'मैं सुष्मिता सेन का केप्ट बॉयफ्रेंड था':एक्ट्रेस पर लगे 'गोल्ड डिगर' टैग पर ललित मोदी बोले- हर जगह वही पेमेंट करती थीं

बिजनेसमैन और पूर्व आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी ने हाल ही में अपनी पूर्व पार्टनर सुष्मिता सेन को स्पेशल बताया। साथ ही उन्होंने एक्ट्रेस पर लगे ‘गोल्ड डिगर’ के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एक्ट्रेस हर चीज का पेमेंट करती थीं। ललित मोदी ने कहा कि सुष्मिता उनकी जिंदगी का बेहद खास हिस्सा रही हैं। उन्होंने कहा, ‘सुष्मिता ने मुझे बहुत कुछ सिखाया और मेरी पर्सनैलिटी को निखारने में अहम भूमिका निभाई। हमारे बीच बहुत खूबसूरत रिश्ता था, लेकिन दूरियों और करियर की वजह से हम साथ नहीं रह पाए।’ उन्होंने सुष्मिता की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि वह आज भी उनकी बहुत अच्छी दोस्त हैं। ललित ने कहा, ‘वह एक शानदार महिला हैं। उन्होंने सिंगल मदर के तौर पर अपनी दोनों बेटियों रेनी और अलीशा की बेहतरीन परवरिश की है। मैं हमेशा उनकी उपलब्धियों को देखकर हैरान रह जाता हूं।’ खुद को बताया सुष्मिता का केप्ट बॉयफ्रेंड सुष्मिता को ‘सेल्फ-मेड वुमन’ बताते हुए ललित मोदी ने कहा, ‘वह एक बहुत अमीर महिला हैं। उन्होंने यह सब अपने दम पर हासिल किया है। ऐसा कभी नहीं हुआ कि मैं सुष्मिता के साथ कहीं बाहर गया हूं और मुझे किसी चीज की पेमेंट करनी पड़ी हो। वह हर चीज का पेमेंट करती थीं। मैं तो मानो एक केप्ट बॉयफ्रेंड था।’ वहीं, सुष्मिता और ललित के रिश्ते की खबरों के बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने एक्ट्रेस को ‘गोल्ड डिगर’ कहा था। इस पर ललित मोदी ने ट्रोलर्स को जवाब देते हुए कहा, ‘”वह एक सेल्फ-मेड महिला हैं और वह कभी भी किसी से कुछ स्वीकार नहीं करेंगी। इसलिए जब कोई कहता है कि वह ‘गोल्ड डिगर’ हैं, तो नहीं। ललित ही ‘डायमंड डिगर’ था, जितनी वह गोल्ड डिगर नहीं थीं, उससे कहीं ज्यादा मैं डायमंड डिगर था। जहां तक उनका सवाल है, मैं उम्मीद करता था कि मैं उनका डायमंड डिगर बनूं, क्योंकि वह वास्तव में एक हीरा थीं।।’ ललित मोदी ने यह भी बताया था कि सुष्मिता के साथ अपने रिश्ते की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहले उन्होंने एक्ट्रेस को बताया था। हालांकि सुष्मिता को नहीं लगा था कि वह सच में पोस्ट कर देंगे। पोस्ट वायरल होने के बाद दोनों उस साल दुनिया में सबसे ज्यादा गूगल किए जाने वाले लोगों में शामिल हो गए थे। 2022 में रिश्ते का किया था ऐलान जुलाई 2022 में ललित मोदी ने सोशल मीडिया पर सुष्मिता सेन के साथ अपनी तस्वीरें शेयर कर रिश्ते का पब्लिक ऐलान किया था। फरवरी 2025 में ललित मोदी ने एक वीडियो पोस्ट के जरिए सुष्मिता सेन से अपने ब्रेकअप की पुष्टि की थी और अपनी नई पार्टनर रीमा बोरी के बारे में बताया था।
कौन हैं बिशाल लामा, जिन्होंने 55 वर्षों में बंगाल कैबिनेट में पहले गोरखा के रूप में इतिहास रचा?

