Sunday, 27 Sep 2026 | 02:07 PM

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कंगना ने नई जनरेशन की महिलाओं को कहा- गटर छाप:कहा- नशा, शराब, कई आदमियों से यौन संबंध बनाना इनके लिए आजादी, हाउसवाइफ तक नहीं बन सकतीं

कंगना ने नई जनरेशन की महिलाओं को कहा- गटर छाप:कहा- नशा, शराब, कई आदमियों से यौन संबंध बनाना इनके लिए आजादी, हाउसवाइफ तक नहीं बन सकतीं

सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने नई पीढ़ी की भारतीय महिलाओं को गटर कहा है। कंगना का कहना है कि ये महिलाएं स्वतंत्र महिलाओं की नकल उतारते हुए नशे करने, शराब पीने और अनगिनत आदमियों से यौन संबंध बनाने को स्वतंत्रता कहती हैं। कंगना ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के स्टोरी सेक्शन से लिखा है, ‘सबसे शर्मनाक बात उन युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है, जो स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी के साथ आने वाली जिम्मेदारियों को नहीं निभाना चाहतीं। असल में स्वतंत्र महिलाएं विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की पूरी जिम्मेदारी भी उठाती हैं। उन्हें अपने कर्मों की कीमत खुद चुकानी पड़ती है। वे अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर ऐसा नहीं करतीं।’ आगे कंगना ने लिखा, ‘आज तथाकथित वेस्टर्न सोच से प्रभावित भारतीय महिलाओं की एक नई पीढ़ी सामने आई है। मैं इन्हें ‘गटर जेनरेशन’ कहती हूं। इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं, लेकिन इतनी बदसूरत सोच और भ्रष्ट मानसिकता रखती हैं कि अच्छी हाउसवाइफ भी नहीं बन सकतीं।’ ‘इसके बावजूद वे अपनी तथाकथित आजादी का दिखावा करती हैं, नशा, शराब और अनगिनत यौन संबंधों को अपनी आजादी बताती हैं। बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर पलती हैं और लगातार स्वतंत्र जीवन जीने की बातें करती हैं, जबकि वास्तव में वे आत्मनिर्भर होती ही नहीं। एक छोटी-सी याद दिला दूं, आजाद जीवन कमाना पड़ता है। अगर बिना जिम्मेदारी उठाए स्वतंत्र बनने की कोशिश करोगे, तो तुम सिर्फ एक विकृत मानसिकता वाले इंसान हो, ‘गटर छाप’।’ स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर कहा था- कैसी परवरिश हो रही है भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने सोमवार को स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर भी विवादित राय दी और नई जनरेशन की परवरिश पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया से लिखा, ‘अपनी पूरी जिंदगी में मैंने कभी इतनी बदसूरती एक साथ नहीं देखी। Gen Z के विरोध-प्रदर्शनों की ये रीलें देखकर घिन आती है। इन लोगों के बोलने का तरीका और जिस भाषा का ये इस्तेमाल कर रहे हैं, वैसा मैंने पहले कभी नहीं देखा। हर फ्रेम इतना अजीब और परेशान करने वाला है कि देखकर घिन होती है। आखिर इन्हें जन्म कौन दे रहा है और इनकी परवरिश कौन कर रहा है?’ स्टूडेंट प्रोटेस्ट के खिलाफ भी दिए कई बयान कंगना रनोट ने सोशल मीडिया के जरिए स्टूडेंट प्रोटेस्ट का जमकर विरोध किया था। उन्होंने कहा कि किसी को पद से हटाने या रखने के लिए सरकार पर दबाव बनाना गलत है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मुद्दों पर बहस के लिए संसद सही जगह है, न कि आंदोलन। कंगना ने कहा था की ये सब जंतर-मंतर पर हुड़दंग कर रहे हैं, उत्पात मचा रहे हैं। जिस तरह से आंदोलन चल रहा है वो ठीक नहीं है। दरअसल दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) छात्रों की मांगों के समर्थन में कई दिनों से प्रदर्शन कर रही है। इसके बाद जब प्रोटेस्ट खत्म हुआ तो कंगना ने प्रदर्शनकारियों की भाषा की आलोचना की।

कंगना ने नई जनरेशन की महिलाओं को कहा- गटर छाप:कहा- नशा, शराब, कई आदमियों से यौन संबंध बनाना इनके लिए आजादी, हाउसवाइफ तक नहीं बन सकतीं

कंगना ने नई जनरेशन की महिलाओं को कहा- गटर छाप:कहा- नशा, शराब, कई आदमियों से यौन संबंध बनाना इनके लिए आजादी, हाउसवाइफ तक नहीं बन सकतीं

सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने नई पीढ़ी की भारतीय महिलाओं को गटर कहा है। कंगना का कहना है कि ये महिलाएं स्वतंत्र महिलाओं की नकल उतारते हुए नशे करने, शराब पीने और अनगिनत आदमियों से यौन संबंध बनाने को स्वतंत्रता कहती हैं। कंगना ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के स्टोरी सेक्शन से लिखा है, ‘सबसे शर्मनाक बात उन युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है, जो स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी के साथ आने वाली जिम्मेदारियों को नहीं निभाना चाहतीं। असल में स्वतंत्र महिलाएं विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की पूरी जिम्मेदारी भी उठाती हैं। उन्हें अपने कर्मों की कीमत खुद चुकानी पड़ती है। वे अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर ऐसा नहीं करतीं।’ आगे कंगना ने लिखा, ‘आज तथाकथित वेस्टर्न सोच से प्रभावित भारतीय महिलाओं की एक नई पीढ़ी सामने आई है। मैं इन्हें ‘गटर जेनरेशन’ कहती हूं। इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं, लेकिन इतनी बदसूरत सोच और भ्रष्ट मानसिकता रखती हैं कि अच्छी हाउसवाइफ भी नहीं बन सकतीं।’ ‘इसके बावजूद वे अपनी तथाकथित आजादी का दिखावा करती हैं, नशा, शराब और अनगिनत यौन संबंधों को अपनी आजादी बताती हैं। बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर पलती हैं और लगातार स्वतंत्र जीवन जीने की बातें करती हैं, जबकि वास्तव में वे आत्मनिर्भर होती ही नहीं। एक छोटी-सी याद दिला दूं, आजाद जीवन कमाना पड़ता है। अगर बिना जिम्मेदारी उठाए स्वतंत्र बनने की कोशिश करोगे, तो तुम सिर्फ एक विकृत मानसिकता वाले इंसान हो, ‘गटर छाप’।’ स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर कहा था- कैसी परवरिश हो रही है भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने सोमवार को स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर भी विवादित राय दी और नई जनरेशन की परवरिश पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया से लिखा, ‘अपनी पूरी जिंदगी में मैंने कभी इतनी बदसूरती एक साथ नहीं देखी। Gen Z के विरोध-प्रदर्शनों की ये रीलें देखकर घिन आती है। इन लोगों के बोलने का तरीका और जिस भाषा का ये इस्तेमाल कर रहे हैं, वैसा मैंने पहले कभी नहीं देखा। हर फ्रेम इतना अजीब और परेशान करने वाला है कि देखकर घिन होती है। आखिर इन्हें जन्म कौन दे रहा है और इनकी परवरिश कौन कर रहा है?’ स्टूडेंट प्रोटेस्ट के खिलाफ भी दिए कई बयान कंगना रनोट ने सोशल मीडिया के जरिए स्टूडेंट प्रोटेस्ट का जमकर विरोध किया था। उन्होंने कहा कि किसी को पद से हटाने या रखने के लिए सरकार पर दबाव बनाना गलत है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मुद्दों पर बहस के लिए संसद सही जगह है, न कि आंदोलन। कंगना ने कहा था की ये सब जंतर-मंतर पर हुड़दंग कर रहे हैं, उत्पात मचा रहे हैं। जिस तरह से आंदोलन चल रहा है वो ठीक नहीं है। दरअसल दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) छात्रों की मांगों के समर्थन में कई दिनों से प्रदर्शन कर रही है। इसके बाद जब प्रोटेस्ट खत्म हुआ तो कंगना ने प्रदर्शनकारियों की भाषा की आलोचना की।

सेंसेक्स में 100 अंक की बढ़त:76,900 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 100 अंक चढ़ा; IT और FMCG शेयर्स में ज्यादा खरीदारी

सेंसेक्स में 100 अंक की बढ़त:76,900 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 100 अंक चढ़ा; IT और FMCG शेयर्स में ज्यादा खरीदारी

शेयर बाजार में आज यानी 28 जुलाई को बढ़त देखने को मिल रही है। सेंसेक्स करीब 100 अंक की बढ़त के साथ 76,900 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी भी करीब 50 अंक की बढ़त है, ये 24,000 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। IT और FMCG शेयर्स में आज ज्यादा खरीदारी है। 87 डॉलर पर आया कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड के दाम में आज करीब 2% की गिरावट है। ये आज 87 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव में कमी आने में दामों में गिरावट है। एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार 27 जुलाई को अमेरिकी बाजार में मिलाजुला कारोबार रहा 7 दिन में विदेशी निवेशकों ने ₹9,400 करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार में रही थी बढ़त इससे पहले कल यानी 27 जुलाई को शेयर बाजार में बढ़त रही थी। सेंसेक्स 776 अंक की बढ़त के साथ 76,836 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 229 अंक की बढ़त रही, ये 23,996 पर बंद हुआ था।

सेंसेक्स में 100 अंक की बढ़त:76,900 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 100 अंक चढ़ा; IT और FMCG शेयर्स में ज्यादा खरीदारी

सेंसेक्स में 100 अंक की बढ़त:76,900 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 100 अंक चढ़ा; IT और FMCG शेयर्स में ज्यादा खरीदारी

शेयर बाजार में आज यानी 28 जुलाई को बढ़त देखने को मिल रही है। सेंसेक्स करीब 100 अंक की बढ़त के साथ 76,900 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी भी करीब 50 अंक की बढ़त है, ये 24,000 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। IT और FMCG शेयर्स में आज ज्यादा खरीदारी है। 87 डॉलर पर आया कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड के दाम में आज करीब 2% की गिरावट है। ये आज 87 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव में कमी आने में दामों में गिरावट है। एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार 27 जुलाई को अमेरिकी बाजार में मिलाजुला कारोबार रहा 7 दिन में विदेशी निवेशकों ने ₹9,400 करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार में रही थी बढ़त इससे पहले कल यानी 27 जुलाई को शेयर बाजार में बढ़त रही थी। सेंसेक्स 776 अंक की बढ़त के साथ 76,836 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 229 अंक की बढ़त रही, ये 23,996 पर बंद हुआ था।

यौन अपराधी एपस्टीन की करोड़ों की संपत्ति किसे मिलेगी:बेलारूस की डेंटिस्ट सबसे बड़ी दावेदार, एपस्टीन ने मरने से पहले आखिरी कॉल उन्हें किया था

यौन अपराधी एपस्टीन की करोड़ों की संपत्ति किसे मिलेगी:बेलारूस की डेंटिस्ट सबसे बड़ी दावेदार, एपस्टीन ने मरने से पहले आखिरी कॉल उन्हें किया था

