Wednesday, 30 Sep 2026 | 02:36 PM

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कृति सेनन रूमर्ड बॉयफ्रेंड के साथ भारत-इंग्लैंड मैच देखने पहुंचीं:स्टेडियम में कबीर बहिया के साथ देखा पहला वनडे; लंबे समय से डेटिंग की चर्चा

कृति सेनन रूमर्ड बॉयफ्रेंड के साथ भारत-इंग्लैंड मैच देखने पहुंचीं:स्टेडियम में कबीर बहिया के साथ देखा पहला वनडे; लंबे समय से डेटिंग की चर्चा

बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन मंगलवार को इंग्लैंड के बर्मिंघम में भारत और इंग्लैंड के बीच पहला वनडे मैच देखने पहुंचीं। इस दौरान उनके साथ उनके रूमर्ड बॉयफ्रेंड और बिजनेसमैन कबीर बहिया भी मौजूद थे। दोनों को स्टेडियम के स्टैंड्स में एक साथ मैच इंजॉय करते देखा गया। कृति और कबीर बहिया ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर स्टेडियम की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें दोनों एक दोस्त के साथ पोज देते नजर आ रहे हैं। यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे दोनों के रिलेशनशिप की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। कबीर बहिया ने शेयर की स्टेडियम की तस्वीरें कबीर बहिया ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल के जरिए फैंस को इस आउटिंग की झलक दिखाई। उन्होंने स्टेडियम से कुछ तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें कृति सेनन, कबीर और उनका एक दोस्त एक साथ नजर आ रहे हैं। कबीर के फोटो शेयर करने के कुछ ही समय बाद, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी एजबेस्टन स्टेडियम के स्टैंड्स से कृति की कई तस्वीरें सामने आईं। मैच के दौरान कृति सेनन काफी खुश नजर आ रही थीं और वे टीम इंडिया को चीयर कर रही थीं। पिछले कुछ महीनों से है डेटिंग की चर्चा कृति सेनन और कबीर बहिया के रिलेशनशिप की खबरें कुछ महीने पहले तब शुरू हुई थीं, जब एक्ट्रेस ने अपना 34वां जन्मदिन मनाया था। तब से उनके रोमांस की खबरें लगातार मीडिया में बनी हुई हैं। दोनों को कई मौकों पर एक साथ देखा गया है, हालांकि दोनों की तरफ से रिश्ते को लेकर कोई ऑफिशियल बयान नहीं आया है। इससे पहले कबीर बहिया को कृति की बहन नुपुर सेनन और सिंगर स्टीबिन बेन की शादी में भी देखा गया था, जहां वे पारिवारिक फंक्शंस का हिस्सा बने थे। कौन हैं कृति के रूमर्ड बॉयफ्रेंड कबीर बहिया कबीर बहिया ब्रिटेन के एक बड़े बिजनेसमैन हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई इंग्लैंड के एक बोर्डिंग स्कूल से पूरी की है। कबीर ‘वर्ल्डवाइड एविएशन एंड टूरिज्म लिमिटेड’ कंपनी के फाउंडर हैं। वे एक जाने-माने बिजनेस परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता कुलजिंदर बहिया हैं, जो ब्रिटेन की प्रमुख ट्रैवल एजेंसी ‘साउथऑल ट्रैवल’ के मालिक हैं। कबीर की खेल और बॉलीवुड जगत की कई हस्तियों के साथ अच्छी जान-पहचान है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘कॉकटेल 2’ वर्क फ्रंट की बात करें तो कृति सेनन को हाल ही में होमी अडजानिया की फिल्म ‘कॉकटेल 2’ में देखा गया था। इस फिल्म में उनके साथ शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। ‘कॉकटेल 2’ की रिलीज के बाद कृति ने काम से थोड़ा ब्रेक लिया है और वे छुट्टियों का आनंद ले रही हैं।

कृति सेनन रूमर्ड बॉयफ्रेंड के साथ भारत-इंग्लैंड मैच देखने पहुंचीं:स्टेडियम में कबीर बहिया के साथ देखा पहला वनडे; लंबे समय से डेटिंग की चर्चा

कृति सेनन रूमर्ड बॉयफ्रेंड के साथ भारत-इंग्लैंड मैच देखने पहुंचीं:स्टेडियम में कबीर बहिया के साथ देखा पहला वनडे; लंबे समय से डेटिंग की चर्चा

बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन मंगलवार को इंग्लैंड के बर्मिंघम में भारत और इंग्लैंड के बीच पहला वनडे मैच देखने पहुंचीं। इस दौरान उनके साथ उनके रूमर्ड बॉयफ्रेंड और बिजनेसमैन कबीर बहिया भी मौजूद थे। दोनों को स्टेडियम के स्टैंड्स में एक साथ मैच इंजॉय करते देखा गया। कृति और कबीर बहिया ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर स्टेडियम की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें दोनों एक दोस्त के साथ पोज देते नजर आ रहे हैं। यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे दोनों के रिलेशनशिप की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। कबीर बहिया ने शेयर की स्टेडियम की तस्वीरें कबीर बहिया ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल के जरिए फैंस को इस आउटिंग की झलक दिखाई। उन्होंने स्टेडियम से कुछ तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें कृति सेनन, कबीर और उनका एक दोस्त एक साथ नजर आ रहे हैं। कबीर के फोटो शेयर करने के कुछ ही समय बाद, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी एजबेस्टन स्टेडियम के स्टैंड्स से कृति की कई तस्वीरें सामने आईं। मैच के दौरान कृति सेनन काफी खुश नजर आ रही थीं और वे टीम इंडिया को चीयर कर रही थीं। पिछले कुछ महीनों से है डेटिंग की चर्चा कृति सेनन और कबीर बहिया के रिलेशनशिप की खबरें कुछ महीने पहले तब शुरू हुई थीं, जब एक्ट्रेस ने अपना 34वां जन्मदिन मनाया था। तब से उनके रोमांस की खबरें लगातार मीडिया में बनी हुई हैं। दोनों को कई मौकों पर एक साथ देखा गया है, हालांकि दोनों की तरफ से रिश्ते को लेकर कोई ऑफिशियल बयान नहीं आया है। इससे पहले कबीर बहिया को कृति की बहन नुपुर सेनन और सिंगर स्टीबिन बेन की शादी में भी देखा गया था, जहां वे पारिवारिक फंक्शंस का हिस्सा बने थे। कौन हैं कृति के रूमर्ड बॉयफ्रेंड कबीर बहिया कबीर बहिया ब्रिटेन के एक बड़े बिजनेसमैन हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई इंग्लैंड के एक बोर्डिंग स्कूल से पूरी की है। कबीर ‘वर्ल्डवाइड एविएशन एंड टूरिज्म लिमिटेड’ कंपनी के फाउंडर हैं। वे एक जाने-माने बिजनेस परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता कुलजिंदर बहिया हैं, जो ब्रिटेन की प्रमुख ट्रैवल एजेंसी ‘साउथऑल ट्रैवल’ के मालिक हैं। कबीर की खेल और बॉलीवुड जगत की कई हस्तियों के साथ अच्छी जान-पहचान है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘कॉकटेल 2’ वर्क फ्रंट की बात करें तो कृति सेनन को हाल ही में होमी अडजानिया की फिल्म ‘कॉकटेल 2’ में देखा गया था। इस फिल्म में उनके साथ शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। ‘कॉकटेल 2’ की रिलीज के बाद कृति ने काम से थोड़ा ब्रेक लिया है और वे छुट्टियों का आनंद ले रही हैं।

