ग्रीस में शुरू हुई भारत की UPI सर्विस:अब दुनिया के 10 देशों में डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे भारतीय; पीयूष गोयल की मौजूदगी में लाइव डेमो हुआ

भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब ग्रीस में भी लाइव हो गया है। ग्रीस इस डिजिटल पेमेंट नेटवर्क से जुड़ने वाला नया देश बन गया है। एथेंस में यूरोबैंक के हेडक्वार्टर में यूरोबैंक और NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड की पार्टनरशिप से शुरू हुई इस सर्विस का लाइव डेमो भी देखा गया। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में डेमो हुआ केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एथेंस की अपनी ऑफिशियल विजिट के दौरान इस सर्विस के लाइव डेमो को देखा। उन्होंने कहा कि UPI को मिल रही वैश्विक स्वीकार्यता से यह साबित होता है कि भारत की टेक्नोलॉजी पर दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है। यह तकनीक सीमाओं के पार भी बेहतरीन तरीके से काम कर सकती है। अब 10 देशों में मिलेगी UPI की सुविधा ग्रीस के इस नेटवर्क में शामिल होने के बाद अब दुनिया के 10 देशों में अलग-अलग रूपों में UPI का इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह भारतीय यात्रियों के लिए QR-कोड आधारित मर्चेंट पेमेंट से लेकर क्रॉस-बॉर्डर रेमिटेंस सर्विसेज (पैसे ट्रांसफर करने) तक की सुविधा देता है। ग्रीस से पहले कंबोडिया में शुरू हुआ था UPI ग्रीस से ठीक पहले कंबोडिया इस लिस्ट में शामिल होने वाला 9वां देश बना था। इसके लिए NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड ने वहां के ACLEDA बैंक के साथ पार्टनरशिप की थी। इसके तहत कंबोडिया के नेशनल QR कोड ‘KHQR’ के जरिए क्रॉस-बॉर्डर UPI पेमेंट्स की शुरुआत की गई थी। इससे पहले सिंगापुर, UAE, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर और श्रीलंका को उन आठ देशों के रूप में लिस्ट किया था, जहां UPI को स्वीकार किया जा रहा है। फ्रांस के एफिल टॉवर से हुई थी शुरुआत यूरोप में UPI के विस्तार में फ्रांस एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। साल 2024 में पेरिस के एफिल टॉवर से UPI को लॉन्च किया गया था। इसके बाद इस सर्विस का विस्तार वहां के बड़े रिटेल डेस्टिनेशंस जैसे नीस में स्थित ‘गैलरीज लाफायेट’ तक किया गया। क्या है UPI और इसके ग्लोबल विस्तार का भविष्य कैसे काम करता है विदेशी धरती पर UPI? भारतीय यात्री विदेशों में इंटरनेशनल रोमिंग या एक्टिवेटेड UPI एप के जरिए वहां के स्थानीय QR कोड (जैसे कंबोडिया में KHQR या ग्रीस में यूरोबैंक मर्चेंट नेटवर्क) को स्कैन करके सीधे अपने भारतीय बैंक अकाउंट से पेमेंट कर सकते हैं। इससे उन्हें विदेशी करेंसी एक्सचेंज कराने के झंझट से मुक्ति मिलती है। ये खबर भी पढ़ें… अब यूजरनेम से भी होगी WhatsApp पर चैट: 29 जून से बुकिंग शुरू; बिना मोबाइल नंबर बताए बातचीत भी कर सकेंगे अब तक वॉट्सएप पर किसी नए व्यक्ति से बात करने के लिए मोबाइल नंबर देना जरूरी होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मेटा के स्वामित्व वाले वॉट्सएप ने यूजरनेम फीचर लॉन्च करने का ऐलान किया है। इसके बाद लोग अपना मोबाइल नंबर बताए बिना भी सिर्फ यूजरनेम के जरिए चैट कर सकेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
'नेट बॉलर' से 'मैच विनर' तक:भारतीय मूल के जय ने आयरलैंड के लिए झटके 5 विकेट; कभी टीम इंडिया के नेट बॉलर थे

राजस्थान के टोंक जिले के जय मूंदड़ा ने आयरलैंड की ओर से खेलते हुए भारत के खिलाफ रविवार को खत्म हुई दो मैच की सीरीज में पांच विकेट झटके। वे सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों में दूसरे नंबर पर रहे। 27 साल के जय की लेफ्ट आर्म मीडियम पेस गेंदबाजी में ऑस्ट्रेलियन दिग्गज मिचेल स्टार्क की झलक दिखी। उनके टोंक से आयरलैंड तक के सफर और आयरलैंड टीम में सलेक्ट होने के बारे में भास्कर ने विस्तृत बातचीत की। पेश है इस बातचीत के अंश… आयरलैंड में शुरुआत कैसे हुई? यह कहानी कोरोना के समय शुरू हुई। उस दौरान क्रिकेट लगभग बंद था। मैंने बीटेक पूरा कर लिया था। पापा चाहते थे कि मैं पढ़ाई पर ध्यान दूं, इसलिए उन्होंने एमटेक करने की सलाह दी। मेरा एडमिशन आयरलैंड में हो गया और मैं वहां चला गया। पहले साल पूरा फोकस पढ़ाई पर था। तब तक मैंने नहीं सोचा था कि एक दिन आयरलैंड की राष्ट्रीय टीम से खेलूंगा। पहले आप लेफ्ट आर्म स्पिनर थे, फिर तेज गेंदबाज कैसे बने? बचपन में मैं स्पिन गेंदबाजी करता था। टोंक में मेरे पहले कोच इम्तियाज अली सर ने मेरी लंबाई देखकर कहा कि अगर तेज गेंदबाजी करोगे तो ज्यादा आगे जा सकते हो। उनकी सलाह मानी