Friday, 02 Oct 2026 | 04:58 AM

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प्याज-टमाटर के दाम बढ़े, जून में वेज थाली 5% महंगी:नॉनवेज-थाली की कीमतों में भी इजाफा, मौसम की मार से दालों के दाम बढ़ेंगे

प्याज-टमाटर के दाम बढ़े, जून में वेज थाली 5% महंगी:नॉनवेज-थाली की कीमतों में भी इजाफा, मौसम की मार से दालों के दाम बढ़ेंगे

घर पर तैयार होने वाली वेज थाली की देशभर में एवरेज कीमत 5% बढ़ गई है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने अपनी राइस रोटी रेट (RRR) में बताया कि, जून 2026 में टमाटर, प्याज, खाने का तेल और रसोई गैस सिलेंडर महंगा होने से थाली की कीमत बढ़ी है। इससे आलू की कीमतों में आई गिरावट के असर भी खत्म हो गया। एंजेंसी के मुताबिक, चिकन की सप्लाई घटने से नॉन-वेज थाली की कीमत भी जून में 6% महंगी हुई है। वहीं, मौसम की मार के कारण आने वाले दिनों में दालों की कीमत भी बढ़ सकती हैं। कर्नाटक, MP और महाराष्ट्र में फसलों को नुकसान से दालें महंगी रहेंगी क्रिसिल इंटेलिजेंस के डायरेक्टर पुशन शर्मा ने बताया कि उड़द और मूंग का पुराना स्टॉक (ओपनिंग स्टॉक) पहले से ही कम है। इसके साथ ही कर्नाटक, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में मौसम की मार के कारण दालों की पैदावार को नुकसान हुआ है, जिससे आगे भी दालों की कीमतों में तेजी रहने की आशंका है। इसी तरह, प्रमुख उत्पादक राज्यों में लगातार बारिश की कमी के कारण बुआई में देरी और नमी के तनाव से खरीफ की प्याज और टमाटर की पैदावार घट सकती है।

उत्तराखंड के जागेश्वर और डोल आश्रम पहुंचे अभिनेता राजपाल यादव:पारंपरिक भगवा वस्त्र में आए नजर, धाम के धार्मिक महत्व की सराहना की

उत्तराखंड के जागेश्वर और डोल आश्रम पहुंचे अभिनेता राजपाल यादव:पारंपरिक भगवा वस्त्र में आए नजर, धाम के धार्मिक महत्व की सराहना की

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव और हेमंत पांडे ने अल्मोड़ा जिले के दो प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों जागेश्वर धाम और डोल आश्रम का दौरा किया। उन्होंने इन स्थानों पर दर्शन-पूजन किया और संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। जागेश्वर धाम में दोनों कलाकारों ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। यह पूजा आचार्य निर्मल भट्ट के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। मंदिर परिसर में बिताया समय जागेश्वर धाम पहुंचने पर मंदिर के पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार और स्वस्तिवाचन के साथ दोनों कलाकारों का पारंपरिक स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर का भ्रमण कर प्राचीन मंदिरों के दर्शन किए और धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी भी प्राप्त की। मंदिर परिसर में उन्होंने कुछ समय बिताया और जागेश्वर धाम की आध्यात्मिक ऊर्जा, प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व की सराहना की। अभिनेताओं ने इसे आत्मिक शांति का केंद्र बताया। श्रद्धालुओं से जागेश्वर धाम आने का किया आग्रह इस अवसर पर हेमंत पांडे और राजपाल यादव ने कहा कि जागेश्वर धाम आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अद्भुत केंद्र है। उन्होंने कहा कि यहां का प्राकृतिक वातावरण, देवदार के घने वन और प्राचीन मंदिरों की दिव्यता मन को गहरी शांति प्रदान करती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भी जीवन में एक बार जागेश्वर धाम अवश्य आने का आग्रह किया। लोगों ने साथ तस्वीरें खिंचवाईं जागेश्वर धाम पहुंचे अभिनेता राजपाल यादव को देखने और उनसे मिलने के लिए स्थानीय लोगों और पर्यटकों में भी उत्साह देखने को मिला। कई लोगों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और उनका अभिवादन किया। राजपाल यादव ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और धार्मिक आस्था उन्हें बार-बार यहां आने के लिए प्रेरित करती है। डोल आश्रम में संतों का लिया आशीर्वाद इसके बाद दोनों अभिनेताओं ने डोल आश्रम में संतों का आशीर्वाद लिया। उन्होंने आश्रम के शांत और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया और परिसर का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं की भी सराहना की। आश्रम के आधिकारिक सोशल मीडिया समूहों में साझा की गई तस्वीरों में राजपाल यादव और हेमंत पांडे पारंपरिक भगवा वस्त्र और अंगवस्त्र धारण किए संतों के साथ दिखाई दिए। फिल्म जंगल से बनाई पहचान अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग और सहज अभिनय शैली के लिए पहचाने जाने वाले राजपाल यादव ने फिल्म जंगल से अपनी अलग पहचान बनाई। इसके बाद हंगामा, मुझसे शादी करोगी, गरम मसाला, फिर हेरा फेरी, चुप चुप के, भागम भाग, ढोल, भूल भुलैया, पार्टनर और दे दना दन जैसी फिल्मों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

