महवश ने चहल संग रिश्ते की अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी:कहा- युजवेंद्र को एक अच्छे दोस्त की जरूरत थी, मैं दोस्ती अच्छे से निभाती हूं

एक्ट्रेस और कंटेंट क्रिएटर आरजे महवश ने क्रिकेटर युजवेंद्र चहल के साथ अपने रिश्ते को लेकर चल रही अफवाहों पर रिएक्शन दिया। महवश ने कहा कि उनके और चहल के बीच सिर्फ दोस्ती थी। हाल ही में दोनों ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो किया था, जिसके बाद चर्चाएं तेज हो गईं। इस पर महवश ने पिंकविला को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘लोगों का यह है ना कि चीजों को बहुत बड़ा बना देते हैं। इतनी कोई बड़ी बात नहीं होती, जब आप खुद उस चीज से गुजर रहे होते हो। दोस्तों में बहस हो गई, अनफॉलो हो गया और बात खत्म। इसमें इतनी बड़ी बात है ही नहीं।’ उन्होंने कहा, ‘जिन दोस्तों के साथ आपने छोटी-छोटी बातों पर हंसते हुए वक्त बिताया हो, उनके लिए दिल में बैर नहीं रखना चाहिए। मैं हमेशा उन्हें ऑल द बेस्ट विश करूंगी और मेरी शुभकामनाएं हमेशा उनके साथ रहेंगी।’ महवश बोलीं- मैं दोस्ती बहुत अच्छे से निभाती हूं जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी और चहल की दोस्ती से बढ़कर भी कुछ था, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। महवश ने कहा, ‘नहीं, ऐसा कुछ नहीं था। मैं दोस्ती बहुत अच्छे से निभाती हूं। उस समय उन्हें एक अच्छे दोस्त की बहुत जरूरत थी।’ महवश ने चहल के मेंटल स्ट्रगल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘जैसा कि उन्होंने अपने पॉडकास्ट में बताया था कि उनके मन में सुसाइडल थॉट्स आ रहे थे। उस समय हम सब कोशिश कर रहे थे कि किसी तरह उनका IPL सीजन अच्छे से निकल जाए। हम सबने मिलकर उनका जितना साथ दे सकते थे, दिया।’ उन्होंने यह भी कहा, ‘मेरे लिए बस इतना था कि अपने दोस्त के साथ खड़े रहना है। हम ऐसे वक्त में उनके साथ थे।’ महवश ने यह भी साफ किया कि अगर आगे उनकी और चहल की मुलाकात होगी, तो सब पहले जैसा ही रहेगा। उन्होंने कहा, ‘हम वैसे ही मिलेंगे जैसे हमेशा मिलते थे। जिन दोस्तों के साथ आपने चाय पर बातें की हों और हर तरह के मजाक किए हों, उनसे दिल में क्या ही रखोगे।’ चहल ने रिश्ते की अफवाहों को पहले ही नकारा महवश से पहले चहल रिलेशनशिप की अफवाहों को खारिज कर चुके हैं। राज शमानी के पॉडकास्ट में उन्होंने कहा था कि उनके और महवश के बीच सिर्फ दोस्ती है। उन्होंने यह भी बताया था कि इन अफवाहों की वजह से महवश को ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा, जिसे लेकर उन्हें काफी बुरा लगा। महवश ने अपने पहले प्यार का जिक्र किया हाल ही में दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में महवश ने कहा कि जो पहला प्यार होता है, वो हमेशा आपको याद रहता है। वो एक इंटेंसिटी थी कि जब मैं अपनी स्कूटी लेके उसकी कोचिंग के बाहर जाकर खड़े हुआ करती थी कि वह बस