पैपराजी पर गुस्सा हुईं मौनी रॉय:कार के शीशे से वीडियो बनाने पर हाथ दिखाकर बोलीं- बंद करो, दोस्तों के साथ डिनर पर गई थीं

पैपराजी पर गुस्सा हुईं मौनी रॉय:कार के शीशे से वीडियो बनाने पर हाथ दिखाकर बोलीं- बंद करो, दोस्तों के साथ डिनर पर गई थीं

बॉलीवुड एक्ट्रेस मौनी रॉय मंगलवार रात पैपराजी से नाराज हो गईं। दरअसल मुंबई में दोस्तों के साथ डिनर के बाद जब वे अपनी कार में बैठीं, तो फोटोग्राफर्स लगातार उनका वीडियो बनाने लगे। बिना मेकअप और काले रंग के कपड़ों में बैठी मौनी ने हाथ के इशारे से कैमरे बंद करने को कहा। वीडियो में दिख रहा है कि मौनी रॉय अपनी कार की सीट पर बैठी हैं। उन्होंने स्लीवलेस ब्लैक आउटफिट पहना है और बाल खुले रखे हैं। कार के अंदर बैठे होने के बाद भी जब फोटोग्राफर्स खिड़की से लगातार उनका वीडियो रिकॉर्ड करते रहे, तो मौनी का गुस्सा बढ़ गया। उन्होंने पहले हाथ से इशारा किया और फिर उंगली दिखाते हुए सख्त लहजे में कहा, “बंद करो।” मौनी ने काफी धैर्य रखने की कोशिश की, लेकिन पैपराजी के न मानने पर वे नाराज हो गईं और फिर उनकी गाड़ी वहां से रवाना हो गई। जरीन खान ने कहा- फालतूगिरी मत करना बॉलीवुड एक्ट्रेस जरीन खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें वे पैपराजी पर बुरी तरह गुस्सा करती नजर आ रही हैं। एक ब्रांड इवेंट के दौरान जरीन ने पैपराजी को फटकार लगाते हुए कहा की मेरे साथ फालतूगिरी की बातें नहीं करना। उन्होंने सख्त लहजे में सामने वाले को अपनी हद में रहने की हिदायत दी। दरअसल जरीन खान मुंबई में एक क्लोदिंग ब्रांड के प्रमोशन इवेंट में पहुंची थीं। वे हरे रंग की ड्रेस पहने हुए मीडिया के कैमरों के सामने डेनिम जैकेट और जींस को डिस्प्ले कर रही थीं। इसी दौरान वहां मौजूद पैपराजी ने उनसे कहा की ड्रेस ट्राई करके दिखाओ। एक्ट्रेस को ये बात बिल्कुल पसंद नहीं आई। जरीन खान ने कहा, “फालतूगिरी की बातें नहीं करना मेरे साथ, क्योंकि मैं ऐसी चीजें बर्दाश्त करने वालों में से नहीं हूं। अपनी हद में रहकर बात करना।” यह बात कहते हुए जरीन के चेहरे पर साफ तौर पर गुस्सा देखा जा सकता है। हाल ही में नेहा धूपिया भी दे चुकीं हिदायत इससे पहले गोल्ड स्ट्रीमिंग अवॉर्ड सेरेमनी में नेहा धूपिया पैपराजी पर भड़क गई थीं। एक्ट्रेस ने बैक शॉट लेने और उन्हें पोस्ट करने पर नाराजगी जाहिर की और पैपराजी को कड़े शब्दों में वॉर्निंग भी दी। सेरेमनी से नेहा धूपिया अवॉर्ड लेकर निकल रही थीं। तभी पैपराजी ने उनके ग्रे हेयर पर कमेंट किया, जिसके जवाब में भड़कते हुए उन्होंने कहा है, ‘बोल लिया? कर लिया? ये बदतमीजी से बैक शॉट कौन लेता है तुम लोगों में से? कौन लेता है? छापता कौन है? मत करो। मेरा नहीं करना है, किसी का नहीं करना है। बोल-बोलकर थक गए हैं।’ आगे एक्ट्रेस ने कहा, ‘हम लोगों का काम नहीं है ये। हम बाहर आते हैं, तो आप लोग वहां ये सब करते हैं, बैग उठाकर, बुक उठाकर, पीछे से चलते हुए, ये सब नहीं चलेगा अभी। बंद करो ये सब। बहुत इज्जत से आप लोगों से बात करते हैं, ये सब मत करो। मत करो, बिल्कुल ये सब मत करो।’ ये एक्टर्स भी पैपराजी पर हाल ही में भड़के मलाइका अरोड़ा ने लगाई थी पैपराजी की क्लास कुछ समय पहले ही मलाइका अरोड़ा का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो पैपराजी पर गुस्सा करती दिखी थीं। दरअसल, एक इवेंट के बाद मलाइका एक शख्स से बात कर रही थीं, लेकिन पैपराजी प्राइवेसी देने के बजाए लगातार उनका वीडियो ले रहे थे। ये देख एक्ट्रेस भड़क गईं और कहा- इधर ही आ जाओ। सलमान भी पैपराजी पर भड़के थे वहीं, पिछले महीने सलमान खान भी पैपराजी पर भड़क गए थे। दरअसल, वे हिंदुजा अस्पताल पहुंचे थे, जहां से निकलते समय पैपराजी के शोर से एक्टर भड़क गए थे। हालांकि, बाद में जब सलमान फिल्म राजा शिवाजी की सक्सेस पार्टी में पहुंचे, तब सभी पैपराजी ने उनसे माफी मांगी थी। सलमान जैसे ही पार्टी में पहुंचे, वैसे ही सभी पैपराजी ने उन्हें घेर लिया और माफी मांगने लगे। सभी एक साथ, “सॉरी भाईजान, जोर से बोलो सॉरी”, कहते दिखे। इसके बाद सलमान ने भी उनकी माफी कबूल कर ली थी।

हरियाणा में अश्लील कंटेंट पर विवाद:इन्फ्लुएंसर्स ने कहा- डांसरों पर पैसे उड़ाने वाले बुजुर्गों को रोको, सपना चौधरी पर सॉफ्ट पोर्न देने का आरोप

हरियाणा में अश्लील कंटेंट पर विवाद:इन्फ्लुएंसर्स ने कहा- डांसरों पर पैसे उड़ाने वाले बुजुर्गों को रोको, सपना चौधरी पर सॉफ्ट पोर्न देने का आरोप