दृश्यम 3 का नया नैरेटिव तैयार:‘शैतान 2’ पर लगा ब्रेक; जुलाई 2026 से लंदन में नई हॉरर फिल्म शुरू करेंगे अजय देवगन

दृश्यम 3 का नया नैरेटिव तैयार:‘शैतान 2’ पर लगा ब्रेक; जुलाई 2026 से लंदन में नई हॉरर फिल्म शुरू करेंगे अजय देवगन

अजय देवगन की आगामी फिल्मों को लेकर इंडस्ट्री में लगातार चर्चा बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार…‘फिलहाल उनका फोकस कई अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर है। इनमें ‘धमाल 4’, ‘दृश्यम 3’, ‘गोलमाल’ फ्रेंचाइज की अगली फिल्म और हाल ही में टीजर के बाद चर्चा में आई ‘चौहान’ शामिल हैं। वहीं, हॉरर-थ्रिलर ‘शैतान’ के सीक्वल को लेकर फिलहाल किसी सक्रिय प्रगति की जानकारी सामने नहीं आई है। सूत्रों का यह भी कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में अजय देवगन ने खुद को सिर्फ एक्शन फिल्मों तक सीमित नहीं रखा है। उनकी मौजूदा फिल्म लाइनअप में कॉमेडी, इन्वेस्टिगेशन थ्रिलर, हॉरर और ड्रामा जैसी अलग-अलग शैलियों की फिल्में शामिल हैं, जो एक अभिनेता के रूप में उनके विविध प्रयोगों को दर्शाती हैं। ‘शैतान 2’ पर नहीं बढ़ रहा काम ‘शैतान 2’ फिलहाल सक्रिय डेवलपमेंट में नहीं है। फिल्म की शूटिंग या प्री-प्रोडक्शन को लेकर अभी तक कोई नई गतिविधि सामने नहीं आई है। इसी बीच खबर है कि अजय देवगन निर्देशक रोहित जुगराज की एक बड़े बजट की अनटाइटल्ड हॉरर फिल्म से इस जॉनर में वापसी की तैयारी कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक…‘फिल्म फिलहाल प्री-प्रोडक्शन चरण में है और इसकी शूटिंग जुलाई 2026 से शुरू होने की संभावना है। निर्माण कुमार मंगत पाठक कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि यह फिल्म पारंपरिक भूतिया कहानियों से अलग गॉथिक हॉरर की शैली में होगी और इसकी कहानी लंदन की पृष्ठभूमि पर आधारित रहेगी। सूत्रों का दावा है कि अजय देवगन इसमें एक रहस्यमयी और अलौकिक शक्तियों वाले किरदार में नजर आएंगे, जिसके लिए उनके लुक पर भी विशेष काम किया जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि रोहित जुगराज ने अपने करियर की शुरुआत राम गोपाल वर्मा के साथ की थी और 2003 की फिल्म ‘भूत’ में सहायक निर्देशक रहे थे। पोस्ट-प्रोडक्शन में ‘दृश्यम 3’ , नए नैरेटिव के साथ लौटेगी फिल्म ‘दृश्यम 3’ की शूटिंग पूरी हो चुकी है और फिल्म फिलहाल पोस्ट-प्रोडक्शन चरण में है। बताया जा रहा है कि एडिटिंग, बैकग्राउंड स्कोर और अन्य तकनीकी कार्य तेजी से चल रहे हैं। हालांकि निर्माताओं ने अभी तक इस संबंध में कोई घोषणा नहीं की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक…‘इस बार हिंदी संस्करण की कहानी मलयालम ‘दृश्यम 3’ से अलग विकसित की गई है। यानी हिंदी दर्शकों के लिए एक नया नैरेटिव तैयार किया गया है, ताकि कहानी में ताजगी बनी रहे। कास्टिंग को लेकर भी कई चर्चाएं हैं। सूत्रों का दावा है कि तबु तीसरे पार्ट में भी अपनी भूमिका निभा सकती हैं। वहीं प्रकाश राज के वकील की भूमिका में और जयदीप अहलावत नए जांच अधिकारी के किरदार में नजर आने की चर्चा है। यह भी कहा जा रहा है कि पिछली फिल्म में अक्षय खन्ना के जांच वाले ट्रैक को इस बार नए अधिकारी के जरिए आगे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, पूरी स्टारकास्ट और किरदारों को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फिल्म ‘धमाल 4’ के प्रमोशन में जुटी टीम, रिलीज से पहले होगा बड़ा प्रमोशनल अजय देवगन की ‘धमाल 4’ रिलीज से पहले प्रमोशनल चरण में पहुंच चुकी है। सूत्रों के अनुसार…‘फिल्म की टीम लगातार प्रचार गतिविधियों में हिस्सा ले रही है। अजय देवगन के साथ रितेश देशमुख, अरशद वारसी, रवि किशन समेत अन्य कलाकार भी विभिन्न प्रमोशनल इवेंट्स में नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि फिल्म को फैमिली ऑडियंस तक पहुंचाने के लिए ऑन-ग्राउंड इवेंट्स के साथ-साथ डिजिटल प्रमोशन पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।’ सूत्रों के मुताबिक…‘फिल्म की रिलीज डेट पहले तय कार्यक्रम में बदलाव के बाद 10 जुलाई कर दी गई। इंडस्ट्री में इसे बॉक्स ऑफिस रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि मेकर्स ने रिलीज डेट में बदलाव की वजह पर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।’ यह एक बड़े बजट की फिल्म है। इसकी शूटिंग जुलाई 2026 से शुरू होने की संभावना है। निर्माण कुमार मंगत पाठक कर रहे हैं। इसकी कहानी लंदन की पृष्ठभूमि पर बेस्ड होगी

