उम्र रोकने की दवा के पहली बार इंसान पर परीक्षण:ग्लूकोमा से पीड़ित एक मरीज की एक आंख की पुतली में लगाया गया इंजेक्शन

मेडिकल साइंस के सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों में से एक ‘रिवर्स-एजिंग’ यानी बुढ़ापा रोकने की दवा का इंसानों पर पहला ट्रायल शुरू हो गया है। दावा है कि पहली बार उम्र के असर को उलटने वाला इंजेक्शन किसी इंसान को लगाया गया है। इसे लॉन्गेविटी साइंस में बड़ा मोड़ माना जा रहा है। अमेरिका के बोस्टन स्थित बायोटेक स्टार्टअप ‘लाइफ बायोसाइंसेज’ ने बताया कि उनके पहले मरीज को सेल्यूलर रीप्रोग्रामिंग का इंजेक्शन दे दिया गया है। परीक्षण के तहत यह इंजेक्शन ग्लूकोमा (काला मोतिया) से पीड़ित एक मरीज की एक आंख की पुतली में लगाया गया है। इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य उम्र बढ़ने के कारण कमजोर हो चुकी कोशिकाओं को फिर से युवा और सक्रिय बनाना है। अगले 6 महीने तक वैज्ञानिक इसके असर और साइड इफेक्ट्स पर नजर रखेंगे। इससे पहले चूहों और बंदरों पर हो चुका है सफल टेस्ट इस प्रयोग के पहले चरण में ग्लूकोमा से पीड़ित एक मरीज की एक आंख में सीधे यह प्रयोगात्मक जीन थेरेपी इंजेक्ट की गई है। अब डॉक्टर और वैज्ञानिक आने वाले कई महीनों तक मरीज की बारीकी से निगरानी करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह तकनीक इंसानी शरीर के लिए पूरी तरह सुरक्षित है या नहीं। इस थेरेपी में सबसे पहले मरीज की आंख में एक सिंगल जीन थेरेपी इंजेक्शन दिया जाता है। इसके बाद कुछ हफ्तों तक एंटीबायोटिक दवाओं का एक विशेष कोर्स कराया जाता है। यह एंटीबायोटिक दवा शरीर के भीतर जाकर उन तीन इलाज करने वाले जीनों के लिए ‘ऑन स्विच’ का काम करती है जो कोशिकाओं को रीप्रोग्राम (युवा) करना शुरू करते हैं। इससे पहले चूहों और बंदरों पर हुए टेस्ट में इसने उनकी रोशनी सफलतापूर्वक वापस लौटा दी थी। इस थैरेपी के लिए इंसानों की आंख को इसलिए चुना गया है, क्योंकि आंख शरीर के बाकी हिस्सों से अलग और सुरक्षित होती है। इससे साइड इफेक्ट्स पर नजर रखना भी आसान होता है। परीक्षण सफल रहा तो एजिंग थेरेपी का नया दौर लाइफ बायोसाइंसेज के सीईओ जेरी मैकलॉघलिन ने कहा कि यह उनकी कंपनी या एजिंग बायोलॉजी ही नहीं, पूरे चिकित्सा विज्ञान के लिए संभावित रूप से बड़ा और परिवर्तनकारी पल है। अगर यह क्लिनिकल ट्रायल सफल रहा, तो एजिंग थेरेपी में नया युग शुरू हो सकता है। लक्ष्य पूरे शरीर की कोशिकाओं को फिर से युवा और सक्रिय बनाना है, ताकि उम्र बढ़ने के साथ डीएनए के काम करने और उसके एक्सप्रेशन के तरीके में सुधार हो सके। अरबपतियों और फार्मा कंपनियों का निवेश इस तकनीक में अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस और ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन समेत कई बड़े निवेशकों ने पैसा लगाया है। एली लिली और मर्क जैसी दवा कंपनियां भी इस आइडिया में निवेश बढ़ा रही हैं। इंसानों पर ट्रायल से पहले यह रिसर्च चूहों और बंदरों तक सीमित थी। ————- ये खबरें भी पढ़ें… रूस बुढ़ापा रोकने की तकनीक बना रहा:सुअर के अंदर इंसानी अंग उगाने पर काम जारी, ₹2.47 लाख करोड़ का एंटी एजिंग प्रोजेक्ट रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने बढ़ती उम्र और शरीर की कमजोरी को रोकने के लिए 26 अरब डॉलर यानी करीब 2.47 लाख करोड़ रुपए का बड़ा सरकारी प्रोजेक्ट शुरू किया है। ‘न्यू हेल्थ प्रिजर्वेशन टेक्नोलॉजीज’ नाम के इस प्रोग्राम में विशेष प्रजाति के सुअर के अंदर इंसानी अंग उगाने जैसे तकनीकों पर काम किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें… ‘जीन क्लॉक’ बताएगी किस उम्र में थमेगी जिंदगी:शोध में दावा- जीन गतिविधि से उम्र जानना पुराने तरीकों से ज्यादा कारगर वैज्ञानिकों ने एक ऐसी ‘मॉलिक्यूलर क्लॉक’ (आणविक घड़ी) तैयार की है, जो इंसानों की जीन गतिविधि के आधार पर उनकी वास्तविक जैविक (बायोलॉजिकल) उम्र और यहां तक कि उनकी मौत के संभावित समय की भविष्यवाणी कर सकती है। पूरी खबर पढ़ें…
उम्र रोकने की दवा का पहली बार इंसान पर परीक्षण:ग्लूकोमा से पीड़ित एक मरीज की आंख की पुतली में लगाया गया इंजेक्शन

