Wednesday, 07 Oct 2026 | 05:22 AM

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जैकलीन के केस से जज ने खुद को अलग किया:सुकेश से जुड़े ₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुनवाई अब दूसरी बेंच करेगी

जैकलीन के केस से जज ने खुद को अलग किया:सुकेश से जुड़े ₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुनवाई अब दूसरी बेंच करेगी

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस की उस याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसमें उन्होंने 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय करने के दिल्ली अदालत के आदेश को चुनौती दी है। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस अतुल एस. चांदुरकर की बेंच ने सुनवाई की शुरुआत में जैकलीन के वकील और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बताया कि मामला किसी अन्य बेंच के सामने लिस्ट किया जाएगा। जस्टिस मिश्रा ने कहा कि एक संबंधित मामले में उनके बेटे सरकार की ओर से पेश हो चुके हैं। उन्होंने मामले को 25 जून को ऐसी बेंच के सामने लिस्ट करने का निर्देश दिया, जिसमें दोनों में से कोई एक सदस्य न हो। दिल्ली की एक अदालत ने 30 मई को जैकलीन फर्नांडिस, कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर और 15 अन्य लोगों के खिलाफ 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय करने का आदेश दिया था। जैकलीन 3 जून को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुई थीं। कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक्ट्रेस ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया था। क्या है 200 करोड़ का यह मामला यह पूरा मामला हाई-प्रोफाइल ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है। सुकेश पर आरोप है कि उसने दिल्ली की रोहिणी जेल के अंदर से ही फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से 200 करोड़ रुपए की जबरन वसूली की थी। जांच एजेंसी ED का दावा है कि सुकेश ने इसी वसूली की रकम का एक बड़ा हिस्सा जैकलीन फर्नांडिस और उनके परिवार पर खर्च किया था। सुकेश ने जैकलीन को लुभाने के लिए करोड़ों रुपए के गिफ्ट दिए थे। ED की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आरोपी हैं जैकलीन प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले की जांच के बाद दाखिल की गई अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जैकलीन फर्नांडिस को भी आरोपी बनाया था। ED का कहना है कि जैकलीन को सुकेश के आपराधिक बैकग्राउंड और जबरन वसूली के पैसों के बारे में पहले से जानकारी थी, इसके बावजूद उन्होंने उससे महंगे तोहफे लेना जारी रखा। इन गिफ्ट्स में लग्जरी गाड़ियां, महंगे ब्रांडेड बैग, कपड़े, ज्वेलरी और कई कीमती पेट्स (पालतू जानवर) शामिल थे। लीगल टीम की दलील- जैकलीन खुद पीड़ित हैं दूसरी तरफ, जैकलीन फर्नांडिस की लीगल टीम लगातार कोर्ट में यह दलील दे रही है कि एक्ट्रेस इस मामले में पूरी तरह निर्दोष हैं। उनके वकीलों का कहना है कि जैकलीन खुद सुकेश चंद्रशेखर की साजिश का शिकार हुई हैं और उन्होंने सुकेश को एक बिजनेसमैन समझकर उससे दोस्ती की थी। जांच के दौरान सुकेश और जैकलीन की कई निजी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। फिलहाल इस मामले में कोर्ट यह तय कर रहा है कि आरोपों के आधार पर केस को आगे कैसे बढ़ाया जाए।

जैकलीन के केस से जज ने खुद को अलग किया:सुकेश से जुड़े ₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुनवाई अब दूसरी बेंच करेगी

जैकलीन के केस से जज ने खुद को अलग किया:सुकेश से जुड़े ₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुनवाई अब दूसरी बेंच करेगी

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस की उस याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसमें उन्होंने 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय करने के दिल्ली अदालत के आदेश को चुनौती दी है। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस अतुल एस. चांदुरकर की बेंच ने सुनवाई की शुरुआत में जैकलीन के वकील और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बताया कि मामला किसी अन्य बेंच के सामने लिस्ट किया जाएगा। जस्टिस मिश्रा ने कहा कि एक संबंधित मामले में उनके बेटे सरकार की ओर से पेश हो चुके हैं। उन्होंने मामले को 25 जून को ऐसी बेंच के सामने लिस्ट करने का निर्देश दिया, जिसमें दोनों में से कोई एक सदस्य न हो। दिल्ली की एक अदालत ने 30 मई को जैकलीन फर्नांडिस, कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर और 15 अन्य लोगों के खिलाफ 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय करने का आदेश दिया था। जैकलीन 3 जून को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुई थीं। कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक्ट्रेस ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया था। क्या है 200 करोड़ का यह मामला यह पूरा मामला हाई-प्रोफाइल ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है। सुकेश पर आरोप है कि उसने दिल्ली की रोहिणी जेल के अंदर से ही फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से 200 करोड़ रुपए की जबरन वसूली की थी। जांच एजेंसी ED का दावा है कि सुकेश ने इसी वसूली की रकम का एक बड़ा हिस्सा जैकलीन फर्नांडिस और उनके परिवार पर खर्च किया था। सुकेश ने जैकलीन को लुभाने के लिए करोड़ों रुपए के गिफ्ट दिए थे। ED की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आरोपी हैं जैकलीन प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले की जांच के बाद दाखिल की गई अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जैकलीन फर्नांडिस को भी आरोपी बनाया था। ED का कहना है कि जैकलीन को सुकेश के आपराधिक बैकग्राउंड और जबरन वसूली के पैसों के बारे में पहले से जानकारी थी, इसके बावजूद उन्होंने उससे महंगे तोहफे लेना जारी रखा। इन गिफ्ट्स में लग्जरी गाड़ियां, महंगे ब्रांडेड बैग, कपड़े, ज्वेलरी और कई कीमती पेट्स (पालतू जानवर) शामिल थे। लीगल टीम की दलील- जैकलीन खुद पीड़ित हैं दूसरी तरफ, जैकलीन फर्नांडिस की लीगल टीम लगातार कोर्ट में यह दलील दे रही है कि एक्ट्रेस इस मामले में पूरी तरह निर्दोष हैं। उनके वकीलों का कहना है कि जैकलीन खुद सुकेश चंद्रशेखर की साजिश का शिकार हुई हैं और उन्होंने सुकेश को एक बिजनेसमैन समझकर उससे दोस्ती की थी। जांच के दौरान सुकेश और जैकलीन की कई निजी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। फिलहाल इस मामले में कोर्ट यह तय कर रहा है कि आरोपों के आधार पर केस को आगे कैसे बढ़ाया जाए।

