Friday, 02 Oct 2026 | 09:44 PM

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ककरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट पर बोले दिलजीत दोसांझ:मैं केवल एक कलाकार हूं, नेता नहीं; राजनीति और प्रदर्शनों से मुझे दूर ही रखें

ककरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट पर बोले दिलजीत दोसांझ:मैं केवल एक कलाकार हूं, नेता नहीं; राजनीति और प्रदर्शनों से मुझे दूर ही रखें

सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ ने सोशल मीडिया पर एक लाइव सेशन के दौरान दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे ककरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ किया है कि वे एक कलाकार हैं और उनका राजनीति या किसी भी तरह के प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं है। दिलजीत ने फैंस से अपील की है कि उन्हें इन मामलों से दूर रखा जाए। ककरोच जनता पार्टी पिछले कुछ समय से नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। इंस्टाग्राम लाइव में फैन ने पूछा था सवाल दिलजीत दोसांझ ने बुधवार शाम को अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से फैंस के साथ लाइव बातचीत की। इस दौरान एक फैन ने उनसे दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर उनकी राय मांगी। इस सवाल का जवाब देते हुए दिलजीत ने कहा, “जंतर मंतर कहां है प्रदर्शन के लिए? भाई, मुझे प्रदर्शन जैसी चीजों से दूर ही रखो। मैं एक कलाकार हूं, मैं कोई नेता नहीं हूं।” दिलजीत ने आगे कहा कि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं है कि लोग उनके बारे में क्या सोचते हैं, लेकिन वे खुद को सिर्फ मनोरंजन की दुनिया तक सीमित रखना चाहते हैं। दुनिया में सब कुछ कभी ठीक नहीं हो सकता लाइव सेशन के दौरान दिलजीत ने गुरु ग्रंथ साहिब की एक पंक्ति “नानक दुखिया सब संसार, सो सुखिया जिस नाम अधार” का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “जीवन में सब कुछ कभी ठीक नहीं हो सकता है। इस दुनिया में सब कुछ सही होना मुमकिन नहीं है।” इसके बाद उन्होंने विवाद पर सीधे बोलने से बचते हुए मजाकिया अंदाज में कहा, “जो लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें भी बधाई और जिनके खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है, उन्हें भी बधाई। मुझे इस बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं है।” शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही CJP दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे इस आंदोलन का नेतृत्व ककरोच जनता पार्टी (CJP) कर रही है। इस संगठन की शुरुआत एक डिजिटल सटायर (व्यंग्य) ग्रुप के रूप में हुई थी, जिसके फाउंडर अभिजीत दिपके हैं। यह संगठन 20 जून से नीट (NEET) परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक विवाद को लेकर जंतर मंतर पर लगातार प्रदर्शन कर रहा है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। 2020 में किया था किसान आंदोलन का समर्थन सोशल मीडिया पर दिलजीत के इस बयान के बाद उनके पुराने स्टैंड की चर्चा शुरू हो गई है। साल 2020-21 में हुए किसान आंदोलन के दौरान दिलजीत ने खुलकर किसानों का समर्थन किया था। वे खुद दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे और आर्थिक मदद भी की थी। हालांकि, पिछले कुछ समय से उन्होंने राजनीतिक मुद्दों पर बोलने से पूरी तरह दूरी बना ली है। इसी साल मई में एक सामाजिक संगठन ने उनसे राजनीति में आने की अपील की थी, जिसे उन्होंने साफ मना कर दिया था। राजनीति में आने से पहले ही कर चुके हैं इनकार राजनीति में आने की चर्चाओं पर दिलजीत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर स्थिति साफ की थी। उन्होंने लिखा था, “मेरा काम सिर्फ लोगों का मनोरंजन करना है। मैं अपने इसी क्षेत्र में बहुत खुश हूं।” वर्क फ्रंट की बात करें तो दिलजीत को हाल ही में डायरेक्टर इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में देखा गया था। भारत-पाकिस्तान विभाजन के बैकग्राउंड पर बनी इस फिल्म को सिनेमाघरों में काफी पसंद किया जा रहा है। इसके अलावा वे अपने ‘ऑरा टूर 2026’ के तहत दुनिया भर में म्यूजिक कॉन्सर्ट कर रहे हैं।

ककरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट पर बोले दिलजीत दोसांझ:मैं केवल एक कलाकार हूं, नेता नहीं; राजनीति और प्रदर्शनों से मुझे दूर ही रखें

ककरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट पर बोले दिलजीत दोसांझ:मैं केवल एक कलाकार हूं, नेता नहीं; राजनीति और प्रदर्शनों से मुझे दूर ही रखें

सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ ने सोशल मीडिया पर एक लाइव सेशन के दौरान दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे ककरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ किया है कि वे एक कलाकार हैं और उनका राजनीति या किसी भी तरह के प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं है। दिलजीत ने फैंस से अपील की है कि उन्हें इन मामलों से दूर रखा जाए। ककरोच जनता पार्टी पिछले कुछ समय से नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। इंस्टाग्राम लाइव में फैन ने पूछा था सवाल दिलजीत दोसांझ ने बुधवार शाम को अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से फैंस के साथ लाइव बातचीत की। इस दौरान एक फैन ने उनसे दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर उनकी राय मांगी। इस सवाल का जवाब देते हुए दिलजीत ने कहा, “जंतर मंतर कहां है प्रदर्शन के लिए? भाई, मुझे प्रदर्शन जैसी चीजों से दूर ही रखो। मैं एक कलाकार हूं, मैं कोई नेता नहीं हूं।” दिलजीत ने आगे कहा कि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं है कि लोग उनके बारे में क्या सोचते हैं, लेकिन वे खुद को सिर्फ मनोरंजन की दुनिया तक सीमित रखना चाहते हैं। दुनिया में सब कुछ कभी ठीक नहीं हो सकता लाइव सेशन के दौरान दिलजीत ने गुरु ग्रंथ साहिब की एक पंक्ति “नानक दुखिया सब संसार, सो सुखिया जिस नाम अधार” का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “जीवन में सब कुछ कभी ठीक नहीं हो सकता है। इस दुनिया में सब कुछ सही होना मुमकिन नहीं है।” इसके बाद उन्होंने विवाद पर सीधे बोलने से बचते हुए मजाकिया अंदाज में कहा, “जो लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें भी बधाई और जिनके खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है, उन्हें भी बधाई। मुझे इस बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं है।” शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही CJP दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे इस आंदोलन का नेतृत्व ककरोच जनता पार्टी (CJP) कर रही है। इस संगठन की शुरुआत एक डिजिटल सटायर (व्यंग्य) ग्रुप के रूप में हुई थी, जिसके फाउंडर अभिजीत दिपके हैं। यह संगठन 20 जून से नीट (NEET) परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक विवाद को लेकर जंतर मंतर पर लगातार प्रदर्शन कर रहा है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। 2020 में किया था किसान आंदोलन का समर्थन सोशल मीडिया पर दिलजीत के इस बयान के बाद उनके पुराने स्टैंड की चर्चा शुरू हो गई है। साल 2020-21 में हुए किसान आंदोलन के दौरान दिलजीत ने खुलकर किसानों का समर्थन किया था। वे खुद दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे और आर्थिक मदद भी की थी। हालांकि, पिछले कुछ समय से उन्होंने राजनीतिक मुद्दों पर बोलने से पूरी तरह दूरी बना ली है। इसी साल मई में एक सामाजिक संगठन ने उनसे राजनीति में आने की अपील की थी, जिसे उन्होंने साफ मना कर दिया था। राजनीति में आने से पहले ही कर चुके हैं इनकार राजनीति में आने की चर्चाओं पर दिलजीत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर स्थिति साफ की थी। उन्होंने लिखा था, “मेरा काम सिर्फ लोगों का मनोरंजन करना है। मैं अपने इसी क्षेत्र में बहुत खुश हूं।” वर्क फ्रंट की बात करें तो दिलजीत को हाल ही में डायरेक्टर इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में देखा गया था। भारत-पाकिस्तान विभाजन के बैकग्राउंड पर बनी इस फिल्म को सिनेमाघरों में काफी पसंद किया जा रहा है। इसके अलावा वे अपने ‘ऑरा टूर 2026’ के तहत दुनिया भर में म्यूजिक कॉन्सर्ट कर रहे हैं।

पाकिस्तान में ढहाए गुरुद्वारे का होगा पुनर्निर्माण:प्रांतीय मंत्री ने अफसरों से मांगी रिपोर्ट; जमीन के मालिकाना हक की होगी जांच

पाकिस्तान में ढहाए गुरुद्वारे का होगा पुनर्निर्माण:प्रांतीय मंत्री ने अफसरों से मांगी रिपोर्ट; जमीन के मालिकाना हक की होगी जांच

