सलमान खान ने पैपराजी-ट्रोलर्स को लगाई फटकार:वरुण धवन, नेहा धूपिया ने किया सपोर्ट, एक्स बिग बॉस कंटेस्टेंट सोफिया हयात बोलीं- सलमान पाखंडी हैं, मेरी मजाक उड़ाया

सलमान खान ने हाल ही में रियलिटी शो बिग बॉस 20 के वीकेंड का वार में पैपराजी और ट्रोलर्स को जमकर फटकार लगाई है। वो बैक शॉट समेत गलत एंगल से वीडियो कैप्चर कर पोस्ट करने वाले पैपराजी पर भड़क गए और महिलाओं से एक्शन लेने को कहा। उनके इस बेबाक बयान के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई लोग उनके सपोर्ट में उतरे हैं। एक्ट्रेस नेहा धूपिया ने कुछ समय पहले ही बैक शॉट पोस्ट करने पर एक इवेंट में सरेआम पैपराजी को फटकारा था। अब सलमान का बयान आने के बाद नेहा लिखती हैं, टाइगर जिंदा है। वरुण धवन ने एक वीडियो जारी कर सलमान को सपोर्ट किया। उन्होंने आधिकारिक सोशल मीडिया से एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वो पिता डेविड धवन के साथ सलमान को देखकर खुशी जाहिर करते नजर आ रहे हैं। डायरेक्टर कुणाल कोहली ने लिखा है, सलमान खान आपको सलाम। आपने सोशल मीडिया पर लोगों के व्यवहार, ट्रोलिंग, पैपराजी और इस तरह के व्यवहार को बढ़ावा देने वालों पर बहुत जरूरी बातें कहीं। और जब भाई बोलता है, तो उसके बाद किसी के पास कहने के लिए कुछ नहीं बचता। बिग बॉस की पूर्व कंटेस्टेंट बोली- सलमान पाखंडी है सलमान का बयान सामने आने के बाद बिग बॉस 7 की कंटेस्टेंट रह चुकीं ब्रिटिश मॉडल, सिंगर और एक्ट्रेस सोफिया हयात ने सलमान को पाखंडी कहा है। उन्होंने सलमान का क्लिप शेयर कर लिखा है, सलमान एक पाखंडी और बेवकूफ इंसान है। जब मैं बिग बॉस में थी, तब उसने मेरे शरीर और चेहरे को लेकर आलोचना की थी, जबकि गौहर से कहा था कि उसका शरीर अच्छा है। क्या था सलमान खान का बयान? बिग बॉस 20 के वीकेंड का वार एपिसोड में सलमान ने कटरीना कैफ को वजन, भाई सोहेल के चेहरे और सनी देओल के फटे जूतों पर ट्रोल करने वालों की कड़ी शब्दों में निंदा की। इस दौरान उन्होंने एक्ट्रेसेस के गलत एंगल से शॉट लेने और पोस्ट किए जाने पर कहा, “आजकल एक नया ट्रेंड है। गाड़ी से निकलते वक्त कैमरा यहां (कमर पर) होता है और गाड़ी में बैठते वक्त भी कैमरा यहां होता है, ताकि हिप शॉट मिल जाए, टांगों का शॉट मिल जाए। इसके बाद पीछे से भी एक शॉट लिया जाता है, जो कोई भी अभिनेत्री या लड़की पसंद नहीं करती।” उन्होंने कहा कि कुछ महिलाएं ऐसी तस्वीरों को लेकर सहज हो सकती हैं, लेकिन सवाल उन महिलाओं का है जिन्हें यह पसंद नहीं है। सलमान ने इस दौरान अभिनेत्री सई मांजरेकर, नेहा धूपिया और भांजी का जिक्र किया। सलमान ने आगे कहा कि पीछे से महिलाओं की तस्वीरें लेने के बाद उन पर “पहचानो ये कौन है” जैसे कैप्शन क्यों लगाए जाते हैं। सलमान बोले- अपनी मां-बहन के शॉट सोशल मीडिया पर डालो सलमान ने कहा कि जो महिलाएं इस तरह की तस्वीरों से असहज होती हैं, उन्हें इसका विरोध करना चाहिए। उन्होंने तीखे अंदाज में कहा, “जहां ऐसा हुआ न, घूम के चांटा मारो। बोलना अपनी मां-बहनों का ये शॉट ले लो और हमें दिखाओ। सोशल मीडिया पर डालो। जांघों का शॉट ले लो।” सलमान ने पूछा कि ऐसे लोगों को प्रेस का कार्ड किसने दिया और ऐसी सोच क्यों है? गुस्से में सलमान ने मंच पर ही अपनी शर्ट उतारकर पेट दिखाया और कहा कि अब जो चाहे उन्हें ट्रोल कर सकता है। सलमान ने ये भी कहा कि कुछ समय पहले उन्हें गंजा कहते हुए ट्रोल किया जा रहा था, जबकि असल में वो उनकी आने वाली फिल्म का लुक था, उन्होंने कुछ समय पहले अपना दोस्त भी खो दिया था। इससे पहले कब-कब पैपराजी पर भड़के सलमान खान? पिछले कुछ महीनों में इससे पहले भी सलमान खान पैपराजी पर भड़के हैं। इसी महीने 5 सितंबर 2026 को बिग बॉस 20 के प्रीमियर एपिसोड की शूटिंग के दौरान एक पैपराजी ने उन्हें ‘बाबा’ कहकर बुलाया और कुछ लोग फ्रेम के बीच आ रहे थे। इससे नाराज होकर सलमान ने पैपराजी को आंखें दिखाईं और कहा, “तू नहीं बताएगा… मुझे कैमरे के आगे आने की कोई जरूरत नहीं है, यह मेरा काम नहीं है”। उन्होंने पैप्स से स्टेज से दूरी बनाए रखने की भी हिदायत दी। अस्पताल