सामंथा प्रभु ने शेयर की बेबी बंप की तस्वीरें:प्रेग्नेंसी ग्लो में सेल्फी भी पोस्ट की; फैंस ने सुझाया बेबी नेम, एक्ट्रेस ने दिया रिएक्शन

एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु इस वक्त अपने प्रेग्नेंसी ब्रेक पर हैं। वे सोशल मीडिया पर अपने प्रेग्नेंसी सफर की तस्वीरें लगातार शेयर कर रही हैं। हाल ही में सामंथा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक नया फोटो डंप शेयर किया है, जिसमें वे अपना बेबी बंप और प्रेग्नेंसी ग्लो दिखाती नजर आ रही हैं। इस पोस्ट पर एक फैन ने उन्हें बच्चे के नाम का सुझाव दिया, जिस पर एक्ट्रेस ने मजेदार रिएक्शन दिया है। सामंथा ने 1 दिसंबर 2025 को फिल्ममेकर राज निदिमोरु से शादी की थी और जल्द ही वे अपने पहले बच्चे का स्वागत करने वाली हैं। फैन ने सुझाया सामंथा और राज के नाम का कॉम्बिनेशन सामंथा की नई इंस्टाग्राम पोस्ट में उनकी अलग-अलग तस्वीरें शामिल हैं। इनमें से कुछ तस्वीरों में वे बिना मेकअप के नजर आ रही हैं, तो कुछ में फ्लाइट और घर पर शीशे के सामने सेल्फी लेते हुए बेबी बंप दिखा रही हैं। पोस्ट के कमेंट सेक्शन में एक फैन ने लिखा, “लड़की के लिए समैरा और लड़के के लिए सम्राज कैसा रहेगा? यह सामंथा और राज के नाम का परफेक्ट मिक्स है।” इस पर सामंथा ने जवाब देते हुए लिखा, “सम्राज… क्या यह कुछ ज्यादा नहीं हो जाएगा?” सामंथा प्रेग्नेंसी में 11 किलो वजन बढ़ा सामंथा ने इससे पहले इंस्टाग्राम पर आस्क मी एनीथिंग (AMA) सेशन भी रखा था। इसमें उन्होंने बताया था कि वे अपने प्रेग्नेंसी फेज को काफी एंजॉय कर रही हैं। एक यूजर के सवाल पर उन्होंने खुलासा किया कि उनका वजन अब तक 11 किलो बढ़ चुका है। सामंथा ने कहा, “मुझे लगा था कि इस दौरान मैं काफी परेशान या घबराई हुई रहूंगी, लेकिन इसकी जगह मैं खुद को काफी मजबूत और सशक्त महसूस कर रही हूं।” राज निदिमोरु से 2025 में कोयंबटूर में की थी शादी सामंथा और फिल्ममेकर राज निदिमोरु ने 1 दिसंबर 2025 को तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र के लिंग भैरवी मंदिर में शादी की थी। यह एक पारंपरिक समारोह था, जिसमें सिर्फ परिवार के लोग और करीबी दोस्त शामिल हुए थे। दोनों के बीच रिश्ते की खबरें 2023 से आ रही थीं, जब उन्होंने सीरीज ‘द फैमिली मैन 2’ और ‘सिटाडेल: हनी बन्नी’ में साथ काम किया था। इससे पहले सामंथा की शादी एक्टर नागा चैतन्य से हुई थी, जिनसे 2021 में उनका तलाक हो गया था। वहीं राज निदिमोरु की पहली शादी श्यामाली डे से हुई थी।
सामंथा प्रभु ने शेयर की बेबी बंप की तस्वीरें:प्रेग्नेंसी ग्लो में सेल्फी भी पोस्ट की; फैंस ने सुझाया बेबी नेम, एक्ट्रेस ने दिया रिएक्शन

एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु इस वक्त अपने प्रेग्नेंसी ब्रेक पर हैं। वे सोशल मीडिया पर अपने प्रेग्नेंसी सफर की तस्वीरें लगातार शेयर कर रही हैं। हाल ही में सामंथा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक नया फोटो डंप शेयर किया है, जिसमें वे अपना बेबी बंप और प्रेग्नेंसी ग्लो दिखाती नजर आ रही हैं। इस पोस्ट पर एक फैन ने उन्हें बच्चे के नाम का सुझाव दिया, जिस पर एक्ट्रेस ने मजेदार रिएक्शन दिया है। सामंथा ने 1 दिसंबर 2025 को फिल्ममेकर राज निदिमोरु से शादी की थी और जल्द ही वे अपने पहले बच्चे का स्वागत करने वाली हैं। फैन ने सुझाया सामंथा और राज के नाम का कॉम्बिनेशन सामंथा की नई इंस्टाग्राम पोस्ट में उनकी अलग-अलग तस्वीरें शामिल हैं। इनमें से कुछ तस्वीरों में वे बिना मेकअप के नजर आ रही हैं, तो कुछ में फ्लाइट और घर पर शीशे के सामने सेल्फी लेते हुए बेबी बंप दिखा रही हैं। पोस्ट के कमेंट सेक्शन में एक फैन ने लिखा, “लड़की के लिए समैरा और लड़के के लिए सम्राज कैसा रहेगा? यह सामंथा और राज के नाम का परफेक्ट मिक्स है।” इस पर सामंथा ने जवाब देते हुए लिखा, “सम्राज… क्या यह कुछ ज्यादा नहीं हो जाएगा?” सामंथा प्रेग्नेंसी में 11 किलो वजन बढ़ा सामंथा ने इससे पहले इंस्टाग्राम पर आस्क मी एनीथिंग (AMA) सेशन भी रखा था। इसमें उन्होंने बताया था कि वे अपने प्रेग्नेंसी फेज को काफी एंजॉय कर रही हैं। एक यूजर के सवाल पर उन्होंने खुलासा किया कि उनका वजन अब तक 11 किलो बढ़ चुका है। सामंथा ने कहा, “मुझे लगा था कि इस दौरान मैं काफी परेशान या घबराई हुई रहूंगी, लेकिन इसकी जगह मैं खुद को