और वहीं से जिंदगी बदल गई। पिता ने पढ़ाई के लिए विदेश भेजा था। क्रिकेट तक कैसे पहुंचे? लोग समझते हैं कि पापा क्रिकेट के खिलाफ थे, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं था। वे चाहते थे कि मेरा भविष्य सुरक्षित रहे। इसलिए उन्होंने कहा कि पहले पढ़ाई पूरी करो। आयरलैंड पहुंचने के बाद मैं डबलिन के लेनस्टर क्रिकेट क्लब से जुड़ा। फिर आयरिश सीनियर कप खेलने का मौका मिला। जब मैंने पहले मैच में संजू सैमसन का विकेट लिया था तो पापा ही याद आए थे। अफसोस है कि पापा इस दुनिया में नहीं हैं। क्या कभी लगा कि भारत की ओर से खेलना चाहिए था? हर क्रिकेटर का सपना होता है कि वह बड़े स्तर पर खेले। लेकिन मैं इस बारे में ज्यादा नहीं सोचता। मुझे जहां मौका मिला है, वहां अपना बेस्ट देना चाहता हूं। फिलहाल मेरा पूरा फोकस आयरलैंड के लिए अच्छा प्रदर्शन करने पर है। पिछली बार जब भारतीय टीम आयरलैंड आई थी, तब आप नेट बॉलर थे? जी हां, उस समय मैंने भारतीय खिलाड़ियों को नेट में गेंदबाजी कराई थी। वहीं मेरी जसप्रीत बुमराह से भी बात हुई थी। उन्होंने सिर्फ एक बात कही थी, “जितना भी मौका मिले, पूरी तरह फोकस होकर खेलना।’ अब भी वह बात मेरे दिमाग में रहती है। आईपीएल खेलना चाहेंगे? बिल्कुल, हर क्रिकेटर आईपीएल खेलना चाहता है। अगर भविष्य में मौका मिला तो जरूर खेलना चाहूंगा। लेकिन फिलहाल मेरी प्राथमिकता आयरलैंड के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना है।
अमेरिकी सांसद बोले- भारत-अमेरिका रिश्ते 30 साल में सबसे खराब:ट्रम्प की टैरिफ नीति और एकतरफा फैसलों ने भरोसे को नुकसान पहुंचाया

भारतीय मूल के अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियों की वजह से भारत और अमेरिका के रिश्ते पिछले 30 साल में सबसे खराब दौर में पहुंच गए हैं। वॉशिंगटन में आयोजित यूएस-इंडिया स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) लीडरशिप समिट 2026 में उन्होंने कहा कि ट्रम्प की टैरिफ नीति, ईरान के साथ युद्ध और सहयोगी देशों से बिना सलाह लिए फैसले करने से अमेरिका की साख को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने भारत, यूरोप और कनाडा जैसे अपने सहयोगी देशों से बात किए बिना ईरान पर सैन्य कार्रवाई की। इस तरह के फैसलों से अपने सहयोगी देशों का भरोसा कमजोर हुआ है। खन्ना बोले- टैरिफ से भरोसे की एक पीढ़ी खत्म हो गई रो खन्ना ने ट्रम्प की टैरिफ नीति को भी गलत बताया। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में चीन यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात एक भारतीय राजदूत से हुई। खन्ना के मुताबिक, राजदूत ने उनसे कहा, “आपके राष्ट्रपति की वजह से भरोसे की एक पूरी पीढ़ी खत्म हो गई है।” उन्होंने कहा कि अगर ट्रम्प की नीतियों से हुए नुकसान को स्वीकार नहीं किया गया तो यह सच्चाई से मुंह मोड़ने जैसा होगा। रो खन्ना ने ट्रम्प को ‘लेम डक’ राष्ट्रपति बताते हुए दावा किया कि डेमोक्रेटिक पार्टी अगले मिड-टर्म चुनाव में प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करेगी और 2028 का राष्ट्रपति चुनाव भी जीतेगी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अमेरिका के साथ-साथ दुनिया के देशों के साथ उसके रिश्ते भी दोबारा मजबूत करने होंगे। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट का जिक्र करते हुए कहा कि वे दुनिया के देशों के साथ मिलकर चलने में विश्वास रखते थे और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का भी समर्थन करते थे। अमेरिकी राजदूत बोले- भारत के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं कार्यक्रम में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि अमेरिका भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करना चाहता है और दुनिया में भारत की बढ़ती ताकत को पूरी तरह स्वीकार करता है। गोर ने कहा, “हम भारत के साथ एक और बड़े समझौते को पूरा करने के बहुत करीब हैं। प्रस्तावित व्यापार समझौता अंतिम चरण में पहुंच गया है।” गोर ने बताया कि कुछ सप्ताह पहले नई दिल्ली में एक भारतीय मंत्री से उनकी मुलाकात हुई थी। मंत्री ने उनसे कहा, खबरों में चाहे जो दिखे, 50 साल बाद भी भारत और अमेरिका दोस्त रहेंगे। अमेरिका दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र है और भारत सबसे बड़ा लोकतंत्र। गोर ने मोदी-ट्रम्प की दोस्ती का किस्सा भी सुनाया गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प की दोस्ती का एक किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले ट्रम्प सुबह 6 बजे (भारतीय समयानुसार) ही पीएम मोदी को फोन करना चाहते थे। गोर ने बताया कि वह मियामी में एक UFC