निकलेगा तो बस देख लूंगी। उन्होंने आगे कहा था कि सर्दियों में वह सुबह जल्दी उठ जाती थीं, क्योंकि उस लड़के की स्कूल बस उनके घर के सामने से गुजरती थी। वह सुबह 6 बजे अपने स्कूल जाने से पहले बाहर खड़ी होकर बस का इंतजार करती थीं, सिर्फ एक बार उसे देखने के लिए। बातचीत के दौरान महवश ने एक और मजेदार किस्सा भी शेयर किया। उन्होंने बताया कि एक दूसरा लड़का बाइक लेकर उनके घर के आसपास चक्कर लगाया करता था। जब उनके भाई को इस बारे में पता चला, तो वह उस लड़के को घर ले आए। उसके बाद उस लड़के से एक लेटर लिखवाया गया, जिसमें उसने वादा किया कि वह दोबारा उस घर या मोहल्ले के आसपास नहीं आएगा। बाद में उस लेटर पर लड़के और उसके माता-पिता के भी साइन करवाए गए।
दूध पीने का सही समय क्या है, सुबह या शाम? जानिये इस बारे में एक्सपर्ट का कहना

दूध को “संपूर्ण आहार” माना जाता है, क्योंकि इसमें कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं. लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि दूध पीने का सबसे सही समय क्या है, सुबह या शाम? इसका जवाब आपकी जरूरत और शरीर की स्थिति पर निर्भर करता है. आइए इस बारे में समझते हैं. सुबह दूध पीने के फायदेसुबह दूध पीना उन लोगों के लिए अच्छा माना जाता है, जिन्हें दिनभर ऊर्जा की जरूरत होती है. फायदेशरीर को तुरंत ऊर्जा और ताकत मिलती है.मांसपेशियों के विकास में मदद करता है.वजन बढ़ाने वालों के लिए उपयोगी.बच्चों और युवाओं के लिए खास फायदेमंद.लेकिन कुछ लोगों को सुबह दूध पीने से भारीपन या गैस की समस्या हो सकती है, खासकर अगर उनका पाचन तंत्र कमजोर है. रात में दूध पीने के फायदेआयुर्वेद और आधुनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दूध पीने का सबसे अच्छा समय रात माना जाता है. फायदेदूध में मौजूद ट्रिप्टोफैन (एक अमीनो एसिड) अच्छी नींद लाने में मदद करता है.शरीर को दिनभर की थकान से राहत मिलती है.हड्डियों को मजबूत बनाने में बेहतर असर.पाचन पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता.खासतौर पर सोने से 30–60 मिनट पहले गुनगुना दूध पीना सबसे बेहतर माना जाता है. सुबह vs शाम: कौन बेहतर?समयकिसके लिए बेहतरसुबहबच्चों, एथलीट्स, वजन बढ़ाने वालेरात (शाम)अच्छी नींद, पाचन और सामान्य स्वास्थ्य.आमतौर पर रात में दूध पीना ज्यादा हेल्दी माना जाता है, लेकिन यह आपकी दिनचर्या और शरीर की जरूरत पर भी निर्भर करता है. ध्यान रखने वाली बातेंदूध हमेशा गुनगुना पीना बेहतर होता है.खाने के तुरंत बाद दूध न पिएं.लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले लोग सावधानी रखें.जरूरत से ज्यादा दूध न पिएं. निष्कर्षदूध पीने का कोई एक तय समय सभी के लिए सही नहीं होता. अगर आपको दिनभर ऊर्जा चाहिए, तो सुबह दूध पी सकते हैं. लेकिन अगर आप बेहतर नींद और संपूर्ण स्वास्थ्य चाहते हैं, तो रात में दूध पीना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है.