काफी मजबूत और सशक्त महसूस कर रही हूं।” राज निदिमोरु से 2025 में कोयंबटूर में की थी शादी सामंथा और फिल्ममेकर राज निदिमोरु ने 1 दिसंबर 2025 को तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र के लिंग भैरवी मंदिर में शादी की थी। यह एक पारंपरिक समारोह था, जिसमें सिर्फ परिवार के लोग और करीबी दोस्त शामिल हुए थे। दोनों के बीच रिश्ते की खबरें 2023 से आ रही थीं, जब उन्होंने सीरीज ‘द फैमिली मैन 2’ और ‘सिटाडेल: हनी बन्नी’ में साथ काम किया था। इससे पहले सामंथा की शादी एक्टर नागा चैतन्य से हुई थी, जिनसे 2021 में उनका तलाक हो गया था। वहीं राज निदिमोरु की पहली शादी श्यामाली डे से हुई थी।
यूरोपीय देश साइप्रस के पास फेरी पलटी:270 से ज्यादा लोग सवार थे; रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ

उत्तरी साइप्रस के तट के पास रविवार को 270 से ज्यादा यात्रियों को ले जा रही फेरी पलट गई। तुर्किये के सरकारी TRT न्यूज चैनल के मुताबिक, फेरी में तट से कुछ किलोमीटर दूर पहुंचने के बाद पानी भरने लगा। अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। उत्तरी साइप्रस के परिवहन मंत्री एरहान एरिकली ने TRT को बताया कि राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच चुके हैं। कैटामरैन शैली की यह फेरी मर्सिन प्रांत के तुर्किये पोर्ट तासुकु जा रही थी। यह उत्तरी साइप्रस के काइरेनिया पोर्ट से रवाना हुई थी। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
साइप्रस के पास फेरी बोट पलटी, 270+ यात्री सवार थे:रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ; लोग बोट के ऊपर चढ़कर जान बचा रहे

मेडिटेरियन सी में यूरोपीय देश साइप्रस के उत्तरी तट के पास रविवार को 270 से ज्यादा यात्रियों को ले जा रही फेरी बोट पलट गई। तुर्किये के सरकारी TRT न्यूज चैनल के मुताबिक, फेरी में तट से कुछ किलोमीटर दूर पहुंचने के बाद पानी भरने लगा, जिसके बाद यह हादसा हुआ। हालांकि, अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। उत्तरी साइप्रस के परिवहन मंत्री एरहान एरिकली ने TRT को बताया कि राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कई यात्री पलटे हुए जहाज पर फंसे हैं और बचाव का इंतजार कर रहे हैं। कैटामरैन शैली की यह फेरी मर्सिन प्रांत के तुर्किये पोर्ट तासुकु जा रही थी। यह उत्तरी साइप्रस के काइरेनिया पोर्ट से रवाना हुई थी। हादसे से जुड़ी तस्वीरें… खबर लगातार अपडेट हो रही है…
निक्की तंबोली और अरबाज पटेल का क्या ब्रेकअप हो गया:इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो किया, धोखे और टूटे वादों वाले पोस्ट शेयर किए

एक्ट्रेस निक्की तंबोली और अरबाज पटेल दोनों ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो कर दिया है, जिसके बाद उनके अलग होने की चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, निक्की और अरबाज ने अभी तक अपने ब्रेकअप की पुष्टि नहीं की है। इस बीच दोनों ने सोशल मीडिया पर धोखे और टूटे वादों से जुड़े पोस्ट भी शेयर किए हैं। अरबाज ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की। जिसमें उन्होंने लिखा, “अपने पार्टनर को धोखा देना, फिर घर आकर उसकी आंखों में देखकर कहना कि मैं तुमसे प्यार करता हूं, बेइज्जती का बिल्कुल अलग स्तर है। मैंने जो कहा, वही कहा।” अरबाज ने पोस्ट में किसी का नाम नहीं लिया था। हालांकि, सोशल मीडिया यूजर्स ने कयास लगाए कि उनका इशारा निक्की की ओर था। वहीं, इसके पहले निक्की ने एक नोट शेयर किया था। जिसमें उन्होंने लिखा, “वह सच्चाई, जिसके बारे में लोग नहीं कहते। अफेयर्स इसलिए नहीं होते कि कोई नया इंसान बहुत ज्यादा आकर्षक है। वे इसलिए होते हैं, क्योंकि कोई पुराना इंसान अपने वादों का सम्मान करना बंद कर देता है।” बिग बॉस मराठी 5 में शुरू हुई थी नजदीकी निक्की और अरबाज की बॉन्डिंग ने पहली बार बिग बॉस मराठी 5 के दौरान लोगों का ध्यान खींचा था। शो में दोनों का रिश्ता चर्चा का एक प्रमुख विषय बना रहा। रियलिटी शो से बाहर आने के बाद भी दोनों ने अपना रिश्ता जारी रखा। बाद में दोनों ने ‘द 50’ में साथ हिस्सा लिया। इस शो के दौरान भी दोनों का रिश्ता मजबूत नजर आया। एक मौके पर अरबाज ने घुटने के बल बैठकर निक्की को प्रपोज किया था। उन्होंने निक्की को अपना “खूबसूरत पार्टनर” बताया था। अरबाज ने