Saturday, 07 Nov 2026 | 07:03 AM

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Sanjay Mishra Wins First National Award for Bhakshak

Sanjay Mishra Wins First National Award for Bhakshak

6 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी कॉपी लिंक नेशनल फिल्म अवॉर्ड सेरेमनी मंगलवार को गुजरात में हुई है। सीनियर एक्टर संजय मिश्रा को फिल्म भक्षक के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला है। पिछले 35 सालों से टीवी और फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा रहे संजय मिश्रा का ये पहला नेशनल अवॉर्ड है। जब उनसे पूछा गया कि वो अवॉर्ड में किसका नाम लिखवाना चाहते हैं, तो उन्होंने पिता शंभूनाथ मिश्रा का नाम लिखवाया। संजय ने ये भी बताया है कि जब उन्होंने मां को नेशनल अवॉर्ज जीतने की जानकारी दी, तो उनका पहला सवाल था- ‘खाना खाया कि नहीं?’ वहीं मैदान के गाने जाने दो के लिए बेस्ट लिरिक्स का अवॉर्ड जीतने वाले मनोज मुंतशिर ने कहा कि जिस समय ये गाना बन रहा था, तब ही ए.आर.रहमान ने कहा था कि इसे नेशनल अवॉर्ड मिलेगा। दैनिक भास्कर से बातचीत में संजय मिश्रा, मनोज मुंतशिर, कार्तिक आर्यन समेत कई नेशनल अवॉर्ड विजेताओं ने इस पर भावुक बातें कही हैं। पढिए इंटरव्यू- फिल्म भक्षक के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का अवॉर्ड जीतने पर संजय ने कहा, ‘सबसे पहले में शुक्रिया कहूंगा, डायरेक्टर का जिसने मुझे ऐसी फिल्म में कास्ट किया। इसके बाद शुक्रिया करूंगा रेड चिल्लीज का, जो ऐसी फिल्में प्रमोट करता है और फिर शुक्रिया करूंगा भूमि पेडनेकर का, भूमि के साथ जो भी काम करता हूं अच्छा निकलकर आता है। बड़ा मजा आता है। दम लगा के हइशा, बड़ी तारीफ मिली थी और अब ये दूसरी फिल्म। उसके बाद ये स्क्रिप्ट। बहुत असल कहानी थी। कलाकारों को मुंह से नहीं काम से बोलना चाहिए। मुझे लगता है मैंने जिम्मेदारी निभाई।’ जब उनसे पूछा गया कि आप अपना अवॉर्ड किसे डेडिकेट करेंगे। संजय मिश्रा ने भावुक अंदाज में कहा, ‘मुझसे पूछा गया था कि अवॉर्ड में किसका नाम लिखना चाहेंगे। मैंने अपने पिता का नाम संजय शंभूनाथ मिश्रा लिखवाया। सबसे अहम कि इसमें इन्फॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्ट मिनिस्ट्री है, जिसने हमें पाला, पापा जी की तनख्वाह वहीं से आती थी। पीआईबी है, जिसमें भी पापा ने काम किया।’ संजय मिश्रा से जब पूछा कि इस पर मां का रिएक्शन कैसा था, उन्होंने मां की नकल उतारते हुए जवाब दिया और उनका जवाब बताया, जो था- ‘बेटा बहुत बढ़िया, लेकिन तुम खाना खा लिए हो, बहुत देर प्रोग्राम चला है, कुछ खाना खिलाया उन लोगों ने। पापा होते तो बढ़िया होता।’ सेरेमनी में संजय मिश्रा पत्नी के साथ पहुंचे। इस पर उन्होंने कहा- ‘अब घर में थोड़ी इज्जत बढ़ जाएगी, वर्ना हम पति किस काम के।’ मनोज मुंतशिर बोले- ए.आर.रहमान सर ने पहले ही कहा था इस गाने को नेशनल अवॉर्ड मिलेगा हिंदी फिल्म ‘मैदान’ के गाने ‘जाने दो’ के लिए मनोज मुंतशिर को 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में बेस्ट लिरिक्स का पुरस्कार मिला। इस पर उन्होंने कहा, ये गाना हमने चेन्नई में ए.आर.रहमान सर के स्टूडियो में बनाया था। रात में तकरीबन 3 बजे सर ने ट्यून दी। ट्यून ऐसी कि आंखे भर आएं। छत पर एक झूला था, उस पर बैठकर मैंने 2 लाइनें लिखीं- ये आवाजों के धागे खोले और तराने गाने दो, मैदानों में धूम न कम हो, जाते हैं हम जाने दो। मैं नीचे उतरा, मैंने रहमान सर को सुनाया और रहमान सर, बोनी कपूर जी हमारे डायरेक्टर अमित शर्मा सब लोग थे। मेरे मुंह से ये दो लाइनें निकलते ही, रहमान सर ने कहा- मनोज जी, ये नेशनल अवॉर्ड है। देखिए क्या संयोग था। उस वक्त मैं मुस्कुरा कर रह गया। लेकिन कभी सोचा नहीं था कि ये असल में होगा।’ आगे उन्होंने कहा, ‘दैनिक भास्कर के जो मेरे दर्शक और पाठक हैं उनसे मैं कहना चाहूंगा कि जो भी उम्मीदें आपने मुझ से लगाई हैं, उन्हें टूटने नहीं दूंगा। अपने हिस्से की गलतियां मैं कर चुका हूं। इसके बाद मैं प्रतिज्ञाबद्ध हूं कि आपकी उम्मीदों से खिलवाड़ नहीं होने दूंगा।’ पूछा गया कि अवॉर्ड किसे डेडिकेट करेंगे, जवाब मिला, ‘मैंने ये अवॉर्ड अपनी पत्नी नीलम मुंतशिर को डेडिकेट किया है। जब पहला अवॉर्ड मिला, तो बड़ा जलवा था, बड़ा नाम था, लेकिन पहले और दूसरे अवॉर्ड के बीच कुछ ऐसी घटनाएं हुईं, जिसमें नीलम का एक साथी के तौर पर नीलम का मेरे साथ खड़ा होना, मुझे अंदर तक कश कर गया। मुझे लगा कि हमारी जो सबसे प्रिय दोस्त होती है वो पत्नी होती है।’ विजय गांगुली को आज की रात गाने के लिए अवॉर्ड हिंदी फिल्म ‘स्त्री 2’ के गाने ‘आज की रात’ के लिए विजय गांगुली को 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में बेस्ट कोरियोग्राफी का पुरस्कार मिला। गाने में तमन्ना भाटिया नजर आई थीं। अवॉर्ड मिलने के बाद विजय गांगुली ने कहा- ‘मैं नम हूं, अभी तक समझ नहीं आ रहा कि ये अवॉर्ड मेरे हाथ में है। इसे समझने में 2-3 दिन लगेंगे। मैंने अभी-अभी तमन्ना को मैसेज किया कि इस अवॉर्ड का क्रेडिट आपको जाता है। अगर आप वो स्टेप नहीं कर पातीं, जो सिखाया गया, तो शायद हम यहां तक नहीं पहुंचते। जब मैं छोटे बच्चों के डांस करते हुए वीडियो देखे, तो बहुत खुशी हुई। ये एक आर्टिस्ट के लिए सपने जैसा है।’ कार्तिक आर्यन बोले- ये फीलिंग अनरियल है कार्तिक आर्यन को फिल्म चंदू चैंपियन के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला है। ये उनके करियर का पहला नेशनल अवॉर्ड है। सेरेमनी खत्म होने के बाद दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा, मैं बहुत खुश हूं, पूरी फैमिली के साथ हूं, बहुत इमोशनल मूमेंट है। अनरियल फीलिंग है, एक्सप्रेस नहीं कर पा रहा हूं। आदित्य धर बोले- इंडिया को अवॉर्ड डेडिकेट करूंगा आदित्य धर की फिल्म आर्टिकल 370 को बेस्ट फीचर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड मिला। इस पर उन्होंने कहा, ‘ये अवॉर्ड इंडिया को डेडिकेट करूंगा। मुझे लगता है कि ऐसी फिल्में देश को ऊपर उठाती हैं, लोग कुछ भी कहें लेकिन ये फिल्म देश को रिप्रेजेंट करती है।’ शाश्वत सचदेव को दूसरा नेशनल अवॉर्ड हिंदी फिल्म ‘आर्टिकल 370’ के लिए शाश्वत सचदेव को 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन (सॉन्ग्स) का पुरस्कार मिला। इससे पहले उन्हें फिल्म ऊरीः द सर्जिकल स्ट्राइक के लिए बेस्ट बैकग्राउंड म्यूजिक का भी अवॉर्ड मिल चुका है। दूसरी बार नेशनल अवॉर्ड हासिल कर उन्होंने कहा, ‘मैं ये फील कर रहा हूं कि एक राजस्थान का

