Sunday, 04 Oct 2026 | 09:08 PM

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श्रीसंत बोले- इंडिया को कोच नहीं, धोनी जैसा मेंटर चाहिए:गंभीर की कोचिंग पर सवाल उठाए, कहा- उनका तरीका गलत

श्रीसंत बोले- इंडिया को कोच नहीं, धोनी जैसा मेंटर चाहिए:गंभीर की कोचिंग पर सवाल उठाए, कहा- उनका तरीका गलत

पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज एस श्रीसंत ने टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि टीम इंडिया को ट्रेडिशनल कोच नहीं, बल्कि महेंद्र सिंह धोनी जैसे मेंटर की जरूरत है। 43 साल के श्रीसंत ने कहा- ‘कोच बदल दीजिए। भारत को कोच नहीं, मेंटर की जरूरत है।’ लल्लनटॉप को दिए एक इंटरव्यू में श्रीसंत ने कहा- ‘खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव बनाने के बजाय मार्गदर्शन और भरोसा देने वाली लीडरशिप टीम के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। श्रीसंत से टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टेस्ट टीम के हालिया प्रदर्शन पर सवाल किया गया था। श्रीसंत ने कहा कि उन्हें न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली सीरीज हार गौतम गंभीर के कार्यकाल में आई। उनकी कोचिंग शैली से आपत्ति है। पिछले साल भारतीय टीम अपने घर में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2-0 से हार गई थी। तब भी गंभीर की कोचिंग पर सवाल उठे थे। कहा- टीम के साथ बड़े भाई जैसा रिश्ता चाहिए श्रीसंत ने कहा कि टीम के साथ बड़े भाई जैसा रिश्ता होना चाहिए। केवल जीत पर खुश होना और हार पर नाराज होना काफी नहीं है। खिलाड़ियों को सहयोग और विश्वास की जरूरत होती है। उन्होंने पूर्व तेज गेंदबाज ने महेंद्र सिंह धोनी का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय टीम की कई सफलताओं के पीछे उनकी सोच और नेतृत्व शैली रही है। वर्ल्ड कप की जीत में सिर्फ कोच का योगदान नहीं श्रीसंत ने 2026 टी20 विश्व कप जीत का पूरा श्रेय गौतम गंभीर को दिए जाने पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि खिलाड़ियों और कप्तान के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, ‘जब टीम ने वर्ल्ड कप जीता तो पूरा श्रेय गंभीर को दिया गया। लेकिन, अगर सैमसन नहीं होते, सूर्यकुमार यादव कप्तानी नहीं करते और सही समय पर गेंदबाजी में बदलाव नहीं होते, तो क्या भारत जीत पाता?’ श्रीसंत ने यह भी कहा कि मैदान पर फैसले खिलाड़ी और कप्तान लेते हैं। भारत के लिए 2 वर्ल्ड कप जीत चुके हैं श्रीसंथ दाएं हाथ के तेज गेंदबाज एस श्रीसंथ ने भारत की ओर से 2 वर्ल्ड कप जीते हैं। वे 2011 में वनडे और 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम इंडिया का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने 27 टेस्ट मैचों में 87 विकेट झटके हैं। उन्होंने 53 वनडे और टी-20 इंटरनेशनल मैच भी खेले हैं। IPL के 44 मैच में श्रीसंत के नाम 40 विकेट हैं। 2013 में फिक्सिंग के आरोप में श्रीसंत पर लगा था बैन मई 2013 में IPL के दौरान उन पर स्पॉट फिक्सिंग के आरोप लगे थे। उन्हें दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद BCCI ने उन्हें लाइफ टाइम के लिए बैन कर दिया गया था। हालांकि, इन आरोपों के खिलाफ श्रीसंत ने लंबी लड़ाई और साल 2015 में विशेष अदालत ने उन्हें आरोपों से बरी कर दिया था। साल 2018 में केरल हाईकोर्ट ने उन पर लगे अजीवन प्रतिबंध को खत्म किया। लेकिन, 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने उनके अपराध को बरकरार रखा। कोर्ट ने BCCI को उसकी सजा कम करने को कहा। बाद में बोर्ड ने उनपर लगे आजीवन प्रतिबंध को 7 साल तक कम कर दिया था, जो सितंबर 2020 में खत्म हो गया। 3 साल पहले उन पर केरल पुलिस ने धोखाधडी और ठगी का मामला दर्ज किया। ———————————– टीम इंडिया से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… हर्षित राणा तीसरे वनडे के लिए भारतीय टीम में शामिल तेज गेंदबाज हर्षित राणा को अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे के लिए टीम इंडिया में शामिल किया गया है। BCCI ने शुक्रवार को बताया कि राणा ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी में रिहैबिटेशन पूरा कर लिया है। वे चेन्नई में भारतीय टीम से जुड़ गए हैं। पढ़ें पूरी खबर

श्रीसंत बोले- इंडिया को कोच नहीं, धोनी जैसा मेंटर चाहिए:गंभीर की कोचिंग पर सवाल उठाए, कहा- उनका तरीका गलत

श्रीसंत बोले- इंडिया को कोच नहीं, धोनी जैसा मेंटर चाहिए:गंभीर की कोचिंग पर सवाल उठाए, कहा- उनका तरीका गलत