‘मतदाता सूची से रोहिंग्या या बांग्लादेशी नागरिकों के नाम…’ केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी का बड़ा बयान

सेंट्रल कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने रविवार को कहा कि अगर देश की सूची में किसी भी रोहिंग्या या बांग्लादेशी का नाम मिलता है, तो उसे हटा दिया जाना चाहिए। रेड्डी ने सभी राजनीतिक प्लाटून से बूथिक एजेंट (बीइलाय) को नियुक्त करने और डेमोक्रेटिक की विशेष गहन पुनरीक्षण (बीइलाय) प्रक्रिया के दौरान इलेक्ट्रोनिक आयोग के साथ सहयोग करने का आग्रह किया। रेड्डी ने कहा कि भारतीय नागरिकों को अन्य देशों के नागरिकों के नाम सूची से हटा देना चाहिए। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री किशन रेड्डी जी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि की पोलिंग सूची में से सभी अन्य देशों के नागरिकों का नाम हटा दिया जाना चाहिए, केवल भारतीयों का नाम इस पोलिंग सूची में रखा जाना चाहिए। जी किशन रेड्डी ने भारतवासियों को ये विश्वास दिलाया है कि भारतीय जनता पार्टी के बूथ स्तर के कार्यकर्ता इस सूची में चुनाव आयोग की पूरी सहायता करेंगे। किसी अन्य देश का नागरिक इस सूची में ना पाया जाए। यदि किसी गैर देश के नागरिक का नाम इस सूची में भी है तो उसका नाम जल्द से जल्द इस मतदान से बाहर कर दिया जाएगा। इस काम में भारतीय जनता पार्टी बूथ स्तर के कार्यकर्ता चुनाव अधिकारियों का नाम कटवनें में पूरी तरह से तकनीकी और जमीनी तरीकों से मदद करेंगे। (टैग्सटूट्रांसलेट)जी. किशन रेड्डी(टी)तेलंगाना(टी)बीजेपी(टी)केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री(टी)जीकिशन रेड्डी(टी)तेलंगाना(टी)भाजपा
गर्मियों का खट्टा-मीठा सुपरफूड है करौंदा, स्वाद के साथ देता है सेहत का खजाना

Last Updated:May 18, 2026, 10:53 IST Chitrakoot news: गर्मियों के मौसम में चित्रकूट के पाठा क्षेत्र में मिलने वाला करौंदा इन दिनों लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. खट्टे-मीठे स्वाद वाला यह छोटा सा फल न केवल स्वाद बढ़ाता है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. विटामिन-सी से भरपूर करौंदा पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद करता है, वहीं ग्रामीण लोग इसे अचार, चटनी और मुरब्बा बनाकर इस्तेमाल करते हैं. खास बात यह है कि जंगलों और गांवों में आसानी से मिलने वाला करौंदा ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त कमाई का जरिया भी बनता जा रहा है. पाठा क्षेत्र गर्मियों के मौसम में सिर्फ भीषण गर्मी ही नहीं बल्कि कई तरह के औषधीय फल भी अपने साथ लेकर आता है. इन्हीं में से एक है करौंदा जो इन दिनों जंगलों से लेकर गांवों के घरों तक आसानी से देखने को मिल रहा है. खट्टे-मीठे स्वाद वाला यह फल न केवल लोगों की पसंद बना हुआ है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. पाठा क्षेत्र के लोग इसका सेवन करने के साथ-साथ बाजारों में बेचकर अच्छी कमाई भी कर लेते हैं. आप को बता दे कि चित्रकूट के पाठा क्षेत्र के जंगलों और ग्रामीण इलाकों के घरों में करौंदा बड़ी मात्रा में पाया जाता है. खास बात यह है कि यह पौधा कम पानी में भी आसानी से उग जाता है, इसलिए पथरीली और सूखे वाली जमीन में भी इसकी पैदावार अच्छी होती है,गर्मियों के मौसम में ग्रामीण महिलाएं और बच्चे जंगलों से करौंदा तोड़कर बाजारों में बेचते भी नजर आते हैं. स्थानीय लोग इसका प्रयोग अचार, चटनी, मुरब्बा, जूस और सब्जी बनाने में करते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google मानिकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर पवन कुमार ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि करौंदा स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी फल है. उन्होंने कहा कि पहले के समय में गांवों के लोग नियमित रूप से इसका सेवन करते थे और घरों में इसकी चटनी, अचार व सब्जी बनाई जाती थी,लेकिन समय के साथ लोगों में जागरूकता कम होने लगी है, जिसके कारण इसका उपयोग घट गया है. उन्होंने बताया कि करौंदा में भरपूर मात्रा में विटामिन-सी पाया जाता है, जो शरीर को कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है.उनका कहना है कि करौदा पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है. वहीं पाठा के रहने वाले अनीस ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि मैं खुद अपने घर में करौंदा का पेड़ लगाया हूं. यह फल गर्मियों में बड़ी मात्रा में आता है. गांवों में लोग इसका इस्तेमाल चटनी और सब्जी बनाने में करते हैं, उन्होंने कहा कि करौंदा जंगलों से लेकर गांव के लगभग हर घर में देखने को मिल जाता है. कई ग्रामीण इसे जंगलों से तोड़कर बाजारों में बेचते हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी भी हो जाती है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
धोनी IPL के बीच NSG हब पहुंचे, सबमशीन गन चलाई:पिस्टल से निशाना भी लगाया, कमांडोज से पूछा- फिट लग रहा हूं न

पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी IPL के बीच रविवार को चेन्नई में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स (NSG) के रीजनल हब पहुंचे। यहां उन्होंने सबमशीन गन चलाई। साथ ही पिस्टल से निशाना लगाते नजर आए। 44 साल के धोनी ने यहां कमांडोज और उनके परिवारों के साथ समय बिताया। उनके साथ खाना खाया। उन्होंने अपनी फिटनेस पर कमांडोज से पूछा- ‘फिट लग रहा हूं न।’ इस पर जवान सहमति देते हुए कहा- ‘पिछली बार जब आए थे तब इससे भी फिट थे।’ तब धोनी ने कहा- ‘जैसे-जैसे टाइम बढ़ता मेहनत ज्यादा करना पड़ता है।’ वे 2023 में NSG कैंप में शामिल हो चुके हैं। धोनी चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा हैं। हालांकि, वे काफ स्ट्रेन (पिंडली की चोट) के कारण इस सीजन में अब तक एक भी मैच नहीं खेल पाए हैं। आज चेन्नई सीजन में अपना आखिरी लीग मैच खेलने जा रही है। इसमें धोनी के खेलने की संभावना है। फोटो देखिए… टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं धोनी एमएस धोनी टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं। वे पैराशूट रेजीमेंट की 106 पैरा टेरिटोरियल आर्मी बटालियन का हिस्सा हैं। उन्होंने कश्मीर में भारतीय सेना के साथ दो हफ्ते की ट्रेनिंग भी की। बाद में उनका बूट पॉलिश करते हुए फोटो भी सामने आया था। धोनी और सैन्य बलों का पुराना नाता क्या हैदराबाद के खिलाफ खेलेंगे धोनी? चेन्नई को आज सनराइजर्स हैदराबाद के साथ चेपॉक स्टेडियम में खेलना है। उम्मीद लगाई जा रही है कि धोनी इसमें खेल सकते हैं। हालांकि अभी तक धोनी और चेन्नई के मैनेजमेंट की तरफ से इस तरह के कोई संकेत नहीं आए हैं। फ्रेंचाइजी की ओर से कहा गया था कि वे फिर से चोटिल हो गए और इसकी वजह से खेलने में देरी हो रही है। ———————————————
बार्सिलोना ने ला लीगा में सभी घरेलू मैच जीते:38 मैचों के सीजन में सभी 19 होम मुकाबले जीतने वाली पहली टीम बनी

