विंबलडन मैच देखने पहुंचीं प्रियंका चोपड़ा:पति निक जोनास को वीडियो कॉल पर कराया लाइव टूर, मैच के दौरान दिखा स्टाइलिश लुक

बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा गुरुवार को विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट का मुकाबला देखने पहुंचीं। वे महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल मैच के दौरान फ्रंट रो में बैठी नजर आईं, जहां कोको गॉफ और कैरोलिना मुचोवा के बीच मुकाबला चल रहा था। प्रियंका ने स्टेडियम से ही अपने पति और अमेरिकी सिंगर निक जोनास को फेसटाइम पर वीडियो कॉल किया और उन्हें विंबलडन का लाइव टूर कराया। सोशल मीडिया पर उनके इस वीडियो कॉल और स्टाइलिश लुक की काफी चर्चा हो रही है। इस मैच के दौरान प्रियंका के साथ कई हॉलीवुड हस्तियां भी मौजूद थीं। देखें प्रियंका की तस्वीरें निक जोनास को वीडियो कॉल कर दिखाया मैच मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रियंका चोपड़ा जैसे ही स्टैंड्स की तरफ बढ़ रही थीं, उन्होंने वहां मौजूद हॉलीवुड एक्ट्रेस सिंथिया एरिवो से मुलाकात की और उनका अभिवादन किया। इसके बाद वे अपनी सीट पर बैठ गईं और उनका पूरा ध्यान मैच पर ही था। मुकाबला देखने के दौरान ही उन्होंने अपना फोन निकाला और पति निक जोनास को फेसटाइम कॉल मिला दिया। उन्होंने निक को वहां का माहौल दिखाया और मैच से जुड़े लाइव अपडेट्स दिए। इस दौरान वे मैच के रोमांचक मोमेंट्स पर काफी उत्साहित होकर रिएक्शन देती दिखीं। कई बड़ी हस्तियों के साथ आईं नजर स्टेडियम में प्रियंका चोपड़ा के साथ कई अन्य जानी-मानी हस्तियां भी मैच का लुत्फ उठा रही थीं। उनके साथ लेडी हेलेन टेलर, एक्ट्रेस लिली जेम्स, पूर्व रॉयल बैले प्रिंसिपल डार्सी बसेल, एक्ट्रेस अन्ना मैक्सवेल मार्टिन और ब्रॉडकास्टर एमिली मैतलीस जैसी हस्तियां मौजूद थीं। प्रियंका इस खास खेल आयोजन में बेहद स्टाइलिश आउटफिट में पहुंची थीं, जिसकी तस्वीरें इंटरनेट पर सामने आई हैं। विंबलडन से प्रियंका का पुराना जुड़ाव प्रियंका चोपड़ा के लिए विंबलडन जाना कोई नया अनुभव नहीं है। वे पहले भी इस प्रतिष्ठित टेनिस टूर्नामेंट का हिस्सा बनती रही हैं। 2023 में वे निक जोनास के साथ ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस एंड क्रोकेट क्लब पहुंची थीं, जहां दोनों रॉयल बॉक्स में बैठे नजर आए थे। प्रियंका ने साल 2021 में पहली बार अकेले विंबलडन में शिरकत की थी, जब वे विमेंस सिंगल्स का फाइनल मुकाबला देखने स्टेडियम पहुंची थीं।
शेख हसीना बोलीं- दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी:कोर्ट में सरेंडर करूंगी, हत्या हो जाए तो भी मंजूर, देश की मिट्टी पर मरना चाहती हूं

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि वह दिसंबर में भारत से बांग्लादेश देश लौटेंगी और कोर्ट में सरेंडर करेंगी। रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, वे मुझे गिरफ्तार कर सकते हैं, मेरी हत्या भी कर सकते हैं, लेकिन मुझे लौटना ही होगा। अगर मौत भी आए, तो मैं अपने देश की मिट्टी पर मरना चाहती हूं, जहां मेरे माता-पिता दफन हैं। हसीना 2024 में सरकार विरोधी आंदोलन के बाद बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं। इसके बाद उन्हें छात्र आंदोलन पर कार्रवाई से जुड़े मामले में मौत की सजा सुनाई गई। वह इन