कहा था कि इस शो ने उन्हें यादगार सफर के साथ एक खूबसूरत जोड़ी भी दी। निक्की ने अरबाज का प्रपोजल स्वीकार किया और उन्हें गले लगाया। उस समय उन्होंने अपने परिवार की सोच के बारे में भी बात की थी। निक्की ने बताया था कि उनके पिता दोनों अलग धर्मों के रिश्ते के पक्ष में नहीं थे। फराह खान के व्लॉग में पहली मुलाकात का जिक्र फराह खान के व्लॉग में पहले नजर आने के दौरान निक्की ने अरबाज से अपनी पहली मुलाकात के बारे में बात की थी। उन्होंने कहा था कि अरबाज को स्टेज पर देखने के बाद उन्हें तुरंत जुड़ाव महसूस हुआ था। वहीं, अरबाज ने याद किया था कि निक्की ने खुले तौर पर कहा था कि वह उनके हैं। वर्कफ्रंट की बात करें तो निक्की को आखिरी बार ‘बैटलग्राउंड सीजन 2’ में मेंटर के तौर पर देखा गया था।
‘सबकी मजबूरियां होती होंगी’:सलमान खान के ‘सोनम, इट्स डन ब्रो’ कमेंट पर सोनम वांगचुक ने रिएक्शन दिया

सोनम वांगचुक ने सलमान खान के ‘सोनम, इट्स डन ब्रो’ कमेंट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सलमान की अपनी मजबूरियां रही होंगी और वे इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहते। सोनम वांगचुक ने यह बात प्रखर गुप्ता से बातचीत में कही। सलमान ने पहले छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया था 22 जुलाई को सोनम वांगचुक अपनी भूख हड़ताल के आखिरी दौर में थे। इसी दौरान सलमान खान ने सोशल मीडिया पर एक छात्र के रूप में अपनी पुरानी तस्वीर शेयर की और छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया। हालांकि, 24 घंटे के अंदर सलमान ने एक और पोस्ट कर वांगचुक से तुरंत भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। उन्होंने लिखा, “सोनम, इट्स डन, ब्रो।” सलमान की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए वांगचुक ने कहा, “सबकी मजबूरियां होती होंगी। मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहता।” उन्होंने आगे कहा, “आपको हर दिशा में देखना होता है। उन्होंने कुछ कहा, यही बात सम्मान के लायक है। उनकी मजबूरियों पर मैं कुछ नहीं कह सकता।” सलमान ने छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया था 22 जुलाई को सलमान खान ने छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया था। उन्होंने X पर लिखा था, “यह इतना शांतिपूर्ण आंदोलन था, इसलिए दुख होता है कि इसे हिंसक रूप लेना पड़ा। जिन छात्रों और उनके परिवारों को चोट लगी, उनके लिए मुझे बहुत दुख है। पेपर लीक बहुत गंभीर मुद्दा है। यह देखकर खुशी हुई कि हमारे देश के बच्चे बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए एकजुट हुए और उनके माता-पिता ने उनका साथ दिया।” सलमान ने आगे लिखा, “मैं उनके रुख की सराहना करता हूं। उन्होंने पढ़ाई के लिए समर्पण, ईमानदारी और मेहनत करने की इच्छा दिखाई है, ताकि वे अपना भविष्य और एक बेहतर, शिक्षित भारत बना सकें। यह आंदोलन और प्रदर्शन सही तरीके से किया गया है और छात्रों ने इसे शांतिपूर्ण रखा। यह पीढ़ी भारत को गर्व महसूस कराएगी। यह मामला छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच है। इसे राजनीतिक रूप से अपने कब्जे में नहीं लिया जाना चाहिए। इसका श्रेय केवल देश के छात्रों को मिलना चाहिए।” उन्होंने यह भी लिखा था, “मुझे यकीन है कि सरकार भी उन्हें पूरा समर्थन देगी और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाएगी। यह सभी के लिए फायदे की स्थिति होगी। सकारात्मक निर्णय की उम्मीद और प्रार्थना है। उन सभी को भगवान आशीर्वाद दे, जो शिक्षित होना चाहते हैं।” एक्टर ने कहा, “शिक्षा अगला ट्रेंड और फैशन होना चाहिए। हर साल इसे और ट्रेंडी और फैशनेबल बनना चाहिए, ताकि विदेशों से लोग भारत में पढ़ने आएं और भारत शिक्षा का केंद्र बन जाए।” एक दिन बाद सलमान ने प्रदर्शन खत्म करने को कहा छात्र प्रदर्शन का समर्थन करने के एक दिन बाद सलमान ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। सलमान ने X पर लिखा था, “छात्र शिक्षा और सुरक्षा, दोनों मामलों में सबसे ऊपर हैं। इसलिए उन्हें अपने माता-पिता को परेशान करने की जरूरत नहीं है। माननीय प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया है और मुझे यकीन है कि वे पेपर लीक के जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।” उन्होंने छात्रों से कहा था, “इसलिए छात्रों, कृपया अपने माता-पिता और घर वापस चले जाएं।” सलमान ने सोनम वांगचुक से भी भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। उन्होंने लिखा था, “सोनम, इट्स डन, ब्रो। इसे आगे मत बढ़ाओ। अगर किसी और दिन जरूरत पड़ी, तो उसके लिए यह भावना बचाकर रखो, हालांकि मुझे इसकी संभावना नहीं लगती। कुछ खा लो। अगर तुम चाहो तो मैं घर से तुम्हारे लिए खाना भेज दूंगा।” ‘सोनम, इट्स डन ब्रो’ पर बने मीम सलमान की यह पोस्ट सामने आते ही “सोनम, इट्स डन ब्रो” लाइन वायरल हो गई। लोगों ने इस पर कई मीम बनाए। कुछ मीम टी-शर्ट पर भी छापे गए।
