Thursday, 01 Oct 2026 | 11:10 PM

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आलिया भट्ट की दोस्त आकांक्षा रंजन ने शादी की:उसी तारीख पर रचाई शादी जब डेटिंग शुरू की थी; संगीत में आलिया ने किया डांस

आलिया भट्ट की दोस्त आकांक्षा रंजन ने शादी की:उसी तारीख पर रचाई शादी जब डेटिंग शुरू की थी; संगीत में आलिया ने किया डांस

अभिनेत्री आकांक्षा रंजन और फिल्म डायरेक्टर शरण शर्मा शनिवार को शादी के बंधन में बंध गए हैं। मुंबई में उनके घर के गार्डन में यह शादी हुई, जिसमें परिवार के लोग और करीबी दोस्त शामिल हुए। दोनों ने ठीक चार साल पहले इसी तारीख को एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया था। सोशल मीडिया पर आकांक्षा ने शादी की तस्वीरें शेयर की हैं। इस शादी से जुड़ी संगीत सेरेमनी का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आकांक्षा की करीबी दोस्त और अभिनेत्री आलिया भट्ट फिल्म ‘कल हो ना हो’ के गाने ‘माही वे’ पर डांस करती दिख रही हैं। देखें शादी की तस्वीरें… उसी तारीख को शादी जब डेटिंग शुरू की थी आकांक्षा और शरण की शादी का यह फंक्शन मुंबई में उनके घर पर शाम को सनसेट के समय हुआ। दोनों ने अपनी शादी के लिए वही तारीख चुनी, जिस दिन चार साल पहले उनका रिलेशनशिप शुरू हुआ था। शादी के लिए आकांक्षा ने गोल्डन बॉर्डर वाली ऑरेंज कलर की साड़ी और गोल्डन ब्लाउज पहना था। वहीं, शरण शर्मा ऑफ-व्हाइट कलर के बंदगला सूट में नजर आए। इंस्टाग्राम पर तस्वीरें शेयर करते हुए आकांक्षा ने लिखा कि तू ना हो तो घर घर नहीं लगता, तू है तो डर नहीं लगता। संगीत सेरेमनी में आलिया भट्ट का डांस शादी से पहले शुक्रवार को कपल की संगीत सेरेमनी का आयोजन किया गया था। इस सेरेमनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक्ट्रेस आलिया भट्ट स्टेज पर शाह रुख खान की फिल्म ‘कल हो ना हो’ के गाने ‘माही वे’ पर डांस करती नजर आ रही हैं। आलिया ने इस फंक्शन के लिए पर्पल कलर की सिल्क साड़ी और मैचिंग कोरसेट-स्टाइल ब्लाउज पहना था। उनके साथ परफॉर्मेंस में आकांक्षा की बड़ी बहन अनुष्का रंजन और उनके पति आदित्य सील भी शामिल हुए। ये सेलेब्स हुए आकांक्षा की संगीत सेरेमनी में शामिल- फिल्मी सितारों ने दी कपल को बधाई शादी की तस्वीरें सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों ने कपल को शुभकामनाएं दी हैं। आलिया भट्ट ने कमेंट सेक्शन में सन इमोजी पोस्ट किए। वहीं एक्ट्रेस अनन्या पांडे ने कमेंट करते हुए लिखा कि ‘क्यूटीज, लव यू ऑल’। अभिनेता अंगद बेदी ने शरण शर्मा को टैग करते हुए मजाकिया अंदाज में लिखा कि नए शादीशुदा जोड़े को भगवान आशीर्वाद दे, शारी अब कोई टार्टन नहीं। उन्होंने आकांक्षा को बधाई देते हुए एक लंबी और अच्छी क्रिकेट जैसी पारी की शुभकामनाएं दीं। कौन हैं आकांक्षा रंजन और शरण शर्मा उन्होंने फिल्म ‘गिल्टी’ से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वे नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘मोनिका ओ माई डार्लिंग’ में भी नजर आई थीं, जिसमें उनके साथ राजकुमार राव, राधिका आप्टे और हुमा कुरैशी मुख्य भूमिकाओं में थे। वहीं शरण शर्मा बॉलीवुड के जाने-माने डायरेक्टर हैं। उन्होंने जाह्नवी कपूर स्टारर फिल्म ‘गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल’ से बतौर डायरेक्टर अपना बॉलीवुड डेब्यू किया था।

यूरोप की सिलिकॉन वैली बना विलनियस:शहर की आबादी 29 लाख, 6 यूनिकॉर्न काम कर रहीं; स्टार्टअप के मामले में दुनिया में 13वें नंबर पर

यूरोप की सिलिकॉन वैली बना विलनियस:शहर की आबादी 29 लाख, 6 यूनिकॉर्न काम कर रहीं; स्टार्टअप के मामले में दुनिया में 13वें नंबर पर