बॉस ने नहीं दी सिक लीव, ऑफिस में ही मौत:2 बार मेडिकल भी दिखाया था; 29 साल की महिला ने वॉशरूम में दम तोड़ा

बॉस ने नहीं दी सिक लीव, ऑफिस में ही मौत:2 बार मेडिकल भी दिखाया था; 29 साल की महिला ने वॉशरूम में दम तोड़ा

साउथ अफ्रिकन महिला सीना धलधला की ऑफिस में मौत ने कॉर्पोरेट वर्क कल्चर को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। रोजबैंक स्थित कार्ट ट्रैक कंपनी में सेंटर एजेंट के रूप में काम करने वाली सीना धलधला लंबे समय से बीमार थी और ऑफिस के वॉशरूम में उनकी मौत हो गई। हर बार रिजेक्ट हुई एप्लिकेशन परिवार के लोगों ने बताया कि उसने छुट्‌टी के लिए दो बार एप्लिकेशन दी लेकिन हर बार उसे रिजेक्ट कर दिया गया। यहां तक कि महिला को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय उनके मैनेजर इस बात पर चर्चा कर रहे थे कि इलाच का खर्च कौन उठाएगा। कर्मचारियों ने कंपनी पर लगाया लापरवाही का आरोप सीना के साथ काम करने वाले कर्मचारियों ने कंपनी पर सीना की बीमारी को लेकर लापरवाही का आरोप लगाया है। सीना के साथ काम करने वाल एक व्यक्ति के अनुसार, मौत से एक दिन पहले सीना घुटनों के बल बैठकर रो रही थी। वह कह रही थी कि मैं बहुत बीमार हूं। उसके बाद भी मुझे शनिवार को भी आना है। वो भी तब जब मैंने बता दिया है कि मेरी तबियत बहुत खराब है। परिवार ने बुलाई प्राइवेट हॉस्पिटल से एंबुलेंस जिस दिन सीना की मौत हुई, उस दिन शाम को करीब साढ़े 6 बजे टीम लीडर ने उसे ऑफिस में बुलाया। जब वे वापिस आईं तो वे रो रही थीं। सीना की आंटी नोमुसा ने बताया कि उनकी भतीजी ने दो बार सिक लीव के लिए आवेदन किया था, जिसे ठुकरा दिया गया। वह फिजिकली और इमोशनली टूट चुकी थी। नोमुसा ने कहा कि मुझे खुद प्राइवेट हॉस्पिटल से एंबुलेंस बुलानी पड़ी। सीना के परिवार ने कंपनी पर लगाया आरोप सीना के परिवार का आरोप है कि मैनेजर ने एम्बुलेंस का इंतजार करने की बात कही, लेकिन उनके पास अस्पताल का कोई रेफरेंस नंबर भी नहीं था। वे सिर्फ ये कहते रहे कि नब्ज धीमी चल रही है लेकिन उन्होंने समय पर कोई कदम नहीं उठाया। सीना के रिक्वेस्ट करने पर कंपनी ने उससे यह कहा गया कि वह कंपनी की पॉलिसी का गलत इस्तेमाल कर रही है। लेबर एडवोकेट्स और सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा कि सीना की मौत एक वर्कप्लेस पर काम का प्रेशर होने का जीता जागता उदाहरण है। ये वही प्रेशर है जो कर्मचारियों के बीमार होने पर भी दिया जाता है। सीना की मौत ने ऑफिस की मेडिकल लीव पॉलिसीज पर भी सवाल खड़े किए हैं। ये खबर भी पढ़ें इंजीनियर की नौकरी बोरिंग लगी तो नूडल्‍स का स्‍टॉल लगाया:मेटा की नौकरी छोड़ी, मदद करती गर्लफ्रेंड के साथ वीडियो वायरल फाइनेंशियल एडवाइजर और कंटेंट क्रिएटर लुइसा ते ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो इंटरव्यू शेयर किया। ये इंटरव्यू एल्विन का है जो मेटा कंपनी से नौकरी छोड़ कर नूडल्स बेचने का काम कर रहे थे। पूरी खबर यहां पढ़ें

होर्मुज में 90 दिन फंसे रहे रायपुर के रुद्रांश:जहाज के ऊपर से गुजरती थीं मिसाइलें-ड्रोन, सायरन बजते ही इंजन रूम में छिपते थे