जाट आरक्षण आंदोलन के दंगों से सुर्खियों में आए और फिलहाल अमेरिका में रह रहे भगोड़े धर्मेंद्र हुड्डा की ओर से सोशल मीडिया पर ‘अश्लील, अभद्र और डबल मीनिंग’ कंटेंट के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम अब हरियाणा में बड़ी बहस का विषय बन गई है। हुड्डा का दावा है कि उन्होंने ऐसे कंटेंट बनाने वाले 35 बड़े इन्फ्लुएंसर्स की लिस्ट तैयार कर उन्हें अलग-अलग माध्यमों से चेतावनी दी है। इसके बाद कई इन्फ्लुएंसर्स ने अपना रुख बदलने का ऐलान किया, जबकि कई ने इस अभियान का समर्थन करते हुए इसे समाज सुधार की पहल बताया। एक इन्फ्लुएंसर ने हरियाणवी डांसर सपना चौधरी पर विवादित टिप्पणियां करते हुए कहा कि उन्होंने हरियाणा को ‘सॉफ्ट पोर्न’ दिया है। वहीं, कुछ ने डांस कार्यक्रमों में मंच के सामने जाकर पैसे उड़ाने वाले बुजुर्गों की मानसिकता पर भी सवाल उठाए। हालांकि, कुछ लोगों ने धर्मेंद्र हुड्डा का समर्थन किया तो कुछ ने उनसे रेप और पेपर लीक जैसे मामलों पर भी कार्रवाई की मांग की। अब जानिए सोशल मीडिया पर इन्फ्लुएंसर्स ने क्या कहा….. ​बाबा पेले बोले- डबल मीनिंग कंटेंट नहीं बनाएंगे धर्मेंद्र हुड्डा की चेतावनी के बाद इन्फ्लुएंसर आकाश छांगिया उर्फ बाबा पेले ने वीडियो जारी कर कहा कि अब वह डबल मीनिंग कंटेंट नहीं बनाएंगे। समाज से गंदे गाने और अश्लील कंटेंट खत्म होना चाहिए। भविष्य में वह किसी महिला कलाकार के साथ ऐसा वीडियो नहीं बनाएंगे, जिससे समाज पर गलत असर पड़े। बाबा पेले ने अपने स्कूल का जिक्र करते हुए कहा कि यहां 100 से ज्यादा बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जा रही है। अगर कोई समाज सेवा करना चाहता है तो स्कूल का सहयोग करे। उन्होंने हरियाणवी फिल्म टॉक्सिक के ट्रेलर को भी आपत्तिजनक बताते हुए इसे हरियाणा में बैन करने की मांग की। नीतू तहलान ने महिला इन्फ्लुएंसर्स पर उठाए सवाल इन्फ्लुएंसर नीतू तहलान ने धर्मेंद्र हुड्डा की मुहिम का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि विदेश में बैठकर गंदगी हटाने की शुरुआत करना सराहनीय है और इसका असर भी दिख रहा है। हालांकि उन्होंने कुछ महिला इन्फ्लुएंसर्स पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे सोशल मीडिया पर शराब पीने के वीडियो बनाकर गलत संदेश दे रही हैं। उनका कहना था कि ऐसे कंटेंट का बच्चों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कलकल खाप प्रधान की चेतावनी पर विवाद कलकल खाप के प्रधान राजपाल कलकल ने धर्मेंद्र हुड्डा के अभियान का समर्थन किया, लेकिन अपने वीडियो और थंबनेल में विवादित भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, “मैं सालों से हाथ जोड़कर बहू-बेटियों को समझा रहा था, लेकिन कुछ महिलाएं मुझे ही फोन पर अंजाम भुगतने की धमकी देती थीं। अब जो औरतें ऐसे कपड़े पहनती हैं, वे सुधर जाएं। जुबान पर लगाम दें और अंग प्रदर्शन बंद करें, वरना अब जवान लड़के आ गए हैं, वे जुबान भी बंद कर देंगे और तोड़ देंगे।” इन्फ्लुएंसर आजाद ने सपना चौधरी और बुजुर्गों को घेरा इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर आजाद ने इस पूरे मामले में समाज के बुजुर्गों (काका-ताऊ) और हरियाणा की मशहूर डांसर सपना चौधरी पर तीखा निशाना साधा। आजाद ने कहा, “स्टेज डांसरों से पहले उन बुजुर्गों की बात करो, जो इन कार्यक्रमों में जाते हैं। इन बुजुर्गों के दिमाग में हवस भरी है। आजाद ने आरोप लगाया, “मैं सपना चौधरी को टारगेट कर रहा हूं। उसने हरियाणा को कभी कोई अच्छी चीज नहीं दी। हरियाणा में कन्या भ्रूण हत्या और लिंगानुपात में 5-10% की कमी जैसे मुद्दों पर किसी ने कभी आवाज नहीं उठाई। सपना सिर्फ अपने शरीर के अंग मटकाती है। जो लोग कहते हैं कि सपना की वजह से हरियाणा जाना जाता है, वे गलत हैं। सपना ने हरियाणा को सिर्फ ‘सॉफ्ट पोर्न’ दिया है। हरियाणा की असली पहचान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, नीरज चोपड़ा और कल्पना चावला जैसे दिग्गजों से है।” ड्राइवर छोरी’ की बोली- गलत करने वालों का भी हो इलाज जींद की रहने वाली नीशू देशवाल उर्फ ड्राइवर छोरी ने धर्मेंद्र हुड्डा की इस मुहिम को क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा, “मैं उस मां को सलाम करती हूं, जिसने धर्मेंद्र जैसे भाई को जन्म दिया। उसने पांच दिन में सट्टा बंद करवा दिया। अब इस गंदगी को भी साफ किया जा रहा है।” उन्होंने धर्मेंद्र से अपील करते हुए कहा कि जो लोग छोटी बच्चियों और बेटियों के साथ गलत काम करते हैं, उनका भी इसी तरह इलाज किया जाए, ताकि अपराधियों के मन में खौफ पैदा हो। ​बिट्टू पंडित का दावा- वीडियो हटाने की मिली धमकी इंस्टाग्राम पर जारी एक वीडियो में बिट्टू पंडित ने दावा किया कि उन्होंने पहले एक वीडियो शेयर कर कहा था कि धर्मेंद्र हुड्डा ने काम तो शुरू किया, लेकिन सही तरीके से नहीं किया। इसके बाद रात में उनके पास फोन आया और वीडियो हटाने की धमकी दी गई। वीडियो में बिट्टू पंडित ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि धमकियों से उनका कुछ नहीं बिगड़ेगा। उन्होंने धर्मेंद्र हुड्डा को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वास्तव में समाज के लिए काम करना है तो हरियाणा में हो रहे रेप के मामलों को रोकें। उन्होंने भिवानी की मनीषा से जुड़े मामले का भी जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि उस समय कार्रवाई क्यों नहीं की गई और अब लोकप्रियता हासिल करने के लिए ऐसे मुद्दे क्यों उठाए जा रहे हैं। यदि सही काम होगा तो वे पूरा साथ देंगे, लेकिन मनीषा को भी न्याय मिलना चाहिए। सस्पेंड हुई टीचर ने भी किया समर्थन कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद सस्पेंड हुई रोहतक निवासी सुलेखा दलाल ने भी धर्मेंद्र हुड्डा का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र हुड्डा ने बहुत अच्छी मुहिम शुरू की है। साथ ही उन लोगों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने उनकी बात मानते हुए इस तरह का कंटेंट बनाने से परहेज किया है। उन्होंने एक बार फिर नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बहुत से लोग टांग खींचने के लिए आएंगे, लेकिन पीछे नहीं हटना चाहिए। अब अगली बारी पेपर लीक के खिलाफ कार्रवाई की होनी चाहिए। रेप करने वालों को भी कड़ी सजा मिलनी चाहिए। दोषियों को सख्त सजा दे दी जाए तो पूरा देश सुधर जाएगा। गीता ढांडा बोली- डांसरों पर ₹500 लुटाते हैं ये बुड्ढे सोशल मीडिया एक्टिविस्ट गीता ढांडा ने पुरुषों