सुबह के करीब दस बजे हैं। लिथुआनिया की राजधानी विलनियस की साइबर सिटी में कांच की ऊंची इमारतों के बीच तेज कदमों से युवा प्रोफेशनल्स गुजर रहे हैं। एक तरफ नॉर्ड सिक्योरिटी जैसे दुनियाभर में मशहूर यूनिकॉर्न का दफ्तर है, तो कुछ ही कदम पर हॉस्टिंगर का। हॉस्टिंगर यानी एक ऐसा स्टार्टअप जिसके यूजर 150 से ज्यादा देशों में हैं। यहां फ्यूचर, एआई और स्टार्टअप जैसे शब्द हर बातचीत में सुनाई देते हैं। विलनियस को अब यूरोप की ‘सिलिकॉन वैली’ भी कहा जाने लगा है। यूरोप के इस छोटे से देश लिथुआनिया की आबादी मात्र 29 लाख के करीब है, लेकिन यहां हजारों स्टार्टअप काम कर रहे हैं। आकार और आबादी में भले ही यह देश छोटा है, लेकिन सोच बड़ी और ग्लोबल है। यूनिकॉर्न लिथुआनिया की सीईओ गिन्तारे वेरबिकाइते बताती हैं कि आज विलनियस यूरोप की सबसे तेजी से बढ़ती स्टार्टअप सिटी है। इस मामले में दुनिया में भी ये 13वें नंबर पर है। यहां कारोबार स्थानीय नहीं, वैश्विक सोच के साथ शुरू होता है। यहां के लोग कहते हैं कि जब हम कोई स्टार्टअप शुरू करते हैं तो उसे दुनिया की समस्याओं और जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाते हैं, क्योंकि हम सिर्फ लिथुआनिया तक सीमित रहना नहीं चाहते हैं। आबादी यानी प्रति व्यक्ति के हिसाब से लिथुआनिया दुनिया के सबसे अधिक यूनिकॉर्न स्टार्टअप वाले देशों में है। यहां विंटेड, नॉर्ड सिक्योरिटी, बीसीजी, फ्लो, कास्ट एआई और ऑक्सीलैब्स, छह यूनिकॉर्न कंपनियां हैं। विंटेड ने यूनिकॉर्न बिल्ड करने का एक अलग मॉडल पेश किया है। उसने पुराने कपड़े खरीदने और बेचने का ऑनलाइन मॉडल शुरू किया और वो यहां की पहली यूनिकॉर्न बनी। इन्वेस्ट लिथुआनिया की स्ट्रैटजिस्ट डायना गिरडेनाइट कहती हैं कि बढ़ती स्किल्ड वर्कफोर्स, फाइनेंशियल इन्सेंटिव और सरकार की नीतियां जैसे प्रमुख कारण हैं, जिनके कारण लिथुआनिया स्टार्टअप पावरहाउस बन रहा है। सीखने-सिखाने का कल्चर, भारत इनका बड़ा बाजार चार कारण… लिथुआनिया कैसे बन रहा स्टार्टअप पावरहाउस 1. तेजी से बढ़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम देश में 300 से ज्यादा फिनटेक कंपनियां काम कर रही हैं। 2020 से 2025 के बीच स्टार्टअप इकोसिस्टम का मूल्य 5.9 गुना बढ़कर करीब 1.56 लाख करोड़ रु. हो गया। 2025 में स्टार्टअप्स ने करीब 2400 करोड़ रु. की वेंचर कैपिटल जुटाई। 2. वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ा एक्सेल, जनरल कैटलिस्ट, इनसाइट पार्टनर जैसी विश्व की प्रमुख निवेशक कंपनियां, जिन्होंने फेसबुक, स्पाॅटिफाई, एयर बीएनबी जैसी कंपनियों में निवेश किया है, वे भी लिथुआनिया के स्टार्टअप्स में निवेश कर रही हैं। सार्वजनिक वाई-फाई स्पीड में लिथुआनिया पहले स्थान पर व साइबर सुरक्षा सूचकांक में छठे स्थान पर है। 3. एआई प्रतिभा से बनी मजबूत नींव देश में 77,600 से अधिक आईसीटी (सूचना और संचार तकनीक) विशेषज्ञ कार्यरत हैं। सरकार ने एआई विकास के लिए करीब 457 करोड़ रु. से अधिक का निवेश किया और 2018 में ही राष्ट्रीय एआई रणनीति लागू कर दी। 13 हजार छात्र आईसीटी की पढ़ाई कर रहे हैं। बड़े पैमाने पर रीस्किलिंग कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। 4. कंपनी शुरू करना आसान यहां नई कंपनी का रजिस्ट्रेशन कुछ ही दिनों में हो जाता है। सरकारी प्रक्रियाएं सरल और ऑनलाइन होने से उद्यमियों का समय और लागत दोनों बचते हैं। कॉर्पोरेट प्रॉफिट टैक्स 0-16% के बीच, फ्री इकोनॉमिक जोन में पहले 10 वर्षों तक 0% टैक्स, RD प्रोत्साहन, पेटेंट बॉक्स, तेज लाइसेंसिंग प्रक्रिया, विश्वस्तरीय डिजिटल नेटवर्क और 2030 तक 100% रिन्यूएबल बिजली का लक्ष्य- ये तमाम ऐसे कारण हैं जिनके कारण निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

जेरोधा के फाउंडर ने साझा किया उम्मीद का फॉर्मूला:उम्मीद यानी परिणाम चाहे जो भी हो, आप कभी अगला कदम उठाना बंद न करें