Vivek Oberoi Statement on Salman Khan

Vivek Oberoi Statement on Salman Khan

10 मिनट पहले कॉपी लिंक विवेक ओबेरॉय ने सोशल मीडिया ट्रोलिंग को एक नेगेटिव एक्टिविटी बताया और लोगों से इससे बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि ट्रोलिंग के बजाय लोगों को पॉजिटिव एक्टिविटी पर फोकस करना चाहिए। दरअसल, बॉलीवुड क्रॉनिकल के साथ बातचीत के दौरान विवेक ओबेरॉय से पूछा गया कि सलमान खान ने ट्रोलिंग को लेकर बयान दिया है, इस पर आपका क्या कहना है? इसके जवाब में विवेक ने कहा, “मुझे लगता है कि ट्रोलिंग नहीं करनी चाहिए। ट्रोलिंग एक नेगेटिव चीज है। जिंदगी में करने के लिए इतने पॉजिटिव काम हैं, तो नेगेटिव चीजों में क्यों पड़े हो?” गौरतलब है कि सलमान खान और विवेक ओबेरॉय के बीच विवाद बॉलीवुड के सबसे चर्चित विवादों में गिना जाता है। दोनों के बीच तनाव की शुरुआत ऐश्वर्या राय से जुड़े रिश्ते को लेकर हुई थी। 2003 में विवेक ओबेरॉय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सलमान खान पर फोन करके धमकाने और परेशान करने के आरोप लगाए। विवेक के मुताबिक, सलमान ने उन्हें कई बार फोन किया था। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद विवाद काफी बढ़ गया और विवेक के मुताबिक उनके फिल्मी करियर पर भी इसका असर पड़ा। बाद के वर्षों में विवेक ने सलमान से माफी मांगने की कोशिश की। सलमान खान ने ट्रोलिंग पर नाराजगी जताई सलमान खान ने हाल ही में टीवी शो ‘बिग बॉस 20’ में सोशल मीडिया ट्रोलिंग, बॉडी-शेमिंग और एज-शेमिंग पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा था कि सोशल मीडिया आज गेमिंग, कंटेंट क्रिएशन और वीडियो एडिटिंग जैसे क्षेत्रों में रोजगार और पहचान का जरिया बन चुका है, लेकिन इसका एक नकारात्मक पहलू ट्रोलिंग भी है। सलमान ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी सेलिब्रिटी को ट्रोल करने वाला व्यक्ति यह नहीं जानता कि सामने वाला निजी तौर पर किन परिस्थितियों से गुजर रहा है। सलमान ने सवाल उठाया था कि किसी दूसरे व्यक्ति को अपमानित करके पैसा कमाने की जरूरत क्यों पड़ती है। उन्होंने कहा कि लोग सोशल मीडिया पर किसी के शरीर, वजन, लुक्स, परिवार, उम्र, मुस्कान, करियर या निजी जिंदगी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं। उन्होंने ट्रोलर्स से पूछा था कि जिस व्यक्ति को वे गाली दे रहे हैं, वे नहीं जानते कि वह निजी तौर पर किन परिस्थितियों से गुजर रहा है। सलमान ने उनकी फिटनेस को ट्रोल करने वाले को जवाब देते हुए जैकेट और टी-शर्ट उतारकर अपने एब्स दिखाए। सलमान ने यह भी कहा था कि ट्रोलर्स को सोचना चाहिए कि उनके अपने परिवार के किसी सदस्य के बारे में ऐसी टिप्पणी की जाए तो उन्हें कैसा लगेगा। उन्होंने बताया था कि उन्हें भी सोशल मीडिया पर ‘बूढ़ा हो गया’ जैसी टिप्पणियां सुनने को मिलती हैं। सलमान ने कहा कि 60 साल का होना स्वाभाविक है। इसके बाद उन्होंने शो के मंच पर अपनी टोपी, जैकेट और टी-शर्ट उतारकर अपने एब्स दिखाए थे। हालांकि, सलमान ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी इस टिप्पणी को प्रेग्नेंसी के बाद कटरीना कैफ की सोशल मीडिया पर बॉडी-शेमिंग से जोड़कर देखा गया। पूरी खबर यहां पढ़ें… ऋचा चड्ढा ने सलमान खान के बयान की तारीफ की एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने सलमान खान के इस रुख की तारीफ की है। न्यूज18 से बातचीत में ऋचा ने कहा कि उन्हें पहले सलमान के बयान के बारे में जानकारी नहीं थी, लेकिन इसके बारे में जानकर उन्हें अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि ऐसी बात कहना एक बड़ी और उदार सोच को दिखाता है और लोगों को ट्रोलिंग पर ध्यान नहीं देना चाहिए। ऋचा ने उन पुरुषों पर भी सवाल उठाया जो महिलाओं के शरीर और उनके लुक्स को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं। उन्होंने कहा कि पुरुष महिलाओं के बिना अस्तित्व में नहीं आ सकते, क्योंकि हर व्यक्ति मां की कोख से जन्म लेता है। उनके मुताबिक, अगर कोई मांओं का मजाक उड़ाता है, तो उसका असर उल्टा पड़ सकता है। ऋचा चड्ढा ने मसान, गैंग्स ऑफ वासेपुर और फुकरे जैसी कई फिल्में की हैं। ऋचा ने यह भी कहा कि जो लोग महिलाओं के शरीर पर टिप्पणी करते हैं, वे अक्सर खुद अपने शरीर को लेकर असंतुष्ट होते हैं। उन्होंने महिलाओं पर समाज और इंडस्ट्री की ओर से बनाए जाने वाले बॉडी इमेज के दबाव पर भी बात की है। ऋचा खुद भी पोस्टपार्टम बॉडी-शेमिंग का सामना कर चुकी हैं। वह 2024 में मां बनी थीं और इससे पहले शरीर को लेकर सामाजिक दबाव के बारे में खुलकर बात कर चुकी हैं। उन्होंने ऐश्वर्या राय बच्चन के पोस्टपार्टम वजन को लेकर हुई ट्रोलिंग पर भी सवाल उठाया था। …………… यह खबर भी पढ़ें… सलमान खान ने पैपराजी-ट्रोलर्स को फटकारा:वरुण धवन, नेहा धूपिया ने किया सपोर्ट, एक्स बिग बॉस कंटेस्टेंट सोफिया हयात बोलीं- सलमान पाखंडी हैं, मेरा मजाक उड़ाया सलमान खान के पैपराजी और ट्रोलिंग के खिलाफ बयान के बाद कई बॉलीवुड सितारों ने उनका समर्थन किया। नेहा धूपिया ने सलमान के बयान पर ‘टाइगर जिंदा है’ लिखकर प्रतिक्रिया दी। वरुण धवन ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर सलमान को सपोर्ट किया। डायरेक्टर कुणाल कोहली ने भी सलमान की तारीफ की और सोशल मीडिया ट्रोलिंग व पैपराजी के व्यवहार पर उनकी बात को जरूरी बताया। हालांकि, सोफिया हयात ने सलमान के बयान की आलोचना की। उन्होंने सलमान को पाखंडी बताया और अपने पुराने अनुभव का जिक्र किया। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