मेडिकल साइंस के सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों में से एक ‘रिवर्स-एजिंग’ यानी बुढ़ापा रोकने की दवा का इंसानों पर पहला ट्रायल शुरू हो गया है। पहली बार उम्र के असर को उलटने वाला इंजेक्शन किसी इंसान को लगाया गया है। अमेरिका के बोस्टन स्थित बायोटेक स्टार्टअप ‘लाइफ बायोसाइंसेज’ ने बताया कि उनके पहले मरीज को सेल्यूलर रीप्रोग्रामिंग का इंजेक्शन दे दिया गया है। परीक्षण के तहत यह इंजेक्शन ग्लूकोमा (काला मोतिया) से पीड़ित मरीज की एक आंख की पुतली में लगाया गया है। इस ट्रायल का मुख्य उद्देश्य उम्र बढ़ने के कारण कमजोर हो चुकी कोशिकाओं को फिर से युवा और सक्रिय बनाना है। अगले 6 महीने तक वैज्ञानिक इसके असर और साइड इफेक्ट्स पर नजर रखेंगे। इससे पहले चूहों और बंदरों पर हो चुका है सफल टेस्ट अब डॉक्टर और वैज्ञानिक आने वाले कई महीनों तक मरीज की बारीकी से निगरानी करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह तकनीक इंसानी शरीर के लिए पूरी तरह सुरक्षित है या नहीं। इस थेरेपी में सबसे पहले मरीज की आंख में एक सिंगल जीन थेरेपी इंजेक्शन दिया गया है। इसके बाद कुछ हफ्तों तक एंटीबायोटिक दवाओं का एक विशेष कोर्स कराया जाएगा। यह एंटीबायोटिक दवा शरीर के भीतर जाकर उन तीन इलाज करने वाले जीनों के लिए ‘ऑन स्विच’ का काम करेगी, जो कोशिकाओं को रीप्रोग्राम (युवा) करना शुरू करते हैं। इससे पहले चूहों और बंदरों पर हुए टेस्ट में इसने उनकी रोशनी सफलतापूर्वक वापस लौटा दी थी। इस थैरेपी के लिए इंसानों की आंख को इसलिए चुना गया है, क्योंकि आंख शरीर के बाकी हिस्सों से अलग और सुरक्षित होती है। इससे साइड इफेक्ट्स पर नजर रखना भी आसान होता है। परीक्षण सफल रहा तो एजिंग थेरेपी का नया दौर लाइफ बायोसाइंसेज के सीईओ जेरी मैकलॉघलिन ने कहा कि यह उनकी कंपनी या एजिंग बायोलॉजी ही नहीं, पूरे मेडिकल साइंस के लिए संभावित रूप से बड़ा और परिवर्तनकारी पल है। अगर यह क्लिनिकल ट्रायल सफल रहा, तो एजिंग थेरेपी में नया युग शुरू हो सकता है। लक्ष्य पूरे शरीर की कोशिकाओं को फिर से युवा और सक्रिय बनाना है, ताकि उम्र बढ़ने के साथ डीएनए के काम करने और उसके एक्सप्रेशन के तरीके में सुधार हो सके। अरबपतियों और फार्मा कंपनियों का निवेश इस तकनीक में अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस और ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन समेत कई बड़े निवेशकों ने पैसा लगाया है। एली लिली और मर्क जैसी दवा कंपनियां भी इस आइडिया में निवेश बढ़ा रही हैं। इंसानों पर ट्रायल से पहले यह रिसर्च चूहों और बंदरों तक ही सीमित थी, जो अब इंसानों तक पहुंच गई है। ————- ये खबरें भी पढ़ें… रूस बुढ़ापा रोकने की तकनीक बना रहा: सुअर के अंदर इंसानी अंग उगाने पर काम जारी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने बढ़ती उम्र और शरीर की कमजोरी को रोकने के लिए 26 अरब डॉलर यानी करीब 2.47 लाख करोड़ रुपए का बड़ा सरकारी प्रोजेक्ट शुरू किया है। ‘न्यू हेल्थ प्रिजर्वेशन टेक्नोलॉजीज’ नाम के इस प्रोग्राम में विशेष प्रजाति के सुअर के अंदर इंसानी अंग उगाने जैसे तकनीकों पर काम किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें… ‘जीन क्लॉक’ बताएगी किस उम्र में थमेगी जिंदगी: शोध में दावा- जीन गतिविधि से उम्र जानना पुराने तरीकों से ज्यादा कारगर वैज्ञानिकों ने एक ऐसी ‘मॉलिक्यूलर क्लॉक’ (आणविक घड़ी) तैयार की है, जो इंसानों की जीन गतिविधि के आधार पर उनकी वास्तविक जैविक (बायोलॉजिकल) उम्र और यहां तक कि उनकी मौत के संभावित समय की भविष्यवाणी कर सकती है। पूरी खबर पढ़ें…
बांग्लादेश ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया को वनडे सीरीज में हराया:दूसरा वनडे 5 विकेट से जीता; मुस्तफिजुर-तस्कीन ने 3-3 विकेट लिए

बांग्लादेश ने गुरुवार को ढाका स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हरा दिया। इसके साथ ही बांग्लादेश ने 3 मैचों की सीरीज में 2-0 से अजेय बढ़त बना ली। यह क्रिकेट इतिहास में पहली बार है, जब बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को वनडे सीरीज में हराया है। बांग्लादेश ने सीरीज का पहला मैच डकवर्थ लुइस नियम के तहत 86 रन से जीता था। ऑस्ट्रेलिया के 3 विकेट शून्य पर गिरे टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत किसी बुरे सपने की तरह रही। टीम ने बिना खाता खोले 3 विकेट गंवा दिए। पहले ओवर में तस्कीन अहमद ने मैथ्यू शॉर्ट को शून्य पर आउट किया। अगले ओवर में मुस्तफिजुर