आज गौरी से शादी करेंगे आमिर खान:20 की उम्र में घरवालों से छिपकर पड़ोसी से पहली कोर्ट मैरिज की, जानिए 3 अहम रिश्तों की कहानी

मशहूर कहावत है कि ‘दूसरा मौका सिर्फ कहानियां देती हैं, जिंदगी नहीं’, लेकिन बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने ये कहावत गलत साबित कर दी। दो नाकाम शादियों के बाद आमिर ने जिंदगी को नया मौका दिया है और आज वो 61 की उम्र में गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से शादी कर रहे हैं। दोनों आमिर के घर में रजिस्टर्ड मैरिज करेंगे, जिसमें परिवार के लोगों के अलावा चुनिंदा करीबी दोस्त शामिल होंगे। आमिर की पूर्व पत्नियां रीना दत्ता और किरण भी इस शादी में पहुंच सकती हैं। आमिर की पिछली दो शादियां भले ही नाकाम रहीं, लेकिन वो आज भी दोनों को जिंदगी के अहम किरदार मानते हैं। आमिर महज 20 साल के थे, जब उन्हें पड़ोस में रहने वालीं रीना से प्यार हो गया। तब वो फिल्मों में नहीं आए थे। घरवालों से चोरी-छिपे मुलाकात होना और घरवालों का गुस्सा, आमिर के खाते में आया। उन्होंने हार नहीं मानी और फिल्मी हीरो की तरह दुनिया की नजरों से छिपकर कोर्ट में शादी कर ली, जिसमें 10 रुपए खर्चा आया। दोनों कानूनी तौर पर पति-पत्नी बने, लेकिन दुनिया की नजरों में अपनी-अपनी जिंदगी जीते थे। संघर्ष लंबा रहा, लेकिन फिर दुनिया उनके प्यार के आगे झुकी और उनके रिश्ते को स्वीकार कर लिया। दोनों के 2 बच्चे आयरा और जुनैद हुए। शादी के 15 साल बाद ये रिश्ता टूट गया। आमिर के लिए ये असहनीय था। उन्होंने शराब का सहारा लिया और खुद को दुनिया से छिपा लिया, लेकिन कभी पहली पत्नी रीना और परिवार पर आंच नहीं आने दी। कुछ समय बाद आमिर की जिंदगी में एक रोज किरण राव की एंट्री हुई, जो उन्हीं की फिल्म की असिस्टेंट डायरेक्टर थीं। न कोई प्यार-मोहब्बत की बातें हुईं, न इजहार, न फैंसी डेट और न कोई प्लानिंग। कहानी महज एक आधे घंटे के कॉल से शुरू हुई। और फिर क्या था चट मंगनी और पट ब्याह। इस शादी से एक बेटा आजाद हुआ, लेकिन 2021 में दोनों ने अपनी-अपनी जिंदगियों को अहमियत देते हुए शादी तोड़ दी। लेकिन दोस्ती और एहसास बरकरार रहा। अब आमिर 61 की उम्र में गौरी स्प्रैट से शादी कर रहे हैं। गौरी तलाकशुदा हैं, जिनकी पिछली शादी से एक बेटा है। आज आमिर की तीसरी शादी के खास मौके पर, जानिए उनकी जिंदगी के इन 3 सबसे अहम चैप्टर्स की कहानी- आमिर महज 20 साल के थे। वो बॉम्बे की जिस बिल्डिंग के चौथे माले पर रहते थे, उसके ठीक सामने एयर इंडिया की बिल्डिंग थी। दोनों का फासला महज 100 मीटर था। एक दिन खिड़की पर खड़े आमिर की नजर सामने की बिल्डिंग की खिड़की पर पड़ी। सामने उन्हें गोरी-खूबसूरत लड़की दिखी। पहली नजर में ही आमिर को वो लड़की इस कदर पसंद आई कि उनका ज्यादातर समय खिड़की पर ही कटने लगा। कुछ दिनों बाद आमिर ने गौर किया कि वो लड़की भी देर तक खिड़की पर ही दिखती है, कहीं उसे भी वो पसंद तो नहीं करती। आमिर की शिल्पा नाम की दोस्त भी उसी बिल्डिंग में रहती थी। आमिर ने नाम पता किया, जो था रीना दत्ता। आमिर ने एक दिन शिल्पा से कहा- मुझे वो लड़की बहुत पसंद है, लेकिन वो हमेशा भीड़ में रहती है। वो तुम्हारी दोस्त है, उसे दुकान से सामान लेने के बहाने साथ लेकर निकलो और बुक्स लेने के बहाने मेरे घर ले आना। ठीक ऐसा ही हुआ, शिल्पा, रीना को आमिर के घर ले आईं। तीनों बेडरूम में बैठे और फिर शिल्पा, विक्की नाम के दोस्त से अर्जेंट काम के बहाने 2 मिनट का समय मांगकर वहां से निकल गईं। आमिर ने रीना को सच बता दिया कि इस कमरे में होना कोई संयोग नहीं बल्कि प्लान है। जवाब मिला- मैं समझ गई थी। आमिर ने झट से कहा- रीना, मैं आपको बहुत पसंद करता हूं। जवाब मिला- मुझे कोई इंट्रेस्ट नहीं। आमिर ने दबाव देकर पूछा, तब भी रीना ने यही कहा- मुझे दोस्ती नहीं करनी, कभी आगे फैसला बदला तो जरूर बताऊंगी। आमिर उदास हो गए और बस इतना ही कहा- चलो अब हम भी विक्की के घर ही चलते हैं। कुछ दिन बाद आमिर ने दोस्त के जरिए फिर रीना को मैसेज भेजा कि वो उनसे बस एक बार मिलना चाहते हैं। बात बन गई। आमिर ने रीना को कॉलेज से पिक किया और कैफे ले गए। आमिर ने सीधे पूछा- मुझे यकीन नहीं होता कि आप मुझे पसंद नहीं करतीं। अगर ऐसा है, तो आप घंटों मुझे देखते हुए खिड़की पर क्यों खड़ी रहती थीं। रीना का जवाब शॉकिंग था, उन्होंने कहा- बस ऐसे ही फन के लिए। आमिर का दिल टूट गया, उन्हों खिड़की पर जाना ही बंद कर दिया। एक महीने बाद बस स्टॉप के पास उनका रीना से सामना हुआ। आमिर हाय-हैलो कर आगे बढ़ गए कि पीछे से आवाज आई- आमिर। वो पलटे तो रीना घबराई हुई पास आईं और कहा- मुझे तुमसे जरूरी बात करनी है। उन्होंने कहा- बताओ। रीना ने कहा- यहां नहीं, कल घर आऊंगी। 7 सितंबर 1985 को घर आते ही रीना ने कहा- मैं भी तुम्हें पसंद करती हूं। मैं उस दिन डर गई थी। पेरेंट्स स्ट्रिक्ट हैं, इसलिए न कहा था। रिश्ता शुरू हुआ। दोनों खिड़कियों से इशारों में बात करते और मौका पाते ही टेलीफोन पर बातें करते। 1986 की 1 जनवरी को रीना और आमिर ने आधे घंटे कॉल पर बात की और रीना की मम्मी ने एक्सेंटशन फोन से पूरी बात सुन ली। आमिर को घर बुलाया गया। रीना की मां ने आमिर को डांटकर भगा दिया और कहा कि 2 दिन बाद रीना के पिता बात करेंगे। जब तक आमिर घर पहुंचे, सारी खिड़कियां बंद कर दी गईं। रीना को घर में बंद कर दिया गया। 4-5 दिन बाद एक रोज आमिर ने एक आधी खुली खिड़की से रीना को रोते देखा और आग बबूला हो गए। उन्होंने कॉल कर रीना की मां से मिन्नतें कीं, लेकिन बात नहीं बनी। कुछ दिन बाद रीना के छोटे भाई-बहन आमिर को समझाने पहुंचे कि रीना से दूर रहो। उल्टा गुस्से में आमिर रीना के घर पहुंच गए। रीना के मां-बाप ने धमकी दी कि मेरी बेटी से दूर रहो वर्ना टांगे तुड़वा दी जाएंगी। आमिर घर