जेरोधा के फाउंडर ने साझा किया उम्मीद का फॉर्मूला:उम्मीद यानी परिणाम चाहे जो भी हो, आप कभी अगला कदम उठाना बंद न करें

मेरे लिए उम्मीद का मतलब सिर्फ यह सोच लेना नहीं है कि सब ठीक हो जाएगा। उम्मीद तब ताकत बनती है, जब उसके साथ किसी समस्या को हल करने का स्पष्ट उद्देश्य जुड़ा हो। अगर आप उस उद्देश्य पर टिके रहते हैं और जल्दी हार नहीं मानते, तो सही समय आने पर किस्मत भी आपका साथ देती है। अगर कोई उद्यमी कहता है कि उसे कभी डर नहीं लगा, तो या तो उसने बहुत कठिन काम नहीं किया या फिर वह सच नहीं बोल रहा। जेरोधा के शुरुआती वर्षों में हमारे पास न ज्यादा पैसा था, न कोई बड़ा नाम। हर दिन अनिश्चितता थी। मैंने एक बात सीखी कि जिंदगी और बिजनेस में कई बार सबसे बड़ा फायदा उसी को मिलता है, जो सबसे लंबे समय तक टिके रहने की क्षमता रखता है। सही समय और सही जगह पर होना जरूरी है, लेकिन उसके लिए पहले आपको खेल में बने रहना पड़ता है। इसलिए मैंने हमेशा कोशिश की कि खर्च कम रहे, अपनी पहचान न खोऊं और दूसरों की दौड़ देखकर अपनी दिशा न बदलूं। मेरे लिए उम्मीद का मतलब यह नहीं है कि सब कुछ अपने आप ठीक हो जाएगा। उम्मीद का मतलब है कि परिणाम चाहे जो भी हो, आप कभी भी अगला कदम उठाना बंद न करें। यही आपको सफल बनाएगा। भारत के भविष्य से मुझे उम्मीद है मुझे सबसे ज्यादा उम्मीद उन संस्थापकों से मिलती है, जिनसे मैं रैनमैटर के जरिए मिलता हूं। वे जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य, बचत, निवेश और डीप-टेक जैसी वास्तविक समस्याओं पर काम कर रहे हैं। लेकिन मेरी बड़ी चिंता भारत का रोजगार है। हमारे पास सबसे बड़ी युवा आबादी है। अगर उनके लिए पर्याप्त और सार्थक रोजगार नहीं बना पाए, तो अवसर चुनौती बन सकता है। उद्यमिता सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यह छोटे शहरों और गांवों तक पहुंचनी चाहिए। मैं युवाओं से सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि अपनी तुलना किसी और की टाइमलाइन से मत कीजिए। एआई को लेकर चिंता वास्तविक है, लेकिन सोशल मीडिया इस डर को कई गुना बढ़ा देता है। एआई नौकरियों का स्वरूप बदलेगा, लेकिन भारत की सबसे बड़ी चुनौती आज भी पर्याप्त रोजगार पैदा करना है। इसलिए मैं अपनी ऊर्जा चिंता करने में नहीं, बल्कि रोज कुछ नया सीखने में लगाऊंगा। लगातार अपस्किलिंग, जिज्ञासा और सीखते रहने की आदत ही भविष्य में सबसे ज्यादा काम आएगी। उम्मीद के पोर्टफोलियो में ये 5 चीजें जरूरी हैं… मैं सलाह देने से हमेशा बचता हूं, क्योंकि बिजनेस में मेरी सफलता में किस्मत की भी भूमिका रही है, लेकिन उम्मीद के पोर्टफोलियो में ये पांच चीजें जरूर होनी चाहिए। 1. भरोसा। भारत पर भरोसा, क्योंकि मुझे लगता है कि अगले कुछ दशकों में दुनिया के सबसे बड़े अवसर यहीं बनने वाले हैं। 2. स्किल। जिससे आप हर दिन एक फीसदी बेहतर बन सकें। 3. स्वास्थ्य। अगर स्वास्थ्य अच्छा नहीं है, तो उपलब्धियों का महत्व बहुत कम रह जाता है। 4. रिश्ते। जो लोग दिल से आपकी सफलता चाहते हैं, वे आपकी सबसे मूल्यवान लेकिन अक्सर अनदेखी संपत्ति हैं। रिश्तों को संभालकर रखना जरूरी है। 