रहमान ने कूपर कॉनोली और मैट रेनशॉ को बिना खाता खोले पवेलियन भेजा। टीम ने 22वें ओवर में 81 रन तक 6 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद मार्नस लाबुशेन और जेवियर बार्टलेट के बीच 7वें विकेट के लिए 103 रन की साझेदारी हुई। हालांकि 184 रन पर ही ऑस्ट्रेलिया का 7वां और फिर 8वां विकेट गिरा। डकवर्थ लुइस से बांग्लादेश को टारगेट मिला 42 ओवर में ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 187/8 था, तभी बारिश आ गई। इसके बाद डकवर्थ लुइस नियम के तहत बांग्लादेश को 41 ओवर में 192 रन का टारगेट दिया गया। ऑस्ट्रेलिया के लिए लाबुशेन ने सबसे ज्यादा नाबाद 55 रन बनाए। बार्टलेट 52 रन बनाकर आउट हुए। श्रीलंका के लिए मुस्तफिजुर और तस्कीन ने 3-3 विकेट लिए। तन्वीर इस्लाम ने 2 विकेट लिए। बांग्लादेश ने भी शून्य पर पहला विकेट गंवाया रनचेज में बांग्लादेश ने दूसरी गेंद पर ही तंजीद हसन तमीम का विकेट गंवा दिया। हालांकि इसके बाद नजमुल हुसैन शांतो (41) और सौम्य सरकार (42) के बीच दूसरे विकेट के लिए 86 रन की साझेदारी हुई। हालांकि इसके बाद टीम ने 144 रन तक 5 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद तौहीद ह्रदोय और मेहदी हसन मिराज ने 51 की नाबाद साझेदारी कर टीम को जीत दिला दी। ह्रदोय ने 40* और मेहदी ने 22 रन बनाए। ———————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… 2027 वनडे वर्ल्ड कप 4 अक्टूबर से 21 नवंबर तक:54 में से 41 मैच साउथ अफ्रीका में होंगे; अगले महीने ICC ऐलान करेगी मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2027 की संभावित तारीखें तय हो गई हैं। टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर तक खेला जाएगा। क्रिकेट वेबसाइट ईएसपीएन क्रिकइंफों की रिपोर्ट के मुताबिक, मई में हुई अहमदाबाद ICC बोर्ड की बैठक में तारीखों पर सहमति बनी है। पूरी खबर पढ़ें…
बांग्लादेश ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया को वनडे सीरीज में हराया:दूसरा वनडे 5 विकेट से जीता; मुस्तफिजुर-तस्कीन ने 3-3 विकेट लिए

बांग्लादेश ने गुरुवार को ढाका स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हरा दिया। इसके साथ ही बांग्लादेश ने 3 मैचों की सीरीज में 2-0 से अजेय बढ़त बना ली। यह क्रिकेट इतिहास में पहली बार है, जब बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को वनडे सीरीज में हराया है। बांग्लादेश ने सीरीज का पहला मैच डकवर्थ लुइस नियम के तहत 86 रन से जीता था। ऑस्ट्रेलिया के 3 विकेट शून्य पर गिरे टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत किसी बुरे सपने की तरह रही। टीम ने बिना खाता खोले 3 विकेट गंवा दिए। पहले ओवर में तस्कीन अहमद ने मैथ्यू शॉर्ट को शून्य पर आउट किया। अगले ओवर में मुस्तफिजुर रहमान ने कूपर कॉनोली और मैट रेनशॉ को बिना खाता खोले पवेलियन भेजा। टीम ने 22वें ओवर में 81 रन तक 6 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद मार्नस लाबुशेन और जेवियर बार्टलेट के बीच 7वें विकेट के लिए 103 रन की साझेदारी हुई। हालांकि 184 रन पर ही ऑस्ट्रेलिया का 7वां और फिर 8वां विकेट गिरा। डकवर्थ लुइस से बांग्लादेश को टारगेट मिला 42 ओवर में ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 187/8 था, तभी बारिश आ गई। इसके बाद डकवर्थ लुइस नियम के तहत बांग्लादेश को 41 ओवर में 192 रन का टारगेट दिया गया। ऑस्ट्रेलिया के लिए लाबुशेन ने सबसे ज्यादा नाबाद 55 रन बनाए। बार्टलेट 52 रन बनाकर आउट हुए। श्रीलंका के लिए मुस्तफिजुर और तस्कीन ने 3-3 विकेट लिए। तन्वीर इस्लाम ने 2 विकेट लिए। बांग्लादेश ने भी शून्य पर पहला विकेट गंवाया रनचेज में बांग्लादेश ने दूसरी गेंद पर ही तंजीद हसन तमीम का विकेट गंवा दिया। हालांकि इसके बाद नजमुल हुसैन शांतो (41) और सौम्य सरकार (42) के बीच दूसरे विकेट के लिए 86 रन की साझेदारी हुई। हालांकि इसके बाद टीम ने 144 रन तक 5 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद तौहीद ह्रदोय और मेहदी हसन मिराज ने 51 की नाबाद साझेदारी कर टीम को जीत दिला दी। ह्रदोय ने 40* और मेहदी ने 22 रन बनाए। ———————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… 2027 वनडे वर्ल्ड कप 4 अक्टूबर से 21 नवंबर तक:54 में से 41 मैच साउथ अफ्रीका में होंगे; अगले महीने ICC ऐलान करेगी मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2027 की संभावित तारीखें तय हो गई हैं। टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर तक खेला जाएगा। क्रिकेट वेबसाइट ईएसपीएन क्रिकइंफों की रिपोर्ट के मुताबिक, मई में हुई अहमदाबाद ICC बोर्ड की बैठक में तारीखों पर सहमति बनी है। पूरी खबर पढ़ें…