दुनिया के सबसे चर्चित यौन अपराधियों में शामिल जेफ्री एपस्टीन की मौत को सात साल हो चुके हैं, लेकिन उसकी अरबों की संपत्ति को लेकर विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है। अमेरिकी जांच एजेंसियों के नए दस्तावेज सामने आने के बाद माना जा रहा है कि बेलारूस की रहने वाली 37 साल की डेंटिस्ट कारिना शुलियाक एपस्टीन की संपत्ति की सबसे बड़ी दावेदार हैं। दस्तावेजों के मुताबिक, एपस्टीन ने मरने से पहले अपनी वसीयत में उनके लिए करीब 959 करोड़ रुपए तक की संपत्ति और 33 कैरेट की हीरे की अंगूठी छोड़ी थी। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, डॉ. शुलियाक एपस्टीन की गर्लफ्रेंड रही हैं। 10 अगस्त 2019 को न्यूयॉर्क की जेल में आत्महत्या करने से पहले एपस्टीन ने आखिरी फोन भी उन्हें ही किया था। दोनों के निजी ईमेल-तस्वीरें जारी हुए डॉ. कारिना शुलियाक 2019 में एपस्टीन की मौत के बाद से लोगों की नजरों से दूर रहकर सामान्य जिंदगी जीने की कोशिश कर रही थी। लेकिन उनकी यह कोशिश ज्यादा समय तक नहीं चल सकी। जनवरी के आखिर में अमेरिकी न्याय विभाग ने जेफ्री एपस्टीन से जुड़े करीब 30 लाख पन्नों के दस्तावेज और ईमेल जारी कर दिए। इन रिकॉर्ड में डॉ. शुलियाक और एपस्टीन के बीच हुए हजारों निजी ईमेल और दोनों की साथ में ली गई कई तस्वीरें भी शामिल थीं। इसके बाद दोनों का करीब 8 साल लंबा रिश्ता सबके सामने आ गया। रिकॉर्ड के मुताबिक, बेलारूस में जन्मीं शुलियाक ने खुद को कभी एपस्टीन की पीड़िता नहीं बताया। वहीं, एफबीआई ने भी उनसे एपस्टीन के मामले में कभी पूछताछ नहीं की। एपस्टीन की सैकड़ों पीड़िताओं की ओर से केस लड़ने वाले वकीलों ने भी उनका बयान कभी दर्ज नहीं कराया। 21 साल की उम्र में एपस्टीन से मिली थी जांच रिकॉर्ड के मुताबिक, मार्च 2011 के आखिर में डॉ. कारिना शुलियाक की मुलाकात जेफ्री एपस्टीन से हुई थी। तब वह 21 साल की थीं और न्यूयॉर्क आए सिर्फ नौ महीने हुए थे। वह बेलारूस से अस्थायी स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका आई थीं, ताकि वहां डेंटिस्ट की अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। उस समय एपस्टीन फ्लोरिडा में एक नाबालिग लड़की से वेश्यावृत्ति कराने के मामले में अपना अपराध स्वीकार कर चुका था और उस पर दर्जनों नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोप भी थे। द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, साइबेरिया की एक लड़की ने दोनों की मुलाकात कराई थी। उस महिला ने बताया कि उससे समय-समय पर दूसरी युवा महिलाओं को भी एपस्टीन के पास लाने के लिए कहा जाता था। शुरुआती मुलाकातों में एपस्टीन ने महंगे तोहफों और दूसरी सुविधाओं से शुलियाक को प्रभावित करने की कोशिश की। पहली ही मुलाकात के दौरान उसने उनके डेंटिस्ट बनने के सपने को पूरा कराने में मदद करने की पेशकश भी की। डॉ. शुलियाक पर जमकर खर्च करता था एपस्टीन एपस्टीन डॉ. शुलियाक को अपनी सबसे पसंदीदा बता चुका था और अक्सर कहता था कि वह उनसे प्यार करता है। उसने उन्हें अपनी क्रेडिट कार्ड से मनचाही खरीदारी करने की पूरी छूट दे रखी थी। दोनों कई देशों में साथ घूमते थे। एपस्टीन ने कई सालों में उन्हें करीब 10 लाख डॉलर दिए। इतना ही नहीं, उसने बेलारूस में रहने वाले उनके माता-पिता को भी हजारों डॉलर भेजे थे। ईमेल से यह भी पता चलता है कि 2012 में एपस्टीन ने उन्हें कोलंबिया यूनिवर्सिटी के डेंटल स्कूल में दाखिला दिलाने में मदद की थी और तीन साल की पढ़ाई की पूरी फीस भी भरने का फैसला किया था। समय के साथ डॉ. शुलियाक ने जेफ्री एपस्टीन का इतना भरोसा जीत लिया कि वह उसकी संपत्तियों और कर्मचारियों के मैनेजमेंट में भी मदद करने लगीं। एपस्टीन ने ग्रीन कार्ड दिलाने में भी मदद की 2012 में डॉ. कारिना शुलियाक ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए आवेदन किया। तब तक उनका स्टूडेंट वीजा खत्म हो चुका था और वह तय समय से ज्यादा अमेरिका में रह रही थीं। अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों के मुताबिक, 2013 की शुरुआत में जेफ्री एपस्टीन ने उन्हें अमेरिका में रखने का रास्ता निकाला। उस समय न्यूयॉर्क में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता मिल चुकी थी। एपस्टीन का मानना था कि अगर कारिना की शादी किसी अमेरिकी महिला से करा दी जाए, तो उन्हें ग्रीन कार्ड और बाद में नागरिकता मिलने का रास्ता आसान हो जाएगा। इसके लिए उसने अपनी एक महिला असिस्टेंट से कारिना की शादी कराई। एक ईमेल में एपस्टीन ने लिखा था कि ग्रीन कार्ड पाने का सबसे तेज तरीका समलैंगिक विवाह है। बाद में अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट सांसदों ने आरोप लगाया कि एपस्टीन ने अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम का गलत इस्तेमाल किया। उनका कहना था कि यह शादी सिर्फ कागजों पर दिखाई गई थी। मई 2018 में डॉ. शुलियाक अमेरिकी नागरिक बन गईं और करीब एक साल बाद उनका तलाक हो गया। मौत से पहले एपस्टीन ने डॉ. शुलियाक के नाम की संपत्ति जुलाई 2019 में जैफ्री एप्सटीन की गिरफ्तारी हो गई। इसके एक महीने बाद उनकी डॉ. शुलियाक से आखिरी बार करीब 20 मिनट फोन पर बातचीत हुई। एपस्टीन ने कहा कि सेक्स ट्रैफिकिंग का मामला उम्मीद से ज्यादा लंबा चलेगा। अगले ही दिन, 10 अगस्त 2019 को एपस्टीन अपनी जेल में मृत मिला। अधिकारियों ने उसकी मौत को आत्महत्या बताया। दस्तावेजों के मुताबिक, मौत से कुछ समय पहले एपस्टीन ने अपनी वसीयत में बदलाव किया था। एक नोट में उसने अपनी उस समय की 60 करोड़ डॉलर की संपत्ति का बड़ा हिस्सा डॉ. शुलियाक के नाम करने की बात लिखी थी। इसमें शादी के इरादे से दी जाने वाली एक बड़ी हीरे की अंगूठी का भी जिक्र था।