केतन अग्रवाल मर्डर केस पर कंगना का बयान:इंस्टाग्राम और डेटिंग ऐप्स की लाइफस्टाइल को ठहराया जिम्मेदार; कहा- बिना मकसद का जूनून बर्बादी

केतन अग्रवाल मर्डर केस पर कंगना का बयान:इंस्टाग्राम और डेटिंग ऐप्स की लाइफस्टाइल को ठहराया जिम्मेदार; कहा- बिना मकसद का जूनून बर्बादी

एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनोट ने केतन अग्रवाल मर्डर केस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कंगना ने सोशल मीडिया पर बढ़ते रिलेशनशिप ट्रेंड्स और युवाओं की जीवनशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि बिना किसी लक्ष्य के जुनून आत्मघाती साबित होता है। दरअसल आरोपी सिया गोयल ने अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की पहाड़ी से धकेल कर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस जांच से बड़ा खुलासा हुआ है कि आरोपी सिया गोयल ने सगाई के बाद भी अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी से सीक्रेट मैरिज कर ली थी। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं। सोशल मीडिया वाले रिश्तों पर कंगना का तंज कंगना रनोट ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर इस केस से जुड़ी खबर शेयर करते हुए युवाओं को नसीहत दी है। उन्होंने लिखा कि व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, डेटिंग ऐप्स, बेंचिंग, घोस्टिंग, ड्रग्स और क्लब्स जैसी चीजें भी आजकल के युवाओं के लिए कम पड़ रही हैं। बिना किसी मकसद के जुनून का नतीजा इसी तरह की आत्मघाती घटनाओं के रूप में सामने आता है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे अपने जुनून का इस्तेमाल करियर या कोई स्किल सीखने में करें। डिप्रेशन से बचने के लिए साधारण जीवन की सलाह कंगना ने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि वे युवाओं से अपनी एनर्जी को सही और सकारात्मक रास्ते पर लगाने की अपील करती हैं। उन्होंने सलाह दी कि दिमाग खुला रखें लेकिन जीवन बिल्कुल साधारण और पारंपरिक तरीके से जिएं। ऐसा करने से लोग जेल जाने, अकेलेपन, नकारात्मकता और डिप्रेशन जैसी समस्याओं से बच सकते हैं। क्या है सिया गोयल और केतन अग्रवाल मामला पुणे के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की 18 जून को लोहगढ़ किले की पहाड़ी से गिरकर मौत हो गई थी। पुलिस जांच के मुताबिक, 26 साल के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश उनकी मंगेतर सिया गोयल ने अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर रची थी। केतन और सिया की सगाई इसी साल फरवरी में हुई थी और दोनों इस साल नवंबर में शादी करने वाले थे। पुलिस ने सिया और चेतन दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और फिलहाल दोनों न्यायिक हिरासत में हैं। कागजात मांगने पर रची हत्या की साजिश पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, केतन के परिवार ने उदयपुर में होने वाली डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए सिया से कुछ सरकारी दस्तावेज मांगे थे। इसके बाद आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से जल्दबाजी में हत्या की साजिश रची। पुलिस उन दो कॉलेज दोस्तों से भी पूछताछ कर रही है जिन्होंने गवाह के रूप में शादी के कागजात पर साइन किए थे। इसके अलावा चेतन के बैंक अकाउंट की जांच की जा रही है ताकि पता चल सके कि उसने सीक्रेट मैरिज के लिए किसी को पैसे तो नहीं दिए थे। तीन सुराग; सिया का झूठ, CCTV फुटेज, 2004 बार कॉल मर्डर से पहले सिया का मंगेतर के साथ डांस, रोमांस; 3 तस्वीरें केतन के मर्डर करने से पहले सिया ने सोशल मीडिया अकाउंट पर केतन अग्रवाल (26) के साथ कई रोमांटिक पोस्ट किए थे। कभी प्रपोजल की तस्वीरें, कभी फूल देकर प्यार जताने वाले पल, तो कभी डांस और गले मिलने के वीडियो। दोनों की नवंबर में होने वाली शादी की तैयारियां भी सोशल मीडिया पोस्ट का हिस्सा थीं। इस साल फरवरी में सगाई के बाद सिया ने इंस्टाग्राम पर एक केक की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था- मेरे दिल को उसका घर मिले एक महीना पूरा हुआ। 19 मई को सिया ने अपने जन्मदिन के काउंटडाउन की स्टोरी पोस्ट की, जिसमें दोनों एक रोमांटिक गाने पर डांस करते नजर आ रहे थे। एक पोस्ट में दोनों कार के अंदर बैठकर गले लगते दिखे। केतन ने अपने कार के अंदर और बाहर फूलों की सजावट की थी।

माइक्रोसॉफ्ट ने सॉफ्टवेयर बेचने दुनिया को स्क्रीन से चिपकाया:सीईओ श्रीनिवास का दावा – ‘बिल गेट्स ने दुनिया को 9-5 की जॉब में फंसाया

माइक्रोसॉफ्ट ने सॉफ्टवेयर बेचने दुनिया को स्क्रीन से चिपकाया:सीईओ श्रीनिवास का दावा - ‘बिल गेट्स ने दुनिया को 9-5 की जॉब में फंसाया