डेब्यू कैप मिलते ही रो पड़े वैभव सूर्यवंशी:भारत के सबसे युवा क्रिकेटर बने, इंग्लैंड का भारत के खिलाफ सबसे बड़ा रनचेज

वैभव सूर्यवंशी भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे कम उम्र के क्रिकेटर बन गए। उन्होंने 15 साल 99 दिन में पहला मैच खेलकर सचिन तेंदुलकर और शेफाली वर्मा का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मैनचेस्टर में तिलक वर्मा ने वैभव को डेब्यू कैप दी। इसके बाद वे भावुक होकर रो पड़े। हालांकि, उनका पहला इंटरनेशनल मैच जीत के साथ यादगार नहीं बन सका। इंग्लैंड ने 191 रन का टारगेट 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया। यह टी-20 में भारत के खिलाफ इंग्लैंड का सबसे बड़ा रनचेज भी रहा। मुकाबले में कई यादगार मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स देखने को मिले। IND Vs ENG मैच के रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स 1. वैभव ने 15 साल 99 दिन की उम्र में डेब्यू किया वैभव इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले भारत के यंगेस्ट क्रिकेटर बने। उन्होंने 15 साल 99 दिन की उम्र में पहला मैच खेला। वैभव ने शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा। शेफाली ने 15 साल 239 दिन और सचिन ने 16 साल 205 दिन की उम्र में भारत के लिए पहला मैच खेला था। 2. वैभव इंटरनेशनल में डेब्यू करने वाले दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी वैभव इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले दूसरे यंगेस्ट प्लेयर बने। पाकिस्तान के हसन रजा सबसे युवा खिलाड़ी हैं। उन्होंने 1996 में जिम्बाब्वे के खिलाफ 14 साल 227 दिन की उम्र में डेब्यू किया था। 3. वैभव टी-20 डेब्यू पर स्टंप आउट होने वाले पहले भारतीय वैभव टी-20 डेब्यू पर स्टंप आउट होने वाले पहले भारतीय बन गए। उन्हें विल जैक्स की गेंद पर जोस बटलर ने स्टंप आउट किया। 3. इंग्लैंड का भारत के खिलाफ सबसे बड़ा रनचेज इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ टी-20 में अपना सबसे बड़ा टारगेट चेज किया। उन्होंने 191 का टारगेट हासिल करते हुए 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। टीम ने 2012 में भारत के खिलाफ मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम पर 178 रन का टारगेट हासिल किया था। 4. रवि बिश्नोई ने एक ओवर में 29 रन दिए रवि बिश्नोई टी-20 में सबसे मंहगा ओवर डालने वाले तीसरे भारतीय बने। उन्होंने पारी के 17वें ओवर में 29 रन दिए। बिश्नोई ने इस ओवर में 2 साइड नो बॉल डाली। वहीं बेथेल ने ओवर में 3 छक्के जड़ दिए। टी-20 में भारत के लिए सबसे महंगा ओवर शिवम दुबे ने डाला है। उन्होंने 2020 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 34 रन दिए थे। यहां से टॉप मोमेंट्स… 1. वैभव को तिलक ने डेब्यू कैप दिया, सूर्यवंशी भावुक हुए वैभव को उप कप्तान तिलक वर्मा ने भारतीय कैप दी। सभी खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ ने तालियां बजाकर उनको बधाई दी। इसके बाद अभिषेक, ईशान, अर्शदीप सहित कई खिलाड़ियों वैभव की पीठ थपथपाई। कैप मिलने के बाद वैभव भावुक हो गए। 2. टॉस के समय श्रेयस की कैप हवा में उड़ी टॉस के समय भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर की कैप हवा में उड़ गई। इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने सिक्का हवा में उछाला। श्रेयस ने कॉल किया। इसी दौरान तेज हवा से उनकी टोपी उड़कर पीछे जा गिरी। 3. वैभव ने जोफ्रा की गेंद पर पहला इंटरनेशन सिक्स लगाया वैभव ने इंटरनेशनल क्रिकेट की सिर्फ तीसरी गेंद पर छक्का जड़ दिया। भारतीय पारी के तीसरे ओवर में जोफ्रा आर्चर पहली बार वैभव के सामने आए। वैभव ने घुटना टेकते हुए पहली ही गेंद को विकेटकीपर के सिर के ऊपर से बाउंड्री लाइन के बाहर भेज दिया। यह उनके इंटरनेशनल करियर का पहला छक्का था। 4. हैरी ब्रूक ने वैभव के जूते का फीता बांधा मैच की शुरुआत में वैभव के जूते का फीता खुल गया। इसके बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक उनकी मदद के लिए आए। उन्होंने वैभव के जूते का फीता बांधा। 5. आर्चर ने तिलक का कैच ड्रॉप किया भारतीय पारी के 18वें ओवर में सैम करन की चौथी गेंद पर तिलक वर्मा ने बड़ा शॉट खेला। गेंद डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग पर खड़े जोफ्रा आर्चर के पास गई। उन्होंने डाइव लगाकर कैच तो पकड़ा, लेकिन उन्होंने तुरंत रिप्ले का इशारा किया। रिप्ले में दिखा कि आर्चर के हाथों में जाने पहले गेंद जमीन को छू गई थी। तब तिलक सिर्फ 1 रन बनाकर खेल रहे थे। 6. पारी की पहली गेंद पर सॉल्ट आउट अर्शदीप सिंह ने पारी की पहली गेंद पर ही भारत को विकेट दिलाया। इंग्लैंड के ओपनर फिल सॉल्ट बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। अर्शदीप की अतिरिक्त उछाल लेती हुई बाहर जाती गेंद पर सॉल्ट ने कट शॉट खेलने का प्रयास किया। गेंद ने बल्ले का बाहरी किनारा लिया और विकेटकीपर ईशान किशन के दस्तानों में चली गई। 7. बिश्नोई ने 3 बार साइड लाइन नो बॉल डाली रवि बिश्नोई ने मैच में अपनी पहली गेंद ही नो बॉल डाली। रनअप के दौरान उनका पैर साइड लाइन के बाहर चला गया। इसे अंपायर ने नो बॉल करार दिया। इसके बाद 17वें ओवर में भी दो बार उनका पैर साइड लाइन के बाहर चला गया। इस ओवर की दोनों फ्री हिट बॉल पर बेथेल ने छक्का जड़ा।
इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल आज:लॉर्ड्स में टूर्नामेंट की दो अजेय टीमें आमने-सामने; इंग्लैंड दूसरे, ऑस्ट्रेलिया सातवें खिताब की तलाश में

विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप का फाइनल इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच लॉर्ड्स में खेला जाएगा। मेजबान इंग्लैंड एक बार 2009 में और ऑस्ट्रेलिया 6 बार यह टूर्नामेंट जीत चुकी हैं। खास बात यह है कि दोनों टीमें पूरे टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही हैं। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया 6-6 मैच जीतकर फाइनल में पहुंची हैं। ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल में इंग्लैंड को तीन बार हराया दोनों टीमों के बीच अब तक 45 टी-20 इंटरनेशनल खेले गए हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया ने 23 और इंग्लैंड ने 21 मैच जीते हैं। एक मैच बेनतीजा रहा है। विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में दोनों के बीच 7 मुकाबले हुए हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया ने 5 और इंग्लैंड ने 2 मैच जीते हैं। दोनों टीमें चौथी बार वर्ल्ड कप फाइनल में भिड़ेंगी। इससे पहले 2012, 2014 और 2018 के तीनों फाइनल ऑस्ट्रेलिया ने जीते थे। हालांकि, इंग्लैंड ने लॉर्ड्स में खेले चारों टी-20 इंटरनेशनल जीते हैं। दोनों टीमों ने बिना हारे तय किया फाइनल का सफर ऑस्ट्रेलिया ने ग्रुप स्टेज में साउथ अफ्रीका, बांग्लादेश, नीदरलैंड, पाकिस्तान और भारत को हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से मात देकर फाइनल में जगह बनाई। दूसरी ओर इंग्लैंड ने श्रीलंका, आयरलैंड, स्कॉटलैंड, वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड को हराया। सेमीफाइनल में उसने साउथ अफ्रीका को 40 रन से हराकर खिताबी मुकाबले का टिकट कटाया। पेरी की फिटनेस पर नजर ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे बड़ा सवाल ऑलराउंडर एलिस पेरी की फिटनेस है। वेस्टइंडीज के खिलाफ सेमीफाइनल में वह क्वाड्रिसेप्स में परेशानी के कारण रिटायर्ड हर्ट हो गई थीं। हालांकि फाइनल से पहले उन्होंने नेट्स में प्रैक्टिस की। इंग्लैंड को भी सेमीफाइनल से पहले राहत मिली थी। कप्तान नैट सिवर-ब्रंट चोट से लौटते ही साउथ अफ्रीका के खिलाफ 47 गेंदों में 75 रन की मैच जिताऊ पारी खेली थी। लॉर्ड्स की पिच पर तेज गेंदबाजों को मदद लॉर्ड्स की पिच इस वर्ल्ड कप में तेज गेंदबाजों के लिए सबसे मददगार रही है। यहां नई गेंद से सीम मूवमेंट और उछाल दोनों देखने को मिले हैं। तेज गेंदबाजों की इकोनॉमी पूरे टूर्नामेंट में सबसे बेहतर रही है। हालांकि, इसी मैदान पर ऑस्ट्रेलिया ने ग्रुप स्टेज में भारत के खिलाफ 171 रन का वर्ल्ड कप में सबसे बड़ा टारगेट हासिल किया था। स्पिन बनाम टॉप ऑर्डर की होगी जंग इस टूर्नामेंट में स्पिनरों का दबदबा रहा है। ऑस्ट्रेलिया की सोफी मोलिन्यू (10 विकेट) और जॉर्जिया वेयरहैम (7 विकेट) शानदार फॉर्म में हैं। वहीं इंग्लैंड की सोफी एक्लस्टन और चार्ली डीन 9-9 विकेट ले चुकी हैं। इन खिलाड़ियों पर रहेगी नजर ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड रिकॉर्ड्स पर भी नजर पॉसिबल प्लेइंग-11 ऑस्ट्रेलिया: बेथ मूनी (विकेटकीपर), जॉर्जिया वोल, फोएबे लिचफील्ड, एलिस पेरी, ऐश गार्डनर, जॉर्जिया वेयरहैम, एनाबेल सदरलैंड, निकोला कैरी, सोफी मोलिन्यू (कप्तान), किम गर्थ, लूसी हैमिल्टन। इंग्लैंड: डैनी हॉज, एमी जोन्स (विकेटकीपर), नैट स्किवर-ब्रंट (कप्तान), एलिस कैप्सी, हीदर नाइट, फ्रेया केम्प, डैनी गिब्सन, चार्ली डीन, सोफी एक्लेस्टोन, लिंसी स्मिथ, लॉरेन बेल।
डेब्यू कैप मिलते ही रो पड़े वैभव सूर्यवंशी:भारत के सबसे युवा क्रिकेटर बने, इंग्लैंड का भारत के खिलाफ सबसे बड़ा रनचेज

वैभव सूर्यवंशी भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे कम उम्र के क्रिकेटर बन गए। उन्होंने 15 साल 99 दिन में पहला मैच खेलकर सचिन तेंदुलकर और शेफाली वर्मा का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मैनचेस्टर में तिलक वर्मा ने वैभव को डेब्यू कैप दी। इसके बाद वे भावुक होकर रो पड़े। हालांकि, उनका पहला इंटरनेशनल मैच जीत के साथ यादगार नहीं बन सका। इंग्लैंड ने 191 रन का टारगेट 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया। यह टी-20 में भारत के खिलाफ इंग्लैंड का सबसे बड़ा रनचेज भी रहा। मुकाबले में कई यादगार मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स देखने को मिले। IND Vs ENG मैच के रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स 1. वैभव ने 15 साल 99 दिन की उम्र में डेब्यू किया वैभव इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले भारत के यंगेस्ट क्रिकेटर बने। उन्होंने 15 साल 99 दिन की उम्र में पहला मैच खेला। वैभव ने शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा। शेफाली ने 15 साल 239 दिन और सचिन ने 16 साल 205 दिन की उम्र में भारत के लिए पहला मैच खेला था। 