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सिर्फ आम नहीं, उसकी गुठली भी है सुपरफूड! डैंड्रफ से लेकर पेट की बीमारी तक में फायदेमंद

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Last Updated:May 15, 2026, 15:43 IST Benefits of mango kernel: गर्मियों में पसंद किया जाने वाला आम सिर्फ स्वाद ही नहीं, सेहत का भी खजाना है। डॉ. शैलेंद्र गौतम के मुताबिक आम की गुठली में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसका सीमित सेवन दस्त, पित्त, भूख न लगना और त्वचा संबंधी समस्याओं में लाभकारी माना जाता है। वहीं इसका उपयोग डैंड्रफ, बाल झड़ने और मुंहासों की समस्या में भी फायदेमंद बताया गया है। Benefits of mango kernel: गर्मियों का मौसम आते ही फलों के राजा आम की मिठास हर किसी को लुभाने लगती है। लोग बड़े चाव से आम खाते हैं, लेकिन उसके बाद गुठली को बेकार समझकर कूड़े में फेंक देते हैं। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि यही गुठली कई औषधीय गुणों से भरपूर होती है और शरीर की कई समस्याओं में फायदेमंद मानी जाती है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. शैलेंद्र गौतम ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि आम की गुठली को सही तरीके से उपयोग किया जाए तो यह पेट, त्वचा और बालों से जुड़ी कई परेशानियों में राहत दे सकती है। डॉक्टर ने बताया कि आम खाने के बाद उसकी गुठलियों को इकट्ठा कर धूप में अच्छी तरह सुखा लेना चाहिए, जब ऊपर की परत सड़ जाए या सूख जाए तो अंदर मौजूद बीज को निकालकर उसका चूर्ण तैयार किया जा सकता है। डॉ. गौतम के अनुसार, इस चूर्ण का दिन में दो बार करीब 5-5 ग्राम सीमित मात्रा में सेवन करने से पित्त, भूख न लगना, पतला दस्त, खूनी दस्त, शरीर में पोषक तत्वों की कमी, त्वचा संबंधी समस्याएं और ल्यूकोरिया जैसी दिक्कतों में लाभ मिल सकता है। आम की गुठली के फायदेडॉ. गौतम ने बताया कि आम की गुठली ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में भी सहायक मानी जाती है। इसके अलावा वजन संतुलित रखने, हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और पीरियड्स के दर्द में राहत पहुंचाने में भी इसका उपयोग किया जाता है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि किसी भी चीज का अधिक सेवन नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ज्यादा मात्रा में इसका उपयोग नहीं करना चाहिए, सिर्फ स्वास्थ्य ही नहीं, आम की गुठली त्वचा और बालों के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है. डॉ. गौतम ने बताया कि आम के बीज को पीसकर उसमें टमाटर मिलाकर स्क्रब तैयार किया जा सकता है. यह स्क्रब चेहरे की मृत त्वचा हटाने, ब्लैकहेड्स, मुंहासों और दाग-धब्बों को कम करने में मदद करता है. इसके साथ ही त्वचा की रेडनेस कम करने और रोमछिद्रों को साफ करने में भी उपयोगी माना जाता है. बालों की समस्या से परेशान लोगों के लिए भी आम की गुठली किसी घरेलू नुस्खे से कम नहीं है. मैंगो सीड बटर को सरसों के तेल में मिलाकर कुछ दिनों तक धूप में रखने के बाद बालों में लगाने से रूसी, बाल झड़ना, समय से पहले सफेद बाल और गंजापन जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है. About the Author Deepti Sharma Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sidhi,Madhya Pradesh

समुद्र की लहरों पर क्रूज कंपनियां बेच रहीं सेहत:योग, ध्यान और लॉन्जेविटी को अब नया बिजनेस मॉडल बना रहीं लग्जरी क्रूज इंडस्ट्री

समुद्र की लहरों पर क्रूज कंपनियां बेच रहीं सेहत:योग, ध्यान और लॉन्जेविटी को अब नया बिजनेस मॉडल बना रहीं लग्जरी क्रूज इंडस्ट्री