क्या आप भी सुबह 9 से शाम 5 बजे तक कंप्यूटर के सामने बैठकर डेस्क जॉब करते हैं? अगर हां, तो परप्लेक्सिटी एआई के सीईओ अरविंद श्रीनिवास का दावा आपको चौंका सकता है। श्रीनिवास का कहना है कि यह 9 से 5 की डेस्क जॉब इंसानी काम का कोई स्वाभाविक विकास नहीं है, बल्कि माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स द्वारा तैयार की गई एक बेहद सफल बिजनेस स्ट्रैटजी थी। हाल ही में मशहूर पॉडकास्ट ‘द जो रोगन एक्सपीरियंस’ में बातचीत के दौरान श्रीनिवास ने यह दावा किया। उन्होंने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट ने अपने सॉफ्टवेयर बेचने के लिए जानबूझकर ‘आधुनिक ऑफिस वर्कर’ का कॉन्सेप्ट तैयार किया था। श्रीनिवास ने कहा, ‘माइक्रोसॉफ्ट ने ऑफिस वर्कर की इस पूरी अवधारणा को सिर्फ इसलिए खड़ा किया क्योंकि वे अपना ऑफिस सॉफ्टवेयर बेचना चाहते थे। बिल गेट्स का मिशन ही यही था कि हर डेस्क पर एक पीसी (कंप्यूटर) हो और लोग उससे चिपके रहें।’ उन्होंने आगे बताया कि दिनभर डेस्क पर बैठकर स्क्रीन को घूरते रहने वाले इस वर्क कल्चर को सुनियोजित तरीके से नीचे से ऊपर तक तैयार किया गया था। सीईओ श्रीनिवास का यह दावा सुनकर पॉडकास्ट के होस्ट जो रोगन भी हैरान रह गए। रोगन ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘वाह! इस तरह की लाइफस्टाइल बहुत ही हालिया चीज है जिसे हम सबने अब सामान्य मान लिया है। माइक्रोसॉफ्ट ने इस मामले में सटीक निशाना लगाया।’ परप्लेक्सिटी प्रमुख श्रीनिवास ने समझाया कि इस रणनीति के तहत कॉरपोरेट जगत में आने से पहले ही पीढ़ियों को माइक्रोसॉफ्ट के उत्पादों का आदी बनाया गया। उन्होंने कहा, ‘यही वजह है कि हम सभी को बचपन से माइक्रोसॉफ्ट वर्ड और एक्सेल का इस्तेमाल करना सिखाया गया। एक बार जब आप यह सीख गए, तो आप किसी ऐसी कंपनी में काम करने के लिए तैयार हो गए जिसके डेस्क पर पीसी हो और जो माइक्रोसॉफ्ट को सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करने के पैसे दे रही हो।’ स्कूलों और शुरुआती कॉरपोरेट कल्चर में वर्ड और एक्सेल को अनिवार्य बनाकर माइक्रोसॉफ्ट ने मुनाफे का एक कभी न खत्म होने वाला चक्र तैयार कर लिया। गेट्स का मकसद जॉब्स की तरह कंप्यूटिंग को सुंदर बनाना नहीं था – सीईओ अरविंद श्रीनिवास ने बिल गेट्स के आक्रामक कॉरपोरेट विजन की तुलना एपल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स से की। उन्होंने कहा कि जहां स्टीव जॉब्स का ध्यान सुंदर, आकर्षक और आसान मशीनें बनाने पर था, वहीं माइक्रोसॉफ्ट का लक्ष्य केवल मुनाफा कमाना था। श्रीनिवास ने कहा, ‘जैसा स्टीव जॉब्स सोचते थे। उन्हें सिर्फ कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर बेचने की परवाह थी, क्योंकि ज्यादा सॉफ्टवेयर बेचने से ही आप अमीर बनते हैं।’

बिना इजाजत क्वीन-2 बनाने के आरोप पर प्रोडक्शन की सफाई:कहा- ये सीक्वल-प्रीक्वल नहीं, टाइटल पर किसी का अधिकार नहीं, 250 करोड़ का मुकदमा दायर हुआ है

बिना इजाजत क्वीन-2 बनाने के आरोप पर प्रोडक्शन की सफाई:कहा- ये सीक्वल-प्रीक्वल नहीं, टाइटल पर किसी का अधिकार नहीं, 250 करोड़ का मुकदमा दायर हुआ है