राहुल तब, अभिषेक अब: ममता बनर्जी को सोनिया गांधी की पुरानी दुविधा का सामना करना पड़ रहा है | भारत समाचार

आखरी अपडेट:12 जून, 2026, 00:29 IST अपनी पार्टी के अस्तित्व और अपने भतीजे के भविष्य के बीच चयन करना ममता बनर्जी के लिए एक कठिन क्रूसिबल होगा कांग्रेस नेता सोनिया गांधी (बाएं) और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने हाल ही में एक बंद कमरे में बैठक की। फ़ाइल चित्र राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी: दो वंशज जो अपनी-अपनी पार्टियों के भीतर आंतरिक कलह के निर्णायक चेहरे बन गए हैं। कुछ साल पहले, “जी-23” विद्रोह ने कांग्रेस को भीतर से तोड़ दिया था। हालांकि किसी भी असंतुष्ट ने स्पष्ट रूप से राहुल गांधी को पद से हटने के लिए नहीं कहा, लेकिन गहरा असंतोष दिग्गज दिग्गजों के बीच बहिष्कार की बढ़ती भावना से उपजा था। कई लोगों ने सवाल उठाया कि जिन नेताओं ने यूपीए का निर्माण किया था और पार्टी को पुनर्जीवित किया था, उन्हें व्यवस्थित रूप से मुख्य निर्णय लेने वाले मैट्रिक्स से बाहर क्यों रखा जा रहा है। हालाँकि सोनिया गांधी ने कुछ विद्रोहियों को अलग-अलग बैठकों के लिए आमंत्रित किया, लेकिन उन्होंने दृढ़ता से यह मानने से इनकार कर दिया कि उनका बेटा संरचनात्मक समस्या का हिस्सा हो सकता है। समय के साथ, असहमति फीकी पड़ गई; गुलाम नबी आज़ाद जैसे दिग्गज चले गए, जबकि अन्य लोग चुपचाप सिस्टम में वापस आ गए। अंत में, खून पानी से अधिक गाढ़ा साबित हुआ। आज, राहुल गांधी कांग्रेस के निर्विवाद केंद्र के रूप में खड़े हैं, जिससे जो लोग बचे हैं वे सोनिया गांधी पर पुत्र मोह (अंध मातृ मोह) से ग्रस्त होने का कटु आरोप लगा रहे हैं। आज तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की स्थिति में काफी समानताएं हैं, जिसमें अभिषेक बनर्जी एक व्यापक आंतरिक विद्रोह के केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। इस टकराव का नवीनतम शिकार कल्याण बनर्जी हैं, जो हाल तक ममता बनर्जी के सबसे वफादार रक्षकों में से एक के रूप में खड़े थे। अब, रिपोर्टों से पता चलता है कि उन्होंने अपने पद पर बने रहने के लिए पार्टी सुप्रीमो के सामने एक स्पष्ट, समझौता न करने वाला अल्टीमेटम रखा है: या तो पार्टी या अभिषेक। वह इस भावना में अकेले नहीं हैं। हालिया आंतरिक विद्रोह को चलाने वाले कई लोग सीधे तौर पर पार्टी की वर्तमान गिरावट के पीछे प्राथमिक चालक के रूप में अभिषेक बनर्जी की ऊपर से नीचे की कार्यशैली की ओर इशारा करते हैं। कांग्रेस के पुराने नेताओं की तरह, कई दिग्गज नेता, जिन्होंने टीएमसी की स्थापना के बाद से उसके लिए खून-पसीना बहाया है, खुद को लगातार दरकिनार किया जा रहा है। उनके विचार में, अभिषेक की तीव्र प्रगति ने संगठन के डीएनए को मौलिक रूप से बदल दिया है। ममता बनर्जी के विपरीत, जो पारंपरिक रूप से कच्ची राजनीतिक प्रवृत्ति और जमीनी हकीकतों से गहरा संबंध रखती हैं, अभिषेक को अक्सर जमीनी स्तर के कैडर के साथ एक सीमित बंधन वाला माना जाता है। आलोचक उन्हें एक ऐसे योग्य नेता के रूप में देखते हैं जो पैराशूट से सत्ता में आया है, जो कठिन सार्वजनिक लामबंदी की तुलना में कॉर्पोरेट, बोर्डरूम-शैली प्रबंधन में कहीं अधिक सहज है। एक पार्टी जो मां, माटी, मानुष की कच्ची, भावनात्मक भावना पर बनी थी, अब, उनके विचार में, यांत्रिक रूप से बाहरी सलाहकारों, मैट्रिक्स और ड्राइंग-बोर्ड राजनीति के माध्यम से चल रही है। फिर भी, अभिषेक के सबसे आलोचक भी अपनी निराशा का एक बड़ा हिस्सा स्वयं ममता बनर्जी के लिए आरक्षित रखते हैं। अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि उन्हें यह अनुमान लगाना चाहिए था कि उनका भाईपो (भतीजा) कभी भी एक युद्ध-कठिन पुराने गार्ड के लिए सार्वभौमिक रूप से स्वीकार्य नहीं हो सकता है। अपनी पार्टी के अस्तित्व और अपने भतीजे के भविष्य के बीच चयन करना ममता बनर्जी के लिए एक कठिन क्रूसिबल होगा। सोनिया गांधी को ठीक उसी