आरोपों से इनकार करती रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके साथ अवामी लीग के कई वरिष्ठ नेता भी बांग्लादेश लौटकर अदालत में आत्मसमर्पण करेंगे। हालांकि, उन्होंने वापसी की सटीक तारीख नहीं बताई। हसीना बोलीं- पार्टी नेताओं पर दमन हो रहा है हसीना ने कहा कि अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लगातार कार्रवाई हो रही है। उनके मुताबिक, लगभग सभी बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं और कई लोग छिपकर रहने को मजबूर हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल समेत अवामी लीग के कुछ अन्य निर्वासित नेता भी उनके साथ लौटने की तैयारी में हैं। कमाल पर भी मौत की सजा सुनाई जा चुकी है। हसीना बोलीं- वापसी को लेकर सरकार से कोई बात नहीं की हसीना ने कहा कि उन्होंने अपनी वापसी को लेकर बांग्लादेश सरकार से कोई बातचीत नहीं की है। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र, मतदान का अधिकार, अवामी लीग के राजनीतिक अधिकार और न्याय ऐसे विषय नहीं हैं जिन पर गुप्त बातचीत हो।” उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश सरकार उन्हें वापस लाने के लिए भारत को लगातार पत्र भेज रही है। उन्होंने कहा, “मैं खुद ही लौटूंगी।” बांग्लादेश सरकार ने हसीना के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इस मामले पर टिप्पणी नहीं की। हालांकि अप्रैल में भारत ने कहा था कि वह बांग्लादेश के प्रत्यर्पण अनुरोध पर विचार कर रहा है और नई सरकार के साथ रचनात्मक तरीके से संबंध मजबूत करना चाहता है। ‘अगर हमने गलत किया है तो फैसला जनता करे’ हसीना ने कहा कि उन्हें जेल जाने का डर नहीं है क्योंकि वह पहले भी कई बार गिरफ्तार हो चुकी हैं। 1981 में निर्वासन से लौटने के बाद सैन्य शासन के खिलाफ आंदोलनों के दौरान उन्हें कई बार हिरासत में लिया गया था। 2007 में भी उन्हें भ्रष्टाचार के मामलों में जेल भेजा गया था। बाद में रिहा होने के बाद उन्होंने 2008 का चुनाव जीता था। उन्होंने कहा, “कोई भी सरकार लंबे समय तक सत्ता में रहती है तो उससे गलतियां हो सकती हैं। लेकिन किसी सरकार के सही या गलत होने का फैसला जनता को करना चाहिए।” रॉयटर्स के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में 2024 के छात्र आंदोलन पर कार्रवाई में करीब 1,400 लोगों की मौत होने की बात कही गई है। इसी कार्रवाई से जुड़े मामले में शेख हसीना को मौत की सजा सुनाई गई थी। हसीना ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि अदालत की कार्रवाई शुरू होने पर लोग खुद देखेंगे कि मामला कितना निष्पक्ष है।
ओपनएआई कर्मियों ने बेचे शेयर, पैसा रियल एस्टेट में:सैन फ्रांसिस्को में घरों के औसत दाम 17 करोड़ तक; गैर-टेक परिवार शहर छोड़ रहे

सैन फ्रांसिस्को के डुबोसे ट्राएंगल इलाके में एक आलीशान फ्लैट की कीमत करीब 30 करोड़ डॉलर (2,864 करोड़) रखी गई थी। दिलचस्प बात यह थी कि विक्रेता कैश की जगह ओपनएआई या एंथ्रोपिक के शेयर लेने के लिए भी तैयार था। यह अकेला किस्सा नहीं, बल्कि एआई से आ रहे पैसे का असर है, जो पूरे शहर की तस्वीर बदल रहा है। रियल एस्टेट फर्म रेडफिन के मुताबिक मई में शहर में घरों की औसत कीमत रिकॉर्ड 17.6 लाख डॉलर (16.8 करोड़) तक पहुंच गई, जबकि पूरे अमेरिका में यह औसत महज करीब 4 लाख डॉलर (3.8 