भाजपा विधायक बिशाल लामा ने सोमवार को पश्चिम बंगाल कैबिनेट में राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली – 55 वर्षों में राज्य मंत्री पद संभालने वाले पहले गोरखा नेता। आख़िरी बार 1971 में दिवंगत देव प्रकाश राय थे। एक ऐसे समुदाय के लिए जो लंबे समय से बंगाल की राजनीति में खुद को दरकिनार महसूस कर रहा था, इस पल ने आधी सदी से अधिक के इंतजार का भार उठाया। टाइम्स ऑफ इंडिया ने लामा के हवाले से कहा, ”भाजपा ने मुझे यह जिम्मेदारी देकर मुझ पर भरोसा जताया है।” “हमारे समुदाय के लिए सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।” कालचीनी (एसटी) से दो बार के विधायक, लामा ने 2026 के विधानसभा चुनावों में 1,14,759 वोटों के साथ अपनी सीट बरकरार रखी – अपने तृणमूल प्रतिद्वंद्वी को 37,843 वोटों के भारी अंतर से हराया। विश्लेषकों का कहना है कि लामा का शामिल होना न केवल डुआर्स के लिए बल्कि उत्तरी बंगाल और दार्जिलिंग हिल्स में व्यापक गोरखा आबादी के लिए महत्वपूर्ण है – एक ऐसा क्षेत्र जो ऐतिहासिक रूप से नबन्ना के गलियारों में अपने राजनीतिक वजन से कम रहा है। लामा ने कहा, “पर्याप्त प्रतिनिधित्व से वंचित होने के बाद, 55 साल बाद मंत्री पद मिलना दिखाता है कि आखिरकार ध्यान हम पर केंद्रित किया जा रहा है।” लामा की पदोन्नति ने देव प्रकाश राय (फोटो में) की यादें ताजा कर दी हैं – लगभग 25 वर्षों तक हिल्स की प्रमुख राजनीतिक आवाज, जिन्होंने लगातार तीन राज्य मंत्रिमंडलों में कार्य किया, फिर भी क्षेत्र के लिए प्रशासनिक स्वायत्तता के सवाल को कभी हल नहीं कर सके। दार्जिलिंग की सेवानिवृत्त नर्सिंग अधीक्षक, 77 वर्षीय उनकी भतीजी इंदिरा राय ने टीओआई को बताया कि उनके चाचा ने “मंत्री बनने के बाद भी कभी भी खुद को आम नागरिकों से दूर नहीं किया।” टीओआई ने इंदिरा राय के हवाले से कहा, “गोरखा समुदाय के लिए, यह एक गर्व और भावनात्मक क्षण है।” “इतने लंबे अंतराल के बाद, एक और गोरखा नेता को बंगाल सरकार में जगह मिली है। हमें उम्मीद है कि यह प्रतिनिधित्व हिल्स और डुआर्स के लोगों की आवाज को मजबूत करेगा।” 1981 में देव प्रकाश की मृत्यु के बाद, अखिल भारतीय गोरखा लीग धीरे-धीरे लुप्त हो गई, जिससे जीएनएलएफ और अन्य ताकतों को रास्ता मिल गया। (फेसबुक) लामा ने चाय बागान भूमि अधिकार, विकास और सामुदायिक गरिमा को प्राथमिकताओं के रूप में चिह्नित करते हुए कहा, “यह पद अत्यधिक जिम्मेदारी और महत्वपूर्ण चुनौतियों के साथ आता है।” 2021 में पहली बार चुने गए, अब वह एक मजबूत जनादेश और उच्च दांव के साथ कैबिनेट में प्रवेश करते हैं – एक ऐसे समुदाय की आशाओं को लेकर, जिसने बंगाल की कैबिनेट मेज पर बिना किसी आवाज के 55 साल बिताए हैं। (फेसबुक) (टैग्सटूट्रांसलेट)बंगाल बीजेपी(टी)कोलकाता
हरियाणा में बैठकर अमेरिका के लोगों से फ्रॉड:अमेजन अधिकारी बनकर बात करते 21 लोग पकड़े; ₹11 लाख कैश, नोट गिनने की मशीन भी मिली