दुविधा का सामना करना पड़ा और उन्होंने अपने बेटे को चुना। हालाँकि, महत्वपूर्ण अंतर दोनों संगठनों के संरचनात्मक स्थायित्व में बना हुआ है; जबकि सबसे पुरानी कांग्रेस अपनी असहमति को आत्मसात करने और आगे बढ़ने में कामयाब रही, टीएमसी आज कहीं अधिक गहरे, संभावित अस्तित्वगत आंतरिक संकट का सामना करती दिख रही है। ममता बनर्जी के लिए, राजनीतिक व्यावहारिकता पर खून की जीत हो सकती है – लेकिन उनकी विरासत की कीमत कभी भी इससे अधिक नहीं रही है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में पल्लवी घोष पल्लवी घोष ने 15 वर्षों तक राजनीति और संसद को कवर किया है, और कांग्रेस, यूपीए- I और यूपीए- II पर बड़े पैमाने पर रिपोर्टिंग की है, और अब उन्होंने अपनी रिपोर्ट में वित्त मंत्रालय और नीति आयोग को भी शामिल किया है। एस…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया राहुल तब, अभिषेक अब: ममता बनर्जी को सोनिया गांधी की पुरानी दुविधा का सामना करना पड़ रहा है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)ममता बनर्जी(टी)बीजेपी(टी)एनडीए(टी)संसद(टी)अभिषेक बनर्जी(टी)कांग्रेस(टी)राहुल गांधी(टी)सोनिया गांधी
पीले दांतों का घरेलू उपचार: दांतों का पीलापन दूर करने का रामबाण उपाय, बस इस फल के छिलके का करें इस्तेमाल!

पीले दांतों का घरेलू उपचार: मुस्कान न केवल आपके आभूषण को पुष्ट करती है, बल्कि व्यक्तित्व में भी चार चाँद लगाती है। लेकिन चाय, चॉकलेट, जंक फूड और गलत खान-पान के कारण दांतों पर चॉकलेट के टुकड़े जमने लगते हैं, जिसे हमारा कॉन्फिडेंस लो हो जाता है। केले के अनोखे से चमकेंगे दांत जिस केले के छिलके को आप कूड़े में फेंक देते हैं, वह आपके दांतों को मोती सा चमका सकता है। केले के छिलके में पोटेशियम, मैग्नीज और मैग्नीशियम जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो दांतों के इनेमल को साफ करने में मदद करते हैं। केले के छिलके का उपयोग कैसे किया जाता है? केले के टुकड़े का एक टुकड़ा लें और उसके हिस्सों को अपने दांतों पर लगभग 2-3 मिनट तक पतले हाथों से काटें। इसके बाद 10 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर सामान्य टूथपेस्ट से ब्रूस कर लें। हफ्ते में 3 बार ऐसा करने से आपको महसूस हुआ बेकार। इंस्टीट्यूट सोडा से चमकेगा दांत फ़्रैंचाइज़ी सिलिकॉन इंजीनियरिंग एजेंट के रूप में काम करता है। यह दांतों की सतह से जिद्दी दागों को हटाने में मदद करता है। आप थोड़ी मात्रा में सोलर सोडा लें और इसमें कुछ बूंदे पानी मिलाकर पेस्ट बना लें। आप इसे सप्ताह में एक बार ब्रून्स की मदद से अपने दांतों का रैंचें। आप इस बात का ध्यान रखें कि आपको सबसे ज्यादा फायदा नहीं होगा। इन दांतों के इनेमल को नष्ट कर दिया जाता है। ऑयल पुल्लिंग के नुस्खे से चमकेगा दांत दांतों की सेहत के लिए नारियल तेल से ‘ऑयल पुलिंग’ बनाने का सबसे पुराना और असरदार तरीका है। एक शुद्ध नारियल का तेल मुंह में लें और उसे 5-10 मिनट तक अच्छी तरह से डुबोएं और फिर ठिकाना लगाएं। इससे मुंह के बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं और दांत सफेद हो जाते हैं। दांतों को चमकाने के लिए क्या स्थायी है? दांतों की सफेदी बनाए रखने के लिए आहार में कुकुरी की दुकान जैसे गाजर, खेड़ा और सेब को शामिल करें। ये ‘नेचुरल टूथब्रश’ ऐसे ही काम करता है और दांतों को साफ रखता है। ज़्यादातर कैफ़ीन से हो सकते हैं दांत पीले यदि आप अधिक मात्रा में चाय, कॉफ़ी, कोल्ड ड्रिंक या फिर तम्बाकू का सेवन करते हैं तो यह अनुपयुक्त है। क्योंकि ये आपके दांतों पर प्रारंभिक खंड परत को जमाते हैं। ये भी पढ़ें – यूरिक एसिड कम करने के लिए खाद्य पदार्थ: यूरिक एसिड कम करना है तो इन 8 आदतों को आज ही शामिल करें, तुरंत मिलेगा आराम