करोड़) है। मार्च में शहर के घरों की कीमत 19% बढ़ी, अप्रैल-मई में भी 14% से ज्यादा की तेजी बनी रही। रेडफिन की चीफ इकोनॉमिस्ट डैरिल फेयरवेदर के मुताबिक, यह उछाल सीधे-सीधे एआई कंपनियों के कर्मचारियों की दौलत से जुड़ा है। पिछले साल अक्टूबर में ओपनएआई के 600 से ज्यादा मौजूदा और पूर्व कर्मचारियों ने कुल 63,000 करोड़ के शेयर बेचे थे यानी औसतन 105 करोड़ प्रति व्यक्ति। एंथ्रोपिक में भी कर्मचारियों को करीब 57,000 करोड़ के शेयर बेचने की इजाजत मिली थी। एजेंट्स का कहना है कि बोली की जंग अब आम बात हो गई है, जिसमें अक्सर मकान पूछी गई कीमत से लाखों डॉलर ज्यादा में बिकते हैं। नकद भुगतान वाली डील्स भी तेजी से बढ़ रही हैं, खासकर महंगे इलाकों में। हालांकि हर कोई इस तेजी में साथ नहीं है। बर्कले यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्री एनरिको मोरेटी के मुताबिक, अभी एआई बूम का शुरुआती दौर है। मेटा जैसी कंपनियों में हो रही छंटनी इस तेजी पर लगाम भी लगा सकती है। उनका यह भी कहना है कि ओपनएआई और एंथ्रोपिक के आने वाले शेयर मार्केट लिस्टिंग से होने वाली ज्यादातर कमाई कर्मचारियों को नहीं, बल्कि दुनियाभर में फैले निवेशकों को मिलेगी। इस बीच शहर के दो परिवारों की कहानी इस बदलाव का दूसरा पहलू दिखाती है। एक परिवार, जिसमें एक सदस्य ओपनएआई में काम करता है, शेयर बेचकर अपने ही इलाके में घर खरीद पाया। वहीं दूसरा गैर-टेक परिवार शहर छोड़कर बाहरी इलाके में जाने को मजबूर हो गया। बहरहाल, डुबोसे ट्राएंगल वाला फ्लैट आखिरकार 32 लाख डॉलर ( 30.5 करोड़) में बिका, जो पूछी गई कीमत से 1.9 करोड़ ज्यादा था। क्या इस डील में एआई शेयर भी शामिल थे, यह जानकारी गोपनीय रखी गई है। एआई का पैसा सबको शहर से बाहर धकेल रहा जिस परिवार को शहर छोड़ना पड़ा, उसके मुखिया सैन फ्रांसिस्को में ही एक बड़े सरकारी पद पर हैं, फिर भी वे शहर में मकान नहीं खरीद सके। अब वे उपनगर में किराए पर लिए घर में रहते हैं, जहां से उन्हें रोज लंबा सफर तय करना पड़ता है। परिवार की मां कहती हैं, ‘अगर शहर में रहने की गुंजाइश होती तो हम कभी न जाते। यह देखकर बुरा लगता है कि एआई का पैसा बाकी सबको बाहर धकेल रहा है।’
सनी देओल ने ली ट्रोलर्स की चुटकी:बोले- किसी ने जूते की फोटो नहीं लेनी; धर्मेंद्र जैसी शर्ट में दिखे

बॉलीवुड एक्टर सनी देओल गुरुवार को अपनी फिल्म ‘इक्का’ की स्क्रीनिंग के इवेंट में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपने हालिया ‘जूता विवाद’ पर मजाकिया अंदाज में रिएक्शन दिया। दरअसल, कुछ दिन पहले ‘इक्का’ के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में सनी देओल के पहने हुए सफेद रंग के घिसे जूते चर्चा का विषय बन गए थे। वायरल वीडियो में उनके जूते का पिछला हिस्सा दिखाई देने के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया गया और इस पर कई मीम्स भी बने। अब फिल्म के एक इवेंट में सनी देओल ने खुद इस मामले पर चुटकी ली। पैपराजी के सामने पोज देते हुए उन्होंने मुस्कुराकर कहा, ‘अरे, जूता नहीं लेना किसी ने?’ उनके इतना कहते ही वहां मौजूद पैपराजी हंस पड़े। इस पर एक पैपराजी ने जवाब दिया, ‘जूता तो सर फुल फ्रेम में आ ही रहा है।’ इसके बाद सनी देओल हंसते हुए आगे बढ़ गए। क्लीन-शेव लुक की भी हुई चर्चा ‘इक्का’ की स्क्रीनिंग के दौरान सनी देओल क्लीन-शेव लुक में नजर आए। उन्होंने ब्लू चेक वाली कैजुअल शर्ट और कैप पहनी थी। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उनके इस लुक की तुलना धर्मेंद्र के पुराने अंदाज से की। ‘इक्का’ 10 जुलाई को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो गई है। फिल्म में सनी देओल के साथ दीया मिर्जा, अक्षय खन्ना, संजीदा शेख, आकांक्षा रंजन कपूर और शिशिर शर्मा भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म का डायरेक्शन सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा ने किया है। इस फिल्म के जरिए सनी देओल ने ओटीटी पर डेब्यू किया है। सनी देओल जल्द ही बड़े पर्दे पर राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी 1947 के बंटवारे के दौरान इंसानियत, रिश्तों और बदलते हालात को दिखाती है। फिल्म में सनी के अलावा प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, अली फजल, अभिमन्यु सिंह, खुशी हजारे और कनिका कपूर भी नजर आएंगी। फिल्म का प्रोडक्शन आमिर खान प्रोडक्शंस ने किया है।
फटे जूतों के वायरल वीडियो पर सनी देओल की फिरकी:इवेंट में बोले- किसी ने जूते की फोटो नहीं लेनी, धर्मेंद्र जैसी शर्ट पहनकर पहुंचे

बॉलीवुड एक्टर सनी देओल गुरुवार को अपनी फिल्म ‘इक्का’ की स्क्रीनिंग के इवेंट में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपने हालिया ‘जूता विवाद’ पर मजाकिया अंदाज में रिएक्शन दिया। दरअसल, कुछ दिन पहले ‘इक्का’ के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में सनी देओल के पहने हुए सफेद रंग के घिसे जूते चर्चा का विषय बन गए थे। वायरल वीडियो में उनके जूते का पिछला हिस्सा दिखाई देने के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया गया और इस पर कई मीम्स भी बने। अब फिल्म के एक इवेंट में सनी देओल ने खुद इस मामले पर चुटकी ली। पैपराजी के सामने पोज देते हुए उन्होंने मुस्कुराकर कहा, ‘अरे, जूता नहीं लेना किसी ने?’ उनके इतना कहते ही वहां मौजूद पैपराजी हंस पड़े। इस पर एक पैपराजी ने जवाब दिया, ‘जूता तो सर फुल फ्रेम में आ ही रहा है।’ इसके बाद सनी देओल हंसते हुए आगे बढ़ गए। क्लीन-शेव लुक की भी हुई चर्चा ‘इक्का’ की स्क्रीनिंग के दौरान सनी देओल क्लीन-शेव लुक में नजर आए। उन्होंने ब्लू चेक वाली कैजुअल शर्ट और कैप पहनी थी। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उनके इस लुक की तुलना धर्मेंद्र के पुराने अंदाज से की। ‘इक्का’ 10 जुलाई को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो गई है। फिल्म में सनी देओल के साथ दीया मिर्जा, अक्षय खन्ना, संजीदा शेख, आकांक्षा रंजन कपूर और शिशिर शर्मा भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म का डायरेक्शन सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा ने किया है। इस फिल्म के जरिए सनी देओल ने ओटीटी पर डेब्यू किया है। सनी देओल जल्द ही बड़े पर्दे पर राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी 1947 के बंटवारे के दौरान इंसानियत, रिश्तों और बदलते हालात को दिखाती है। फिल्म में सनी के अलावा प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, अली फजल, अभिमन्यु सिंह, खुशी हजारे और कनिका कपूर भी नजर आएंगी। फिल्म का प्रोडक्शन आमिर खान प्रोडक्शंस ने किया है।