5. धैर्य। बाजार हो, बिजनेस हो या जिंदगी, सबसे ज्यादा इनाम आखिरकार धैर्य रखने वालों को मिलता है। स्ट्रोक जिंदगी का सबसे बड़ा सबक था 2024 में स्ट्रोक आने के बाद मैंने बहुत करीब से समझा कि जिंदगी में वास्तव में क्या मायने रखता है। बिजनेस चलता रहता है। टीम अपना काम संभाल लेती है। आखिर में आपके पास आपका स्वास्थ्य, आपका परिवार और आपका अपना जीवन ही बचता है। अच्छी कंपनियां भरोसे, धैर्य और समस्याओं को हल करने से बनती हैं हमने रैनमैटर फाउंडेशन शुरू ​किया है। इसके जरिए नए स्टार्टअप्स में निवेश करते हैं। जब मैं रैनमैटर के जरिए स्टार्टअप्स में निवेश करता हूं तो सबसे पहले यह नहीं देखता कि कंपनी कितनी तेजी से बढ़ सकती है या उसकी वैल्यूएशन क्या होगी। मैं यह देखता हूं कि संस्थापक जिस समस्या पर काम कर रहा है, क्या वह सच में उसके प्रति जुनूनी है या नहीं। मेरे अनुभव में वही संस्थापक लंबे समय तक टिकते हैं जो स्टार्टअप बनाने के लिए नहीं, बल्कि किसी असली समस्या का समाधान खोजने के लिए काम करते हैं। आगे वही बढ़ता है जिसे अपने काम से प्यार हो। मैंने यह भी देखा है कि सबसे मजबूत कंपनियां अक्सर सबसे शांत संस्थापकों ने बनाई हैं। वे कम बोलते हैं और ज्यादा काम करते हैं। रैनमैटर में हमने पिछले कुछ वर्षों में जलवायु, स्वास्थ्य, निवेश और डीप-टेक जैसे क्षेत्रों में 160 से ज्यादा स्टार्टअप्स का साथ दिया है। हमारे सीटीओ और सह-संस्थापक कैलाश लंबे समय से जलवायु परिवर्तन पर काम कर रहे हैं। उनके साथ काम करते हुए मुझे महसूस हुआ कि खेती, पानी और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सही लोगों को धैर्य के साथ पूंजी मिले तो वे बड़ा बदलाव ला सकते हैं। विदेशी बाजार जादुई समाधान नहीं है जेरोधा के जरिए हमने गिफ्ट सिटी के माध्यम से भारतीय निवेशकों के लिए अमेरिकी शेयरों में निवेश का रास्ता खोला है। आने वाले समय में युवा अलग-अलग देशों और अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश के बारे में सोचेंगे। हालांकि विदेशी बाजार कोई जादुई समाधान नहीं है। वहां भी जोखिम हैं। करेंसी का उतार-चढ़ाव, टैक्स और बाजार की वैल्यूएशन जैसी बातें समझना जरूरी है। एआई निवेश को भी बदलने वाला है हमारे साथी कैलाश का भी मानना है कि भविष्य में निवेशक अपनी पसंद के किसी भी एआई इंटरफेस से ऑर्डर दे सकेंगे और ब्रोकर की सबसे बड़ी जिम्मेदारी मजबूत बैकएंड इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना होगी। एआई आपके लिए डेटा का विश्लेषण कर सकता है, लेकिन यह तय नहीं कर सकता कि आपकी जोखिम उठाने की क्षमता क्या है, आपके जीवन के लक्ष्य क्या हैं और आपको कितना निवेश करना चाहिए। यह फैसला हमेशा इंसान को ही लेना होगा। आखिरकार, मैंने हमेशा यही सीखा है कि अच्छी कंपनियां सिर्फ टेक्नोलॉजी से नहीं बनतीं। वे भरोसे, धैर्य और लगातार सही समस्याओं को हल करने की कोशिश से बनती हैं। वही सिद्धांत स्टार्टअप पर भी लागू होता है और निवेश पर भी।