के बाहर शोर मचाने पर डांटा इससे पहले 19 मई 2026 को सलमान किसी करीबी से मिलने अस्पताल गए थे। वह जैसे ही बाहर आए, पैपराजी तस्वीर लेने के लिए आवाज लगाने लगे। शोर होता देख, सलमान भड़क गए और जमकर खरी-खोटी सुनाई। इस घटना के बाद सलमान ने सोशल मीडिया पर क्रिपटिक पोस्ट भी शेयर की। कुछ समय बाद जब सलमान रितेश देशमुख की फिल्म राजा शिवाजी की सक्सेस पार्टी में पहुंचे, तो पैपराजी ने सलमान को घेर कर माफी मांगी थी। पैपराजी के शोर से परेशान हुए सलमान रियलिटी शो बिग बॉस 19 की सक्सेस पार्टी में भी ऐसा ही हुआ। सलमान जैसे ही पोज देने पहुंचे, पैपराजी उनकी तस्वीर लेते हुए शोर करने लगे, इसके बाद सलमान ने इशारे में हल्ला न करने के लिए कहा था। भांजी डिस्टर्ब हुई तो नाराज हुए सलमान कुछ महीनों पहले सलमान खान वर्ल्ड पैडल लीग के एक इवेंट का हिस्सा बने, जिसमें उनकी भांजी आयत भी पहुंची थी। इवेंट के बाद सलमान भांजी को गोद में लिए निकल रहे थे, तभी फोटोग्राफर्स ने उन्हें घेर लिया। सलमान ने तब गुस्से में पैपराजी से दूर हटने को कहा था। आयत शर्मा सलमान की छोटी बहन अर्पिता खान और अभिनेता आयुष शर्मा की बेटी हैं। मां की फोटो लेने से रोका कुछ साल पहले सलमान खान, मां के साथ भाई सोहेल की बर्थडे पार्टी में पहुंचे थे। जैसे ही उनकी मां कार से उतरने को हुईं, सलमान ने इशारा कर सभी पैपराजी को वहां से हटा दिया। कब-कब सेलेब्स का हुआ पैपराजी से पंगा जरीन खान ने एक कमेंट पर लगा दी फटकार: कुछ समय पहले जरीन खान मुंबई में एक क्लोदिंग ब्रांड के प्रमोशन इवेंट में पहुंची थीं। वे हरे रंग की ड्रेस पहने हुए मीडिया के कैमरों के सामने डेनिम जैकेट और जींस को डिस्प्ले कर रही थीं। इसी दौरान वहां मौजूद पैपराजी ने उनसे कहा की ड्रेस ट्राई करके दिखाओ। एक्ट्रेस को ये बात बिल्कुल पसंद नहीं आई। जरीन खान ने कहा, “फालतूगिरी की बातें
India-US War Exercise Live Firing Drill

Hindi News Career India US War Exercise Live Firing Drill | Railway Project Approved 20 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. भारत-अमेरिका युद्ध अभ्यास में M777 भारत-अमेरिका युद्ध अभ्यास में M777 तोपों से लाइव-फायरिंग की 20 सितंबर को भारत-अमेरिका सेनाओं के ‘युद्ध अभ्यास 2026’ में M777 तोपों से लाइव-फायरिंग ड्रिल की। M777 155 मिमी/39-कैलिबर की एक हल्की तोप है, जिसे पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में आसानी से तैनात किया जा सकता है। ये युद्ध अभ्यास राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में 16 सितंबर से शुरू हुआ है। ये अभ्यास राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में एक साथ शुरू हुआ। इस सैन्य अभ्यास में अमेरिकी सेना की ओर से ‘आर्कटिक एंजेल्स’ एलीट यूनिट ने हिस्सा लिया। इस युद्ध अभ्यास का उद्देश्य माउंटेन वॉरफेयर यानी पहाड़ी युद्ध कला रेगिस्तानी युद्ध कौशल दोनों को ही बढ़ाना है। ये इस ‘युद्ध अभ्यास’ का 22वां संस्करण है। पहली बार दो अलग-अलग थिएटर राजस्थान के रेगिस्तान और उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में युद्ध अभ्यास किया जा रहा है। इस ‘युद्ध अभ्यास’ की शुरुआत 2004 में हुई थी। 2026 का अभ्यास अपनी तरह का विशेष संस्करण है। इसका उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी और संयुक्त सैन्य क्षमता को मजबूत करना है। अभ्यास में ड्रोन और काउंटर-ड्रोन ऑपरेशन, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर तथा निगरानी क्षमताओं का भी अभ्यास शामिल है। इस अभ्यास में ज्यादा ऊंचाई वाले क्षेत्र में अक्लिमेटाइजेशन, लॉजिस्टिक्स और इन्फैंट्री ऑपरेशन का अभ्यास किया जा रहा है। 