होर्मुज में 90 दिन फंसे रहे रायपुर के रुद्रांश:जहाज के ऊपर से गुजरती थीं मिसाइलें-ड्रोन, सायरन बजते ही इंजन रूम में छिपते थे

जैसे ही हमले का सायरन बजता, जहाज के सभी 22 कर्मचारी भागकर नीचे इंजन रूम में छिप जाते थे। आसमान में मिसाइलें, ड्रोन और फाइटर जेट चक्कर काट रहे होते थे और अंदर सब अपनी जान बचाने के लिए भगवान से प्रार्थना करते थे। रायपुर के रहने वाले रुद्रांश चौबे इस कार्गो शिप में असिस्टेंट कैप्टन और चीफ ऑफिसर हैं। उन्होंने मौत के इसी खौफ के बीच ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में 3 महीने बिताए, ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग के दौरान उनका जहाज ठीक उसी इलाके में फंस गया जहां लड़ाई चल रही थी। कई बार मिसाइलें जहाज के बिल्कुल ऊपर से गुजरीं, एक ड्रोन का टूटा हुआ मलबा भी उनके जहाज पर आकर गिरा। 6 महीने का कॉन्ट्रैक्ट पूरा होने के बाद कंपनी ने एक स्पेशल बोट (नाव) भेजकर रुद्रांश और उनके साथियों को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला। पढ़िए पूरा इंटरव्यू:- सवाल: उस समय वहां की स्थिति कैसी थी और आप कैसे फंस गए? जवाब: हम अपना कार्गो डिस्चार्ज करने के लिए होर्मुज स्ट्रेट में गए थे। इसके बाद हमें अगला कार्गो लेना था, तभी पता चला कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है और होर्मुज में आवाजाही बंद कर दी गई है। इसके बाद करीब 3 महीने तक हम उसी क्षेत्र में रहे। इस दौरान हमने कार्गो लोड और डिस्चार्ज भी किया और भारत लाने के लिए एक और कार्गो लोड किया। लंबे समय तक जहाज एंकर पर खड़ा रहा और हम वहीं फंसे रहे। सवाल: समुद्र के बीच 24 घंटे रहना पड़ता था, उस दौरान स्थिति कैसी थी? जवाब: समुद्र में रहने के दौरान हर समय सतर्क रहना पड़ता था। युद्ध शुरू होने के शुरुआती दिनों में ड्रोन, मिसाइल और लड़ाकू विमानों की गतिविधियां दिखाई देती थीं। रेडियो पर लगातार अलग-अलग तरह के अलर्ट और सूचनाएं मिल रही थीं। जीपीएस स्पूफिंग जैसी घटनाएं भी हो रही थीं। शुरुआत में स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण थी, क्योंकि हमें समझ नहीं आ रहा था कि आगे क्या करना है और कहां जाना है। बाद में डीजी शिपिंग, इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन और हमारी कंपनी की ओर से जारी सुरक्षा दिशा निर्देशों का पालन कर हमने स्थिति का सामना किया। सवाल: पहली ही नौकरी और घर से दूर सीधे युद्ध के मैदान में एंट्री, मौत के इस साए के बीच खुद को और घर वालों की चिंता को कैसे संभाला? जवाब: मेरी कोशिश रहती थी कि हर दिन घरवालों को अपनी स्थिति की जानकारी दूं। समाचारों में वे लगातार हमले और तनाव की खबरें देखते थे, इसलिए उन्हें यह बताना जरूरी था कि मैं सुरक्षित हूं। सैटेलाइट कम्युनिकेशन के जरिए हम संपर्क में रहते थे। हालांकि कई बार जीपीएस स्पूफिंग और तकनीकी समस्याओं के कारण चार-पांच दिन तक बात नहीं हो पाती थी, लेकिन हम किसी तरह एक छोटा मैसेज भेजकर अपने सुरक्षित होने की जानकारी दे देते थे। सवाल: क्या कभी ऐसा हुआ कि ड्रोन या मिसाइल का खतरा आपके जहाज के बेहद करीब पहुंच गया हो? जवाब: जी हां, एक बार जब हमारा जहाज बहरीन के आसपास था, तब हमारे जहाज के ऊपर एक ड्रोन विस्फोट हुआ था। उसके कुछ अवशेष जहाज पर आकर गिरे थे। इस घटना के बाद सभी लोगों को महसूस हुआ कि स्थिति वास्तव में गंभीर है। इसके अलावा मिसाइलें, ड्रोन और लड़ाकू विमान लगातार हमारे ऊपर से गुजरते दिखाई देते थे। शुरुआत में इससे काफी डर लगा, लेकिन बाद में हमने सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया और खुद को संभाला। सवाल: उस समय सबसे ज्यादा डर किस बात का लगता था? जवाब: डर यही था कि कहीं कोई मिसाइल या ड्रोन गलती से हमारे जहाज को निशाना न बना ले। रात में जब अलर्ट आते थे या ऊपर से लड़ाकू विमान गुजरते थे, तब मन में कई तरह के विचार आते थे। ऐसे समय में हम ईश्वर को याद करते थे और सुरक्षित रहने की प्रार्थना करते थे। सवाल: समुद्र में उतरते वक्त बड़े-बड़े सपने रहे होंगे और वहां जाकर मिसाइलें देखनी पड़ीं, पहली नौकरी का यह अनुभव कैसा रहा? जवाब: कॉलेज और एनसीसी के दौरान हमने कई आपात परिस्थितियों के बारे में पढ़ा और प्रशिक्षण लिया था कि संकट के समय कैसे काम करना चाहिए। लेकिन यह पहली बार था जब हमने ऐसी स्थिति को करीब से देखा। शुरुआत में काफी घबराहट थी और समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें। बाद में सुरक्षा नियमों का पालन किया, आपात स्थिति में वहां से सुरक्षित निकलने की तैयारियां समझीं और एक-दूसरे की हिम्मत बढ़ाकर हालातों का सामना किया। सवाल: उस समय जहाज पर कितने लोग थे और आप लोग एक-दूसरे का मनोबल कैसे बढ़ाते थे? जवाब: हमारे जहाज पर कुल 22 क्रू मेंबर थे। उनमें सबसे कम अनुभव मेरा ही था, क्योंकि यह मेरी पहली समुद्री यात्रा और पहली नौकरी थी। हमने एक सरल तरीका अपनाया था कि युद्ध और तनाव के बारे में ज्यादा सोचने के बजाय अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें। हमारा मानना था कि अगर हम अपना काम ठीक से करते रहेंगे तो डर हम पर हावी नहीं होगा। हमने स्थिति को एक समस्या की तरह देखा और उसके समाधान पर ध्यान दिया। इसी सोच के कारण हम युद्ध की परिस्थितियों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दे पाए। सवाल: क्या जहाज पर खाने-पीने या दूसरी जरूरतों की कोई समस्या हुई? जवाब: नहीं, जहाज में पर्याप्त राशन और जरूरी सामान मौजूद था। असली चुनौती मानसिक दबाव था। हर दिन अनिश्चितता के बीच गुजर रहा था और किसी को नहीं पता था कि हालात कब सामान्य होंगे। सवाल: फिर आप वहां से बाहर कैसे निकले? जवाब: मेरा 6 महीने का कॉन्ट्रैक्ट पूरा हो चुका था। इसी दौरान कंपनी ने हमारे लिए खास व्यवस्था की। एक सर्विस बोट के जरिए हमें बंदरगाह तक पहुंचाया गया। मैं और मेरे साथ नौ अन्य क्रू मेंबर जहाज से उतरे। इसके बाद हम दुबई पहुंचे और वहां से हवाई मार्ग से अपने-अपने घरों के लिए रवाना हुए। सवाल: अब होर्मुज फिर से बंद हो गया है, जब आप वहां फंसे थे तो आपका कैसा एक्सपीरियंस रहा था? जवाब: वह ऐसा एक्सपीरियंस था जिसे मैं कभी नहीं भूल सकता। उस संकट के समय हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता पूरी टीम को