यौन अपराधी एपस्टीन की करोड़ों की संपत्ति किसे मिलेगी:बेलारूस की डेंटिस्ट सबसे बड़ी दावेदार, एपस्टीन ने मरने से पहले आखिरी कॉल उन्हें किया था

यौन अपराधी एपस्टीन की करोड़ों की संपत्ति किसे मिलेगी:बेलारूस की डेंटिस्ट सबसे बड़ी दावेदार, एपस्टीन ने मरने से पहले आखिरी कॉल उन्हें किया था

दुनिया के सबसे कुख्यात यौन अपराधियों में शामिल जेफ्री एपस्टीन की मौत को सात साल हो चुके हैं, लेकिन उसकी अरबों रुपए की संपत्ति को लेकर विवाद अब भी जारी है। अमेरिकी जांच एजेंसियों के नए दस्तावेजों से पता चला है कि बेलारूस की 37 वर्षीय डेंटिस्ट कारिना शुलियाक उसकी संपत्ति की सबसे बड़ी दावेदार हो सकती हैं। दस्तावेजों के मुताबिक, एपस्टीन ने अपनी वसीयत में कारिना के नाम करीब 959 करोड़ रुपए की संपत्ति और 33 कैरेट की हीरे की अंगूठी छोड़ी थी। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कारिना शुलियाक एपस्टीन की गर्लफ्रेंड थीं। 10 अगस्त 2019 को न्यूयॉर्क की जेल में आत्महत्या से पहले एपस्टीन ने आखिरी फोन कॉल भी उन्हें ही किया था। दोनों के प्राइवेट ईमेल और तस्वीरें सार्वजनिक हुईं जेफ्री एपस्टीन की 2019 में मौत के बाद डॉ. कारिना शुलियाक लोगों की नजरों से दूर रहकर सामान्य जिंदगी जी रही थीं। हालांकि, यह ज्यादा समय तक नहीं चल सका। जनवरी के आखिर में अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन से जुड़े करीब 30 लाख पन्नों के दस्तावेज, ईमेल और रिकॉर्ड जारी किए। इनमें डॉ. कारिना शुलियाक और एपस्टीन के बीच हुए हजारों निजी ईमेल और दोनों की साथ में ली गई कई तस्वीरें भी शामिल हैं। इन दस्तावेजों से दोनों के करीब 8 साल पुराने रिश्ते का खुलासा हुआ। रिकॉर्ड के मुताबिक, बेलारूस में जन्मीं कारिना शुलियाक ने कभी खुद को एपस्टीन की पीड़िता नहीं बताया। वहीं, एफबीआई ने भी एपस्टीन मामले में उनसे कभी पूछताछ नहीं की। एपस्टीन की सैकड़ों कथित पीड़िताओं की ओर से केस लड़ने वाले वकीलों ने भी उनका बयान कभी दर्ज नहीं कराया। 21 साल की उम्र में एपस्टीन से मिली थीं कारिना जांच रिकॉर्ड के मुताबिक, मार्च 2011 के आखिर में डॉ. कारिना शुलियाक की मुलाकात जेफ्री एपस्टीन से हुई थी। तब वह 21 साल की थीं और न्यूयॉर्क आए उन्हें सिर्फ नौ महीने हुए थे। वह बेलारूस से स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका आई थीं, ताकि डेंटिस्ट की पढ़ाई पूरी कर सकें। उस समय एपस्टीन फ्लोरिडा में एक नाबालिग लड़की से वेश्यावृत्ति कराने के मामले में अपना अपराध स्वीकार कर चुका था। उस पर दर्जनों नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोप भी लग चुके थे। एक महिला ने कराई थी मुलाकात द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, दोनों की मुलाकात एक महिला ने कराई थी। उस महिला ने बताया कि उससे समय-समय पर दूसरी युवा महिलाओं को भी एपस्टीन के पास लाने के लिए कहा जाता था। महंगे तोहफों से प्रभावित करने की कोशिश शुरुआती मुलाकातों में एपस्टीन ने कारिना को महंगे तोहफे और दूसरी सुविधाएं देकर प्रभावित करने की कोशिश की। पहली मुलाकात में ही उसने उनके डेंटिस्ट बनने के सपने को पूरा करने में मदद की पेशकश भी की। शुलियाक पर जमकर खर्च करता था एपस्टीन जांच रिकॉर्ड के मुताबिक, जेफ्री एपस्टीन डॉ. कारिना शुलियाक को अपनी सबसे पसंदीदा बताता था और अक्सर कहता था कि वह उनसे प्यार करता है। उसने उन्हें अपने क्रेडिट कार्ड से मनचाही खरीदारी की पूरी छूट दे रखी थी। दोनों कई देशों की यात्रा भी साथ करते थे। रिकॉर्ड के अनुसार, एपस्टीन ने कई वर्षों में कारिना को करीब 10 लाख डॉलर दिए। उसने बेलारूस में रहने वाले उनके माता-पिता को भी हजारों डॉलर भेजे थे। ईमेल से यह भी पता चलता है कि 2012 में एपस्टीन ने कारिना