पूर्व भारतीय पेसर एस श्रीसंत ने टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि इंडिया को ट्रेडिशनल कोच नहीं, बल्कि एमएस धोनी जैसे मेंटर की जरूरत है। 43 साल के श्रीसंत ने कहा- ‘कोच बदल दीजिए। भारत को कोच नहीं, मेंटर की जरूरत है।’ उन्होंने लल्लनटॉप से कहा- ‘खिलाड़ियों पर ज्यादा दबाव बनाने के बजाय मार्गदर्शन और भरोसा देने वाला नेतृत्व टीम के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है।’ श्रीसंत ने भारतीय टेस्ट टीम के हालिया प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली सीरीज हार पर गंभीर की कोचिंग शैली पर आपत्ति जताई। भारतीय टीम पिछले साल अपने घर में साउथ अफ्रीका से 2-0 से हार गई थी। तब भी गंभीर की कोचिंग पर सवाल उठे थे। कहा- टीम के साथ बड़े भाई जैसा रिश्ता चाहिए श्रीसंत ने कहा कि टीम के साथ बड़े भाई जैसा रिश्ता होना चाहिए। केवल जीत पर खुश होना और हार पर नाराज होना काफी नहीं है। खिलाड़ियों को सहयोग और विश्वास की जरूरत होती है। उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय टीम की कई सफलताओं के पीछे उनकी सोच और नेतृत्व शैली रही है। वर्ल्ड कप की जीत में सिर्फ कोच का योगदान नहीं श्रीसंत ने 2026 टी-20 वर्ल्ड कप जीत का पूरा श्रेय गौतम गंभीर को दिए जाने पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि खिलाड़ियों और कप्तान के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, ‘जब टीम ने वर्ल्ड कप जीता तो पूरा श्रेय गंभीर को दिया गया। लेकिन, सैमसन नहीं होते, सूर्यकुमार यादव कप्तानी नहीं करते और सही समय पर गेंदबाजी में बदलाव नहीं होते, तो क्या भारत जीत पाता?’ भारत के लिए 2 वर्ल्ड कप जीत चुके हैं श्रीसंथ दाएं हाथ के तेज गेंदबाज एस श्रीसंथ ने भारत की ओर से 2 वर्ल्ड कप जीते हैं। वे 2011 में वनडे और 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम इंडिया का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने 27 टेस्ट मैचों में 87 विकेट झटके हैं। उन्होंने 53 वनडे और टी-20 इंटरनेशनल मैच भी खेले हैं। IPL के 44 मैच में श्रीसंत के नाम 40 विकेट हैं। 2013 में फिक्सिंग के आरोप में श्रीसंत पर लगा था बैन मई 2013 में IPL के दौरान उन पर स्पॉट फिक्सिंग के आरोप लगे थे। उन्हें दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद BCCI ने उन्हें लाइफ टाइम के लिए बैन कर दिया गया था। हालांकि, इन आरोपों के खिलाफ श्रीसंत ने लंबी लड़ाई और साल 2015 में विशेष अदालत ने उन्हें आरोपों से बरी कर दिया था। साल 2018 में केरल हाईकोर्ट ने उन पर लगे अजीवन प्रतिबंध को खत्म किया। लेकिन, 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने BCCI को उसकी सजा कम करने को कहा। बाद में बोर्ड ने उन पर लगे आजीवन प्रतिबंध को 7 साल तक कम कर दिया था, जो सितंबर 2020 में खत्म हो गया। 3 साल पहले उन पर केरल पुलिस ने धोखाधडी और ठगी का मामला दर्ज किया। ———————————– टीम इंडिया से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… हर्षित राणा तीसरे वनडे के लिए भारतीय टीम में शामिल तेज गेंदबाज हर्षित राणा को अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे के लिए टीम इंडिया में शामिल किया गया है। BCCI ने शुक्रवार को बताया कि राणा ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी में रिहैबिटेशन पूरा कर लिया है। वे चेन्नई में भारतीय टीम से जुड़ गए हैं। पढ़ें पूरी खबर

अमेरिका के 11 शहरों की कहानी कहता फीफा वर्ल्ड कप:फुटबॉल का अनूठा रंग; कहीं लैटिन कार्निवल तो कहीं मैक्सिकन फुटबॉल का कल्चर

अमेरिका के 11 शहरों की कहानी कहता फीफा वर्ल्ड कप:फुटबॉल का अनूठा रंग; कहीं लैटिन कार्निवल तो कहीं मैक्सिकन फुटबॉल का कल्चर

