Nagaland Film Angh Oscar Entry | Marathi Film Gondhal Race

3 मिनट पहले कॉपी लिंक नागालैंड बेस्ड फिल्म ‘अंग’ (Angh) ने टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) 2026 में प्लेटफॉर्म प्राइज अपने नाम कर लिया है। इस जीत के साथ ही नागा फिल्ममेकर थेजा रियो की इस फिल्म को 2027 के ऑस्कर अवॉर्ड्स की ‘इंटरनेशनल फीचर फिल्म’ कैटेगरी में सीधी एंट्री मिल गई है। यह इस साल टीआईएफएफ की प्लेटफॉर्म प्रतियोगिता में चुनी गई एकमात्र भारतीय फिल्म थी। ऑस्कर के लिए भारत की ऑफिशियल एंट्री मराठी फिल्म ‘गोंधल’ है। टीआईएफएफ की इस जीत के बाद ‘अंग’ भी सीधे ऑस्कर की रेस में शामिल होने हो गई है। ऑस्कर में एंट्री, 20 हजार कनाडाई डॉलर का इनाम 15 सितंबर को प्रीमियर हुई फिल्म ‘अंग’ को टीआईएफएफ की प्लेटफॉर्म जूरी ने उसकी अलग सोच, बेहतरीन मेकिंग और कहानी के लिए सराहा। इस अवॉर्ड के तहत मेकर्स को 20,000 कनाडाई डॉलर का नकद पुरस्कार मिला है। इसके अलावा, इस साल से लागू हुए नए नियमों के तहत यह प्राइज हासिल करने वाली फिल्म को ऑस्कर के लिए डायरेक्ट एलिजिबिलिटी (पात्रता) मिल जाती है। इसके लिए फिल्म का किसी देश की ओर से आधिकारिक रूप से भेजा जाना जरूरी नहीं होता। अंघ फिल्म की कहानी 1960 के दशक के नागालैंड पर आधारित है। नागालैंड की कहानी, पुरानी परंपराओं और बदलाव का संघर्ष इसकी कहानी 1960 के दशक के नागालैंड पर आधारित है। इसमें कोन्याक जनजाति के आखिरी जीवित बुजुर्ग मुखिया और उनके बेटे की जिंदगी को दिखाया गया है। फिल्म में पारंपरिक जीवनशैली, पुरानी मान्यताओं और ईसाई धर्म के आगमन के बाद समाज में आ रहे बड़े बदलावों के बीच के तनाव को पर्दे पर उकेरा गया है। बदलते दौर में कैसे इस समुदाय को हाशिए पर धकेला गया और उन्हें आदिम माना जाने लगा, फिल्म इसी संघर्ष को बयां करती है। फिल्म में ज्यादातर कलाकार नागालैंड के स्थानीय और आदिवासी समुदाय से हैं। नागा कलाकारों के साथ बाफ्टा विजेता एक्टर ने किया काम इस फिल्म में ज्यादातर कलाकार नागालैंड के स्थानीय और आदिवासी समुदाय से हैं। उनके साथ बाफ्टा अवॉर्ड विजेता ब्रिटिश एक्टर डगलस हेनशॉल भी अहम भूमिका में हैं। ‘अंग’ का निर्देशन थेजा रियो ने किया है और यह उनकी 2021 में आई इसी नाम की शॉर्ट फिल्म का ही बड़ा रूप है। फिल्म का प्रोडक्शन थेजा रियो और नैन्सी निसा बेसो ने ‘विंटर हिम्स फिल्म्स’ के बैनर तले किया है, जबकि इसके ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन का काम ‘जंगल बुक स्टूडियो’ देख रहा है। ‘गोंधल’ ऑस्कर में भारत की ऑफिशियल एंट्री मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को 99वें एकेडमी अवॉर्ड्स (ऑस्कर 2027) के लिए भारत की ऑफिशियल एंट्री चुना गया है। मराठी लोक परम्परा पर बनी इस थ्रिलर फिल्म को ऑस्कर समारोह में ‘बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म’ कैटेगरी में भेजा जाएगा। इस बार ऑस्कर की रेस में भारत की तरफ से धुरंधर, बॉर्डर-2, हनुमान अंश समेत 33 फिल्में शामिल हुई थीं। साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म है गोंधल 2 घंटे के रनटाइम वाली यह मराठी फिल्म ग्रामीण महाराष्ट्र की लोक परंपरा और धार्मिक अनुष्ठान ‘गोंधल’ पर आधारित एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर है। इस फिल्म का लेखन और निर्देशन संतोष डावखर ने किया है। फिल्म की कहानी नवविवाहित जोड़े आनंद और सुमन के घर पर आयोजित रात भर चलने वाले गोंधल अनुष्ठान के इर्द-गिर्द घूमती है। पूजा-पाठ और उत्सव के दौरान गांव के लोगों के बीच दबे हुए पुराने विवाद, व्यक्तिगत रंजिशें और राजनीतिक तनाव बाहर आने लगते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Nagaland Film Angh Oscar Entry | Marathi Film Gondhal Race

3 मिनट पहले कॉपी लिंक नगालैंड की फिल्म ‘अंग’ को 2027 के ऑस्कर अवॉर्ड्स की ‘इंटरनेशनल फीचर फिल्म’ कैटेगरी में डायरेक्ट एंट्री मिल गई है। यह इस साल भारत की ओर से ऑस्कर जाने वाली दूसरे फिल्म होगी। इसके पहले मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को भारत की ऑफिशियल एंट्री मिली थी। दरअसल, ‘अंग’ ने टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) 2026 में प्लेटफॉर्म प्राइज जीता है। इसी प्राइज ने फिल्म को ऑस्कर में डायरेक्ट एंट्री दिलाई। नगा फिल्ममेकर थेजा रियो की यह फिल्म ईसाई मिशनरी के धर्म परिवर्तन से अपनी संस्कृति बचाने की कोशिश करते एक आदिवासी व्यक्ति की कहानी है। यह इस साल TIFF की प्लेटफॉर्म प्रतियोगिता में चुनी गई एकमात्र भारतीय फिल्म थी। फिल्म में ईसाई मिशनरी से संस्कृति बचाने की कहानी अंग कहानी 1960 के दशक के नगालैंड की है, जहां एक अमेरिकी मिशनरी के आने के बाद गांव की तस्वीर बदलने लगती है। अधिकांश ग्रामीण ईसाई धर्म अपना लेते हैं और अपनी पुरानी परंपराओं को छोड़ देते हैं, जिससे गांव खाली सा हो जाता है। आदिवासी मुखिया (अंग्बा) है जो अपनी संस्कृति और परंपराओं को बचाए रखना चाहता है, जबकि उसका बेटा इस नई जीवनशैली और धर्म की ओर आकर्षित होने लगता है। ऑस्कर में एंट्री के साथ 20 हजार कनाडाई डॉलर का इनाम 15 सितंबर को प्रीमियर हुई फिल्म ‘अंग’ को TIFF की प्लेटफॉर्म जूरी ने उसकी अलग सोच, बेहतरीन मेकिंग और कहानी के लिए सराहा। इस अवॉर्ड के तहत मेकर्स को 20,000 कनाडाई डॉलर का नकद पुरस्कार मिला है। इसके अलावा, इस साल से लागू हुए नए नियमों के तहत यह प्राइज