समुद्री यात्राएं अब बदल रही हैं। कभी जुआघर, आलीशान खान-पान और नाच-गाने के लिए मशहूर यह सेक्टर ‘वेलनेस टूरिज्म’ की ओर मुड़ चुका है। 2026 के रुझान बताते हैं कि अब यात्रियों को सिर्फ छुट्टियां नहीं, बल्कि मानसिक शांति और शरीर को ऊर्जावान बनाने का अनुभव बेचा जा रहा है। इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण है ओरिएंट एक्सप्रेस और सौंदर्य जगत के बड़े नाम गुर्लेन की ‘ओशन रीबर्थ’ स्कीम। अक्टूबर 2026 में पुर्तगाल से बारबाडोस तक चलने वाली यह 14 दिनों की समुद्री यात्रा दुनिया के सबसे बड़े पाल वाले जहाज ओरिएंट एक्सप्रेस कोरिंथियन पर शुरू होगी। इस विशेष अनुभव के लिए शुरुआती किराया 67 लाख रुपए तय किया गया है। कंपनी के अनुसार, यह केवल एक आलीशान जहाज की यात्रा नहीं है, बल्कि ‘पूर्ण स्वास्थ्य यात्रा’ है। इसमें हर यात्री की सेहत की जांच कर उनके लिए खान-पान, शारीरिक गतिविधियों और उपचार की व्यक्तिगत स्कीम तैयार की जाएगी। गुर्लेन ने आधिकारिक बयान में कहा, ‘इस यात्रा का उद्देश्य यात्रियों को स्वास्थ्य का गहरा अनुभव देना है। बीमारियों से बचाव और मानसिक मजबूती को यात्रा का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है।’ जहाज पर ध्यान, योगासन और सांस संबंधी वर्कशॉप के साथ-साथ उच्च तकनीक वाले उपचार भी मिलेंगे। गुर्लेन का दावा है कि उनका विशेष उपकरण पहली बार 7 उन्नत सौंदर्य तकनीकों को एक साथ पेश करता है, जो त्वचा और स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं। इस यात्रा में मार्गदर्शन के लिए कई विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। इनमें प्रख्यात सौंदर्य विशेषज्ञ अमेली डेमांजे, श्वसन क्रिया विशेषज्ञ आर्थर गुएरिन और आहार एवं पोषण विशेषज्ञ डेबोरा पासुती होंगे। 5,380 वर्ग फुट का गुर्लेन केंद्र इस यात्रा का मुख्य आकर्षण है, जहां भाप स्नान, विश्राम कक्ष और खुले आसमान के नीचे तैरने के लिए खास पूल जैसी सुविधाएं हैं। संपन्न यात्री अब दिखावे वाली सुविधाओं के बजाय ‘परिवर्तनकारी अनुभव’ चाहते हैं, जहां लग्जरी के साथ बेहतर स्वास्थ्य का मेल हो। सालाना 14% की रफ्तार से बढ़ रहा लग्जरी क्रूज बाजार, 2035 में 273 अरब डॉलर का होगा यह बदलाव सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं है। वर्जिन वॉयेज और एक्सप्लोरा जर्नीज जैसी बड़ी कंपनियां भी अब मानसिक शांति और ध्वनि उपचार जैसे कार्यक्रमों पर जोर दे रही हैं। बिजनेस रिसर्च इनसाइट की रिपोर्ट के अनुसार यह लग्जरी क्रूज बाजार 13.9% की सालाना रफ्तार से बढ़ रहा है। 2026 में 9.9 अरब डॉलर (करीब 94.7 हजार करोड़ रुपए) और 2035 तक 31 अरब डॉलर के पार जा सकता है। स्वास्थ्य पर्यटन बाजार के 2026 तक 273 अरब डॉलर (करीब 26 लाख करोड़ रुपए) तक पहुंचने का अनुमान है।

ऊषा उत्थुप ने वायरल पोस्ट पर सफाई दी:सिंगर ने ‘दीदी’ गाने को ममता बनर्जी की चुनावी हार से जोड़ने के दावों को गलत बताया

ऊषा उत्थुप ने वायरल पोस्ट पर सफाई दी:सिंगर ने ‘दीदी’ गाने को ममता बनर्जी की चुनावी हार से जोड़ने के दावों को गलत बताया

वेटरन सिंगर ऊषा उत्थुप ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक पोस्ट पर रिएक्ट किया, जिसमें उनके एक गाने को ममता बनर्जी की हालिया चुनावी हार से जोड़ा गया। सिंगर ने इन दावों को गलत बताया। दरअसल, यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब X पर एक यूजर ने उत्थुप का बंगाली गाना ‘दीदी’ गाते हुए वीडियो शेयर किया। पोस्ट में दावा किया गया कि सिंगर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हार का जश्न मना रही हैं। पोस्ट में यह भी कहा गया कि TMC शासन के दौरान उनके कार्यक्रमों के लिए कट मनी मांगी जाती थी, जिसके कारण वह कोलकाता छोड़कर मुंबई चली गई थीं। यूजर ने लिखा कि अब वह वापस लौट आई हैं। सिंगर ने दावों को बताया गलत इन दावों पर रिएक्ट करते हुए ऊषा उत्थुप ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप पर मेरे बारे में एक पोस्ट वायरल हो रही है। मैं साफ करना चाहती हूं कि उस पोस्ट में कही गई कई बातें गलत और भ्रामक हैं। जिस गाने की बात हो रही है, वह एक बंगाली गाना है। इसे कई साल पहले बनाया गया था और यह एक अरबी धुन से प्रेरित है। मैं पिछले 20 सालों से इसे सिर्फ एक संगीत प्रस्तुति के तौर पर गाती आ रही हूं।’ सिंगर ने आगे लिखा, ‘मैं यह भी साफ करना चाहती हूं कि मैं 1976 से कोलकाता में रह रही हूं। मैंने कभी कोलकाता छोड़कर मुंबई शिफ्ट नहीं किया। कोलकाता हमेशा मेरा घर रहा है और मैं आज भी यहां के लोगों और इस शहर से बहुत प्यार करती हूं।’ पोस्ट के अंत में ऊषा उत्थुप ने लिखा, ‘उस पोस्ट में जो बातें, टिप्पणियां और कहानियां फैलाई जा रही हैं, उनका मुझसे कोई लेना-देना नहीं है। मैं उनसे खुद को नहीं जोड़ती और उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेती। कृपया मुझे बेवजह ऐसे विवादों में न घसीटें, जिनसे मेरा कोई संबंध नहीं है। ढेर सारा प्यार, दीदी (ऊषा उत्थुप)।’ बंगाल चुनाव में TMC की हार हुई गौरतलब है कि हाल ही में भारतीय जनता पार्टी ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल की। पार्टी ने 294 सदस्यों वाली विधानसभा में 207 सीटें जीतीं, जबकि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस 15 साल बाद सत्ता से बाहर हो गई। पार्टी की सीटों की संख्या 215 से घटकर 80 हो गई और ममता बनर्जी भी अपनी भवानीपुर सीट हार गईं। बीजेपी के नेता शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें 15,000 से अधिक वोटों के अंतर से हराया। शुभेंदु अधिकारी ने 9 मई 2026 को राज्य के पहले भाजपा (BJP) मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

मूवी रिव्यू:मुद्दे बड़े, स्टार्स दमदार… फिर भी अधूरी रह गई ‘कर्तव्य’, सैफ की मेहनत भी नहीं बचा पाई फिल्म