पिता की मौत का दर्द कैमरे पर उतरा:युवराज पाराशर ने बताया कैसे निजी दर्द फिल्म का सबसे भावुक दृश्य बना

पिता की मौत का दर्द कैमरे पर उतरा:युवराज पाराशर ने बताया कैसे निजी दर्द फिल्म का सबसे भावुक दृश्य बना

रिश्तों, माता-पिता के सम्मान और बदलते पारिवारिक मूल्यों पर आधारित फिल्म ‘गुड़हल’ इन दिनों चर्चा में है। फिल्म के राइटर, डायरेक्टर प्रोड्यूसर और एक्टर युवराज पाराशर, एक्ट्रेस मोना अंबेगांवकर और पूजा सिंह ने दैनिक भास्कर से फिल्म, अपने किरदारों और इंडस्ट्री के बदलते दौर पर बात की। युवराज ने अपने दिवंगत पिता से जुड़ा भावुक किस्सा साझा करते हुए बताया कि उसी निजी दर्द ने फिल्म के सबसे इमोशनल सीन को जन्म दिया। मोना ने कलाकारों के लिए आलोचना की अहमियत बताई, जबकि पूजा ने फिल्म से जुड़ने का अनुभव साझा किया। सवाल: इस फिल्म की कहानी में क्या खास लगा कि आपको लगा, इसे कहने का यही सही समय है? जवाब/युवराज पाराशर: मेरी शुरुआत एक शॉर्ट फिल्म से हुई थी, जिसमें ऐसी महिला की कहानी थी जिसे मां न बन पाने पर ‘बांझ’ कहा जाता है। तभी मैंने तय किया था कि मैं ऐसी फिल्में बनाऊंगा जो समाज को सोचने पर मजबूर करें। ‘गुड़हल’ लिखने में करीब दो साल लगे। इस पर काफी रिसर्च की, क्योंकि यह माता-पिता और रिश्तों पर आधारित फिल्म है। मेरा मानना है कि आज हम कई बार अपने माता-पिता को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि हमारी पहचान उन्हीं की वजह से है। इसी सोच से ‘गुड़हल’ की शुरुआत हुई। सवाल: इस फिल्म में आप राइटर, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और एक्टर भी हैं। इन चारों जिम्मेदारियों में सबसे ज्यादा संतुष्टि किस भूमिका ने दी? जवाब/युवराज पाराशर: सभी जिम्मेदारियां मुश्किल हैं, लेकिन सबसे ज्यादा सुकून डायरेक्शन में मिला। जो सीन मैंने लिखे थे, उन्हें कलाकारों की मदद से स्क्रीन पर उसी तरह जीवंत होते देखना सबसे खास अनुभव था। सवाल: मोना, पहली बार ‘गुड़हल’ की कहानी सुनकर किस बात ने आपको सबसे ज्यादा प्रभावित किया? जवाब/मोना अंबेगांवकर: मैं शुरुआत से इस फिल्म से जुड़ी हूं। पहले यह वृद्धाश्रम की कहानी थी, फिर समझ आया कि यह सिर्फ एक बुजुर्ग महिला नहीं, बल्कि हर उम्र की महिलाओं की कहानी है। मुझे किरदार की उम्र से कभी फर्क नहीं पड़ा। अच्छा रोल हो तो मैं 70-75 साल की महिला का किरदार भी खुशी से निभाऊंगी। आज भी ऐसे लेखक-निर्देशक हैं जो मुझे मुख्य भूमिका में सोचकर स्क्रिप्ट लिखते हैं। यह मेरे लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। सवाल: ‘स्नेहा’ के किरदार तक आपका सफर कैसे पहुंचा? ऑडिशन से सिलेक्शन तक का अनुभव कैसा रहा? जवाब/पूजा सिंह: मैं योग कर रही थी, तभी फिल्म के लिए कॉल आया। पहले मुझे लगा कि यह सामान्य ऑडिशन कॉल है, इसलिए मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। लेकिन स्क्रिप्ट पढ़ते ही कहानी ने मुझे भीतर तक छू लिया और मैं तुरंत युवराज सर से मिलने पहुंच गई। सर ऐसी लड़की की तलाश में थे, जिसके चेहरे पर मासूमियत हो और जो निगेटिव न लगे। उन्होंने मुझमें ‘स्नेहा’ को देखा और मुझे यह किरदार मिल गया। इतने अनुभवी कलाकारों के साथ काम करना मेरे लिए सीखने का शानदार मौका और सपने के सच होने जैसा अनुभव रहा। सवाल: फिल्म का कौन-सा सीन आपके लिए सबसे ज्यादा भावुक और चुनौतीपूर्ण था? जवाब/युवराज पाराशर: एक भावुक सीन शूट करते समय मुझे समझ नहीं आ रहा था कि उसे कैसे फिल्माऊं। तभी मुझे अपने पिता की याद आई। 10 साल पहले मेरे पिता का निधन हुआ था। मैंने उसी दर्द को फिर से महसूस किया और मोना मैम को घर का माहौल व अपनी भावनाएं विस्तार से बताईं। उन्होंने उस दर्द को पूरी तरह अपने अंदर उतार लिया। शॉट खत्म होते ही पूरा सेट खामोश था। मेरी बहन रोते हुए मेरे गले लग गई थी। उस पल हमें लगा कि हमने उस सीन को सचमुच जी लिया। सवाल: मोना, अपने किरदार को निभाने के लिए आपने खुद को मानसिक और भावनात्मक रूप से कैसे तैयार किया? जवाब/मोना अंबेगांवकर: मेरा किरदार ऐसी महिला का है जिसकी पूरी दुनिया उसका पति था। पति के जाने के बाद वह बिल्कुल टूट जाती है। निजी जिंदगी में मैं ऐसी नहीं हूं, इसलिए इस किरदार को समझना आसान नहीं था। लेकिन मैं चाहती थी कि आखिर में यह महिला सिर्फ बेबस न दिखे, बल्कि अपनी ताकत भी दिखाए। यही बात मुझे इस किरदार में सबसे ज्यादा पसंद आई। सवाल: पूजा, जब आपके परिवार ने फिल्म देखी तो उनका रिएक्शन कैसा था? जवाब/पूजा सिंह: मेरी मां ने पहली बार फिल्म देखी तो रोते हुए मुझे वीडियो कॉल किया। मैंने तुरंत युवराज सर को भी फोन पर जोड़ दिया। मां लगातार रो रही थीं। उनका कहना था कि ऐसी फिल्में बननी चाहिए, क्योंकि इनमें हमारे आसपास की असली जिंदगी दिखाई देती है। उनके आंसू हमारे लिए सबसे बड़ा सम्मान थे। सवाल: आज सोशल मीडिया के दौर में क्या फॉलोअर्स एक्टिंग टैलेंट पर भारी पड़ रहे हैं? जवाब/मोना अंबेगांवकर: देश में बहुत अच्छे कलाकार घर बैठे हैं। एक्टर को एक्टिंग करने दीजिए और इन्फ्लुएंसर को इन्फ्लुएंसिंग। दोनों की अपनी जगह है। सिर्फ फॉलोअर्स देखकर कास्टिंग नहीं होनी चाहिए। युवराज पाराशर: एक्टर बनने में सालों की मेहनत लगती है। सिर्फ सोशल मीडिया फॉलोअर्स के आधार पर फैसले होंगे तो कई अच्छे कलाकारों के साथ अन्याय होगा।