कंगना रनोट की अपकमिंग फिल्म विवादों से घिर गई है। फैंटम स्टूडियो ने दावा किया है कि ये उनकी फिल्म क्वीन का सीक्वल है, जिसे गैरकानूनी तरीके से जियो स्टार (स्टार स्टूडियो 18) बिना उनकी इजाजत के बना रहा है। फैंटम स्टूडियो ने जियो स्टार के खिलाफ 250 करोड़ का मुकदमा भी दायर किया है, हालांकि अब मामले में प्रोडक्शन ने सभी दावों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि कंगना की अपकमिंग फिल्म क्वीन की सीक्वल नहीं है। जियो स्टूडियो के स्टेंटमेंट में लिखा गया है, “स्टार स्टूडियो18 (स्टार स्टूडियो) इस समय कंगना रनोट के साथ एक नई फिल्म पर काम कर रहा है। यह पूरी तरह मौलिक और स्वतंत्र कहानी है। इसका किसी भी पहले बनी फिल्म की कहानी, किरदार या रचनात्मक पहलुओं से कोई संबंध नहीं है। यह किसी मौजूदा फिल्म का न तो सीक्वल है और न ही प्रीक्वल।” फिल्म के टाइटल में ‘क्वीन’ शब्द के इस्तेमाल का बचाव करते हुए कंपनी ने कहा,”‘क्वीन’ अंग्रेजी भाषा का एक सामान्य शब्द है। किसी भी पक्ष का इस सामान्य शब्द पर विशेष या एकाधिकार वाला अधिकार नहीं हो सकता और ऐसा दावा कानूनन भी सही नहीं है। जियोस्टार इस कानूनी विवाद से पूरी तरह अवगत है और उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष मजबूती से रखेगा। हमें अपने मामले की मजबूती पर पूरा भरोसा है।” जानिए क्या है पूरा विवाद? कुछ समय पहले ही कंगना रनोट ने सोशल मीडिया से एक फोटो शेयर की, जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी अपकमिंग फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी है। पोस्ट में क्वीन लिखा हुआ था, जिसके बाद से ही अनुमान लगाया कि ये क्वीन 2 की शूटिंग है। क्वीन बनाने वाले फैंटम स्टूडियो ने इसका विरोध किया और जियो स्टार की ओर से बातचीत की नाकाम कोशिश के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट में 250 करोड़ का मुकदमा दायर कर दिया। याचिका में आरोप लगाए गए हैं कि जियो स्टार ने बिना इजाजत ये फिल्म बनाई है, जबकि इसके राइट्स जिसमें सीक्वल के राइट्स भी शामिल हैं, फैंटम के पास हैं। फिल्म क्वीन के बारे में- फिल्म क्वीन 2014 में रिलीज हुई थी, जिसे विकास बहल ने डायरेक्ट किया था। फिल्म एक सीधी-सादी लड़की रानी की कहानी थी, जिसकी शादी से ठीक पहले बॉयफ्रेंड शादी से इनकार कर देता है। शादी टूटने के बाद रानी अकेले हनीमून पर जाती है, जहां विदेशी दोस्तों के साथ वो रोमांचक जिंदगी जीती है। ये कंगना के करियर की 5 सबसे बेहतरीन फिल्मों में शामिल है। इस फिल्म के लिए कंगना रनोट को बेस्ट एक्ट्रेस का पहला नेशनल अवॉर्ड मिला था। फैंटम प्रोडक्शन के बारे में जानिए-

बिना इजाजत क्वीन-2 बनाने के आरोप पर प्रोडक्शन की सफाई:कहा- ये सीक्वल-प्रीक्वल नहीं, टाइटल पर किसी का अधिकार नहीं, 250 करोड़ का मुकदमा दायर हुआ है

बिना इजाजत क्वीन-2 बनाने के आरोप पर प्रोडक्शन की सफाई:कहा- ये सीक्वल-प्रीक्वल नहीं, टाइटल पर किसी का अधिकार नहीं, 250 करोड़ का मुकदमा दायर हुआ है

कंगना रनोट की अपकमिंग फिल्म विवादों से घिर गई है। फैंटम स्टूडियो ने दावा किया है कि ये उनकी फिल्म क्वीन का सीक्वल है, जिसे गैरकानूनी तरीके से जियो स्टार (स्टार स्टूडियो 18) बिना उनकी इजाजत के बना रहा है। फैंटम स्टूडियो ने जियो स्टार के खिलाफ 250 करोड़ का मुकदमा भी दायर किया है, हालांकि अब मामले में प्रोडक्शन ने सभी दावों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि कंगना की अपकमिंग फिल्म क्वीन की सीक्वल नहीं है। जियो स्टूडियो के स्टेंटमेंट में लिखा गया है, “स्टार स्टूडियो18 (स्टार स्टूडियो) इस समय कंगना रनोट के साथ एक नई फिल्म पर काम कर रहा है। यह पूरी तरह मौलिक और स्वतंत्र कहानी है। इसका किसी भी पहले बनी फिल्म की कहानी, किरदार या रचनात्मक पहलुओं से कोई संबंध नहीं है। यह किसी मौजूदा फिल्म का न तो सीक्वल है और न ही प्रीक्वल।” फिल्म के टाइटल में ‘क्वीन’ शब्द के इस्तेमाल का बचाव करते हुए कंपनी ने कहा,”‘क्वीन’ अंग्रेजी भाषा का एक सामान्य शब्द है। किसी भी पक्ष का इस सामान्य शब्द पर विशेष या एकाधिकार वाला अधिकार नहीं हो सकता और ऐसा दावा कानूनन भी सही नहीं है। जियोस्टार इस कानूनी विवाद से पूरी तरह अवगत है और उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष मजबूती से रखेगा। हमें अपने मामले की मजबूती पर पूरा भरोसा है।” जानिए क्या है पूरा विवाद? कुछ समय पहले ही कंगना रनोट ने सोशल मीडिया से एक फोटो शेयर की, जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी अपकमिंग फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी है। पोस्ट में क्वीन लिखा हुआ था, जिसके बाद से ही अनुमान लगाया कि ये क्वीन 2 की शूटिंग है। क्वीन बनाने वाले फैंटम स्टूडियो ने इसका विरोध किया और जियो स्टार की ओर से बातचीत की नाकाम कोशिश के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट में 250 करोड़ का मुकदमा दायर कर दिया। याचिका में आरोप लगाए गए हैं कि जियो स्टार ने बिना इजाजत ये फिल्म बनाई है, जबकि इसके राइट्स जिसमें सीक्वल के राइट्स भी शामिल हैं, फैंटम के पास हैं। फिल्म क्वीन के बारे में- फिल्म क्वीन 2014 में रिलीज हुई थी, जिसे विकास बहल ने डायरेक्ट किया था। फिल्म एक सीधी-सादी लड़की रानी की कहानी थी, जिसकी शादी से ठीक पहले बॉयफ्रेंड शादी से इनकार कर देता है। शादी टूटने के बाद रानी अकेले हनीमून पर जाती है, जहां विदेशी दोस्तों के साथ वो रोमांचक जिंदगी जीती है। ये कंगना के करियर की 5 सबसे बेहतरीन फिल्मों में शामिल है। इस फिल्म के लिए कंगना रनोट को बेस्ट एक्ट्रेस का पहला नेशनल अवॉर्ड मिला था। फैंटम प्रोडक्शन के बारे में जानिए-