मूवी रिव्यू:मुद्दे बड़े, स्टार्स दमदार… फिर भी अधूरी रह गई ‘कर्तव्य’, सैफ की मेहनत भी नहीं बचा पाई फिल्म

ओटीटी के दौर में ऐसी फिल्मों की कमी नहीं है जो समाज के कड़वे सच को सामने लाने का दावा करती हैं। कर्तव्य भी उसी रास्ते पर चलती नजर आती है। फिल्म जातिवाद, ऑनर किलिंग, पाखंडी बाबाओं का नेटवर्क, सिस्टम की सड़ांध और इंसानियत जैसे कई गंभीर मुद्दों को एक साथ छूने की कोशिश करती है। ऊपर से सैफ अली खान, रसिका दुग्गल और संजय मिश्रा जैसे मजबूत कलाकार भी हैं। सुनने में सब कुछ दमदार लगता है, लेकिन दिक्कत यह है कि फिल्म अपने इरादों जितनी मजबूत बन नहीं पाती। कहना बहुत कुछ चाहती है, मगर असर उतना नहीं छोड़ पाती। इस फिल्म की लेंथ एक घंटा 49 मिनट है। इस फिल्म को दैनिक भास्कर ने 5 में से 2 स्टार की रेटिंग दी है। फिल्म की कहानी क्या है? कहानी हरियाणा के काल्पनिक कस्बे झामली में सेट है, जहां ईमानदार पुलिस अफसर पवन (सैफ अली खान) अपनी नौकरी को सिर्फ वर्दी नहीं, जिम्मेदारी मानता है। मामला तब उलझता है जब एक पत्रकार, जो इलाके के प्रभावशाली बाबा आनंद श्री के काले राज खोलने में जुटी होती है, झामली पहुंचती है। लेकिन सच सामने आने से पहले ही उसकी हत्या हो जाती है। यहीं से कहानी एक ऐसे जाल में उतरती है, जहां गायब हो रहे बच्चे, ऑनर किलिंग, जातिगत दबाव और सत्ता का डरावना खेल एक एक कर सामने आने लगता है। दूसरी तरफ पवन के घर में भी उथल पुथल मच जाती है, जब उसका छोटा भाई समाज की तय सीमाओं के खिलाफ जाकर दूसरी जाति में शादी कर लेता है। फिल्म कई जगह यह सवाल पूछती है कि इंसान का असली कर्तव्य क्या है। परिवार के प्रति जिम्मेदारी, नौकरी का फर्ज या सच के साथ खड़े रहने की हिम्मत? मुद्दे मजबूत हैं, लेकिन कहानी कई बार खुद अपनी धार खो देती है। जहां जोरदार टकराव चाहिए होता है, वहां फिल्म खुद को थोड़ा संभाल लेती है। कई ट्विस्ट पहले से समझ आने लगते हैं और थ्रिलर वाला रोमांच लगातार नहीं बन पाता। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? सैफ अली खान इस फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी हैं। लंबे समय बाद पुलिस अफसर के किरदार में वह जमे हुए लगते हैं। उनके चेहरे पर जिम्मेदारी का बोझ, भीतर का गुस्सा और सिस्टम से लड़ने की बेचैनी साफ दिखती है। अच्छी बात यह है कि उनका किरदार सिर्फ एक ‘हीरो पुलिसवाला’ बनकर नहीं रह जाता, बल्कि इंसानी कमजोरी भी दिखाता है। संजय मिश्रा अपनी मौजूदगी महसूस कराते हैं, लेकिन उनका किरदार जितना असर छोड़ सकता था, उतना मौका उसे मिला नहीं। रसिका दुग्गल कम स्क्रीन टाइम में भी अपनी छाप छोड़ती हैं, लेकिन उनके हिस्से में ज्यादा कुछ आता नहीं। फिल्म में सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं युधवीर अहलावत। दबाव, डर और मजबूरी के बीच पिसते एक लड़के के किरदार में वह कई जगह बेहद सच्चे लगते हैं और भावनात्मक असर छोड़ते हैं। हालांकि, फिल्म का सबसे कमजोर हिस्सा उसका विलेन साबित होता है। सौरभ द्विवेदी, बाबा आनंद श्री के रोल में, उतना डर या रहस्य पैदा नहीं कर पाते जिसकी कहानी को जरूरत थी। उनका किरदार कई जगह खतरनाक कम और सतही ज्यादा लगता है, जिससे फिल्म का बड़ा संघर्ष कमजोर पड़ जाता है। फिल्म का डायरेक्शन और तकनीकी पहलू कैसा है? डायरेक्टर पुलकित की मंशा अच्छी नजर आती है। फिल्म अपनी गति बनाए रखती है और लगातार कुछ न कुछ होता रहता है, इसलिए बोरियत महसूस नहीं होती। लेकिन सिर्फ तेज रफ्तार से कहानी असरदार नहीं बनती, उसके लिए गहराई भी चाहिए और वही यहां थोड़ी कम महसूस होती है। सबसे ज्यादा खटकती है फिल्म की विजुअल ट्रीटमेंट। कहानी जिस कच्चे, धूल भरे और बेचैन माहौल की मांग करती है, स्क्रीन पर वह पूरी तरह नजर नहीं आता। हरियाणा की कठोर दुनिया जरूरत से ज्यादा साफ और चमकदार दिखती है। नतीजा यह होता है कि कहानी की गंदगी और डर दर्शक तक पूरी ताकत से पहुंच ही नहीं पाता। डायलॉग्स कुछ जगह अच्छे हैं और हरियाणवी टोन भी पकड़ते हैं। बैकग्राउंड स्कोर कहानी पर हावी नहीं होता, जो अच्छी बात है। लेकिन थ्रिलर वाला तनाव और सस्पेंस कई जगह फीका पड़ जाता है। फिल्म की कमियां फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी राइटिंग है। कर्तव्य बहुत सारे मुद्दों को छूती जरूर है, लेकिन किसी एक पर पूरी ताकत से चोट नहीं कर पाती। ऑनर किलिंग का दर्द हो, जातिगत राजनीति का डर या सिस्टम की सड़ांध, सब कुछ थोड़ा थोड़ा दिखता है लेकिन पूरी गहराई से नहीं। कई किरदार आधे अधूरे लगते हैं और कहानी कई बार पहले से देखी हुई सी महसूस होती है। फिल्म हर मुश्किल मोड़ पर रिस्क लेने के बजाय सुरक्षित रास्ता चुनती दिखती है, और यही इसकी धार को कमजोर कर देता है। फाइनल वर्डिक्ट, देखें या नहीं? कर्तव्य बुरी फिल्म बिल्कुल नहीं है। इसके पास जरूरी मुद्दे हैं, अच्छे कलाकार हैं और कुछ असरदार पल भी हैं। लेकिन यह हर बार उस मुकाम पर पहुंचकर रुक जाती है, जहां इसे और ज्यादा तीखा, गुस्से वाला और बेखौफ होना चाहिए था। सैफ अली खान की ईमानदार परफॉर्मेंस फिल्म को संभालने की पूरी कोशिश करती है, लेकिन कमजोर लेखन और सुरक्षित कहानी इसे ऊपर उठने नहीं देती। यह फिल्म कई जरूरी सवाल उठाती है, लेकिन जवाब देने से पहले ही धीरे से पीछे हट जाती है।