जब फुटबॉल का बुखार अमेरिका पहुंचता है, तो वह किसी एक राष्ट्रीय संस्कृति से बंधे देश में प्रवेश नहीं करता। अर्जेंटीना, ब्राजील, इंग्लैंड या जर्मनी जैसे देशों में फुटबॉल पूरे देश को एक धागे में पिरोता है। लेकिन अमेरिका इसके ठीक उलट एक बिल्कुल अलग और अनूठा अनुभव पेश कर रहा है। इस बार का फीफा वर्ल्ड कप अमेरिका के 11 अलग-अलग शहरों में खेला जा रहा है और इनमें से हर शहर का अपना एक अलग प्रवासी इतिहास, अपनी खेल परंपराएं और अपनी एक विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है। इस वजह से अमेरिका के इन 11 अलग-अलग श्शहर रूपी देशों’ के अनूठे मिजाज का एक वैश्विक जश्न नजर आ रहा है। मियामी के लैटिन कार्निवल वाले माहौल से लेकर लॉस एंजिलिस की मैक्सिकन फुटबॉल संस्कृति तक, यह वर्ल्ड कप किसी एक राष्ट्र की कहानी न होकर, अलग-अलग शहरों की कहानी बनता जा रहा है। 1. मियामी – मेसी का गढ़, कैफे और बार में स्पेनिश फैंस का शोर जब से मेसी इंटर मियामी क्लब से जुड़े हैं, तब से दक्षिण फ्लोरिडा में फुटबॉल एक सांस्कृतिक घटना बन गया है। बार और कैफे स्पेनिश, अंग्रेजी और पुर्तगाली भाषाओं के शोर से गूंज उठते हैं। इस दौरान मियामी एक अमेरिकी शहर की तरह कम और लैटिन अमेरिका की फुटबॉल राजधानी की तरह ज्यादा महसूस होने वाला है। 2. लॉस एंजिलिस – मैक्सिकन मूल की सबसे बड़ी आबादी यहीं यह मैक्सिको के बाहर मैक्सिकन मूल की सबसे बड़ी आबादी वाला शहर है। दीवारों पर बने भित्ति चित्र, स्थानीय लीग और फैन ग्रुप इस शहर को एक ऐसी फुटबॉल पहचान देते हैं, जिससे यहां का माहौल ग्वाडलहारा या मॉन्टेरी (मैक्सिको के शहर) जैसा लगता है। 3. डलास – जहां फुटबॉल से मिलती है टेक्सास की भव्यता यहां हर चीज बहुत बड़ी और भव्य होती है। डलास मजबूत मैक्सिकन-अमेरिकी फुटबॉल परंपराओं को टेक्सास शैली की महत्वाकांक्षा के साथ जोड़ता है। कॉर्पोरेट हॉस्पिटैलिटी जोन, बड़े पैमाने पर फैन फेस्टिवल और विशाल बुनियादी ढांचा इस शहर को टूर्नामेंट के मुख्य आकर्षणों में से एक बनाती हैं। 4. न्यूयॉर्क – न्यू जर्सी: एक स्टेडियम में बसी पूरी दुनिया यह क्षेत्र बड़ी संख्या में भारतीय, बांग्लादेशी, पाकिस्तानी, डोमिनिकन, इक्वाडोरियन, नाइजीरियाई, मिस्र, इतालवी, आयरिश, लैटिन अमेरिकी समुदायों का घर है। स्टेडियम तक की ट्रेन यात्रा में ही आधा दर्जन देशों के समर्थक एक साथ मिल सकते हैं। 5. ह्यूस्टन – लैटिन अमेरिकी कल्चर, फुटबॉल पहले से जीवन का हिस्सा शहर की बड़ी मैक्सिकन, मध्य अमेरिकी और दक्षिण अमेरिकी आबादी ने दशकों से यहां एक संपन्न फुटबॉल संस्कृति का निर्माण किया है। सामुदायिक लीग और युवा एकेडमी पहले से ही प्रवासी लोगों के लिए मेलजोल का जरिया हैं। यहां फुटबॉल रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा है। 6. सिएटल – डिजिटल युग का फुटबॉल, यहां उच्च शिक्षित फैंस सिएटल ने जिस स्वाभाविक तरीके से फुटबॉल को अपनाया है, वैसा बहुत कम अमेरिकी शहरों ने किया है। शहर की संस्कृति में पारंपरिक समर्थकों के जुनून के साथ-साथ एक युवा, उच्च शिक्षित टेक वर्कफोर्स का प्रभाव दिखता है। डेटा-संचालित फैन एंगेजमेंट और डिजिटल समुदाय यहां की फुटबॉल का हिस्सा है। 7. सैन फ्रांसिस्को – ‘सिलिकॉन वैली’ से मिलेगा खूबसूरत खेल बे एरिया की फुटबॉल कहानी खुद इस क्षेत्र को दर्शाती है। मैच सांता क्लारा में हो रहे हैं, जो सिलिकॉन वैली का दिल है। भारत, चीन से लेकर लैटिन अमेरिका और यूरोप तक के इस क्षेत्र के अप्रवासी समुदाय फुटबॉल का सपोर्ट कर रहे हैं। एआई, ऑगमेंटेड रि​यलिटी के जरिए फैंस को लुभाया जा रहा है। 8. फिलाडेल्फिया – यूरोप के पारंपरिक फुटबॉल जैसा जुनून यहां के फैंस अपने भावनात्मक जुड़ाव और वफादारी के लिए जाने जाते हैं। यह संस्कृति इस शहर को टूर्नामेंट के सबसे शानदार माहौल वाले स्थानों में से एक बनाती है। फिलाडेल्फिया के फैंस की भीड़ यूरोप के पारंपरिक फुटबॉल शहरों की याद दिलाती है। 9. बोस्टन – क्लब फुटबॉल का भी रोमांच आयरिश, पुर्तगाली, इतालवी और लैटिन अमेरिकी समुदायों ने पीढ़ियों से स्थानीय फुटबॉल परंपराओं को कायम रखा है। पूरे शहर के पब नियमित रूप से प्रीमियर लीग, चैम्पियंस लीग जैसे क्लब फुटबॉल टूर्नामेंट के दौरान भर जाते हैं। 10. अटलांटा – सबसे तेजी से उभरता शहर यह शहर अमेरिका के दक्षिण में सबसे तेजी से बढ़ते अंतरराष्ट्रीय केंद्रों में से एक के रूप में उभरा है, जो अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और एशिया के प्रवासियों को आकर्षित कर रहा है। हालांकि, लोग अभी भी अटलांटा की फुटबॉल संस्कृति को कम आंकते हैं। 11. कंसास – अमेरिका की फुटबॉल राजधानी फुटबॉल के जानकारों के बीच कंसास सिटी की प्रतिष्ठा अक्सर बाहरी लोगों को आश्चर्यचकित करती है। इस शहर ने फुटबॉल के बुनियादी ढांचे में भारी निवेश किया है और यह अमेरिका में सबसे मजबूत फुटबॉल समुदायों में से एक है।

मूवी रिव्यू- कॉकटेल 2:प्यार और दोस्ती के बदलते मायनों की कहानी, शाहिद, कृति और रश्मिका की तिकड़ी छोड़ती है असर