PM मोदी ने किया शाहरुख की फिल्म का जिक्र:'कुछ कुछ होता है' से समझाए भारत-इंडोनेशिया के रिश्ते; करण जौहर ने जताई खुशी

PM मोदी ने किया शाहरुख की फिल्म का जिक्र:'कुछ कुछ होता है' से समझाए भारत-इंडोनेशिया के रिश्ते; करण जौहर ने जताई खुशी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन देशों के दौरे के पहले पड़ाव पर इंडोनेशिया पहुंचे हैं। जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को समझाने के लिए बॉलीवुड फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ के नाम का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि जब दोनों देश साथ चलते हैं, तो ‘कुछ कुछ’ नहीं बल्कि ‘बहुत कुछ’ होता है। पीएम के इस बयान पर फिल्म के डायरेक्टर करण जौहर ने सोशल मीडिया पर खुशी जताई है और इसे अपने लिए सम्मान की बात कहा है। फिल्म के नाम से समझाया दोनों देशों का रिश्ता जकार्ता में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के सांस्कृतिक जुड़ाव पर बात की। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया में भारत का गाना ‘कुछ कुछ होता है’ बहुत लोकप्रिय है। इसी का उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जब भारत और इंडोनेशिया साथ मिलकर चलते हैं, तो ‘कुछ कुछ’ से भी आगे बढ़कर ‘बहुत कुछ’ होता है। पीएम मोदी के इस बयान के बाद वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। करण जौहर बोले- मेरे लिए सम्मान की बात पीएम मोदी के इस भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद फिल्म के डायरेक्टर करण जौहर ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। करण जौहर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस भाषण की क्लिप शेयर की। उन्होंने लिखा कि हमारे सम्मानित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जकार्ता में ‘कुछ कुछ होता है’ के बारे में बात करते देखकर वे बहुत खुश और सम्मानित महसूस कर रहे हैं। करण ने आगे लिखा कि प्यार एक ऐसी भाषा है जो सभी सीमाओं से परे है। इस गाने को हमेशा जिंदा रखने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार जताया। ‘कुछ कुछ होता है’ से करण ने किया था डेब्यू जिस फिल्म का जिक्र प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में किया, वह करण जौहर के करियर की बेहद खास फिल्म है। साल 1998 में आई ‘कुछ कुछ होता है’ से करण जौहर ने बतौर निर्देशक बॉलीवुड में अपना डेब्यू किया था। इस फिल्म में शाह रुख खान, काजोल और रानी मुखर्जी मुख्य भूमिकाओं में थे, जबकि सलमान खान ने फिल्म में कैमियो रोल किया था। यह फिल्म और इसके गाने भारत के साथ-साथ कई एशियाई देशों में आज भी पसंद किए जाते हैं। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने किया स्वागत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार, 6 जुलाई 2026 को इंडोनेशिया पहुंचे थे। जकार्ता पहुंचने पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उनका स्वागत किया। हवाई अड्डे पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया, जिसके बाद वे अपने तय कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया के बीच कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई है और दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। तीन देशों के दौरे पर हैं प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा तीन देशों की यात्रा का पहला हिस्सा है। इंडोनेशिया के बाद वे ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर जाएंगे। इसके बाद उनके दौरे का आखिरी पड़ाव न्यूजीलैंड होगा। इस तीन देशों के दौरे का मुख्य उद्देश्य इन्डो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रमुख सहयोगी देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करना है। इस यात्रा के दौरान व्यापार, डिफेंस, टेक्नोलॉजी, इन्वेस्टमेंट और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की जा रही है।

UK की व्हिस्की-कारें भारत में 7 दिन बाद सस्ती मिलेंगी:भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई से लागू होगा; जानें किन चीजों के दाम बदलेंगे

UK की व्हिस्की-कारें भारत में 7 दिन बाद सस्ती मिलेंगी:भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई से लागू होगा; जानें किन चीजों के दाम बदलेंगे