गायिका एस जानकी का आज शाम अंतिम संस्कार:PM मोदी ने श्रद्धांजलि दी; 'बोल बेबी बोल', 'यार बिना चैन' समेत 48 हजार गाने गाए थे

गायिका एस जानकी का आज शाम अंतिम संस्कार:PM मोदी ने श्रद्धांजलि दी; 'बोल बेबी बोल', 'यार बिना चैन' समेत 48 हजार गाने गाए थे

मशहूर प्लेबैक सिंगर एस. जानकी का शनिवार को मैसूर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 88 साल की थीं। उनका अंतिम संस्कार आज शाम 5 बजे मैसूर के एचडी कोटे तालुका स्थित उनके पैतृक फार्महाउस में होगा। एस. जानकी को शुक्रवार रात उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। एस. जानकी ने अपने करियर में 48 हजार से ज्यादा गाने रिकॉर्ड किए। इनमें ज्यादातर हिंदी, कन्नड़, तमिल, तेलुगु और मलयालम भाषाओं में हैं। एस. जानकी को ‘बोल बेबी बोल (मेरी जंग), प्रभु मोरे अवगुण (सुर संगम), ओ मारिया (सागर), गोपाला-गोपाला (हमसे है मुकाबला) जैसे हिंदी गानों के लिए जाना जाता है। एस. जानकी को चार नेशनल फिल्म अवॉर्ड और कई राज्य-स्तरीय सम्मानों से नवाजा गया है। पीएम मोदी ने एस. जानकी को श्रद्धांजलि दी एस. जानकी के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दुख जताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि एस. जानकी की आवाज ने हर भावना को खूबसूरती से लोगों तक पहुंचाया। राष्ट्रपति मुर्मू ने उन्हें भारतीय संगीत जगत की अमूल्य धरोहर बताया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने भी उनके निधन को संगीत जगत की अपूरणीय क्षति बताया। वहीं, एक्टर रजनीकांत ने भी उनके निधन पर दुख जताया। पद्मभूषण ठुकरा दिया था जानकी ने 1957 में अपने सिंगिंग करियर की शुरुआत की थी। उनका पहला हिंदी गाना साल 1958 में आई फिल्म ‘मिस 58’ में था, जिसका संगीत जी. रामनाथन ने तैयार किया था। 2013 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण देने की घोषणा की, लेकिन उन्होंने यह सम्मान स्वीकार नहीं किया। उनका कहना था कि दक्षिण भारतीय कलाकारों को अक्सर राष्ट्रीय स्तर पर देर से पहचान मिलती है और उन्हें यह सम्मान बहुत देर से दिया गया। उन्होंने यह भी कहा था कि दक्षिण भारतीय कलाकारों को उनका उचित हक नहीं मिलता है। संगीत जगत की जानकी अम्मा, 60 साल गाने गाए एस. जानकी को संगीत की दुनिया में जानकी अम्मा के नाम से जाना जाता था। वे हमेशा कहती थीं कि सिंगिंग ईश्वर का दिया हुआ उपहार है। वे अपनी सफलता का श्रेय संगीतकारों और गीतकारों को भी देती थीं। उनकी और एसपी बालसुब्रह्मण्यम की जोड़ी भारतीय फिल्म संगीत की सबसे सफल जोड़ियों में मानी जाती है। दोनों ने साथ मिलकर हजारों डुएट गाए। करीब छह दशक तक एक्टिव रहने के बाद उन्होंने 2017 में स्वयं घोषणा की कि अब वे नई रिकॉर्डिंग नहीं करेंगी। उनका कहना था, ‘मैं बहुत गा चुकी हूं, अब आराम करना चाहती हूं।’ उन्होंने मैसूर में एक कार्यक्रम के साथ अपने गायन करियर को विराम दिया। जनवरी में बेटे का निधन हुआ था एस जानकी की शादी साल 1959 में वी. रामप्रसाद से हुई थी। साल 1997 में हार्ट अटैक के कारण उनका निधन हो गया। वहीं, उनके इकलौते बेटे मुरली कृष्ण अपना ऑडियो बिजनेस चलाते थे। जनवरी 2026 में 65 साल की उम्र में मुरली का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। ………….. यह खबर भी पढ़ें… फिल्ममेकर भारतीराजा का 84 साल की उम्र में निधन: राजेश खन्ना की फिल्म समेत 40 से ज्यादा फिल्में बनाई थीं; 6 नेशनल अवार्ड मिले फिल्ममेकर भारतीराजा का लंबी बीमारी और उम्र संबंधी दिक्कतों के कारण 10 जून, 2026 को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। भारतीराजा को छह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, चार साउथ फिल्मफेयर पुरस्कार, छह तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार और एक नंदी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…

गायिका एस जानकी का आज शाम अंतिम संस्कार:PM मोदी ने श्रद्धांजलि दी; 'बोल बेबी बोल', 'यार बिना चैन' समेत 48 हजार गाने गाए थे

गायिका एस जानकी का आज शाम अंतिम संस्कार:PM मोदी ने श्रद्धांजलि दी; 'बोल बेबी बोल', 'यार बिना चैन' समेत 48 हजार गाने गाए थे