हासिल करने वाली फिल्म को ऑस्कर के लिए डायरेक्ट एलिजिबिलिटी (पात्रता) मिल जाती है। इसके लिए फिल्म का किसी देश की ओर से आधिकारिक रूप से भेजा जाना जरूरी नहीं होता। अंग फिल्म की कहानी 1960 के दशक के नगालैंड पर आधारित है। फिल्म में ज्यादातर कलाकार नागालैंड के स्थानीय और आदिवासी समुदाय से हैं। नगा कलाकारों के साथ बाफ्टा विजेता एक्टर ने किया काम इस फिल्म में ज्यादातर कलाकार नगालैंड के स्थानीय और आदिवासी समुदाय से हैं। उनके साथ बाफ्टा अवॉर्ड विजेता ब्रिटिश एक्टर डगलस हेनशॉल भी अहम भूमिका में हैं। ‘अंग’ का निर्देशन थेजा रियो ने किया है और यह उनकी 2021 में आई इसी नाम की शॉर्ट फिल्म का ही बड़ा रूप है। फिल्म का प्रोडक्शन थेजा रियो और नैन्सी निसा बेसो ने ‘विंटर हिम्स फिल्म्स’ के बैनर तले किया है, जबकि इसके ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन का काम ‘जंगल बुक स्टूडियो’ देख रहा है। ‘गोंधल’ ऑस्कर में भारत की ऑफिशियल एंट्री मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को 99वें एकेडमी अवॉर्ड्स (ऑस्कर 2027) के लिए भारत की ऑफिशियल एंट्री चुना गया है। मराठी लोक परम्परा पर बनी इस थ्रिलर फिल्म को ऑस्कर समारोह में ‘बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म’ कैटेगरी में भेजा जाएगा। इस बार ऑस्कर की रेस में भारत की तरफ से धुरंधर, बॉर्डर-2, हनुमान अंश समेत 33 फिल्में शामिल हुई थीं। साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म है गोंधल 2 घंटे के रनटाइम वाली यह मराठी फिल्म ग्रामीण महाराष्ट्र की लोक परंपरा और धार्मिक अनुष्ठान ‘गोंधल’ पर आधारित एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर है। इस फिल्म का लेखन और निर्देशन संतोष डावखर ने किया है। फिल्म की कहानी नवविवाहित जोड़े आनंद और सुमन के घर पर आयोजित रात भर चलने वाले गोंधल अनुष्ठान के इर्द-गिर्द घूमती है। पूजा-पाठ और उत्सव के दौरान गांव के लोगों के बीच दबे हुए पुराने विवाद, व्यक्तिगत रंजिशें और राजनीतिक तनाव बाहर आने लगते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Siddharth Malhotra Tamannaah Bhatia One Forest Trailer Music Controversy

17 मिनट पहले कॉपी लिंक अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की अपकमिंग फिल्म ‘वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ अपनी रिलीज से ठीक पहले कानूनी विवाद में फंस गई है। गायक और वोकलिस्ट सरगम वैश ने फिल्म के मेकर्स पर बिना अनुमति के ट्रेलर में उनका ओरिजिनल गाना ‘ऐगिरी नंदिनी’ इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। सरगम वैश ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करके फिल्म की टीम से ट्रेलर से अपना म्यूजिक तुरंत हटाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि मांग पूरी न होने पर उनकी लीगल टीम कानूनी रास्ता अपनाएगी। यह फिल्म 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। गायक और वोकलिस्ट सरगम वैश ने बिना अनुमति के गाना ‘ऐगिरी नंदिनी’ इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। बिना सहमति गाना इस्तेमाल करने का आरोप सरगम वैश ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो और पोस्ट शेयर करते हुए मेकर्स से सीधे सवाल किए हैं। उन्होंने लिखा कि जब उन्होंने ‘वन’ का ट्रेलर देखा, तो पता चला कि उनका ओरिजिनल गाना बिना उनकी सहमति या अनुमति के इसमें इस्तेमाल किया गया है। सरगम का कहना है कि उन्होंने फिल्म के ट्रेलर या प्रमोशन के लिए अपने गाने के इस्तेमाल की कोई मंजूरी नहीं दी थी। उन्होंने कहा कि किसी भी कलाकार के काम का सम्मान होना चाहिए और बिना इजाजत किसी का कंटेंट इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। म्यूजिक लेबल के साथ कॉन्ट्रैक्ट प्रभावित होने का दावा गायक ने बताया कि यह मामला उनके लिए बेहद अहम है क्योंकि वे इस गाने के लिए पहले ही एक बड़े म्यूजिक लेबल के साथ डील साइन कर चुके हैं। फिल्म के ट्रेलर में बिना परमिशन गाने का इस्तेमाल होने से उनके मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट पर असर पड़ सकता है। सरगम ने फिल्म की पूरी टीम और मेकर्स से सीधे संपर्क करने और वैध लाइसेंस होने का सबूत देने को कहा है। इसके साथ ही उन्होंने फैंस और सोशल मीडिया यूजर्स से इस पोस्ट को शेयर करने की अपील की ताकि बात सही लोगों तक पहुंच सके। ‘वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ के ट्रेलर में ‘ऐगिरी नंदिनी’ गाने का इस्तेमाल किया गया है। मांग न मानने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी वीडियो में सरगम वैश ने साफ किया कि अगर फिल्म की टीम उनके गाने को ट्रेलर और प्रोमोशनल मटेरियल से नहीं हटाती है, तो वे अगला कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि उनकी लीगल टीम मामले को देख रही है और मांग न माने जाने पर कानूनी कार्रवाई शुरू करेगी। हालांकि, इस पूरे विवाद और आरोपों पर अभी तक ‘वन’ के मेकर्स, निर्देशकों या प्रोडक्शन हाउस की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं। 