया है, उसमें यह चीज अच्छी तरह दिखाई देती है। रसिका दुग्गल: बाहर वह कालीन भैया हैं, लेकिन घर के अंदर बीना के पति हैं। वहां पूरा समीकरण बदल जाता है। सवाल: ‘मिर्जापुर’ में सबसे ज्यादा ‘जलवा’ किसका है? जवाब/ मोहित मलिक: मुन्ना का। यह उसी की लाइन है और मुझे लगता है कि ‘जलवा’ अब उसका ट्रेडमार्क बनना चाहिए। रसिका दुग्गल: लेकिन मैं कहूंगी कि त्रिपाठियों का है। बीना का भी है और अखंडा का भी। सवाल: बिरजू लोहार के किरदार पर सोशल मीडिया पर खूब मीम्स बन रहे हैं। क्या आपको अंदाजा था कि यह किरदार इस तरह वायरल होगा? जवाब/ मोहित मलिक: नहीं, बिल्कुल नहीं। कोशिश पूरी की थी। मुझे पता था कि इतने बड़े किरदारों और एक्टर्स के बीच मेरा स्क्रीन टाइम काफी कम है। इसलिए जरूरी था कि जब भी मैं स्क्रीन पर आऊं, तो बिरजू की पांच साल की जर्नी दिखाई दे। मुझे लगता है कि दर्शक भावनाओं से जल्दी जुड़ते हैं। मैंने पूरी मेहनत की, अपनी जान लगा दी। लेकिन आखिर में यह उस मोमेंट का खेल होता है कि उस समय जो चीजें सही बैठती हैं, वह मोमेंट बन जाता है। फिल्म में भी ऐसा ही हुआ। जैसे कोई माला पिरोता है, वैसे सारे मोमेंट्स एक-दूसरे से जुड़ते गए और खूबसूरत माला बन गई। शायद इसलिए लोगों को बिरजू का किरदार इतना पसंद आया। सवाल: बिरजू के दर्द और आखिरी सीन पर बने मीम्स देखकर कैसा लगा? जवाब/ मोहित मलिक: मुझे लगता है कि ये मीम्स लोगों को इसलिए इतने रिलेटेबल लगे क्योंकि हर किसी का दिल कभी न कभी टूटा है। हर कोई किसी न किसी तरह का दिलजला है। मैंने एक मीम देखा था, जिसमें बिरजू के साथ जो हुआ, उसे मजेदार तरीके से दिखाया गया था। वह काफी वायरल हुआ। मुझे लगा कि लोगों ने उस दर्द को अपने तरीके से पकड़ लिया है। क्योंकि यह सिर्फ बिरजू की कहानी नहीं रह गई थी। लोगों ने उसमें अपना दर्द देख लिया। सवाल: बीना और बिरजू के सीन की लाइन ‘लव ही तो है, लाइफटाइम थोड़ी रहता है’ मीम और पोएट्री का हिस्सा बन गई। क्या सेट पर आपको अंदाजा था कि यह लाइन इतनी बड़ी हो जाएगी? जवाब/ रसिका दुग्गल: नहीं, बिल्कुल नहीं। उस समय हम सिर्फ यही सोच रहे थे कि हमारी परफॉर्मेंस अच्छी हो जाए और सीन ठीक से शूट हो जाए। शूटिंग के दौरान ही सेट पर लोग इस लाइन को अलग-अलग तरीके से इस्तेमाल करके मजाक करने लगे थे। कोई कहता था- ‘लव ही तो है, लाइफटाइम थोड़ी रहता है।’ फिर लोग छोटी-छोटी चीजों पर भी कहते थे कि सीन खराब हो गया तो सीन ही तो है, लाइफटाइम थोड़ी रहता है। उस वक्त वह सेट

Composer Dhirendra Mulkalwar Interview | Hanuman Ansh Music Journey

Composer Dhirendra Mulkalwar Interview | Hanuman Ansh Music Journey

