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अमरूद के पत्ते की चटनी रेसिपी: गर्मी में पेट को ठंडा और स्ट्रांग इम्युनिटी के लिए अमरूद के पत्ते की चटनी, नोट करें रेसिपी

तस्वीर का विवरण

गर्मी के कारण होने वाली जलन और एसिडिटी को शांत करने में सहायक है। विटामिन-सी और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर, जो फूलों से लड़ने में मदद करते हैं। छवि: मेटा एआई चौदह की अधिकता खण्डन और अपच जैस प्रश्नों को दूर से देखें। इसलिए अमरूद के पत्ते की भीड़। छवि: मेटा एआई अन्य अमरूद के पत्ते, हरी मिर्च और अदरक, काली मिर्च, जीरा और काले नमक का रस, हरा धनिया से असली। छवि: मेटा एआई मसाले के जार में साकाये हुए पत्ते, हरी मिर्च, अदरक, अन्य भी हुए जीरा और काला नमक। सिलबट्टे पर पीसी हुई अमरूद का स्वाद और भी लाजवाब होता है। छवि: मेटा एआई आयुर्वेद के अनुसार, अमरूद के दुकानदारों में शीतल गुण होते हैं जो पेट की पित्त को कम करते हैं। यह गर्मियों में होने वाले दस्तों को रोकने में भी बेहद प्रभावशाली है। छवि: मेटा एआई इन बंधकों में हाइपोग्लाइसेमिक गुण होते हैं जो ब्लड शुगर लेवल को स्थिर करने में मदद करते हैं। यह व्यापारियों के लिए एक बेहतरीन साइड डिश है। छवि: मेटा एआई दाल-चावल या सादी रोटी के साथ स्वाद बढ़ जाता है। इसे पैराथे या डायनेमिक में स्पाइडरड की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है। छवि: मेटा एआई रोजाना 1-2 मैक का सेवन स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है। छवि: मेटा एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)अमरूद के पत्ते की चटनी के उपयोग(टी)अमरूद के पत्ते की चटनी रेसिपी(टी)अमरूद की चटनी कैसे बनाएं(टी)अमरूद की सब्जी(टी)कच्चे अमरूद की चटनी(टी)मसालेदार अमरूद की चटनी(टी)अमरूद के पत्ते की चटनी(टी)अमरूद के पत्ते की चटनी(टी)मजबूत इम्यूनिटी चटनी (टी) पेट को ठंडा करने वाली चटनी

इम्युनिटी से लेकर एनर्जी तक…. एक गिलास में छिपा है बड़ा फायदा, जानिए इस हेल्दी ड्रिंक से जुड़ी सावधानियां