Movie Review_ Cocktail 2, the story of changing equation of love, friendship and relations, shahid, kriti and rashmika stole the show

कास्ट- शाहिद कपूर, कृति सेनन, रश्मिका मंदाना डायरेक्टर- होमी अदजानिया ड्यूरेशन- 2 घंटे 30 मिनट रेटिंग- 3.5/5 14 साल पहले आई ‘कॉकटेल’ ने दोस्ती, प्यार और रिश्तों की उलझनों को एक नए अंदाज में पेश किया था। अब निर्देशक होमी अदजानिया ‘कॉकटेल 2’ लेकर आए हैं। इस बार कहानी पहले से ज्यादा परिपक्व है। फिल्म प्यार मिलने की नहीं, बल्कि प्यार को बचाए रखने की मुश्किलों पर बात करती है। यही वजह है कि इसकी कहानी आज के युवाओं और लंबे रिश्तों में रह रहे लोगों से जुड़ती हुई नजर आती है। कैसी है फिल्म की कहानी? कुणाल (शाहिद कपूर) और दिया (रश्मिका मंदाना) कई सालों से साथ हैं। दोनों का रिश्ता बाहर से स्थिर दिखता है, लेकिन भीतर कई अनकहे सवाल मौजूद हैं। शादी, करियर और भविष्य को लेकर दोनों की सोच अलग होने लगती है। इसी दौरान उनकी जिंदगी में एली (कृति सेनन) की एंट्री होती है। एली की मौजूदगी सिर्फ रिश्ते में हलचल नहीं लाती, बल्कि तीनों किरदारों को अपने फैसलों और भावनाओं का सामना करने पर मजबूर करती है। फिल्म की अच्छी बात यह है कि यह किसी एक किरदार को सही या गलत साबित करने की कोशिश नहीं करती। कहानी धीरे-धीरे आगे बढ़ती है और रिश्तों के उन पहलुओं को छूती है, जिनसे ज्यादातर लोग कभी न कभी गुजरते हैं। कैसी है स्टारकास्ट की एक्टिंग? शाहिद कपूर ने कुणाल के किरदार को काफी सहजता से निभाया है। उनके हिस्से में ज्यादा शोर मचाने वाले सीन नहीं हैं, लेकिन इमोशनल सीन में वह असर छोड़ते हैं। रश्मिका मंदाना का काम भी अच्छा है। उन्होंने अपने किरदार की उलझनों और असमंजस को स्वाभाविक तरीके से पर्दे पर उतारा है। कृति सेनन फिल्म की मजबूत कड़ी बनकर सामने आती हैं। उनका किरदार सिर्फ ग्लैमर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कहानी आगे बढ़ने के साथ कई परतें खोलता है। तीनों कलाकारों के बीच की केमिस्ट्री फिल्म को विश्वसनीय बनाती है। डायरेक्शन और तकनीकी पक्ष? होमी अदजानिया रिश्तों पर आधारित फिल्मों को हमेशा एक अलग विजुअल ट्रीटमेंट देते रहे हैं और यहां भी ऐसा ही देखने को मिलता है। फिल्म की रफ्तार ज्यादातर हिस्सों में संतुलित रहती है। संवाद बनावटी नहीं लगते और कई जगह सीधे दिल तक पहुंचते हैं। सिसिली की खूबसूरत लोकेशंस फिल्म को आकर्षक बनाती हैं। सिनेमैटोग्राफी शानदार है और कई दृश्य लंबे समय तक याद रहते हैं। कॉस्ट्यूम और प्रोडक्शन डिजाइन भी कहानी के माहौल को मजबूत बनाते हैं। हालांकि फिल्म का दूसरा भाग कुछ जगह थोड़ा लंबा महसूस होता है। कुछ भावनात्मक दृश्यों को छोटा रखा जाता तो प्रभाव और बेहतर हो सकता था। कुछ मोड़ ऐसे भी हैं जिनका अंदाजा पहले से लगाया जा सकता है। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? प्रीतम का संगीत फिल्म के मूड के साथ चलता है। गाने कहानी पर हावी होने की बजाय उसका हिस्सा बनते हैं। बैकग्राउंड स्कोर भी भावनात्मक दृश्यों को बेहतर बनाता है। हालांकि एल्बम में ऐसा कोई गीत नहीं है जो फिल्म खत्म होने के बाद लंबे समय तक साथ रहे, लेकिन कहानी के भीतर गानों का इस्तेमाल प्रभावी है। फाइनल वर्डिक्ट: फिल्म देखें या नहीं? ‘कॉकटेल 2’ रिश्तों की जटिलताओं को समझने और महसूस करने वाली फिल्म है। यह बड़े दावे नहीं करती और न ही हर सवाल का आसान जवाब देती है। कुछ कमजोरियों के बावजूद मजबूत अभिनय, खूबसूरत विजुअल्स और भावनात्मक ईमानदारी इसे एक अच्छी वीकेंड वॉच बनाते हैं। अगर आपको रिश्तों पर आधारित फिल्में पसंद हैं तो यह फिल्म आपको निराश नहीं करेगी।

कॉम्प्रोमाइज के लिए ऑफर हुए थे 1 लाख:पीके एक्ट्रेस मानवी बोलीं- ये नॉन-नेपोकिड के साथ होता रहता है, इन एक्ट्रेसेस ने भी झेला कास्टिंग काउच

कॉम्प्रोमाइज के लिए ऑफर हुए थे 1 लाख:पीके एक्ट्रेस मानवी बोलीं- ये नॉन-नेपोकिड के साथ होता रहता है, इन एक्ट्रेसेस ने भी झेला कास्टिंग काउच