12% से ज्यादा अल्कोहल वाली दवाओं की खुली बिक्री बंद:मेडिकल स्टोर डॉक्टर के पर्चे के बिना नहीं बेच सकेंगे, 3 साल का रिकॉर्ड भी रखना होगा

केंद्र सरकार ने 12% से ज्यादा अल्कोहल मिक्स दवाओं की खुली बिक्री बंद कर दी है। अब ये दवाएं डॉक्टर के वैलिड प्रिस्क्रिप्शन के बिना नहीं बेची जा सकेंगी। दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में यह बदलाव किया है। नए नियम के तहत उन सभी पीने वाली दवाओं को ‘शेड्यूल H1’ की कैटेगरी में शामिल कर दिया गया है, जिनमें इथाइल अल्कोहल की मात्रा 12% से ज्यादा होती है और जो 30 मिलीलीटर से बड़ी बोतल में बेची जाती हैं। इस बदलाव के बाद अब इन दवाओं की खुलेआम बिक्री नहीं हो सकेगी और मेडिकल स्टोर्स के लिए इन्हें बेचने के नियम काफी कड़े हो जाएंगे। इस फैसले का आम मरीजों, मेडिकल स्टोर्स और पब्लिक हेल्थ पर क्या असर पड़ेगा? आसान सवाल-जवाब में समझिए…
12% से ज्यादा अल्कोहल वाली दवा बिना प्रिस्क्रिप्शन नहीं मिलेगी:कफ सिरप और टॉनिक पर असर, मेडिकल स्टोर्स को 3 साल का रिकॉर्ड रखना होगा

केंद्र सरकार ने 12% से ज्यादा अल्कोहल मिक्स दवाओं की खुली बिक्री पर रोक लगा दी है। अब ये दवाएं डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना नहीं खरीदी या बेची जा सकेंगी। दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में यह बदलाव किया है। नए नियम के तहत उन सभी पीने वाली दवाओं को ‘शेड्यूल H1’ की कैटेगरी में शामिल कर दिया गया है, जिनमें एथिल अल्कोहल की मात्रा 12% से ज्यादा होती है और जो 30 मिलीलीटर से बड़ी बोतल में बेची जाती हैं। मेडिकल स्टोर्स के लिए भी खास निर्देश हैं। अब मेडिकल स्टोर्स को इन दवाओं की बिक्री का पूरा रिकॉर्ड एक अलग रजिस्टर में रखना होगा। इस फैसले का आम मरीजों, मेडिकल स्टोर्स और पब्लिक हेल्थ पर क्या असर पड़ेगा? आसान सवाल-जवाब में समझिए… फैसले की वजह और बैकग्राउंड सवाल-1: सरकार को अचानक यह कदम क्यों उठाना पड़ा? जवाब: मार्केट में मिलने वाले कई कफ सिरप और टॉनिक में अल्कोहल की मात्रा काफी ज्यादा होती है। बिना रोक-टोक या डॉक्टर की पर्ची के मिलने से कई लोग इनका इस्तेमाल नशे के लिए करने लगे थे। इसी दुरुपयोग को रोकने और दवाओं की बिक्री की सख्ती से निगरानी के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। सवाल-2: यह फैसला किस कमेटी की सिफारिश पर लिया गया है? जवाब: दवाओं के गलत इस्तेमाल की बढ़ती चिंताओं को देखते हुए सरकार की रेगुलेटरी कमेटियों- ड्रग्स कंसल्टेटिव कमेटी और ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड ने इस पर समीक्षा की थी। इन कमेटियों की सिफारिशों के बाद ही सरकार ने कानून में यह संशोधन लागू किया है। मेडिकल स्टोर्स और मरीजों पर असर सवाल-1: मेडिकल स्टोर चलाने वालों को अब किन नियमों का पालन करना होगा? जवाब: शेड्यूल H1 के तहत आने के बाद अब फार्मेसी या मेडिकल स्टोर्स को ये 3 मुख्य काम करने होंगे… सवाल-2: एक मरीज के तौर पर क्या मेरे लिए यह दवाएं बैन या असुरक्षित हो गई हैं? जवाब: बिल्कुल नहीं। इसका यह मतलब कतई नहीं है कि ये दवाएं असुरक्षित हैं या इन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह सिर्फ सुरक्षा मानक है। अगर डॉक्टर ने यह दवा लिखी है, तो आपको यह पहले की तरह मेडिकल स्टोर से मिल जाएगी, बस आपको डॉक्टर