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Last Updated:April 20, 2026, 13:31 IST गर्मी का मौसम आते ही शरीर को ठंडक और हाइड्रेशन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. ऐसे में नींबू पानी एक आसान, सस्ता और असरदार घरेलू उपाय बनकर सामने आता है. विटामिन C से भरपूर यह ड्रिंक न सिर्फ इम्युनिटी को मजबूत करता है, बल्कि पाचन सुधारने, शरीर को डिटॉक्स करने और वजन कंट्रोल में रखने में भी मददगार माना जाता है. गर्मी का मौसम शुरू होते ही शरीर में पानी की कमी, थकान और चक्कर जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं. ऐसे में अगर आप रोजाना नींबू पानी का सेवन शुरू कर दें, तो यह आपकी सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. नींबू पानी न सिर्फ शरीर को ठंडक देता है, बल्कि कई बीमारियों से बचाने में भी मदद करता है. आपको बताते चलें कि गर्मियों में दिन की शुरुआत एक गिलास हल्के गुनगुने या सामान्य पानी में नींबू मिलाकर करने से शरीर को कई फायदे मिलते हैं. दरअसल रायबरेली जिले के आयुष चिकित्सालय शिवगढ़ की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ स्मिता श्रीवास्तव बीएएमएस लखनऊ विश्वविद्यालय लोकल 18 से बात करते हुए बताती हैं कि नींबू में विटामिन C प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है. गर्मी में अक्सर वायरल इंफेक्शन, सर्दी-जुकाम और थकान की शिकायत होती है. ऐसे में नींबू पानी का नियमित सेवन शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है और संक्रमण से बचाने में सहायक होता है. इसके अलावा, यह त्वचा के लिए भी फायदेमंद है. नींबू पानी पीने से शरीर डिटॉक्स होता है, जिससे त्वचा साफ और चमकदार बनती है. Add News18 as Preferred Source on Google गर्मी में पसीना ज्यादा निकलने के कारण शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है. नींबू पानी इस कमी को पूरा करता है और शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है. खासकर अगर इसमें थोड़ा सा नमक और चीनी मिला दी जाए, तो यह प्राकृतिक एनर्जी ड्रिंक की तरह काम करता है. इससे तुरंत ऊर्जा मिलती है और थकान दूर होती है. पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में भी नींबू पानी काफी कारगर माना जाता है. सुबह खाली पेट नींबू पानी पीने से पेट साफ रहता है और गैस, कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिलती है. आयुष चिकित्सक डॉ स्मिता श्रीवास्तव बताती है कि यह वजन कम करने में भी मददगार है. कई लोग वजन घटाने के लिए सुबह नींबू पानी में शहद मिलाकर पीते हैं, जिससे मेटाबॉलिज्म तेज होता है. नींबू पानी का सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए. बहुत अधिक मात्रा में पीने से दांतों की एनामेल पर असर पड़ सकता है, इसलिए स्ट्रॉ से पीना या पीने के बाद मुंह साफ करना बेहतर होता है. गर्मी के मौसम में नींबू पानी का सेवन करने से हमारे शरीर का इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत होता है, साथ ही इस मौसम में चलने वाली लू व तेज धूप से हमारे शरीर का बचाव होता है क्योंकि इसमें कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो हमारे शरीर को हाइड्रेट बनाए रखने में कारगर होते हैं. First Published : April 20, 2026, 13:31 IST

इम्यूनिटी बूस्टर ड्रिंक: बदलते मौसम में अगर बार-बार पड़ रहे हैं बीमार? किचन की ये नाश्ता बड़ाओइम्युनिटी

इम्यूनिटी बूस्टर ड्रिंक: बदलते मौसम में अगर बार-बार पड़ रहे हैं बीमार? किचन की ये नाश्ता बड़ाओइम्युनिटी

इम्यूनिटी बूस्टर ड्रिंक: मौसमी मौसम के साथ अगर आपको बार-बार झुर्रियाँ, गले में खराश या थकान महसूस होती है, तो यह आपकी ख़राब इम्युनिटी का संकेत हो सकता है। लाइफ़स्टाइल ख़राब और सस्ते दामों पर सेक्स की वजह से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। ऐसे में सामने आए कुछ सामान्य नीजी से तैयार किए गए एक ड्रिंक ड्रिंक से आप अपनी सेहत को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं। इस इम्युनिटी बूस्टर ड्रिंक को बनाने के लिए आपको अदरक, हल्दी, काली मिर्च, दालचीनी, शहद और नींबू की जरूरत पड़ेगी। इनमें सभी परमाणुओं में कोलेजन और एंटी-साइंटेंट गुण मौजूद होते हैं, जो शरीर के अंदर से मजबूत बनाने में मदद करते हैं। हालाँकि, अगर आपको किसी चीज से एलर्जी है या आप किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं, तो इसका सेवन पहले डॉक्टर की सलाह से जरूर लें। इस ड्रिंक को तैयार करने के लिए एक गिलास पानी लें। इसमें शामिल किया गया आधा कद्दू कद्दू। इसके बाद चुटकीभर हल्दी, 2 से 3 काली मिर्च और दालचीनी का छोटा टुकड़ा। इन सभी को 5 से 7 मिनट तक ग्रेट से प्रेमियों, ताकि बाकी पोषक तत्व पानी में डूब जाएं। इसके बाद गैस बंद हो गई और पानी थोड़ा ठंडा हो गया। जब यह गुनगुना रह जाए, तब इसमें थीम का रस और एक मैगज़ीन का मूल आधार होता है। ध्यान रखें कि शहद को बहुत गर्म पानी में न रखें। इस ड्रिंक का सबसे बड़ा फायदा पाने के लिए इसे सुबह खाली पेट या रात में सोने से पहले पिया जा सकता है। नियमित रूप से इसके सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर हो सकती है। दिन में एक बार मास का सेवन समसामयिक माना जाता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)इम्युनिटी बूस्टर ड्रिंक(टी)इम्युनिटी के लिए घरेलू उपाय(टी)अदरक हल्दी ड्रिंक के फायदे(टी)प्राकृतिक इम्युनिटी बूस्ट(टी)स्वस्थ जीवनशैली टिप्स(टी)आयुर्वेदिक ड्रिंक रेसिपी(टी)घरेलू स्वास्थ्य टिप्स(टी)प्रतिरक्षा बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ

फ्री में मिलने वाली ये हरी पत्तियां हैं सेहत के लिए अनमोल, खून करे साफ, कमजोर इम्यूनिटी करे मजबूत, कई रोगों से बचाए

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Last Updated:April 11, 2026, 22:29 IST How to consume coriander leaves in summer: धनिया पत्ती आप अक्सर सब्जी वाले से फ्री में मांग लेते होंगे. ताजी हरी धनिया पत्ती जिस व्यंजन में डाल दें, उसकी खुशबू और स्वाद डबल हो जाता है. धनिया पत्ती स्वाद के साथ ही सेहत भी बनाती है. गर्मियों में इसका सेवन जरूर करना चाहिए, क्योंकि ये सेहत को कई तरह से फायदा पहुंचाता है. जानिए, हरी धनिया पत्ती के स्वास्थ्य लाभ. गर्मियों में हरे धनिए के सेवन के फायदे. How to consume coriander leaves in summer: सर्दियों से लेकर गर्मियों में हरा धनिया अच्छी मात्रा में मिल जाता है और इसके बिना दाल-सब्जी का स्वाद भी अधूरा है. भारतीय खाने में धनिए को सजावटी तौर पर इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन यह मात्र दाल या सब्जी को गार्निश करने का साधन नहीं, बल्कि गुणों का खजाना है. आयुर्वेद हरे धनिये को ‘दोष-संतुलक,’ ‘रक्त-शोधक,’ और ‘पाचन-उत्तेजक’ मानता है. यह थायरॉयड में सबसे ज्यादा उपयोगी होता है. हरे धनिए में विटामिन ए, सी, के और पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और आयरन समेत कई मिनरल्स मिल जाते हैं. इसमें अधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है. यही कारण है कि आयुर्वेद में हरे धनिए को गुणों की खान माना जाता है लेकिन आज भी भारतीय थाली में इसका इस्तेमाल गलत तरीके से होता आ रहा है. आज हम आयुर्वेद के नजरिए से हरे धनिए के सेवन के बारे में जानेंगे. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. अक्सर भारतीय थाली में धनिए को गर्म सब्जी के साथ पका दिया जाता है, लेकिन यह गलत है. धनिए को कभी भी पकाकर नहीं खाना चाहिए, बल्कि इसका सेवन कच्चा ही करना चाहिए. पकाने से धनिए से विटामिन नष्ट हो जाते हैं और मिनरल्स की संख्या में भी कमी आती है. इसके साथ ही कोशिश करें कि धनिए को नींबू के साथ लें. ऐसा करने से शरीर में आयरन की अवशोषणता बढ़ जाती है. इसलिए दाल में कच्चे हरे धनिए के साथ नींबू की कुछ बूंदें जरूर डालें. हरे धनिए के साथ काला नमक जरूर लें. इससे भोजन अच्छे से पचता है और मंद पड़ी पाचन अग्नि तेज होती है. पाचन अग्नि में सुधार लाने के लिए हरा धनिया और काले नमक का कॉम्बिनेशन सबसे ज्यादा बेहतरीन है. इसके साथ ही अगर सुबह के वक्त खाली पेट हरे धनिए को पानी में उबालकर और छानकर पी लिया जाए तो यह लिवर के लिए डिटॉक्स वाटर की तरह काम करता है और लिवर के टॉक्सिन को कम करने का काम करता है. ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि जिन लोगों को बहुत जल्दी ठंड लग जाती है, उन्हें सीमित मात्रा में धनिए का सेवन करना चाहिए क्योंकि हरे धनिए की तासीर ठंडी होती है और इससे छींक आने की परेशानी और जुकाम हो सकता है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 11, 2026, 22:29 IST

गर्मियों में शरीर के लिए अमृत समान है ये रस, इम्यूनिटी करे बूस्ट, बॉडी को तुरंत दे एनर्जी, जानें सेवन का सही तरीका