मशहूर प्लेबैक सिंगर एस. जानकी का शनिवार को मैसूर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 88 साल की थीं। उनका अंतिम संस्कार आज शाम 5 बजे मैसूर के एचडी कोटे तालुका स्थित उनके पैतृक फार्महाउस में होगा। एस. जानकी को शुक्रवार रात उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। एस. जानकी ने अपने करियर में 48 हजार से ज्यादा गाने रिकॉर्ड किए। इनमें ज्यादातर हिंदी, कन्नड़, तमिल, तेलुगु और मलयालम भाषाओं में हैं। एस. जानकी को ‘बोल बेबी बोल (मेरी जंग), प्रभु मोरे अवगुण (सुर संगम), ओ मारिया (सागर), गोपाला-गोपाला (हमसे है मुकाबला) जैसे हिंदी गानों के लिए जाना जाता है। एस. जानकी को चार नेशनल फिल्म अवॉर्ड और कई राज्य-स्तरीय सम्मानों से नवाजा गया है। पीएम मोदी ने एस. जानकी को श्रद्धांजलि दी एस. जानकी के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दुख जताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि एस. जानकी की आवाज ने हर भावना को खूबसूरती से लोगों तक पहुंचाया। राष्ट्रपति मुर्मू ने उन्हें भारतीय संगीत जगत की अमूल्य धरोहर बताया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने भी उनके निधन को संगीत जगत की अपूरणीय क्षति बताया। वहीं, एक्टर रजनीकांत ने भी उनके निधन पर दुख जताया। पद्मभूषण ठुकरा दिया था जानकी ने 1957 में अपने सिंगिंग करियर की शुरुआत की थी। उनका पहला हिंदी गाना साल 1958 में आई फिल्म ‘मिस 58’ में था, जिसका संगीत जी. रामनाथन ने तैयार किया था। 2013 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण देने की घोषणा की, लेकिन उन्होंने यह सम्मान स्वीकार नहीं किया। उनका कहना था कि दक्षिण भारतीय कलाकारों को अक्सर राष्ट्रीय स्तर पर देर से पहचान मिलती है और उन्हें यह सम्मान बहुत देर से दिया गया। उन्होंने यह भी कहा था कि दक्षिण भारतीय कलाकारों को उनका उचित हक नहीं मिलता है। संगीत जगत की जानकी अम्मा, 60 साल गाने गाए एस. जानकी को संगीत की दुनिया में जानकी अम्मा के नाम से जाना जाता था। वे हमेशा कहती थीं कि सिंगिंग ईश्वर का दिया हुआ उपहार है। वे अपनी सफलता का श्रेय संगीतकारों और गीतकारों को भी देती थीं। उनकी और एसपी बालसुब्रह्मण्यम की जोड़ी भारतीय फिल्म संगीत की सबसे सफल जोड़ियों में मानी जाती है। दोनों ने साथ मिलकर हजारों डुएट गाए। करीब छह दशक तक एक्टिव रहने के बाद उन्होंने 2017 में स्वयं घोषणा की कि अब वे नई रिकॉर्डिंग नहीं करेंगी। उनका कहना था, ‘मैं बहुत गा चुकी हूं, अब आराम करना चाहती हूं।’ उन्होंने मैसूर में एक कार्यक्रम के साथ अपने गायन करियर को विराम दिया। जनवरी में बेटे का निधन हुआ था एस जानकी की शादी साल 1959 में वी. रामप्रसाद से हुई थी। साल 1997 में हार्ट अटैक के कारण उनका निधन हो गया। वहीं, उनके इकलौते बेटे मुरली कृष्ण अपना ऑडियो बिजनेस चलाते थे। जनवरी 2026 में 65 साल की उम्र में मुरली का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। ………….. यह खबर भी पढ़ें… फिल्ममेकर भारतीराजा का 84 साल की उम्र में निधन: राजेश खन्ना की फिल्म समेत 40 से ज्यादा फिल्में बनाई थीं; 6 नेशनल अवार्ड मिले फिल्ममेकर भारतीराजा का लंबी बीमारी और उम्र संबंधी दिक्कतों के कारण 10 जून, 2026 को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। भारतीराजा को छह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, चार साउथ फिल्मफेयर पुरस्कार, छह तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार और एक नंदी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…

वर्ल्ड अपडेट्स:कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा का निधन; 74 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

वर्ल्ड अपडेट्स:कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा का निधन; 74 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का रविवार सुबह 74 साल की उम्र में निधन हो गया। इसकी जानकारी कतर के सर्वोच्च सरकारी निकाय अमीरी दीवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी। अमीरी दीवान ने अपने बयान में कहा कि शेख हमद ने रविवार सुबह अंतिम सांस ली। हालांकि, उनके निधन का कारण नहीं बताया गया है। शेख हमद बिन खलीफा अल थानी 1995 से 2013 तक कतर के अमीर रहे। उनके कार्यकाल में कतर ने आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर तेजी से विकास किया। वर्ष 2013 में उन्होंने सत्ता अपने बेटे शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सौंप दी थी, जो वर्तमान में कतर के अमीर हैं।

वर्ल्ड अपडेट्स:कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा का निधन; 74 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

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कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का रविवार सुबह 74 साल की उम्र में निधन हो गया। इसकी जानकारी कतर के सर्वोच्च सरकारी निकाय अमीरी दीवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी। अमीरी दीवान ने अपने बयान में कहा कि शेख हमद ने रविवार सुबह अंतिम सांस ली। हालांकि, उनके निधन का कारण नहीं बताया गया है। शेख हमद बिन खलीफा अल थानी 1995 से 2013 तक कतर के अमीर रहे। उनके कार्यकाल में कतर ने आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर तेजी से विकास किया। वर्ष 2013 में उन्होंने सत्ता अपने बेटे शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सौंप दी थी, जो वर्तमान में कतर के अमीर हैं।

इस हफ्ते शेयर बाजार की चाल तय करेंगे 5 फैक्टर्स:रिलायंस-HDFC बैंक के Q1 नतीजे, अमेरिका-ईरान तनाव पर भी रहेगी निवेशकों की नजर

इस हफ्ते शेयर बाजार की चाल तय करेंगे 5 फैक्टर्स:रिलायंस-HDFC बैंक के Q1 नतीजे, अमेरिका-ईरान तनाव पर भी रहेगी निवेशकों की नजर