मूवी रिव्यू:मुद्दे बड़े, स्टार्स दमदार… फिर भी अधूरी रह गई ‘कर्तव्य’, सैफ की मेहनत भी नहीं बचा पाई फिल्म

मूवी रिव्यू:मुद्दे बड़े, स्टार्स दमदार… फिर भी अधूरी रह गई ‘कर्तव्य’, सैफ की मेहनत भी नहीं बचा पाई फिल्म

ओटीटी के दौर में ऐसी फिल्मों की कमी नहीं है जो समाज के कड़वे सच को सामने लाने का दावा करती हैं। कर्तव्य भी उसी रास्ते पर चलती नजर आती है। फिल्म जातिवाद, ऑनर किलिंग, पाखंडी बाबाओं का नेटवर्क, सिस्टम की सड़ांध और इंसानियत जैसे कई गंभीर मुद्दों को एक साथ छूने की कोशिश करती है। ऊपर से सैफ अली खान, रसिका दुग्गल और संजय मिश्रा जैसे मजबूत कलाकार भी हैं। सुनने में सब कुछ दमदार लगता है, लेकिन दिक्कत यह है कि फिल्म अपने इरादों जितनी मजबूत बन नहीं पाती। कहना बहुत कुछ चाहती है, मगर असर उतना नहीं छोड़ पाती। इस फिल्म की लेंथ एक घंटा 49 मिनट है। इस फिल्म को दैनिक भास्कर ने 5 में से 2 स्टार की रेटिंग दी है। फिल्म की कहानी क्या है? कहानी हरियाणा के काल्पनिक कस्बे झामली में सेट है, जहां ईमानदार पुलिस अफसर पवन (सैफ अली खान) अपनी नौकरी को सिर्फ वर्दी नहीं, जिम्मेदारी मानता है। मामला तब उलझता है जब एक पत्रकार, जो इलाके के प्रभावशाली बाबा आनंद श्री के काले राज खोलने में जुटी होती है, झामली पहुंचती है। लेकिन सच सामने आने से पहले ही उसकी हत्या हो जाती है। यहीं से कहानी एक ऐसे जाल में उतरती है, जहां गायब हो रहे बच्चे, ऑनर किलिंग, जातिगत दबाव और सत्ता का डरावना खेल एक एक कर सामने आने लगता है। दूसरी तरफ पवन के घर में भी उथल पुथल मच जाती है, जब उसका छोटा भाई समाज की तय सीमाओं के खिलाफ जाकर दूसरी जाति में शादी कर लेता है। फिल्म कई जगह यह सवाल पूछती है कि इंसान का असली कर्तव्य क्या है। परिवार के प्रति जिम्मेदारी, नौकरी का फर्ज या सच के साथ खड़े रहने की हिम्मत? मुद्दे मजबूत हैं, लेकिन कहानी कई बार खुद अपनी धार खो देती है। जहां जोरदार टकराव चाहिए होता है, वहां फिल्म खुद को थोड़ा संभाल लेती है। कई ट्विस्ट पहले से समझ आने लगते हैं और थ्रिलर वाला रोमांच लगातार नहीं बन पाता। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? सैफ अली खान इस फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी हैं। लंबे समय बाद पुलिस अफसर के किरदार में वह जमे हुए लगते हैं। उनके चेहरे पर जिम्मेदारी का बोझ, भीतर का गुस्सा और सिस्टम से लड़ने की बेचैनी साफ दिखती है। अच्छी बात यह है कि उनका किरदार सिर्फ एक ‘हीरो पुलिसवाला’ बनकर नहीं रह जाता, बल्कि इंसानी कमजोरी भी दिखाता है। संजय मिश्रा अपनी मौजूदगी महसूस कराते हैं, लेकिन उनका किरदार जितना असर छोड़ सकता था, उतना मौका उसे मिला नहीं। रसिका दुग्गल कम स्क्रीन टाइम में भी अपनी छाप छोड़ती हैं, लेकिन उनके हिस्से में ज्यादा कुछ आता नहीं। फिल्म में सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं युधवीर अहलावत। दबाव, डर और मजबूरी के बीच पिसते एक लड़के के किरदार में वह कई जगह बेहद सच्चे लगते हैं और भावनात्मक असर छोड़ते हैं। हालांकि, फिल्म का सबसे कमजोर हिस्सा उसका विलेन साबित होता है। सौरभ द्विवेदी, बाबा आनंद श्री के रोल में, उतना डर या रहस्य पैदा नहीं कर पाते जिसकी कहानी को जरूरत थी। उनका किरदार कई जगह खतरनाक कम और सतही ज्यादा लगता है, जिससे फिल्म का बड़ा संघर्ष कमजोर पड़ जाता है। फिल्म का डायरेक्शन और तकनीकी पहलू कैसा है? डायरेक्टर पुलकित की मंशा अच्छी नजर आती है। फिल्म अपनी गति बनाए रखती है और लगातार कुछ न कुछ होता रहता है, इसलिए बोरियत महसूस नहीं होती। लेकिन सिर्फ तेज रफ्तार से कहानी असरदार नहीं बनती, उसके लिए गहराई भी चाहिए और वही यहां थोड़ी कम महसूस होती है। सबसे ज्यादा खटकती है फिल्म की विजुअल ट्रीटमेंट। कहानी जिस कच्चे, धूल भरे और बेचैन माहौल की मांग करती है, स्क्रीन पर वह पूरी तरह नजर नहीं आता। हरियाणा की कठोर दुनिया जरूरत से ज्यादा साफ और चमकदार दिखती है। नतीजा यह होता है कि कहानी की गंदगी और डर दर्शक तक पूरी ताकत से पहुंच ही नहीं पाता। डायलॉग्स कुछ जगह अच्छे हैं और हरियाणवी टोन भी पकड़ते हैं। बैकग्राउंड स्कोर कहानी पर हावी नहीं होता, जो अच्छी बात है। लेकिन थ्रिलर वाला तनाव और सस्पेंस कई जगह फीका पड़ जाता है। फिल्म की कमियां फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी राइटिंग है। कर्तव्य बहुत सारे मुद्दों को छूती जरूर है, लेकिन किसी एक पर पूरी ताकत से चोट नहीं कर पाती। ऑनर किलिंग का दर्द हो, जातिगत राजनीति का डर या सिस्टम की सड़ांध, सब कुछ थोड़ा थोड़ा दिखता है लेकिन पूरी गहराई से नहीं। कई किरदार आधे अधूरे लगते हैं और कहानी कई बार पहले से देखी हुई सी महसूस होती है। फिल्म हर मुश्किल मोड़ पर रिस्क लेने के बजाय सुरक्षित रास्ता चुनती दिखती है, और यही इसकी धार को कमजोर कर देता है। फाइनल वर्डिक्ट, देखें या नहीं? कर्तव्य बुरी फिल्म बिल्कुल नहीं है। इसके पास जरूरी मुद्दे हैं, अच्छे कलाकार हैं और कुछ असरदार पल भी हैं। लेकिन यह हर बार उस मुकाम पर पहुंचकर रुक जाती है, जहां इसे और ज्यादा तीखा, गुस्से वाला और बेखौफ होना चाहिए था। सैफ अली खान की ईमानदार परफॉर्मेंस फिल्म को संभालने की पूरी कोशिश करती है, लेकिन कमजोर लेखन और सुरक्षित कहानी इसे ऊपर उठने नहीं देती। यह फिल्म कई जरूरी सवाल उठाती है, लेकिन जवाब देने से पहले ही धीरे से पीछे हट जाती है।