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Ganne ka juice peene ke fayde: गर्मियों में गन्ने का जूस पीना सेहत के लिए अमृत समान है. यह एक नेचुरल ड्रिंक है, जो कई तरह के पोषक तत्वों का भंडार होता है. जब आप तेज धूप में घूमकर घर लौटते हैं तो थकान महसूस होती है. इस थकान को कम करने का काम करता है, गन्ने का रस. ये रस शरीर को तुरंत ही भरपूर एनर्जी देता है.  गन्ने के रस पीने के क्या फायदे होते हैं और इसमें क्या-क्या पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जानिए यहां विस्तार से… गन्ने के जूस में मौजूद पोषक तत्व गन्ने का रस एक पावर-पैक्ड जूस है, जिसमें मिनरल्स, विटामिंस, एंटीऑक्सीडेंट्स का खजाना होता है. इसमें एलेक्ट्रोलाइट्स को शरीर में बढ़ाने के भी गुण होते हैं. शरीर को डिटॉक्सिफाई, हाइड्रेटेड भी बनाए रखता है. इसमें कार्बोहाइड्रेट्स, आयरन, विटामिन सी, मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटैशियम, विटामिन बी1, बी2, बी9, एनर्जी, जिंक आदि होते हैं. गन्ने का जूस पीने फायदे -गर्मियों में गन्ने का रस पीने से शरीर को भरपूर एनर्जी मिलती है. आपकी सारी थकान दूर हो जाती है. आयुर्वेद में गन्ने के रस को कई बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है. यह शरीर को तरोताजा रखता है. यह लिवर की कार्यक्षमता बढ़ाता है. पाचन तंत्र को दुरुस्त बनाए रखता है. खासकर, पीलिया जैसी बीमारी में गन्ने का रस पीना बहुत फायदेमंद माना गया है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. -हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, गन्ने का रस एक नेचुरल डिटॉक्स ड्रिंक है, जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है. यह क्षारीय पेय (alkaline drink) होता है, जिसके कारण इम्यूनिटी बूस्ट होती है. -आयुर्वेद में गन्ने के रस को मूत्रवर्धक, शीतलक, रेचक और टॉनिक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. यह पेशाब में जलन, पेशाब न आने की समस्या और रक्तस्राव में भी राहत देता है. -लिवर की कार्यप्रणाली में सुधार करता है गन्ने का रस. पीलिया जैसी लिवर संबंधी समस्याओं के प्राकृतिक उपचारों में से एक गन्ने का रस है. इसकी क्षारीय प्रकृति पेट के अतिरिक्त पित्त रस और अम्लों को बेअसर करती है. लिवर की कार्य क्षमता को मजबूत बनाती है. -यूनानी चिकित्सा में इसे पीलिया के मरीजों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद माना जाता है. आधुनिक अध्ययनों में भी गन्ने में सूजन-रोधी, दर्द निवारक और लिवर की रक्षा करने वाले गुण पाए गए हैं. -इसमें मौजूद मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स तनाव कम करने में मददगार है. गन्ने का जूस पीने का सही तरीका विशेषज्ञों के अनुसार, गन्ने का ताजा और शुद्ध रस ही पीना चाहिए. अगर आप ठेले से गन्ने का रस पी रहे हैं तो ध्यान दें कि वहां मक्खियां ना भिनभिना रही हों. साफ-सफाई का पूरा ध्यान दिया जा रहा हो. बाजार में मिलने वाले मिलावटी गन्ने का जूस पीने से भी बचें. गन्ने के रस में आप नींबू या अदरक का रस मिलाकर भी पी सकते हैं. इसके फायदे अधिक बढ़ जाते हैं.  हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को सावधानी बरतनी चाहिए.