नेशनल अवॉर्ड जीतकर भावुक कार्तिक आर्यन:कहा- ऐसे माहौल में एक्टर बनने का सपना देखा, जहां लोग हंसते हैं; छोटे शहर के लड़के का सपना पूरा हुआ

नेशनल अवॉर्ड जीतकर भावुक कार्तिक आर्यन:कहा- ऐसे माहौल में एक्टर बनने का सपना देखा, जहां लोग हंसते हैं; छोटे शहर के लड़के का सपना पूरा हुआ

कार्तिक आर्यन को फिल्म चंदू चैंपियन के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड दिया गया है। सेरेमनी मंगलवार को गुजरात के एकता नगर में हुई, जहां राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने कार्तिक को अवॉर्ड दिया। ये कार्तिक का पहला नेशनल अवॉर्ड है। इसे जीतने के बाद उन्होंने भावुक अंदाज में एक छोटे शहर से निकलकर सपने पूरे करने के सफर को याद किया है। कार्तिक ने नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी की कुछ तस्वीरों के साथ लिखा है, ‘ग्वालियर के उस मम्मा के लाड़ले लड़के को आज प्यार से मुस्कुराते हुए याद कर रहा हूं, जिसने ऐसे माहौल में अभिनेता बनने का सपना देखने की हिम्मत की, जहां लोग अक्सर ऐसे सपनों पर हंसकर आगे बढ़ जाते हैं। आखिरकार वह पल मेरी आंखों के सामने था, जिसे मैंने जिया भी और महसूस भी किया। आज भी उत्साह और घबराहट के कारण यकीन नहीं हो रहा है।’ आगे कार्तिक ने लिखा, ‘एक छोटे शहर के लड़के का सपना, देश के हर अभिनेता का सपना, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान। ‘चंदू नहीं, चैंपियन है मैं।’ मैं हमेशा कबीर सर और साजिद सर का आभारी रहूंगा, जिन्होंने मुझ पर भरोसा किया और मुझे भारत के पहले पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मुरलीकांत पेटकर सर का किरदार बड़े पर्दे पर निभाने की जिम्मेदारी दी। यह सफर बेहद मुश्किल और दर्द भरा रहा, लेकिन इसका नतीजा रस मलाई की तरह मीठा है। मैं एक साथ बहुत भावुक और खुद को बेहद सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं।’ ‘इस लंबे सफर में मेरा सबसे बड़ा सहारा रहा, खुद पर मेरा विश्वास, मेरे माता-पिता का आशीर्वाद, उनका बिना शर्त प्यार और साथ, दोस्तों का हर कदम पर हौसला, खासकर तब जब मैं खुद उम्मीद खोने लगा था। मेरी पूरी टीम का भी धन्यवाद, जो मेरी प्रोफेशनल जिंदगी को आसान बनाने के लिए लगातार मेहनत करती है। इस असंभव से लगने वाले सफर का हिस्सा बनने वाले हर व्यक्ति का मैं दिल से शुक्रिया अदा करता हूं।’ आखिर में कार्तिक लिखते हैं, ‘मैं अपना यह सबसे बड़ा सम्मान देश के हर पैरालंपियन और उन सभी लोगों के साथ साझा करना चाहता हूं, जो असंभव सपने देखने की हिम्मत करते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए कभी हार नहीं मानते। सम्मानित ज्यूरी, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और माननीय राष्ट्रपति जी का इस खास पल के लिए दिल से धन्यवाद। आखिर में मैं यही कहना चाहूंगा कि यह सिर्फ शुरुआत है। उम्मीद है कि आने वाले समय में ऐसे कई और मुकाम हासिल करूंगा।’ देखिए नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी से कार्तिक आर्यन की चुनिंदा तस्वीरें-

नेशनल अवॉर्ड जीतकर भावुक कार्तिक आर्यन:कहा- ऐसे माहौल में एक्टर बनने का सपना देखा, जहां लोग हंसते हैं; छोटे शहर के लड़के का सपना पूरा हुआ

नेशनल अवॉर्ड जीतकर भावुक कार्तिक आर्यन:कहा- ऐसे माहौल में एक्टर बनने का सपना देखा, जहां लोग हंसते हैं; छोटे शहर के लड़के का सपना पूरा हुआ

कार्तिक आर्यन को फिल्म चंदू चैंपियन के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड दिया गया है। सेरेमनी मंगलवार को गुजरात के एकता नगर में हुई, जहां राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने कार्तिक को अवॉर्ड दिया। ये कार्तिक का पहला नेशनल अवॉर्ड है। इसे जीतने के बाद उन्होंने भावुक अंदाज में एक छोटे शहर से निकलकर सपने पूरे करने के सफर को याद किया है। कार्तिक ने नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी की कुछ तस्वीरों के साथ लिखा है, ‘ग्वालियर के उस मम्मा के लाड़ले लड़के को आज प्यार से मुस्कुराते हुए याद कर रहा हूं, जिसने ऐसे माहौल में अभिनेता बनने का सपना देखने की हिम्मत की, जहां लोग अक्सर ऐसे सपनों पर हंसकर आगे बढ़ जाते हैं। आखिरकार वह पल मेरी आंखों के सामने था, जिसे मैंने जिया भी और महसूस भी किया। आज भी उत्साह और घबराहट के कारण यकीन नहीं हो रहा है।’ आगे कार्तिक ने लिखा, ‘एक छोटे शहर के लड़के का सपना, देश के हर अभिनेता का सपना, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान। ‘चंदू नहीं, चैंपियन है मैं।’ मैं हमेशा कबीर सर और साजिद सर का आभारी रहूंगा, जिन्होंने मुझ पर भरोसा किया और मुझे भारत के पहले पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मुरलीकांत पेटकर सर का किरदार बड़े पर्दे पर निभाने की जिम्मेदारी दी। यह सफर बेहद मुश्किल और दर्द भरा रहा, लेकिन इसका नतीजा रस मलाई की तरह मीठा है। मैं एक साथ बहुत भावुक और खुद को बेहद सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं।’ ‘इस लंबे सफर में मेरा सबसे बड़ा सहारा रहा, खुद पर मेरा विश्वास, मेरे माता-पिता का आशीर्वाद, उनका बिना शर्त प्यार और साथ, दोस्तों का हर कदम पर हौसला, खासकर तब जब मैं खुद उम्मीद खोने लगा था। मेरी पूरी टीम का भी धन्यवाद, जो मेरी प्रोफेशनल जिंदगी को आसान बनाने के लिए लगातार मेहनत करती है। इस असंभव से लगने वाले सफर का हिस्सा बनने वाले हर व्यक्ति का मैं दिल से शुक्रिया अदा करता हूं।’ आखिर में कार्तिक लिखते हैं, ‘मैं अपना यह सबसे बड़ा सम्मान देश के हर पैरालंपियन और उन सभी लोगों के साथ साझा करना चाहता हूं, जो असंभव सपने देखने की हिम्मत करते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए कभी हार नहीं मानते। सम्मानित ज्यूरी, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और माननीय राष्ट्रपति जी का इस खास पल के लिए दिल से धन्यवाद। आखिर में मैं यही कहना चाहूंगा कि यह सिर्फ शुरुआत है। उम्मीद है कि आने वाले समय में ऐसे कई और मुकाम हासिल करूंगा।’ देखिए नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी से कार्तिक आर्यन की चुनिंदा तस्वीरें-