पुराने समय तक बुरा नहीं होगा घर का बना आचार्य, बस ‘हींग की धूनी’ वाला ये पुराना रहस्य

अचार में हींग की धूनी

11 जून 2026 को 12:49 IST पर अपडेट किया गया अचार में हींग धूनी: भारतीय रसोई में अचार सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए नहीं होता, बल्कि हमारी परंपरा और घरेलू नुस्खों का खजाना है। दादी-नानी के पुराने समय से ही प्राचीन-वर्षीय संरक्षित स्मारक के लिए बर्नी को हींग का स्मोक स्टोर आ रहा है। यह कोई एकमात्र सपना नहीं है, बल्कि अचार को बेचने से भी अधिक है। अनुसरण करना : हींग में एंटी-एंटिफंगल गुण होते हैं। अचार मिट्टी या कांच के जार में रखा जाता था, मसाले के कारण चॉकलेट की परत का डर रहता था। हिंग की धूनी जार को स्टरलाइज कर संगम-पाठ्यक्रम को समाप्त कर दिया गया है। छवि: एआई हींग की तेज और चटनी के स्वाद को बढ़ावा मिलता है। अचार का स्वाद बिल्कुल देसी और पारंपरिक होता है। हींग पेट के लिए बहुत गुणकारी है, जिससे अचार खाने पर गैस, अपच और पेट फूलने जैसा असर नहीं होता है। छवि: एआई अचार में हींग का स्मोक एक सुरक्षा कवच होता है ये उस सफ़ेद रंग की क्रेटरियों को पठने से शुरू होता है जो अक्सर विचारधारा के कारण अचार पर आ जाता है। इसके इस्तेमाल से आपका अचार लंबे समय तक सुरक्षित और ताज़ा बना रहता है। छवि: एआई बरनी को अच्छे से धोकर धूप में पूरी तरह सूखा लें। जलते हुए सैलून या आयरन की कटोरी पर थोड़ी हींग डालें- मच्छरदानी ही बरनी को उसके ऊपरी तट पर रखें। बरनी सजावट से भर जाए, सीधा कर लें- इसमें आचार भर दें। छवि: एआई हींग की धूनी आप आम, नींबू, लाल मिर्च, कटहल या मिक्स वे के अचार में दे सकते हैं। हमारे पास फर्म और एयरटाइट ऑफर हैं, बिना किसी केमिकल के अचार को सुरक्षित रखने का यह तरीका आज भी सबसे अच्छा-प्रभावी है। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 11 जून 2026 12:49 IST

सोना ₹1,562 गिरकर ₹1.45 लाख का 10 ग्राम हुआ:इस महीने ₹11 हजार सस्ता हो चुका, 1 किलो चांदी की कीमत आज ₹257 बढ़ी