इम्यूनिटी बूस्ट करने से लेकर बीपी कंट्रोल करने तक, खरबूज के बीज में छिपा सेहत का राज, फेंकने की भूल न करें

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Last Updated:April 08, 2026, 23:37 IST Muskmelon Seeds Benefits: खरबूज ही नहीं इसके बीज भी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद साबित होते हैं. ये एक प्राकृतिक और सस्ता सुपरफूड हैं, जो बिना किसी नुकसान के शरीर को मजबूत बनाते हैं. इसलिए इन्हें रोजाना के खाने में शामिल करना एक अच्छा विकल्प है. ख़बरें फटाफट अच्छी सेहत के लिए रोजाना के खाने में छोटे-छोटे बदलाव करना बहुत फायदेमंद होता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स भी सलाह देते हैं कि पोषक तत्वों से भरपूर खरबूजे के बीजों को अपने आहार में शामिल करें. ये छोटे-छोटे बीज शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं. National Health Mission के अनुसार, खरबूजे के बीज प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होते हैं. ये शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने, हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं. इसलिए इन्हें रोजाना के खाने में शामिल करना एक अच्छा विकल्प है. खरबूज के बीज के फायदेआयुर्वेद के अनुसार, खरबूजे के बीज स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी माने जाते हैं। इनमें मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों को मजबूत करता है. फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और कब्ज की समस्या को कम करता है. साथ ही, इसमें मौजूद विटामिन और खनिज शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. इन बीजों का नियमित सेवन शरीर की रक्षा प्रणाली को मजबूत करता है, जिससे सर्दी-जुकाम जैसी आम बीमारियों से बचाव होता है. ये शरीर में सोडियम का स्तर संतुलित रखते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है. फाइबर की अच्छी मात्रा होने के कारण ये पाचन को सही रखते हैं और पेट साफ रखने में मदद करते हैं. साथ ही, ये दिमाग को तेज बनाने और याददाश्त सुधारने में भी सहायक होते हैं. खरबूजे के बीज बालों और नाखूनों के लिए भी फायदेमंद होते हैं. इनमें मौजूद पोषक तत्व बालों को मजबूत बनाते हैं और नाखूनों को स्वस्थ रखते हैं. डाइट में शामिल करने का तरीकाइन्हें अपनी डाइट में शामिल करना बहुत आसान है. आप इन्हें हल्का भूनकर नमक या मसालों के साथ स्नैक की तरह खा सकते हैं. इसके अलावा, सलाद, दही या नाश्ते में भी मिला सकते हैं. कुछ लोग इन्हें चाय या दूध के साथ भी लेना पसंद करते हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर रोज थोड़ी मात्रा में इन बीजों का सेवन किया जाए, तो शरीर को कई फायदे मिल सकते हैं. ये एक प्राकृतिक और सस्ता सुपरफूड हैं, जो बिना किसी नुकसान के शरीर को मजबूत बनाते हैं. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 08, 2026, 23:37 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

इसे सिर्फ हरी पत्ती मत समझिए, यह मसाला कई गंभीर बीमारियों में इम्यूनिटी बूस्टर! औषधीय गुणों से भरपूर