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी ‘वन’ दीपक कुमार मिश्रा और अरुणभ कुमार के निर्देशन में बनी फिल्म ‘वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ मध्य भारत के जंगलों, भारतीय लोक कथाओं, रहस्य और पौराणिक कथाओं पर आधारित है। फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं, जबकि सुनील ग्रोवर, मनीष पॉल, श्वेता तिवारी और अनूप सोनी भी अहम किरदारों में नजर आएंगे। यह फिल्म 25 सितंबर को देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज के लिए शेड्यूल की गई है। ‘मिर्जापुर’ पर भी लगा था गाना चुराने का ऐसा ही आरोप फिल्मों और सीरीज के ट्रेलर में गानों का बिना इजाजत इस्तेमाल करने का यह कोई पहला मामला नहीं है। हाल ही में ‘मिर्जापुर द मूवी’ के मेकर्स पर भी ऐसा ही आरोप लगा था। सिंगर रापेरिया बालम ने आरोप लगाया था कि मेकर्स ने उनकी सहमति के बिना उनका गाना ‘शूरवीर’ इस्तेमाल किया। इसके बाद उन्होंने फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी को लीगल नोटिस भेजकर गाना हटाने, बिना शर्त माफी मांगने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के बदले एक स्कूल बनवाने की मांग की थी। ये खबर भी पढ़ें सिद्धार्थ-तमन्ना की फिल्म ‘वन’ का ट्रेलर रिलीज:फिल्म में दिखाई गई खौफनाक जंगल की दुनिया; भूतों से मुकाबला करते नजर आए सिद्धार्थ सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की अपकमिंग फैंटेसी फिल्म ‘वन’ (Vvan) का ट्रेलर मेकर्स ने रिलीज कर दिया है। 2 मिनट 44 सेकंड का यह ट्रेलर एक रहस्यमयी और प्रतिबंधित जंगल की कहानी दिखाता है, जहां आस्था और लोककथाओं का मिलन होता है। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
RRB NTPC Recruitment 2026 | Apply Online for 3477 Railway Vacancy

Hindi News Career RRB NTPC Recruitment 2026 | Apply Online For 3477 Railway Vacancy 14 मिनट पहले कॉपी लिंक रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने NTPC में 3477 पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट rrbapply.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : ग्रेजुएशन की डिग्री। एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 33 साल उम्र की गणना 1 जनवरी 2027 को आधार मानकर की जाएगी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। सैलरी 29,200 – 35,400 रुपए प्रतिमाह सिलेक्शन प्रोसेस : सीबीटी – 1 सीबीटी – 2 स्किल टेस्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल टेस्ट फीस : यूआर, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस : 500 रुपए एससी, एसटी, एक्स सर्विसमैन, पीडब्ल्यूडी, महिला, ट्रांसजेंडर,ईबीसी : 250 रुपए एग्जाम में एक तिहाई अंकों की निगेटिव मार्किंग होगी। जरूरी डॉक्यूमेंट्स : आधार कार्ड सिग्नेचर वोटर आईडी पासपोर्ट साइज फोटो रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर निवास प्रमाण पत्र 10वीं का प्रमाण पत्र जाति प्रमाण पत्र ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट www.rrbapply.gov.in पर जाएं। नई रजिस्ट्रेशन के विकल्प पर क्लिक करें। अप्लाई ऑनलाइन पर क्लिक करें। मांगी गई सभी डिटेल्स दर्ज करके फॉर्म भरें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस भरकर फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑफिशियल वेबसाइट लिंक RRB NTPC में 3477 पदों पर भर्ती का शॉर्ट नोटिफिकेशन ये खबर भी पढ़ें यूपी में ऑफिसर के 1251 पदों पर निकली भर्ती:फीस 25 रुपए, सैलरी 90 हजार से ज्यादा उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC), लखनऊ ने पशुधन प्रसार अधिकारी के पदों पर भर्ती निकाली है। यह भर्ती पशुपालन निदेशालय, उत्तर प्रदेश के तहत की जाएगी। इसमें 1,248 पद सामान्य भर्ती और 3 पद विशेष चयन के लिए हैं। पूरी खबर यहां पढ़े दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
'3 इडियट्स' के सीक्वल की शूटिंग अप्रैल से शुरू:'ललकारा' के बाद काम शुरू करेंगे आमिर खान; करीना, माधवन और शरमन की होगी वापसी

साल 2009 की ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘3 इडियट्स’ के सीक्वल की शूटिंग अप्रैल 2027 से शुरू हो सकती है। निर्देशक राजकुमार हिरानी इस समय फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम कर रहे हैं। मिड-डे की रिपोर्ट के मुताबिक, आमिर खान फरवरी में फिल्म की फाइनल स्क्रिप्ट पढ़ेंगे, जिसके बाद प्रोजेक्ट पर आधिकारिक काम आगे बढ़ेगा। इस सीक्वल में आमिर खान के साथ करीना कपूर खान, आर माधवन और शरमन जोशी की मुख्य स्टारकास्ट के दोबारा साथ आने की उम्मीद है। फरवरी में स्क्रिप्ट का फाइनल ड्राफ्ट पढ़ेंगे आमिर खान ‘3 इडियट्स’ का सीक्वल फिलहाल राइटिंग स्टेज में है। राजकुमार हिरानी और उनकी टीम अगले साल की शुरुआत में स्क्रिप्ट का फाइनल ड्राफ्ट तैयार कर लेगी। आमिर खान फरवरी में इस स्क्रीनप्ले को पढ़ेंगे और अपनी सहमति देंगे। आमिर खान की मंजूरी मिलने के तुरंत बाद मेकर्स अप्रैल 2027 में फिल्म को फ्लोर पर ले जाने का प्लान बना रहे हैं। ओरिजिनल स्टारकास्ट को दोबारा साथ लाने की तैयारी सीक्वल में 2009 की मूल फिल्म के मुख्य कलाकारों को फिर से एक साथ पर्दे पर लाने की योजना है। फिल्म में आमिर खान (रैंचो), आर माधवन (फरहान) और शरमन जोशी (राजू) की लोकप्रिय तिकड़ी के साथ करीना कपूर खान (पिया) भी अपनी भूमिकाओं में नजर आ सकती हैं। 