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक 125 साल पुराने ऐतिहासिक गुरुद्वारे को बिना आधिकारिक मंजूरी के अवैध रूप से गिराए जाने का मामला गरमाने के बाद सिख समुदाय में भारी आक्रोश है। विरोध के बाद प्रांतीय सरकार ने मामले का संज्ञान लिया है। सरकार ने ऐतिहासिक ‘गुरुद्वारा सिंह सभा’ को तुरंत दोबारा बनाने (पुनर्निर्माण करने) का आदेश जारी किया है, साथ ही जमीन के मालिकाना हक की कानूनी जांच शुरू कर दी है। यह पूरा मामला लाहौर से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित फारूखाबाद का है। पंजाब सरकार के एक अधिकारी के अनुसार, 125 साल से भी अधिक पुराने ऐतिहासिक ‘गुरुद्वारा सिंह सभा’ को एक स्थानीय व्यवसायी (बिजनेसमैन) ने ढहा दिया। आरोप है कि इसके लिए संबंधित विभागों से कोई जरूरी ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ या आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी। सिख समुदाय के लोगों ने किया प्रदर्शन इस अवैध तोड़-फोड़ की जानकारी मिलते ही सिख समुदाय के लोगों ने भारी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सिखों के कड़े विरोध के बाद यह गंभीर मामला सरकार के उच्च अधिकारियों और प्रांतीय मंत्रियों के संज्ञान में आया। मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने किया मुआयना घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रांतीय मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने खुद मौके का मुआयना किया और पीड़ित सिख समुदाय के सदस्यों से बातचीत की। स्थिति का जायजा लेने के बाद उन्होंने घोषणा की कि इस ऐतिहासिक गुरुद्वारे की मरम्मत और पुनर्निर्माण का काम तुरंत शुरू कराया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इस मामले पर जल्द से जल्द एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। औकाफ विभाग यानी Evacuee Trust Property Board द्वारा साझा की गई शुरुआती जानकारी में भी यह पुष्टि हुई है कि गुरुद्वारे को बिना किसी कानूनी मंजूरी के गिराया गया था। इसके साथ ही, मंत्री ने जमीन के मालिकाना हक की जांच के आदेश भी दिए हैं, क्योंकि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह संपत्ति औकाफ विभाग के पास रजिस्टर्ड नहीं थी। मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करने और उनके ऐतिहासिक पूजा स्थलों को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी धार्मिक स्थल के साथ इस तरह की अवैध हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दूसरी ओर, सरकार के इस फैसले पर साइट के आसपास काम करने वाले स्थानीय व्यापारियों ने आपत्ति जताई है। व्यापारियों का कहना है कि यह जगह पिछले लगभग आठ दशकों (80 सालों) से खाली पड़ी थी। इस लंबे समय के दौरान कई गरीब परिवार वहां आकर बस गए और कई लोगों ने अपनी दुकानें खोल लीं। स्थानीय व्यापारियों ने सरकार से अपील की स्थानीय व्यापारियों ने सरकार से अपील की है कि अगर गुरुद्वारे के पुनर्निर्माण के लिए वहां से अतिक्रमण हटाया जाता है, तो बेघर होने वाले परिवारों को रहने के लिए दूसरी जगह दी जाए और उनके रोजगार व रोजी-रोटी का पूरा प्रबंध किया जाए। गुरुद्वारा तोड़ने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई इस घटना ने पाकिस्तान में रह रहे सिख समुदाय के बीच ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि बिना इजाजत तोड़-फोड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और धर्मस्थल को उसका पुराना स्वरूप वापस दिया जाएगा।

बेटी की शादी में नाचे तारक मेहता:शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वरा की निजी समारोह में शादी; यूजर्स ने पूछा- जेठालाल कहां हैं

बेटी की शादी में नाचे तारक मेहता:शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वरा की निजी समारोह में शादी; यूजर्स ने पूछा- जेठालाल कहां हैं

टीवी सीरियल ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में तारक मेहता का किरदार निभा चुके शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वरा की शादी हो गई है। यह शादी मुंबई के बांद्रा स्थित ताज लैंड्स एंड होटल में निजी तरीके से हुई। शादी के वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद यह जानकारी मिली है। इन वीडियो में शैलेश लोढ़ा अपनी बेटी की शादी के फंक्शन में गाते और डांस करते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स इन वीडियो को देखने के बाद शैलेश से जेठालाल के बारे में पूछ रहे हैं। बेटी की शादी में शैलेश लोढ़ा ने किया डांस स्वरा की शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इसमें शैलेश लोढ़ा लाइव बैंड के साथ गाना गाते और मनोरंजन करते दिख रहे हैं। एक दूसरे वीडियो में वे परिवार के सदस्यों के साथ डांस करते नजर आए। शादी के इस फंक्शन में कव्वाली गायक कैफी और हमजा शबरी ने परफॉर्म किया था। उन्होंने ही सोशल मीडिया पर इस शादी के वीडियो शेयर किए हैं। शादी पूरी तरह से प्राइवेट रखी गई थी, जिसमें सिर्फ करीबी लोग शामिल हुए। पेशे से लेखिका हैं स्वरा लोढ़ा शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वरा लाइमलाइट और एक्टिंग की दुनिया से दूर रहती हैं। वे पेशे से एक लेखिका हैं। स्वरा ने अपनी मां डॉ. स्वाति लोढ़ा के साथ मिलकर एक किताब भी लिखी है। शैलेश की पत्नी डॉ. स्वाति लोढ़ा भी मैनेजमेंट गुरु और लेखिका हैं। यूजर्स ने पूछा- जेठालाल शादी में नहीं आए क्या सोशल मीडिया पर शादी के वीडियो सामने आने के बाद फैंस शैलेश लोढ़ा की तारीफ कर रहे हैं। वहीं कई यूजर्स ने कमेंट बॉक्स में ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के मुख्य किरदार जेठालाल (दिलीप जोशी) के बारे में पूछना शुरू कर दिया। शो में जेठालाल और तारक मेहता की दोस्ती को काफी पसंद किया जाता था। इसलिए लोग कमेंट्स में पूछ रहे हैं कि क्या जेठालाल इस शादी में शामिल नहीं हुए। 14 साल बाद इस वजह से छोड़ा था शो शैलेश लोढ़ा ने साल 2022 में ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ शो छोड़ दिया था। वे 14 साल तक इस शो से जुड़े रहे। एक इंटरव्यू में शैलेश ने शो छोड़ने की वजह का खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि प्रोड्यूसर असित मोदी ने उनसे गलत तरीके से बात की थी। जब शैलेश सब टीवी के एक स्टैंड अप शो ‘गुड नाइट इंडिया’ का हिस्सा बने, तो असित मोदी ने उन्हें फोन किया और असभ्य भाषा का इस्तेमाल किया। यह बात उनसे बर्दाश्त नहीं हुई और उन्होंने शो छोड़ दिया। बाद में शो में उनकी जगह सचिन श्रॉफ को लिया गया।