2. भारत साउथ अफ्रीका के बीच आर्मी- टू- आर्मी वार्ता हुई 19 सितंबर को भारत और साउथ अफ्रीका के बीच पहली आर्मी- टू- आर्मी स्टाफ टॉक (AAST) यानी सैन्य वार्ता आयोजित होने की जानकारी मिली। इस वार्ता में दोनों देशों ने ट्रेनिंग के आदान-प्रदान और जॉइंट कैपिसिटी बिल्डिंग पर डिफेंस सिक्योरिटी को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। इसके साथ ही साउथ अफ्रीका के प्रतिनिधि मण्डल ने इंडियन आर्मी की (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का भी दौरा किया। साथ ही 505 आर्मी बेस वर्कशॉप का भी दौरा किया और स्वदेशी टेक्नोलॉजी और सैन्य आधुनिकीकरण की जानकारी ली। आपको बता दें कि यह पहली स्टाफ वार्ता दोनों देशों के बीच भविष्य के दीर्घकालिक रक्षा सहयोग की मजबूत नींव रखती है। ये वार्ता भारत-साउथ अफ्रीका के मिलिट्री टू मिलिट्री रिलेशन्स को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रही। दोनों देशों के बीच औपचारिक रक्षा सहयोग 1996 में शुरू हुआ था। 2000 में डिफेंस को-ऑपरेशन पर MoU को आगे बढ़ाया था। ये भारत-साउथ अफ्रीका के बीच ये पहली आर्मी- टू- आर्मी (AAST) स्टाफ वार्ता है। स्पोर्ट्स (SPORTS) 3. एशियन गेम्स के पहले दिन भारत ने 2 सिल्वर मेडल जीते 20 सितंबर भारत ने एशियन गेम्स के पहले दिन 2 सिल्वर मेडल जीते। वलारिवन, सोनम मस्कर और विदर्शा विनोद की जोड़ी ने ये मेडल जीते। इसके साथ ही वलारिवन ने 10 मीयर एयर राइफल इवेंट में शूटिंग में 252.4 अंक के साथ अपना पहला इंडिविजुअल सिल्वर मेडल जीता। सोनम 634.1 अंकों के साथ भारत की टॉप स्कोरर रहीं। उनके बाद इलावेनिल ने 633.5 अंक हासिल किए और विदर्शा ने 630.4 अंक हासिल किए। इलावेनिल और सोनम ने इंडिविजुअल फाइनल के लिए भी क्वालिफाई किया है। उनके स्कोर ने उन्हें फाइनलिस्ट की लिस्ट में जगह दिलाई। भारत 1898 अंकों के साथ दूसरे नंबर पर रहा। इस इवेंट में चीन ने गोल्ड और जापान ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। वलारिवन, सोनम मस्कर और विदर्शा विनोद की तिकड़ी ने ये मेडल जीते हैं। 4. 46वें FIDE चेस ओलंपियाड में भारत ने क्वालिफाई किया 20 सितंबर को उज्बेकिस्तान के समरकंद में चल रहे 46वें FIDE चेस ओलंपियाड में भारतीय पुरुष टीम ने स्पेन को 3-1 से हराकर लगातार चौथी जीत दर्ज की। डी. गुकेश ने स्पेन के फॉर्मर वर्ल्ड चैंपियनशिप चैलेंजर अलेक्सी शिरोव को हराया। इसके साथ ही अर्जुन एरिगैसी ने भी जीत दर्ज की और आर. प्रज्ञानानंदा और निहाल सरीन के मुकाबले ड्रॉ रहे। इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में अपना परफेक्ट 4/4 मैच रिकॉर्ड बरकरार रखा। अब अगले राउंड में भारतीय पुरुष टीम का मुकाबला नीदरलैंड्स से होगा। चेस ओलंपियाड का आयोजन इंटरनेशनल चेस फेडरेशन (FIDE) करता है। इसका हेडक्वाटर्र लुसाने, स्विट्जरलैंड में है। भारत के प्रमुख खिलाड़ियों में डी. गुकेश, अर्जुन एरीगैसी और आर. प्रागनानंदा हैं। प्रोजेक्ट (PROJECT) 5. 200 करोड़ के रेल इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली 19 सितंबर को इंडियन रेलवे ने सेंट्रल रेलवे के सोलापुर डिवीजन के सात स्टेशनों पर 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत से इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग लगाने को मंजूरी दी है। भारतीय रेल ने मध्य रेलवे के सोलापुर डिवीजन के 7 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की व्यवस्था को मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट पर 200 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जाएंगे। इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से ट्रेनों के ऑपरेशन और सिग्नलिंग व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी। इस प्रोजेक्ट में हाई डेंसिटी नेटवर्क 7 रूट पर मोहोल, मुंधेवाड़ी, बाले, सोलापुर, होटगी जंक्शन-होटगी ए केबिन, शाहबाद और वाडी जंक्शन पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग लगाना शामिल है। इन जगहों पर कवच, ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग और सेंट्रलाइज्ड ट्रैफिक कंट्रोल के काम पहले ही मंजूर किए जा चुके हैं। रेल मंत्री ने कहा कि ये आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम पूरे डिवीजन में रेलवे सिग्नलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा और स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम ‘कवच’ को लागू करने में मदद करेगा। इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग एक आधुनिक कंप्यूटर-बेस्ड सिग्नलिंग सिस्टम है, जो पारंपरिक रिले-बेस्ड इंटरलॉकिंग की जगह लेता है। ये पॉइंट्स और सिग्नल्स पर ज्यादा भरोसेमंद कंट्रोल देता है, खराबी का पता लगाने और उसे ठीक करने में तेजी लाता है, मेंटेनेंस को आसान बनाता है और ट्रेनों के बेहतर संचालन में मदद करता है। आज का इतिहास 1857 में अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर ने अंग्रेजों के सामने आत्मसमर्पण किया। जिन्हें बाद में रंगून भेज दिया गया। 