Govinda Visits Lalbaugcha Raja With Komal Rani

Govinda Visits Lalbaugcha Raja With Komal Rani

26 मिनट पहले कॉपी लिंक गोविंदा मंगलवार शाम रूमर्ड गर्लफ्रेंड कोमल रानी स्वर्णकार के साथ मुंबई के लालबागचा राजा पहुंचे। दोनों ने बप्पा के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। दोनों के अफेयर के रूमर्स फिर तेज हो चुके हैं, क्योंकि गोविंदा और रानी से कुछ देर पहले ही सुनीता आहूजा अकेले दर्शन करने पहुंची थीं। जबकि पिछले साल तक गोविंदा-सुनीता साथ गणेशोत्सव सेलिब्रेट करते आए हैं। दर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। गोविंदा और कोमल रानी ने पंडाल में प्रसाद चढ़ाया। दोनों ने पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। पुजारी ने दोनों के माथे पर तिलक लगाया। दर्शन के बाद गोविंदा ने बाहर मौजूद फैंस से हाथ हिलाकर मुलाकात की। देखिए लालबागचा राजा से सेलेब्स की तस्वीरें- गोविंदा और रानी स्वर्णकर से कुछ समय पहले ही सुनीता आहूजा भी लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंची थीं। सुनीता अकेले ही अपनी सिक्योरिटी टीम के साथ पहुंची थीं। ये सेलेब्स भी दर्शन करने पहुंचे- अनन्या पांडे पिता चंकी पांडे के साथ लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंची हैं। क्रिस्टल डिसूजा, रित्विक धनजानी के साथ पहुंची हैं। ईशा मालवीय, एक्टर गुरप्रीत के साथ दर्शन करने पहुंचीं। मंगलवार को संजय दत्त भी पत्नी मान्यता के साथ दर्शन करने पहुंचे। सुनीता का दावा- कोमल रानी से शादी करने वाले थे गोविंदा सुनीता आहूजा ने दिसंबर 2025 में गोविंदा से तलाक की अर्जी दाखिल की थी, हालांकि 19 अगस्त को उन्होंने अर्जी वापस ले ली है। इस दौरान राखी सावंत से कॉल पर बात करते हुए सुनीता ने दावा किया है कि तलाक के बाद गोविंदा कोमल से शादी करने वाले थे, यही वजह है कि उन्होंने तलाक का केस वापस ले लिया है। सुनीता आहूजा 19 अगस्त को मुंबई के बांद्रा फैमिली कोर्ट पहुंचीं। बेटे यशवर्धन भी उनके साथ थे। गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कन्फर्म किया कि सुनीता ने तलाक का केस वापस ले लिया है, जो उन्होंने दिसंबर 2024 में दायर किया था। गोविंदा के मैनेजर बोले- तमाशा बनाने की क्या जरुरत थी वहीं दूसरी तरफ मैनेजर ने सुनीता के इस रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वो परिवार का तमाशा बना रही हैं। एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में मैनेजर शशि सिन्हा ने कहा, “अदालत जाने की कोई जरूरत नहीं थी। घर की बातें घर में रहकर, बैठकर बात करके सुलझ सकती हैं। जब आज याचिका वापस ही लेनी थी, तो फिर केस किया ही क्यों था? मुझे इस बात का बहुत दुख है कि बिना वजह हम सब तमाशा बन गए।” ‘दो साल से मीडिया में छवि खराब हुई’- मैनेजर मैनेजर ने बताया कि दोनों के बीच का विवाद पिछले लगभग डेढ़ से दो साल से मीडिया में चल रहा था। इससे गोविंदा और उनके परिवार की साख को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि हर शादीशुदा जिंदगी में पति-पत्नी के बीच मतभेद होते हैं, यह आम बात है। लेकिन जब मामला कोर्ट और मीडिया तक पहुंच जाता है, तो बात सार्वजनिक हो जाती है। इस पूरे मामले में तमाशा बनने से आसानी से बचा जा सकता था। दिसंबर 2024 में किया था तलाक का केस गौरतलब है कि सुनीता आहूजा ने दिसंबर 2024 में गोविंदा के खिलाफ बांद्रा फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की थी। वहीं, यह खबर पिछले साल अगस्त के महीने में सामने आई थी, जब हॉटरफ्लाई ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सुनीता ने हिंदू मैरिज एक्ट 1955 की धारा 13 (1) (i), (ia), (ib) के तहत तलाक के लिए अर्जी दी थी। याचिका में उन्होंने गोविंदा पर क्रूरता, बेवफाई और परित्याग जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। रूमर्ड गर्लफ्रेंड के साथ पब्लिकली स्पॉट हुए गोविंदा हाल ही में गोविंदा को उनकी अपकमिंग कमबैक फिल्म रूपा की को-एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ स्पॉट किया गया। गोविंदा को एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ एयरपोर्ट पर एक साथ स्पॉट किया गया था इस पर सुनीता ने कहा था, “गोविंदा अपनी बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहे हैं और उन्हें इस बात पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए।” सुनीता आहूजा ने गोविंदा साथ दिखीं एक्ट्रेस कोमल के ड्रेसिंग सेंस पर भी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि अगर सामने वाले का शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कम से कम कपड़े तो ढंग के पहनने चाहिए। पत्नी के बयानों पर गोविंदा भड़क गए थे वहीं, पत्नी सुनीता के आपत्तिजनक बयानों पर गोविंदा भड़क गए थे। गोविंदा ने चेतावनी देकर कहा था कि उन्हें हद में रहना चाहिए। साथ ही एक्टर ने को-स्टार का बचाव भी किया और कहा कि सुनीता उन्हें बदनाम करने की कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। गोविंदा ने कहा था, जो काम बाहर मिलता है, वो मैं करता नहीं हूं और जो मैं कर रहा हूं, उसमें आप हस्तक्षेप कर रही हैं। और जब अपना काम आप कर रही थीं, फिर चाहे वो कुकिंग शो (लाफ्टर शेफ) हो या लॉकअप हो, टीना (बेटी) से कहकर मुझे उसमें बुलवाया, मेरी सेवाएं लीं। खैर वो तो आपका हक है, लेकिन जिस वक्त मैंने फिल्म शुरू की है, आप एक भी कसर नहीं छोड़ रही हैं कि मैं लोगों के दिल से उतर जाऊं बदनाम हो जाऊं, या कुछ ऐसा हो जाए कि मेरा बिजनेस न हो। वहीं, गोविंदा ने को-एक्ट्रेस रानी स्वर्णकर का बचाव करते हुए कहा था, कोई गरीब परिवार के लोग अगर फिल्म में आए हैं, तो उन्हें इस तरह बदनाम या लज्जित न कीजिए कि वो भाग जाएं। आप में क्षमता है, ताकत है, इज्जत, दौलत, शोहरत, सब दिया है ऊपर वाले ने। इसका मतलब ये नहीं कि जिसके पास ये नहीं है आप उसे जलील करें। ये आप पर शोभा नहीं देता। बहुत ज्यादा मां-बहन की गालियां देने लगी हैं- गोविंदा गोविंदा ने अपने वीडियो में यह भी कहा था कि मैं ये भी कहना चाहूंगा कि सुनीता जी आप बहुत मां-बहन की गालियां देने लगी हैं। ईश्वर को मनाइए कि अगर लोग आपसे प्रेरित हो गए तो आप कहां आइना देखेंगी। कहीं आपके साथ ही लोग मां-बहन की गालियां देना शुरू कर देंगे, तो हम सब बहुत लज्जित हो जाएंगे। ये ठीक नहीं है। बहुत सस्ता कर दिया है मां-बहन का नाम। आपसे उम्मीद नहीं है।