बेटी की शादी में नाचे तारक मेहता:शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वरा की निजी समारोह में शादी; यूजर्स ने पूछा- जेठालाल कहां हैं

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टीवी सीरियल ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में तारक मेहता का किरदार निभा चुके शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वरा की शादी हो गई है। यह शादी मुंबई के बांद्रा स्थित ताज लैंड्स एंड होटल में निजी तरीके से हुई। शादी के वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद यह जानकारी मिली है। इन वीडियो में शैलेश लोढ़ा अपनी बेटी की शादी के फंक्शन में गाते और डांस करते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स इन वीडियो को देखने के बाद शैलेश से जेठालाल के बारे में पूछ रहे हैं। बेटी की शादी में शैलेश लोढ़ा ने किया डांस स्वरा की शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इसमें शैलेश लोढ़ा लाइव बैंड के साथ गाना गाते और मनोरंजन करते दिख रहे हैं। एक दूसरे वीडियो में वे परिवार के सदस्यों के साथ डांस करते नजर आए। शादी के इस फंक्शन में कव्वाली गायक कैफी और हमजा शबरी ने परफॉर्म किया था। उन्होंने ही सोशल मीडिया पर इस शादी के वीडियो शेयर किए हैं। शादी पूरी तरह से प्राइवेट रखी गई थी, जिसमें सिर्फ करीबी लोग शामिल हुए। पेशे से लेखिका हैं स्वरा लोढ़ा शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वरा लाइमलाइट और एक्टिंग की दुनिया से दूर रहती हैं। वे पेशे से एक लेखिका हैं। स्वरा ने अपनी मां डॉ. स्वाति लोढ़ा के साथ मिलकर एक किताब भी लिखी है। शैलेश की पत्नी डॉ. स्वाति लोढ़ा भी मैनेजमेंट गुरु और लेखिका हैं। यूजर्स ने पूछा- जेठालाल शादी में नहीं आए क्या सोशल मीडिया पर शादी के वीडियो सामने आने के बाद फैंस शैलेश लोढ़ा की तारीफ कर रहे हैं। वहीं कई यूजर्स ने कमेंट बॉक्स में ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के मुख्य किरदार जेठालाल (दिलीप जोशी) के बारे में पूछना शुरू कर दिया। शो में जेठालाल और तारक मेहता की दोस्ती को काफी पसंद किया जाता था। इसलिए लोग कमेंट्स में पूछ रहे हैं कि क्या जेठालाल इस शादी में शामिल नहीं हुए। 14 साल बाद इस वजह से छोड़ा था शो शैलेश लोढ़ा ने साल 2022 में ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ शो छोड़ दिया था। वे 14 साल तक इस शो से जुड़े रहे। एक इंटरव्यू में शैलेश ने शो छोड़ने की वजह का खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि प्रोड्यूसर असित मोदी ने उनसे गलत तरीके से बात की थी। जब शैलेश सब टीवी के एक स्टैंड अप शो ‘गुड नाइट इंडिया’ का हिस्सा बने, तो असित मोदी ने उन्हें फोन किया और असभ्य भाषा का इस्तेमाल किया। यह बात उनसे बर्दाश्त नहीं हुई और उन्होंने शो छोड़ दिया। बाद में शो में उनकी जगह सचिन श्रॉफ को लिया गया।

जेन एआई आईटी कंपनियों का काम छिन रहा:टॉप-4 शेयर पीक से 57% तक टूटे; 10 आईटी कंपनियों का मार्केट कैप 19 लाख करोड़ घटा

जेन एआई आईटी कंपनियों का काम छिन रहा:टॉप-4 शेयर पीक से 57% तक टूटे; 10 आईटी कंपनियों का मार्केट कैप 19 लाख करोड़ घटा