1949 में विलय संधि के बाद मणिपुर भारत का अंग बना। 2020 में दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत माउंट एवरेस्ट के शिखर पर ऑक्सीजन सिलेंडर के बिना 10 बार चढ़ने वाले नेपाल के मशहूर पर्वतारोही अंग रीता शेरपा का निधन। ———————– ये खबर भी पढ़ें.. 19 सितंबर के करेंट अफेयर्स:जिम्बाब्वे के तवेंगवा ICC के नए वाइस चैयरमेन, HAL ने
Kareena Kapoor Birthday | Iconic Bollywood Roles From Poo To Ajuni Kohli

13 मिनट पहले कॉपी लिंक करीना बॉलीवुड की पहली ऐसी अभिनेत्री थीं, जिनकी लगातार 4 फिल्मों (‘थ्री इडियट्स’, ‘गोलमाल 3’, ‘बॉडीगार्ड’ और ‘रा.वन’) ने 100 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई की थी। 21 सितंबर 1980 को जन्मी करीना कपूर आज 46 साल की हो गई हैं। करीब ढाई दशक से ज्यादा लंबे करियर में करीना ने हिंदी सिनेमा में कई तरह के किरदार निभाए हैं। शुरुआत में जहां उनकी पहचान ग्लैमरस और कमर्शियल फिल्मों की हीरोइन के तौर पर बनी, वहीं समय के साथ उन्होंने ऐसे किरदार चुने जिनमें ग्लैमर से ज्यादा कहानी और किरदार की गहराई नजर आई। करीना ने साल 2000 में फिल्म ‘रिफ्यूजी’ से एक्टिंग डेब्यू किया था। इसके बाद ‘मुझे कुछ कहना है’, ‘अजनबी’ और ‘कभी खुशी कभी गम’ जैसी फिल्मों ने उन्हें मेनस्ट्रीम सिनेमा की चर्चित एक्ट्रेस बना दिया। खासकर ‘कभी खुशी कभी गम’ की पू यानी पूजा शर्मा का किरदार उनकी ग्लैमरस इमेज का बड़ा हिस्सा बना। करीना ने साल 2000 में जे.पी. दत्ता की फिल्म ‘रिफ्यूजी’ से अभिषेक बच्चन के अपोजिट डेब्यू किया, जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट फीमेल डेब्यू का अवॉर्ड मिला। इसके बाद कुछ सालों तक करीना के करियर में रोमांटिक, ग्लैमरस और कमर्शियल फिल्मों का दबदबा रहा। ‘मुझसे दोस्ती करोगे!’, ‘मैं प्रेम की दीवानी हूं’, ‘खुशी’ और ‘क्योंकि’ जैसी फिल्मों में वह मुख्यधारा की हीरोइन के तौर पर नजर आईं। हालांकि इसी दौर में उन्होंने ऐसे किरदार भी किए, जिन्होंने आगे उनके करियर की दिशा बदलने का रास्ता तैयार किया। ‘पू’ (पूजा) के किरदार के “हेलो… कौन है ये, जिसने मुड़कर मुझे नहीं देखा? वो कौन है?” जैसे डायलॉग्स आज भी लोगों की जुबान पर हैं। ‘चमेली’ ने बदली इमेज करीना के करियर में सबसे बड़ा बदलाव 2004 की फिल्म ‘चमेली’ से आया। इसमें उन्होंने एक सेक्स वर्कर का किरदार निभाया था। यह उनके पहले के ग्लैमरस किरदारों से बिल्कुल अलग था। फिल्म चमेली में करीना के अभिनय को सराहा गया और उन्हें फिल्मफेयर स्पेशल परफॉर्मेंस अवॉर्ड भी मिला। इसी साल उन्होंने फिल्म ‘देव’ में एक ऐसी महिला का किरदार निभाया, जिसकी जिंदगी गुजरात दंगों की हिंसा से प्रभावित होती है। इसके बाद विशाल भारद्वाज की ‘ओमकारा’ में उन्होंने डॉली मिश्रा का किरदार निभाया, जो शेक्सपियर के ‘ओथेलो’ की डेसडेमोना से प्रेरित था। ‘देव’ और ‘ओमकारा’ दोनों फिल्मों के लिए उन्हें फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड फॉर बेस्ट एक्ट्रेस मिला था। यानी करीना का करियर शिफ्ट सिर्फ एक फिल्म तक सीमित नहीं रहा। ‘चमेली’ के बाद उन्होंने यह दिखाना शुरू कर दिया कि वह सिर्फ ग्लैमरस हीरोइन की भूमिका तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। ‘जब वी मेट’ में ग्लैमर से ज्यादा किरदार की ताकत 2007 में आई ‘जब वी मेट’ को करीना के करियर की सबसे यादगार फिल्मों में गिना जाता है। फिल्म में उन्होंने गीत का किरदार निभाया था। गीत चुलबुली और बातूनी जरूर थी, लेकिन उसका पूरा किरदार सिर्फ ग्लैमर के आसपास नहीं घूमता था। कहानी का बड़ा हिस्सा उसके व्यक्तित्व, फैसलों और जिंदगी में आए बदलावों पर आधारित था। गीत के रोल के लिए करीना को फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड मिला था। 