2. वैभव इंटरनेशनल में डेब्यू करने वाले चौथे सबसे युवा खिलाड़ी वैभव इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले चौथे सबसे युवा खिलाड़ी बने हैं। जर्सी की निया चार्लोट ग्रेग सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाली क्रिकेटर हैं। उन्होंने 2019 में 11 साल, 40 दिन की उम्र में पहला टी-20 इंटरनेशनल खेला था। उनके नाम सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है। पुरुषों में रोमानिया के मारियन गेरासिम सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले पुरुष क्रिकेटर हैं। उन्होंने 2020 में 14 साल और 16 दिन की उम्र में पहला टी-20 इंटरनेशनल खेला था। 3. वैभव टी-20 डेब्यू पर स्टंप आउट होने वाले पहले भारतीय वैभव टी-20 डेब्यू पर स्टंप आउट होने वाले पहले भारतीय बन गए। उन्हें विल जैक्स की गेंद पर जोस बटलर ने स्टंप आउट किया। 3. इंग्लैंड का भारत के खिलाफ सबसे बड़ा रनचेज इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ टी-20 में अपना सबसे बड़ा टारगेट चेज किया। उन्होंने 191 का टारगेट हासिल करते हुए 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। टीम ने 2012 में भारत के खिलाफ मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम पर 178 रन का टारगेट हासिल किया था। 4. रवि बिश्नोई ने एक ओवर में 29 रन दिए रवि बिश्नोई टी-20 में सबसे मंहगा ओवर डालने वाले तीसरे भारतीय बने। उन्होंने पारी के 17वें ओवर में 29 रन दिए। बिश्नोई ने इस ओवर में 2 साइड नो बॉल डाली। वहीं बेथेल ने ओवर में 3 छक्के जड़ दिए। टी-20 में भारत के लिए सबसे महंगा ओवर शिवम दुबे ने डाला है। उन्होंने 2020 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 34 रन दिए थे। यहां से टॉप मोमेंट्स… 1. वैभव को तिलक ने डेब्यू कैप दिया, सूर्यवंशी भावुक हुए वैभव को उप कप्तान तिलक वर्मा ने भारतीय कैप दी। सभी खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ ने तालियां बजाकर उनको बधाई दी। इसके बाद अभिषेक, ईशान, अर्शदीप सहित कई खिलाड़ियों वैभव की पीठ थपथपाई। कैप मिलने के बाद वैभव भावुक हो गए। 2. टॉस के समय श्रेयस की कैप हवा में उड़ी टॉस के समय भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर की कैप हवा में उड़ गई। इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने सिक्का हवा में उछाला। श्रेयस ने कॉल किया। इसी दौरान तेज हवा से उनकी टोपी उड़कर पीछे जा गिरी। 3. वैभव ने जोफ्रा की गेंद पर पहला इंटरनेशन सिक्स लगाया वैभव ने इंटरनेशनल क्रिकेट की सिर्फ तीसरी गेंद पर छक्का जड़ दिया। भारतीय पारी के तीसरे ओवर में जोफ्रा आर्चर पहली बार वैभव के सामने आए। वैभव ने घुटना टेकते हुए पहली ही गेंद को विकेटकीपर के सिर के ऊपर से बाउंड्री लाइन के बाहर भेज दिया। यह उनके इंटरनेशनल करियर का पहला छक्का था। 4. हैरी ब्रूक ने वैभव के जूते का फीता बांधा मैच की शुरुआत में वैभव के जूते का फीता खुल गया। इसके बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक उनकी मदद के लिए आए। उन्होंने वैभव के जूते का फीता बांधा। 5. आर्चर ने तिलक का कैच ड्रॉप किया भारतीय पारी के 18वें ओवर में सैम करन की चौथी गेंद पर तिलक वर्मा ने बड़ा शॉट खेला। गेंद डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग पर खड़े जोफ्रा आर्चर के पास गई। उन्होंने डाइव लगाकर कैच तो पकड़ा, लेकिन उन्होंने तुरंत रिप्ले का इशारा किया। रिप्ले में दिखा कि आर्चर के हाथों में जाने पहले गेंद जमीन को छू गई थी। तब तिलक सिर्फ 1 रन बनाकर खेल रहे थे। 6. पारी की पहली गेंद पर सॉल्ट आउट अर्शदीप सिंह ने पारी की पहली गेंद पर ही भारत को विकेट दिलाया। इंग्लैंड के ओपनर फिल सॉल्ट बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। अर्शदीप की अतिरिक्त उछाल लेती हुई बाहर जाती गेंद पर सॉल्ट ने कट शॉट खेलने का प्रयास किया। गेंद ने बल्ले का बाहरी किनारा लिया और विकेटकीपर ईशान किशन के दस्तानों में चली गई। 7. बिश्नोई ने 3 बार साइड लाइन नो बॉल डाली रवि बिश्नोई ने मैच में अपनी पहली गेंद ही नो बॉल डाली। रनअप के दौरान उनका पैर साइड लाइन के बाहर चला गया। इसे अंपायर ने नो बॉल करार दिया। इसके बाद 17वें ओवर में भी दो बार उनका पैर साइड लाइन के बाहर चला गया। इस ओवर की दोनों फ्री हिट बॉल पर बेथेल ने छक्का जड़ा।
इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल आज:लॉर्ड्स में टूर्नामेंट की दो अजेय टीमें आमने-सामने; इंग्लैंड दूसरे, ऑस्ट्रेलिया सातवें खिताब की तलाश में

विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप का फाइनल इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच लॉर्ड्स में खेला जाएगा। मेजबान इंग्लैंड एक बार 2009 में और ऑस्ट्रेलिया 6 बार यह टूर्नामेंट जीत चुकी हैं। खास बात यह है कि दोनों टीमें पूरे टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही हैं। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया 6-6 मैच जीतकर फाइनल में पहुंची हैं। ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल में इंग्लैंड को तीन बार हराया दोनों टीमों के बीच अब तक 45 टी-20 इंटरनेशनल खेले गए हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया ने 23 और इंग्लैंड ने 21 मैच जीते हैं। एक मैच बेनतीजा रहा है। विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में दोनों के बीच 7 मुकाबले हुए हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया ने 5 और इंग्लैंड ने 2 मैच जीते हैं। दोनों टीमें चौथी बार वर्ल्ड कप फाइनल में भिड़ेंगी। इससे पहले 2012, 2014 और 2018 के तीनों फाइनल ऑस्ट्रेलिया ने जीते थे। हालांकि, इंग्लैंड ने लॉर्ड्स में खेले चारों टी-20 इंटरनेशनल जीते हैं। दोनों टीमों ने बिना हारे तय किया फाइनल का सफर ऑस्ट्रेलिया ने ग्रुप स्टेज में साउथ अफ्रीका, बांग्लादेश, नीदरलैंड, पाकिस्तान और भारत को हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से मात देकर फाइनल में जगह बनाई। दूसरी ओर इंग्लैंड ने श्रीलंका, आयरलैंड, स्कॉटलैंड, वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड को हराया। सेमीफाइनल में उसने साउथ अफ्रीका को 40 रन से हराकर खिताबी मुकाबले का टिकट कटाया। पेरी की फिटनेस पर नजर ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे बड़ा सवाल ऑलराउंडर एलिस पेरी की फिटनेस है। वेस्टइंडीज के खिलाफ सेमीफाइनल में वह क्वाड्रिसेप्स में परेशानी के कारण रिटायर्ड हर्ट हो गई थीं। हालांकि फाइनल से पहले उन्होंने नेट्स में प्रैक्टिस की। इंग्लैंड को भी सेमीफाइनल से पहले राहत मिली थी। कप्तान नैट सिवर-ब्रंट चोट से लौटते ही साउथ अफ्रीका के खिलाफ 47 गेंदों में 75 रन की मैच जिताऊ पारी खेली थी। लॉर्ड्स की पिच पर तेज गेंदबाजों को मदद लॉर्ड्स की पिच इस वर्ल्ड कप में तेज गेंदबाजों के लिए सबसे मददगार रही है। यहां नई गेंद से सीम मूवमेंट और उछाल दोनों देखने को मिले हैं। तेज गेंदबाजों की इकोनॉमी पूरे टूर्नामेंट में सबसे बेहतर रही है। हालांकि, इसी मैदान पर ऑस्ट्रेलिया ने ग्रुप स्टेज में भारत के खिलाफ 171 रन का वर्ल्ड कप में सबसे बड़ा टारगेट हासिल किया था। स्पिन बनाम टॉप ऑर्डर की होगी जंग इस टूर्नामेंट में स्पिनरों का दबदबा रहा है। ऑस्ट्रेलिया की सोफी मोलिन्यू (10 विकेट) और जॉर्जिया वेयरहैम (7 विकेट) शानदार फॉर्म में हैं। वहीं इंग्लैंड की सोफी एक्लस्टन और चार्ली डीन 9-9 विकेट ले चुकी हैं। इन खिलाड़ियों पर रहेगी नजर ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड रिकॉर्ड्स पर भी नजर पॉसिबल प्लेइंग-11 ऑस्ट्रेलिया: बेथ मूनी (विकेटकीपर), जॉर्जिया वोल, फोएबे लिचफील्ड, एलिस पेरी, ऐश गार्डनर, जॉर्जिया वेयरहैम, एनाबेल सदरलैंड, निकोला कैरी, सोफी मोलिन्यू (कप्तान), किम गर्थ, लूसी हैमिल्टन। इंग्लैंड: डैनी हॉज, एमी जोन्स (विकेटकीपर), नैट स्किवर-ब्रंट (कप्तान), एलिस कैप्सी, हीदर नाइट, फ्रेया केम्प, डैनी गिब्सन, चार्ली डीन, सोफी एक्लेस्टोन, लिंसी स्मिथ, लॉरेन बेल।
आज गौरी से शादी करेंगे आमिर खान:20 की उम्र में घरवालों से छिपकर पड़ोसी से पहली कोर्ट मैरिज की, जानिए 3 अहम रिश्तों की कहानी

मशहूर कहावत है कि ‘दूसरा मौका सिर्फ कहानियां देती हैं, जिंदगी नहीं’, लेकिन बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने ये कहावत गलत साबित कर दी। दो नाकाम शादियों के बाद आमिर ने जिंदगी को नया मौका दिया है और आज वो 61 की उम्र में गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से शादी कर रहे हैं। दोनों आमिर के घर में रजिस्टर्ड मैरिज करेंगे, जिसमें परिवार के लोगों के अलावा चुनिंदा करीबी दोस्त शामिल होंगे। आमिर की पूर्व पत्नियां रीना दत्ता और किरण भी इस शादी में पहुंच सकती हैं। आमिर की पिछली दो शादियां भले ही नाकाम रहीं, लेकिन वो आज भी दोनों को जिंदगी के अहम किरदार मानते हैं। आमिर महज 20 साल के थे, जब उन्हें पड़ोस में रहने वालीं रीना से प्यार हो गया। तब वो फिल्मों में नहीं आए थे। घरवालों से चोरी-छिपे मुलाकात होना और घरवालों का गुस्सा, आमिर के खाते में आया। उन्होंने हार नहीं मानी और फिल्मी हीरो की तरह दुनिया की नजरों से छिपकर कोर्ट में शादी कर ली, जिसमें 10 रुपए खर्चा आया। दोनों कानूनी तौर पर पति-पत्नी बने, लेकिन दुनिया की नजरों में अपनी-अपनी जिंदगी जीते थे। संघर्ष लंबा रहा, लेकिन फिर दुनिया उनके प्यार के आगे झुकी और उनके रिश्ते को स्वीकार कर लिया। दोनों के 2 बच्चे आयरा और जुनैद हुए। शादी के 15 साल बाद ये रिश्ता टूट गया। आमिर के लिए ये असहनीय था। उन्होंने शराब का सहारा लिया और खुद को दुनिया से छिपा लिया, लेकिन कभी पहली पत्नी रीना और परिवार पर आंच नहीं आने दी। कुछ समय बाद आमिर की जिंदगी में एक रोज किरण राव की एंट्री हुई, जो उन्हीं की फिल्म की असिस्टेंट डायरेक्टर थीं। न कोई प्यार-मोहब्बत की बातें हुईं, न इजहार, न फैंसी डेट और न कोई प्लानिंग। कहानी महज एक आधे घंटे के कॉल से शुरू हुई। और फिर क्या था चट मंगनी और पट ब्याह। इस शादी से एक बेटा आजाद हुआ, लेकिन 2021 में दोनों ने अपनी-अपनी जिंदगियों को अहमियत देते हुए शादी तोड़ दी। लेकिन दोस्ती और एहसास बरकरार रहा। अब आमिर 61 की उम्र में गौरी स्प्रैट से शादी कर रहे हैं। गौरी तलाकशुदा हैं, जिनकी पिछली शादी से एक बेटा है। आज आमिर की तीसरी शादी के खास मौके पर, जानिए उनकी जिंदगी के इन 3 सबसे अहम चैप्टर्स की कहानी- आमिर महज 20 साल के थे। वो बॉम्बे की जिस बिल्डिंग के चौथे माले पर रहते थे, उसके ठीक सामने एयर इंडिया की बिल्डिंग थी। दोनों का फासला महज 100 मीटर था। एक दिन खिड़की पर खड़े आमिर की नजर सामने की बिल्डिंग की खिड़की पर पड़ी। सामने उन्हें गोरी-खूबसूरत लड़की दिखी। पहली नजर में ही आमिर को वो लड़की इस कदर पसंद आई कि उनका ज्यादातर समय खिड़की पर ही कटने लगा। कुछ दिनों बाद आमिर ने गौर किया कि वो लड़की