पंचकूला पुलिस ने सोमवार देर रात एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड के रैकेट का भंडाफोड़ किया। यह कार्रवाई मंगलवार सुबह करीब 6 बजे तक चली। साइबर क्राइम टीम ने सेक्टर-2 मार्केट स्थित एक ऑफिस से 21 लोगों को हिरासत में लिया। इनमें से चार लोगों को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 19 कंप्यूटर, 3 लैपटॉप, 11.30 लाख कैश, 3 वॉकी-टॉकी, 16 हैंडसेट, 2 वाई-फाई राउटर, एक नोट गिनने की मशीन, 3 पॉइंट ऑफ सेल (POS) मशीनें और सोने के आभूषण बरामद किए हैं। सेक्टर-2 मार्केट में स्थित अल्फा इवेंट कंपनी के ऑफिस से यह फर्जी कॉल सेंटर चल रहा था। आरोपी खुद को अमेजन कंपनी का अधिकारी बताकर अमेरिका के नागरिकों को निशाना बनाते थे और उनसे ठगी करते थे। आरोपियों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। अब जानिए कैसे चल रहा ठगी का खेल… अमेरिका के नागरिकों को बनाते थे निशाना पुलिस ने मामले में नवदीप, अक्षय टिक्कू, रजा और अंकुर कपूर को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया है। आरोपी अमेरिका (USA) के नागरिकों के साथ साइबर ठगी करते थे। इसी वजह से उनका कॉल सेंटर भी अमेरिकी समय के अनुसार संचालित होता था। कॉल सेंटर का काम शाम करीब 7 बजे शुरू होता था और रात 3 बजे तक चलता था। खुद को अमेजन कस्टमर केयर अधिकारी बताते थे पुलिस जांच में सामने आया है कि कॉल सेंटर में काम करने वाले लोग अमेरिका के नागरिकों को फोन कर खुद को अमेजन कंपनी का कस्टमर केयर अधिकारी बताते थे। बातचीत के दौरान वे लोगों को झांसे में लेकर उनके क्रेडिट कार्ड और अन्य गोपनीय जानकारियां हासिल कर लेते थे। इसके बाद उन्हीं जानकारियों का इस्तेमाल कर ठगी को अंजाम दिया जाता था। 20 से अधिक युवक-युवतियों को रखा था नौकरी पर ठगी के इस नेटवर्क को चलाने के लिए इंग्लिश बोलने वाले करीब 20 युवक-युवतियों को नौकरी पर रखा गया था। उन्हें 20 से 25 हजार रुपए तक सैलरी दी जाती थी। काम शुरू करने से पहले उन्हें एक हफ्ते से 10 दिन तक ट्रेनिंग भी दी जाती थी, ताकि वे विदेशी नागरिकों से आसानी से बातचीत कर सकें। RSO सदस्य और वकील करते थे पूरे नेटवर्क को कवर पुलिस जांच के अनुसार, गिरफ्तार वकील नवदीप और रोड सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (RSO) मेंबर अंकुर कपूर इस पूरे नेटवर्क को देखते थे। अंकुर कपूर सड़क सुरक्षा के नाम पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता था, जिनमें कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी आमंत्रित किया जाता था। इसी वजह से उस पर किसी को आसानी से शक नहीं होता था। कमिश्नर बोले- अभी और खुलासे होंगे पंचकूला पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बताया कि साइबर टीम ने बेहतरीन कार्य करते हुए साइबर ठगी का रैकेट पकड़ा है। फर्जी कॉल सेंटर के जरिए पूरा खेल चल रहा था। पकड़े गए आरोपियों को रिमांड पर लेकर अभी और खुलासे किए जांएगे।