सोना ₹1,562 गिरकर ₹1.45 लाख का 10 ग्राम हुआ:इस महीने ₹11 हजार सस्ता हो चुका, 1 किलो चांदी की कीमत आज ₹257 बढ़ी

सोने के दाम में आज यानी 11 जून को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने के दाम 1,562 रुपए गिरकर 1.45 लाख रुपए हो गए हैं। 31 मई को सोना 1.56 लाख पर था। यानी 11 दिन में ही ये 11 हजार रुपए सस्ता हुआ है। वहीं, 1 किलो चांदी की कीमत आज 257 रुपए बढ़कर 2.33 लाख रुपए पर पहुंच गई है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 11 जून 2026 ऑलटाइम हाई से ₹31 हजार गिरी सोना इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 31 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 133 दिन में चांदी 1.52 लाख रुपए सस्ती हो गई है। सोना 133 दिन में ₹31 हजार और चांदी ₹1.52 लाख सस्ती सोर्स: IBJA गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है:

मूवी रिव्यू – ‘मैं वापस आऊंगा रिव्यू’:इम्तियाज अली की फिल्म दिल को छूती है, लेकिन मूवी की लंबाई धैर्य की परीक्षा लेती है

मूवी रिव्यू – ‘मैं वापस आऊंगा रिव्यू’:इम्तियाज अली की फिल्म दिल को छूती है, लेकिन मूवी की लंबाई धैर्य की परीक्षा लेती है

इम्तियाज अली जब भी फिल्म बनाते हैं तो कहानी सिर्फ कहानी नहीं रहती, एक एहसास बन जाती है। ‘मैं वापस आऊंगा’ भी उसी तरह की फिल्म है। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार उनकी प्रेम कहानी किसी पहाड़, शहर या सफर के बीच नहीं, बल्कि भारत पाकिस्तान बंटवारे की त्रासदी के बीच जन्म लेती है। यह फिल्म प्रेम की बात करती है, लेकिन सिर्फ प्रेम की नहीं। यह उन यादों की भी बात करती है जो उम्र के आखिरी पड़ाव तक इंसान का पीछा नहीं छोड़तीं। यह उन लोगों की कहानी है जिन्होंने अपना घर खोया, अपना शहर खोया और कई मामलों में अपना प्यार भी खो दिया। फिल्म की कहानी फिल्म की शुरुआत 95 वर्षीय ईशर सिंह ग्रेवाल से होती है। उम्र और बीमारी ने उनके शरीर को कमजोर कर दिया है, लेकिन एक जिद अब भी बाकी है। वह पाकिस्तान के सरगोधा वापस जाना चाहते हैं। उनके पोते निर्वैर को समझ नहीं आता कि आखिर दादा बार बार उसी जगह लौटने की बात क्यों करते हैं। धीरे धीरे कहानी अतीत की तरफ जाती है और सामने आती है ईशर और जिया की प्रेम कहानी। युवा ईशर के किरदार में वेदांग रैना हैं और जिया के रोल में शरवरी। दोनों की दुनिया में प्रेम है, सपने हैं और साथ जीने की उम्मीद है। फिर बंटवारा होता है और सब कुछ बदल जाता है। फिल्म की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह बंटवारे को राजनीतिक घटना की तरह नहीं, बल्कि आम लोगों के दर्द की तरह दिखाती है। हालांकि पहला हिस्सा कहानी को स्थापित करने में थोड़ा ज्यादा समय लेता है। कई बार लगता है कि फिल्म अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए जरूरत से ज्यादा घूम रही है। लेकिन दूसरे हिस्से में कहानी भावनात्मक तौर पर मजबूत होती जाती है और अंत तक आते आते असर छोड़ती है। फिल्म में एक्टिंग अगर इस फिल्म का सबसे मजबूत स्तंभ चुनना हो तो वह नसीरुद्दीन शाह हैं। उन्होंने ईशर सिंह के किरदार को निभाया नहीं, जिया है। भूलती हुई यादें, अधूरी बातें, खोया हुआ प्यार और आखिरी बार अतीत को छू लेने की बेचैनी, सब कुछ उनके चेहरे पर दिखाई देता है। कई दृश्य ऐसे हैं जहां बिना संवाद बोले भी वह दर्शकों को भावुक कर देते हैं। वेदांग रैना ने भी शानदार काम किया