भारतीय शेयर बाजार के लिए कल 13 जुलाई से शुरू होने वाला हफ्ता काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। इस हफ्ते बाजार की दिशा रिलायंस और HDFC बैंक जैसी बड़ी कंपनियों के जून तिमाही के नतीजों, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों जैसे 5 बड़े फैक्टर्स से तय होगी। चलिए समझते हैं अगले हफ्ते बाजार में क्या हो सकता है… सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 24,125 | 23,935 | 23,872 | 23,812 | 23,783 | 23,466 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 24,382 | 24,450 | 24,480 | 24,535 | 24,646 | 24,685 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है। 5 फैक्टर्स जो तय करेंगे बाजार की दिशा… 1. रिलायंस और HDFC बैंक समेत 143 कंपनियों के Q1 नतीजे इस हफ्ते देश की कुल 143 कंपनियां अपने तिमाही नतीजों की घोषणा करेंगी। इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक, विप्रो और HCL टेक जैसी कंपनियां शामिल हैं। बाजार के जानकार इन कंपनियों के नतीजों के साथ-साथ आगे के मैनेजमेंट कमेंट्री पर नजर रखेंगे। 2. कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिका-ईरान में बढ़ा तनाव मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ने के बाद कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर फोकस में आ गई हैं। बीते हफ्ते ब्रेंट क्रूड में 5% और WTI क्रूड में 4% से ज्यादा की तेजी आई है। इसकी मुख्य वजह अमेरिका का ईरान पर किए गए हमले और ईरान की तरफ से पलटवार की चेतावनी है। 3. FII और DII की एक्टिविटी विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) ने पिछले हफ्ते ₹4,670 करोड़ के शेयर खरीदे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी बाजार को सपोर्ट दिया और ₹8,280 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। इस हफ्ते भी निवेशकों की नजर FII और DII एक्टिविटी पर होगी। 4. ग्लोबल मार्केट की चाल ग्लोबल मार्केट के संकेतों का असर भी भारतीय बाजारों पर देखने को मिल सकता है। अमेरिकी बाजार का नैस्डैक 0.29% और डाउ जोन्स 0.29% शुक्रवार को मजबूत होकर बंद हुआ था। वहीं एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2% और जापान का निक्केई 1.4% चढ़ा। 5. टेक्निकल चार्ट: निफ्टी के लिए 24,550 का स्तर अहम रेजिस्टेंस SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह के मुताबिक, निफ्टी फिलहाल अपने मूविंग एवरेज के आसपास घूम रहा है। आने वाले दिनों में निफ्टी के लिए 24,500-24,550 का जोन एक बड़ा रेजिस्टेंस है, जबकि नीचे की तरफ 23,950-23,900 का जोन मजबूत सपोर्ट का काम करेगा। शुक्रवार को सेंसेक्स 828 अंक चढ़कर बंद हुआ था शुक्रवार, 10 जुलाई को सेंसेक्स 828 अंक (1.08%) की तेजी के साथ 77,569 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 244 अंकों (1.02%) की तेजी रही, ये 24,206 पर पहुंच गया। बैंक और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी रही। डिस्क्लेमर: ये लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। ऊपर दी गई राय और सलाह व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि दैनिक भास्कर की। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि कोई भी निवेश फैसला लेने से पहले सर्टिफाइड विशेषज्ञों से सलाह जरूर लें।

इस हफ्ते शेयर बाजार की चाल तय करेंगे 5 फैक्टर्स:रिलायंस-HDFC बैंक के Q1 नतीजे, अमेरिका-ईरान तनाव पर भी रहेगी निवेशकों की नजर

इस हफ्ते शेयर बाजार की चाल तय करेंगे 5 फैक्टर्स:रिलायंस-HDFC बैंक के Q1 नतीजे, अमेरिका-ईरान तनाव पर भी रहेगी निवेशकों की नजर

भारतीय शेयर बाजार के लिए कल 13 जुलाई से शुरू होने वाला हफ्ता काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। इस हफ्ते बाजार की दिशा रिलायंस और HDFC बैंक जैसी बड़ी कंपनियों के जून तिमाही के नतीजों, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों जैसे 5 बड़े फैक्टर्स से तय होगी। चलिए समझते हैं अगले हफ्ते बाजार में क्या हो सकता है… सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 24,125 | 23,935 | 23,872 | 23,812 | 23,783 | 23,466 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 24,382 | 24,450 | 24,480 | 24,535 | 24,646 | 24,685 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है। 5 फैक्टर्स जो तय करेंगे बाजार की दिशा… 1. रिलायंस और HDFC बैंक समेत 143 कंपनियों के Q1 नतीजे इस हफ्ते देश की कुल 143 कंपनियां अपने तिमाही नतीजों की घोषणा करेंगी। इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक, विप्रो और HCL टेक जैसी कंपनियां शामिल हैं। बाजार के जानकार इन कंपनियों के नतीजों के साथ-साथ आगे के मैनेजमेंट कमेंट्री पर नजर रखेंगे। 2. कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिका-ईरान में बढ़ा तनाव मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ने के बाद कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर फोकस में आ गई हैं। बीते हफ्ते ब्रेंट क्रूड में 5% और WTI क्रूड में 4% से ज्यादा की तेजी आई है। इसकी मुख्य वजह अमेरिका का ईरान पर किए गए हमले और ईरान की तरफ से पलटवार की चेतावनी है। 3. FII और DII की एक्टिविटी विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) ने पिछले हफ्ते ₹4,670 करोड़ के शेयर खरीदे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी बाजार को सपोर्ट दिया और ₹8,280 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। इस हफ्ते भी निवेशकों की नजर FII और DII एक्टिविटी पर होगी। 4. ग्लोबल मार्केट की चाल ग्लोबल मार्केट के संकेतों का असर भी भारतीय बाजारों पर देखने को मिल सकता है। अमेरिकी बाजार का नैस्डैक 0.29% और डाउ जोन्स 0.29% शुक्रवार को मजबूत होकर बंद हुआ था। वहीं एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2% और जापान का निक्केई 1.4% चढ़ा। 5. टेक्निकल चार्ट: निफ्टी के लिए 24,550 का स्तर अहम रेजिस्टेंस SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह के मुताबिक, निफ्टी फिलहाल अपने मूविंग एवरेज के आसपास घूम रहा है। आने वाले दिनों में निफ्टी के लिए 24,500-24,550 का जोन एक बड़ा रेजिस्टेंस है, जबकि नीचे की तरफ 23,950-23,900 का जोन मजबूत सपोर्ट का काम करेगा। शुक्रवार को सेंसेक्स 828 अंक चढ़कर बंद हुआ था शुक्रवार, 10 जुलाई को सेंसेक्स 828 अंक (1.08%) की तेजी के साथ 77,569 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 244 अंकों (1.02%) की तेजी रही, ये 24,206 पर पहुंच गया। बैंक और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी रही। डिस्क्लेमर: ये लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। ऊपर दी गई राय और सलाह व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि दैनिक भास्कर की। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि कोई भी निवेश फैसला लेने से पहले सर्टिफाइड विशेषज्ञों से सलाह जरूर लें।