भारत में UK की कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर 7 दिन बाद सस्ते मिलेंगे। क्योंकि, भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई से लागू हो जाएगा। यानी इस दिन से भारत के 99% सामानों को UK में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा। वहीं UK के 99% सामान 3% एवरेज टैरिफ पर आयात होंगे। इससे 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होकर 120 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। करीब 3 साल में 14 राउंड की बातचीत के बाद 24 जुलाई 2025 को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटिश व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने पीएम नरेंद्र मोदी और उनके UK समकक्ष कीर स्टार्मर की उपस्थिति में इस समझौते पर साइन किए थे। ब्रिटिश हाई कमिश्नर ने कहा ‘ऐतिहासिक पल’ इस व्यापार समझौते के लागू होने से पहले दोनों देशों के बिजनेस और कंपनियों के पास तैयारी करने के लिए अब सिर्फ एक महीने से भी कम बचा है। भारत में UK की हाई कमिश्नर लिंडी कैमरन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “उल्टी गिनती शुरू हो गई है! UK और भारत इस बात पर सहमत हुए हैं कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई से लागू हो जाएगा। यह आधुनिक यूके-भारत पार्टनरशिप के लिए एक ऐतिहासिक पल है, जो हमारी दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए ग्रोथ के एक नए युग की शुरुआत करेगा।” सवाल जवाब में समझिएं इस एग्रीमेंट से क्या-क्या फायदा होगा… सवाल 1: भारत में कौन सी चीजें सस्ती होंगी? जवाब: UK से आयात होने वाले सामानों पर औसत टैरिफ 15% से घटकर 3% होगा। 85% सामान 10 साल में पूरी तरह टैरिफ-मुक्त होंगे। इससे कई चीजें सस्ती होंगी: सवाल 2: भारत के किन-किन सेक्टर्स को फायदा होगा? जवाब: टेक्सटाइल से लेकर इंजीनियरिंग, मेडिकल और केमिकल जैसे सेक्टर्स को फायदा होगा। 1. टेक्सटाइल सेक्टर यूके में भारतीय कपड़ों और होम टेक्सटाइल्स जैसे चादर, परदे पर 8-12% टैक्स लगता था, वो अब पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इससे हमारे कपड़े बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले सस्ते और ज्यादा कॉम्पिटिटिव हो जाएंगे। तिरुप्पुर, सूरत और लुधियाना जैसे एक्सपोर्ट हब में अगले तीन साल में 40% तक की ग्रोथ हो सकती है। 2. गहने और चमड़े का सामान भारत से यूके जाने वाली ज्वेलरी और चमड़े के सामान जैसे बैग, जूतों पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। इससे छोटे बिजनेस (MSME) और लग्जरी ब्रांड्स को बड़ा फायदा होगा। साथ ही यूके के रास्ते यूरोप में भारत का दबदबा और बढ़ेगा। 3. इंजीनियरिंग सामान और ऑटो पार्ट्स यूके ने भारतीय मशीनरी, इंजीनियरिंग टूल्स और ऑटो पार्ट्स जैसे कार के पुर्जे पर लगने वाला इम्पोर्ट टैक्स खत्म कर दिया है। इससे भारत, यूके और यूरोप की इंडस्ट्रियल सप्लाई चेन और मजबूत होगी। पुणे, चेन्नई और गुड़गांव जैसे मैन्युफैक्चरिंग हब को फायदा होगा। 4. दवाइयां और मेडिकल डिवाइस भारतीय फार्मा कंपनियों को यूके में जेनेरिक दवाइयों के लिए आसान रजिस्ट्रेशन प्रोसेस मिलेगी। इससे भारत की दवाइयां यूके की हेल्थ सर्विस (NHS) में आसानी से पहुंचेंगी और दवाओं का अप्रूवल भी जल्दी मिलेगा। 6. खाने-पीने का सामान, चाय, मसाले और समुद्री प्रोडक्ट्स बासमती चावल, झींगा जैसे समुद्री प्रोडक्ट, प्रीमियम चाय और मसालों पर यूके का इम्पोर्ट टैक्स खत्म हो जाएगा। इससे असम, गुजरात, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे इलाकों की एक्सपोर्ट इंडस्ट्री को बड़ा बूस्ट मिलेगा। 7. केमिकल्स और स्पेशलिटी मटेरियल्स एग्रोकेमिकल्स, प्लास्टिक और स्पेशल केमिकल्स पर टैक्स कम होने से गुजरात और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख हब से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इस डील के तहत भारत का लक्ष्य है कि 2030 तक यूके में अपने केमिकल निर्यात को दोगुना कर दे। 8. ग्रीन एनर्जी और क्लीनटेक ये समझौता रिन्यूएबल एनर्जी में जॉइंट वेंचर्स का रास्ता खोलेगा, जिसमें सोलर, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इन्फ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। यूके भारत के क्लीन एनर्जी सेक्टर में और निवेश करेगा, जिससे नई टेक्नोलॉजीज का को-डेवलपमेंट होगा। सवाल 3: इस डील से भारत की अर्थव्यवस्था को क्या फायदा होगा? जवाब: FTA भारत की अर्थव्यवस्था के लिए कई तरह से फायदेमंद है: सवाल 4: यह एग्रीमेंट कब से लागू होगा? जवाब: यह समझौता 24 जुलाई 2025 को साइन हुआ है, लेकिन इसे लागू होने में करीब एक साल लग सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत की केंद्रीय कैबिनेट और UK की संसद से मंजूरी जरूरी है। भारत की केंद्रीय कैबिनेट से इसे मंजूरी मिल चुकी है। सवाल 5: भारत-UK के बीच एग्रीमेंट को लेकर बातचीत कब शुरू हुई थी? जवाब: भारत और UK के बीच एग्रीमेंट को लेकर बातचीत 13 जनवरी 2022 को शुरू हुई थी, जो करीब 3.5 साल बाद पूरी हुई। 2014 से भारत ने मॉरीशस, UAE, ऑस्ट्रेलिया और EFTA (यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन) के साथ 3 ऐसे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स पर हस्ताक्षर किए हैं। भारत यूरोपियन यूनियन (EU) के साथ इसी तरह के समझौतों पर एक्टिवली बातचीत कर रहा है। सवाल 6: ट्रेड एग्रीमेंट्स कितने टाइप के होते हैं? जवाब: फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स को उसके नेचर के हिसाब से अलग-अलग नाम दिए जाते हैं। इनमें PTA (प्रेफरेंशियल), RTA (रीजनल) और BTA (बाइलेटरल) शामिल हैं। WTO इस तरह के सभी इकोनॉमिक इंगेजमेंट्स को RTA नाम देता है। सवाल 7: भारत ने किन देशों के साथ इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं? जवाब: भारत ने श्रीलंका, भूटान, थाईलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, कोरिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, मॉरीशस, ASEAN और EFTA ब्लॉक्स के साथ ट्रेड एग्रीमेंट्स किए हैं। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अनुसार, एशिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ डील हासिल करने के बाद भारत ने अपना FTA फोकस ईस्ट (ASEAN, जापान, कोरिया) से वेस्टर्न पार्टनर्स की ओर शिफ्ट कर दिया है। भारत अब एक्सपोर्ट्स का विस्तार करने और वेस्ट की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से व्यापार संबंधों को मजबूत करने के लिए EU और US के साथ FTA को प्राथमिकता दे रहा है।