है। उनके भीतर एक सच्चाई दिखाई देती है जो किरदार को विश्वसनीय बनाती है। यह उनके करियर की अब तक की सबसे मजबूत परफॉर्मेंस में गिनी जा सकती है। शरवरी स्क्रीन पर आते ही ध्यान खींचती हैं। उनके किरदार में मासूमियत भी है और भावनात्मक गहराई भी। इम्तियाज अली की फिल्मों की नायिकाओं में जो एक अलग तरह की गर्माहट होती है, वह जिया के किरदार में भी दिखाई देती है। दिलजीत दोसांझ अपने किरदार में सहज हैं, लेकिन सच यह है कि फिल्म का सबसे भावुक और प्रभावशाली हिस्सा नसीरुद्दीन शाह और वेदांग रैना के हिस्से में जाता है। दिलजीत की कहानी जरूरी है, मगर उतनी यादगार नहीं बन पाती। फिल्म में डायरेक्शन इम्तियाज अली की सबसे बड़ी ताकत हमेशा से भावनाओं को पकड़ना रही है और यहां भी वही दिखाई देता है। वह बंटवारे को आंकड़ों या इतिहास की किताबों की तरह नहीं दिखाते। वह दिखाते हैं कि उस दौर में बिछड़ना कैसा लगता होगा। किसी अपने का अचानक छूट जाना कैसा लगता होगा। फिल्म का दूसरा हिस्सा इम्तियाज की पकड़ को साबित करता है। कई दृश्य लंबे समय तक याद रहते हैं। खासकर वे सीन जहां प्रेम और बिछड़न एक साथ दिखाई देते हैं। हालांकि फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी भी यहीं है। लगभग तीन घंटे की अवधि हर दर्शक के लिए आसान नहीं होगी। पहले हिस्से में कई सीन ऐसे हैं जिन्हें छोटा किया जा सकता था। फिल्म कई बार जरूरत से ज्यादा ठहर जाती है। फिल्म का तकनीकी पहलू फिल्म देखने में बेहद खूबसूरत लगती है। सिनेमेटोग्राफी फिल्म का बड़ा प्लस पॉइंट है। सरगोधा की गलियां, पुराने घर, खेत और उस दौर का माहौल स्क्रीन पर बहुत प्रभावी तरीके से उभरकर आता है। प्रोडक्शन डिजाइन पर भी मेहनत दिखाई देती है। फिल्म अपने समय और माहौल को विश्वसनीय बनाने में सफल रहती है। एडिटिंग थोड़ी और कसी हुई होती तो फिल्म का असर और ज्यादा बढ़ सकता था। फिल्म में म्जूजिक इम्तियाज अली और ए आर रहमान की जोड़ी से हमेशा उम्मीदें रहती हैं। इस फिल्म में भी संगीत कहानी का हिस्सा बनकर आता है। बैकग्राउंड स्कोर कई दृश्यों को भावनात्मक ऊंचाई देता है। कुछ गाने सुनने के बाद भी याद रहते हैं, लेकिन एल्बम उस लेवल तक नहीं पहुंचता जहां रहमान के पुराने और यादगार काम पहुंचते रहे हैं। फिर भी फिल्म के मूड के हिसाब से संगीत पूरी तरह फिट बैठता है। फिल्म में कमियां फिल्म की सबसे बड़ी कमी इसकी लंबाई है। करीब तीन घंटे की यह फिल्म कई जगह अपनी रफ्तार खो देती है। पहले हिस्से में धैर्य रखना पड़ता है। कुछ सब प्लॉट भी पूरी तरह प्रभाव नहीं छोड़ पाते। कई दर्शकों को यह भी लग सकता है कि फिल्म अपने भावनात्मक असर तक पहुंचने में जरूरत से ज्यादा समय लेती है। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट ‘मैं वापस आऊंगा’ कोई ऐसी फिल्म नहीं है जो आपको सीट से बांधे रखे और हर दस मिनट में चौंकाए। यह धीरे धीरे खुलने वाली फिल्म है। इसके कुछ हिस्से बेहद खूबसूरत हैं, कुछ हिस्से थोड़े लंबे हैं, लेकिन जब फिल्म अपने भावनात्मक शिखर पर पहुंचती है तो असर छोड़ती है। नसीरुद्दीन शाह का शानदार अभिनय, वेदांग रैना और शरवरी की सादगी भरी केमिस्ट्री, इम्तियाज अली का संवेदनशील निर्देशन और ए आर रहमान का संगीत फिल्म को खास बनाते हैं। अगर आपको भावनात्मक कहानियां पसंद हैं और आप धीमी रफ्तार वाली फिल्मों से परहेज नहीं करते, तो ‘मैं वापस आऊंगा’ आपके लिए एक संतोषजनक सिनेमाई अनुभव साबित हो सकती है।