ट्रम्प बोले- इस हफ्ते ईरान से समझौता संभव:यह सैन्य जीत से भी बड़ी बात होगी; दावा- लेबनान पर हमले को लेकर नेतन्याहू को फटकार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अगले एक हफ्ते के भीतर होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर समझौता हो सकता है। उन्होंने सोमवार को एबीसी न्यूज से बात करते हुए कहा कि अगर समझौता हो जाता है तो यह सैन्य जीत से भी बड़ी उपब्लिधि होगी। ट्रम्प ने कहा कि बातचीत अभी जारी है और कूटनीतिक समाधान की संभावना बनी हुई है। किसी समझौते को अंतिम मंजूरी देने से पहले उन्हें अभी कुछ और मामलों पर सहमति चाहिए। दक्षिणी लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाई का जिक्र करते हुए ट्रम्प ने कहा, “आज थोड़ी समस्या पैदा हुई थी, लेकिन मैंने उसे बहुत जल्दी संभाल लिया।” ट्रम्प ने इससे पहले दावा किया था कि उन्होंने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेबनान की राजधानी बेरूत पर बड़े पैमाने के हमले से रोका था। एक्सियोस न्यूज के मुताबिक ट्रम्प ने नेतन्याहू को फोन कर डांट भी लगाई। सूत्रों के मुताबिक ट्रम्प ने नेतन्याहू को यह भी याद दिलाया कि उन्होंने पहले कई मौकों पर उनका समर्थन किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इजराइल लेबनान पर बड़े पैमाने पर बमबारी करता है तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह और ज्यादा अलग-थलग पड़ सकता है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. कुवैत में अमेरिकी ठिकाने पर हमला: ईरान ने कुवैत में तैनात अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाकर दो ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं जिसे हवा में ही रोक लिया गया। ईरान ने कहा कि उसे जवाबी कार्रवाई का अधिकार है। 2. अमेरिका-ईरान की बातचीत फिर शुरू: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिर से पटरी पर लौटती दिख रही है। CNN के मुताबिक दोनों देशों के बीच संपर्क और बातचीत दोबारा आगे बढ़ रही है। 3. लेबनान पर हमले से ईरान नाराज: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका के साथ सीजफायर की शर्तों में लेबनान शामिल है। उसपर हमला पूरे समझौते का उल्लंघन माना जाएगा। 4. ईरान के द्वीपों पर अमेरिकी हमला: अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि उसने ईरान के गोरुक शहर और केश्म द्वीप पर आत्मरक्षा में हमले किए है। इसे पिछले हफ्ते केश्म द्वीप के ऊपर गिराए गए अमेरिकी एमक्यू-1 ड्रोन का जवाब बताया जा रहा है। 5. ईरान डील में परमाणु मुद्दों का साफ जिक्र: ट्रम्प ने कहा कि उनके प्रस्तावित ईरान समझौते में परमाणु मुद्दों का साफ और विस्तार से जिक्र किया गया है। इससे पहले कई रिपोर्ट्स में कहा गया था कि परमाणु मुद्दों को लेकर दोनों देश बाद में बातचीत करेंगे। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
दिलजीत दोसांझ के शो से खालिस्तानी धक्के मारकर निकाले:टोरंटो के कॉन्सर्ट में झंडे लेकर पहुंचे, पुलिस ने भीड़ से खींच-खींचकर पकड़े

पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ के 31 मई की रात टोरंटो कॉन्सर्ट में खालिस्तानी झंडे लेकर पहुंच गए। कनाडा के टोरंटो स्थित फेमस रॉजर्स सेंटर स्टेडियम में शो के बीच कुछ दर्शकों ने खालिस्तानी झंडे लहराए और शो को खराब करने की कोशिश की। घटना पर इस बार पहले से तैयार पुलिस टीम ने भीड़ में घुसकर खालिस्तानियों को धक्के देकर बाहर निकाल दिया। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें साफ दिख रहा है कि सुरक्षाकर्मी स्टेडियम की भीड़ से गुजरते हुए झंडा लहराने वालों को धक्का देकर बाहर निकाल रहे हैं। घटना उस समय हुई जब दिलजीत परफॉर्म कर रहे थे और हजारों फैंस उनका उत्साह बढ़ा रहे थे। आयोजकों और लोकल पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया, जिससे शो बिना ज्यादा रुकावट के जारी रहा। इस घटना ने सोशल मीडिया पर खालिस्तानियों को लेकर बहस छेड़ दी है। फैंस दिलजीत के स्टैंड की तारीफ कर रहे हैं तो दूसरी तरफ प्रो-खालिस्तान एक्टिविस्ट्स इसे मुद्दा बना रहे हैं। 3 पॉइंट में जानिए शो के दौरान क्या हुआ… दिलजीत कह चुके, हुड़दंगियों को बाहर निकालें इस घटना से पहले दिलजीत ने 11 मई 2026 को इंस्टाग्राम स्टोरीज पर खालिस्तानियों और उनके शो में हुड़दंग करने वालों को लेकर लिखा था कि बाहर प्रोटेस्ट करना किसी का भी अधिकार है, लेकिन अंदर आकर मेरे फैंस को हरास करना बर्दाश्त नहीं होगा। अगर कोई बैनर या झंडा लेकर आता है तो वह सपोर्ट दिखाने के लिए हो सकता है, लेकिन अगर बाहर गाली-गलौज कर रहे हैं और अंदर भी वही ड्रामा करेंगे तो नहीं चलेगा। मैंने सिक्योरिटी को कहा है कि जो प्रोग्राम खराब करे, उसे उठाकर बाहर फेंक दो। मैं किसी झंडे या बैनर के खिलाफ नहीं हूं, फेक नैरेटिव न फैलाएं। जानें कब-कब खालिस्थानी डाल चुके खलल ***************** ये खबर भी पढ़ें: पंजाबी सिंगर दिलजीत नहीं लड़ेंगे चुनाव: बोले-मैं नि:स्वार्थ सेवा करता हूं, वोट नहीं चाहिए; बचपन के दोस्त को भी करवाया रूबरू पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ ने कनाडा के शो में अपने दोस्त तजिंदर सिंह कोहली को लोगों के रू-ब-रू करवाया। दिलजीत ने कहा कि ये वो लड़ता है जिसने पंजाब में बाढ़ के दिनों में काम किया। ये 6 महीने तक अपने घर नहीं गया। मैंने इलेक्शन नहीं लड़ता है और न ही किसी से वोट लेने हैं। (पढ़ेंं पूरी खबर)
4 हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट भेजे गए:भारत में FIFA वर्ल्ड कप टेलिकास्ट करेगा ZEE नेटवर्क; 2 जून के करेंट अफेयर्स

आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. सुप्रीम कोर्ट में 5 नए जजों की नियुक्ति 2. विशाखापत्तनम में ‘साउथ कोस्ट रेलवे’ शुरू स्पोर्ट्स 3. RCB दूसरी बार IPL चैंपियन बनी 4. ZEE पर अब फीफा वर्ल्ड कप टेलीकास्ट होगा निधन (DEATH) 5. मशहूर गायिका सुमन कल्याणपुर का निधन मिसलीनियस (MISCELLENEOUS) 6. भारत-ओमान CEPA लागू हुआ आज का इतिहास ——————– ये खबर भी पढ़ें.. जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि देश के तीसरे CDS बने: गुलवीर 4 मिनट से कम में 1.6 किमी की रेस पूरी करने वाले पहले भारतीय बने, 1 जून के करेंट अफेयर्स आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं-पूरी खबर पढ़ें..