स्पैनिश चैंपियन बार्सिलोना ला लीगा में अपने सभी होम मैच जीतने वाली 11वीं टीम बनी है। 38 मैचों वाले सीजन में ऐसा करने वाली वह पहली टीम है। इससे पहले 1985-86 में रियल मैड्रिड ने अपने सभी 17 होम मैच जीते थे। वहीं, बार्सिलोना ने 1959-60 सीजन में अपने 15 होम मैच जीते थे। बार्सिलोना ने रियल बेटिस को 3-1 से हराया। ला लीगा इतिहास में इससे पहले कोई भी टीम 38 मैचों के फॉर्मेट में अपने सभी होम मैच नहीं जीत सकी थी। मैनेजर हंसी फ्लिक की टीम बार्सिलोना पिछले रविवार को रियल मैड्रिड को हराकर चैंपियन बनी थी। रियल बेटिस के खिलाफ राफिन्या ने दो गोल किए, जबकि तीसरा गोल जोआओ कान्सेलो ने किया। राफिन्या के दो गोल और कान्सेलो की स्ट्राइक से मिली जीत मैच के 28वें मिनट में राफिन्या ने फ्री-किक से गोल कर बार्सिलोना को 1-0 की बढ़त दिलाई। फिर 62वें मिनट में हेक्टर बेलरिन की खराब पास का फायदा उठाकर उन्होंने दूसरा गोल किया। इसके बाद गावी के फाउल पर रियल बेटिस को पेनल्टी मिली, जिसे इस्को ने गोल में बदला। हालांकि, मैच के आखिर में जोआओ कान्सेलो ने 20 गज दूर से शानदार शॉट लगाकर बार्सिलोना की 3-1 से जीत पक्की कर दी। 3 अलग-अलग स्टेडियम में खेलकर भी अजेय रही टीम बार्सिलोना के लिए यह रिकॉर्ड इसलिए भी खास है क्योंकि टीम ने पूरे सीजन एक ही मैदान पर मैच नहीं खेले। कैंप नोउ में रेनोवेशन के कारण टीम ने एस्टाडी जोहान क्रूफ, बार्सिलोना ओलंपिक स्टेडियम और नए कैंप नोउ में अपने घरेलू मैच खेले और हर जगह जीत दर्ज की। इस सीजन में बार्सिलोना को घर पर सिर्फ दो हार मिलीं और दोनों चैंपियंस लीग में आईं। अक्टूबर में PSG और अप्रैल में एटलेटिको मैड्रिड ने उन्हें हराया था। लेवांडोव्स्की की विदाई: 191 मैचों में 119 गोल मैच के आखिरी पलों में रॉबर्ट लेवांडोव्स्की को सब्स्टीट्यूट किए जाने पर दर्शकों ने खड़े होकर उन्हें विदाई दी। 37 साल के लेवांडोव्स्की इस समर में कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद क्लब छोड़ देंगे। 2022 में बार्सिलोना से जुड़ने के बाद उन्होंने 191 मैचों में 119 गोल किए हैं। बार्सिलोना अब अपने खिताबी सीजन का आखिरी मैच अगले शनिवार को वालेंसिया के मैदान पर खेलेगी।
बार्सिलोना ने ला लीगा में सभी घरेलू मैच जीते:38 मैचों के सीजन में सभी 19 होम मुकाबले जीतने वाली पहली टीम बनी

स्पैनिश चैंपियन बार्सिलोना ला लीगा में अपने सभी होम मैच जीतने वाली 11वीं टीम बनी है। 38 मैचों वाले सीजन में ऐसा करने वाली वह पहली टीम है। इससे पहले 1985-86 में रियल मैड्रिड ने अपने सभी 17 होम मैच जीते थे। वहीं, बार्सिलोना ने 1959-60 सीजन में अपने 15 होम मैच जीते थे। बार्सिलोना ने रियल बेटिस को 3-1 से हराया। ला लीगा इतिहास में इससे पहले कोई भी टीम 38 मैचों के फॉर्मेट में अपने सभी होम मैच नहीं जीत सकी थी। मैनेजर हंसी फ्लिक की टीम बार्सिलोना पिछले रविवार को रियल मैड्रिड को हराकर चैंपियन बनी थी। रियल बेटिस के खिलाफ राफिन्या ने दो गोल किए, जबकि तीसरा गोल जोआओ कान्सेलो ने किया। राफिन्या के दो गोल और कान्सेलो की स्ट्राइक से मिली जीत मैच के 28वें मिनट में राफिन्या ने फ्री-किक से गोल कर बार्सिलोना को 1-0 की बढ़त दिलाई। फिर 62वें मिनट में हेक्टर बेलरिन की खराब पास का फायदा उठाकर उन्होंने दूसरा गोल किया। इसके बाद गावी के फाउल पर रियल बेटिस को पेनल्टी मिली, जिसे इस्को ने गोल में बदला। हालांकि, मैच के आखिर में जोआओ कान्सेलो ने 20 गज दूर से शानदार शॉट लगाकर बार्सिलोना की 3-1 से जीत पक्की कर दी। 3 अलग-अलग स्टेडियम में खेलकर भी अजेय रही टीम बार्सिलोना के लिए यह रिकॉर्ड इसलिए भी खास है क्योंकि टीम ने पूरे सीजन एक ही मैदान पर मैच नहीं खेले। कैंप नोउ में रेनोवेशन के कारण टीम ने एस्टाडी जोहान क्रूफ, बार्सिलोना ओलंपिक स्टेडियम और नए कैंप नोउ में अपने घरेलू मैच खेले और हर जगह जीत दर्ज की। इस सीजन में बार्सिलोना को घर पर सिर्फ दो हार मिलीं और दोनों चैंपियंस लीग में आईं। अक्टूबर में PSG और अप्रैल में एटलेटिको मैड्रिड ने उन्हें हराया था। लेवांडोव्स्की की विदाई: 191 मैचों में 119 गोल मैच के आखिरी पलों में रॉबर्ट लेवांडोव्स्की को सब्स्टीट्यूट किए जाने पर दर्शकों ने खड़े होकर उन्हें विदाई दी। 