खेल जगत के 100 प्रभावशाली लोगों की सूची जारी:स्मृति ने महिला क्रिकेट को नई ऊंचाई दी; ड्रॉपआउट बच्चों को स्कूल लौटा रहे लेब्रन

खेल जगत के 100 प्रभावशाली लोगों की सूची जारी:स्मृति ने महिला क्रिकेट को नई ऊंचाई दी; ड्रॉपआउट बच्चों को स्कूल लौटा रहे लेब्रन

‘टाइम’ मैगजीन ने पहली बार खेल जगत की 100 सबसे प्रभावशाली हस्तियों की सूची जारी की है। इसके कवर पेज पर चार बार के एनबीए चैम्पियन लेब्रन जेम्स को जगह मिली है। भारतीय महिला क्रिकेट की ओपनर स्मृति मंधाना के अलावा मेसी, रोनाल्डो और हालेंड जैसे फुटबॉलर्स भी शामिल हैं। जानिए चुनिंदा लीडर्स को, जो खेल के जरिए बिजनेस, कल्चर व समाज को प्रभावित करने के साथ खेल की सीमाओं से परे जाकर दुनिया को नई दिशा दे रहे हैं… स्मृति मंधाना- 17 अंतरराष्ट्रीय शतक, रिकॉर्ड बनाती जा रहीं बाएं हाथ की सलामी बल्लेबाज लगातार नए रिकॉर्ड बना रही हैं। घरेलू वनडे में दोहरा शतक लगाया। तीनों फॉर्मेट में शतक बनाने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। 17 अंतरराष्ट्रीय शतक के साथ एक साल में 1,000 से ज्यादा वनडे रन बनाने वाली पहली महिला हैं। आरसीबी को 2024 व 2026 डब्ल्यूपीएल खिताब दिलाया। महिला वर्ल्ड कप 2025 इनकी उप कप्तानी में जीता। लेब्रन जेम्स – बिजनेस-राज​नीति के साथ समाज के लिए भी जुटे हैं 41 साल की उम्र में भी एनबीए के शीर्ष स्तर पर खेल रहे हैं और रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। 22 ऑल-स्टार चयन, एनबीए के सर्वाधिक स्कोरर समेत कई खिताब जीते। ड्रॉप आउट बच्चों को ‘आई प्रॉमिस स्कूल’ से पढ़ाई से जोड़ रहे। सामाजिक अभियानों व निवेश से लोगों की मदद की। परिवार के साथ वक्त बिताना चाहते हैं। पर कहते हैं,‘बास्केटबॉल ही असली जुनून है।’ लियोनेल मेसी – गोलों की झड़ी से फुटबॉल में नई जान डाल दी 2023 में इंटर मियामी से जुड़कर अमेरिकी फुटबॉल में नई जान डाल दी। संदेह था कि वह कॅरियर खत्म करने आए हैं, पर उन्होंने गोलों की झड़ी लगाकर एमएलएस की लोकप्रियता बढ़ा दी। 2022 में कतर वर्ल्ड कप जीतकर सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बने। अमेरिका में उनका शायद आखिरी वर्ल्ड कप है, जहां लगातार दूसरी जीत अर्जेंटीना को पेले जैसी उपलब्धि दिला सकती है। कार्लोस अल्कारेज – जोकोविच-सिनर जैसे दिग्गजों को हरा चुके 23 वर्षीय स्पेनिश टेनिस स्टार, नडाल की ताकत और फेडरर की निपुणता का संगम हैं। 2022 यूएस ओपन जीतकर सबसे युवा वर्ल्ड नंबर 1 बने। 2025 फ्रेंच ओपन में यानिक सिनर को हराना और ऑस्ट्रेलियन ओपन में जोकोविच पर जीत से कॅरियर ग्रैंड स्लैम पाने वाले सबसे युवा बने। 7 ग्रैंड स्लैम विजेता अपनी गति व मूवमेंट से विरोधियों को थकाते हैं। अर्लिंग हालेंड – 3 गोल्डन बूट जीते, कार्टून किरदार को देंगे आवाज 6 फुट 4 इंच के नॉर्वेजियन फुटबॉल स्टार ने 2025-26 सीजन में प्रीमियर लीग में सर्वाधिक 27 गोल दागे और तीसरा ‘गोल्डन बूट’ जीता। बीते साल वह इतिहास में सबसे तेज 100 प्रीमियर लीग गोल करने वाले खिलाड़ी बने थे। मई में उनकी टीम, मैनचेस्टर सिटी ने एफए कप जीता। अब वर्ल्ड कप में दिखेंगे। एक कार्टून फिल्म में अपनी आवाज भी देंगे।

पंजाबी एक्ट्रेस ने बादशाह को बताया पति देव:रैपर के साथ फोटो शेयर कर कहा- मेरी शादी हो चुकी है

पंजाबी एक्ट्रेस ने बादशाह को बताया पति देव:रैपर के साथ फोटो शेयर कर कहा- मेरी शादी हो चुकी है

पंजाबी एक्ट्रेस ईशा रिखी ने सोशल मीडिया पर रैपर और म्यूजिक प्रोड्यूसर बादशाह के साथ एक तस्वीर शेयर की है और बादशाह को पति देव बताया है। जिसके बाद उनकी शादी को लेकर चल रही चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं और इसे दोनों के रिश्ते की सार्वजनिक पुष्टि मान जा रहा है। दरअसल, इंस्टाग्राम पर एक आस्क मी एनीथिंग सेशन के दौरान एक यूजर ने ईशा से सवाल पूछा, “मैम, आपकी और बादशाह भाई की शादी हो गई है, फिर आप दोनों एक-दूसरे को इंस्टाग्राम पर फॉलो क्यों नहीं करते?” इस पर ईशा ने मजाकिया अंदाज में लिखा, “मुझे लगता है कि अब इन सवालों की बाढ़ आ गई है। ‘क्या आपकी शादी हो गई है?’, ‘क्या आपकी शादी बादशाह से हुई है?’, ‘आप दोनों एक-दूसरे को फॉलो क्यों नहीं करते?’, ‘आप साथ में तस्वीरें क्यों नहीं पोस्ट करते?’ जैसे सवाल लगातार पूछे जा रहे हैं।” इसके बाद उन्होंने हंसने वाली इमोजी के साथ लिखा, “हां, मेरी शादी हो चुकी है। अब सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवाल पर आते हैं- ‘आप दोनों एक-दूसरे को फॉलो क्यों नहीं करते?’ सच कहूं तो इसका जवाब मेरे पति को देना चाहिए। पति देव (बादशाह), जनता के मन में कई सवाल हैं। कृपया जल्द से जल्द उनका जवाब दें।” बादशाह संग तस्वीर भी की शेयर फिर एक अन्य यूजर ने पूछा कि अगर वह बादशाह की पत्नी हैं, तो उन्होंने अब तक उनके साथ एक भी फोटो क्यों पोस्ट नहीं की। सबको हैरान करते हुए ईशा ने बादशाह के साथ अपनी एक तस्वीर शेयर की। तस्वीर में ईशा बादशाह की गोद में बैठी नजर आ रही हैं, जबकि बादशाह उन्हें गले लगाए हुए दिखाई दे रहे हैं। मार्च में दोनों की तस्वीरें वायरल हुई थीं 24 मार्च में दोनों की कथित शादी से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए थे। ये तस्वीरें ईशा की मां द्वारा शेयर की गई थीं, जिनमें दोनों पारंपरिक पंजाबी शादी की ड्रेस में नजर आए थे। जिसमें में परिवार के करीबी लोगों की मौजूदगी भी दिखाई दी थी। उस समय बादशाह और ईशा रिखी ने इन खबरों पर कोई पब्लिक रिएक्शन नहीं दिया थी। हालांकि, ईशा की मां ने तस्वीरों के साथ “गॉड ब्लेस यू” लिखकर बादशाह और ईशा को टैग किया था, जिसके बाद शादी की अटकलों तेज हो गई थी। बता दें कि ईशा रिखी पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री और मॉडल हैं। वह जट्ट बॉयज पुट जट्टान डे, हैप्पी गो लकी और अरदास जैसी कई पंजाबी फिल्मों में काम कर चुकी हैं और बॉलीवुड फिल्म नवाबजादे में भी नजर आ चुकी हैं। बादशाह की पहली शादी जैस्मिन मसीह से शादी हुई थी और दोनों की एक बेटी भी है। साल 2020 में दोनों अलग हो गए थे।