घरेलू आईटी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखी जा रही है। ये ट्रेंड अब सिर्फ वैश्विक अर्थव्यवस्था में उठापटक का नतीजा नहीं रहा। विश्लेषकों के मुताबिक, यह नई टेक्नोलॉजी जेनरेटिव एआई से पैदा हुए ढांचागत खतरे की कहानी बन चुकी है। इसने दशकों पुराने बिजनेस मॉडल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत के चार सबसे बड़े आईटी शेयर-टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो और एलटीआईमाइंडट्री ऑल-टाइम हाई से 57% तक टूट चुके हैं। 10 प्रमुख आईटी कंपनियों का मार्केट कैप पीक से 19.3 लाख करोड़ रुपए घट चुका है। इस गिरावट की दो बड़ी वजहें हैं- अमेरिका में सख्त होती मौद्रिक नीति और जेनरेटिव एआई से कोडिंग व बैक-ऑफिस काम का ऑटोमेशन। यह आईटी कंपनियों के पारंपरिक बिजनेस मॉडल को सीधी चुनौती दे रहा है। एक्सपर्ट्स अब सिर्फ कमाई में गिरावट नहीं, बल्कि सेक्टर के स्थायी डी-रेटिंग की आशंका जता रहे हैं। यानी हालात नहीं सुधरे तो आईटी शेयर और गिर सकते हैं। रिस्क बढ़ा – अब पूंजी क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, साइबर सिक्योरिटी में शिफ्ट होगी डीबीएस बैंक – एआई से जुड़ा ढांचागत खतरा बढ़ रहा – एआई के बढ़ते इस्तेमाल का सबसे गहरा असर भारत के आईटी सोर्सिंग सर्विसेज सेक्टर पर दिख रहा है, जो निर्यात, रोजगार और रिटर्न का मजबूत आधार रहा है। – जेनरेटिव एआई तेजी से कोडिंग, कस्टमर सपोर्ट और बैक-ऑफिस प्रक्रियाओं को ऑटोमेट कर रहा है। इससे आईटी सर्विसेज कंपनियों का काम छिन रहा है। – आने वाले समय में पूंजी क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और साइबर सिक्योरिटी की ओर शिफ्ट होगी। दूसरी तरफ पारंपरिक आउटसोर्सिंग मॉडल दबाव में रहेगा। आईसीआईसीआई प्रू एएमसी – IT सेक्टर वापसी कर सकता है डिजिटल कंटेंट बढ़ने के बावजूद पारंपरिक न्यूज पेपर कंपनियां मुनाफे में रही हैं। ये दिखाता है कि हर बिजनेस हालात के हिसाब से खुद को बदलता है। आईटी सेक्टर भी न्यूज पेपर इंडस्ट्री की तरह वापसी कर सकता है। इसमें मौजूदा गिरावट निवेशकों को धारा के विपरीत छोटे दांव लगाने का मौका दे रही है। कोटक इंस्टी. इक्विटीज – इन्फोसिस की स्थिति बेहतर एक्सेंचर के कमजोर नतीजे, वित्त वर्ष 2026-27 में आय वृद्धि घटकर 3-4% रह जाने की आशंका और गिरती बुकिंग्स ने आईटी सेक्टर की मुश्किलें बढ़ाई हैं। पश्चिम एशिया संघर्ष के चलते कंपनियों ने खर्च में कटौती की है। लेकिन इंफोसिस अपने टियर-1 क्लाइंट्स के चलते बेहतर स्थिति में नजर आ रहा है। सेंसेक्स 444 अंक चढ़ा, पर आईटी इंडेक्स फिर 2 फीसदी टूटा सेंसेक्स बुधवार को 444 अंक चढ़कर 76,923 पर और निफ्टी 140 अंको की तेजी के साथ 24,006 पर बंद हुआ। एफएमसीजी, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी देखी गई। निफ्टी में इटर्नल, अदाणी एंटरप्राइजेज और नेस्ले इंडिया टॉप गेनर रहे। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 0.34% और 0.36% चढ़े। आईटी इंडेक्स करीब 2% टूट गया।

लैमोंट जैकब्स ने 100मी रेस 9.67 सेकेंड में पूरी की:बोल्ट के बाद दूसरे सबसे तेज धावक, तेज हवा के कारण रिकॉर्ड मान्य नहीं

लैमोंट जैकब्स ने 100मी रेस 9.67 सेकेंड में पूरी की:बोल्ट के बाद दूसरे सबसे तेज धावक, तेज हवा के कारण रिकॉर्ड मान्य नहीं