2009 में रिलीज हुई ‘3 इडियट्स’ ने बॉक्स ऑफिस पर कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाए थे। अक्टूबर से ‘ललकारा’ की शूटिंग में बिजी होंगे आमिर खान ‘3 इडियट्स’ के सीक्वल से पहले आमिर खान निर्देशक आशुतोष गोवारिकर की स्पोर्ट्स-ड्रामा फिल्म ‘ललकारा’ की शूटिंग पूरी करेंगे। वे इसी साल अक्टूबर से मार्च 2027 तक ‘ललकारा’ के शूटिंग शेड्यूल में बिजी रहेंगे। यह फिल्म 1952 में पाकिस्तान के खिलाफ हुई ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज और भारतीय क्रिकेट टीम के तत्कालीन कप्तान लाला अमरनाथ की कहानी पर आधारित है। महाभारत प्रोजेक्ट भी चर्चा में आमिर खान हाल ही में जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी सतीशाचार्य महाराज से मिले। मुलाकात के दौरान दोनों के बीच काफी देर बातचीत हुई। आमिर ने आध्यात्मिक गुरु के प्रति अपना आभार भी व्यक्त किया। आमिर खान कई बार फिल्म ‘महाभारत’ को अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बता चुके हैं। ऐसे में जगद्गुरु सतीशाचार्य महाराज से उनकी मुलाकात के बाद ‘महाभारत’ को लेकर चर्चा फिर शुरू हो गई है। गौरतलब है कि महाभारत पर आमिर पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से काम करने की इच्छा जता रहे हैं। आमिर खान इस महाकाव्य को किसी एक फिल्म में नहीं, बल्कि हॉलीवुड की मशहूर फिल्म सीरीज ‘लॉर्ड ऑफ द रिंग्स’ की तरह एक भव्य फिल्म सीरीज के रूप में बैक-टू-बैक चैप्टर्स में बनाना चाहते हैं। साल 2024 में बीबीसी से बातचीत के दौरान आमिर खान ने महाभारत का जिक्र करते हुए कहा था, ‘यह मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट है और मेरे लिए किसी चैलेंज से कम नहीं है। मुझे डर है कि इसे बनाते समय मुझसे कोई गलती न हो जाए। यह एक बड़ी जिम्मेदारी है, क्योंकि महाभारत हमारे लिए बहुत करीब है। यह हमारे खून में है, इसलिए मैं इसे बिल्कुल सही तरीके से बनाना चाहता हूं।’ आमिर ने कहा था, ‘मैं हर भारतीय को गर्व महसूस कराना चाहता हूं और साथ ही दुनिया को यह दिखाना चाहता हूं कि भारत के पास क्या है। मुझे नहीं पता, यह कब बन पाएगा।’
'3 इडियट्स' के सीक्वल की शूटिंग अप्रैल से शुरू:'ललकारा' के बाद काम शुरू करेंगे आमिर खान; करीना, माधवन और शरमन की होगी वापसी

साल 2009 की ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘3 इडियट्स’ के सीक्वल की शूटिंग अप्रैल 2027 से शुरू हो सकती है। निर्देशक राजकुमार हिरानी इस समय फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम कर रहे हैं। मिड-डे की रिपोर्ट के मुताबिक, आमिर खान फरवरी में फिल्म की फाइनल स्क्रिप्ट पढ़ेंगे, जिसके बाद प्रोजेक्ट पर आधिकारिक काम आगे बढ़ेगा। इस सीक्वल में आमिर खान के साथ करीना कपूर खान, आर माधवन और शरमन जोशी की मुख्य स्टारकास्ट के दोबारा साथ आने की उम्मीद है। फरवरी में स्क्रिप्ट का फाइनल ड्राफ्ट पढ़ेंगे आमिर खान ‘3 इडियट्स’ का सीक्वल फिलहाल राइटिंग स्टेज में है। राजकुमार हिरानी और उनकी टीम अगले साल की शुरुआत में स्क्रिप्ट का फाइनल ड्राफ्ट तैयार कर लेगी। आमिर खान फरवरी में इस स्क्रीनप्ले को पढ़ेंगे और अपनी सहमति देंगे। आमिर खान की मंजूरी मिलने के तुरंत बाद मेकर्स अप्रैल 2027 में फिल्म को फ्लोर पर ले जाने का प्लान बना रहे हैं। ओरिजिनल स्टारकास्ट को दोबारा साथ लाने की तैयारी सीक्वल में 2009 की मूल फिल्म के मुख्य कलाकारों को फिर से एक साथ पर्दे पर लाने की योजना है। फिल्म में आमिर खान (रैंचो), आर माधवन (फरहान) और शरमन जोशी (राजू) की लोकप्रिय तिकड़ी के साथ करीना कपूर खान (पिया) भी अपनी भूमिकाओं में नजर आ सकती हैं। 2009 में रिलीज हुई ‘3 इडियट्स’ ने बॉक्स ऑफिस पर कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाए थे। अक्टूबर से ‘ललकारा’ की शूटिंग में बिजी होंगे आमिर खान ‘3 इडियट्स’ के सीक्वल से पहले आमिर खान निर्देशक आशुतोष गोवारिकर की स्पोर्ट्स-ड्रामा फिल्म ‘ललकारा’ की शूटिंग पूरी करेंगे। वे इसी साल अक्टूबर से मार्च 2027 तक ‘ललकारा’ के शूटिंग शेड्यूल में बिजी रहेंगे। यह फिल्म 1952 में पाकिस्तान के खिलाफ हुई ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज और भारतीय क्रिकेट टीम के तत्कालीन कप्तान लाला अमरनाथ की कहानी पर आधारित है। महाभारत प्रोजेक्ट भी चर्चा में आमिर खान हाल ही में जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी सतीशाचार्य महाराज से मिले। मुलाकात के दौरान दोनों के बीच काफी देर बातचीत हुई। आमिर ने आध्यात्मिक गुरु के प्रति अपना आभार भी व्यक्त किया। आमिर खान कई बार फिल्म ‘महाभारत’ को अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बता चुके हैं। ऐसे में जगद्गुरु सतीशाचार्य महाराज से उनकी मुलाकात के बाद ‘महाभारत’ को लेकर चर्चा फिर शुरू हो गई है। गौरतलब है कि महाभारत पर आमिर पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से काम करने की इच्छा जता रहे हैं। आमिर खान इस महाकाव्य को किसी एक फिल्म में नहीं, बल्कि हॉलीवुड की मशहूर फिल्म सीरीज ‘लॉर्ड ऑफ द रिंग्स’ की तरह एक भव्य फिल्म सीरीज के रूप में बैक-टू-बैक चैप्टर्स में बनाना चाहते हैं। साल 2024 में बीबीसी से बातचीत के दौरान आमिर खान ने महाभारत का जिक्र करते हुए कहा था, ‘यह मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट है और मेरे लिए किसी चैलेंज से कम नहीं है। मुझे डर है कि इसे बनाते समय मुझसे कोई गलती न हो जाए। यह एक बड़ी जिम्मेदारी है, क्योंकि महाभारत हमारे लिए बहुत करीब है। यह हमारे खून में है, इसलिए मैं इसे बिल्कुल सही तरीके से बनाना चाहता हूं।’ आमिर ने कहा था, ‘मैं हर भारतीय को गर्व महसूस कराना चाहता हूं और साथ ही दुनिया को यह दिखाना चाहता हूं कि भारत के पास क्या है। मुझे नहीं पता, यह कब बन पाएगा।’