10 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक फिल्म ‘हनुमान अंश’ बाबा नीम करोली के जीवन पर आधारित है। फिल्म के बैकग्राउंड स्कोर और ‘सियावर रामचंद्र की जय’ गाने को धीरेंद्र मुलकलवार ने कंपोज किया है। खास बात यह है कि यह गाना पहले कहानी का हिस्सा था ही नहीं। एक सीन के बैकग्राउंड म्यूजिक से इसकी शुरुआत हुई और बाद में यही गाना फिल्म की पहचान बन गया। धीरेंद्र बताते हैं कि फिल्म से जुड़ने से पहले ही वे कैंची धाम जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सफल नहीं हो पा रहे थे। कैंची धाम पहुंचने के कुछ ही महीनों बाद उन्हें फिल्म का ऑफर मिला। धीरेंद्र ने दैनिक भास्कर से बातचीत में फिल्म के दौरान हुए चमत्कार, गाने की मेकिंग और 20 साल के संघर्ष पर बात की। सवाल: फिल्म ‘हनुमान अंश’ से आपका जुड़ना भी किसी चमत्कार से कम नहीं रहा। कैसे? जवाब: मैं पिछले चार-पांच साल से कैंची धाम जाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन किसी न किसी वजह से जा नहीं पा रहा था। पिछले साल अप्रैल में आखिरकार कैंची धाम पहुंचा और बाबा जी के दर्शन हुए। इसके करीब दो महीने बाद जुलाई में विशाल चतुर्वेदी जी का फोन आया। वे बाबा नीम करोली पर फिल्म बना रहे थे और 43 दिनों का हनुमान चालीसा पाठ कर रहे थे। उसी दौरान उन्होंने मुझसे फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर करने के लिए पूछा। मैंने बिना सोचे हां कर दी। मुझे लगा कि यह बाबा जी की कृपा से हुआ है। सवाल: फिल्म का साउंड तय करने वाली शुरुआती धुन कैसे बनी? जवाब: विशाल जी ने मुझे फिल्म की कहानी सुनाई और शूट पर जाने से पहले एक थीम बनाने को कहा। मैं करीब दो महीने तक अलग-अलग आइडिया बनाता और खुद ही रिजेक्ट करता रहा। मुझे लग रहा था कि बाबा जी पर बनी फिल्म के लिए जो बनाऊं, वह मेरे स्तर का सबसे अच्छा काम होना चाहिए। एक दिन मुझे एक किस्सा याद आया। विशाल जी ने बताया था कि एक कंपोजर ने बाबा जी की तस्वीर के सामने बैठकर कुछ पंक्तियों को पांच मिनट में कंपोज कर दिया था। वही बात मेरे दिमाग में आई। मैंने बाबा जी का स्मरण किया और अचानक एक धुन दिमाग में आई। सिस्टम ऑन किया और करीब पांच से सात मिनट में पूरी धुन तैयार हो गई। सवाल: वही धुन आगे फिल्म की पहचान बन गई? जवाब: हां। मैंने धुन का अरेंजमेंट करके विशाल जी को भेज दिया। दो-तीन दिन बाद उनके ऑफिस गया तो देखा कि उन्होंने उसे एडिट पर लगा दिया था और ऑफिस में लोग उसे बार-बार सुन रहे थे। फिल्म की शुरुआत में बांसुरी और सितार पर यही धुन आती है। यही फिल्म का साउंड तय करने वाली मुख्य थीम बन गई। सवाल: ‘सियावर रामचंद्र की जय’ गाना कैसे बना? जवाब: फिल्म में एक सीन है, जिसमें एक क्रांतिकारी, जो नास्तिक है, बाबा जी के पास लौटता है। बाबा जी उसे कंबल ओढ़ाते हैं, हाथ में काठी देते हैं और भस्म लगाकर कहते हैं- ‘जाओ, देश का काम करो।’ इस सीन में देशभक्ति और आध्यात्मिकता दोनों का भाव चाहिए था। मैंने एक म्यूजिक बनाया, लेकिन विशाल जी को लगा कि कुछ कमी है। फिर मैंने विजुअल्स बंद कर दिए और सिर्फ सीन का भाव दिमाग में रखा। अचानक एक रिदम आई और मेरे मुंह से अपने आप निकला- ‘सीताराम, सीताराम।’ वहीं से ‘जय जय श्री राम, सीताराम’ की धुन बनी। इसके बाद मंदिरों में होने वाला जयघोष याद आया- ‘सियावर रामचंद्र की जय, पवनसुत हनुमान की जय, उमापति महादेव की जय।’ मैंने इसे धुन में जोड़ दिया। गाना पहले फिल्म में था ही नहीं। बैकग्राउंड म्यूजिक से इसकी शुरुआत हुई। सवाल: फिर बैकग्राउंड म्यूजिक से पूरा गाना कैसे बना? जवाब: जब यह म्यूजिक एडिट पर लगा तो सबको लगा कि यह ट्रेलर के अंत में भी अच्छा बैठेगा। ट्रेलर में इस्तेमाल करने के बाद लगा कि सिर्फ ‘सीताराम’ और ‘सियावर रामचंद्र की जय’ तक सीमित नहीं रहना चाहिए। फिर इसे पूरा गाना बनाने का फैसला हुआ। मेरे दोस्त शांतनु सुदामे ने इसे लिखा और गाया, जबकि कंपोज मैंने किया। बजट बहुत कम था, इसलिए स्टूडियो का खर्च उठाना मुश्किल था। मैंने अपना घर ही स्टूडियो में बदल दिया था। शांतनु पुणे से आए और करीब एक महीने मेरे घर पर रहकर रिकॉर्डिंग की। सवाल: कम बजट में भी म्यूजिक की क्वालिटी से समझौता नहीं किया? जवाब: बिल्कुल नहीं। फिल्म सिनेमाघरों में दिखाई जानी थी, इसलिए सिनेमैटिक अनुभव जरूरी था। शांतनु ने इंस्ट्रूमेंट्स बजाए। सिताराम और दिलरुबा की रिकॉर्डिंग हुई। स्वर शर्मा के अलाप लिए गए। इंटरवल के एक बड़े सीन के लिए भारी परकशन चाहिए था। इसके लिए परकशनिस्ट जैनत पटनायक को फोन किया। मैंने उन्हें फिल्म और बाबा जी के बारे में बताया तो उन्होंने कहा कि बाबा जी के लिए वे जरूर आएंगे। उन्होंने दो दिन दिए और हमने लगातार रिकॉर्डिंग की। सवाल: फिल्म की कमाई बढ़ने के बाद क्या आपको ज्यादा पैसे मिले? जवाब: मेरे और विशाल जी के बीच दोस्ती है, इसलिए पैसों को लेकर ज्यादा बातचीत नहीं हुई। मैंने उनसे कहा था कि जितनी न्यूनतम तकनीकी लागत आए, वह कर दीजिए। उससे ज्यादा मैं कुछ नहीं मांगूंगा। मेरे लिए यह बाबा जी की फिल्म थी। मुझे जो सबसे बड़ा प्रसाद मिलना था, वह मुझे पहले ही मिल चुका था। बाकी बाबा जी जो देंगे, वही मिलेगा। सवाल: कैंची धाम में आपका अनुभव कैसा रहा? जवाब: हम आरती के समय पहुंचे और पांच मिनट के अंदर दर्शन हो गए। जहां बाबा जी की मूर्ति है, वहां आमतौर पर लोगों को जाने का मौका नहीं मिलता, लेकिन हमें वहां जाने और बैठकर ध्यान करने का भी अवसर मिला। वह अनुभव इतना अद्भुत था कि वहां से आने के बाद भी मैं उसी भाव में रहा। दो महीने बाद जब फिल्म का ऑफर आया तो मुझे लगा कि शायद बाबा जी ने ही यह रास्ता बनाया था। सवाल: आपके 20 साल के करियर में फिल्मी संगीत तक पहुंचने का सफर कैसा रहा? जवाब: बचपन से सपना था कि फिल्मों में म्यूजिक करूं। मेरे बड़े भाई ने मुझे अच्छा संगीत सुनाया और वहीं से संगीत के प्रति लगाव बढ़ा। घर में

पंजाबी सिंगर सिंग्गा बोले-मेरा दिल अब पत्थर, VIDEO:रोते हुए कहा- यार मार करदे देखे, गेमा पांदे; इंडस्ट्री वालों ने पैसे देकर ट्रोल करवाया