पीके, किल दिल और शुभ मंगल ज्यादा सावधान जैसी फिल्मों में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस मानवी गागरू ने कास्टिंग काउच पर बड़ा खुलाया किया है। उन्होंने कहा है कि करियर की शुरुआत में उन्हें कॉम्प्रोमाइज करने के लिए 1 करोड़ रुपए का ऑफर मिला था। हाल ही में टू गर्ल्स विद टू कप्स के पॉडकास्ट में मानवी गागरू ने बताया है कि उन्हें करियर की शुरुआत में एक कॉर्डिनेटर की तरफ से मैसेज आया, जिसमें लिखा था, ‘बजट 1 लाख और साथ में कॉम्प्रोमाइज।’ एक्ट्रेस को लगा कि शायद बजट में कॉम्प्रोमाइज की बात हो रही होगी। आगे उन्होंने बताया, मैं उस समय इंडस्ट्री में नई थी। मैंने जवाब में लिखा कॉम्प्रोमाइज क्या। लेकिन फिर मैंने सवाल किया कि क्या वो इतनी बड़ी बात इतने आराम से लिख सकता है। इस इंसिडेंट के बाद एक्ट्रेस एक कास्टिंग डायरेक्टर के पास गईं, जिनके साथ वो काम कर रही थीं। उन्होंने कास्टिंग डायरेक्टर को मैसेज दिखाकर पूछा कि क्या ये उस तरह के कॉम्प्रोमाइज की बात कर रहे हैं। इस पर उन्हें उस शख्स को ब्लॉक करने की सलाह दी गई। एक्ट्रेस ने ये किस्सा शेयर करते हुए कहा है, ‘मुझे पहले वाकई लगा कि कॉम्प्रोमाइज मतलब, बजट से जुड़ा कॉम्प्रोमाइज होगा या GST जैसा कुछ होगा। ये वो चीज है, जो नॉन नेपोकिड्स के साथ होती रहती है।’ इन एक्ट्रेसेस के साथ भी हुआ कास्टिंग काउच जैसा एक्सपीरियंस राधिका आप्टे राधिका आप्टे ने बताया था कि एक फिल्म में रोल देने के बदले उनसे पूछा गया कि क्या वे उस व्यक्ति के साथ सोने में सहज होंगी। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में कई लोग ऐसे अनुभवों से गुजरते हैं लेकिन खुलकर बोल नहीं पाते। सुरवीन चावला सुरवीन चौला ने 2025 में एक इंटरव्यू में बताया कि एक निर्देशक ने उनसे मिलने के दौरान अचानक उन्हें किस करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि यह घटना उनकी शादी के बाद हुई थी और इससे वे काफी असहज हो गई थीं। मल्लिका शेरावत मल्लिका शेरावत ने कई बार कहा है कि कुछ लोग फिल्मों में काम देने के बदले निजी संबंधों की उम्मीद करते हैं। उनके अनुसार, अगर एक्ट्रेस ऐसी मांगों को ठुकरा दे तो कई बार उसे प्रोजेक्ट से बाहर भी कर दिया जाता है। ऋचा चड्ढा रिचा चड्ढा ने अपने शुरुआती करियर में मिले आपत्तिजनक ऑफर का जिक्र किया था। उन्होंने कहा कि नए कलाकारों को अक्सर ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ईशा कोपिकर ईशा कोप्पिकर ने दावा किया था कि एक बड़े एक्टर ने उन्हें किसी निर्माता के साथ दोस्ती बढ़ाने की सलाह दी थी ताकि उन्हें फिल्म मिल सके। उनके बयान ने उस समय काफी चर्चा बटोरी थी।

स्थापना दिवस पर शिवसेना के बागी यूबीटी सांसदों के शिंदे खेमे में शामिल होने की संभावना नहीं, दलबदल की चर्चा जारी | भारत समाचार

BAN vs AUS Live Score: Follow latest updates from 2nd T20I. (AP Photo)