IPL-2026: लगातार 5वीं हार के बाद संकट में पंजाब किंग्स:कोच हेडिन ने कहा-दबाव झेलने में नाकाम रही टीम, अब हर मैच फाइनल

IPL-2026: लगातार 5वीं हार के बाद संकट में पंजाब किंग्स:कोच हेडिन ने कहा-दबाव झेलने में नाकाम रही टीम, अब हर मैच फाइनल

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 2026 सीजन में पंजाब किंग्स की राह बेहद मुश्किल हो गई है। धर्मशाला में मिली लगातार पांचवीं हार के बाद टीम के असिस्टेंट कोच ब्रैड हेडिन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वीकार किया कि निर्णायक मौकों पर दबाव न झेल पाना टीम की विफलता का सबसे बड़ा कारण रहा है। इस हार के साथ ही पंजाब के लिए प्ले-ऑफ की राह अब पूरी तरह ‘करो या मरो’ की स्थिति में पहुँच गई है। ब्रैड हेडिन ने कहा कि टूर्नामेंट की शुरुआत में टीम ने जिस आत्मविश्वास का परिचय दिया था, पिछले पाँच मैचों में उसकी भारी कमी देखी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब भविष्य के समीकरणों या पिछले नतीजों पर सोचने का समय नहीं बचा है। टीम को अगर प्ले-ऑफ की उम्मीदें जिंदा रखनी हैं, तो उसे अपने अंतिम दोनों मुकाबलों में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। ड्रेसिंग रूम का माहौल और बाहरी शोर मैदान के बाहर चल रहे विवादों और सोशल मीडिया पर उड़ रही अफवाहों को लेकर हेडिन ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि मैं खुद सोशल मीडिया से दूर रहता हूँ, इसलिए मुझे बाहरी चर्चाओं की जानकारी नहीं है। पेशेवर क्रिकेट में बाहरी शोर हमेशा रहता है, लेकिन हमारे ड्रेसिंग रूम का माहौल सकारात्मक है। एक सफल खिलाड़ी वही है जो इन परिस्थितियों से खुद को अलग रखकर मानसिक रूप से मजबूत बना रहे।” बदलता क्रिकेट ट्रेंड और खराब फील्डिंग हेडिन ने आधुनिक टी20 क्रिकेट के बदलते स्वरूप पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि अब 200+ का स्कोर भी सुरक्षित नहीं रह गया है क्योंकि बल्लेबाजों की पावर-हिटिंग ने गेंदबाजों के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। इसके अलावा, उन्होंने पूरी लीग में गिरते फील्डिंग स्तर पर चिंता जताते हुए कहा कि यह केवल पंजाब की नहीं बल्कि सभी टीमों की समस्या बनी हुई है। वापसी का एकमात्र रास्ता: छोटी प्रक्रियाओं पर ध्यान खराब फॉर्म से जूझ रहे खिलाड़ियों को सलाह देते हुए हेडिन ने कहा कि जब परिणाम पक्ष में न हों, तो नतीजों के दबाव में आने के बजाय अपनी छोटी-छोटी प्रक्रियाओं (Processes) और मूल कौशल पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि टीम प्रबंधन और खिलाड़ी अपनी स्किल्स का बेहतर इस्तेमाल करेंगे और अंतिम दो मैचों में सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खेलकर वापसी की पूरी कोशिश करेंगे।