‘सबकी मजबूरियां होती होंगी’:सलमान खान के ‘सोनम, इट्स डन ब्रो’ कमेंट पर सोनम वांगचुक ने रिएक्शन दिया

सोनम वांगचुक ने सलमान खान के ‘सोनम, इट्स डन ब्रो’ कमेंट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सलमान की अपनी मजबूरियां रही होंगी और वे इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहते। सोनम वांगचुक ने यह बात प्रखर गुप्ता से बातचीत में कही। सलमान ने पहले छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया था 22 जुलाई को सोनम वांगचुक अपनी भूख हड़ताल के आखिरी दौर में थे। इसी दौरान सलमान खान ने सोशल मीडिया पर एक छात्र के रूप में अपनी पुरानी तस्वीर शेयर की और छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया। हालांकि, 24 घंटे के अंदर सलमान ने एक और पोस्ट कर वांगचुक से तुरंत भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। उन्होंने लिखा, “सोनम, इट्स डन, ब्रो।” सलमान की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए वांगचुक ने कहा, “सबकी मजबूरियां होती होंगी। मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहता।” उन्होंने आगे कहा, “आपको हर दिशा में देखना होता है। उन्होंने कुछ कहा, यही बात सम्मान के लायक है। उनकी मजबूरियों पर मैं कुछ नहीं कह सकता।” सलमान ने छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया था 22 जुलाई को सलमान खान ने छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया था। उन्होंने X पर लिखा था, “यह इतना शांतिपूर्ण आंदोलन था, इसलिए दुख होता है कि इसे हिंसक रूप लेना पड़ा। जिन छात्रों और उनके परिवारों को चोट लगी, उनके लिए मुझे बहुत दुख है। पेपर लीक बहुत गंभीर मुद्दा है। यह देखकर खुशी हुई कि हमारे देश के बच्चे बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए एकजुट हुए और उनके माता-पिता ने उनका साथ दिया।” सलमान ने आगे लिखा, “मैं उनके रुख की सराहना करता हूं। उन्होंने पढ़ाई के लिए समर्पण, ईमानदारी और मेहनत करने की इच्छा दिखाई है, ताकि वे अपना भविष्य और एक बेहतर, शिक्षित भारत बना सकें। यह आंदोलन और प्रदर्शन सही तरीके से किया गया है और छात्रों ने इसे शांतिपूर्ण रखा। यह पीढ़ी भारत को गर्व महसूस कराएगी। यह मामला छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच है। इसे राजनीतिक रूप से अपने कब्जे में नहीं लिया जाना चाहिए। इसका श्रेय केवल देश के छात्रों को मिलना चाहिए।” उन्होंने यह भी लिखा था, “मुझे यकीन है कि सरकार भी उन्हें पूरा समर्थन देगी और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाएगी। यह सभी के लिए फायदे की स्थिति होगी। सकारात्मक निर्णय की उम्मीद और प्रार्थना है। उन सभी को भगवान आशीर्वाद दे, जो शिक्षित होना चाहते हैं।” एक्टर ने कहा, “शिक्षा अगला ट्रेंड और फैशन होना चाहिए। हर साल इसे और ट्रेंडी और फैशनेबल बनना चाहिए, ताकि विदेशों से लोग भारत में पढ़ने आएं और भारत शिक्षा का केंद्र बन जाए।” एक दिन बाद सलमान ने प्रदर्शन खत्म करने को कहा छात्र प्रदर्शन का समर्थन करने के एक दिन बाद सलमान ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। सलमान ने X पर लिखा था, “छात्र शिक्षा और सुरक्षा, दोनों मामलों में सबसे ऊपर हैं। इसलिए उन्हें अपने माता-पिता को परेशान करने की जरूरत नहीं है। माननीय प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया है और मुझे यकीन है कि वे पेपर लीक के जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।” उन्होंने छात्रों से कहा था, “इसलिए छात्रों, कृपया अपने माता-पिता और घर वापस चले जाएं।” सलमान ने सोनम वांगचुक से भी भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। उन्होंने लिखा था, “सोनम, इट्स डन, ब्रो। इसे आगे मत बढ़ाओ। अगर किसी और दिन जरूरत पड़ी, तो उसके लिए यह भावना बचाकर रखो, हालांकि मुझे इसकी संभावना नहीं लगती। कुछ खा लो। अगर तुम चाहो तो मैं घर से तुम्हारे लिए खाना भेज दूंगा।” ‘सोनम, इट्स डन ब्रो’ पर बने मीम सलमान की यह पोस्ट सामने आते ही “सोनम, इट्स डन ब्रो” लाइन वायरल हो गई। लोगों ने इस पर कई मीम बनाए। कुछ मीम टी-शर्ट पर भी छापे गए।