आखरी अपडेट:19 जून, 2026, 10:29 IST व्हिप जारी होने के बावजूद गुरुवार को नई दिल्ली में बुलाई गई संसदीय दल की बैठक में शिवसेना (यूबीटी) के छह लोकसभा सांसदों के शामिल नहीं होने के बाद अटकलें तेज हो गईं। शिवसेना पहले ही एक बार विनाशकारी विभाजन का अनुभव कर चुकी है, यहां तक ​​कि एक ताजा विद्रोह की अफवाहें भी संगठन के भीतर चिंता पैदा करने के लिए पर्याप्त हैं। शिवसेना यूबीटी संकट: अटकलों के विपरीत, शिवसेना (यूबीटी) के छह लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की संभावित संभावना के लिए इंतजार करना पड़ सकता है, सूत्रों ने संकेत दिया है कि शुक्रवार को पार्टी के स्थापना दिवस समारोह के दौरान कोई औपचारिक शामिल होने की संभावना नहीं है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिव सेना (यूबीटी) और शिंदे के नेतृत्व वाली शिव सेना दोनों शुक्रवार को अविभाजित शिव सेना का 60वां स्थापना दिवस मना रही हैं। व्यापक अटकलें थीं कि मुंबई में एनईएससीओ में शिंदे गुट के स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान छह सेना (यूबीटी) सांसद औपचारिक रूप से शिंदे गुट में शामिल होंगे। हालाँकि, सूत्रों ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि प्रेरण शुक्रवार को नहीं होगा, यह दर्शाता है कि इसे टाल दिया गया है। इसके अतिरिक्त, शिवसेना ने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसद पार्टी में शामिल होने वाले हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने कहा कि पार्टी में शुक्रवार को ऐसा कोई शामिल नहीं किया जाएगा। शिवसेना (यूबीटी) नेतृत्व ने भी इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। व्हिप जारी होने के बावजूद गुरुवार को नई दिल्ली में बुलाई गई संसदीय दल की बैठक में शिवसेना (यूबीटी) के छह लोकसभा सांसदों के शामिल नहीं होने के बाद अटकलें तेज हो गईं। अनुपस्थित सांसद थे नागेश पाटिल-आष्टिकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजे निंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे। बैठक में केवल सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ही शामिल हुए, जिससे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के भीतर बढ़ती दरार पर प्रकाश पड़ा। शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि छह सांसदों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है और पार्टी ने उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। राउत ने संवाददाताओं से कहा, “कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हम उन्हें अयोग्य ठहराने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।” उन्होंने कहा कि पार्टी दल-बदल विरोधी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग करेगी और लोकसभा अध्यक्ष से कानून और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार कार्य करने का आग्रह करेगी। ऑपरेशन टाइगर क्या है? संभावित दलबदल की चर्चा तब तेज हो गई जब शिवसेना एमएलसी चंद्रकांत रघुवंशी ने दावा किया कि छह सेना (यूबीटी) सांसदों ने शिंदे के नेतृत्व में विश्वास जताया है और उनके गुट में शामिल होने के लिए तैयार हैं। इस घटनाक्रम ने 2022 में शिवसेना में विभाजन की यादें ताजा कर दी हैं, जब शिंदे विधायकों के एक बड़े समूह के साथ उद्धव ठाकरे से अलग हो गए थे, जिससे पार्टी में विभाजन हो गया था। जबकि शुक्रवार के स्थापना दिवस समारोह से छह सांसदों के भविष्य पर स्पष्टता मिलने की उम्मीद थी, सूत्रों ने अब संकेत दिया है कि यदि कोई औपचारिक प्रेरण होता है, तो उसे फिलहाल के लिए टाल दिया गया है। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शोभित गुप्ता शोभित गुप्ता News18.com में उप-संपादक हैं और भारत और अंतर्राष्ट्रीय समाचारों को कवर करते हैं। वह भारत के रोजमर्रा के राजनीतिक मामलों और भू-राजनीति में रुचि रखते हैं। उन्होंने बीए पत्रकारिता (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया स्थापना दिवस पर बागी शिव सेना यूबीटी सांसदों के शिंदे खेमे में शामिल होने की संभावना नहीं, दलबदल की चर्चा जारी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)शिवसेना यूबीटी सांसदों का दलबदल(टी)शिवसेना स्थापना दिवस(टी)एकनाथ शिंदे गुट(टी)उद्धव ठाकरे गुट(टी)दलबदल विरोधी कानून भारत(टी)ऑपरेशन टाइगर शिव सेना(टी)लोकसभा सांसदों का क्रॉसओवर(टी)महाराष्ट्र राजनीति

तीसरे वनडे के लिए हर्षित राणा भारतीय टीम में शामिल:अफगानिस्तान के खिलाफ आखिरी वनडे मैच चेन्नई में खेला जाएगा, भारत सीरीज 2-0 से आगे

तीसरे वनडे के लिए हर्षित राणा भारतीय टीम में शामिल:अफगानिस्तान के खिलाफ आखिरी वनडे मैच चेन्नई में खेला जाएगा, भारत सीरीज 2-0 से आगे

अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले तीसरे और आखिरी वनडे मैच से ठीक पहले सिलेक्शन कमेटी ने तेज गेंदबाज हर्षित राणा को टीम में शामिल किया है। BCCI ने शुक्रवार को आधिकारिक अपडेट जारी कर इसकी जानकारी दी। हर्षित राणा ने बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में अपनी चोट का रिहैबिलिटेशन पूरा कर लिया है, जिसके बाद वे चेन्नई में भारतीय टीम से जुड़ गए हैं। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का अंतिम मुकाबला 20 जून (शनिवार) को चेन्नई में खेला जाएगा। भारतीय टीम पहले ही शुरुआती दोनों मैच जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना चुकी है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में फिटनेस टेस्ट पास कर टीम में वापसी हर्षित राणा पिछले कुछ समय से चोट के कारण टीम से बाहर थे। वे BCCI के डॉक्टरों और फिजियोथेरेपिस्ट की निगरानी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपनी फिटनेस पर काम कर रहे थे। फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद चयनकर्ताओं ने उन्हें तुरंत मुख्य टीम में शामिल करने का फैसला किया। तेज गेंदबाजी आक्रमण को मिली मजबूती हर्षित राणा के टीम से जुड़ने से भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण और मजबूत हो गया है। अब तक तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी मुख्य रूप से अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा संभाल रहे थे। राणा के आने से कप्तान शुभमन गिल के पास चेन्नई की परिस्थितियों के अनुसार तीन प्रमुख तेज गेंदबाजों का विकल्प उपलब्ध होगा। वहीं, स्पिन विभाग में कुलदीप यादव और वॉशिंगटन सुंदर की जोड़ी पहले से ही टीम की बड़ी ताकत मानी जा रही है। अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे के लिए भारतीय टीम शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), यशस्वी जायसवाल, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बराड़, हर्ष दुबे और हर्षित राणा।

तीसरे वनडे के लिए हर्षित राणा भारतीय टीम में शामिल:अफगानिस्तान के खिलाफ आखिरी वनडे मैच चेन्नई में खेला जाएगा, भारत सीरीज 2-0 से आगे