का कोलंबिया यूनिवर्सिटी के डेंटल स्कूल में दाखिला कराने में मदद की। उसने तीन साल की पढ़ाई की पूरी फीस भरने का भी फैसला किया था। समय के साथ कारिना ने एपस्टीन का इतना भरोसा जीत लिया कि वह उसकी संपत्तियों और कर्मचारियों के प्रबंधन में भी मदद करने लगीं। ग्रीन कार्ड दिलाने के लिए कराई थी समलैंगिक शादी 2012 में डॉ. कारिना शुलियाक ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए आवेदन किया। तब तक उनका स्टूडेंट वीजा खत्म हो चुका था और वह तय समय से ज्यादा अमेरिका में रह रही थीं। अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों के मुताबिक, 2013 की शुरुआत में जेफ्री एपस्टीन ने उन्हें अमेरिका में रखने का रास्ता निकाला। उस समय न्यूयॉर्क में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता मिल चुकी थी। एपस्टीन का मानना था कि किसी अमेरिकी महिला से शादी होने पर कारिना के लिए ग्रीन कार्ड और बाद में नागरिकता हासिल करना आसान हो जाएगा। इसी योजना के तहत उसने अपनी एक महिला कर्मचारी से कारिना की शादी कराई। एक ईमेल में एपस्टीन ने लिखा था कि ग्रीन कार्ड पाने का सबसे तेज तरीका समलैंगिक विवाह है। बाद में अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट सांसदों ने आरोप लगाया कि एपस्टीन ने अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम का दुरुपयोग किया। उनका कहना था कि यह शादी सिर्फ कागजों पर थी। मई 2018 में डॉ. कारिना शुलियाक अमेरिकी नागरिक बन गईं और करीब एक साल बाद उनका तलाक हो गया। मौत से पहले वसीयत में कारिना का नाम जोड़ा जुलाई 2019 में जेफ्री एपस्टीन को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के करीब एक महीने बाद उसकी डॉ. कारिना शुलियाक से आखिरी बार करीब 20 मिनट फोन पर बात हुई। इस दौरान उसने कहा था कि सेक्स ट्रैफिकिंग का मामला उसकी उम्मीद से ज्यादा लंबा चलेगा। अगले ही दिन, 10 अगस्त 2019 को एपस्टीन न्यूयॉर्क की जेल में मृत मिला। अधिकारियों ने उसकी मौत को आत्महत्या बताया। दस्तावेजों के मुताबिक, मौत से कुछ समय पहले एपस्टीन ने अपनी वसीयत में बदलाव किया था। एक नोट में उसने अपनी उस समय की 60 करोड़ डॉलर की संपत्ति का बड़ा हिस्सा डॉ. कारिना शुलियाक के नाम करने की बात लिखी थी। इसमें शादी के इरादे से दी जाने वाली एक बड़ी हीरे की अंगूठी का भी जिक्र था।

ट्रम्प बोले- ईरान के साथ बातचीत जारी:सफल रही तो ठीक, नहीं तो फिर शुरू होंगे हवाई हमले

ट्रम्प बोले- ईरान के साथ बातचीत जारी:सफल रही तो ठीक, नहीं तो फिर शुरू होंगे हवाई हमले

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इसका कोई हल निकल जाएगा। लेकिन अगर बातचीत बेनतीजा रही तो अमेरिका फिर से ईरान पर हवाई हमले शुरू करेगा। एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने दावा किया, “पिछले 14 दिनों में ईरान को भारी नुकसान हुआ है। इसके बाद उन्होंने हमसे कहा कि हमले रोकिए और बातचीत करते हैं।” हालांकि, ईरान ने इस दावे को खारिज कर दिया। तेहरान का कहना है कि उसने अमेरिका से बातचीत की पहल नहीं की है। ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने फिलहाल ईरान पर हवाई हमले रोक रखे हैं। दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत चल रही है, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट समेत कई अहम मुद्दों पर अब भी सहमति नहीं बन सकी है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

शहनाज गिल और जय रंधावा पहुंचे गोल्डन टेंपल:गुरु घर में नतमस्तक हुए; इश्कनामा की सफलता के लिए वाहेगुरु का किया शुकराना

शहनाज गिल और जय रंधावा पहुंचे गोल्डन टेंपल:गुरु घर में नतमस्तक हुए; इश्कनामा की सफलता के लिए वाहेगुरु का किया शुकराना