यूक्रेन: घरों के बीच छिपे हथियार डिपो पर रूसी हमला:गोला-बारूद, बारूदी सुरंगें और ड्रोन फटे, 37 की मौत, 130 घरों को नुकसान

रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव के पास शनिवार को एक हथियार डिपो पर ड्रोन हमला किया। हमले के बाद डिपो में रखे गोले, बारूदी सुरंगें और ड्रोन फटने लगे। धमाकों से आसपास के घरों और दूसरी इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना में कम से कम 37 लोगों की मौत हुई है, जबकि 130 घरों को नुकसान पहुंचा है। शुक्रवार देर रात हुए इस हमले के बाद शनिवार को भी घटनास्थल पर राहत और बचाव का काम जारी रहा। धमाकों में 42 लोग घायल हुए हैं, जिनमें चार बच्चे भी शामिल हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि हथियारों का यह भंडार रिहायशी इलाके के इतने करीब नहीं होना चाहिए था। हादसे से जुड़ी फोटोज कीव के पास मिला गांव में था हथियार डिपो रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेना ने कीव के पश्चिम में स्थित मिला गांव में एक हथियार डिपो को निशाना बनाया था। रूस के मुताबिक, यहां FP-1 और FP-2 लंबी दूरी तक उड़ान भरने वाले ड्रोन के पुर्जे और उन्हें लॉन्च करने वाले बूस्टर रखे गए थे। धमाकों से गांव के करीब 130 घर तबाह हो गए। 45 साल के स्थानीय निवासी ल्यूबोव पावलेंको का घर हथियार डिपो से करीब 200 मीटर दूर है। उन्होंने अपने घर का नुकसान दिखाते हुए बताया कि पूरी बाहरी दीवारों पर दरारें पड़ गई हैं और खिड़कियों के आसपास भी दरारें हैं। जेलेंस्की बोले- हथियार डिपो यहां नहीं होना चाहिए था जेलेंस्की ने मिला गांव में हथियार रखने के फैसले को गलत बताया। उन्होंने कहा कि लोगों के घरों के इतने करीब विस्फोटक सामग्री नहीं रखी जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि जांच शुरू कर दी गई है। हम पता कर रहे हैं कि रिहायशी इमारतों के पास हथियार और विस्फोटक रखने की अनुमति देना कानूनी था या नहीं। जांच में उन अधिकारियों की भूमिका भी देखी जाएगी, जिन्होंने हथियारों की तैनाती और रख-रखाव से जुड़े फैसले लिए थे। PM बोले- 5 साल बाद भी वही गलतियां दोहराई जा रही पिछले महीने जुलाई में विश्नेवे में भी एक ऐसी घटना हुई थी। उस धमाके में नौ लोगों की मौत हुई थी और दर्जनों लोग घायल हुए थे। इस घटना में 280 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा था। उस घटना की जांच में सामने आया था कि एक सरकारी कंपनी ने रिहायशी इमारतों के पास विस्फोटक सामग्री रखने से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया था। यूक्रेन के प्रधानमंत्री सेरही कोरेत्स्की ने कहा कि विश्नेवे की घटना से मिली सीख पर अमल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जंग के 5 साल हो जाने के बाद भी वही गलतियां बार-बार दोहराना आपराधिक लापरवाही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए जिम्मेदार हर व्यक्ति को, बिना किसी अपवाद के, कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। यूक्रेन के पास पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी रूस पिछले कई दिनों से कीव और आसपास के इलाकों पर लगातार ड्रोन हमले कर रहा है। इसके चलते कीव में एयर रेड सायरन लगातार बज रहे हैं और यूक्रेनी सेना पर एयर डिफेंस का दबाव बढ़ गया है। कई रूसी ड्रोन जेट इंजन से चलते हैं और करीब 400 मील प्रति घंटे यानी 640 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकते हैं। यूक्रेन के पास पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की भी भारी कमी है। ये बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में सक्षम उसकी प्रमुख एयर डिफेंस सिस्टम में शामिल हैं। यूक्रेन में यह आशंका भी है कि लगातार ड्रोन हमलों का मकसद उसकी एयर डिफेंस यूनिट्स को कमजोर करना हो सकता है, ताकि रूस आगे बड़ा बैलिस्टिक मिसाइल हमला