Govinda Visits Lalbaugcha Raja With Komal Rani

Govinda Visits Lalbaugcha Raja With Komal Rani

4 मिनट पहले कॉपी लिंक गोविंदा मंगलवार शाम रूमर्ड गर्लफ्रेंड कोमल रानी स्वर्णकार के साथ मुंबई के लालबागचा राजा पहुंचे। दोनों ने बप्पा के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। दोनों के अफेयर के रूमर्स फिर तेज हो चुके हैं, क्योंकि गोविंदा और रानी से कुछ देर पहले ही सुनीता आहूजा अकेले दर्शन करने पहुंची थीं। जबकि पिछले साल तक गोविंदा-सुनीता साथ गणेशोत्सव सेलिब्रेट करते आए हैं। दर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। गोविंदा और कोमल रानी ने पंडाल में प्रसाद चढ़ाया। दोनों ने पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। पुजारी ने दोनों के माथे पर तिलक लगाया। दर्शन के बाद गोविंदा ने बाहर मौजूद फैंस से हाथ हिलाकर मुलाकात की। देखिए लालबागचा राजा से सेलेब्स की तस्वीरें- गोविंदा और रानी स्वर्णकर से कुछ समय पहले ही सुनीता आहूजा भी लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंची थीं। सुनीता अकेले ही अपनी सिक्योरिटी टीम के साथ पहुंची थीं। ये सेलेब्स भी दर्शन करने पहुंचे- अनन्या पांडे पिता चंकी पांडे के साथ लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंची हैं। क्रिस्टल डिसूजा, रित्विक धनजानी के साथ पहुंची हैं। ईशा मालवीय, एक्टर गुरप्रीत के साथ दर्शन करने पहुंचीं। मंगलवार को संजय दत्त भी पत्नी मान्यता के साथ दर्शन करने पहुंचे। सुनीता का दावा- कोमल रानी से शादी करने वाले थे गोविंदा सुनीता आहूजा ने दिसंबर 2025 में गोविंदा से तलाक की अर्जी दाखिल की थी, हालांकि 19 अगस्त को उन्होंने अर्जी वापस ले ली है। इस दौरान राखी सावंत से कॉल पर बात करते हुए सुनीता ने दावा किया है कि तलाक के बाद गोविंदा कोमल से शादी करने वाले थे, यही वजह है कि उन्होंने तलाक का केस वापस ले लिया है। सुनीता आहूजा 19 अगस्त को मुंबई के बांद्रा फैमिली कोर्ट पहुंचीं। बेटे यशवर्धन भी उनके साथ थे। गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कन्फर्म किया कि सुनीता ने तलाक का केस वापस ले लिया है, जो उन्होंने दिसंबर 2024 में दायर किया था। गोविंदा के मैनेजर बोले- तमाशा बनाने की क्या जरुरत थी वहीं दूसरी तरफ मैनेजर ने सुनीता के इस रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वो परिवार का तमाशा बना रही हैं। एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में मैनेजर शशि सिन्हा ने कहा, “अदालत जाने की कोई जरूरत नहीं थी। घर की बातें घर में रहकर, बैठकर बात करके सुलझ सकती हैं। जब आज याचिका वापस ही लेनी थी, तो फिर केस किया ही क्यों था? मुझे इस बात का बहुत दुख है कि बिना वजह हम सब तमाशा बन गए।” ‘दो साल से मीडिया में छवि खराब हुई’- मैनेजर मैनेजर ने बताया कि दोनों के बीच का विवाद पिछले लगभग डेढ़ से दो साल से मीडिया में चल रहा था। इससे गोविंदा और उनके परिवार की साख को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि हर शादीशुदा जिंदगी में पति-पत्नी के बीच मतभेद होते हैं, यह आम बात है। लेकिन जब मामला कोर्ट और मीडिया तक पहुंच जाता है, तो बात सार्वजनिक हो जाती है। इस पूरे मामले में तमाशा बनने से आसानी से बचा जा सकता था। दिसंबर 2024 में किया था तलाक का केस गौरतलब है कि सुनीता आहूजा ने दिसंबर 2024 में गोविंदा के खिलाफ बांद्रा फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की थी। वहीं, यह खबर पिछले साल अगस्त के महीने में सामने आई थी, जब हॉटरफ्लाई ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सुनीता ने हिंदू मैरिज एक्ट 1955 की धारा 13 (1) (i), (ia), (ib) के तहत तलाक के लिए अर्जी दी थी। याचिका में उन्होंने गोविंदा पर क्रूरता, बेवफाई और परित्याग जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। रूमर्ड गर्लफ्रेंड के साथ पब्लिकली स्पॉट हुए गोविंदा हाल ही में गोविंदा को उनकी अपकमिंग कमबैक फिल्म रूपा की को-एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ स्पॉट किया गया। गोविंदा को एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ एयरपोर्ट पर एक साथ स्पॉट किया गया था इस पर सुनीता ने कहा था, “गोविंदा अपनी बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहे हैं और उन्हें इस बात पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए।” सुनीता आहूजा ने गोविंदा साथ दिखीं एक्ट्रेस कोमल के ड्रेसिंग सेंस पर भी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि अगर सामने वाले का शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कम से कम कपड़े तो ढंग के पहनने चाहिए। पत्नी के बयानों पर गोविंदा भड़क गए थे वहीं, पत्नी सुनीता के आपत्तिजनक बयानों पर गोविंदा भड़क गए थे। गोविंदा ने चेतावनी देकर कहा था कि उन्हें हद में रहना चाहिए। साथ ही एक्टर ने को-स्टार का बचाव भी किया और कहा कि सुनीता उन्हें बदनाम करने की कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। गोविंदा ने कहा था, जो काम बाहर मिलता है, वो मैं करता नहीं हूं और जो मैं कर रहा हूं, उसमें आप हस्तक्षेप कर रही हैं। और जब अपना काम आप कर रही थीं, फिर चाहे वो कुकिंग शो (लाफ्टर शेफ) हो या लॉकअप हो, टीना (बेटी) से कहकर मुझे उसमें बुलवाया, मेरी सेवाएं लीं। खैर वो तो आपका हक है, लेकिन जिस वक्त मैंने फिल्म शुरू की है, आप एक भी कसर नहीं छोड़ रही हैं कि मैं लोगों के दिल से उतर जाऊं बदनाम हो जाऊं, या कुछ ऐसा हो जाए कि मेरा बिजनेस न हो। वहीं, गोविंदा ने को-एक्ट्रेस रानी स्वर्णकर का बचाव करते हुए कहा था, कोई गरीब परिवार के लोग अगर फिल्म में आए हैं, तो उन्हें इस तरह बदनाम या लज्जित न कीजिए कि वो भाग जाएं। आप में क्षमता है, ताकत है, इज्जत, दौलत, शोहरत, सब दिया है ऊपर वाले ने। इसका मतलब ये नहीं कि जिसके पास ये नहीं है आप उसे जलील करें। ये आप पर शोभा नहीं देता। बहुत ज्यादा मां-बहन की गालियां देने लगी हैं- गोविंदा गोविंदा ने अपने वीडियो में यह भी कहा था कि मैं ये भी कहना चाहूंगा कि सुनीता जी आप बहुत मां-बहन की गालियां देने लगी हैं। ईश्वर को मनाइए कि अगर लोग आपसे प्रेरित हो गए तो आप कहां आइना देखेंगी। कहीं आपके साथ ही लोग मां-बहन की गालियां देना शुरू कर देंगे, तो हम सब बहुत लज्जित हो जाएंगे। ये ठीक नहीं है। बहुत सस्ता कर दिया है मां-बहन का नाम। आपसे उम्मीद नहीं है।