National Film Awards 2026 | Ekta Nagar Kevadiya Ceremony & Updates

केवड़िया, गुजरात20 मिनट पहले कॉपी लिंक 22 सितंबर को गुजरात के एकतानगर (केवड़िया) में भारतीय सिनेमा का सबसे प्रतिष्ठित और सर्वोच्च माना जाने वाला नेशनल फिल्म अवॉर्ड का भव्य समारोह आयोजित हो रहा है। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित कई नेता और बॉलीवुड के साथ-साथ साउथ के सेलिब्रिटीज भी मौजूद रहेंगे। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों (नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स) में फिल्म ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, फिल्म ‘श्रीकांत’ को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म और यामी गौतम को लीडिंग रोल में बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं, ‘भ्रमयुगम’ के लिए ममूटी और ‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक आर्यन को लीडिंग रोल में बेस्ट एक्टर का पुरस्कार दिया जाएगा। इस अवॉर्ड के 72 साल के इतिहास में पहली बार यह समारोह दिल्ली के बाहर आयोजित हो रहा है और इस बार गुजरात को इसकी मेजबानी सौंपी गई है। इसे लेकर एकतानगर में जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में मेहमानों के लिए AC जर्मन डोम तैयार किया गया है, जिसमें 1,000 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। इसके अलावा मेहमानों को गुजराती के फेमस व्यंजन परोसे जाएंगे। 1,000 लोगों की बैठक क्षमता वाला विशाल हाईटेक डोम तैयार किया गया। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंची दैनिक भास्कर की टीम एकतानगर में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड समारोह को लेकर दैनिक भास्कर की टीम मौके पर पहुंची। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास ‘बस बे’ (बस टर्मिनल) क्षेत्र में कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस भव्य समारोह को सफल और यादगार बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के 500 से अधिक टेक्नीशियन, कारीगर और मजदूरों की टीम दिन-रात लगातार काम में जुटी हुई है। ‘जर्मन एल्युमिनियम स्ट्रक्चरल डोम’, वाटरप्रूफ और सेंट्रली एयर-कंडीशंड स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास ही 1,000 लोगों की बैठक क्षमता वाला विशाल और हाईटेक डोम तैयार किया जा रहा है। यह आधुनिक ‘जर्मन एल्युमिनियम स्ट्रक्चरल डोम’ पूरी तरह वाटरप्रूफ और सेंट्रली एयर-कंडीशंड होगा। समारोह के शानदार अनुभव के लिए इसे स्टेट-ऑफ-द-आर्ट साउंड और आधुनिक लाइटिंग सिस्टम से पूरी तरह सुसज्जित किया जा रहा है। आकर्षक स्टेज लाइटिंग और VIP लाउंज ‘जर्मन डोम’ के स्ट्रक्चर और अंदर के इंटीरियर का काम अंतिम चरण में है। हाईटेक साउंड सिस्टम, आकर्षक स्टेज लाइटिंग और VIP लाउंज तैयार करने के लिए विशेषज्ञ लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। राष्ट्रपति और देश के दिग्गज फिल्म कलाकारों के आगमन से पहले पूरे परिसर को आकर्षक रोशनी और थीम आधारित डेकोरेशन से सजाने का काम जोर-शोर से चल रहा है। 500 से अधिक टेक्नीशियन, कारीगर और मजदूरों की टीम दिन-रात लगातार काम कर रही है। कैसा होगा नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी का शेड्यूल? राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में करीब 75 मिनट के मुख्य प्रोटोकॉल सेशन के दौरान विभिन्न कैटेगरी के विजेताओं को अवॉर्ड और सम्मान पत्र प्रदान किए जाएंगे। शाम 4 से 5:15 बजे के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की मौजूदगी में दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगान के साथ मुख्य समारोह की शुरुआत होगी। इसके बाद फीचर फिल्म, नॉन-फीचर फिल्म के साथ-साथ सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और अभिनेत्री सहित विभिन्न श्रेणियों में अवॉर्ड दिए जाएंगे। शाम 5:15 से 6 बजे के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू फिल्म इंडस्ट्री की हस्तियों को संबोधित करेंगी। इसके बाद सभी अवॉर्ड विजेताओं के साथ आधिकारिक ग्रुप फोटोग्राफी की जाएगी। मुख्य समारोह खत्म होने के बाद शाम 6:30 बजे के बाद मेहमानों के लिए नर्मदा नदी के किनारे विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसके अलावा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में खास थीम आधारित लेजर और लाइट एंड साउंड शो का भी आयोजन किया गया है। इस साल सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का अवॉर्ड मुख्य भूमिका में कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ और मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के अभिनेता मम्मूटी को ‘भ्रमयुगम’ फिल्म के लिए दिया जाएगा। वहीं सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का अवॉर्ड यामी गौतम को ‘आर्टिकल 370’ फिल्म के लिए प्रदान किया जाएगा। सर्वश्रेष्ठ डेब्यू डायरेक्टर का अवॉर्ड रणदीप हुड्डा को ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के लिए दिया जाएगा। एकतानगर में नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित समारोह के आयोजन से गुजरात के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व गति मिलेगी। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और प्राकृतिक सुंदरता देश-विदेश में और अधिक प्रसिद्ध होगी, जिससे पर्यटकों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा। इसके परिणामस्वरूप स्थानीय होटल, रिसॉर्ट, ट्रांसपोर्ट, हस्तशिल्प और गाइड जैसे रोजगार से जुड़े लोगों को सीधे आर्थिक लाभ मिलेगा। इस मामले में बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टर्स की मौजूदगी से गुजरात एक प्रमुख ‘फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन’ के रूप में उभरेगा। एकतानगर के खूबसूरत लोकेशंस भविष्य में बड़े बजट की फिल्मों की शूटिंग के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे, जिससे स्थानीय कलाकारों और टेक्नीशियनों को राष्ट्रीय स्तर पर काम करने के नए अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही, दिल्ली या मुंबई जैसे मेट्रो शहरों के अलावा भी गुजरात ऐसे बड़े VVIP आयोजनों को सफलतापूर्वक आयोजित कर सकता है, यह साबित होने से राज्य की ब्रांड इमेज और मजबूत होगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
सेंसर बोर्ड की नई गाइडलाइन:सलमान की फिल्म पर पड़ेगा असर; हिंसा, ड्रग्स और महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट पर सख्ती, जानिए क्या बदलाव हुए

भारतीय फिल्मों के सर्टिफिकेशन को लेकर सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने गुरुवार को फिल्म सर्टिफिकेशन के नियमों में बदलाव किया है। नई गाइडलाइन ने 1991 में बनाए गए पुराने नियमों की जगह ली है। हालांकि सेंसरशिप के पुराने प्रावधानों को पूरी तरह बदला नहीं गया है, लेकिन क्रिएटिव फ्रीडम, सामाजिक बदलाव, उम्र के हिसाब से रेटिंग और कंटेंट से जुड़े नियमों को नए तरीके से स्पष्ट किया गया है। नई गाइडलाइन में फिल्ममेकर्स को हिंसा, ड्रग्स, धूम्रपान, यौन हिंसा और महिलाओं के चित्रण को लेकर खास सावधानी बरतने को कहा गया है। साथ ही बच्चों और कमजोर वर्गों के चित्रण से जुड़े नियम भी स्पष्ट किए गए हैं। जानिए कैसी है नई गाइडलाइन, किन फिल्मों पर पड़ेगा असर? 1. क्रिएटिव फ्रीडम और सेंसरशिप में संतुलन नई गाइडलाइन के मुताबिक सेंसर बोर्ड को यह ध्यान रखना होगा कि फिल्मों में सामाजिक मूल्यों और जिम्मेदारी का पालन हो, लेकिन इसके नाम पर कलाकारों की रचनात्मक आजादी को अनावश्यक रूप से नहीं रोका जाए। यानी सेंसरशिप और क्रिएटिव फ्रीडम के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया गया है। 2. हिंसा और अपराध का महिमामंडन नहीं फिल्मों में हिंसा या अपराध को बढ़ावा देने या उसका महिमामंडन करने से बचना होगा। अपराध करने के तरीकों को इतनी विस्तार से दिखाने पर भी रोक होगी, जिससे लोगों को अपराध करने का तरीका मिल सके। बिना जरूरत की अत्यधिक हिंसा, क्रूरता और डरावने दृश्यों को भी कम करने के निर्देश दिए गए हैं। 3. बच्चों से जुड़े कंटेंट पर सख्ती बच्चों को हिंसा का शिकार, हिंसा करने वाला या जबरन हिंसा का गवाह बनाकर दिखाने वाले कंटेंट पर भी सख्ती की गई है। बच्चों के साथ दुर्व्यवहार को दिखाने से भी बचने को कहा गया है। 4. दिव्यांग लोगों और जानवरों के साथ क्रूरता पर रोक फिल्मों में जानवरों के साथ बिना जरूरत की क्रूरता दिखाने पर रोक रहेगी। इसके अलावा शारीरिक या मानसिक रूप से दिव्यांग लोगों का मजाक उड़ाने या उनके साथ दुर्व्यवहार दिखाने वाले कंटेंट को भी प्रतिबंधित किया गया है। 5. शराब, ड्रग्स और स्मोकिंग का महिमामंडन नहीं फिल्मों में शराब पीने, ड्रग्स लेने या धूम्रपान को ग्लैमराइज करने से बचना होगा। नशीले पदार्थों या साइकोट्रोपिक सब्सटेंस से जुड़े दृश्यों में निर्धारित एंटी-ड्रग चेतावनी दिखाना जरूरी होगा। 6. यौन हिंसा के ग्राफिक सीन नहीं महिलाओं को अपमानजनक या नीचा दिखाने वाले कंटेंट पर भी रोक रहेगी। अगर कहानी के लिए यौन हिंसा दिखाना जरूरी है, तो उसे ग्राफिक या बेहद विस्तृत तरीके से नहीं दिखाया जा सकेगा। गाइडलाइन में यौन कंटेंट को भी जरूरत के मुताबिक सीमित रखने की बात कही गई है। 7. अश्लीलता और डबल मीनिंग डायलॉग पर भी नजर फिल्मों में अश्लीलता, आपत्तिजनक भाषा और ऐसे डबल मीनिंग डायलॉग जो दर्शकों की ‘बेसर इंस्टिंक्ट्स’ को उकसाने वाले माने जाएं, उन पर मौजूदा प्रतिबंध जारी रहेंगे। 8. धर्म और समुदायों को लेकर सावधानी किसी धर्म, नस्ल या समुदाय के खिलाफ अपमानजनक शब्दों या दृश्यों को दिखाने पर रोक रहेगी। इसके अलावा सांप्रदायिकता, अंधविश्वास, गैर-वैज्ञानिक सोच या ‘राष्ट्र-विरोधी’ विचारों को बढ़ावा देने वाले कंटेंट पर भी प्रतिबंध रहेगा। 9. देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था भारत की संप्रभुता और अखंडता, राज्य की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले कंटेंट पर रोक रहेगी। दूसरे देशों के साथ भारत के मैत्रीपूर्ण संबंधों को प्रभावित करने वाली सामग्री को लेकर भी नियम लागू होंगे। 