भी देर तक खिड़की पर ही दिखती है, कहीं उसे भी वो पसंद तो नहीं करती। आमिर की शिल्पा नाम की दोस्त भी उसी बिल्डिंग में रहती थी। आमिर ने नाम पता किया, जो था रीना दत्ता। आमिर ने एक दिन शिल्पा से कहा- मुझे वो लड़की बहुत पसंद है, लेकिन वो हमेशा भीड़ में रहती है। वो तुम्हारी दोस्त है, उसे दुकान से सामान लेने के बहाने साथ लेकर निकलो और बुक्स लेने के बहाने मेरे घर ले आना। ठीक ऐसा ही हुआ, शिल्पा, रीना को आमिर के घर ले आईं। तीनों बेडरूम में बैठे और फिर शिल्पा, विक्की नाम के दोस्त से अर्जेंट काम के बहाने 2 मिनट का समय मांगकर वहां से निकल गईं। आमिर ने रीना को सच बता दिया कि इस कमरे में होना कोई संयोग नहीं बल्कि प्लान है। जवाब मिला- मैं समझ गई थी। आमिर ने झट से कहा- रीना, मैं आपको बहुत पसंद करता हूं। जवाब मिला- मुझे कोई इंट्रेस्ट नहीं। आमिर ने दबाव देकर पूछा, तब भी रीना ने यही कहा- मुझे दोस्ती नहीं करनी, कभी आगे फैसला बदला तो जरूर बताऊंगी। आमिर उदास हो गए और बस इतना ही कहा- चलो अब हम भी विक्की के घर ही चलते हैं। कुछ दिन बाद आमिर ने दोस्त के जरिए फिर रीना को मैसेज भेजा कि वो उनसे बस एक बार मिलना चाहते हैं। बात बन गई। आमिर ने रीना को कॉलेज से पिक किया और कैफे ले गए। आमिर ने सीधे पूछा- मुझे यकीन नहीं होता कि आप मुझे पसंद नहीं करतीं। अगर ऐसा है, तो आप घंटों मुझे देखते हुए खिड़की पर क्यों खड़ी रहती थीं। रीना का जवाब शॉकिंग था, उन्होंने कहा- बस ऐसे ही फन के लिए। आमिर का दिल टूट गया, उन्हों खिड़की पर जाना ही बंद कर दिया। एक महीने बाद बस स्टॉप के पास उनका रीना से सामना हुआ। आमिर हाय-हैलो कर आगे बढ़ गए कि पीछे से आवाज आई- आमिर। वो पलटे तो रीना घबराई हुई पास आईं और कहा- मुझे तुमसे जरूरी बात करनी है। उन्होंने कहा- बताओ। रीना ने कहा- यहां नहीं, कल घर आऊंगी। 7 सितंबर 1985 को घर आते ही रीना ने कहा- मैं भी तुम्हें पसंद करती हूं। मैं उस दिन डर गई थी। पेरेंट्स स्ट्रिक्ट हैं, इसलिए न कहा था। रिश्ता शुरू हुआ। दोनों खिड़कियों से इशारों में बात करते और मौका पाते ही टेलीफोन पर बातें करते। 1986 की 1 जनवरी को रीना और आमिर ने आधे घंटे कॉल पर बात की और रीना की मम्मी ने एक्सेंटशन फोन से पूरी बात सुन ली। आमिर को घर बुलाया गया। रीना की मां ने आमिर को डांटकर भगा दिया और कहा कि 2 दिन बाद रीना के पिता बात करेंगे। जब तक आमिर घर पहुंचे, सारी खिड़कियां बंद कर दी गईं। रीना को घर में बंद कर दिया गया। 4-5 दिन बाद एक रोज आमिर ने एक आधी खुली खिड़की से रीना को रोते देखा और आग बबूला हो गए। उन्होंने कॉल कर रीना की मां से मिन्नतें कीं, लेकिन बात नहीं बनी। कुछ दिन बाद रीना के छोटे भाई-बहन आमिर को समझाने पहुंचे कि रीना से दूर रहो। उल्टा गुस्से में आमिर रीना के घर पहुंच गए। रीना के मां-बाप ने धमकी दी कि मेरी बेटी से दूर रहो वर्ना टांगे तुड़वा दी जाएंगी। आमिर घर
BLA का दावा- हमले में 30 पाकिस्तानी जवान मारे:कैंप में विस्फोटकों से भरी गाड़ी से ब्लास्ट किया; पाकिस्तान सरकार ने पुष्टि नहीं की

बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के ग्वादर जिले के जिवानी इलाके में पाकिस्तान कोस्ट गार्ड्स के कैंप पर हमला किया है। BLA के मुताबिक, 3 जुलाई की शाम करीब 6:32 बजे उसके मजीद ब्रिगेड के एक हमलावर ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी को कैंप में घुसाकर विस्फोट कर दिया। संगठन का दावा है कि इस हमले में 30 से ज्यादा गार्ड्स मारे गए और दर्जनों घायल हुए हैं। हालांकि, पाकिस्तान सरकार या सेना ने अब तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। कई सुरक्षाकर्मी मलबे में दबे हो सकते हैं BLA ने दावा किया कि विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि पाकिस्तान कोस्ट गार्ड्स का कैंप पूरी तरह तबाह हो गया। संगठन के मुताबिक, धमाके के तुरंत बाद उसके फतेह स्क्वाड के लड़ाकों ने कैंप पर हमला किया और बच गए सुरक्षाकर्मियों को नजदीक से निशाना बनाया। BLA ने कहा कि मलबे में कई सुरक्षाकर्मी दबे हो सकते हैं, इसलिए मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। BLA के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। हमलावर की पहचान अत्ताउल्लाह बलोच के रूप में हुई BLA ने अपने बयान में दावा किया कि हमलावर की पहचान अत्ताउल्लाह बलोच उर्फ अजमल के रूप में हुई है, जिसे संगठन ने अपने मजीद ब्रिगेड का सदस्य बताया। BLA का कहना है कि वह इस ऑपरेशन से जुड़ी अधिक जानकारी और वीडियो अपने आधिकारिक चैनलों के जरिए जारी करेगा। BLA बलूचिस्तान की आजादी के लिए लड़ रहा बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) एक संगठन है जो पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की स्वतंत्रता के लिए लड़ रहा है। इसकी स्थापना 2000 के दशक की शुरुआत में हुई और इसे कई देशों द्वारा आतंकी संगठन भी घोषित किया गया है। BLA का दावा है कि बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का शोषण हो रहा है और बलूच लोगों के अधिकार छीन लिए गए हैं। यह संगठन पाकिस्तानी सेना, सरकार और चीनी प्रोजेक्ट्स जैसे CPEC को निशाना बनाता रहा है। BLA अपनी गुरिल्ला शैली के लिए जाना जाता है। यानी पहाड़ी इलाकों में छिपकर सेना पर हमला करना और तुरंत वापस लौट जाना। CPEC का अहम केंद्र है ग्वादर ग्वादर जिला पाकिस्तान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण डीप-सी पोर्ट का केंद्र है और हाल के सालों में उग्रवादी गतिविधियों का प्रमुख निशाना रहा है। यह इलाका चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) का अहम हिस्सा है। अरबों डॉलर की इस बुनियादी ढांचा परियोजना को बलूचिस्तान में सक्रिय अलगाववादी संगठनों की ओर से लगातार सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। —————– ये खबर भी पढ़ें… PoK में प्रदर्शन, लोग बोले- हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं:₹1 करोड़ का इनामी शौकत नवाज गिरफ्तार; JAAC के 600 से ज्यादा नेता-कार्यकर्ता हिरासत में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। रावलकोट के ईदगाह ग्राउंड में हजारों लोग जुटे। उन्हेंने कहा कि PoK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। यह आंदोलन जम्मू-कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की अगुआई में चल रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
BLA का दावा- हमले में 30 पाकिस्तानी जवान मारे गए:विस्फोटकों से भरी गाड़ी कैंप में घुसाकर उड़ाई; पाकिस्तान ने दावे की पुष्टि नहीं की

बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के ग्वादर जिले के जिवानी इलाके में पाकिस्तान कोस्ट गार्ड्स के कैंप पर हमला किया है। BLA के मुताबिक, 3 जुलाई की शाम करीब 6:32 बजे उसके मजीद ब्रिगेड के एक हमलावर ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी को कैंप में घुसाकर विस्फोट कर दिया। संगठन का दावा है कि इस हमले में 30 से ज्यादा गार्ड्स मारे गए और दर्जनों घायल हुए हैं। हालांकि, पाकिस्तान सरकार या सेना ने अब तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। कई सुरक्षाकर्मी मलबे में दबे हो सकते हैं BLA ने दावा किया कि विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि पाकिस्तान कोस्ट गार्ड्स का कैंप पूरी तरह तबाह हो गया। संगठन के मुताबिक, धमाके के तुरंत बाद उसके फतेह स्क्वाड के लड़ाकों ने कैंप पर हमला किया और बच गए सुरक्षाकर्मियों को नजदीक से निशाना बनाया। BLA ने कहा कि मलबे में कई सुरक्षाकर्मी दबे हो सकते हैं, इसलिए मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। BLA के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। हमलावर की पहचान अत्ताउल्लाह बलोच के रूप में हुई BLA ने अपने बयान में दावा किया कि हमलावर की पहचान अत्ताउल्लाह बलोच उर्फ अजमल के रूप में हुई है, जिसे संगठन ने अपने मजीद ब्रिगेड का सदस्य बताया। BLA का कहना है कि वह इस ऑपरेशन से जुड़ी अधिक जानकारी और वीडियो अपने आधिकारिक चैनलों के जरिए जारी करेगा। BLA बलूचिस्तान की आजादी के लिए लड़ रहा बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) एक संगठन है जो पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की स्वतंत्रता के लिए लड़ रहा है। इसकी स्थापना 2000 के दशक की शुरुआत में हुई और इसे कई देशों द्वारा आतंकी संगठन भी घोषित किया गया है। BLA का दावा है कि बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का शोषण हो रहा है और बलूच लोगों के अधिकार छीन लिए गए हैं। यह संगठन पाकिस्तानी सेना, सरकार और चीनी प्रोजेक्ट्स जैसे CPEC को निशाना बनाता रहा है। BLA अपनी गुरिल्ला शैली के लिए जाना जाता है। यानी पहाड़ी इलाकों में छिपकर सेना पर हमला करना और तुरंत वापस लौट जाना। CPEC का अहम केंद्र है ग्वादर ग्वादर जिला पाकिस्तान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण डीप-सी पोर्ट का केंद्र है और हाल के सालों में उग्रवादी गतिविधियों का प्रमुख निशाना रहा है। यह इलाका चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) का अहम हिस्सा है। अरबों डॉलर की इस बुनियादी ढांचा परियोजना को बलूचिस्तान में सक्रिय अलगाववादी संगठनों की ओर से लगातार सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। —————– ये खबर भी पढ़ें… PoK में प्रदर्शन, लोग बोले- हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं:₹1 करोड़ का इनामी शौकत नवाज गिरफ्तार; JAAC के 600 से ज्यादा नेता-कार्यकर्ता हिरासत में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। रावलकोट के ईदगाह ग्राउंड में हजारों लोग जुटे। उन्हेंने कहा कि PoK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। यह आंदोलन जम्मू-कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की अगुआई में चल रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
मूंग दाल दही वड़ा रेसिपी: घर में ऐसे मुलायम-मुलायम मूंग दाल वड़े, पारंपरिक-ठंडी दही के साथ सबसे अच्छे; ये है आसान रेसिपी