की पर्ची दिखानी होगी। मेडिकल फैक्ट्स और हेल्थ इंपैक्ट सवाल-1: दवाओं में अल्कोहल का इस्तेमाल क्यों किया जाता है, क्या यह खतरनाक है? जवाब: दवाओं में सीमित मात्रा में इथाइल अल्कोहल का इस्तेमाल एक सॉल्वेंट या प्रिजर्वेटिव (दवा को सुरक्षित रखने और घोलने) के रूप में किया जाता है, जो क्लीनिकल तौर पर जरूरी है। यह आमतौर पर हानिकारक नहीं होता। हालांकि, जर्नल ऑफ मेडिकल टॉक्सिकोलॉजी की 2024 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ऐसी दवाओं का बिना डॉक्टरी सलाह के या जरूरत से ज्यादा सेवन किया जाए, तो यह बच्चों, बुजुर्गों और लिवर के मरीजों के लिए गंभीर साइड इफेक्ट्स पैदा कर सकता है। सवाल-2: इस मामले में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की क्या गाइडलाइन है? जवाब: वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) भी हमेशा दवाओं के तर्कसंगत और सीमित इस्तेमाल पर जोर देता है। इसके तहत दवाओं को केवल तभी लिखा और बेचा जाना चाहिए, जब उनकी वाकई में क्लीनिकल जरूरत हो। शेड्यूल H1 और फ्यूचर इंपैक्ट सवाल-1: यह ‘शेड्यूल H1’ क्या है और इसमें कौन सी दवाएं आती हैं? जवाब: ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स के तहत ‘शेड्यूल H1’ को साल 2013 में पेश किया गया था। इसका मकसद उन दवाओं की सख्त निगरानी करना था जिनके दुरुपयोग की संभावना ज्यादा होती है। शुरुआत में इसमें थर्ड और फोर्थ जनरेशन की एंटीबायोटिक्स, टीबी की दवाएं और आदत लगाने वाली दवाएं शामिल थीं। अब इस लिस्ट का दायरा बढ़ाया जा रहा है। सवाल-2: इस फैसले से पब्लिक हेल्थ सेक्टर को लंबे समय में क्या फायदा होगा? जवाब: इस कदम से भारत में ड्रग रेगुलेटरी सिस्टम और मजबूत होगा। दवाओं की ट्रेसेबिलिटी बढ़ेगी, यानी यह पता लगाना आसान होगा कि कौन सी दवा कहां और किसे बेची गई। इससे दवाओं के गलत इस्तेमाल पर रोक लगेगी और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
राजेश शर्मा की हेल्थ पर 'फौजी' की टीम की सफाई:कहा- उन्हें सेट पर कीड़े ने काटा, इसकी जानकारी नहीं; अक्षय कुमार ने जताई चिंता

प्रभास की फिल्म ‘फौजी’ की शूटिंग कर रहे एक्टर राजेश शर्मा की तबीयत बिगड़ने के बाद सामने आई रिपोर्ट्स पर फिल्म की टीम ने रिएक्शन दिया। टीम ने सेट पर कीड़े के काटने की घटना की जानकारी होने की बात कही। यह बयान उन खबरों के बाद आया, जिनमें राजेश की तबीयत बिगड़ने की वजह कीड़े के काटने को बताया गया था। हाल ही में राजेश शर्मा की तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें पहले हैदराबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद इलाज के लिए कोलकाता ले जाया गया। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उनकी तबीयत फिल्म ‘फौजी’ के सेट पर किसी कीड़े के काटने से बिगड़ी। एक्ट्रेस सुदीपा चटर्जी ने भी अपने एक बयान में कीड़े के काटने का जिक्र किया था। हालांकि, बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट हटा दी थी। फिल्म ‘फौजी’ की टीम ने खबरों पर दी सफाई साउथ फिल्मों से जुड़े पोर्टल गुलटी के अनुसार, ‘फौजी’ की टीम ने कहा कि उन्हें सेट पर ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। टीम का कहना है कि राजेश शर्मा इन खबरों के सामने आने से करीब एक सप्ताह पहले अपना शूट पूरा कर घर लौट चुके