विजय के शपथ ग्रहण के कुछ दिनों बाद, कांग्रेस को टीवीके के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार में 2 कैबिनेट बर्थ मिलने की संभावना है | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:15 मई, 2026, 14:06 IST तमिलनाडु में टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार में कांग्रेस को दो कैबिनेट विभाग मिलेंगे, पार्टी के सांसद मनिकम टैगोर ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) प्रमुख सी जोसेफ विजय कांग्रेस सांसद और लोकसभा नेता राहुल गांधी के साथ (छवि क्रेडिट: पीटीआई) तमिलनाडु में तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) के नेतृत्व वाली सरकार में कांग्रेस को दो कैबिनेट विभाग मिलेंगे, पार्टी के सांसद मनिकम टैगोर ने शुक्रवार को घोषणा की। मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार में एक प्रमुख सहयोगी कांग्रेस ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 118 के बहुमत के आंकड़े को छूने में विफल रहने के बाद टीवीके को समर्थन दिया। ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने लिखा, “2026 के चुनावों से पहले, डीएमके ने खुले तौर पर घोषणा की कि तमिलनाडु ‘शासन में हिस्सेदारी’ स्वीकार नहीं करेगा।” जनता ने अब अपना फैसला सुना दिया है. तमिलनाडु के लोगों ने कहा है कि वे शासन में हिस्सेदारी चाहते हैं।” कांग्रेस सांसद ने उस क्षण को ऐतिहासिक और भावनात्मक बताया जब उन्होंने घोषणा की कि पार्टी को तमिलनाडु में दो कैबिनेट बर्थ मिलेंगी। “एक नया इतिहास लिखा जा रहा है। टीवीके नेता विजय, जिन्होंने वादा किया था कि गठबंधन दलों को हमेशा सत्ता में हिस्सेदारी दी जाएगी, ने अपना वादा निभाया है। अब, 59 साल बाद, खादी पहनने वाले दो कांग्रेस मंत्रियों को कैबिनेट में जगह मिली है। मेरे जैसे हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए, यह एक भावनात्मक और ऐतिहासिक क्षण है”, उन्होंने कहा। टैगोर ने तमिलनाडु प्रशासन से भ्रष्टाचार उन्मूलन का भी आह्वान किया। “तमिलनाडु को 36% कमीशन की राजनीति से भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की ओर ले जाना चाहिए।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया विजय के शपथ ग्रहण के कुछ दिनों बाद, कांग्रेस को टीवीके के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार में 2 कैबिनेट बर्थ मिलने की संभावना है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कांग्रेस कैबिनेट पोर्टफोलियो तमिलनाडु(टी)तमिलगा वेट्री कड़गम(टी)टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार(टी)मनिकम टैगोर(टी)तमिलनाडु में कांग्रेस(टी)कैबिनेट पोर्टफोलियो(टी)तमिलनाडु की राजनीति(टी)गठबंधन सरकार

आपकी हर हरकत पर नजर, कनेक्टिविटी निजता के लिए खतरा:स्मार्टफोन, टीवी, ओटीटी यहां तक कि कनेक्टेड कार भी चुरा सकती है आपका डेटा

आपकी हर हरकत पर नजर, कनेक्टिविटी निजता के लिए खतरा:स्मार्टफोन, टीवी, ओटीटी यहां तक कि कनेक्टेड कार भी चुरा सकती है आपका डेटा