Starbucks India GCC Center Launch & Defence Ministry Tank Power Units Deal

Starbucks India GCC Center Launch & Defence Ministry Tank Power Units Deal

Hindi News Career Starbucks India GCC Center Launch & Defence Ministry Tank Power Units Deal 6 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. भारत- मंगोलिया संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘नोमैडिक एलीफेंट 2026’ शुरू 22 सितंबर को भारत और मंगोलिया के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘नोमैडिक एलीफेंट 2026’ शुरू हुआ। भारत-मंगोलिया के बीच ये अभ्यास उत्तराखंड के पिथौरागढ़ स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में किया जा रहा है और ये 18वां संस्करण है। इस संस्करण में भारतीय सेना और मंगोलियाई सशस्त्र बलों के 45-45 जवान भाग ले रहे हैं। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य अर्ध-शहरी और पहाड़ी क्षेत्रों में आतंकवाद-रोधी/काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशन के लिए संयुक्त क्षमता बढ़ाना है। ये एक वार्षिक प्लाटून-स्तरीय सैन्य अभ्यास है, जो 3 अक्टूबर तक चलेगा और ये अभ्यास हर साल भारत और मंगोलिया में बारी-बारी से आयोजित होता है। इसमें ˈकॉड्‌न्‌ और सर्च ऑपरेशन और रूम इंटरवेशन ड्रिल का अभ्यास होगा। स्पेशल ऑपरेशन्स और साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग भी ट्रेनिंग का हिस्सा है। इसमें सैनिक ड्रोन और काउंटर ड्रोन सिस्टम के इस्तेमाल की ट्रेनिंग भी की जाएगी। अभ्यास से दोनों सेनाओं के बीच आपसी सहयोग, यानी साथ मिलकर प्रभावी ढंग से ऑपरेशन करने की क्षमता मजबूत होगी। पिछले संस्करण का आयोजन मई-जून 2025 में उलानबटार, मंगोलिया में हुआ था। स्पोर्ट्स (SPORTS) 2. सविता सबसे ज्यादा इंटरनेशनल खेलने वाली पहली भारतीय प्लेयर बनीं 22 सितंबर को सविता पूनिया भारतीय महिला हॉकी के इतिहास में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेलने वाली खिलाड़ी बनीं। सविता के इस योगदान को सम्मान देने के लिए हॉकी इंडिया ने उन्हें 10 लाख रुपए का नकद इनाम देने की घोषणा की। सविता ने भारत की पूर्व स्ट्राइकर वंदना कटारिया के 320 सीनियर इंटरनेशनल मैच खेलने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। सविता ने जापान में चल रहे एशियन गेम्स में इंडोनेशिया के खिलाफ भारत के पूल बी मैच के दौरान यह रिकॉर्ड बनाया है। ओपन प्ले में शॉट रोकने की अपनी काबिलियत और पेनल्टी शूटआउट में बिना घबराए खेलने के रिकॉर्ड के कारण हॉकी की दुनिया में ‘द वॉल ऑफ इंडिया’ के नाम से भी जाना है। सविता तीन ओलंपिक, दो एशियाई खेल, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी और एफआईएच प्रो लीग जैसे कई अहम टूर्नामेंटों का हिस्सा रही हैं। सविता ने 2009 में अपना सीनियर इंटरनेशनल डेब्यू किया था। एग्रीमेंट (AGREEMENT) 3. रक्षा मंत्रालय ने पावर यूनिट के लिए ₹586 करोड़ का MoU किया 22 सितंबर को रक्षा मंत्रालय ने टैंकों के लिए पावर यूनिट खरीदने के लिए 586 करोड़ रुपए का कॉन्ट्रैक्ट किया। ये कॉन्ट्रैक्ट नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में ‘एक्यूरेट इंडस्ट्रियल कंट्रोल्स प्राइवेट लिमिटेड’ के साथ साइन किया गया। इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत T-72 और T-90 टैंकों के लिए ऑक्सिलरी पावर यूनिट (APU) खरीदी जाएगी। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, डिफेंस मिनिस्ट्री ने सेना की मैकेनाइज्ड यूनिट्स की ऑपरेशनल तैयारी को मजबूत करने के लिए ये कॉन्ट्रैक्ट किया है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, APU टैंक के फायर कंट्रोल सिस्टम, फायरिंग सर्किट, गन स्टेबलाइजेशन सिस्टम और अन्य सिस्टम के लिए बिजली उपलब्ध कराने का वैकल्पिक स्रोत है। स्वदेशी रूप से विकसित APU के शामिल होने से भारतीय सेना की मैकेनाइज्ड फॉर्मेशन की परिचालन क्षमता, विश्वसनीयता और दीर्घकालिक संचालन क्षमता मजबूत होगी। APU टैंक के मुख्य इंजन को बंद रखकर बिजली प्रोड्यूस करने का एक वैकल्पिक स्रोत है। ये फायर कंट्रोल सिस्टम को इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई करता है और टैंक के मुख्य इंजन को लंबे समय तक चलाए रखने में मदद करता है। 4. स्टारबक्स ने भारत में पहला सेंटर स्थापित करने के लिए MoU किया 22 सितंबर को अमेरिकी कॉफी कंपनी स्टारबक्स (Starbucks) ने चेन्नई में अपना पहला ग्लोबल कैपिबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने के लिए तमिलनाडु सरकार के साथ MoU किया। इस MoU पर स्टारबक्स और गाइडेंस तमिलनाडु के बीच समझौता हुआ। समझौते के दौरान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय भी मौजूद रहे। ये सेंटर स्टारबक्स के ग्लोबल बिजनेस और टेक्नोलॉजी ऑपरेशंस को सपोर्ट करेगा। इस MoU के तहत टेक्नोलॉजी और बिजनेस से जुड़े काम किए जाएंगे, जिनमें सॉफ्टवेयर, फाइनेंस, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) जैसे सेक्टर शामिल हैं। ये सेंटर भारत में स्टारबक्स के रिटेल बिजनेस से अलग काम करेगा। इस MoU में स्टारबक्स चेन्नई GCC अमेरिका में स्थित टेक्नोलॉजी ऑपरेशंस के साथ मिलकर काम करेगा। ग्लोबल कैपिबिलिटी सेंटर (GCC) GCC ऐसे केंद्र होते हैं जहां बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपनी वैश्विक गतिविधियों के लिए टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, R&D और अन्य विशेषज्ञ कार्य संचालित करती हैं। चेन्नई भारत के प्रमुख GCC हब में शामिल है और भारत में 2,100 से ज्यादा GCC सेंटर हैं। ये सेंटर स्टारबक्स के ग्लोबल बिजनेस और टेक्नोलॉजी ऑपरेशंस को सपोर्ट करेगा। अवार्ड (AWARD) 5. गुजरात में नेशनल फिल्म अवार्ड सेरेमनी हुई 22 सितंबर को गुजरात में नेशनल फिल्म अवार्ड सेरेमनी मे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अवार्ड दिए पहली बार नई दिल्ली के विज्ञान भवन की बजाय ये सेरेमनी गुजरात के केवड़िया में यानी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में हुई। कार्तिक आर्यन को फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ और ममूटी को ‘ब्रह्मयुग’ के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला। यामी गौतम को फिल्म ‘आर्टिकल 370’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला। इसके साथ ही बेस्ट हिंदी फिल्म ‘श्रीकांत’ और बेस्ट फीचर फिल्म का अवॉर्ड ‘आर्टिकल 370’ को दिया गया। आनंद एल. राय को नॉन फीचर फिल्म के लिए बेस्ट डायरेक्शन का अवॉर्ड मिला। बेस्ट वॉयस ओवर के लिए सौंदर्या जयचंद्रन को इंग्लिश फिल्म लिटिल प्लैनेट: ए टेल ऑफ फ्रॉग्स के लिए अवार्ड मिला। भक्षक’ के लिए संजय मिश्रा को बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला है। यह फिल्म सीधे नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी। विजेताओं की घोषणा 18 जुलाई को की गई थी। आज का इतिहास 1846 में जर्मन खगोलशास्त्री जोहान गॉटफ्रीड गैले ने बर्लिन वेधशाला (Observatory) में नेप्च्यून ग्रह की खोज की। 1908 में हिंदी साहित्य के ‘राष्ट्रकवि’ रामधारी सिंह ‘दिनकर’ का जन्म हुआ। 2009 में ISRO ने ओशनसैट-2 समेत सात उपग्रहों को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Kartik Aaryan Wins National Award for Chandu Champion