18 मंत्री, 13 जातियां, 3 पीएचडी: बीजेपी के बंगाल कैबिनेट फॉर्मूले को डिकोड करना | भारत समाचार

आखरी अपडेट:01 जून, 2026, 22:27 IST 57 वर्ष की औसत आयु के साथ, कैबिनेट राजनेताओं की युवा पीढ़ी के लिए जगह बनाते हुए काफी हद तक अनुभवी नेतृत्व पर निर्भर है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने कोलकाता के लोक भवन में नए कैबिनेट मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान 13 भाजपा विधायकों को पद की शपथ दिलाई। (फोटो: पीटीआई) नव-शपथ ग्रहण करने वाले पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल में 18 मंत्रियों को शामिल करना अनुभवी नेताओं, संगठनात्मक दिग्गजों, सामाजिक रूप से प्रतिनिधि चेहरों और विविध पृष्ठभूमि के पेशेवरों को मिलाकर भाजपा की सावधानीपूर्वक तैयार की गई राजनीतिक रणनीति को दर्शाता है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने इस रचना को बंगाल के प्रमुख सामाजिक और क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों में चुनावी पहुंच के साथ शासन के अनुभव को संतुलित करने के प्रयास के रूप में वर्णित किया है। 57 वर्ष की औसत आयु के साथ, कैबिनेट राजनेताओं की युवा पीढ़ी के लिए जगह बनाते हुए काफी हद तक अनुभवी नेतृत्व पर निर्भर है। चार मंत्री 50 वर्ष से कम उम्र के हैं, जिनमें माथाभांगा विधायक निशीथ प्रमाणिक मंत्रिमंडल के सबसे कम उम्र के सदस्य के रूप में उभरे हैं। इस मिश्रण को निरंतरता और नवीनीकरण के बीच संतुलन के रूप में पेश किया जा रहा है क्योंकि भाजपा राज्य पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। शिक्षा और व्यावसायिक योग्यताएं कैबिनेट की उल्लेखनीय विशेषताओं में से हैं। 18 मंत्रियों में से पंद्रह के पास स्नातक या उच्च डिग्री है, जबकि 12 के पास स्नातकोत्तर योग्यता है। तीन मंत्रियों के पास पीएचडी की डिग्री है, जो शैक्षिक साख पर पार्टी के जोर को रेखांकित करता है। कैबिनेट में डॉक्टर, प्रोफेसर, पत्रकार और शिक्षक भी शामिल हैं, जो इसे हाल के वर्षों में बंगाल की राजनीति में देखी गई सबसे पेशेवर रूप से विविध रचनाओं में से एक बनाता है। ऐसा प्रतीत होता है कि मंत्रालय के गठन में सामाजिक प्रतिनिधित्व एक महत्वपूर्ण विचार रहा है। कैबिनेट में 13 जाति समूहों के प्रतिनिधि शामिल हैं, जिनमें पश्चिम बंगाल के दस सबसे बड़े जाति समुदायों में से आठ शामिल हैं। अनुसूचित जाति के मंत्रियों में, भाजपा ने राजबोंगशी और नामसुद्र दोनों नेताओं को जगह दी है – ये समुदाय क्रमशः उत्तर और दक्षिण बंगाल में महत्वपूर्ण चुनावी प्रभाव रखते हैं। निशिथ प्रमाणिक और दीपक बर्मन राजबोंगशी समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि अशोक कीर्तनिया नामशूद्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसी तरह, दो अनुसूचित जनजाति मंत्री अलग-अलग आदिवासी बेल्टों पर भाजपा के फोकस को दर्शाते हैं। मनोज कुमार उराँव उराँव समुदाय और उत्तरी बंगाल के चाय बागान क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि क्षुदीराम टुडू जंगलमहल के संथाल समुदाय से आते हैं, जो एक ऐसा क्षेत्र है जो पिछले एक दशक में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक युद्धक्षेत्र के रूप में उभरा है। क्षेत्रीय रूप से, कैबिनेट में बंगाल में भाजपा के सभी पांच प्रमुख संगठनात्मक क्षेत्रों से मंत्री शामिल होते हैं, जिनमें विशेष रूप से उत्तर बंगाल और रारह बंगाल से मजबूत प्रतिनिधित्व होता है। पार्टी नेताओं का मानना है कि इस वितरण से राज्य भर में प्रशासनिक और राजनीतिक पहुंच को मजबूत करने में मदद मिलेगी। मंत्रालय में भाजपा के संगठनात्मक ढांचे के कई प्रमुख लोग भी शामिल हैं। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष वर्तमान प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक बर्मन, अग्निमित्रा पॉल और जगन्नाथ चट्टोपाध्याय के साथ कैबिनेट में शामिल हुए। भाजपा सूत्रों का कहना है कि भाजपा एसटी मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव क्षुदीराम टुडू को भी शामिल किया गया है, जो संगठनात्मक अनुभव पर पार्टी के जोर को उजागर करता है। शासन और विधायी अनुभव के संदर्भ में, कैबिनेट में एक पूर्व केंद्रीय मंत्री, एक पूर्व राज्य कैबिनेट मंत्री, कई पूर्व संसद सदस्य और कई बहु-कार्यकाल विधायक शामिल हैं। निशिथ प्रमाणिक ने पहले केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य किया था, जबकि तापस रॉय के पास पूर्व राज्य कैबिनेट मंत्री के रूप में अनुभव है। पूर्व सांसद दिलीप घोष, अर्जुन सिंह और स्वपन दासगुप्ता को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली है. दस मंत्री कई बार के विधायक हैं, जिनमें छह बार के विधायक तापस रॉय और पांच बार के विधायक अर्जुन सिंह शामिल हैं। विश्लेषकों का सुझाव है कि भाजपा पश्चिम बंगाल में सत्ता में अपना पहला पूर्ण कार्यकाल शुरू करते समय सामाजिक प्रतिनिधित्व, प्रशासनिक अनुभव और संगठनात्मक ताकत को जोड़ना चाहती है, साथ ही राज्य भर में भविष्य की चुनावी लड़ाई के लिए खुद को तैयार करना चाहती है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में अनिंद्य बनर्जी सौरभ वर्मा News18.com के लिए कई प्रकार की बीट्स को कवर करते हैं, जिनमें राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय और दिन-प्रतिदिन की खबरें शामिल हैं, जिनमें राजनीति पर विशेष ध्यान दिया जाता है। वह अपने स्टोर में एक ताज़ा और विश्लेषणात्मक लेंस लाता है…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया 18 मंत्री, 13 जातियां, 3 पीएचडी: बीजेपी के बंगाल कैबिनेट फॉर्मूले को डिकोड करना अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल बीजेपी कैबिनेट(टी)पश्चिम बंगाल सरकार(टी)बीजेपी मंत्री बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल राजनीतिक रणनीति(टी)जाति प्रतिनिधित्व बंगाल(टी)क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व बंगाल(टी)निशीथ प्रमाणिक मंत्री(टी)दिलीप घोष कैबिनेट
तमिलनाडु: अन्नामलाई के ‘बीजेपी से बाहर निकलने’ की बड़ी चर्चा | संविधान ‘उद्धारकर्ता’ चुप? | कठिन तथ्य | न्यूज18

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राज्यसभा चुनाव 2026: 2029 के राजनीतिक टकराव से पहले बीजेपी का लक्ष्य प्रमुख सीटों पर | न्यूमैट्रिक्स

जैसे-जैसे राज्यसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, भाजपा गुजरात, राजस्थान, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और झारखंड में महत्वपूर्ण सीटों को दांव पर लगाते हुए अपनी राजनीतिक ताकत मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इन चुनावों के नतीजे 2029 के आम चुनावों से पहले विधायी गतिशीलता को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकते हैं, जिससे हर वोट महत्वपूर्ण हो जाएगा। उच्च सदन में अंतिम संख्या निर्धारित करने में क्रॉस-वोटिंग और गठबंधन रणनीतियों द्वारा निर्णायक भूमिका निभाने की उम्मीद है। गहन राजनीतिक गणनाओं के साथ, सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि पार्टियां इस उच्च-स्तरीय चुनावी मुकाबले में आंतरिक समीकरणों और क्षेत्रीय गठबंधनों का प्रबंधन कैसे करती हैं। प्रमुख जानकारियों और अपडेट के लिए पूरी रिपोर्ट देखें। n18oc_ Indian18oc_politicsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 01 जून, 2026, 21:15 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)क्रॉस वोटिंग(टी)गुजरात राजनीति(टी)भारतीय संसद(टी)भारतीय राजनीति(टी)कर्नाटक राजनीति(टी)मध्य प्रदेश राजनीति(टी)न्यूज18 इंडिया(टी)राजनीतिक समाचार भारत(टी)राजस्थान राजनीति(टी)राज्यसभा चुनाव(टी)राज्यसभा सीटें