हमारी जिंदगी पहले से ज्यादा स्मार्ट और ‘कनेक्टेड’ हो गई है। मनोरंजन, सुविधा और सोशल मीडिया के इस दौर में यही कनेक्टिविटी अब हमारी निजता के लिए सबसे बड़ा खतरा बनती जा रही है। ओटीटी प्लेटफॉर्म, स्मार्ट टीवी, स्मार्ट फोन, स्मार्ट कारें और यहां तक कि सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई सेल्फी भी अब डेटा चोरी और निगरानी का जरिया बन रही हैं। मानें या न मानें, आम इंसान की रोजमर्रा की जिंदगी भी डिजिटल निगरानी के दायरे में आ चुकी है। अक्सर कंपनियां जाने-अनजाने में सहमति ले लेती हैं क्योंकि अधिकांश यूजर गोपनीयता नीति को पढ़े बिना अपनी रजामंदीं दे देते हैं। डिजिटल निगरानी – रोजमर्रा की जिंदगी पर है उपकरण या सुविधा बेचने वाली कंपनियों की नजर स्मार्टफोन- कई एप बैकग्राउंड में आपकी बातें सुनकर आपको आपकी पसंद के विज्ञापन दिखाते हैं। जीपीएस और सेंसर की मदद से आपकी हर मूवमेंट को ट्रैक किया जाता है। स्मार्ट टीवी- कई स्मार्ट टीवी ऑटोमैटिक कंटेंट रिकॉग्निशन के जरिये ट्रैक करते हैं कि आप क्या देख रहे हैं। टीवी में लगे माइक्रोफोन आपकी निजी बातचीत रिकॉर्ड कर सकते हैं। स्मार्ट स्पीकर- एलेक्सा और गूगल होम जैसे डिवाइस ‘वेक वर्ड’ (उन्हें एक्टिव करने वाले आदेश) के इंतजार में हर समय बातें सुनते हैं। ये बातें रिकॉर्ड करके कंपनियों को भेज सकते हैं। वाई-फाई राउटर- साइंस डायरेक्ट मैगजीन में छपे नवीनतम शोध के अनुसार, वाई-फाई राउटर बीम-फॉर्मिंग फीडबैक (बीएफआई) के जरिए कमरे में मौजूद लोगों की गतिविधियों को 99% सटीकता से पहचान सकते हैं। कनेक्टेड कारें- कार की सीटों, डैशबोर्ड, इंजन, स्टीयरिंग व्हील जैसी लगभग हर जगह लगे सेंसर आपका डेटा रिकॉर्ड करते हैं। मोजिला फाउंडेशन की प्राइवेसी नाइटमेयर ऑन व्हील्स रिपोर्ट के मुताबिक कई कारें संवेदनशील डेटा एकत्र कर रही हैं। 25 कारों के सर्वे में 19 ने कहा कि वे ये डेटा बेच सकती हैं। ओटीटी प्लेटफॉर्म के खिलाफ मुकदमा अमेरिका में टेक्सास के अटॉर्नी जनरल केन पैक्सटन ने नेटफ्लिक्स पर मुकदमा किया है। आरोप है कि स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने यूजर्स यहां तक कि बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखी और बिना स्पष्ट सहमति के उनकी जानकारी इकट्ठा की। सुरक्षा के लिए ये उपाय अपनाएं – किसी भी एप को केवल जरूरी परमिशन ही दें। अलाऊ ऑल जैसी अनुमतियां न दें। – माइक्रोफोन, कैमरा और लोकेशन हमेशा व्हाइल यूजिंग मोड पर एक्टिव करें। – एप परमिशन की नियमित रूप से समीक्षा करें। हमेशा मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें और समय-समय पर बदलते रहें। – जहां संभव हो, ‘पासकी’ और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का ही इस्तेमाल करें। – कार के इंफोटेनमेंट सिस्टम में अनावश्यक एप और हर समय अकाउंट लॉगिन न रखें। -नियमित रूप से सॉफ्टवेयर अपडेट करें। ब्लूटूथ, वाई-फाई ऑटो-कनेक्ट बंद रखें।

आपकी हर हरकत पर नजर, कनेक्टिविटी निजता के लिए खतरा:स्मार्टफोन, टीवी, ओटीटी यहां तक कि कनेक्टेड कार भी चुरा सकती है आपका डेटा

आपकी हर हरकत पर नजर, कनेक्टिविटी निजता के लिए खतरा:स्मार्टफोन, टीवी, ओटीटी यहां तक कि कनेक्टेड कार भी चुरा सकती है आपका डेटा

हमारी जिंदगी पहले से ज्यादा स्मार्ट और ‘कनेक्टेड’ हो गई है। मनोरंजन, सुविधा और सोशल मीडिया के इस दौर में यही कनेक्टिविटी अब हमारी निजता के लिए सबसे बड़ा खतरा बनती जा रही है। ओटीटी प्लेटफॉर्म, स्मार्ट टीवी, स्मार्ट फोन, स्मार्ट कारें और यहां तक कि सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई सेल्फी भी अब डेटा चोरी और निगरानी का जरिया बन रही हैं। मानें या न मानें, आम इंसान की रोजमर्रा की जिंदगी भी डिजिटल निगरानी के दायरे में आ चुकी है। अक्सर कंपनियां जाने-अनजाने में सहमति ले लेती हैं क्योंकि अधिकांश यूजर गोपनीयता नीति को पढ़े बिना अपनी रजामंदीं दे देते हैं। डिजिटल निगरानी – रोजमर्रा की जिंदगी पर है उपकरण या सुविधा बेचने वाली कंपनियों की नजर स्मार्टफोन- कई एप बैकग्राउंड में आपकी बातें सुनकर आपको आपकी पसंद के विज्ञापन दिखाते हैं। जीपीएस और सेंसर की मदद से आपकी हर मूवमेंट को ट्रैक किया जाता है। स्मार्ट टीवी- कई स्मार्ट टीवी ऑटोमैटिक कंटेंट रिकॉग्निशन के जरिये ट्रैक करते हैं कि आप क्या देख रहे हैं। टीवी में लगे माइक्रोफोन आपकी निजी बातचीत रिकॉर्ड कर सकते हैं। स्मार्ट स्पीकर- एलेक्सा और गूगल होम जैसे डिवाइस ‘वेक वर्ड’ (उन्हें एक्टिव करने वाले आदेश) के इंतजार में हर समय बातें सुनते हैं। ये बातें रिकॉर्ड करके कंपनियों को भेज सकते हैं। वाई-फाई राउटर- साइंस डायरेक्ट मैगजीन में छपे नवीनतम शोध के अनुसार, वाई-फाई राउटर बीम-फॉर्मिंग फीडबैक (बीएफआई) के जरिए कमरे में मौजूद लोगों की गतिविधियों को 99% सटीकता से पहचान सकते हैं। कनेक्टेड कारें- कार की सीटों, डैशबोर्ड, इंजन, स्टीयरिंग व्हील जैसी लगभग हर जगह लगे सेंसर आपका डेटा रिकॉर्ड करते हैं। मोजिला फाउंडेशन की प्राइवेसी नाइटमेयर ऑन व्हील्स रिपोर्ट के मुताबिक कई कारें संवेदनशील डेटा एकत्र कर रही हैं। 25 कारों के सर्वे में 19 ने कहा कि वे ये डेटा बेच सकती हैं। ओटीटी प्लेटफॉर्म के खिलाफ मुकदमा अमेरिका में टेक्सास के अटॉर्नी जनरल केन पैक्सटन ने नेटफ्लिक्स पर मुकदमा किया है। आरोप है कि स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने यूजर्स यहां तक कि बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखी और बिना स्पष्ट सहमति के उनकी जानकारी इकट्ठा की। सुरक्षा के लिए ये उपाय अपनाएं – किसी भी एप को केवल जरूरी परमिशन ही दें। अलाऊ ऑल जैसी अनुमतियां न दें। – माइक्रोफोन, कैमरा और लोकेशन हमेशा व्हाइल यूजिंग मोड पर एक्टिव करें। – एप परमिशन की नियमित रूप से समीक्षा करें। हमेशा मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें और समय-समय पर बदलते रहें। – जहां संभव हो, ‘पासकी’ और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का ही इस्तेमाल करें। – कार के इंफोटेनमेंट सिस्टम में अनावश्यक एप और हर समय अकाउंट लॉगिन न रखें। -नियमित रूप से सॉफ्टवेयर अपडेट करें। ब्लूटूथ, वाई-फाई ऑटो-कनेक्ट बंद रखें।