‘बहुत हो गई उदारता’: सुनेत्रा पवार ने राकांपा नेताओं को हस्तक्षेप के खिलाफ चेतावनी दी, आगे सख्त रुख अपनाने का संकेत दिया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:11 जून, 2026, 22:56 IST खुद को पार्टी के हितों के संरक्षक के रूप में पेश करते हुए सुनेत्रा पवार ने कहा कि राकांपा संगठनात्मक प्राथमिकताओं को व्यक्तिगत आकांक्षाओं से ऊपर रखेगी। अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के भीतर चल रहे आंतरिक समायोजन और संगठनात्मक प्रभाव और नियुक्तियों के लिए नेताओं के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच इस टिप्पणी को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। (फाइल फोटो) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने गुरुवार को अपना सबसे मजबूत राजनीतिक संदेश दिया, पार्टी नेताओं को “अनावश्यक हस्तक्षेप” के खिलाफ चेतावनी दी और संकेत दिया कि संगठन पार्टी के हित में कठोर निर्णय लेने में संकोच नहीं करेगा। मुंबई में राकांपा के 27वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए, पवार ने पार्टी पर अपने अधिकार का दावा करते हुए सख्त लहजे में कहा और दोनों नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संकेत दिया कि आगे चलकर अनुशासन से समझौता नहीं किया जा सकता। किसी भी व्यक्ति का नाम लिए बिना, पवार ने कहा कि उन्होंने अब तक पार्टी के भीतर सभी को समायोजित किया है और समझा है, लेकिन आगाह किया कि भविष्य में संगठन के लिए हानिकारक किसी भी कार्रवाई की बारीकी से जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, “पार्टी में अब तक जो कुछ भी हुआ है, मैंने उसे समझा है और सभी को समायोजित किया है। लेकिन अगर भविष्य में कोई अनावश्यक हस्तक्षेप होगा, तो निश्चित रूप से उस पर विचार किया जाएगा।” अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के भीतर चल रहे आंतरिक समायोजन और संगठनात्मक प्रभाव और नियुक्तियों के लिए नेताओं के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच इस टिप्पणी को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। खुद को पार्टी के हितों के संरक्षक के रूप में पेश करते हुए, पवार ने कहा कि राकांपा संगठनात्मक प्राथमिकताओं को व्यक्तिगत आकांक्षाओं से ऊपर रखेगी। उन्होंने दिवंगत राकांपा नेता अजित पवार की नेतृत्व शैली का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी के हित में उनके द्वारा लिए गए फैसले आगे भी लिए जाते रहेंगे, भले ही वे कठोर दिखें। उन्होंने कहा, “पार्टी हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। दादा ने संगठन के लिए जिस तरह के कठिन फैसले लिए थे, वे आगे भी लिए जाएंगे। हो सकता है कि यह मेरे लिए स्वाभाविक न हो, लेकिन मैं उस रास्ते पर चलने का प्रयास करूंगी।” पवार ने उन कार्यों के खिलाफ चेतावनी भी जारी की जो पार्टी की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने नेताओं और पदाधिकारियों से संयम बरतने का आग्रह करते हुए कहा, “एनसीपी की कोई भी मानहानि हम सभी की मानहानि है। मुझे उम्मीद है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होगी जहां मुझे सख्त रुख अपनाने के लिए मजबूर होना पड़े।” साथ ही, उन्होंने पार्टी कैडर को यह कहते हुए आश्वस्त करने की कोशिश की कि वफादारी, प्रतिबद्धता और कड़ी मेहनत पर ध्यान नहीं दिया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि विभिन्न राज्य निगमों और बोर्डों में नियुक्तियाँ जल्द ही की जाएंगी और कहा कि पार्टी की वफादारी और योगदान उन निर्णयों में प्रमुख मानदंड होंगे। जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के लिए एक संदेश में, पवार ने कहा कि पार्टी बाहर से शामिल होने वाले नेताओं को समायोजित करेगी, लेकिन यह सुनिश्चित करेगी कि लंबे समय से सेवा करने वाले कार्यकर्ताओं को दरकिनार न किया जाए। उन्होंने संकेत दिया कि नए प्रवेशकों को समायोजित करने और वफादार कैडर को पुरस्कृत करने के बीच संतुलन कार्य, पार्टी के संगठनात्मक विस्तार के अगले चरण को परिभाषित करेगा। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में मयूरेश गणपति News18.com के समाचार संपादक मयूरेश गणपति, राजनीति और नागरिक मुद्दों के साथ-साथ मानव हित की कहानियों पर लिखते हैं। वह एक दशक से अधिक समय से महाराष्ट्र और गोवा को कवर कर रहे हैं। @ पर उसका अनुसरण करें…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया ‘बहुत हो गई उदारता’: सुनेत्रा पवार ने राकांपा नेताओं को हस्तक्षेप के खिलाफ चेतावनी दी, आगे सख्त रुख का संकेत दिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सुनेत्रा पवार एनसीपी भाषण(टी)एनसीपी स्थापना दिवस(टी)अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी(टी)एनसीपी की आंतरिक राजनीति(टी)पार्टी अनुशासन संदेश(टी)एनसीपी संगठनात्मक निर्णय(टी)महाराष्ट्र की राजनीति(टी)एनसीपी नेतृत्व