तीसरे वनडे के लिए हर्षित राणा भारतीय टीम में शामिल:अफगानिस्तान के खिलाफ आखिरी वनडे मैच चेन्नई में खेला जाएगा, भारत सीरीज 2-0 से आगे

तेज गेंदबाज हर्षित राणा को अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे के लिए टीम इंडिया में शामिल किया गया है। BCCI ने शुक्रवार को बताया कि हर्षित ने BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी में रिहैबिटेशन पूरा कर लिया है। वे चेन्नई में भारतीय टीम से जुड़ गए हैं। जहां 20 जून को वनडे सीरीज का तीसरा और आखिरी वनडे मैच खेला जाएगा। फिलहाल, भारतीय टीम 3 मैचों की सीरीज में 2-0 से आगे है। टीम ने पहले मैच में 7 विकेट और दूसरे मैच में 170 रन की जीत हासिल की थी। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में फिटनेस टेस्ट पास किया राणा पिछले कुछ समय से BCCI के डॉक्टरों और फिजियोथेरेपिस्ट की निगरानी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपनी फिटनेस पर काम कर रहे थे। फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम में शामिल किया। हर्षित के टीम से जुड़ने से भारत के पेस अटैक को मजबूती मिलेगी। क्योंकि, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज जैसे तेज गेंदबाज इस सीरीज में नहीं खेल रहे हैं। अब तक तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा के पास हैं। अब कप्तान शुभमन गिल के पास चेन्नई की परिस्थितियों के अनुसार तीन पेसर्स का विकल्प होगा। टी-20 वर्ल्डकप से पहले चोटिल हुए थे राणा हर्षित राणा टी-20 वर्ल्ड कप से पहले साउथ अफ्रीका के खिलाफ प्रैक्टिस मैच में चोटिल हो गए थे। चोट गंभीर होने के कारण उनकी सर्जरी करानी पड़ी। इसी वजह से वह टी-20 वर्ल्ड कप और IPL नहीं खेल सके। तीसरे वनडे के लिए भारतीय टीम शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), यशस्वी जायसवाल, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बराड़, हर्ष दुबे और हर्षित राणा।

तारक मेहता शो के बाघा सेट पर फूट-फूटकर रोए:मां को याद कर हुआ ब्रेकडाउन, रोकनी पड़ी शूटिंग, प्रोड्यूसर असित मोदी ने दिया सहारा

तारक मेहता शो के बाघा सेट पर फूट-फूटकर रोए:मां को याद कर हुआ ब्रेकडाउन, रोकनी पड़ी शूटिंग, प्रोड्यूसर असित मोदी ने दिया सहारा

टेलीविजन के पॉपुलर टीवी शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा में बाघा का किरदार निभाने वाले तन्मय वेकारिया का बीच शूटिंग ब्रेकडाउन हो गया। वो सेट र फूट-फूटकर रोए, जिसके बाद शो की शूटिंग कुछ देर के लिए रोकनी पड़ी। दरअसल तन्मय वेकारिया सेट पर ऑनस्क्रीन गर्लफ्रेंड बनीं बावरी के साथ एक लव स्टोरी से जुड़ा सीन कर रहे थे। डायरेक्टर ने जैसे ही एक्शन बोला, तन्मय सीन करने की बजाए फूट-फूटकर रो पड़ा। ऐसे में वहां मौजूद लोगों ने शूटिंग रुकवा दी। अब टीवी शो के सेट से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें शो के प्रोड्यूसर तन्मय का हाथ थामे उन्हें सहारा दे रहे हैं। बता दें कि कुछ समय पहले अक्टूबर 2025 में ही तन्मय वेकारिया की मां का निधन हुआ है। वो बेटे को बावा के रोल में काफी पसंद करती थीं। देखिए मां के साथ तन्मय की तस्वीरें- तन्मय वेकारिया के बारे में- तारक मेहता का उल्टा चश्मा शो के बारे में- तारक मेहता शो से जुड़ी ये कंट्रोवर्सी भी पढ़िए- दयाबेन ने छोड़ा शो, आज भी बिना लीड एक्ट्रेस के जारी शो शो में दिशा वकानी जेठालाल की पत्नी दयाबेन के रोल में थीं। 2017 में उन्होंने शो से मेटरनिटी लीव ली थी, लेकिन मां बनने के बाद भी वो शो में नहीं लौटीं। तब से ही लगातार शो में नई दयाबेन की कास्टिंग की खबरें आती रहती हैं। ये इकलौता शो है जो पिछले 9 सालों से बिना लीड एक्ट्रेस के चल रहा है। एक्टर्स के शो छोड़ने से भी बढ़ी कंट्रोवर्सी नेहा मेहता कंट्रोवर्सी 2020 में अंजलि भाभी का किरदार निभाने वालीं नेहा मेहता ने शो छोड़ दिया था। उनका कहना था कि सेट पर कई जगह अनुशासन और प्रोफेशनल माहौल की कमी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शो छोड़ने के बाद भी उन्हें उनका बकाया भुगतान नहीं मिला। इसके जवाब में प्रोडक्शन हाउस ने कहा कि नेहा ने जरूरी एग्जिट फॉर्मेलिटीज पूरी नहीं कीं, इसलिए फाइनल पेमेंट नहीं हो सका। तारक मेहता बने शैलेश लौढ़ा ने शो छोड़ा 2022 में शैलेश लोढ़ा ने भी शो छोड़ दिया। बाद में उन्होंने निर्माताओं पर पूरा भुगतान न करने का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की। जेनियर मिस्त्री ने प्रोड्यूसर पर लगाए सेक्शुअल हैरेसमेंट के आरोप 2023 में जेनिफर मिस्त्री बंसीवाल ने शो छोड़ते हुए निर्माता Asit Kumarr Modi, एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर जतीन बजाज और प्रोजेक्ट हेड सोहेल रमानी पर यौन उत्पीड़न (सेक्सुअल हैरेसमेंट) के आरोप लगाए। मई 2023 में मोनिका भदौरिया ने आरोप लगाया कि शो के सेट पर काम का माहौल अच्छा नहीं था और कई कलाकारों के पैसे रोके गए थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि मुनमुन दत्ता और असित मोदी के बीच अक्सर बहस होती थी। पलक सिधवानी कंट्रोवर्सी शो में सोनू भिड़े का किरदार निभाने वालीं पलक ने निर्माताओं पर उनका शोषण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बेहतर करियर अवसरों और स्वास्थ्य कारणों से शो छोड़ना चाहती थीं, लेकिन उन्हें कानूनी नोटिस भेजा गया। वहीं प्रोडक्शन हाउस का कहना था कि पलक ने अपने कॉन्ट्रैक्ट की कुछ शर्तों का उल्लंघन किया था। पलक ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने शो छोड़ने की जानकारी पहले ही दे दी थी और सभी नियमों का पालन किया था।