2012 में दिखे करियर के कई रंग 2012 करीना के करियर का ऐसा साल था, जिसमें उन्होंने एक ही साल में बिल्कुल अलग तरह के किरदार किए। ‘एक मैं और एक तू’ में वह हल्के-फुल्के अंदाज में नजर आईं, तो ‘हीरोइन’ में उन्होंने एक परेशान और अस्थिर फिल्म एक्ट्रेस का किरदार निभाया। ‘हीरोइन’ में उनका किरदार माही अरोड़ा फिल्म इंडस्ट्री की चमक-दमक के पीछे छिपी असुरक्षा और निजी परेशानियों से जूझता है। इसी साल आई ‘तलाश’ में करीना ने रोजी का किरदार निभाया, जो फिल्म की रहस्यमयी कहानी का अहम हिस्सा था। ‘तलाश’ (2012) में करीना ने रोजी का रहस्यमयी किरदार निभाया था, जो फिल्म की मर्डर-मिस्ट्री की कहानी में अहम कड़ी है। यहां से करीना की फिल्मोग्राफी में एक दिलचस्प बदलाव दिखने लगा। वह बड़ी कमर्शियल फिल्मों का हिस्सा बनी रहीं, लेकिन साथ ही ऐसे किरदार भी चुनती रहीं जिनमें उनके लिए एक्टिंग की ज्यादा गुंजाइश थी। शादी और मां बनने के बाद भी बदली नहीं एक्टिंग की रेंज 2012 में करीना ने सैफ अली खान से शादी की। इसके बाद भी उन्होंने फिल्मों से दूरी पूरी तरह नहीं बनाई। ‘सिंघम रिटर्न्स’ और ‘बजरंगी भाईजान’ जैसी फिल्मों में वह कम स्क्रीन टाइम के बावजूद नजर आईं। ‘बजरंगी भाईजान’ में उन्होंने रसिका का किरदार निभाया था। 2016 में ‘की एंड का’ और ‘उड़ता पंजाब’ ने फिर उनकी अलग-अलग रेंज दिखाई। ‘की एंड का’ में वह एक ऐसी महिला के किरदार में थीं जो करियर को लेकर महत्वाकांक्षी है, जबकि ‘उड़ता पंजाब’ में उन्होंने डॉ. प्रीत साहनी का रोल किया। यह फिल्म पंजाब में ड्रग्स की समस्या के इर्द-गिर्द बनी थी। दूसरी पारी में ग्लैमर से ज्यादा कहानी अगर करीना के हाल के काम को देखें तो उनकी फिल्मों में इंटेंस और गंभीर कहानियों की संख्या बढ़ी है। ‘वीरे दी वेडिंग’ और ‘गुड न्यूज’ जैसी कमर्शियल फिल्मों के बीच उन्होंने ‘अंग्रेजी मीडियम’ में भी काम किया। 2022 में ‘लाल सिंह चड्ढा’ आई, जिसमें उन्होंने रूपा का किरदार निभाया। इसके बाद 2023 में नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘जाने जान’ में वह माया डिसूजा के किरदार में नजर आईं। ‘जाने जान’ करीना की स्ट्रीमिंग डेब्यू फिल्म थी। फिल्म में उनका किरदार एक ऐसी महिला का था जो अपने अतीत से बचकर नई जिंदगी जीने की कोशिश कर रही है। यहां करीना को उनके पुराने ग्लैमरस अवतार से बिल्कुल अलग अंदाज में देखा गया। इसके बाद 2024 में ‘द बकिंघम मर्डर्स’ आई। इसमें करीना ने ब्रिटिश-इंडियन डिटेक्टिव जस्मीत ‘जैस’ भामरा का किरदार निभाया, जो एक बच्चे की हत्या की जांच करती है। फिल्म से करीना पहली बार इस तरह के सीरियस इन्वेस्टिगेटिव रोल में नजर आईं। फिल्म ‘द बकिंघम मर्डर्स’ के साथ उन्होंने बतौर प्रोड्यूसर भी डेब्यू किया। ‘दायरा’ में पुलिस ऑफिसर बनीं करीना करीना की इस इंटेंस फिल्मों वाली पारी में 2026 की ‘दायरा’ भी शामिल हो गई है। मेघना गुलजार के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में करीना ने डीसीपी अजूनी कोहली का किरदार निभाया है। फिल्म में पृथ्वीराज सुकुमारन भी डीसीपी रमन कुमार के रोल में हैं। 18 सितंबर 2026 को रिलीज हुई ‘दायरा’ की कहानी एक गंभीर अपराध और उसके बाद होने वाली पुलिस जांच के
Kareena Kapoor Birthday | Iconic Bollywood Roles From Poo To Ajuni Kohli