कर सके। रूस-यूक्रेन में बढ़े हवाई हमले रूस और यूक्रेन दोनों ने पिछले कुछ महीनों में एक-दूसरे के खिलाफ हवाई हमले तेज किए हैं। यूक्रेन अब रूस के आर्थिक ठिकानों को भी निशाना बना रहा है। यूक्रेन पिछले कई हफ्तों से रूस की बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनी वाइल्डबेरीज से जुड़े ठिकानों पर हमले कर रहा है। यूक्रेन का दावा है कि कंपनी सेना को सामान और उसके कुछ हिस्से उपलब्ध कराती है, जबकि रूस इससे इनकार करता है। रूस में स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में बेलगोरोद और रोस्तोव क्षेत्रों में यूक्रेनी हमलों में दो लोगों की मौत और 25 लोग घायल हुए। वहीं, रूस के कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्र जापोरिज्जिया के मॉस्को नियुक्त गवर्नर के मुताबिक, एक शॉपिंग सेंटर पर यूक्रेनी हमले में चार लोग घायल हुए।
हर्षिता गौर ने ‘मिर्जापुर’ पहले ठुकराया था:एक्सेल ऑफिस इस उम्मीद में पहुंचीं कि फरहान अख्तर की नजर पड़ेगी और हीरोइन बना देंगे

‘मिर्जापुर’ में डिंपी पंडित का किरदार निभाकर घर-घर पहचान बनाने वालीं हर्षिता गौर अब ‘मिर्जापुर: द मूवी’ में नजर आएंगी। दिलचस्प बात यह है कि जिस सीरीज ने उन्हें पहचान दी, उसे उन्होंने शुरुआत में करने से मना कर दिया था। उस वक्त ओटीटी का दौर नया था और हर्षिता टीवी पर मुख्य किरदार निभा चुकी थीं। उन्हें लगा था कि किसी की बहन का किरदार क्यों निभाएं। एक्सेल के ऑफिस पहुंचते वक्त उन्हें उम्मीद थी कि शायद फरहान अख्तर या रितेश सिधवानी की नजर उन पर पड़ जाए और उन्हें किसी फिल्म में हीरोइन बनने का मौका मिल जाए। लेकिन डिंपी के एक सीन ने उनकी सोच बदल दी। आज वे मानती हैं कि अगर उस वक्त ‘मिर्जापुर’ को मना कर देतीं तो यह उनके करियर की सबसे बड़ी गलती होती। करीब 8 साल बाद उसी दुनिया की फिल्म में लौटना उनके लिए घर वापसी जैसा है। सवाल: जिस ‘मिर्जापुर’ ने आपको इतनी बड़ी पहचान दी, आपने शुरुआत में इस सीरीज के लिए मना कर दिया था, ऐसा क्यों? जवाब: हां, बिल्कुल। मैंने शुरुआत में ‘मिर्जापुर’ के लिए मना कर दिया था। उस समय ओटीटी का कॉन्सेप्ट हमारे लिए इतना साफ नहीं था। मैं ‘साड्डा हक’ में मुख्य किरदार कर चुकी थी, इसलिए मुझे लगा कि अब किसी की बहन का किरदार क्यों निभाऊं। मुझे फिल्मों की तरफ जाना है। सवाल: फिर आप ‘मिर्जापुर’ के लिए कैसे तैयार हुईं? जवाब: दोबारा जब टीम ने मुझे बुलाया तो मैंने स्क्रिप्ट और किरदार को थोड़ा समझा। मुझे एक सीन सुनाया गया, जिसमें मुन्ना मुझे उठाकर ले जाता है और बाद में डिंपी गन उठाकर कहती है कि गाड़ी रोक, वरना ठोक देंगे। वह सीन सुनकर मुझे लगा कि यह सिर्फ किसी की बहन का किरदार नहीं है। इसमें अपनी एक कहानी और ताकत है। तब मुझे लगा कि इसे करना चाहिए। हालांकि, एक्सेल के ऑफिस जाते समय मेरे मन में एक अलग उम्मीद थी। सवाल: आपने बताया कि एक्सेल के ऑफिस जाते समय आपके मन में एक अलग उम्मीद थी। वह क्या थी? जवाब: जब मुझे एक्सेल के ऑफिस बुलाया गया तो मैं इस सोच के साथ गई थी कि शायद वहां रितेश सिधवानी या फरहान अख्तर मिल जाएं और उनकी नजर मुझ पर पड़ जाए। मन में यह भी था कि शायद वे मुझे किसी फिल्म में हीरोइन के तौर पर साइन कर लें। मैं फिल्मों में काम करना चाहती थी, इसलिए ऐसी उम्मीद थी। मैंने पहले बहुत सुना था कि फलां डायरेक्टर की नजर एक लड़की पर पड़ी और उन्होंने अपनी फिल्म में हीरोइन बना दिया। सवाल: फिर एक्सेल ऑफिस में क्या हुआ? जवाब: रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर तो नहीं मिले, लेकिन वहां की एनर्जी बहुत अच्छी लगी। मैं डायरेक्टर गुरमीत सिंह, करण अंशुमान और राइटर पुनीत कृष्णा से मिली। सबसे अच्छी बात यह थी कि उन्होंने मुझे किरदार बेचने की कोशिश नहीं की। उन्होंने यह नहीं कहा कि आपका किरदार सबसे बड़ा होगा या आपको बहुत ग्लैमरस तरीके से दिखाया जाएगा। उन्होंने जैसा किरदार था, वैसा ही बताया। मुझे यह ईमानदारी अच्छी लगी। किरदार और कहानी समझने के बाद मुझे लगा कि यह करना चाहिए। सवाल: क्या कभी सोचा कि अगर उस समय ‘मिर्जापुर’ को मना कर देतीं तो क्या होता? जवाब: पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि अगर मैंने उस समय मना कर दिया होता तो यह मेरे करियर की सबसे बड़ी बेवकूफी होती। आज ‘मिर्जापुर’ मेरे करियर का बहुत बड़ा हिस्सा है। इसी वजह