सामग्री: 1 कप मूंग दाल, 2 कप दही, 1-2 हरी मिर्च, 1 टुकड़ा अदरक, 1 बड़ा जीरा, 1 चुटकी हींग, नमक, तेल, अन्य जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, काला नमक, मीठी इमली की चटनी, हरा धनिया-पुदीना, हरा धनिया छवि: फ्रीपिक विधि: सबसे पहले मूंग दाल को अच्छी तरह धोकर 4 से 5 घंटे के लिए पानी में डुबोएं। अब दाल का पानी, इसे हरी मिर्च, अदरक और हींग के साथ पीस लें। ध्यान रखें कि बैटर सबसे ज्यादा पतला न हो। छवि: सोशल मीडिया बैटर को पोल्ट्री में 5 से 7 मिनट तक फेंटें। इससे वडे फूले-फुले और नर्क लेंगे। अब कच्चे ही में तेल गर्म करें। हाथ या माँ की मदद से छोटे-छोटे वड्डे शामिल हों और मध्यम शिक्षा पर सोना होने तक तल लें। छवि: एआई 10 से 15 मिनट के लिए गुनगुने पानी में डाल दें। इससे वे और भी परिचय हो जायेंगे। इसके बाद साधारण हाथों से अतिरिक्त पानी निकाला गया। छवि: एआई दही को अच्छी तरह फेंट लें। लिटिल साल्ट और प्लॉट तो लिटिल चाइनीज़ स्टोअलेट्स बना लें। अब एक प्लेट में वड्डे रखे गए और उनके ऊपर अच्छी मात्रा में अवशेष दही रखे गए। फिर मिठी इमली की चटनी और हरी चटनी। छवि: सोशल मीडिया अंत में ऊपर से जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, काला नमक और हीरा कटा हरा धनिया पाउडर शामिल हैं। मूंग दाल दही वड्डे को ठंडा-ठंडा बनाइये। यह अनोखा, शाम की चाय या किसी भी खास मसाले के लिए शानदार व्यंजन है। छवि: एआई फ़्लोरिडा तो ऊपर से अनार के डेने या नॉमिनी सेव स्टाम्प स्वाद और भी बढ़ाया जा सकता है। स्वादिष्ट और मुलायम दही वड़े बनाने के लिए दाल को पर्याप्त समय तक सुनिश्चित करें। छवि: एआई बैटर को अच्छी तरह से फेंटना न मिलता है, इससे वड्डे और स्पाइनी शामिल हैं। वड्डों को तलने के बाद गुनगुने पानी में जरूरी है, इससे वे नर्म हो जाते हैं। दही दही और अच्छी तरह से फेंटी हुई का उपयोग करें। छवि: सोशल मीडिया फेसबुक पर पहले 15-20 मिनट के लिए दही वडर्स को फ़िरोज़ में रखें, इससे स्वाद और भी बढ़ेगा। घर पर बाजार जैसे अमीर और स्वादिष्ट दही वड़े बनाना चाहते हैं, तो मूंग दाल दही वड़ा रेसिपी जरूर देखें। छवि: फ्रीपिक कम सामग्री और आसान विधि से बनने वाली यह डिश बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आएगी। एक बार देखें, हर कोई इसका भव्य आकर्षण है। छवि: सोशल मीडिया
न्यूयार्क में UN मुख्यालय के बाहर तिब्बती कार्यकर्ता का आत्मदाह:चीन की बर्बरता के खिलाफ उठाया कदम, धर्मशाला में आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय के बाहर तिब्बती मूल के एक अमेरिकी कार्यकर्ता द्वारा आत्मदाह करने का एक बेहद स्तब्ध करने वाला मामला सामने आया है। इस समाचार के बाद हिमाचल के धर्मशाला में शोक की लहर है। यहां उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। मृतक की पहचान लोबसांग पाल्डेन (लोबगा रंगजेन) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, लोबगा ने यह आत्मघाती कदम तिब्बत में चीन की बढ़ती दमनकारी नीतियों और हाल ही में बीजिंग द्वारा लागू किए गए ‘जातीय एकता और प्रगति’ कानून के कड़े विरोध में उठाया। इस घटना के बाद से ही दुनिया भर में निर्वासित जीवन जी रहे तिब्बतियों में शोक और आक्रोश की लहर है। तिब्बती ध्वज और पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे थे लोबगा प्रत्यक्षदर्शियों और रिपोर्टों के अनुसार, जब लोबगा रंगजेन संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर पहुंचे, तो उन्होंने तिब्बत की पारंपरिक पोशाक ‘चुपा’ पहनी हुई थी। उनके एक हाथ में तिब्बत का राष्ट्रीय ध्वज था। उन्होंने वहां चीन विरोधी नारे लगाए और खुद को आग के हवाले कर दिया। आत्मदाह से ठीक पहले जारी किया भावुक वीडियो संदेश कदम उठाने से ठीक पहले लोबगा ने एक वीडियो संदेश जारी किया था, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्होंने दुनिया भर के तिब्बतियों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि तिब्बत की स्वतंत्रता और हमारे मौलिक अधिकारों के लिए संघर्ष को तेज करना होगा। कोई भी राष्ट्रीय लक्ष्य बिना कड़े प्रयासों के हासिल नहीं होता। हम सभी को क्षेत्र, संप्रदाय और व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं से ऊपर उठकर देश हित में अपना सर्वोच्च योगदान देना होगा।” धर्मशाला में शोक: केंद्रीय तिब्बती प्रशासन ने आयोजित की प्रार्थना सभा इस दुखद घटना की खबर जैसे ही हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला पहुंची, वहां माहौल गमगीन हो गया। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (CTA) के सिक्योंग हॉल में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए एक विशेष और भव्य प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में प्रशासन के शीर्ष नेतृत्व, बौद्ध भिक्षुओं और सभी सरकारी कर्मचारियों ने भाग लेकर लोबगा को श्रद्धांजलि दी। “चीन के कठोर कानूनों ने उठाया कदम उठाने पर मजबूर किया” — सिक्योंग पेनपा त्सेरिंग केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के सिक्योंग (राष्ट्रपति) पेनपा त्सेरिंग ने घटना पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि चीन द्वारा तिब्बत में थोपे जा रहे कठोर और अमानवीय कानूनों ने ही लोबगा को यह आत्मघाती कदम उठाने के लिए विवश किया है। हालांकि, हम तिब्बती प्रशासन की ओर से सभी नागरिकों से पुरजोर अपील करते हैं कि वे इस तरह आत्मदाह का रास्ता न चुनें।” इसी कड़ी में सीटीए के धर्म और संस्कृति मंत्री ने भी मानव जीवन को अनमोल बताते हुए कहा कि तिब्बत के इस लंबे और ऐतिहासिक संघर्ष को जिंदा रखने के लिए युवाओं के जीवन को बचाना और जीवित रहकर लड़ना सबसे ज्यादा आवश्यक है। 2009 से अब तक 157 तिब्बती दे चुके हैं जान उल्लेखनीय है कि तिब्बत की आजादी, मानवाधिकारों की बहाली और तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा की वतन वापसी की मांग को लेकर आत्मदाह का यह कोई पहला मामला नहीं है। वर्ष 2009 से लेकर अब तक तिब्बत के भीतर और दुनिया के अलग-अलग कोनों में कुल 157 तिब्बती नागरिक न्याय की गुहार लगाते हुए आत्मदाह कर अपने प्राणों की आहुति दे चुके हैं।