पंजाबी एक्ट्रेस ने बादशाह को बताया पति देव:रैपर के साथ फोटो शेयर कर कहा- मेरी शादी हो चुकी है

पंजाबी एक्ट्रेस ने बादशाह को बताया पति देव:रैपर के साथ फोटो शेयर कर कहा- मेरी शादी हो चुकी है

पंजाबी एक्ट्रेस ईशा रिखी ने सोशल मीडिया पर रैपर और म्यूजिक प्रोड्यूसर बादशाह के साथ एक तस्वीर शेयर की है और बादशाह को पति देव बताया है। जिसके बाद उनकी शादी को लेकर चल रही चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं और इसे दोनों के रिश्ते की सार्वजनिक पुष्टि मान जा रहा है। दरअसल, इंस्टाग्राम पर एक आस्क मी एनीथिंग सेशन के दौरान एक यूजर ने ईशा से सवाल पूछा, “मैम, आपकी और बादशाह भाई की शादी हो गई है, फिर आप दोनों एक-दूसरे को इंस्टाग्राम पर फॉलो क्यों नहीं करते?” इस पर ईशा ने मजाकिया अंदाज में लिखा, “मुझे लगता है कि अब इन सवालों की बाढ़ आ गई है। ‘क्या आपकी शादी हो गई है?’, ‘क्या आपकी शादी बादशाह से हुई है?’, ‘आप दोनों एक-दूसरे को फॉलो क्यों नहीं करते?’, ‘आप साथ में तस्वीरें क्यों नहीं पोस्ट करते?’ जैसे सवाल लगातार पूछे जा रहे हैं।” इसके बाद उन्होंने हंसने वाली इमोजी के साथ लिखा, “हां, मेरी शादी हो चुकी है। अब सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवाल पर आते हैं- ‘आप दोनों एक-दूसरे को फॉलो क्यों नहीं करते?’ सच कहूं तो इसका जवाब मेरे पति को देना चाहिए। पति देव (बादशाह), जनता के मन में कई सवाल हैं। कृपया जल्द से जल्द उनका जवाब दें।” बादशाह संग तस्वीर भी की शेयर फिर एक अन्य यूजर ने पूछा कि अगर वह बादशाह की पत्नी हैं, तो उन्होंने अब तक उनके साथ एक भी फोटो क्यों पोस्ट नहीं की। सबको हैरान करते हुए ईशा ने बादशाह के साथ अपनी एक तस्वीर शेयर की। तस्वीर में ईशा बादशाह की गोद में बैठी नजर आ रही हैं, जबकि बादशाह उन्हें गले लगाए हुए दिखाई दे रहे हैं। मार्च में दोनों की तस्वीरें वायरल हुई थीं 24 मार्च में दोनों की कथित शादी से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए थे। ये तस्वीरें ईशा की मां द्वारा शेयर की गई थीं, जिनमें दोनों पारंपरिक पंजाबी शादी की ड्रेस में नजर आए थे। जिसमें में परिवार के करीबी लोगों की मौजूदगी भी दिखाई दी थी। उस समय बादशाह और ईशा रिखी ने इन खबरों पर कोई पब्लिक रिएक्शन नहीं दिया थी। हालांकि, ईशा की मां ने तस्वीरों के साथ “गॉड ब्लेस यू” लिखकर बादशाह और ईशा को टैग किया था, जिसके बाद शादी की अटकलों तेज हो गई थी। बता दें कि ईशा रिखी पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री और मॉडल हैं। वह जट्ट बॉयज पुट जट्टान डे, हैप्पी गो लकी और अरदास जैसी कई पंजाबी फिल्मों में काम कर चुकी हैं और बॉलीवुड फिल्म नवाबजादे में भी नजर आ चुकी हैं। बादशाह की पहली शादी जैस्मिन मसीह से शादी हुई थी और दोनों की एक बेटी भी है। साल 2020 में दोनों अलग हो गए थे।