PM मोदी ने किया शाहरुख की फिल्म का जिक्र:'कुछ कुछ होता है' से समझाए भारत-इंडोनेशिया के रिश्ते; करण जौहर ने जताई खुशी

PM मोदी ने किया शाहरुख की फिल्म का जिक्र:'कुछ कुछ होता है' से समझाए भारत-इंडोनेशिया के रिश्ते; करण जौहर ने जताई खुशी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन देशों के दौरे के पहले पड़ाव पर इंडोनेशिया पहुंचे हैं। जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को समझाने के लिए बॉलीवुड फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ के नाम का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि जब दोनों देश साथ चलते हैं, तो ‘कुछ कुछ’ नहीं बल्कि ‘बहुत कुछ’ होता है। पीएम के इस बयान पर फिल्म के डायरेक्टर करण जौहर ने सोशल मीडिया पर खुशी जताई है और इसे अपने लिए सम्मान की बात कहा है। फिल्म के नाम से समझाया दोनों देशों का रिश्ता जकार्ता में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के सांस्कृतिक जुड़ाव पर बात की। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया में भारत का गाना ‘कुछ कुछ होता है’ बहुत लोकप्रिय है। इसी का उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जब भारत और इंडोनेशिया साथ मिलकर चलते हैं, तो ‘कुछ कुछ’ से भी आगे बढ़कर ‘बहुत कुछ’ होता है। पीएम मोदी के इस बयान के बाद वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। करण जौहर बोले- मेरे लिए सम्मान की बात पीएम मोदी के इस भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद फिल्म के डायरेक्टर करण जौहर ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। करण जौहर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस भाषण की क्लिप शेयर की। उन्होंने लिखा कि हमारे सम्मानित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जकार्ता में ‘कुछ कुछ होता है’ के बारे में बात करते देखकर वे बहुत खुश और सम्मानित महसूस कर रहे हैं। करण ने आगे लिखा कि प्यार एक ऐसी भाषा है जो सभी सीमाओं से परे है। इस गाने को हमेशा जिंदा रखने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार जताया। ‘कुछ कुछ होता है’ से करण ने किया था डेब्यू जिस फिल्म का जिक्र प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में किया, वह करण जौहर के करियर की बेहद खास फिल्म है। साल 1998 में आई ‘कुछ कुछ होता है’ से करण जौहर ने बतौर निर्देशक बॉलीवुड में अपना डेब्यू किया था। इस फिल्म में शाह रुख खान, काजोल और रानी मुखर्जी मुख्य भूमिकाओं में थे, जबकि सलमान खान ने फिल्म में कैमियो रोल किया था। यह फिल्म और इसके गाने भारत के साथ-साथ कई एशियाई देशों में आज भी पसंद किए जाते हैं। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने किया स्वागत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार, 6 जुलाई 2026 को इंडोनेशिया पहुंचे थे। जकार्ता पहुंचने पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उनका स्वागत किया। हवाई अड्डे पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया, जिसके बाद वे अपने तय कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया के बीच कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई है और दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। तीन देशों के दौरे पर हैं प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा तीन देशों की यात्रा का पहला हिस्सा है। इंडोनेशिया के बाद वे ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर जाएंगे। इसके बाद उनके दौरे का आखिरी पड़ाव न्यूजीलैंड होगा। इस तीन देशों के दौरे का मुख्य उद्देश्य इन्डो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रमुख सहयोगी देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करना है। इस यात्रा के दौरान व्यापार, डिफेंस, टेक्नोलॉजी, इन्वेस्टमेंट और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की जा रही है।