इटली के स्प्रिंटर लैमोंट मार्सेल जैकब्स ने 100 मीटर की रेस 9.67 सेकेंड में पूरी की। 31 साल के जैकब्स ऑस्ट्रियन ओपन में बुधवार को अपने करियर की बेस्ट टाइमिंग हासिल की। हालांकि, उनकी टाइमिंग रिकॉर्ड बुक में दर्ज नहीं हो सकी, क्योंकि आयसेंस्टॉट में रेस के दौरान हवा का बहाव तय सीमा (+4.1 मीटर प्रति सेकेंड की टेलविंड) से अधिक था। इसके बावजूद जैकब्स किसी भी परिस्थिति में उसेन बोल्ट के बाद दुनिया के सबसे तेज धावक बन गए। बोल्ट के नाम 9.58 सेकेंड का वर्ल्ड रिकॉर्ड और 9.63 सेकेंड का विंड-असिस्टेड समय दर्ज है। बोल्ट ने 2009 की वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। जैकब्स ने शुरुआत धीमी की, फिर सबको पीछे छोड़ दिया जैकब्स की शुरुआत उतनी तेज नहीं रही। शुरुआती मीटरों में ब्रिटेन के रोमेल ग्लेव और साउथ अफ्रीका के 400 मीटर वर्ल्ड रिकॉर्डधारी वेड वैन नीकेर्क उनसे आगे थे। लेकिन, गति पकड़ने के बाद जैकब्स ने वापसी की और लगभग एक मीटर के अंतर से जीत दर्ज की। ग्लेव और वैन नीकेर्क रहे दूसरे-तीसरे स्थान पर ब्रिटेन के रोमेल ग्लेव 9.76 सेकेंड के साथ दूसरे और वेड वैन नीकेर्क 9.83 सेकेंड के साथ तीसरे स्थान पर रहे। जापान के योशिहिदे किर्यू 9.99 सेकेंड के साथ चौथे, जर्मनी के ओवेन अंसाह 10.00 सेकेंड के साथ पांचवें और मेजबान ऑस्ट्रिया के मार्कस फुच्स 10.09 सेकेंड के साथ छठे स्थान पर रहे। 100 मीटर रेस के 4 बड़े रिकॉर्ड्स टोक्यो ओलिंपिक के 100 मीटर चैंपियन हैं जैकब्स 1896 में मॉडर्न ओलिंपिक की शुरुआत हुई थी। 1928 तक 100 मीटर के चैंपियन श्वेत एथलीट रहे। 1932 में एडी टोलन पहले अश्वेत ओलिंपिक 100 मीटर चैंपियन बने। 1984 से 2024 तक ओलिंपिक में अश्वेत एथलीट ही 100 मीटर चैंपियन रहे। 2020 टोक्यो ओलिंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट लेमॉन्ट मार्सेल जैकब्स के पिता अफ्रीकी मूल के थे, जबकि मां इटैलियन थीं। इसलिए उन्हें भी ब्लैक एथलीट में गिना गया। ————————————————————–

वॉट्सएप पर 'यूजरनेम की' के बिना मैसेज नहीं होंगे:सरकार के नोटिस के बाद कंपनी ने जारी की गाइडलाइन, जानें कैसे सुरक्षित रहेगा आपका डेटा

वॉट्सएप पर 'यूजरनेम की' के बिना मैसेज नहीं होंगे:सरकार के नोटिस के बाद कंपनी ने जारी की गाइडलाइन, जानें कैसे सुरक्षित रहेगा आपका डेटा

वॉट्सएप ने अपने आने वाले ‘यूजरनेम’ फीचर को लेकर एक डिटेल्ड FAQs यानी अक्सर पूछे जाने वाले सवालों की गाइडलाइन जारी की है। केंद्र सरकार ने हाल ही में वॉट्सएप की पेरेंट कंपनी मेटा को नोटिस जारी कर इस फीचर से होने वाले संभावित फ्रॉड के खतरों पर चिंता जताई थी। सरकार ने चेतावनी दी थी कि जब तक इस मुद्दे पर पूरी संतुष्टि नहीं हो जाती, तब तक इसे रोलआउट न किया जाए। इसके बाद वॉट्सएप ने स्पष्ट किया है कि वह सुरक्षा के क्या-क्या कदम उठा रहा है। सवाल 1: क्या वॉट्सएप पर यूजरनेम बनाना सभी के लिए जरूरी होगा? जवाब: नहीं, यह बिल्कुल भी अनिवार्य नहीं है। वॉट्सएप ने साफ किया है कि यूजरनेम बनाना पूरी तरह से ऑप्शनल होगा। अगर आप अपनी पहचान या फोन नंबर छिपाना चाहते हैं, तभी इसे बनाएं। सवाल 2. अगर मुझे अपनी पसंद का यूजरनेम नहीं मिल रहा है, तो इसकी क्या वजह हो सकती है? जवाब: इसके तीन मुख्य कारण हो सकते हैं: सवाल 3. अगर कोई मेरे नाम से मिलता-जुलता यूजरनेम बनाकर फ्रॉड करने की कोशिश करे, तो वॉट्सएप इसे कैसे रोकेगा? जवाब: वॉट्सएप का कहना है कि अभी यूजरनेम से मैसेज भेजने का फीचर लाइव नहीं किया गया है, सिर्फ नाम रिजर्व हो रहे हैं। जब यह लाइव होगा और आपको किसी अनजान यूजरनेम से मैसेज आएगा, तो वॉट्सएप आपको उस अकाउंट के देश की जानकारी देगा। साथ ही पहली बार मैसेज आने पर एक वॉर्निंग भी स्क्रीन पर दिखेगी। इसके अलावा कंपनी ब्लॉक और रिपोर्ट करने वाले अकाउंट्स पर कड़ी नजर रखेगी ताकि स्कैमर्स पर तुरंत एक्शन लिया जा सके। सवाल 4. क्या कोई भी अनजान व्यक्ति मेरा यूजरनेम गेस करके मुझे मैसेज भेज सकता है? जवाब: जैसे आज आप वॉट्सएप पर किसी का भी फोन नंबर सर्च नहीं कर सकते, वैसे ही किसी का यूजरनेम भी सर्च नहीं किया जा सकेगा। अनजान लोगों से बचने के लिए सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप एक बिल्कुल अलग यूजरनेम चुनें और वॉट्सएप के नए सुरक्षा फीचर ‘यूजरनेम की’ को ऑन कर लें। सवाल 5. यह ‘यूजरनेम की’ क्या है और यह कैसे सुरक्षा देगी? जवाब: यह आपकी सुरक्षा की एक एक्स्ट्रा लेयर है। इसे एक्टिवेट करने के बाद अगर कोई नया व्यक्ति आपसे कनेक्ट होना चाहता है, तो उसे आपके ‘यूजरनेम’ के साथ-साथ आपकी ‘यूजरनेम की’ भी पता होनी चाहिए। इसके बिना वह आपको मैसेज नहीं भेज पाएगा। आप इस ‘की’ को कभी भी रिसेट कर सकते हैं, जिससे पुराने लोग आपके यूजरनेम के जरिए दोबारा नया संपर्क नहीं कर पाएंगे। सवाल 6. क्या यूजरनेम बनाने के लिए मुझे अपने फेसबुक या इंस्टाग्राम अकाउंट को लिंक करना पड़ेगा? जवाब: अगर आप वही यूजरनेम चाहते हैं जो आपके इंस्टाग्राम या फेसबुक पर है, तो आपको अकाउंट लिंक करना होगा। यह इसलिए किया गया है ताकि फ्रॉड को कम किया जा सके और पहचान वेरिफाई हो सके। हालांकि, एक बार यूजरनेम मिलने के बाद आप चाहें तो इन अकाउंट्स को अनलिंक कर सकते हैं या फिर वॉट्सएप के लिए बिल्कुल अलग यूजरनेम चुन सकते हैं। सवाल 7. क्या मैं अपना वॉट्सएप यूजरनेम बाद में बदल सकता हूं? जवाब: हां, आप इसे बाद में कभी भी बदल सकते हैं, बशर्ते आपका नया पसंदीदा नाम प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 8. इंटरनेट पर मशहूर नामों को एडवांस में बुक करने के दावे किए जा रहे हैं, क्या यह सच है? जवाब: वॉट्सएप ने इसे पूरी तरह अफवाह बताया है। कंपनी ने कहा कि जो लोग पॉपुलर या मशहूर नामों को रिजर्व करने का दावा कर रहे हैं, वे झूठे हैं। सेलिब्रिटीज और सरकारी संस्थाओं के नाम पूरी तरह से सुरक्षित हैं और उन्हें सिर्फ उनके असली और लीगल मालिक ही क्लेम कर सकते हैं। सवाल 9. वॉट्सएप इस फीचर को इतनी जल्दी में क्यों लेकर आया और यह कब से शुरू होगा? जवाब: वॉट्सएप का कहना है कि उन्होंने यूजरनेम लॉन्च करने से काफी पहले ही नाम रिजर्व करने की प्रक्रिया इसलिए शुरू की क्योंकि लोग अपनी पसंद के नाम को लेकर काफी गंभीर होते हैं। कंपनी अभी सरकार और यूजर्स के फीडबैक को सुन रही है। इस साल के अंत में जब इसे पूरी तरह से रोलआउट किया जाएगा, तब तक इसे पूरी तरह सुरक्षित और परफेक्ट बना दिया जाएगा।