37 साल के लेवांडोव्स्की इस समर में कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद क्लब छोड़ देंगे। 2022 में बार्सिलोना से जुड़ने के बाद उन्होंने 191 मैचों में 119 गोल किए हैं। बार्सिलोना अब अपने खिताबी सीजन का आखिरी मैच अगले शनिवार को वालेंसिया के मैदान पर खेलेगी।
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीसन: केरल के मुख्यमंत्री वीडी शशीषन ने कार्डिनल क्लेमिस बावा का आशीर्वाद लिया

केरल के 13 वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण से एक दिन पहले कांग्रेस नेता वीडियो शेशनन ने रविवार को अगुआ क्लेमिस बावा (मोरन मोर बैसिलियोस कार्डिनल क्लेमिस) से मुलाकात की। कार्डिनल वर्तमान में सिरो-मलंकरा कैथोलिक चर्च के मेजर आर्कबिशप-कैथोलिकोस और तिरुवनंतपुरम के मेजर आर्कबिशप के रूप में रेस्तरां हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में शेरीशन ने कहा कि कल केरल के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने से पहले क्लेमिस बावा को आशीर्वाद और शुभकामनाएं मिलीं। कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि कार्डिनल क्लेमिस बावा के विश्वास और अंतिम शब्द ‘अत्यंत शक्ति और प्रोत्साहन का स्रोत’ हैं। ईश्वरीय दायित्व की भावना के साथ, मैं समावेशी शासन सुनिश्चित करने, सभी जिलों का सम्मान करने और केरल के विकास और प्रगति को प्राथमिकता देने के लिए हूं। इस बीच, सोमवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक मोर्चा (यू एफ़एफ़) सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के साथ, अंतिम दौर की चर्चा रविवार को अंतिम दौर में समाप्त हुई। गठबंधन के सहयोगियों और नेतृत्व के बीच सुबह से ही गहन विचार-विमर्श जारी है। कांग्रेस की प्रतिनिधि और केरल प्रभारी दीपा दासमुंशी ने पुष्टि की कि चर्चाएं आगे बढ़ रही हैं। नये प्रशासन मुख्यमंत्री में 21 मूर्तिपूजक शामिल हैं, जो राज्य में अधिकांश अनुमत संख्या है। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस को मुख्यमंत्री पद समेत 11 मंत्री पद मिलने की संभावना है. हालाँकि कई कांग्रेसी गुटों ने व्यापक सहमति बना ली है, लेकिन गठबंधन के सहयोगियों के साथ उनके मंत्री को लेकर बातचीत अभी भी जारी है। खेमे से जिन झील को लगभग अंतिम रूप दिया जा चुका है, उनमें वरिष्ठ नेता राकेश चेन्निथला भी शामिल हैं, जिनमें गृह मंत्रालय की योग्यता बैठक की उम्मीद है। इनके अलावा, राज्य पार्टी प्रमुख सनी जोसेफ, के. मुरलीधरन, तिरुवनचूर राधाकृष्णन, ए.पी. अनिल कुमार, पी.सी. विष्णुनाथ, एम. लिजू, चंडी ओमन और बिंदू कृष्ण के नाम भी शामिल हैं।
गर्मी के मौसम में गूलर का फल बना है सेहत का खजाना, औषधीय गुणों से है भरपूर, जाने

Last Updated:May 18, 2026, 09:48 IST Chitakoot news: गर्मी और बरसात के मौसम में गूलर के फल आसानी से जंगलों में मिल जाते हैं,और ग्रामीण इन्हें तोड़कर घर लाते हैं और सेवन करते हैं. माना जाता है कि गूलर का फल शरीर को ताकत देने के साथ कई स्वास्थ्य लाभ भी पहुंचाता है, गूलर का फल एंटीऑक्सीडेंट और कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसका सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है. इसमें पाए जाने वाले तत्व शरीर को ऊर्जा देने के साथ बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने में भी सहायक माने जाते हैं. चित्रकूटः पाठा क्षेत्र के जंगल अपनी प्राकृतिक संपदा और औषधीय पौधों के लिए लंबे समय से पहचान रखते हैं. यहां जंगलों में कई प्रकार के फल, जड़ी,बूटियां और औषधीय पेड़ बड़ी संख्या में पाए जाते हैं, जिनका उपयोग स्थानीय लोग वर्षों से करते आ रहे हैं. इन्हीं पेड़ों में से एक पेड़ गूलर का भी खास माना जाता है. पाठा के जंगलों में गूलर के पेड़ बड़ी संख्या में देखने को मिलते हैं. इसके फल का उपयोग लोग खाने में करते हैं. वहीं इसकी छाल, पत्तियां और पेड़ से निकलने वाला दूध कई बीमारियों में लाभकारी माना जाता है. शरीर को ताकत देता है गूलर का फूल जानकारी के लिए बता दे कि गर्मी और बरसात के मौसम में गूलर के फल आसानी से जंगलों में मिल जाते हैं,और ग्रामीण इन्हें तोड़कर घर लाते हैं और सेवन करते हैं. माना जाता है कि गूलर का फल शरीर को ताकत देने के साथ कई स्वास्थ्य लाभ भी पहुंचाता है, गूलर का फल एंटीऑक्सीडेंट और कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसका सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है. इसमें पाए जाने वाले तत्व शरीर को ऊर्जा देने के साथ बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने में भी सहायक माने जाते हैं. पेट की बीमारी और ब्लड शुगर रहता है कंट्रोल इस संबंध में चित्रकूट के डॉक्टर अजय ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि गूलर पेट संबंधी समस्याओं में काफी लाभकारी माना जाता है. इसका फल खाने से पेट दर्द, गैस और पाचन संबंधी परेशानियों में राहत मिल सकती है.उन्होंने बताया कि गूलर की छाल में ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के गुण भी पाए जाते हैं,इसके लिए छाल का काढ़ा बनाकर सेवन किया जाता है, जो मधुमेह के मरीजों के लिए लाभकारी हो सकता है. गूलर के पेड़ से निकलने वाला दूध घाव भरने में उपयोगी माना जाता है. हालांकि उनका यह भी कहना है कि कोई भी औषधि का प्रयोग करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Chitrakoot,Uttar Pradesh
‘मैंने इसे हंसी में उड़ा दिया’: वीसीके प्रमुख ने डीएमके-एआईएडीएमके की ओर से ‘टीवीके का समर्थन करने के बाद भी’ मुख्यमंत्री के लिए आश्चर्यजनक प्रस्ताव का खुलासा किया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:18 मई, 2026, 08:56 IST News18 से विशेष रूप से बात करते हुए, थोल थिरुमावलवन ने पुष्टि की कि इस महीने सरकार गठन नाटक के चरम पर प्रतिद्वंद्वी द्रविड़ दिग्गजों के बीच बातचीत हुई थी। तमिलनाडु के सीएम विजय (दाएं) वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन के साथ। (एक्स @थिरुमाऑफिशियल) एक रहस्योद्घाटन में, जो तमिलनाडु की पहले से ही अस्थिर चुनाव के बाद की राजनीति को और हिला सकता है, वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने दावा किया है कि सी जोसेफ विजय और उनके तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) को सरकार बनाने से रोकने के लिए डीएमके और एआईएडीएमके दोनों ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की पेशकश सहित असाधारण शक्ति-साझाकरण फार्मूले की खोज की। News18 तमिलनाडु से विशेष रूप से बात करते हुए, वीसीके प्रमुख ने पुष्टि की कि प्रतिद्वंद्वी द्रविड़ दिग्गजों के बीच बातचीत इस महीने की शुरुआत में सरकार गठन के नाटक के चरम पर हुई थी, जब विजय की टीवीके सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद बहुमत के आंकड़े को पार करने के लिए संघर्ष कर रही थी। तिरुमावलवन ने वीसीके और वामपंथी नेताओं से जुड़ी बैठकों का जिक्र करते हुए कहा, “7 मई को हमें