अचार में हींग धूनी: भारतीय रसोई में अचार सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए नहीं होता, बल्कि हमारी परंपरा और घरेलू नुस्खों का खजाना है। दादी-नानी के पुराने समय से ही प्राचीन-वर्षीय संरक्षित स्मारक के लिए बर्नी को हींग का स्मोक स्टोर आ रहा है। यह कोई एकमात्र सपना नहीं है, बल्कि अचार को बेचने से भी अधिक है।
अनुसरण करना :
हींग में एंटी-एंटिफंगल गुण होते हैं। अचार मिट्टी या कांच के जार में रखा जाता था, मसाले के कारण चॉकलेट की परत का डर रहता था। हिंग की धूनी जार को स्टरलाइज कर संगम-पाठ्यक्रम को समाप्त कर दिया गया है।
छवि: एआई
हींग की तेज और चटनी के स्वाद को बढ़ावा मिलता है। अचार का स्वाद बिल्कुल देसी और पारंपरिक होता है। हींग पेट के लिए बहुत गुणकारी है, जिससे अचार खाने पर गैस, अपच और पेट फूलने जैसा असर नहीं होता है।
छवि: एआई
अचार में हींग का स्मोक एक सुरक्षा कवच होता है ये उस सफ़ेद रंग की क्रेटरियों को पठने से शुरू होता है जो अक्सर विचारधारा के कारण अचार पर आ जाता है। इसके इस्तेमाल से आपका अचार लंबे समय तक सुरक्षित और ताज़ा बना रहता है।
छवि: एआई
बरनी को अच्छे से धोकर धूप में पूरी तरह सूखा लें। जलते हुए सैलून या आयरन की कटोरी पर थोड़ी हींग डालें- मच्छरदानी ही बरनी को उसके ऊपरी तट पर रखें। बरनी सजावट से भर जाए, सीधा कर लें- इसमें आचार भर दें।
छवि: एआई
हींग की धूनी आप आम, नींबू, लाल मिर्च, कटहल या मिक्स वे के अचार में दे सकते हैं। हमारे पास फर्म और एयरटाइट ऑफर हैं, बिना किसी केमिकल के अचार को सुरक्षित रखने का यह तरीका आज भी सबसे अच्छा-प्रभावी है।
छवि: एआई















