Kartik Aaryan Wins National Award for Chandu Champion

2 घंटे पहले कॉपी लिंक कार्तिक आर्यन को मंगलवार को फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ के लिए 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में बेस्ट एक्टर का पुरस्कार मिला। उन्होंने यह अवॉर्ड ममूटी के साथ शेयर किया, जिन्हें ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए यह पुरस्कार मिला। फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक आर्यन ने अपनी लाइफ का सबसे बड़ा ट्रांसफॉर्मेशन किया था। ‘चंदू चैंपियन’ देश के पहले पैरालिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मुरलीकांत पेटकर की जिंदगी पर आधारित थी। फिल्म में मुरलीकांत का किरदार निभाने के लिए कार्तिक को अपने शरीर के साथ-साथ बॉक्सिंग स्किल्स पर भी काम करना पड़ा। इसके लिए उन्होंने करीब 14 महीने तक लगातार ट्रेनिंग ली। नेशनल लेवल के बॉक्सर और फिटनेस कोच त्रिदेव पांडे ने कार्तिक के बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन में उनकी मदद की थी। त्रिदेव ने 2024 में दैनिक भास्कर से बातचीत में कार्तिक की ट्रेनिंग से जुड़ी कई बातें बताई थीं। कार्तिक आर्यन ने 2025 में हुए 70वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ के लिए बेस्ट एक्टर का अपना पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता था। 90 किलो वजन से शुरू हुई ट्रेनिंग त्रिदेव के मुताबिक, जब फिल्म के लिए ट्रेनिंग शुरू हुई, तब कार्तिक का वजन 90 किलो था। लक्ष्य था कि उनका वजन घटाकर 69 से 75 किलो के बीच लाया जाए। इसके साथ ही उन्हें एक बॉक्सर के तौर-तरीकों के लिए तैयार करना था। त्रिदेव ने बताया था कि सिर्फ कार्तिक की बॉडी बनाना लक्ष्य नहीं था। फिल्म में बॉक्सिंग के प्रॉपर सीन थे, इसलिए उन्हें बॉक्सर की तरह तैयार करना जरूरी था। इसके लिए ट्रेनिंग में हैंड-आई कोऑर्डिनेशन पर खास ध्यान दिया गया। त्रिदेव पांडे (दाएं) खुद भी एक नेशनल लेवल के बॉक्सर रह चुके हैं। बॉक्सिंग में सामने वाले की हर मूवमेंट पर नजर रखना जरूरी होता है। त्रिदेव के मुताबिक, इस खेल में माइक्रो सेकेंड में चीजें बदल सकती हैं। इसलिए कार्तिक को निशाने पर नजर बनाए रखने और उसी के मुताबिक तेजी से प्रतिक्रिया देने की ट्रेनिंग दी गई थी। ट्रेनिंग में कई पंच भी खाने पड़े बॉक्सिंग सीखना कार्तिक के लिए आसान नहीं था। त्रिदेव ने बताया था कि ट्रेनिंग के दौरान कार्तिक को उनसे कई पंच पड़े। कई बार उनके चेहरे और पेट पर भी चोट लगी। कार्तिक को ट्रेनिंग के दौरान काफी दर्द सहना पड़ा। कई मौकों पर वह त्रिदेव से कहते थे, ‘भाई आराम से मारो।’ इसके बावजूद फिल्म की जरूरत के मुताबिक उन्होंने ट्रेनिंग जारी रखी थी। डाइट में 12 अंडे, एक साल तक मिठाई से दूरी कार्तिक की डाइट पर भी खास ध्यान दिया गया। त्रिदेव के मुताबिक, 14 महीने की ट्रेनिंग के दौरान उनके खाने में 12 अंडे शामिल थे। वह मांस नहीं खाते थे। बॉडी में फैट की मात्रा कम करने के लिए कार्तिक ने करीब एक साल तक मिठाई को हाथ नहीं लगाया। त्रिदेव ने कहा था कि लोगों में यह धारणा है कि मांस के बिना बॉडी नहीं बनाई जा सकती, लेकिन ‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक की बॉडी इसका उदाहरण थी। फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक आर्यन ने अपने शरीर का बॉडी फैट 39% से घटाकर मात्र 7% पर ले आए थे। पहली फिल्म के लिए मिले थे 70 हजार रुपए ग्वालियर के एक सामान्य परिवार से निकले कार्तिक आर्यन ने बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने के लिए लंबा संघर्ष किया। 22 नवंबर 1990 को जन्मे कार्तिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने मुंबई आए थे, लेकिन उनका सपना इंजीनियर बनने का नहीं, एक्टर बनने का था। कॉलेज के साथ वे फिल्मों के ऑडिशन देने लगे। परिवार को भी इसकी ज्यादा जानकारी नहीं थी। ऑडिशन की जानकारी तलाशते और फिर बेलापुर से अंधेरी तक लोकल ट्रेन से पहुंचते थे। कई बार स्टेशन के वॉशरूम में कपड़े बदलकर ऑडिशन देते थे। करीब दो-तीन साल तक उनका यही सिलसिला चलता रहा। फिल्म ‘प्यार का पंचनामा’ से लव रंजन ने बतौर निर्देशक डेब्यू किया था। वहीं, इस फिल्म से कार्तिक आर्यन ने भी एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था। इसी दौरान फेसबुक से उन्हें फिल्म ‘प्यार का पंचनामा’ के ऑडिशन की जानकारी मिली। पहली कोशिश में कार्तिक रिजेक्ट हो गए। करीब 6 महीने तक कोई कॉल नहीं आया। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने प्रोडक्शन हाउस से अपनी तस्वीरें तक वापस मांगीं, ताकि दूसरे ऑडिशन में इस्तेमाल कर सकें। इसके बाद उन्हें दोबारा ऑडिशन के लिए बुलाया गया। करीब 6 महीने तक अलग-अलग राउंड हुए। फाइनल ऑडिशन में उन्हें 5 पेज का लंबा मोनोलॉग दिया गया। अगले दिन उन्हें इसे परफॉर्म करना था। कार्तिक ने इसे याद किया और ऑडिशन पास कर लिया। साल 2011 में कार्तिक ने ‘प्यार का पंचनामा’ में रजत यानी रज्जो का किरदार निभाया था। इस फिल्म के लिए उन्हें करीब 70 हजार रुपए मिले थे। फिल्म में उनका लंबा मोनोलॉग काफी चर्चा में रहा। हालांकि इसके बाद का सफर आसान नहीं रहा। 2018 में ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ ने बदला करियर ‘आकाशवाणी’ और ‘कांची’ जैसी फिल्मों को खास सफलता नहीं मिली। एक समय ऐसा भी आया जब कार्तिक को लगने लगा था कि शायद उन्हें आगे काम न मिले, लेकिन साल 2018 में ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ ने उनका करियर बदल दिया। फिल्म हिट हुई और कार्तिक की पहचान तेजी से बढ़ी। कार्तिक आर्यन की फिल्म ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ (2018) का कुल बजट लगभग 25 करोड़ रुपए था और इसने बॉक्स ऑफिस पर 152–156 करोड़ रुपए की कमाई की थी। इसके बाद ‘लुका छुपी’ और ‘पति पत्नी और वो’ जैसी फिल्मों ने उनकी लोकप्रियता और मजबूत की। फिर साल 2022 में ‘भूल भुलैया 2’ ने उन्हें बड़े कमर्शियल स्टार्स की लिस्ट में पहुंचा दिया। कार्तिक ने इसके बाद अलग तरह के किरदार भी चुने। ‘सत्यप्रेम की कथा’ के बाद उन्होंने ‘चंदू चैंपियन’ में पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मुरलीकांत पेटकर का किरदार निभाया। 70 हजार से 20 करोड़ तक पहुंची फीस कभी 70 हजार में फिल्म करने वाले कार्तिक की जिंदगी में ऐसे पल भी आया, उन्हें मात्र 10 दिन के रोल के लिए 20 करोड़ मिले। कार्तिक आर्यन ने आप की अदालत में बताया था कि उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान अपनी एक फिल्म की महज 10 दिनों की शूटिंग के लिए 20 करोड़ रुपये चार्ज किए थे। हालांकि उन्होंने फिल्म का नाम नहीं लिया, लेकिन रिपोर्ट्स के