इवेंट के दौरान ट्रम्प के साथ बैकस्टेज बैठे थे। तभी ट्रम्प ने कहा, “चलो प्रधानमंत्री मोदी को फोन करते हैं।” जब गोर ने बताया कि भारत में उस समय सुबह के 6 बजे हैं, तो ट्रम्प ने जवाब दिया, “वो उठे होंगे। वो मेरी तरह हैं, सोते नहीं।” हालांकि, ट्रम्प को कुछ देर बाद मंच पर जाना था, इसलिए दोनों नेताओं की बातचीत अगले दिन तय की गई। गोर ने कहा कि यह दिखाता है कि ट्रम्प, प्रधानमंत्री मोदी को अपना करीबी दोस्त मानते हैं। उन्होंने कहा, “जब कोई आपका दोस्त होता है तो हर बातचीत पहले से तय नहीं करनी पड़ती। आप सीधे फोन करके पूछ सकते हैं कि कैसे हैं।” उन्होंने कहा कि ट्रम्प भारत का सम्मान करते हैं और प्रधानमंत्री मोदी को कई दूसरे विश्व नेताओं से अलग नजर से देखते हैं। गोर के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच यही भरोसा भारत-अमेरिका संबंधों को भी मजबूत करता है।
अमेरिकी सांसद बोले- भारत-अमेरिका रिश्ते 30 साल में सबसे खराब:ट्रम्प की टैरिफ नीति और एकतरफा फैसलों ने भरोसे को नुकसान पहुंचाया

भारतीय मूल के अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियों की वजह से भारत और अमेरिका के रिश्ते पिछले 30 साल में सबसे खराब दौर में पहुंच गए हैं। वॉशिंगटन में आयोजित यूएस-इंडिया स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) लीडरशिप समिट 2026 में उन्होंने कहा कि ट्रम्प की टैरिफ नीति, ईरान के साथ युद्ध और सहयोगी देशों से बिना सलाह लिए फैसले करने से अमेरिका की साख को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने भारत, यूरोप और कनाडा जैसे अपने सहयोगी देशों से बात किए बिना ईरान पर सैन्य कार्रवाई की। इस तरह के फैसलों से अपने सहयोगी देशों का भरोसा कमजोर हुआ है। खन्ना बोले- टैरिफ से भरोसे की एक पीढ़ी खत्म हो गई रो खन्ना ने ट्रम्प की टैरिफ नीति को भी गलत बताया। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में चीन यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात एक भारतीय राजदूत से हुई। खन्ना के मुताबिक, राजदूत ने उनसे कहा, “आपके राष्ट्रपति की वजह से भरोसे की एक पूरी पीढ़ी खत्म हो गई है।” उन्होंने कहा कि अगर ट्रम्प की नीतियों से हुए नुकसान को स्वीकार नहीं किया गया तो यह सच्चाई से मुंह मोड़ने जैसा होगा। रो खन्ना ने ट्रम्प को ‘लेम डक’ राष्ट्रपति बताते हुए दावा किया कि डेमोक्रेटिक पार्टी अगले मिड-टर्म चुनाव में प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करेगी और 2028 का राष्ट्रपति चुनाव भी जीतेगी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अमेरिका के साथ-साथ दुनिया के देशों के साथ उसके रिश्ते भी दोबारा मजबूत करने होंगे। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट का जिक्र करते हुए कहा कि वे दुनिया के देशों के साथ मिलकर चलने में विश्वास रखते थे और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का भी समर्थन करते थे। अमेरिकी राजदूत बोले- भारत के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं कार्यक्रम में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि अमेरिका भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करना चाहता है और दुनिया में भारत की बढ़ती ताकत को पूरी तरह स्वीकार करता है। गोर ने कहा, “हम भारत के साथ एक और बड़े समझौते को पूरा करने के बहुत करीब हैं। प्रस्तावित व्यापार समझौता अंतिम चरण में पहुंच गया है।” गोर ने बताया कि कुछ सप्ताह पहले नई दिल्ली में एक भारतीय मंत्री से उनकी मुलाकात हुई थी। मंत्री ने उनसे कहा, खबरों में चाहे जो दिखे, 50 साल बाद भी भारत और अमेरिका दोस्त रहेंगे। अमेरिका दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र है और भारत सबसे बड़ा लोकतंत्र। गोर ने मोदी-ट्रम्प की दोस्ती का किस्सा भी सुनाया गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प की दोस्ती का एक किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले ट्रम्प सुबह 6 बजे (भारतीय समयानुसार) ही पीएम मोदी को फोन करना चाहते थे। गोर ने बताया कि वह मियामी में एक UFC इवेंट के दौरान ट्रम्प के साथ बैकस्टेज बैठे थे। तभी ट्रम्प ने कहा, “चलो प्रधानमंत्री मोदी को फोन करते हैं।” जब गोर ने बताया कि भारत में उस समय सुबह के 6 बजे हैं, तो ट्रम्प ने जवाब दिया, “वो उठे होंगे। वो मेरी तरह हैं, सोते नहीं।” हालांकि, ट्रम्प को कुछ देर बाद मंच पर जाना था, इसलिए दोनों नेताओं की बातचीत अगले दिन तय की गई। गोर ने कहा कि यह दिखाता है कि ट्रम्प, प्रधानमंत्री मोदी को अपना करीबी दोस्त मानते हैं। उन्होंने कहा, “जब कोई आपका दोस्त होता है तो हर बातचीत पहले से तय नहीं करनी पड़ती। आप सीधे फोन करके पूछ सकते हैं कि कैसे हैं।” उन्होंने कहा कि ट्रम्प भारत का सम्मान करते हैं और प्रधानमंत्री मोदी को कई दूसरे विश्व नेताओं से अलग नजर से देखते हैं। गोर के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच यही भरोसा भारत-अमेरिका संबंधों को भी मजबूत करता है।