पंजाबी फिल्म इश्कनामा की सफलता के बाद अभिनेता जय रंधावा और अभिनेत्री शहनाज गिल अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल) में माथा टेकने पहुंचे। दोनों कलाकारों ने सोमवार रात अपने-अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इसकी तस्वीरें साझा कीं। गुरु घर में नतमस्तक होकर उन्होंने फिल्म की सफलता के लिए वाहेगुरु का शुकराना अदा किया। फिल्म 24 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और दर्शकों से मिल रहे सकारात्मक रिस्पॉन्स के बाद दोनों कलाकार आशीर्वाद लेने अमृतसर पहुंचे। शहनाज गिल ने सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों में सफेद सूट पहना हुआ है, सिर पर दुपट्टा ओढ़े वह हाथ जोड़कर श्रद्धा भाव में नजर आ रही हैं। वहीं, जय रंधावा जींस-टीशर्ट में फिल्म के रियल किरदार निम्मा के साथ गुरु घर में नतमस्तक दिखाई दिए। निम्मा और नसीमा की प्रेम कहानी फिल्म इश्कनामा 1980 के दशक की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इसमें भारत-पाकिस्तान सीमा के दोनों ओर रहने वाले एक सिख युवक निम्मा और मुस्लिम युवती नसीमा की प्रेम कहानी को दिखाया गया है। कहानी में बताया गया है कि कैसे सीमाएं, धर्म और उस दौर के राजनीतिक हालात उनके रिश्ते के बीच बाधा बनने की कोशिश करते हैं। शूटिंग के दौरान घायल हुए थे जय रंधावा जय रंधावा फिल्म इश्कनामा की शूटिंग के दौरान घायल हो गए थे। जनवरी में शूटिंग के समय एक जंप सीन फिल्माते हुए क्रेन मशीन में तकनीकी खराबी आ गई थी। इसके कारण जय रंधावा छत पर सही तरीके से लैंड नहीं कर पाए और सीधे दीवार से जा टकराए। सिर दीवार से जोर से टकरा गया था इस हादसे में उनका सिर दीवार से जोर से टकरा गया था। घटना का 8 सेकेंड का वीडियो भी सामने आया था, जबकि अस्पताल से उनकी एक तस्वीर भी वायरल हुई थी, जिसमें वह MRI करवाते नजर आए थे। हालांकि, रंधावा ने जल्द ही स्वस्थ होकर सेट पर वापसी की और फिल्म की शूटिंग पूरी की।

हरियाणा के सुधीर सांगवान CJP कोर टीम के मेंबर:कभी मेडिकल स्टोर पर ₹200 की नौकरी की; 'मामला लीगल है' वेब-सीरिज में SHO पेप्सू से फेमस हुए

हरियाणा के सुधीर सांगवान CJP कोर टीम के मेंबर:कभी मेडिकल स्टोर पर ₹200 की नौकरी की; 'मामला लीगल है' वेब-सीरिज में SHO पेप्सू से फेमस हुए

दिल्ली के जंतर-मंतर पर स्टूडेंट्स के प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास के अलावा एक और चेहरा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। यह चेहरा था हरियाणा के चरखी दादरी निवासी और एक्टर सुधीर सांगवान का। सुधीर नेटफ्लिक्स की चर्चित वेब सीरीज ‘मामला लीगल है’, फिल्म ‘RAAKH’ और कई OTT प्रोजेक्ट्स में नजर आ चुके हैं। मामला लीगल सीरिज में SHO पेप्सू से उन्हें पहचान मिली। एक्टिंग के साथ-साथ वे इन दिनों CJP की संस्थापक कोर टीम के सदस्य भी हैं। चरखी दादरी के छोटे से गांव छप्पर से निकलकर सुधीर ने संघर्ष के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई। किसान परिवार से आने वाले सुधीर ने आर्थिक तंगी के दौर में मेडिकल स्टोर हेल्पर पर 200 रुपए के लिए नौकरी की। इसके बाद सिम कार्ड हॉकर, डीजे, ट्रांसपोर्ट कंपनी कर्मचारी और बैंकिंग सेक्टर में भी काम किया। दैनिक भास्कर ने सुधीर सांगवान से बातचीत कर उनके गांव से OTT तक के सफर और CJP से जुड़ने की पूरी कहानी जानी। बैंकों में काम करने से लेकर खुद के स्टार्टअप तक शुरू किए सुधीर सांगवान का जन्म 9 नवंबर 1988 को हरियाणा के चरखी दादरी जिले के छप्पर गांव के किसान परिवार में हुआ। शुरुआती पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल से की। बाद में