रजनीकांत की फिल्म 'जेलर 2' के सेट पर हादसा:चेन्नई की फिल्म सिटी में करंट लगने से 28 साल के कर्मचारी की मौत

रजनीकांत की फिल्म 'जेलर 2' के सेट पर हादसा:चेन्नई की फिल्म सिटी में करंट लगने से 28 साल के कर्मचारी की मौत

सुपरस्टार रजनीकांत की आने वाली तमिल फिल्म ‘जेलर 2’ के सेट पर करंट लगने से एक कर्मचारी की मौत हो गई है। यह हादसा चेन्नई के ईस्ट कोस्ट रोड (ECR) पर पनैयूर स्थित आदित्यराम फिल्म सिटी के एक सेट पर हुआ। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक की पहचान 28 साल के कार्तिकेयन के तौर पर हुई है। यह हादसा पनैयूर में शूटिंग की जगह पर हुआ। मिली जानकारी के मुताबिक, कार्तिकेयन फिल्म की शूटिंग के लिए घर जैसा सेट तैयार करने का काम कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें जोरदार करंट लगा, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, कार्तिकेयन आर्ट डायरेक्शन से जुड़े काम में लगे हुए थे। कनाथुर पुलिस ने बताया कि मामले में अभी FIR दर्ज नहीं हुई है। पुलिस फिलहाल उस परिस्थिति की जांच कर रही है, जिसकी वजह से बिजली का लीकेज हुआ। जेलर 2 की शूटिंग पूरी हो चुकी यह घटना उस घोषणा के कुछ दिनों बाद हुई है, जब फिल्म की प्रोडक्शन कंपनी सन पिक्चर्स ने बताया था कि जेलर 2 की शूटिंग पूरी हो चुकी है। 21 अप्रैल को मेकर्स ने सोशल मीडिया पर रैप-अप पार्टी की तस्वीरें शेयर की थीं, जिनमें रजनीकांत और डायरेक्टर नेल्सन कलाकारों और क्रू के साथ केक काटते नजर आए थे। फिल्म की रिलीज डेट बदल सकती है रजनीकांत ने पहले मीडिया को बताया था कि फिल्म 12 जून को रिलीज हो सकती है। वहीं, हाल ही में पिंकविला की रिपोर्ट ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि फिल्म की रिलीज डेट में बदलाव हो सकता है। अब फिल्म को 4 सितंबर 2026 को रिलीज किए जाने की संभावना जताई जा रही है। यह तारीख कृष्ण जयंती के मौके पर पड़ रही है। फिल्म 2023 की ब्लॉकबस्टर जेलर का सीक्वल है। इसमें राम्या कृष्णन, योगी बाबू और मिर्ना अपने पुराने किरदारों में लौटेंगे। पहली फिल्म में मोहनलाल, शिवराजकुमार और जैकी श्रॉफ ने कैमियो किया था। विनायकन, वसंत रवि, तमन्ना भाटिया और सुनील भी अहम रोल में दिखे थे। सैकनिल्क के मुताबिक, लगभग ₹200 करोड़ के बजट में बनी जेलर ने दुनिया भर में ₹604.5 करोड़ की कमाई की थी। साउथ फिल्मों के सेट पर पहले भी हादसे हुए गौरतलब है कि इससे पहले भी साउथ फिल्मों के सेट पर हादसे हुए हैं। फिल्म ‘सरदार 2’ के सेट पर 54 वर्षीय स्टंटमैन एस. एलुमलाई की मौत स्टंट रिहर्सल के दौरान 20 फीट ऊंचाई से गिरने के कारण हुई थी। वहीं, कमल हासन की फिल्म ‘इंडियन 2’ के सेट पर 19 फरवरी 2020 को बड़ा हादसा हुआ था। यह हादसा चेन्नई के EVP फिल्म सिटी में रात के शूट के दौरान हुआ। शूटिंग के समय एक बड़ी क्रेन पर भारी लाइटिंग सेट लगाया गया था। अचानक क्रेन गिर गई और वहां मौजूद कई लोग उसकी चपेट में आ गए। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में असिस्टेंट डायरेक्टर कृष्णा, आर्ट असिस्टेंट चंद्रन और प्रोडक्शन असिस्टेंट मधु शामिल थे। कई अन्य लोग घायल भी हुए थे। हादसे के बाद पुलिस ने लापरवाही का केस दर्ज किया था।