दुनिया में छाया नॉर्वे टीम का ‘वाइकिंग रो’सेलिब्रेशन:छह महीने पहले पब में हुई थी शुरुआत; वाइकिंग का अर्थ घर से बाहर जाकर जीतना

दुनिया में छाया नॉर्वे टीम का ‘वाइकिंग रो’सेलिब्रेशन:छह महीने पहले पब में हुई थी शुरुआत; वाइकिंग का अर्थ घर से बाहर जाकर जीतना

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में नॉर्वे के फुटबॉल फैंस का ‘वाइकिंग रो’ (Viking Row) सेलिब्रेशन पूरी दुनिया में छा गया है। न्यूयॉर्क के ऐतिहासिक टाइम्स स्क्वायर से लेकर बोस्टन की सड़कों और वर्ल्ड कप के स्टेडियमों तक, हर जगह नॉर्वे के फैंस एक साथ बैठकर नाव चलाने (रोइंग) की एक्टिंग करते और जश्न मनाते नजर आ रहे हैं। यह अनोखा नजारा इस वर्ल्ड कप की सबसे खास पहचान बन गया है, बिल्कुल वैसे ही जैसे 2016 के यूरो कप में आइसलैंड का ‘थंडर क्लैप’ मशहूर हुआ था। इस जश्न का तरीका देखने और सुनने में बेहद रोमांचक है। इसकी शुरुआत में सबसे पहले नॉर्वे का एक पारंपरिक हॉर्न बजाया जाता है, जिसके बाद सभी फैंस जमीन पर एक लाइन में बैठ जाते हैं, मानो वे किसी पुरानी ‘वाइकिंग लॉन्गबोट’ (समुद्री नाव) में बैठे हों। फिर एक लीडर ड्रम बजाना शुरू करता है। शुरुआत में बीट बहुत धीमी होती है, जो धीरे-धीरे तेज होती जाती है। ड्रम की बीट के साथ हजारों फैंस एक साथ अपने हाथों से नाव चलाने का एक्शन करते हैं और पूरी ताकत से ‘रो!’ चिल्लाते हैं। मैदान में जब हजारों लोग एक साथ यह करते हैं, तो स्टेडियम का माहौल रोंगटे खड़े कर देने वाला हो जाता है। आमतौर पर फुटबॉल के ऐसे चेंट्स अपने आप बन जाते हैं, लेकिन ‘वाइकिंग रो’ की कहानी अलग है। इसकी शुरुआत छह महीने पहले नॉर्वे की राजधानी ओस्लो के एक पब में हुई थी। ओले फ्रोयस्टैड नाम के एक प्राइमरी स्कूल टीचर ने अपनी टीम का हौसला बढ़ाने के लिए गानों और नारों की एक खास लिस्ट तैयार की थी। फ्रोयस्टैड ने सपोर्टर्स ग्रुप के लीडर टॉर्स्टेन हैमरान को यह आइडिया बताया और नॉर्वे के ऐतिहासिक योद्धाओं (वाइकिंग्स) के नाव चलाने के तरीके को फुटबॉल से जोड़ दिया। शुरुआत में अभ्यास मैचों के दौरान फैंस इसे ठीक से नहीं कर पा रहे थे, इसलिए फ्रोयस्टैड ने सोशल मीडिया पर ट्यूटोरियल वीडियो डाले ताकि लोग सही तरीके से अपनी कमर झुकाकर इसे कर सकें। नॉर्वे के स्ट्राइकर अर्लिंग हालेंड और कप्तान मार्टिन ओडेगार्ड भी इसके दीवाने हो चुके हैं। इतिहासकार तेर्जे लेइरेन बताते हैं कि ‘वाइकिंग’ शब्द का मतलब घर से दूर जाकर जीत हासिल करना है और नॉर्वे की टीम वर्ल्ड कप में यही कर रही है।