अलग-अलग निमंत्रण मिला कि सीएम स्टालिन हमसे मिलना चाहते हैं।” “जब हम गए तो उन्होंने प्रस्ताव रखा कि एआईएडीएमके ने हमसे हाथ मिलाने और एडप्पादी पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए कहा है। मैंने उनसे कहा कि डीएमके के भविष्य पर ही सवालिया निशान लग जाएगा। वाम दलों की भी ऐसी ही राय थी।” यह टिप्पणियाँ तनावपूर्ण सरकार गठन चरण के दौरान द्रमुक और अन्नाद्रमुक के बीच पर्दे के पीछे की बातचीत के बारे में कई हफ्तों की अटकलों की पुष्टि करती प्रतीत होती हैं। यह भी पढ़ें | केवल 4,649 वोटों से विजय की टीवीके को तमिलनाडु में अपने दम पर बहुमत मिल जाता लेकिन सबसे बड़ा राजनीतिक झटका तिरुमावलवन के अगले दावे से लगा। वीसीके नेता के अनुसार, उन्हें मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में पेश करने के लिए 8 मई को एक नया प्रस्ताव लाया गया था, जबकि पलानीस्वामी डिप्टी सीएम बनेंगे। उन्होंने कहा, “मैंने इसे हंसी में उड़ा दिया। तमिलनाडु में ऐसा कुछ कभी नहीं हो सकता।” तिरुमावलवन ने यह भी दावा किया कि वीसीके द्वारा टीवीके को समर्थन देने वाले पत्र पर हस्ताक्षर करने के बाद भी उन्हें प्रस्ताव मिलते रहे। उन्होंने कहा, ”टीवीके को समर्थन पर हस्ताक्षर करने के बाद भी मुझे मुख्यमंत्री पद की पेशकश की गई थी।” वीसीके ने अंततः विजय की पार्टी का समर्थन किया, जिससे टीवीके को बहुमत का आंकड़ा पार करने में मदद मिली और विजय के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने का मार्ग प्रशस्त हुआ। यह भी पढ़ें | टीवीके की सबसे बड़ी ढाल? कैसे सीएम विजय का फ्लोर टेस्ट टैली उन्हें मजबूत स्थिति में छोड़ देता है विस्फोटक खुलासे ऐसे समय में हुए हैं जब अन्नाद्रमुक गहरे आंतरिक संकट से जूझ रही है। पार्टी के भीतर एक विद्रोही गुट, जिसने बाद में विश्वास मत के दौरान विजय के नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन किया था, ने ईपीएस पर केवल विजय के उत्थान को रोकने के लिए द्रमुक के साथ गठबंधन करने को तैयार होने का आरोप लगाया है। इस बीच, ईपीएस खेमे ने आरोप लगाया है कि बागी एआईएडीएमके विधायकों को टीवीके को समर्थन देने के बदले में कैबिनेट में जगह देने का वादा किया गया था। इस विवाद में सुपरस्टार रजनीकांत भी शामिल हो गए हैं, जिनका नाम राजनीतिक गलियारों में उन अफवाहों के बीच सामने आया था कि उन्होंने DMK-AIADMK के बीच समझौते के प्रयास के दौरान संचार चैनलों को सुविधाजनक बनाने में अनौपचारिक रूप से मदद की थी। हालांकि, रजनीकांत ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। “मैं स्टालिन को 35-40 वर्षों से जानता हूं। मैं दुखी था कि वह कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र में हार गए। क्या राजनीतिक तनाव के चरम पर इस तरह की चर्चा करना संभव है?” उन्होंने संवाददाताओं से कहा. रहस्योद्घाटन से पता चलता है कि कैसे टीवीके शुरू में आधे के निशान से पीछे रह गया, प्रतिद्वंद्वी खेमों ने संख्या के लिए हाथापाई की, जिससे उन परिदृश्यों के लिए दरवाजा खुल गया जिन्हें एक बार राजनीतिक रूप से अकल्पनीय माना जाता था। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘मैंने इसे हंसी में उड़ा दिया’: वीसीके प्रमुख ने डीएमके-एआईएडीएमके की ओर से ‘टीवीके का समर्थन करने के बाद भी’ मुख्यमंत्री के लिए आश्चर्यजनक प्रस्ताव का खुलासा किया। अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु की राजनीति(टी)थोल थिरुमावलवन(टी)वीसीके प्रमुख(टी)डीएमके एआईएडीएमके वार्ता(टी)पावर-शेयरिंग डील(टी)तमिलगा वेट्री कड़गम(टी)सी जोसेफ विजय(टी)ईपीएस एआईएडीएमके संकट