10. कोर्ट और मानहानि से जुड़े नियम फिल्मों में मानहानिकारक सामग्री और अदालत की अवमानना से जुड़े कंटेंट पर भी रोक रहेगी। गाइडलाइन में स्पष्ट किया गया है कि ऐसा कंटेंट जो अदालतों के प्रति अपमान, तिरस्कार या अनादर पैदा करता है या उनकी गरिमा को कमजोर करता है, वह अवमानना के दायरे में आ सकता है। उम्र के हिसाब से भी होगा सर्टिफिकेशन नई गाइडलाइन में U/A 7+, U/A 13+ और U/A 16+ कैटेगरी को शामिल किया गया है। हालांकि ये कैटेगरी भी पूरी तरह नई नहीं हैं; इन्हें पहले ही 2024 के सर्टिफिकेशन और 2025 में गाइडलाइन में शामिल किया जा चुका था। सलमान खान की फिल्म पर पड़ सकता है असर सलमान खान जल्द ही फिल्म मातृभूमि में नजर आने वाले हैं। ये फिल्म भारत-चीन की झड़प पर बनी है, जिसमें जाहिर तौर पर चीन के खिलाफ कुछ सीन दिखाए जाएंगे, लेकिन नई गाइडलाइन से फिल्म पर बुरा असर पड़ सकता है। क्योंकि अब फिल्मों में ऐसे देशों के खिलाफ सीन नहीं रखे जा सकते, जिनसे भारत के संबंध अच्छे हैं। फिल्म पहले ही विवादों में है। फिल्म 2020 में हुई गलवान झड़प पर है, पहले इसका टाइटल ही बैटल ऑफ गलवान रखा गया था, लेकिन आपत्ति होने पर इसे बदलकर मातृभूमि कर दिया गया है। फिल्म का ट्रेलर जारी होने के बाद इसकी काफी आलोचना हुई थी। इसे अब तक सेंसर बोर्ड का सर्टिफिकेट नहीं मिला है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सेंसर बोर्ड यानी सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने 18 सदस्यों वाले नए बोर्ड का ऐलान किया है। इस नई टीम में सिनेमा और टीवी इंडस्ट्री के कई बड़े चेहरों को शामिल किया गया है। इनमें एक्ट्रेस प्रीति जिंटा, एक्टर सुनील शेट्टी, पंकज त्रिपाठी, टीवी एक्ट्रेस रुपाली गांगुली, पल्लवी जोशी और बंगाली सिनेमा के दिग्गज एक्टर प्रोसेनजीत चटर्जी का नाम प्रमुख है। नया बोर्ड सिनेमाग्राफ एक्ट के तहत 3 साल की अवधि या अगले आदेश तक काम करेगा। पुराने नियम क्या थे? 1991 की गाइडलाइन में भी कहा गया था कि- जानिए क्या है सेंसर बोर्ड? सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) को सेंसर बोर्ड के नाम से भी जाना जाता है। यह एक वैधानिक संस्था है जो सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत आती है। यह संस्था भारत में बनने वाली फिल्मों को रिलीज से पहले उनके कंटेंट के हिसाब से सर्टिफिकेट देती है। यह सर्टिफिकेट सिनेमैटोग्राफी एक्ट 1952 के तहत आता है। इंडियन सिनेमैटोग्राफी एक्ट साल 1920 में बना। यह तब मद्रास (चेन्नई), बॉम्बे (मुंबई), कलकत्ता (कोलकाता), लाहौर (पाकिस्तान) और रंगून (यांगून, बर्मा ) सेंसर बोर्ड पुलिस चीफ के अंडर आता था। पहले रीजनल सेंसर्स स्वतंत्र थे। आजादी के बाद रीजनल सेंसर्स को बॉम्बे बोर्ड ऑफ फिल्म सेंसर्स के अधीन कर दिया गया। उसके बाद 1952 में सिनेमैटोग्राफ एक्ट लागू होने
रोहतक फिल्म फेस्टिवल में एक्टर रणदीप हुड्डा का देसी अंदाज:युवाओं से बोले- कलेजा पाटैन नै हो रहा; किमै न किमै जरूर होवेगा

रोहतक की दादा लख्मी चंद यूनिवर्सिटी सुपवा में चल रहे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में कई बॉलीवुड हस्तियों ने हिस्सा लिया और कुछ अभिनेताओं ने अपनी वीडियो भेजकर संदेश दिया। गांव जसिया के रहने वाले अभिनेता रणदीप हुड्डा ने अपनी वीडियो में रोहतक वासियों के लिए संदेश भेजा। रणदीप हुड्डा ने अपनी वीडियो की शुरूआत में सभी को देसी अंदाज में राम राम कहा। रणदीप ने कहा कि मेरा तो कलेजा पाटैन नै हो रहा है कि रोहतक में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल हो रहा है। सारे ज्यूरी आले, इन कलाकारा पर थोड़ा रहम करियो और स्टूडेंट्स कुछ सीख भी लियो। जिस बीज का मैं पौधा, उसने राम-राम कर दियो रणदीप हुड्डा ने अपने मजाकिया अंदाज में युवाओं से कहा कि लागे रहो, किमै न किमै जरूर होवेगा। जिस पौधे का मैं बीज हूं मेरी मां, वहां जरूर आ रही है। उसने राम-राम जरूर करियो। लागे रहो, खैंचे रहो मीटर। मेहनत कभी बेकार नहीं होती, सफलता जरूर मिलती है। हरियाणवी सिनेमा को छूना हुआ मुश्किल बॉलीवुड अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा ने कहा कि हरियाणवी सिनेमा उद्योग जिस तरफ जा रहा है, उसे छूना मुश्किल हो गया है। मासूम शर्मा मेरा स्टूडेंट भी रहा है और लाइसेंस के रूप में एक अच्छी फिल्म बनाई है। युवा पीढ़ी में बहुत ऊर्जा है, लेकिन उसे सही दिशा देने की जरूरत है। हरियाणा के युवा कमाल कर रहे है। चंद्र शेखर आजाद का किया रोल बॉलीवुड अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा ने कहा कि केवल डरावने रोल नहीं किए, बल्कि अच्छे रोल भी किए है। लेकिन लोग डरते हैं तो मैं क्या करू। शहीद भगत सिंह मूवी में चंद्र शेखर आजाद का रोल किया, उससे बड़ा कौन सा रोल हो सकता है। नई पीढ़ी को बताना कि इस प्रकार का सिनेमा बन रहा है। हरियाणवी फिल्म सांगी से कैरियर की शुरूआत अभिनेता रणदीप हुड्डा की मां आशा हुड्डा ने कहा कि वह डीएलएफ कॉलोनी में रहती थी और पढ़ाई भी रोहतक से ही की है। एमडीयू से एमए किया है, पहले इसका नाम कुछ और था। हरियाणवी फिल्म सांगी से कैरियर की शुरूआत की थी। आशा हुड्डा ने कहा कि वही गुण बेटे रणदीप में भी आए और डॉक्टर बनने की बजाय एक्टिंग में कैरियर बनाया और आज एक सफल अभिनेता के रूप में देखकर काफी खुश है। 22 साल पहले रोहतक को छोड़ा था, लेकिन आज भी आकर वही अहसास जिंदा हो जाता है।
सलमान खान ने पैपराजी-ट्रोलर्स को लगाई फटकार:वरुण धवन, नेहा धूपिया ने किया सपोर्ट, एक्स बिग बॉस कंटेस्टेंट सोफिया हयात बोलीं- सलमान पाखंडी हैं, मेरी मजाक उड़ाया