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Last Updated:April 07, 2026, 18:05 IST Health News: आज भी हमारे देश के लोग आयुर्वेद पर विश्वास करते हैं, क्योंकि आयुर्वेद में हर मर्ज का इलाज है. ऐसी ही एक औषधि है लेमनग्रास, जो हमारी सेहत के साथ स्वास्थ्य के लिए बेहद ही फायदेमंद है. आइए पोषक तत्वों से भरपूर इसकी खासियत के बारे में जानते हैं. वैसे हरी धनिया एक ऐसी चीज है, जो बाजार में सालभर पाई जाती है. इसकी पत्तियों का उपयोग हर घर में होता है, चाहे सब्जी हो या दाल रायता हो या चटनी, धनिया की पत्तियां हर खाने का स्वाद और खुशबू बढ़ा देती है. ये पत्तियां सिर्फ स्वाद ही नहीं बढ़ातीं, बल्कि हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद भी होती हैं. यह एक ऐसी चीज है, जो दिखने में भले ही मामूली लगे, लेकिन इसके अंदर छिपे पोषक तत्व हमारी सेहत और स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. आयुर्वेद में भी धनिया को औषध‍ि के रूप में माना गया है, जिस कारण धनिया का नियमित रूप से इस्तेमाल कर कई बीमारियों से बचा जा सकता है. जिला अस्पताल बाराबंकी के चिकित्सक डॉक्टर अमित वर्मा (एमडी मेडिसिन ) ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि हरी धनिया एक औषधीय पौधा है. इसकी पत्तियां और बीज हमारी सेहत व स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद हैं. इसमें बहुत सारे औषधीय गुण मौजूद होते हैं, जैसे विटामिन ए और सी, पोटैशियम, कैल्शियम, विटामिन-सी और मैग्‍नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमें कई गंभीर बीमारियों से बचाते हैं. बस इसका सही से इस्तेमाल करने की जरूरत है. आंखों के दर्द में फायदेमंद: धनिया क़े पत्तों के रस को बकरी के दूध में मिला लें. इसे आंख में एक-एक बूंद डालने से आंखों का दर्द ठीक हो जाता है. धनिया बीज और जौ को बराबर-बराबर लेकर पीस लें. इसका गाढ़ा लेप बना लें. इसे आंखों पर बांधने से आंख के दर्द ठीक हो जाते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google कब्ज क़ी समस्या में फायदेमंद: जिन लोगों को कब्ज रहती है, वो 20 ग्राम धनिया और 120 मिली पानी को मिट्टी के बर्तन में डालकर, रात भर रहने दें. सुबह इसे छानकर, 13 ग्राम खांड डाल लें. इसे थोड़ा-थोड़ा पीने से कब्ज में लाभ मिलता है. पेट दर्द की समस्या में 2 ग्राम धनिया चूर्ण को, 5 ग्राम मिश्री के साथ मिला लें. इसे दिन में दो-तीन बार देने से गर्मी से होने वाले पेट दर्द में लाभ होता है. इसके अलावा 5 ग्राम धनिया को 100 मिली पानी में रात में भिगो लें. इसे सुबह मसलकर और छानकर रखें. इस पानी को बच्चों को पिलाने से पेट दर्द में लाभ होता है. वहीं 10-20 मिली धनिया के पत्ते के रस को 10 मिली सिरके में मिलाकर लगाने से पेट दर्द ठीक हो जाता है. अगर किसी को हाई कॉलेस्ट्रॉल की शिकायत है, तो उसे धनिया के बीज उबालकर उस पानी को पीना चाहिए. डायबिटीज के मरीजों के लिए भी धनिया काफी फायदेमंद होता है. यह खून में इंसुलिन की मात्रा को नियमित करता है. पाचन की समस्या में फायदेमंद: पाचन को दुरुस्त करने के लिए हरी धनिया खाएं. यह पेट की समस्याओं को दूर कर पाचनशक्ति बढ़ाता है. धनिया के ताजे पत्तों को छाछ में मिलाकर पीने से बदहजमी, मतली, पेचिश और कोलाइटिस में आराम मिलता है. इसके सेवन से गैस की समस्या से भी छुटकारा मिलता है. First Published : April 07, 2026, 18:05 IST

सेहत का खजाना है ‘शतावरी’! इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर तनाव दूर करने तक, आयुर्वेद के इस नुस्खे के कायल हुए डॉक्टर