तारक मेहता शो के बाघा सेट पर फूट-फूटकर रोए:मां को याद कर हुआ ब्रेकडाउन, रोकनी पड़ी शूटिंग, प्रोड्यूसर असित मोदी ने दिया सहारा

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टेलीविजन के पॉपुलर टीवी शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा में बाघा का किरदार निभाने वाले तन्मय वेकारिया का बीच शूटिंग ब्रेकडाउन हो गया। वो सेट र फूट-फूटकर रोए, जिसके बाद शो की शूटिंग कुछ देर के लिए रोकनी पड़ी। दरअसल तन्मय वेकारिया सेट पर ऑनस्क्रीन गर्लफ्रेंड बनीं बावरी के साथ एक लव स्टोरी से जुड़ा सीन कर रहे थे। डायरेक्टर ने जैसे ही एक्शन बोला, तन्मय सीन करने की बजाए फूट-फूटकर रो पड़ा। ऐसे में वहां मौजूद लोगों ने शूटिंग रुकवा दी। अब टीवी शो के सेट से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें शो के प्रोड्यूसर तन्मय का हाथ थामे उन्हें सहारा दे रहे हैं। बता दें कि कुछ समय पहले अक्टूबर 2025 में ही तन्मय वेकारिया की मां का निधन हुआ है। वो बेटे को बावा के रोल में काफी पसंद करती थीं। देखिए मां के साथ तन्मय की तस्वीरें- तन्मय वेकारिया के बारे में- तारक मेहता का उल्टा चश्मा शो के बारे में- तारक मेहता शो से जुड़ी ये कंट्रोवर्सी भी पढ़िए- दयाबेन ने छोड़ा शो, आज भी बिना लीड एक्ट्रेस के जारी शो शो में दिशा वकानी जेठालाल की पत्नी दयाबेन के रोल में थीं। 2017 में उन्होंने शो से मेटरनिटी लीव ली थी, लेकिन मां बनने के बाद भी वो शो में नहीं लौटीं। तब से ही लगातार शो में नई दयाबेन की कास्टिंग की खबरें आती रहती हैं। ये इकलौता शो है जो पिछले 9 सालों से बिना लीड एक्ट्रेस के चल रहा है। एक्टर्स के शो छोड़ने से भी बढ़ी कंट्रोवर्सी नेहा मेहता कंट्रोवर्सी 2020 में अंजलि भाभी का किरदार निभाने वालीं नेहा मेहता ने शो छोड़ दिया था। उनका कहना था कि सेट पर कई जगह अनुशासन और प्रोफेशनल माहौल की कमी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शो छोड़ने के बाद भी उन्हें उनका बकाया भुगतान नहीं मिला। इसके जवाब में प्रोडक्शन हाउस ने कहा कि नेहा ने जरूरी एग्जिट फॉर्मेलिटीज पूरी नहीं कीं, इसलिए फाइनल पेमेंट नहीं हो सका। तारक मेहता बने शैलेश लौढ़ा ने शो छोड़ा 2022 में शैलेश लोढ़ा ने भी शो छोड़ दिया। बाद में उन्होंने निर्माताओं पर पूरा भुगतान न करने का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की। जेनियर मिस्त्री ने प्रोड्यूसर पर लगाए सेक्शुअल हैरेसमेंट के आरोप 2023 में जेनिफर मिस्त्री बंसीवाल ने शो छोड़ते हुए निर्माता Asit Kumarr Modi, एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर जतीन बजाज और प्रोजेक्ट हेड सोहेल रमानी पर यौन उत्पीड़न (सेक्सुअल हैरेसमेंट) के आरोप लगाए। मई 2023 में मोनिका भदौरिया ने आरोप लगाया कि शो के सेट पर काम का माहौल अच्छा नहीं था और कई कलाकारों के पैसे रोके गए थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि मुनमुन दत्ता और असित मोदी के बीच अक्सर बहस होती थी। पलक सिधवानी कंट्रोवर्सी शो में सोनू भिड़े का किरदार निभाने वालीं पलक ने निर्माताओं पर उनका शोषण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बेहतर करियर अवसरों और स्वास्थ्य कारणों से शो छोड़ना चाहती थीं, लेकिन उन्हें कानूनी नोटिस भेजा गया। वहीं प्रोडक्शन हाउस का कहना था कि पलक ने अपने कॉन्ट्रैक्ट की कुछ शर्तों का उल्लंघन किया था। पलक ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने शो छोड़ने की जानकारी पहले ही दे दी थी और सभी नियमों का पालन किया था।