'स्पाइडरमैन' फेम टॉम हॉलैंड ने पी कटिंग चाय:'द ओडिसी' के भारत में प्रीमियर से पहले क्रिस्टोफर नोलन के साथ पहुंचे कैफे

'स्पाइडरमैन' फेम टॉम हॉलैंड ने पी कटिंग चाय:'द ओडिसी' के भारत में प्रीमियर से पहले क्रिस्टोफर नोलन के साथ पहुंचे कैफे

मुंबई में शनिवार को क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म ‘द ओडिसी’ का भारतीय प्रीमियर हुआ। स्पेशल स्क्रीनिंग में नोलन के साथ टॉम हॉलैंड और मैट डेमन भी शामिल हुए। प्रीमियर से पहले तीनों एक कैफे में चाय पीने के लिए रुके। यूनिवर्सल पिक्चर्स इंडिया ने सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, ‘मुंबई में ‘द ओडिसी’ के प्रीमियर से पहले चाय के लिए छोटा सा ब्रेक। एक बड़ी रात का इंतजार है, लेकिन चाय सबसे पहले!’ तस्वीरों पर सोशल मीडिया यूजर्स ने कई प्रतिक्रियाएं दीं। किसी ने लिखा, ‘रेड कार्पेट से पहले चाय का ब्रेक।’ एक यूजर ने लिखा, ‘दशक की सबसे बड़ी फिल्म बनाने के बाद भी, सादगी बरकरार।’ फिल्म ‘द ओडिसी’ के मुंबई में हुए प्रीमियर में फिल्म की कास्ट और मेकर्स के साथ-साथ कई बॉलीवुड सेलेब्स भी पहुंचे। 17 जुलाई को रिलीज होगी ‘द ओडिसी’ मैट डेमन, ऐनी हैथवे, टॉम हॉलैंड, रॉबर्ट पैटिनसन, लुपिता न्योंगो, सामंथा मॉर्टन, जेंडया और चार्लीज थेरॉन स्टारर ‘द ओडिसी’ 17 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। क्रिस्टोफर नोलन ने कहा कि वह ‘टेनेट’ का प्रीमियर भारत में करना चाहते थे, क्योंकि उसकी शूटिंग मुंबई में हुई थी। हालांकि, कोविड महामारी के कारण ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि अब ‘द ओडिसी’ के साथ भारत आना उनके लिए बेहद उत्साहजनक है। टॉम हॉलैंड ने फिल्म को बताया दर्शकों के लिए ‘लव लेटर’ टॉम हॉलैंड ने प्रीमियर के दौरान कहा कि यह फिल्म सिनेमा और दर्शकों के लिए एक लव लेटर जैसी है। उन्होंने कहा कि फिल्म में मैट डेमन और ऐनी हैथवे के किरदारों के इमोशन दर्शकों तक गहराई से पहुंचेंगे और लोगों को नोलन के काम से एक अलग जुड़ाव महसूस होगा। क्रिस्टोफर नोलन हॉलीवुड के सबसे सफल और प्रभावशाली फिल्म निर्देशकों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपनी अनोखी कहानी कहने की शैली और शानदार निर्देशन से दुनिया भर में अलग पहचान बनाई है। साल 2024 में फिल्म ‘ओपनहाइमर’ के लिए उन्हें बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट पिक्चर का ऑस्कर अवार्ड मिला था। उनकी फिल्मों को अब तक 49 ऑस्कर नॉमिनेशन और 18 अवार्ड मिल चुके हैं। उन्होंने ‘द डार्क नाइट ट्रायोलॉजी’, ‘इनसेप्शन’, ‘इंटरस्टेलर’, ‘डनकर्क’ और ‘मेमेंटो’ जैसी फिल्में बनाई हैं। उनकी फिल्मों ने दुनिया भर में 6 बिलियन डॉलर से ज्यादा की कमाई की है।