राजस्थान के बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाई के दौरान थिएटर से जुड़े। आर्थिक तंगी के कारण भिवानी के सरकारी कॉलेज में ग्रेजुएशन बीच में छोड़नी पड़ी। परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए कम उम्र में ही काम शुरू कर दिया। सबसे पहले मेडिकल स्टोर पर हेल्पर बने, जहां रोजाना ₹200 मिलते थे। अतिरिक्त कमाई के लिए रात में डीजे बजाते और फोटोग्राफी भी करते थे। साल 2006 में ₹3,500 महीने की सैलरी पर ट्रांसपोर्ट कंपनी में असिस्टेंट बने। दो साल बाद एक विदेशी कार्गो कंपनी में सुपरवाइजर बने और 2010 तक काम किया। इसके बाद HDFC बैंक में कैशियर के रूप में बैंकिंग सेक्टर में कदम रखा। 2016 में कोटक महिंद्रा बैंक में ब्रांच मैनेजर बने। इसी साल इक्विटस बैंक में असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट (AVP) बने, जहां उनकी सैलरी ₹1.24 लाख महीने तक पहुंच गई। नौकरी के साथ उन्होंने MoneyMind.com और LoanWon.com नाम से लोन सर्विस स्टार्टअप शुरू किए। 2019 में MyMistri.com लॉन्च किया, जिसे बाद में करीब ₹40 लाख में बेच दिया। इसके बाद ‘तुरंत डील’ नाम से प्रॉपर्टी स्टार्टअप और कोरोना काल में ZORKA Grocery शुरू की, लेकिन घाटे के कारण दोनों कारोबार बंद करने पड़े। 2019 में एक्टिंग लाइन में आए, हरियाणवी वेब सीरिज से शुरुआत सुधीर सांगवान बताते हैं कि 2019 में फिल्म निर्माता राहुल दहिया से मुलाकात के बाद एक्टिंग करियर की शुरुआत हुई। पहला मौका हरियाणवी वेब सीरीज ‘विरोध’ में मिला। इसके बाद ‘मायाजाल’, ‘ब्याह के लड्डू’, ‘अखाड़ा’ और ‘स्कैम’ जैसी वेब सीरीज में अलग-अलग किरदार निभाए। मुंबई में 100 से ज्यादा ऑडिशन दिए। ज्यादातर काम उन्हें ऑनलाइन ऑडिशन से मिला। नेटफ्लिक्स की ‘मामला लीगल है’ में SHO जयवंत पेप्सू के रोल से देशभर में पहचान मिली। अमेजन प्राइम वीडियो के विज्ञापन अभियान में मनोज बाजपेयी के साथ भी नजर आए। उनकी फिल्म ‘राख’ अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हो चुकी है। अन्ना आंदोलन में शामिल हुए, CJP के मूवमेंट से जुड़े सुधीर ने बताया कि 2011 के अन्ना आंदोलन के दौरान सामाजिक गतिविधियों से जुड़े। इसी दौरान उनकी मुलाकात भिवानी के लोकेश से हुई। बाद में दोनों ने स्टैंड विद नेचर नाम से एक NGO शुरू की। सुप्रीम कोर्ट में ‘कॉकरोच’ शब्द की चर्चा के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुए मूवमेंट से जुड़े। शिक्षा और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रहने की वजह से उन्होंने CJP के अभियान में हिस्सा लेना शुरू किया। 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए पहले बड़े प्रदर्शन में शामिल हुए। उस दिन भीड़ को संभालने के लिए उन्होंने खुद आगे आकर व्यवस्था संभाली। प्रोटेस्ट के दौरान ये समझ नहीं आ रहा था कि वह बड़े स्पीकर को कहां रखें। भीड़ के बीच जब जगह नहीं मिली तो स्पीकर कंधे पर रखकर लोगों के बीच घूमता रहा। इस दौरान उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। 15 जून को जयपुर और 20 जून को जंतर-मंतर के कार्यक्रम में CJP के प्रमुख आशुतोष रानका ने मंच से उनका परिचय कराया। इसके बाद उन्हें CJP की संस्थापक कोर टीम का सदस्य बनाया गया। पूरे देश में टीम तैयार कर रही CJP सांगवान ने बताया कि संगठन देशभर में अपनी टीम का विस्तार कर रहा है। शिक्षा, रोजगार और जनहित के मुद्दों पर अभियान चलाने की तैयारी है। अलग-अलग राज्यों में संगठन की इकाइयों को मजबूत करने पर काम किया जा रहा है। सोशल मीडिया के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी कार्यक्रम और जनसंपर्क अभियान चलाए जाएंगे।