सिग्नेचर मिसमैच मामले में अभिषेक बनर्जी से बंगाल सीआईडी ने 4 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की | भारत समाचार

आखरी अपडेट:11 जून, 2026, 22:51 IST पश्चिम बंगाल सीआईडी ने विधानसभा के एक प्रमुख प्रस्ताव पर हस्ताक्षरों में कथित विसंगतियों को लेकर कोलकाता में अभिषेक बनर्जी से चार घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की, जांच जारी है। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी. (छवि: पीटीआई) तृणमूल कांग्रेस नेता और डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी से पश्चिम बंगाल सीआईडी ने राज्य विधानसभा में प्रस्तुत एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव से जुड़े कथित हस्ताक्षर बेमेल मामले के संबंध में गुरुवार को चार घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा मामले में जांचकर्ताओं के सामने पेश होने के लिए बनर्जी को निर्देश देने के बाद कोलकाता में सीआईडी मुख्यालय में लंबी पूछताछ हुई। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ चार घंटे से भी अधिक समय तक जारी रही क्योंकि जांचकर्ताओं ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में प्रमुख विपक्षी पदों पर नियुक्तियों से संबंधित एक प्रस्ताव पर कई तृणमूल कांग्रेस विधायकों के हस्ताक्षर में कथित विसंगतियों के संबंध में जवाब मांगा। मामला किस बारे में है? सीआईडी इन आरोपों की जांच कर रही है कि एक महत्वपूर्ण विधानसभा प्रस्ताव पर कुछ तृणमूल विधायकों के हस्ताक्षर उनके मूल हस्ताक्षरों से मेल नहीं खाते हैं। यह विवाद विधानसभा में महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियों से संबंधित एक प्रस्ताव से संबंधित है, जिसमें विपक्ष के नेता और विपक्षी बेंच के लिए आरक्षित अन्य पद भी शामिल हैं। प्रस्ताव के साथ जमा किए गए हस्ताक्षरों में कथित तौर पर विसंगतियां सामने आने के बाद मामला सीआईडी को भेजा गया था। जांचकर्ताओं ने जांच के हिस्से के रूप में कई विधायकों से लिखावट के नमूने एकत्र किए हैं। प्रारंभिक निष्कर्षों में कथित तौर पर प्रस्ताव पर हस्ताक्षर और विधायकों के नमूना हस्ताक्षरों के बीच बेमेल होने का सुझाव दिया गया है। पेशी से पहले कई बार समन बनर्जी की उपस्थिति सीआईडी द्वारा जारी समन की एक श्रृंखला के बाद हुई। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ने पहले स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं और नई दिल्ली में राजनीतिक व्यस्तताओं सहित पूर्व प्रतिबद्धताओं का हवाला देते हुए अतिरिक्त समय मांगा था। उन्होंने पहले के समन को नजरअंदाज कर दिया था, जिसके चलते सीआईडी को कई नोटिस जारी करने पड़े और चेतावनी दी गई कि अगर वह पूछताछ से बचते रहे तो संभावित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी ने कहा है कि विवादित प्रस्ताव और कथित हस्ताक्षर विसंगतियों के आसपास की घटनाओं के अनुक्रम को स्थापित करने के लिए बनर्जी से पूछताछ महत्वपूर्ण है। जांच जारी है अधिकारियों ने बनर्जी से पूछे गए सवालों के विवरण का खुलासा नहीं किया है या क्या उन्हें आगे की पूछताछ के लिए फिर से बुलाया जा सकता है। सीआईडी जांच अभी भी जारी है, एजेंसी मामले से जुड़े दस्तावेजों, लिखावट के नमूनों और विधायकों के बयानों की जांच जारी रखे हुए है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में न्यूज़ डेस्क न्यूज़ डेस्क उत्साही संपादकों और लेखकों की एक टीम है जो भारत और विदेशों में होने वाली सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं का विवरण और विश्लेषण करती है। लाइव अपडेट से लेकर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से लेकर गहन व्याख्याताओं तक…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया सिग्नेचर मिसमैच मामले में अभिषेक बनर्जी से बंगाल सीआईडी ने 4 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)अभिषेक बनर्जी सीआईडी पूछताछ(टी)तृणमूल कांग्रेस नेता(टी)डायमंड हार्बर एमपी(टी)पश्चिम बंगाल सीआईडी जांच(टी)हस्ताक्षर बेमेल मामला(टी)कलकत्ता उच्च न्यायालय का आदेश(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा संकल्प(टी)विपक्ष विवाद पोस्ट करता है
एआई-171 आपदा: अनुत्तरित प्रश्न, छुपाए गए दावे और उत्तर के लिए परिवारों की लड़ाई |thehardfacts