वर्ल्ड अपडेट्स:एपस्टीन कनेक्शन की समीक्षा पूरी होने तक वॉरेन बफे ने गेट्स फाउंडेशन को दान रोका: रिपोर्ट

बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन वॉरेन बफे ने इस साल गेट्स फाउंडेशन को होने वाला अपना नियमित मध्य-वर्षीय अरबों डॉलर का दान फिलहाल रोक दिया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, वे फाउंडेशन और दिवंगत यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के संबंधों की बाहरी समीक्षा पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, गेट्स फाउंडेशन के CEO मार्क सुजमैन ने एपस्टीन से जुड़े फाउंडेशन के पुराने संपर्कों की स्वतंत्र जांच कराई है। इसकी रिपोर्ट गर्मियों में आने की उम्मीद है। बताया गया है कि बफेट दान पर अंतिम फैसला साल के आखिर में, संभवतः अपनी थैंक्सगिविंग चिट्ठी जारी करने के समय ले सकते हैं। 95 वर्षीय बफे पिछले दो दशकों में बर्कशायर हैथवे के 47 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के शेयर गेट्स फाउंडेशन को दान कर चुके हैं। गेट्स फाउंडेशन उस समय विवादों में आया था जब अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी कुछ ईमेल में एपस्टीन और फाउंडेशन के कर्मचारियों के बीच संवाद का जिक्र सामने आया। इसी के बाद फाउंडेशन ने पुराने संबंधों की स्वतंत्र समीक्षा शुरू कराई। रॉयटर्स के अनुसार, इस मामले पर बर्कशायर हैथवे और गेट्स फाउंडेशन की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। एजेंसी स्वतंत्र रूप से वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट की पुष्टि भी नहीं कर सकी।
वर्ल्ड अपडेट्स:एपस्टीन कनेक्शन की समीक्षा पूरी होने तक वॉरेन बफे ने गेट्स फाउंडेशन को दान रोका: रिपोर्ट

बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन वॉरेन बफे ने इस साल गेट्स फाउंडेशन को होने वाला अपना नियमित मध्य-वर्षीय अरबों डॉलर का दान फिलहाल रोक दिया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, वे फाउंडेशन और दिवंगत यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के संबंधों की बाहरी समीक्षा पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, गेट्स फाउंडेशन के CEO मार्क सुजमैन ने एपस्टीन से जुड़े फाउंडेशन के पुराने संपर्कों की स्वतंत्र जांच कराई है। इसकी रिपोर्ट गर्मियों में आने की उम्मीद है। बताया गया है कि बफेट दान पर अंतिम फैसला साल के आखिर में, संभवतः अपनी थैंक्सगिविंग चिट्ठी जारी करने के समय ले सकते हैं। 95 वर्षीय बफे पिछले दो दशकों में बर्कशायर हैथवे के 47 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के शेयर गेट्स फाउंडेशन को दान कर चुके हैं। गेट्स फाउंडेशन उस समय विवादों में आया था जब अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी कुछ ईमेल में एपस्टीन और फाउंडेशन के कर्मचारियों के बीच संवाद का जिक्र सामने आया। इसी के बाद फाउंडेशन ने पुराने संबंधों की स्वतंत्र समीक्षा शुरू कराई। रॉयटर्स के अनुसार, इस मामले पर बर्कशायर हैथवे और गेट्स फाउंडेशन की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। एजेंसी स्वतंत्र रूप से वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट की पुष्टि भी नहीं कर सकी। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबर… किंग चार्ल्स के आधिकारिक विवरण से 500 साल पुरानी ‘डिफेंडर ऑफ द फेथ’ उपाधि हटी ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय के आधिकारिक कार्य विवरण से 500 साल पुरानी ‘डिफेंडर ऑफ द फेथ’ की उपाधि हटा दी गई है। 2025-26 की सॉवरेन ग्रांट रिपोर्ट में अब उन्हें इंग्लैंड चर्च का सुप्रीम गवर्नर और ब्रिटेन के बहुधार्मिक समाज में आस्था के लिए स्थान की रक्षा करने वाला बताया गया है। नई रिपोर्ट की भाषा पिछले साल की रिपोर्ट से अलग है। पहले चार्ल्स को ‘हेड ऑफ द चर्च ऑफ इंग्लैंड एंड डिफेंडर ऑफ द फेथ” कहा जाता था। हालांकि, शाही परिवार की आधिकारिक वेबसाइट पर यह उपाधि अभी भी दर्ज है। ‘डिफेंडर ऑफ द फेथ’ की उपाधि 1521 में पोप लियो दशम ने इंग्लैंड के राजा हेनरी अष्टम को दी थी। यह सम्मान उन्हें मार्टिन लूथर के धार्मिक सुधार आंदोलन का विरोध करने के बाद मिला था। यह बदलाव तीन दशक पुरानी बहस को फिर चर्चा में ले आया है। 