थे। उस दौरान प्रोडक्शन टीम को किसी मेडिकल इमरजेंसी की औपचारिक जानकारी नहीं मिली थी। टीम ने यह भी कहा कि रिपोर्ट्स सामने आने के बाद उन्होंने राजेश शर्मा के परिवार से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। रिपोर्ट के अनुसार, राजेश शर्मा के पर्सनल असिस्टेंट शुभाशीष पांडा ने एक वीडियो जारी कर बताया कि एक्टर को डायबिटीज से जुड़ी दिक्कतों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि राजेश जल्द अस्पताल से डिस्चार्ज हो सकते हैं। यह दावा कीड़े के काटने वाली रिपोर्ट्स से अलग है। अक्षय ने की जल्द ठीक होने की दुआ राजेश शर्मा की सेहत को लेकर गुरुवार को एक्टर अक्षय कुमार ने भी चिंता जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मेरे प्रिय दोस्त राजेश की तबीयत के बारे में सुनकर बहुत चिंता हुई। शूटिंग के दौरान उन्हें किसी कीड़े ने काट लिया था। भगवान महादेव उन्हें जल्द और पूरी तरह स्वस्थ करें। यार, जल्दी ठीक हो जाओ। अभी साथ बैठकर बहुत हंसना-बोलना बाकी है।’ राजेश शर्मा ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की और 1996 में फिल्म ‘माचिस’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने ‘परिणीता’, ‘खोसला का घोसला’, ‘इश्किया’, ‘स्पेशल 26’, ‘बजरंगी भाईजान’, ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ और ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ जैसी कई चर्चित फिल्मों में दमदार अभिनय किया।
राजेश शर्मा की हेल्थ पर 'फौजी' की टीम की सफाई:कहा- उन्हें सेट पर कीड़े ने काटा, इसकी जानकारी नहीं; अक्षय कुमार ने जताई चिंता

प्रभास की फिल्म फौजी की शूटिंग कर रहे एक्टर राजेश शर्मा की तबीयत बिगड़ने के बाद सामने आई रिपोर्ट्स पर फिल्म की टीम ने रिएक्शन दिया। टीम ने सेट पर कीड़े के काटने की घटना की जानकारी न होने की बात कही। यह बयान उन खबरों के बाद आया, जिनमें राजेश की तबीयत बिगड़ने की वजह कीड़े के काटने को बताया गया था। हाल ही में राजेश शर्मा की तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें पहले हैदराबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद इलाज के लिए कोलकाता ले जाया गया। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उनकी तबीयत फिल्म ‘फौजी’ के सेट पर किसी कीड़े के काटने से बिगड़ी। एक्ट्रेस सुदीपा चटर्जी ने भी अपने एक बयान में कीड़े के काटने का जिक्र किया था। हालांकि, बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट हटा दी। फिल्म ‘फौजी’ की टीम ने खबरों पर दी सफाई साउथ फिल्मों से जुड़े पोर्टल गुलटी के अनुसार, ‘फौजी’ की टीम ने कहा कि उन्हें सेट पर ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। टीम का कहना है कि राजेश शर्मा इन खबरों के सामने आने से करीब एक सप्ताह पहले अपना शूट पूरा कर घर लौट चुके थे। उस दौरान प्रोडक्शन टीम को किसी मेडिकल इमरजेंसी की औपचारिक जानकारी नहीं मिली थी। टीम ने यह भी कहा कि रिपोर्ट्स सामने आने के बाद उन्होंने राजेश शर्मा के परिवार से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। रिपोर्ट के अनुसार, राजेश शर्मा के पर्सनल असिस्टेंट शुभाशीष पांडा ने एक वीडियो जारी कर बताया कि एक्टर को डायबिटीज से जुड़ी दिक्कतों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि राजेश जल्द अस्पताल से डिस्चार्ज हो सकते हैं। यह दावा कीड़े के काटने वाली रिपोर्ट्स से अलग है। अक्षय ने की जल्द ठीक होने की दुआ राजेश शर्मा की सेहत को लेकर गुरुवार को एक्टर अक्षय कुमार ने चिंता जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मेरे प्रिय दोस्त राजेश की तबीयत के बारे में सुनकर बहुत चिंता हुई। शूटिंग के दौरान उन्हें किसी कीड़े ने काट लिया था। भगवान महादेव उन्हें जल्द और पूरी तरह स्वस्थ करें। यार, जल्दी ठीक हो जाओ। अभी साथ बैठकर बहुत हंसना-बोलना बाकी है।’ बता दें कि राजेश शर्मा ने करियर की शुरुआत थिएटर से की और 1996 में फिल्म ‘माचिस’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने ‘परिणीता’, ‘खोसला का घोसला’, ‘इश्किया’, ‘स्पेशल 26’, ‘बजरंगी भाईजान’, ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ और ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ जैसी कई चर्चित फिल्मों में दमदार अभिनय किया।
वर्ल्ड अपडेट्स:चीन ने रॉकेट बूस्टर को समुद्र में सुरक्षित उतारा, पहली बार सफल टेस्ट

चीन ने अंतरिक्ष तकनीक में बड़ी सफलता हासिल की है। उसने पहली बार रॉकेट के बूस्टर को समुद्र में सुरक्षित उतारने का सफल परीक्षण किया है। चीन ने शुक्रवार को लॉन्ग मार्च-10B रॉकेट को दक्षिणी प्रांत हैनान से लॉन्च किया। उड़ान भरने के करीब 6 मिनट बाद बूस्टर मुख्य रॉकेट से अलग हुआ और नियंत्रित तरीके से समुद्र में बने एक प्लेटफॉर्म पर उतर गया। वहां लगे विशेष जाल (नेट) ने उसे सुरक्षित पकड़ लिया। चीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक, किसी रॉकेट बूस्टर को इस तरह नियंत्रित तरीके से वापस लाने का यह देश का पहला सफल परीक्षण है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर रॉकेट के बूस्टर को हर लॉन्च के बाद दोबारा इस्तेमाल किया जा सके, तो अंतरिक्ष मिशनों की लागत काफी कम होगी और लॉन्च की रफ्तार भी बढ़ेगी। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… यूक्रेन पर शांति वार्ता को लेकर पश्चिम पर अब भरोसा नहीं: लावरोव रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि मॉस्को को अब पश्चिमी देशों के इस दावे पर भरोसा नहीं रहा कि वे यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए ईमानदारी से शांति वार्ता चाहते हैं। मोजाम्बीक की राजधानी मापुतो में विदेश मंत्री मारिया मैनुएला लुकास के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में लावरोव ने आरोप लगाया कि पश्चिम बातचीत की इच्छा का केवल दिखावा कर रहा है, जबकि रूस के सामने लगातार शर्तें रखी जा रही हैं। लावरोव ने कहा कि पिछले एक दशक में पश्चिम ने यूक्रेन संकट के शांतिपूर्ण समाधान की हर कोशिश को कमजोर किया। उनके मुताबिक, 2022 में रूस और यूक्रेन के बीच इस्तांबुल में बातचीत के दौरान समझौते की रूपरेखा तैयार हो गई थी, लेकिन पश्चिमी हस्तक्षेप के कारण वह आगे नहीं बढ़ सकी। उन्होंने कहा कि अब रूस की सद्भावना और पश्चिम पर भरोसा पूरी तरह समाप्त हो चुका है। लावरोव ने कहा कि रूस आज भी बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन वार्ता का उद्देश्य संघर्ष के “मूल कारणों” का समाधान होना चाहिए। इनमें यूक्रेन की NATO सदस्यता की योजना और रूस की सुरक्षा संबंधी चिंताएं शामिल हैं।