पिता की मौत का दर्द कैमरे पर उतरा:युवराज पाराशर ने बताया कैसे निजी दर्द फिल्म का सबसे भावुक दृश्य बना

पिता की मौत का दर्द कैमरे पर उतरा:युवराज पाराशर ने बताया कैसे निजी दर्द फिल्म का सबसे भावुक दृश्य बना

रिश्तों, माता-पिता के सम्मान और बदलते पारिवारिक मूल्यों पर आधारित फिल्म ‘गुड़हल’ इन दिनों चर्चा में है। फिल्म के राइटर, डायरेक्टर प्रोड्यूसर और एक्टर युवराज पाराशर, एक्ट्रेस मोना अंबेगांवकर और पूजा सिंह ने दैनिक भास्कर से फिल्म, अपने किरदारों और इंडस्ट्री के बदलते दौर पर बात की। युवराज ने अपने दिवंगत पिता से जुड़ा भावुक किस्सा साझा करते हुए बताया कि उसी निजी दर्द ने फिल्म के सबसे इमोशनल सीन को जन्म दिया। मोना ने कलाकारों के लिए आलोचना की अहमियत बताई, जबकि पूजा ने फिल्म से जुड़ने का अनुभव साझा किया। सवाल: इस फिल्म की कहानी में क्या खास लगा कि आपको लगा, इसे कहने का यही सही समय है? जवाब/युवराज पाराशर: मेरी शुरुआत एक शॉर्ट फिल्म से हुई थी, जिसमें ऐसी महिला की कहानी थी जिसे मां न बन पाने पर ‘बांझ’ कहा जाता है। तभी मैंने तय किया था कि मैं ऐसी फिल्में बनाऊंगा जो समाज को सोचने पर मजबूर करें। ‘गुड़हल’ लिखने में करीब दो साल लगे। इस पर काफी रिसर्च की, क्योंकि यह माता-पिता और रिश्तों पर आधारित फिल्म है। मेरा मानना है कि आज हम कई बार अपने माता-पिता को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि हमारी पहचान उन्हीं की वजह से है। इसी सोच से ‘गुड़हल’ की शुरुआत हुई। सवाल: इस फिल्म में आप राइटर, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और एक्टर भी हैं। इन चारों जिम्मेदारियों में सबसे ज्यादा संतुष्टि किस भूमिका ने दी? जवाब/युवराज पाराशर: सभी जिम्मेदारियां मुश्किल हैं, लेकिन सबसे ज्यादा सुकून डायरेक्शन में मिला। जो सीन मैंने लिखे थे, उन्हें कलाकारों की मदद से स्क्रीन पर उसी तरह जीवंत होते देखना सबसे खास अनुभव था। सवाल: मोना, पहली बार ‘गुड़हल’ की कहानी सुनकर किस बात ने आपको सबसे ज्यादा प्रभावित किया? जवाब/मोना अंबेगांवकर: मैं शुरुआत से इस फिल्म से जुड़ी हूं। पहले यह वृद्धाश्रम की कहानी थी, फिर समझ आया कि यह सिर्फ एक बुजुर्ग महिला नहीं, बल्कि हर उम्र की महिलाओं की कहानी है। मुझे किरदार की उम्र से कभी फर्क नहीं पड़ा। अच्छा रोल हो तो मैं 70-75 साल की महिला का किरदार भी खुशी से निभाऊंगी। आज भी ऐसे लेखक-निर्देशक हैं जो मुझे मुख्य भूमिका में सोचकर स्क्रिप्ट लिखते हैं। यह मेरे लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। सवाल: ‘स्नेहा’ के किरदार तक आपका सफर कैसे पहुंचा? ऑडिशन से सिलेक्शन तक का अनुभव कैसा रहा? जवाब/पूजा सिंह: मैं योग कर रही थी, तभी फिल्म के लिए कॉल आया। पहले मुझे लगा कि यह सामान्य ऑडिशन कॉल है, इसलिए मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। लेकिन स्क्रिप्ट पढ़ते ही कहानी ने मुझे भीतर तक छू लिया और मैं तुरंत युवराज सर से मिलने पहुंच गई। सर ऐसी लड़की की तलाश में थे, जिसके चेहरे पर मासूमियत हो और जो निगेटिव न लगे। उन्होंने मुझमें ‘स्नेहा’ को देखा और मुझे यह किरदार मिल गया। इतने अनुभवी कलाकारों के साथ काम करना मेरे लिए सीखने का शानदार मौका और सपने के सच होने जैसा अनुभव रहा। सवाल: फिल्म का कौन-सा सीन आपके लिए सबसे ज्यादा भावुक और चुनौतीपूर्ण था? जवाब/युवराज पाराशर: एक भावुक सीन शूट करते समय मुझे समझ नहीं आ रहा था कि उसे कैसे फिल्माऊं। तभी मुझे अपने पिता की याद आई। 10 साल पहले मेरे पिता का निधन हुआ था। मैंने उसी दर्द को फिर से महसूस किया और मोना मैम को घर का माहौल व अपनी भावनाएं विस्तार से बताईं। उन्होंने उस दर्द को पूरी तरह अपने अंदर उतार लिया। शॉट खत्म होते ही पूरा सेट खामोश था। मेरी बहन रोते हुए मेरे गले लग गई थी। उस पल हमें लगा कि हमने उस सीन को सचमुच जी लिया। सवाल: मोना, अपने किरदार को निभाने के लिए आपने खुद को मानसिक और भावनात्मक रूप से कैसे तैयार किया? जवाब/मोना अंबेगांवकर: मेरा किरदार ऐसी महिला का है जिसकी पूरी दुनिया उसका पति था। पति के जाने के बाद वह बिल्कुल टूट जाती है। निजी जिंदगी में मैं ऐसी नहीं हूं, इसलिए इस किरदार को समझना आसान नहीं था। लेकिन मैं चाहती थी कि आखिर में यह महिला सिर्फ बेबस न दिखे, बल्कि अपनी ताकत भी दिखाए। यही बात मुझे इस किरदार में सबसे ज्यादा पसंद आई। सवाल: पूजा, जब आपके परिवार ने फिल्म देखी तो उनका रिएक्शन कैसा था? जवाब/पूजा सिंह: मेरी मां ने पहली बार फिल्म देखी तो रोते हुए मुझे वीडियो कॉल किया। मैंने तुरंत युवराज सर को भी फोन पर जोड़ दिया। मां लगातार रो रही थीं। उनका कहना था कि ऐसी फिल्में बननी चाहिए, क्योंकि इनमें हमारे आसपास की असली जिंदगी दिखाई देती है। उनके आंसू हमारे लिए सबसे बड़ा सम्मान थे। सवाल: आज सोशल मीडिया के दौर में क्या फॉलोअर्स एक्टिंग टैलेंट पर भारी पड़ रहे हैं? जवाब/मोना अंबेगांवकर: देश में बहुत अच्छे कलाकार घर बैठे हैं। एक्टर को एक्टिंग करने दीजिए और इन्फ्लुएंसर को इन्फ्लुएंसिंग। दोनों की अपनी जगह है। सिर्फ फॉलोअर्स देखकर कास्टिंग नहीं होनी चाहिए। युवराज पाराशर: एक्टर बनने में सालों की मेहनत लगती है। सिर्फ सोशल मीडिया फॉलोअर्स के आधार पर फैसले होंगे तो कई अच्छे कलाकारों के साथ अन्याय होगा।

भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आज से लागू:व्हिस्की, कारें और कपड़े सस्ते मिलेंगे; जानें किन चीजों के दाम बदलेंगे

भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आज से लागू:व्हिस्की, कारें और कपड़े सस्ते मिलेंगे; जानें किन चीजों के दाम बदलेंगे

भारत में UK की कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर आज से सस्ते मिलेंगे। क्योंकि, भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू हो गया है। यानी इस दिन से भारत के 99% सामानों को UK में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा। वहीं UK के 99% सामान 3% एवरेज टैरिफ पर आयात होंगे। इससे 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होकर 120 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। करीब 3 साल में 14 राउंड की बातचीत के बाद 24 जुलाई 2025 को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटिश व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने पीएम नरेंद्र मोदी और उनके UK समकक्ष कीर स्टार्मर की उपस्थिति में इस समझौते पर साइन किए थे। ब्रिटिश हाई कमिश्नर ने कहा ‘ऐतिहासिक पल’ इस व्यापार समझौते के लागू होने से पहले दोनों देशों के बिजनेस और कंपनियों के पास तैयारी करने के लिए अब सिर्फ एक महीने से भी कम बचा है। भारत में UK की हाई कमिश्नर लिंडी कैमरन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “उल्टी गिनती शुरू हो गई है! UK और भारत इस बात पर सहमत हुए हैं कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई से लागू हो जाएगा। यह आधुनिक यूके-भारत पार्टनरशिप के लिए एक ऐतिहासिक पल है, जो हमारी दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए ग्रोथ के एक नए युग की शुरुआत करेगा।” सवाल जवाब में समझिएं इस एग्रीमेंट से क्या-क्या फायदा होगा… सवाल 1: भारत में कौन सी चीजें सस्ती होंगी? जवाब: UK से आयात होने वाले सामानों पर औसत टैरिफ 15% से घटकर 3% होगा। 85% सामान 10 साल में पूरी तरह टैरिफ-मुक्त होंगे। इससे कई चीजें सस्ती होंगी: सवाल 2: भारत के किन-किन सेक्टर्स को फायदा होगा? जवाब: टेक्सटाइल से लेकर इंजीनियरिंग, मेडिकल और केमिकल जैसे सेक्टर्स को फायदा होगा। 1. टेक्सटाइल सेक्टर यूके में भारतीय कपड़ों और होम टेक्सटाइल्स जैसे चादर, परदे पर 8-12% टैक्स लगता था, वो अब पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इससे हमारे कपड़े बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले सस्ते और ज्यादा कॉम्पिटिटिव हो जाएंगे। तिरुप्पुर, सूरत और लुधियाना जैसे एक्सपोर्ट हब में अगले तीन साल में 40% तक की ग्रोथ हो सकती है। 2. गहने और चमड़े का सामान भारत से यूके जाने वाली ज्वेलरी और चमड़े के सामान जैसे बैग, जूतों पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। इससे छोटे बिजनेस (MSME) और लग्जरी ब्रांड्स को बड़ा फायदा होगा। साथ ही यूके के रास्ते यूरोप में भारत का दबदबा और बढ़ेगा। 3. इंजीनियरिंग सामान और ऑटो पार्ट्स यूके ने भारतीय मशीनरी, इंजीनियरिंग टूल्स और ऑटो पार्ट्स जैसे कार के पुर्जे पर लगने वाला इम्पोर्ट टैक्स खत्म कर दिया है। इससे भारत, यूके और यूरोप की इंडस्ट्रियल सप्लाई चेन और मजबूत होगी। पुणे, चेन्नई और गुड़गांव जैसे मैन्युफैक्चरिंग हब को फायदा होगा। 4. दवाइयां और मेडिकल डिवाइस भारतीय फार्मा कंपनियों को यूके में जेनेरिक दवाइयों के लिए आसान रजिस्ट्रेशन प्रोसेस मिलेगी। इससे भारत की दवाइयां यूके की हेल्थ सर्विस (NHS) में आसानी से पहुंचेंगी और दवाओं का अप्रूवल भी जल्दी मिलेगा। 6. खाने-पीने का सामान, चाय, मसाले और समुद्री प्रोडक्ट्स बासमती चावल, झींगा जैसे समुद्री प्रोडक्ट, प्रीमियम चाय और मसालों पर यूके का इम्पोर्ट टैक्स खत्म हो जाएगा। इससे असम, गुजरात, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे इलाकों की एक्सपोर्ट इंडस्ट्री को बड़ा बूस्ट मिलेगा। 7. केमिकल्स और स्पेशलिटी मटेरियल्स एग्रोकेमिकल्स, प्लास्टिक और स्पेशल केमिकल्स पर टैक्स कम होने से गुजरात और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख हब से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इस डील के तहत भारत का लक्ष्य है कि 2030 तक यूके में अपने केमिकल निर्यात को दोगुना कर दे। 8. ग्रीन एनर्जी और क्लीनटेक ये समझौता रिन्यूएबल एनर्जी में जॉइंट वेंचर्स का रास्ता खोलेगा, जिसमें सोलर, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इन्फ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। यूके भारत के क्लीन एनर्जी सेक्टर में और निवेश करेगा, जिससे नई टेक्नोलॉजीज का को-डेवलपमेंट होगा। सवाल 3: इस डील से भारत की अर्थव्यवस्था को क्या फायदा होगा? जवाब: FTA भारत की अर्थव्यवस्था के लिए कई तरह से फायदेमंद है: सवाल 4: यह एग्रीमेंट कब से लागू होगा? जवाब: यह समझौता 24 जुलाई 2025 को साइन हुआ है, लेकिन इसे लागू होने में करीब एक साल लग सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत की केंद्रीय कैबिनेट और UK की संसद से मंजूरी जरूरी है। भारत की केंद्रीय कैबिनेट से इसे मंजूरी मिल चुकी है। सवाल 5: भारत-UK के बीच एग्रीमेंट को लेकर बातचीत कब शुरू हुई थी? जवाब: भारत और UK के बीच एग्रीमेंट को लेकर बातचीत 13 जनवरी 2022 को शुरू हुई थी, जो करीब 3.5 साल बाद पूरी हुई। 2014 से भारत ने मॉरीशस, UAE, ऑस्ट्रेलिया और EFTA (यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन) के साथ 3 ऐसे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स पर हस्ताक्षर किए हैं। भारत यूरोपियन यूनियन (EU) के साथ इसी तरह के समझौतों पर एक्टिवली बातचीत कर रहा है। सवाल 6: ट्रेड एग्रीमेंट्स कितने टाइप के होते हैं? जवाब: फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स को उसके नेचर के हिसाब से अलग-अलग नाम दिए जाते हैं। इनमें PTA (प्रेफरेंशियल), RTA (रीजनल) और BTA (बाइलेटरल) शामिल हैं। WTO इस तरह के सभी इकोनॉमिक इंगेजमेंट्स को RTA नाम देता है। सवाल 7: भारत ने किन देशों के साथ इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं? जवाब: भारत ने श्रीलंका, भूटान, थाईलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, कोरिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, मॉरीशस, ASEAN और EFTA ब्लॉक्स के साथ ट्रेड एग्रीमेंट्स किए हैं। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अनुसार, एशिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ डील हासिल करने के बाद भारत ने अपना FTA फोकस ईस्ट (ASEAN, जापान, कोरिया) से वेस्टर्न पार्टनर्स की ओर शिफ्ट कर दिया है। भारत अब एक्सपोर्ट्स का विस्तार करने और वेस्ट की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से व्यापार संबंधों को मजबूत करने के लिए EU और US के साथ FTA को प्राथमिकता दे रहा है।

भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आज से लागू:व्हिस्की, कारें और कपड़े सस्ते मिलेंगे; जानें किन चीजों के दाम बदलेंगे

भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आज से लागू:व्हिस्की, कारें और कपड़े सस्ते मिलेंगे; जानें किन चीजों के दाम बदलेंगे

भारत में UK की कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर आज से सस्ते मिलेंगे। क्योंकि, भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू हो गया है। यानी इस दिन से भारत के 99% सामानों को UK में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा। वहीं UK के 99% सामान 3% एवरेज टैरिफ पर आयात होंगे। इससे 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होकर 120 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। करीब 3 साल में 14 राउंड की बातचीत के बाद 24 जुलाई 2025 को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटिश व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने पीएम नरेंद्र मोदी और उनके UK समकक्ष कीर स्टार्मर की उपस्थिति में इस समझौते पर साइन किए थे। ब्रिटिश हाई कमिश्नर ने कहा ‘ऐतिहासिक पल’ इस व्यापार समझौते के लागू होने से पहले दोनों देशों के बिजनेस और कंपनियों के पास तैयारी करने के लिए अब सिर्फ एक महीने से भी कम बचा है। भारत में UK की हाई कमिश्नर लिंडी कैमरन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “उल्टी गिनती शुरू हो गई है! UK और भारत इस बात पर सहमत हुए हैं कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई से लागू हो जाएगा। यह आधुनिक यूके-भारत पार्टनरशिप के लिए एक ऐतिहासिक पल है, जो हमारी दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए ग्रोथ के एक नए युग की शुरुआत करेगा।” सवाल जवाब में समझिएं इस एग्रीमेंट से क्या-क्या फायदा होगा… सवाल 1: भारत में कौन सी चीजें सस्ती होंगी? जवाब: UK से आयात होने वाले सामानों पर औसत टैरिफ 15% से घटकर 3% होगा। 85% सामान 10 साल में पूरी तरह टैरिफ-मुक्त होंगे। इससे कई चीजें सस्ती होंगी: सवाल 2: भारत के किन-किन सेक्टर्स को फायदा होगा? जवाब: टेक्सटाइल से लेकर इंजीनियरिंग, मेडिकल और केमिकल जैसे सेक्टर्स को फायदा होगा। 1. टेक्सटाइल सेक्टर यूके में भारतीय कपड़ों और होम टेक्सटाइल्स जैसे चादर, परदे पर 8-12% टैक्स लगता था, वो अब पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इससे हमारे कपड़े बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले सस्ते और ज्यादा कॉम्पिटिटिव हो जाएंगे। तिरुप्पुर, सूरत और लुधियाना जैसे एक्सपोर्ट हब में अगले तीन साल में 40% तक की ग्रोथ हो सकती है। 2. गहने और चमड़े का सामान भारत से यूके जाने वाली ज्वेलरी और चमड़े के सामान जैसे बैग, जूतों पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। इससे छोटे बिजनेस (MSME) और लग्जरी ब्रांड्स को बड़ा फायदा होगा। साथ ही यूके के रास्ते यूरोप में भारत का दबदबा और बढ़ेगा। 3. इंजीनियरिंग सामान और ऑटो पार्ट्स यूके ने भारतीय मशीनरी, इंजीनियरिंग टूल्स और ऑटो पार्ट्स जैसे कार के पुर्जे पर लगने वाला इम्पोर्ट टैक्स खत्म कर दिया है। इससे भारत, यूके और यूरोप की इंडस्ट्रियल सप्लाई चेन और मजबूत होगी। पुणे, चेन्नई और गुड़गांव जैसे मैन्युफैक्चरिंग हब को फायदा होगा। 4. दवाइयां और मेडिकल डिवाइस भारतीय फार्मा कंपनियों को यूके में जेनेरिक दवाइयों के लिए आसान रजिस्ट्रेशन प्रोसेस मिलेगी। इससे भारत की दवाइयां यूके की हेल्थ सर्विस (NHS) में आसानी से पहुंचेंगी और दवाओं का अप्रूवल भी जल्दी मिलेगा। 6. खाने-पीने का सामान, चाय, मसाले और समुद्री प्रोडक्ट्स बासमती चावल, झींगा जैसे समुद्री प्रोडक्ट, प्रीमियम चाय और मसालों पर यूके का इम्पोर्ट टैक्स खत्म हो जाएगा। इससे असम, गुजरात, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे इलाकों की एक्सपोर्ट इंडस्ट्री को बड़ा बूस्ट मिलेगा। 7. केमिकल्स और स्पेशलिटी मटेरियल्स एग्रोकेमिकल्स, प्लास्टिक और स्पेशल केमिकल्स पर टैक्स कम होने से गुजरात और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख हब से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इस डील के तहत भारत का लक्ष्य है कि 2030 तक यूके में अपने केमिकल निर्यात को दोगुना कर दे। 8. ग्रीन एनर्जी और क्लीनटेक ये समझौता रिन्यूएबल एनर्जी में जॉइंट वेंचर्स का रास्ता खोलेगा, जिसमें सोलर, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इन्फ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। यूके भारत के क्लीन एनर्जी सेक्टर में और निवेश करेगा, जिससे नई टेक्नोलॉजीज का को-डेवलपमेंट होगा। सवाल 3: इस डील से भारत की अर्थव्यवस्था को क्या फायदा होगा? जवाब: FTA भारत की अर्थव्यवस्था के लिए कई तरह से फायदेमंद है: सवाल 4: यह एग्रीमेंट कब से लागू होगा? जवाब: यह समझौता 24 जुलाई 2025 को साइन हुआ है, लेकिन इसे लागू होने में करीब एक साल लग सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत की केंद्रीय कैबिनेट और UK की संसद से मंजूरी जरूरी है। भारत की केंद्रीय कैबिनेट से इसे मंजूरी मिल चुकी है। सवाल 5: भारत-UK के बीच एग्रीमेंट को लेकर बातचीत कब शुरू हुई थी? जवाब: भारत और UK के बीच एग्रीमेंट को लेकर बातचीत 13 जनवरी 2022 को शुरू हुई थी, जो करीब 3.5 साल बाद पूरी हुई। 2014 से भारत ने मॉरीशस, UAE, ऑस्ट्रेलिया और EFTA (यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन) के साथ 3 ऐसे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स पर हस्ताक्षर किए हैं। भारत यूरोपियन यूनियन (EU) के साथ इसी तरह के समझौतों पर एक्टिवली बातचीत कर रहा है। सवाल 6: ट्रेड एग्रीमेंट्स कितने टाइप के होते हैं? जवाब: फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स को उसके नेचर के हिसाब से अलग-अलग नाम दिए जाते हैं। इनमें PTA (प्रेफरेंशियल), RTA (रीजनल) और BTA (बाइलेटरल) शामिल हैं। WTO इस तरह के सभी इकोनॉमिक इंगेजमेंट्स को RTA नाम देता है। सवाल 7: भारत ने किन देशों के साथ इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं? जवाब: भारत ने श्रीलंका, भूटान, थाईलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, कोरिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, मॉरीशस, ASEAN और EFTA ब्लॉक्स के साथ ट्रेड एग्रीमेंट्स किए हैं। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अनुसार, एशिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ डील हासिल करने के बाद भारत ने अपना FTA फोकस ईस्ट (ASEAN, जापान, कोरिया) से वेस्टर्न पार्टनर्स की ओर शिफ्ट कर दिया है। भारत अब एक्सपोर्ट्स का विस्तार करने और वेस्ट की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से व्यापार संबंधों को मजबूत करने के लिए EU और US के साथ FTA को प्राथमिकता दे रहा है।