36 मिनट पहले कॉपी लिंक करीना बॉलीवुड की पहली ऐसी अभिनेत्री थीं, जिनकी लगातार 4 फिल्मों (‘थ्री इडियट्स’, ‘गोलमाल 3’, ‘बॉडीगार्ड’ और ‘रा.वन’) ने 100 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई की थी। 21 सितंबर 1980 को जन्मी करीना कपूर आज 46 साल की हो गई हैं। करीब ढाई दशक से ज्यादा लंबे करियर में करीना ने हिंदी सिनेमा में कई तरह के किरदार निभाए हैं। शुरुआत में जहां उनकी पहचान ग्लैमरस और कमर्शियल फिल्मों की हीरोइन के तौर पर बनी, वहीं समय के साथ उन्होंने ऐसे किरदार चुने जिनमें ग्लैमर से ज्यादा कहानी और किरदार की गहराई नजर आई। करीना ने साल 2000 में फिल्म ‘रिफ्यूजी’ से एक्टिंग डेब्यू किया था। इसके बाद ‘मुझे कुछ कहना है’, ‘अजनबी’ और ‘कभी खुशी कभी गम’ जैसी फिल्मों ने उन्हें मेनस्ट्रीम सिनेमा की चर्चित एक्ट्रेस बना दिया। खासकर ‘कभी खुशी कभी गम’ की पू यानी पूजा शर्मा का किरदार उनकी ग्लैमरस इमेज का बड़ा हिस्सा बना। करीना ने साल 2000 में जे.पी. दत्ता की फिल्म ‘रिफ्यूजी’ से अभिषेक बच्चन के अपोजिट डेब्यू किया, जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट फीमेल डेब्यू का अवॉर्ड मिला। इसके बाद कुछ सालों तक करीना के करियर में रोमांटिक, ग्लैमरस और कमर्शियल फिल्मों का दबदबा रहा। ‘मुझसे दोस्ती करोगे!’, ‘मैं प्रेम की दीवानी हूं’, ‘खुशी’ और ‘क्योंकि’ जैसी फिल्मों में वह मुख्यधारा की हीरोइन के तौर पर नजर आईं। हालांकि इसी दौर में उन्होंने ऐसे किरदार भी किए, जिन्होंने आगे उनके करियर की दिशा बदलने का रास्ता तैयार किया। ‘पू’ (पूजा) के किरदार के “हेलो… कौन है ये, जिसने मुड़कर मुझे नहीं देखा? वो कौन है?” जैसे डायलॉग्स आज भी लोगों की जुबान पर हैं। ‘चमेली’ ने बदली इमेज करीना के करियर में सबसे बड़ा बदलाव 2004 की फिल्म ‘चमेली’ से आया। इसमें उन्होंने एक सेक्स वर्कर का किरदार निभाया था। यह उनके पहले के ग्लैमरस किरदारों से बिल्कुल अलग था। फिल्म चमेली में करीना के अभिनय को सराहा गया और उन्हें फिल्मफेयर स्पेशल परफॉर्मेंस अवॉर्ड भी मिला। इसी साल उन्होंने फिल्म ‘देव’ में एक ऐसी महिला का किरदार निभाया, जिसकी जिंदगी गुजरात दंगों की हिंसा से प्रभावित होती है। इसके बाद विशाल भारद्वाज की ‘ओमकारा’ में उन्होंने डॉली मिश्रा का किरदार निभाया, जो शेक्सपियर के ‘ओथेलो’ की डेसडेमोना से प्रेरित था। ‘देव’ और ‘ओमकारा’ दोनों फिल्मों के लिए उन्हें फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड फॉर बेस्ट एक्ट्रेस मिला था। यानी करीना का करियर शिफ्ट सिर्फ एक फिल्म तक सीमित नहीं रहा। ‘चमेली’ के बाद उन्होंने यह दिखाना शुरू कर दिया कि वह सिर्फ ग्लैमरस हीरोइन की भूमिका तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। ‘जब वी मेट’ में ग्लैमर से ज्यादा किरदार की ताकत 2007 में आई ‘जब वी मेट’ को करीना के करियर की सबसे यादगार फिल्मों में गिना जाता है। फिल्म में उन्होंने गीत का किरदार निभाया था। गीत चुलबुली और बातूनी जरूर थी, लेकिन उसका पूरा किरदार सिर्फ ग्लैमर के आसपास नहीं घूमता था। कहानी का बड़ा हिस्सा उसके व्यक्तित्व, फैसलों और जिंदगी में आए बदलावों पर आधारित था। गीत के रोल के लिए करीना को फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड मिला था। 2012 में दिखे करियर के कई रंग 2012 करीना के करियर का ऐसा साल था, जिसमें उन्होंने एक ही साल में बिल्कुल अलग तरह के किरदार किए। ‘एक मैं और एक तू’ में वह हल्के-फुल्के अंदाज में नजर आईं, तो ‘हीरोइन’ में उन्होंने एक परेशान और अस्थिर फिल्म एक्ट्रेस का किरदार निभाया। ‘हीरोइन’ में उनका किरदार माही अरोड़ा फिल्म इंडस्ट्री की चमक-दमक के पीछे छिपी असुरक्षा और निजी परेशानियों से जूझता है। इसी साल आई ‘तलाश’ में करीना ने रोजी का किरदार निभाया, जो फिल्म की रहस्यमयी कहानी का अहम हिस्सा था। ‘तलाश’ (2012) में करीना ने रोजी का रहस्यमयी किरदार निभाया था, जो फिल्म की मर्डर-मिस्ट्री की कहानी में अहम कड़ी है। यहां से करीना की फिल्मोग्राफी में एक दिलचस्प बदलाव दिखने लगा। वह बड़ी कमर्शियल फिल्मों का हिस्सा बनी रहीं, लेकिन साथ ही ऐसे किरदार भी चुनती रहीं जिनमें उनके लिए एक्टिंग की ज्यादा गुंजाइश थी। शादी और मां बनने के बाद भी बदली नहीं एक्टिंग की रेंज 2012 में करीना ने सैफ अली खान से शादी की। इसके बाद भी उन्होंने फिल्मों से दूरी पूरी तरह नहीं बनाई। ‘सिंघम रिटर्न्स’ और ‘बजरंगी भाईजान’ जैसी फिल्मों में वह कम स्क्रीन टाइम के बावजूद नजर आईं। ‘बजरंगी भाईजान’ में उन्होंने रसिका का किरदार निभाया था। 