1994 में प्रिंस ऑफ वेल्स रहते हुए चार्ल्स ने कहा था कि वे ‘डिफेंडर ऑफ द फेथ’ कहलाना पसंद करेंगे, ताकि वे केवल ईसाई धर्म ही नहीं बल्कि सभी धर्मों का प्रतिनिधित्व कर सकें। 2023 में राज्याभिषेक के दौरान उन्होंने पारंपरिक शपथ नहीं बदली थी, लेकिन प्रस्तावना में यह जोड़ा गया था कि इंग्लैंड चर्च ऐसा वातावरण बनाएगा, जहां सभी धर्मों और मान्यताओं के लोग स्वतंत्र रूप से रह सकें। अमेरिकी कैथोलिक आर्चडायसीज 500 से अधिक बाल यौन शोषण पीड़ितों को 39.5 करोड़ डॉलर देगा अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को कैथोलिक आर्चडायसीज ने 500 से अधिक बाल यौन शोषण मुकदमों के निपटारे के लिए 39.5 करोड़ डॉलर (395 मिलियन डॉलर) देने पर सैद्धांतिक सहमति जताई है। समझौते के तहत आर्चबिशप साल्वातोरे जे. कॉर्डिलियोने प्रत्येक पीड़ित को व्यक्तिगत माफी पत्र लिखेंगे। साथ ही चर्च को बाल सुरक्षा और पारदर्शिता से जुड़े कई सुधार भी लागू करने होंगे। आर्चबिशप कॉर्डिलियोने ने श्रद्धालुओं को लिखे पत्र में कहा कि कोई भी आर्थिक समझौता अतीत के दर्द को मिटा नहीं सकता, लेकिन इससे पीड़ितों को उचित मुआवजा देने का रास्ता खुलेगा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि संस्थागत विफलताओं के कारण यह नुकसान हुआ और सभी पीड़ितों से ईमानदारी से माफी मांगी। समझौते के तहत चर्च को बाल यौन शोषण के आरोप झेल चुके पादरियों की सूची सार्वजनिक रखनी होगी, उसे नियमित रूप से प्रकाशित करना होगा और पीड़ितों को चुप कराने वाले गोपनीयता समझौतों पर रोक लगानी होगी। यह मामला अमेरिका में कैथोलिक चर्च से जुड़े बाल यौन शोषण मामलों में हुए बड़े मुआवजा समझौतों की श्रृंखला का नया उदाहरण है। अक्टूबर 2024 में लॉस एंजिलिस आर्चडायसीज ने 1,353 मामलों के निपटारे के लिए 88 करोड़ डॉलर (880 मिलियन डॉलर) के समझौते पर सहमति जताई थी।
'चौहान' के टीजर पर विवाद:'पठानों से कह दो, चौहान आ गया' डायलॉग पर आपत्ति, क्षत्रिय परिषद बोला- इतिहास को सांप्रदायिक नजरिए से न दिखाएं

अजय देवगन की फिल्म ‘चौहान’ का टीजर विवाद में आ गया। क्षत्रिय परिषद नाम के संगठन ने कहा कि ऐतिहासिक विरासत को सांप्रदायिक लामबंदी का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। संगठन ने फिल्म प्रोड्यूसर्स से राजपूत नाम का इस्तेमाल जातीय और सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने के लिए नहीं करने की अपील की। 25 जून को फिल्म का टीजर रिलीज किया गया था। इसमें अजय देवगन की आवाज में एक डायलॉग है, “पठानों से कह दो, चौहान आ गया है।” सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे धार्मिक विभाजन बढ़ाने की कोशिश बताया। फिल्म को कश्मीर संघर्ष के चित्रण और यह दिखाने को लेकर भी आलोचना मिली कि पैलेट गन से कम नुकसान होता है। क्षत्रिय परिषद ने अपने बयान में कहा कि इतिहास की जटिलता का सम्मान किया जाना चाहिए और राजपूत विरासत का इस्तेमाल राजनीतिक या वैचारिक उद्देश्यों के लिए नहीं होना चाहिए। संगठन ने कहा कि ‘चौहान’ कुलनाम का समकालीन सांप्रदायिक राजनीति के लिए इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता। संगठन ने कहा कि जब मेनस्ट्रीम मीडिया और पब्लिक बातचीत में राजपूत समुदाय की आवाज पहले से कम प्रतिनिधित्व रखती है, तब किसी राजपूत कुलनाम का उपयोग केवल विवाद, जातीय और सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने या राजनीतिक माहौल बनाने के लिए करना गैर-जिम्मेदाराना और असम्मानजनक है। इतिहास के उदाहरण भी दिए संगठन ने कहा कि भारतीय इतिहास को सांप्रदायिक नजरिए से नहीं देखा जा सकता। बयान में कहा गया कि कई अवसरों पर राजपूत और पठान एक-दूसरे के साथ मिलकर लड़े। इसमें खानवा के युद्ध में महाराणा सांगा के नेतृत्व में महमूद लोदी, हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप की सेना में हकीम खान सूर, फरीद खान (बाद में शेरशाह सूरी) का राजा रायसल शेखावत से जुड़ाव और प्रथम पानीपत के युद्ध में महाराजा विक्रमादित्य तोमर का लोदी सेना के साथ लड़ना शामिल है। संगठन ने कहा कि ये घटनाएं बताती हैं कि मध्यकालीन राजनीतिक गठबंधन शासन, निष्ठा और सैन्य रणनीति पर आधारित थे, न कि आज थोपे जा रहे सांप्रदायिक नजरिए पर। फिल्म के टीजर की सोशल मीडिया पर तारीफ और आलोचना, दोनों हुई। एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने कश्मीर में पैलेट गन के सबसे कम उम्र के पीड़ित से जुड़ी एक खबर शेयर करते हुए लिखा कि पैलेट गन कम नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि यह गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यधारा के कश्मीरी पठान नहीं हैं और पोस्ट के साथ ‘विवेक अग्निहोत्री-फिकेशन ऑफ बॉलीवुड’ लिखा। जियो स्टूडियोज और कलर येलो प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी ज्योति देशपांडे, आनंद एल राय और हिमांशु शर्मा की यह फिल्म 1 अक्टूबर को रिलीज होगी।