से अब बड़े परदे पर आने का मौका मिला है। सवाल: ‘मिर्जापुर’ ने आपको एक्टिंग को लेकर क्या सिखाया? जवाब: ‘मिर्जापुर’ ने मुझे समझाया कि सिर्फ हीरो या हीरोइन होना जरूरी नहीं, किरदार भी बहुत मायने रखता है। ओटीटी ने हमें समझाया कि कहानी में हर किरदार की अपनी जगह हो सकती है। ‘मिर्जापुर’ में महिलाओं के किरदार भी मजबूत हैं। हर महिला अपने तरीके से कहानी में कुछ लेकर आती है। सवाल: डिंपी के किरदार में आपको सबसे ज्यादा क्या पसंद आया? जवाब: मुझे डिंपी का सफर बहुत अच्छा लगा। शुरुआत में वह शांत और मासूम लड़की है, लेकिन कहानी के साथ उसकी जिंदगी बदलती जाती है। वह बहुत कुछ खोती है और फिर उसके अंदर एक अलग तरह की ताकत आती है। मुझे लगा कि इस किरदार से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। सवाल: करीब 8 साल से ‘मिर्जापुर’ का हिस्सा हैं। इस परिवार से आपका रिश्ता कैसा है? जवाब: मैं इसे हमेशा ‘मिर्जापुर फैमिली’ कहती हूं। यह सिर्फ कहने के लिए नहीं है, सच में लगता है कि हम एक परिवार हैं। जब ‘मिर्जापुर’ के लिए शूट करते हैं तो लगता है कि घर वापस आ गए हैं। इस बार फिल्म के लिए इतने सारे लोग दोबारा इकट्ठा हुए तो बिल्कुल रीयूनियन जैसा महसूस हुआ। जैसे स्कूल या कॉलेज के दोस्त कई साल बाद मिलते हैं और वही पुरानी बॉन्डिंग वापस आ जाती है। सवाल: इतने साल बाद पुराने कलाकारों से मिलना कैसा रहा? जवाब: बहुत अच्छा लगा। साथ काम करते-करते ‘मिर्जापुर’ हमारे लिए बहुत खास बन गया है। हम सबने इसके साथ बहुत कुछ देखा है। दोबारा साथ आए तो लगा कि सभी के अंदर का बच्चा वापस आ गया था। अली, दिवेंदु, श्रिया, जीतू और बाकी सभी लोग बहुत उत्साहित थे। नए लोग भी ऐसे जुड़े कि लगा ही नहीं कि वे नए हैं। सवाल: पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिवेंदु शर्मा में इतने सालों बाद क्या बदलाव देखती हैं? जवाब: एक एक्टर अपने अनुभव के साथ बेहतर होता जाता है। इन सभी ने ‘मिर्जापुर’ के बाद बहुत बड़ा काम किया है, लेकिन निजी तौर पर मुझे उनमें कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखा। उनसे मिलते हैं तो वही पुरानी मासूमियत नजर आती है। मुझे सेट पर बहुत प्यार मिलता है, क्योंकि मैं सबसे छोटी हूं। सभी ने मुझे बहुत प्यार से रखा है। सवाल: पंकज त्रिपाठी के साथ आपका रिश्ता कैसा है? जवाब: मैंने उनका काम पहले देखा था और मुझे वे बहुत अच्छे एक्टर लगते थे। लेकिन मुझे नहीं पता था कि उनके अंदर एक बच्चा भी है। उनके पास बहुत सारे किस्से हैं और वे बहुत सेल्फ-अश्योर्ड इंसान हैं। आज भी जब वे मुझे देखते हैं तो कहते हैं, ‘बहुत दुबली
हर्षिता गौर ने ‘मिर्जापुर’ पहले ठुकराया था:एक्सेल ऑफिस इस उम्मीद में पहुंचीं कि फरहान अख्तर की नजर पड़ेगी और हीरोइन बना देंगे

‘मिर्जापुर’ में डिंपी पंडित का किरदार निभाकर घर-घर पहचान बनाने वालीं हर्षिता गौर अब ‘मिर्जापुर: द मूवी’ में नजर आएंगी। दिलचस्प बात यह है कि जिस सीरीज ने उन्हें पहचान दी, उसे उन्होंने शुरुआत में करने से मना कर दिया था। उस वक्त ओटीटी का दौर नया था और हर्षिता टीवी पर मुख्य किरदार निभा चुकी थीं। उन्हें लगा था कि किसी की बहन का किरदार क्यों निभाएं। एक्सेल के ऑफिस पहुंचते वक्त उन्हें उम्मीद थी कि शायद फरहान अख्तर या रितेश सिधवानी की नजर उन पर पड़ जाए और उन्हें किसी फिल्म में हीरोइन बनने का मौका मिल जाए। लेकिन डिंपी के एक सीन ने उनकी सोच बदल दी। आज वे मानती हैं कि अगर उस वक्त ‘मिर्जापुर’ को मना कर देतीं तो यह उनके करियर की सबसे बड़ी गलती होती। करीब 8 साल बाद उसी दुनिया की फिल्म में लौटना उनके लिए घर वापसी जैसा है। सवाल: जिस ‘मिर्जापुर’ ने आपको इतनी बड़ी पहचान दी, आपने शुरुआत में इस सीरीज के लिए मना कर दिया था, ऐसा क्यों? जवाब: हां, बिल्कुल। मैंने शुरुआत में ‘मिर्जापुर’ के लिए मना कर दिया था। उस समय ओटीटी का कॉन्सेप्ट हमारे लिए इतना साफ नहीं था। मैं ‘साड्डा हक’ में मुख्य किरदार कर चुकी थी, इसलिए मुझे लगा कि अब किसी की बहन का किरदार क्यों निभाऊं। मुझे फिल्मों की तरफ जाना है। सवाल: फिर आप ‘मिर्जापुर’ के लिए कैसे तैयार हुईं? जवाब: दोबारा जब टीम ने मुझे बुलाया तो मैंने स्क्रिप्ट और किरदार को थोड़ा समझा। मुझे एक सीन सुनाया गया, जिसमें मुन्ना मुझे उठाकर ले जाता है और बाद में डिंपी गन उठाकर कहती है कि गाड़ी रोक, वरना ठोक