2016 में ‘की एंड का’ और ‘उड़ता पंजाब’ ने फिर उनकी अलग-अलग रेंज दिखाई। ‘की एंड का’ में वह एक ऐसी महिला के किरदार में थीं जो करियर को लेकर महत्वाकांक्षी है, जबकि ‘उड़ता पंजाब’ में उन्होंने डॉ. प्रीत साहनी का रोल किया। यह फिल्म पंजाब में ड्रग्स की समस्या के इर्द-गिर्द बनी थी। दूसरी पारी में ग्लैमर से ज्यादा कहानी अगर करीना के हाल के काम को देखें तो उनकी फिल्मों में इंटेंस और गंभीर कहानियों की संख्या बढ़ी है। ‘वीरे दी वेडिंग’ और ‘गुड न्यूज’ जैसी कमर्शियल फिल्मों के बीच उन्होंने ‘अंग्रेजी मीडियम’ में भी काम किया। 2022 में ‘लाल सिंह चड्ढा’ आई, जिसमें उन्होंने रूपा का किरदार निभाया। इसके बाद 2023 में नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘जाने जान’ में वह माया डिसूजा के किरदार में नजर आईं। ‘जाने जान’ करीना की स्ट्रीमिंग डेब्यू फिल्म थी। फिल्म में उनका किरदार एक ऐसी महिला का था जो अपने अतीत से बचकर नई जिंदगी जीने की कोशिश कर रही है। यहां करीना को उनके पुराने ग्लैमरस अवतार से बिल्कुल अलग अंदाज में देखा गया। इसके बाद 2024 में ‘द बकिंघम मर्डर्स’ आई। इसमें करीना ने ब्रिटिश-इंडियन डिटेक्टिव जस्मीत ‘जैस’ भामरा का किरदार निभाया, जो एक बच्चे की हत्या की जांच करती है। फिल्म से करीना पहली बार इस तरह के सीरियस इन्वेस्टिगेटिव रोल में नजर आईं। फिल्म ‘द बकिंघम मर्डर्स’ के साथ उन्होंने बतौर प्रोड्यूसर भी डेब्यू किया। ‘दायरा’ में पुलिस ऑफिसर बनीं करीना करीना की इस इंटेंस फिल्मों वाली पारी में 2026 की ‘दायरा’ भी शामिल हो गई है। मेघना गुलजार के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में करीना ने डीसीपी अजूनी कोहली का किरदार निभाया है। फिल्म में पृथ्वीराज सुकुमारन भी डीसीपी रमन कुमार के रोल में हैं। 18 सितंबर 2026 को रिलीज हुई ‘दायरा’ की कहानी एक गंभीर अपराध और उसके बाद होने वाली पुलिस जांच के
'2019 में पूर्णिया आया था सुशांत, कुछ बताना चाहता था':कहा था- कुछ होने वाला है; भाई बोला- दिशा की मौत से जुड़ी है सुशांत की हत्या

‘मेरे चचेरे भाई सुशांत सिंह राजपूत का मामला उसके पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की हत्या से जुड़ा है। सुशांत आखिरी बार साल 2019 में पूर्णिया आया था। वो मुझे कुछ बताना चाहता था, लेकिन समय कम होने की वजह से नहीं बता सका। लौटते समय उसने कहा था- भइया जल्दी आपको कुछ बताऊंगा। कुछ बड़ा होने वाला है, मैं जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सब कुछ दुनिया के सामने लाऊंगा। सारे सबूत मेरे पास हैं, मैं किसी से डरता नहीं हूं।’ बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई पन्ना सिंह ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही है। दरअसल, पिछले सोमवार यानी 13 सितंबर को एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में CBI ने FIR दर्ज की। इस मामले में भास्कर रिपोर्टर ने सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई पन्ना सिंह और चाचा मनमोहन सिंह से बातचीत की। पन्ना सिंह, सुपौल जिले के छातापुर से भाजपा विधायक और बिहार के पूर्व मंत्री नीरज सिंह बबलू के छोटे भाई हैं। दिशा की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड में एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने से हुई थी। घटना के छह दिन बाद 14 जून 2020 को सुशांत सिंह भी मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत मिले थे। सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई और चाचा ने क्या-क्या कहा? दिशा की हत्या मामले को कैसे सुशांत की मौत से जुड़ा बताया? आदित्य ठाकरे को लेकर दोनों ने क्या दावे किए? पढ़िए एक्सक्लूसिव रिपोर्ट। सबसे पहले देखिए, पूर्णिया आने के दौरान सुशांत की तस्वीरें अब पढ़िए सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई और चाचा ने क्या कहा… पूर्णिया के मलडीहा के रहने वाले पन्ना सिंह ने कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने दिशा सालियान मामले में एफआईआर दर्ज की है। इसके