सास मां बन जाए तो रिश्ते खूबसूरत बनते हैं:रेणुका शहाणे बोलीं- नहीं तो बेटा और पति सास-बहू के झगड़ों में पिसेंगे

सास मां बन जाए तो रिश्ते खूबसूरत बनते हैं:रेणुका शहाणे बोलीं- नहीं तो बेटा और पति सास-बहू के झगड़ों में पिसेंगे

मराठी वेब सीरीज ‘अगं आई अहो आई’ में रेणुका शहाणे ऐसी मां का किरदार निभा रही हैं, जो रिश्तों को जोड़ने में विश्वास रखती है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि ‘अगं आई’ और ‘अहो आई’ का मतलब क्या है, सास-बहू के रिश्तों को लेकर धारणाएं कैसे बदल सकती हैं, परिवार क्यों टूट रहे हैं और बेटी की शादी के बाद मां किन भावनाओं से गुजरती है। सवाल: सबसे पहले हमारे हिंदी पाठकों को बताइए कि ‘अगं आई अहो आई’ का मतलब क्या है? जवाब: ‘अगं आई’ का मतलब अपनी मां है। मराठी में मां को प्यार से ‘आई’ कहते हैं। शादी के बाद लड़की ससुराल जाती है तो सम्मान से सास को ‘अहो आई’ कहा जाता है। सीरीज की खूबसूरती यही है कि नई दुल्हन की यात्रा अपनी मां ‘अगं आई’ से शुरू होकर सास को भी उसी अपनत्व से ‘अहो आई’ बनाने तक पहुंचती है। सवाल: यानी सास और बहू का रिश्ता भी मां-बेटी जैसा हो सकता है? जवाब: बिल्कुल। हमारी सीरीज दिखाती है कि सास सिर्फ नियम बनाने वाली नहीं, दोस्त भी बन सकती है। वह बहू को इतना अपनापन देती है कि कई बार मां से भी ज्यादा दुलार करती नजर आती है। वहीं लड़की की मां को डर रहता है कि कहीं बेटी उससे दूर न हो जाए। रिश्तों की यही भावनाएं कहानी को खास बनाती हैं। सवाल: इस कहानी की ऐसी कौन-सी बात थी जिसने आपको सबसे ज्यादा प्रभावित किया? जवाब: दो बातें। पहली, यह हमारे घरों जैसी कहानी है। लगता है जैसे किसी ने कैमरा घर के अंदर लगा दिया हो। दूसरी, हम अक्सर नई पीढ़ी की लड़कियों के बारे में पहले से राय बना लेते हैं कि उनके संस्कार कमजोर होंगे या वे परंपराओं को नहीं मानेंगी। लेकिन कहानी दिखाती है कि रिश्ते सिर्फ बहू की जिम्मेदारी नहीं होते। जब लड़की नए परिवार में आती है तो उसे अपनाने की जिम्मेदारी ससुराल वालों की भी होती है। सास उसे समझ और स्वीकार कर ले तो रिश्ते अपने आप मधुर हो जाते हैं। सवाल: अक्सर लोग पहले से ही बहू के बारे में राय बना लेते हैं, आप क्या सोचती हैं? जवाब: यही सबसे बड़ी गलती है। अगर शुरुआत ही इस सोच से होगी कि लड़की कैसी होगी, उसके संस्कार कैसे होंगे या उसके मायके को नीचा दिखाया जाएगा, तो रिश्ता कभी अच्छा नहीं बन सकता। इसका असर बेटे और पति पर पड़ता है। सबसे ज्यादा वही बीच में पिसते हैं। सवाल: अगर बहू को बेटी और दोस्त की तरह स्वीकार कर लिया जाए तो शायद आधी समस्याएं खत्म हो जाएं? जवाब: बिल्कुल। दो महिलाओं के बीच दोस्ती बन जाए तो पूरा घर मजबूत हो जाता है। हमारी सीरीज सिर्फ सास-बहू का रिश्ता नहीं, बल्कि दो परिवारों के बीच सम्मान और अपनापन भी दिखाती है। जब लड़की की मां देखती है कि बेटी को ससुराल में प्यार मिल रहा है, तो उसके मन में भी उस परिवार के लिए सम्मान अपने आप आ जाता है। सवाल: टीवी और फिल्मों में अक्सर सास-बहू के रिश्ते लड़ाई-झगड़े वाले ही दिखाए जाते हैं। आपकी सीरीज इससे अलग नजर आती है? जवाब: हां, हम हमेशा सुनते आए हैं कि औरत ही औरत की दुश्मन होती है। लेकिन ऐसा होना जरूरी नहीं है। बहू परिवार की अगली पीढ़ी को आगे बढ़ाने वाली है। अगर इस रिश्ते को प्यार और सम्मान से निभाया जाए तो पूरा परिवार खुश रहता है। सवाल: क्या इस किरदार में आपको अपनी मां या खुद की झलक दिखाई दी? जवाब: मेरी मां और मैं इस किरदार जितनी सख्त नहीं हैं। मेरी मां बहुत अनुशासित थीं, लेकिन उनका तरीका अलग था। इस किरदार में मुझे थोड़ा स्ट्रिक्ट दिखना था, इसलिए यह नया अनुभव था। लेकिन एक भावना से मैं पूरी तरह जुड़ गई। हर मां चाहती है कि उसकी बेटी को संस्कारों की वजह से कभी कुछ सुनना न पड़े। खासकर जब बेटी इकलौती हो और शादी के बाद घर खाली हो जाए, तब मां के भीतर का खालीपन बहुत गहरा होता है। सवाल: आज भी बेटियों को शादी से पहले अलग तरह की सीख दी जाती है, आप क्या मानती हैं? जवाब: पहले बेटियों और बेटों में फर्क किया जाता था। अब हालात काफी बदले हैं, लेकिन आज भी मां बेटी से कहती है, “ये सीख लो, वो सीख लो, नहीं तो आगे सुनना पड़ेगा।” यह सोच अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। सवाल: आज परिवार तेजी से टूट रहे हैं। आपको इसका सबसे बड़ा कारण क्या लगता है? जवाब: अगर हम रोज झगड़े और कलह वाली चीजें देखते रहेंगे तो उसका असर जरूर पड़ेगा। लेकिन फैसला हमारे हाथ में है कि हमें कैसा परिवार चाहिए। हर घर में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन उन्हें सुलझाने का तरीका सकारात्मक होना चाहिए। हर छोटी बात बढ़ाने का असर सिर्फ पति-पत्नी पर नहीं, पूरे परिवार और खासकर बच्चों पर पड़ता है। सवाल: और,बच्चे वही सीखते हैं जो घर में देखते हैं। आपका क्या कहना है? जवाब: बिल्कुल। अगर बच्चे रोज मां-बाप को लड़ते देखेंगे तो वही उनके व्यक्तित्व का हिस्सा बन जाएगा। इसलिए रिश्तों को संभालना सिर्फ दो लोगों की नहीं, पूरे परिवार की जिम्मेदारी है। सवाल: शूटिंग के दौरान कोई ऐसा भावुक सीन आया जिसने आपको अंदर तक छू लिया? जवाब: हां। एक सीन करते समय मुझे अपनी मां की याद आ गई। मेरी शादी के बाद उन्होंने भी शायद यही महसूस किया होगा कि बेटी अब उनके साथ नहीं रहती। मां-बेटी का रिश्ता कितना भी मजबूत हो, शादी के बाद एक खालीपन जरूर आ जाता है। फोन पर बातें होती रहती हैं, लेकिन साथ रहने जैसा नहीं होता। उस सीन ने मुझे सचमुच भावुक कर दिया। सवाल: आप बेटी भी हैं और मां भी। आपके मुताबिक एक अच्छी मां कैसी होती है? जवाब: मेरे लिए मेरी मां आदर्श हैं। उन्होंने कभी नंबरों का दबाव नहीं बनाया। हमेशा कहा कि पूरी ईमानदारी से मेहनत करो। नतीजा हमारे हाथ में नहीं होता, लेकिन कोशिश जरूर हमारे हाथ में होती है। मैं भी अपने बच्चों को यही सिखाना चाहती हूं कि पूरी मेहनत करो और परिणाम की चिंता में मत जीओ। मेरी मां ने मुझे जितना प्यार और संस्कार दिए, वही मैं भी