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Last Updated:April 06, 2026, 18:43 IST Shatavari Benefits in Hindi: बागपत के आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉक्टर राघवेंद्र चौधरी के अनुसार, शतावरी एक ऐसी चमत्कारी और किफायती औषधि है जो इम्यूनिटी बढ़ाने, पाचन शक्ति सुधारने और मानसिक तनाव दूर करने में बेहद कारगर है. यह औषधि महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, विशेषकर स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए यह अत्यंत लाभकारी है. शारीरिक कमजोरी दूर करने और निरोगी जीवन जीने के लिए डॉक्टर इसे दूध के साथ लेने की सलाह देते हैं. बेहतर स्वास्थ्य लाभ के लिए इसका चिकित्सकीय परामर्श से सेवन करें. बागपत: भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब खान-पान के बीच आयुर्वेद एक बार फिर संजीवनी बनकर उभर रहा है. बागपत के प्रसिद्ध आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉक्टर राघवेंद्र चौधरी ने ‘शतावरी’ को स्वास्थ्य के लिए एक चमत्कारी औषधि बताया है. बाजार में बेहद किफ़ायती दाम पर मिलने वाली यह जड़ी-बूटी न केवल इम्यूनिटी को फौलादी बनाती है, बल्कि महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. मानसिक तनाव से लेकर शारीरिक कमजोरी तक, शतावरी हर मोर्चे पर शरीर को निरोगी बनाने की क्षमता रखती है. शतावरी: एक चमत्कारी आयुर्वेदिक औषधिशतावरी एक ऐसी चमत्कारी आयुर्वेदिक औषधि है, जो आसानी से बाजार में उपलब्ध होती है. इस औषधि का इस्तेमाल करने से इम्यूनिटी मजबूत होती है, पाचन शक्ति मजबूत होती है और मानसिक तनाव से छुटकारा मिलता है. डॉक्टर बताते हैं कि यह औषधि महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. इसका इस्तेमाल कर चिकित्सा के फायदे ले सकते हैं, हालांकि महिलाओं और पुरुषों को इसका इस्तेमाल करने से पहले चिकित्सक के परामर्श जरूर लेना चाहिए. इसका इस्तेमाल महिला-पुरुष जरूरी मात्रा में करके सेहत को बेहतर बना सकते हैं और एक लंबा और निरोगी जीवन जी सकते हैं. डॉक्टर की राय: शरीर पर होते हैं चौंकाने वाले फायदेआयुर्वेदिक चिकित्सक डॉक्टर राघवेंद्र चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि शतावरी एक चमत्कारी आयुर्वेदिक औषधि है, जो बाजार में सस्ते रेट पर उपलब्ध होती है. इसका इस्तेमाल करने से शरीर पर चौंकाने वाले फायदे देखने को मिलते हैं. शतावरी का इस्तेमाल करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जिससे शरीर में कोई भी बीमारी आने से रोकी जा सकती है. पाचन तंत्र और शारीरिक कमजोरी में रामबाणशतावरी का उपयोग करने से पाचन शक्ति मजबूत होती है. शरीर में खाने पीने से ताकत मिलती है और शरीर की कमजोरी को दूर किया जाता है. अक्सर कमजोरी महसूस करने वाले लोगों के लिए यह औषधि अत्यंत प्रभावी है. इसके साथ ही, शतावरी का इस्तेमाल करने से मानसिक तनाव से छुटकारा मिलता है और मानसिक विकारों में यह लाभदायक साबित होती है. महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहींडॉक्टर के अनुसार, शतावरी का इस्तेमाल महिलाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी है. बच्चों को स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसका अत्यधिक सेवन करना चाहिए, जिससे उनके शरीर में किसी प्रकार की कमी नहीं रहती और बच्चों को भी स्तनपान से भरपूर पोषण और लाभ मिलता है. डॉक्टर ने बताया कि महिला, पुरुष और बुजुर्ग सभी इसका इस्तेमाल कर शारीरिक लाभ ले सकते हैं, बस शर्त यह है कि इसका इस्तेमाल चिकित्सक की देखरेख में ही करना चाहिए. कैसे करें सेवन? जानें सही तरीकाडॉक्टर ने बताया कि शतावरी का उपयोग आप चूर्ण के रूप में दूध के साथ सुबह और शाम कर सकते हैं. हालांकि इसका शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होता, लेकिन इस्तेमाल से पहले चिकित्सक की सलाह और जरूरी मात्रा का निर्धारण करना आवश्यक है. यह एक ऐसी औषधि है जो शरीर पर तेजी से काम करके स्वास्थ्य लाभ देने का काम करती है. About the Author Rahul Goel राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें Location : Baghpat,Uttar Pradesh First Published : April 06, 2026, 18:43 IST

सिर्फ सब्जी नहीं… सेहत का भी स्वाद बढाता है ये जीरा, इम्यूनिटी करेगा बूस्ट और खून की कमी को करेगा दूर

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X रोजाना खाएं सफेद जीरा, इम्यूनिटी बढ़ाए और खून की कमी करे दूर   Benefits of White Cumin: सफेद जीरा रसोई में इस्तेमाल होने वाला सामान्य मसाला है. लेकिन इसके कई औषधीय फायदे भी है. आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. राघवेंद्र चौधरी के अनुसार सफेद जीरा पाचन शक्ति को मजबूत करता है और पेट की गर्मी कम करने में मदद करता है. इसके नियमित सेवन से वजन नियंत्रित रहता है और शरीर की इम्यूनिटी भी बढ़ती है. इसमें आयरन और विटामिन भरपूर मात्रा में होते है जो हीमोग्लोबिन बढ़ाने में सहायक होते है और खून की कमी दूर करने में मदद करते है. यह शरीर से विषैले तत्व निकालने और त्वचा को साफ रखने में भी उपयोगी माना जाता है. सफेद जीरे का सेवन रात में पानी में भिगोकर सुबह पीने, सब्जी में मिलाकर या दही-छाछ में डालकर किया जा सकता है. नियमित और संतुलित उपयोग से यह संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी साबित हो सकता है.