Kartik Aaryan Wins National Award for Chandu Champion

Kartik Aaryan Wins National Award for Chandu Champion

5 मिनट पहले कॉपी लिंक कार्तिक आर्यन को मंगलवार को फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ के लिए 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में बेस्ट एक्टर का पुरस्कार मिला। उन्होंने यह अवॉर्ड ममूटी के साथ शेयर किया, जिन्हें ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए यह पुरस्कार मिला। फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक आर्यन ने अपनी लाइफ का सबसे बड़ा ट्रांसफॉर्मेशन किया था। ‘चंदू चैंपियन’ देश के पहले पैरालिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मुरलीकांत पेटकर की जिंदगी पर आधारित थी। फिल्म में मुरलीकांत का किरदार निभाने के लिए कार्तिक को अपने शरीर के साथ-साथ बॉक्सिंग स्किल्स पर भी काम करना पड़ा। इसके लिए उन्होंने करीब 14 महीने तक लगातार ट्रेनिंग ली। नेशनल लेवल के बॉक्सर और फिटनेस कोच त्रिदेव पांडे ने कार्तिक के बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन में उनकी मदद की थी। त्रिदेव ने 2024 में दैनिक भास्कर से बातचीत में कार्तिक की ट्रेनिंग से जुड़ी कई बातें बताई थीं। कार्तिक आर्यन ने 2025 में हुए 70वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ के लिए बेस्ट एक्टर का अपना पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता था। 90 किलो वजन से शुरू हुई ट्रेनिंग त्रिदेव के मुताबिक, जब फिल्म के लिए ट्रेनिंग शुरू हुई, तब कार्तिक का वजन 90 किलो था। लक्ष्य था कि उनका वजन घटाकर 69 से 75 किलो के बीच लाया जाए। इसके साथ ही उन्हें एक बॉक्सर के तौर-तरीकों के लिए तैयार करना था। त्रिदेव ने बताया था कि सिर्फ कार्तिक की बॉडी बनाना लक्ष्य नहीं था। फिल्म में बॉक्सिंग के प्रॉपर सीन थे, इसलिए उन्हें बॉक्सर की तरह तैयार करना जरूरी था। इसके लिए ट्रेनिंग में हैंड-आई कोऑर्डिनेशन पर खास ध्यान दिया गया। त्रिदेव पांडे (दाएं) खुद भी एक नेशनल लेवल के बॉक्सर रह चुके हैं। बॉक्सिंग में सामने वाले की हर मूवमेंट पर नजर रखना जरूरी होता है। त्रिदेव के मुताबिक, इस खेल में माइक्रो सेकेंड में चीजें बदल सकती हैं। इसलिए कार्तिक को निशाने पर नजर बनाए रखने और उसी के मुताबिक तेजी से प्रतिक्रिया देने की ट्रेनिंग दी गई थी। ट्रेनिंग में कई पंच भी खाने पड़े बॉक्सिंग सीखना कार्तिक के लिए आसान नहीं था। त्रिदेव ने बताया था कि ट्रेनिंग के दौरान कार्तिक को उनसे कई पंच पड़े। कई बार उनके चेहरे और पेट पर भी चोट लगी। कार्तिक को ट्रेनिंग के दौरान काफी दर्द सहना पड़ा। कई मौकों पर वह त्रिदेव से कहते थे, ‘भाई आराम से मारो।’ इसके बावजूद फिल्म की जरूरत के मुताबिक उन्होंने ट्रेनिंग जारी रखी थी। डाइट में 12 अंडे, एक साल तक मिठाई से दूरी कार्तिक की डाइट पर भी खास ध्यान दिया गया। त्रिदेव के मुताबिक, 14 महीने की ट्रेनिंग के दौरान उनके खाने में 12 अंडे शामिल थे। वह मांस नहीं खाते थे। बॉडी में फैट की मात्रा कम करने के लिए कार्तिक ने करीब एक साल तक मिठाई को हाथ नहीं लगाया। त्रिदेव ने कहा था कि लोगों में यह धारणा है कि मांस के बिना बॉडी नहीं बनाई जा सकती, लेकिन ‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक की बॉडी इसका उदाहरण थी। फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक आर्यन ने अपने शरीर का बॉडी फैट 39% से घटाकर मात्र 7% पर ले आए थे। पहली फिल्म के लिए मिले थे 70 हजार रुपए ग्वालियर के एक सामान्य परिवार से निकले कार्तिक आर्यन ने बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने के लिए लंबा संघर्ष किया। 22 नवंबर 1990 को जन्मे कार्तिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने मुंबई आए थे, लेकिन उनका सपना इंजीनियर बनने का नहीं, एक्टर बनने का था। कॉलेज के साथ वे फिल्मों के ऑडिशन देने लगे। परिवार को भी इसकी ज्यादा जानकारी नहीं थी। ऑडिशन की जानकारी तलाशते और फिर बेलापुर से अंधेरी तक लोकल ट्रेन से पहुंचते थे। कई बार स्टेशन के वॉशरूम में कपड़े बदलकर ऑडिशन देते थे। करीब दो-तीन साल तक उनका यही सिलसिला चलता रहा। फिल्म ‘प्यार का पंचनामा’ से लव रंजन ने बतौर निर्देशक डेब्यू किया था। वहीं, इस फिल्म से कार्तिक आर्यन ने भी एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था। इसी दौरान फेसबुक से उन्हें फिल्म ‘प्यार का पंचनामा’ के ऑडिशन की जानकारी मिली। पहली कोशिश में कार्तिक रिजेक्ट हो गए। करीब 6 महीने तक कोई कॉल नहीं आया। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने प्रोडक्शन हाउस से अपनी तस्वीरें तक वापस मांगीं, ताकि दूसरे ऑडिशन में इस्तेमाल कर सकें। इसके बाद उन्हें दोबारा ऑडिशन के लिए बुलाया गया। करीब 6 महीने तक अलग-अलग राउंड हुए। फाइनल ऑडिशन में उन्हें 5 पेज का लंबा मोनोलॉग दिया गया। अगले दिन उन्हें इसे परफॉर्म करना था। कार्तिक ने इसे याद किया और ऑडिशन पास कर लिया। साल 2011 में कार्तिक ने ‘प्यार का पंचनामा’ में रजत यानी रज्जो का किरदार निभाया था। इस फिल्म के लिए उन्हें करीब 70 हजार रुपए मिले थे। फिल्म में उनका लंबा मोनोलॉग काफी चर्चा में रहा। हालांकि इसके बाद का सफर आसान नहीं रहा। 2018 में ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ ने बदला करियर ‘आकाशवाणी’ और ‘कांची’ जैसी फिल्मों को खास सफलता नहीं मिली। एक समय ऐसा भी आया जब कार्तिक को लगने लगा था कि शायद उन्हें आगे काम न मिले, लेकिन साल 2018 में ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ ने उनका करियर बदल दिया। फिल्म हिट हुई और कार्तिक की पहचान तेजी से बढ़ी। कार्तिक आर्यन की फिल्म ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ (2018) का कुल बजट लगभग 25 करोड़ रुपए था और इसने बॉक्स ऑफिस पर 152–156 करोड़ रुपए की कमाई की थी। इसके बाद ‘लुका छुपी’ और ‘पति पत्नी और वो’ जैसी फिल्मों ने उनकी लोकप्रियता और मजबूत की। फिर साल 2022 में ‘भूल भुलैया 2’ ने उन्हें बड़े कमर्शियल स्टार्स की लिस्ट में पहुंचा दिया। कार्तिक ने इसके बाद अलग तरह के किरदार भी चुने। ‘सत्यप्रेम की कथा’ के बाद उन्होंने ‘चंदू चैंपियन’ में पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मुरलीकांत पेटकर का किरदार निभाया। 70 हजार से 20 करोड़ तक पहुंची फीस कभी 70 हजार में फिल्म करने वाले कार्तिक की जिंदगी में ऐसे पल भी आया, उन्हें मात्र 10 दिन के रोल के लिए 20 करोड़ मिले। कार्तिक आर्यन ने आप की अदालत में बताया था कि उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान अपनी एक फिल्म की महज 10 दिनों की शूटिंग के लिए 20 करोड़ रुपये चार्ज किए थे। हालांकि उन्होंने फिल्म का नाम नहीं लिया, लेकिन रिपोर्ट्स के