'चौहान' के टीजर पर विवाद:'पठानों से कह दो, चौहान आ गया' डायलॉग पर आपत्ति, क्षत्रिय परिषद बोला- इतिहास को सांप्रदायिक नजरिए से न दिखाएं

अजय देवगन की फिल्म ‘चौहान’ का टीजर विवाद में आ गया। क्षत्रिय परिषद नाम के संगठन ने कहा कि ऐतिहासिक विरासत को सांप्रदायिक लामबंदी का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। संगठन ने फिल्म प्रोड्यूसर्स से राजपूत नाम का इस्तेमाल जातीय और सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने के लिए नहीं करने की अपील की। 25 जून को फिल्म का टीजर रिलीज किया गया था। इसमें अजय देवगन की आवाज में एक डायलॉग है, “पठानों से कह दो, चौहान आ गया है।” सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे धार्मिक विभाजन बढ़ाने की कोशिश बताया। फिल्म को कश्मीर संघर्ष के चित्रण और यह दिखाने को लेकर भी आलोचना मिली कि पैलेट गन से कम नुकसान होता है। क्षत्रिय परिषद ने अपने बयान में कहा कि इतिहास की जटिलता का सम्मान किया जाना चाहिए और राजपूत विरासत का इस्तेमाल राजनीतिक या वैचारिक उद्देश्यों के लिए नहीं होना चाहिए। संगठन ने कहा कि ‘चौहान’ कुलनाम का समकालीन सांप्रदायिक राजनीति के लिए इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता। संगठन ने कहा कि जब मेनस्ट्रीम मीडिया और पब्लिक बातचीत में राजपूत समुदाय की आवाज पहले से कम प्रतिनिधित्व रखती है, तब किसी राजपूत कुलनाम का उपयोग केवल विवाद, जातीय और सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने या राजनीतिक माहौल बनाने के लिए करना गैर-जिम्मेदाराना और असम्मानजनक है। इतिहास के उदाहरण भी दिए संगठन ने कहा कि भारतीय इतिहास को सांप्रदायिक नजरिए से नहीं देखा जा सकता। बयान में कहा गया कि कई अवसरों पर राजपूत और पठान एक-दूसरे के साथ मिलकर लड़े। इसमें खानवा के युद्ध में महाराणा सांगा के नेतृत्व में महमूद लोदी, हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप की सेना में हकीम खान सूर, फरीद खान (बाद में शेरशाह सूरी) का राजा रायसल शेखावत से जुड़ाव और प्रथम पानीपत के युद्ध में महाराजा विक्रमादित्य तोमर का लोदी सेना के साथ लड़ना शामिल है। संगठन ने कहा कि ये घटनाएं बताती हैं कि मध्यकालीन राजनीतिक गठबंधन शासन, निष्ठा और सैन्य रणनीति पर आधारित थे, न कि आज थोपे जा रहे सांप्रदायिक नजरिए पर। फिल्म के टीजर की सोशल मीडिया पर तारीफ और आलोचना, दोनों हुई। एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने कश्मीर में पैलेट गन के सबसे कम उम्र के पीड़ित से जुड़ी एक खबर शेयर करते हुए लिखा कि पैलेट गन कम नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि यह गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यधारा के कश्मीरी पठान नहीं हैं और पोस्ट के साथ ‘विवेक अग्निहोत्री-फिकेशन ऑफ बॉलीवुड’ लिखा। जियो स्टूडियोज और कलर येलो प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी ज्योति देशपांडे, आनंद एल राय और हिमांशु शर्मा की यह फिल्म 1 अक्टूबर को रिलीज होगी।
चार बार की चैंपियन जर्मनी फुटबॉल वर्ल्ड कप से बाहर:पराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराया; ब्राजील ने आखिरी मिनट में जापान को हराया

फुटबॉल वर्ल्ड कप में मंगलवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। जब पराग्वे ने चार बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर बाहर कर दिया। इससे पहले 5 बार की चैंपियन ब्राजील ने एक रोमांचक मुकाबले में जापान को 2-1 से हराते हुए प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। टीम 20वीं बार राउंड ऑफ 16 में पहुंची है। ब्राजील अब राउंड ऑफ-16 में आइवरी कोस्ट या नॉर्वे से भिड़ेगा, जबकि पराग्वे का मुकाबला फ्रांस और स्वीडन के विजेता से होगा। गिल ने 2 सेव किए; मार्टिनेली ने आखिरी मिनट में गोल किया फॉक्सबोरो में फीफा रैंकिंग में 34वें नंबर की टीम पराग्वे ने राउंड ऑफ 32 में 12वें नंबर की जर्मनी को कड़ी टक्कर दी। निर्धारित समय और इंजरी टाइम के बाद स्कोर 1-1 की बराबरी पर रहा। पेनल्टी शूटआउट में जोस कैनाले ने पहला सडन डेथ पेनल्टी गोल किया, जबकि गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने दो अहम बचाव कर टीम को जीत दिलाई। इधर, ह्यूस्टन में ब्राजील की जीत आखिरी क्षणों में आई। दूसरे हाफ में सब्स्टीट्यूट के तौर पर उतरे गैब्रियल मार्टिनेली ने इंजरी टाइम के छठे मिनट में गोल कर मुकाबला खत्म होने से ठीक पहले टीम को जीत दिला दी। आगे