जैसे-जैसे एयर इंडिया 171 आपदा के एक साल पूरे हो रहे हैं, जवाबदेही और जांच की सत्यनिष्ठा को लेकर सवाल तेज़ हो गए हैं। पीड़ितों के परिवार, पायलट और विमानन विशेषज्ञ प्रारंभिक रिपोर्ट को चुनौती देते हैं, जल्दबाजी में कही गई बातों, अनुत्तरित सबूतों और संभावित कवर-अप प्रयासों का आरोप लगाते हैं। महत्वपूर्ण सवाल यह है कि किस सबूत की जांच की गई है, क्या छोड़ दिया गया है, और क्या जांच परिवारों को पारदर्शिता और समापन दे रही है जिसके वे हकदार हैं। यह आपदा विमानन सुरक्षा, संस्थागत जवाबदेही और संवेदनशील जांच निष्कर्षों से निपटने के बारे में चिंताएं बढ़ा रही है। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_the-hard-facts News18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 11 जून, 2026, 22:10 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)जवाबदेही(टी)एआई171(टी)एयर इंडिया 171(टी)एयर इंडिया 171 आपदा(टी)एयर इंडिया दुर्घटना(टी)एयर इंडिया आपदा(टी)एयर इंडिया जांच(टी)विमान दुर्घटना जांच(टी)विमानन कवर अप(टी)विमानन विशेषज्ञ(टी)विमानन सुरक्षा(टी)सीएनएन-न्यूज18(टी)दावों को छिपाना(टी)दुर्घटना जांच(टी)महत्वपूर्ण साक्ष्य(टी)परिवार जवाब मांगते हैं(टी)भारत विमानन समाचार(टी)जांच अखंडता(टी)ताजा समाचार(टी)न्यूज18(टी)पायलट प्रश्न रिपोर्ट(टी)प्रारंभिक रिपोर्ट(टी)हड़बड़ी में बताई गई कहानी(टी)अनुत्तरित प्रश्न
यूरिक एसिड कम करने के लिए खाद्य पदार्थ: यूरिक एसिड कम करना है तो इन 8 आदतों को आज ही शामिल करें, तुरंत मिलेगा आराम

यूरिक एसिड कम करने के लिए खाद्य पदार्थ: टाइफाइड लाइफस्टाइल और खान-पान की गलत धारणा के कारण आज के समय में यूरिक एसिड की समस्या आम हो गई है। शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा अधिक होने से जोड़ों में दर्द, सूजन और सूजन-बैठने की समस्या हो जाती है। यदि समय रहते इसे नियंत्रित न किया जाए, तो यह गठिया बन जाता है। अच्छा यह है कि सही आहार अपनाकर आप प्राकृतिक रूप से यूरिक एसिड की बात कम कर सकते हैं। आइये आपको इस लेख में यूरिक एसिड के बारे में कुछ ऐसे ही सैद्धांतिक विचारों के लिए बताते हैं। जिससे आप अपने शरीर को डिटॉक्स कर सकते हैं और यूरिक एसिड से रेचक पा सकते हैं। प्रतिदिन पीएंमेल पानी टेम्पलेट में साइट्रिक एसिड होता है, जो यूरिक एसिड को ग्लूकोज़ने में मदद करता है। प्रतिदिन सुबह गुणगुणे पानी में नींबू का सेवन करने से शरीर के विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं। रोज़ पीसेब का सिरका यह क्लींजर का काम करता है। एक गिलास पानी में एक बड़ा चम्मच सिरका मिलाकर पीने से शरीर का पीएच स्तर स्थिर रहता है। चेरी और बेरीज़ स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और चेरी में ‘एंथोसाइनिन’ नामक तत्व होता है, जो सूजन को कम करता है और यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने में जादुई प्रभाव डालता है। प्रतिदिन पीएं ग्रीन टी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर ग्रीन टी मेटाबॉलिज्म को तेज करता है और शरीर से यूरिक एसिड को बाहर निकालने में सहायक होता है। यूरिक एसिड कम करने के लिए सामान्य समाधान रामबाण के लिए यूरिक एसिड का पानी। रात भर पानी में भीगी वस्तु का खाली पेट सेवन करना काफी आरामदायक है। अन्य खाने से होगा फ़ायदा ओट्स में सबसे बड़ी मात्रा होती है। यह शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को जानने और उसे शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। खेडा और गाजर प्रभावी गाजर और गाजर का रस शरीर को सीरमयुक्त करता है और यूरिक एसिड की अतिरिक्त मात्रा को बाहर निकालने में मदद करता है। खाने में जैतून के तेल का इस्तेमाल करें खाना पकाने के लिए जैतून के तेल का उपयोग करें। इसमें मौजूद विटामिन-ई और एंटीऑक्सीडेंट सूजन कम करने में सहायक होते हैं। ये भी पढ़ें – शिव राजयोग 2026: 24 जून से बन रहा है शिव योग, इन 6 राशियों को मिलेगा भाग्य का साथ; भाग्य का दरवाजा खुलना बंद हो गया (टैग्सटूट्रांसलेट)यूरिक एसिड(टी)उच्च यूरिक एसिड(टी)यूरिक एसिड कम करने वाले खाद्य पदार्थ(टी)यूरिक एसिड आहार(टी)यूरिक एसिड(टी)यूरिक एसिड सामग्री(टी)यूरिक एसिड नियंत्रण(टी)गाउट(टी)गाउट आहार(टी)कम प्यूरीन आहार