बाद हम लोगों को उम्मीद है कि जल्द सुशांत को भी जस्टिस मिलेगा, क्योंकि दिशा का मामला मेरे भाई से जुड़ा है। सुशांत सिंह राजपूत साल 2019 में पूर्णिया आया था। उस दौरान सुशांत ने मुझे कुछ बताना चाहता था। लेकिन, समय कम होने की वजह से वह बात नहीं कर सका। बस इतना ही बताया था कि भइया जल्द ही आपसे इस बारे में बात करूंगा। पन्ना सिंह ने कहा कि सुशांत बहुत ज्यादा मैच्योर नहीं था। इसी का फायदा उसके दुश्मनों ने उठा लिया। दिशा मामले की सीबीआई जांच चल रही है। बस हम लोग यही चाहते हैं कि कोई निर्दोष इस केस में न फंसे, लेकिन जो दोषी है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पन्ना ने कहा कि हम लोग शुरू से ये कहते आए हैं कि इस केस में आदित्य ठाकरे की भूमिका है। चूंकि जिस वक्त की घटना है, आदित्य के पिता उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे। आदित्य एकलौता बेटा था, इसलिए जो उसके मन में आता था, करता था। पन्ना का दावा- आदित्य ठाकरे की दिशा, सुशांत केस में डायरेक्ट इन्वॉलमेंट पन्ना सिंह ने कहा कि आदित्य ठाकरे के बारे में सीबीआई बिना किसी दबाव के अपने स्तर से जांच करे, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। सुशांत ने चांद पर जमीन खरीदी थी, ऐसा कैसे और क्यों होगा कि वो आत्महत्या करेगा। जब कोई डिप्रेशन में होता है, तब सुसाइड करता है या अपने लाइफ में किसी तरह की विफलता को फेस कर रहा हो तो ऐसे कदम उठाता है, लेकिन मेरे भाई के साथ ऐसा कुछ नहीं था। सुशांत पर परिवार या फिर पैसे की कोई लाइबिलिटी भी नहीं थी। पैसे या फिर गाड़ियों की उसके पास कोई कमी नहीं थी। चाचा मनमोहन बोले- साजिश के तहत सुशांत की हत्या की गई सुशांत सिंह राजपूत के चाचा मनमोहन सिंह ने बताया कि बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले का हम लोग स्वागत करते हैं। जिस वक्त सुशांत की मौत की खबर आई थी, तब कोई विश्वास नहीं कर रहा था कि वह सुसाइड कर सकता है। सुशांत की साजिश के तहत हत्या की गई थी। इसमें काफी बड़े-बड़े लोग शामिल थे, कुछ लोग तो ऐसे हैं, जिनका अभी तक नाम भी सामने नहीं आया है। मनमोहन सिंह ने कहा कि सीबीआई ने दिशा की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज की है। अब हम लोगों को भरोसा है कि सुशांत और दिशा मामले में कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा। पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक पहलुओं पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सुशांत के शरीर और गले पर मौजूद निशान आत्महत्या के नहीं, बल्कि शारीरिक हिंसा के संकेत दे रहे थे। यहां तक कि शुरुआती रिपोर्ट देखने वाले डॉक्टरों के बयानों से भी यह स्पष्ट होता था कि मामला संदिग्ध था। विधायक नीरज सिंह बबलू ने केस दबाने का आरोप लगाया था 6 दिन पहले बीजेपी विधायक नीरज बबलू ने सहरसा के नया बाजार स्थित अपने घर पर दावा किया था कि दिशा के हत्यारे पकड़े जाते हैं, तो सुशांत की हत्या का राज भी खुल जाएगा। महाराष्ट्र की तत्कालीन उद्धव ठाकरे सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब सुशांत की हत्या हुई थी, तब हम लोग मुंबई गए थे। हमें उसी वक्त पता चल गया था कि सुशांत और दिशा सालियान की हत्या के मामले एक-दूसरे से जुड़े हैं। अगर उसी समय दिशा सालियान मामले का खुलासा हो जाता, तो सुशांत के हत्यारों का भी पता चल जाता। उद्धव सरकार पर मामले को दबाने का आरोप नीरज बबलू ने आरोप लगाया कि उस वक्त महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार थी, जो उनके खिलाफ थी। उन्होंने जानबूझकर दोनों हत्याओं के मामलों को दबाने का काम किया। जब बिहार में सीबीआई जांच की मांग उठी, तब तक वहां सभी सबूत मिटा दिए गए थे और तथ्य छिपा लिए गए थे। पूर्व मंत्री ने बताया कि उस समय दिशा सालियान के पिता सदमे में थे। लेकिन महाराष्ट्र में सरकार बदलने और बीजेपी के सत्ता में आने के बाद उन्हें सुरक्षा और न्याय की उम्मीद जगी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने जांच बढ़ाते हुए एफआईआर दर्ज की है।