दोनों मैच रिपोर्ट जर्मनी Vs पराग्वे इंजरी टाइम में जोनाथन ताह का गोल अमान्य हुआ पराग्वे ने 42वें मिनट में बढ़त बनाई। मिगेल अल्मिरोन के पास पर मातियास गालार्सा ने क्रॉस किया, जिस पर जूलियो एनसिसो ने हेडर से गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। जर्मनी ने 52वें मिनट में वापसी की। फ्लोरियन विर्ट्ज के क्रॉस पर काई हैवर्ट्ज ने हेडर से बराबरी का गोल किया। अतिरिक्त समय के 102वें मिनट में जोनाथन ताह ने कॉर्नर पर गोल किया, लेकिन वीडियो रिव्यू में वाल्डेमार एंटोन द्वारा गोलकीपर ऑरलैंडो गिल को धक्का देने की पुष्टि होने पर गोल रद्द कर दिया गया। जर्मनी ने पहले हाफ में 78% गेंद पर कब्जा रखा, लेकिन पराग्वे की 4-5-1 रक्षात्मक रणनीति नहीं तोड़ सका। ग्रुप स्टेज में 10 गोल करने के बावजूद टीम नॉकआउट में संघर्ष करती दिखी। गोलकीपर गिल बोले- हर प्लेयर का विश्लेषण किया मैच के बाद ऑरलैंडो गिल ने कहा, ‘हमने हर खिलाड़ी और हर छोटी बात का विश्लेषण किया था। उसी की बदौलत मैं सिर्फ दो पेनल्टी मिस होने दे पाया। यह जीत पराग्वे के सभी लोगों के लिए है।’ जोस कैनाले ने कहा, ‘हमने साबित कर दिया कि हमारी टीम कितनी एकजुट है। आज हमें अपना असली खेल दिखाना था।’ काई हैवर्ट्ज ने हार के बाद कहा, ‘इस वर्ल्ड कप से हमारी बहुत बड़ी उम्मीदें थीं। फिर से निराश होना बहुत मुश्किल है। हम मौके बनाने और खेल की रफ्तार बनाए रखने में संघर्ष करते रहे।’ मैच में खास ब्राजील Vs जापान ब्राजील ने इंजरी टाइम में छीनी जीत जापान ने 29वें मिनट में बढ़त बनाई। काइशू सानो ने मिडफील्ड में ब्राजील की गलत पासिंग का फायदा उठाकर दूर से दाएं पैर से शानदार गोल किया। ब्राजील ने 56वें मिनट में बराबरी की। गैब्रियल मागाल्हाइस के असिस्ट पर कासेमिरो ने हेडर से गोल किया। इससे 2 मिनट पहले उनका हेडर जापान के गोलकीपर जियोन सुजुकी ने रोक लिया था। 58वें मिनट में विनीसियस जूनियर के पास बढ़त दिलाने का मौका था, लेकिन सुजुकी ने उनका शॉट डिफ्लेक्ट कर दिया और गेंद पोस्ट से टकराकर बाहर चली गई। ब्राजील के कोच कार्लो एंसेलोटी ने दूसरे हाफ में गैब्रियल मार्टिनेली को उतारा। उन्होंने इंजरी टाइम के छठे मिनट में विजयी गोल कर टीम को 2-1 से जीत दिला दी। एंसेलोटी बोले- हमारा टारगेट टॉप लेवल फुटबॉल खेलना है एंसेलोटी ने कहा, ‘हम मैदान पर नई ऊर्जा लाना चाहते थे, क्योंकि मार्टिनेली काफी तीव्रता से खेलते हैं। जब भी वह मैदान पर उतरते हैं, अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हम अच्छा खेल रहे हैं, लेकिन हमें इससे संतुष्ट नहीं होना चाहिए। हमारा लक्ष्य सबसे ऊंचे स्तर का फुटबॉल खेलना है।’ पहले गोल के बाद एंसेलोटी ने अपनी टीम की वापसी की तारीफ करते हुए कहा, ‘गलतियां हर टीम से होती हैं, लेकिन उनसे उबरना जरूरी है। दूसरे हाफ में टीम ने यही किया।’ कासेमिरो दूसरे हाफ के इंजरी टाइम के पहले मिनट में पैर की चोट के कारण मैदान से बाहर चले गए। मैच के बाद उनकी चोट की गंभीरता की जानकारी नहीं दी गई। ब्राजील के स्टार खिलाड़ी नेमार इस मुकाबले में नहीं खेले। वे पिछले मैच में सिर्फ 14 मिनट खेले थे। एंसेलोटी ने कहा कि उन्हें उतारने पर विचार किया गया था, लेकिन जरूरत नहीं पड़ी। मैच में खास ब्राजील अपने ग्रुप में टॉप पर रहा ब्राजील ने ग्रुप C में मोरक्को से ड्रॉ और हैती व स्कॉटलैंड पर जीत के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया था। सोमवार की जीत उसके 1958 में स्वीडन में जीते पहले वर्ल्ड कप खिताब की वर्षगांठ के दिन आई। वहीं जापान ग्रुप F में नीदरलैंड और स्वीडन से ड्रॉ तथा ट्यूनीशिया पर जीत के बाद उपविजेता बनकर नॉकआउट में पहुंचा था। ————————————————–
चार बार का चैंपियन जर्मनी फुटबॉल वर्ल्ड कप से बाहर:पराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में हराया; आखिरी मिनट में मार्टिनेली के गोल से जीता ब्राजील

फुटबॉल वर्ल्ड कप में मंगलवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। जब पराग्वे ने चार बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर बाहर कर दिया। इससे पहले 5 बार की चैंपियन ब्राजील ने एक रोमांचक मुकाबले में जापान को 2-1 से हराते हुए प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। टीम 20वीं बार राउंड ऑफ 16 में पहुंची है। ब्राजील अब राउंड ऑफ-16 में आइवरी कोस्ट या नॉर्वे से भिड़ेगा, जबकि पराग्वे का मुकाबला फ्रांस और स्वीडन के विजेता से होगा। गिल ने 2 सेव किए; मार्टिनेली ने आखिरी मिनट में गोल किया फॉक्सबोरो में फीफा रैंकिंग में 34वें नंबर की टीम पराग्वे ने राउंड ऑफ 32 में 12वें नंबर की जर्मनी को कड़ी टक्कर दी। निर्धारित समय और इंजरी टाइम के बाद