Health Tips: पोषण का पावरहाउस है ये साग, सेवन से मिलेंगे कई लाभ, पाचन से लेकर इम्यूनिटी तक सब रहेगा ठीक

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Last Updated:April 06, 2026, 08:50 IST Health Benefit Chaulai ka Saag: हरी सब्जियों में चौलाई का साग सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. पोषण तत्वों से भरपूर यह साग शरीर को ताकत देने के साथ कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है. इसमें आयरन, कैल्शियम, फाइबर, विटामिन ए, सी और प्रोटीन प्रचुर मात्रा में पाए जाते है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते है. नियमित सेवन से खून की कमी दूर होती है और हड्डियां मजबूत बनती है. चौलाई का साग पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और कब्ज की समस्या में राहत देता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करते है. यह दिल की सेहत के लिए भी लाभकारी माना जाता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में सहायक होता है. कम कैलोरी होने के कारण वजन घटाने वालों के लिए भी यह एक बेहतर विकल्प है. यह साग हड्डियों की मजबूती के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस जैसे जरूरी खनिज तत्व पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाते है. यह बढ़ती उम्र में होने वाली ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से बचाव में भी सहायक है. अगर इसे भोजन में शामिल किया जाए, तो जोड़ों का दर्द और हड्डियों की कमजोरी जैसी परेशानियां कम हो सकती है. अगर आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे है तो चौलाई आपके लिए बेहद उपयोगी है. इसमें कम कैलोरी और ज्यादा पोषण होता है. यह पेट भरने के साथ-साथ वजन को नियंत्रित रखने में मददगार है. इसमें अमीनो एसिड और विटामिन पाए जाते हैं, जो त्वचा और बालों के लिए भी फायदेमंद हैं. इससे बाल मजबूत और त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है. यह आंखों की सेहत के लिए भी बेहद लाभकारी है. इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन ए पाया जाता है जो आंखों की रोशनी बढ़ाने में मददगार है. यह लगातार स्क्रीन देखने वाले लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है. इसके अलावा, इसमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट भी होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों से लड़ने की ताकत मिलती है. Add News18 as Preferred Source on Google चौलाई का उपयोग कई तरह से किया जा सकता है. जैसे – साग के रूप में, दाल में मिलाकर या स्वादिष्ट पराठों में डालकर इत्यादि. खासतौर पर गर्मियों में इसका सेवन शरीर को ठंडक देता है और पित्त-कफ को संतुलित रखता है. हालांकि, इसका सेवन भी संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए. अगर सही तरीके से इसे रोजमर्रा की डाइट में शामिल किया जाए तो कई फायदे मिल सकते हैं. मरीज बगैर डॉक्टर से सलाह लिए इसका सेवन न करें. बढ़ते कोलेस्ट्रॉल और शुगर की समस्या आजकल आम हो गई है. लेकिन चौलाई इन दोनों को कंट्रोल करने की क्षमता रखती है. यह ब्लड शुगर लेवल को संतुलित कर और शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने का काम करती है. इसी के चलते डॉक्टर भी हेल्दी डाइट में हरी सब्जियों को शामिल करने की सलाह देते हैं, जिसमें चौलाई अलग ही महत्व है. राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के मुताबिक, यह साग पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में अहम भूमिका निभाती है. यह आंतों को साफ कर भोजन को आसानी से पचाने में सहायक होता है. जिन लोगों को गैस, अपच या पेट भारी रहने की शिकायत रहती है, उनके लिए यह साग एक प्राकृतिक औषधि की तरह काम करता है और पेट को हल्का व स्वस्थ बनाए रखता है. चौलाई का साग खून की कमी यानी एनीमिया से जूझ रहे लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है. इसमें आयरन होते हैं, जो शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाते है. नियमित रूप से इसका सेवन करने से कमजोरी, थकान और चक्कर जैसी समस्याएं धीरे-धीरे कम होने लगती हैं. खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए यह एक बेहतरीन प्राकृतिक उपाय है, जो बिना दवाइयों के शरीर में खून की मात्रा बढ़ाने में सहायक है. First Published : April 06, 2026, 08:50 IST