आम के बीज से बाल बनाने का उपाय: सफेद बालों को काले करने का रहस्य, आम की गुठली से जादुई हेयर मास्क

आम के बीज से बालों का उपचार

14 जुलाई 2026 को 22:04 IST पर अपडेट किया गया आम के बीज से बाल हटाने का उपाय: आज के दौर में ज्यादातर लोग सफेद बालों की समस्या से बहुत परेशान हैं। लोग इससे प्राप्त करने के लिए बाजार में मिलने वाली डाई, मास्क और टैग का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं। लेकिन इन अजीबो-गरीब बाजारों में केमिकल बालों की सेहत को और भी ज्यादा खराब कर दिया जाता है। अक्सर लोग आम खाने के बाद अपनी गुठली को फेंक देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि चॉकलेट में फाके जाने वाली ये गुठली आपके बालों के लिए काफी हानिकारक हो सकती है। अनुसरण करना : हेयर मास्क बनाने के लिए सबसे पहले आम की गुठली को फोड़ें और उसके अंदर से छोटी गुठली निकालें लें। अब इस छोटी गुठली को आप पीस लें या फिर पीसकर पाउडर बना लें। छवि: एआई अब 10-15 लौंग और 2 कीमती कलौंजी लें और ड्रूजी रोस्ट कर लें। भुनने के बाद इन दोनों नीवे को पीसकर एक अल्कोहल पाउडर तैयार कर लें। छवि: एआई कच्चे ही में तैयार हुआ कलौंजी-लौंग पाउडर दाल। फिर से तैयार करें 2 छोटे आम ​​की गुठली का पाउडर। अब इस मिक्चर में 2 माइक्रो दही और हिना पाउडर डालें और सभी अवशेषों को अच्छे से मिलाएं। छवि: एआई इस पूरे मिक्चर को एक रात के लिए आयरन की क्रेडही में छोड़ दिया गया। आयरन की कड़ाही में इसकी गुणवत्ता और मात्रा अधिक होती है और आपका रेशमी हेयर मास्क पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। छवि: एआई तैयार किये गये इस मास्क को अपने सफेद बालों पर माला और 2 घंटे के लिए छोड़ दें। फिर साफ पानी से हेयरवॉश कर लें। इसके बाद अगले दिन आप शैम्पू कर सकते हैं। आप इस मास्क को हर 15 दिन में इस्तेमाल कर सकते हैं। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 14 जुलाई 2026 22:04 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)सफेद बालों का समाधान(टी)प्राकृतिक हेयर मास्क(टी)आम के बीज के बालों का उपचार(टी)काले बालों के टिप्स(टी)घर का बना हेयर डाई(टी)ग्रे बालों का उपचार(टी)आयुर्वेदिक बालों की देखभाल(टी)काला बाल कैसे करें

जामुन के बीज का उपयोग: सस्ता समझकर पाए नहीं जामुन के बीज, घर में कई तरह से कर सकते हैं इस्तेमाल; साबुत से लेकर बागवानी तक में

तस्वीर का विवरण

बेदाग और निखरी स्कार्फ में: जैन के रसायन का परमाणु पाउडर बनाएं लें। इसे कच्चे दूध या गुलाब जल में मिलाकर पूरे चेहरे पर लगाने से मुंहासे दूर हो जाते हैं और त्वचा पर त्वचा का प्राकृतिक निखार आ जाता है। छवि: फ्रीपिक बागवानी में सहायक: यदि आप उपयोग के शौकीन हैं, तो इन मसालों का उपयोग कर बेहतरीन प्राकृतिक खाद बना सकते हैं। इससे जुड़ी मिट्टी की कलाकृतियाँ और प्रमाणित को पोषण पोषण की दृष्टि से है। छवि: एआई वर्क्स में रामबाण: जामिन के बीज ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में बहुत प्रभावशाली हैं। इसके उत्पादों का मिश्रण रोजाना सुबह गुनगुने पानी के साथ लेने से शुगर लेवल मेंटेन रहता है। छवि: फ्रीपिक पेट की सुविधा से: अगर आपको कब्ज या पेट से जुड़ी कोई समस्या है तो आप बहुत काम आ सकते हैं। यह पेट को साफ पाचन तंत्र को मजबूत और स्वस्थ बनाता है। छवि: फ्रीपिक मजबूत दांत और मसूड़े: जामिन के मसाले की राख या इसके मिश्रण से बने पाउडर से मंजन करने से दांत मजबूत होते हैं। यह मसूड़ों से खून की समस्या और मुंह की दुर्गंध को भी आसानी से दूर करता है। छवि: एआई पाउडर बनाने के लिए जैमिन के बीजों को अच्छी तरह धोकर धूप में सुखा लें। जब ये बिल्कुल कड़क हो जाए, तो पीसकर पीसकर पाउडर बना लें और इसे एक एयरटाइट में सुरक्षित स्टोर कर लें। छवि: फ्रीपिक अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।