सलमान खान ने हाल ही में रियलिटी शो बिग बॉस 20 के वीकेंड का वार में पैपराजी और ट्रोलर्स को जमकर फटकार लगाई है। वो बैक शॉट समेत गलत एंगल से वीडियो कैप्चर कर पोस्ट करने वाले पैपराजी पर भड़क गए और महिलाओं से एक्शन लेने को कहा। उनके इस बेबाक बयान के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई लोग उनके सपोर्ट में उतरे हैं। एक्ट्रेस नेहा धूपिया ने कुछ समय पहले ही बैक शॉट पोस्ट करने पर एक इवेंट में सरेआम पैपराजी को फटकारा था। अब सलमान का बयान आने के बाद नेहा लिखती हैं, टाइगर जिंदा है। वरुण धवन ने एक वीडियो जारी कर सलमान को सपोर्ट किया। उन्होंने आधिकारिक सोशल मीडिया से एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वो पिता डेविड धवन के साथ सलमान को देखकर खुशी जाहिर करते नजर आ रहे हैं। डायरेक्टर कुणाल कोहली ने लिखा है, सलमान खान आपको सलाम। आपने सोशल मीडिया पर लोगों के व्यवहार, ट्रोलिंग, पैपराजी और इस तरह के व्यवहार को बढ़ावा देने वालों पर बहुत जरूरी बातें कहीं। और जब भाई बोलता है, तो उसके बाद किसी के पास कहने के लिए कुछ नहीं बचता। बिग बॉस की पूर्व कंटेस्टेंट बोली- सलमान पाखंडी है सलमान का बयान सामने आने के बाद बिग बॉस 7 की कंटेस्टेंट रह चुकीं ब्रिटिश मॉडल, सिंगर और एक्ट्रेस सोफिया हयात ने सलमान को पाखंडी कहा है। उन्होंने सलमान का क्लिप शेयर कर लिखा है, सलमान एक पाखंडी और बेवकूफ इंसान है। जब मैं बिग बॉस में थी, तब उसने मेरे शरीर और चेहरे को लेकर आलोचना की थी, जबकि गौहर से कहा था कि उसका शरीर अच्छा है। क्या था सलमान खान का बयान? बिग बॉस 20 के वीकेंड का वार एपिसोड में सलमान ने कटरीना कैफ को वजन, भाई सोहेल के चेहरे और सनी देओल के फटे जूतों पर ट्रोल करने वालों की कड़ी शब्दों में निंदा की। इस दौरान उन्होंने एक्ट्रेसेस के गलत एंगल से शॉट लेने और पोस्ट किए जाने पर कहा, “आजकल एक नया ट्रेंड है। गाड़ी से निकलते वक्त कैमरा यहां (कमर पर) होता है और गाड़ी में बैठते वक्त भी कैमरा यहां होता है, ताकि हिप शॉट मिल जाए, टांगों का शॉट मिल जाए। इसके बाद पीछे से भी एक शॉट लिया जाता है, जो कोई भी अभिनेत्री या लड़की पसंद नहीं करती।” उन्होंने कहा कि कुछ महिलाएं ऐसी तस्वीरों को लेकर सहज हो सकती हैं, लेकिन सवाल उन महिलाओं का है जिन्हें यह पसंद नहीं है। सलमान ने इस दौरान अभिनेत्री सई मांजरेकर, नेहा धूपिया और भांजी का जिक्र किया। सलमान ने आगे कहा कि पीछे से महिलाओं की तस्वीरें लेने के बाद उन पर “पहचानो ये कौन है” जैसे कैप्शन क्यों लगाए जाते हैं। सलमान बोले- अपनी मां-बहन के शॉट सोशल मीडिया पर डालो सलमान ने कहा कि जो महिलाएं इस तरह की तस्वीरों से असहज होती हैं, उन्हें इसका विरोध करना चाहिए। उन्होंने तीखे अंदाज में कहा, “जहां ऐसा हुआ न, घूम के चांटा मारो। बोलना अपनी मां-बहनों का ये शॉट ले लो और हमें दिखाओ। सोशल मीडिया पर डालो। जांघों का शॉट ले लो।” सलमान ने पूछा कि ऐसे लोगों को प्रेस का कार्ड किसने दिया और ऐसी सोच क्यों है? गुस्से में सलमान ने मंच पर ही अपनी शर्ट उतारकर पेट दिखाया और कहा कि अब जो चाहे उन्हें ट्रोल कर सकता है। सलमान ने ये भी कहा कि कुछ समय पहले उन्हें गंजा कहते हुए ट्रोल किया जा रहा था, जबकि असल में वो उनकी आने वाली फिल्म का लुक था, उन्होंने कुछ समय पहले अपना दोस्त भी खो दिया था। इससे पहले कब-कब पैपराजी पर भड़के सलमान खान? पिछले कुछ महीनों में इससे पहले भी सलमान खान पैपराजी पर भड़के हैं। इसी महीने 5 सितंबर 2026 को बिग बॉस 20 के प्रीमियर एपिसोड की शूटिंग के दौरान एक पैपराजी ने उन्हें ‘बाबा’ कहकर बुलाया और कुछ लोग फ्रेम के बीच आ रहे थे। इससे नाराज होकर सलमान ने पैपराजी को आंखें दिखाईं और कहा, “तू नहीं बताएगा… मुझे कैमरे के आगे आने की कोई जरूरत नहीं है, यह मेरा काम नहीं है”। उन्होंने पैप्स से स्टेज से दूरी बनाए रखने की भी हिदायत दी। अस्पताल के बाहर शोर मचाने पर डांटा इससे पहले 19 मई 2026 को सलमान किसी करीबी से मिलने अस्पताल गए थे। वह जैसे ही बाहर आए, पैपराजी तस्वीर लेने के लिए आवाज लगाने लगे। शोर होता देख, सलमान भड़क गए और जमकर खरी-खोटी सुनाई। इस घटना के बाद सलमान ने सोशल मीडिया पर क्रिपटिक पोस्ट भी शेयर की। कुछ समय बाद जब सलमान रितेश देशमुख की फिल्म राजा शिवाजी की सक्सेस पार्टी में पहुंचे, तो पैपराजी ने सलमान को घेर कर माफी मांगी थी। पैपराजी के शोर से परेशान हुए सलमान रियलिटी शो बिग बॉस 19 की सक्सेस पार्टी में भी ऐसा ही हुआ। सलमान जैसे ही पोज देने पहुंचे, पैपराजी उनकी तस्वीर लेते हुए शोर करने लगे, इसके बाद सलमान ने इशारे में हल्ला न करने के लिए कहा था। भांजी डिस्टर्ब हुई तो नाराज हुए सलमान कुछ महीनों पहले सलमान खान वर्ल्ड पैडल लीग के एक इवेंट का हिस्सा बने, जिसमें उनकी भांजी आयत भी पहुंची थी। इवेंट के बाद सलमान भांजी को गोद में लिए निकल रहे थे, तभी फोटोग्राफर्स ने उन्हें घेर लिया। सलमान ने तब गुस्से में पैपराजी से दूर हटने को कहा था। आयत शर्मा सलमान की छोटी बहन अर्पिता खान और अभिनेता आयुष शर्मा की बेटी हैं। मां की फोटो लेने से रोका कुछ साल पहले सलमान खान, मां के साथ भाई सोहेल की बर्थडे पार्टी में पहुंचे थे। जैसे ही उनकी मां कार से उतरने को हुईं, सलमान ने इशारा कर सभी पैपराजी को वहां से हटा दिया। कब-कब सेलेब्स का हुआ पैपराजी से पंगा जरीन खान ने एक कमेंट पर लगा दी फटकार: कुछ समय पहले जरीन खान मुंबई में एक क्लोदिंग ब्रांड के प्रमोशन इवेंट में पहुंची थीं। वे हरे रंग की ड्रेस पहने हुए मीडिया के कैमरों के सामने डेनिम जैकेट और जींस को डिस्प्ले कर रही थीं। इसी दौरान वहां मौजूद पैपराजी ने उनसे कहा की ड्रेस ट्राई करके दिखाओ। एक्ट्रेस को ये बात बिल्कुल पसंद नहीं आई। जरीन खान ने कहा, “फालतूगिरी की बातें