RAS-2026 भर्ती के आवेदन की कल लास्ट डेट:RPSC ने 607 पदों के लिए निकाली थी वैकेंसी, 29 नवंबर को होगा एग्जाम

RAS-2026 भर्ती के आवेदन की कल लास्ट डेट:RPSC ने 607 पदों के लिए निकाली थी वैकेंसी, 29 नवंबर को होगा एग्जाम

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से निकाली गई राजस्थान राज्य और अधीनस्थ सेवाएं (RAS) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2026 के 607 पदों के लिए आवेदन की कल (3 जुलाई) लास्ट डेट है। परीक्षा 29 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। इस भर्ती में राज्य सेवा के 192 पद और अधीनस्थ सेवा के 415 पद शामिल हैं। 1 जनवरी 2027 को अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। अभ्यर्थियों का चयन प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से किया जाएगा। प्रारंभिक परीक्षा में ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाएंगे, जबकि मुख्य परीक्षा में डिस्क्रिप्टिव (वर्णनात्मक) प्रश्न होंगे। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। बता दें कि इसके लिए आवेदन प्रोसेस 4 जून से जारी है। राज्य सेवाएं (192 पद) अधीनस्थ सेवाएं (415 पद) यह रहेगा परीक्षा शुल्क सामान्य (अनारक्षित) और राजस्थान के क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग के आवेदक के लिए 600 रुपए। राजस्थान के नॉन क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और दिव्यांग के लिए 400 रुपए। अब जानिए आरपीएससी की इन भर्तियों के बारे में भी…. सहायक अभियोजन अधिकारी के 371 पदों पर भर्ती जारी सहायक अभियोजन अधिकारी-एपीपी (गृह विभाग-अभियोजन) के 371 पदों पर भर्ती के लिए प्रोसेस जारी है। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन की लास्ट डेट 7 जुलाई है। इस भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 2 सितंबर को किया जाना प्रस्तावित है। आयु सीमा 1 जनवरी 2027 को न्यूनतम 21 साल और अधिकतम 40 साल से कम होनी चाहिए। आयोग द्वारा यह पद साल 2024 में विज्ञापित किए गए थे। इसके बाद आयु की गणना 1 जनवरी 2025 को आधार मानकर की गई। हालांकि इन पदों के लिए कोई विज्ञापन जारी नहीं किया। इसलिए अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में एक साल की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। अभ्यर्थियों का सिलेक्शन प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। प्रतियोगी परीक्षा दो चरणों में प्रारम्भिक परीक्षा व मुख्य परीक्षा के रूप में ली जाएगी। वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी भर्ती- 10 जुलाई लास्ट डेट राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (Senior Scientific Officer) के कुल 3 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा निकाली गई इस भर्ती के तहत टॉक्सिकोलॉजी, फिजिक्स और बैलिस्टिक्स डिवीजन में 1-1 पद शामिल हैं। योग्य अभ्यर्थी 10 जुलाई की रात 12 बजे तक इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। यदि कोई अभ्यर्थी एक से अधिक डिवीजन (पद) के लिए योग्यता रखता है और आवेदन करना चाहता है, तो उसे प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग आवेदन फॉर्म भरना होगा। परीक्षा-2026 का आयोजन 13 अक्टूबर 2026 से 17 अक्टूबर 2026 के बीच में किया जाएगा। आयोग ने परीक्षा कम्पयूटर बेस्ड रिक्रूटमेंट टेस्ट (सीबीआरटी) के माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिसका विस्तृत कार्यक्रम यथासमय जारी कर दिया जाएगा।