स्कोर 1-1 की बराबरी पर रहा। पेनल्टी शूटआउट में जोस कैनाले ने पहला सडन डेथ पेनल्टी गोल किया, जबकि गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने दो अहम बचाव कर टीम को जीत दिलाई। इधर, ह्यूस्टन में ब्राजील की जीत आखिरी क्षणों में आई। दूसरे हाफ में सब्स्टीट्यूट के तौर पर उतरे गैब्रियल मार्टिनेली ने इंजरी टाइम के छठे मिनट में गोल कर मुकाबला खत्म होने से ठीक पहले टीम को जीत दिला दी। आगे दोनों मैच रिपोर्ट जर्मनी Vs पराग्वे इंजरी टाइम में जोनाथन ताह का गोल अमान्य हुआ पराग्वे ने 42वें मिनट में बढ़त बनाई। मिगेल अल्मिरोन के पास पर मातियास गालार्सा ने क्रॉस किया, जिस पर जूलियो एनसिसो ने हेडर से गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। जर्मनी ने 52वें मिनट में वापसी की। फ्लोरियन विर्ट्ज के क्रॉस पर काई हैवर्ट्ज ने हेडर से बराबरी का गोल किया। अतिरिक्त समय के 102वें मिनट में जोनाथन ताह ने कॉर्नर पर गोल किया, लेकिन वीडियो रिव्यू में वाल्डेमार एंटोन द्वारा गोलकीपर ऑरलैंडो गिल को धक्का देने की पुष्टि होने पर गोल रद्द कर दिया गया। जर्मनी ने पहले हाफ में 78% गेंद पर कब्जा रखा, लेकिन पराग्वे की 4-5-1 रक्षात्मक रणनीति नहीं तोड़ सका। ग्रुप स्टेज में 10 गोल करने के बावजूद टीम नॉकआउट में संघर्ष करती दिखी। गोलकीपर गिल बोले- हर प्लेयर का विश्लेषण किया मैच के बाद ऑरलैंडो गिल ने कहा, ‘हमने हर खिलाड़ी और हर छोटी बात का विश्लेषण किया था। उसी की बदौलत मैं सिर्फ दो पेनल्टी मिस होने दे पाया। यह जीत पराग्वे के सभी लोगों के लिए है।’ जोस कैनाले ने कहा, ‘हमने साबित कर दिया कि हमारी टीम कितनी एकजुट है। आज हमें अपना असली खेल दिखाना था।’ काई हैवर्ट्ज ने हार के बाद कहा, ‘इस वर्ल्ड कप से हमारी बहुत बड़ी उम्मीदें थीं। फिर से निराश होना बहुत मुश्किल है। हम मौके बनाने और खेल की रफ्तार बनाए रखने में संघर्ष करते रहे।’ मैच में खास ब्राजील Vs जापान ब्राजील ने इंजरी टाइम में छीनी जीत जापान ने 29वें मिनट में बढ़त बनाई। काइशू सानो ने मिडफील्ड में ब्राजील की गलत पासिंग का फायदा उठाकर दूर से दाएं पैर से शानदार गोल किया। ब्राजील ने 56वें मिनट में बराबरी की। गैब्रियल मागाल्हाइस के असिस्ट पर कासेमिरो ने हेडर से गोल किया। इससे 2 मिनट पहले उनका हेडर जापान के गोलकीपर जियोन सुजुकी ने रोक लिया था। 58वें मिनट में विनीसियस जूनियर के पास बढ़त दिलाने का मौका था, लेकिन सुजुकी ने उनका शॉट डिफ्लेक्ट कर दिया और गेंद पोस्ट से टकराकर बाहर चली गई। ब्राजील के कोच कार्लो एंसेलोटी ने दूसरे हाफ में गैब्रियल मार्टिनेली को उतारा। उन्होंने इंजरी टाइम के छठे मिनट में विजयी गोल कर टीम को 2-1 से जीत दिला दी। एंसेलोटी बोले- हमारा टारगेट टॉप लेवल फुटबॉल खेलना है एंसेलोटी ने कहा, ‘हम मैदान पर नई ऊर्जा लाना चाहते थे, क्योंकि मार्टिनेली काफी तीव्रता से खेलते हैं। जब भी वह मैदान पर उतरते हैं, अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हम अच्छा खेल रहे हैं, लेकिन हमें इससे संतुष्ट नहीं होना चाहिए। हमारा लक्ष्य सबसे ऊंचे स्तर का फुटबॉल खेलना है।’ पहले गोल के बाद एंसेलोटी ने अपनी टीम की वापसी की तारीफ करते हुए कहा, ‘गलतियां हर टीम से होती हैं, लेकिन उनसे उबरना जरूरी है। दूसरे हाफ में टीम ने यही किया।’ कासेमिरो दूसरे हाफ के इंजरी टाइम के पहले मिनट में पैर की चोट के कारण मैदान से बाहर चले गए। मैच के बाद उनकी चोट की गंभीरता की जानकारी नहीं दी गई। ब्राजील के स्टार खिलाड़ी नेमार इस मुकाबले में नहीं खेले। वे पिछले मैच में सिर्फ 14 मिनट खेले थे। एंसेलोटी ने कहा कि उन्हें उतारने पर विचार किया गया था, लेकिन जरूरत नहीं पड़ी। मैच में खास ब्राजील अपने ग्रुप में टॉप पर रहा ब्राजील ने ग्रुप C में मोरक्को से ड्रॉ और हैती व स्कॉटलैंड पर जीत के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया था। सोमवार की जीत उसके 1958 में स्वीडन में जीते पहले वर्ल्ड कप खिताब की वर्षगांठ के दिन आई। वहीं जापान ग्रुप F में नीदरलैंड और स्वीडन से ड्रॉ तथा ट्यूनीशिया पर जीत के बाद उपविजेता बनकर नॉकआउट में पहुंचा था। ————————————————– फुटबॉल वर्ल्ड कप की जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… नॉर्वे पहली बार आइवरी कोस्ट से भिड़ेगा, FIFA वर्ल्ड कप में आज 3 मुकाबले FIFA वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ-32 में आज तीन मुकाबले खेले जाएंगे। पहले मैच में आइवरी कोस्ट का सामना नॉर्वे से होगा। दोनों टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला भारतीय समय के हिसाब से 30 जून रात 10:30 बजे डलास स्टेडियम में खेला जाएगा। पढ़ें पूरी खबर