पंजाबी सिंगर सिंग्गा बोले-मेरा दिल अब पत्थर, VIDEO:रोते हुए कहा- यार मार करदे देखे, गेमा पांदे; इंडस्ट्री वालों ने पैसे देकर ट्रोल करवाया

पंजाबी सिंगर सिंग्गा ने इंस्टाग्राम पर 49 सेकंड का वीडियो शेयर किया है, जिसमें वो रोते और भड़कते नजर आ रहे हैं। सिंग्गा ने खुलासा किया कि सफलता से जलने वाले इंडस्ट्री के ही लोगों ने उन्हें नीचे गिराने के लिए पैसे देकर ट्रोल करवाया। वीडियो में आगे सिंग्गा ने अपने ही दोस्तों पर धोखा देने का आरोप लगाया और कहा कि उनके खिलाफ साजिशें रची गईं। वीडियो के साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा- जर्नी इज हार्ड। सिंग्गा कहते हैं कि लोगों को पुराना सिंग्गा चाहिए, लेकिन उन्होंने जिंदगी में इतना कुछ देख लिया है कि अब वह पुराना सिंग्गा नहीं रहा। आगे वो कहते हैं- यार आपा यार मार करदे देखे, गेमा पांदे देखे। लोग सोचदे किते सिंग्गा अगे न लंग जावे। पुराना सिंग्गा डड्डू मिले, पर्चे भी देख ले, खर्चे भी देख ले। पुराना सिंग्गा किथे रेहा, पत्थर हो गया। पहले जानिए वीडियो में सिंग्गा क्या कह रहे… ‘यार-मार करदे और मेरे खिलाफ गेमा पांदे’ वीडियो में सिंग्गा हुडी और कैप पहने सड़क पर चलते दिखाई दे रहे हैं और साथ में इंस्टा लाइव पर होते हैं। इस पर एक फैन उन्हें पुराने अंदाज में लौटने को कहता है। इस पर वो कहते हैं कि अब पुराना सिंग्गा नहीं रहा। दुनिया के धोखे खाने के बाद उनका दिल पत्थर हो चुका है। ‘पर्चे भी देख लिए और भारी खर्चे भी’ सिंग्गा ने अपने पुराने मुश्किल दौर का जिक्र करते हुए पुलिस केस और खर्चों की भी बात की। उन्होंने कहा कि वे पर्चे भी देख चुके हैं और भारी खर्चे भी झेल चुके हैं। इसके बाद उन्होंने फिर कहा कि अब पुराना सिंग्गा कहां से आएगा, उनका दिल पत्थर हो चुका है। किसी सिंगर या प्रोड्यूसर का नाम नहीं लिया 49 सेकंड के इस वीडियो में सिंग्गा ने ट्रोलिंग और साजिश के आरोप तो लगाए, लेकिन किसी सिंगर, प्रोड्यूसर या दूसरे व्यक्ति का नाम नहीं लिया। इसलिए फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वे किन लोगों की बात कर रहे हैं। उनके इस वीडियो के बाद फैंस के बीच भी इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है। वीडियो में रोते और गुस्से में दिखे सिंग्गा पूरे वीडियो में भावुक नजर आते हैं। उनके चेहरे पर नाराजगी दिखती है। फैंस की ओर से पुराने सिंग्गा की वापसी की मांग के जवाब में उन्होंने अपनी जिंदगी के मुश्किल दौर का जिक्र किया। वीडियो सामने आने के बाद उनके फैंस सोशल मीडिया पर उनके बयान को लेकर चर्चा कर रहे हैं। फैंस बोले-दुनिया मतलब दी कपूरथला में हुई थी FIR 10 अगस्त 2023 को कपूरथला पुलिस ने सिंग्गा और उनके साथियों के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की थी। यह मामला उनके गाने ‘स्टिल अलाइव’ में कथित तौर पर अश्लीलता फैलाने और हथियारों का महिमामंडन करने की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था।