देंगे। वह सीन सुनकर मुझे लगा कि यह सिर्फ किसी की बहन का किरदार नहीं है। इसमें अपनी एक कहानी और ताकत है। तब मुझे लगा कि इसे करना चाहिए। हालांकि, एक्सेल के ऑफिस जाते समय मेरे मन में एक अलग उम्मीद थी। सवाल: आपने बताया कि एक्सेल के ऑफिस जाते समय आपके मन में एक अलग उम्मीद थी। वह क्या थी? जवाब: जब मुझे एक्सेल के ऑफिस बुलाया गया तो मैं इस सोच के साथ गई थी कि शायद वहां रितेश सिधवानी या फरहान अख्तर मिल जाएं और उनकी नजर मुझ पर पड़ जाए। मन में यह भी था कि शायद वे मुझे किसी फिल्म में हीरोइन के तौर पर साइन कर लें। मैं फिल्मों में काम करना चाहती थी, इसलिए ऐसी उम्मीद थी। मैंने पहले बहुत सुना था कि फलां डायरेक्टर की नजर एक लड़की पर पड़ी और उन्होंने अपनी फिल्म में हीरोइन बना दिया। सवाल: फिर एक्सेल ऑफिस में क्या हुआ? जवाब: रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर तो नहीं मिले, लेकिन वहां की एनर्जी बहुत अच्छी लगी। मैं डायरेक्टर गुरमीत सिंह, करण अंशुमान और राइटर पुनीत कृष्णा से मिली। सबसे अच्छी बात यह थी कि उन्होंने मुझे किरदार बेचने की कोशिश नहीं की। उन्होंने यह नहीं कहा कि आपका किरदार सबसे बड़ा होगा या आपको बहुत ग्लैमरस तरीके से दिखाया जाएगा। उन्होंने जैसा किरदार था, वैसा ही बताया। मुझे यह ईमानदारी अच्छी लगी। किरदार और कहानी समझने के बाद मुझे लगा कि यह करना चाहिए। सवाल: क्या कभी सोचा कि अगर उस समय ‘मिर्जापुर’ को मना कर देतीं तो क्या होता? जवाब: पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि अगर मैंने उस समय मना कर दिया होता तो यह मेरे करियर की सबसे बड़ी बेवकूफी होती। आज ‘मिर्जापुर’ मेरे करियर का बहुत बड़ा हिस्सा है। इसी वजह से अब बड़े परदे पर आने का मौका मिला है। सवाल: ‘मिर्जापुर’ ने आपको एक्टिंग को लेकर क्या सिखाया? जवाब: ‘मिर्जापुर’ ने मुझे समझाया कि सिर्फ हीरो या हीरोइन होना जरूरी नहीं, किरदार भी बहुत मायने रखता है। ओटीटी ने हमें समझाया कि कहानी में हर किरदार की अपनी जगह हो सकती है। ‘मिर्जापुर’ में महिलाओं के किरदार भी मजबूत हैं। हर महिला अपने तरीके से कहानी में कुछ लेकर आती है। सवाल: डिंपी के किरदार में आपको सबसे ज्यादा क्या पसंद आया? जवाब: मुझे डिंपी का सफर बहुत अच्छा लगा। शुरुआत में वह शांत और मासूम लड़की है, लेकिन कहानी के साथ उसकी जिंदगी बदलती जाती है। वह बहुत कुछ खोती है और फिर उसके अंदर एक अलग तरह की ताकत आती है। मुझे लगा कि इस किरदार से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। सवाल: करीब 8 साल से ‘मिर्जापुर’ का हिस्सा हैं। इस परिवार से आपका रिश्ता कैसा है? जवाब: मैं इसे हमेशा ‘मिर्जापुर फैमिली’ कहती हूं। यह सिर्फ कहने के लिए नहीं है, सच में लगता है कि हम एक परिवार हैं। जब ‘मिर्जापुर’ के लिए शूट करते हैं तो लगता है कि घर वापस आ गए हैं। इस बार फिल्म के लिए इतने सारे लोग दोबारा इकट्ठा हुए तो बिल्कुल रीयूनियन जैसा महसूस हुआ। जैसे स्कूल या कॉलेज के दोस्त कई साल बाद मिलते हैं और वही पुरानी बॉन्डिंग वापस आ जाती है। सवाल: इतने साल बाद पुराने कलाकारों से मिलना कैसा रहा? जवाब: बहुत अच्छा लगा। साथ काम करते-करते ‘मिर्जापुर’ हमारे लिए बहुत खास बन गया है। हम सबने इसके साथ बहुत कुछ देखा है। दोबारा साथ आए तो लगा कि सभी के अंदर का बच्चा वापस आ गया था। अली, दिवेंदु, श्रिया, जीतू और बाकी सभी लोग बहुत उत्साहित थे। नए लोग भी ऐसे जुड़े कि लगा ही नहीं कि वे नए हैं। सवाल: पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिवेंदु शर्मा में इतने सालों बाद क्या बदलाव देखती हैं? जवाब: एक एक्टर अपने अनुभव के साथ बेहतर होता जाता है। इन सभी ने ‘मिर्जापुर’ के बाद बहुत बड़ा काम किया है, लेकिन निजी तौर पर मुझे उनमें कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखा। उनसे मिलते हैं तो वही पुरानी मासूमियत नजर आती है। मुझे सेट पर बहुत प्यार मिलता है, क्योंकि मैं सबसे छोटी हूं। सभी ने मुझे बहुत प्यार से रखा है। सवाल: पंकज त्रिपाठी के साथ आपका रिश्ता कैसा है? जवाब: मैंने उनका काम पहले देखा था और मुझे वे बहुत अच्छे एक्टर लगते थे। लेकिन मुझे नहीं पता था कि उनके अंदर एक बच्चा भी है। उनके पास बहुत सारे किस्से हैं और वे बहुत सेल्फ-अश्योर्ड इंसान हैं। आज भी जब वे मुझे देखते हैं तो कहते हैं, ‘बहुत दुबली







